No part of this video is used anywhere yet.
SRT: ⬇ SRT ⬇ Original file

.srt or .vtt (Hindi). The old file is backed up. After that the match for this video is rebuilt (may take a few minutes, keep the page open).

⬜ Not used yet · 00:00:09:27 – 00:16:15:00 (16:05)

00:00:09:27 द निग्रह निकासिका ये सीरीज हम लेकर आए हैं। जो भागवतानंद है उसने अपने आप को प्रामाणिक सिद्ध करने के लिए बहुत से दावे किए और बहुत से वादे भी किए कि हम यह देंगे वचन आपको दिए कि हमारी निग्रह प्रवेशिका आएगी आएगी आएगी। की तो वो तो नहीं आई मगर निग्रह निकासिका जरूर हमें प्राप्त हो गई है कि किस प्रकार से किन-किन दृष्टिकोण से तथ्य तर्क प्रमाण से यह सिद्ध होता है कि ये जो भागवतानंद है जो स्वयं को एक निग्रह संप्रदाय से जोड़ता है वो लुप्त हो गया था। यह उसके गुप्त आचार्य हैं। तो किस प्रकार से इसकी अप्रामाणिकता सिद्ध होती है? ये सारी चीजें इस सीरीज में आपको देखने को मिलेंगी। निकासिका के आपको

00:00:57:13 छह चैप्टर मिलेंगे। छह छह चैप्टर्स में है यह सीरीज़। पहला है भूमिका। दूसरा है निग्रह प्रवेशिका। ये जितने भी इसने दावे किए हैं ना अ भागवतानंद ने जितना भी इसने आज तक बोला है स्वयं को प्रामाणिक सिद्ध करने के लिए उन सबका कलेक्शन है निग्रह प्रवेशिका में तो पहले चैप्टर का नाम है भूमिका दूसरे चैप्टर का नाम है निग्रह प्रवेशिका तीसरे चैप्टर का नाम है निग्रह निकासिका जो मुख्य जिसमें खंडन है जिसमें इसकी अप्रामाणिकता सिद्ध होगी जिसमें जिसके भी दो भाग हैं उसमें एक हिस्सा यह है कि किस प्रकार जो निग्रह संप्रदाय है उसके अस्तित्व की अस्पष्टता है शास्त्रों में पहली बात तो वो सिद्ध हो कि वो संप्रदाय है भी कि नहीं है और दूसरा यह कि अगर वो है तो उसके साथ इसका संबंध कितना प्रामाणिक है इन दो विषयों पर जो ये तीसरा चैप्टर आएगा

00:02:12:26 जिसका नाम होगा निग्रह प्रवेश निग्रह निकाशिका भाग एक तो उसमें इन दो बिंदुओं पर बातचीत होगी। फिर चौथा जो चैप्टर आएगा निग्रह निकासिका का उसमें आचरण क्योंकि इसका एक बहुत बड़ा फैक्टर है जो इसने कहा है कि भाई मेरे आचरण से पहचान होगी कि मैं आचार्य हूं कि नहीं और निग्रह संप्रदाय के अनुसार जो उसके आचार्य के आचरण होने चाहिए वो इसमें है कि नहीं। तो इन सारे इस आलोक में हम लोग देखेंगे कि ये जो कितना प्रामाणिक है इसकी प्रामाणिकता पर उसमें बात होगी। ये चौथा चैप्टर है। पांचवें चैप्टर में जो इसको एक प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है विनोद वाला विषय है जो उस पर हमने बातें की है। यद्यपि ये जो तीसरा और चौथा चैप्टर होगा इसी में सारी कहानी समाप्त हो जाएगी। फिर भी हमने कुछ टॉपअप के लिए एक जो इसने विनोद एक चुटकुले के रूप में एक प्रमाण पत्र जारी किया है उस पर बात होगी पांचवें चैप्टर में और छठवें और लास्ट चैप्टर में एक बहुत बड़ा सरप्राइज है आप लोगों के लिए उस पर बात होगी। तो ये पूरे छह एपिसोड्स में ये निग्रह निकासिका आपको प्राप्त होगी। यद्यपि हमने इसमें निग्रह निकासिका में

00:03:28:02 यह भागवत की गुरु की जो वास्तविकता है उसकी अप्रामाणिकता है या उसकी जो क्लेम्स हैं उसको प्रामाणिक सिद्ध करने के लिए तो उनके खंडन में अप्रामाणिकता को सिद्ध करने के लिए हमने तर्क और प्रमाण दोनों ही चीजों पर बात की है। परंतु कहीं पर कहीं-कहीं पर न्यायालय हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जो भी आप कहें

00:04:05:25 उसको ध्यान में रखकर के भी बात की गई है। कारण क्या है? [संगीत] कारण यह है कि निग्रह निकासिका को लिखने के लिए जो हमें प्रेरित करने वाला व्यक्ति है या जो चीज है वह भी भागवतानंद ही है। [संगीत] इस व्यक्ति ने अ जब औरों के लिए अत्यंत अवमानना पूर्ण वक्तव्य निर्गत किए अपने चैनल से तब इसे कोई आपत्ति नहीं थी। परंतु इसके खुद के वीडियोस में कई बार इसने जब यह कहा है कि मेरे बारे में आपको कोई भी शंका हो तो आप सार्वजनिक रूप से उसको पूछिए। ऐसे निर्देश देने के बाद भी जब उन निर्देशों के अनुसार हमने कुछ प्रश्न अपने वीडियोस के माध्यम से इससे किए थे कि भाई ऐसा सुनने में आया कि जोधपुर का ये है या ये है तो या जोधपुर वाले चिकित्सक के साथ हमारा जो इंटरव्यू था इन सब चीजों के आधार पर खुद ही क्लेम कर रहा है कि मुझसे सार्वजनिक पूछो और जब पूछ रहे हैं तो इस व्यक्ति ने हमको 100 करोड़ का नोटिस

00:05:20:26 भेजा 100 करोड़ का तो 100 करोड़ का जब इसने नोटिस भेजा है उसमें इसने सबसे पहले स्वयं को कहा है कि मुझे साक्त संप्रदाय द्वारा उपाधि प्राप्त हुई है निग्रहचार्य की तो उस नोटिस में लिखी वो जो पंक्ति है कि इस साक्त संप्रदाय से निग्रहचार्य की उपाधि हमें प्राप्त हुई है। क्लेम है। उस क्लेम को खंडित करने के लिए उसके रेप्लिकेशन में ही हमें निग्रह निकासिका लिखने की प्रेरणा मिली और उसमें भी एक चैप्टर बनाया गया जिसमें कि जिसको निग्रह प्रवेशिका हम कह रहे हैं। उस चैप्टर में इसके द्वारा दिए गए सारे जितने भी पूर्व पक्ष हैं उनको संकलन करने का प्रयास किया गया। तो अब एक तरीके से जो कोर्ट के लिए जो नोटिस आया है कोर्ट में बुलाने वाला यद्यपि वो मामला अभी कोर्ट में गया भी नहीं है मगर वो जो नोटिस आया है उसके आलोक में यह उत्तर लिखा गया तो इसलिए कहीं-कहीं पर इस पूरे निग्रह निकासिका में कहीं-कहीं पर आपको कोई कोई ऐसा तथ्य या तर्क भी मिलेगा जो कि अह न्यायालय को दिया जाने वाला उत्तर होगा। है ना? यद्यपि जब इसके नोटिस का हमने जो उत्तर दिया है उसमें जो निग्रह निकासिका जो लिख ली गई थी खूब सारी

00:06:36:00 बड़ी सी उसको हटा के इसको केवल जो कोर्ट के दृष्टिकोण से जो उत्तर दिया गया है केवल वही भेजा गया मगर यह जो निग्रह निकासिका लिखी गई थी इसके निग्रचार्य ना होने के समर्थन में या इसकी अप्रामाणिकता को सिद्ध करने के लिए यह लिख ली गई थी और क्योंकि इस इसको हमें आवश्यक लगा कि इसको जनता के समक्ष जनसामान्य के समक्ष प्रस्तुत करना आवश्यक है। तो हम इस माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। कोर्ट के केवल कोर्ट के दृष्टिकोण से जो उत्तर दिया गया है वह कभी हमें समय मिलेगा और आप लोग जन सामान्य यदि आग्रह करेंगे तो हम उसको भी प्रस्तुत कर देंगे। सार्वजनिक कर देंगे कि कोर्ट के दृष्टिकोण से हमने क्या उत्तर दिया था। परंतु कोर्ट के उत्तर में निग्रह निकासिका को लिखा गया है और इसलिए कहीं-कहीं पर ऐसा आपको देखने को मिल जाएगा कि कोई कोई बात न्यायालय को सामने रखकर कही जा रही है और हां एक बात और कि ये जो निग्रह निग्रहचार्य की जो उपाधि है उपाधि शाक्य संप्रदाय से प्राप्त होने की इसने बात कही है शुरू में ही उस नोटिस के शुरू में ही तो ये जो उपाधि है इसमें क्योंकि क्योंकि मानहानि का नोटिस है तो मान हानि तो सबसे पहले ये देखा जाता है कि भाई

00:07:51:01 जो व्यक्ति ये क्लेम कर रहा है कि मेरा मान है जिसकी हानि हुई है तो उस मान के लिए ही इसने अपने आप को निग्रहचार प्रस्तुत किया था तो हमने उस मान के मान के विरोध में ही कि इसका कोई मान्य नहीं है। यह एक नंबर का धूत और निर्लज्ज व्यक्ति है। इसी अह बात को सिद्ध करने के लिए ही निग्रह निकासिका हमने लिखी कि ये स्वयं का जो मान बता रहा है ना कि मैं निग्रहचार्य हूं। यह निग्रहचार्य है ही नहीं। किसी भी प्रकार से निग्रहचार्य प्रस्तुत नहीं होता है। यह केवल और केवल एक मनमुखी लुप्त संप्रदाय का गुप्त आचार्य है जिसकी कोई पुष्टि कहीं से भी नहीं हो सकती। किसी भी प्रकार से नहीं प्राप्त हो सकती। तो यही सारा विवरण ये जो कोर्ट के आलोक में जो ये हमने उत्तर लिखा मानहानि के नोटिस के रेप्लिकेशन में वही कोर्ट के उत्तर के रूप में ये निग्रह निकासिका बन गया जो अब आपके सामने प्रस्तुत होने वाला है। [संगीत] [प्रशंसा]

00:08:47:27 [संगीत] यद्यपि ये भागवतानंद में और रामपाल में कोई खास अंतर नहीं है। पर फिर भी कंपैरेटिवली टू रामपाल भागवतानंद की जो अप्रामाणिकता है उसको ढूंढने में थोड़ी कठिनाई होती है। अब अंतर क्यों नहीं है? अंतर इसलिए नहीं है कि ये दोनों ही इतने बड़े दोगले हैं कि इनकी हर दूसरी बात इनकी पिछली बात से कटती है। पर इजी क्यों है? भागवतानंद का कठिन क्यों है? और रामपाल का इजी क्यों है? इसलिए नहीं कि भागवतानंद को संस्कृत आती है और रामपाल जेलधाम निवासी उसको संस्कृत नहीं आती बल्कि इसलिए कि रामपाल के नाम से बहुत सारी पुस्तकें अवेलेबल है। सुलभ है। बहुत सारी उसने अपने आप को प्रामाणिक या अपनी जो क्लेम्स हैं उनके लिए बहुत सारी उसकी पुस्तकें हैं जिनको आराम से आप कहीं से प्राप्त कर सकते हैं और उसका अध्ययन करके उसकी चीजें तोड़ निकाल सकते हैं। वो जो उसकी अप्रामाणिकता है उसको आपको साफ

00:10:03:10 दिख जाएगी। पर इसके उलट जो भागवतानंद है इसके जो क्लेम्स है वही छुपे हुए हैं। इसकी चीजें छुपी हुई हैं। तो ये औरों पर क्लेम करता है कि इसका ये ये करता है। इसका सचिव ये करता है। उसका वो फलाना ये करता है। ये उसके साथ खड़ा होता है। मगर क्या ये अपनी जीवनी को अपने लोगों को अपने से जुड़े हुए लोगों को क्या सार्वजनिक करता है? ये किससे मिल रहा है? किससे नहीं मिल रहा? इससे जुड़ा हुआ व्यक्ति किससे मिल रहा है? किससे नहीं मिल रहा है? उसी प्रकार से यह नहीं करता है और दूसरों पर क्लेम करता रहता है। अगर यह करेगा तब इसको यह पता लगेगा कि भाई आज के लोकतांत्रिक वातावरण में धर्म की स्थापना के लिए युद्ध भूमि में धरातल पर उतर कर कार्य किस प्रकार से करना पड़ता है। खैर वो एक अलग विषय है। मगर इसी प्रकार से जिस तरह से इसने अपनी जीवनी को छुपा रखा है। उसी तरीके से इसने अपने क्लेम्स को भी बहुत सुलभ नहीं बनाया है। इसने जितने भी क्लेम्स किए जिसमें कहता है कि हमने खंडन किया, यह किया या अपने आप को प्रामाणिक सिद्ध किया है। वो इसने सुलभ किए ही नहीं है। निग्रह प्रवेशिका के लिए तो स्वयं ही आज तक कहता है कि अभी तक नहीं आई है। तो जब इसके पूर्व पक्ष ही हमें प्राप्त नहीं होंगे, तो हम उसका खंडन किस प्रकार से लिखेंगे? तो इसलिए इसका खंडन लिखने के लिए पहले इसके पूर्व

00:11:18:12 पक्ष को ढूंढना कठिन था। इस मामले में रामपाल के कंपैरेटिवली भागवतानंद का जो की जो अप्रामाणिकता है उसको सिद्ध करने में हमें कठिनाई हुई। परंतु भगवत कृपा है और काफी हमें समय भी मिल गया इस बीच तो हम थोड़ा-थोड़ा थोड़ा-थोड़ा करते रहे। शोध शोध जो है और हमें वो इनकी जो निग्रह प्रवेशिका थी तथाकथित वो प्राप्त हो गई इसके क्लेम्स के संकलन के रूप में। है ना? तो इसलिए ये जो बात है कि रामपाल के कंपैरिजन में भागवतानंद को काउंटर करना कठिन क्यों पड़ा? क्योंकि इसने अपनी चीजों को छिपा के रखा है। कई वीडियोस है इसके जिसमें स्वयं ही कह रहा है कि भाई वो मेरे गुरु ने मना किया बताने को। लो अब इसमें ऐसे में जब गुरु ने मना किया ये कहने के बाद हम इसका ढूंढेंगे कि इसका वक्तव्य जो इसने निर्गत किया है। उसका कैसे काउंटर करें? तो इसमें इसमें क्या काउंटर करें। गुरु ने मना किया है तो ऐसे तो इसके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालों का उत्तर हो सकता है। गुरु गुरुदेव ने मना किया है। मगर तब ये करेगा अरे अस्पष्ट अस्पष्टता के कारण बहुत बड़ा विप्लव हो रहा है। मगर निग्रह संप्रदाय के जो गुरु है वो कह रहे हैं ये ये मत बताना उससे कोई विप्लव नहीं होगा।

00:12:29:07 [संगीत] तुम्ही [संगीत] ये जो सीरीज है निग्रह निकासिका ये भागवतानंद के द्वारा किए जाने वाले जो कुतर्क है या क्लेम्स हैं जो जिनमें कुछ शास्त्रों की आवश्यकता हो सकती है। ज्यादातर उसके जो क्लेम्स होते हैं वो कुतर्क से ही केवल उसमें शास्त्र की आवश्यकता नहीं होती। भगत जिन क्लेम्स में शास्त्र आवश्यक हैं यह उनमें से कुछ एक विशेष सीरीज है निग्रह निकासिका और संभवत ये हमारा आखिरी अंतिम रूप से होगा जो शास्त्रीय रूप से हम उसको उत्तर कुछ दे रहे हैं। इसके अलावा दो विषय और हैं। बुद्ध और सबरी वाला विषय जो है भगवान बुद्ध का अवतार के विषय में जो इसने

00:13:44:24 वो प्रलाप किया है और सबरी का विषय ये दो विषय और रह जाएंगे तो इस पर भी हम इसका अवश्य उत्तर देंगे। हां मगर इसके बाद बहुत आवश्यक ना होने पर हम इसके रिप्लाई नहीं देंगे क्योंकि शंकराचार्य का विरोध करने वाला यह एक तुच्छ व्यक्ति है बिल्कुल तुच्छ इसका इसका उत्तर देना एक बात आती है ना कि मठ से कोई क्यों नहीं बोल रहा है इसका उत्तर क्यों नहीं दिया जा रहा है ये क्या बोल रहा है क्यों नहीं इसके भाई ये है कौन इसका अस्तित्व क्या है यहां तो इस्लाम से लेकर के क्रिश्चियनिटी तक और जो अपनी भीमा आर्मी है ये सब कोई इनके पीछे पड़ा हुआ है। शंकराचार्य और उनके सार्वभौम सिद्धांतों के पीछे पड़ा हुआ है। आर्य समाज इस ना जाने कितने लोग हैं जो शंकराचार्य अपनी किताब को शुरू करते ही उस किताब में सबसे पहले शंकराचार्य का विरोध करते हैं। तो इसका वैसा अस्तित्व है ही नहीं जिसको बहुत ज्यादा समय दिया जाए। इस कारण से जो हमारे आचार्य गण है वो भी बहुत ज्यादा समय अपना नहीं देते और हम भी इसके रेप्लिकेशन देने में बहुत ज्यादा समय नष्ट करना उचित नहीं समझते। तो यह कुछ अंतिम विषय होंगे हमारे जिस पर हम शास्त्रीय रूप से इसका उत्तर प्रस्तुत कर रहे हैं।

00:14:59:27 आगे बहुत ज्यादा आवश्यक ना होने पर जब तक नहीं होगा आवश्यक बहुत ज्यादा तब तक इसका शास्त्रीय या इस तरीके से विधिवत रूप से इसका खंडन प्रस्तुत नहीं करेंगे। और हां इसने एक बात कही थी रेलवे स्टेशन पर बैठकर क्या कहा था इसने कि इसने कहा था कि जब मैंने कहा था ना खंडन करने का प्रयास किया आपने मैं आप आप बोलता था तब इससे इसको वो भाषा समझ में नहीं आई थी तो यही भाषा सही जो तुमने चुनी है अपने लिए खैर तो ये बोल मैंने उसमें ये बोला था कि भाई आपने करपात्री जी के खंडन का प्रयास किया है तो एक शिष्य के जब एक शिष्य अपने गुरु गुरु के लिए किसी के वक्तव्य के बारे में बात करेगा तो वो यही कहेगा कि भाई तुमने प्रयास किया तुमने खंडन नहीं कर दिया है ठीक है तो ये बड़े तिरस्कार पूर्वक बोला था प्रयास नहीं किया है खंडन किया है ऐसे बोला था तो सुन भागवतानंद ये जो निग्रह निकासिका है ना इसमें तेरे को अप्रामाणिक सिद्ध करने का तेरा खंडन करने का प्रयास नहीं किया है खंडन किया है ध्यान रखना खंडन ठीक है। जय श्री राम। [संगीत]

Plans for this video (0)

No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.

🤖 Ask AI for suggestions

AI reads the remaining (unused) parts of this video and gives ideas for new videos: from where to where, hook, and what to remove from the middle. Suggestions follow the RULES and appear here as "AI Suggestion". You can review, edit or approve them.

  • ⬜
    Hindi SRT Required

    YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)

  • ⬜
    English SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.

  • ⬜
    Title (per Rules)

    Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.

  • ⬜
    Description

    YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.

  • ⬜
    End Screen

    YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.

  • ⬜
    Cards

    YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.

  • ⬜
    Playlist Automatic

    YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.

  • ⬜
    Thumbnail

    YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.

"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.

Playlists

Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).

A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 16:19 · 12 Aug 2025

निग्रह निकासिका - लुप्त संप्रदाय का गुप्ताचार्य | Intro

0%
☁️ Drive Not in Drive yet

Notes

Description

(empty)

History

No changes yet.

✂️ Clip Cutter

⌨️ Keyboard shortcuts

Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop

▶

Start

End

🔍 zoom
Already used Plan clips
⚠️ () of this clip is already used in another video (green part). Fine if on purpose, otherwise change the times.
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)

Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".

Clips () · Total

Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.

Hook, full note for editor, status