⬜ Not used yet · 00:00:01:27 – 00:16:30:12 (16:28)
00:00:01:27 जय श्री राम सभी को। अभी आप आप में से किसी का मैंने कमेंट देखा कि 6:00 बजे बुलाते पर 6:00 बजे लाइव नहीं आते। तो मैंने कहा अभी मैं लाइव जाता हूं क्योंकि मेरी गलती नहीं है लाइव ना होने में। मैं बता दूं जो सामने वाले हैं जो हमसे आज चर्चा करने के लिए पहुंचे हैं उनको कनेक्ट होने में दिक्कत आ रही है तो उनको मैं गाइड कर रहा हूं। हां जी आपने स्क्रीन शेयर कर दी क्या? हां कर दिया। हां तो
00:00:40:26 मुझे आपकी स्क्रीन दिखाई नहीं दे रही। मतलब उस पर जाइए आप कॉलिंग से उस पर जाइए। अपने WhatsApp पर जाइए अंदर मैसेजिंग में। हां आ गया। उसको लिंक को टच करिए और ये स्क्रीन वैसे करिए ना सीधे दिखाई दे फोन में। कौन सा? अरे घूमी हुई दिख रही है ना आपकी स्क्रीन? हां। अब ठीक है। शेयर करिए। अरे शेयर
00:01:15:10 अब फिर आपकी इमेज इमेज आ रही है। आपने स्क्रीन रिकॉर्डिंग बंद कर दी। वह स्क्रीन शेयरिंग बंद कर दिया आपने दोबारा स्क्रीन शेयर करिए हो तो गया ऊपर में दिखा रहा है स्टॉप डिस्टर्ब हो रहा है स्टॉप नहीं करना है स्क्रीन हो रही है अब आप मेरी मैसेजिंग में जाइए जैसे अभी गए थे थोड़ी देर पहले अब इसमें वो जो लिंक मैंने आपको भेजा है उस पर टच करिए अच्छा वीडियो कॉल आया क्या नहीं ऊपर मैंने ने स्ट्रीम यार्ड का लिंक भेजा था ना। अरे फिर आ गए आप व स्ट्रीम ऐड का लिंक पे टच करो। हां
00:02:08:11 [हंसी] कंटिन्यू रंजय कुमार गुरु हो गया WhatsApp रिकॉर्डिंग देयर फॉर क्रोम टली अनेबल टू रिकॉर्ड कोई बात नहीं अब एंटर स्टूडियो करो हो तो गए आ गए यहां पे दिख रहा है ठीक है अब कोई दिक्कत तो नहीं है लाइव करें
00:02:49:22 ठीक काट रहा हूं। फोन काट रहा हूं। [गहरी सांस लेने की आवाज़] जय श्री राम। आपका माइक कनेक्टेड नहीं है। माइक ऑन करिए अपना। चलो हो गया। जय [गला साफ़ करने की आवाज़] श्री राम। आप कुछ खा रहे हैं क्या? ना ना खा लिया। नहीं कुछ खा रहे हो तो खा लीजिए। उसके बाद आ जाइए। फिर उल्ला उल्ला करके। ना हो गया। ओके है। सब ओके है।
00:03:44:19 हां जी तो सबसे पहले तो एक जो विषय आजकल चल रहा है कल एक घोषणा हुई है आपके वो रामपाल जी की ओर से कि जी वो लाइव चैलेंज के लिए एक मिनट भैया थोड़ा हां हां बोलिए आपत्ति नहीं है तो मैं थोड़ा वो अपना मंगलाचरण कर लूं सब देवी देवताओं को जो हमारे गुरु जी बता नहीं दो मिनट वो आप वो आप करके आ जाइए वो आप करके आ जाइए यहां से जाइए करके फिर आ जाइए। यहां से जाइए करके फिर आ जाइए। आना है तो ना तो यही है अभी दो मिनट बस। नहीं नहीं नहीं यहां मैं अपने प्लेटफार्म पे ये सब नहीं करने की इजाजत दूंगा। आप करके फिर आ जाइए। अच्छा तब तक दो मिनट काट कर लेता हूं। हां ठीक है। कुछ लोग जो यह प्रश्न कर रहे हैं कि एक करोड़ शिवश नारायण द्विवेदी के पास आया कहां से? तो भाई जैसे रामपाल के जो रामपाल चंदाखोर के जो सहयोगी है ना जैसे रामपाल चंदा चोर है ना उसके यहां चंदा दान पात्र वगैरह लगा रहता है जैसे उसके चंदा उसके जो समर्थक है जो उसको चंदा देते हैं फिर वो पाइप बंटवाता है आटा बंटवाता है
00:04:59:27 चीनी बंटवाता है फ्री में और फिर अपनी खीर खाने के लिए लोगों को विवश करता है तो जैसे उसको उसके सहयोगी वैसे हमारे भी सहयोगी हैं। कोई अगर ऐसा जीतेगा तो उसको दिया जाएगा। सवाल यह है कि रामपाल जैसे अनपढ़ के पास संस्कृत का ज्ञान आया कहां से? सवाल यह होना चाहिए। शास्त्रों का ज्ञान आया कहां से? हां। तो दिल थाम के बैठिए। वैसे आज इस बारे में वो जो कल जो 50 लाख का एक टिमटिम आया है ना नया उस पर भी चर्चा होगी।
00:05:37:10 धर्म की जय हो। जय श्री राम। अक्षय जी जय श्री राम। विकास दुबे जी हां आज ₹1 करोड़ शायद लेकर ही जाएंगे। अच्छा आपने देखा होगा आज एक रिकॉर्डिंग डाली गई थी आवाान पर। उसमें जो है एक वकील था यहां का लखनऊ का जो हमें परेशान किया करता था। षड्यंत्र करता था। बातें ढूंढता था कि किस आधार पर हम शिवश नारायण द्विवेदी पर कोई मुकदमा लगवा दें। एक बार उसने हमें फोन किया और वो बोला कि आप लोग हमारे सेंटर क्यों गए थे गुंडे लेकर के? झूठ झूठ तो ऐसे चलता है इनकी जुबान से जैसी गीली मिट्टी में हल चल रहा हो। तो भैया मैंने कहा कि तुम्हारा वह नाम दान सेंटर तुम्हारा कोई आध्यात्मिक जगह है या फिर कोई वैशालय है जहां पर जाने पर तुम्हें आपत्ति हो रही है। और गुंडई गुंडे गए तो गुंडई की हो तो बताओ तो जो मैंने यह प्रश्न प्रश्न पूछने के रूप में जो उससे बात कही इस पर भी उसने शिकायत डाली कि इसने हमारे आश्रम को हमारे सेंटर को वैशालय कह दिया। खैर वो भी कट गया। फिर उसने एक और
00:06:52:16 डाला था कि इसने जो है हमारी ऑडियो रिकॉर्ड रिकॉर्डिंग उस पर डाल दी है। यह वो सब वो भी लगाने का प्रयास किया। फिर इसने एक और डाला कि भैया इनका जो वो है बैन हो गया इनका सर्वशक्तिमान मतलब जिन बातों से कोई औचित्य नहीं है हर उस बात को उसने लेने का प्रयास किया और प्रयास करने के बाद हर जगह से मुंह की खाया वो और आजकल उसके हालात ये हो गए कि उसको भीनी भी सी खबर हो गई है जैसे हमने अभी यहां प्रदर्शन किया है अ जहां आसपास के क्षेत्रों में हमने प्रदर्शन किया और वहां पर जो लोकल रामपाल के सपोर्टर्स हैं, प्रचारक हैं। उनको हमने कहा कि भाई उन उनके आसपास के लोगों को जागरूक किया और यह कहा कि भाई इनसे जो है इनका आप सामाजिक बॉयकॉट करें। इनकी दुकान पर आना जाना बंद करें। इनकी दुकान से लेनदेन बंद करें। इनके साथ घरेलू अथवा व्यवसायिक व्यवहार बंद करें। तो ये भी सी खबर उस तक भी पहुंची है। तो उसके सुर बदल गए हैं आजकल। वो वकील अब कह रहा है कि भाई देखिए ऐसा है कि मैं जो है हम
00:07:59:01 अह मैं तो अब भक्ति में सीमित हूं। अब मैं इन सब षड्यंत्रों से दूर हो गया हूं। यह कह रहा है। और एक उसमें आपको लालच देने वाला साउंड भी आ रहा होगा कि भाई आप अगर चाहे तो शिवश जी से शिवश नारायण द्विवेदी से बात कर लीजिए। कहीं बैठकर के हम रास्ता निकाल लें। अगर मतलब वही बैठकर के खर्चा हो जाए। क्या लेनदेन की बात हो सकती है जो भी है तो यह सब बातें वो कहने पर आ गया है और मैंने उसको फोन लगाया तो अब तो वह यही कहने लगा कि मैं तो शंकराचार्य जी का शिष्य हूं जिससे कि उससे पूछा ना जाए कि रामपाल की किताबें कहां छपती हैं उसमें क्या और क्यों लिखा है यह सब यह हालत है मनुवादियों के शहर में बहुत जल्द ऐसा समय आने वाला है कि जब कोई अधर्मी ट्रेन से उतरा करेगा लखनऊ के रेलवे स्टेशन पर बस स्टैंड पर बाहर से आएगा तो अगर उसे पता नहीं होगा यहां के बारे में और वह अपने किसी जानकार से बात करेगा तो वह कहेंगे कि वहां मत उतर आगे चला जा 100 किलोमीटर आगे चला जा भाई वहां मत उतर अपने मसूबों को लेकर के वहां मत उतर क्योंकि वहां पर शंकराचार्य का शिष्य रहता है। वहां पर कोई मनुवादी रहता है। बहुत जल्द वो समय आएगा। हां भाई रंजय
00:09:14:12 जी फिर चले गए। आप डिसअपीयर हो गए हैं तो रंज जी से अच्छा आप लोगों से भी मेरी एक निवेदन है जो लोग देख रहे हैं हमने कल यहां पर प्लेट्स वगैरह बांटी है आसपास के क्षेत्रों में जाकर के उसका वीडियो आ जाएगा एक दो दिन में और जिन जिन क्षेत्रों में ये लोग मतलब क्या कहते हैं उसको स्थित हैं ये रामपाल के फॉलोअर्स जिन क्षेत्रों में ये लोग स्थित हैं उन्हीं क्षेत्रों में जाकर के उन रामपाल के फॉलोअर्स की जहां दुकानें हैं, जहां घर हैं, उनके आसपास के लोगों को पर्चे बांटकर प्लेट्स के प्लेट बांटकर बांट बांटकर और एक-एक जगह जाकर बता रहे हैं कि भाई आपके बगल में यह फलाना फलाना व्यक्ति है जो
00:10:00:28 ये जो रामपाल का समर्थक है। रामपाल वही है जो आप आपकी दुर्गा माता को आपके देवी देवताओं का अपमान करता है। उनके लिए अश्लील भ्रामक टिप्पणियां निराधार रूप से बखता है। छापता है। उसके लोग भी छापते हैं। तो यह सब हम लोग कर रहे हैं। आपसे इसमें से जितना बना जाए बन जाए उतना अवश्य करें। जिनके भी घर जिनके भी घर के आसपास रामपाल वगैरह रामपाल के फॉलोअर्स रहते हैं अपने आसपास के लोगों को अगर वहां पर रामपाल का विरोध प्रकट कर सकते हैं पुतला दहन करके तो पुतला दहन करके विरोध प्रकट करिए और वहां के लोगों के आसपास प्रदर्शन कर सकते हैं। वहां के वहां जो फॉलोअर्स रहते हैं वहां उनके घर के बाहर उनकी दुकान के बाहर प्रदर्शन कर सकते हैं। संविधान की सीमा में रहते हुए कि भैया रामपाल के फॉलोअर्स का बॉयकॉट किया जाए। वह करिए और अगर वह नहीं करना है तो अपने प्लेट्स वगैरह छपवा लीजिए और उनके वह जहां रहते हैं वहां आसपास चिपकाइए आसपास की दुकानों पर जाकर के कहिए उनको बात बताइए पूरी जिससे कि उनको सामाजिक बहिष्कार पता चले क्या होता है हिंदुओं की ताकत पता चले है ना अच्छा [गला साफ़ करने की आवाज़] तो इनको ले लेते हैं स्टेज पर
00:11:17:06 हां जी जय श्री राम [गला साफ़ करने की आवाज़] हो गया श्री राम [नाक से की जाने वाली आवाज़] आपका हो गया आप अपने आगे बच्चों को शांत शांत करवा के आइए कि वो आवाजें ना करें ठीक है या फिर आप ऐसी जगह जाके आइए जहां पर जो है अब मुझे जो एक दूसरा लाइव आपको वह दिखाना है और मतलब यह समझ लीजिए अब तक का एक बिल्कुल ही अलग टाइप का एक्सपेरिमेंट है। यह फोन है और मैं कर रहा हूं अब
00:12:01:27 सतलोक आश्रम का जो जो नंबर है ना उसको कॉल कर रहा हूं मैं। [गहरी सांस लेने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] कुछ ये जो भाई साहब आए हैं थोड़ा सा अव्यवस्थित हैं। तो मैंने उनको कहा है कि आप करके आइए। जब तक वो आते हैं शांतिपूर्वक तरीके से तब तक हम इनके आश्रम से बात करते हैं। इन्होंने लाइव चैलेंज का दिया है तो देख लेते हैं इनके लाइव चैलेंज की क्या स्थिति है। अच्छा कुछ लोग ऐसे हैं जो रामपाल के वक्तव्य को पूरा नहीं सुन रहे हैं और रामपाल का वो ओपन चैलेंज ओपन चैलेंज पढ़ के मुझे मैसेज कर रहे हैं। भाई रामपाल ने कहा क्या है यह पता है आपको? रामपाल ने कहा यह है वह भी आपको पता चल जाएगा। मैं
00:12:49:08 आप अपने घर के बच्चों को शांत करवा करके वापस आइए और या फिर घर से कहीं ऐसी जगह जाकर के बात करने आइए जहां पर आपके जो घर में जो बालक बालिकाएं हैं उनके रोने की चिल्लाने की आवाजें ना आ रही हो। इससे विघ्न पड़ता है। ठीक है? जय श्री राम। तो अभी हम सतलोक आश्रम को लाइव फोन करने वाले हैं। देखिए क्या होता है। एक आपके यहां से एक घोषणा की गई है रामपाल जी के द्वारा। लाख का उसमें दिया गया है कि जो भी जो भी मुझे गलत साबित कर देगा उसको लाख मिलेंगे। तो ये इनसे लाइव चर्चा हो कैसे करेंगे हम? अगर हमें करनी हो तो। वो बोले हैं कि Instagram माध्यम से ये साधना चैनल है जो हम लोगों का उस पे गुरुजी लाइव आएंगे। अगर किसी को करना है लाइव चर्चा वेद पुराण जिस जिसमें भी करना है YouTube Facebook नहीं Instagram सब पे वो आप लोग अर्जी लगा सकते हो उस पे अर्जी कैसे लगा सकते हैं? वो बताया जाएगा। मेरे को उतना
00:14:04:12 जानकारी नहीं है। लेकिन मैं आपको कंफर्म कर दूंगा। कल कंफर्म कर दूंगा आपको। आप एक काम करिए कंफर्म करके आ जाइए। अच्छा एक काम करते हैं। आपके कॉल आपके कॉल सेंटर पे फोन लगा लेता हूं। उनसे कंफर्म कर लेता हूं। नहीं तो अभी क्या बात करना है? अभी बात करना है। कर लीजिए। एक मिनट कर लेते हैं। ठीक है। [गला साफ़ करने की आवाज़] अभी मेरे से तो दूसरा चर्चा है ना। एक मिनट कर लेते हैं। इस मामले को क्लियर कर ले जरा। दो-ती मिनट का टाइम लगेगा। आपका कॉल सेंटर है ना?
00:14:39:15 हम सीताराम सीताराम आप प्लीज अब थोड़ा बोले नहीं थोड़ी देर। मैं आपको म्यूट कर देता हूं। मैं इनसे बात कर लूं। एक मिनट। आप थोड़ा सा सुनिए बातों को। ठीक है। आपके कॉल सेंटर का नंबर मालूम है क्या आपको? सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत रामपाल जी [गला साफ़ करने की आवाज़] महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता करने के लिए एक दबाएं संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा की जानकारी के लिए
00:15:27:06 कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है। जल्दी हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे। लाइव देख रहे हैं क्या? फोन काट दिया। फिर से मिलाते हैं। यह कॉल सेंटर है भाई। आप लोग देख लो आपके बाबा जी का कॉल सेंटर क्या कर रहा है। हम लोग कॉल मिला रहे हैं तो कॉल का जवाब नहीं दे रहे। शंका समाधान वाला इन्होंने विभाग बना रखा है। अगर आपको कोई शंका है तो दूर की जाएगी। देखते हैं कॉल करके दोबारा। यह मैं फोन मिला रहा हूं इनके कॉल सेंटर पर।
00:16:19:06 सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता करने के लिए एक दबाएं। संत रामपाल
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→ Used in: A · Live सतलोक गैंग का बागी शिष्य करेगा किए सनसनीखेज खुलासा भाग 1 किताबों का सच at 9:14 ↗
→ Used in: B · Live सतलोक आश्रम में फैला मनुवादी के नाम का खौफ at 4:25 ↗
00:16:30:12 जी महाराज से नाम दीक्षा की जानकारी के लिए कृपया दो दबाएं। संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक संबंधी जानकारी के लिए कृपया तीन दबाएं। संत रामपाल जी महाराज के ज्ञान से संबंधित किसी भी प्रकार की शंका समाधान के लिए कृपया चार दबाएं। शंका
⬜ Not used yet · 00:16:49:08 – 00:36:27:03 (19:38)
00:16:49:08 समाधान के लिए से संबंधित कृपया लाइव पर बने रहे। आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है। जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे। [खांसने की आवाज़] हां जी जय श्री राम हेलो जी आपके पीछे से बहुत शोर आ रहा है थोड़ा आवाज समझ में नहीं आ रही जी मैं ये कह रहा हूं ये कल रामपाल जी की ओर से एक दावा किया गया है घोषणा की गई लाइव डिबेट के लिए ओपन चैलेंज दिया गया है। जी तो ये हम उनको काउंटर कैसे करेंगे? मतलब उनसे डिबेट कैसे करेंगे हम? वो तो साधना टीवी पर आकर के बोलेंगे। उन्होंने उसमें ये कहा है कि आपको अगर जवाब देना है तो जवाब आप अपना अपने चैनल बुक करके वहां से जवाब दीजिए या फिर अपने सोशल मीडिया, Facebook या YouTube से जवाब दीजिए। तो यह डिबेट कैसे होगी? मतलब हम वहां मौके
00:18:04:16 पर जाकर के उनको जवाब कैसे देंगे? जी आप इस डिबेट में जुड़ना चाहते हो? हां कैसे जुड़ेंगे? हेलो हो गया ठंडक। गायब ठीक है और मिलाते हैं शायद। शायद किसी को भनक ना हो। हां जी बताइए
00:18:37:22 बताइए भाई साहब हेलो जी जी बताइए हां जी आप धनाना आश्रम आइए हरियाणा में नहीं उन्होंने ये नहीं कहा ना धनाना आना पड़ेगा और धनाना आश्रम तो बदनाम है ना वहां हम हम लोग क्यों आए पांच महिला और एक बच्चे की हत्या का आरोप लगा है देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है हम लोग ऐसी जगह क्यों आए जब लाइव हो सकती है चर्चा तो वहां क्यों बुला रहे हो सर? सारा चैनल लाइव चलेगा। आप उसमें जुड़ जाइए। तो उसमें कैसे जुड़ेंगे? क्या माध्यम होगा जुड़ने का? भाई चैनल जो होता है उस पे तो चैनल पे जो चल रहा होता है वो दिखता है। हम उसमें हम उसमें दिखे और हम जो बोले वो भी सुनाई दे दिखाई दे। ये कैसे संभव होगा?
00:19:24:02 हेलो लाइव पे जी लाइन पे ये कैसा चैलेंज है आपने जो है डिबेट की व्यवस्था तो बताई नहीं कैसे होगी डिबेट हेलो हां जी क्या बोल रहे हो मैं ये बोल रहा हूं कि रामपाल जी ने जो डिबेट का चैलेंज दिया है वो हम उस चैलेंज में कैसे पार्टिसिपेट करेंगे हम डिबेट में उनको जाके काउंटर क्वेश्चन कैसे करेंगे इस बारे में क्या व्यवस्था है जो [खांसने की आवाज़] [हंसी] है संत रामपाल जी महाराज जी ने बोला है आप्रा YouTube या जो भी प्लेटफार्म चलाते हो उससे आप जवाब दीजिए आप जवाब देके उन्हें मेंशन करो आपको उसका रिप्लाई मिलेगा तो ये तो हम पहले से ही कर रहे है इसमें नई बात क्या है फिर इसका इतना चवा क्यों उड़ रहा है हम तो पहले से ही कर रहे हैं। उनको जवाब दे रहे हैं। उनका नाम मेंशन कर रहे हैं। इसमें नई बात क्या हो जाएगी? अभी अभी जो उनका अभी जो उनका सत्संग चलेगा और वो उनके सत्संग कोई नई बात थोड़ी ना बताएंगे। वही बातें तो बताएंगे जो आज तक बताते आए हैं कि कुछ
00:20:39:06 नया ज्ञान है। बदल देंगे क्या अपने ज्ञान को? ज्ञान तो नहीं बदलेगा जो यानी कि वो जो आज तक वो जो आज तक सिखाते रहे वही सिखाएंगे तो हम वो जो सिखाते रहे हैं उनका आज से आज से 101 वर्ष पहले संत रामपाल जी महाराज ने सभी को आश्रम में बुलाया भी था और [गला साफ़ करने की आवाज़] भाई साहब उसी जिस आश्रम में बुलाया था उसी आश्रम में देशद्रोह का मुकदमा चला एक लाख लोग वहां पर मैं भी तो मैं भी तो कह रहा हूं आप भी तो सुन लो बात ये हो रही है बात ये हो रही है तीन और तीन और चार तारीख को नया क्या होने वाला है दुनिया के सारे जितने भी लोग अपने आप को धर्माचार्य कहते हैं संत कहते हैं वो अपने अपने चैनल पे ऑलरेडी रामपाल के विरुद्ध वो जो भी शिक्षा दे रहे हैं रामपाल के विरुद्ध ही है तो वो अपना पक्ष तो पहले से बता ही रहे हैं इसमें नया क्या है इसका फोकस क्या हो रहा है इतना चौवा उड़ डिबेट है ओपन चैलेंज है ये है वो है इसमें क्या है हां तो ओपन चैलेंज तो है आप करके दिखाओ। अरे भाई, तो वह तो वह वह तो वह पहले देखिए, जिस अरे, वह तो वह वह तो सिद्ध कर चुके हैं ना, इसका निर्णय कैसे होगा।
00:21:55:15 मुंह से बोलकर सुनो सुनाई बातों से नहीं। हां। हां वेदों और शास्त्रों से ही वेदों और देखिए बात ये नहीं है बात वेदों को सामने रख के वेदों को वेदों को सामने रख के वेदों को सामने रख के वेदों को सामने रख के दिखाया है उंगली रख के बताया है उंगली उंगली रख के बताया है उंगली रख के बताया है उंगली रख के बताया है उंगली उंगली रख के बताया भाई साहब अब आप ये बता दो देखो तो आप पहली बात तो यह है कि ये डिबेट नहीं है। ये तो अपनेप चैनल पे लोग वीडियो बनाएंगे। ये कोई डिबेट थोड़ी ना है। डिबेट तो वो है ना जिसमें आमनासामना हो। पहले किया गया था तब क्यों नहीं गए? अरे तो रामपाल क्यों नहीं गए? रामपाल क्यों नहीं गए? राम राम रामपाल अपराधी है। कोई उसके पास क्यों जाए? रामपाल क्यों नहीं जा रहा? शंकराचार्यों के पास 2009 में अरे तो भैया क्यों जाए अपराधी के पास जेल कट्टू के पास? वो क्यों नहीं जा रहा है? शंकराचार्य के पास वो क्यों नहीं जा रहा है? वो क्यों नहीं जा रहा है? रामपाल क्यों नहीं जा रहा है? अरे भाई मैं मैं कह रहा हूं रामपाल क्यों नहीं जा रहा है? मैं ये पूछ रहा हूं रामपाल क्यों नहीं जा रहा है? सबको बुला
00:23:10:19 रहे हैं। अरे क्यों बुला रहे हैं भाई? अपने अपने क्यों बुला रहे हैं? शंकराचार्य शंकराचार्य, रामानुजाचार्य सबके दरबार खुले हुए हैं। वो क्यों नहीं जा रहे हैं? मैंने मैंने आपकी बात मैंने आपकी बात मैंने आपकी बात सुनी है कि भाई उन्होंने बुलाया वो नहीं गए अब मैं उनको बुला रहा हूं लखनऊ आ जाए आएंगे क्या आपको तो ओपन चैलेंज दे अरे भाई मैं बुलाने की बात कर रहा हूं जैसे रामपाल के बुलाने पे शंकराचार्य नहीं गए तो सोशल मीडिया का जमाना है तो भैया उस सोशल मीडिया का सोशल मीडिया का जमाना है सोशल मीडिया का जमाना है तो ये ये कोई डिबेट थोड़ी ना फिर [खांसने की आवाज़] यह कोई डिबेट है क्या? यह कोई डिबेट है? कैसे डिबेट है? वीडियो अगर वीडियो वीडियो ही बनाना है। वीडियो तो बना ही रहे हैं। सब लोग बना रहे हैं। डिबेट कहां से हो गई? सिद्ध करना बाद की बात है। डिबेट कहां से हो गई? ये बताओ। कायरता वाली काम है। कायरता रामपाल कर रहा है। भाई रामपाल अपने बिल से बाहर ही नहीं निकल रहा। अच्छा अच्छा अब ये बता दो कि कौन जीता कौन हारा तय कैसे होगा? ज्ञान से तय होगा। कैसे कौन करेगा तय? कौन करेगा? कौन कौन कौन करेगा? तय कौन करेगा? तय कौन तय कौन
00:24:25:22 करेगा? अरे मैं पूछ रहा हूं, तय कौन करेगा मेरे भाई? तय कौन करेगा? तय कौन करेगा? तय कौन करेगा? गांव समाज गांव समाज से अरे भैया, उसका कोई तरीका होगा। गांव समाज में क्या बोलता है? अरे, मैं यह पूछ रहा हूं। यह पूछ मैं यह पूछ रहा हूं। मैं मैं पूछ रहा हूं भाई साहब गांव देखो जनता तय करेगी सुनो रामपाल रामपाल ने यह कहा है कि जनता तय करेगी हेलो हेलो हेलो आवाज आ रही है क्या हेलो आवाज आ रही है हेलो रामपाल ने ये कहा है कि जनता तय करेगी तो हमें पता कैसे चलेगा कि जनता जनता ने क्या तय किया है ये कैसे पता चलेगा हेलो
00:25:15:13 मैं यह पूछ रहा हूं जनता ने क्या तय किया यह पता कैसे चलेगा वो पढ़ी लिखी समझदार है वो मैं जानता हूं जनता ने तय क्या किया ये हमको कैसे पता चलेगा हैं स्वयं निर्णय अरे जनता स्वयं निर्णय ले लेगी मगर हमें कैसे पता चलेगा जनता ने निर्णय क्या लिया जिससे जीत हार की घोषणा हो पाए वोट डलेंगे क्या होगा कैसे पता चलेगा भाई [गला साफ़ करने की आवाज़] क्या
00:25:47:25 हां तो मतलब मतलब अभी केवल फोकस बाजी है तीन चार तारीख को डिबेट जनता तय करेगी जीतने वाले 50 लाख जनता तय करे क्या किया पता नहीं जनता तय करेगी धर्म और धर्म का निर्णय और डिबेट हो गई भैया तुम अपने चैनल खोल खोल के वो रामपाल का नाम लेकर के वीडियो बनाओ और जवाब दो ये ये डिबेट है बहुत बढ़िया भाई साहब बहुत बढ़िया कहां आ जाओ कहां आ जाओ जहां पे जहां पे पांच महिला जहां पे पांच महिला और एक बच्चे की हत्या हुई है वहां आ जाए कहां आ जाए जहां पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है वहां पर आ जाए अरे तो मुकदमा तो चल रहा है अरे तो भैया भैया मैं थोड़ी ना कह रहा हूं कि तुम मेरे आ जाओ बीच की जगह आ जाओ दिल्ली दिल्ली आ जाओ मैं कह रहा हूं मैं तुमको अपने घर थोड़ी ना बुला रहा हूं तुम बुला रहे हो आप दिल्ली आ जाओ दिल्ली दिल्ली भेज दो रामपाल को आपको डिलीट करना है ना टीवी चैनल पर आओ साधना कैसे आना है कैसे आना है साधना चैनल पे कैसे जुड़ेंगे हम बताओ साधना टीवी चैनल अरे टीवी खोल के बैठ जाए जुड़ जाएंगे क्या उसके कांच में घुस जाए क्या हां अरे भाई लाइव चैनल न्यूज़ चैनल देखते हो नहीं देखते हो हां देखते हैं आप अब चलाते हो
00:27:03:03 [हंसी] अपने चैनल पे हां चलाते हैं कोई बंदा सही रहता है सही रहता अलग-अलग जगह पर रहता है। तो तो यानी कि आप आप हमें लिंक दोगे अरे जुड़ने का लिंक देंगे रामपाल हम तो लिंक देते हैं किसी को जैसे अभी ये सामने भैया बैठे हैं रामपाल के फॉलोअ है ये इनको हमने लिंक दिया है तो साधना टीवी पर डिबेट करने का लिंक मिलेगा क्या पूछ रहा हूं यानी कि कुछ पता नहीं है केवल डंका बजाओ दम दम दम पीटो ताली कुछ आपको पता है लिंक देंगे सुर शेर है जोर बाजे अरे मैं पूछ रहा हूं साधना टीवी पर जुड़ने का लिंक मिलेगा मिलेगा क्यों नहीं मिलेगा कहां पर मिलेगा कैसे मिलेगा बताओ जरा
00:27:48:26 कैसे मिलेगा साधना टीवी पर जुड़ने का लिंक आपको सारा दिन मिलेगा अरे अरे भाई क्लियर तो करो ना कहां पर मिलेगा कहां आएगा मेरे WhatsApp पे आएगा कैसे आएगा आपका हैं आपका चैनल है हां मेरा चैनल है। आपका YouTube चैनल है ना? हां YouTube चैनल है ना? हां। ठीक है। आप अपना YouTube चैनल का जो भी है लाइव प्रसारण के लिए हम भेज देंगे। क्या भेज दोगे? ठीक है। आपको ठीक है। आपका जीमेल आईडी जो है आप अपना जीमेल आईडी दो। आपके चैनल के माध्यम से जीमेल आईडी को पर जीमेल कर देंगे। यहां से क्या जीमेल कर दोगे? करवा देंगे। किसको? क्या उसको? साधना टीवी पर लाइव जुड़ने का वो जीमेल भेजोगे। जीमेल पर भेजोगे लिंक
00:28:38:16 तो यह बात क्यों नहीं बोली रामपाल ने अपने वीडियो में कि लिंक भेजा है रामपाल तो ये कह रहे हैं कि भैया वो जो है आप अपने वीडियो बना के मेरा खंडन कर दो आप अपने चैनल से खंडन करो रामपाल ने जो बात सुनो सुनो भाई साहब भाई साहब सुनो जो बात सुनो सुनो सुनो सुनो जो जो बात जो बात आप बोल रहे हो रामपाल जी की बात उसके विरुद्ध जा रही है रामपाल जी यह नहीं कह रहे कि आपको लिंक दिया जाएगा मेरे साथ डायरेक्ट बात करने के लिए। रामपाल जी यह कह रहे हैं कि आपको मेरी जो बात गलत लगे उस पे आप अपने अपने YouTube सोशल मीडिया पर या अपने टीवी चैनल पर जाकर के वीडियो बनाओ और मेरा जवाब दो। तो ये ये डायरेक्ट ये डायरेक्ट रामपाल से ये डायरेक्ट रामपाल जी से काउंटर करने के लिए थोड़ी ना व्यवस्था। यह तो अपने अपने चैनल पर बनाना है। वह तो बना ही रहे हैं। सब सदियों से बना रहे हैं। हम भी बना रहे हैं और सारे आचार्य बना रहे हैं। सभी लोग बना ही रहे हैं।
00:29:38:04 तो जनता तो बिना तीन चार तारीख के भी निर्णय कर सकती है। उसमें क्या सबके वीडियो बन ही रहे हैं। वो तो कर ही रही होगी निर्णय। भाई तीन चार तारीख को स्पेशल क्या होने वाला है? मैं ये पूछ रहा हूं। ये तो वीडियो पहले भी बन रहे हैं रामपाल के विरोध में। चिल्लाते हो रहे हो। आपके यहां पर तो दिन आप आपके यहां पर आपका जो रामपाल है अनपढ़ फूल गवार उसके जो जितने चेले हैं वो जब वो जब मजबूर करते हैं ना वो जब वो जब सूअरों वो जब सूअरों जैसी भाषा बोलने लगते हैं तब ये बात बोलने लगती है। ये इनके कॉल सेंटर का हाल है। कुत्ते भौक रहे हैं और ये सब करने लगते हैं। देख रहे हो कॉल सेंटर? ये है सतलोक आश्रम का कॉल सेंटर। ये जब इनके पास जवाब नहीं है तो आप चिल्ला रहे हो। कुत्ते भौक रहे हैं। खुद खुद सूअरों जैसी बात कर रहे हैं। वो नहीं समझ में आ रहा। कौन [हंसी] टक
00:30:29:15 यह है इनकी वास्तविकता [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] ये फुअर गवारों की वास्तविकता ये है कि इनसे अगर तर्क वितर्क किया जाएगा तो अंत में इस पे आएंगे अब अब क्या करें सामान्य व्यक्ति मरदित व्यक्ति या तो इनके साथ इनके जैसा हो जाए अभी हमने अभी इसने कहा कुत्ते जैसी बात फिर हमें कहनी पड़ी सूअरों जैसी बात उसके बाद ये फिर और आगे बढ़ेंगे इनका का कुछ वो नहीं है। इनके पास तो कोई मर्यादा नहीं। जहां धर्म ही नहीं है, ईश्वर ही नहीं है, शास्त्र नहीं है। तो वहां पर आप मर्यादा की अपेक्षा कैसे करेंगे? जो सोमिया माथुर जी हैं वो अगर रामपाल के खिलाफ वीडियो बना रही हैं तो लोग उनको अरेस्ट कर रहे हैं। उनके एआई से वीडियो बना करके यह तक डाल दिया कि मैं उस अपने भाई के साथ होटल में रुकी। यह है वो है। ये सब वीडियो डाले गए उनके खिलाफ। क्यों? क्योंकि उसने तर्क वितर्क किया। फिर रामपाल अनपढ़ आकर के क्या बोलेगा? क्या बोलेगा रामपाल आकर के कि भाई वो [गला साफ़ करने की आवाज़] आप मेरे लिए मेरे विरोध में वीडियो बनाना। क्यों बनाया भाई तूने ऐसे जेल कट्टू के विरोध में वीडियो? तूने ऐसी ऐसे गवारों की फौज खड़ी कर रखी है कि कोई तर्क वितर्क अगर करेगा तो उसके
00:31:44:24 लिए तेरी जो फौज है वो हैरेस करेगी। अगर उसके अंदर जरा भी उसका जो स्पिरिचुअल आध्यात्म का बल है उसके पास नहीं होगा बेचारा ढेर हो जाएगा हम और तर्क और देखो खुद बोलने नहीं दे रहे तब आवाज लाउड करनी पड़ रही तो कह रहे हैं कि आप ऐसे कर रहे हो वैसे कर रहे हो खुद अमर्यादित चीज ये सतलोक आश्रम की आवाज है सतलोक आश्रम चैनल की आप ऐसे बोल रहे हो यानी रामपाल से अगर बात करने जाओगे तो या तो रामपाल की सुनते रहो क्वेश्चन मत करो और अगर आपने क्वेश्चन वहां से वह आपको बोलने ही नहीं दे रहा। आपकी आवाज लाउड हुई यदि तर्क वितर्क करने के लिए तो क्या होगा? तो यह होगा कि वह फिर अमर्यादित शैली पे आएंगे। तो अब आपके पास दो ऑप्शन है। या तो उस चर्चा को बंद कर दो। या तो उस चर्चा को बंद कर दो और या फिर उसके जैसे अमर्यादित हो जाओ। जय श्री राम।
00:32:43:15 हेलो मुझे लगता है भाई कॉल सेंटर वाले का ही फोन आ रहा होगा। चर्चा करना था कोई और बात कहां और लगा रहे हो? परी हां तो ये बढ़िया प्रदर्शन है। मुझे मेरा मानना है आप लोग भी फोन कर करके पूछिए इनके सेंटर्स पे। इनको पूछिए कि ये डिबेट है। इसमें नया क्या है? क्या होने वाला है? बाबा जी का अंतु क्या ऐसा नया होने वाला है? भाई छ तारीख तीन और चार तारीख को भाई रामपाल जो मुंह से विष्ठा करता है हमारे सनातन देवी देवताओं का अपमान करता है। सनातन शास्त्रों का अपमान करता है। उसके विरोध में तो भरभर के वीडियोस बना ही रहे हैं लोग। इसमें कौन सी बात होने जा रही है? तीन और चार तारीख को आ जाना आ जाना। केवल फोकस बाजी कुछ नहीं। केवल लोगों का अट्रैक्शन यस रामपाल ने घोषणा कर दी डिबेट की घोषणा कर दी डिबेट होगी कैसे रामपाल उधर मुंह से करेगा जहर उगलेगा और लोग उसका जवाब देंगे अपनेप चैनल पे रामपाल सु भी नहीं करेगा अपना जहर उगलता रहेगा ये डिबेट
00:33:58:26 है हां और उसके बाद जनता फैसला लेना होगा जो ले लेगी अरे ले लेगी तो इसमें 50 लाख कहां से आ गया 50 लाख का तो मतलब है कि वो निर्णय हमें पता होना चाहिए एग्जैक्ट बिल्कुल बिल्कुल क्लियर कट कि जनता ने क्या निर्णय लिया वो व्यवस्था तो है नहीं इलेक्शन होगा क्या और इलेक्शन होगा तो क्या होगा इसका रामपाल का बुरी तरह हार जाएगा 15 करोड़ 15 करोड़ चिल्लाता है 5 लाख भी सामने नहीं आ पाएंगे वोट देने ये तो इनकी स्थिति है। कई बार लोग कहते हैं 15 करोड़ शिष्य 15 करोड़ शिष्य अभी एक व्यक्ति ने फोन करके कहा वो नहीं गदर में डायलॉग है कि उस वो जट ने तुम्हारे 200 सूरमा को बना दिया वैसे ही उसने कहा भैया कि भैया इतना एफआईआर हो गई तुम्हारे खिलाफ तुम्हारे खिलाफ जो है हाई कोर्ट में मुकदमा हो गया तुम्हारी किताबें बिकना लखनऊ में बंद हो गई ये सब हो गया कहां गए तुम्हारे 15 करोड़ शिष्य एक मनुवादी एक शंकराचार्य के सैनिक ने एक शिवश नारायण द्विवेदी ने तुम्हारे हमारे 15 करोड़ शिष्यों को बना दिया क्या? क्यों नहीं बता पा रहे हो किताबें कहां छपती है? ये तो हालात है। चलिए हां जी भैया रंज
00:35:14:04 जी जी बताएं। अब अपनी बात बोले आपको लगा है तकलीफ? अब एक मिनट एक मिनट। ये हां जी बोलिए। आपको लगा है तकलीफ? थोड़ा बोल लीजिए। आपको तकलीफ लगा है देखिए मैं आपको [हंसी] आपका आपका पंचरंगी ड्रामा सुनने नहीं आया हूं। आपका कोई प्रश्न है हमारे विरोध में तो वो करिए। रामपाल की कोई पक्ष को रखना है। एक मिनट 1 मिनट 1 मिनट रामपाल का पक्ष रखना है तो वो रख लीजिए। नहीं तो फिर मैं अगर क्वेश्चन करूंगा तो आपकी जय जय हो जाएगी। अभी खत्म हो जाएगा शुरू होते ही। इसलिए कह रहा हूं आप अपनी बात रख लीजिए। आपके जैसा ज्ञानी नहीं हूं और हां आप इधर उधर की बातें बिल्कुल मत करिए। आप सीधे पॉइंट की बात करिए। चकोलने वाली कोई जगह नहीं है यहां पर। हां ठीक ठीक पॉइंट कह रहा हूं। संस्कृत मुझे आता नहीं है। संस्कृत में लबर जबड़ मत करिएगा। हिंदी आता है। सब लोग को हिंदी आता है। ऐसा है मैंने आपसे कहा आप अपना विषय रखिए। अगर मैं आपको कहूं संस्कृत बोलिए या मैं आपको मजबूर करूं संस्कृत समझो। तो फिर आप बोलिएगा। आप अपना विषय रखिए सीधे। ठीक है? आपने
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00:36:27:03 बोले हैं कि संत रामपाल जी महाराज जी जो भी है वेद पुराण से अलग बताते हैं और जो भी वेद पुराण में बता वो सारा चीज गलत है। मिलता जुलता कुछ नहीं है। हम आपसे सवाल है और भी आप बोले हैं कि वेद पुराण पे बात करना बेकार है। और उनके सभी भक्तों को ना जाने क्या-क्या बोल रहे हैं। आप वो भी बोले हैं। तो वही चीज पे आज गीता पे साबित होगा कि क्या गलत बताएं। आप बता दो कि क्या गलत बताएं। उसके बाद मैं साबित करूंगा क्या सही बोलेंगे। अच्छा तो वेद पुराण गीता के विरुद्ध नहीं जाते वो। यह आपका कहना है। पहला पहला यही है ना वेद पुराण गीता के विरुद्ध नहीं जाते वो। अच्छा ठीक है। तो यह [गला साफ़ करने की आवाज़] बताइये दो बातें। पहली बात यह है क्या वेद ने ऐसा कहा है कि वेद के अलावा और कोई मार्ग है जिससे मुक्ति मिलेगी? जी। कहां पर कहा है? वो गीता अध्याय मैं आपको बता रहा हूं जिसमें बोले हैं मैं वेद की बात मैं वेद की बात कर रहा हूं पहले आप वेद का बता दीजिए कहां पर है तो वेद और पुराण ये गीता क्या है ये वेद पुराण अरे भैया पुराण से भी लेंगे गीता
00:37:42:04 से भी लेंगे अब वेद में आपके पास प्रमाण है क्या जो वेद ये कह रहे हो कि भैया वेद में मार्ग नहीं है वेद से बाहर मार्ग है अच्छा है क्या आपके पास प्रमाण मैंने पूछा प्रमाण है कि नहीं देखिए एक बात को खत्म किया करिए। हां वेद का प्रमाण है तो बताओ। हां मैं बता मैं बता रहा हूं। बताइए आप अभी क्या पूछे? वेद ने ये कहा है क्या कि वेद में जो मुक्ति का मार्ग है वो नहीं है। वेद से बाहर कहीं पर है। ये कहा है क्या? सब वेद में है। लेकिन मैंने कहा मैंने मैंने यह कहा कि वेद में वेद में प्रमाण है क्या कि वेद में मुक्ति का मार्ग नहीं है। वेद से बाहर है। मुक्ति का मार्ग नहीं है। सब वेद में है मुक्ति का मार्ग। लेकिन वेद को समझने वाला टीचर चाहिए। एक मिनट भाई साहब एक एक करके चलेंगे। वेद को समझने वाला टीचर चाहिए। उस पर भी आ जाएंगे। अभी आपने कहा कि वेद में मुक्ति का मार्ग है। ठीक है? वेदों में चारों वेदों में चारों वेदों में मुक्ति का मार्ग है। वेदों में है कि नहीं? मैं पूछ रहा हूं। वेद में वेद में वेद में वेद में है कि नहीं? हां। वेद में उस परमात्मा के गुण लिखा गया है। मैंने कहा
00:38:57:18 मुक्ति मैंने कहा मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? है सूक्ष्म वेद में है। सूक्ष्म वेद नहीं चारों वेद। चार वेद चार वेद। चार वेद जो है चार ही वेद को मानते हैं। चार ही वेद है। हां हां हां उनमें है कि नहीं? उनमें है कि नहीं? अरे भाई मैं मैं पूछ आपकी बात मैंने क्या पूछा आपसे? मैं ये पूछ रहा हूं जो चार वेद है अथर्ववेद, ऋग्वेद, सामवे, यजुर्वेद इनमें मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? या वेद क्या ऐसा कहते हैं कि भैया इनसे बाहर कहीं मुक्ति का मार्ग है। यह मैं कह रहा हूं। मुक्ति का रह गया जो वेद का है बात आप बोल रहे हैं वेद के चार वेद ऋग्वेद सामवेद अथर्ववेद ये सब में उस परमात्मा के गुणगान लिखा गया है कि उस परमात्मा मैंने क्या पूछा है भाई साहब देखो भाई बात को समझो मैंने आपसे ये पूछा है क्या वेद में मुक्ति का मार्ग है कि नहीं पहले तो आप यह बता दो चार वेद जो हैं उनमें मुक्ति का मार्ग है कि नहीं और अगर आप यह कह रहे हो कि नहीं सूक्ष्म वेद को भी वेद मान के तब मैं बोल रहा हूं कि हां वेद में मुक्ति का मार्ग है तो उसपे फिर मैं बात करूं यह क्लियर कर दो। चार वेद में है कि नहीं? सूक्ष्म वेद को मान चार वेद में नहीं है। सूक्ष्म वेद को ऐड करके तब आप वेद मानते हो।
00:40:13:03 अच्छा सूक्ष्म वेद अच्छा हां आप एक मिनट सुन लीजिए। हम पहले हमारे पिताजी पढ़ते थे तो ये संस्कृत नहीं था। मैं नहीं भाई साहब मैं आपसे देखिए। आप अगर मुझे इधर-उधर करेंगे। मैं पूछ रहा हूं। पहले बता दो क्लियर कर दो कि हम जानने क्या जा रहे हैं। आप ये क्लियर कर दो। उसके बाद हम जानेंगे। आप एक क्लियर कर दो। वेद वेद में मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? चार वेद में जो चार वेद है उसमें मुक्ति का मार्ग है कि नहीं? नहीं है। [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं है। हां। यानी कि चार वेद में मुक्ति का मार्ग नहीं है। ये आप भी कहते हो और आपके रामपाल भी कहते हैं। ठीक है। रामपाल भी यही कहते [हंसी] हैं। मैंने क्या पूछा? हां ठीक है। चार वेद भी यही कहते हैं और रामपाल भी यही कहते हैं। अब आप कह रहे हो कि वेद भी यही कहते हैं। तो वेद में कहां प्रमाण है वो बता दो। [नाक से की जाने वाली आवाज़] हम वेद में कहां प्रमाण है कि मुक्ति का मार्ग नहीं है। नहीं है। इन चार वेदों में से किसी में भी मुक्ति का मार्ग ही नहीं है। पहले आप एक पहले आप एक बात बोले थे कि बिना माने कुछ सिद्ध होने वाला नहीं है। बात बात शुरू कहां से हो रही है? बात देखिए टॉपिक क्या चल रहा है। टॉपिक यह चल रहा है कि आपने कहा आपके
00:41:28:07 जो आपके जो वो हैं आपने कहा है आपके जो रामपाल जी महाराज हैं वो एक भी बात वेद के विरुद्ध नहीं कहते बाहर नहीं कहते है ठीक है अब आपने एक बात कही है कि जो वेद है उनमें मुक्ति का मार्ग नहीं है यह बात वेद में कहां लिखी है प्रमाण है चलिए ये साबित करना चाहता हूं कि कोई भी बच्चा एक सब्जेक्ट से पास होने वाला नहीं है मैंने कहा आपकी बात का प्रमाण है वेद में मुक्ति का मार्ग है या नहीं इस बात का एक एक बात क्लियर करके चलो प्रमाण है कि नहीं प्रमाण नहीं है हां चार वेदों में मुक्ति का मार्ग चार वेदों में मुक्ति का मार्ग नहीं है गीता में भी नहीं है और पुराणों में भी नहीं है नहीं है बहुत बढ़िया उपनिषद में भी नहीं है ठीक है नहीं है जी हां नहीं है ये तो हमने क्लियर कर लिया कि जो हमारे सनातन धर्म शास्त्र है आप उसमें कबीर को जोड़ो वो कबीर वाणी को जोड़ रहे हो हम नहीं जोड़ तोड़ रहे हैं। मगर जो सनातन धर्म शास्त्र कबीर वाणी के बिना है। उपनिषद, पुराण, स्मृति ग्रंथ यानी रामायण, महाभारत, गीता और वेद श्रुति ग्रंथ इनमें जो है मुक्ति का मार्ग नहीं है। यह आपका कहना है। ठीक है? हां। अब भैया इनको शास्त्र जो ऑपरेटर जी
00:42:43:10 हैं वो इनको जरा वो नान्या पंथा वाला दिखा दीजिए। प्रमाण यजुर्वेद 31 19 आप बता दीजिए व से बता दीजिए। उसमें लिखा है उसमें लिखा है कि जन्म मरम के चक्कर से छूटना यानी मुक्ति का। इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है जो वेद बता रहे हैं। अच्छा जन्म मरणम से छूटना। यही मुक्ति का मार्ग है। हम ठीक। और आगे क्या लिखा है? यही लिखा है मुक्ति का मार्ग और इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। मतलब की जो वेद मतलब इससे यह सिद्ध हुआ कि वेद जो है वही मुक्ति का मार्ग है चार वेद। उसके अलावा और कोई मुक्ति का मार्ग नहीं है उससे बाहर जाकर के। ये कह रहे हैं वेद। चार वेद। तो गीता गीता भी नहीं मानेंगे तब हम। अगर गीता की यह बात तो रामपाल खुद लिखते हैं कि अगर गीता की कोई बात ऐसी होगी जो वेद से मैच नहीं खाएगी तो नहीं माननी है। यह तो रामपाल खुद लिखते हैं। दिखाऊं मैं दिखाऊं? हां दिखाइए। मैं दिखाऊं? दिखा देता हूं।
00:44:00:07 दिखा देता हूं। मैंने क्या कहा है? मैंने क्या कहा है? आप यह मानते हो कि रामपाल जो है गीता को एज इट इज पूरा का पूरा मानते हैं। थोड़ा बहुत उसमें कुछ चीजें ऐसी हैं जो वेद के विरुद्ध है जो वो नहीं मानते हैं। हां ये तो है जो है ना हां तो इसका मतलब गीता गीता ज्ञानी की गीता में जो भी चीजें वेदों के बाहर जा रही है ये चीज लिखी भी है रामपाल ने गीता में जो भी चीज वेद के विरुद्ध जाती हुई दिखाई देगी उसको नहीं मानना है रामपाल ने लिखा है दिखाना है मैंने कहा मैंने कहा दिखाना है क्या
00:44:48:12 यह देखिए गीता का जो ज्ञान गीता का जो ज्ञान वेद एक मिनट बता रहा हूं। एक मिनट बता रहा हूं। पहले पढ़ रहा हूं फिर आपको बता रहा हूं। गीता का जो ज्ञान वेदों तथा सूक्ष्म वेद जो सच्चिदानंद घन ब्रह्म अर्थात सत्य पुरुष ने अपने मुख कमल से तत्व ज्ञान बोला उससे मेल नहीं करता तो वह ज्ञान गलत है। यानी कि गीता तभी तक मान्य जब तक वेदों से मैच खाए। ठीक है? तो गीता के आधार पर आप वेद की बात को कट नहीं कर सकते। वेद कह रहे हैं कि वेद से बाहर और कोई ज्ञान नहीं है जीवन और मरण से छूटने का। रामपाल कह रहे हैं कि वेद से बाहर है।
00:45:31:20 तो ये तो वेद के ये तो वेद का विरोध हो गया। कौन सा? वेद का विरोध हो गया। तो वेद में एक अरे भाई इसका तो विरोध हो गया। मैंने कहा इसका तो विरोध हो गया। इसका तो विरोध हो गया। एक उंगली पकड़ लेने से क्या पूरा शरीर बांधा जाता है? अच्छा अच्छा ठीक है ठीक है ठीक है। मतलब मतलब एक आध बात का विरोध हो सकता है वेद की। रामपाल के अनुसार एक आध बात का विरोध होता है। रामपाल के यहां वेद की मैंने हां बोलिए चलिए बोलिए। आपका जो ये बात बोले हैं जैसे मान लीजिए हम डॉक्टर चले गए। एग्जांपल आप भी दे सकते हो। मैं भी दे सकता हूं। भाई साहब मैं आपकी बात को समझ गया हूं। मुझे आप क्लियर पहले कर दीजिए। यानी कि रामपाल के यहां पर वेद की एक आध मैंने कहा मैंने कहा रामपाल के यहां पर वेद की भी एक आध बात का विरोध होता है। आप ये बता दीजिए। होता है ना? होता भी है। हां। अभी होता है। होता है। हां। हां। तो जो मैंने ये बात कही है कि रामपाल का जो ज्ञान है वो वेद पुराण के बाहर है। रामपाल का जो ज्ञान है वो वेद पुराण के बाहर है। तो बाहर हो गया ये इसका विरोध हो गया। अब दूसरी अब
00:46:46:24 दूसरी बात है। अब दूसरी बात दूसरी अब दूसरी बात आप ये कह रहे हैं कि भाई एक आध चीज के विरोध से यह नहीं हो जाता कि हम पूरा का पूरा विरोध करते हैं। ठीक है? ठीक है ना? एक आध चीज के विरोध से यह नहीं हो जाता कि हम पूरा का पूरा विरोध करते हैं। यही तो है आपका कहने का मतलब अरे बोलो मुंह से बोलो मैं बोलूं मैं वही तो बोल रहा हूं तो आप ये क्लियर कर दीजिए एक आका ये क्या आपका यही कहना है कि एक आध चीज के विरोध से पूरा का पूरा विरोध सिद्ध नहीं होता है चलिए ठीक हां वही मैं बोल रहा हूं मेरा भी पहले बात तो सुन लो इसका जवाब दे दो फिर बोलो इसका इसका जवाब दे दो फिर बात बोलो इसका जवाब दे दो एक आ चीज के क्या क्या आप यही मानते हो आपने यह तो मान लिया कि रामपाल के यहां वेदों की एक आध कुछ बातों का विरोध भी होता है वेदों की होता है ठीक है तो वेदों की एक कुछ बातों का विरोध भी होता है ये एक एक बात हो गई ठीक है दूसरी बात ये हो गई कि इसका मतलब आपका ये मानना है कि एक आध का एक आध बात का विरोध हो जाने से आप उसके विरोधी सिद्ध नहीं होते हैं यह आपका मानना है ठीक है। अब आप अपनी बात बोलो।
00:48:01:27 हां जी। चलिए अब बोले हैं कि वेद पुराण से बाहर बताते हैं। आपको मानना है लेकिन हमारे मानना है कि हमारे गुरु जी सब वेद पुराण से बताते हैं। हम लोग का जो भी साधना हो गया। इस संबंध में बताओ कि क्या आपने जो ये बात कही है इस संबंध में आपका पक्ष क्या रख रहे हो वो बताओ। वेद का विरोध करते हैं कि नहीं? रामपाल वेद वेद ये कह रहे हैं कि वेद ही मार्ग है। रामपाल कह रहे हैं कि वेद नहीं वेद के बाहर जाकर के कबीर वाणी मार्ग है। वेद का विरोध नहीं करते हैं। वेद को ना समझने वाले उसको विरोध करते हैं। वेद सही है हमारा। अरे ये क्या लिखा है? मृत्यु के परे जाने के लिए दूसरा मार्ग नहीं है। नानपता विद्यते ये लिखा है स्क्रीन पे। बस देख लो भैया। चलो ठीक ठीक दूसरा मुख नहीं है अब इसको हटा दो आप हटा दो चलो अब मैं बोलू हां बोलिए
00:49:10:21 कोई भी वेद जो भी वेद लिखा है हजार वर्ष पहले लिखा है 600 वर्ष पहले लिखा है सारा चीज श्रद्धालय हम लोगों को मानना 600 वर्ष 600 मानना पड़ेगा 600 वर्ष पहले लिखा है 600 वर्ष एक वर्ष ये हमारा टॉपिक नहीं है। चलो छोड़ते हैं। आगे बढ़ो। जी हां बताइए। ठीक उसको मानना पड़ेगा हमको। [गला साफ़ करने की आवाज़] सूक्ष्म वेद में लिखा है सूक्ष्म वेद भाई साहब मैं क्या कह रहा हूं। एक एक करके चलिए। एक टॉपिक पहले खत्म हो जाए। आपने कहा कि भैया एक आध चीज का विरोध रामपाल करते हैं वेद की। ये मानते हैं। अब इस संबंध में आपको कुछ
00:49:54:00 वेद के ना समझने वाले आदमी को विरोध करते हैं जो वेद को नहीं समझता है। एक मिनट एक मिनट इस बात का क्या करें? यजुर्वेद 31 19 ये कह रहा है कि इस मार्ग के अलावा यानी जो मार्ग यजुर्वेद में बताया जा रहा है। वेदों में चार वेदों में बताया जा रहा है उसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। इसका विरोध है कि नहीं? रामपाल को विरोध नहीं है। इसका कंप्लीट नॉलेज नहीं है। कंप्लीट वो कह रहा है वो वो ये कह रहा है यही वो ये बात कहां लिखी है कि इसमें आधा अधूरा है। बताओ वो ये कह रहा है कि इसके अलावा वो ये कह रहा है यजुर्वेद क्या कह रहा है? इसके अलावा और कोई मार्ग नहीं है। इसके अलावा यानी कि अगर यजुर्वेद यह चार वेदों को छोड़ दे तो इनके अलावा और कोई मार्ग नहीं है।
00:50:43:15 कह रहा है वेद कहां पहले जड़ से जानना पड़ेगा वेद कहां से आया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया अब जड़ पे आते हैं अब जड़ पे आते हैं इसको थोड़ा और क्लियर कर लेते हैं तब इस प्रश्न पे आते हैं कि वेद कहां से आया अब बात ये आती है कि एक मिनट एक मिनट रामपाल के अनुसार जो क्या कहते हैं रामपाल के अनुसार गीता में किसी और भगवान के पास जाने की बात कही गई है। है ना? हां। हम कही गई। अच्छा यानी कि तत्वदर्शी संत प्रामाणिक आचार्य वही बन सकता है जो जो किसी और भगवान के पास जाने की बात की गई है उसके पास जाने की बात करता हो। वही तो बन सकता है। है ना? तो वेद ये कह रहे हैं ब्रह्म से ब्रह्म से किसी और भगवान के पास जाने की बात की गई की गई है। जबकि जबकि वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्मचारी यानी कि ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ब्रह्म की तरफ जाने वाला वही आचार्य बनता है। वही प्रामाणिक आचार्य है। ये वेद कह रहे हैं। इस बात का विरोध है कि मानते हैं उस बात को? विरोध नहीं है। ब्रह्मचार्य का पालन करने वाला
00:51:59:03 पालन करने वाला। हां अच्छा ब्रह्मचारी पालन क्या है ये बताइए? अरे भाई ब्रह्म ब्रह्मचारी का पहले मैं वो निकाल रहा हूं शाब्दिक ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ब्रह्मचारी ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला तो आप ये कह रहे हो कि ब्रह्म के लिए ब्रह्म के लिए आचरण नहीं करना ब्रह्म से किसी और के लिए आचरण करना यानी कबीर कबीरचारी होना चाहिए कबीरचारी होना चाहिए। कबीर की तरफ जाने की बात करने वाला होना चाहिए। ठीक है? जबकि वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्म की बात करने वाला ब्रह्म के तरफ ले जाने वाला ही आचार्य बनता है। इसका इसको मानते हैं कि नहीं मानते हैं? इसको मानते हैं ना भाई मानते हैं। तो फिर इसका मतलब ब्रह्म के लिए ही आचरण करने वाला आचार्य है। और जो ब्रह्म से किसी और के पास जाने की बात करे वो आचार्य नहीं है। अच्छा तो ब्रह्म कौन है? अरे भैया तुम्हारा ब्रह्म अलग है ना? तुम्हारा ब्रह्म जो परमेश्वर तुम्हारा ब्रह्म परमेश्वर से अलग है ना तुम्हारा ब्रह्म परमेश्वर से अलग है ना भाई देखो ब्रह्म ब्रह्म ही परमात्मा है ब्रह्म ही परमात्मा है ब्रह्म ही परमात्मा है
00:53:14:14 21 ब्रह्मांड का परमात्मा ये ब्रह्म है अरे मेरे भाई आचार्य [हंसी] तो वो बनेगा ना जो 21 का हो चाहे 39 40 का हो, 40 का हो, 50 का हो, जो ब्रह्म के लिए आचरण करेगा वो आचार्य बनेगा। ब्रह्म के लिए जो आचरण करेगा वो आचार्य बनेगा। वही प्रमाणिक आचार्य है वेद के हिसाब से। अच्छा चलिए ठीक है। वेद के हिसाब से ब्रह्म के आचरण करने वाले क्या है? थोड़ा दो टॉपिक में पहले हां मैं बता दे रहा हूं। ब्रह्म के लिए आचरण करने वाले का मतलब है जो ब्रह्म के लिए आपको भक्ति में लगा है। जो ब्रह्म के लिए आपके सदाचरण आपको दे। ब्रह्म के लिए जो भी कार्य करना है ब्रह्म के लिए करना है। यानी ब्रह्म की तरफ जाने वाला मार्ग जो प्रशस्त करे वह ब्रह्मचारी हुआ। उसी का एक होता है कि भैया अपने फायदे के लिए ना भोग करना है ना संभोग करना है तो उसमें वो भी आ जाता है कि स्त्री से दूर रहना है। क्योंकि जब सारे काम बिल्कुल ही सारे के सारे काम जब ब्रह्म के लिए हो जाते तो उसमें जो अपना भोग है वो भी नहीं रह जाता। व्यक्तिगत भोग। तो इसलिए उसमें आ जाता है। मगर ब्रह्मचारी का मतलब केवल यही नहीं है कि स्त्री संबंध नहीं। ब्रह्मचारी का जो मूल अर्थ है वह है ब्रह्म ज्ञान स्वरूप भगवान सच्चिदानंद स्वरूप भगवान उनकी तरफ ले जाने का आचरण करने वाला ये हमारा हो गया आपके हिसाब से जो ब्रह्म है वो
00:54:29:18 सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर नहीं है वो अलग है तो वेद ये कह रहे हैं कि आचार्य तत्वदर्शी प्रामाणिक संत ये वो बनता है जो ब्रह्म के लिए आचरण करता है जबकि रामपाल ये कह रहे हैं कि नहीं ब्रह्म के लिए नहीं किसी दूसरे के लिए आचरण करो करो कोई अलग आचरण करो और वो आचरण है कबीर तो यह ब्रह्म से अलग किसी के लिए आचरण करने का प्रमाण वेद में कहां पर है मैं आपको बोला कि कोई भी छात्र हो गया एक सब्जेक्ट से पास होने वाला नहीं है। अरे भाई मैं एक सब्जेक्ट की बात ही नहीं मैं यह कह रहा हूं कि आप यह कहते हो ना अपने आप आप ये कहते हो कि जो है जो रामपाल जी की बात है एक भी वेद के वेद का विरोध नहीं है एक भी बात में ठीक तो एक भी बात में यदि विरोध नहीं है तो इस बात का क्या करें जब वेद ये कह रहे हैं कि इस इन वेदों के अलावा इस वेदों के बताए मार्ग के अलावा और कोई मार्ग नहीं है मुक्ति का पहली बात दूसरी बात वेद का क्या करें? जब वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्म के लिए आचरण करो। ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ही आचार्य बनता है। 11 पांच 16
00:55:44:19 अथर्ववेद इसका क्या करें? चलिए ठीक। अब मैं जवाब दे रहा हूं। सुनिएगा। ठीक हां प्रश्न समझ गए ना आप? प्रश्न प्रश्न समझ गए ना आप? प्रश्न समझ गए ना आप? वेदों के हिसाब से आचार्य वो है। संत वो है। प्रामाणिक संत वो है। तत्वदर्शी संत वो है जो ब्रह्म के लिए आचरण करे करवाए। आपके रामपाल कह रहे हैं कि भैया ब्रह्म के लिए आचरण नहीं करना है। किसी और के लिए आचरण करना है। तो फिर वेदों के हिसाब से जो रामपाल है वो संत प्रामाणिक आचार्य सिद्ध नहीं होते। अब बोलिए।
00:56:23:27 यह जो ब्रह ब्रह आप बोल रहे हैं तो पहले सबसे पहले जानना पड़ेगा ब्रह है कौन आपको पता है कि नहीं पता है ये तो मुझे पता नहीं है लेकिन हमको पता है वो ब्रह है क्या अरे भाई वो कुछ भी हो तुम्हारे हिसाब से वो भगवान नहीं है ना सबसे बड़ा सबसे बड़ा भगवान नहीं है ना सबसे बड़ा उसके बाहर कोई नहीं है उसके ऊपर कोई नहीं है मैंने कहा उसके ऊपर पर कोई नहीं है। मैंने कहा उसके ऊपर कोई नहीं है। तुम्हारे हिसाब से है ना ब्रह्म जो है परमेश्वर नहीं है। पूर्ण परमेश्वर नहीं है वो ब्रह्म तुम्हारे हिसाब से। तो वेद ये नहीं कह रहे हैं। वेद ये कह रहे हैं कि ब्रह्म ही है जो कुछ है अंतिम। वेद ये कह रहे हैं और वेद ये कह रहे हैं कि जो क्या कहते हैं? ब्रह्म के लिए आचरण जो करेगा वही तत्वदर्शी है वही संत है वही प्रामाणिक आचार्य है तो वेद वेद में प्रमाण है कि ब्रह्मचारी के लिए जो आचरण करता करवाता है वो आचार्य है तो फिर आपके जो तत्वदर्शी है वो ये कह रहे हैं कि ब्रह्म से अलग कोई और है जिसके लिए आचरण करना है वो आचरण बताने वाला आचार्य तो ये जो है वेद की सीमा का उल्लंघन हो गया। वेद मना कर रहे हैं। जो ब्रह्म के लिए आचरण करेगा वो आचार्य है। और जो रामपाल है वो कह
00:57:39:01 रहे हैं जो ब्रह्म के लिए आचरण करे वो आचार्य नहीं है। जो ब्रह्म से दूसरे किसी उनके हिसाब से जो पूर्ण परमेश्वर इत्यादि उसके लिए आचरण करेगा वो आचार्य। तो फिर वेद को माने या रामपाल को माने। हम ये दोनों को मानना पड़ेगा। ये सब सामने आएगा और मेरे को हां बोलिए बोलिए सुन बोलिए ये [गला साफ़ करने की आवाज़] जो ब्रह है ये बोल रहा है कि मेरा भक्ति करो मेरा साधना करो ठीक ये करो ठीक ये जो ब्रह है पहले जानना पड़ेगा ये ब्रह है कौन ये क्या है ब्रह्म अरे यार ठीक घूम फिर के बात तुम वही पे ला रहे हो ब्रह्म कोई भी हो मैं ये कह रहा हूं आपके पास प्रमाण है ब्रह्म से इतर किसी के लिए आचरण करने वाला आचार्य बनता है तो आप मुझे बता दीजिए ब्रह्म से इतर किसी के लिए हैं। आचार्य हो जाने से सबका मुक्ति हो जाएगा। धरती पे आचार्य कितना है? भारतवर्ष [हंसी] आचार्य कौन होता है? शास्त्रों के हिसाब से बताओ आचार्य की परिभाषा क्या है? आचार्य कौन? टीका लगाने वाला हो जाता है क्या? कि गरबा अरे यार तुमसे जो पूछ तुमसे वो जो पूछ रहे हैं वो बताओ। फालतू की बातें करो भगा दूंगा मैं।
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00:58:52:21 ज्यादा चिल्लाओ मत तुमसे ज्यादा चिल्लाने आता है इसी बात के लिए निकलो निकल निकल मालूम है मुझे निकल यहां से मुझे पता है तेरे पास यही है भाग ये व्यक्ति कौन है करण कुमार इसके बारे में बता दूं इसने पहले मुझसे संपर्क किया हुआ था काफी दिन पहले तो संपर्क करके मतलब हॉट टॉक करता है मतलब गलत तरीके से बात करता है। तो जितने नंबरों से इसने कॉल किया मैंने इसको ब्लॉक लगाता गया। उसके बाद फिर इसने सद सद्भाव पूर्वक कल रात को मुझे संपर्क किया। हम संपर्क करने के बाद मैंने जो है जब इसने तरीके से बात की तो मैंने इसको कहा कि ठीक है आप आ जाओ। जब मैंने इसका साउंड बदला हुआ देखा तो मैंने कहा ठीक है आ जाओ। इसके अंदर तड़पड़ी है उल्टा सीधा मुझे बोलने बकने की। ठीक है? तो जब मैंने इसका आचरण देखा कि हां अब यह थोड़ा सा हुआ मरदित क्योंकि जो भी नंबर से संपर्क करता था ब्लॉक कर देता था। फिर इसने कल एक नए नंबर से फोन किया मुझे और बड़े तरीके से बोला कि भाई बात करनी है। अब आ गया। अब यहां पे क्या कह रहा है कि आचार्य क्या गेरुआ पहनने से हो जाता है। तिलक लगाने से हो जाता है। अरे भाई आचार्य वो होता है
01:00:07:27 जो सद ग्रंथों में बताए गए आचरण को अपने शिष्यों में धारण करवाए। स्वयं में धारण करे। उस आचरण को अपने शिष्यों में धारण करवाए। कुल मिलाकर के धर्म की शिक्षा देने वाला ही आचार्य होता है। ठीक है? तो आचार्य अब इनके हिसाब से रामपाल जो है आचार्य है, तत्वदर्शी है। तो या तो यही लिखा हो कि भैया ब्रह्म से किसी और के लिए आचरण करने वाला तत्वदर्शी है। यही लिखा हो वेद में यही दिखा दो। ये तो नहीं लिखा। उसमें तो ब्रह्म के लिए लिखा है। 11 पांच 16 अथर्ववेद ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला। उसकी सारी चीजें जो ब्रह्म के लिए होती हैं जिसकी जैसे हमारे यहां सनातन धर्म में क्या है? हमारे यहां यह तक कहा गया कि बिना प्रसाद लगाए भोजन तक मत करो। भोजन करने वाला विष्ठा खा रहा है। प्रसाद प्रसाद लगाना क्यों? हमारे सारे आचरण जो है ब्रह्म से जोड़ देते हैं। भगवान से जोड़ दिए जाते हैं। सारे आचरण सोना, उठना, जागना, स्नान करना हर चीज में भगवान से हर चीज को भगवान से जोड़ा हुआ है। यहां तक कि जो भोग है जो दैहिक संबंध होता है पति पत्नी के बीच उसको भी भगवान से जोड़ा हुआ है कि किसी और जीवात्मा को आप यह अवसर प्रदान करें जिससे कि वो जो फंसा हुआ है 84 लाख योनियों में तो किसी
01:01:23:06 और जीव को आप ये अवसर प्रदान करें कि वो आए और ईश्वर को जानकर समझकर मुक्त हो पाए। यानी कि संतान उत्पत्ति उसको भी जोड़ा गया। अगर तो यह जो चीजें हैं अगर आप जैसे शास्त्र विधि रहित होकर के इसमें लिप्त हो रहे हैं भोग संभोग इत्यादि में वो बात एक अलग है। मगर मनुस्मृति में जो सिद्धांत बताए गए उनके अनुसार यदि गृहस्थ भी है और वो जो अमुक अमुक सिद्धांत बताए गए हैं तरीके बताए गए उनके अनुसार उनमें संयमित रहते हुए अपनी भार्या के साथ रमण कर रहा है तो वो भी ब्रह्मचारी कहलाएगा। ब्रह्मचारी ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला। अब यह जो यह जो आचरण बता रहा है ब्रह्म से अलग बता रहा है। अगर गीता में ले आए कि पुरुषोत्तम वो परमात्मा उदारते वगैरह बोला करते हैं 15 अध्याय का तो भाई खुद ही तो तू कह रहा है कि वेदों के बाहर की चीज है उसको मानना नहीं हटा दो। और तू खुद ही बता रहा है कि भैया वो छठव अध्याय में जो हठ योग बताया गया वो नहीं मानना है। मैच नहीं खा रहा है वो। हम लोग ऐसा नहीं मानते। गीता की एक एक बात और वेद की एक एक बात में ऐसा अर्थ निकालते हैं जिससे कि सामंजस्य स्थापित हो। ठीक है? हम लोग ऐसा नहीं मानते कि भैया जहां मन आया गीता से वेद को काट
01:02:38:09 दिया। वेद से गीता को काट दिया। अरे भैया ब्रह्म कौन है? यह तो बाद की बात है। यह बात ब्रह्म परमेश्वर नहीं है। ब्रह्म की ओर जाना नहीं है। ब्रह्म से बचते हुए ब्रह्म की एक सीमा तक बात करते हुए किसी और के पास जाना है। तो ब्रह्म के लिए आचरण करने वाला ही आचार्य है। ब्रह्म से भिन्न किसी के लिए आचरण करने वाला आचार्य नहीं है। और अगर है तो तुम बता दो कहां पर लिखा है वेद में। और अगर तुम कुछ और कहीं से ले आओगे इधरउधर से तो फिर बात यह आएगी कि इस बात से उस बात को क्यों ना काटा जाए उस बात से इस बात को क्यों काटा जाए हैं
01:03:21:01 और अंत में क्या हुआ जब ये सब बातें करने लगा क्या तिलक लगाने से आचार्य हो जाता है क्या गेरुआ वस्त्र धारण करने से आचार्य हो जाता है इन सब बातों की क्या आवश्यकता है जिस बात से आचार्य होता है वो बोलो ना टू द पॉइंट बात नहीं करनी क्योंकि कुछ है नहीं टू द पॉइंट बात करने के लिए। इसलिए ऐसी बातें करनी जिससे सामने वाले की आस्था को ठेस पहुंचे कि तिलक लगाने से आचार्य हो जाता है। गेरु वस्त्र धारण करने से आचार्य हो जाता है। मैं ये सब सुनूंगा अब बैठ के और अगर नहीं सुना तो ये लोग तमतमाएंगे कि भैया वो सुन सुनता नहीं है। अरे भाई तुम्हें टू द पॉइंट बात करनी आती नहीं है। तुम तो ये सब बातें करते हो कि तुम हमारे वहां सेंटर क्यों गए थे गुंडों को लेकर के। जब तुम्हारे यहां नाम दान सेंटर पे हम लोग जा रहे हैं। वहां पर वो किताबें दे रहे हैं और हम लोग जाकर के वापस आ जा रहे हैं। तब तो तुम ये कह रहे हो कि भैया गुंडे लेकर के गए थे। जब तुम्हारे सतलोक आश्रम जाएंगे वहां बरवाला तो क्या करोगे वहां पे तुम? जब तुम्हारी यहां पे तुम्हारी भक्तन को यहां पर पूछ रहे हैं कि तुम्हारी किताबें कहां छपती हैं। वो बता नहीं पा रही है। इस बात के लिए वो हम पर छेड़खानी का मुकदमा लगवा रही है। तो हम तुम्हारे आश्रम में जाएं। जहां सैकड़ों तुम्हारी दास दासियां घूमा करते हैं। किसको किसको पकड़ना है, किसको झपटना है। वहां जाए हम।
01:04:38:07 आश्रम आ जाओ। आश्रम आ जाओ। चलिए एक फोन और लगाते हैं इनके अड्डे पे। फिर देखते हैं क्या कहते हैं। ये [गहरी सांस लेने की आवाज़] हां भाई। किसी को नंबर मालूम हो तो जरा कमेंट कर दे इनके सतलोक आश्रम का। मैं सोच रहा हूं किसी नए नंबर पर लगाया जाए। कमेंट करिए सतलोक आश्रम का नंबर कमेंट करिए सब लोग। तो आपके द्वारा सुझाए गए नंबर को ही मैं मिलाऊंगा।
01:05:18:04 अभी तो मैंने अभी तो बाके बाकी बातें बाकी है बहुत सारी कि भाई अगर वेद चारों वेद में नहीं है तो सूक्ष्म वेद में है। यह कैसे माने? वेद की किस बात को नहीं मानना है? किस बात को मानना है? इसका आधार क्या है? तय कैसे करोगे? और दूसरी बात अगर वेद में कहीं-कहीं पर गलत लिखा हुआ है तुम्हारे हिसाब से। ठीक नहीं लिखा हुआ है। पित पितृ पूजा बताई जा रही है। ठीक नहीं लिखा है अगर तुम्हारे हिसाब से वेदों में तो यानी कि वेद को बताने वाला व्यक्ति ज्ञानी नहीं है। क्या हिंदू ऐसे हैं जो वेदों को ऐसा मानते हैं? किसी फड़ ने लिख दिए रामपाल जैसे क्या ऐसे हिंदू हैं? वेद प्रमाण होता है। अक्षरस
01:06:12:02 मूर्ख कहीं के हिंदू को समझ लो। तो हिंदू सनातनी कौन है? जो वेद और वेदों के साथ अविरुद्ध सामंजस्य रखने वाले स्मृति ग्रंथों को प्रमाण माने। श्रुति श्रुति स्मृति श्रुति के अरुद्ध जो स्मृति ग्रंथों को प्रमाण माने जैसे श्रुति के अरुद्ध कौन-कौन से ग्रंथ हैं? इतिहास पुराण महाभारत रामायण इत्यादि। तो हिंदू वो है जो इनके प्रति प्रमाण्य बुद्धि रखे। प्रमाण्य यह नहीं कि जहां मनाया वहां काट दिया। इसका मतलब कि यह प्रमाण नहीं है। अभी प्रमाण वाली बात तो बाकी थी। यह भाई साहब पहले ही भाग गए।
01:06:55:03 खैर तो आप लोग मुझे जरा सतलोक का नंबर बताएं। और आप लोग भी पूछिए कि ये कैसी डिबेट है? कौन सी नई चीज होने जा रही है? चलो इनकी किताबों से लेता हूं मैं।
01:07:35:13 अब जो है मैं मैं सोच रहा हूं ना कोई नया नंबर ट्राई करूं। उनकी किताबों में जो लिखा है वह नहीं। पहले तो कह रहा था कि गीता में ऐसा कहीं नहीं लिखा रामपाल ने। फिर कहने लगा कि लिखा है। हर बात तो शुरू होते ही कट रही है तुम्हारी। तुम क्या करोगे बातें? ऑनलाइन देखते हैं।
01:08:20:04 यह रामपाल की वेबसाइट पे हम लोग जा रहे हैं। वहां से हम नंबर देखते हैं। वही 41 वाले ही नंबर है। चलिए 45 वाला मिलाते हैं। मैंने आपको क्या बताया है इन लोगों के पास और इन लोगों का जिन जितने भी यह परंपरा प्राप्त सिद्धांतों के विरोधी है इनके पास आप प्रमाण और युक्ति नहीं है सिद्धांतों का विरोध करने के तो फिर यह क्या है? अंत में जब फस जाएंगे तो यह सेंसिटिव आपके लिए जो संवेदनशील बातें उन पर प्रहार करना शुरू करेंगे। अब या तो आप भी उन पर वैसा ही प्रहार करो। उनकी तरह गंदे हो जाओ या फिर चर्चा को खत्म कर दो भाई। राघव दास क्या है? बात करनी है बीच मैदान में आओगे कि नहीं? अरे क्या हो गया मनुवादी? यहां हवा निकल जाएगी। अरे भाई जब मैं तुम्हें अपने घर नहीं बुला रहा हूं। मैं तो तुमसे ये कह रहा हूं बीच में आ जाओ। तो क्यों नहीं आ रहे हो और हवा
01:09:35:08 निकल जाएगी हमसे कह रहे हो यानी कि ऐसे बात करने लगो जिससे बात बिगड़ जाए बात खत्म हो जाए या फिर हम भी वैसी बातें करने लग जाए इनके साथ गंदे हो जाए खैर मिलाते हैं भैया इनका सतलोक का नंबर एक बार और अब तक तो कुछ तैयारी कर ली हो शायद 8 ट्रिपल2 टू सतलोक आश्रम बरवाला में आपका स्वागत है। संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना करने और प्रार्थना का आदेश पता करने के लिए एक दबाएं संत रामपाल
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01:10:29:25 जी महाराज से चार दबा दिया मैंने चार पे होता है ना शंका समाधान पर बने रहे आपका कॉल हमारे लिए महत्वपूर्ण है जल्द ही हमारे प्रतिनिधि आपसे बात करेंगे हेलो हां जी भाई साहब नमस्कार नमस्कार जी ये रामपाल जी ने कल एक घोषणा की है कि वो जो है लाइव डिबेट करेंगे और तीन चार तारीख को ये होगा और जो भी इस डिबेट में जो है विजय होता है तो उसको अमुक अमुक जो है राशि मिलेगी। तो इस डिबेट में कोई व्यक्ति अगर उनको उनसे उनको काउंटर करना चाहे उनकी जैसे उनकी कोई गलत बात लग रही है और वो ये बताना चाहे कि गलत बात है तुम यहां गलत बोल रहे हो ये है वो है मतलब शास्त्रार्थ तो ये इसका तरीका क्या है? कैसे जुड़ेगा वो व्यक्ति देखो वो अपनी बात रख सकते हैं। कैसे रखेंगे? देखो देखो जी जी देखो संत रामपाल जी महाराज जी के विचार जो है ना वो बहुत
01:11:44:26 कुछ कोटि भाई साहब मैं भाई साहब प्लीज थोड़ा सा मुझे मुद्दे की बात बता दीजिए जुड़ेंगे कैसे हम लोग रामपाल जी से रामपाल जी से तर्क वितर्क कैसे करेंगे आप उनकी महिमा आप उनकी महिमा गा रहे है ना महिमा गाने के लिए महिमा सुनने के लिए फोन नहीं किया आपने क्या बोला तरीका क्या है तो मैं वही तो आप यह क्यों बता रहे हो कि उनके विचार बहुत उच्च कोटि के यह तरीका है क्या? कर रहा हूं ना। आप तरीका बताइए। ये उच्च निच मत बताइए। ब्रीफ कर रहा हूं मैं। हां बताइए बताइए। बताइए बताइए। अब जैसे टीवी पर डिबेट होती है। एक इधर से बोल रहा है। एक उधर से बोल रहा है। उसका निष्कर्ष नहीं आज तक कभी भी। हम अच्छा टीवी पर डिबेट होती है। तो कैसे मैं पूछ रहा हूं कैसे होगी? कैसे होगी भाई साहब? जो टीवी पर डिबेट होती है एक बीजेपी का है। भाई साहब मैं समझ गया मुझे आप ये बता दीजिए होगा कैसे देखो मेरी मैं मैं अपना सवाल स्पष्ट मैं अपना मैं सवाल स्पष्ट कर दूं मैं अपना मैं ये नहीं पूछ रहा हूं मैं ये नहीं पूछ रहा हूं कि कैसे कैसे नहीं होगा मैं ये पूछ रहा हूं कि कैसे-कैसे होगा आप इसपे बोलिए कैसे-कैसे होगा कैसे-कैसे नहीं होगा वो तो मैं
01:13:00:00 जान गया समझ गया ठीक है आप इसपे बताइए तो मैं उसी उसी चीज को आपको आपको बता रहा हूं एक एक सिंपल बेस है अगर आप आप समझदार होंगे आप समझ जाएंगे और अगर आपने करनी है केवल बहस बताइए भाई साहब बताइए बताइए हां बताइए हां तो सुन जो टीवी पर बहस होती है एक उस पार्टी का एक उस पार्टी का एक एक उधर से क्या-क्या कर रहा है एक उधर से क्या-क्या कर रहा है एक उधर से क्या कर रहा भाई साहब मैं समझ गया वो सही नहीं होती उससे निष्कर्ष नहीं निकलता है अब आप यह बता दीजिए होगी कैसे गए इस बात को आप सुन लो मेरी बात। हां अब कोर्ट में कैसे होती है? बताइए जो है अपना पक्ष रखता है। हां हां एक एक वकील जज के सामने अपना पक्ष रखता है। हां कि मेरे क्लाइंट का ये ये है इसने ये किया है। इसके ये बेवखूबी है। इसने ये है ये एक वकील अपने पक्ष रखता है। दूसरा वकील अपना पक्ष रखता है। हम फैसला दर्ज करता है। हम समझ रहे हैं ना आप? ठीक है। तो संत रामपाल जी महाराज ने यही बोला है कि मैं अपनी बात रखूंगा। दूसरा अपनी बात रखे फैसला जनता
01:14:15:10 करेगी बस। तो यानी कि यानी कि ये जो शास्त्रार्थ है आमने सामने का नहीं है। आमने सामने का नहीं है ये। हां। अगर अगर संत रामपाल जी महाराज जी की बात को जो उन्होंने बात कही है मतलब जो चैलेंज दिया है कि मैंने मैं जो बात करूंगा आपने छ चार वेद छ शास्त्र 18 पुराण श्रीमद् भगवत भगवत गीता रामायण महाभारत इसके अलावा मैं कोई बात नहीं करूंगा और सूक्ष्म वेद तो इसके अलावा मैं कोई बात नहीं करूंगा इन चीजों से अलग अगर मुझे कोई हरा देगा यह बोलेगा कि इस जगह इस पॉइंट पर इन्होंने गलत बोला तो मैं अपनी हार स्वीकार करूंगा। उनसे हाथ जोड़कर माफ़ी मांगूंगा और उनको ₹50 लाख इनाम भी दूंगा। समझ गया? अगर सिद्ध नहीं कर पाए, सिद्ध नहीं कर पाए तो उनकी हार मानी जाएगी। निर्णय करेगी। अब समझ गया। इसका मतलब आमने सामने से नहीं होगी ये डिबेट। अरे अरे आमने सामने तक आज तक निकला ना रिजल्ट भाई। नहीं मतलब आमने सामने का मतलब जैसे रामपाल बोल रहे तो रामपाल से डायरेक्ट बात नहीं होगी ना हमारी। डायरेक्ट बात करनी है तो आप आश्रम आ जाओ। फिर मैं यह पूछ रहा हूं। यह जो डिबेट जो शास्त्रार्थ की घोषणा की गई है
01:15:30:16 इसमें आमने सामने डायरेक्ट एक दूसरे से बात नहीं होगी दोनों में। एक दूसरे से क्यों करनी है बात? बस मैं मैं वही अब आपने जो चीजें बोली है वो उन सबका मैं कुछ उत्तर देना चाहता हूं। मेरी जिज्ञासा है आप शांत कर दीजिए। मैं भाई साहब मैं समझ गया। आपने जितनी बातें बोली है आपने जितनी बातें बोली है मैंने सुनी है। मैंने आपने जितनी आपने जितनी आपने जितनी बातें बोली है मैंने सुनी है। मैं उस संबंध में अपनी कुछ जिज्ञासाएं रखना चाहता हूं। ठीक है? तो पहली बात यह है जैसे आपने ये बोला है कि भाई टीवी पर जो आमने सामने बैठकर के जो डिबेट होती रहती है उसमें कुछ निष्कर्ष नहीं निकलता है। तो डिबेट हां अरे भाई साहब अब मैं मैं बोल रहा हूं जैसे मैंने आपको टोका नहीं। नहीं जब आपने चार पांच पॉइंट बोले मैंने बीच-बीच में टोका नहीं थोड़ा मुझे मेरी जिज्ञासाएं सुन लीजिए सारी तो पहली बात तो यह है कि जो कोर्ट में आपने फिर उदाहरण दिया कि कोर्ट में कैसे होती है कि दोनों वकील अपना-अपना पक्ष रखते हैं तो कोर्ट की बात मैं आपको बता दूं कोर्ट में पहली बात यह नहीं होता कि दोनों वकील उस समय कहीं दूर बैठे होते हैं वो वहीं पर उपलब्ध होते हैं ऑन द स्पॉट उपलब्ध एक भाई साहब मैं पूरा पूरा कर लूं भाई साहब प्लीज पूरा कर लूं मैं ऑन द स्पॉट बैठे होते हैं जज वहीं पर बैठा होता
01:16:45:18 ऑन द स्पॉट और वहां पर वकील बैठे होते हैं दोनों ऑन द स्पॉट। ठीक है? दूसरी बात यह है जो जो आपका यह कहना है कि दोनों वकील अपना-अपना पक्ष रखते हैं। वो आपस में नहीं बात करते। यह बात गलत है। एक दिन आता है बहस का। अलग-अलग दिन होते हैं। जैसे साक्ष आज जो है साक्ष्य आएंगे। आज विपक्षी साक्ष्य आएंगे। आज पुलिस के साक्ष्य आएंगे। गवाही होती रहती है। एक दिन आता है गिरह का। एक दिन होता है गवाही। सुन लीजिए। सुन लीजिए। सुन लीजिए। सुन लीजिए। भाई साहब सुन लीजिए। अरे बात से सहमत बस मैं आपकी बात से सहमत हूं। ठीक है। नहीं मैं पूरी बात खोल दूं। मतलब की मैं पूरी बात बोल दूं। भाई साहब मैं भी आपकी बात से सहमत था। मगर आपने तब भी अपनी पूरी बात बोली थी ना। मैं आपकी बात से सहमत ही था। सुनिए सुनिए सुनिए सुन मैं पूरी बात मैं एक बार मेरा पूरा हो जाने दीजिए। फिर आप मुझे समाधान दीजिएगा। पूरा हो जाने दीजिए। तो जो वकील है वो आपस में भी कभी ना कभी एक दिन आता है। बहस होती है उस दिन उनमें आपस में वकीलों में। पहली बात। अच्छा दूसरी बात यह है कि दूसरी बात यह है कि जब हमें अपने अपने चैनलों पर बैठ करके ही रामपाल की बातों का जवाब देना है तो वह तो सब लोग कर ही रहे हैं। अपना अपना पक्ष रख रहे हैं। जितने भी लोग आज के टाइम में धर्माचार्य ऑनलाइन
01:18:00:19 से जुड़े हुए हैं वो ऑलरेडी अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं। तो इसमें नई बात क्या फिर इसमें एक एक भाई साहब पूरी हो जाने दीजिए पूरी। तो इसमें नई बात इसमें इसमें अरे भैया मैंने आपको जब आप चार पांच पॉइंट एक साथ बोल रहे थे तो मैंने आपको कहा था क्या आप मेरी बात सुन लो आपने पूरे चार पांच पॉइंट बोले थे अब मुझे चार पांच पॉइंट बोल लेने दो तो हां हां हां तो उसमें क्या है कि जो अपना पक्ष जो दूर रह के अपने चैनल पे अपना पक्ष रखने की बात है वो तो पहले से ही हो रहा है तो उसमें नई बात क्या हो गई तीसरी बात यह है कि भैया वकीलों की जब बात होती है तो उसमें एक व्यक्ति होता है जज और जज ने क्या माना, क्या तय किया, क्या निर्णय किया, यह हमें पता चलता है। वह साइन करके कागज देता है। अब यह जनता ने क्या निर्णय लिया, क्या किया? इसका हमें पता कैसे चलेगा? हां, आप सुन लो। आप सारी बातें बताइए। जी आपने आपने बोला कि हम देखो एक बीच में मैं आपको टोक रहा था कि जैसे आमने सामने की बात है हम और आपने बोला कि हर जो है धर्म गुरु जो अपनीप बात रख रहे हैं हम ठीक है हम आपने
01:19:15:22 बोलना चाहिए हम तो इसमें मैंने इसमें जो हमारे संत रामपाल जी महाराज जी के विचार है कि वो बात रख रहे हैं अपनी अपनीप बात सब रख रहे लेकिन क्या वो वेदों के अनुसार गीता के अनुसार पुराणों के अनुसार बात कर रहे हैं? तो भाई साहब ये बात तो तब निकलेगी ना जब आमने सामने और कोई तीसरा निर्णायक जज वहां बैठा हो। मैं वही तो कह रहा हूं कि उनकी मैं कह रहा हूं कि दोनों पक्षों में से किसकी दोनों पक्षों में से किसकी बात वेद शास्त्रों के अनुसार नहीं है? इस बात का निर्णय कैसे होगा? आपने कहा जनता करेगी। जनता का जनता का निर्णय क्या है? वो कैसे पता चलेगा? हां। हां सुन लो तीन और डिबेट है अरे भाई साहब भाई साहब ये डिबेट कैसे है जो चीज जो चीज आप कह रहे हो वो तो अभी भी हो रही है सुनो जो चीज आप कह रहे हो वो तो अभी भी हो रही है जैसे मैं आपसे कह रहा हूं जो रामपाल जी हैं वो ये कहते हैं कि जो गीता वक्ता है गीता कहने वाला वो जो है वो परमेश्वर नहीं है। वो सच्चिदानंद स्वरूप नहीं है बल्कि उससे कोई और है। ठीक है? वो ये कहते हैं अब गीता में सातव अध्याय में गीता बोलने वाला स्वयं को कह रहा है कि मैं ही इस सृष्टि का सनातन बीज हूं। सनातन मतलब जिसका ना कभी
01:20:30:24 जन्म होता है ना कभी वो मरता है। सनातन नित्य तो ये क्यों बोला सुनो मेरी बात मैं बताता हूं आपको तेरे और मेरे बहुत सारे जन्म हो चुके हैं। तू नहीं जानता मैं जानता हूं। क्यों बोला उसने? तो इसका मतलब इसका मतलब यहां पर वो गलत बोल रहा है ना अपने आप को सनातन जो बोल रहा है। क्या अपने आप को वो सनातन बोल रहा है तो गलत बोल रहा है ना नहीं आपने पढ़ी है भाई अरे गीता पढ़ी तभी तो पूछ रहा हूं आपसे सातव अध्याय में जो गीता बोलने वाला है वो खुद को सनातन कह रहा है मैं सनातन हूं मैं सनातन बीज हूं इस सृष्टि का सनातन वो होता है जो कभी ना पैदा होता है ना कभी मरता है तो आपने जो जन्म मरण की बात कही है ना वो वो लीला में आने जाने की बात है मगर अभी मान लेते है कि जन्म मरण ही है वो मरण मान लेते हैं तो इसका मतलब सातव अध्याय में उसने गलत कहा है ना कि मैं सनातन बीज हूं इस दुनिया का। नहीं कितना श्लोक बताया आपने? बता रहा हूं। एक मिनट रुकिए बता रहा हूं। एक एक मिनट रुकिए। गीता कहां है भाई? सातवें अध्याय का सनातन बीज वाला बहुत बढ़िया श्लोक है वो। करके याद रहनी चाहिए बातें। आपको याद है भाई साहब? आपको याद है? आपको याद है? पहला पहला
01:21:45:25 श्लोक बोलो। गीता का क्या है? बोलो। बता रहे हो। [हंसी] अरे नहीं नहीं बोल दो आपको याद रहनी चाहिए ना बोल दो बोल दो बोल दो पहला श्लोक क्या है? पहला पहला श्लोक क्या है? चलो एक एक श्लोक बोलो पूरा गीता का कोई भी बता दो अरे भैया याद रहनी चाहिए एक श्लोक तो बोल दो गीता का पूरा कौन से अध्याय का कौन श्लोक मैं कह रहा हूं आप आपने एक टिप्पणी की है मुझ पर याद रहनी चाहिए आप एक श्लोक बोलो गीता का नहीं आपने गीता सात बोला और श्लोक अरे भैया तो आपको तो याद होती है ना याद होगी ना गीता बिल्कुल बरबली एक श्लोक बोल दो चलो ठीक है सातवे अध्याय का दसवा श्लोक है वो सनातन बीज बोलो सात दवा श्लोक है ना हां क्या करना उसका उसमें वो कह रहा है गीता बोलने वाला कि मैं इस संपूर्ण सृष्टि का संपूर्ण भूतों का सनातन बीज हूं सनातन जो ना कभी जन्म लेता है ना कभी मरण होता है पूरा श्लोक बताओ ना पूरा श्लोक बता दिया हे अर्जुन तू संपूर्ण भूतों का सनातन बीज मुझको ही जान मैं ही बुद्धिमानों की बुद्धि और तेजस्वियों का तेज हूं अच्छा हम
01:23:02:02 नहीं हां इसमें इसने बताया है मैं ही बुद्धिमान तेजस्वी भाई साहब सनातन सनातन जो कभी जन्म मरण नहीं होता वो सनातन कह रहा है खुद को सनातन शाश्वत एटरनल हम और बताओ और क्या बताऊं एक बात गलत हो गई अगर वो ये कह रहे हैं कि भैया वो जो है परमेश्वर नहीं है गीता बोलने वाला तो यहां पर वो स्वयं को सनातन बोल रहा है अब या तो ये कह दो कि यहां उसने गलत बोला है ये कह दो कहो अच्छा अरे कहो ना ये गलत बोल रहा है वो
01:23:50:07 बताइए बताइए आइए। अरे अरे लाइन पे है कि नहीं आप? हेलो लाइन पर है। हां हां बताइए बताइए बताइए। अच्छा मैं आपको बता दूं। ये आपकी और मेरी जो बातचीत हो रही है ना रिकॉर्ड हो रही है। मैं पब्लिक को बताऊंगा ये इसमें। ठीक है। हेलो यह जो आपकी और मेरी चर्चा हो रही है, यह पब्लिक में जाएगी ये मतलब रिकॉर्ड हो रही है तो वो पब्लिक देखेगी भी आपको बता दूं। ठीक है जी। देखिए इसमें गीता ज्ञान दाता ने ये बोला है हम बोलने वाला भगवान खुद को सनातन बीज नहीं बल्कि 21 ब्रह्मांडों का बीज बता रहा है। यहां भाई साहब यहां भाई साहब 21 नहीं आया है। 21 ब्रह्मांड का प्रमाण बताइए।
01:24:49:10 आप बोल कहां से रहे हो? अरे भाई साहब इससे क्या मतलब है? रामपाल जी का ज्ञान मैं गलत सिद्ध कर रहा हूं ना अभी ऑनलाइन से बोल रहे हैं। आप कहां से बोल रहे हो? बताओ तो अच्छा अगर मैं मैं अगर ऐसी किसी जगह से बोल रहा होगा तो उससे आपकी आपत्ति तो ये बात गलत ये सब बातें चर्चा जो है सब डिस्ट्रॉय हो जाएगी। आपस को नहीं बोल रहे हो। मैं शिवश नारायण द्विवेदी बोल रहा हूं। शंकराचार्य जी का अल्पज्ञ शिष्य श्री राम का साधारण भक्त बस तो बकवास ही है ना दो बकवास हो गया [हंसी] इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में कौन रख
01:25:26:09 हो गया इसको कहते हैं लाइव धुलाई सीधा प्रसारण और अब ये लाइव धुलाई आए दिन होगी आए दिन भाई
⬜ Not used yet · 01:25:34:26 – 01:41:19:00 (15:44)
01:25:34:26 मेरे पास जब भी टाइम मिलेगा मैं तो लाइव ऑन करके और जो है इनके सेंटर में फोन लगा क्योंकि इनके सेंटर में एक बात अच्छी हमेशा फोन एक ही व्यक्ति नहीं उठाता है। हर बार अलग-अलग व्यक्ति के पास जाएगा। हर व्यक्ति तैयार तो रहेगा नहीं कि इस समय शिवश नारायण द्विवेदी लाइव है। या फिर ऐसा होने लगेगा कि ये लोग जैसे ही मैं लाइव हुआ करूंगा तो अपने सेंटरों पे फोन किया करेंगे। शिवश नारायण द्विवेदी इस समय लाइव है तो उसका फोन मत उठाना। ये देखो सीधा शास्त्रार्थ सतलोक आश्रम से सिद्ध हो गया। जवाब नहीं है। और अगर वह कहता यह श्लोक गलत है। अगर वह कहता यह श्लोक गलत है तो फिर मैं पूछता कि भैया चार सात के आधार पे 7 10 कैसे कटेगा? 7 10 के आधार पर चार सात काट दो। जो जो इसके विरोध में आ रहा है सब काट दो। तो मुझे लगता है आज के लिए बहुत सारी बातें हो चुकी हैं। अच्छी आपको देखने को मिला होगा। और अब यह जो लाइव चर्चा का सिलसिला है चलता रहेगा। अलग-अलग प्रसंगों में हम घेरते रहेंगे क्योंकि इन्होंने कस्टमर केयर खोल रखा है तो उस कस्टमर केयर का फायदा उठाएंगे और मैं कह रहा हूं आप लोग भी उठाएं इनको वैचारिक रूप से ज्ञान से हर जगह पर इनको चुनौती दीजिए इनके कस्टमर केयर में फोन लगाइएगा ना और वीडियोस बनाइए बच्चा बच्चा कर सकता है इसी को पकड़ लो बस 7 10
01:26:50:00 चार सात चार 7 10 के जवाब में चार सात लाएंगे तो सवाल क्या पूछना है कि चार सात से 710 क्यों कटेगा 7 10 से चार सात काट दो सीधी बात है ना तो अच्छी धुलाई हुई है आज रामपालियों की नंबर इनके नंबर रामपाल डाल लो गूगल पर मिल जाएंगे और इनकी किताबें अगर किताबों बस गूगल पर डाल लो वेबसाइट के अंत में संपर्क करने का नंबर मिल जाएगा अब तो चैट जीपीटी आ गया सीधे उस पूछो भैया रामपाल का संपर्क सूत्र दे सतलोक आश्रम का दे देंगे ठीक है तो आप लोग कर सकते हो और अगर मैं यहां पर लिंक दे दीजिए ऑपरेटर जी एक दो लोगों को थोड़ा सा अगर आकर के कुछ विचार प्रकट करने हो वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी है तो वीडियो के अंत में दिए गए नंबर पर संपर्क करें मैं बोल देता हूं 7408301869
01:27:48:16 ठीक है मुझे लग रहा है कि ऑपरेटर महोदय उपलब्ध नहीं है। मैं दिख रहा हूं ना सबको। कुछ लोग कह रहे हैं कि कहां गायब हो गए? हां। आनंद तो आ रहा होगा इनकी धुलाई देखने में। लाइव भाग गए। अच्छा एक बात और है यह समझिए कि बात करते जब कठिनाई का स्तर आ गया उसका ऐसा जहां वो फंस रहा है तो उसको कौन सा नाम याद आया शेर का बच्चा एक ही अच्छा कौन सा नाम याद आया सीधे शिवश और कोई नाम याद नहीं आया बहुत सारे नाम है जो विरोध कर रहे हैं एक ही नाम याद आया कि अगर कोई बिल्कुल पिन पॉइंट फसा देता है बिल्कुल तुम्हें तुम्हारा स्तर बता देता है वो नाम है शंकराचार्य का शिष्य अल्पज्ञ शिष्य अल्पज्ञ शिष्य वो है शंकराचार्य उसे शास्त्रार्थ करेंगे अनपढ़ गवार
01:29:03:08 बोल रहे हो सीधे सीधे एक ही नाम याद आया इनको कि अगर इस हद तक कोई हमें बैंड हमारी बजा सकता है तो वो केवल एक ही व्यक्ति है शिवश नारायण द्विवेदी और मैं मेरा मेरा उद्देश्य है घर घरघर शिवश जैसे मनुवादी होंगे आने वाले समय में घरघर में गांवगांव में ऐसा शहर होगा ऐसा नगर होगा जहां व्यक्ति आएगा ना तो चलते फिरते खेल वाले परचून वाले कहेंगे क्या तुम्हारा ईश्वर सर्व शक्तिमान है बच्चे कहेंगे क्या तुम्हारे यहां पर परम स्वतंत्र मोक्ष है शाश्वत धर्म है बच्चे बच्चे कहेंगे
01:29:46:24 आया ना मजा यह है डिबेट सीधी डिबेट चवा बना रखा है कि हम हम वीडियो बनाएंगे तुम भी वीडियो बनाना और जो जीतेगा जनता फैसला करेगी जनता फैसला कैसे करेगी ये कैसे पता चलेगा वहां तो जज होता है और इनकी यह बात भी गलत है दोनों दोनों जो अधिवक्ता होते हैं एडवोकेट होते हैं आपस में बात नहीं करते हैं ना बात होती है उनमें एक दिन बहस भी होती है जह बहस यह सब स्टेजेस हैं होती है तकरार और जनता ने फैसला क्या किया कैसे पता चलेगा कुछ नहीं सामने तो बात करने आना ही नहीं है फिर शंकराचार्य को क्यों बुला रहे हो भाई शंकराचार्यों ने अपनी किताबें लिख रखी है जनता फैसला कर रही है फिर क्यों बुला रहे थे कि आप आ जाओ चर्चा करने शंकराचार्य नहीं आए अच्छा बुलाने पर ना आने पर दोष है तो मैं भी तो बुला रहा हूं फिर क्यों नहीं आ रहा इसका मतलब व्यक्ति की जो व्यक्ति का स्तर होता है ना जिसको जो औकात शब्द बोला जाता है। इनके लिए इसी प्रकार की शब्दावली ठीक रहती है। औकात के अनुसार जाया जाता है किसी के यहां तो फिर तेरे यहां शंकराचार्य आएंगे।
01:31:00:09 उनके तो पंडाल जगह जगह रखे रहते हैं। चला जा। धो के रख देंगे रामानुजाचार्य परंपरा के लोग। धो के रख देंगे मधवाचार्य परंपरा के लोग। रामपाल जैसों को तो आर्य समाज इस धो देंगे। [हंसी] मैंने क्या कहा कि रामपाल और रामपाली और हम जैसों के लिए रामपाल और रामपाली ये जो है ना ये सांभर डियर के जैसे सांभर डियर सबसे सरल टारगेट वैचारिक क्रांति में सबसे सरल टारगेट जो है सबसे सरल तरीके से जिसका खंडन जिसका वैचारिक हो सकता है धज्जियां उड़ाई जा सकती है मिनट से पहले सबसे सरल टारगेट अभी तक हमने जितनों से बात की है ना वो रामपाल ही है सांभर डियर कौन है जो टाइगर है उसका जब शिकार करता है सांभर डियर वो कौन सा था पाकिस्तानी क्रिकेटर जिसका उसमें नाम है वर्ल्ड रिकॉर्ड में सब वो सबसे ज्यादा बार रन आउट होता है तो सांभर डियर जो था ऑपरेटर जी आ गए ऑपरेटर जी यहां लिंक दे दीजिए तो सांभर डियर जो था वो
01:32:17:01 अ पीछे भागता पीछे देखतेदेखते भागता है जब पीछा करते हैं ना भाई लिंक दे दिया गया है 510 मिनट और चर्चा करेंगे फिर इसको करेंगे आज एक चर्चा और भी है 9:00 बजे हमारी वो जो नीलमा जी है उनके साथ जो कोर्स चल रहा है उसको लेकर के जो लोगों ने आपत्तियां जताई है तो आज आपत्ति के बारे में बात करेंगे फिर उसके बाद हम एक चौथा एपिसोड करेंगे तो [गला साफ़ करने की आवाज़] ये फोन नंबर ये फोन नंबर आप मांगिए मत ये फोन नंबर सब इनके ऑनलाइन सब है अवेलेबल आप सर्च करिए है ना तो सांभर डियर जो है टाइगर का सबसे आसान शिकार क्यों होता है क्योंकि सांभर डियर भागते भागते पीछे देखता है शिकार हो जाता है तो ऐसा ही कुछ हाल इनका है रामपालियों का ये सबसे सरल है चलते फिरते इनकी बैंड बजा दीजिए आप हालांकि हम लोग तो वो है जो कोई विरोधी मिल जाएगा कोई भी विरोधी चलते फिरते कई ऐसे आपको मैं वीडियोस अपने दिखा दूंगा हम लोग किसी और काम से निकले रास्ते में कोई और मिल गया हमने उसकी बैंड बजा दी वही तो हम लोगों की तो बात ऐसी है मगर फिर भी सबसे सरल शिकारी सामर डियर वाली वाला हाल
01:33:37:01 भाटी जी आ गए हैं हां हां जी भाटी जी कैसा है? कैसा लगा आपको आज का ये कार्यक्रम? इसको कहते हैं लाइव डिबेट। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री जी जी जोरदार जोरदार ये तो ये लाइव डिबेट वाला बहुत बढ़िया किया कॉल वाला। धज्जियां उड़ा दी। जी अब तो ये भी नहीं कह सकते कि इनके यहां का अब ये ये भी नहीं कह सकते कि इनके यहां का प्रमाणिक व्यक्ति नहीं था। हां बिल्कुल। एक चीज और एक कमेंट में भी किसी भाई ने किया था वो चीज गौर करने वाली है कि यह नाटक करेंगे डिबेट का ठीक है ना मतलब बूपिया टाइप एक दो पंडित भी बिठा देंगे अलग-अलग बता देंगे फिर वो डिबेट करेंगे फिर इसमें अंत में निर्णय भी दे देंगे भाई ये मान गए हमारी बात ऐसे बूपिया बना के और कई कई बार करते रहते हैं तो ये चीज भी होगी ये पूरा क्रिमिनल वाला मामला है ना क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन है क्रिमिनल आप अपराध इतना तू अगर चैलेंज कर रहा है तो सामने आना सतलोक से बाहर निकल आजा खुले यहां स्थान कर यहां आ जाओ हां और क्या अपना नंबर आप सब अपना नंबर सार्वजनिक करो इस नंबर पे आप WhatsApp करिए
01:34:52:04 कुछ करिए तो आपको लिंक दिया जाएगा उस उस लिंक पे आ जाए हमने तो यह भी मान लिया अगर रामपाल सामने बैठा है तो हम उसके चैनल पे चले जाएंगे लाइव और बोलो क्या क्या करेगा भाई हम हम उसको जो है रामपाल यदि स्वयं बैठा होगा तो हम उसके चैनल पर चले जाएंगे। हालांकि अपराधिक किस्म के लोग हैं। वहां से न्याय की उम्मीद नहीं फिर भी जितनी देर का टाइम मिल जाएगा रामपाल के समक्ष उसका फूथली बंद करने का उसमें ही बैंड बजा देंगे उसका और देखिए हम इनके दासों से बहस करते हैं। वो हूबहू वो भी रटंत विद्या कोई आत्मज्ञान नहीं शून्य सिर्फ रटा हुआ वो इसमें एसआर इसमें ऐसा वो जो उसका चैलेंज वाला वीडियो आपने हालांकि अच्छा एक्सपोज किया था। भले प्रकार से वो घटियागरी वाला लेकिन कोई मतलब ज्ञान शून्य ज्ञान शून्य कोई व्यक्ति होगा ना वो यह है सिर्फ रटंत विद्या बस यहां ये यहां ये अरे पूरा देख ले किसी एक में एक पे अटक जा किसी एक ग्रंथ को पूरा उठा के पढ़ ले वही तू फेल हो जाएगा हम
01:36:02:22 [नाक से की जाने वाली आवाज़] अच्छा और कोई नहीं आना चाह रहा है। ठीक है तो आज के लिए इतना काफी है। मुझे लगता है बात हो गई है पर्याप्त भाटी जी है ना। ठीक है। हो गई बात। ये ये हां ये एक व्यक्ति कह रहा है आप सरप्राइज करके चैनल पर चले जाए। अरे भाई चैनल पर कैसे चले जाए? चैनल पर जाने की कोई व्यवस्था दी कहां है? आप लोग कुछ समझते ही नहीं है उनकी बात। तो ये कह रहे हैं आप लोग वीडियो बनाओ। अरे भैया वीडियो पहले से ही बने हुए हैं। और जब वीडियो नहीं बनते थे तो ग्रंथ लिखते थे। आचार्यों ने अपने ग्रंथ लिखे हुए हैं। जनता फैसला कर लेगी। कर लिया होगा। जनता ने फैसला किया है कि रामपाल एक नंबर का फड़ गवार अनपढ़ है और उसके चंगुल में फंसने वाले वो लोग हैं जो अपने घर की ये जो कमियां होती है ना अभाव अपने जीवन का उसके लिए रामपाल के चंगुल में फंसते हैं। गेहूं शक्कर तेल इत्यादि के लिए कोई आध्यात्म ज्ञान के लिए नहीं जुड़ते हैं। वो भी फरमा
01:37:18:00 लेवल के ही होते हैं जो उससे जुड़ते हैं। यह बात भी रामपाल फवार ने अपनी गीता में लिखी हुई है। यह मैं नहीं कह रहा हूं। ठीक है। अंशुमन पंडित जी अपना कैमरा ऑन करें। यह आ गया। जनता का मत आ गया। देखिए जनता ने निर्णय दे दिया। यह देखिए ए यह है जनता का निर्णय। हो गया जनता का निर्णय भाई और मुझे नहीं मुझे नहीं अपने लोगों को बिना मतलब साफ सुथरी खीर खिलाओ वो जो लाख हैं उससे जिससे उनकी बुद्धि थोड़ी ठिकाने पर रहे है ना मुझे नहीं चाहिए जनता ने अपना फैसला दे दिया रामपाल कचरा है यह है जनता का फैसला हो गया जनता का निर्णय क्योंकि भैया जनता के निर्णय की तुमने तो कोई बात बताई नहीं है कैसे होगा कैसे नहीं होगा अंशुमान पंडित जी करके कोई आप कैमरा ऑन करें आपको लिया जाए।
01:38:30:21 कोई दास करके भी है कैमरा ऑन करें। ठीक है। तो आज बढ़ाते हैं क्योंकि 9:00 बजे फिर से आना है। ठीक है? जय श्री राम सभी को। हां जी। ये देख लीजिए। ये ये हमारा वीडियो है। ये होने जा रही है। इसमें जो मेरे ज्ञान को शास्त्रों के आधार से कोई गलत साबित कर दो। 50 लाख का इनाम। मैं हूं सनातन धर्म का एडवोकेट और मैं घोषणा करता हूं रामपाल और इसके विश्व भर में फैले हुए समस्त चूहे भगत को कि रामपाल ने जो परंपरा प्राप्त सनातन सिद्धांतों के विषय में जिन विषय को लेकर मैंने आपत्ति प्रकट की है उन विषयों में मेरी एक ही बात को गलत साबित कर दे मैं उसे एक करोड़ दूंगा 50 लाख नहीं एक करोड़ दूंगा
01:39:29:20 ये वीडियो है सर्वशक्तिमान चैनल पर पड़ा पड़ा हुआ है। उसमें रामपाल ने जो सर्कस गिरी की है उल्टी सीधी बातें करते हुए जो ओपन डिबेट की बात केवल फोकस बाजी कुछ ओपन डिबेट नहीं है। वो प्रवचन करेगा आकर के अपने चैनल पर चैनल बुक करके उस फोकस बाजी को वो डिबेट नाम दे रहा है प्रचार करने के लिए अपना केवल प्रचार और कुछ नहीं है उसमें। ठीक है? तो ये सब बातें स्पष्ट उसमें हो जाएंगी आपको और आज आपने इस लाइव में भी देख लिया होगा। मृत्युंजय योगी जी की बात सुन ले आप बैठेंगे बैठ के बात करेंगे योगी जी
01:40:10:02 जी बताएं जय श्री राम हम आपको बहुत दिनों से और को भी पूरा सुनते रहे आवाज साफ नहीं आ रही आपकी हम लाइव जुड़ के सुनते रहे आपको भी और आश्रम वालों को भी जी [घंटी की आवाज़]
01:40:45:25 आवाज नहीं आ रही मुझे लगता है कोई तकनीकी खराबी है ऐसा करते हैं कि योगी हम शाम को 9:00 बजे फिर से लाइव होंगे अभी रात्रि में और आप तब जुड़िएगा। अभी हम लोग इसको पूरा कर रहे हैं क्योंकि दोबारा से लाइव होना है 9:00 बजे। ठीक है? तो सभी को समय देने के लिए आभार। आभार आपका भाटी जी और शास्त्रवाद जी आपका भी आभार। जय श्री राम। सर्व
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₹10000000 के ओपन चैलेंज पर रामपाल का कट्टर शिष्य आया सामने अब होगी सबसे बड़ी ज्ञान चर्चा
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