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00:01:09:15 अच्छा एक मिनट ठीक है इसको हटा दे तो अभी आवाज आ रही है मेरी आवाज आ रही है मेरी अब? जी जी चलिए ठीक है। तो सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और जैसा कि प्रकरण चल रहा है आप लोग परिचित होंगे उस प्रकरण से। तो जो अलंकारी बच्चा है जिसका आपने वीडियो देखा है उसमें उसने बहुत से ऐसी गलतियां कर बैठा है। वह जो कि अभी उन पर प्रकाश डाला जाएगा। अपने ही लिए उसने जो है गड्ढा खोद लिया है। और उसने बहुत सारे भ्रामक तथ्य बोले हैं। तो उन सब विषयों पर अभी हम लोग बहुत ही विस्तृत और टू द पॉइंट और बहुत ही ठोस सामग्री के साथ बात करने वाले हैं। इस लाइव में आपको बहुत सारे ऐसे दृश्य भी देखने को मिलेंगे जो अभी से पहले देखने को नहीं मिले थे। इसमें एक वो वाली बात भी है कि जो मातृशक्ति उसके साथ आई थी वह मुझे मुझे वैसे ही संदिग्ध दिख रही थी क्योंकि मैंने उनसे पूछा था कि आप इसकी कौन है तो मैं उन्होंने वो
00:02:24:16 वहां मौन हो गई बता नहीं पाई दो तीन बार पूछा तो फिर भी हमने यह देखते हुए कि भाई आ गई हैं ठीक है एक प्रिविलेज दिया था और उनको इस सब से दूर रखा था परंतु अभी जब यह जो उसका वीडियो जो आया तो उसमें उनकी एक बहुत प्रमुख भूमिका दिख रही है कि वह किस तरीके से नैरेटिव सेट करने में मदद कर रही हैं। उनसे बोला कुछ जा रहा है और वह कह रही हैं कि अरे वह बहुत देर से माइक नहीं दिया जा रहा था इत्यादि इत्यादि ऐसी आवाजें बोल मतलब बोल रही हैं जिससे वो रिकॉर्ड होता रहे। मौके पर ऐसी बातें बोल रही हैं जिससे वो रिकॉर्ड हो और फिर जो है क्या कहते हैं? एक नैरेटिव्स तैयार हो। सो कॉल्ड वाले। ठीक है? तो अभी बहुत बड़े-बड़े धमाके होने वाले हैं। आप सब लोग तैयार रह और हम लोग शास्त्रवाद जी को ले लेते हैं। वो हमारे साथ में है। अभी जय श्री राम शास्त्रवाद जी।
00:03:20:02 जी जय श्री राम शास्त्रवाद जी। जय श्री राम भैया। जय श्री राम। जी तो अभी हम स्टार्ट करने वाले हैं। कैमरा एंगल ठीक नहीं भाई जैसा भी है। आप लोग उसी को स्वीकार करें जिस रूप में भी है। ठीक है? कुछ असुविधाएं हैं यहां पर। ठीक है? तो इसको चर्चा को हमने दो सेक्शंस में लिया है। एक उसने जो भ्रामक तथ्य दिए हैं अपनी लाइव में वो वीडियो में वो छोटे-छोटे से कुछ पॉइंट्स उन पर हम लोग बात करेंगे। और फिर उसके बाद एक विस्तृत विश्लेषण है। उसमें भी बहुत सारे तथ्य प्रमाण और कुछ ऐसे वीडियोस जो आपको आज एक्सक्लूसिवली मिलने वाले हैं वो सब भी आप आपको जो है प्राप्त होने वाले हैं। तो आप बने रहिएगा। तो उसने अपने वीडियो में सबसे पहले तो अभी उसके वीडियो की बात कर रहे हैं। उसने जो आरोप लगाए उसने अपने वीडियो में यह कहा है कि मानसिक शारीरिक दबाव बनाने के लिए उसको यह आभास हो गया था कि मानसिक और शारीरिक दबाव बनाने के लिए हम जो है उसे कमरे में ले जाना चाहते हैं। अब बात यहां हो रही है धर्म की है ना शास्त्रों की और यह आजकल आपको दिखाई देगा
00:04:35:13 लक्षण लक्षण ऐसे चिल्लाता हुआ मिल जाएगा जैसे आलू प्याज बेच रहा हो है ना वो आलू ले लो कांदा ले लो सुबह से ना ही आलू बिका है ना ही बिका है आंधा कांधा तो कुछ उस तरह से लक्षण चिल्लाता हुआ मिल जाएगा इनके जो बहुत ही परम मित्र हैं या जो भी हैं बंगाली बाबूजी जो उनका नाम है संदीपन उन्होंने अपनी वीडियो में खुद कहा है कि भाई तर्क भी होंगे तो वह शास्त्र से होंगे। तो अब मुझे यह बताएं कि एक व्यक्ति जो वास्तविकता में चर्चा करने के लिए जाना चाहता है कमरे में और जो षड्यंत्र पूर्वक जाना चाहता है इसमें लक्षण क्या होगा? न्याय शास्त्र एक व्यक्ति जो कमरे में जाना चाहता है वाकई में व्यवस्थित चर्चा करने के लिए और एक व्यक्ति जो षड्यंत्र पूर्वक जाना चाहता है तो उसमें लक्षण क्या होगा? क्या लक्षण दिया है इसने अपनी वीडियो में? अगर मेरे अंदर वाकई में भावना है कि अब यह मेरे सामने आ गया है और इससे बैठकर के मैं कॉलर माइक लगा करके आप देख रहे हैं ना वहां पर कैसे कितनी साफ आवाजें आ रही है। तो मैं इससे कह रहा हूं भाई अब तुम आ गए हो। हमारी बहुत सारी जो प्रतीक्षित है हमारी चर्चा कई कारणों से नहीं हो पाई। जिस दिन हमारी हो रही थी उस दिन एक
00:05:50:16 दूसरे को समझ ना पाने की वजह से तुम्हारा मुझको ना समझ पाने की वजह से तुम्हारे पूर्वाग्रहों की वजह से वो चर्चा पूरी नहीं हो पाई। यह भी मैं सिद्ध करूंगा कि तुम पूर्वाग्रह लेकर जाते हो कि नहीं जाते हो यह भी सिद्ध करूंगा। और काफी ज्यादा सामग्री तो तुम्हारी ही है। तुम्हारे ही वचनों से सिद्ध करूंगा। ठीक है? तो तुम्हारा जो यह पूर्वाग्रह है कि कमरे में ले जाने का मतलब है कि षड्यंत्र। तो इसके लक्षण क्या है षड्यंत्र के? क्या लक्षण है? पहली बात। दूसरी बात यह है कि अगर अगर तुम्हें संभावना है ही तो तुम वहां पर पहुंचे क्यों? षड्यंत्र तो वहीं पर शुरू हो सकता है। बहुत सी तरीके हैं। तुम्हारी जो अविवाहित संगनी है यह संज्ञा क्यों है उनकी? इस पर हम बाद में बात करेंगे। तुम्हारी जो अविवाहित संगनी थी तुम्हारे साथ में उनका भी यह कहना था कि हम बार-बार माइक मांग रहे थे पर जो है माइक हमें दिया नहीं गया। बहुत से लोग हाथ उठाते हैं हर प्रश्न पर तो वो बहुत से लोग ये आरोप लगाएंगे कि भाई हमको माइक नहीं दिया गया। हमने बार-बार माइक मांगा ऐसा नहीं है। अरे भैया हमको माइक नहीं मिल पाता है और तुम चले आए भैया कि हमको माइक नहीं मिला। आपने आरोप लगा दिया। तो अगर बात षड्यंत्र की ही है यहां पर भी वही बात आती है कि माइक उद्देश्य पूर्वक नहीं दिया
00:07:05:20 गया या व्यवस्था कारणों के निमित्त या व्यवस्था के अभाव के निमित्त संख्या ज्यादा होने के निमित्त इसमें लक्षण क्या है शास्त्र से बात होगी ना क्या लक्षण है इसमें तो लक्षण यही है क्योंकि अलंकारी ने कहा है क्या क्या है आज की टैगलाइन क्योंकि अलंकारी ने कहा है हम तो अलंकारी बच्चे ने कहा है इसलिए एकांतिक एकांत की जगह पर भीड़भाड़ भी शोरशरावे से दूर होकर के एकांत में जाकर के बात करने का व्यवस्थित रूप से चर्चा करने का प्रस्ताव देना एक षड्यंत्र है। और इस षड्यंत्र को क्यों माना जाए? क्योंकि लक्षण तो है नहीं यहां पर कोई सिद्ध ऐसा। तो क्यों माना जाए? क्योंकि अलंकारी बच्चे ने कहा है। सनातन शंकर जी भी आ गए हैं। तो यहां पर लक्षण से दो चीजों की हमने काट की। इसके वीडियो में दो आरोप हमें दिख रहे हैं। माइक नहीं मिला और षड्यंत्र पूर्वक कमरे में ले जाने के लिए कहा। अच्छा मैं अपनी बात बता दूं कि हुआ क्या था वहां पर एग्जैक्टली। अभी थोड़ा सा हम लोग एक वीडियो देख लेते हैं चला करके। भाई मैंने आपको वीडियोस भेजे हैं ऑपरेटर जी। अ सबसे पहले आप यह वीडियो चला दीजिए। सबसे पहले तो आप वह वीडियो चलाइए। क्रमांक एक प्रश्न के पूर्व चर्चा का प्रस्ताव
00:08:21:06 वह वीडियो आप चला दीजिए। [गला साफ़ करने की आवाज़] हां जी बहुत सारे मित्र और बंधु बांधव आ चुके हैं। जी सनातन शंकर जी जी जी जी हमने इस विषय पर तो आज दिन में स्ट्रीम की है शास्त्रवाद जी के साथ और बाकी सनातनियों के साथ तो हमने भी अपनी तरफ से जो जी हां ये एक संक्षिप्त विवरण है और जिन लोगों को पता ना हो उनको मैं बता देता हूं उनके लिए ये वीडियो अपने आप में पूर्ण हो जाएगा। यह जो व्यक्ति है तथाकथित यह जो अपने आप को आर्य बना फिरता है यह व्यक्ति अपने पूर्वाग्रहों को लेकर के वहां पर आया था। द्वेष पूर्वक आया था। ये द्वेष पूर्वक जाता है चर्चाओं में। यह भी हम इसी के वचनों से सिद्ध करेंगे कि द्वेष ले जाता है। है ना? तो ये द्वेष पूर्वक वहां पर आया था। इसने पूरी शंकराचार्य जी से प्रश्न किया। प्रश्नोत्तरी में जहां तक एक व्यक्ति को सीमित सीमा में प्रश्नों का उत्तर दिया जा सकता है। एक से अधिक प्रश्नों का उत्तर इसके दिया गया। यह भी हम सिद्ध करेंगे। तो जहां तक दिया जा सकता था दिया गया सीमा से आगे जाकर के दिया गया और उसके बाद अन्यों को जिससे कि अवसर प्राप्त हो प्रश्नोत्तरी में अपनी जिज्ञासाओं के लिए शंका समाधान प्राप्त करने का तो अगले
00:09:36:12 से पूछा गया इनको बिठा दिया गया। इन्होंने दावा किया है कि ये वहां पर शास्त्रार्थ में हरा करके आए हैं। मुझे नहीं पता किसको हरा करके आए हैं। तो अभी देखेंगे इनकी ही बातों से इनका खंडन होगा। तो इसमें आपको एक समरी मिलेगी। यहां से ले और विवाद किसने शुरू किया पूरी समरी इसमें आपको दिख जाएगी और थोड़ा सा वह विवादित चेहरा भी आपको दिखेगा थोड़ा सा आप वीडियो को चला दें इसको जी हां
00:10:11:01 ये पॉज पॉज करिए ये जो वीडियो है इसको समझ लीजिए यह वीडियो तब का है जब इसने इस अलंकार ारी ने प्रश्न नहीं किया है। यह तब का वीडियो है और मैंने जब इसे देखा तो मैंने इसको प्रस्ताव दिया है कि आओ हम लोग चर्चा कर ले। तुम आ तो गए हो। सभी प्रश्नों पर बात करते हैं बैठ के। तो वहां पर ये कह रहा है कि नहीं पहले इनसे ले लूं मैं। उनके बाद फिर मैं आपसे लेता हूं। ठीक है। ये यहां पर बात संवाद चल रहा है। जी प्ले करिए।
00:10:53:18 इससे क्या पता चलता है कि जब इसने किया कि भाई इसको प्रश्न का उत्तर लेना है तो हमने उसमें विघ्न नहीं डाला है। हम वहां पर संतुष्टि पूर्वक पीछे आकर के खड़े हो गए। ठीक है? अब दूसरे क्रमांक का वीडियो चला दीजिए। [गला साफ़ करने की आवाज़] दूसरा है सामंजस्य पूर्ण संवाद से विवादी चेहरे तक वीडियो उसको आप चला दीजिए। जब इनकी बारी हो चुकी थी।
00:11:31:10 जब इनकी बारी हो चुकी थी तब जब यह निकल कर के जाने लगे तब हमने इनसे कहा अच्छा एक बात आ रही है यहां पर ये इसने लास्ट में अपनी वीडियो में ये वाली बात कही है कि अगर तुम्हारे गुरु ने उत्तर दे दिया था तो तुमको क्या आवश्यकता थी? मेरे भाई तुम पहली बात तो यह है कि वैसे [नाक से की जाने वाली आवाज़] इतनी बेसिक सी बात है कि मुझको क्या आवश्यकता थी यह भी मुझे बताना पड़ रहा है। तो ये बहुत ही हास्यप्रद बात है। तो चलो बताते हैं। तुमने जब प्रश्न किया अगर सबसे बिल्कुल निकटतम कारण अगर मैं बताना चाहूं तो तुमने जब प्रश्न किया था उसमें तुमने मेरा नाम लिया था ना कि शिवश नारायण द्विवेदी ऐसा ऐसा कहता है तो शिवश नारायण द्विवेदी अपना पक्ष प्रस्तुत करने क्यों ना आए इसके अलावा तुमने ओपन चैलेंज दिया था कि भैया आकर सिद्ध करो अवतारवाद को कोई भी पौराणिक है वो यह करे वो वो करें तो भाई जब तुम मेरे सामने हो तो मैं अपने पक्ष को सिद्ध करने के लिए तुमसे वार्ता क्यों ना करूं। दूसरी बात यह भी है कि जब मुझे पता है कि तुम किस उद्देश्य से वहां पर आए हो। तुम किस पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर के वहां पर आए हो जो कि तुमने इस घटनाक्रम में आगे भी प्रस्तुत किया है और
00:12:46:21 आगे तो मुझे बाद में पता चलेगा ना। तो मैं तुमको पहले से जानता हूं। तो तुमने कुछ ऐसी बातें पहले से कही हैं। तुम्हारी बॉडी लैंग्वेज मात्र से दिखाई दे रहा है। तुम्हारे बात करने के ढंग से दिखाई दे रहा है कि तुम वहां पर संतुष्ट नहीं होने वाले। ना ही तुम संतुष्ट हुए और तुमने बाद में मेरा ये जो अनुमान था उसको असंतुष्टि और ये शास्त्रार्थ में हारा हुआ बता करके सिद्ध भी कर दिया मेरे अनुमान को। तो इसी अनुमान के कारण मैं तुम्हारे पास आया था तुम्हें संतुष्ट करने के लिए। ठीक है? इसके अलावा एक बात थी कि भाई आपने यह कहा था तुमने ये कहा था इस व्यक्ति ने यह कहा था कि मेरे चैनल पर होगी चर्चा अब ठीक है तो मैंने कहा था भाई तेरे चैनल पर तो नहीं होगी हां मैं बनारस आ रहा हूं किसी कार्य से और यही कार्य थे जटा बाबा का भी वो ले लिया है हमने जो एक उनके उनका मार्गदर्शन प्राप्त कर लिया है तो जटा गुरु जी का भी मुझे एक वक्तव्य लेना था तो उस कारण से मुझे बनारस आना ही था तो मैंने ये कहा कि अब मैं बनारस आ रहा हूं तो आप वहां पर आ जाओ क्योंकि तुमने बताया था बनारस के आसपास तो इसने बताया था कि भाई जो है मेरे पास समय नहीं अभी इन दिनों कंस्ट्रक्शन चल रहा है तो समय नहीं हो तो मैंने इससे कहा था कि भाई ठीक है कब होगा समय तब तब बता दो तो देखेंगे सामंजस्य बिठाने का प्रयास करेंगे कि तुम्हारे पास भी समय हो और मैं उसी समय जटा बाबा
00:14:01:27 का मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए चला जाऊं तब इसने कहा था कि अब मुझे आपके लिए प्रयास पूर्वक आपसे चर्चा करने में कोई इंटरेस्ट नहीं है हां आपका स्वागत है आप यहां आ सकते हैं यहां पे क्या कहते हैं हमारे हमारी ऑनलाइन में ठीक है तो हमारी जो चर्चा थी वो मिल ना पाने के कारण एक जगह एकत्रित ना हो पाने के कारण मैंने तुम्हारे जो ऑनलाइन का प्रस्ताव है उस पर आना उचित नहीं समझा क्योंकि तुम मेरे लिए ऐसे योग्य व्यक्ति नहीं हो कि मैं तुम्हारे यहां जाऊं हां तुम मेरे सामने पड़ गए हो बिना किसी प्रयास के तो मेरे पास एक ऑप्शन था कि भाई ये आ गया ये बहुत सवाल भी करता है चैलेंज भी करता है तो ठीक है इससे आज चर्चा हो जाए आर्या पार की बात हो जाए तो मेरे सामने मेरे पास बहुत से कारण थे और एक जो अल्टीमेट कारण है कि आर्य समाज ने भ्रम जो भ्रम फैला रखे हैं सनातन समाज को भटका रखा है और मेरा जीवन मेरे जीवन का उद्देश्य सनातन समाज को संगठित करना तो उसमें जो वैचारिक क्रांति है तो उसमें ऐसे विचार जो हमारे हमें खोखला बना रहे हैं उनको समाज के समक्ष प्रस्तुत करना उनको नष्ट नहीं करना है वो अपने आप शोधित शोधन होता जाएगा तो उसके निमित्त मेरे पास इतने सारे कारण थे तुम्हारे पास आने के गुरुदेव से प्रश्नोत्तरी हो जाने के बाद भी। ठीक है? और मैं
00:15:17:01 तो पहले ही आया हूं जो ये वाली बात है ना कि गुरुदेव ने प्रश्न का उत्तर दे दिया था तो फिर तुम क्यों आए? तो ये तो बात ही खत्म हो गई। मैं तो तुम्हारे पास प्रश्न करने से पहले आ चुका हूं कि भाई चलो चर्चा कर लेते हैं क्योंकि मैं तुम्हारे यहां ऑनलाइन नहीं आने वाला था और तुम मेरे लिए बनारस नहीं आने वाले थे। इसने कहा था कि मुझे घर से टाइम नहीं मिले। मैंने इससे ये तक कहा था कि तुम्हें भविष्य में कब टाइम मिल सकता है। तो इस व्यक्ति ने कहा था कि नहीं नहीं अब मैं ये नहीं बता। मतलब इसको करनी नहीं उससे भागना था। यह बात वहां भी क्लियर हो गई। और इस मौके मौका वारदात पर जब यह मिला और किस तरीके से जूता छोड़ और सब कुछ छोड़ वहां से भागा तो उससे क्लियर हो गया कि इसको मेरे साथ चर्चा करने में है दिक्कत क्योंकि मैं झूठे की हद तक और चोर के घर तक जाता हूं। तो अब आप इसको वीडियो को देख लीजिए कि किस तरीके से मैंने जब चर्चा का प्रस्ताव दिया पहले राउंड में तो यह मान गया था कि करते हैं पहले मैं गुरुदेव से मतलब शंकराचार्य जी से ले लूं और प्रश्न उत्तर कर लूं उसके बाद मैं आपसे करता हूं। उसके बाद जब यह जा रहा है तो पूर्व की में जो हमारी बातचीत हो चुकी है उसके अनुसार मैं अब इससे कह रहा हूं चलो बैठ करके अब चर्चा करते हैं बैठ के अच्छा एक बात और भी है यहां पर मैंने बैठकर के चर्चा करने की जो बात कही है मेरे दिमाग में अभी तक यह है ही नहीं कि हम कहीं कमरे में जाएं
00:16:32:04 ना कमरे का शब्द ही नहीं है यहां पे ठीक है कमरे का शब्द कैसे आएगा कि जब हम दोनों ये बात कर रहे हैं तो कोई एक गुरु भाई हैं वह हम दोनों को बात करते हुए देखा उन्होंने उन्होंने कहा ऊपर एक अतिथि कक्ष उन्होंने कहा ठीक है और वहां पर बहुत ज्यादा पुराने से प्राचीन समय से हम दोनों हम लोग एक दूसरे को जानने वाले नहीं है कोई अभी छत्तीसगढ़ से आया है मैं बताऊंगा अभी कुछ लोग थे वहां पर जो ये वाला आरोप लग रहा है ना कि कैमरा बंद कराने के लिए बात की गई ठीक है तो अगर ये एक सुनियोजित व्यवस्था थी आप अभी देखिएगा मेरे कैमरे को भी बंद करने का प्रयास किया गया है तो जिन लोगों के दिमाग में यह वाली बात चल रही है कि फोटो ना बने कोई प्लानिंग नहीं है मेरी या वहां के प्रशासन की जो जो सामान्य लोग हैं श्रद्धालु हैं जो यह चाहते हैं कि भाई मंदिर प्रांगण है या किसी आचार्य का प्रांगण है तो ऐसे विवादित चीजें अगर विवाद का सीन बन रहा है जो कि तुम बना रहे हो वो भी मैं अभी बताऊंगा कौन बना रहा है तो विवाद का जो दृश्य बन रहा है वो इस तरह से प्रचारित ना हो खामखा लोगों की अश्रद्धा उनका अपना विवेक उसके अनुसार वो फोटो को बंद कराने की बात कर रहे हैं तो आप देखो मेरा भी कैमरा बंद कराने की बात हो रही है बार-बार बता बताना पड़ रहा है कि भाई हम तो आप ही के पक्ष के व्यक्ति हैं।
00:17:47:10 आप ऐसा ना करें। तो जो ये कैमरा बंद कराने की बात है यह दोनों के साथ घटित हुई है। योजनाबद्ध तरीके से केवल तुझ तेरे साथ नहीं हुई है। ठीक है? चलो तो अब इतनी सारी चीजें समझ गए। अब इस वीडियो को आप थोड़ा सा प्ले कर दीजिए। जी पॉज करिए। यहां इसने कहा एक मिनट पॉज कर दीजिए। यहां इसने कह दिया चलिए इसके बाद एक हां इसके बाद ये जो आपको नीले कुर्ते में दिख रहे हैं ना ये एक गुरु भाई हैं। इन्होंने बोला था कि ऊपर एक कक्ष बना हुआ है। यहां तक मेरे माइंड में कक्ष की बात नहीं थी। इन्होंने बोला कि कक्ष बना हुआ है। तो मैंने कहा कि कक्ष बना हुआ है। चलो अच्छे से बैठकर बात हो जाएगी। वरना मैं तो यही सोच रहा था। इसको कहीं पर सीढ़ी पे कहीं पे लेकर बैठूं। कैमरा चालू करें। कॉलर माइक लगाएं हो जाएगा चालू। कोई दिक्कत नहीं है। तो अब इसने क्या किया? जब जब आगे की बात आई चर्चा की मान लो कि इसको कक्ष से परेशानी थी। ठीक है? अब पहले आप एक बार ये देख लीजिए उसके बाद बात करेंगे। ये पूरा चला दीजिए। शुरू से चलाइए। शुरू से चलाइए।
00:19:05:22 हमारा चर्चा करेंगे तुमने बिना बिना परमिशन के तुमने क्यों डाला है तुमने क्या डाला हमने तुमने डाला ना अपने YouTube पे डाला आवाज नहीं तुमने अपने YouTube पे डाला कि नहीं डालानी भैया की है ना ये व्यक्ति देख लीजिए आया था यहां पर प्रश्न का उत्तर लेने। उत्तर दिया जा रहा है तो बहाने बना रहा है कि कह रहा है कि हमारे आचार्यों का तुमने अपमान किया। हम क्यों करें भैया? [चीखने की आवाज़]
00:19:44:00 ये ये नया सीन भी देखने को मिल गया आपको। अभी तक नहीं देखा था। ये देख लीजिए। ये विवादित व्यक्ति क्या कर रहा है यहां पर? पाप कुटने के काम कुटने के काम कौन कर रहा है? कुटने के काम कौन कर रहा है? तुम हमारे यहां पर आए हो। तुमको चर्चा करने के लिए वो प्रश्न करने के लिए माइक दिया गया। फिर तुम्हें चर्चा करने का प्रस्ताव दिया गया। इसके बाद इसने अपने में एक अच्छा ये लोग बेशर्माई पता नहीं कहां से लाते हैं। हालांकि अपनी स्त्री को आगे कर रहा है जो इस तरह से वो कितना बड़ा बेशर्म हो सकता है अपनी वो अविवाहित संगनी को तो वो तो खैर उससे शर्म की बात कहां से की जाए? मगर आप देखो साफसाफ सामने से झूठ कैसे बोल लेते हैं यार जब चर्चा होना सुनिश्चित हो गया तो पहला प्रहार आक्षेप के रूप में इसने किया इसने ये कहा कि आपने हमारे आचार्यों का अपमान किया हम तुमसे चर्चा क्यों करें भाई अगर तुमको षड्यंत्र लग रहा है कक्ष में जाना ठीक है अगर तुम्हें षड्यंत्र लग रहा है तो आप ये कहोगे ना कि भैया यहां पे कर लो बगल में 80 घाट है वहां चल के बैठ लो अच्छा तुमने
00:20:59:03 जो एक उपाय दिया कि आर्य समाज चलो। पहली बात हम किस वहां पर बैठे हुए हैं। हम जाकर सीधे आर्य समाज चले जाए। तुम यह चाहते हो कि हमारे कक्ष में जाना क्या कहते हैं? तुम षड्यंत्र मानोगे मगर तुम्हारे आर्य समाज जाना हम षड्यंत्र ना माने। ये कैसे सिद्ध होगा? भाई बराबर का व्यवहार करोगे ना। अन्यों के साथ वही व्यवहार करो। महाभारत का सिद्धांत है। अन्यों के साथ वही व्यवहार करो जो अपने साथ स्वीकार रहे हो। तो आप जब हम पर हमारे कक्ष में हमारे प्रांगण में जाने के लिए आशंका जता रहे हैं उसमें संभावित क्या कहते हैं ये षड्यंत्र की संभावना देख रहे हैं तो हम आपके आर्य समाज मंदिर जाने में षड्यंत्र की संभावना क्यों देखें क्यों ना देखें खैर पॉइंट पर आते हैं तो मान लो कि तुमने अगर तुम्हें अगर षड्यंत्र की ब आ गई थी हालांकि वो क्या हुआ था वो सभी को मालूम है कि शिवश नारायण द्विवेदी जब खड़ा हो जाता है तो हो जाता है देवधर देवधर और गुंडे ंडे कांपे थर थर थर वो वाली बात तो पीछे भी हट रहा है यहां पर पीछे हट के हपहप कर रहा है ना हां हां हां वो अभी वो अभी आपको बहुत बढ़िया दृश्य दिखाई देंगे खैर वो [गला साफ़ करने की आवाज़] तो हुआ क्या कि अगर आपको कमरे में जाना
00:22:14:07 षड्यंत्र दिखाई वो रैंडम आया हुआ विचार है मेरे सामने मैंने कहा कमरे में जाने की सोच ही नहीं रहा हूं मैं तो उससे बोला चलो बैठकर चर्चा कर लेते हैं उसने कहा चलो उसके बाद एक व्यक्ति बोला कि चलो ऊपर कमरा है मैंने कहा चलें ऊपर तो [गला साफ़ करने की आवाज़] बोला चलो उसके बाद जीनेस अच्छा इसने एक चीज और देखो इस इस वीडियो की शुरुआत दिखाओ जरा शुरुआत दिखाओ इस वीडियो की शुरुआत दिखाओ ये देखो ये देखो पॉज करो पॉज करो पॉज करो इसने ये चलिए भी क्यों कहा था मालूम है क्योंकि इसको लग रहा इसको ये मालूम था कैमरे में देख के कैमरे की ओर देख के दोबारा दिखाओ। हल्का सा पीछे करना बस दो सेकंड का। इसको दिखाई दे रहा है कि कैमरा चल रहा है तो मैं मना नहीं करूंगा।
00:23:07:15 देखो ठीक है। और जब जब ये जीने से नीचे उतर गया। इसको लगा कि अब मैं कैमरे की पर्दी से बाहर हूं। बहुत साफ सुथरी चीजें नहीं आएंगी। तब ये वहां जाके बोला कि मुझे चर्चा नहीं करनी। मुझे भागना है चप्पल छोड़ के। है ना? तो खैर अब यहां पर क्या क्लियर हुआ कि यह जो विचार आया है रेंडम आया है और उसके बाद भी अगर तुम्हें भाई अगर तुझे चर्चा नहीं करनी है तो तुम्हें यहां पर चर्चा नहीं करनी कमरे में जाकर तो तुम पहली बात बोलो कि यही सार्वजनिक रूप से करो क्योंकि सार्वजनिक रूप से तुम प्रश्न भी कर रहे हो तो सार्वजनिक जगह पे चर्चा करने पर तुम्हें आपत्ति नहीं होनी चाहिए। तुमने प्रश्न भी तो सार्वजनिक जगह आकर के किया है ना है ना उसी प्रांगण में चर्चा करने के लिए बोलो या फिर तुम ज्यादा से ज्यादा हो सकता है न्यूट्रल जगह चले चलो भाई बगल में 80 घाट है थोड़ी दूरी पे कुछ और पार्क हो कोई कहीं पे वहां चल के बैठ लो कोई और मंदिर चले चलो कुछ भी मगर अब तुम क्या चाहते हो कि हम सब छोड़ करके तुम्हारे आर्य समाज के मंदिर चले जाएं हम उसको षड्यंत्र ना माने मगर तुम्हारी चीज को षड्यंत्र मानो ठीक है दूसरी बात यह है कि तुमने यह सुझाव नहीं दिया कि कहां बैठ के चर्चा अच्छा हो सकता है कि इस बात पे बात होती कि कहां चर्चा हो सकती है। इस बात पे थोड़ी बात खींचती तो वो चर्चा हो जाती। अगर इस बात
00:24:22:24 पे बात खींचती कि कहां करनी है तो भाई कमरे में नहीं आर्य समाज मंदिर नहीं 80 घाट पर बैठ के कर लेते कहीं बैठ के कर हो जाती। मगर इस व्यक्ति ने एक दो बार आर्य समाज मंदिर का नाम लिया। मैंने उसका प्रतिकार किया नहीं। आर्य समाज मंदिर नहीं। तो ये व्यक्ति यह बोलता है कि तुमने हमारे आचार्यों का अपमान किया है तो हम तुमसे चर्चा क्यों करें? तो यहां क्या हुआ? इसने तो चर्चा की संभावना ही नष्ट कर दी ना। भाई हम जब और विकल्प सोचे तो कैसे सोचे? हम सोच रहे जब तक बताएं बताएं जब तक बात हो तब तक इसने एक दो सेकंड के अंदर-अंदर इसने बोल दिया तुमने हमारे आचार्यों का अपमान किया है। तो हम तुमसे चर्चा क्यों करें? अब यहां तो इस कोई विकल्प निकालना, कोई खुली जगह पर चर्चा करने की भावना लाना सब खत्म हो गया। तो सबसे पहली बात कि मानसिक दबाव बनाना सिद्ध नहीं होता। माइक ना देने में कोई द्वेष भाव सिद्ध नहीं होता और क्या कहते हैं यह यह जो तुम तुम्हारा जो न्यूट्रल जगह पर चर्चा का प्रस्ताव कहना है वो सिद्ध नहीं होता क्योंकि तुमने न्यूट्रल जगह नहीं बताई थी कि 80 घाट चलो या फलाने उस पार्क में चलते हैं। तुमने बताया था आर्य समाज मंदिर तो तुमने जो अपने उसमें बयान दिए हैं ना मानसिक और शारीरिक दबाव बनाने के लिए माइक वाली बात जो तुम्हारी वो
00:25:38:16 क्या कहते हैं अविवाहित संगनी कह रही हैं और साथ ही साथ जो तुम कह रहे हो कि न्यूट्रल जगह का सुझाव दिया मैंने वो न्यूट्रल जगह का सुझाव आप ये सारी चीजें आपकी यहीं पे असिद्ध हो रही हैं। ठीक है? इसके बाद आपने यह जो एक ब्लेम किया है कि मैंने भड़काया राधा जी का नाम लेकर तो भाई साहब भड़काया आपने है। विवादित वातावरण आपने शुरू किया है। नेगेटिविटी आप लाए हो। हम तो चर्चा करने के लिए तुम्हारे साथ जा रहे हैं। फिर तुमने आर्य समाज का मंदिर का सुझाव दिया। हमने उसको मना किया कि नहीं आर्य समाज मंदिर नहीं जैसे तुमने हमारे हमारे स्थान को ही गौण कर दिया। तुमने कक्ष छोड़ो तुम जहां सार्वजनिक खड़े होकर के चर्चा कर चुके हो। प्रश्न उत्तर कर चुके हो वहां का भी तुमने सुझाव कैंसिल कर दिया तो तब जब हमने जो है तुम्हारे आर्य समाज को स्वीकार नहीं किया तो तुम लगे कहने आक्षेप लगाने कि आपने वो किया है हमारा अपमान किया आचार्यों का अच्छा आचार्यों का अपमान भी मैंने कभी किया नहीं जो व्यक्तिगत हो के हां मैंने कटाक्ष किए हैं और मैं आगे करता रहूंगा जिसमें दम तो वो क्या कहते हैं भक्त है बाजीराव सिंघम हां तो वो मैं करता रहूंगा है ना तो फिर यहां तक यह बात हो गई। अब इसके बाद तो यह जो इसने झूठ बोला है उसने राधा का नाम राधा
00:26:53:20 जी का नाम लेकर के भड़काने लगा अपने लोगों को तो यह सारी चीजें मिथ्या इनकी यहां पर सिद्ध होती है कि किस प्रकार से था मामला। अच्छा अब जब इसने ये कहा कि आचार्यों का अपमान तो मैंने प्रतिकार पूर्वक इसको बोला कि भाई तुमने हमारा राधा जी का अपमान किया। हमारे आचार्यों का तुमने अपमान किया है और तुमने तो अभी-अभी कॉल रिकॉर्डिंग डाली है। वह कहीं पर व्यस्त थे प्रफुल जी उनसे इनकी चर्चा हुई कॉल पर। उनका नंबर इसलिए दिया जाता है कि गुरुदेव के शिविर कहां लग रहे हैं। इस बारे में कोई असुविधा होने पर संपर्क करें। उस नंबर पर इन्होंने कॉल किया। अगर मैं किसी को कॉल करता हूं। मैंने योगेश भारद्वाज जी के यहां कॉल किया है। मैंने विवेकानंद परिव्राजक जी के यहां कॉल किया है। अगर मैं किसी को कॉल करता हूं तो मैं उनसे टाइम लेता हूं और कॉल पर तो चर्चा करने से बचता ही हूं अपनी ओर से। ठीक है? मैं टाइम लेता हूं और टाइम लेने के बाद या टाइम लेने के बाद उसको चर्चा के लिए पूछ मतलब पूछता हूं। फिर तब जाकर के उससे चर्चा करता हूं और फिर उसको जैसा वो व्यवहार होता है उसके अनुसार प्रसारित प्रसारित करता हूं। खैर यहां पर इसने क्या किया? अच्छा दूसरी बात इसने अपने हिसाब से नरेटिव सेट किया कि भैया देखो शंकराचार्य
00:28:08:26 के शिष्य उत्तर नहीं दे पाए। प्रफुल जी महाराज जबकि उन्होंने ये नहीं कहा था उत्तर है नहीं। उन्होंने एक हद तक उत्तर दिया भाई कोई किस स्थिति में है। उसने थोड़ा बहुत सोचा कि मैं ठीक है। साधारण सी बात होगी तो मैं दे देता हूं। मगर जब उनको दिखाई दिया कि तुम जो है लखोर टाइप के व्यक्ति हो। उन्होंने कहा भैया सामने आ के बात करो। हं? अच्छा यह भी बात मैं इनहीं के मुंह से सिद्ध करूंगा कि सामने आकर बात करने को कहना ही गलत है सही है। और [गला साफ़ करने की आवाज़] इतनी चीजें हो गई। फिर इसने एक वो किया है कि गुंडों ने हाथापाई की अह एक बात इसने ये भी कही है कि पूरी शंकराचार्य जी असमर्थ थे। अपने वीडियो में कहा है कि जब इनको दिखने लगा कि पूरी शंकराचार्य जी असमर्थ हैं। मेरे भाई मुझे मैं तो तुम्हारे पास प्रश्न करने से पहले आ गया था। इसने यह बात कही है अपनी वीडियो में कि जब शिष्यों को दिखने लगा कि उनके गुरु उत्तर देने में असमर्थ हैं। तो वहां पर जो है इनके शिष्यों ने मुझे आगे घेर लिया। ये सब बातें इसने कही है। तो पहली बात तो यह है कि मैं तो तुम्हारे पास प्रश्न उत्तर होने से पहले ही आ गया तो तुम्हारी ये बात कट गई। दूसरी बात इसमें भी लक्षण बता दो। तर्क भी होता है तो न्याय शास्त्रों से होगा ना। तो इसमें लक्षण बता दो कि कौन सा लक्षण है जिससे
00:29:23:27 ये सिद्ध हो रहा है कि भैया वो जो गुरुदेव हैं मैं ये समझ रहा हूं कि गुरुदेव जो है असमर्थ है और गुरुदेव असमर्थ हैं। इस बात का लक्षण क्या है? ये भी बात है। लक्षण वहां पर डाउट क्यों लक्षण ना होना वो भी अभी आगे पता चलेगा। तो ये बातें हो गई। अच्छा इसमें इसने दो क्लेम किए हैं कि 15 से 20 लोगों ने हमला किया है। मारपिटाई 20 से 25 लोगों ने 15 से 20 या 20 से 25 जो भी इसने कहे हैं और इसने यह भी दावा किया है कि इसके पास वीडियो है। इसने अपने वीडियो में 15 से 20 लोगों ने मारा। वो सारे शंकराचार्य के शिष्य थे और क्योंकि इसने वो तुरंत तुरंत में वीडियो बनाया था। समझ रहे हैं? इसके पास क्या है क्या नहीं है इसको पता ही नहीं था। इसको तो वहां पर नैरेटिव सेट करने थे क्योंकि इनको धूल चटाई गई थी। है ना? तो इसलिए इसने ज्यादा वो इसके अंदर एक वो ईगो बहुत है। वह भी अभी मैं सिद्ध करूंगा ईगो क्या है। तो खैर अ इसने वहां पर ये बोला है कि मेरे पास वीडियो है। तो भाई वीडियो है तेरे पास। पहली बात तो तू वीडियो दिखा। क्यों नहीं दिखा रहा है? और क्या तू लुच्चा है क्या एक नंबर का? बगल में चौकी है। बगल में थाना है। जा ना भाई। तू कह रहा है वहां पुलिस वाले थे। उन्होंने तुझे बचाया। अबे मेरे गुरु भाई ने बचाया तुम्हें। मेरे गुरु भाइयों ने तुम्हें मेरे हाथों से बचाया है। ठीक है?
00:30:39:15 पुलिस वाले बाद में आए हैं। अभी दिखाता हूं झूठे की हद तक और चोर के घर तक। खैर तो इसमें इन्होंने जो दो तीन चीजें कही है जानलेवा हमला। तो ये आर्य समाजी जो तथाकथित आर्यवीर बन के निकलते हैं। बड़े-बड़े इनके वो आर्यवीर दल चल रहे हैं। इनकी सच्चाई ये है। धूल चाट ली। यही इनका जानलेवा हमला है। खरोच कोहनी पे निशान आ गया। ये इनके लिए जानलेवा हमला है। समझ गए? धारा 307 अरे बेवकूफ यह जानलेवा हमला किसे कहते हैं? पता नहीं है अभी तुझे और तेरे ऊपर जानलेवा हमला हुआ है। तेरे पास प्रमाण है। तेरे पास साक्ष्य है। पुलिस वाले वहां पर साक्ष्य है। तो भाई तू एक तहरीर तो दे दे थाने में। नहीं देगा। क्यों? क्योंकि तुझे पता है कि तूने उसमें बहुत सारा ऐसा ब्लंडर मिस्टेक किया है। इतने झूठों का पुलिंदा बनाया है कि अगर तूने ऐसी कोई तहरीर दे दी तो तू ही कुट जाएगा उस तहरीर में। हम बिल्कुल वो जो भगा भगा के जूते मारने वाली बात मैंने वहां कही थी वही होगा तेरे साथ जुतियाए जाओगे तुम सब तरफ से। है ना? तो अब ये जो 15 से 20 लोगों ने हमला किया है कि नहीं किया है इसके लिए और तुझे पुलिस वालों ने बचाया है कि नहीं बचाया इसके
00:31:54:21 लिए ये आप देख लो पुलिस वालों ने बचाया कि नहीं बचाया तो इसके लिए हम अब आप वीडियो चला दीजिए मैं बताता हूं आपको कौन सा हमने पहला वीडियो देखा प्रश्नोत्तरी से पहले जो मैंने इसको चर्चा का प्रस्ताव दिया तो यह बात खत्म हो जाती है कि गुरु के असमर्थ दिखने पर शिष्य आया। वो मेरे पास अपने स्वतंत्र कारण थे उसके इसके मिल जाने पर और चर्चा होने पर। हालांकि जब मैं यहां से जा रहा था तो काशी के कोतवाल जी से मुझे ऐसा आभास आया था कि भैया वहां पर निर्भय जो है मिल जाएगा। उसका दूध का दूध पानी पानी हो जाएगा। इस तरह से होना था ये मुझे नहीं पता था। दूध का दूध पानी का पानी तो हो गया। खैर आप यह वीडियो चला दीजिए विवाद से धूल चटाने तक और जो उसके आगे जो टाइटल है अविवाहित संगिनी वाला वो वीडियो चला दीजिए।
00:32:55:22 तुमने क्यों डाला है तुमने? क्या डाला हमने? तुमने डाला ना अपने YouTube पे डाला उधर आवाज नहीं। तुमने अपने YouTube पे डाला कि नहीं डाला? महाराज पॉज पॉज पॉज पॉज पॉज पॉज पॉज पॉज पॉज पॉज थोड़ा सा पीछे थोड़ा सा पीछे [हंसी] सस्पेंस सस्पेंस मिटा देते हो। पीछे करो। देखो पहली बात तो यह है व्यक्ति यहां पर हमारे प्रांगण में आता है। गैर अनुशासित तरीके से गुरुदेव से क्वेश्चन आंसर्स करता है। और उसको एक व्यक्ति से एक क्वेश्चन लिया जाता है ना। इसके पहले क्वेश्चन का आंसर तो इसको तुरंत दे दिया गुरुदेव ने। है ना? इसने यह पूछा था कि भाई उसमें जो इस तरह के पैराडॉक्स होते हैं ना वो वाले जो इसने करपाती जी का उदाहरण देते हुए कहा था कि भाई वो जो उन्होंने कहा कि वो कुंवारी वो वैश्या को कुमारी नहीं बना सकता ईश्वर तो इसमें उन्होंने वंद्या पुत्र का उदाहरण देते हुए गुरुदेव ने इसको क्रिया शून्य के रूप में बताते हुए प्रदर्शित करते हुए कहा था जो क्रिया है ही नहीं वो क्रिया होगी कैसे या तो क्रिया दो तो क्रिया होगी यही हमने अपने अभी लेटेस्ट एक वीडियो बताया है कि भाई इस ये जो बातें होती है पैराडॉक्स इसमें क्या होता है कि कोई एक
00:34:10:26 व्यक्ति यह कह रहा है कि ऐसा कार्य करो और फिर शब्दांतर भेद से यह कह रहा होता है कि ऐसा कार्य मत करो तो कुल मिलाकर के उसका निचोड़ है कि कुछ भी मत करो ऐसा कार्य करो फिर ऐसा कार्य मत करो फिर आंसर इसका मतलब क्या है वो ये कह रहा है कि कुछ ऐसा कुछ करो जिसमें कुछ ना करो ठीक है तो हम कुछ नहीं करने वाली स्टेज में तो जा ही सकते हैं तो इसके बहुत सारे उत्तर होते हैं पैराडॉक्स के तो उसमें से ये एक उत्तर है। एक उत्तर वो वाला है कि अविद्या के द्वारा जो है तुमको वो जो ईश्वर है वो ये फील करा सकता है कि हां तुमने ये जान लिया कि हां भाई कुंवारी से वैश्या से कुंवारी हो सकती है या दो और दो पांच इत्यादि वो वाला जो विद्या वाली बात हमने बताई थी। ठीक है तो तुमको ऐसा प्रतीति हो सकती है करवा सकते हैं। और तो इसने जो ये पहला प्रश्न पूछा था उसका उत्तर तो मिल ही गया था। तो आप हमारे यहां पर आते हैं। गैर अनुशासित तरीके से हमारे जो सार्वभौम आचार्य हैं जो तुम्हारे आचार्य हैं ना उनसे जो लोग हाथ मिलाते हैं ना जाकर के वो इनके पैरों में गिरते हैं। जिनकी वहां पर वो होती है ना मेहमान नवाजी क्या कहा जाता है? अभी तुम्हारा हुआ था ना 150वा वहां पर क्या हो रहा था? आरती उतारी जा रही है। मेहमान नवाजी हो रही है। यहां पैरों में बैठते हैं। यहां वो आचार्य
00:35:26:04 हैं। समझो इस बात को। कौन है यहां पे? तो वहां तुम आते हो अपने वो जो क्या कहते हैं वो जो तुम्हारा टपोरीपन की एक छवि है ना जो तुम्हें तमीज नहीं है बदतमीजी है ना तो तमीज की जो कमी है संस्कारों की जो कमी है उसको लेकर के तुम यहां आते हो और अपने स्टाइल में अपने तरीके से तुम पहले विवादित तरीके से प्रश्न उत्तर करने का प्रयास करते हो करते भी हो एक के बाद अगला प्रश्न करते हो तीसरा दूसरा तीसरा प्रश्न करते हो ऐसे करके जो है आप जो है उसको शास्त्रार्थ में बदलने का प्रयास करते हो इतना सब करते हो उसके बाद हम चर्चा व्यवस्थित रूप से करने को कहते हैं तो तुम आरोप प्रत्यारोप शुरू करते हो। क्या क्या शुरू करते हो आरोप प्रत्यारोप? कि भैया क्या कहते हैं ये तुमने हमारे आचार्यों का अपमान किया तो हम चर्च मतलब आक्षेप लगाना प्रारंभ करते हो। हमारे यहां आकर के गैर अनुशासित होते हो। अशिष्ट होते हो हमारे आचार्य के साथ। फिर आरोप लगाना प्रारंभ करते हो। विवादित वातावरण तैयार करते हो। उसके बाद जब तुम तुम्हारे ऑफेंसेस तुम्हें याद दिलाते हो तो तुम क्या कह रहे हो वहां पर? तुम क्या कह रहे हो? कि क्या किया क्या डाला तुम्हें मालूम ही नहीं तुमने प्रफुल जी महाराज की रिकॉर्डिंग डाली है उनके नाम के साथ उनके चेहरे के साथ ठीक है अभी वह तुम्हें पता नहीं है कानून की चपेट में आता है ये मामला ठीक है किसी की रिकॉर्डिंग उसके
00:36:41:27 बिना अनुमति के इस तरह से डालना अगर तुम कहो मेरी और तुम्हारी तो तुम मेरी डाल रहे हो मैं तुम्हारी डाल रहा हूं ठीक है अगर तुम मेरी और तुम्हारी की बात करो तो और तुमने अपने हिसाब से उसका नैरेटिव भी सेट कर लिया वो वो तुमसे कह रहे हैं आने को तो यह सब तुम कर रहे हो झूठ बोल रहे हो हमारे प्रांगण में आके अनैतिक आचरण कर रहे हो उसके बाद भी जो है हम लोग तुम्हें शांतिपूक ढंग से विदा कर रहे हैं जाने को कह रहे हैं विवादित वातावरण तुम कह रहे हो वहां पर कुछ लोग देखा था आपने क्या कह रहे थे यहां पे हल्ला व्ल्ला मत करो हल्ला कौन कर रहा है क्या डाला क्या डाला करके ये कर रहे हैं ठीक है और इनका विवादित चेहरा देख लो और जरा पीछे से फिर से दिखा दो थोड़ा सा पीछे से जहां से क्या डाला क्या डाला करेंगे जी [गला साफ़ करने की आवाज़]
00:37:35:10 तुमने इनका बिना बिना परमिशन के तुमने क्यों डाला तुमने? क्या डाला हमने? तुमने डाला ना अपने YouTube पे डाला। उधर आवाज नहीं। तुमने अपने YouTube पे डाला कि अब होगी पिटाई। अब देखो। पॉज कर दो। पॉज कर दो। अब आप देखिए यहां पर कि अ यहां पर कौन बीच बचाव कर रहा है? कौन कूट रहा है? जमीन में धूल कौन चाट रहा है? जमीन से कौन उठ के खड़ा हो रहा है? ये देख लिया आपने। अभी दिखाते दोबारा। यहां पर मेरे गुरु भाई तुमको बचा रहे हैं। तुमने जो नैरेटिव सेट किया है ना मैंने चार लोगों से लड़ाई की। चार को तो निपटा दिया। उसके बाद 15 से 20 लोग आ गए। कहां है भाई 15 से 20 लोग? ये मेरा गुरु भाई ये पीयूष पीयूष जी हैं। ये तुमको बचा रहे हैं। वो गुरु भाई तुमको पकड़ के बचा रहा है। पीछे से लगाओ जरा पाप पाप के बाद। इनकी अकड़ देखो। हमारे प्रांगण में आकर 50 तरह के अनैतिक आचरण करने के बाद भबकी ले रहे हैं। मेरे गुरु भाइयों को शारीरिक और मानसिक दबाव में लाने का प्रयास कर रहे हैं। और तब मैंने इनको धूल चटाई है और फिर
00:38:50:14 ये अपने नेटिव झू फॉल्स नेटिव सेट कर रहे हैं। हां देखिए यहां पे यहां पे क्या है मैं बता दूं। क्यों गए हैं यहां पे? ये इनके पास क्यों है गुरु भाई? जो इनकी प्रफुल जी महाराज की रिकॉर्डिंग डालने वाली बात है गलत नरेटिव के साथ उसके लिए पूछना है कि भाई क्यों डाली आपका पक्ष क्या है इसमें और इसमें भी अभी भी एक वही वाली बात है कि भाई आप जो है आए हो तो चर्चा कर लो है ना वो वाली बात भी है तो अब ये देखिए व्यक्ति क्या कर रहा है चलाइए क्या कर रहा है ये
00:39:32:13 [हंसी] करो करो ये जो दाढ़ी वाले भाई हैं जो इसको बचा रहे हैं मुझसे यही भाई है जिन पर ये जो है पाप पाप कर रहा है हम हम यही गुरु भाई है जिन पर ये पाप पाप कर रहा है देख लिया शेर का बच्चा एक ही अच्छा जमीन में डले हुए हो तुम और ये जो जमीन में डला ये जो तुम जमीन में धूल चाट रहे हो ना ये भी इसलिए किया गया है कि तुम अपनी औकात को जान पाओ। आई रिपीट तुम्हें जमीन में इसीलिए डाला गया है तुम अपनी औकात को जान पाओ कि ये तुम्हारी औकात है। जमीन में धूल चाटना। समझ में आया? और मेरे गुरु भाई तुम्हें बचा रहे। कौन सा पुलिस वाला यहां पे अभी बीच बचाव कर रहा है? बताओ। मेरे गुरु भाई शुरू से कह रहे हैं कि भाई यहां हल्ला मत करो। जाओ जाओ। वो जाने की बात इसलिए कर रहे हैं। हल्ला मतलब हल्ला कर रहा था। सीन वहां क्रिएट कर रहा है। उसको मतलब थोड़ी ना है। उसके घर में यही सिखाया गया। एक दिन आया था मेरे मंच पर बहुत पहले की बात है। तो खाना खाते हुए बात बात कर रहा है। खाना खाते मैंने कहा भाई ये क्या संस्कार है? मेरे यहां ऐसे ही होता है। ये बदतमीज टाइप के [नाक से की जाने वाली आवाज़] अनैतिक आचरण वाले लोग और आते हैं शंकराचार्य
00:40:47:15 के। उनको चाहिए प्रिविलेजेस। वहां पर माइक नहीं मिला। माइक नहीं मिला। तो मेरे आंखों के सामने मेरे गुरु भाइयों पर तुम जो है शारीरिक मानसिक दबाव बना रहे हो तब मैंने तुम्हें धूल चटाई है और तुम्हें यह बताने के लिए धूल चटाई है कि तुम्हारी ये औकात है ये देख लो ये निर्भय फिरभय बनना भूल जाओ ये औकात धूल चाटी है तुमने वहां पर धूल नीचे से देखा ना नीचे से दोबारा से रिपीट कर दो फिर से यहां तक फिर से चलो
00:41:26:12 [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] और और पीछे से लो और पीछे से लो पाप पाप जरा एक दो बार किया था इन्होंने इनकी गर्जना से हां ये ये नहीं ये सब मत करो ये नहीं मत [हंसी] ये देखो पॉज करो अब क्या है मामला मारपीट मत करो ये कौन कह रहा है मेरे गुरु भाई वही चार गुरु भाई जिनको तुमने कूट दिया है एक तो मैं ही हूं बाकी के तीन है जो बचा रहे हैं तुमको किससे बचा रहे हैं है ना लाइफ में कुछ भी करने का पर जयकांत शिकरे के ईगो को हर्ट नहीं करने करने का सही बात है। ये है तुम्हारी जो तुमको धूल भी इसलिए चटाई गई है। तुम कह रहे हो जानलेवा हमला। जानलेवा हमला भी तुम्हें पता नहीं है क्या होता है। खैर तुम्हारे लिए वही जानलेवा हमला है। जैसे होता है ना कि भाई एक चूहे के लिए जो है बिल्ली की भी आवाज आ जाए उसको
00:42:41:15 या थोड़ा सा भी कुछ हो जाए उसके जीवन में। उसको लगता है जान गई। तो वो चूहे वाली स्थिति है तुम्हारी। खैर तो ठीक है तुम्हारे लिए वह जानलेवा हमला है। तो तुम मैंने जो तुम्हें धूल चटाई है वो सिर्फ और सिर्फ सिंगल मोटो था मेरा कि भाई और मैं हंस रहा हूं जिस समय इसको धूल चटाई ना मैंने उस समय मैं हंस रहा हूं। ये जो इसकी आंखें देखो नशे में हो गया आधा अ पआ का नशे किए हुए ये तो तो [हंसी] मैं वहां हंस रहा हूं और मैं उसको केवल ये बताना चाहता हूं तुम मेरे लिए कितने सामान्य वह हो ऑब्जेक्ट नियंत्रण में करने के लिए तो वह इसको जो धूल चटाई गई है वहां पर जो इसने आरोप लगाया है चार लोगों को मैंने पीट लिया था तब 1520 लोगों ने आकर मुझे मारा मेरे कपड़े फाड़े ये इनकी स्थिति है ठीक है मारपीट मत करो मेरे गुरु भाई बचा रहे हैं इसको जिस पर ये पप पप कर रहा है देख लो भैया अपने निर्भय को देख लो यह है इसकी हालत और अभी देखो अब यहां से पप पप से दोबारा चला दो जरा आगे तक चला देना आपकी बात
00:43:52:19 थोड़ा पीछे थोड़ा पीछे से चलाना पॉज पॉज करो पॉज करो पॉज करो पॉज करो अच्छा एक बात और है जब मैं इसको धूल चटा रहा था तो जैसे छोटे बच्चे अपने पिता पर लाटे चलाते हैं ना छोटे बच्चे असहाय होते हैं जो घुटनों पर चलने वाले दूध मुंह बच्चे उस हालत में मुझ पर वो चला रहा था पैर और मुझे तभी हंसी आ रही थी ये कर क्या रहा है यार इसको मैं इसको मैं पांच से 10 बार पटक सकता था वहीं की वो तो गुरु भाई बीच में आ गए वहां मैं पटकने वाला था इसको और उठा उठा के पटकता देखिए उठा उठा के पटकने में क्या होता है ना जैसे एक होता है थप्पड़ और एक है पटकना इसमें क्या होता है व्यक्ति को चोट तो भले ही कम लगे मगर उसको ये फील होता है कि उसकी औकात क्या है औकात क्या है हम औकात पता चलती है। ये मुझे उठा के पटक दे रहा है। उठा के ये हूं मैं। तो इसलिए मैं हंस रहा था कि ये मुझ पे लाते चला रहा है और मैं इसको अभी धूल चटा रहा हूं। धूल चटाने वाला। ठीक है? तो इसके बाद यहां से पप पप से दोबारा चला दीजिए। ये वाला सीक्वेंस पूरा जहां तक मैं चाहता हूं वहां तक दिखा दीजिए एक बार। जी
00:45:12:00 ये नहीं करना। कर रहे हो भैया की ये देखो पॉज करो पॉज करो पॉज करो यहां देखो जो वीडियो शूट कर रहा है वो बताना पड़ रहा है उसको कि भैया की यानी कि कई लोग ऐसे हैं जो आते जाते में सीधे कैमरा बंद करवाना चाह रहे हैं। ठीक है? तो यानी कि कैमरा बंद करने का प्रोसेस कोई आदेश पूर्वक उद्देश्य पूर्वक योजनाबद्ध नहीं है। वो जिसके मन में जैसा जिसका विवेक काम किया उसने प्रयास किया बंद करवाने का। ठीक है? तो ये कोई एक वैसा आरोप नहीं है। षड्यंत्र पूर्वक जो है कैमरा बंद करवाया गया। इस पे आगे बात करेंगे जो माता शक्ति है जो उन्होंने जो कहा है। इनकी अविवाहित संगनी है जो उस पर भी बहुत अच्छे से बात होगी। खैर इसको थोड़ा पीछे से दोबारा चला दो तो ये सीक्वेंस पूरा हो जाए। जी
00:46:16:24 हाथ क्यों कर रहे हो? कर रहे होतजी करने आए। अरे भैया बदतमीजी करने आए हो तुम। जूते से मारे जाओगे। समझे? प्रश्न पूछने का तरीका होता है। कहां है वो दीदी? बस बस बस पॉज पॉज पॉज जाते भी कहा है ना जूते से मारे जाओगे मैं अभी भी कह रहा हूं तू इस तरह की हरकत करेगा तो जूते से ही मारा जाएगा जा कर ले जो करना है मेरा अभी भी यही कह रहा हूं हमारे आचार्यों का तू तू अपमान करता है राधा मां के लिए अश्लील गालियां दे चुका है तू तेरा रिकॉर्डिंग वायरल तूने क्या कानूनी कदम उठा लिया इन्होंने तो उठा लिया हमारे यहां आकर के तू जो पूर्व में तूने गलत हरकत की है उससे तू मुकर रहा मैं जानता ही नहीं हूं मैंने क्या किया है और झूठे आरोप लगा रहा है तो भैया तेरी फिर इस तरह से ही वहां पर धूल चटा के तुझे तेरी स्थिति से अवगत तो कराया जाएगा ना जूते से ही मारे जाओगे और तू जाकर के जो अपनी जो ये तथाकथित जो नैरेटिव सेट कर रहा है ना सो कॉल्ड इस नैरेटिव को जाकर के लेकर के तहरीर दे थाने में मेरे साथ ऐसासा हुआ है जिससे कि तेरे झूठ की पोल खुले हम तो चाहते हैं कि तू पुलिस
00:47:32:00 में जाए मैं [गला साफ़ करने की आवाज़] ताल ठोक रहा हूं यहां पर। मैं ताल ठोक रहा हूं यहां पर कि तू तुझे मैंने धूल चटाई है। जा कर ले जो कर सकता है। ताल ठोक के कह रहा हूं। शिवश नारायण द्विवेदी नाम है। जा धूल चटाई है तू। क्योंकि तूने आकर के मेरे ही प्रांगण में आकर के मेरे आचार्य के साथ अभद्रता, मेरे साथ अभद्रता, मेरे गुरु भाइयों के साथ अभद्रता, मेरे प्रांगण के साथ अभद्रता। कोई कितना सहन करेगा भाई [गला साफ़ करने की आवाज़] हम जो उदारता आपके अस्तित्व पर हावी हो जाए ना वो उदारता नहीं कायरता होती है तुम्हारे सहष्णुता का फायदा उठा रहे थे वहां पर हम खैर
00:48:20:02 खैर तो इसी [गला साफ़ करने की आवाज़] इसी को इसी को कह रहे थे वो के वो वाला दिखाओ वो वाला दिखाओ अब देख लिया आपने देख लिया कि किस तरह से वो नीचे धूल चाट रहा था अब बात ये आती इसने यह कहा कि मुझ पर जानलेवा हमला हुआ तो आपको यह दिखाई दे रहा है कितना जानलेवा है। खैर इसके लिए जानलेवा होगा। दूसरी बात ये आती है इसने कहा था पुलिस वालों ने बीच बचाव किया तो यहां आपको पता चल रहा है किसने किया बीच बचाव। तीसरी बात यह आती है कि इसने कहा मैंने चार लोगों को निपटा लिया। जो चार लोग हैं उनमें से एक व्यक्ति ने तेरे साथ जो किया है सो किया है। बाकी के तीन व्यक्ति तुझे बचा रहे हैं। तुझे जो है तेरे वो जो धूल चाटने वाली बात है उससे तेरी रक्षा कर रहे हैं। ठीक है? ये सब चीजें हमारी क्लियर हो गई। अब थोड़ा सा हम और तर्क और प्रमाण की ओर आगे बढ़ेंगे। थोड़ा थोड़ा सा आप लोग जो अभी उपस्थित है वो कुछ बोलना चाहे तो बोल सकते हैं। अह नहीं बिल्कुल उसने एक तो वो जूता चप्पल हां। जी देखिए ये सरस जी हैं इनको सरस जी इसमें और भी कुछ तथ्य आपको पहले पूर्व की चीजें भी देखनी चाहिए इसने वहां पर बहुत सी अभद्रताएं की है जिसके बारे में हम अभी बता रहे हैं और [गला साफ़ करने की आवाज़] कुछ चीजें ऐसी हैं
00:49:35:20 जो आपको इस वीडियो में अभी आगे पता चलती जाएंगी ठीक है थोड़ा सा धैर्य रखें बहुत सारी चीजें अभी सामग्री अभी बाकी है अभी पूरी नहीं हो गई सामग्री ठीक है तो भाई एक काम करिए ना पप पप से लेकर के और यहां तक एक बार चला दीजिए जिससे अगर कोई व्यक्ति वीडियो को वीडियो को यहां से लेना चाहेगा ना तो एक साथ ले लेगा चला दीजिए एक बार हमारा तुमने इनका बिना बिना परमिशन के तुमने क्यों डाला है तुमने क्या डाला हमने तुमने डाला ना अपने YouTube पे उधर आवाज नहीं तुमने अपने YouTube पे डाला कि नहीं डाला जी महाराज
00:50:19:01 ये नहीं कर रहे होतजी करने आए अरे भैया बदतमीजी करने आए हो तुम जूते से मारे जाओगे समझे हो गया प्रश्न पूछने का
00:50:52:26 ये लैग क्यों कर रहा है आपका लैग कर रहा है मेरा लैग कर रहा है पिक्चर पॉज हो गई क्या पॉज की है जी जी वीडियो रुकी हुई है सर हां ठीक है अब अब नॉर्मल कर दीजिए अब थोड़ा सा आगे बढ़ते हैं हां अब आप लोग थोड़ा थोड़ा सा यहां तक का एक पार्ट हमने पूरा कर लिया जो उसने दावे किए हैं तो उस बारे में अभी तक आप लोग कुछ बता दें। जी हां जी अभी दावे तो इसने ये किए कि चार लोगों को मैंने पीटा और 1520 लोगों ने लोग वहां पर थे। है ना? तो भैया [हंसी] वो तो इसका क्लियर हो गया। अब अब मतलब ये चाहे यहां तक क्या है? प्रोपोगेंडा फेल। और यह भी दिख रहा है कि भाई कौन नीचे गिरा हुआ है। है ना? नीचे गिरकर बच्चों की तरह टांगे चला रहा है। नीचे नहीं गिरा। इसको इसको नीचे गिरना नहीं कहते इसको कहते हैं इसको जुतिया गया है जुतिया गया है वहां पर किसने धूल चाटी है धूल चाटी है धूल धूल चाटे धूल हां इसको नोट करना इसको सुबह सुन निर्भय तू सुन रहा है ना मेरी बात इसको नोट करना अपने जीते जागते सोते जीते सोते जागते मंजन करते और जो भी तेरी नित्य क्रियाएं वो करते करते इस सीन को याद रखना धूल
00:52:08:09 चटाई थी तुझे धूल कर ले जो करना है जो धस जवा रहा था पाप पाप कर रहा था उसके परिणाम स्वरूप धूल वहां पर इसको चटाई गई है और बाकी के तीन गुरु भाई इसको बचा रहे हैं उसके बाद भी अच्छा जूते छोड़ के तो भागा ही भागा पीठ दिखाकर भी भागा पीठ पीठ दिखाकर भी भागा है ना पीठ दिखाकर भागा है ये नोट करने वाली बात है धूल चाटी धूल चटाई से और पीठ दिखाकर भागा है दुम दबाकर अच्छा इसमें एक चीज और बता दूं आपको [गला साफ़ करने की आवाज़] कि इस व्यक्ति को अपने जूते की तो चिंता है। जाते टाइम मेरे जूते रह गए। मेरे जूते रह गए। अपनी अविवाहित संगनी की चिंता नहीं है इसको मूर्ख को। हम भाई तेरे हिसाब से हम गुंडे हैं। तेरे हिसाब से तेरे एक व्यक्ति ने आज ही वहां सोशल मीडिया पे मैंने देखा एक स्टोरी लगाई थी। उसमें हमारी तुलना मलेच्छों से की थी। तो तू अपने साथ लाई हुई स्त्री को छोड़ के चला गया। ऐसे नीच होते हैं आर्य यह आर्य है कि अनार्य है अरे भाई वह तेरी बहन थी कि नहीं थी वो तेरी मां मां तो नहीं थी बेटी भी नहीं थी बहन उसने बोला नहीं आगे बात करेंगे आपने पूछा भी था आपने पूछा था वो जो भी
00:53:23:10 हां वो जो भी थी अविवाहित संघनी मान लिया जाए संज्ञा उचित है अविवाहित थी संघनी थी थी भाई उसको तू छोड़ के चला गया तुझे जूतों की फिक्र है तू वीडियो में जूते बता रहा है अपने हां गुंडों के बीच 25 से 25 26 गुंडों के बीच हां आएंगे इस पॉइंट पे अभी है ना वो कहते हैं ना झूठे की ह तक और चोर के घर तक जी बोलिए [गला साफ़ करने की आवाज़] अभी ये अविवाहित अविवाहित संगनी वाला छोड़ के बाकी सब पे बात करें जी जी जी [गला साफ़ करने की आवाज़] इसका जो प्रोपगेंडा था यहां तक जो आप दिखाए हैं उतना तक में पता चला यही बात कि इसके जो प्रोपगेंडा ये जो फैला रहा है पहली बात तो इसने शंकराचार्य को निरत्तर किया वो भी गलत। ठीक है? इसने जो इसने जो ताल ठोकी थी कि आपको चैलेंज दिया था कि आओ चैलेंज में सिद्ध करो अवतारवाद इत्यादि जो भी है। जब आप सामने में गए तो बेचारे ने जब आपको देखा तो बेचारे की जमीन पैरों तले जमीन खिसक गई। ठीक है? फिर जब आपने उससे बोला कि चलो डिस्कशन कर लेते हैं। तो वहां पे शायद ये सोचा होगा कि भाई इतने भीड़ है तो यहां पे कहां पे बैठेंगे? कहां पे चर्चा होगी? इसलिए बोल देते हैं कि
00:54:38:26 कर लेते हैं। ठीक है? और कैमरा भी था तो वो देखा था तो बोला कि ठीक है चलिए कर लेते हैं चर्चा। जैसे ही कैमरे से थोड़ा दूर हुआ फिर बोलता है परंपरा का परंपरा नहीं अपने आचार्यों का बहाना बना करके अपमान का वहां से पीछे हट गया। ठीक है? और बिल्कुल फिर वहां से और फिर जब वहां तक तो फिर आप तो आराम आराम से ही बात कर रहे हैं। जो वीडियो देखा गया है उसमें आप आराम आराम से ही बात कर रहे हैं। लेकिन जब उससे यह बोला गया कि तुमने इनका वीडियो क्यों डाला या फिर इस तरह से तो तुरंत उसके सूर्य यहां से चेंज हुए जब इसने भागने के लिए आक्षेप लगाया ना और मैंने आक्षेप का प्रतिकार किया कि भाई तुमने किया है जो किया है हमने कब किया है और मैंने इसके आचार्यों का अपमान नहीं किया। ये बात इसने कॉल रिकॉर्डिंग में बोली हुई है मुझसे। मैं सुना दूंगा किसी कि हां आपने कभी आचार्यों का अपमान जी बोलिए। जी तो मैं तो यही बात है कि वहां पे उसके सुर बदल गए। जब वो देखा कि भाई सब तरफ से निराश हो चुका है तो अब थोड़ा अपना रब जमा ले तो चिल्लाने लगा और वैसे तो आपको देख लिया तो वो उसको भय आ गया होगा मन में कि भाई फिर चर्चा होगी तो फिर निरत्तर हो जाएंगे। इस भय से बेचारे को
00:55:53:27 वो शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस होता है ना वो हो गया शायद जिसके कारण वो बोल रहा है कि [नाक से की जाने वाली आवाज़] जिसके कारण वो बोल रहा है कि क्या डाला क्या डाला जबकि उसे पता है फिर भी वो ऐसा बोल रहा है इसका मतलब या तो शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस हो गया ठीक है अब जो भी हो फिर वहां से हेलो जब वो निकला जब वहां से वो निकला भैया मैं एक चीज बताना चाहता हूं मैं हो गया हो गया पूरा हो गया एक मिनट एक मिनट हां पूरा हो रहा है। आज ही मैंने सनातन शंकर भैया के लाइव में बैठकर के ये बात बोला है कि यदि लड़ाई हुआ भी होगा तो वहां पे स्टार्ट निर्भय ने ही किया होगा क्योंकि उसके तेवर दिख रहे थे उस उस वीडियो में जब तक जो भी दिखे उसमें मैंने ये बात बोला है और अभी जब हमने वीडियो प्ले किया तो उसमें भी यही दिख रहा है कि उसी ने पाप पाप किया। ठीक है? उसी ने हाथ पहले उनका हाथ मरोड़ा ऐसा दिखा है उसमें वीडियो में। ठीक? तो यहां पे सिद्ध होता है कि भाई उसी ने पहले अटैक भी किया। ठीक है? और धूल चाटी और पीठ दिखाकर भाग हां इस इस चीज को लोग बाग जरा ध्यान रखें। निर्भय
00:57:08:28 ने धूल चटाई धूल चाटी है वहां पर। निर्भय को धूल चटाई गई है शिवश के द्वारा। इसको सब लोग ध्यान कर नोट कर लो अपने जीते अपने जन्म का एक लक्ष्य बना लो। शिवश नारायण द्विवेदी ने निर्भय को धूल चटाई थी। तो जो जो निर्भय के पक्ष में खड़े हो वो इस पर सोचे हम क्या-क्या करें। है ना? ठीक है। हां जी। फिर जब वो धूल धूल चाट लिया तब भी उसको जो लोग बचा रहे हैं तीन जन आपके गुरु भाई वो सब उनको बचा रहे हैं। और जिसको इसने आरोप लगाया कि चार जन आए थे मैंने उसको पीट दिया। जब उनसे संभला नहीं तो 1520 को ले आए भड़का करके और फिर इसको मारा गया। पूरा प्रोपगेंडा फेल सभी देख सकते हैं। सभी दर्शक देख सकते हैं। अभी तक जो भी वीडियो आया है सामने इसमें यही दिख रहा है कि उसे तीन जन जो थे गुरु भाई वो बचा रहे थे। ठीक है? इन दोनों को आपस से दूर कर रहे थे कि भाई भिड़े नहीं। ठीक है? तो उसका प्रोपगेंडा साफसाफ दिख रहा है। हमारे पास तो वीडियो प्रमाण है। आप देख सकते हैं। जी भैया। जी आजाद जी मैं एक छोटी सी आजाद जी एक छोटी सी इन दे दूं बहुत जरूरी इसकी किस्मत अच्छी थी जिस समय यहां
00:58:24:02 वहां पर इसने ये वाक्या किया है ना वहां इंटेलिजेंस वाले खाना खाने चले गए थे वापस आए हैं और जैसे ही वो इतना ज्यादा उनको बुरा लगा कि हमारी ड्यूटी है यहां पर क्योंकि गुरुदेव जहां रहते हैं वहां इंटेलिजेंस वगैरह बहुत सारी वहां सिक्योरिटी रहती है तो उनकी जिनकी ड्यूटी थी उन पर कोई बात ना जाए। उन्होंने तुरंत इसको कॉल किया। यह है निर्भय। देखिए बोल रहे हैं कि भाई मैं भगत बोल रहा हूं। क्या हुआ कि हम तो रहने वाले कहा कि हम दिल्ली जा रहे हैं। हमस्ते रास्ते में दिल्ली है। ये है वो है। उसने इनको इसको उन्होंने बताया कि भाई मैं जो हूं मैं यहां का अनुयाय हूं। उन्होंने पहले ये नहीं बताया। फिर ये कहा कि आ जाओ चौकी आकर के बात कर लो। वो बंदा भागता ही जाएगा। के कब तक के जब तक कदम ना रुके। चलो सजना जहां तक हवा चले। ठीक है। एक और अगर ये अगर ये वहां पर थोड़ी बहुत देर और रुक जाते ना इनको जाने ना दिया जाता जो भेज दिए गए हैं। इस समय जेल की इस समय इन पर कानूनी कारवाई हो रही होगी। जी शास्त्र भैया ये चीज मैं बोल रहा था कि इसने ये भी दावा किया था कि जो लोग थे आपके गुरु भाई वो सब इनका पीछा कर रहे थे जिसके कारण ये किसी गली में छुप
00:59:39:03 के फिर अपना बयान रिकॉर्ड किया है ऐसा उसने बोला अपने वीडियो में ठीक है भाई वीडियो में साफसाफ दिख रहा है तुम अकेले गए हो कोई तुम्हारा पीछा नहीं कर रहा है ठीक है तुम्हारा तुम्हारा पीछा नहीं पीछा कोई पीछा नहीं कर रहा है वही मैं कह रहा हूं उसका प्रोपेगेंडा यहां पे भी अगर अगर कोई गया था तो मैं ही गया था एक बार मैं गया था थोड़ी और देर बाद मतलब दो चार पांच मिनट के बाद मैं बाहर गया था क्योंकि तब प्रफुल जी महाराज जी आए थे कि वो जो है लड़का आया था ना जिसने रिकॉर्डिंग डाली है तो वो जो प्रश्न उत्तर करना चाहता है तो उसमें प्रश्न उत्तर कर लेते हैं बैठकर के तो ऐसा कुछ वहां पर सिनेरियो बन रहा था तो मैं एक बार से फिर से बाहर गया था मगर उसका वो वहां जाने का बाहर जाने का मतलब ये नहीं था कि मैं उसको पकड़ के लाके मारूं वही वाली बात थी कि भाई बैठ जाए बात हो जाए खैर वो तो सब वो नगण्य हो ही चुका हालांकि प्रफुल जी महाराज आए थे तो एक बार को लगा था कि देख जी [गला साफ़ करने की आवाज़] आजाद वाद जी
01:00:33:22 अच्छा भैया मैं ये कह रहा था कि आप निर्भय का पर्दाफाश कर रहे हो तो उसके जो कुछ शिष्य हैं उनकी बहुत आग लगी हुई है वो कमेंट में गाली बाजी कर रहे हैं। तो मैं यह बताना चाहता हूं जिसको भी भाई लाइव पर आना है वो लाइव पर आ जाए चेहरा दिखाकर ठीक है आपका जो ऋषि मत नाम से जो व्यक्ति है नीचे कमेंट में बहुत तब से गाली दिए जा रहा है तो गोपाल खेड़े भाई तुम्हारी पहचान छिपी हुई नहीं है जो तुम फेक आईडी बनाकर गाली दे रहे हो ऊपर आइए चेहरा दिखाइए और चेहरा दिखाकर बात करिए हमसे इसी विषय पे मैं यही कह रहा हूं इस तरह से ऐसे ललकारा नहीं जाता मैं बताता हूं ललकारा कैसे जाता है जली है ना बहुत बुरी बुरी लगी है ना दिल जला है ना तुम्हारा जाओ जाके कुछ करो धूल चाटी तुम्हारे भाई ने करते क्यों नहीं कुछ बस यही ये गालीबाजी करोगे क्या ऐसे करोगे रक्षा अपने घर की स्त्रियों की कमेंट में जाके गाली देके जाओ कुछ करो हम बिल्कुल कुछ करो भाई उसको चोट लगी जानलेवा हमला हुआ उसके ऊपर और हमारे अकॉर्डिंग धूल चाटी है उसने नीचे धूल चाटना समझते हो ना घातक का वो सीन देख लेना वो तस्वीर तीन चार बार वो ऐसे उसका सनी्नी
01:01:48:26 देओल वो धूल ही चटाता है ठीक है तो [नाक से की जाने वाली आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] घुटना उसके यहां रख के बाजू पकड़ के तुम्हारे आदमी को सुनो तुम्हारे व्यक्ति को सामने से बोला गया जूते से मारे जाओगे जूते से जूते से जो जो जूता तुम छोड़ के जा रहे हो वही उसी के लिए बोला गया है जूते से मारे जाओगे तुम्हारे व्यक्ति क्या कर लिया तुम लोगों ने जाओ कुछ करो ना भाई जूते से मारे जाओगे कहा गया है तुम्हारे व्यक्ति के लिए क्यों ना कहा जाए क्यों ना कहा जाए जब वो हमारे यहां आकर के अनुशासन को ब्रेक करेगा शिष्ट व्यवहार करेगा आरोप प्रत्यारोप करेगा हमारी परंपरा को नष्ट करने की बात कर रहा है फिर भी हमारे यहां बैठा हुआ है और हम सष्ण हो रहे हैं तुम कह रहे हो मैं नाश कर दूंगा नाश कर दूंगा नाश कर दूंगा तो [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] क्या कहते हैं वो जो मारा गया उसको देखो आप जाकर के और जी अजातवाद जी
01:02:52:19 उसी का नाश हो चुका है धूल चटा दी है उसे यही बोल रहे हां उसका नीचे जो नीचे से वो उठने वाला दृश्य है वो केवल उसमें एक बात निमित्त है कि मुझे उसकी औकात याद दिलानी थी कि तुम ये हो शास्त्रार्थ में तो तुम आप लोगों ने देखा ही कॉल रिकॉर्डिंग में सब वो हो गया। चीजें बिल्कुल क्लियर हो गई। पढ़ के आता हूं। ईश्वर मदद करता है जीव की तब कोई क्रिया होती है। है ना? ईश्वर जीव इच्छा करता है। ईश्वर मदद करता है। और अभी अभी जो है इनका एक और सीन यहां पर दिख जाएगा कि क्या है इनका शास्त्रार्थ का। खैर अब थोड़ा सा हम आगे बढ़ाते हैं। भैया भैया भैया एक और बात बोलना था। आपने बोला ना जैसे कि इसने बोला था कि मैं शंकर परंपरा का नाश कर दूंगा। ठीक है? तो वैसे ही कुछ जैसे अभी अपने जो ये वीडियो अपलोड किया है उसमें निर्भय ने ये भी बात बोला है कि अभी तो एक एक के यहां गए अभी बाकी तीन के यहां भी जाना बाकी है। ठीक है मतलब ये सीधा इशारा शंकराचार्य जी के और बाकी मठों पे बोल वहां जाना बाकी है। अच्छी बात है। सब जगह जाओ सब जगह जुतिया जो कुछ घटिया किस्म के लोग होते हैं। सुनो कुछ घटिया किस्म के लोग होते हैं। वह ऐसे होते हैं जैसे पॉकेट-वॉकेट मार होते हैं ना घटियाई
01:04:08:02 टाइप के लोग उनका क्या हिसाब किताब होता है? थोड़ा बहुत चलते फिरते अगर किसी ने दो झापड़ मार दिए तो झटकार देते हैं। ऐसे धूल साफ कर देते हैं। समझ रहे हो? तो ये लथखोर वाले लोग हैं। इनको चलते फिरते ऐसा अगर दिल नहीं भरा उसका। हां। नहीं ये लतखोर होते हैं। घटिया टाइप के लोग जो चलते फिरते जो है झाड़ देते हैं। अगर किसी ने दो चंटे मार दिए तो उनके लिए बरसात के कीचड़ में गिर जाना और किसी के दो थप्पड़ खा लेना एक समान बात होती है। कोई खुददार व्यक्ति हो आत्मसम्मान वाला स्वाभिमान वाला उसके लिए तो बड़ी बात है भाई। तेरे मुंह पे तुझको कहा जूते से मारे जाओगे। हां। तुझको धूल चटाई। तूने क्या कर लिया? क्या एक्शन ले रहा है? वीडियो बना रहा है। सुन मैं दूसरे के प्रांगण में था। सामने वाले ने अभी तक एक्सेप्ट नहीं किया है कि गाली दी गई। भागवतानंद की बात कर रहा हूं। मैंने कहा कि गाली दी गई। उसने नहीं कहा अभी तक कि गाली दी गई। मैंने कहा कि गाली दी गई। ठीक। मैंने कहा कि गाली दी गई और उसके ही प्रांगण में खड़े होकर के मैंने उसको ललकार दिया जिसने गाली दी। आजा तुझे चार पांच बार पटक दूं। यह ललकार मेरी थी। शत्रु के गढ़ में खड़े होकर के। मैं गाली नहीं दे सकता। मैं तुझे पटक सकता हूं। समझ रहा है? और वो जो गाली देने वाला मुंह
01:05:23:03 था वो इतना सा हो गया था। यह बात सुनकर [गला साफ़ करने की आवाज़] उसके खड़े होकर के कहा था। और ये बात गाली ना देने वाली बात तो सामने वाले ने स्वीकार नहीं की है। मगर उसका तुम वीडियो देख लेना। उठा के पटकने वाली बात उसने स्वीकार की है कि मैंने कहा था। वो ये बात कह रहा है। इसको कहते हैं मर्द। हम मर्द होता है ये मर्द। ठीक है? गाली दी तो वही उसकी आंखों में आंखें डाल के कहा था उसका वो जो सेवक है गुटखा खाया करता है तंबाकू का सेवन करता है उसको कहा था तुझे मैं उठा के पटकता हूं तू आजा बाहर गाली नहीं दे पाऊंगा क्योंकि तेरी मां मेरी मां भी है तो गाली नहीं दे पाऊंगा ठीक है मगर तुझे उठा के पटक दूंगा जो माता-पिता ने जो संस्कार नहीं दे पाए वो मैं दे दूंगा तुझे हम उसके यहां पे खड़े होके मर्द होता है भाई कैसे घटियाई टाइप के इंसान हो शर्ट झाड़ करके चले जा रहे हो गली कल ही जाकर के वो जो है अपना वीडियो बना रहे हो। [हंसी] मुझे माला मुझे माला
01:06:24:19 ये तो अपनी स्त्री को छोड़ के भी भाग गया था। हां बताओ ये बात ये बात जूते की चिंता है लेकिन घर की स्त्री की चिंता नहीं है। घर की है या जो भी बाहर की है। हां ये नहीं कह रहा वहां खड़ा होकर के अरे भैया मेरी जो साथ में वो अविवाहित संगनी आई है वो वहीं अंदर है। उसको मुझे लेना है साथ में। जूतों की चिंता हो रही है। जूतों की चिंता जूते दो जूते दो भागने की चिंता हो रही है भागने की भागने में भागने में जूतों से स्पीड मिलेगी ना [हंसी] ये तो लंबेलंबे लंबे लंबे कदम कैसे रखेंगे भागने में जूतों से स्पीड मिलेगी तो जूते मिल जाए तो जरा और तेज भागेंगे है [हंसी] ना सही बात खैर चलिए आगे चलते हैं अब तो अब लॉजिकल पैराडॉक्स की बात आती है कि इसने जो पहला प्रश्न किया इसने ये बात है ना कि गुरुदेव आंसर नहीं दे पाए। एक्चुअली हुआ क्या था? इसकी जो प्लानिंग थी वो थी कि वहां जाकर के एक दृश्य क्रिएट कर लूं मैं शंकराचार्य जी के साथ और वो दृश्य क्रिएट करके और जो है मैं ये कर लूं कि जैसे अन्यों को नैरेटिव दे देता है वैसे ही शंकराचार्य भी हमारे सवाल का उत्तर नहीं दे पाए। अब यहां पे ट्विस्ट आ जाता है वो काल भैरव जी का विधान था कि 21 तारीख को ये गया तो इसको मौका नहीं मिला। 23 तारीख को जब इसे
01:07:39:22 मौका मिलना था तो वहां पर खड़े थे शिवश नारायण द्विवेदी बस वहां से इसका जो है पिक्चर पूरी घूम गई अब इतना बौखलाया हुआ है कि इसको सवाल क्या करना था वहां पर हालांकि गुरुदेव का ओरा ही ऐसा है अच्छे अच्छे जाकर के थोड़े ढीले हो जाते हैं तो इसको प्रश्न क्या करना है इसको मालूम ही नहीं था सही मायने में देखा जाए तो एक व्यक्ति को यदि एक प्रश्न का अवसर दिया गया है तो इसका पहला प्रश्न यह था कि क्या इस तरह के जो कार्य हैं यह क्या कहते हैं क्या वैश्या को कुमारी बना सकता है वंद्या पुत्र को जन्म दे सकता है ना इस तरह के कार्य है क्या ये ईश्वर नहीं कर सकता है या नहीं कर सकता और फिर वो आगे की बात थी गुरुदेव ने कहा उसमें ये क्रिया शून्य है यही भाव उन्होंने प्रकट किया इसका मतलब क्रिया शून्य है पहले क्रिया दोगे तब तो करे तो यह भावना उन्होंने प्रकट कर दी इसके बाद इसका अगला क्वेश्चन ये आना चाहिए था कि अगर नहीं कर सकता है स्वरूप के विरुद्ध कार्य जो है वह ईश्वर भी नहीं कर सकता है। तो फिर यह लोग यह क्यों कहते हैं कि जो है वो अवतार नहीं ले सकता तो सर्वशक्तिमान नहीं है। ये लोग ये क्यों कहते हैं? या फिर ये पूछ लेता तो फिर अवतार लेना स्वरूप के विरुद्ध कार्य है कि नहीं? तो हम तुम्हें बताते या
01:08:54:26 गुरुदेव तुम्हें बताते। अवतार लेना स्वरूप के विरुद्ध कार्य है। ये कहां लिखा हुआ है? ये सिद्ध कहां होता है? अवतार लेना भी उसकी शक्ति का परिणाम है। लक्षण है। जैसे सृष्टि बनाना उसका लक्षण है। ठीक है? तो अवतार लेना भी उसका लक्षण है। और अगर तुम कहो दयानंद जी लिखते हैं अपनी सत्यार्थ प्रकाश में कि न्याय करना है पूरे संसार में तो उसको सर्वव्यापी होना पड़ेगा। यानी कि न्याय नामक क्रिया करनी है अगर ईश्वर को तो उसका सर्वव्यापक होना जरूरी है। यानी कि सर्वव्यापी पूरे संसार में यदि क्रिया करनी है तो पूरे संसार में उसका होना जरूरी है। सर्वव्यापक रूप से जब क्रिया को देखा जा रहा है न्याय के रूप में एट ए ग्लांस तो वो ये मान रहे हैं कि जब सर्वव्यापक रूप से क्रिया को मान रहे हैं तो सर्वव्यापक रूप से उसका होना मान रहे हैं। तो फिर एक देश जब क्रिया होगी तो ईश्वर का एक देश होना पड़ेगा ना वहां पर कैसे करोगे वो जवाब तुम देते नहीं हो अगर तुम अवतार को स्वरूप विरुद्ध सिद्ध करने चलोगे तो हम सृष्टि की रचना करने से सिद्ध करेंगे कि ये भी स्वरूप विरुद्ध मानो वास्तविकता तो
01:10:10:07 यही है कि जैसे अद्वैत के अनुसार मान लोगे सब सारी चीजें सिद्ध हो जाएंगी। जैसे संसार प्रतीति मात्र है तो उसके अंदर होने वाली सारी चीजें प्रतीति मात्र हैं। तो स्वरूप विरुद्ध हुआ कहां ईश्वर भाई? जहां संसार प्रतीति है, माता-पिता प्रतीति है तो वहां तो सब कुछ ही प्रतीति है। सब कुछ प्रतीति है। तो वास्तविकता में ईश्वर ने ईश्वर स्वरूप विरुद्ध अगर एकदेशीय होने से तुम मान रहे स्वरूप विरुद्ध हो जाए तो ईश्वर तो एकदेशीय हुआ ही नहीं ना। वो भी जिस चीज के आधार पर तुम उसके एकदेशीय होने का आरोप लगा रहे हो वो भी प्रतीति मात्र है। लो तो कहा हुआ उसने बदलाव और बाकी तुम अपने वो एक देश क्रिया का बता दो कैसे करता है ईश्वर अब तुम वहां ईश्वर ये लोग डायलॉग मारा करते हैं इनका ईश्वर तो जादूगर है और खुद यहां जादू कर रहे हैं ना उसकी शक्ति है जड़ पदार्थ हां उसकी शक्ति व्यक्ति है ही नहीं दुनिया में शक्ति का अस्तित्व है ही नहीं इन्होंने मान लिया दुनिया में शक्ति का अस्तित्व नहीं जब ईश्वर के पास शक्ति नहीं केवल इच्छा है इच्छा है हां शक्ति है ही नहीं संकल्प मात्र है बस संकल्प मात्र हां बस इच्छा की हो गया उसमें शक्ति नहीं है कि कोई किसी को जाके उसने सरकाया शक्ति ने ऐसा कुछ नहीं है। ठीक है? तो वहां ये मौन हो जाते हैं। तो जब तुम अपनी चीजों को अचिंत रूप से मान लेते हो तो हमारी
01:11:25:10 को मानो और अगर तर्क से तर्क कर रहे हो तो यहां पे भी तर्क दो। यही तो मैंने पूछा था उनसे आचार्य से और यहां से ये बात आई कि इसको इसके प्रश्न का सबसे पहली बात है कि एक व्यक्ति का एक प्रश्न लिया जाए। तो गुरुदेव ने तो उत्तर दे दिया था वंद्या पुत्र वाली बात से। उसके बाद आगे बात आगे बढ़ी तो यह वाली बात इसको पूछनी चाहिए थी कि अवतार अवतार तो स्वरूप विरुद्ध है तो वो तुम्हें बताते अवतार स्वरूप विरुद्ध नहीं है। वो तुम कर नहीं पाए क्योंकि बहका मैं बहका मैं शंकराचार्य के यहां आ गया और [हंसी] शिवश नारायण द्विवेदी से टकरा गया। ठीक है? खैर बौखला गए थे शॉर्ट टर्म मेमोरी। तो इतनी बात हो गई। अब होते-होते बात किसी तरीके से अ होते-होते बात किसी तरीके से आ गई
01:12:14:24 कहां पे आ गई मुक्ति मुक्ति पर आ गई कि भाई मुक्ति हां हां गुरुदेव ने कहा कि भाई अगर गुरुदेव ने कहा कि अगर अवतार पर ही आपको आपत्ति है तो अवतार तो आपके यहां हो रहा है भाई यदि वह मुक्त है और मुक्त का अवतार नहीं होता है। मुक्त कौन है? ईश्वर और जीव मुक्त हो गया। ठीक है? तो जीव जो मुक्त है और मुक्त का अवतार नहीं होता है। तो फिर तुम्हारे यहां ये जो जीव है मुक्ति वाले आ तो रहे हैं। और अगर तुम कहो नहीं वो मुक्त अगर तुम कहो नहीं उसके कर्म तो बाकी थे तो मुक्त नहीं मानो उसको। यानी कि अगर मुक्त मानोगे तो वो अवतार है। अगर बद्ध मानोगे तो अवतार नहीं है। तो बता दो कि तुम्हारा वो परांत काल मुक्ति है कि नहीं है। वो बद्ध है। अगर वो बद्ध है तो जीव की तरह वो अवतार ले रहा है। ठीक है। गुरुदेव ने कितना सटीक बोला वहां पे। भैया मुक्ति का अवतार मान रहे हो ना। तो आप हम लोग जीव का शरीर धारण करना क्यों मानते हैं? क्योंकि वो बद्ध है। बद्ध है। है ना? कर्मों के बंधन में है तो तो फिर मुक्त का क्यों मान रहे हो? अगर बंधन है तो फिर मुक्त क्यों कह रहे हो? मुक्त क्यों कह रहे हो? परांत काल जी आजाद जी और एक बात और इसमें वो दे दूं जरा सा कि भाई आप यह
01:13:29:27 बता दो कि जब फिल्म देख रहे होते हो एक व्यक्ति फिल्म देख रहा होता है। एक नॉर्मल व्यक्ति तो क्या वो बंधन में होता है फिल्म के या मुक्त होता है? अगर मुक्त होता है तो क्या वहां से वह जो चीजें हैं उनका भोग नहीं कर रहा होता उनका दृष्टा नहीं होता है और या फिर दृष्टा होता है तो क्या मुक्त नहीं होता है यही बता दो बस इसमें ही सारी आपको चीजें समझ में आ जाएंगी क्या आप फिल्म देखते समय क्या आप बंधन में होते हो फिल्म के क्या आप सस्टेंड नहीं होते हो यह जानते हुए भी वहां से कनेक्ट होते हुए भी वहां के मनोरंजन से जुड़े होते हुए भी क्या आप दृष्टा भाव से दृष्टा मात्र भाव से अपनी स्थिति में शेष नहीं होते हो या तो बोल दो मैं बद्ध होता हूं हम जी आजाद जी
01:14:22:00 अच्छा अभी है नहीं आजाद जी तो किसी को यहां तक अगर कुछ कहना हो तो वो बोले जी सनातन शंकर जी हम नहीं वहां पर गुरुदेव द्वारा जब इनसे पूछा गया कि भाई तुम्हें आर्य समाज का सिद्धांत ही नहीं पता है कि आर्य समाज जो है वो मुक्त जीव का अवतार मानता है। तब तो इसके द्वारा कोई बात नहीं कही गई कि भाई हां आप सही कह रहे हैं कि है ना कह रहे आर्य समाज आर्य समाज जो है वो अवतारवाद नहीं मानता है। कहने का है कि इसे यह पता ही नहीं था कि आर्य समाज का सिद्धांत क्या है? अब गुरुदेव ने तो इनके पूरे ग्रंथ खंगाले हुए हैं। इसको इसको मैं थोड़ा सा क्लियर करूं। बात ऐसी है कि जो बद्ध है अगर वो शरीर धारण करता है तो उसको कहते हैं भाई जीव जो है संसार में आ गया बंधन में आ गया या संसार में आ गया। प्रपंच रूपी संसार में उसने शरीर धारण किया उसने जन्म लिया मगर जो बद्ध नहीं है मुक्त है वो जब शरीर धारण करता है तो उसको अवतार कहा जाता है अवतार है तो डायरेक्ट ईश्वर को नहीं मान रहे मगर मुक्त का तो अवतार मान रहे हो ना या फिर कह दो कि वो भी बद्ध है या फिर कह दो वो भी बद्ध है ये ये उनका ये उनका प्रहार था इसके ऊपर हालांकि समय के अभाव के कारण और जो है अन्यों को अवसर दिए जाने के कारण और इसका एक प्रश्न का तो पूरा आंसर दे चुके थे इसके
01:15:38:16 बात गुरुदेव ने कितना सॉलिड चीज बोली थी मुक्त का अवतार मुक्त मुक्त ने शरीर धारण किया तो वो अवतार है व ने धारण किया तो वो जो है बंधन है जन्म है उसका जन्म है उसका है ना तो खैर [गला साफ़ करने की आवाज़] जो भी है जी अब आगे आप कुछ कह रहे थे वो बोल लीजिए शास्त्रवाद जी आप भी आप भी कुछ बोलना चाहे तो बोल लीजिए जी फिर वहां पर यह भी बात कही गई कि भाई किसी ने दयानंद जी से पूछा के सारे लोगों को मोक्ष मिल जाएगा। सारी आत्माओं को मतलब जीवात्मा को मोक्ष मिल जाएगा जीव को। तो एक दिन क्या होगा कि संसार जो है वो जीवात्मा से खाली हो जाएगा। तो उनकी बुद्धि चकरा गई। अब उनकी बुद्धि चकरा गई तो उन्होंने बोला युक्ति लगाई। बोला मैं तो जीव का जो है कभी भी नित्य मोक्ष मानूंगा ही नहीं। है ना? जब नित्य मोक्ष नहीं मानूंगा तो फिर वो मोक्ष के बाद भी जीव को जो है वो जन्म लेना पड़ेगा। सबसे बड़ी बात है कि इतने वहां जाकर के प्रश्न क्यों करते हो भाई? सच्चिदानंद की प्यास क्यों आ रही है? जब सच्चिदानंद है नहीं तो प्यास क्यों है? ईश्वर को उपास्य सिद्ध कर दो ना बिना इस सिद्धांत के कि ईश्वर की भक्ति आवश्यक है। ईश्वर का ईश्वर को प्राप्तव के रूप में सिद्ध कर दो
01:16:53:22 तुम। बिना सिद्धांत के सच्चिदानंद के। सब जगह कराओगे। यहां धरातल से चालू नहीं करोगे। अच्छा धरातल से कर हां धरातल से आप चालू नहीं करेंगे। अच्छा इसने एक और एक और पूछा था प्रश्न एक और पूछा था के बोला कि यदि जीव स्वभाव से मुक्त है तो फिर वह बंधन में क्यों आ रहा है हम और वहां पर जब गुरुदेव [गला साफ़ करने की आवाज़] जवाब दे रहे थे तो ये बीच में ही बोलने लगा तो गुरुदेव ने बोला अरे एक के बाद एक पूछ रहे हो त ठंड रखो जी ऐसा कुछ बोला था है ना प्रेम नाल सुनोष्टाच प्यार से प्यार से प्यार से बोल लो नाल ऐसे करके शायद कुछ था ना अच्छा अच्छा एक बात और मुझे याद आई। यह बोलता है कि हम आर्य समाज जी तो आपके लाडले प्यारे हैं। अरे मेरे घचू व्यक्ति नीच व्यक्ति ये लाडले प्यारे का जो व्यवहार है केवल गुरुदेव को ही करना है क्या कि तूने उन पे तो थोप दिया। तुम हम तुम्हारे लाडले प्यारे हैं। हम तुम्हारी अब छाती पे खंजर मारेंगे। हम तुम्हारे लाडले प्यारे हैं। हम तुम्हारे लाडले प्यारे हैं। हम खंजर मारेंगे। नीच कहीं का नीच आदमी। वो तुम्हारे साथ लाडले प्यारे का व्यवहार कर रहे हैं। इसलिए ध्यान दिला रहे हम तो आपके लाडले प्यारे हैं। और तुम उनके पीठ में छुरा घोंप रहे हो। तुमने आज्ञा ली?
01:18:08:28 लाडले प्यारे वो तुम्हारे साथ व्यवहार करें। मुझे लगता है उन्होंने तो ऐसा कोई गलत व्यवहार नहीं कर दिया। तुमने आज्ञा ली। तुमने ये आज्ञा ली कि गुरुदेव ये शास्त्रार्थ के नाम से मैं इसको डालूंगा जिसमें आप पराजित हुए हो। आज्ञा ली उनसे लाडले प्यारे हो ना तुम उनके? नीच कहीं के लथखोर कहीं के। हम ठीक है। अब बात आती है अगला प्रश्न। यह आ जाता है कि क्या गुरुदेव का इसके निरुत्तर होने तक उस शंका समाधान वाले सत्र में प्रश्नोत्तरी वाले सत्र में इसके निरुत्तर होने तक इसको जवाब देते रहना था। ठीक है? तो यह क्या आवश्यक था? तो [गला साफ़ करने की आवाज़] हम यह बात आती है। तो अब इसमें मैं आपको
01:18:59:13 पहली बात बताऊंगा। पहली बात यह बताऊंगा आपको। इसने खुद माना है कि इसके एक आज देखिए कोई भी छोड़ के ना जाए। बहुत सारे रोचक तथ्य विद ठोस सामग्री है ना सॉलिड प्रूफ आपको मिलने वाले हैं वीडियोस के रूप में। तो आप देखते रहें। तो इसने खुद अपने वक्तव्य में माना है कि हमारे जो विवेकानंद परिवराजक जी हैं वो ऐसे आचार्य हैं जो अपनी बात कहते हैं शंका समाधान वाले उससे परंतु यदि कोई शंका समाधान के नाम पर शंका समाधान की आड़ में शास्त्रार्थ करने की भावना से आएगा विरोधाभास की तो वो बहुत ज्यादा आगे तक नहीं जाते और जो है वो अपनी बात कह कह देते हैं तुमको मानना है तो मानो नहीं मानना है तो नहीं मानो इस रूप में उसने उनको स्वीकार किया है। ठीक है? यानी कि इसके अनुसार वह शास्त्रार्थ में हारने वाली प्रवृत्ति के हैं। यदि किसी कारण से यहां पर पूरी शंकराचार्य जी का इसको उत्तर ना देना आगे अंत तक उनका शास्त्रार्थ में पराजित होना सिद्ध करता है तो इसका मतलब इसके जो इसके अनुसार इसके जो परिवराजक जी हैं वो शास्त्रार्थ
01:20:14:21 में हारने वाली प्रवृत्ति के हैं। हालांकि उसी वीडियो में इसने यह खुद कह दिया है
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→ Used in: A · Video वितंडावादी स्वामी दयानंद जी? चोर-चोर मौसेरे भाई at 4:08 ↗
01:20:19:20 कि शंका समाधान के नाम पर यदि कोई शास्त्रार्थ करने लगता है तो उसे वितंडा
⬜ Not used yet · 01:20:25:13 – 01:21:55:27 (1:30)
01:20:25:13 कहा जाता है। जी भाई साहब हमसे कहते हैं शिवश नारायण द्विवेदी झूठे के हद तक और चोर के घर तक तो भैया अगली सौगात अब आपको मिलने वाली है। उसके लिए कमर कसे रह यह चौथे नंबर का वीडियो चलाइए। शंका समाधान वितंडा [नाक से की जाने वाली आवाज़] यही है क्या चौथा? गलत भेज दिया क्या मैंने?
01:21:10:12 एक मिनट मैं देख लेता हूं। स्वामी यही तो है एक मिनट 23 सेकंड वाला हां जी चलाइए ये सीन एक मिनट अभी मैं चला ये सीन देख लेना जितने भी उसके समर्थक हैं ये सीन है मैं खड़ा हूं चट्टान की तरह कि इधर आ मैं तुझे फिर से तेरी जो है औकात याद दिलाता हूं इन जैसे लोगों के लिए यही शब्द उचित रहता है तुझे फिर से धूल चटाता हूं ये देख लो और इसको मेरे गुरु भाई मुझसे बचा आ रहे हैं। पुलिस वाले नहीं आए अभी। ठीक है। जी चलाइए।
01:21:53:13 क्या नाम? हां परिवार है।
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01:21:55:27 वो तो दर्शनाचार्य हैं। वो तो बड़े हाई लेवल के आचार्य हमारे उनसे मेरी बात होती है। शुरू से चलाइए। शुरू से नाम सुन ले। कुछ स्वामी विवेकानंद क्या नाम? परिवराज हां परिवराज वो तो दर्शनाचार्य हैं। वो तो बड़े हाई लेवल के आचार्य हमारे। उनसे मेरी बात होती है। उनसे ना मेरी बातचीत मुझे डाउट होता है ना कुछ दर्शनों के संबंधी उनके यहां मैंने फोन किया था। अच्छा तो मुझे चर्चा के लिए आप समय दें। हम हम तो कहा कि हां गुजरात कभी आइएगा तो इधर हो लीजिएगा। ऐसा कुछ बोला मतलब मतलब बहुत ज्यादा ठोस जवाब नहीं आया। क्योंकि वो क्या करते हैं? वो ऐसे डिबेट इत्यादि नहीं करते हैं। डिबेट नहीं डिबेट के तौर पर नहीं है। का समाधान और शंका समाधान के लिए उनके यहां हर कोई आता है। शंका समाधान देखिए उसमें ये होता है ना जैसे न्याय में सब बता रखा है कि विदंडा क्या है? वाद क्या है? जल क्या है? शंका समाधान। शंका समाधान में क्या होता है कि व्यक्ति का अपना खुद का कोई मत नहीं होता। ये चीज है। तो अगर आप शंका समाधान के नाम पे अपना फिर मत भी वहां पे स्थापित करने का प्रयास करेंगे तो फिर शंका समाधान वो भी ठंडा बन जाएगा। तो स्वामी जी ऐसे हैं क्योंकि वो परिवराजक सन्यासी हैं। तो वो क्या करते हैं? उनकी वो आध्यात्मिक थोड़ा एक उन्नति अच्छी है कि वो ऐसी चीजों में पढ़ते ही नहीं जहां पर हल्का सा भी विरोध भाव हो। तो वो उनकी ऐसी प्रवृत्ति
01:23:11:08 है तो वह कहते हैं कि अगर आपको मुझसे कोई बात कहनी है ठीक है तो या तो यह चीज हो कि आप नहीं मानोगे तो मैं कह दूंगा ठीक है जी आपकी मर्जी कोई इशू नहीं है और अगर आप आपको शंका समाधान करना है तो मुझे जितना ज्ञान है उस अकॉर्डिंग आपको बता दूंगा बाकी आपकी मर्जी मानना मान तो शंका समाधान करते हैं वो भी और स्वामी वो मुनि सत्यजीत जी
⬜ Not used yet · 01:23:28:04 – 01:26:52:26 (3:25)
01:23:28:04 ठीक है भाई तो शंका समाधान के नाम पर कोई व्यक्ति शास्त्रार्थ करने का प्रयास करता है तो उसे कहते हैं वितंडा यह कौन कह रहा है तुम्हारा जूता छोड़ भगोड़ा जूता छोड़ भगोड़ा और शंका समाधान के नाम पर जो है शास्त्रार्थ करने का प्रयास जो कि वितंडा है और इस चीज से अगर दूर रहते हैं किसी कारण से भी उनकी आध्यात्मिक उन्नति इसलिए उनको उनका दूर रहना स्वीकार है क्योंकि वो आर्य समाजी है मगर शंकराचार्य की आध्यात्मिक उन्नति से कोई मतलब नहीं शंकराचार्य के पास कोई कारण नहीं हो सकता उस विरोध से विरोध वाली बात से दूर रहने का या फिर किसी के प्रश्न के शंका समाधान में एक हद तक उत्तर देने के बाद अगले व्यक्ति को सुनना। यह कारण शंकराचार्य के पास नहीं हो सकते। हां, तुम्हारे आचार्यों के पास पर्याप्त कारण है केवल। क्यों? क्योंकि जूता छोड़ भगोड़े ने कहा है। न्याय भी वही लागू होगा जहां जूता छोड़ भगोड़ा कहेगा। है ना? न्याय भी वहीं लागू होगा। तो अगर यह शास्त्रार्थ है। यहां पर सब लोग जान ले। अगर यह शास्त्रार्थ है और शास्त्रार्थ में इस तरीके से शंकराचार्य जी का
01:24:43:06 पराजित होना सिद्ध होता है। वाह वाह वाह तो फिर इसका मतलब है कि तुम्हारे जो परिव्राजक जी हैं जिनसे तुम शंका समाधान करते हो पूछते हो फोन लगा करके वो उनकी प्रवृत्ति है शास्त्रार्थ में हारने की। ठीक है? नाम नोट कर लेना मेरा दोबारा। शिवश नारायण द्विवेदी नाम है तुम्हें धूल चटाने वाला। देखो अभी और कैसे कैसे धूल चाटोगे तो अब बात एक बात अब यहां पर आपने क्लियर कर लिया कि शंका समाधान के नाम पर कोई शास्त्रार्थ करे तो वितंडा है और ऐसे कारण हो सकते हैं लोगों के पास कि वो एक हद तक उत्तर दे उसके बाद ना दें उसको शास्त्रार्थ में पराजित स्वीकार नहीं किया जाएगा अकॉर्डिंग टू इस जूते छोड़ भगोड़े के अनुसार केवल मेरे अनुसार नहीं केवल शास्त्र के अनुसार नहीं उसमें इस जूता छोड़ भगोड़ा की भी बात है ठीक है अब रोज आके छाती पीट पीट छाती पीट पे वो पप्पा आएंगे पप्पा पाएंगे क्या है वो पीट पीट के छाती सब पप्पा पाएंगे हां [हंसी] अब जाओ पीटो छाती अच्छा अब एक बात और है कि अच्छा किस किसी व्यक्ति को कब तक उत्तर दिया जाएगा या तो अगर हम कहें कि सामने वाले के चुप होने तक उत्तर दिया जाएगा। अगर हम कहें यह सोचे कि सामने वाला जब तक चुप ना हो
01:25:58:07 जाए तब तक उसको उत्तर देते रहो तो क्या यह उचित है? यदि सामने वाला निराधार हो गया तो वहां पर मौन हो जाना उस चर्चा से अलग हट जाना क्या वह उचित नहीं है आप देखिए यह व्यक्ति किस प्रवृत्ति का व्यक्ति है आप देखिए यहां पर भैया वो वीडियो दिखाओ यहां पर क्या कहते हैं शायद पांचवें नंबर का होगा जिसमें यह जिसमें यह जो है अर्ध कुकुट न्याय को स्वीकार कर रहा है। हां मैं अर्ध कुकुट न्याय करूंगा। देखो और वहां पर मैंने जब यह निराधार हुआ दो तरीके होते हैं। या तो व्यक्ति निरुत्तर हो जाए या निराधार हो जाए तब जो है चर्चा बंद होती है। निरुत्तर हो गया तो हम शांत हो गए और निराधार हो गया तो हम शांत हो गए। तो ये व्यक्ति जब जो है बोले ही जा रहा है। निराधार बातें बोले जा रहा है। खुद ही न्याय न्याय चिल्लाता है। यहां देखिए क्या कह रहा है।
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→ Used in: A · Video वितंडावादी स्वामी दयानंद जी? चोर-चोर मौसेरे भाई at 2:45 ↗
→ Used in: A · Video परंपरा के विषय पर अब तक की सबसे स्पष्ट और निर्णायक वार्ता at 22:19 ↗
01:26:52:26 सुनिए। तो मैं तो यह कह रहा हूं कि किसी कारण से अगर हमें हमारे गुरुजनों का झूठ बोलना हमारा लग रहा है। ये लग रहा है कि द्वेष वश या लालच वश या भयवश झूठ बोल रहे हैं। [हंसी] सुनो उनके सामने हमने सिद्ध कर दिया। सुनो तो उनके सामने हमने [गला साफ़ करने की आवाज़] सिद्ध कर दिया। ये देखो अष्टाध्यायी से आपका मैच नहीं खा रहा है। फिर वो कह रहे हैं कि नहीं अष्टाध्यायी से मैच हमारा खा रहा है। तो इसका मतलब वो लोग झूठे लोग हैं। उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। एक सूत भी नहीं किया जा सकता। और जब गलत है क्यों गलत है अर्ध कुकुट न्याय नहीं कुकुट न्याय करोगे यहां हां तो क्या दिक्कत है अर्ध कुकुट न्याय कर दोगे किसी व्यक्ति की कोई एक बात गलत हो तो सारी बात गलत हो जाती है क्या अब बस बस अब इस मनन करो अब तुम
⬜ Not used yet · 01:27:39:01 – 01:37:00:21 (9:22)
01:27:39:01 [हंसी] क्या करें भाई जब व्यक्ति कह रहा है मैं अर्धकूट न्याय करूंगा तब भी उसको चुप कराने के लिए पीछे पड़े रहे क्या बेवकूफ मुझे नीच बोल रहा हैं अर्ध कुकुट न्याय करूंगा मैं बोल रहा है तुम्हारा ये जूता छोड़ भगोड़ा इनका उद्देश्य धर्म की स्थापना नहीं है ये अपने वीडियोस बना के जो ये कर रहे हैं ना मेरा एक सिंगल पॉइंट एजेंडा है ये भी मुझसे कॉपी की है पूरी स्टाइल इसने मेरी कॉपी की है मुझसे जो बातें हुई है इसकी जो भाईचारे में जो बातें हुई है इसकी उसमें जो मैंने इसको बताया कि मैं ऐसे इस तरह से मेरा दृष्टव्य है सेम टू सेम कॉपी कर दिया इसने पूरा स्ट्रेटजी कॉपीरा मगर भाई तुम कितना भी कॉपी कर लो तुम्हारे पास गुरु नहीं है ना सिद्धांत नहीं है ना क्या करोगे कर लो कॉपी क्या कह रहा है देखो व्यक्ति क्या कह रहा है अर्ध कुकु न्याय करूंगा मैं अब इससे हम इसको चुप कराने तक इससे तर्क वितर्क करें और आगे हो गया निराधार खत्म ठीक है अच्छा अब आगे [गला साफ़ करने की आवाज़] चलते हैं जी यहां तक अगर किसी को कुछ कहना है थोड़ा थोड़ा सा आपका ओपिनियन ले लें। बहुत आप लोग थोड़ा सा
01:28:54:14 कुछ जलपान वगैरह लेके बैठिएगा क्योंकि अभी काफी कुछ और भी है और बाद में बहुत सारी रोचक तथ्य आने वाले हैं। फुल एंटरटेनमेंट भरी है आज की ये जो जो मूवी है जी बोले आप लोग कुछ नहीं नहीं जारी रखिए जलपान करके ही बैठे हैं। [हंसी] नहीं नहीं मैं इनको कह रहा हूं दर्शकों को जो देख रहे हैं। हां वो भी वो भी देख रहे हैं। आप आप लोग थोड़ा थोड़ा कुछ ना कुछ जलपान इत्यादि ले लीजिए क्योंकि अभी है चीजें है बाकी। पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त। पिक्चर अभी बाकी है। जी जी जी पिक्चर अभी बाकी है। तो हमने क्या-क्या सिद्ध कर लिया कि प्रश्नोत्तरी में कोई अगर इस तरह से शास्त्रार्थ का नाम देने प्रयास करे तो वितंडा होता है। अगर अंत तक कोई आचार्य ना जाए तब भी वो हरा हुआ सिद्ध नहीं होता है। ठीक है? और इसके साथ ही साथ ये किस तरह के वितंडा वाले व्यक्ति हैं कि मैं अर्ध कुकुट न्याय करूंगा। जैसे राजपाल यादव कहता है ना अंत में मैं पागल हूं। मैं पागल हूं। मैं को न्याय करूंगा। अबे भाई जब तूने स्वीकार कर लिया मैं पागल हूं तो अब तुझे क्या हम सिद्ध करें आगे? जूता छोर भगोड़े। हां जी शास्त्रवाद जी बोले। जी भैया यही हुआ कि इसे जो पूरा समय जो यह चाहता था जितना समय पहली बात तो जगह पर जहां पर वो खड़ा है
01:30:09:25 जिस सभा में वो प्रश्न कर रहा है वो प्रश्नोत्तरी सभा है प्रश्नोत्तरी सभा में चर्चा करने लगे हो और चर्चा नहीं उसको शास्त्रार्थ का नाम दे रहे हो और वह भी वो शास्त्रार्थ का नाम दे रहे हो जो काशी काशी शास्त्रार्थ का नाम दे रहे हो और ये काशी शास्त्रार्थ का जो बोला जाता है ये सीधेसीधे दयानंद जी से जुड़ता है। अगर अगर इस शास्त्रार्थ में तुम स्वयं को विजय घोषित करते हो तो क्या ये लिंग सीधेसीधे तुम्हारे दयानंद जी पर भी अप्लाई होता है क्या? वो भी ऐसे ही गए होंगे किसी सभा में और इस तरह से बोल के अपने आप को विजय घोषित कर लिए होंगे क्या? बताओ यदि तुम काशी शास्त्रार्थ जोड़ रहे हो वो भी काशी शास्त्रार्थ ही नहीं सिर्फ काशी शास्त्र 2.0 तो 3 ये सब कर रहे हो ये क्या बात है भाई 2 या 3 तुम लोग पहले तो अपने आप में सिद्ध कर लो मतलब वो फिक्स कर लो कि बोलना क्या है 2 है या 3 है जितना भी ओ है [गला साफ़ करने की आवाज़] लेकिन लिंक तो तुम्हारे दयानंद जी से हो रहा है यदि तुम इसे काशी शास्त्रार्थ का नाम दे रहे हो देखो वो हो गया है वो हो गया है वो हो गया है। बात यह है कि इसने कहा कि यह शास्त्रार्थ है। ठीक है? और इसी के अनुसार यह
01:31:25:03 कार्य करना वितंडा है। और इसी के अनुसार जो है काशी में जो ये जो शास्त्रार्थ था ये वाला वितंडा जो निकला बाद में ये जो है 2.0 है 3.0 है। यानी कि जो काशी में जो शास्त्रार्थ हुआ था वो भी वितंडा थी। ठीक है? इसी के अनुसार हां इसी के और एक और चीज मैं ये बोलना चाह रहा था कि यदि ये बोल रहा है कि मुझे पर्याप्त समय नहीं मिला तो भाई तुम जाकर के बाकियों का भी वीडियो देख लो सबको कितने समय दिया जाता है वहां पर प्रश्न करने का और ऊपर से सभी लोग एक ही प्रश्न करते हैं ज्यादा से ज्यादा तुमने तीन चार लगातार प्रश्न पे प्रश्न किए ऊपर से उदंडता पूर्वक अपनी जो अनार्यता दिखाते हुए तुमने बीच में जो है शंकराचार्य जी की बात को काटा है बीचबीच में वो तुम्हारी अशिष्टता दिखा रही है। ठीक है तो वो भी थोड़ा ध्यान रखो इस बात का [गला साफ़ करने की आवाज़] जो भी तुम इसमें एक चीज और मैं बताऊं आपको आज तक मैंने कभी किसी चर्चा को शास्त्रार्थ नहीं कहा। हालांकि उसमें मैं समय ले बैठा हूं सामने वाले के साथ। मैंने कभी उसको यह नहीं कहा शास्त्रार्थ में पराजित कभी नहीं कहा। इसको कहते हैं दर्शन विज्ञान और व्यवहार जो हमने अपने गुरु से सीखा है और तुमने
01:32:40:12 भी हमसे सीखना चालू किया। इसकी रिकॉर्डिंग है मेरे पास। कभी अगर कोई ज्यादा डिमांड होगी पब्लिक के द्वारा तो हम डाल देंगे। उसने बोला है ये मैं आपसे सीख रहा हूं दर्शन विज्ञान व्यवहार। ठीक है? तो [हंसी] खैर अब आगे चलते हैं थोड़ा सा। काफी चीजें हो गई। तो हमने [गला साफ़ करने की आवाज़] यह सारी बातें कर ली है कि भाई तुम हमारे यहां पर आए तो तुम्हारे साथ जो तुम्हारे धूल चटाने वाली बात आई तो किस तरह से आई थी। अ
01:33:17:15 तुमने क्या कहते हैं? हमारे यहां पर आए हुए हो। हमारे आराध्यों के बारे में तुमने गाली इत्यादि तक दी गई है। हम पर ही आरोप लगा रहे हो चर्चा से बचने के लिए। नाम बदलकर जो है उनके शिष्य को जब यह पहली बार मेरी चर्चा में आया था तो इसने नाम बदलकर गुरुदेव को भगवान कहा था। ठीक है? जब ये पहली बार हमारी चर्चा में आया था इसने पहली बार गुरुदेव को भगवान कहा था। गुरुदेव भगवान। ठीक है? तो इस तरह से षड्यंत्र तुम करते हो भाई और तुम उसी उनहीं आंखों से सबको देखते हो। अच्छा फोन पर जो है तुमने सम्मान दिया है गुरुदेव को ठीक है और तुम शंकर परंपरा के नष्ट होने की बात करते हो तो षड्यंत्रकारी कौन हुआ तुम व्यस्त व्यक्ति को असमय फोन करके उसकी कॉल रिकॉर्डिंग कर लेते हो उससे शास्त्रार्थ का प्रयास करते हो वही शंका समाधान के नाम पर और उसको जो है शास्त्रार्थ के रूप में जो है प्रसारित प्रसारित करते हो और जबकि वो निरुत्तर भी नहीं हुआ है तुम्हें आमंत्रित कर रहा है हम उसके उसके उसके साथ मतलब उसका पूरा नैरेटिव ही चेंज कर देते हो। कैमरे पर हमने यह किया है जो अभी भी तुम्हारे चैनल पर डला हुआ है उससे मुकरते भी हो और तब भी तुम
01:34:32:16 चाहते हो कि तुम्हारे ऊपर किसी को गुस्सा ना आए। तुम एक धार्मिक जगह पर गए हुए वहां चिल्लम चिल्ली करने लगते हो। अनुशासन हीनता करने लगते हो। पर फिर भी कोई तुम्हारे ऊपर क्रोधित ना हो। कोई तुमसे यह ना कहे भाई जाओ तुम यहां से शांतिपूर्वक चले जाओ। एक कहना तुम्हारे लिए गुंडों के द्वारा घेरना कहते हैं इसको। है ना? अच्छा वही लोग हैं जो इनके वीडियो में जो कह रहे हैं ना कि देखो तुम्हें शांति से सुन रहा हूं। वही लोग आगे तक इनको छोड़ के आए कि जाओ जाओ यार तुम प्रश्न पूछने का एक तरीका होता है। उनका केवल ये था कि यहां का अनुशासन जो अनुशासन में जो विघ्न पड़ रहा है वो ना हो। उस कारण से तुमको उन्होंने वहां से हटाया और यहां तक कि उन लोगों ने ही तुम्हें मेन जो बार-बार तुम्हें धूल चटाने वाला था तो मुझसे जो है उन लोगों ने दूर किया। नहीं तो तुम्हारा क्या ही होता वो तुम जानते हो। तुम याद करो अपने उस समय को जब तुम वहां नीचे धूल चाट रहे थे। खैर मुझे हम [गला साफ़ करने की आवाज़] ये षड्यंत्र वाले पे एक चीज बोलना चाहेंगे जो ये बोल बोलता है निर्भय कि षड्यंत्र किया था ये वो अगर ऐसा सच्ची में होता तो जैसे ये लिखा आता वही पर हम लोग इसे धर लेते चर्चा करने ही नहीं देते इसका भी एक झूठ है बिल्कुल देखो ये खुद षड्यंत्रकारी है ये खुद षड्यंत्रकारी
01:35:47:27 है इसलिए इसको सब षड्यंत्रकारी लगते हैं अब इसका भी मेरे पास प्रूफ है ठीक है वो मैं बता रहा हूं मगर सबसे बड़ी बड़ी बात यह है कि अगर इसको षड्यंत्र लग भी रहा है जो कि षड्यंत्र है नहीं। अगर इसको षड्यंत्र लग भी रहा है तो भाई तू यह कहना कि मैं नहीं जाऊंगा मुख्य जगह में ऐसे करूंगा ऐसे मतलब चर्चा की संभावना ही क्यों खत्म कर रहा है यह बोल के कि हमें चर्चा नहीं करनी। बात यह है चर्चा की संभावना तूने बंद खत्म क्यों कर दी? उससे पता लगता है कि तुझे भागना था जूता छोड़ के। खैर [गला साफ़ करने की आवाज़] अब षड्यंत्रकारी यह है। इसको हम देखेंगे कौन से वीडियो से भैया? वो छह नंबर वाला वीडियो लगा दीजिए जरा। ये ये किसी से चर्चा करने जाता है तो किन-किन कारणों से इसका किस-किस प्रकार का जो है भावनाएं होती हैं। पूर्वाग्रह से किस प्रकार से ग्रसित होता है यह सुनिए आप। जी। छह नंबर वाला लगा दीजिए।
01:36:49:27 [गहरी सांस लेने की आवाज़]
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→ Used in: A · Video तथाकथित आर्य फूट फूट कर रोया | क्षमा मांगी | पूर्वाग्रह को बताया कारण at 0:02 ↗
01:37:00:21 तो मैं आपको बताऊं अब तो मेरे को इतना वो जो मैंने देखा मेरे को खुद पे वो बड़ा खराब लगा। मैं कहा यार ये तो ये जिस तरीके से होना चाहिए था वैसे हुआ ही नहीं। हां मैं बड़े साफ मन से बैठा था वहां पे तुम्हारे साथ। सच बता रहा हूं। तो पता है मैं मतलब वो मेरे को लगा कि यार यहां तो मैंने ब्लंडर मिस्टेक कर दिया मतलब सिद्धांतिक बात है वो एक अलग बात है उसमें बीचबीच में कुछ ऐसा हल्का सा वो पता नहीं किस कारण से था तुमने शायद कमेंट देखे हो नीचे या फिर हो सकता है तुम्हें ऐसा लग रहा हो कि मैं वो हो रहा हूं डोमिनेटिंग उसमें भैया मैं आपको बताऊं मैं मतलब जब मैं उस टाइम चर्चा कर रहा था वो चीज मुझे समझ में नहीं आया कि यहां पे मैं गलती कर रहा हूं वो मेरे को शायद इसका कारण मुझे बाद में मैंने विचार किया कि ऐसा होता है क्यों मेरे व्यवहार में आई मुझे कारण ये समझ में आया कि जैसे मैं बहुत एक से एक मूर्ख लोग मिलते हैं डिबेट करने के लिए। उसमें भीमवादी होते हैं उसी में मुस्लिम होते हैं। तो बहुत चीजें होती है। जिस तरह से टैकल करते हो तुमने कहा कि यहां वही आदत सीख और वो क्या होता है कि वो लोग आते हैं सबसे पहले गाली देते हैं। तो हम लोग थोड़ा वो चीज सुनते सुनते सुनते थोड़ा सा वो जो हमारी भावना है उसमें कटु और क्रूता वो चीज आ गया। तो पता ही नहीं चलता कि मतलब जैसे डिबेट मोड ऑन हुआ तो वो नेचुरली आ जाता है। जब मैंने बाद में वीडियो देखा मुझे खराब इतना लगा। मैंने मैं एकदम पता है मैं एडिटिंग छोड़ दिया। संदीपन जी ने मुझे कहा कि अरे हाईलाइट कब बना के दे रहे हो? तो मैंने कहा कि मैंने एडिटिंग छोड़ा। मैंने कहा वो छोड़ो।
01:38:15:27 मैंने संदीपन जी को कॉल किया। मैंने कहा कि आपको भी एक दो बार नंबर ट्राई किया कॉल तो मैंने संदीप जी को बोला कि संदीप जी मेरे को उनसे हाल में बात करनी है। तो उन्होंने कहा कि क्या हो गया? मैंने बताया कि संदीप जी मेरे से हो गई बहुत बड़ी गलती और ये जो जिस तरीके से करना चाहिए था उस तरीके से हुआ नहीं। मेरे को यह समझ में आया कि चलो ठीक है लास्ट में अगर उन्होंने मेरे को निकाला भी तो वो उसमें जो प्रेशर उनके दिमाग में बिल्ड हुआ वो बिल्ड करने का कारण ही ना था वो मेरे को उस टाइम मेरे को समझ में आया वीडियो देख के हां चलो ठीक है शुरू से जो मैं वो बीच-बीच में जो टोंटी इत्यादी क्योंकि उस टाइम मुझे पता नहीं चला क्योंकि वो थोड़ा एक मेरा नेचुरल स्वभाव में था तो फिर मुझे समझ में आया कि भ सामने वाले को जब इतना फ्रस्ट्रेट करोगे तो फिर तो वो हो गई परेशान एक बात है तो वो मुझे समझ में आया वो मेरी बहुत गलती थी तो फिर और फिर मेरे को ये हो गई कि यार इतनी बड़ी बात और फिर मेरी उनसे दोबारा बातचीत नहीं हो पाएगी। मुझे बहुत बुरा लगा उस वाले पॉइंट पे। हुआ ये था कि लाइव में जब मैं बैठा था तो मेरे मन में ईगो वाला भाव था। ईगो वाला भाव का भी कारण ये था कि मतलब उस टाइम तक जो जैसे आपने जो वीडियो वगैरह डाला था तो मुझे मेरे दिमाग में ये था कि आप जो हार और जीत वाली एक इमेज थोड़ी सी मतलब आ [हंसी] रही है। उस टाइम मुझे तो थोड़ा वो दिमाग में फिर ये हुआ था ना कि डिबेट के बाद फिर मैं जैसे मेरे जो मित्र या जानकार जो आर्य समाझी लड़के उनसे मेरी बात हुई। तो उन्होंने जो मुझे रिस्पांस दिया तो ठीक है। अब वो आपको विरोधी रूप में देखते तो उन्होंने उल्टा उल्टा बोला और मुझे थोड़ा सा वो चढ़ा बढ़ा दिया। एक टाइप से
01:39:31:01 थोड़ा ईगो और हाई हो गया था। तो तब तक मैंने वीडियो नहीं देखा था पूरा डिबेट का। तो वो चीजें भी जो है वो लाइव में तो मैंने तो फिर मुझे तब तक मैं मतलब वो आपको मतलब ऐसा नहीं था कि मैं किसी पॉइंट पे ह्यूमिलिट या ऐसे करूं नीचे गिराऊं। लेकिन फिर मैंने सोचा कि अगर सामने वाले ने मतलब वो घमंड वाले वे में मैंने सोचा था कि अगर सामने वाला मुझे कंटेंट दे रहा है तो क्यों मैं उसका फायदा ना उठाऊं। तो फिर मैंने लाइव में इस टाइप से जानबूझ के वो कटाक्ष वाला भाव आता।
⬜ Not used yet · 01:39:53:22 – 02:34:54:00 (55:00)
01:39:53:22 ठीक है। ये कब की बात हो रही है? जब यह स्वीकार कर रहे हैं कुल मिलाकर के कि मैं गलत व्यवहार इसलिए करता हूं कि मेरे जो लौंडे लपाड़ी हैं वो मुझे एक तो स्टिमुलेट करते हैं। फकों पर चढ़ाते हैं। गलत जानकारियां देते हैं। गलत तथ्य देते हैं। मैं ईगो से ग्रसित होता हूं। मेरी आदत पड़ चुकी है। क्योंकि मैं बहुत बड़ा डिबेटर हूं। यहां वहां जाकर कायरों की तरह नपुंसकों की तरह लोगों के वो ऑनलाइन उसमें जाकर टेली टेलीग्राम में जाकर के जो है कुतर्क ये अब यही वाले अर्ध कुकुट न्याय में किया था। मैं अर्ध कुकुर [गला साफ़ करने की आवाज़] न्याय करूंगा। तो मैं यही सब किया करता हूं। जिस कारण से मेरा ऐसा नेचर हो गया है कि मैं ऐसे ही बिहेव करता हूं। ठीक है? तो पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर के कौन आता है यह आपको पता चला। अपनी गलती कौन स्वीकारता है यह आपको पता चला। और इसी तरह के पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर आना इसका वहां पर दिखाई दिया था। और मेरा इसके पास जाना क्यों नहीं बनता है। भाई मैं तुझे जानता हूं अच्छे से जब कि तू पूर्वाग्रह से ग्रसित व्यक्ति है। तू तू जो है उनसे बदतमीजी करेगा, अनुशासन हीनता करेगा। इसलिए मैं गया। तो आपको यह सिद्ध हुआ यहां पर कि ईगो है फुकों पर चढ़ाने से यह जो है प्रभावित होते हैं कि मेरे दोस्तों ने मुझे बता दिया तो मैं उससे प्रभावित हो गया। मैं ईगो
01:41:08:24 से प्रभावित हो गया। मैं अपनी उस इसने क्या मेरा नेचुरल स्वभाव है ऐसा। इस तरह से जाना कहीं पर। नेचुरल स्वभाव है इस व्यक्ति का। यह खुद कह रहा है। अब बोलिए। जाओ रोज आकर पीट पीट के छाती सब पपाएंगे। पपाओ। और याद करो धूल चटाई गई है तुम्हारे व्यक्ति को धूल फिर से कह रहा हूं बार-बार कहूंगा अभी आगे भी सुनते रहिएगा ठीक है जी आप में से किसी को कुछ कहना हो तो आप कहें जी हटा दीजिए बस काफी है [गला साफ़ करने की आवाज़]
01:41:44:28 जी इसको बात ये है मेन सबसे प्रमुख बात ये है कि इसने अपने चलाटुओं के बीच में कुछ दो चार लोगों के बीच में टोपी चिल्लर पार्टी के बीच में एक अपनी भूमिका बनाई। बहुत बड़ा रैशनलिस्ट है। बहुत बड़ा फन्ने खान है। तीस मार खान है। बहुत बड़ा जो है तर्क वाला व्यक्ति है निर्भय। और हुआ क्या कि होते होते जब वो शंकराचार्य के एक अल्पज्ञ शिष्य से टकरा गया तो उसकी वो जो चीज थी ना वो भले ही दुनिया में बाद में पता चले पहले पता चले। उसकी आत्मा में उसको आत्मा में चोट पहुंचने लगी। वह अपने आप में जो है फील करने लगा मैं हार कैसे सकता हूं। मैं कैसे हार सकता हूं? और उस मैं के चक्कर में सारी चीजें जो है गड़बड़ पे गड़बड़ गड़बड़ पे गड़बड़ करता चला जा रहा है। ठीक है? ये ऐसा व्यक्ति है। यह अपनी छवि को बचाने में लगा है। किसी को लग रहा हो ना कि दयानंद जी के सिद्धांत को कुछ नहीं। सिद्धांत को बचाने में नहीं लगा। अपनी छवि को बचाने में लगा है ये कि मेरी वो चलाटुओं के भाई तुमने अंधों में का राजा बने घूमते थे टकरा गए किसी दिन पहाड़ के सामने आ गए तो पता चल गई अपनी चीजें और पहाड़ मैं नहीं हूं सिद्धांत पहाड़ है
01:43:00:00 गुरु पहाड़ है गोविंद पहाड़ है ग्रंथ पहाड़ पहाड़ मैं नहीं हूं मैं तो अल्पज्ञ शिष्य हूं वो बात और है कि तुम इस अल्पज्ञ शिष्य के सामने भी चवन्नी सिद्ध हुए चवन्नी छाप जी आप लोग बताएं नहीं [गला साफ़ करने की आवाज़] बिल्कुल इसका इसके जो नकली मनगढ़ंत सिद्धांत है जो इसने एक बना रखा था अपना एक इमेज बना रखी थी कि भाई मैं ऐसा हूं वो अब ये गिर गया है वहां से अब जब वहां से गिर गया है तो फिर ये क्या करेगा वो साइकोपैथ वाली एक भूमिका होती है ना जो साइकोपैथ होता है की वो ऐसी चीजें करता रहता है है ना वो अच्छा गजनी वाली गजनी वाले लक्षण भी इसमें आ रहे हैं भूल भी जा रहा है [हंसी] अमीर खान के गजनी गजनी यही बात है ना देखिए यही बात है देखिए कितनी भी चीजें होंगी मगर हम लोग ऐसा आलंबन नहीं लेने लगते कि झूठ हो जिसमें ये व्यक्ति झूठ को भी लेता है तो इससे क्या सिद्ध होता है अच्छा क्या ये मानता है कि दयानंद जी झूठ भी बोलने लगते थे शास्त्रार्थ में जीतने के लिए बताओ बताओ वो भी बात है बिल्कुल तो फिर ये वहां पर झूठ का आलंबन ले रहा है ना किसको बचा रहा है ये दयानंद जी को भी नहीं बचा रहा है कोई यह सोच रहा हो ना कि आर्य समाज आर्य समाज के लिए लड़ा यह व्यक्ति
01:44:15:20 सेल्फ वो क्या कहते हो उसको सेल्फ सेंट्रिक सेल्फ सेंट्रिक व्यक्ति है ये अपने को बचा रहा है जैसे किसी से बात हो रही है जैसे वो रामपाल के लोग नहीं आते हैं होते होते रामपाल का भी विरोध करने लगेंगे उसी तरीके से आया वैसे न्याय की बात करता है फिर अर्ध कुकुट न्याय में छोटी बात ना पड़ जाए मैं अकुट न्याय करूंगा लोग [हंसी] ये क्या है ये ऋषि दयानंद जी ने सिखाया है को न्याय करना यह बात है। [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है। किसी एक व्यक्ति की कह रहा था क्या कह रहा था कि एक बात गलत है तो उसकी सारी बातें गलत नहीं मानेंगे हम। है ना? वो हमारे लिए प्रमाण नहीं हुआ ना। उसको उसकी किसी बात को लेने के लिए तृतीय प्रमाण होना चाहिए। तृतीय प्रमाण क्या है? ये बात। और उससे [गला साफ़ करने की आवाज़] पहले तो अकु ने न्याय स्वीकार किया ना। मैं मानूंगा। हां, मैं मानूंगा। ठीक है। अच्छा अब अब आगे चलते हैं। अभी [नाक से की जाने वाली आवाज़] बहुत जरूरी जरूरी बातें बाकी हैं। अ मान लिया कि पहली बात तो सार्वजनिक जगह पर षड्यंत्र हो नहीं सकता। हमने ये सब बातें कर दी हैं कि भाई सार्वजनिक जगह पे चर्चा करने को बोलता। तुमने आर्य समाज
01:45:30:26 का नाम लिया। हम ये सारी बातें हो गई हैं। पिच भी इसकी पहले हाई हुई थी। क्या डाला? क्या डाला? ये इसी की हाई हुई थी पिच। ठीक है? आपने हमारे आचार्यों का अपमान किया है। यह सब इसका ही हुआ था। अच्छा गुरु भाइयों ने उसे रोका क्यों? हम नाश करने की बात तुम कर रहे हो। कॉल रिकॉर्डिंग के द्वारा षड्यंत्र तुम कर रहे हो। ये सब चीजें तुम कर रहे हो तो क्रोध तो आएगा ही ना। तब भी जो है तुमको रोका ना जाए। हमारे प्रांगण में चिल्लाकर वातावरण दूषित कर रहे हो तब भी क्रोध ना आए। तो
01:46:11:10 वर्तमान में कानून व्यवस्था के अनुसार अपराधिक माने जाने वाली गति गतिविधियों में गतिविधियों के संबंध में जब तुमसे स्पष्टीकरण मांगने हेतु तुम्हें रोका गया तब भी तुम वहां पर मानसिक और शारीरिक दबाव मेरे सामने मेरे गुरु भाइयों बना रहे हो भाई आए हो और इस तरह से बवंडर अभद्रता करके जाओगे और तुम्हारी जो पूर्व की चीजें उनसे उनके बारे में तुमसे पूछा तो जाएगा ना स्पष्टीकरण तो मांगा जाएगा ना तो तब तुम्हें जो है जुतिया गया था, धूल चटाया गया था और तुम्हारी औकात तुम्हें याद दिलाई गई थी। और असहाय बच्चे की तरह तुम जो वो पैरवैर चलाना वो था ना वो हो रहा था तुम्हारा। मैं तो मुस्कुरा रहा था मैं एक वो फोटो डाली है ना आप लोग पोस्ट में जाकर के देख लीजिए मुस्कान। तो तब भी मेरे [गला साफ़ करने की आवाज़] गुरु भाइयों ने वो सारी बातें बता चुका हूं। पुलिस वाले बाद में आए। मेरे गुरु भाइयों ने ही इसको बचाया और यह नीच जो है अपनी वीडियो में झूठ बोल रहा है। अब बात आती है इनकी अविवाहित संगनी की। ठीक है? अविवाहित संगनी की बात आती है। तो भैया ये जो वीडियो है ना ये वाला तीसरा वाला विवाद से पिटाई तक वाला वो अब जरा पूरा चला दीजिए।
01:47:28:26 विवाद से पिटाई तक वाला वीडियो पूरा चला दीजिए। [गला साफ़ करने की आवाज़] तुमने बिना बिना परमिशन के तुमने क्यों डाला तुमने? क्या डाला हमने? तुमने डाला ना अपने YouTube पे डाला। उधर आवाज नहीं। तुमने अपने YouTube पे डाला कि नहीं डाला? महाराज [हंसी] मत करो।
01:48:13:13 कर रहे होतजी करने आए अरे भैया बदतमीजी करने आए हो तुम जूते से मारे जाओगे समझे प्रश्न पूछने का तरीका होता है कहां है वो दीदी जी वहां है वहां दीदी अंदर चलिए अंदर चलिए अंदर चलिए अंदर चलिए मैं पूछ रहा हूं कौन हो आप कौन है मैं पूछ रहा हूं आप कौन है इनकी अब देखिए पॉज भी कर दो भाई साथ के साथ इनसे मैं तीन बार पूछा हूं आप कौन है इनकी आप कौन है इनकी आप बहन है इनकी इनका मुंह सूख गया है अविवाहित संगनी का क्या बोलना है ठीक है तो बहन तो थी नहीं पूछने पर बोल नहीं पा रही है मामले को भटका रही है जी चलाइए
01:49:13:10 आप कौन है मैं पूछ रहा हूं आप कौन है आप कौन है मैं पूछ मैं पूछ रहा हूं आप कौन है इनकी नहीं नहीं मैं पूछ रहा हूं आप उनकी बहन है ना यहां पे ये व्यक्ति प्रश्न करने आया उसको कहा गया भाई विधिवत उत्तर ले लो चलके ऊपर से गुरु जी सिर्फ पकड़ रहे हैं उनको अरे वो हाथ चला रहा ऑडियो डाली हमने नहीं किया है
01:49:46:07 किसी की ऑडियो बिना यहां पॉज करो पॉज करो पॉज करो देखो यहां पर जब मोबाइल बंद करने की बात की गई तो मैं क्या कह रहा हूं नहीं नहीं चलने दो तो यहां सबके अपने अपने विवेक के अनुसार जो जो जिसको जैसा समझ में आ रहा था वो कह रहा था मगर जो वहां के अथ अथॉरिटी में जो लोग थे वो मेरे सहित जो वहां के शासन प्रशासन में थे उन्होंने ये नहीं कहा कि आप जो है वो बंद करो वो जिसके जहां जो विवेक काम कर रहा है वो अपना बोल रहा है उनसे मगर मैंने क्या कहा नहीं नहीं वो बंद मत बंद करने को मत कहो मोबाइलबाइल मोबाइल कैमरा बंद करने को ये सब बातें मत कहो। यह मैंने कहा कैमरा बंद मत करवाओ। ठीक है? और यह आप ध्यान दो कि इस स्त्री से मैंने दो तीन बार पूछा इस मातृशक्ति से कि आप कौन हो उसकी? मनुस्मृति में कहा गया है ना या तो भाई के साथ रहना है, भाई के सानिध्य में या फिर पिता के सानिध्य में, बेटे के सानिध्य में या फिर पति के सानिध्य में। तो मैं इससे पूछ रहा हूं इस मातृशक्ति से कि भाई तू कौन है? इसकी ये जो व्यक्ति आया था तो ये क्या कह रही है? वहां पर मौन है और बात को विषयंतर कर रही है कि उनको रोकिए ना उनको रोकिए
01:51:01:10 दो मिनट दो सेकंड के लिए चुप भी हो गई यह होता है चोर की दाढ़ी में तिनका ठीक है तो चुप भी हो गई बोल नहीं पा रही है कि मैं कौन हूं इसकी शर्म आ रही है बोलने में वहां बोल ही नहीं रही है देखिए चलिए चलाइए मत कराओ डिलीट नहीं होगा। ठीक है? मत कराओ। डिलीट नहीं होगा वो। यह सब मत करो। यही हमने वहां कहा था। खैर तो अब [गला साफ़ करने की आवाज़] वो यह नहीं बता रही है कि वो कौन है इनकी। ठीक है? अच्छा माता जैसी दिख नहीं रही है। बेटी जैसी दिख नहीं रही है। अच्छा पत्नी के जो अगर आर्य समाज के अनुसार भी देख लें। तो जो लक्षण जो भी कुछ प्रतीक हैं वो भी नहीं दिख रहे हैं उसमें। और
01:51:54:26 जो यह जूता छोड़ भगोड़ा है यह भी ऐसा नहीं दिखता है कि कोई परिवार वाला व्यक्ति होगा। एक लौंडा लपाड़ी वाला ही मामला है उसका व्यक्तित्व उसका तो ऐसा कहीं से भी कुछ प्रतीत नहीं हो रहा कि वो पत्नी है। तो जब ऐसा कुछ नहीं है तो क्या कहा? यहां एक विकल्प और हो सकता है कि इनके जो मंदिर है ना जहां पर एक दिन में किसी विधर्मी को मलेच्छ को जो है ब्राह्मण बना करके और उसको हिंदू बिटिया सौंप दी जाती है एक दिन में वहां से इनको कोई सर्टिफिकेट दिया गया हो बिना विवाह के साथ में रहने का तो यह और हो सकता है परंतु यह स्थिति भी स्पष्ट नहीं है अभी कि यह विकल्प है कि नहीं तो फिर ऐसे में क्या कहा जाए उसको क्या संज्ञा दी जाए तो मैंने शुरू में कहा था ना वो संज्ञा वो संज्ञा यह है अविवाह विवाहित संगनी भाई संगनी है मगर अविवाहित है विवाहित तो है नहीं तो इसलिए हमने कहा था अविवाहित संगनी तो खैर तो ये [गला साफ़ करने की आवाज़] अविवाहित संगनी की अब बात आगे करते हैं कि यह जो स्त्री है यह किस तरह से इसके साथ यहां पर है यह वहां पर ना तो भाई मान लो सहयोगी है तो बहन तो होगी ना कम से कम बहन तो कही जाएगी ना अगर सहयोगी भी है तो एक दृष्टि तो रखी जाएगी ना कि ऐसे निर्वाद रूप से स्वतंत्र रूप से कहीं भी घूम रही है। यह एक मान लिया जाए। तो वो यह भी नहीं
01:53:09:27 कह रही कि मैं बहन हूं उनकी। उसको दिक्कत हो रही। मुंह पे ताला पड़ गया। जब मैंने उससे पूछा कि आप कौन हो इसकी? दोबारा दिखा दो वो कौन हो वाला सीन? [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं पूछ रहा हूं। आप कौन हो? आप कौन? मैं पूछ मैं पूछ रहा हूं। आप कौन है? यह देखा आंखें देखी है इसकी जो साथ में आई थी तो आप कौन है मैं पूछ रहा हूं आप कौन है कौन हो आप कौन है मैं पूछ मैं पूछ रहा हूं आप कौन है इनकी नहीं मैं पूछ रहा हूं आप उनकी बहन है ना यहां पे व्यक्ति प्रश्न करने आया ठीक है तो ये हो गया हां अब बात यह है वो जो कैमरा ना चलाने की भावना कई कई लोगों में आई कई लोग टोक सकते हैं ये बात अलग है कि जो तुम्हारी जो अविवाहित संगनी जिस प्रकार तुम्हारी अवैध गतिविधियों में अभिनय पूर्वक पूरे तन मन धन से साथ दे रही थी उससे अवश्य सिद्ध होता है कि वो कितनी मर्मज्ञ थी इन सब चीजों की इस तरह के आचरण में जो है संलग्न होने की और तुम्हारा साथ देने की
01:54:25:01 हर तरह से हर प्रकार से तो यह सब इससे स्पष्ट हो जाता है। जैसे वो वाली बात है ना कि वहां पर जो लोग कह रहे थे कि कैमरा बंद कराने को कहा गया तो वो कोई सुनियोजित तरीके से नहीं था। परंतु इनकी जो चीजें हैं जो आप निर्भय के वीडियो में भी देखिएगा कि वो बार-बार उस चीज को रिकॉर्ड करवाना चाह रही है कि हमको माइक नहीं दिया गया। है ना? और यहां पर भी रोकिए उनको रोक लीजिए। ये दिखा रही है वहां बहुत मार पड़ रही है। वो चला गया है। मगर ये दिखा रही वहां उनको जिससे कैमरे में वो बात आए रोकिए उनको रोकिए। वो मार रहे हैं। इस तरह से वो प्रदर्शित कर रही है। जब पूछा जा रहा है बहन हो क्या? बहन हो क्या? क्या हो उनकी? तो मौन है कुछ नहीं उसने आज के वीडियो में भी जो डाला है ना तो महिला संयोगिनी डाला है सहयोगिनी वहां पे ये नहीं डाला वो बहन है क्या है कुछ नहीं महिला सहयोगिनी यानी अविवाहित संगनी ठीक है तो हमारा तो षड्यंत्र नहीं था ये कैमरा इत्यादि वाला हां मगर जिस तरह से यह जो अविवाहित संगनी जिस प्रकार से तुम्हारी अवैध गतिविधियों में अभिनय पूर्वक पूरे तन मन धन से साथ दे रही थी उससे अवश्य सिद्ध होता है कि वह कितनी मर्मज्ञ थी और किस किस प्रकार से तुम्हारी संतुष्टि हेतु तुम्हारी अनैतिक चेष्टाओं में तुम्हारा साथ देती है। यह सिद्ध हो रहा है वहां है ना
01:55:40:02 तुम्हारी जो अनैतिक चेष्टाएं होती हैं उसमें किस तरीके से जो जैसी अनैतिक चेष्टाएं तुमने यहां की तो और भी होती होंगी तो उसमें भी यह तुम्हारा इसी प्रकार से साथ देती होगी जिस प्रकार से इसने यहां पे दिया है तो वो सिद्ध हो रहा है कि किस तरीके की मर्मज्ञ ये खिलाड़ी मातृशक्ति आई थी वहां पे तुम्हारी जो अविवाहित संगनी थी खैर अब बात आ जाती है थोड़ा सा उस पे आ जाते हैं हटा दीजिए जी अभी आपको कुछ कहना है भाई साहब जी [गला साफ़ करने की आवाज़] सनातन शंकर जी नहीं इससे तो स्पष्ट हो ही गया जो अभी वीडियो दिखाया कि भाई ये षड्यंत्र के साथ ही ये व्यक्ति आया था उनको लेकर और पूरी की पूरी प्लानिंग थी कि हम इस तरह से रिकॉर्ड करेंगे और वहां से निकल जाएंगे लेकिन उनको ये पता नहीं था कि भाई शिवश भी वहां पर होंगे और ये सब हो जाएगा ये उनको आभास ही नहीं था बिल्कुल भी हम और रिकॉर्डिंग करने से किसी ने रोका नहीं उनको यह भी बात है कि कोई ये जो कह रहे थे ना कि रिकॉर्डिंग से रोका और ये देखिए वहां वहां हर तरह के लोग आए हुए हैं। श्रद्धालु आए हुए हैं। सामान्य लोग भी आए हुए हैं जो मंदिर आए हैं वहां पे प्राण प्रतिष्ठा हुई है उस दिन तो हर व्यक्ति अपने हिसाब से देख रहा है कि भाई ऐसा ना हो जाए यहां का कुछ दुष्प्रचार हो। अपने और मेरा मेरे भी उसको जो मेरा जो वीडियो चला रहे है उसको भी
01:56:55:06 कैमरा बंद करने को कह रहे हैं तो वो सिद्ध होता है ना कि अगर वो कहते तो उसी को कहते अगर योजना होती तो मुझे मेरे वाले को क्यों कहते तो वो अपनेप विवेक से जिसको जांच लग रहा है वो कह रहा है उस भीड़ भीड़ में कुछ हम डिसाइड नहीं कर सकते ना कि कौन क्या कहेगा वहां कोई टीम वर्क थोड़ी ना है इस बात को लेकर के वही मैं बता रहा हूं हां मगर इनकी जो अविवाहित संगनी है वो जरूर ऐसा बिहेव कर रही है कि क्या कहते हैं जो बहुत मर्मज्ञ है और इसकी इस तरह के अनैतिक चेष्टाएं जो होती है उसमें पूर्ण समर्थन देती है हर जगह तन मन धन से जैसे यहां पे दे रही है ना इसमें थोड़ा सा आप बताएं अभी तक नहीं तो फिर समापन की ओर चले जी नहीं नहीं बिल्कुल वो पूरा जो होता है ना स्क्रिप्ट पूरी माइंड में होती है कि इस तरह से करना है ये ये बोलना है हम ये बोलेंगे कि हमें माइक नहीं दिया गया जबकि मैंने पूरी रिकॉर्डिंग देखी गुरुदेव की उसमें सबसे ज्यादा जो इसी इसी ने टाइम लिया है प्रश्नोत्तरी में सबसे ज्यादा टाइम इसी को दिया गया है और उसके बाद भी ये लास्ट में जब बार-बार प्रश्न कर रहा था तो गुरुदेव जी गुरुदेव इसको कह रहे थे कि भाई अरे एक के बाद एक बोल रहे हो त ठंड रखो जी है ना ये भी बोला क्या इनको ये कमेंट देखिए
01:58:10:12 क्या [हंसी][अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़] कि वो भाग रहा होगा इसलिए वो निर्भय को रोकने को बोल रही होगी [हंसी] कि जूता छोड़ भगोड़ा मुझे क्यों छोड़ गया? मुझे छोड़ के भाग गया भाई। अभी से छोड़ के भाग गया। भाई बाद में क्या भाई? भाई ये जो कह रही है ना कि मुझे छोड़ के क्यों भाग गया है? इस तरह से अविवाहित जीवन जो अविवाहित संगनियां होती हैं उनका इसी तरीके से उपयोग करने के बाद लोग इसी तरह से छोड़ जाते हैं। खैर जी जी खैर [गला साफ़ करने की आवाज़] 100 की सीधी एक बात षड्यंत्र की भावना हम मा अगर अब थोड़ा सा उस शास्त्रवाद जी आप ये आपको ये संज्ञा कैसी लगी ये बताइए जो भाई उसने तो बताया नहीं मैं बहन हूं तो हमने जो ये बात बोली है अविवाहित संगिनी इस पर आप थोड़ा सा प्रकाश डालिए कैसा लगा आपको ये बताइए
01:59:04:04 ये वाला संज्ञा तो दिख रहा है। हां जी हां जी [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] हम मैं बोलात जी बोल आप शास्त्र जी बोल जी देखिए मुझे तो ये लग रहा है कि वही की पहले तो वो तो अविवाहित थी ही और निर्भय के इस जो छल था उसमें वो सहभागी भी थी तो संगिनी भी थी तो इसलिए सही है टाइटल सही है बिल्कुल बिल्कुल बिलकुल बिलकुल जी आजाद जी मैं ये कह रहा था क्या आर्य समाज का मनुस्मृति जो है इसमें मिलावट मानते हैं क्या ये ये लोग भी इस चीज को प्रमोट करेंगे कि ऐसे अविवाहित स्त्रियों के साथ जगह जगह घूमा जाए दूर-दूर जाया जाए क्या ये लोग खुद इस इन सब चीजों को प्रमोट करेंगे पहली बात तो ये आर्य समाजियों को ही निर्भय को लात मार के बाहर निकालना चाहिए जैसे हमारी जगह से वो निकाला हुआ है आज फोन आया था मेरे पास किसी का अरे वो आर्य आर्य नहीं हमसे हमारे से क्यों नाम जोड़ दिया आपने? तो मैंने उनको बताया कि भाई वो मुझसे बार-बार प्रेशर डाल रहे थे कि भाई आपने कैसे उसको आर्य बता दिया। आर्य समाज बता दिया। मैंने कहा भाई आपके यहां की ये रीत है।
02:00:19:08 दयानंद जी ने अपने आप अपने को घोषित कर लिया कि मैं जैमिनी से जुड़ा हुआ हूं। अपने आप ही तो घोषित किया कि मैं ब्रह्मा से ले जैमिनी पर्यंत तक में जुड़ा हुआ हूं उनसे। ठीक है? तो इसने उनसे अपने आप को इसने उसने हम अपने आप को जोड़ के घोषित कर लिया। इसमें हम क्या करें? तो आपके यहां क्या सिस्टम है? कोई भी घोषित कर सकता है। मैं हूं दयानंद जी को मानने वाला आर्य समाझ जैसे दयानंद जी ने घोषित कर लिया था। मैं हूं वेदों को मानने वाला जैमिनी ऋषि पर्यंत मानने वाला वैदिक हमारे यहां परंपरा है। किसी की पहचान उसके पूर्वाचार्य जो प्रामाणिक आचार्य होते हैं वो तय करते हैं। और अगर कोई अपने से बोलने लगता है तो उसका खंडन होता है। जी सही बात है। तो [गला साफ़ करने की आवाज़] अब आ जाते हैं कंक्लूजन पे। 100 की सीधी एक बात यह है कि अगर तुम्हें षड्यंत्र मात्र की संभावना दिख रही है। षड्यंत्र षड्यंत्र की संभावना मात्र है। पर तुमने रिस्क ना लेकर रिस्क लेने का साहस ना दिखाकर पीठ दिखाकर भागने वाले के रूप में अपने आप को ख्यापित किया। भाई तुम्हें षड्यंत्र की संभावना दिख भी रही है। मान लेते हैं कि षड्यंत्र ही था। संभावना थी। तब भी तो तुम्हारा वहां से पीठ दिखाकर
02:01:34:14 भागना सिद्ध होता है ना। षड्यंत्र से डर कर। चलो मान लो चर्चा से डर कर तुम नहीं भागे। षड्यंत्र से डर कर तो भागे ना। मेरे को भी बुलाया गया था। तुमसे ज्यादा नुकसान करे बैठा हूं मैं इस का। इस का एक प्रमुख मंदिर दिल्ली में वहां मुझे बुलाया गया था और कक्ष में ले जाकर बात करने को कहा गया। हर व्यक्ति के जीवन में जब वह कोई साहस साहस पूर्ण कार्य करने जाता है ना एक क्षण आता है निर्णय लेने का कि मुझे यहां से आगे जाना है कि नहीं जाना है तो उसके अंदर सत्य का बल यदि होता है तब वो अपना साहस आगे बढ़ाता है तुम्हारे को षड्यंत्र की संभावना थी तब भी तुमने पीठ दिखाई ना मुझे भी वहां पर षड्यंत्र की संभावना थी दो लोग थे वहां पर तुम्हारे साथ तो तुम वो विक्टिम वो वुमेन कार्ड खेलने के लिए तुम्हारे साथ तो वहां पर मात्र शक्ति थी वहां मेरे साथ तो एक पुरुष थे श्वेतांग जी कमरे में कक्ष में जाकर के उन्होंने चर्चा करने को कहा वहां पर और वहां के वो ऐसे वैसे व्यक्ति कहीं वहां के प्रमुख व्यक्ति जो जिनके साथ चर्चा हुई है देख लो अभी पड़ी है ईस्ट ऑफ कैलाश स्कॉन में कमरे के अंदर वहां मुझे भी लगा था ये षड्यंत्र हो सकता है पर मैं गया क्यों क्योंकि मेरे पीछे राम है क्यों
02:02:49:18 क्योंकि मेरे पीछे गुरु है मेरा सिद्धांत है मेरा सत्य का बल है हमारे हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता हम है हम सत्य के लिए लड़ रहे हैं हम नहीं डरेंगे हमारे राम देखेंगे ये भावना कहां चली गई भाई षड्यंत्र संभावना हो गई तुम कट लिए एक दो तीन इसी को तो भगोड़ा कहते हैं सही बात भागवतानंद भागवतानंद के यहां मैं गया था और वहां पर मुझे भागवतानंद के कक्ष में बुलाया गया कि चलो अरे भाई मुझे क्या पता वो किस स्ट्रेटजी से मुझसे मिलना वाला है। यद्यपि उसने भी कोई प्लानिंग पूर्वक मेरे साथ कोई इस तरह का आक्रमण टाइप का नहीं किया था। वो जो बृजेश पांडे ने किया उसका व्यक्ति है तो उससे पूछा जाएगा गुटखा खाऊ। मगर जब मैं कमरे के बाहर हूं तब तो मेरे मन में आएगा ना। मैं जाऊं अंदर कि नहीं जाऊं? पगले गया था मैं। क्योंकि सच के लिए कहीं ना कहीं रिस्क लेना पड़ता है।
02:03:54:04 साहस दिखाना पड़ता है तब कोई सिद्धांत स्थापित होता है। तब धर्म की रक्षा होती है। रिस्क लेना पड़ता है। षड्यंत्र की संभावना होते हुए भी जहां पर मर्डर हो जाते हैं। ऐसे रामपाल के अड्डे पे जाना पड़ता है। जहां उसकी किताबें छपने का एड्रेस डला हुआ है। बेवकूफ पीर दिखाकर भागे नहीं थे वहां से हम। चले गए थे वहां जहां पाउडर बनता है।
02:04:28:24 षड्यंत्र था षड्यंत्र करना होता तो तुम वहां से वापस ना आते जितने सकुशल वापस लौट आए हो। तो खैर अगर षड्यंत्र की संभावना भी है ना तब भी साहस लेना साहस ले लिया जाता है। साहस दिखाया जाता है। रिस्क लिया जाता है। अगर हमारे अंदर सत्य के अनुसंधान की भावना है। सत्य के स्थापना की धर्म की स्थापना की भावना प्रबल है। प्रचंड है। वो प्रचंड भावना आपको शक्ति देती है। राम आपको शक्ति देते हैं। गुरु गोविंद और ग्रंथ आपको शक्ति देते हैं। तब आप रिस्क ले पाते हो। तब आप साहस दिखा पाते हो। फिर बंद करो अपने आप को ये आर्य कहना
02:05:09:10 जो जो षड्यंत्र की संभावना मात्र के मात्र को आधार बनाकर अपने भागने को उचित सिद्ध ठहरा रहा है। समझे क्लासेस चलती है निशुल्क। वहां आओ सीखो कुछ। अच्छा संभावना तो हर जगह थी। फिर फिर तुम जो है कारण कोई भी हो लंबे लंबे कदम लेकर भागा है यह व्यक्ति लंबे लंबे कदम लेकर के ठीक है कोई भी हो सही बात है कारण कोई भी हो ठीक है लंबेल लंबे कदम लेकर के अच्छा सबसे रोचक बात क्या है कि जूता छोड़ा तो छोड़ा परंतु अपनी अविवाहित संगनी को भी छोड़ गया गुंडों के बीच अब ऐसे व्यक्ति को नपुंसक नहीं कहा जाए तो हां ऐसे व्यक्ति को नपुंसक नहीं कहा जाए तो क्या कहा जाए अरे भैया तू जिस स्त्री को ला रहा है हां तू जिस स्त्री को लेके आ रहा है साथ में चल मान लिया वुमेन कार्ड खेलने के लिए ला रहा है ढाल बना के कुछ भी करने ला रहा है तू जिस स्त्री को साथ में लेके आ रहा है तू खुद लंबे-लंबे कदम मार के भाग गया अरे मर्द था ना बोलता ना
02:06:24:28 अरे मेरी बहन को भेजो बाहर या मेरी अमुक को भेजो बाहर या मेरी अविवाहित संगनी को भेजो बाहर मेरी स्त्री को भेजो बाहर वो बेचारी बाद में टेरर रही है अरे अरे हक्का बक्का हो रही है बता नहीं पा रही है मैं बहन हूं कि क्या हूं हम ऐसे ऐसे ऐसे आर्य जन्म लेते हैं तुम्हारे यहां तुम्हारी माताओं की कोख से हैं अगर कोई तेरे यहां तेरे विरुद्ध षड्यंत्र करेगा तुझे जाने को कहेगा तो बहन बहन ना सही मां ना सही वैद वैद मतलब जो शास्त्रीय न्यायिक ढंग से है ना नैतिक रूप से पत्नी ना सही अविवाहित संगनी तो थी ना भाई तेरे उद्देश्य में तेरी सहभागिनी तो थी ना हम तब भी उसे हम गुंडों के बीच छोड़ के चले जाए
02:07:21:20 कैसे सोच लिया भाई अब या तो ये मान ले कि हम राम राम को फॉलो करने वाले या ये मान ले कि हम रावण है। रावण है तो फिर अग्नि परीक्षा इत्यादि की संभावना हो जाएगी। क्या करेगा? हां हम तो रावण वाले हैं ना। गुंडे हैं ना गुंडों के बीच में छोड़ गया। मात्र माता जी आप जाओ बहन जी आप जाओ। मातृ शक्ति इनको जान ये सब वहां दिखाई देगा। और तू हमको कह रहा है नीच। तू हमको कह रहा है गुंडे थे। हमारे ही गुरु भाई तुमको बचा रहे हैं। और तुम कह रहे हो कि हमने चार को निपटा दिया। बाद में 141 आए। ऐसे नीच तैयार होते हैं इनके तथाकथित आर्य समाज में अगर यह सारी चीजें हैं तो खुद [गला साफ़ करने की आवाज़] को कह रहे हैं आर्य समाजी और जूते की चिंता है मेरा जूता दे दो इस बात की चिंता नहीं है कि मेरी अविवाहित संगनी कहां गई भाई जो आई है साथ में हम जूते की चिंता है और गुंडे के बीच छोड़ के चले जाओ और मैंने अभी बताया ना इसके कुछ लोगों ने हमारी तुलना मुसलमानों से की यही वृतांत पर आधा अधूरा जो उसने बताया है तो फिर तुमने एक तरीके से अगर उस बात को ले लिया जाए तो मलेच्छों के बीच में तुम इस तरह से ही तुम्हारे यहां हर समाज में इसी तरह से अपनी स्त्री को
02:08:36:24 छोड़ के जाना सिखाया जाता है क्या तो मैं कहता नहीं था इसीलिए मैं कई बार कह चुका हूं कि युद्ध के समय ऐसे नपुंसक तथाकथित युद्ध के समय ऐसे नपुंसक तथाकथित आर्यों की स्त्रियों की रक्षा भी हम ही को करनी है। कह चुका हूं मैं अपनी कई स्ट्रीम्स में हम ही को करनी है क्योंकि तुम तो ऐसे ही छोड़ छोड़ के भागोगे की भी है उसको पूरा विश्वास था कि भाई ये रक्षा करेंगे गुंडे हां है ना तो रक्षा की भी है और उस दिन भी हम लोग रक्षा जब करेंगे ना तो उस दिन ये क्या कर रहे होंगे ये लोग लंबे लंबे कदम फेंक के जैसे निर्भय पीठ दिखाकर भागा है जूता छोड़ भगोड़ा ऐसे जैसे ही ये किसी गली कूचे में खड़े होकर के अगला वीडियो बनाने की तैयारी कर रहे होंगे कि देखो देखो मेरे साथ मेरी जो है अविवाहित संगनी के साथ ये ये हो रहा है। ये इस तरह से रक्षा करेंगे तो और इस तरह से फॉल्स नैरेटिव्स द्वारा फॉल्स नरेटिव्स के आधार पर उनके विरुद्ध में ये अपनी नपुंसकता को सिद्ध करेंगे। तो अगर भाई तुझे षड्यंत्र की बात भी है तू
02:09:51:25 जा भी रहा है अपनी अविवाहित संगनी को तो साथ में ले जा अरे मर्द है ना बोल ना मेरी उसको बाहर भेजो अमुक को खैर आप आप बोले जी आप लोग बोले जी मैं ये कह रहा था कि कुछ लोगों का नीचे कमेंट में प्रश्न आ रहा है कि मातृशक्ति को क्यों इन्वॉल्व किया जा रहा है तो उसका उत्तर हम दे देते हैं निर्भय ने खुद वीडियो डाली है वो वीडियो में वो मातृ शक्ति की आवाज आई है तो वो व्यक्ति ने खुद अपने तरफ से वो इनवॉल्व किया है। इसीलिए [हंसी] हम उन पर बोल रहे हैं कि देखो वो छोड़ के उन्हें भाग गया है। तो हमारी तरफ से ये शुरू नहीं हुआ है। वही ले आया है वो मातृ शक्तियों को ये फील्ड में तो हम एक्सपोज कर रहे हैं बस और कुछ नहीं कर। देखिए मैंने कल ही अपना एक पोस्ट डाला था। निर्भय का वीडियो आने से पहले तक हमने बहुत प्रयास किया। पूरा प्रयास उसकी झलक भी नहीं आने दी उस मातृशक्ति की। परंतु जिस प्रकार से उसको लेकर के बातें वहां कही गई है और वह मातृ शक्ति भी इन्वॉल्व होती हुई दिखाई दे रही है तो फिर उसकी मीमांसा करना भी फिर हमारा कर्तव्य हो जाता है और जिस तरह से तुम हमारे आचार्य के बारे में अपने मन के अनुसार की गई मीमांसा के आधार पर अपने ही विरुद्ध अपने ही वचनों के विरुद्ध कुछ भी कहने को तैयार हो तो हम तो तर्क संगत बातें कर रहे हैं ना भाई तुम
02:11:07:01 तो अपने ही सिद्धांतों का खंडन कर रहे हो ठीक है तो यह वाली बात हो गई। अब [गला साफ़ करने की आवाज़] हां एक बात मैं जरूर कह दूं कि इसको नपुंसक को जीवतों की चिंता थी। अपनी अविवाहित संगनी की चिंता नहीं थी। खैर एक चीज और है। इस प्रकार की जो इस जिस प्रकार का चित्रण यहां पर दिखाई दे रहा है उसके अनुसार जो इस प्रकार के संघ में आने वाली संघ में होने रहने वाली जो स्त्रियां होती है इस तरह की उनके साथ अक्सर ऐसा ही होता है कि व्यक्ति का काम निकल गया उपयोग हो गया उसके बाद व्यक्ति तू कौन मैं कौन वो हम आपके कौन वाली बात वही थी ना खैर अंतत गतवा भाई अब तुझे याद दिला दूं तुझे कूटा गया है तेरे अनुसार जानलेवा हमला हुआ है धूल तो मैंने चटाई है मैं ये बोल रहा हूं अभी भी ताल ठोक रहा हूं ठीक है तो कर क्या रहा है तू क्या कर रहा है तेरे मुंह पे बोला है जूते से मारे जाओगे मुंह क्या किया तूने? क्या प्रतिकार है तेरा? ठीक है। यह सब तुझे जुतिया गया। अभी भी बोल रहा हूं। कूटा धूल चटाई। तुझे जुतिया गया। क्या कर लिया
02:12:22:07 तूने? कर लेना जाके कुछ और जो समर्थक है वो करें। और तुम जैसों को धूल धूल चटाने के लिए ही जन्म हुआ है हमारा। ठीक है? धूल चटाने के लिए। तेरे जैसे अभद्र आचरण वाले जो होते हैं ना ऐो को धूल चटाने के लिए ही जन्म है हमारा। और सुन फिर मिलेगा फिर तेरा ऐसा वद्राचरण मिलेगा तो कसम गंगा मैया की उठा उठा के पटकूंगा फिर से फिर से धूल चटाऊंगा ठीक है अच्छा वो वहां पर मेरे गुरु भाइयों ने रोक लिया वरना उसी समय तुमको और पता चलता कि तुम कितने बड़े फन्ने खाओ 30 मार खाओ वो हाल होता तुम्हारा कि दर्द भी परेशान हो जाता कि उठे तो कहां से उठे ठीक है वो गुरु भाई जिनको तुम पीटने की कहानी बनाई है ना उन्होंने बचा लिया तुमको। जी आप लोग बताएं। जी बिल्कुल बिल्कुल ये सही कहा। कसम गंगा मैया की दोबारा मिलेगा तो फिर धूल चटाई जाएगी।
02:13:25:08 इनका सारा प्रोपोगेंडा तो फेल हो गया जो इन्होंने अभी रचा था एक दो दिन। अच्छा एक व्यक्ति कह रहा है राधा जी का नाम लिया। भाई जब तुम वहां पर चर्चा से बचने के लिए आचार्यों के अपमान का नाम ले रहे हो तो वहां हम तुम्हें बताएंगे ना कि तुम इस तरह से क्या-क्या किए बैठे हो। तुम तो यार शंकर शंकर परंपरा को नष्ट करने की बात पे कह रहे हो। तुमको अंदर से मार मार के भगाया नहीं तुरंत तुरंत भगाना था। खैर अंत में मैं अपना संदेश दे दूं। निर्भय या जो भी है तू जूता छोड़ भगोड़ा या अविवाहित संगनी छोड़ भगोड़ा। तेरी कहानी यदि सच्ची है, है ना? और तू आर्य है, मर्द है, तो खुद ना सही पुलिस केस के द्वारा अपनी कहानी को सिद्ध कर। पुलिस केस कर। ताल ठोक रहा हूं। फिर से ताल ठोक रहा हूं। हम
02:14:22:09 मेरा कथानक झूठा और तेरा सच्चा है ना? जानलेवा हमला हुआ है ना? क्रोच तेरे लिए जानलेवा है ना तो भाई तू उसे सिद्ध कर कम से कम कोई कानूनी प्रक्रिया का आलंबन तो ले ले तू नहीं लेगा क्योंकि तू जूता छोड़ भगोड़ा है तू वो अविवाहित संगनी छोड़ भगोड़ा है नपुंसक इत्यादि के जो लक्षण होते हैं वही चरितार्थ होते हैं इस तरह के खैर कुछ नहीं करेगा और इसी तरह से यही जो कुछ ना करना होता है यही होते हैं नपुंसक नपुंसकता के लक्षण और मैं अभी भी ताल ठोक रहा हूं। जूते से मारे जाओगे। जुतियाए गए हो मेरे द्वारा। और जो तुमने वहां आकर के जो अभद्राचरण किया है ना शंकराचार्य के शिविर में तुम्हें लतिया गया है। जुतिया गया है। तुमको धूल चटाई गई है। अब जाओ जाकर के कुछ करो। ठीक है। जी आप लोग अपना वक्तव्य दे दें। आशा करता हूं आप लोगों को काफी सारी चीजें महत्वपूर्ण लगी हो आज जो दी गई। जी जी। जी आज तो बहुत कुछ आपने यहां पर उजागर कर दिया। सच्चाई सबके सामने आ गई। जो भी इनके तरफ से प्रोपगेंडा सेट किया जा रहा था। अब तो वो पूरा तरीका से
02:15:37:20 खत्म होता ही दिख रहा है। पूरा नष्ट ही हो गया उसका प्रोपगेंडा। ठीक है? और उसके आर्य में छुपे हुए अनार्यपन जो है ना वो भी सार्वजनिक हो गया। पहला जो बीच रण से अगर तुम उसे रण मानो जो भी हो उससे तुम भाग खड़े हुए उसे आर्य का गौरव नहीं कहेंगे उसे कायरता ही कहेंगे और आर्य कायर तो होते नहीं और यदि तुम कायर हो तो आर्य नहीं यदि आर्य हो तो कायरता क्यों दिखाई ठीक है और दूसरी बात तुमने जो आचार्य शंकराचार्य जी का जो वक्तव्य काटा है। यहां एक बात मैं कहता चलूं कि तुम केवल जूता छोड़ केवल चर्चा छोड़ भगोड़े नहीं थे। तुम केवल जूता छोड़ भगोड़े नहीं थे। अपनी स्त्री छोड़ भगोड़े भी थे। जिस स्त्री को साथ मिलाए थे वो जो भी हो तुम्हारी बहन नहीं है ना। वो भी तुम थे। जी
02:16:41:27 जी जी बोलिए शास्त्र जी। तो इसने तो आज बहुत कुछ यहां पे अपने दिखा दिया है। उस उसने शंकराचार्य जी का अपमान किया। उदंडता किया। अनार्यता दिखा दी अपनी वहां पर। उसके बाद जब वहां से निकला वहां पे भी वो सबसे पहले ही अपना तेवर दिखाने लगा। गर्मी दिखाने लग गई। ठीक है? गर्मी दिखाने लग गया उसने। तो ये तो समझ आ गया कि भाई कौन लड़ना चाह रहा है। जब उसे रोका गया तो वहां पर फिर अलग-अलग बहाना बनाने लग गया। वहां से जब वो निकला जब उससे प्रश्न करने के लिए उसे रोका गया तो बेचारा हप हप करके जो है पप पप करने लग गया और हाथ मरोड़ा जो आपके गुरु भाई थे उनका ये भी दिख रहा है साफसाफ फिर जब उसे उसे धूल चटा दी गई तो उसके बाद भी जो अपनी आर्य पन जो अपना गौरव वो नाम के आगे लगाता है कि आर्य आर्य उसे उसी गुण को वो छुपाते हुए वो क्या करता है? झूठ का सहारा लेता है। कहता है कि मैंने तीन जन को पीट दिया,
02:17:57:01 चार जन को पीट दिया। फिर 1520 दिन उसको आके मारे। जानलेवा हमला किया। एक मिनट इनका उत्तर दे दूं मैं। देखिए वुमेन के लिए हमने वही बोला है जो वहां पर दृश्य है उसके अनुसार जो बोला जा सकता है वही बोला है। अब कुछ कहानियां आगे पीछे अगर आपको दिखाई दे रही है आप गढ़ रहे हैं तो अब वो बात एक अलग है। दूसरी बात कि एक कमेंट और मैं देख रहा था कि वेपन की तरह उपयोग में लिया गया। ये कमेंट हटा दीजिए। दूसरी बात कि वेपन की तरह उपयोग किया तो उसने वेपन की तरह उपयोग किया और उसने वहां पर एक्टिंग की है। उस लड़की ने कई जगह पे वेपन की तरीके से उपयोग हुई है। उसी उपयोगिता को हमने वहां पर बताया है। ठीक है। जी निर्भय की वीडियो में थी वो लड़की। वो लड़की की आवाज जो है निर्भय की वीडियो में आ रही थी। और एक बात और बता दूं आपको। एक बात और बता दूं। सीधी सी बात है। आपने कुछ ऐसा किया है जिससे हमें हमारे हृदय को पीड़ा हुई है। ठीक है? आप कुछ भी बोल देंगे कहीं पर भी जाकर कुछ भी बोलते रहो बोलते रहो है ना तो हमारे पास तो तार्किक चीजें हैं बोलने के लिए तुम्हारे पास तुम्हारे पास तो खुद ही के सिद्धांतों के विरुद्ध जाकर के तुम बोल रहे हो तो हमारे पास जब तार्किक चीजें हैं सत्य है तो हम उसको क्यों ना बोले भाई तुम ही तो ले आए ना उसको अपने साथ वही तो वहां नहीं बता पा रही कि वह
02:19:12:04 तुम्हारी कौन है तो वह तुम्हारी इस स्थिति से अवगत ना कराएं हम और जबकि वह हमारे हमारे विरोध में एज ए वेपन यूज़ हो रही है वो कर रही है कार्य तब भी ना बोले हां जी बोलिए भैया मैं इस एक और मैं इस एक और चीज बोलना चाहूंगा कि निर्भय से ज्यादा पुरुष तो स्त्री प्रतीत हो रही है कि निर्भय भाग गया फिर भी कैमरा के साथ अपना कर्तव्य निभा रही है वो फिर भी रिकॉर्ड कर रही है पर निर्भय छोड़ के भाग गया हां वो अंत तक हमारे जो गुरु भाई उनको कह रहे थे आप रिकॉर्ड मत करो उनको वो बेवकूफ भी बना रही है उसमें कुछ ऐसी सेटिंग होती है ना स्क्रीन ब्लैक होती है और वो रिकॉर्ड होती रहती है ना वो बेवकूफ भी बना रही है उनको हालांकि कि मैं तो चाहता ही नहीं हूं कि बंद हो। मगर मैंने देखा कि वो ये कह रही है अरे कुछ नहीं हो रहा। रिकॉर्ड हो ही नहीं रहा है। वो रिकॉर्ड कर रही थी। वो पूरी तरीके से इसकी सारी चेष्टाएं जो जितनी इसकी अनैतिक चेष्टाएं हैं उसमें वो संलग्न थी वहां पर अपने पूरे तन मन और धन से। जी शास्त्रवाद जी बिल्कुल। स्त्री स्त्री नहीं भागी पर ये पुरुष भाग गया जूता छोड़ के। हां हां जी शास्त्रवाद जी बोले आपका वहीं से पॉइंट स्टार्ट करें तो वो जो भाग गया वहां से निकायरता दिखाते
02:20:27:10 हुए इसका जो सारा झूठ है हम आपको एक-एक करके झूठ गिनाते हैं इसका ठीक है इसने पहला झूठ बोला कि इसने आचार्य शंकराचार्य जी को निरुत्तर किया जो कि पूरा तरीका से फेक क्लेम है पूरा वीडियो अवेलेबल है गोवर्धन मठ पूरी का उस YouTube चैनल पर भी और आज सनातन शंकर जी ने भी अपने चैनल पर दिखाया। ठीक है? आप देख सकते हैं। इसके साथ ही साथ वो वितंडा वो वाला इसी के वक्तव्य से न्याय के सिद्धांत से वो शंका समाधान शास्त्रार्थ इस नॉट वो शास्त्रार्थ नहीं है। वो जी बिल्कुल। दूसरा इसने प्रश्नोत्तरी को शास्त्रार्थ बताने का प्रयास किया और प्रश्नोत्तरी को शास्त्र बता अगर बता रहा है इसका मतलब प्रश्नोत्तरी जो है वो शंका समाधान है और तुमने वहां पर वितंडा किया जो तुमने तुम्हारा जो यहां पर रिकॉर्डिंग चला है उसके अनुसार तुमने वहां पे वितंडा किया है स्पष्ट है यहां क्योंकि तुम्हारा जो झूठ है कि भाई तुम वहां पर शास्त्रार्थ करने चले गए वो गलत है क्योंकि शास्त्रार्थ एक व्यवस्था पूर्वक होता है तुमने कोई व्यवस्था वहां पे कोई ऐसा नहीं था ठीक है दूसरा झूठ। तीसरा झूठ इसने बोला था कि जब आचार्य शंकराचार्य जी असहज हुए उत्तर देने में या फिर निरुत्तर हो गए तो उनके जो शिष्य थे वो भड़क गए
02:21:42:14 इस तरह से। ठीक है? तो भाई पूरे वीडियो अवेलेबल है। यहां पर जो भैया ने भी डाला है उस पर भी देख सकते हो। चर्चा होने के बाद तक भी भैया आराम से ही वो बात कर रहे हैं कि भाई आके चर्चा कर लो। वहां पर कोई भड़का हुआ नहीं है। ठीक है? और चर्चा होने से पहले मैं इसके पास जा चुका हूं। तो उसमें गुरुदेव के असमर्थ होने का कोई मामला ही नहीं है। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल तो इसका जो ये तीसरा झूठ है कि भाई वहां पे जो बोला कि उसके आचार्य शंकराचार्य जी के निरुत्तर जो उसका दावा है वो होते ही उनके शिष्य लोग भड़क गए। ये भी झूठ हो गया। ठीक है? फिर क्या हुआ? इसका चौथा झूठ देखिए। इसका चौथा झूठ है कि ये जो है सामान वगैरह इसको नहीं दिया गया। इसका बैग और यह सब छीन लिया गया। मतलब बैग वगैरह जो है उसको नहीं दिया गया। यह भी चौथा झूठ है। क्योंकि भैया ने वो शायद दे ही दिया है। भैया ने दे ही दिया उसकी जो स्त्री संगिनी थी उसको। ठीक है? और फिर इसका पांचवा झूठ कि भाई जब हम पांचवा झूठ ये था उसका कि मेरे ऊपर जानलेवा हमला हुआ। नहीं नहीं पांचवा झूठ ये है पांचवा
02:22:57:18 पांचवा रूम रूम वाली रूम वाली बात वो तो खैर षड्यंत्र था कि नहीं था वो तो अनुमान वाली बात है ना पांचवा झूठ ये है कि भड़काने वाले जो आक्षेप थे हां वो वो षड्यंत्र कहना भी वो भी एक झूठ है कि वो षड्यंत्र था कमरे में ले जाना वो एक षड्यंत्र था वो भी झूठ है और साथ ही साथ यह भी झूठ है कि इसने मुझे खुली जगह पर चर्चा करने की बात कही थी ना इसने पहले आर्य समाज मंदिर में जाने की बात की थी। खुली जगह चर्चा करने की बात कही नहीं इसने। आर्य समाज मंदिर जाने की ये भी झूठ है। ठीक है? और तीसरा क्या है? इसने ये दिखाया अपने अपने उसमें वीडियो में कि आक्षेप लगाना मैंने प्रारंभ किया। जबकि आक्षेप लगाना इसने प्रारंभ किया। जी बिल्कुल। मतलब मैं यह बोल रहा था उसका चौथा झूठ यह कि भड़का जो है वो शिष्य उनके भड़के हैं। शंकराचार्य जी के शिष्य पहले भड़के हैं। जबकि इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि निर्भय ने ही क्या डाला, क्या डाला करके भड़क रहा है। ठीक है? वहां पे स्पष्ट आप देख सकते हैं सभी लोग। तो वही भड़का है। पहली बात। फिर जब उसको शांत कराने के लिए कि वहां पर सभा चल रही थी। वहां पर हल्ला नहीं होना चाहिए। इसलिए उसको उस कक्ष से बाहर किया गया ताकि तुम इस तरह से
02:24:12:24 विवाद मत करो। ठीक है? और इस विवाद ना करो वाली बात को उसने कहां जोड़ दिया कि भाई वहां पर सभा मंडल में था तो कृष्ण ने उसके जो हमारे आचार्य हैं वो थोड़ा विचलित हो गए जिसके कारण उनको बोला जा रहा था विवाद मत करो। बिल्कुल ऐसा नहीं है। उसका जो झूठ है ये भी पूरा फेक था। और पांचवा झूठ इसका ये है कि भाई इसके ऊपर जानलेवा हमला हुआ। तो भाई जानलेवा हमला हुआ तो कैसे हुआ? नहीं नहीं नहीं वो मान लो वो मान लो बस छछूंदरों के लिए इस तरह की चीजें जानलेवा हमला होती है। वो मान लो वो सच है। वो सच है भाई जानलेवा ही है तुम्हारे लिए वो जैसे चिलांटू बच्चे होते हैं ना चिलांटू बच्चे उनके लिए इंजेक्शन चाकू के समान होता है। गंडासे के समान होता है। ऐसे इनके लिए ये जो धूल चाटना है वही जानलेवा हमला। जी। ठीक है। तो इसके ऊपर जो जानलेवा हमला वाली बात है वो भी वैसे झूठ ही है पूरी तरह से। ठीक है? कोई जानलेवा हमला हुआ नहीं बल्कि उल्टे जो जिनको ये मारने जिसने निर्भय ने बोला कि जैसे उसने मारा है तीन चार जन को बल्कि वो लोग आकर के इसे बचा रहे हैं। तो इसका जो प्रोपेगेंडा यहां पे ही फेल होता है। झूठ एक्सपोज होता है उसका। ठीक है? जी। और वहां पर खाली तीन से
02:25:27:27 चार जन ही दिख रहे हैं। ठीक है? वहां पे 15 20 जन तो है ही [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं। बाकी जितने लोग थे वो तो वहां पर क्या चल रहा है वो देखने के लिए बाहर में जमा हो गए होंगे। ठीक है वो बात है। तो 1520 जन की तो बात ही अलग है। अगर 15 20 जन मारे होते यदि इसे पकड़ के तो फिर जिस तरह से अपना बयान रिकॉर्ड करवा रहा है उस तरह से उस हालत में होता ही नहीं। पहली बात ठीक है। अरे बयान रिकॉर्ड करवा रहा है तो जा ना भाई थाने। ये बयान बयान क्या है? अदालत तो जा। ठीक है। अच्छा दूसरी बात क्या है? अपने आप को हीरो भी बना रहा है। वहां धूल चाट रहा है और हीरो बना रहा है। मैंने चार को संभाल लिया। समझ रहे हो? बाकी के तीन बेचारे इसको बचा रहे हैं मुझसे और कह रहा है मैंने चार को संभाल लिया। फिर मिलेगा ना फिर तुझे तेरी औकात ऐसे ही याद दिलाऊंगा। धूल चटाऊंगा तुझे। वो तो ठीक से पकड़ में आ नहीं। ठीक से हो नहीं पाया वहां पर। उससे पहले गुरु भाइयों ने तुझ पर वो कर दी कृपा। वरना कसम गंगा मैया की फिर मारूंगा और उठा उठा के पटकूंगा। और ऐसे ही धूल चटाऊंगा। ठीक है? हां जी। बोलिए। तो ये सब जो उसका पूरा झूठ था कि भाई उसके ऊपर जानलेवा हमला हुआ। आचार्य को निरुत्तर कर दिया और ये सब जो उसके झूठ है उसका सब झूठ उसका एक्सपोज हो गया। आप सभी देख सकते हैं
02:26:43:01 आराम से। ठीक है? यही इतना ही तो उसका झूठ था। इसके अलावा इस तरह से जी। हां। अनैतिक आचरण वाली बात है जो छुप वहां पर गया है वहां पर किस मशा से वहां पर गया है वो सब दिख रहा है और वो और वो और वो जो मातृशक्ति थी वो लड़की वो स्त्री कौन थी इसकी जो साथ में आई थी जो ये नहीं बता पा रही थी कि मैं बहन हूं कि कौन हूं वो भी एक सवालिया निशान है कि ये कौन है भाई क्या इनके बीच में संबंध है ये सारी चीजें उसको लेके तुम घूम रहे हो टहल रहे हो मैंने तो निर्भय का जो झूठ है वो मैंने यहां पे एक्सपोज यहां पे बताया एक क्रमवार तरीके से ठीक है मैंने बताया उसने अपनी स्त्री संगनी का जिक्र नहीं किया था इसीलिए मैंने उसका भी उल्लेख नहीं किया क्योंकि उसका झूठ पे किया ना उसने किया उसने जो बीचबीच में स्लाइड लगाई है उसमें लिखा है ना महिला सहयोगी के साथ ऐसे कर रहे थे वहां के लोग वो उसी वही तो कर रहे है हां कैमरा हां उसका एक और झूठ है उसका एक और झूठ है कि केवल उसके कैमरे पर जो है ना बंद कहा उसका झूठ है। उसका झूठ है कि उसका झूठ है कि योजनाबद्ध तरीके
02:27:58:09 से उसके कैमरे को रोकने का प्रयास किया गया। वो गलत है। वो एक जो भीड़ की बुद्धि नहीं होती जिसके जो समझ में आया उसने किया वो वाले बात थी। वहां ये कोई डिसाइड नहीं कर सकते कि किसी उद्देश्य पूर्वक इसकी साइड के कैमरे को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। लोग अपनेप विवेक के हिसाब से जो कर सकते हैं वो कर रहे हैं। उसमें कोई ना आदेश है ना उद्देश्य। ठीक है? और दूसरी बात यह है कि जहां बात धर्म की हो रही होती है, मर्यादा की हो रही होती है और वहां पर इस तरह से आप इन्वॉल्वमेंट दिखाओगे तो हर चीज पर बात होती है। वो यह नहीं बोल पा रही है कि मैं उसकी बहन हूं, बहन हूं। मैं उसकी बेटी मां वो दिख नहीं रही है। पत्नी वो दिख नहीं रही है। तो है कौन वो? हां। इसीलिए उसका नाम है अविवाहित संगनी। ठीक है। इसकी मीमांसा होनी चाहिए भाई। किसको लेके ऐसे तुम चल रहे हो साथ में? हां जी बात आगे पूरी कर लीजिए। जी तो ये इसी प्रकार से अपना कार्य कायरता दिखाते हुए चर्चा से भी भागा था। ये व्यक्ति निर्भय एक बार में हुआ था लाइव में तो संतुष्टि नहीं हुई। हम जी बोलिए बोलिए बोलिए बोलिए ये
02:29:13:22 कमेंट अच्छा आ रहा है निर्भय भी बंदी छोड़ हो गया [हंसी] रामपालियों की तरह ठीक है लग रहा है लगभग सभी तथ्य हमने ले लिए हैं यहां पर और आवश्यकता पड़ने पर और भी एक्सक्लूसिव चीजें आपको प्रोवाइड कराई जाएंगी तो बने रहिए भैया [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़] ठीक है। फिर से बता रहा हूं भाई मैंने धूल चटाई है। तेरे अनुसार मैंने जानलेवा हमला किया है। तो कुछ कर वीडियो बनाने से काम नहीं चलता है। वीडियो बनाने से ही सब कुछ नहीं होता। कुछ कर जी आ रहा है यहां पे एक जो कमेंट आ रहा है सॉरी बट वाले जो है उसका आप उत्तर दे दीजिए। क्या सॉरी बट सॉरी बट व्हाई शुड द शी आंसर योर क्वेश्चन इन द फर्स्ट प्लेस शी इज नॉट लायबल टू आंसर एनीवन बिल्कुल है बिल्कुल है आप अगर हमारे यहां पर आकर के प्रिविलेजेस प्राप्त कर रहे हैं आपका व्यक्ति हमारे यहां आकर के अभद्र चीजें कर रहा है और अपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं तो वहां पर हम पूछ सकते हैं आपसे कि आप कौन है उसकी जो
02:30:28:28 आप उसके साथ आई हो वो मैं इसलिए पूछ रहा था कि अगर आप बहन है तो आप उसकी डांट लगाए आप उसे शिकायत पहुंचाए कि वो ऐसे ऐसे अपराधिक कृत्यों से घिरा हुआ है और आप या तो शास्त्र का गोल लाइए यहां पर आपकी भाषा जो है ना कानूनी दिख रही है समझ रहे हैं आप हेलो हेलो आपकी भाषा यहां पर कानूनी दिख रही है तो चलिए आप कुतर्क कर रहे हैं तो कुतर्क की में ही हम आपको उत्तर दे देते हैं उसने हमसे कहा कि रोकिए उसे वो कौन होती है हमको रोकने को कहने वाली बताओ चलो आ जाओ आपको दिक्कत हो रही है ना हमने उससे क्यों पूछा तो वह कौन होती है हमें रोकने को कहने वाली ऑर्डर कैसे दे रही है वो हमें अब बताइए तो जिस तरह से वो हमें आर्डर दे रही जिन जिन कारणों से उन्हीं कारणों से हम उससे पूछ रहे हैं आप कौन है उनकी इसको कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में क्या कहते हैं आप लोग
02:31:22:12 जी ये तो आपने कई बार बताया है कि भाई मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर कर लेकिन क्या करें नहीं ये लोग कह रहे हैं ये लोग कह रहे हैं निर्भय पर हमला करके उसे भगाया गया है कम से कम भागना तो स्वीकार कर ही रहे हैं बंदी छोड़ के भागा अपने घर की स्त्री को ही छोड़ के भाग गया अरे मर जाओ पर ऐसी जगह पे जहां पे तुम्हें षड्यंत्र की बू आ रही है वहां पर अपनी स्त्री को छोड़ के जाओगे मर जाओ ये सिखाया हमारे धर्म ने बड़े आए टटपुंजी आर्य बनेंगे। जी अजातवाद जी।
02:32:03:20 ठीक है। चलिए मुझे लगता है सारी चीजें हो गई है। एक जो ब्रज वाले हैं वो एक कमेंट कर रहे हैं कि भाई 109 का धारा के अंतर्गत मुकदमा होता है। मैं फिर कह रहा हूं। जी बृजदर्शन जी हां आनंद को इसने थप्पड़ मारे। इसने ये भी झूठ बोला। हां ये है ही ये झूठा। ये अपने लिए लड़ता है। ये सिद्धांत के लिए नहीं लड़ता है ये व्यक्ति। सुना ना कैसे बोल रहा है कुड न्याय करेगा। खैर चलिए ठीक है। सभी को समय देने के लिए आभार और फिर से कह रहा हूं। ताल टोक के कह रहा हूं भाई तुझे धूल चटाई गई है। तेरे अनुसार जानलेवा हमला हुआ है। जिसके कारण तू अविवाहित संगनी छोड़ भगोड़ा सिद्ध हुआ। जूता छोड़ भगोड़ा सिद्ध हुआ। चर्चा छोड़ भगोड़ा सिद्ध हुआ। तो कुछ कर केवल बता मत विधवा विलाप मत कर कुछ कर जाके ठीक है पुलिस वाले थे वहां पर उन्होंने ही तुझे बचाया था हमारे गुरु भाइयों ने तुझे नहीं दूर किया था हमसे तो पुलिस वालों ने तो देखा भी है तुझे प्रिविलेज मिलेगा जाओ जाके करो ठीक है आपका कमेंट क्या है दोबारा करिए आपका कमेंट
02:33:20:28 पिता रक्षति कोमारे भरता रक्षतिने रक्षती स्थारे पुत्र स्त्री स्वतंत्र स्वतंत्र मनुस्मृति 9 तीन [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है नहीं मानते तो कम से कम यह तो बता दें कि आप जो है ठीक कौन वो तुम्हारी हम वो तो छोड़ गया उपयोग करके इसी तरह छोड़ दिया जाता है। चलिए ठीक है। विशाल भाटिया जी का कमेंट क्या है? मेरा कमेंट पढ़िए। आपका कमेंट क्या है? विशाल भाटिया जी ऊपर चला गया वो बहुत। चलिए [गला साफ़ करने की आवाज़] ठीक है। आप लोगों ने इतना समय दिया। काफी लंबी चर्चा हो गई। यहां पे काफिर आजम जी लिख रहे हैं कि जूतों को न्याय दो। [हंसी] आखिर में यह नहीं पता चल पाया उसके जूते गए थे कि उसके साथ हां उसको उसको पढ़ने के रूप में जूते दे दिए गए थे उसको [हंसी] जूतों को न्याय मिल गया उन जूतों की जो सही जगह होनी चाहिए थी वो दे वो पहुंचा दिए गए उस जगह पे ठीक है न्याय मिल गया उन्हें सभी को जय श्री राम हर हर गंगे
02:34:36:00 सरस जी सबका कल्याण हो सबको सद्बुद्धि दे और ऐसी भावना के साथ धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो। जय श्री राम। हर हर महादेव। हर हर महादेव।
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YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.
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⬜Cards
YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.
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⬜Playlist Automatic
YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.
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⬜Thumbnail
YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.
"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.
Playlists
Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).
अलंकारी की अविवाहित संगिनी अनैतिक आचरण और नपुंसकता का प्रत्यक्ष प्रमाण
% not set🔗 This video is made from parts of these videos
Description
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