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00:00:02:16 तो सभी को जय श्री राम। आशा करता हूं आप कुशल पूर्वक होंगे और आज का बहुत ही विशेष टॉपिक है। बहुत विशेष विषय है। हमारे साथ यहां पर शास्त्रवाद जी, सनातन शंकर जी और संभता एक दो लोग और भी जुड़ने वाले हैं। फिलहाल आपको मैं मुख्य विषय बता दूं कि अभी कुछ दिन पहले हमारी चर्चा हुई थी। हमारी एक बहन है मातृशक्ति जो इस समय विदेश में रह रही हैं और वहां से उन्होंने अज्ञानता वश उनको चीजें नहीं पता है क्या होते हैं शंकराचार्य कौन होते हैं शंकराचार्य तो उन्होंने वो सनातन धर्म की रक्षार्थ चीजें करती हैं। जो विधर्मी होते हैं उनसे जो है सीधे-सीधे वह उनका प्रतिकार करती हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] यह दिख नहीं रहे।
00:01:05:15 हम शास्त्रवाद जी आपका स्वागत है। तो मैं मुख्य विषय बता रहा था। जी शास्त्रवाद जी जय श्री राम। जय श्री राम। अब हां सनातन जय श्री राम सनातन जी जी जय श्री राम आप शायद कार में सुन रहे हैं मुझे इसलिए शोर आ रहा है जी जी जी
00:01:41:22 ठीक है तो म्यूट कर लेते जब आपको बोलना होगा तभी खोलिएगा शोर आ रहा है जी [खांसने की आवाज़] जी जी [गला साफ़ करने की आवाज़] तो अब मैं मुख्य विषय बता दूं आप लोगों को कि अभी कुछ दिन पहले हमारी जो चर्चा हुई थी जो विदेश में रहने वाली हमारी एक बहन है मातृशक्ति हैं सोनाली करके उनका नाम है अवेकनिंग नाम से उनकी आईडी है और यहां पर विदेश गमन निषेध है कि नहीं प्रामाणिक परंपराओं के अनुसार इस संबंध में हमारी चर्चा होनी थी परंतु क्योंकि वह इतना स्वयं को प्रस्तुत कर चुकी थी प्रामाणिक परंपराओं के विरोध में तो यह जानना आवश्यक हो जाता है कि फिर आपके शास्त्रों का जो ओरिजिनेशन पॉइंट है वह क्या मान रहे हैं आप। ऐसे ही हवाबाजी में कोई बातें नहीं हो पाती हैं। अच्छा जितनी भी प्रामाणिक परंपराएं हमने उस चर्चा में अभी बता दिया था। रामानुजाचार्य परंपरा, शंकराचार्य परंपरा, मधवाचार्य परंपरा ये सभी परंपराएं विदेश गमन को निषेध मानती है। हां किसी समष्टि के हित से कर लिया तो उसमें प्रायश्चित है। उसको कभी भी स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल नहीं माना गया हमारे यहां पर विदेश भवन को। तो ये चर्चा हो गई। उसमें वो जवाब नहीं दे पाई। ठीक है भाई। दो
00:02:56:28 सनातनियों ने आपस में एक दूसरे की चीजों को समझने का प्रयास किया और बातें हुई। अब कहानी यहां से टर्न ले लेती है कि ये विरोध करती हैं जो विधर्मियों का है ना प्रखर होकर के विरोध करती हैं। हालांकि इनकी जो शैली है उस शैली से मैं कभी भी अ क्या कहते हैं सहमत नहीं हूं। इनकी जो शैली है उसमें वह डुअल वर्ड्स में और दोहरे अर्थों वाले ऐसे ऐसे शब्द बोलना ऐसी पंक्तियां बोलना जिसके कि अश्लील अर्थ भी निकलते हैं। तो यह वहां भी करती उन लोगों के साथ और जब हमसे इनका हुआ विवाद चालू तो इन्होंने हमारे साथ भी किया और हमारे साथ तो खैर चलती उसमें ही कर दिया। वो मक्कार इत्यादि सब बोलने लगी। तो यह प्रखर होकर के इसी तरीके की ड्यूल लैंग्वेज में वहां भी करती हैं और वहां के लोग भी करते हैं। दोनों तरफ से होता है। तो अब क्या हुआ जब हमारी ये जो चर्चा है यह पहुंची उन लोगों के पास। अब यह कौन सी टीम है? यह वही टीम है जिससे काफी समय पहले सर्वशक्तिमान विषय और परंपरा के विषय में जिस टीम से हमारी एक बातचीत हो चुकी है। हालांकि बहुत निष्कर्षपूर्ण भी नहीं कहा जाएगा उसमें क्योंकि
00:04:12:12 निष्पक्षीय वार्तालाप था ही नहीं वो निष्पक्ष नहीं था वो प्लेटफार्म निष्पक्ष नहीं था मगर उसमें हमारे मतलब की काफी चीजें हमें प्राप्त हो जाती हैं। ठीक है फिर भी हम अब क्या है कि उस वो जो टीम है उनको ये हमारी और इनकी वार्ता मिल गई। अब जब मिल गई तो उन्होंने देखा भाई यह जो है हमें बहुत उल्टा सीधा बोलती है और बहुत गलतसलत कहती है। अब हम इसकी जो है खिंचाई करते हैं। तो एल एलईना एलईना नाम है शायद उनका एलाइना नाम की एक जो है उन्होंने मोमिना है वो मोमिना ही कहते हैं ना जो मुस्लिम मातृ शक्तियां होती है उनको जी जी हां नाम हां एलईना नाम एलईना बड़ा एलईना है कि एलना है ठीक है तो जो ये ये मोमिना है इन्होंने अपने चैनल पर जो है उसको लिया हमारे वीडियो को और तरह-तरह की अश्लील दोहरा दोहरे अर्थों वाली फतियां कसते हुए और बीच-बीच में काफी हिंदू विरोधी चीजें बोलना खैर ठीक है वो मुस्लिम है तो हिंदू विरोधी चीजें बोलेंगी और अपमानजनक बातें उनके लिए व्यक्तिगत रूप
00:05:27:13 से उनके लिए सोनाली है जो और बीच में फिर हमारे सनातन धर्म के लिए हमारी जो कुछ मौलिक चीजें हैं उनके लिए भी और मैंने देखा कि उस लाइव में उन्होंने एक गाना भी लगाया था बड़ा भद्दा गाना आना था। अब क्या है कि उस लाइव में ही उन्होंने इतना पर्याप्त मटेरियल हमको दे दिया है कि हमें और कहीं जाने की जरूरत ही नहीं है उनको उनका आईना दिखाने के लिए। है ना? तो अब लाइव में पर्याप्त मैटर क्या दिया है कि उन्होंने प्रस्तुत किया है कि वो कितने बड़े जो है क्या कहते हैं? दोगलेपन का व्यवहार करने वाले लोग हैं। दोगलेपन का तो वो मैं दिखाऊंगा अभी। यहीं पर आपको सिद्ध होगा और कई ऐसे आरोप हैं जो उन्होंने सोनाली जी पर लगाए हैं। वही आरोप सीधे तौर पर वही आरोप सीधे तौर पर मुफ्ती पर भी लगते हैं। वही आरोप सीधे तौर पर वो जो आवाजें हक करके है कोई जो अपना चेहरा नीचे दिखाता है उस पर लगते हैं। और वहां पर निर्णायक यह होती हैं क्योंकि इन्होंने यहां पर समीक्षा की है ना हमारी चर्चा की और उसमें कई बातों को लेकर के सोनाक्षी सोनाली जी को क्रिटिसाइज किया है। तो जो कुछ आरोप इन्होंने सोनाली जी पर लगाए हैं वही आरोप इनके उसी सिद्धांत के अनुसार मुफ्ती पर लगते
00:06:42:19 हैं। तो एक हिसाब से उस वीडियो में सोनाली का विरोध करने के चक्कर में ये मुफ्ती और आमिर हक के विरोध में चली गई हैं। है ना? तो पहले इनको ना दूसरों की समीक्षा करने से पहले अपनी समीक्षा कर लेनी चाहिए थी। जैसा कि इन्होंने उस वीडियो में कहा भी है कि भाई तुम्हारा तो अपना ही धर्म सिद्ध नहीं हो रहा है और तुम यहां आती हो और मुसलमानों के बारे में बात करती हो। तो इन्होंने यह बात भी इनसे कही है। तो समीक्षा करते समय जब इन्होंने यह बात इनसे कही है तो भाई आप जिन बातों को लेकर के यहां सोनाली को गलत ठहरा रही हो उन्हीं बातों को लेकर के तुम्हारे मुफ्ती और आवाज हक का आवाज अकबर के मुंह पर ताला लगा हुआ है। मैं दिखाऊंगा कैसे? तो फिर यह बात आप पर भी लागू हो जाती है कि तुम कैसे समीक्षा कर रही हो सोनाली जी की? तुम कैसे समीक्षा कर रही हो सनातन धर्म की? तुम्हारे अपने जो मुफ्ती और आवाज हक है वो वो तो यह किए बैठे हैं। उन्हीं सिद्धांतों का विरोध उन्हीं नियमों का विरोध जिन नियमों के आधार पर इस इस चर्चा में तुमने सोनाली जी को गलत ठहराया है। खैर तो यह थोड़ा सा आपके लिए काफी रोचक यात्रा होने वाली है। कुर्सी की पेटियां आप लोग बांध लें। अच्छा सबसे पहले कुछ उसमें जो शास्त्रोक्त आक्षेप लगाए गए हैं कि सनातन
00:07:58:00 धर्म की मौलिक प्रामाणिक मान्यता क्या है? उस संबंध में तो उस पूरी डिबेट में मतलब उन्होंने जो लाइव किया है उसमें जो अ आर्य समाज है उसको ये रखा गया कि हां ये नॉन सर्टिफाइड है अप्रामाणिक जो कि हम भी क्लेम करते हैं आर्य समाज के लिए यह मान के चला गया है। ठीक है कि आर्य समाज अप्रामाणिक है और हमें वहां पर प्रामाणिक मानते हुए हमारे द्वारा सोनाली जी के खंडन के मजे लिए गए हैं। ठीक है? तो आर्य समाज को एक साइड में अप्रामाणिक चीज के तौर पर रखना यह भी उनके ऊपर ही टारगेट करता है कि वह किस प्रकार से अपने मुफ्ती अपने अपनी ही चीजों के विरोध में जा रही हैं। हमारी चीजों पर आप चटकारा लेने के लिए जो आप जो निर्णायक हो रही हैं, समीक्षा कर रही हैं, उसके कारण वो सारी चीजें आप पर ही लागू हो जाती हैं। और एक तरीके से आप अपने मुफ्ती और आवाज हक का निर्णय करने वाली सिद्ध होती हैं कि वो हमारे सामने मुंह बंद हो गया था। चर्चा में हार गए थे। मतलब हमने वह निर्णय आधिकारिक रूप से अगर हम कहें कि हमने मुफ्ती को हरा दिया तो कौन मानेगा? मगर जिस हिसाब से आप सोनाली जी का मुंह बंद मान रही हैं और सोनाली जी को गलत मान रही हैं कि अमुक अमुक जगह
00:09:13:03 बेकार या फिर इनका इनकी चीजें अनुचित सिद्ध हुई तो उन्हीं आधारों पर आपके जो मुफ्ती इत्यादि हैं वह सब आपने ही उन्हें हारा हुआ सिद्ध कर दिया। तो इसलिए इसका टाइटल भी है कि आपने ही बे उनको कर दिया बेनकाब अपने मुफ्ती और आवाज हक को। वह कैसे किया उसके कुछ ग्लिं्स मैं आपको दिखाऊंगा। तो सबसे पहले शास्त्रोक्त निर्णय कुछ बता दूं मैं। विदेश यात्रा को लेकर के इनके उस लाइव में एक बात चली है कि जो विदेश यात्री हो जाएगा वो सनातनी नहीं रहा। अधर्मी हो गया। ऐसा नहीं है। सनातनी वो रहेगा मगर पतित रहेगा। कई ऐसे कार्य होंगे ऑफिशियल कार्य हिंदू धर्म से जुड़े हुए अनुष्ठान से मुख्य रूप से जुड़े हुए जिनमें उसका अधिकार नहीं रहेगा जिनको करने में और उसमें भी बहुत सारी चीजें हैं कि अगर आपका व्यष्टि का नहीं था समष्टि के हित से यात्रा थी तो प्रायश्चित कर सकते हैं। उसके बावजूद भी आप समष्टि के अधिकार को प्राप्त नहीं कर पाएंगे। अपने स्वांततः अपने मोक्ष अपने कल्याण के लिए आप उस पर आगे पथ पर बढ़ पाएंगे। ऐसा नहीं है कि तुम विदेश चले गए तो हिंदू ही नहीं रहे। तो सबसे पहली भ्रांति आप अपनी यह दूर कर लो। अब इसमें जो टेक्स्ट है ना शास्त्रोक्त वाला तो जो आपके वीडियो में जो शास्त्रीय आक्षेप लगाए गए हैं सनातन धर्म पर तो वो
00:10:28:16 जो स्ट्रक्चरल क्या कहते हैं? शास्त्रोक्त जो क्या कहते प्रमाण उसके लिए मैं अलग से एक वीडियो बनाऊंगा। ठीक है? उसके लिए अलग से वीडियो बनेगा। अभी फिलहाल अभी फिलहाल मैं निर्णय बता रहा हूं आपको कि विदेश यात्रा कर लेने वाला कोई हमारा भाई अधर्मी नहीं हो गया। यह कान खोल के सुन लो मुसलमानों और मुख्य रूप से वह मोमिना सुन ले और उसके वह साथी सुन लें जो वहां पर बैठे हुए ये हंसी ठाका ये सब कर रहे हैं। अच्छा मैंने एक चीज देखी कि जो सोनाली जी हैं वह करती हैं अभद्र मजाक मगर वही बात है मैं उनसे कहता भी उनके उसमें भी कहा था कि भाई आप ठीक कार्य आपकी भावना अच्छी है पर आपका जो रास्ता है वो ठीक नहीं है उसमें आप चेंजेस लाइए आप ये ऐसे मत करिए कि ये जो डुअल वर्ड्स होते हैं ना तो वो मेरी बात को उन्होंने नजरअंदाज किया बल्कि वही डुअल वर्ड्स वही डुअल दोहरे दोरार्थक वाली जो पंक्तियां मुझ पर ही लागू कर दी मैंने उनसे पहले कहा था जब यहां मतलब उनके साथ लाइव चर्चा होने से पहले ये सब कहा था कि आप इस तरह से बात मत किया करिए। कीचड़ में पत्थर डालोगे तो कीचड़ के छींटे तो आएंगे ही। तुम दो करोगे वो चार करेंगे। इतनी अश्लीलता उनके वीडियो में यह जो मोमिना ने
00:11:43:20 बनाया वीडियो इतनी अश्लीलता है कि किसी भी सभ्य व्यक्ति के जो है सुनकर जो है मतलब वो सुन नहीं पाएगा। असहनीय पीड़ा होगी। इतनी अश्लीलता है उसमें। [गला साफ़ करने की आवाज़] कहीं कहीं पर किसी से किसी को जोड़ दिया। हमको किसी से जोड़ दिया। उनको हमसे जोड़ दिया। मतलब ऐसे ऐसे फक्तियां कसी जा रही है। कोई मर्यादा है ही नहीं। अब कहने को भाई उनके हिसाब से तो उनका बहुत पवित्र दीन है। तो ये जो चीजें निकल के आ रही है कहां सिखाई जा रही हैं? क्या ये माना जाए दीन अच्छा वो दीन को रिप्रेजेंटेटिव दीन के रक्षक हैं। तो क्या ये चीजें वहां दीन से सिखाई जा रही है? है ना? अच्छा हमारे यहां जो कर रहा है उसको तो हम कह रहे हैं कि तुम गलत कर रहे हो। ये देख लो। तो आप अगर यह लोगे कि तुम्हारे यहां भी तो हो रहा है तो इन्होंने कई बार अपनी लाइव में यह भी कहा है कि उसके गलत होने से तुम्हारा सही होना सिद्ध नहीं होता है। इस इस बात का समर्थन किया है। तो अगर ये ये कहते कि तुम्हारी सोनाली कहां से सीख रही है तो पहली बात तो हम उसको कह भी रहे हैं। दूसरी बात अगर वो गलत है तो तुमने मान लिया कि तुम भी गलत हो। तुम्हारा ही सिद्धांत है। आपने ही अपनी लाइफ में बोला ये बात। चार पांच बार बोला है कि भाई तुम दूसरों का नाम क्यों ले रही हो? वो गलत है तो तुम मान लो कि तुम गलत है। तो [गला साफ़ करने की आवाज़] आप यह बताओ कि ये क्या दीन में सिखाया जा रहा है? इतनी अश्लीलता से किसी का सैद्धांतिक
00:12:59:01 विरोध करो। इतनी अश्लीलता से अच्छा सामने वाला करेगा तो तुम्हें करने का हक मिल गया। मतलब सामने वाला जानवर बनेगा तो तुम भी जानवर बनोगे। भाई ऐसा होता है कि जैसे कोई गाली दे रहा है हमारे आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है तो हम उसको गाली नहीं देते हैं। फिर हम उसका शारीरिक रूप से निग्रह करते हैं। वो कर सकते हैं। कोई व्यक्ति अपनी हदों को पार कर रहा है तो हम थोड़ी ना अपनी हदों को पार करने लगेंगे। मर्यादा को भंग करने लगेंगे। हम उसका नियंत्रण करेंगे। कैसे? उसका मुंह बंद करेंगे हाथ से। शारीरिक बल का प्रयोग करते हुए उसकी वो अश्लीलता को बंद करेंगे। यह नहीं कि खुद भी अश्लीलता को धारण कर ले। अब आपके यहां सिखाया गया तो फिर वह बात एक अलग है। फिर वह तो है ही है वैचारिक अंतर। ठीक है। चलिए बताइए कुछ कहना हो सनातन शंकर जी या शास्त्रवाद जी [गला साफ़ करने की आवाज़]
00:13:52:28 कुछ कहना है इसमें? हां नहीं बिल्कुल। क्या है ना जब जैसा मतलब आप दूसरे से अपने लिए जो व्यवहार एक्सपेक्ट करते हो आपको भी वैसा ही करना चाहिए दूसरे के साथ क्योंकि कभी ना कभी ऐसा हो सकता है कि भाई जैसा आपने दूसरे के साथ किया वही आपके साथ होने लगेगा फिर आपको बुरा लगता है और यहां पर जब आप अपने ही उसमें बात कर रहे हो तो वहां पर आपको नीति चेंज करनी चाहिए थी इन्होंने क्या किया जैसा वो वहां पर उनके साथ व्यवहार कर रही थी वैसे ही आपके साथ किया है ना अब जैसे आपको जैसे ही ये पता चला कि भाई ऐसा कुछ हुआ है तो आपने अभी सोनाली जी के समर्थन में ये मतलब स्टीम की है ना तो जी वही है जो हमारा सिद्धांत वही है कि भ जब बाहर से कोई चीज है तो 105 हो जाओ है ना और जब बंदर की जब बात है तो फिर हम पांच और तुम 100 जी तो आपने बड़ा अच्छा इनिशिएटिव लिया है कि एटलीस्ट हमें ये इस विषय पर जरूर बोलना चाहिए। जब हमारे ही किसी सनातनी का या किसी का अपमान हो रहा है तो हमें बोलना चाहिए। बिल्कुल नहीं मैं मैं इस बात को मानता
00:15:08:02 हूं कि वो भटकी हुई हैं। उनके पास अज्ञानता है, भटकाव है। मगर जो यहां पर जो लोग उनको इस विषय को लेकर के क्रिटिसाइज कर रहे हैं ना वो कहां पर स्टैंड करते हैं वो मैं अभी आपको बताने वाला हूं। और जो यह वाली बात है कि भाई वह हमें गाली देती तो हमने इतनी इन्होंने सनातन किसी को नहीं छोड़ा उसमें सनातन धर्म का अपमान किया अपने उस लाइव में करते ही होंगे सब में ही करते होंगे अच्छा अब इससे क्या है इनसे कनेक्टेड है वो मुफ्ती कौन मुफ्ती जो लल्लन टॉक की डिबेट में आए हैं वही यासिर नदीम नसीर अलवजदी क्या नाम है नदीम अलवजदी वो अब आप समझ लीजिए कि कनेक्शन कहां से कहां है कि ये कनेक्टेड है मुफ्ती से मुफ्ती आते हैं लल्लन टॉप में और वहां पर जो है इस्लाम को जो है प्रमोट किया जाता है। बहुत बढ़िया तरीके से हैं। एक बेकार टाइप के नास्तिक को बिठा दिया जाता है। उनके सामने मुफ्ती के सामने वहां खंडन हो जाता है नास्तिकता का। वाह वाह इस्लाम जीत गया। कोई इंटेलेक्चुअल नास्तिक बुला लोगे तो पता नहीं क्या दृश्य होगा फिर देखने में। वैसे मैंने देखा इनके यहां नास्तिक आया था। इनके पास जवाब नहीं था और मैं क्यू में था उस समय। वही उसी डिबेट की बात है। जब नास्तिक इनसे प्रश्न कर रहा था।
00:16:23:10 तो वहां पर क्या हुआ नास्तिक इनसे बोला इन लोगों से आमेर आमेर था उसमें और क्या कहते हैं शायद एक और थे वो थोड़े सज्जन व्यक्ति हैं उनके बीच में वो ध्यान नहीं मुझे उनका नाम तो वो बोलता है कि भाई बताओ खुदा कैसे एक्सिस्ट करता है ऊपर वाला तो उन्होंने कहा कि भाई खुदा ऐसे एक्सिस्ट करता है कि आप जो है अपने रिश्तों की मर्यादा को तोड़ देंगे कि भाई बहन के रिश्तों की या तो वो नास्तिक सीधा ये कह देता है कि हां मैं को तोड़ दूंगा। अब बताओ खत्म हो गया सिद्धांत। सिद्धांत खत्म हो गया ना? तो धर्म जो है ना मोरल्टी जिसके आधार पे ये जो मैंने अपने वीडियो में बताया मोरल्टी के आधार पर आप नास्तिकता का खंडन नहीं कर सकते। मोरल्टी एक निशानी है कि आप नास्तिक नहीं हो। मगर यदि सामने वाला मोरल्टी को छोड़ दे कि नहीं मोरल्टी नहीं तो आप उसको अकाट उत्तर नहीं दे सकते। यह बाय प्रोडक्ट है मोरल्टी का मिलना। आपको मूल पर वार करना होगा। मूल मूल पर वार करने वाली बात है नहीं उनके यहां सुतो सदगम तमसमया तो वहां यह निरुत्तर थे। तो कहने का मतलब यह है कि वास्तव में इंटेलेक्चुअल नास्तिक अगर आ जाए इनके सामने तो इनके पास कोई जवाब नहीं है। हम और वहां पर लल्लन टॉप में प्रमोट
00:17:38:21 किया गया। और वहां आए कौन थे? ये मुफ्ती हैं। और ये मुफ्ती कौन है? जिनसे जुड़ी है ये क्या नाम है? एलईना। एलईना अली और ये आमिर हक। और ये लोग कौन है? इनके चैनलों पर इतनी भीषण गंदगी है हमारे सनातन धर्म के लिए कोई सीमा नहीं है। इतनी भीषण गंदगी। इवन आप जो ये ये वीडियो देख लेंगे ना इसी में आपको शर्म आ जाएगी। इतनी गंदगी भाई सनातन धर्म के लिए गंदगी होना एक अलग विषय है। गंदगी होना एक अलग विषय है। इतनी भीषण गंदगी। तो सनातन धर्म का विरोध में तो मुफ्ती भी है। ठीक है? और मैं कह रहा हूं चलो मान लिया लल्लन टॉप भी थे। लल्लन टॉप भी विरोध में था। मान लिया। मगर यह अश्लीलता को आप कैसे सह रहे हैं? मुफ्ती सर अपने चैनल पे, अपने से जुड़े हुए लोगों के चैनल पे आप यह अश्लीलता कैसे बर्दाश्त कर रहे हैं? सैद्धांतिक विरोध करवाइए ना। ये कैसे अश्लीलता है? उन्हीं चैनलों पर जो आपकी स्ट्रीम में ज्वाइन करते हैं मजे से। हमारी स्ट्रीम में जो लोग ज्वाइन करते हैं उनकी जिम्मेदारी लेते हैं हम। कि कैसे घटिया टाइप की लाइव स्ट्रीम वाली चीजों को आप प्रमोट कर रहे हैं अपने चैनल से अपने से जोड़कर के चल रहे हैं। बताइए उसमें क्या-क्या
00:18:53:25 नहीं अनाब शनाब वो रैप सॉन्ग एक बना दिया उल्टा सीधा अपने मनगढ़ंत अपने ही सिद्धांतों के विरुद्ध वो मैं अभी बताऊंगा कैसे खैर तो इस पर ध्यान देना चाहिए कि यह किस तरीके से कुचक्र टाइप का चल रहा है और मैं थोड़ा सा इसकी सेटिंग ठीक कर दूं। तो ये तो जो एक इनका जो मेरा माइक म्यूट है अच्छा तो ये एक इनका जो सफेद पोश चेहरा है ना कि मुफ्ती और वो और वो बहुत सभ्रांत बन के चलते हैं। तो उस उस पर वो सफेदपश जो चेहरा बना रखा है वो छवि जो झूठी छवि बना रखी है वहां पर एक तमाचा है ये ये सच्चाई कैसे कनेक्टेड है कैसे अश्लीलता फैला रहे हैं किस तरह से बात कर रहे हैं ये होता है खंडन का तरीका ये होता है डिबेट का तरीका आप वहां पर नग्नता अश्लीलता परोस रहे हो अपने चैनलों पर और वह भी आपके यहां की मातृशक्तियां कहां से तैयार होती है भाई ये अच्छा
00:20:08:26 फिर वही बात कि आपके यहां की भी तो कर रही तो हम उसको बोल रहे हैं वो गलत है और जहां पर हमें वह मिल रहा है तो हम बोल रहे हैं। आप कब बोलने वाले हो सार्वजनिक रूप से वह बता देना। ठीक है? तो अब आते हैं टू द पॉइंट कि इनकी ये जो शैली है विधर्मियों का विरोध करने की इससे कभी भी हम सहमत नहीं है। सदैव जहां भी बात आएगी वहां बोलेंगे कि भाई ये गलत कर रहे हो। आप इस तरह से खंडन मत करो किसी का। आप सैद्धांतिक विरोध करो। ठीक है? गिरो मगर उस झरने की तरह जो गिर कर भी अपनी सुंदरता खोने नहीं देता। यह बात दोनों साइड के लिए है। उधर के लिए भी उधर के लिए भी गिरो। मगर उस झरने की तरह जो गिर के भी अपनी सुंदरता नहीं खोता। तभी तो तुम जीते तो जीते। वरना तुमने क्या जिताया? इंसानियत को जिताया। अगर इन इस्लाम वालों के अनुसार इंसानियत को लिए लड़ रहे हैं। क्योंकि इस्लाम जो है इंसानियत है। उनके हिसाब से। हालांकि वो हमारे जब उस पर लागू होगा ना आमने सामने की चर्चा वहां सब छिन्न भिन्न हो जाएगा मगर आपके हिसाब से तो है ना इंसानियत तो उसके लिए आप लड़ रहे हो और जानवर पन के साथ लड़ रहे हो तो अगर लास्ट में जीत भी गए तो इंसानियत जीतेगी या जानवर जीतेंगे कौन
00:21:23:27 जीतेगा किसको जिता रहे हो तो ये सोचो थोड़ा सा तो कुल मिलाकर के अब बात आती है सबसे पहले हम इनके शास्त्रोक्त जवाब दे दे जो शास्त्री आक्षेप लगाएं उसमें जो प्रमाण इत्यादि उसके लिए अलग से वीडियो बनाएंगे। विदेश यात्रा निषेध है विशेष तौर पर द्विजों के लिए क्योंकि उसमें संध्या वंदन होता है और संध्या वंदन करने के लिए जो कई प्रकार की भूमि हैं वो वर्जित मानी गई है। इवन विदेश ही नहीं भारत में भी कई ऐसी धरती है जहां तीर्थ के बिना जाने पर वहां पर जो है उल्लंघन होता है। वहां से वापस आने पर प्रायश्चित करना पड़ता है। और समष्टि के हित से तीर्थ के उससे जा सकते हो। परंतु व्यक्तिगत कार्यों से इधर का व्यक्ति उधर जाएगा अमुक भूमि पे तो वहां पर भी पतित होता है। इसी दृष्टि से वहां जो विदेश समुद्र पार की जो भूमि है उसको भी माना गया है। अब समष्टिकेत से अगर चले गए तो प्रायश्चित करके शोधित कर सकते हो। उसमें भी और सारी चीजें हैं कि आपको कौन-कौन से अधिकार हैं। शंकराचार्य जैसे आगे चलकर के शंकराचार्य बन सकते हो कि नहीं? यहां शंकराचार्य थे तो प्रायश्चित तो कर लिया मगर पद का त्याग कर दिया क्योंकि अब हम हमारा जो व्यक्तित्व है वह आदर्श व्यक्तित्व नहीं रह गया तो कभी भी विदेश यात्रा को स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल
00:22:39:08 में नहीं डाला गया है विशेष अथवा विषम परिस्थितियों के निमित्त उसका आलंबन लिया गया है और यदि किसी ने कर लिया है अज्ञानता पूर्वक तो ऐसा नहीं है वो अधर्मी हो गया वो सनातनी नहीं रहा इस बात को दिमाग से निकाल लेना वो सनातनी है रहेगा हां उसका जो अपना जो पूजा पद्धति का क्राइटेरिया वह पतित हुआ है और जब वह पतित हुआ है तो उसको पतित होने के बाद जो दूसरा पूजा पूजा करने का क्राइटेरिया जो होता है कल्याण के पथ पर आगे बढ़ने वाले जो नियमावली है उनका आलंबन लेकर के वो अपने मोक्ष के हेतु के लिए साधना कर सकता है। जैसे कई लोगों का जनेऊ नहीं हुआ है। अब इस बात को आप जानते होंगे कि नहीं मुस्लिम जो हैं वो मुझे नहीं पता मगर सनातनी जानते जिनका जनेऊ नहीं हुआ है तो वो क्या भगवान की पूजा नहीं कर सकते हैं। कैसे कर सकते हैं कि भैया जो जो जनेऊ के द्वारा आप जो है वेदोक्त पूजा भजन शध्या करते हो तो वेदों का ही जो भाष्य इत्यादि के रूप में पुराण इत्यादि स्मृति ग्रंथ इत्यादि प्रकट हुए हैं उनके आधार पर जो उनमें जो नाम जप है, पूजा पद्धतियां हैं उनके द्वारा आप अपने कल्याण के हेतु पर कार्य कर सकते हो। ठीक है? विदेश यात्रा में यह निर्णय है समस्त प्रामाणिक परंपराओं का। ठीक है?
00:23:54:21 तो यह आपके वहां पर भ्रांति थी ना नहीं इनके यहां विदेश चला गया कोई तो वो जो है अधर्मी हो गया ये सब थोड़ा थोड़ा लॉजिकल बातें करो इंटेलेक्चुअल बातें करो बचकानी चीजें बोली है आप लोगों ने अपनी वीडियो में वो जो बनाया ना 3 घंटे 36 मिनट का उसमें 90% चीजें आपने जो बोली है बचकानी है बचपना है वो आपका और कुछ नहीं है जिस दिन किसी प्रबुद्ध व्यक्ति से सामना हो जाएगा सब यह बिल्कुल तितर-बितर हो जाएगा आपके यहां के जो मुफ्ती इत्यादि है वो समझदारी वाली बातें करते हैं। यह सब आपके बचकानेपन है। कुछ जाना न ताना जो बना है वो बोल लो। क्लेम वही करो जिसको सिद्ध कर पाओ। अकाट्य बातें हम बोलेंगे अकाट्य बातें। सीखो हमसे क्या है अकाट्य बातें। अच्छा दूसरी इस इसके यहां पर एक व्यक्ति और आया उसी लाइव में मोमिना के यहां तो वो व्यक्ति आकर के बोलता है उसका पता नहीं क्या नाम था राजपूत एक्स ये वो वो बोलता है कि वो इनके यहां तो ग्रंथ पढ़ने का अधिकार ही नहीं है अरे तुम पढ़ ही कैसे रही हो अरे तुम बता ही कैसे रही हो तो इस बात को भी समझो फिर वही कहूंगा कि बचकानापन है ये अर्ध ज्ञानी भयंकर हमारे यहां पर एक कहावत कही गई है अर्ध ज्ञानी जो होता है भयंकर होता है 100 मूर्ख
00:25:09:25 दोस्तों से अच्छा एक बुद्धिमान दुश्मन होता है। तो आप अगर यह सोच रहे हैं कि इस्लाम की तरफ से खड़े होकर के मैं बोल रहा हूं इस्लाम के फायदे के लिए तो आप अगर ऐसे मूर्खता भरे स्टेटमेंट्स देंगे तो आप अपनी टीम वालों का नुकसान करेंगे। ठीक है? तो सोच समझ के बोलिए क्या बोल रहे हैं? यहां पर धर्म और अधर्म की बात हो रही है जो पूरे संसार के मूल में है। अब आप वहां पर आ चुके हैं। धर्म और अधर्म की बात हो रही है। सोच समझ के बोलो जो भी बोलो कांटे की नोक पर बोलो। ठीक है? अच्छा। तो क्या बोला इन्होंने कि भैया इनके यहां तो स्त्रियों को जो है अध्ययन कर करा ही नहीं जा सकता है। मतलब इनके हिसाब से दीन है। दीन का अध्ययन नहीं कराया जाता है। यह मूर्खता है तुम्हारी। समझ गए? एक्स वैक्स जो भी हो जब कभी सामना होगा तो व हो जाओगे ठीक है सामना होगा आपका तो एक्स व जेड सब हो जाएगा आपका ठीक है तो
00:26:07:08 हां एक्स व जेड सब हो जाएगा अनिकेत जी आए थे फिर चले गए तो इसको समझो पहले कि पर्टिकुलरली जो वैदिक वांगमय है वैदिक सीधे-सीधे जिसमें वेद मंत्र हैं उसके लिए अनाधिकृत है कौन स्त्री नहीं पुरुष भी यदि जनेऊ नहीं हुआ है तो यानी कि वैदिक वेदों को सीधे पढ़ने के लिए सीधे से तौर पर मोटी बात समझ लो जो जिनको हमारे यहां परंपराओं में वेद माना गया है जिसमें ब्राह्मण ग्रंथ हैं उपनिषद भी है और सम्यता भाग भी है। तो इनको पढ़ने के लिए सीधे-सीधे वहां पर यज्ञपवित संस्कार की आवश्यकता है। अब यज्ञपवित संस्कार जो है वो सभी पुरुषों के लिए भी वो नहीं है अलऊ। उसमें भी अमुक कुल परंपरा में जो जो होंगे उनको उनको जो है यज्ञ पवित्र संस्कार हो सकता है और उसमें भी यदि आप यज्ञ पवित्र संस्कार कराने के बाद में भी यदि उसका निर्वाह नहीं कर रहे हो उसकी मर्यादाओं का तब भी आप पतित हो तब भी आपको नहीं पढ़ना है। ठीक है? तो यह पुरुष और स्त्री वाला भेद नहीं है। संस्कार का भेद है। अब संस्कार संस्कार को लेकर के तो पुरुष पुरुष में भी भेद है। वहां पर भी फिर पुरुष स्त्री खत्म हो जाता है। अब पुरुष पुरुष में जो भेद है उसके उसका भी कारण है व्यवस्था है ना व्यवस्था
00:27:22:21 बना के चलना। वो घृणा मूलक नहीं है। घृणा मूलक होता तो किसी को भी पूजा में ही अधिकृत नहीं किया जा सकता। नहीं साहब तुम पूजा ही नहीं कर सकते। ना ऐसा नहीं है घृणा मूलक नहीं है व्यवस्था मूलक है कि सब लोग एक ही काम करेंगे तो लगान की लाखा बागा वाली टीम बन जाएगी और जब ऑफ साइड बॉल जाएगी तो पूरा सारी टीम उधर ही भागेगी तो ये होती है अव्यवस्था व्यवस्थ समाज को व्यवस्थित करने के लिए जिसकी दिशा में बॉल जाए वही भागे उसी की जिम्मेदारी हो तो वो जिम्मेदारी कैसे है कि भैया यह काम तुम्हारा ही है तो वो कार्य बांटने के लिए यह व्यवस्था है घृणा मूलक नहीं है कि नहीं नहीं विकेट कीपर से हमें घृणा है इसलिए वो जो है सामने बिंग डालने नहीं जा सकता। यह एक व्यवस्था है। ठीक है। अच्छा दूसरी [गला साफ़ करने की आवाज़] बात यह है कि अध्ययन मना नहीं है। हमारे यहां पर बहुत बड़ी-बड़ी विदुषी हुई है। उन्होंने सीधे तौर पर यज्ञपवित संस्कार नहीं किया। परंतु वो ऐसे घर में रही जहां पर वेदोक्त पाठ इत्यादि होने पर ज्ञान चर्चा होने पर उन्हें बहुत सारा ज्ञान विज्ञान प्राप्त हुआ। है ना? और ऐसा ज्ञान यह सब असतो असदम तमसुत्र ये सब उनहीं ग्रंथों में है जहां पर इन मातृ शक्तियों का वर्णन आ रहा है
00:28:38:19 तो [गला साफ़ करने की आवाज़] इसको और शायद वो कान में शीशा पिघला के डालने की भी बात इन्होंने की है अपनी वीडियो में पता नहीं मुझे ध्यान नहीं तो उसका भी मैं बता दूं कि कान में शीशा पिघलाकर डालने वाली बात तब है जब कोई व्यक्ति गलत मंतव्य से इन चीजों को चुराने की कोशिश करें क्योंकि आपके हिसाब से आपकी जो कुरान इत्यादि है वो उतनी प्रिशियस नहीं है शायद क्यों नहीं है? इन्होंने अपनी लाइव में एक बात कही कि सोनाली जी कहीं पर आती हैं जब हमारी और उनसे बातें चल रही तो ये वहां देख रही हैं जब समीक्षा करने बैठी हुई है तो सोनाली जी कहती है कि भैया तुम आपके गुरु ने जिस किताब पर ठप्पा लगा दिया तो बाकी किताबें कचरे में डाल दोगे। तो वहां ये जो कचरा शब्द आया तो इस पर बोली ये समीक्षा करते हुए कि अरे अपनी ग्रंथों के बारे में ऐसे कोई कैसे बोल सकता है? कचरे में डाल देंगे। बताइए छी छी छी छी छी। तो अभी मैं बता रहा हूं आपको कि आपका शायद आपके ग्रंथों को लेकर के उतनी प्रिशियस दृष्टिकोण नहीं है जिससे कि कोई भी उसको जो है पढ़े कोई भी किसी भी दृष्टि से उसको सुने हमारे यहां पर है। लागू नहीं होना वो अलग बात है। हमारे यहां पर है कि अगर कोई सही दृष्टि से सुनेगा तो ही उसको स्वीकार किया जाएगा। अगर कोई गलत दृष्टि से जैसे हमारे यहां जो मंत्र है ना उसको बहुत ताकतवर
00:29:54:02 कहा गया है। आपके यहां कहा गया कि नहीं कहा गया ताकतवर आयतों को मुझे नहीं पता। मगर हमारे यहां के मंत्रों को ताकतवर कहा गया। उनमें शक्ति है। तो यह शक्ति कैसी शक्ति है? फौज में बातें हो रही है भैया कि सामने हमें हमला करना है, यह करना है, वह करना है। अगर उन बातों को जो इतनी प्रभावशाली बातें हैं उन बातों को कोई गुप्तचर करने के लिए सुन ले तो क्या किया जाए उस गुप्तचर के साथ? क्या किया जाएगा? बस उसी दृष्टिकोण से जो गलत मंतव्य से सुनने की कोशिश करता है, उसके ऊपर ऐसे नियम का कायदे कानून लागू होते हैं कि वह ऐसा ना करें। वरना हमारे यहां पर अश्वमेद यज्ञ होता है और वहां पर शूद्र भी होते हैं। सभी चारों वर्ण के लोग होते हैं। वहां वेद मंत्र उच्चारित हो रहे होते हैं और सब सुनते हैं। विवाह होता है। आज भी विवाह होता है। वहां ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र सब होते हैं और वहां किसी के कान में रुई नहीं ठूसी ठूंसी जाती है कि वैदिक मंत्र कोई सुन ना ले। तो इस तरह से सुनना वो अलग विषय है कि वो किसी ने सुन लिया और प्रयत्न पूर्वक पढ़ना, सुनना वह भी गलत मंतव्य से तो वहां पर सजा है। तो यह सब चीजें क्लियर हो गई कि स्त्री वेद अध्ययन निषेध नहीं है। अध्ययन निषेध नहीं है। वेद अध्ययन निषेध और क्यों निषेध है? क्योंकि
00:31:09:03 स्त्रियों का यज्ञ पवित संस्कार नहीं होता। स्त्रियों का यज्ञ पवित संस्कार क्यों नहीं होता है? जैसे पुरुषों में भी कुछ पुरुषों का नहीं होता। अमुक कुल परंपरा के हैं तो नहीं होगा। क्यों नहीं होगा? व्यवस्था बनी रहे। लाखा भागा वाली टीम ना बने। और इसी प्रकार से स्त्री के लिए भी है कि लाखा भागा वाली टीम ना बने। अगर सब लोग जनेऊ करा लेंगे तो उस जनेऊ को लेकर के बहुत सारे नियम है। इतने कुल्ले करने हैं, यह करना है, वह करना वो आगे की चीजें हैं कि नियम है कैसे फॉलो करते हैं। जैसे आपके यहां पर नियम है कई सारे कि यह करना है, वो करना है। अगर ठीक से फॉलो करने वाला हुआ इस्लाम को तो बहुत सारे नियम है आपके यहां। उसी तरीके से जनेऊ को लेकर के हमारे नियम है। तो वो जनेऊ के नियम सभी पर लागू नहीं हो सकते। इसलिए कई लोगों को जनेऊ के दायित्व से मुक्त किया गया है। अब मुक्त कर दिया गया तो उनका जो गायत्री मंत्र इन्होंने कहा गायत्री मंत्र सबसे मेन मंत्र है। ठीक है? तो आप भगवत गीता पढ़िएगा। भगवान कह रहे हैं कि छंदों में मैं गायत्री हूं। भगवान कृष्ण कह रहे हैं छंदों में मैं गायत्री हूं। और गायत्री के द्वारा किसका किसको प्राप्त किया जा रहा है? यह भागवत में पढ़ लीजिए। गायत्री के द्वारा शिव जी को शंकर जी को प्राप्त किया जा रहा है। तो जब यह हो गया कि गायत्री मंत्र आपने माना सबसे इंपॉर्टेंट है। और छंदों में मैं गायत्री हूं यानी कृष्ण भगवान भी इंपॉर्टेंट हो गए। गायत्री
00:32:24:14 के द्वारा प्राप्त होने वाले शिव जी हैं। तो अगर शिव जी को ही प्राप्त कराने की कृष्ण को ही प्राप्त कराने की दूसरी विधियां दे दी गई है शास्त्रों में तो वो सब बेकार हो गई क्या? वो सब बेकार हो गई। अमान्य हो गई। तो हमारे यहां शास्त्रों में भरभर के ईश्वर को प्राप्त करने के और भी बहुत से मार्ग बताए गए हैं कि जब आप यज्ञ पवित धारण ना कर पाओ तो ऐसा इस पथ पर चलो। यज्ञ पवित का निर्वाह कर पाओ तो इस पथ पर चलो। इस तरीके से व्यवस्था और सुविधा दोनों चीजें दी गई और फल से किसी को भी वंचित नहीं किया गया है। ठीक है? आपके यहां भी स्त्रियों को शायद मस्जिद में जाना अलाउ नहीं है। हां तो ये क्या है? चिढ़ है क्या? इसको चिढ़ माना जाए। हालांकि मैं इन सब चीजों पर बात नहीं करता हूं। मैं बताऊंगा मैं किस पर बात करता हूं। तो क्या चिढ़ मानी जाए? इसको घृणा मानी जाए या फिर व्यवस्था मानी जाए तो हमारे यहां तो व्यवस्था मूलक है। आप आप देख के बताइएगा आपके यहां क्या है स्त्रियां जो मस्जिद में नहीं जाती है उसको हमारे यहां व्यवस्था मूलक है कि भाई घर में बच्चे भी हैं और उनको भी संभालना है। घर को भी संभालना है और वहां पर एक व्यक्ति को और सबको जनेऊ दे दिया गया। अब जनेऊ दे दिया गया तो सब कुल्ला और मिट्टी ले साथ में चलना
00:33:40:02 यही सब सब लोग कर रहे हैं। तो घर कैसे संभलेगा? तो इसलिए लाखा बागा वाली टीम ना बने इसलिए अमुक अमुक दायित्व से अच्छा सारे दायित्व ऐसा नहीं है पुरुष को भी कई दायित्वों से मुक्त किया गया कि तुम इसमें अधिकृत नहीं हो तुम ये नहीं कर सकते कई चीजें पुरुष को भी प्राप्त नहीं हुई ठीक है तो यह व्यवस्था मूलक होता है घृणा मूलक नहीं होता है शब्द समझ में ना आ रहे हो मोमिना जी तो थोड़ा सा गूगल वूगल कर लीजिएगा व्यवस्था मूलक और घृणा मूलक में अंतर क्या हुआ अब आगे चलते हैं यह चीज क्लियर हो गई स्त्री का वेदा अध्ययन शूद्र का वेद अध्ययन वेद अध्ययन निषेध है मगर अपने धर्म को जानना निषेध नहीं है। ईश्वर को प्राप्त करना निषेध नहीं है। और धर्म क्या है? धर्म वो है जिससे कि ईश्वर की प्राप्ति हो। मोक्ष की प्राप्ति हो। वो धर्म है। तो इसमें किसी का निषेध नहीं है। हां पद्धतियां और मार्ग थोड़े से अलग-अलग किए हैं। व्यवस्था के निमित्त घृणा के निमित्त नहीं। जी कुछ बोलना चाहते हैं। तो आप लोग अपने अपने ओपिनियन रखें। फिर मैं आगे बात करूं।
00:34:47:03 जय श्री राम भैया जी यही है कि कोई समझाने वाला नहीं है इसलिए थोड़ा सा बिखर जाती है चीजें समझाने वाले बहुत कम रह गए हैं प्रॉपर तरीके से समझाने वाला बहुत कम रह गए हैं और रटे रटाए लोग ज्यादा हो गए इसलिए लोग समझ नहीं पाते हैं मेरे ख्याल से जी अच्छा इसी क्रम में आगे इन्होंने ना आप म्यूट कर लीजिए। इसी क्रम में आगे इन्होंने
00:35:19:25 अंतरजातीय विवाह को लेकर के भी कुछ टीका टिप्पणी की टीका टिप्पणी करने का प्रयास किया। तो हम जो प्रामाणिक परंपरा वाले लोग हैं, वह अंतरजातीय विवाह स्वीकार नहीं करते। उसका कारण होता है कि जब दो अलग-अलग रक्त वाले लोग मिलेंगे तो अगली जो संतति उत्पन्न होगी, संतान उत्पन्न होगी उसमें वो रक्त बदलता जाएगा और बदलते बदलते बदलते बदलते विकृति आएगी और हमारे स्कूल ऑफ थॉट्स के अनुसार मुस्लिम जो आज समाज है या आज जो नास्तिक बन के घूमने वाले लोग हैं वो वही लोग हैं। विकृति है ना तो वह विकृति कैसे है वह बहुत सारी चीजें वह विकृति दिखती हैं तो हमारे यहां पर शुद्धता कि जो जो है वह बना रहे उसकी प्रज्ञा शक्ति उसका शास्त्रों को ईश्वर को धर्म को समझने की जो चेतना शक्ति है वो उतनी ही रहे बिगड़े नहीं उसमें विकृति ना आए पतित ना होते जाए इस कारण से अंतरजातीय विवाह मना किया गया है जो जिस कुल परंपरा का हो उसका जो कुल परंपरा वर्ण हो उसी वर्ण वर्ण में वो विवाह करे। ठीक है? इसमें दिक्कत क्या है? और यह सारी चीजें व्यवस्था मूलक है। इसमें कहीं भी घृणा थोड़ी ना है। अगर ट्रेन में लिखा होता है थर्ड
00:36:35:01 क्लास डब्बा, सेकंड क्लास डब्बा, फर्स्ट क्लास डब्बा तो ये घृणा मूलक है। चिढ़ते हैं क्या वो थर्ड वालों से? व्यवस्था मूलक। ठीक है? किसी से नफरत नहीं है कोई। अगर मेरे मैं किसी बिल्डिंग में रहता हूं और मैं जो है फर्स्ट फ्लोर पर हूं। मुझसे ऊपर कोई रहता है सेकंड फ्लोर पर तो वहां यह मेरे लिए कहा जा सकता है कि मैं नीचे रहता हूं तो नीचे रहने वाला कौन हुआ? नीच। अब यह जो नीच शब्द आया है यह घृणा मूलक है क्या? व्यवस्था मूलक है। तो यह समझने वाली जो चीजें होती हैं इनको ही या तो जानबूझ के ना समझ के या फिर पूरी तरीके से प्रयास ना करके जो विरोधी लोग होते हैं वो उंगली उठाते हैं और फिर हमारे ही यहां के कुछ लोग खड़े हो जाते हैं कि इन इन चीजों पर उंगली उठ रही है। तो ऐसा करो इन इन चीजों को काट दो। प्रक्षिप्त बता दो। तो आ जाता है आर्य समाज कि इन इन चीजों पर उंगली उठ रही है। इनके जवाब नहीं इनके समझ में नहीं आ रही बातें। लो भाई प्रक्षिप्त है। यह है ही नहीं हमारे यहां। वही नेता जी वाला काम कि भैया वो बाढ़ का पानी जो है खतरे के निशान तक आ गया है। तो नेता जी ने बोला कि 2 इंच और ऊपर बढ़ा दो खतरे का निशान। तो आप जो भी समझते हैं ना कि जो प्रामाणिक
00:37:50:12 सनातन धर्म है परंपरा प्राप्त जैसा कि आपने माना कि प्रामाणिक सनातन धर्म तो परंपरा वाला ही है तो उस धर्म में अकाट्य सिद्धांत हैं। काट नहीं पाओगे कहीं से भी बहुत आया बहुत चले गए काट नहीं पाओगे। निरुत्तर हो जाओगे। के निरुत्तर अकाट्य सिद्धांत को ले बैठे हैं और आपके मुफ्ती जी के सामने उनका जो है मुंह छोटा सा हो गया तो देखिएगा अभी दिखाऊंगा। खैर यह चीजें हो गई। विदेश यात्रा क्लियर हो गई। स्त्री वेदाध्यन क्लियर हो गया। अंतरजातीय विवाह क्लियर हो गया। और स्त्रियों का यदि वेदाध्यन निषेध है तो भागवत पुराण में वचन आया है जिसको हम प्रामाणिक लोग मानते हैं कि वेदोक्त कार्यों में होने वाली भूल चूक के कारण स्त्री शूद्र और पतित के लिए पुराणों की व्यवस्था की गई है। पुराणोक्त मार्ग की व्यवस्था की गई है जो वेदों के ही भाष्य रूप में प्रकट है। अच्छा अब एक विषय और है हलाला वाला। इन्होंने जो है सनातनी हलाला का नाम दिया है। यह आमिर हक ने कोई वीडियो बनाया। उसमें जो है बताया कि वशिष्ठ धर्म सूत्र में 20वें अध्याय में और पांच
00:39:05:18 से लेकर 10व श्लोक के बीच में यह कहा गया है कि भैया जो है अपनी स्त्री को अगर किसी छोटे भाई ने विवाह कर लिया बड़े भाई से पहले तो वो अपनी मतलब उसकी स्त्री का भोग पहले बड़ा भाई करेगा 12 दिन। यह सब उसने कहने का प्रयास किया। अच्छा ये लोगों को यही बातें मिलती है। बस मूल विषय पर बात करते हुए लोग मिलेंगे ही नहीं। दर्शन इत्यादि पे एक बार गया था तो सब हलचल मच गई थी। मैं जब गया था इनके यहां मूल विषय पर बात करने दर्शन पे तो इनके यहां हलचल मच गई थी सिवाय विषयंतर करने और बोलने ना देने, म्यूट इत्यादि करने के अलावा इनके पास कोई और तरीका नहीं था मुझसे बचने का। और वह भी तब जब मैं बिल्कुल यह समझ लीजिए कि अभी मैं लर्न करके पहली मैं मुझे तो पता ही नहीं था कि कभी मुझे ऐसे किसी के सामने जो है पक्ष विपक्ष में ऐसे वार्ताएं होंगी। उस समय मैं उस उस समय की बात है आज से मतलब चार साल पहले की बात है। तो तब मैं वहां पे भी ये मुफ्ती वगैरह निरुत्तर हो गए थे कई जगह। तो खैर तो जो इन्होंने वशिष्ठ धर्म सूत्र का वह दिया है रेफरेंस उसमें कहीं भी उसमें यह बात है कि हमारे यहां पर यह है नियम कि बड़े भाई के रहते हुए यदि छोटा भाई विवाह
00:40:20:24 कर लेगा तो उसको उचित नहीं माना गया है। बड़ी बहन के रहते हुए यदि छोटी बहन विवाह कर लेगी उसको उचित नहीं माना गया है। अब उचित ना मानने का मतलब कि उस अगर वो विवाह कर रहा है तो विवाह पूर्ण नहीं है तो विवाह है ही नहीं। समझ गए? विवाह पूर्ण नहीं है तो विवाह है ही नहीं। मतलब अभी भी वह आपके लिए पराई स्त्री है। तो ऐसी सिचुएशन में कि वो जो पराई स्त्री ना रहे आपकी विवाहिता कहलाए तो आपको व्रत करना है। व्रत करना है वो कृच्छ व्रत बताया है उसमें 12 दिनों का। ठीक है? अब जो व्रत करना है तो व्रत जिस स्त्री को आप विवाह के नाम पर लेकर अभी मतलब आपका विवाह अधूरा है उसमें एक पद्धति बाकी है अनुष्ठान बाकी तो जिस स्त्री को आप लेकर आए हो उस स्त्री से दूर रहकर वो आपको व्रत धारण करना है 12 दिनों का तो अब जब आप स्त्री से दूर रहेंगे तो हमारे यहां पर मनुस्मृति का वचन है क्या वचन है कि स्त्री कभी भी वैसे ना रहे संरक्षण में रहनी चाहिए पिता के पुत्र के भाई के बेटे के संरक्षित होनी चाहिए। तो उस संरक्षण के नजरिए से कहा गया है कि तब तक अपनी जो आपकी जो विवाहिता है जिसको आप विवाहिता कह रहे हो अभी है नहीं उसको कहां रखें आप ले तो आए हो तो कहां रखें तो वहां पर एक प्रोटोकॉल
00:41:35:27 है कि आप भाई के संरक्षण में रखें। वहां पर कहीं भी रमण का शब्द का उपयोग नहीं हुआ है। हालांकि मैं इन चीजों पर बात नहीं करता हूं कि हलाला में क्या कहा गया है? आपके यहां क्या नहीं कहा गया है। मगर जिस बात को आप हलाला से कंपेयर कर रहे हो और आपके यहां हलाला में अगर मजा चखने इत्यादि जैसी बातें कही गई हैं। अब उसका अर्थ आप वही लेते हैं कि नहीं लेते वो मुझे नहीं पता। अगर आप कह देंगे कि नहीं उसका अर्थ वो नहीं है तो मैं आपको मानूंगा। मैं आपकी उन चीजों को काउंटर करूंगा जिन चीजों को आप यह कहेंगे कि हां हमारे शास्त्र का यह अर्थ है। मैं उस पर काउंटर करूंगा। उसको कहते हैं सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म। मैं उस पर बात करता हूं। मैं यह नहीं कहूंगा कुरान तुमसे ज्यादा मुझे मालूम। ठीक है? तो यही अपेक्षा मैं भी आपसे करता हूं कि आपको हमारे शास्त्रों का अर्थ हमसे लेना चाहिए। अपने मन मुताबिक व्याख्या नहीं करनी चाहिए। तो वहां पर जो वशिष्ठ धर्म सूत्र है वहां ऐसी कोई बात नहीं है कि रमण करे कि 12 दिन तक वो तो करेगा व्रत और उसकी जो विवाहिता आई है जो अभी पूरी तरीके से विवाहिता नहीं है। वह जो है उसके बड़े भाई के साथ रह के रमण करेगी। यह सरासर आपका क्या कहेंगे? इसको घटिया सोच वाली बात कहेंगे। यह आपकी घटिया
00:42:50:28 सोच वाली केवल एक आपकी जैसी मनोवृत्ति बन चुकी है। शायद हो सकता है आप पर भूतकाल में इतने प्रहार किए गए हो जिसकी वजह से आपका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और हर जगह आपको रमण ही रमण दिखाई देता है। भोग ही भोग दिखाई देता है। तो आमिर हक और जो उनको सपोर्ट कर रहे हैं इस लाइव में वह यह जान लें कि यह जो वशिष्ठ धर्म सूत्र है परंपरा प्राप्त अर्थ उसका यह है कि वो वहां पर संरक्षण के दृष्टिकोण से उसको 12 दिन तक रहना है। वहां कोई रमण भोग विलास इत्यादि वाली बात नहीं लिखी है। ठीक है? [गला साफ़ करने की आवाज़] यह बातें क्लियर हो गई शास्त्रों निर्णय। अब एक बात और है कि जैसा कि इन्होंने वो जो लाइव स्ट्रीम चली है उस लाइव स्ट्रीम में यह जो मोमिना है इसने वहां पर जब हमने ये वाले श्लोक उद्रत किए कि भैया धर्मणी ना पशु भी समाना जिसका गुरु नहीं वो पशु है। तो ये बोलने लगी लो तुम तो पशु हो। तुम्हारे धर्म के हिसाब से तुम तो पशु हो। तो यह जो तुम नग्नता कर रही हो और जो दोगलापन कर रही जो कि मैं आगे दिखाने वाला हूं तो उसके हिसाब से तुमने अपने आप को काफिर मान लिया है और काफिर का अर्थ क्या होगा कि ईश्वर
00:44:06:00 को ना मानने वाला और फिर तुम्हारे लोग ईश्वर को ना मानने वालों से पूछते हैं कि क्या आप जो है अगर ईश्वर को नहीं मानते हैं तो पत्नी के प्रति जो दृष्टि रखते हैं वही दृष्टि बहन के प्रति रखेंगे। वहां पर वही चीजें वह लाते हैं आपके लोग जिनका आप सपोर्ट करती हैं नास्तिकता के खंडन में। उस हिसाब से आप भी वही पशुत्व की ओर ही तो जा रही हैं। तो क्या माना जाए? क्या माना जाए? जब आपने अश्लीलता, दोगलापन, नग्नता अपनी ही सिद्धांतों के विरुद्ध जाकर के कर दिया। ठीक है? ये तो आप मानेंगे ना। ये सब चीजें वहां से नहीं सिखाई गई। क्या मानेंगे? ये सिखाई गई है। कुरान से सिखाई गई है ये सब चीजें। यह मानते हैं यह जो आपने गंदगी कर रखी है दोगलापन जो आगे सिद्ध होने वाला है यह सब चीजें आपको कुरान से मिली है तो उसके हिसाब से क्या माना जाए जब कुरान को ना मानने वाला आपके हिसाब से तो नास्तिक हो गया नास्तिक हो गया तो माता बहन पत्नी में अंतर कहां से कर रहा है और जो अंतर नहीं करता वही पशु है वही पशु है तो अब इन वचनों का पर्यावसान किस में लिया जा सकता है ये वचन इस वजह से उद्ध्रत किए गए हैं कि आप गलत कर रहे हो ऐसा मत करो आपके शास्त्रों में ये लिखा सही हो जाओ ना कि पशु कह दिया गया। पशु घोषित नहीं कर दिया गया। इस वजह से है कि
00:45:21:08 शास्त्र के इस वचन को देख के आप वापस आओ जो आप बिगड़ रहे हो। तो थोड़ा कॉमन सेंस थोड़ा इंटेलेक्चुअल थोड़ा मैच्योरिटी हां कोई है ही नहीं वहां पे। सब बकवास बातें करे जा रहे हैं। अपनी मनगढ़ंत बातें। अरे भैया तितर-बितर हो जाओगे। यह जितने लोग चौपाल लगाए हो ना मूर्खों की तितर-बितर तुमने अभी देखा है ना कि वो अरे वाह पंडित जी सोनाली जी को आपने मुंह बंद करा दिया मुंह बस टेप लग जाएगा आप लोगों के जिस दिन सामना होगा कभी अब सामने आने वाली बात भी अंत तक बने रहिए बताता हूं कैसे होगा तो यहां तक हो गई है। अब इसके बाद अगला चैप्टर है इनका दोगलापन दिखाएंगे। अब आप लोगों को जो अपना ओपिनियन रखना हो आप लोग करके नहीं यह जो जितने भी आपने बातें बताई ना जो आक्षेप जो लगे तो इन्होंने आक्षेप की तरह बताए और आपने उसका जो भी क्लेरिफिकेशन जो दिया अच्छा यही प्रश्न जब इनसे जो समाजियों से और रामपालियों से जब इनके समक्ष यह प्रश्न आते हैं तो यह वहां पर प्रक्षिप्त का सहारा लेते हैं। यह उसका इतनी अच्छे से एक्सप्लेनेशन नहीं दे पाते शिव जी जैसे आपने दिया। तो यह तभी सारे जवाबों मतलब जवाब
00:46:36:16 दे पा दे पाते हैं। हम जैसे आप जैसे परंपरा से जो दीक्षित शिक्षित हैं जब उनका जो व्याख्या है वो हमें हमारे आचार्यों से प्राप्त हो। है ना? तो आचार्यों से जब आपको सही व्याख्या प्राप्त होगी तभी तो आप बता पाओगे कि विदेश गमन का क्या अर्थ है। है ना? और शिक्षा वेदाधिकार का क्या अर्थ है? यह तभी आप बता पाओगे जब आपको वह अर्थ मिला है परंपरा प्राप्त आचार्यों से। अदरवाइज क्या होगा? वह आक्षेप वही है सारे जो ये मैंने सुने हैं इनके चैनल पे भी रामपालियों के और इन पे ये सारे वही आक्षेप है। तो ये वहां पर फिर जो हमारे आर्य समाज जी हैं। वो क्या करते हैं। बोलते है ये तो जी प्रक्षिप्त है। हम इसको मानते नहीं है। वहां पर फिर आप शास्त्रों को नकारना शुरू कर देते हो या फिर उसका अर्थ अपने अनुसार करना शुरू कर देते हो जो कि उसका सही अर्थ नहीं है। तो अच्छा मटेरियल कहां से जा रहा है इनके पास इनके सब इनके पास जो सारा मटेरियल जा रहा है वो कहीं ना कहीं कर्मणा वालों से तो जा रहा है जो शास्त्रों को नकारते हैं उन्हीं से तो सारा मटेरियल वहां पर जा रहा है ये भी बात है तो आपने तो सारे पॉइंट क्लियर कर दिए बहुत बढ़िया तरीके से आपने बताया और मुझे लगता है और
00:47:53:13 एक चीज और उठाई गई थी गोमेद यज्ञ और ये तो ये आर्य समाजियों से सीखती हो ना आप अवेकिनिंग भारत जी सोनाली जी उसी का नतीजा है। हम इसीलिए लड़ते हैं। हम इसीलिए विरोध करते हैं। थाली में परोस कर देते हैं ना हमारी चीजों को। परंपरा से पढ़ना समझना है नहीं। अब गोमेद यज्ञ भी बोल रहे हैं वो। अरे ये तो गाय भी खाते हैं। और गाय खाने वाली बात उठाई किसने? कि दयानंद जी को शयणाचार्य का विरोध करना है। तो जहां साहब उन्होंने जो है गाय की बलि मांगी। करपात्री जी ने गाय की बलि मानी। सुन लो। करपात्री जी ने अपने ग्रंथ में बहुत तार्किक और प्रामाणिक व्याख्या की है। कोई गाय की बलि कहीं नहीं दी गई है यज्ञ में। ठीक है? अब ये जो गोमेद शब्द आता है उसको मेद से जोड़ के कि अश्वमेद में अश्व का वो है और उसमें भी तार्किक और प्रामाणिक व्याख्या है और कहां तक कहां तक के लोग उसके अधिकारी हैं अश्वमेद इत्यादि में पशु यज्ञ में वो एक अलग विषय है मगर गोमेद मेध शब्द आ जाने से गोमेद लिखा होने से मान लेते हैं लोग कि अरे ये तो जो है गाय को भी नहीं छोड़ा तो करपात्री जी ने इस विषय में प्रॉपर एक्सप्लेनेशन दिया तार्किक और प्रामाणिक मैंने कहा जितने भी ये जो शास्त्रीय निर्णय
00:49:08:21 वाले जो विषय हैं इन पर मैं अलग से एक वीडियो बनाने वाला हूं अलग से वो इसी मैटर को लेकर ही होगा उसमें ये सारे पॉइंट्स जो विदेश यात्रा स्त्री शूद्र वेद अध्ययन पे तो हमने बनाया हुआ है अंतरजातीय विवाह पे बनाया हुआ है गोमेद गोमेद पे और ये जो हलाला वाला है हलाला वाला भी क्लियर है तो जो मोटे-मोटे पॉइंट है उनको लेकर के हम अलग से बनाएंगे उसमें तार्किक और प्रमाणिक व्याख्या होगी लॉजिकली क्यों सही है और हमारे जो शास्त्र है उसमें प्रमाण कहांहां मिलते वह भी हम देंगे। परंतु अभी के लिए जान लीजिए हमारे यहां पर गोमेद यज्ञ नहीं है। तो फिर गोमेद का मतलब क्या है? गोमेद का मतलब मेद से यह नहीं निकाला जा सकता कि वहां पर गाय की बलि ही है। ठीक है? क्योंकि हमारे यहां तो सर्वमेद यज्ञ भी है। सर्वमेद सबको बलि चढ़ा दो। यह समझे क्या उसका अर्थ? सर्वमेद यज्ञ नाम भी है। तो गोमेद से केवल यही अर्थ लेना कि वहां पर गौ की बलि है। गौ का उपयोग है यज्ञ में। वह गलत है। वहां पर किस-किस प्रकार से उसका क्या अर्थ लिया गया है शास्त्रों में शयनाचार्य का और फिर करपात्री जी का परंपरा प्राप्त आचार्यों का। इस पर हम एक वीडियो लाने वाले हैं। सुन लिया सोनाली जी भी सुन लें। आर्य समा जी भी सुन लें और इनके आधार पर यह जो लोग बोल रहे हैं ना मोमिना एंड कंपनी यह भी सुन लें।
00:50:24:02 चलिए अब आ जाते हैं। हां शास्त्रवाद जी आपको कुछ कहना हो तो बताएं। मुझे भी आप ही मुझे बहुत अच्छा है। सब क्लेराफाई कर दे रहे हैं सब चीज को। लोग समझे इस चीज को। जी
✅ This part is already used · 00:50:46:13 – 00:53:02:14 (2:16)
→ Used in: B · Video हिंदुओं का भद्दा मजाक मोमिना को पड़ गया भारी at 0:02 ↗
00:50:46:13 [गला साफ़ करने की आवाज़] चलिए ठीक है। अब आते हैं इनके दोगलेपन। ठीक है? तो दोगलापन इन्होंने शुरू किया है। उसमें एक क्लिप मैं इनकी नहीं दिखाऊंगा। मुफ्ती जी की क्लिप दिखाऊंगा। इन्होंने एक जगह पर सोनाली जी जहां पर मुझे उत्तर देते टाइम अटक रही हैं कुछ हल्का सा ऐसे कर रही तो वहां पर यह मजाक उड़ा रही हैं सोनाली जी का तो ऑपरेटर जी जरा मुफ्ती जी का वो वन नंबर का वीडियो दिखाइए जरा इनको यह क्या कर रही हैं बहुत सूक्ष्मता से सोनाली जी का वहां पे मजाक बनाने के लिए एक-एक फेस का एक्सप्रेशन ले ले के अरे यह बड़ा करके उसको बात कर रही है उस पर तो अब हम दिखाते हैं कि आपके मुफ्ती जी कैसे अटके थे हमसे बात करते समय देखिए भैया चलाइए
00:51:35:25 ऑपरेटर जी सुन रहे हैं मुझे हम 12 सेकंड वाला मैं फिक्स मान लेता हूं कि खुदा में ऐब नहीं हो सकते जो ऐब पॉज पॉज करो ये देखो पॉज करो इनके हाथ पैर देखो कैसे चल रहे हैं इस समय ये फंस चुके हैं यहां मुफ्ती जी ये समझ लीजिए ये जो चर्चा है ना कि ईश्वर की कही हुई बात को आपने प्रमाण कैसे माना है ना हमारे यहां जो वेद को अपुषय कहा गया है वो क्यों कहा गया है और यहां मुफ्ती जी के चेहरे के एक्सप्रेशन आप देखिए कैसे वो फड़फड़ कर रहे हैं ये सब ये ऊपर नीचे जो हो रहा है आप समझिए यहां फंस चुके हैं और अभी देखिएगा मेरी एक एक लॉजिकल बात का क्या इलॉजिकल जवाब होगा नहीं बनाया हां ऐप का क्रिएट करना [हंसी] ऐडदार नहीं बना रहे इंसान ऐप का क्रिएट करना ऐपदार नहीं बना रही अब अब ये क्या हो रहा है मुफ्ती जी को? ये क्या हो गया? यहां क्या करेंगी आप? मोमिना जी मुफ्ती जी का तो आपने पर्दाफाश कर दिया। बेनकाब कर दिया आपने मुफ्ती जी को। ऐसे ही ऐसे ही हंसी उड़ाई थी ना हमारी बहन की। ऐसे ही हंसी उड़ाई थी ना उनकी सोनाली जी की। अब बाबा हां तो देखो ऐसा है हमारे अंदर
00:52:51:01 का आपस का मामला है तब तक हम पांच वो 100 हो सकता है कोई बाहर का आ जाएगा तो हमें 105 समझना अकेला मत समझना किसी को ठीक है ये
⬜ Not used yet · 00:53:02:14 – 00:54:22:02 (1:20)
00:53:02:14 अपने मुफ्ती जी को देख लो एक बार एक बार और दिखा दो भैया मुफ्ती जी कादार नहीं बनाता दिखा दो ना जी आप कैमरा बंद कर लीजिए दिखाओ ऑपरेटर जी एक बार और [गला साफ़ करने की आवाज़] बात फिक्स कर लेता हूं कि खुदा ने ऐब नहीं सकते जो ऐब वाले लोग हैं इनको खुदा ने बनाया कि नहीं बनाया ऐब का क्रिएट करना ऐबदार नहीं बनाते इंसान को ऐब का क्रिएट करना बनाया कि नहीं बनाया ऐब क्या क्रिएट
00:53:44:19 कॉन्फिडेंस लेवल देख रहे हो बोलते समय। हालांकि वह इलॉजिकल बात बोल रहे हैं। ऐप को क्रिएट करना, बुराई को क्रिएट करना बुराई ही है। इससे आप सनातन सिद्धांतों के द्वारा ही ईश्वर को मुक्त कर सकते हो। नहीं कर पाओगे। आए थे अभी आपके कौन? कोई मुल्ला जी थे। आए थे। घंटों लगे रहे। छुड़ा ही नहीं पाए अपने आप को। और एक मोहतरमा और आई वो वो तो छोड़ के ही चली गई भैया मुझसे मुझे सब सवालों जवाब मुझसे मत पूछो पूरा 9 दो 11 छुड़ा ही नहीं पाओगे ईश्वर को ऐब से ऐब
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00:54:22:02 को क्रिएट करना भी ऐब है। ठीक है? कोई व्यक्ति बम बना रहा है तो वो खासतौर पर तब जब उसे पता है कि ओबरॉय होटल में लगना है। ताज होटल में लगना है। तो तब वह इस मंशा से बम बम बना रहा है ना तो वह ऐब है। या तो यह मान लो कि बम फटा ही नहीं। प्रपंच रूपी संसार वह फिर हमारी हो जाएगी। समस्त कार्यों को करते हुए भी तू मुझे करता समय। ठीक है? तो आपके मुफ्ती जी का भी मजाक उड़ाइए। अगर आप न्यायप्रिय हैं। अगर आप दोगली नहीं है तो मैंने कहा था ना आप आगे दोगली सिद्धोंगी। दोगलापन आएगा आपके में। तो अगर आप न्यायप्रिय हैं। दोगली नहीं है तो आप जो है मुफ्ती जी का समीक्षा करिए। ये ये जो वो कर रहे हैं ना ये फड़फड़ा रहे हैं
⬜ Not used yet · 00:55:08:12 – 00:55:34:09 (0:26)
00:55:08:12 ऐसे ही पकड़ लिया था जैसे सोनाली जी का आपने हंसी उड़ाई ना ऐसे ही पकड़ ली थी शमसी से जुबान लो बताओ केवल विषयंतर कुछ नहीं था उसमें एक आदमी फंस रहा है दूसरा आकर दूसरा चैप्टर खोल रहा है यही हुआ था और अभी देखना आपका दोगलापन कैसे निकलेगा अच्छा [गला साफ़ करने की आवाज़] अब क्या है कि इसके
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00:55:34:09 बाद अब इनकी एक क्लिप आप चला दीजिए जहां पर यह खुद इस बात को स्वीकार कर रही हैं कि आर्य समाजी जो
⬜ Not used yet · 00:55:45:27 – 00:57:15:01 (1:29)
00:55:45:27 हैं वो अप्रामाणिक हैं। हम जो पर यह बात बिल्कुल सही है। आर्य समाजी अप्रामाणिक हैं। और मैं आर्य समाजियों के की परंपरा इसीलिए पूछता हूं उनसे कि उनका आधार लेकर के कोई मुस्लिम कोई क्रिश्चियन हमारे हिंदू धर्म ग्रंथों का मनमाना अर्थ ना कर दे क्योंकि करेगा तो फिर ये कैसे तय करेंगे कि तुम्हारा अर्थ मान्य नहीं हमारा अर्थ मान्य तो यही वो तरीका है परंपरा जिसके आधार पर आप प्रसन्न हो रही हैं सोनाली जी को चुप होता हुआ देख के कि वाह पंडित जी बहुत अच्छा किया आपने जिसके आधार पर आप खुश हो रही हैं। उसी आधार पर ही आपके लोगों का खंडन होता है सारा का सारा क्योंकि वह हमारे किए हुए अर्थ के विपरीत अर्थ प्रस्तुत करते हैं। हमारे शास्त्रों का परंपरा के विरुद्ध जाकर के तो यहां देखिए इनका पहले आर्य समाजियों को ये मूल सनातन धर्म नहीं मानती हैं। ये देख लीजिए। अब इनका दोगलापन देखिएगा यहां से। बहुत ही कोई घटिया औरत है। यह तो अब मेरे पैरों में गिरकर माफी मांगकर भी डिबेट करने की बात करेगी। मैं तब भी ना करूं। पॉज करिए। एक बात बता दूं मैं आपको इसमें इतनी अश्लीलता है इस वीडियो में। कई जगह मुझे अलग से भी कट लगाने पड़े
00:57:01:25 कि वो गंदे शब्द यहां ना आ जाए। बहुत अश्लीलता है। मतलब कोई उसके पैरामीटर नहीं। इतना अश्लीलता इन्होंने परोसी है वहां। चलिए इससे टोटल
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00:57:15:01 लो आईक्यू और इसकी इसकी सपोर्ट में कौन गया है? आर्या समाजी इसके पीछे आर्या समाजी इसकी सपोर्ट में गया था। दोनों एक जैसे दोनों ही खुद भी आर्य समाजी ये खुद भी आर्य समाजी है। अच्छा खुद भी है। तो बोल नहीं रही हो। आगे से क्या आगे से बकवास करती है। मैं फलानी उसको परंपरा को मानती हूं। मैं फलानी को मानती हूं। कोई परंपरा समाजों का उनका सिर्फ दयालत होता है ना। उनका गुरु होता है। उसके गुरु होता है। इसीलिए वो फंस रहे हैं। जब उनसे पूछा जा रहा है परंपरा क्या है? तो वो बता नहीं पा रही है क्योंकि आर्य समाज की परंपरा नहीं है। समाज में ये कहा जाता है कि दयानंद जो है ना 18वीं सदी या 19वीं सदी में वो बहुत इनफीरियर
⬜ Not used yet · 00:57:49:20 – 00:58:28:12 (0:39)
00:57:49:20 मतलब कर रहा था। ये देख रहा था कि मुसलमानों में क्रिश्चियन में आइडल वरशिप नहीं था। और उनमें थोड़ा इक्वालिटी है कंपेयर टू सनातन धर्म। तो उसने अपने धर्म को थोड़ा इंप्रोवाइज कर लिया। और थोड़ा अपडेटेड कर लिया। जैसे कि वो आर्य समाज का इसलिए पक्ष ले रहे हैं क्योंकि वहां पे मतलब गंदगी है लेकिन कंपेयर टू नॉर्मल सनातन धर्म कम गंदगी होगी। जैसे मूर्ति पूजा मतलब बकारा शूट करेंगे तो वो कह लेंगे ना मूर्ति पूजा में नहीं मानते तो बहुत चीजें हैं आर्य समाजों में जो गंदगी है लेकिन कॉमन क्योंकि वो पुराण में नहीं मानते ना आर्य समाज तो यहां पे जब मुसलमान डिबेट करेगा तो पुराणों का हवाला नहीं दे पाएगा क्योंकि उन्होंने पहले ही पुराणों को रिजेक्ट कर ली तो आर्गुममेंट्स थोड़े कम हो जाते हैं फिर आर्य समाजों के लिए जब डिबेट करते हैं फिर सही
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00:58:28:12 सही ठीक है और इसमें इन्होंने फिर आगे ये तो उदाहरणार्थ मात्र था इन्होंने आगे कई बार इस चीज को माना है कि हां हां भाई जो परंपरा से बात आ रही है वह मानी जाएगी और ये आर्य समाजी जैसे लोगों की नहीं मानी जाएगी। इस पर इन्होंने समर्थन प्रकट कर दिया।
⬜ Not used yet · 00:58:44:21 – 00:59:58:19 (1:14)
00:58:44:21 अच्छा इसमें जो एक बात आ रही है कि पुराणों का जवाब नहीं दे पाएंगे तो उसका हमने बता दिया परंपरा प्राप्त जो लोग हैं वो आपको हर चीज का सही अर्थ बताएंगे और तब आप उस सिद्धांत को काट भी नहीं पाएंगे। तो यह वाली जो बात है ना कि वह मूल सनातन धर्म में बहुत गंदगी है। कंपेरेटिवली टू आर्य समाज से ज्यादा गंदगी है। तो पहली बात तो यह गंदगी के वह जो अर्थ है ना जो आप लोग लेते हो आज उसके अर्थ को बताने वाले आपको क्या कहते हैं अनर्थ के रूप में आपको अर्थ प्रस्तुत करने वाले आर्य समाजी टाइप के ही लोग हैं जिन्होंने अपने फायदे के लिए जो आदि दैविक आदि भौतिक आध्यात्मिक घटनाएं हैं उनका गलत चित्रण प्रस्तुत करके अपना प्रचार तंत्र खड़ा किया उसी प्रचार तंत्र का बाद में आकर के आप जैसे मोमिनों ने सहारा लेना शुरू कर दिया मगर जिस दिन किसी पक्के सनातनी से सामना होगा तो अब बबा हो जाएगा जैसे अभी मुफ् जी का आपने देखा था। अभी आगे देखिएगा आपका दोगलापन और सिद्ध होगा। कैसे होगा बताता हूं। तो यह तो बात क्लियर हो गई कि कोई गंदगी नहीं है। हमारे पास सभी बातों का उत्तर है। जैसे अभी आपका उत्तर दिया ना आप सनातनी अलाला नाम से वीडियो बना रहे हो। ठीक है? दूसरी बात कि अब इन्होंने इसमें ये मान लिया है कि मूल सनातन धर्म क्या है? परंपरा।
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00:59:58:19 मूल सनातन धर्म जो परंपरा प्राप्त जो हमारे प्रमाणिक हैं आचार्य गण वह सनातन धर्म है। तार्किक व्याख्या भी ये हो गई कि भैया कैसे आए वेद हम तक तो मानना पड़ेगा कि हमसे आए प्रमाणिक आचार्यों से आए। तो मूल सनातन धर्म इन्होंने मान लिया मोमिना ने कि वही है और आहार समाजी जो है अप्रामाणिक है। अब जरा इनके मुफ्ती जी का सेकंड नंबर वाला वीडियो चलाइए आप। देखिए आपने कैसे बेनकाब किया है अपने मुफ्ती जी को
⬜ Not used yet · 01:00:26:28 – 01:00:44:26 (0:18)
01:00:26:28 जो आज से चार साल पहले जब हम गए थे तो वहां पर हमारी लॉजिकल चीजों को आप जिसको लॉजिकल मान रही हैं उसको आपके मुफ्ती जी क्या कर रहे हैं देखिए 12 सेकंड बाद चलाइए नहीं बना भाई स्वामी दयानंद
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01:00:44:26 सरस्वती साहब ने उस भूमिका के अंदर वो कहते हैं कि ईश्वर कभी भी जिस्म ले नहीं सकता चीज पूछना चाहूंगा आपसे कि जैसे कुरान के
⬜ Not used yet · 01:00:55:20 – 01:01:54:14 (0:59)
01:00:55:20 यहां पर हिंदू लोग देख ले सनातनी लोग देख ले कि मुस्लिमों को जब हम जैसे सनातनियों से परंपरा प्राप्त सनातनियों से बचना होता है ना तो वो कहां पहुंचते हैं आर्य समाजियों की शरण में सैद्धांतिक विरोधी ये सब नहीं तुम्हारे यहां हलाला होता है हमारे यहां ये होता है तुम्हारे यहां भी तो ये होता है ये सब कुछ नहीं सीधे मूल प्रश्न ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं मूल प्रश्न वो किसी को पुश कर सकता है पुल कर सकता है कि नहीं? मूल प्रश्न धक्के का विषय बन सकता है कि नहीं? 1 लाख वर्ष की आयु वाला व्यक्ति बना सकता है कि नहीं? जड़ पदार्थों में प्राण डाल सकता है कि नहीं? मूल प्रश्न। ठीक है? तो जब इनसे जब इनसे बचना होता है ना ये आर्य समाजियों की शरण में जाते हैं। आर्य समाजियों का साथ दे साथ लेते हैं। और यही कारण है कि आर्य समाजियों का मैं विरोध करता हूं। उनके इन सिद्धांतों हां भाई तो अब बात यह आ जाती है कि यहां
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01:01:54:14 पर यह उनहीं अप्रामाणिक लोगों को लेकर आ रहे हैं जिनको आपने रिजेक्ट किया हुआ है मोमिना जी आपके मुफ्ती और आवाज अकबाई जो आपके लिए बहुत बड़े तुर्रम खान है तोप के गोले हैं तोप के गोले हैं ना आपकी लाइफ में आपने इस तरह की बातें की है ये आप इनको बहुत बड़ा धुरंधर मानती हैं है ना तो धुरंधर है तो देखिए क्या इलॉजिकल बातें कर रहे हैं जो 100 साल पहले जो इंप्रोवाइज करके मूल सनात से हटके जो बनाई बनाया गया बनाया गया सेट है उसको आधार लेकर के कह रहे हैं नहीं तुम्हारे सनातन धर्म में तो अवतार को माना ही नहीं गया जब हम कह रहे हैं कि तुम्हारा ईश्वर अवतार क्यों नहीं ले सकता समझे तो किसका सहारा ले रहे हैं अप्रामाणिकता का तो यहां लॉजिकल भी खत्म और आपका भी विरोध लॉजिक भी खत्म हो गया और आपने उस लॉजिक को स्वीकार किया तो आपका भी विरोध हो गया जिस लॉजिक के कारण आप सोनाली को हारा हुआ मान रही हैं उसको क्रिटिसाइज कर रही है उसी लॉजिक के आधार पर आपके मुफ्ती और ये आवाज हक जो आपके तोप के गोले हैं यह धाराशाही हो रहे हैं। उसी लॉजिक के आधार पर कब करोगे इनकी समीक्षा? न्यायप्रिय हो ना तो करना इनकी समीक्षा इस चर्चा की कि भाई आवाज हक या तुमने 100 साल पहले आए हुए को सनातन धर्म क्यों मान लिया? जब मूल सनातन धर्म वाले तो कह रहे हैं मूर्ति पूजा है। अवतार
01:03:09:22 है। क्यों मान रहे हो? आवाज हक भाई। क्यों बचने का रास्ता ढूंढ रहे हो? जवाब दो ना। खुदा अवतार क्यों नहीं ले सकता? यह जवाब दो। यह मत बताओ कि दयानंद जी ने तुम्हारा अवतार नहीं ले सकता। सुनाओ इनको दोबारा। 12 से सुनाओ। 12 से सरस्वती साहब ने उस भूमिका के अंदर वो कहते हैं कि ईश्वर कभी भी जिस्म ले नहीं सकता। चीज पूछना चाहूंगा आपसे कि जैसे कुरान के बारे में ये भी कहा जाता है कि उसमें शैतान ने ये कर दिया था वो कर दिया। सलमान बोलता है। मैं आपकी हेल्प कर दूं। आती है। मेरा सवाल ये है कि आप ही की बात को क्यों माना जाए? उनकी बात एक मिनट आमिर भाई आप समझते हैं कि स्वामी दयानंद सरस्वती और सलमान गुरुदी दोनों इक्वली स्टेटस के हैं। बिल्कुल [हंसी] दयानंद सरस्वती जो है वो प्रमाणिक गुरु नहीं है। सर्ट सर्टिफाइड नहीं है। सुन लिया? तो यही बात जो तुम अभी मान रही हो कि वह सर्टिफाइड नहीं है। वह मूल सनातनी नहीं है। इंप्रोवाइज करके हैं। चेंज किए हुए हैं। वो सर्टिफाइड नहीं है। नकली है हिंदू के नाम पे। सनातना भाष है। जो तुम मान रही हो। वो तुम्हारे मुफ्ती नहीं
01:04:24:24 मान रहे हैं और उसी आधार पर हमारा काउंटर कर रहे हैं। अब या तो तुम सही हो या यह सही है। मेरी दृष्टि में मेरी जानकारी में तो तुम ही सही हो। तुमने सही होकर के तुमने मेरी चीजों को समर्थन देकर के सोनाली से द्वेष निकालने के चक्कर में अपने आकाओं को धाराशाही सिद्ध कर दिया। बेनकाब कर दिया। अभी तक जो वो चोला ओढ़े थे ना कि हम उस चर्चा में हमारी विजय हुई थी। तुमने उस चर्चा में उनकी जो पराजय है उसको घोषित कर दिया। हमारे लॉजिकल और प्रामाणिक आर्गुममेंट को समर्थन करके। थैंक यू। आई थी ना? हमारी हमारे बीच की आपसी वाद विवाद का फायदा उठाने आई थी ना जाओ करो जाके इन मुफ्तियों का आवाज हक का समीक्षा करो इनकी कैसा आदमी है तुझसे लॉजिकल बात पूछी गई है तुझसे वो पूछ रहा है भैया उसका क्यों माना जाए उसका क्यों नहीं माना जाए ऐसे बोलो वहां जाके तू तड़ाक में निष्पक्ष बनो ना मोमिना जी क्या हो गया शायद किसी ठीक ठीक-ठाक व्यक्ति से पाला नहीं पड़ा है। इसलिए सब खोल खाल के बैठे हो आप लोग।
01:05:39:03 चलो आगे अब इनका ये दोगलापन देख लिया। खुद आर्य समाज जी को गलत समझती हैं और इनके आका लोग आर्य समाज जी को प्रमाणिक मानते हुए हम हमसे बचने का प्रयास करते हैं। वो तो हमारे पास परंपरा है। हम वहां पर भी दे रहे हैं। जैसे हमने सोनाली से पूछा तुम कौन होते हो बताने वाले? ये लिखा है। ऐसे ही हमने तुम्हारे मुफ्तियों से पूछा था। तो अगर सोनाली से पूछने में तुम हमारा समर्थन कर रही तो यहां भी समर्थन कर देना। वीडियो कब बना रही हो ये जरूर बताना। तुम्हारे दीन में यह तो बताया होगा ना कि भैया ये वो वो मत करना। न्याय करना। न्यायप्रिय है कि नहीं दीन कि दोगलापन सिखा रहा है। क्या है? क्या मानू? मैं वही मानूंगा जो तुम दिखाओगी। तो या तो तुम निष्पक्ष उसकी समीक्षा करो बैठकर के कि भैया तुम दयानंद को लाए क्यों? पहले तो ये बताओ। तुम ये जवाब दो ना कि अवतार क्यों नहीं ले सकता? इस पर रहो ना। तुम दयानंद को ला क्यों रहे हो? ला रहे हो तो वह लॉजिकल आर्गुममेंट दे रहा है कि दयानंद जी परंपरा से नहीं है प्रामाणिक नहीं है तो उसका आर्गुममेंट स्वीकार करो। फिर तुम परंपरा को भी खंडित करने में जा रहे हो। इन्होंने परंपरा के लिए क्या कहा कि विष्णु पुराण में कहा गया है कि जब शुरुआत होती है सृष्टि की तो इतने लाख जो है श्लोक होते हैं और कलयुग आते-आते
01:06:54:12 आज श्लोक बहुत कम है। मंत्र बहुत कम है। इतने मंत्र होते हैं मंत्र बहुत कम। तो मैंने वहां पर संक्षिप्त उत्तर यही है कि जो मंत्र पहली बात तो हमारे यहां देवी देवलोक इत्यादि माना गया है। तो कई मंत्र तो उस उन लोकों के लिए हैं। मनुष्यों के लिए है ही नहीं। दूसरी बात मंत्रों का लोप हो जाना और मंत्रों का बदलना अंतर है। मेरे घर पर डांका पड़ गया और वो जो पैसे किसी के रखे हुए थे मेरे घर पर वह चोरी हो गए। ये अलग बात है। मगर मैंने खुद उनको कहीं पर छुपा दिया लालच में आकर के या किसी के कहने पर यह अलग बात है। ठीक है? तो जो मंत्र ष्टि के प्रारंभ से मिले हैं उनका लुप्त हो जाना अलग बात है और उनका जानबूझकर गलत अर्थ करना। ठीक है? ये अलग बात है। समझ
⬜ Not used yet · 01:07:43:10 – 01:11:50:09 (4:07)
01:07:43:10 में आया? ये तो उनके जो उन्होंने वहां पर मुझे फंसाने का प्रयास हालांकि म्यूट कर दिया है। चार चार लोग बोल रहे हो यार। कैसी निष्पक्ष चर्चा है यह बोलने ही नहीं दे रहे हो चार चार लोग एक एक व्यक्ति फसता है दूसरा आदमी बोलने लगता है यह इस तरह से तुम लोग डिबेट करते हो तुम लोग सोनाली जी सोनाली जी के लिए बोल रहे हो एक ये है वो मैं नहीं करूंगी ये चार चार लोग मिलकर के तुम एक व्यक्ति को झेल नहीं पा रहे हो म्यूट करना पड़ रहा है तुम्हें ये स्तर है आप लोगों का उर्दू में क्या कहा जाता है औकात क्या कहते हैं सनातन शंकर जी उर्दू में औकात कहते हैं क्या औकात तो होती है आपकी मतलब सामर्थ
01:08:25:06 हां तो भैया उर्दू के अनुसार तो अच्छा वर्ड है हमारे अनुसार तो घणित वर्ड है औकात तो उर्दू के अनुसार अच्छा होगा तो ये ये औकात है आप लोगों की हा ठीक है। अब आगे बात आती है कि अब यहां से तो ये मुफ्ती जी नॉक आउट हो गए। ठीक है? इन्होंने मान लिया कि पहली बात तो विषयांतर करना उसमें मुफ्ती जी नॉक आउट हो रहे हैं। इन्होंने अपनी लाइफ में सोनाली जी के विषयंतर को भी क्रिटिसाइज किया है। तो मुफ्ती और आवाज हक इनके द्वारा विषयांतर करना करने के कारण यह भी नॉक आउट हो गए। दूसरी बात आबा बाबा क्रिटिसाइज किया है। तो यहां मुफ्ती जी का ये सब और बुराई को बनाना इलॉजिकल बात। बुराई को बनाना बुराई नहीं है। अ बाबा यहां पे उन्होंने भी इन सब चीजों में मुफ्ती जी को आपने नॉक आउट कर दिया। इसकी समीक्षा कर देना। मैं देखूंगा कि दीन ने क्या सिखाया है आपको। दोगलापन या सच्चाई पर रहना। हम दूसरी बात। [गला साफ़ करने की आवाज़] अच्छा अब आगे की बात क्या आती है कि यह दोगलापन इससे भी एक क्रम एक और स्तर इनका लेवल बढ़ता है। अब यह मान रही हैं कि आर्य समाजी जो है वो अप्रामाणिक है सनातन धर्म की
01:09:40:09 ओर से क्लेम करने वाला गलत है। मगर जब गाना बना रही हैं सनातन धर्मियों के लिए विरोध में रैप सॉन्ग और क्रिटिसाइज कर रही हैं और तुम्हारे आवाज हक इत्यादि भी करते हैं जो वो आर्य समाजियों के द्वारा स्वीकार किया गया जो नियोग है उसको क्यों ले रहे हो? तुम अपने गाने में क्यों ले रहे हो? क्यों विरोध कर रहे हो? भाई वो तो है ही नहीं ना सनातन का हिस्सा। तो सनातनियों पर आक्षेप करते टाइम आप नियोग की बात क्यों ले रहे हो? और अगर नियोग की बात ले रहे हो तो उस हिसाब से जो यह मूर्ति पूजा है जैसा कि आमिर हक ने अभी कहा कि नहीं नहीं मूर्ति पूजा सनातन का मूल सिद्धांत नहीं है। हालांकि आपके हिसाब से वो गलत है मगर आवाजें के हिसाब से तो सही है। तो मूर्ति पूजा जब है ही नहीं सनातन में तो फिर तुम लोग मूर्ति पूजा के आधार पर अपमान क्यों कर रहे हो? वो गाना इन्होंने बहुत भद्दा सा बनाया है। बताइए ऐसे लोगों से कौन डिबेट करेगा? यह कह रही है कि तुमसे डिबेट नहीं। अरे तुम किसी लायक नहीं हो। घृणित लोग हो तुमसे घिन आती है ऐसे लोग हो तुम लोग पहले सफाई करो अपनी जाकर के ऐसे होती है डिबेट नग्नता अश्लीलता नंगा नाच करके
01:10:51:03 तो अगर तुम नियोग को मूल मान रहे हो प्रामाणिक मान रहे हो तो मूर्ति पूजा का मजाक क्यों उड़ा रहे हो फिर अपने गांड में उसको मान लोगे ये तो है ही नहीं सनातन में और अगर मूर्ति पूजा को तुम मूल मान रहे हो तो तुम नियोग को मान लोगे वो है ही नहीं सनातन में मगर नहीं दोगलापन कैसे प्रस्तुत करेंगे? नहीं तो हमसे प्रश्न कैसे किया जाएगा? यह दोगलापन कहां पर सिखाया गया है? कौन सी मोरल्टी में है ये दोगलापन? हां मोमिना कैसे करोगी इसको डिफेंड? बताना मुझे करके बताओ। तुम्हारी दृष्टि में ही ऑन कॉल उसी लाइव में तुम मान रही हो कि आर्य समाझ गलत है तो नियो पर आक्षेप करने वाला गाना क्यों बजा दिया तुमने अंधी थी क्या भूसा भर गया था क्या भेजे में हम चलो ये हो गया
01:11:49:10 अब बात आती
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01:11:50:09 है कि एक फाइनल शॉट है बहुत तगड़ा बहुत बढ़िया वाला फाइनल शॉट तो मोमिना जी का जो सेकंड वीडियो है वो दिखा दो इनको।
⬜ Not used yet · 01:12:00:28 – 01:12:40:14 (0:40)
01:12:00:28 फाइनल शॉट दे देते हैं। 100 सुनार की एक लोहार की और सुनो सुनो फाइनल शॉट देखने से पहले ये सुन लो हमारा जो अंतिम डायलॉग होता है ना सभी के लिए वो क्या है मालूम है? मत पड़ो चक्कर में। कोई है नहीं टक्कर में। देख लो फाइनल शॉट। मैटर पे हम डिस्कस करने आए हैं। आप जिन अपने गुरु भाई बहनों के बचाव में आए हैं। उनके साथ मेरा इस बात को लेकर कोई घबराह नहीं था। परंपरा प्राप्त आचार्य की शरण में नहीं है तो आप स्वयं को वैदिक सिद्ध नहीं कर सकती सनातनी सिद्ध नहीं कर सकती धार्मिक सिद्ध नहीं कर सकती
01:12:39:06 मुझे नहीं मानो सनातन
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01:12:40:14 मुझे नहीं मानो वैदिक नहीं मानो सनातन मुझे नहीं मानो वैदिक लो जी चीख चीख कर बोल रही है नहीं मानो मुझे सनातनी नहीं मानो मुझे वैदिक दुम पे पैर आई है कि नहीं आई है पंडित जी जियो कम से कम इस कतूरी के मुंह से जो है वह सच तो निकला। यानी अब जो तुम ना सनातनी हो ना वैदिक हो तो तुम्हारा अब किसी और धर्म पर भी बात करना बनता नहीं है। संप्रदाय विहीन होने पर ही तो बात हो रही है। आप संप्रदाय विहीन होते हुए हिंदू सिद्ध नहीं होती है ना। वैदिक सिद्ध ओह हो उसने कहा तुम हिंदू सिद्ध ही नहीं होती। तुम हिंदू हो ही नहीं। लो जी पंडित ने 15 मिनट में सोनाली लिंग तोड़ को नॉन हिंदू यानी एक्स हिंदू साबित कर दिया। वेल डन वेल डन। मेरे हिंदू होने से आप मुझे हिंदू नहीं मानिए। मैं यह कह रही हूं। आप मुझे मुसलमान मानिए। आप मुझे हिंदू नहीं मानिए। मैं यह कह रही हूं। आप मुझे मुसलमान मानिए। आप मुझे हिंदू नहीं मानिए। मैं ये कह रही हूं। आप मुझे अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह।
01:13:45:08 कैसा मजा आया मुसलमानों? कैसा मजा आया मुसलमानों? बताओ दिल पे हाथ रख के। यहां पर जब इनको कंफ्रेंट किया जाता है तो इनकी दो टके की भी औकात नहीं है। हमारी किसी मुसलमान बहन को कोई यह कह दे ना कि तुम अब तुम अपने को मुसलमान साबित करो। तो वो कभी ये नहीं कहेगी कि नहीं मुझे मुसलमान नहीं समझो। वो लड़ेगी। वो आखरी दम तक बोलेगी कि नहीं मैं अपने रब को मानती हूं। मैं अपने अल्लाह को मानती हूं। मैं अपने कुरान पे यकीन करती हूं। वो कभी ये नहीं कहेगी। क्यों? ठीक है।
⬜ Not used yet · 01:14:16:26 – 01:14:55:27 (0:39)
01:14:16:26 हटा दीजिए अब इसको। इसमें दो बातें आई। चिल्ला चिल्ला करके मानना पड़ गया किसको? सामने जो बैठा अपोनेंट है उसकी बात को। ठीक है? और दूसरी बात आई 15 मिनट। तीसरी बात आई मान लिया। घुमा फिरा के मान लिया। 15 मिनट दो बातें। अब जरा इनका मुफ्ती का दिखा दो भैया। लास्ट वीडियो जो है तीसरा वाला। इसीलिए तो कहते हैं झूठे की हद तक चोर के घर तक। दिखाओ भैया। तीसरा वीडियो। ये
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01:14:55:27 तो फिक्स ही हो गया कि वो जन्म नहीं ले सकता। ये भी क्लियर है ना? बिल्कुल।
⬜ Not used yet · 01:15:01:20 – 01:15:28:24 (0:27)
01:15:01:20 ठीक है। वो किसी भी नियम के नीचे नियमों के ऊपर है। ये मोमिना यहां बैठी हुई है। चर्चा में मोमिना भी है एक जगह पर चर्चा में जहां आमिर हकीक क्लेम कर रहा है कि भैया ये नियम ईश्वर पर लागू नहीं होते। वो बाधित नहीं है। क्लेम कर रहा है। ठीक है। तो वो किसी भी नियम के नीचे नहीं है। वो नियमों के ऊपर है। नियम उसने बनाए हैं। ऐसा कैसे हो सकता है कि नियम उस पे बनाए। चलिए
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01:15:28:24 हमारा मेहनत थोड़ी देर के लिए मान ले गलत है। [हंसी] पॉज करो इसको पॉज़ करो। इसको रिपीट करो चार पांच बार। हमने मान लिया कि हम गलत है। दिखाओ नियम उस पे अप्लाई नहीं है। चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान ले गलत है। फिर दिखाओ। चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान ले गलत है। फिर दिखाओ। नियम उस प्लान नहीं है। चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान ले गलत है। ले मोमना है। चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के ये मान ले गलत है। मोमिना जी यहां क्या करेंगे अब आप? आपका तो जो वो था वो सिद्धांत सिद्धांत सब मान लिया मुफ्ती जी ने गलत है वही सिचुएशन चाहे मान लो मैं मुस्लिम हूं मान लो मैं वैदिक नहीं हूं अब क्या करो अल्हम्दुलिल्लाह क्या था मैं बोल नहीं पाता हूं कोई जानता है क्या वो उर्दू क्या बोला जाता है कोई जानता है उर्दू अल्हम्दुलिल्लाह हां क्या करेगी अब यहां ये मोमिना
⬜ Not used yet · 01:16:22:02 – 01:16:37:13 (0:15)
01:16:22:02 इसको कहते हैं टक्कर नहीं हुई ना अभी तक कहीं मुझे लगता है कि यह सोनाली जी से हमारा जो वो हुआ है वह इसी कारण से हुआ है। इन लोगों को जवाब मिलना था। बहुत अच्छा हुआ यह जो हुआ मैं थैंक्सफुल हूं।
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01:16:37:13 ये देखो मुफ्ती जी क्या हो गया? मान लिया ना दो मिनट में। चलिए ऐसे ही होता है। जिस दिन कोई कांटे का व्यक्ति सामने आ जाता है। यह हालत होती आप लोगों की। मान लिया ना? और क्या कह रही थी कि अगर वो मुस्लिम होती, कोई होती तो मानती नहीं लड़ती। क्या हो रहा है मुफ्ती को?
⬜ Not used yet · 01:16:55:08 – 01:17:13:27 (0:19)
01:16:55:08 आप देखना जो आपके ग्रंथ जो क्यों माने जाने चाहिए इस संबंध में जो वीडियो है ना वो अलग से बनाकर मैं आपको दे दूंगा डाल दूंगा जवाब नहीं था आपके मुफ्ती और आवाज आवाज हक के पास जो आपके यहां की तोप है ये देख लो मान
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01:17:13:27 लिया उन्होंने फिर दिखाओ उनको चार पांच बार जिससे अलम्दुलिल्लाह कर ले दिखाओ घंटा के नियम उस प्लान नहीं चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान ले हम बनाए हैं कैसा कैसे संता के नियम उस प्लान नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के मान ले गलत के नियम उस पे प्लान नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के मान ले गलत करो उस थोड़ी देर के लिए मान ले ये तो फिक्स ही हो गया कि एक मिनट अब मैं हिंदुओं से कहता हूं देख रहे हो ना हिंदुओं कैसा लग रहा है यह सुन के आनंद आ गया ना जो हमारे धर्म पर उंगली उठाते हैं 15 मिनट 15 मिनट में मैंने इनको भी जैसे सोनाली जी पर कटाक्ष कर रही ना 15 मिनट में सोनाली जी की ये कर तुम्हारे मुफ्ती बैठे हैं 15 मिनट में आया ये सीन चलिए मान लिया कि हम गलत ये होता है अभी पाला नहीं पड़ा है सनातनी से ठीक है अभी वो सनातना भाषियों से तुम जूझ रहे हो उसी में कुछ ठीक कर देते हो फस जाओगे व्यक्तिगत सलाह यही है आना मत फस जाओगे नहीं तो ठीक है? तो सर्वशक्तिमान का परम उत्तर नहीं है। परम स्वतंत्र
01:18:29:10 मोक्ष का उत्तर नहीं है। शाश्वत धर्म का उत्तर नहीं है। और आपका दोगलापन सिद्ध हो गया। आपके द्वारा ये जो आपने कहा वलम्दुलिल्लाह वो भी सिद्ध हो गया मुफ्ती जी पर। अब मुफ्ती जी को कहना कि भैया उनका मियाद गलत है। यानी कुरान गलत है। कुरान गलत है। यानी कि मुसलमान धर्म गलत है। मुसलमान धर्म गलत है। तो मुफ्ती जी कौन हो गए? नास्तिक। नास्तिक हो गए। तुम्हारे अनुसार मुफ्ती जी। अलम्दुलिल्लाह करो अब हो गए ना बताओ क्या क्या हुए यहां पर मुफ्ती जी
01:19:01:13 तो आज के बाद इस वीडियो को जब तुम देख लोगी उसके बाद तुम अपना इलाज ढूंढोगी सब जगह-जगह जाकर के इलाज तुम्हें मिलेगा नहीं और जब ना मिले तो हमारे दरवाजे पर आ जाना अगर रहम आ गया तो हम आपका इलाज भी आपको दे देंगे ठीक है हमारे सनातनी भाई बहनों को बैठा के और अपने वह तीन टप्पर लोगों को बिठा के आप जो है बहुत अकेले में कुछ भी बड़बड़ा लो ये सब कर रही हो ना हम ऐसे नहीं है सीधे सीधी बात और सीधी बात क्या है मूल विषय तुम्हारे यहां ये होता है हमारे यहां कुछ नहीं ईश्वर सर्वशक्तिमान है तुम्हारा तुम्हारे दीन को दीन माना क्यों जाए ईश्वर सर्वशक्तिमान है ईश्वर ईश्वर है यदि है तो सिद्ध कर दो आ के परम स्वतंत्र मोक्ष है।
⬜ Not used yet · 01:19:54:02 – 01:20:31:20 (0:38)
01:19:54:02 क्या ऐसा आपके यहां पर इबादत है या जो भी आप पूजा पाठ जो भी शब्द आप उसको देते हो क्या मुसलमान में वो है जो जिससे वह चीजें प्राप्त हो सके वो मिल सके जिसके लिए वास्तविकता में मनुष्य तड़प रहा है। जिसके आधार पर हम नास्तिकता का खंडन कर सकते हैं। धर्म को सिद्ध कर सकते हैं। ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध कर सकते हैं। क्या वह है? क्या वह मिल रहा है इस्लाम के द्वारा? एक इस्लाम को फॉलो करने वाले को या उन चीजों के नाम पर कुछ और ही मिल रहा है?
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01:20:31:20 तो तीन चीजें हैं। सर्वशक्तिमान ईश्वर सिद्ध करो अपने खुदा को। परम स्वतंत्र मोक्ष सिद्ध करो। मिलने वाली वह तुम्हारी आखिरी रात वाली चीजें हैं। वो मोक्ष हैं। परम स्वतंत्र शाश्वत सुख। सिद्ध करो कि तुम्हारा जो धर्म है वो शाश्वत है। यानी तुम्हारा जो दीन है वो बदलता नहीं है। शाश्वत है। तुम्हारे यहां
⬜ Not used yet · 01:20:54:24 – 01:22:19:27 (1:25)
01:20:54:24 तो खुद ही कह दिया गया दो 187 में। आज से पहले तक रोजों की रात में फलाना कार्य करने की इजाजत नहीं थी। आज हो गई। लो वही बदल रहा है। हमारे यहां पर जो कहा मुफ्ती जी ने क्या कहा था? मैं सुन नहीं पाया। आवाज थोड़ी सी नहीं आ रही थी। मुफ्ती जी ने ये कहा था कि चलिए मान लिया कि हमारा जो सिद्धांत है वो गलत है। अच्छा [हंसी] जो सोनाली जी कह रही है मुझे मान लो कि मैं वैदिक हूं। मान लो कि मुसलमान हूं। अच्छा यही जबरदस्त पॉइंट वही था। सबसे जबरदस्त पॉइंट वही था। [हंसी]
01:21:35:25 इसीलिए तो इसीलिए अच्छे लोग टिक नहीं पाते हैं। और मैं आपको बता दूं आज सुबह मैंने Instagram पे एक रील डाली है। उस रील में मैंने कहा है कि एक वीडियो मैंने आज देखा तो उसमें है तो सनातन धर्म का अपमान मगर हमारे पास सिद्धांत इतने तगड़े हैं कि अब जो है उनको देख के मन विचलित नहीं होता है। विचलित किसका होता था? आज से छ साल पहले वाले शिवश का जिसके पास सिद्धांत नहीं थे गुरु गोविंदो ग्रंथ के ना होने की वजह से तो आज मैं विचलित नहीं हुआ इस विषय पे मैंने Instagram पर रील डाली है वो जबरदस्त वो वीडियो यही वीडियो था वो जो मैंने आज सुबह देखा था जिसप वो रील बनाई है वो यही वीडियो था जो मैंने देखा था मोमिना का हमारे भाई
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01:22:19:27 बहनों को तुम क्रिटिसाइज करोगे सनातन धर्म का अपमान करोगे और वो भी ऐसे दोगलेपन के साथ ऐसे कमजोर सिद्धांतों के साथ तुम कह रहे हो वहां उसने मान लिया सोनाली का यह मान लेना कि मैं वैदिक नहीं हूं यह उतनी बड़ी बात नहीं है जब तुम्हारे दीन को ना मानने वाले व्यक्ति के समक्ष तुम्हारे मुफ्ती का मान लेना तुम्हारे मुफ्ती का मान लेना कि हमारा गलत है और उसके बाद वो सही सिद्ध हुआ नहीं है उस डिबेट में जब उन्होंने गलत माना है उसके बाद वो सही सिद्ध नहीं हुआ है सिर्फ वो इस पर तुले कि तुम तुम गलत हो अपने आप को सही सिद्ध नहीं किया और तुम गलत हो में भी सिद्ध कुछ नहीं हुआ। तुम्हारे अनुसार आगे जाकर के वो वही गलत सिद्ध हुए हैं। ठीक है? तुम्हारे यहां के मुफ्ती और तुम्हारे दीन के बाहर के व्यक्ति के सामने वो कह रहे हैं चलिए मान लिया मेरा मियाद गलत है। और यहां तो एक जो भटकी हुई हमारी जो बहन है दिशाहीन है भगवान से प्रार्थना करते कहीं ना कभी ना कभी आ जाएगी वापस। यहां तो वो कह रही है दुर्जन तोष न्याय से तो आप मजाक उड़ाए पड़े हो। तो कब मजाक उड़ाओगे मुफ्ती का? वलम्दुलिल्लाह। तो मूल सिद्धांत क्या है? पत्तों पर बात नहीं करते। तुम्हारे यहां ये हुआ है। जो तुम्हारे यहां होता है वो तुम
01:23:35:01 लेके आओ। जो हमारे यहां होता है वो हम लेके आ रहे हैं। सीधी बात है। जिसके पास गुर्दा है उसी को जीने का हक है। जिसका ईश्वर सर्वशक्तिमान है उसी का धर्म धर्म है। ठीक है? तो अपने ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध कर दो। मुझको मुसलमान बना लो। तुरंत कलमा पढूंगा। ठीक। नमाज पढूंगा। और वो खतना खतना वतना वाली बातें भी। चलो ठीक है। तो आओ ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध करो। धर्म को शाश्वत सिद्ध करो। मोक्ष को परम स्वतंत्र सिद्ध करो। आ जाओ कब आ रहे हो? अब
⬜ Not used yet · 01:24:14:24 – 01:52:02:00 (27:47)
01:24:14:24 बात आती है आने की। आने पर बात करते हैं कि कौन आएगा? किससे चर्चा होगी? तो जो तुम्हारा जो तुमने इसमें एक वो जो व्यक्ति नहीं है जो राज वो बोल रहा था कि एक आदमी की आवाज आ रही थी ना उस चर्चा में उसने ये भी कहा कि भाई हम हमसे आकर बात करिए आप जो है नास्तिक कैसे बोल रहे हैं जो मुसलमान है नास्तिक नास्तिक से जहां ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं वहां ईश्वर ईश्वर नहीं और जहां ईश्वर नहीं नास्तिक और फिर इसके आगे आप समझ लो क्या हो सकता है वो आप अपने ही भाई बहनों से पूछ लो खैर यह तो रही यह वाली बात दूसरी बात क्या है कि
01:24:54:16 तुम्हारे मंच पर जहां इतनी गंदगी फैली हुई है उस मंच पे जहां तुमने जिस प्रकार से सोनाली जी ने मक्कार कह दिया वहां से मेरा जाना तुमने समर्थन किया कि ठीक बात है तो फिर भाई तुमने अपने मंच को कैसा बना रखा है अश्लील नग्न सैद्धांतिक विरोध नहीं है ये अश्लीलता है बस और कुछ नहीं है इसमें तो पहली पहली बात तो मंच ऐसा होना चाहिए जो योग्य भी हो। योग्य मतलब कि ऐसा प्रभाव रखता हो समाज में जहां पर हमारा जाना सार्थक हो सके। और दूसरी बात मैं सोनाली सोनाली जी की एक बात तो मानूंगा भाई वह अज्ञानी सही भटकी हुई सही दिशाहीन सही डंके की चोट पर वो जो धर्म मानती है धर्म का जो स्वरूप मानती है कुछ उसमें इधर उधर भटकाव है मगर अपने धर्म के लिए डंके की चोट पे कैमरे के सामने बोलती है अपना चेहरा लेकर के तुम्हारी तरह कायर नहीं है वह या आवाज हक इत्यादि की तरह नपुंसकता नहीं प्रस्तुत करती है कायरों वाली
01:26:01:27 समझे चेहरा छुपा के घूम रहे हैं तो चर्चा होगी किससे जिसकी अपनी आइडेंटिटी हो और फिर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंच किसका होगा वो देखा जाएगा बीच का होगा कैसा होगा वो बात बाद की बात है चर्चा होगी किससे जो जिसने गंदगी ना मचाई हो मुफ्ती बुलाओ करेंगे चुप दोबारा या या कोई उनसे एसोसिएटेड हो उनको लाओ करेंगे चुप दोबारा गंदा व्यक्ति ना हो तुम्हारी तरह ये नीचता भरी बातें परोसने वाला गंदा मंच ना हो तुम्हारी तरह ये नीचता भरी चीजें करने वाला ठीक है करेंगे और पटकेंगे सैद्धांतिक रूप से पटक देंगे ये अभी बता दे रहे हैं इसलिए व्यक्तिगत परामर्श यही है कि मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में जी सब लोग अपना अपना ओपिनियन रखें फिर इसको और हां जो शास्त्रीय विषय मैंने शुरू में क्लियर किए उनके विषय में एक अलग से प्रमाण और तर्क सहित कि उसमें लॉजिक क्या है? विदेश यात्रा मना करने में गोमेद का सही अर्थ क्या है? उसमें लॉजिक क्या है? तो ये प्रमाण और तर्क के साथ एक अलग से वीडियो बन जाएगा। जी अब आप लोग अपना अपना वो ओपिनियन रख।
01:27:22:12 जी जी नहीं काफी पॉइंट आपने क्लियर कर दिए और क्योंकि जितने भी आक्षेप ही अपने चैनल पर लगाते हैं उसमें ज्यादातर मैंने देखा है कि अभद्रता ही करते हैं और शास्त्रों की गलत व्याख्या ही करते हैं और ये सारी गलत व्याख्याएं जो हैं वो इन्होंने कहीं ना कहीं हमारे ही जो सनातन के अंदर तंत्र हैं जो ये कर्मणा वाले हैं इनके इनसे ही ली हुई है और वहीं पर यह लोग हमारे ही शास्त्रों का मजाक उड़ाते हैं। और मुझे अब लगता है कि जो यह अवेकनिंग इंडिया वाली जो है भारत वाली जो है यह मातृशक्ति इनको भी यह चीज जरूर समझ में आ रही होगी कि जहां पर सिद्धांत मजबूत हो तो किस तरह से परंपरा वहां पर आपकी मदद करेगी। आपकी हेल्प करेगी सनातन सिद्धांत को वहां पर रखने के लिए। अब इसीलिए शिवांग जी ने उस दिन परंपरा पूछी थी आपसे और आप उसका जो है बुरा मानकर अपने ही जो है भाई का खंडन करने लग गई। जबकि आपको क्या करना चाहिए था वहां पर समझना चाहिए था। लड़ाई नहीं करनी चाहिए थी। आपको समझना चाहिए था कि भाई क्योंकि शिवश जी ने आपको कोई अभद्र बात नहीं बोली थी। यह बात थी। तो आज देखिए आपका ही आपके ही भाई आपके काम आएंगे।
01:28:38:02 आने वाले टाइम में जो आपको बिल्कुल इस बात में पता चलेगा कि भाई जब आप उनसे लड़ रही हैं उनमें आपको अंतिम सहारा जो है वह परंपरा का ही अवलंबन लेना पड़ेगा और यह तो जो दिखाया आपने वीडियो इनका यह तो बहुत गलत वलत बोलते हैं चेहरा छुपाकर यह बोलते हैं कहीं से कोई बात पकड़ी कहीं से कोई बात पकड़ी और यह सब पीडीएफ वाले हैं यह यह वही हैं आर्काई वाले यारकाइव से ले लेके जो है चीजों को वहां पर वो आवाज ह विडम लाइब्रेरी के उत कर रहा है हमने सीधे आचार्य जी से आज वो मंगवाया ये वशिष्ठ धर्म सूत्र वाली चीजें जी जी हालांकि हमारे पास था हमने कहा एक बार कंफर्म वो कर लूं परंपरा से तो इसमें एक चीज मैं और बोलूं कि ये ये आप देखो कि जिस चर्चा के आधार पर आज इनका खंडन करने वाली इसका मोमिना का खंडन हुआ है उसी उसी चर्चा का आधार लेकर के ये इतनी बुद्धू है कि अपने वहां डाल रही है कि मुफ्ती के यहां गया था और जो हार के आ गया ये सब इन्होंने कचरा किया है वहां इसी चर्चा के आधार पे जिस चर्चा के आधार पे आज इनकी जीत हो रही है देख लो जी जी जी उसी चर्चा का हम
01:29:53:20 भाई ये समझ क्या है ना धीरे-धीरे चीजें आती है समझ उस वक्त नहीं समझ में आई थी शायद अब इनको पता चले कि यहां पर आपको जो है वो अपना जो मूल है उसको नहीं छोड़ना है यह मूल है हमारा ये परंपरा जो है हमारा मूल है और ये बात भी मैं कह चुका हूं परंपरा से जुड़े ना होना आपके हिंदू होने में बाधक नहीं है मगर समस्त प्रमाणिक परंपराओं का विरोधी होना हिंदू होने में बाधक है फिर आपकी वैदिकता सिद्ध नहीं होगी विरोधी मत बनो विरोधी मत बनो हम और हां एक बात और ये जो आई थी परंपरा पे जो बातचीत हुई ये तब हुई जब इन्होंने ही तो शुरू किया शंकराचार्यों पे बोलना भाई देखो राजनीतिक विषयों में बोल ही क्यों रहे हो अगर आप धर्म का रक्षा करने वाले हो और वो वो क्या कहते हैं प्रमाण और तर्क पर बात कर रहे तो शास्त्रोक्त विषय में प्रमाण और तर्क पर बात करो फिर आप ये राजनीति में कूद रहे हो फिर राजनीतिक चीजें बोल रहे हो आप अपने मंच से हम तो राजनीतिक चीजें नहीं बोलते अधिकांशता प्रयास यही होता है कि ना बोले बोलते भी तो एक मर्यादा में बोलते हैं फिर आप आप जो है आप ही तो अपने हिंदू भाइयों का विरोध करना शुरू कर रही हो शंकराचार्य का आज वही शंकराचार्य आपकी वो बना है छत्रछाया बना है कि नहीं बना वही बना जिसका आपने विरोध किया बिल्कुल और वही
01:31:08:28 बनेगा भी अंतिम विकल्प वही है। उसी छत के नीचे ही आप सुरक्षित हो। ये ध्यान रखो। चाहे जितना भ्रमण कर लो इस चले जाओ। अंतिम जो आश्रय मिलना है आपको वो परमाश्रय आपको प्रमाणिक परंपरा प्राप्त आचार्य के छत्रछाया के नीचे ही मिलेगा। जी बिल्कुल बिल्कुल नहीं तो फिर जैसे आपने शॉट डाला था उसमें वो कभी कह रही है कि मैं रामानुजा संप्रदाय से हूं। कभी वो कह रही हैं कि मैं दयानंद जी को मानती हूं। कभी वो कह रही हैं कि जो वैदिक स्क्रिप्चर में जो ऋषि हैं उनको मानती हूं। कभी वो कह रही है कि भाई मैं हिंदू ही नहीं हूं। तुम मुझे हिंदू मत मानो। मतलब मिक्स मिक्स इतनी सारी बातें उन्होंने वहां पर बोल दी फ्लो फ्लो में ये सिद्धांत विहीन जब कोई होता है तब ये सारी बातें होती हैं। और फिर आप लड़ किन से रही हैं। सामने कौन है? आपको पता है सामने कौन है। ठीक है? वह आपको घेर सकता है। वहां पर आपको जो अगर आपके सिद्धांत मजबूत नहीं है तो फिर आप वहां टिक नहीं पाओगे। लेकिन सिद्धांत अगर मजबूत हैं तो आप उनका आराम से खंडन कर दोगे। आपको पता है सामने वाला पूछेगा कि भैया तुम्हारे शास्त्रों में यह बात लिखी है तो आप बोलोगे नहीं भाई यह जो आप बोल रहे हो ये गलत बोल रहे हो। किस आधार पर बोल रहे हो? जी हमारे जो परंपरा प्राप्त आचार्य हैं वो तो यह कह रहे
01:32:24:00 हैं और उनका एक्सप्लेनेशन आप जब उनको बताओगे तो वो उसके आगे वो बोल ही नहीं पाएंगे। क्यों? क्योंकि जो उनकी कुरान है उसकी व्याख्या वह करेंगे तो फिर हमारे शास्त्र है उनकी व्याख्या हमारे आचार्य करेंगे। वहां पर वो आक्षेप वाली बातें खत्म हो जाएंगी। अब कहां पर बात आ जाएगी? वही सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म। शाश्वत धर्म यहां पर हमारे और हमारे आचार्यों के पास शास्त्र में लिखी हुई स्वीकारी गई एक एक बात का तार्किक उत्तर है। ऐसा नहीं है कहीं आप उनको इलॉजिकल बना दो। लॉजिक लॉजिकल लॉजिक की पराकाष्ठा पर भी हम खड़े हैं। देखो खत्म हो गए। जिनकी शरण में गई थी वह बेचारे लीपापोती करते घूम रहे हैं कि भैया मत पूछो मत पूछो ये धक्का कैसे लगा? सृष्टि का निर्माण हुआ कैसे पूछो मत। आर्य समाज ढेर हो चुके हैं। देख लो मना कर रहे हैं प्रश्न करने से। जो पांच 101 कुरान में कहा गया ज्यादा सवाल मत करो। वही निर्भय आर्य तोप का गोला था जो वो कर रहा है। जी आज उसने एक एक मतलब कोई साधारण सा मतलब है वह परंपरा को नहीं मानता है लेकिन वह मतलब ऐसा ज्ञानी हिंदू नहीं कह सकते उसको उससे उसके साथ अवतार पे कोई चर्चा करी है वो वो जो हिंदू है वो मुझे फोन कर करके वर्णाश्रम पे
01:33:39:20 और मेरा बहुत कट्टर विरोधी है जो वहां गया है वो जो है हां रोहित गुप्ता नाम है मेरे पास कई कॉल रिकॉर्डिंग है उसकी वो मुझे फोन किया करता है परेशान करता अरे मतलब वो सामने आएगा नहीं और फोन पर कुतर्क करता रहेगा। उसके कमेंट भी देखना हमारे रिसेंट वीडियोस में कमेंट भी है विरोध में बहुत सारे ये वही हिंदू है और ये भटके हुए हिंदू है। यही फंसते हैं पहले आर्य समाजियों के यहां फिर वहां से जाकर फसेंगे यहां। ये भटके हुए हिंदुओं हिंदुओं का क्या हुंडा है हिंदुओं का आर्य समाज इस से होते हुए यहां पे जाकर के फंस जाएंगे। क्योंकि भैया उन्होंने आश्रय लिया था आर्य समाजियों का इस का फंस जाएंगे यहां मोमिना के मंच पर जाकर के। तो वो जो रोहित गुप्ता है वो मुझसे बड़ा परेशान है। हर दो-ती महीने में एक बार फोन करेगा जैसे उसको मेरा वीडियो कोई बहुत बुरा वो इस बात [गला साफ़ करने की आवाज़] से दुखी है कि तुम जो है आर्य समाज के सिद्धांतों का विरोध इसलिए कर रहे हैं रोहित देख लो इसलिए कर रहे हैं मुफ्ती को चुप कराना है यह मुफ्ती सहारा लेकर लेते हैं तुम्हारे आर्य समाजियों का इस वालों का समझ गए इसलिए करते हैं उनका विरोध इनको आश्रय मिलता है उनसे इसलिए करते हैं रोहित को रोहित को बोल रहा हूं वो इस बात से दुखी अरे तुम सबको गलत भाई हमको हमको हमको इनको चुप कराना
01:34:54:26 है ना मुफ्ती को इनको चुप कराना है तो हमें हमारी ओर से गलत बोलने वाले लोग होंगे उनको भी बताना पड़ेगा गलत मत बोलो परंपरा से बोलो हां बिकॉज़ क्योंकि क्या है ना जो ये इस्लामी है जो ये मानते हैं इनको ये क्या करते हैं वेदों से बोलेंगे देखो जी तुम्हारे वेदों में मूर्ति पूजा नहीं है अच्छा हिंदू को वहां से क्योंकि तुम्हारे दयानंद सरस्वती जी जो है वो नहीं मानते हैं आर्य समाज नहीं मानता अब वहां पर हिंदू जो है वो एकदम भ्रमित हो जाएगा और डाउट में आ जाएगा कि अच्छा ऐसा ऐसा है। हमारे वेदों में भी जो है वो निराकार ईश्वर ही है। जैसा कुरान के द्वारा परिभाषित ईश्वर है। अब जब यह चीज मान ली अब आगे इनका जो अटैक होगा वो यही होगा कि देखो तुम्हारे जो हिंदुओं में देखो कितना वो जो गंदगी की बात इन्होंने करी कि भ आर्य समाज में तो कम गंदगी है और जो मूल है उसमें तो ज्यादा गंदगी है। है ना? तो बोलेंगे दोनों तरफ गंदगी अभी अच्छा कहां है? बोला अच्छा भैया यह कुरान में है आ जाओ कलमा पढ़ लो और क्योंकि तुम्हारा जो वेद है वो भी वही कह रहा है और हमारी कुरान भी वही कह रही है। ये उनकी जो चाल है इसमें जाकिर नायक ने बहुत हिंदुओं को फंसाया और ये भी वही उसी उस पे काम कर रहे हैं। सेम टेक्निक को एड्स हो गया था। एड्स हो गया था। ऐसा सुनने में आया था। उसको पता नहीं भाग गया था बाहर। नहीं नहीं एड्स वेड्स की अफवाह आई थी ना जाके। हां आई थी वो हां आई थी। अफवाह
01:36:10:04 थी। अफवाह होगी। खैर ठीक है आप लोगों का अच्छा मनोरंजन हुआ होगा। जी जी शंकर जी बोले हां अच्छा ये आज ना अनिकेत जी ने एक वीडियो बनाया है मन खुश कर दिया इन्होंने इतना बढ़िया इन्होंने जो अमोग लीला प्रभु जी हैं उनके जो क्लिप्स और पूज्य प्रेमंद महाराज जी के जो क्लिप्स वहां पर चलाए मतलब मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए उस पूरी आपकी चार चार मिनट की जो वीडियो थी मैं फिर मैं फिर सबको एक बार बता दूं सनातन शंकर जी ने 12 मिनट का इच्छा वाले विषय पर बहुत धाराप्रभा वीडियो बनाया वो आप लोग जरूर देखें और इनका चैनल है अनिकेत जी का म्यूजिक क्या नाम है अनिकेत जी चैनल का राधा माधव म्यूजिक एंड फैक्ट हां राधा माधव म्यूजिक एंड फैक्ट तो ये जो है इस चैनल पर जो है आपको जो इस के विषय में जो इस के छुपे हुए गुंडे हैं ना जो जो काम करते हैं तो उसका उनका ये लोग यह प्रतिकार कर रहे हैं तो आप जो है इनके चैनल को जरूर देखें। राधा बहुत बढ़िया वीडियो बनाया। हां। अरे मैं सही मेरे मेरे रोंगटे तो खड़े हुए अनिकेत जी साथ में मेरी आंखों में ना आंसू भी भरा आए। पता
01:37:25:06 है उस क्लिप को देख के जब मैं प्रेमानंद महाराज जी का जो सुना और जब वो लास्ट वाला मतलब बहुत बढ़िया वीडियो बनाया आपने क्लिप जोड़ के। बहुत-बहुत साधुवाद। बहुत अच्छे। जी शास्त्र जी। प्रेरणा स्त्रोत्र है। आप लोग से हां अंकित जी बोले अंकित जी जय श्री राम। हां आप लोग की प्रेरणा है। आप लोग से प्रेरणा मिला है। अब क्या है कि वही छुपे छुपाए हैं। एक निर्गुण निराकार है जो द्वत बन के वीडियो बनाता है। आपने बताया था मुझे किंग स्पिरिट वो तो निर्गुण निराकार कोई सिद्ध कर रहा है। प्रत्यक्ष एकदम पीछे पीछे से क्या है वो अभद्र बहुत चीजें करता है। हालांकि आपने इग्नोर करने के लिए कहा था लेकिन इग्नोर करने जैसा नहीं है वो व्यक्ति बनाएंगे बहुत बोलता है ना कि अद्वैतियों ने बहुत बोल दिया और जो शंकराचार्य थे वो सही थे और उनके जो नस्ले आई है ना शब्द यूज़ करता है। नस्लें आई है ना उन्होंने पूरा बर्बाद किया है। तो ये सब शब्द जो यूज़ करता है ना उसको उत्तर देना जरूरी है। उनहीं के लोगों से उन लोगों का पोपट कर देते हम और कुछ नहीं। [हंसी] अच्छा उसके पास केवल एडिटिंग है। कभी भी ये नहीं
01:38:40:09 बताया ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं। ये सब कुछ नहीं। एडिट करता है। बस कोई कोई आपकी बुक कोट कर देगा। कुछ अपने हिसाब से वहां कोट कर देगा। अपने हिसाब से वहां निर्णय दे देगा। ये सब है। इसीलिए मैंने कहा कि सामने आके बात कर ले। तो बोलता है कि संस्कृत में होगी बात। हिंदी बोलना आवे नहीं है। संस्कृत की बात करते हैं। बरसात बरसात से बचने की हैसियत नहीं तुम्हारी और गोलीबारी की बात करते हो आप लोग। [हंसी] उसको एक ने एडिटिंग सोल बोला [हंसी] था कमेंट में पिंग एडिटिंग सोल बींग एडिटिंग सोलवा जी
01:39:21:13 जी शास्त्रवाद जी जय श्री राम भैया जय आज का वीडियो इतना जबरदस्त बनाया आज जो लाइव हुआ जी 100 सोनार की एक लोहार की बहुत जबरदस्त ताप था हम से मार दिया [हंसी] चारों खाने अब मुझे ये पूछना था भैया मान लो उसने प्रति उत्तर के तौर पर उसने नहीं बनाया वीडियो तो उसको क्या माने हम मान लीजिए उसने बोला कि इग्नोर करो हटाओ हटाओ तो ठीक है हमारी बात से सहमत हो गई और क्या स्वीकृति मोनम वो मौनम स्वीकृति सही है। आवाज आ रही है? हेलो आवाज आ रही है?
01:40:12:24 जी भैया वही कह रहा था कि आपने जो वीडियो बनाया आज का लाइव में जिस वीडियो से वो चले थे उनका खंडन करने के लिए क्या नाम है उनका? अवेकनिंग। अवेकनिंग दीदी का। ठीक है? और उसी वीडियो का आधार लेकर के आपने उन्हीं के जो है मुफ्ती का खंडन कर दिया। [हंसी] वो जबरदस्त था वो भी देखेंगे तो शॉक हो जाएंगे किसे पाला पड़ गया। [हंसी] जबरदस्त है। और जो जो मुस्कान अभी आप लोगों के चेहरे आ रही जब मैंने वीडियो देखा था इसका मोमिना का उसी समय मेरे अंदर यही भाव उत्पन्न हुए थे। क्या बच्चों बच्चों के तरीके से अभी देखो इसको ऐसे एक वो फिल्म आई थी ना तकदीर वाला उसमें यमराज जी नीचे वो बुक ढूंढने आते हैं
01:41:05:10 हां हां तो उसमें वो लोगने तो उसमें वो लोग जब पुलिस वाला उनको थाने ले जाता है वो तो जानता नहीं था यमराज है ना तो पुलिस वाला उनको थाने ले जाता है तो काफी देर बाद जब वो परेशान हो जाते हैं तो फिर वो दिखाते हैं अपनी ताकत। तो ताकत दिखाने के लिए वहां जो गोलियां रखी थी उसको चबा जाते हैं। बम रखे थे उसको चबा जाते हैं। पिस्तौलस्त रखी थी उसको भी चबा जाते हैं। यह सब सीन वहां दिखाया गया। वैसे ही जब मैंने तुम्हारा वीडियो देखा था मोमिना तो यही भाव था। ये ऐसे चबा जाऊंगा तुम्हारे सब वीडियो। ठीक है? और तुम्हारे मुफ्ती और आवा के गोले हैं। सब चबा लिए जाएंगे। सब सब नष्ट हो जाएंगे। कुछ नहीं बचेगा। इसलिए जहां हो अपने उसमें रह के अपना मर्यादा में रहने का प्रयास करो। जो भी प्रश्न करो सबसे पहले तो मर्यादा में रह के करो और मर्यादा को लांग के करोगी और किसी दिन किसी ऐसे ठीक-ठाक व्यक्ति से हो जाएगा तो वहां पर वो ये उनके लिए सोनाली जी के लिए कर रही थी। वा ऐसे कर रही थी। ठीक है? तो अभी ठीक-ठाक व्यक्ति से आपका सामना नहीं हुआ है। इसलिए आप ऐसा सोच रही हो कि आप अकाट्य हो। अभी अकाटेट
01:42:20:14 से सामना होना बाकी है। आपके मुफ्ती जी का हो चुका है। मान के बैठे हुए हैं। ठीक है हमारा याद हमने मान लिया थोड़ी देर। गलत गलत। ठीक है। चलिए जय श्री राम। जी भैया भैया जबरदस्त है। आपने जो जी जी बोलिए बोलिए। जी मैं ये कह रहा था कि अभी उनका जब खंडन हो रहा था अवेकनिंग दीदी का जब वो खंडन कर रहे थे तो उनको आश्रय कहां से मिला? आश्रय आश्रय जो है आपने दिया यहां पे इस मंच पर उनका समर्थन करके ठीक है जब समर्थन किया उनका उनका खंडन किया अपन ने क्या किया एक परंपरा जो है वो वृक्ष की तरह उनको छाव दे रही है अब ठीक है परंपरा जो है वो एक वृक्ष की तरह उनको छाव दे रही है और कुछ लोग क्या करते हैं उसी वृक्ष की एक डाल को काट के ले जाएंगे और बोलेंगे कि ये अब पेड़ है और ये छांव देगी जिनका वो समर्थन कर रही थी अवे दीदी वाली तो समझना चाहिए झड़ जिस पेड़ का होता है ना जो विराट विशाल वृक्ष होता है वही छाव दे सकता है वही आपको धूप वही आपको हर बाधाओं से बचाएगा लेकिन डाल नहीं बचा पाएगा तो परंपरा विशाल
01:43:35:15 वृक्ष बिल्कुल बिल्कुल यही बात तो मैं बताना चाहता हूं भाई परंपरा की आप समझिए वैल्यू क्या है अब लॉ सोनाली जी का विरोध करने के चक्कर में ही अब ये बात तो स्वीकार कर ली कि परंपरा से शास्त्रों का अर्थ होगा तो अपने सारे वीडियो डिलीट करो तो तुमने परंपरा से वेरीफाई किए बिना बनाए भाई ये अर्थ हम ले रहे हैं कि अलाला पलाला वाला वीडियो डिलीट करवा हमें रग से उसने अपने मन से किया परंपरा प्राप्त अर्थ नहीं है वो जो बोल रहा है उसको कहां से मिला वो वही सवाल पूछूं कहां से मिला वशिष्ठ धर्म सूत्र बस बस पका जाएंगे अभी। ठीक है जी। और और कोई कुछ बोले सनातन शंकर जी नहीं तो ऑफ करें फिर आगे बढ़ाएं। नहीं नहीं बिल्कुल बहुत सारे लोग ये बोलते हैं कि जी परंपरा का सवाल सिर्फ हिंदुओं से क्यों पूछा जाता है? अब जब बाहर का कोई व्यक्ति हमारे जो धर्म शास्त्रों की गलत व्याख्या करेगा तो उससे भी यही पूछा जाएगा कि तुम्हें यह शास्त्र कहां से मिले? तुमने यह व्याख्या कहां से ली? है ना? हम यह नहीं बोलेंगे कि तुम तुम्हारी परंपरा क्या है? हम यह बोलेंगे तुमने यह शास्त्र कहां से लिए और वहां पर वह फंस जाएगा। अंतिम
01:44:50:19 में उसे यह मानना पड़ेगा कि व्याख्या जो है वो आपकी ही मानी जानी चाहिए। क्योंकि अगर वो यह नहीं मानेगा कि भाई हमारी व्याख्या नहीं मानेगा तो फिर बोलेंगे तुम्हारी कुरान की व्याख्या फिर हम करेंगे। वहां पर वो बोलेगा नहीं नहीं व्याख्या जो है मुफ्ती ही करेंगे मौलाना ही करेंगे। तो भैया फिर उसे ये मानना पड़ेगा कि अगर हमारी व्याख्या हमारे मौलाना करेंगे। जी जबकि यह जो परंपरा का सिद्धांत है, इसका खंडन है कुरान में। समझे? अगर हम फिर वही वाली बात कि हम आपकी कुरान की व्याख्या करने के अधिकारी हैं। आप हमारे शास्त्रों की व्याख्या करने के अधिकारी नहीं हो। क्योंकि आपने परंपरा के सिद्धांत का खंडन किया है। और हमारे यहां परंपरा के सिद्धांत को माना गया है। आप अधिकारी नहीं हो। हम अधिकारी हैं। हम कर सकते हैं। हम अधिकारी हैं। हां। फिर भी हमारी उदारता है। एक एहसान है कि हम न्याय पूर्वक व्यवहार कर रहे हैं कि तुम्हारी कुरान की व्याख्या तुम ही करो। यह एहसान है हमारा। बिल्कुल बिल्कुल हां बिल्कुल यही बात आती है। और [गला साफ़ करने की आवाज़] वहां पर वो लोग फसेंगे। और जब वो फसेंगे तो जो अंतिम में जो है वो उनके जो सिद्धांत है वो कमजोर सिद्ध होंगे कि बुराई को बनाने वाले वाला जो है वो उसमें भी बुराई है।
01:46:06:04 है ना? जब भी आर्य समाज के धर्म और ब्रह्म पर बात की जाती है, एक लेकर के तटपुजिया टाइप का आप तर्क लॉजिक लेकर के आते हैं। समस्त लोग मुझे नहीं पता आपसे पहली बार बात हो रही है। बहुत ही निचले स्तर का है। बात हो रही है धर्म ब्रह्म की और आप ला रहे हैं लॉजिक यह वाला कि हमने क्रांतिकारी इंस्पायर किए हैं। इसका मतलब यह है कि क्रांतिकारी तो मुस्लिम भी थे। मुस्लिम भी क्रांतिकारी हुए हैं। तो इसलिए कुरान को एक्सेप्ट करना चाहिए। और तुम यह जो नाम ले रहे हो तुम्हें वो नाम नहीं पता है जो मूर्ति पूजा थे मूर्ति पूजा करते थे मूर्ति पूजक थे वो नाम नहीं पता तुम्हें हम छत्रपति शिवाजी कौन थे मूर्ति पूजक नहीं थे उनके गुरु समर्थ रामदास कौन थे मूर्ति पूजक नहीं थे हरिहर बुक्का कौन थे मूर्ति पूजक नहीं थे महाराणा प्रताप कौन थे मूर्ति पूजक नहीं थे झांसी की रानी लक्ष्मीबाई मूर्ति पूजक नहीं थी मंगल पांडे मूर्ति पूजक नहीं थे और तुम ये जो पांच 10 नाम लेकर के घूमा करते हो। क्या केवल इतने ही क्रांतिकारी थे स्वतंत्रता संग्राम में? इनका भी अभी वो वेरीफाई करना है। चंद्रशेखर, आशा, आजाद इत्यादि ये सब जो नाम सब घुसेड़ लिए हैं। मगर मैं कह रहा हूं अगर तुम 50 बोल दो, 100
01:47:21:08 बोल दो तो 100 ही संत सेनानी थे क्या? रेवोल्यूशन में तो जितने लोग आर्य समाजी थे, जितने जितने लोग आर्य समाजी थे उनको छोड़कर जितने लोग बचे वो आर्य समाजी नहीं थे। वो कौन थे? वो मूर्ति पूजक थे। हम या तो मुस्लिम वैदिक भी बोलो। वैदिक भी थे क्योंकि क्योंकि ये लोग ना ये भ्रम फैला देते हैं कि अच्छा मूर्ति पूजक अलग है और वैदिक अलग है। अरे भाई जो मूर्ति पूजक है वो कहीं ना कहीं वैदिक है। है ना? वैदिक भी थे। वैदिक हिंदू थे। बेवकूफी भरी बात होती है ये कि वो वो जो है इंस्पायर हैं। अरे भैया जाके देखो बौद्धों से किसने लड़ा? नास्तिकता खत्म हो पाई है ना शंकराचार्य की वजह से खत्म हो पाई है और अंत में भी जब आखरी चोट मानवता पर आएगी तो आपको शरण मिलेगी शंकराचार्य के पास आकर के कहीं पर शरण नहीं मिल पाएगी यह सब तब तक है जब तक व्यक्ति आस्तिक है तब तक मान लो उसका निराकार ईश्वर आर्य समाजियों का ईश्वर इस का ईश्वर तब तक मान लो
01:48:23:03 जब व्यक्ति आस्तिक ही नहीं है सब खत्म हो जाएगा तितर बितर ठीक है हां जी बिल्कुल भैया आपने जो अभी बात बोला चंद्र चंद्रशेखर आजाद जी को आपने मतलब आपने जो बोला अभी कि ये लोग उन्हें भी घुसेड़ दिए इस तरह की जो आपने बात बोली इसको वो लोग गलत वे में ले ले जाएंगे इसलिए इसका आप स्पष्टीकरण दे दीजिए आपने कहा ना घुसेड़ दिए वाले शब्द शब्द पकड़ते ना भैया लिस्ट में डाल दिए लिस्ट में घुसेड़ दिया भाई
01:49:01:25 का मतलब बात नहीं कुछ मिलता नहीं इनको तो ये लोग यही पकड़ते मैंने भी देखा आपने सही कहा इसको हटा दीजिए हो गया दिख गया हटा दीजिए इसको स्क्रीन से ठीक है फिर सारे मूर्ति पूजक थे आजाद जनेऊ पहनते थे सब यह भी मूर्ति पूजक ही थे यह भी अभी क्लेरिफिकेशन होना बाकी कि वो जिनका ये नाम लेते हैं दम भरते हैं वो लोग थे भी कि नहीं थे वो अपने मन से ही सब कर लिया है। खैर चलिए ठीक है समय देने के लिए सबका आभार मूर्ति पूजक और मूर्ति पूजक में ना भैया मतलब वो लोगों ने मूर्ति पूजक ना होने के जो लिस्ट है उनमें उन्होंने चंद्रशेखर आजाद जी को ले आया। ये आप कहना चाह रहे हैं ना? नहीं उन्होंने मैं यह कह रहा हूं कि क्रांतिकारियों की जो लिस्ट वो है ना क्रांतिकारियों की लिस्ट आर्य समाजियों की आर्य समाजियों की लिस्ट आर समाजियों की जो लिस्ट है कई क्रांतिकारी जो अभी वेरिफिकेशन के अधीन है जो सत्यापन के अधीन है जो जानकारी उसको अपनी मनगढ़ंत बातों से अरे भाई ये भी प्रभावित है ये भी प्रभावित थे आर्य समाज से ऐसे करते हुए आर्य
01:50:17:03 समाज की लिस्ट में क्रांतिकारियों को वेल नोन क्रांतिकारियों को डाल दिया है ये बात ठीक है जी जी अब जी अब स्पष्टीकरण है तो इसलिए सब दर्शक इसका वो वो कोई गलत अर्थ ना निकाले। ठीक है। एक आध एक आध एक आध अर्थ जो है गलत रह जाने दो जिससे व्यक्ति थोड़ा परेशान होता रहे। कुछ मेहनत करे और मेहनत करके परेशान हो। थोड़ा सा छोड़ दो। एक ही आदमी है पकड़ता है। वो बींग एडिटिंग सोल। बस वही पकड़ता है और कोई पकड़ता नहीं है। कुछ तो मिले उसको भी। भाई ने तो चैनल ही बंद हो जाएगा उसका। ये लोग उन लोगों में से है। इनके यहां पर जब कोई विधर्मी या कोई मच या कुछ भी जो किसी दिन कोई आक्रमण करेगा ना है ना तो ये उस समय भी वीडियो बनाएंगे क्या वीडियो बना लेता हूं अभी जब इनके घर की मातृ शक्तियों पर आक्रमण हो रहा होगा तो ये वीडियो बनाएंगे और फिर कहेंगे कि मैं जो है वीडियो बना लेता हूं फिर इसकी एडिटिंग करके बढ़िया इसका खंडन करूंगा ये वो लोग करेक्ट करेक्ट 100%
01:51:25:18 ठीक है पूरा सभी को सभी का आभार जी जी जय श्री राम सभी जय श्री राम जी जय जय [संगीत]
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Where do they learn hypocrisy? मोमिना ने किया मुफ्ती को बेनकाब
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