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00:00:02:24 तो सभी को जय श्री राम हमारे साथ में किशन दास जी है एक बार आप इन्ह देख चुके हैं ऑलरेडी और अभी कुछ दिन में बाहर था लखनऊ में नहीं था तो थोड़ा सा जो रेगुलर चीजें य्यब पर आपको देखने को मिल रही थी वो नहीं मिल पाई किशन दास जी से हमारी चर्चा अधूरी रह गई थी और हमने उस दिन चर्चा जो की थी वह य की थी कि धर्म की व्याख्या क्या है जिस पर उन्हें ठीक से बात नहीं हो पाई किशन दास जी से और नास्तिकता का क्या समाधान है रामपाल जी के पास इस बारे में भी हमारी कोई बात नहीं हो पाई उस

00:00:52:12 दिन तो आज हम जो कोई नया सवाल ना लेकर के जो रामपाल जी के जो वक्तव्य स्टेटमेंट है उन पर हम लोग बात करते हैं जिसके लिए विशेष तौर पर आप आए हैं ना किशन दास जी रामपाल जी के बताए स्टेटमेंट जी आवाज आ रही है मेरी हां आ रही है आपकी आवाज मुझे कम आ रही है मुझे को कम आ रही है सभी को जी नहीं ठीक है ठीक है बताइए देखिए जो लिंक मांग रहे हैं वो अभी धैर्य रखें बारबार लिंक ना मांगे आवश्यकता होने पर लिंक दे दिया जाएगा आपको अभी हमारी किशन दास जी की बात हो रही है तब तक धैर्य बनाइए धैर रखिए तो किशन दास जी जैसे कि बात वही आ जाती है एक स्टेटमेंट है रामपाल दास जी का कि सभी धर्म ग्रंथों से सभी पवित्र जो धर्म के सद ग्रंथ है उनसे प्रमाणित करके उन्होंने बता दिया है सब कुछ

00:02:07:13 है ना हा यानी कि वो मुस्लिम को भी धर्म मानते हैं जो इस्लाम है उसको भी वो धर्म मानते हैं और वो क्रिश्चियनिटी को भी धर्म मानते हैं और वो जितने भी इस दुनिया में कोई होंगे उसको वो धर्म मानते हैं ठीक है कौन तो मैं यह जानना चाह रहा था कि किसी भी आईडियोलॉजी को किसी भी शिक्षा को ज्ञान को बुक को धार्मिक मानने के लिए मतलब क्या है उनका कारण क्यों मानते

00:02:48:13 हैं धार्मिक बुक को मानने का कारण क्या है किसी भी बुक को धार्मिक धर्म से जोड़ने का उनका आधार क्या है क्यों जोड़ते हैं जैसे मान लीजिए कि मैं अभी ये कहूं कि भाई मेरे पास एक फरिश्ता आया भगवान का और उसने मुझे ये शिक्षाए दी है और मेरे नाम से एक आइडल जीी चल जाए कि शिवा मत या शिवांश मत एक आइडल जीी चल जाए ठीक है तो क्या इसको भी वो धर्म मान लेंगे तो उसका दूसरा प्रमाण भी तो कहीं ना कहीं होना चाहिए ना तब भी तो मान सकते हैं ना तो मैं वही मैं वही पूछ रहा हूं क्या आधार है किसी को भी धर्म मानने का किसी को भी धर्म मानने की मतलब आपने बता दिया हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सब धर्म ठीक है वो अपने अपना धर्म मान रहे हैं सुनि हम जो है वेद का विरोध जहां पर भी किसी ने एक पॉइंट पर भी कर दिया उसको हम धर्म नहीं मानते नास्तिक मानते हैं और धर्म तो बिल्कुल ही नहीं मानते ठीक है तो अब बात हो रही है कि वो स्टेटमेंट देते हैं कि हमने सभी धर्मों के पवित्र सद

00:04:03:16 ग्रंथों को खोल कर दिखा दिया तो वह हिंदू जम को भी मान रहे हैं धर्म मुस्लिम को भी धर्म मान रहे सबको धर्म ही मान रहे हैं तो अब किसी को भी धर्म के रूप में स्वीकार करने का कारण वो आधार क्या है क्यों मानते हैं कौन मानते हैं रामपाल जी किसी भी किताब को अगर धर्म माने मैं कह रहा हूं यह मेरी धार्मिक किताब है रामपाल जी धार्मिक किताब मानेंगे या नहीं मानेंगे मानेंगे तो किस आधार पर मानेंगे वह आधार क्या है देखिए ऐसा है कि जैसे मुसलमान है तो मुसलमान अपना वो धर्म ही उसको मानते हैं मुस्लिम धर्म मुसलमान मुसलमान ने कहीं भी अपनी किताब में उसको धर्म नहीं लिखा है नहीं लिखा लेकिन जैसे आम भाषा में क्या कहते हैं जैसे सिख धर्म अब सिख धर्म नहीं है ठीक है ये एक गुरु औ शिष्य की परंपरा बनाई गई है ठीक इसका कोई सिख धर्म से नाना नहीं लेकिन बोलते क्या है जैसे हिंदू धर्म में आपके मैं पूछ रहा हूं आपके जो रामपाल दास जी है वो इस्लाम को धर्म मानते हैं या नहीं मानते धर्म तो एक ही है वो आपने उनके सत्संग में अगर सुना है

00:05:18:19 कि जैसे मुसलमान धर्म है या सिख धर्म है ऐसा इस लाइन का मतलब क्या है कि सभी धर्मों के पवित्र सद ग्रंथ तो सभी यानी कि सभी धर्मों के यानी कि इलाम यानी कि एक से ज्यादा धर्म हो गए वो तो ज्यादा नहीं वो उनका मानना नहीं है यह आपस में जो दुनिया को बताने के लिए दुनिया जैसे मान रही है अपना अपना धर्म सब अलग अलग बना के बैठे हैं तो उनके लिए यानी कि शुरुआत में किसी को समझाने के लिए उन्होंने यह किया कि यह क्या कहते हैं उन्होंने किसी को जैसे कोई कुछ मान रहा है तो उस माने को ही पहले बात करते हुए फिर आगे उन्होंने बात की है हा अच्छा वास्तविकता में धर्म एक ही है और वह धर्म कौन सा है क्या है सनातन धर्म है मानव धर्म है य नहीं मानव धर्म है कि सनातन धर्म है सनातन धर्म है सनातन धर्म में ही हम तो मनुष्य है ना हमारा य इस संसार के अंदर मानवता धर्म निभाना है यानी कि इस्लाम जो है वो धर्म नहीं है धर्म एक ही है मैं पूछ रहा हूं इस्लाम धर्म है

00:06:33:19 कि नहीं नहीं इस्लाम धर्म नहीं है तो इस्लाम के जो ग्रंथ है उनको धार्मिक ग्रंथ कहेंगे क्या कहेंगे पवित्र वो उनके मानने वाले पवित्र ही मानते हैं जैसे आप नहीं मानते क्या रामपाल जी नहीं मानते उनके ग्रंथों को पवित्र बिल्कुल मानते हैं पवित्र ही है प है तो मैं वही पूछ रहा हूं किसी भी ग्रंथ को धार्मिक सद ग्रंथ कहने का कारण क्या है आधार क्या है मैंने इसमें प लिख दिया मान लीजिए कि भैया यह करो वो करो वो करो मेरे पास भी ईश्वर का आया था मैंने इसमें लिख दिया और लोग इसको मानने लग गए 100 डेढ़ स फिर बाद में 500 फिर हजार तो क्या रामपाल जी इसमें कही हुई सभी बातों को धर्म कहने लगेंगे या फिर इस किताब को धर्म कहने लगेंगे धार्मिक कहने लगेंगे कहने लगेंगे सद ग्रंथ कहने लगेंगे तो मेरा पूछना यह है कि किसी भी किताब इत्यादि को धार्मिक सद ग्रंथ पवित्र सद ग्रंथ के रूप में स्वीकार करने का आधार क्या है अगर आप मुझसे सवाल पूछेंगे तो मैं सटासट बता

00:07:48:26 दूंगा धार्मिक सद ग्रंथ मानने का आधार क्या है आधार तो यही है कि जो अपने सद ग्रंथ जो मुस नों के लिए पवित्र कुरान है तो वो उसको मान के फाइनल उसको मान के चल रहे हैं तो भाई साब मैं आपको एक बात पूछ रहा हूं ये अगर मुझे कुछ लोग मानने लगेंगे वो इसको भी पवित्र कहेंगे इसको सत्य कहेंगे तो क्या मेरे मुझे फॉलो करने वालों के कारण क्या रामपाल दास जी भी इसको पवित्र और सद ग्रंथ कहने लगेंगे कारण क्या है सद ग्रंथ कहने का सत ग्रंथ कहने का कारण यही है कि वो उसमें जो लिखी सच्चाई है जो उनको जो धर्म मान के चल रहे हैं जो परमात्मा भगवान को अल्लाह को वो अपने अपने हिसाब से उसको मान के चल रहे हैं तो उनको सद ग्रंथ ही कहेंगे नहीं वो मान के चल रहे हैं वो नहीं पूछ रहा हूं मैं रामपाल दास जी क्या मानते हैं क्यों सद ग्रंथ कहते हैं किसी भी ग्रंथ

00:08:50:13 को सत ग्रंथ इसलिए कहते हैं उ उसके अंदर जो लिखाई सच्चाई है ना तो सत ग्रंथ वही होते हैं ना जिसमें भाई भगवान का ज्ञान दिया हुआ है परमात्मा यानी कि जिस जिस बुक के अंदर एक जो सच्चाई है वो लिखी होगी वो उनके लिए सद ग्रंथ है हां और बुरे ग्रंथ क्या है झूठे ग्रंथ क्या है झूठे ग्रंथ तो जब मनुष्य ने अपने अपने हिसाब से सब बना लिए वो झूठ ही है जो वेद और शास्त्रों से जो मेल नहीं खाता है वो झूठे ही है तो कुरान शास्त्रों से मेल खाती है कुरान वेदों से मेल खाती है हां कुछ ऐसी बातें है जो मतलब उसमें मेल खाती है कुछ ऐसी बातें हैं हम तो यानी कि पूरी तरह मेल नहीं खाती है पूरा तो नहीं खाती है या तो फिर बात तो वही आ गई अगर किसी चीज में कुछ गंदगी है तो हम उसको पवित्र कैसे कह सकते हैं और अगर कुछ अगर कुछ कुछ मेल खाने के कारण पवित्र कह रहे हैं तो

00:10:05:15 फिर एक आतंकवादी में भी कुछ ऐसी चीज मिल जाएंगी जो मेरे अंदर भी है तो क्या मैं और आतंकवादी एक जैसे हो जाएंगे तो पुराणों के अंदर भी आप उनको पूरा मतलब सत मानते हैं जी अक्षरस उसमें कुछ मतलब अगर कहीं भी ऐसा मास खाने का अगर लिखा है तो फिर वो किसका क्या मानेंगे फिर आप आप आकर के हमें क्वेश्चन करिएगा हम तब उत्तर देंगे फिलहाल अभी बात हो रही है कि किसी भी उसको सद ग्रंथ कहने का रामपाल दास जी का मुख्य आधार क्या है सत ग्रंथ पवित्र है सब उसमें जो लिखी बात है उनको जब जब आप ही तो कह रहे हो कि उसम कुरान में कुछ बातें ऐसी है जो अच्छी नहीं है हां तो वो ज्ञान किसने दिया फिर उसके ऊपर बात होगी ना कि किसने दिया क्यों दिया कुरान मैं पूछ रहा हूं आप समझे नहीं जैसे कॉपी है ये नोटबुक है इसके अंदर आप कह रहे हैं कि सारी बातें सच्ची नहीं है तो फिर इसको सद ग्रंथ क्यों कहोगे आप और अगर इसको सद ग्रंथ कहोगे तो जिसके अंदर सारी बातें सच्ची होंगी उसे क्या कहोगे और इसको सद ग्रंथ जो आप कह रहे हो अगर थोड़ी सी बातें मैच हो जाने से दो चीजें

00:11:20:15 इक्वल हो जाती है तो फिर मैं ये मानना पड़ेगा कि एक आतंकवादी के अंदर जो चीजें होती है एक आतंकवादी अ लोगों का मर्डर करता है मातृ शक्तियों के साथ दुष्कर्म करता है मगर कुछ अंशों में हो सकता है कि उसको किसी पर दया आ जाए वो पानी पिला दे कुछ अंशों में हो सकता है वो किसी जानवर को सहला दे किसी को दवा दे दे कुछ अंशों में हो सकता है वो क्या कहते कोई और अच्छा कार्य कर दे कुछ अंशों में हो सकता है वो भोजन करे भोजन तो कुछ अंशों में उसने जो अगर कुछ ठीक काम कर दिए तो क्या मैं और आतंकवादी एक जैसे हो जाएंगे क्या मैं और आतंकवादी जैसे तभी होंगे जब हम पूरी तरीके से एक जैसे होंगे तो वेदों वेद अगर सद ग्रंथ है और कुरान को भी आप सद ग्रंथ कह रहे तो इसका मतलब कुरान में कोई ऐसी चीज नहीं होनी चाहिए जो वेद में वेद के विरोध में हो आप खुद कह रहे हैं कि कुरान में कुछ ऐसी चीज जो वेद के विरोध में है फिर भी आप उसको सद ग्रंथ कैसे कह रहे मैंने वेद के विरोध नहीं कहा मैंने कहा उसमें कुछ जो चीज है वो आपने बताया वेद के मतलब उसम है वो बातें जो उसे मेल खाती है थोड़ा सा आज मेरे को फीवर है ज्वर है मुझे तो

00:12:35:20 आप लोगों को थोड़ा सा इसलिए दिख रहा होगा चेहरे पर जी क्या कह रहे थे मतलब कुरान में भी ऐसी को जो बात है वह वेदों से मेल खाती है मतलब कोई भी ऐसी बात नहीं है जो वेदों से मेल ना खाती हो नहीं ऐसा नहीं है वेदों से मेल खाती है जो बात है उसमें लिखी गई है भाई साहब मैंने पूछा क्या कुरान में सारी बातें एज इट वेदों जैसी है कोई विरोध तो नहीं है वेदों से नहीं एजटी तो सारी नहीं है उसमें कुछ है तो उसका तो फर मतलब कुछ मतलब कुछ बातें हैं जो वेदों का विरोध करती है हां तो जब वो वेदों का विरोध करती है तो व सद ग्रंथ कैसे हुआ झूठ बोलती है ना वो कुछ कुछ ऐसे तो मैं ये क्या बता रहा हूं आपसे जैसे भगवत गीता है भगवत गीता का भी तो मतलब वो इसम देखिए यके आपके रामपाल जी अपने गुरु जी से पूछेगा कि अगर भगवत गीता में काल ने कहीं कहीं पर अपने मन का बोल दिया है तो फिर आप उसको सद ग्रंथ क्यों कह रहे हो हम नहीं कहते हम सद ग्रंथ उसे कहते हैं जो जिसकी एक अक्षरस बात सत्य हो व स बात बताओ मुझे आप एक बात बताओ

00:13:50:26 मुझे की झूठा व्यक्ति किसे कहते हैं झूठा व्यक्ति किसे कहते झूठ बोलता है उसे कहते है झूठ बोलता है क्या वह झूठा व्यक्ति पूरे दिन में जो झूठ बोलता है क्या वह पूरे दिन में एक बात भी सत्य नहीं कहता होगा वो तो उसके ऊपर डिपेंड करता है ना आप एक बात बताओ जो झूठ बोलता है सुनो मैं पूछ रहा हूं मैं बता रहा हूं उसके ऊपर डिपेंड नहीं करेगा अभी आप बताओगे जो व्यक्ति झूठ बोलता है भूख लगने पर वह कह रहा है अपनी मां से मां भूख लगी है खाना दो इतने में उसने सत्य बोला ना तो फिर उसको झूठा नहीं कहना चाहिए उसको सच्चा कहना चाहिए क्योंकि उसने कहीं ना कहीं तो सच बोल [संगीत] दिया देखिए ऐसा है कि हर आदमी के अंदर सब आदमी बुरे नहीं होते हैं और सब आदमी अच्छे भी नहीं हो भाई साहब के झूठ व्यक्ति किसे कहेंगे तो झूठ बोलता है उसे कहेंगे और किसे कहेंगे तो जो जो झूठ बोलता है या जो सिर्फ झूठ बोलता

00:14:56:21 है तो झूठ बोलता है उसी कहेंगे ना अब भाई साहब मैंने आपसे ये पूछ रहा हूं कि कोई जिसे आप झूठा कह रहे हैं वो थोड़ा बहुत सखत भी बोलता है तो जब आप कह रहे हो कि कुरान या कोई भी ऐसा शास्त्र है जो थोड़ा बहुत झूठ थोड़ा बहुत सत्य बोल रहा है मगर हम कहेंगे उसको सद ग्रंथ तो इस हिसाब से तो झूठे व्यक्ति का कोई अस्तित्व ही नहीं बचा दुनिया में क्योंकि झूठा व्यक्ति भी किसी ना किसी अंश में सत्य जरूर बोलेगा उसको दर्द होगा झूठे व्यक्ति को भी झूठे व्यक्ति को भी अगर दर्द होगा तो वो कहेगा मेरे दर्द हो रहा है ये लो ये सत्य बोल दिया उसने बोला कि नहीं बोला हा झूठ बोलने वाला व्यक्ति भी किसी ना किसी अंश में सत्य बोल रहा है तो फिर जो झूठ बोल रहा है उसको आप झूठा कहते हो भले ही वह सत्य भी बोल रहा हो तो फिर जो सद ग्रंथ है जिनको आप सद ग्रंथ कह रहे हो क्यों कह रहे हो जबक वो झूठ भी बोल रहे हैं समझ पा नहीं उसमें आप वो कैसे निर्णय करेंगे आपकी उसमें झूठ क्या सही क्या वो आप कैसे निर्णय करेंगे वो तो बात की बात है मैं अभी आपसे पूछ रहा हूं किसी को भी सद ग्रंथ कहने का आधार क्या

00:16:12:09 है मैंने आपसे सवाल क्या किया मैंने आपसे सवाल क्या किया है मैंने आपसे सवाल क्या कियाई मेरा आधार क्या है मैं बता दू सद ग्रंथ कहने का आधार क्या है कि हमारे जो परंपरा प्राप्त वैदिक वो है शास्त्र ठीक है जो ईश्वर की प्राप्ति में सहायक हो मोक्ष की प्राप्ति में सहायक हो सर्वशक्तिमान ईश्वर की प्राप्ति में सहायक हो वो सद ग्रंथ है और जिनका अक्षरस एक भी बात हम काट ना सके वोह सत ग्रंथ है वो हमारे लिए सद ग्रंथ अब आप अपना सद ग्रंथ का आधार बताइए रुकिए रुकिए आपने कह दिया कि उस कोई भी बात काट नहीं सके ठीक है पुराण एक दूसरे का ही खंडन कर रहे हैं भाई साहब आप आप पुराणों पर प्रश्न लिख लीजिए आप लेकर आइएगा मैं आपको जवाब दूंगा अभी मैं आपसे आपका आधार पूछ रहा हूं आप अपने क्वेश्चन का आंसर दीजिए जैसे कि मैं आपको बता दूं जैसे कि रेलवे में ट्रेन में जब कोई टिकट यात्री बिना टिकट के पकड़ा जाता है तो उस समय व उसको यह कहने का अधिकार नहीं बहुत सारे लोग घूम रहे हैं तुम भी तो बिना टिकट के हो आप अपना टिकट दिखाइए मैंने आपसे अभी क्वेश्चन किया है क्योंकि अगर

00:17:27:13 आप पुराणों का चैप्टर खोल तो हमारी जो वो है ना वो बदल जाएगी ट्रैक ही बदल जाएगा हम फिर उस पर चलने लगेंगे अभी मैंने आपसे क्वेश्चन किया सबसे पहले आप किसी को भी सद ग्रंथ मानने का आधार बताइए तो सत ग्रंथ मानने का आधार तो यही बताया मैंने आपको धर्म से जो रिलेटिव जो लोग मान रहे हैं अपने अपने धर्म को जो जो लोग मान रहे नहीं मैं आपसे पूछ रहा हूं रामपाल दास

00:17:59:07 का आधार क्या है किसी को भी सद ग्रंथ मानने का सद ग्रंथ मानने का आधार है जो वेदों से जो जिसकी वाणी जो बात मेल खाए ना वह है आधार नास्तिकों की किताब में भी कोई ना कोई ऐसी बात मिल जाएगी जो वेदों से मेल खाएगी वो भी सद ग्रंथ है यह मैं अभी कॉपी में लिख दे रहा हूं ईश्वर की भक्ति करो ये लो उसमें पूरा काम माना कि वो पूरा ही मतलब जो बात वही पूरी सही है मैंने ये नहीं कहा पूरा माना कि नहीं माना मैंने ये नहीं कहा ये लो मैंने लिख दिया ईश्वर की भक्ति करो दिख रहा है अब ये हो गया सद ग्रंथ हो गया अ ये ऐसे लिखने ग्रंथ हो गया नहीं नहीं ऐसे कोई लिख देगा गाय की भक्ति करो हो जाएगा फिर तो मैंने कहा ईश्वर की भक्ति करो यही तो वेद कह रहे है वेद तो क्या कह रहे वे तो वेदों में तो सिर्फ एक ब्रह्म की बात तक भक्ति बताई गई है उसे आगे फर तो आप मुझे बता दो किसी को भी सद ग्रंथ मानने का आधार क्या है आपका आप बता दो ना आप अपनी परिभाषा बता ही नहीं रहे इतनी देर हो गई घंटे हो गए अरे मैं बताता

00:19:14:15 रहा हूं आप समझ कर रहे हैं फ बात तो वही है नान अरे तो मुसलमान अपने को मानते यह मत बताओ रामपाल दास जी किसी भी किताब को ग्रंथ धार्मिक पवित्र किस आधार पर कहते हैं वो आधार बताओ मुझे मुसलमानों की बात मत बताओ रामपाल दास जी किस आधार पर कहते हैं वो बताओ रामपाल जी तो मतलब वेदों वेदों को सत्य मानते भगवत गीता को ही मत सद ग्रंथ कहते हैं अरे मैं पूछ रहा हूं आधार क्या है किसी को सद ग्रंथ मानने का जिसमें परमेश्वर की जो बात लिखी गई है जो उ से मेल खाती है फ किनसे इसीलिए तो

00:20:04:19 किनसे सद ग्रंथों से अरे या जब हम ये चेक कर रहे हैं कि सद ग्रंथ किसी को कब कहा जाएगा तो आप कह रहे हो कि जिनकी बात सद ग्रंथों से मेल खाएगी उनको सद ग्रंथ कहा जाएगा तो जिस मैं क्या बता जिस महापुरुष ने जो लीला की है जो बताया है यहां पर इस संसार में आके तो उनकी जो वाणी है उनसे जो मेल खाएगी तो वही तो सद ग्रंथ हुए ना मेल खाएगी वेदों से गीता से कुरान से गुरु ग्रंथ साहिब से सबसे मेल खाएगी तभी तो वो होगा ना मतलब आपका कहने का मतलब है कि सद ग्रंथ व है जो गीता वेद कुराण से मेल खाए हां बिल्कुल वो सद ग्रंथ है हां तो जो जिनकी वाणी उनसे मेल खाएगी ना वही तो फर स किनकी वाणी किनकी वाणी परमात्मा की परमात्मा की वाणी हां तो परमात्मा की वाणी आपके हिसाब से कौन सी है हमारे हिसाब से तो कबीर सागर है और अमृत ग्रंथ साहिब है आपके हिसाब से कबीर सागर है वेद नहीं

00:21:17:15 है परमात्मा की वाणी की बात कर रहे हैं ना आप हां वाणी की बात बता रहा हूं कबीर सागर है और अमर ग्रंथ साहिब है मैंने आपसे पूछा वेद नहीं है उसमें जो लिखा है वो वेदों से मेल खाएगा कुरान शरीफ से भी मिल खाएगा मैंने आपसे पूछा वेद आपके लिए परमेश्वर की वाणी नहीं है हैं परमेश्वर की वाणी है वेद यार कितने दोगले पने की बात करते हो इसीलिए बात करना अच्छा थोड़ी ना लगता आप लोगों से क्या दोगले की बात बात बोल दो क्या दोगले पन की बात करी क्या बोला अभी बोला कि हमारे लिए तो कबीर सागर है अब जब मैंने उसको कुरे द तो आप आ गए हां वो भी परमेश्वर की कैसे बात बदलते हो नहीं नहीं परमात्मा की वाणी की बात बोली है आपने बोला लिए तो कबीर सागर है अरे तो कबीर सागर में मैं क्या बोला हूं परमात्मा की वाणी तो कबीर सागर में लिखी गई है अब उसम वो वाणी वेदों से बेल खाएगी अरे मेरे भाई आपके लिए परमेश्वर की वाणी कौन सी है वेद है कबीर सागर है कौन सी है

00:22:29:10 कबीर सागर है वेद भी है ठीक है वेदों में तो बताया है दोनों है सागर के अंदर पूरा ज्ञान है मतलब जन नहीं पूरा जन कुरान कुरान कुरान में भी जो बात जो परमात्मा की वाणी से मिल खाएगी व सत्य है जो बात नहीं मैंने आपसे जो बात नहीं पूछी है आप उसको सद बात बोलिए फिर अभी मैं पूछ रहा स ग्र अभी मैंने पूछा सद ग्रंथ आप किसी को सद ग्रंथ कब कहेंगे उसका आधार बताइए मुझे नहीं यह आपके ऊपर आप उसको मानो या ना मानो य तो मैं मानने की बात नहीं कह रहा हूं मैं आपका सिद्धांत पूछ रहा हूं किसी को भी आप रामपाल दास के फॉलोवर और रामपाल दास सद ग्रंथ किस आधार पर कहते हैं किसी भी बुक को सद ग्रंथ किस आधार पर कहते

00:23:26:24 हैं जो परमा को परमात्मा सिद्ध कर दे उसकी जो वाणी जो उन्होंने जो लीला की है वह उसके अंदर जो उसका गवा बने वो उस जो परमात्मा की बात करे जो परमात्मा की बात करे वोह सद ग्रंथ है उसके जो लीला करी उसका वर्णन भी तो उसम मिल रहा है ना वेदों में कुरान में मतलब एक तरीके से जो परमात्मा के बारे में बताया व सद ग्रंथ है हा अच्छा तो जैसे कि अब जो परमात्मा के बारे में बता रहा है वो सत्य बात हो गई है ना हा तो उसी किताब में जब झूठ बात लिखी है तो उसको क्या कहेंगे झूठ

00:24:12:24 ग्रंथ उसी किताब में झूठ बात लिखी तो वही तो बात कह रहा हूं कि जो मतलब वो जो जो अब सूक्ष्म वेद है पांचवा वेद अब उस वाणी से जो मु से ये नहीं निकल है कि हम ये डोरा गलत पीटते हैं सद ग्रंथ मानने का वाकता में हमारा सद ग्रंथ है हमारा कबीर सागर और जो कबीर सागर से मैच करने वाली बातें होती है वो हम सबसे दिखा देते हैं बाकी हम नहीं मानते किसी शास्त्र को उसके अंदर यह लिखा है कि आप वो जिहाद करिए मारिए या काफिर को मारिए तो वो क्या पूछा है भाई साब मैंने आपसे क्या पूछा है किसी को भी सद ग्रंथ मैंने सद पंक्ति नहीं कही सद वक्तव्य नहीं कहा मैंने कहा किसी भी बुक को सद ग्रंथ मानने का आधार क्या है अगर उसमें लिखी हुई सच्ची बातें उसको सद ग्रंथ कहने का आधार है तो फिर उसमें लिखी हुई झूठ बातों के आधार पर आप उसको झूठ ग्रंथ भी कहेंगे क्या उसको देखि उसमें वो काम मतलब सही है क्या गलत है क्या सही है वह निर्णय तो फिर व संति करेंगे मैंने पूछा ये है वो सही है कि नहीं है वो बाद में

00:25:27:27 बात करूंगा ना कि उसमें वाकई में कोई बात गलत है कि नहीं मैं पूछ रहा हूं जिन ग्रंथों में सच लिखा है और झूठ भी लिखा है तो सच के कारण उसे आप सद ग्रंथ कह रहे हैं तो क्या झूठ के कारण आप झूठ ग्रंथ कहेंगे अगर उसमें पूरा ही पूरा झूठ लिखा तो झूठ ग्रंथ कहेंगे अगर आधा सच्चाई है आधा गलत है तो फिर उसको सद ग्रंथ ही कहेंगे अब उसम तो वो बात निकालनी पड़ेगी मिनट झूठ ग्रंथ कहने के लिए तो पूरा झूठा होना चाहिए और सद ग्रंथ कहने के लिए आधा भी चल जाएगा चल जाएगा नहीं उसमें मतलब वो निकालना पड़ेगा सच्चाई क्या है और गलत क्या है वो तो निकालना पड़ेगा ना मैं पूछ रहा हूं कि झूठ आधा चल जाएगा आधा झूठ मैं समझ गया आप यह कहना चाहते हैं कहलाना चाहते हैं कि आप उसको झूठ भी मानो समझ गए आप ये कहना ये सब सद ग्रंथ नहीं है यह सच्चाई है वो मैं बाहर निकलवा रहा हूं आपकी मैं आप बाहर निकलवा रहे हो मैं आप खुद समझ रहे हो इस बात को तो सभी सम नहीं तो आप बोलो ना हा हमारे लिए वेद सद ग्रंथ नहीं है किसने बोला वेद सद ग्रंथ नहीं है तो अब मैं आपसे पूछ रहा हूं कि जिसमें आधी झूठ आधी बात भी लिखी

00:26:42:27 है अगर वो सद ग्रंथ है तो जिसमें पूरी बात लिखी है सच्ची वो क्या है वो पांचवा वेद है सूक्ष्म वेद मैंने कहा इस तरीके से उसकी जो क्वालिटी बताते हुए आपने उसको जो वो दिया है ना गुण गुण गुण गुण से आपने उसको उपनाम दिया है सद ग्रंथ ऐसा उपनाम बताइए नाम मत बताइए गुणवाचक नाम बताइए जैसे गुणवाचक नाम है उसका अपना नाम वेद है मगर गुणवाचक नाम आपने दिया उसको सद ग्रंथ तो गुणवाचक नाम बताइए उसका गुणवाचक नाम अमर ग्रंथ साहिब है य ये गुणवाचक नाम है सद ग्रंथ

00:27:33:02 ठीक है दोबारा से बात करते हैं आप मुझे बताइए आपने कहा कि किसी को भी किसी भी बुक को सद ग्रंथ मानने का आधार आपका यह है कि उसमें थोड़ी भी अगर सच्ची बात होगी थोड़ी झूठ भी होगी तो भी हम उसे सद ग्रंथ कहेंगे ठीक है ठीक है तो क्या यह मेरी जो नोटबुक है इसमें मैंने बात कही है ईश्वर की भक्ति करो यह सच्ची बात है परमेश्वर की करो सच्ची बात है लिख दूं लिख देता हूं रुको एक मिनट अब लिखने से तो थोड़ी हो जाएगा कि आपने लिख दिया और उसम क्या लिखा हुआ है एक मिनट अभी बात

00:28:12:04 करेंगे भक्ति करो यह देखो लिख दिया ठीक है अब बताइए क्या यह सद ग्रंथ है क्या लिखा आपने भक्ति करो पूर्ण ब्रह्म की भक्ति करो हां अच्छा और और क्या लिखा और उसमें बहुत कुछ लिखा है एक बात तो सत्य लिख दी ना अब एक बात सत्य लिख दी बहम की भक्ति करो हम हम अ पूर्ण ब्रम की भक्ति कैसे होगी उसम अरे फिर वही बात मैंने आपने कहा जिसमें आधी बात भी सत्य लिखी होगी वो भी सद ग्रंथ है आपने कहा ना तो क्या ये आपके लिए यह सद ग्रंथ है आपके

00:29:06:01 लिए वो मुझे नहीं दिख रहा क्या है इसमें क्या अरे मैंने कहा तो यह दिखा तो दिया पूर्ण ब्रम की भक्ति करो यह देख लो दोबारा अब यह सद ग्रंथ हो गया केवल इतना लिखने से पूर्ण ब्रम की भक्ति करो फ मुझे वो आधार बताइए निश्चित पैरामीटर क्या है आपका किसी को सद ग्रंथ बोलने का जो विश्वसनीय माने जाते हैं वह सद ग्रंथी है अरे भाई विश्वसनीय मेरे लिए जो है वो आपके लिए है क्या मेरे लिए शंकराचार्य जो भाष्य है वो विश्वसनीय है वो आपके लिए है क्या आप वो बताइए कि आपका आधार क्या है किसी को सद ग्रंथ मानने का हा शंकराचार्य अगर शंकराचार्य जी की जो वाणी है जो उनके वचन है वो अगर वेदों से मेल खाते हैं तो माननी फिर फालतू बात कर रहे हो मैंने अभी आपसे सवाल किया है कि सद ग्रंथ मानने का कहने का आधार क्या है

00:30:08:26 आपका क्योंकि क्योंकि आपने कहा था कि भाई जिसमें भी थोड़ी बहुत भी सत्यवा लिखी होगी आदि भी तो वह सद ग्रंथ है तो मैंने तो लिख दिया पूर्ण ब्रहम की भक्ति करो तो फिर इसको सद ग्रंथ क्यों नहीं मान रहे हो नहीं हमारा हमारा आधार पता आप ये बताइए फि आप वेद को कैसे मान लेते हैय कैसे मैंने बता दिया है कि जो जीव की चा के वास्तविक विषय जीव की चा के वास्त विषय अरे भाई सुनो ना आपने जब सवाल किया तो सुनो मैं आपकी तरह गोल गोल बातें नहीं करूंगा आप उतनी देर से यही कर रहे हो कट टकट बात नहीं कर रहे हो आप जीव की चा सुनोगे जीव की चाह के वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप को परिभाषित और प्राप्त कराने की विधि बताने वाले जो ग्रंथ है वह सद ग्रंथ

00:31:06:08 है तो अब आगे अब आप अपनी परिभाषा बता दो नहीं नहीं आपने बता दिया कि सद ग्रंथ है अब सद ग्रंथ कौन से है वो तो बताओ जीव की वो चा तो बता दी आपने फिर वही बात भाई ऐसे विषयात होता है वेद पुराण उपनिषद स्मृति ग्रंथ में है रामायण महाभारत यह सब हमारे सद ग्रंथ है और अक्षरस एक भी बात उसमें झूठ नहीं मानते हम अक्षरस मानते हैं जो भी सुन लीजिए सुन लीजिए जो भी परंपरा प्राप्त आचार्यों द्वारा स्वीकार हमारे ग्रंथावली है वैदिक वांग में जिसमें कि वेद पुराण उपनिषद स्मृति ग्रंथ आते हैं वो सब हमारे लिए सद ग्रंथ है अब आपका आधार क्या है वो बताइए नहीं नहीं आप चलो ठीक है आपने बता दिया अब पुराणों के अंदर ये लिखा है मास खाओ मास खा देखिए विषयात मत करिए अब मैं आपसे आपका आधार पूछ रहा हूं मैंने आपसे आपका आधार पूछा आपको आपका आधार मालूम है सद ग्रंथ मानने का या दूसरा विषय च

00:32:08:03 खोले बता तो दिया आपको कि सद ग्रंथ मानने का आधार यही है कि जो मतलब परमात्मा की जो ये देखो जितनी बार बोलने आते ना सीधी बात नहीं करनी आती आप लोगों कोनी ये झूठ की निशानी होती है क्या झूठ की निशानी जितनी बार आप बोलने आते हैं उतनी बार आपका नाम क्या है आपका नाम क्या है आपका नाम क्या है किससे पूछ रहे हो आप किसका नाम है मैं आपसे पूछ रहा हूं आपका नाम क्या है आपको नहीं पता मेरा नाम क्या है मैं एक बार और आपसे जानना चाह रहा हूं आपका नाम क्या है किस नया नाम अब आपने मुम मुम किया क्या किया क्या जो अभी कर रहे थे अरे भाई सत्य बोलने में दिक्कत होती है क्या आप लोगों को परेशान करने आते हो आप लोग गोल गोल बातें करने आते हो नाम बोलने में क्यों नहीं म किया इतना क्यों चला रहे हो तो क्या करूं मैं सर खाने चले आते जाइए आप

00:33:25:02 [संगीत] ये एक ये आदमी है जो खुदका करता है कमेंट में कभी सामने नहीं आता [संगीत] क्या अजीब लोग है दुनिया में कितनी बार पॉइंट की बात

00:34:21:13 बोलने जय श्री राम पंडित जी जय श्री राम कृष्ण ह महादेव वो लिंक जरा दे दीजिए कोई आना चाहे तो ना अरे सीधी बात करें तो बात आगे बढ़ पाए घोल मोल घोल मोल क्लियर कट जवाब ही नहीं दे रहे यह मेरा सिद्धांत है सद ग्रंथ मानने का अपना नाम पूछा जितनी बार पॉइंट की बात नाम पूछा किशन दास यह है सत्य की

00:35:02:13 निशानी जुड़ा हूं पहले से भरे बैठे हैं क्या हुआ मैं तो लाइव नहीं देख रहा था बस ऑफिस कीरी मीटिंग खत्म हुई देखता लाइव जवाइन करते हैं य दे तो कोई आगे जा चुका है क्या पहले ही हा हा अरे जितनी बार उनसे मैं कह रहा हूं कि भाई किसी भी ग्रंथ को सद ग्रंथ मानने का आधार क्या है रामपाल दास जी का तो वो फिर फिर कह रहे हैं जिसम जिसम झूठ झूठा ग्रंथ उसे कहेंगे जिसमें पूरी बात झूठ हो और सद ग्रंथ उसे कहेंगे जिसमें आदि सच्ची हो आदि झूठी हो उसको भी सद ग्रंथ

00:35:44:07 कहेंगे इसका कैसे कौन सी बात सही है कौन सी गलत है अब मैंने कहा किय मैंने लिख दी आदि बात सच्ची देखो क्या ये सद ग्रंथ है मेरा लिखा हुआ नहीं है क्योंकि इसमें परंपरा प्राप्त रूप से जीव की चाह के वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त कराने वाली विधि नहीं लिखी है सिंपल वो लिंक दे दीजिए रा

00:36:24:00 [संगीत] अब आप लोग परेशान करोगे तो फिर और यह गोल गोल बातें घुमाना घुमाना एक घंटा हो गया आधे घंटे से मैं बारबार बार बार बार बार उनसे क्लियर कट कहना चाह रहा हूं कि भाई आप जो है अपनी बात कहिए वह बात उनको दिक्कत है कहने में क्या दिक्कत है बात कहने में कि हमारे लिए सबसे मेन जो सद ग्रंथ है वह कबीर वाणी है बाकी तो हम लोगों को उल्लू बनाते हैं पवित्र सद ग्रंथ कहके और कोई हमारा सद ग्रंथ नहीं है हम लोगों को उल्लू बनाते हैं उनको पवित्र सद ग्रंथ कहके पिन कैसे करते हैं इसको कमेंट

00:37:09:04 को मैं कर देता हूं पिन का तो ऑप्शन मुझे भी नहीं मिल रहा चलिए कोई जुड़ना चाहे तो आ सकता है कोई बताएगा लाइव में से कैसे करते हैं इसको पन नब न जय श्री राम हर्षित जी जय श्री राम भैया आवाज आ रही है हमारी जी जी आ रही है जस्ट गाड़ी से उतरे हैं दो मिनट हमने देखा हमने पूरा लाइव सुना हा ड्राइविंग करते हा बस दो मिनट दीजिए एक मिनट कोई आ गया है शायद रंजीत जी आप उठ के बात करिए बैठ कर

00:38:09:22 के जी राधे राधे जय श्री राम राधे राधे मैं आपको लगभग दो तीन महीने से फॉलो कर रहा हूं देख रहा हूं जी जी आप कार्य कर रहे हैं उसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद आभार आपका जी यह सब सब सब कुछ समझते हैं लेकिन यह मन से समय खराब करते हैं और कुछ नहीं नहीं ये क्या है जो सच्ची बात है उसको स्वीकार करने से इधर से निकलेंगे उधर से निकलेंगे 50 बार पूछ रहा हूं कि आपका आधार क्या है आपका आधार क्या है वोह आधार नहीं व लसी सी उसम कुछ ना कुछ दही सा कर देंगे लस्सी बना देंगे उसम कोई क्लियर बात ही नहीं है एक भी पवित्र वो है जिसमें कबीर की बात की जाए कबीर वाणी और बाकी सब हम समाज को बेवकूफ बनाते हैं वो पाखंड है हमारा कि हम इसको सद ग्रंथ मानते हैं सीधी बात है और इनका एक एक व्यक्ति कह भी चुका है यहां पर आके कि भाई देखो हमारे लिए अंतिम प्रमाण तो कबीर वाणी है और उसमें भी पता है क्या है कबीर वाणी को य सत्यापित करते हैं वह अमर से अमर पता नहीं कोई और ग्रंथ है उससे कबीर

00:39:24:26 वाणी को भी सत्यापित करते हैं अगर मैंने मैं ये कह रहा हूं कि इसमें इस ग्रंथ में एक भी बात गलत लिखी है तो यह सद ग्रंथ नहीं कहला सकता जी सद ग्रंथ तब कहलाएगा जब इसमें हर बात सच्ची हो हा उसको पूरी तरीके से माना जाता है व स अच्छा एक बात बताइए मैं मान लीजिए ये इनकी कबीर वाणी है ठीक है इसको मैं कबीर वाणी कह रहा हूं अब इससे पाच द फ पन्ने में फाड़ दू उसके बाद भीय कबीर वाणी कहलाए गी क्या ग्रंथ नहीं ये कहलाएगा फटा हुआ कबीर कबीर वाणी जी क्या कहलाए फटी हुई कबीर वाणी अधूरी कबीर वाणी इसका मतलब कि जिन बातों को झूठ मानना है उनको हम इससे हटा रहे हैं पन्ने को फाड़ दिया मैंने झूठ कह कर यह अभी सत्य से बहुत दूर हो रहे हैं क्या ये फस रहे हैं इनको समझ में नहीं आ रहा बहुत बड़े जाल में फस रहे हैं फ्रड हो रहा है इनके साथ देखो अगर किसी को तरीके से बात करनी है तो व आ सकता और इस तरह से गोल गोल बातों की जलेबिया घुमानी है आधे घंटे एक घंटे तक उस वो ना आए अगर है किसी के पास जवाब कि आपका सद ग्रंथ मानने का आधार क्या है किसी को भी तो वह आ सकता है

00:40:40:10 यदि माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया हो तो कह रहे चिल्ला क्यों रहे हो अरे भाई तुम बारबार एक ही बात को मुझे बोलना पड़ रहा है मैं आपसे आपका आधार पूछ रहा हूं आप मुझसे पता नहीं क्याक बातें कर रहे हैं एक ही कमेंट जो कई बार करे उसको बैन कर दीजिएगा हेलो चंद्रमा दास अपना कैमरा ऑन कर

00:41:18:20 लो सुनाई दे रहा है दे रहा दे रहा हां कैमरा न करिए कैमरा नहीं कर पा रहे कैमरा कर नहीं पा रहे या कैमरा खराब है या करना नहीं है करना नहीं है तो जाइए यह होते हैं सिद्धांत यह सिद्धांत होते हैं इसम मैं नहीं करना पड़ता तो

00:41:56:07 जाइए पुष्पदंत जी आए हैं और दे दीजिए रामपाल दास जी अ जी बोलिए कह रहे थे कि एक व्यक्ति से परिचय हुआ है वो आचार्य जी का फॉलोअर है आचार्य जी समझ रहे हैं य वाले आचार्य जी बहुत जो फेमस है तो उससे सोच रहे हैं थोड़ा हां बस वही वही पैट शर्ट पेंट शर्ट वाले और आईआईटी से पास आउट वो बात हो गई है यहां प कहीं प स्टॉल लगता है एक दो दिन में जा रहे हैं हां हां हां हां एंटी टास्क फोर्स ये अभी कम में हुआ है ना नाने उनका एंटी टेररिज्म

00:42:49:06 स्क्ड कुंभ में भी तो उनसे उनसे थोड़ी बातचीत की जाए क्योंकि वो भी थोड़ा हां हां पता चल गया ल लगती है पता चल गया है इन आज बात भी हुई है और भगवान ने चाहा तो एक सुंदर सी चर्चा आप लोगों को जल्दी ही प्राप्त हो जाएगी उनके साथ भी करिए करिए क्योंकि बहुत अपने हिसाब से बहुत बना बना के कह रहे हैं य लोग मनमुक चीज पुष्पदंत जी जय श्री राम हर हर महादेव जय माता दी जय सीताराम जय सीताराम जय माता दी हरि ओम जय श्री राधा कृष्ण

00:43:28:25 य चंद्रवाना कह रहे हैं सुनो तो मेरी चंद्रवाना [संगीत] दास बाबू दास है क्या य पर कैमरा ऑन करके आइए चंद्रन जी आप एक चीज समझिए इनके जो बेसिस है ना वो तक तो क्लियर है नहीं और ये वो 7 बती ये 14 य 15 ये करते रहते हैं इनके बेसिस तक क्लियर है नहीं इनको यह तक नहीं पता है कि सत ग्रंथ हम किसे कहे सच बोलने वाले ग्रंथ और अगर झूठ बोलने वाले ग्रंथ भी सद ग्रंथ है तो फिर केवल सच बोलने वाले को क्या कहेंगे और फिर मैं यहां पर लिख रहा हूं इसमें इसको सद ग्रंथ मान लो एक और जोड़ लो अपने उसम निशान में वो जो किता किताबों में निशान बनाया है ना 3 प्रकार का इसमें और निशान जोड़ लेना मैं बना दूंगा एक कबूतर नया उसको भी जोड़ देना इसमें

00:44:27:06 क्योंकि तुमको चलानी है अपनी दुकाने आपको अपनी दुकान चलानी है इसलिए किसी को भी वो दुखी नहीं करना है कि हम तुम्हारे ग्रंथों को मानते नहीं है क्या क्या क्या कहना है हम तो तुम्हारे ग्रंथों को पवित्र कहते हैं वो बात अलग है कि उसको शैतान ने लिखा है काल ने लिखा है वो बात और है कि वो झूठ बोलता है वो बात और है कि वो पीस पीस के खाता है वो बात और है कि वो तुमसे पाप करवाता है वो बात और है कि इतनी बुराइयां है उसमें कि पूछो नहीं मगर हम तो तुम्हारे उनको पवित्र मानते हैं सद ग्रंथ मानते हैं अरे य चैनल चला र दिन जिस दिन इनका कोई वास्तविक अधिकृत व्यक्ति सामने आ गया ना आमने सामने की चर्चा में उसकी ऐसी चटनी होगी मार से नहीं हाथ पैर से नहीं केवल वक्तव्य से यही करने लगेंगे

00:45:23:28 [संगीत] रामेश्वर जादव कोई कंजड़ाई का माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध नहीं पिलाया क्या आओ आमने सामने से बात करो दे दो भाई लिंकन को वो बोल रहा है आप मिलेगा आपको जगह नहीं मिल रहा नहीं मि लिखा है क्या नहीं मिल रहा आपको जगह नहीं मिलेगा ऐसे करके कमेंट किया है वो कहां जगह नहीं मिलेगा नरक में पता नहीं पता नहीं नरक मेंग में की धरती में पता नहीं वही बता सकता है सामने वाला सतलोक में सर पता है क्या है जीय कह रहा था अर जैसे जो बड़े संत होते हैं बहुत अच्छे नी होते जैसे गुरुदेव है प्रेमानंद जी महाराज जी है मल कई ऐसे संत होते जो जिनको मतलब काफी वास्तविक ज्ञान होता है उनकी वाणी में कई बार आपको वो दिखेगा कि वो बहुत

00:46:39:13 वैसे बोल रहे हैं उसको क्या कहते हैं अथॉरिटेटिव उनकी वाणी में ऐसा लगता है अथॉरिटेटिव बोल रहे जैसे चढ़कर बात कर रहे हैं असल में वो कारण होता है सत्य वो भीगी बिली की तरह इसीलिए बात नहीं करते हैं कि उनके पास अका सत्य है सत्य का पावर बक बिल्कुल वो इस वजह से सत्य को बिना किसी हिचके पिचके किए हुए बोलते हैं अब सामने के लिए क्या है उसको तो बात ही ऐसे करना आता है मैं करके अभी मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है उसने खट से बताया कि सन दस फिर मैं नहीं किया ये है सत्य की पावर और जब मैं पूछ रहा हूं कि तुम्हारा किसी भी ग्रंथ को किसी किताब को किसी बुक को सद ग्रंथ कहने का आधार क्या है तो उसम कर रहा है यानी कि उसको मालूम ही नहीं है कि मेरा क्या आधार है मेरे जो व जेल जाने से पहले जो लीला करके यहां पर गए हैं बस मुझे उसको ढोना है इसी तरीके से भाई हंसी तो उनका टू चैनल देख लो खबर फास्ट वालों का हसते हसते कुछ भी कहते हैं वो

00:47:54:19 लोग वो रामायण और जानते नहीं रामचरित मानस में हरर महादेव इनकी ग्रंथों का क्या बता इनके ग्रंथों का कोई अता पता नहीं है रामपाल वालों का मेरे पास आया था मैंने उसमें देखा तो उसको हम कैसे सद ग्रंथ माने वो तो ऐसी बात करते हैं जैसे कि आप उनका खुद का बनाया हुआ है सारे पुस्तक और जब पता देखोगे तो उनका तो उसका रियल पता भी नहीं प्रकाशन का कहीं लग रहा है तो कहीं दूसरे जगह लग रहा है वो खुद नहीं आते दूसरे अपने स्न को भेजता है मेरे घर में भेजा था और पहली बार मेरे गांव में आया था ना तो मैं उन लोगों को स्पष्ट बोल दिया था कि वो देवी भागवत लिखा था ज्ञान गंगा में मैं स्पष्ट चैलेंज करता हूं रामपाल को कि मेरे पास संक्षिप्त देवी भागवत है उसमें कहीं पर उल्लेख नहीं है अष्ट गी देवी के बारे में उल्लेख नहीं है और जहां पर ऐसे अश्लील बातें लिखे मैं इसमें नहीं बोलूंगा तो मैं चैलेंज करता हूं करके तो वो लोग फिर चले गए हम किताब कोई भी खरीदने को नहीं दिया मैंने तो य साइकल स्टोर बैठा था ऐसा खेत में गया था व आड़ के महीना था तब उसके बाद एक रोज फ ल आठ अंग यदि कहीं पर बता दिए जाएंगे माता के तो वह अष्टांग हो गए शिव पुराण में ऐसे

00:49:10:20 आया अच्छा अच्छा अच्छा बोले पाड़ जी आप जो सवाल कर रहे थे ना ये बहुत ऊंचे लेवल का सवा सवाल है उस स्तर का इनके पास ज्ञान नहीं है इनके गुरु के पास ही का ज्ञान नहीं था तो आप उनके जो शिष्य चेले हैं उनसे आप कैसे उम्मीद लगा सकते हैं कि इन सवालों का व जवाब दे सिंपल बोलना है जो ग्रंथ सत्य बोलते हो परमेश्वर की प्राप्ति कराते हो यह हमारा आधार है परंपरा प्राप्त है अब उसमें वो बोल र है कि भाई वो वेदों से मैच खाते फिर वेद में भी तो यह है फिर पुराण में भी तो यह है फिर वय है फिर वो है वो एक अंत नहीं है कोई तब गोल मोल है वेदों को अधूरा ज्ञान मानते हैं ना वेदों को अधूरा ज्ञान मानते जी न दे रघुवंशी देवेंद्र रघुवंशी बारबार एक ही कमेंट अगर आप करेंगे आपको बैन कर दिया जाएगा शिवास भाई एक बात बताए वेद की रहस्य को अच्छा से अच्छा व्यक्ति नहीं समझ सकता क्योंकि इसको वेद अध्ययन सदगुरु के दिशा निर्देश में स्वाध्याय किया

00:50:25:27 जाता है और उनको समझा जा सकता है नहीं तो ऐसा कोई दो चार संस्कृत पढ़ने वाले अगर वेद के जैसे रामपाल जी कर रहे है ना वैसा करना चालू कर दे अर्थ का अनर्थ कर देंगे समझ आना बहुत मुश्किल है कर रहे कर रहे हैं कर रहे हैं वो ऐसे मूर्खता जैसे लिखते हैं ग्र अपने पुस्तकों को तो जैसे कि वही सच लिख रहा अगर वह सच में भगवान होता अपने आप को भगवान मानता है ईश्वर मानता है तो ईश्वर भगवान मानता है तो वो गलत कर्म नहीं कर सकता अगर गलत कर्म किया तब तो जेल गया है ना भाई वो सत्कर्म करे ना भाई अच्छा करे अपने शीष को सही मार्ग की बात बताए अच्छी मार्ग बताए अभी भी सनातन धर्म में कहीं भी कबीर दास जी गलत उल्लेख किसी ने नहीं किया पुस्तक पुराण में कहीं उल्लेख नहीं है लेकिन इन लोगों को सबसे बड़ी टांग खींचना है सनातन धर्म का भाई जब सनातन धर्म तुम्हारे कबीर पंथ के बारे मैं आपको मैं आपको एक बात बता ऐसा है देखिए सबसे पहली बात सभी जो किताबें जितनी भी मत पंथ वालों की उनको धर्म क्यों कहते हैं वो इसलिए कहते हैं वो इसलिए कहते हैं कि भाई वो लोग बुरा ना माने और इनके बहकावे

00:51:41:00 में आए कि हमारे ग्रंथों की तो य इजत कर रहा है वास्तविकता य है कि इनके लिए कोई भी सद ग्रंथ नहीं है क्यों नहीं है क्योंकि य हर ग्रंथ की बात को कहीं ना कहीं काउंटर करते हैं कोई भी सद ग्रंथ नहीं है इनके य कार कर देते कि भैया ये य पर काल ने बोला ये ज्यादातर दो ग्रंथों पर ज्यादा चर्चा किया है शिवांश भैया मैंने देखा है इनकी पढ़ है श्रीमद देवी भागवत तो मैंने य जो बात बोली है यह जो प्रश्न उठाया वो इसलिए इनका जो सच्चाई है ना पर्दे के पीछे वाली ये घंग करते हैं सद ग्रंथ कहने का उसको बाहर लाने के लिए मैंने बोला है उस सच्चाई को बाहर लाने के लिए मैंने बुलाया कि तुम ये सद ग्रंथ किसी को नहीं मानते हो क्योंकि तुम सभी ग्रंथों में झूठ कहीं ना कहीं कह देते हो सत ग्रंथ तुम मानते ही नहीं हो और झांसे में लेने के लिए तुम सब सबकी किताबों को जिसका जिसम भी वो है विश्वास उसको तुम कह देते हो वहु पवित्र है बहुत सद ग्रंथ है वास्तविकता में तुम कह रहे हो कि उसम झूठ है वो काल ने बोली वो शैतान ने बोली वो ये है वो वो है वो तुम्हें खाएगा पीस पीस के तुम्हारा जो मैल निकलेगा पसीना छूटेगा

00:52:56:15 पता नहीं कहां कहा का ये इन्हीं लोगों के साथ होता है ये तो अब ये जो इनका ढोंग है यह बाहर लाने के लिए मैंने सवाल किया कि आप जो है समस्त धर्म ग्रंथों को क्यों कहते हैं सभी धर्मों के सद ग्रंथों से खोलकर उन्होंने दिखा दिया अरे तो आपने जब सबको सद ग्रंथ माना है तो फिर आप अपना आधार बताइए आपने कैसे मान लिया भाई हम तो सीधी सीधी बात है जो हमारे परंपरा प्राप्त आचार्य द्वारा जीव की के वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त करने के निमित्त और को परिभाषित करने वाले ग्रंथ है वह सब हमारे लिए सद ग्रंथ है और उनका एक भी अक्ष एक भी हमारे लिए जो वाक्य है वह गलत नहीं है वह हमारे लिए सद ग्रंथ

00:53:45:06 है तो कबी जी को भी नहीं मानते मानने को तो जी जगदीश स्वरूप जी आप अपना चेहरा दिखाए एक भैरू दास करके आए हैं इनको देख लेते हैं अच्छा हा भैरू दस को लीज इनकी थोड़ा चर्चा करिए कल अधूरी रह गई थी चर्चा मेरी उधर भैरू दास बताइए अच्छा जो लोग अभी भैरू दस आप चेहरा दिखाएंगे तो हम फिर उसका इंतजाम करें आपसे चर्चा होने का सिंगल सिंगल चर्चा कीजिएगा मैं भैया मैं फिर लेफ्ट कर देता हूं मैं य पर लाइव सुनता हूं फिर अच्छा अच्छा

00:54:35:24 राम जगदीश स्वरूप जी तब तक आप बोले जय श्री राम पंडित जी आप इनसे जरा वो बात कर लीजिए प्राइवेट मैसेज में चेहरा दिखाएंगे या नहीं भैरु दस जी जगदीश स्वरूप जी आवाज आ रही है जी आ रही है कल अच्छा मैंने कबीर पंथ बहुत देखे गरीब दासिया भी है मतलब इतना नालायक पंथ मैंने आज तक नहीं देखा जो जो रामपाल वाले चला रहे हैं कबीर के नाम पे हम इतना बदतमीज पंथ जो है मैं काफी कबीर पंथ के साथ में उठता बैठता रहता हूं हा रायण पर इतना जो रामपाल जो जेल धाम निवासी है जो जी बोले बोले जी जी कबीर इसमें जिसके साथ में बैठता ह वो कबीर कबीर जैसे कि हम लोग वेदांती लोग भ्रम को मानते हैं वैसे भी वोह निराकार को मानते हैं वो लोग निंदा करते कि जो रामपाल वाले जो पंथ वादी है

00:55:51:07 जो कबीर को एक एक काल्पनिक किरदार बना रखा है कि जो गोरक्षनाथ को दर्शन दिए थे राम को सहायता की थी एक काल्पनिक गिरदार बना है बता जी मैं एक ऐसा व्यक्ति ढूंढ रहा हूं जो थोड़ा समझदार हो चलो ठीक है वह रामपाल को फॉलो कर रहा है ठीक है थोड़ा भाई लॉजिक तरीके से बात तो करे वो ना तो मेरे प्रश्न को समझ पा रहे हैं ना ही फिर उनके पास शब्द है उत्तर देने के लिए बार-बार वो चकरी घुमा रहे हैं बस बैठे बैठे अब जैसे मैंने एक व्यक्ति देखा था राघव दास करके है एक व्यक्ति मेरे विरोध में जो वीडियोस बन रहे थे चर्चा हो रही थी उसमें एक राघव दास नाम का व्यक्ति था वो थोड़ा मुझे तार्किक लगा था मैंने उसके लिए संपर्क किया है जिस व्यक्ति ने वो विरोध विरोध वाला वीडियो अब सोचिए ठीक ठाक विरोधी को भी हमें ही ढूंढे

00:56:57:25 वो भी मतलब कि हमें सरल हमें सरल कंपट मिल रहा है तो हम सरल कंपट को छोड़ कर के थोड़ा ठीक ठाक मुझे लगा बातों से क्योंकि उसने वहां पर एक लॉजिकल बात कही थी उसने मुझे वहां पर उसने यह कहा राघव दास ने कि उसने मुझे कभी फोन मिलाया होगा अब वो राघव दास उसका ओरिजिनल नाम है क्या नाम है वो नहीं मालूम मुझे मगर उस समय उसका राघव दास नाम लिखा था जहां मैंने उसको देखा तो उसने यह कहा वहां पर कि भाई मैंने शिवांश को फोन लगाया था और मैंने कहा कि आपको जो जो भी आपत्ति है रामपाल दास की जिन जिन बातों से वो वो आप लिख कर के दे दीजिए फिर मैं आपके चैनल पर आपसे चर्चा करने आ जाऊंगा अब होता क्या है कि यहां पर दिन भर कई लोगों के फोन आते हैं पक जाता हूं फोन रिसीव कर कर के कर करके तो उसी झोक में शायद पिछला कोई जो फोन आया हो या क्या हुआ हो अच्छा एक बात ये भी है कि हमने अपने वीडियोस में लगभग लगभग सारी बातें बता दी है है ना मुख्य मुख्य जितनी भी बातें हो सकती है हमने वह बता दी मगर फिर भी संभवतः पीछे से जो कॉलों की कॉलस की श्रंखला चल रही हो मैंने उससे यह कह दिया हो

00:58:13:08 ध्यान ना देते हुए उसकी बात में कि भाई हम कुछ नहीं बताएंगे आप अपनी तैयारी करके आइएगा तो उसका यह कहना था कि भाई देखो शिवांश ने मना इसलिए कर दिया प्रश्न लिखकर ना देने के लिए जिस कि वो समय आने पर अपनी बातों से पलट पाए तो ऐसी बात नहीं है बात पलटने की नहीं थी बात यही थी कि पीछे से कॉल्स का प्रेशर कैसा था आपका परिचय हम जानते नहीं आप भी उन्ही भुओ में से एक हो जो आ कर के मगजमारी करने आए हो तो हटाया खैर हमने वैसे अपने वीडियोस में बता दिया है मुख्य मुख्य बात है फिर भी आप अगर हमसे संपर्क करेंगे यह व्यक्ति राघवदास हमसे अगर संपर्क करता तो हम इसको लिख करके दे देंगे प्रश्न और उन पर बात होगी है ना तो मैं ऐसे व्यक्ति को ढूंढ रहा हूं कि भाई रामपाल की तरफ से कोई एक ठीक ठाक थोड़ा तार्किक व्यक्ति मिले जैसे मैंने जब बात की थी तो मुझे पवन दास थोड़ा बहुत ठीक लगा था मतलब कि वह बात करने में समझ रहा था मेरी बात मैं उसकी बात समझ पा रहा था वो बात अलग है कि उसकी बातें सिद्ध नहीं हुई वो बात अलग है मगर वो तब भी पले भी नहीं बना रहा था बातों

00:59:28:08 की कि जब भी सच जब भी कुछ बताने की बारी आए तो वो यह नहीं कर रहा था कि मैं सच बताऊंगा ही नहीं उल्टी सीधी बातें करूंगा तो कोई अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहता है वत्सल भट्ट जी आ गए हैं भैया माफ करना के लिए थोड़ी जल्दी बोल रहा था किसके लिए लिंक लिंक वाला मैसेज मैंने किया हा आते ही आप लिंक मांगने लगते हैं मेरा स्वास्थ भी बिगड़ा [संगीत] हुआ दिमाग बिगड़ माफ करना भया माफ करना कोई बात नहीं कोई बात नहीं जी आप कुछ कह रहे थे बीच में जो

01:00:16:06 है भा साब जो आपने कहा था कि मैंने कभी मैंने कबी बहुत देखे मगर मैंने कभी वो नहीं देखा इतना ऐसा नहीं हां जी जी इतना जो षड्यंत्र करता है अपना जो प्रपंच जो अपना विस्तार है आश्रमों का विस्तार है प्रपंच है षड्यंत्र बढ़ा रहा है तो मैं इससे बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि जो जिसका परम आदर्श एक जो आदर्श पुरुष होता है एक पंथ का वो आदर पुरुष अभी कैद में बंद है उसको लोग आदर्श मानने वाले बहुत घूम रहे हैं अभी मैं वर्तमान में प्रयागराज कुंभ मेला में हूं वहां से मैं लाइव हो रहा हूं तो यहां पर भी यहां पे आचार्य प्रशांत का पंडाल तोड़ा गया है क्योंकि नागाव द्वारा यहां नागाव का स्वछंद चलता है तो आपने देखा ही होगा कि जैसे कितना बदतमीज करता है एक दोगले पन वाली बात है कि आप कुंभ मेला को अंधविश्वास घोषित कर रहे हो और अपना अपना दुकान चला रहे हो कहां पर प्रयागराज मेला में तो वैसे ही गंगा स्नान के लिए आप मना कर रहे हो कबीर पंथ में

01:01:31:06 भी काफी पंथ ऐसा है कि गंगा स्नान के लिए मना करते हो फिर यहां पर कु मेला में आपकी पुस्तक बिकती है य मेरे को बहुत एतराज था तो कबीर पंथ बहुत ही षडयंत्र कारी है के देखो एक एक होता है कि विधांत वेदांत होता है कि ब्रम में हूं और सब भ्रम है सब भ्रम है वो आसुरी वेदांत होता है कि मैं ही भ्रम हूं बाकी कोई भ्रम नहीं मैं ही भगवान हूं और कोई भगवान नहीं है हम बोलते कि व राम तत्व तुम्हारे अंदर भी विराजमान है मेरे अंदर भी विराजमान

01:02:11:00 जी पंडित जी चले गए मैं उनसे बात नहीं कर पाया पंडित जी से निवेदन है वापस आए जी आपका नाम है विभ कुमार बताइए जय श्री राम विवश कुमार जी सुन पा रहे हैं आप फोटो इनका चिपक गया है आ गया आ गया वापस विवस कुमार जी बताइए

01:03:02:09 विवश कुमार जी को हटा दीजिए समय खराब हो रहा है भेरू दास कैमरा ऑन [संगीत] करें भेरू दास कैमरा ऑन करिए [संगीत] आप भेरु दस है हां जी हा जी भेस हां बताइए भेस जी जय श्री राम राम राम स साब जय बिंदी छोड़ हां बताइए भेरू महादेव आप वो बता पाएंगे कि ये जो किसी भी ग्रंथ को सद ग्रंथ किस आधार पर कहते हैं

01:04:01:02 आप आपके रामपाल दास जी आवाज सही नहीं आ रही है आप मैं पूछ रहा हूं किसी भी सद ग्रंथ को सद ग्रंथ किस आधार पर कहते हैं रामपाल दास जी किसी भी पुस्तक को सद ग्रंथ किस आधार पर कहते हैं रामपाल दास है आपके य का नेटवर्क ठीक नहीं है भाई साब चार वेद छ शास्त्र 18 भाई साहब मैंने आपसे नियम पूछा है कि सद ग्रंथ मानने का नियम क्या है

01:04:44:18 उनका हमारे गुरु जी ने बताते सूक्ष्म वेद से बताते कबीर साब जी की वाणी से क्या क्या बताते हैं कबीर साब जी की वाणी से बताते हैं सूक्ष्म वेद से मैं समझ नहीं पाया मेरा क्वेश्चन ये है कि किसी भी किसी भी ग्रंथ को सद ग्रंथ कहने का कारण क्या है रामपाल दास जी का उसमें ज्ञान सही लिखा हुआ है इसलिए सद ग्रंथ कहते हैं सत्य ज्ञान लिखा हुआ मतलब सत्य बोलने वाला सद ग्रंथ है

01:05:31:00 हां अच्छा तो फिर यह इसका अर्थ यह है कि जिसको व सद ग्रंथ कहते हैं उसमें झूठ नहीं लिखा है कहीं भी इसका मतलब यह है कि वह जिसको सद ग्रंथ कहते हैं उसमें कहीं भी झूठ नहीं लिखा है जो झूठ लिखा उसको मत मानो नहीं नहीं नहीं मैं अभी यह पूछ रहा हूं कि सद ग्रंथ किसे कहते हैं अगर अगर सत्य बोलने वाले को सद ग्रंथ कहते हैं तो अगर उसमें यानी कि सद ग्रंथ व है जिसमें सच लिखा हो है ना तो इसका मतलब जिसको जिसको वो सद ग्रंथ कह रहे हैं इसका मतलब जिसको वो सद ग्रंथ कह रहे हैं उसम झूठ नहीं लिख होता है लिखने वाले

01:06:31:22 ने लिखने वाले ने तो कुछ भी लिख दो सद ग्रंथ सद ग्रंथ कहते व तो शरू सेही कहते आए अभी से नया नाम निकला है भाई साहब मैंने मैंने आपसे पूछा है प्रामाणिक का आधार प्रामाणिक का आधार क्या है प्रमाणित का आधार प्रमाणित का आधार जो प्रमाणित ग्रंथ होता है का टीका होता है जो महापुरुषों की वाणी है अच्छा तो महापुरुषों की वाणी है जिनका टीका होता है अच्छा आपके हिसाब से कोई भी महापुरुष कब होता

01:07:13:19 है क्योंकि महापुरुष अपने ज्ञान से होता नहीं सुनिए सुनिए सु क्योंकि दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो नास्तिकों को भी महापुरुष मानते हैं तो वो उनकी सोच है तो फिर आपकी सोच क्या है किसी को महापुरुष मानने की हमारी सोच है कि जो वेद शास्त्र प्रमाणित जो ज्ञान बताते हैं वही महापुरुष है भाई साहब मैं पूछ रहा हूं सबसे पहला प्रश्न था कि वेदों को किसी भी शास्त्र को आप सद ग्रंथ क्यों कहते हैं तो आपने कहा जो महापुरुषों की वाणी होती है उसको हम ग्रंथ कहते हैं तो अब मैं पूछ रहा हूं कि किसी को भी महापुरुष के रूप में क्यों स्वीकार करते हैं आप तो आप कह रहे जो वेद शास्त्र अरे वेद शास्त्र की ही तो हम लोग वो निकाल रहे हैं अभी हम वेद शास्त्र को चेक कर रहे हैं कि इसको सद ग्रंथ कैसे कहा आपने तो अब इसी को आप प्रमाण के रूप में थोड़ी ना ले सकते जैसे कि मैं किसी से पूछ रहा हूं कि तुम तुमने चोरी की है कि नहीं मैं चोर से पूछ रहा हूं चोरी की है कि नहीं तो चोर ने बोल दिया नहीं की तुमने मान लिया ऐसे होता है क्या तो चोर को प्रमाणित पर उसके

01:08:28:25 जो चोरी की है सामान बरामद करेंगे या या सुनेंगे तो कहेंगे थड़ी क देंगे मैं यह नहीं कह रहा भाई साहब मैं आपसे य कह रहा मैं आपसे यह कह रहा हूं कि अगर सत्य बोलने के कारण हम किसी को भी सद ग्रंथ कहते हैं तो जिसको आप सद ग्रंथ कह रहे हैं उसमें झूठ भी लिखा हो सकता है या सिर्फ सच लिखा होता है यह

01:09:04:22 बताइए जिस ग्रंथ में जैसे प्रमाणित जो ग्रंथ होता है उसमें हो सकता है मान लो प्रामाणिकता प्रमाणिकता का आधार क्या है रामपाल दास जी के लिए हमारे पास सूक्ष्म ज्ञान है उससे हम पता लगा लेते हैं यानी जी जो बात है मैंने अभी ये नहीं पूछा है कि किस शास्त्र की कौन सी बात सही है और कौन सी बात गलत है मैंने अभी आपसे पूछा है कि किसी को भी सद ग्रंथ कहने का आपका आधार क्या है अगर आपका आधार किसी को भी सद ग्रंथ कहने का ये है कि उसमें सत्य लिखा होना चाहिए ठीक है तो ये मैंने इसमें सत्य लिखा है ये देखो हम ये देखो लिखा है ये सत्य बात है कि नहीं दिख रहा है पढ़ के सुनो क्या लिखा पूर्ण पढ़ना नहीं आता क्या आपको थोड़ा जूम करो पूर्ण ब्रह्म की भक्ति करो चलो मैं पढ़ के सुना दे रहा हूं पूर्ण ब्रह्म की भक्ति करो ठीक है यह सत्य बात है ना हा तो क्या यह सद ग्रंथ है हा बिल्कुल यह

01:10:19:26 सद ग्रंथ है हां हो गया यह इनकी सद ग्रंथ की परिभाषा नहीं तो आप क्या प्रमाणित करना चाहते आप ही तो बोलो हमारी तरफ से प्रमाणित ये करना चाहता हूं कि आप लोग झूठ बोलते हैं उसके अग आप क्या साबित करना चाहते हो क्या मैं बता रहा हूं मैं बता रहा हूं मैं बता रहा हूं मैं ये साबित करना चाह रहा हूं कि आप लोग झूठ बोलते अरे भाई आपने अगर सवाल किया तो जवाब सुनो ना दो बार मैंने बोलने की कोशिश की दोन बार आपने बीच में टाा दी आपने सवाल किया है तो जवाब सुनो मैं ये बताना चाह रहा हूं कि आप लोग ये झूठ बोलते

01:11:11:08 हैं अरे उनकी साइड से थोड़ा डिले आ रहा है ना इसलिए थोड़ा कम्युनिकेशन गप हो रहा है उनका नेटवर्क बहुत खराब है ऐसा है भाई साहब सुनिए आपने एक सवाल किया है कि क्या कहते हैं सवाल ही भूल गया उन्होने क्या किया था आपने एक सवाल किया था कि आप प्रमाणित क्या करना चाहते हो यह सवाल आपने किया तो मैं प्रमाणित ये करना चाहता हूं पहली बात के आप इन सबको सद ग्रंथ नहीं मानते हैं मैं इस बात को बाहर ला रहा हूं आपकी सच्चाई को बाहर ला रहा हूं हम इनको हा तो लाओ कौन सी सच्चाई को बाहर ला रहे हो जनता तो देखे तो मैंने दिखाया ना अभी आपने इसको भी सद ग्रंथ मान लिया है ये दिखा तो दिया कैसे माने इसको आपने माना ना यह सद ग्रंथ है क्या नाम ग आप मानते हो कि नहीं इस ग ग्रंथ का नाम क्या शिवांश रचना हा तो ये परमाण थोड़ी है क्या इसम जो आपने जो अपनी तरफ सेही पूछ रहा हं आप मुझे अपने सद ग्रंथ की परिभाषा बता दीजिए

01:12:26:20 फिर मैं पूछ रहा हू जो प्रमाणित ग्रंथ है मेरी बात सुन वो प्रमाणित प्रमाणित प्रमाणित की परिभाषा तो बताइए आप किसको प्रमाणिक मानेंगे किसको नहीं मानेंगे उसका आधार क्या है आपका चार वेद छ शास्त्र 18 पुराण जो है मैंने आपसे नाम नहीं पूछा है तो फिर प्रमाण ग्र किसको मा आप किसको मानोगे मैंने मैं तो वेद को मानता हूं और उसके आधार पर जो पुराण है उपनिषद है मानता मगर आप कुरान को आप जो है कुरान को भी मानते हैं जो वेदों का विरोध करते हैं आप उनको भी ग्रंथ कहते कुरा में मेरी बात सुनो कुरान में जो वेद वेद प्रमाणित जो बात लिखी होगी कुरान में वह सही है गीता में जो प्रमाणित वेद की लिखी व बात सही है पुराणों में जो वेद का ज्ञान मिलता है व वो पुराण सही है ठीक है तो फिर मैंने आपको कहा फिर आप जब पुरान में या किसी भी ग्रंथ में कुछ ऐसी बातें हैं जो वेद से मैच नहीं खा रही है तो फिर उनको आप सद ग्रंथ के आधार पर बोल देते हो हा

01:13:37:18 बोलो बोलो सद ग्रंथ है ही पहले से ही बोला हमारी हम हमारी तरफ से तो बनाया नहीं पहले से बोला पहले से पहले से तो चार वाको में भी बोला है अरे पहले मानते होने बोला पहले से कहां से थे तो वो सद ग्रंथ है नहीं फिर क्या बोले आप एक काम करिए पहले से को थोड़ा परिभाषित करिए आपका पहले से क्या है चा दिन पहले से 10 दिन पहले से 100 दिन पहले से 300 दिन पहले से हज दिन पहले से 2000 दिन पहले से 2000 साल पहले से क्या है आपका पहले से वाला क्या है आपका पहले से की परिभाषा क्या है आपकी श से ग्रंथ शरू सेही को नए तो बनाया नहीं है वो तो पहले से ही सत ग्रंथ है उसका नाम ही सत ग्र है यानी कि आपका एक कारण हो गया कि वो सत्य बोलता हो दूसरा कारण हो गया कि वो पहले से हो शुरू से हो हां सृष्ट की आदि से हो हां शृष्टि की आदि से हो हां

01:14:48:19 सही हा शृष्टि की आदि से हो अरे हां हा कुरान कब आई है कुरान मोहम्मद साहब जी के समय आई थी तो वो तो की आद से नहीं वो तो सट की आद से नहीं भला आदमी उसमें वेद संबंधित ज्ञान लिखा हुआ है ब्रम ने दिया था मालूम है पूरा का पूरा लिखा है कि थोड़ा बहुत अलग है अरे समझ में नहीं आ रहा तो कान खोल के सुन लो मैं क्या बोल रहा हूं जैसे चार वेद छ सा रा पुराण है उसमें गीता कुरान बाइबल उसमें जो वेदों का ज्ञान लिखा हुआ है समझ में नहीं आ रही क्या समझ में आ रही है मैं आपसे पूछ रहा हूं कुरान में अक्षरस वेदों की वेदों के अनुसार ज्ञान लिखा है या थोड़ा बहुत विरोध है और अगर विरोध है तो उसके बावजूद भी आप उसको सद ग्रंथ कैसे कह रहे हो अरे थोड़ा बहुत होगा तो किसी ने अनुवाद करता नहीं कि होगा या मान लो किसी ने मिस प्रिंट ता नहीं अनुवाद करता की बात नहीं कर रहा हूं मैं मैं अनुवाद करता जो वहां से लिखा है जो कुरान में ओरिजनली लिखा है मैं उसकी बात

01:16:03:20 कर रहा हूं हां बोलो बोल तो दिया बोलो नहीं क्या बोलना चाहते क्या कुरान में अक्षरस वेद सम्मत ज्ञान है या थोड़ा बहुत इधर उधर है और अगर थोड़ा बहुत इधर उधर है फिर उसको सद ग्रंथ क्यों कह रहे हो तो फिर उसको क्या बोलले कौन सा बोल बताओ झूठा ग्रंथ क्या बोले अमान्य बो यानी की जिस जो व्यक्ति थोड़ी सही और थोड़ी गलत बात बोलेगा उसको भी आप सत्यवादी बोलोगे अरे तो सही बात है सही लिखे सही बोलेंगे नहीं उसम कौन साही बातो को आप बोलते सद ग्र क्या बो पहले बात तो हमने गलत क्या बोला यह बताओ हमारा ज्ञान किसने हमारा ज्ञान गलत है बताओ आपका ज्ञान गलत ये है सबसे पहली बात यह है कि अगर कुरान में आपने कहा कि वेदों के अनुसार जो बात होगी वह सद ग्रंथ है अब मैं आपसे

01:17:18:28 पहले पूछ रहा हूं क्या आपको इस बारे में जानकारी है कि कुरान में थोड़ी बहुत बात ही सही मगर व वे का विरोध करती है कि नहीं करती है इस बात का नॉलेज है आपको कि नहीं है पूछ रहा है करती है तो जब थोड़ा बहुत भी कोई झूठ बोल रहा है जब थोड़ा बहुत भी कोई झूठ बोल रहा है तो आप उसको सद ग्रंथ कह रहे हैं कह रहे है ना हा तो कहते हैं बिल्कुल कहते हैं अब ये बताइए कि कोई व्यक्ति थोड़ा बहुत झूठ और थोड़ा बहुत सत्य बोले तो उसको आप सत्यवादी कहेंगे

01:17:57:12 तो उसकी सही बात तो माननी पड़ेगी नहीं मैं सही बात की बात नहीं कह रहा हूं आप सद वक्तव्य बोलिए आप सुनिए सुनिए भाई साहब आप सद वक्तव्य बोलिए कि भैया सुन लीजिए सुन लीजिए आप सद वक्तव्य बोलिए आप सद ग्रंथ कैसे बोल रहे आप उस पूरे के पूरे व्यक्ति को प्रमाण मानने का ढोंग क्यों कर रहे हैं जब आप मानते नहीं का ड आपका समझने का डंग है सही बात सही माने आपसे मैंने पूछा कि उसमें थोड़ी बहुत बा बात को गुमा मत हमारा ज्ञान क्या गलत है य बताओ मैं वही बता रहा हूं अभी आपसे अभी आपसे प्रश्न पूछ बिल्कुल बताओ हमारे पास भी है प्रश्न आप भी देना सवाल जवाब मैं ये पूछ रहा हूं जिस किताब में आधी बात स लिखी है आधी बात सही लिखी है और उसको आप कह रहे हैं कि वो सद ग्रंथ है ठीक है तो झूठा ग्रंथ किसे कहेंगे झूठी बात को कहेंगे झूठी बात को कहेंगे हां मतलब

01:19:12:14 सद ग्रंथ कहेंगे जिसमें झूठी और सच्ची दोनों बातें होंगी और झूठा ग्रंथ उसे कहेंगे जिसमें कोई झूठी बात लिखी होगी या उसकी सिर्फ झूठी बात को सद ग्रंथ कहेंगे क्या कहेंगे अरे भाई जो ज्ञान सही है उस ज्ञान को मानना है और झूठ ज्ञान को नहीं मानना देखिए मैं ज्ञान की बात नहीं मैं ग्रंथ की बात कर रहा हूं आपने उसको सद ग्रंथ कैसे कहा बात आगे घुमाओ मत बात को सबको पता है आप क्या बोलना चाहते हो सब अन्न खाते समझ में आई नहीं सबको पता है की बा म कर

01:20:05:25 आपर ये बात वेद के हिसाब से है कि नहीं यह बात वेद के हिसाब से है कि नहीं म्यूट हो भाई चिल्ला क्यों रहे हो आप म्यूट हैय बात के हिसाब से है कि नहीं खोलो उनको खोलो यह बात वेद के हिसाब से है कि नहीं जीरी बात सुन मैं पूछ रहा य बात वेद ये बात वेद के हिसाब से हैय बात वेद के हिब

01:20:42:02 [प्रशंसा] से भा पूण ब्रह्म की भक्ति करना लिखा है मैंने यह बात वेद के सम्मत है कि नहीं मैंने लिखा है मैंने लिखा है अन म्यूट करिए इनको सुनना नहीं है इनको सिर्फ बोलना है जी हा हा मेरे को भी सुनने दो और

01:21:16:10 वो देखिए अब जो बात चल रही है अगर उससे इधर उधर की आपने बात की तो क्षमा करिए मुझे आपको हटाना पड़ इनको हटा दीजिए जाइए आप जाइए भेरू दास जी आप आपको बात घुमानी आपको कट टू कट बात भी करनी है बात आपको घुमानी है क्या करना चाह रहा है सिद्ध क्या करना चाह रहा है कौन बोल रहा है ऊपर आ जाओ चंद्र मान दास हां बोल रहा हूं

01:21:56:22 एक मिनट आ गए क्या ऊपर ऊपर आए आप कर आप सिद्ध क्या करना चाह रहा है लाइट में आ थोड़ा लाइट में चेहरा दिखाओ अपना लाइट नहीं है तो जाओ य से ये सब प्लानिंग करके आ पहले बिना चहरे केरा करके आए एक बात समझ में नहीं आती कि यह लोग एक तरफा प्यार क्यों करते हैं क्योंकि जो कबीर रामपाल वाले है व कुरान को मानेंगे कुरान वाले रामपाल को नहीं मानेंगे [संगीत]

01:22:37:24 भेरु दस जी मैं एक बार आपको विषय क्लियर कर दू मैं क्या आपसे पूछ रहा बा आपको सुनना है भदास जी हां मेरे को सुनना है ठीक है मैं अभी सवाल पूछ रहा हूं आप सम कि अगर किसी अगर किसी बुक में कोई एक बात झूठी लिखी है और एक बात सच्ची भी लिखी है तो आपका कहना है कि वो हमारे लिए सद ग्रंथ है ठीक है ठीक है तो आप कुरान का ही हवाला क्यों दे रहे गीता का भी तो दो दे देखा बात को घुमाओ क्यों अपने भड़काने वाली बात क्यों कर रहे हो आपको सवाल का जवाब नहीं देना है भाई साहब सवाल का जवाब देना आपको आपको बात नहीं करनी आपको इधर उधर की बातें करके उसको फसाद पैदा करके और जो बातों को उलझा करके गायब हो जाना है चंद्रवाना दास आपके जो नुस्खे हैं य काम नहीं आएंगे आप अपनी बत्ती जलाए वह जो रामपाल दास जी है उनसे भक्ति करें उनकी आपके जीवन में लाइट जलाए प्रकाश लाए और फिर आए जिससे आपका थोपड़ा दिख सके जी अमित कुमार जी बोलिए जय श्री राम

01:23:54:28 अरे बोलेंगे आप कई बार आके जा चुके विवांश कुमार जी विवांश कुमार जी बोलिए मेरा आप लोगों से कहना है मैंने आप परिचय क्या लेना चाहते हैं बोलिए अरे भाई आप जानते हैं हम क्या परिचय लेना चाहते हैं बताइए ना रामपाल के रामपाल के हां हां हां हां तो ऐसे बताओ सबसे पहले कि मैं रामपाल का शिष्य हूं या अपने बारे में वही तो आपसे पूछना चाह रहे थे कि आप क्या जानना चाहते हैं हमारा परिचय तो क्यों क्यों तो आपको पता है आपको पता है अच्छी तरह से जग जाहिर बात है वो खामा खा की बातें कर रहे हो खर बिल्कुल बिल्कुल मैं कह रहा मैं ये कह रहा हूं जो बात चल रही है उस बारे में आपके पास जवाब है जो बात अभी चल रही है उस बारे में है जवाब मेरा आप लोगों से कुछ और प्रश्न है इस प्रश्न आप कर लीजिएगा मैं आपसे पूछ रहा हूं जो बात चल रही है उस बारे में आपके पास जवाब है जी बिल्कुल जवाब है बताइए देखिए जैसे आपने पूछा है अभी कि जो

01:25:10:07 शास्त्र में झूठ बात और सत बात दोनों लिखा हुआ है उसको हम सत ग्रंथ क्यों कहे यही ना आपका क्वेश्चन है जी तो मेरा कहना है कि देखिए आपको पुराणों में लिखा हुआ है पुराणों का ज्ञान जो है तो षि ऋषियों ने दिया है ब्रह्मा जी ने ऋषियों को ज्ञान दिया है तो बर्मा जी खुद कहते हैं कि हमारी जानकारी में जितना नॉलेज है कुछ साची और कुछ झूठ मैं अपने हिसाब से मतलब जितना हमको पता है मैं तुम लोगों को बता नारद जी को ऐसा बात कह र बर्मा जी आप बताइए जितना जान गा मिनट मैं समझ गया आपकी बात में समझ गया आपकी बात में समझ गया क्या ब्रह्मा जी ने कहा है कि मैंने झूठ कहा है ग्रंथ में ब्रह्मा जी ने ग्रंथों में ऐसा लिखा है पुरा में आपने ू शब्द का उपयोग किया है ब्रह्मा जी ने कहीं पर य कहा है कि मैंने झूठ बोला है कहीं कहीं पर ब्रह्मा जी ने यह कहा कि कुछ ज्ञान और कुछ अज्ञान की बात बता रहा मतलब कुछ सच मतलब उने कहा मैंने क पर अज्ञान दिया है हा उसने बोला है परहा कहा है कुछ क क परने बताया बताओ

01:26:25:08 कहा लिखा है पुराणों में लिखा है आपको दिखा दूंगा लिखा है बताओ ना कहा लिखा है आपको जो है ना देवी पुराण लेना पड़ेगा ठीक है अभी पास बताओ लिखा है सुनिए ना मैं अभी मैं उसका पेज नंबर मुझे याद नहीं है मैं वो सारा डिटेल से बताऊंगा आपको आप इस समय लेम वापस ले लीजिए जो आपने कहा है कि ब्रह्मा जी ने कहीं कहीं पर अज्ञान कहा है ठीक है वापस

01:27:01:15 लेसे नहीं भाई साब देखि स्पष्ट बात किया करिए अभी आपके पास प्रमाण है मेरा मेरा एक बार मेरे पास विषय चल रहा है उसका जवाब है और फिर हमने आपसे पूछा तो आपने कहा हा फिर बात आगे च अब आप या तो बोल दीजिए मेरे पास जो विषय चल रहा है उसका जवाब नहीं है तो हम आगे चले मैं कह रहा हूं कि आपको पेज नंबर अगले सेशन में दिखा सकता हूं या फिर अभी टाइम लगेगा हमको निकालने में देवी पुरान अभी अवेलेबल मेरे पास भी है लेकिन मेरा नेट प्रॉब्लम के कारण मैं थोड़ा सा बाहर आया हूं मैंने दो तीन बार आपसे रिक्वेस्ट मतलब भेजा लेकिन मेरा नेट नहीं चल रहा तो आप अगले से में दिखा एक मिनट मैं आपकी बात समझ गया मैं समझ रहा हूं आप अगले सेशन में हमको ये दिखाएंगे कि पुराणों में या अन्य शास्त्रों में ब्रह्मा जी ने यह कहा है कि कहीं कहीं पर मैंने अज्ञान दिया है हा एकदम दिखाएंगे दिखाए और नहीं दिखा पाए तो अगर दिखाए

01:28:16:15 देंगे 100 में 100% आपको बोल रहे हैं चलिए आप दिखाएंगे ठीक है अभी मैं अब बात ये हो रही थी सुनिए आप दिखाएंगे आपको मैंने रियायत दी है ये भी आप समझिए ये एक रियायत है रहम है जो मैंने आपको अभी अभी दिया है क्योंकि आप जो बात बोल रहे उसका आपके पास प्रमाण नहीं है अब सुनिए मेरी बात जाएगी ढूंढने में पूरा प पूरी मंडली ढूंढने में जुड़ जाएगी ढ के लाओ हा मैं अब मैं यह कह रहा हूं सुनिए बोलिए

01:28:54:06 जैसे कि रामपाल दास जी का सिद्धांत क्या है किसी भी शास्त्र को सद ग्रंथ मानने का अगर उसमें थोड़ी बहुत बात भी झूठी लिखी है अज्ञान लिखा है तो फिर उसको भी आप सद ग्रंथ कह रहे हैं तो झूठा ग्रंथ किसे कहेंगे झूठा ग्रंथ किसे कहेंगे आप भी बतलाइए हम तो झूठा ग्रंथ उसे कहते हैं जिसमें थोड़ा बहुत भी झूठ हो

01:29:28:02 देखिए बात बताओ आप एक बात बताओ आप एक बात बताओ मैं आपसे अभी आपसे भी पूछ लेता हूं जैसे कोई चोर है ठीक है ठीक है वो कटग में खड़ा हुआ है और वो यह बोल रहा है व वास्तव में चोर है पर वह बचने के लिए बोल रहा है कि मैं चोर नहीं हूं यानी कि व झूठ बोल रहा है ठीक ठीक है वही व्यक्ति यह भी बोलता है कि मुझे भूख लग रही है खाना दो यह सच बोल रहा है हां अभी हम चोर को झूठा कहेंगे या सच्चा

01:30:02:12 कहेंगे चोर पर विश्वास करोगे आप देखिए पहले तो य प्रमाणित करना पड़ चोर है अरे मैंने आपको बता दिया ना कि वह चोर ही है अब बात करिए हां चोर ही है ठीक है हां तो उसकी तो नहीं करना पड़ेगा नहीं करोगे ना क्योंकि उसने कहीं भी झूठ बोल दिया हा लेकिन कुछ इसी प्रकार से इसी प्रकार से जब कहीं भी यह जो ग्रंथ है उसने जब झूठ बोल दिया तो उसको आप सद ग्रंथ कैसे बोल रहे हो नहीं नहीं सुनिए देखि स्थिति केच के ऊपर किया जाएगा भूख लगाको दे दिया जाए खाने के लिए ऐसा भी तो हो सता है क्या गलत

01:30:58:25 बो एक बात कहो मैंने आपसे जब यह पूछा था कि झूठा ग्रंथ किसे कहेंगे तो आपने मुझसे खट से बोल दिया आप कैसे कहेंगे मैंने बता भी दिया अब आप मुझे बताइए झूठा ग्रंथ किसे कहेंगे हम बताते हैं झूठा ग्रंथ जो है उसे हम कहेंगे कि जिसका ज्ञान आवाज थोड़ा नेटवर्क का प्रॉब्लम हो हो सकता है आवाज जा रहा है मेरा क्लियर काम चल रहा है बताइए बताइए झूठा ग्रंथ उ हेलो बोलिए बोलिए झूठा ग्रंथ हम उसे कहेंगे जिसका ज्ञान गीता और वेद के विरुद्ध हो अच्छा बहुत बढ़िया बात बो आपने बहुत बढ़िया जो गीता और वेद के विरुद्ध होगा उसको आप झूठा ग्रंथ बोलेंगे ठीक है एकदम बिल्कुल एकदम अच्छा क्या गीता और वेद में कहीं भी यह लिखा है क्या कि ब्रह्मा विष्णु महेश का जो जन्म है वह मैथुन प्रक्रिया से हुआ है बिल्कुल बिल्कुल कहां लिखा

01:32:15:04 है कहां लिखा है भाई आपने है ना गीता जी को पहले 14 अध्याय का तीन नंबर श्लोक निकालिए उसम लिखा हुआ है गीता जी को गीता जी को समझना कठिन है ठीक है लेकिन एक बार फिर से निकालिए आप हम भी गीता को लाते है थोड़ा आपको व जो शलोक हैता हु निकाल लिया नंबर बताइए गीता जी

01:32:51:28 अध हा [संगीत] मेरे मत ब्रह्म रूप मूल प्रकृति संपूर्ण भूतों की योनि है अर्थात गर्भधान का स्थान है उस योनि में चेतन समुदाय गर्भ को स्थापन करता हूं उस जड़ चेतन के संयोग से सब भूतों की उत्पत्ति होती है ऐसा लिखा है ना मैथुन प्रक्रिया मैथुन ये मैथुन थोड़ी ना है मैथुन दिखाइए मैथुन मैथुन समझ रहे हैं ना कहते हैन किसे कहते मैथुन क्रिया कहते जो स्त्री पुरुष के संयोग से जो मतलब प्राण का उत्पत्ति हो उसे मैथुन क्रिया करते हैं तो वो दिखाइए ब्रह्मा विष्णु महेश की उत्पत्ति मैथुन से हो रही है वो दिखाइए तो उसमें थोड़ा आगे तो और पढ़िए स्टेप में वहा नहीं गुणों की उत्पत्ति है प्रकृति से हुई है कौन से खा मैंने कहा मैथुन क्रिया हुई मैथुन क्रिया सुनिए सुनिए जैसे हवा है सुनिए हवा है हवा बकुल हवा है बिल्कुल है

01:34:07:08 तो जो जो ये क्या कहते हैं जड़ हो गई प्रकृति जो पंखे के अंदर की मोटर होती है पंखे के अंदर की मोटर होती है वो हो गई जड़ प्रकृति और उसके अंदर विद्युत प्रवाह होता है वो हो गया ब्रह्म अब इन दोनों के संयोग से भी हवा उत्पन्न हो रही है ना तोय प्रक्रिया है क्या कोई देखिए आप है क्या नहीं सुनिए आप जैसे एजाम पल दे रहे हैं हा इस को क्या मुझे मैन बताओ सुनो मेरा सवाल सुन लो दोबारा मुझे मैथुन प्रक्रिया से ब्रह्मा विष्णु महेश को उत्पन्न होने वाला दिखाओ आप उसको देवी पुराण में भी देख सकते हैं क्या लोक क्रमांक बोलो और सुनो अब ये टाइम वेस्ट अगर करवाया ब खोलने बा मैथन नहीं लिखा तो मैं क्या

01:35:11:06 करूंगा क्या कर या सुनि थोड़ा सा आप मैथ कया को दूसरे भाषा में और भी क्या क्या कहते हैं क्या क्या क्या बात बोल रहे हैं मैथन होता है मेरे भाई सुनिए क्या नाम है इनका जी क्या नाम है अरे इनका नाम है ये अपना विभाष कुमार जी वि वि जी देखिए ऐसा है मैथुन प्रक्रिया वो है जो हाड मास के जो य स्त्री और पुरुष होते हैं इनके बीच में जो जिसको इंग्लिश में आजकल सेक्स कहा जाता है ठीक है ठीक हैय अब आप मुझे किसी भी वैदिक वांगम में ब्र विष्णु महेश के लिए दिखा दीजिए कि वह जो है इस प्रक्रिया से उत्पन्न हो रहे हैं क्योंकि आपके जो यह जेल जेल धाम निवासी संत है आपके उन्होंने ये लिखा है कि से उत्पन्न होते हैं तो आप मुझे लिखा दिखाइए कहां पर मैथुन हुआ मैथुन दिखाइए थो आप जो है ना थोड़ा से बात कर थोड़ा प्रमाण ले जाता हं अभी टाइम लगेगा ना आप लोगों को तालाब में आ जाइए 10 बजे तक चलेगा फिर बंद हो जाएगा ठीक है

01:36:26:13 चलिए तो अब 13 14 मिनट 17 मिनट है अभी ठीक है क जय श्रीराम बोलिए देखिए एक बात जो है ना आपने जितना भी पुराण है संतपाल जी महाराज ने पुराण को खोल के दिखाया है आप देखिए बकवास य मत करिए प्लीज बकवास मत कर आप जाइए प्रमाण लेके आए प्लीज श्री राम भाई जी जय श्री राम अंत में अपनी बात रखनी है ना बिना रखे क चले जाएंगे जय श्री राम पंत जी मैंने कहा इनको प्रमाण मत दिखाए बहुत हो गया बहुत प्रमाण दिखा लिए प्रमाण दिखाने की कोई जरूरत नहीं है इनको ऐसे ही धोए इनको किताब क पूछ आप स्कूल के आगे पड़े की पीछे पड़े कुछ ऐसे प्रश्न कर वैदिक अलौकिक ज्ञान से इनसे इनको प्रमाण दिखाने से कुछ होने वाला नहीं है आप दो तीन महीने से किताब खोलते खोलते इनका बुद्धि में इतनी जड़ बुद्धि है ऐसा तो भगवान कस मैंने कहीं देखा नहीं कभी कैसे लोग पड़े होंगे कुछ पड़े नहीं पड़े कैसी बुद्धि है उसे देख के बड़ा विस्मय होता है हमें तो आप यह देखिए कि एक शिष्य आया उसने

01:37:45:14 बोला कोई व्यक्ति ये हो रहा है यह कह रहा है कि जो प्रक्रिया रामपाल और बविता जी के बीच में हुई थी वो समझा रहा है उनसे जाके पूछ इलिए तो जेल में है जेल में इसीलिए जेल में है जो सच्चाई है भैया ये शंकराचार्य जी को बहुत गाली देते य चैट में देखिए उससे अपने शंकराचार्य जी का मान बढ़ता है क्योंकि दुश्मन जितना ज्यादा जिस संत के बारे में जहर उगलेगा उस संत के प्रति जो सही लोग होंगे उनमें आस्था आएगी समझ रहे हैं भाई यदि कोई मैं आपको बताऊ जैसे मुस्लिम है जैसे आजकल एक स्ट्रेटजी है कि भाई मुस्लिम आतंकवादी है जो जिहादी है उनकी तरफ से ऐसा माना जाता है कि वोह एक तरीके से अपना जिहाद फैलाना चाहते हैं और पूरे में एक तंत्र लाना चाहते हैं जिसमें वह क्या कहते हैं उसको शरीयत कहते शरिया शरिया शरिया शरिया लाग करना चाते भारत में गजवा हिंद से संबोधित है वो हा गजवा तो गजवा लाना चाहते हैं तो अब वो जिस भी हिंदू की तरफ के किसी भी व्यक्ति की जब वो बुराई करेंगे तो ऑटोमेटिक वो जो हिंदूवादी जो लीडर होगा वो ऑटोमेटिक वो सब हिंदुओं

01:39:00:20 का हीरो बन जाएगा तो ये रामपाल वालों को ज्यादातर हिंदू जानता है यह जितना बुराई करेंगे शंकराचार्य की उतना ही शंकराचार्य के पक्ष में लोगों के मन में श्रद्धा होती रहेगी उमड़ती रहेगी भाई शंकराचार्य में दम है जो इसको मजबूर होना पड़ रहा है बार-बार शंकराचार्य का खंडन करने के लिए समझ रहे हैं वो क भी नहीं सकते भ इसे तो हम खंडन भी नहीं बोलेंगे खंडन भी नहीं बोले जो भी आलोचना या निंदा जो भी सोच लो विशाल भाटिया जी जय श्री राम जय श्री राम सभी को आ गए छोटे नंद बंदर हटाने सबका आडंबर अरे एक मिनट विशाल जी अरे विभास जी आपको नहीं देखना प्रमाण नहीं गए लेने आप प्रमाण प्रमाण ले आए क्या विभास जी किसका प्रमाण ठीक है आप लोग थोड़ा बात करिए हम आप लोग वार्तालाप अरे तो जाइए ना य बैठे क्यों है प्रमाण ले आइए कोई प्रमाण नहीं है आप प्रमाण लेजी टट पुंजी है ब्रह्मा विष्णु महेश का कहीं भी वैदिक वांगम में आविर्भाव वो जो हो रहा है पूरे में कहीं पर भी नहीं है कि

01:40:15:20 मैथुन प्रक्रिया से हो रहा है मैथुन प्रक्रिया स्टार्ट मनु शतरूपा से हो रही है बिल्कुल हम बताते हैं ना हां जी बोलिए विशाल सबसे पहले तो आप सभी को महाकुंभ की बहुत-बहुत बधाई पूर्ण महाकुंभ की पूरा अनंत खुशियों से भरपूर हो सभी सनातन के लिए ऐसी मेरी प्रार्थना है तो अभी मैं पद्म पुराण का इन दिनों स्वाध्याय कर रहा हूं पद्म पुराण में दो बड़े खुलासे हुए हैं मैं बताना चाहूंगा बोलिए जैसे अब जैसे अपनी पुस्तक पर इन्होंने कहा है कि गीता पढ़ने से जो है मोक्ष नहीं होता कहा है ना इन्होने ऐसा हा तो अभी ये ये आया मेरे पास यह मेरे हाथ में एक सेकंड गीता महात्म पदम पुराण का हा

01:41:11:09 रुकिए भैया सवा घंटा जब बहुत कार्य कर रहे है हमारी जिंदगी में ये देखिए आज आज मैंने अपना कैमरा प ये देख ब बहुत ही कार्य रहा है भगवान ा निर्मित तन माया गुण गोप भगवान तो अपनी इच्छा से प्रकट होते हैं ये जूम कर सकते है क्या इसको जीता जी बड़ा कर दीजिए इनका वाला हमारा वाला सबका छोटा कर दीजिए उनका बड़ा कर [संगीत] दीजिए छोटे नने बंदर मिटाए सबके आडंबर तो ये है मेरे पास संक्षिप्त पद्म पुराण गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित अब जैसे कहते हैं ये गीता के मेन 11 अध्याय प ये लोग इतना पूछते हैं कि जहां पर श्री कृष्ण ने कहा कि मैं बड़ा हुआ काल हूं तो वह काल है जो और उस काल ने अपने को ब्रह्म भी कहा है तो अब यह देखिए इसमें ये क्या लिखा है यह संक्षिप्त पद्म पुराण गीता महात्म उत्तरखंड पेज नंबर 849 पूर्णानंद पूर्णानंद संदू श्री कृष्ण नामक ब्रह्म यहां पर देखिए श्री कृष्ण नामक ब्रह्म श्री कृष्ण को ब्रह्म बोल दिया श्री कृष्ण नामक ब्रह्म के मुख से कुरुक्षेत्र में अपने मित्र अर्जुन के प्रति जो अमृतम उपदेश निकला था वही श्री विष्णु

01:42:26:09 का परम तात्विक रूप है तुम उसी का चिंतन करो वह मोक्ष के लिए प्रसिद्ध रसायन है संसार भय से डरे हुए मनुष्यों की आदि व्याधि का विनाशक तथा अनेक जन्मों के दुखों का नाश करने वाला है मैं उसके सिवा दूसरे किसी साधना को ऐसा नहीं देखता अतः उसी का अभ्यास करो भगवत गीता के 11 अध्याय का यह महात्म जिसमें भगवान शिव ऐसा कह रहे हैं माता पार्वती को ये महात्म सुना रहे हैं यहां प देखिए श्री कृष्ण को ब्रह्म बोल दिया कि गीता पढ़ने से एक एक अध्याय में इसकी प्रति लिखी हुई है कि जो इस अध्याय का उस अध्याय बात य है विशाल जी आप अपना फ्रंट कैमरा ऑन करिए एक दूसरा खुलासा भी है दूसरा बस कर दीजिए कर दीजिए पहले कर दीजिए आप कर दीजिए खुलासा आज इनका करके रहूंगा मैं तो खुद हैरान हो गया मेरे छूट गए हैं अच्छा पता है आपको एक चीज बताऊ आप तब तक निकालिए मैं एक बात बोलू ये लोग जब आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न सुनते हैं ना रामपाल के फॉलोअर्स तो ये लोग अपने मन में ये देखो कैसी बातें कर रहा है वो तात्विक बात है वो मगर ये देखो कैसी बातें कर रहा है उनके आउट ऑफ द सिलेबस बाउंस मार गई बात ये क्या होता सर्वशक्तिमान ईश्वर खाली जगह

01:43:41:24 ईश्वर के अलावा खाली जगह थी कि नहीं थी तो फिर वो वहां पर यह बोलने लगते हैं कि यह कैसी बात कर रहा है भाई वो नहीं था आपने वो एक वीडियो में नहीं बोल बो आपको बताया गया कि ऐसे न्यूज ऐसे न्यूज चैनल वाले कुंभ में आ गए हैं आ गए तो मेहमान है तो अब हमारी परंपरा है मेहमान को खाली पेटना भेजने की तो खा पिला के मोटा करना है इनको हां हां अच्छे से उनको वहां पर बढ़िया नाश्ता पानी सब दिया मिल जाएंगे और सुनि आपसे अगर मिलना हो तो आप हमको इंस्टा पर डीएम कर दोगे मतलब स्थान वहां पे हां हां वो लगाया तो है स्टोम में अच्छा ये देखिए एक बड़ा खुलासा ये कल मैं टीआर पहाड़ी जी के चैनल पर भी गया था तो मैंने यह प्रमाण दिखाया था कृष्ण ब्रह्म वाला और दूसरा ये मैं आपको फिर से दिखा दे रहा हूं ये पद्म पुराण का विष्णु सहस्त्र नाम स्तोत्र है एक महाभारत में है अनुशासन पर्व में और एक ये है इसका पेज नंबर 718 अब ये पद्म पुराण विष्णु सहस्त्र नाम जो भगवान शिव माता पार्वती को सुना रहे हैं इसमें ये देखिए 176 शलोक नंबर बताया पेज नंबर 718 अच्छा

01:44:55:02 अब ये देखिए अब इसका यह 176 वा श्लोक है विष्णु सहस्त्र नाम पद्म पुराण इसमें देखिए भगवान शिव के लिए भगवान विष्णु के लिए क्या शब्द आया यह देखिए पहले मैं वो पूरा श्लोक पढ़ दे रहा हूं त्र त्रिकाल जित कंदर्प मुनीश्वर आद कबीर ग्रीव सर्व वाग शव ये देखिए कबीर शब्द आया विष्णु भगवान के लिए कवीर जैसे बोलते हैं ना कबीर देव कबीर मनीषी ये दिख रहा है कब कबीर है ग्रीव अब ये देखो इसका नीचे संधि विच्छेद भी दिया गया है कवि और है ग्री अलग कर दो तो वो जो संधि विच्छेद का ऊपर हा है रा है वो गायब हो जाता है तो ये देखिए यहां पे कवि का मतलब बताया है त्रिकाल दर्शी विद्वान अब देखिए यहां प भगवान विष्णु के लिए कवीर शब्द आ गया इसका मतलब वेदों में जो कबीर है वो परमात्मा नारायण है और अगर भगवान श्री कृष्ण गीता के 18वें अध्याय के छठवें श्लोक में अगर अर्जुन को कह भी रहे हैं कि तुम उस परमेश्वर की शरण में जाओ तो एक तरह से नारायण की बात कर रहे हैं और वो नारायण की बात हो रही है तो एक तरह से अपनी ही बात कर रहे हैं ट्स गीता की सारी चन खत्म बहुत बढ़िया अब आप सामने लाइए अपना चेहरा वाला नहीं अने वीडियो में बोला भया व हरियाणवी साइड के बोलते में प्रमाण है

01:46:10:07 वो बहुत अच्छा लगता है एक बार फिर से बोले आप सामने तो आइए मैं आपको कुछ बता रहा मेरा प्र ऐसा है हम लोग बहुत खेल लिए डिफेंसिव अपने प्रमाण दिखा दिखा के हमने खूब खेला है शुरू में खेला है कि नहीं पाड़ी जी आपने बहुत ज्यादा उसे उससे क्या होता है उस उसमें ये लोग क्या कहेंगे आपसे यह तो ऋषियों का अपना मत है यह तो काल ने झूठ बोल दिया यह आपसे जो कहेंगे तो पूर्व पक्ष पर पहले प्रश्न करें ना हम लोग कि तुम अगर इसकी किसी भी बात को झूठ बोल रहे हो तो फिर आप इसे सद ग्रंथ क्यों कह रहे हो

01:46:54:21 तो फिर लड़ाई केवल इस बात की होगी आप मतभेद केवल इस बात का रह जाएगा कि तुम्हारा ईश्वर सर्व शक्तिमान है कि नहीं क्योंकि सनातनी तो तुम रह नहीं जाओगे बिलकुल अगर तुमने वेदों के किसी भी अंश को मना कर दिया जैसे अभी देखिए वो व्यक्ति कह रहा था कि भाई जो शुरू से हो फिर मैंने कहा कि वो क्या कहते हैं जो मोहम्मद साहब के द्वारा लिखा हुआ तो शुरू से नहीं है वेदों के अनुसार है तो मैं भी तो वेदों के अनुसार लिख रहा हूं नहीं तुम्हारा नहीं है तुमको तुम कहो लोगों को बटर लगाने के लिए आप जो है सबको सद ग्रंथ कहते हो मुसलमान बुरा ना माने कन बुरा ना माने इसलिए आप सबको सद ग्रंथ कहते हो और अब जो वो भाई साहब अगर वापस आ जाएंगे वैसे अब टाइम तो नहीं

01:47:40:22 है जी अगर वो वापस आ जाएंगे तो क्या कहते हैं उनसे व बात हो जाएगी भेरू दस जी आपको बात करनी है या केवल अपनी बात बोलनी है अगर ऐसा है तो आप सकते अगर आप अगर बात करनी है तो हम लोग बात कर सकते हैं आना चाहते हैं जी तो मेरी बात यह चल रही है कि आपका कहना है कि वेदों के अनुसार जो ग्रंथ होगा कहीं पर भी अगर उसने वेद समत बात कर दी तो व सद ग्रंथ है ऐसा ही है [संगीत] अरे शिवान जी सद ग्रंथी है वोह तो पहले से ही है इसमें आप बार-बार एक ही चीज को रट लगाए पूछ रहे हो अरे यार उसको अपन कैसे गलत ग्रंथ कह देंगे गीता क्योंकि उसमें आपके हिसाब से झूठ है हमारे हिसाब से क्यों उसमें लिखा हुआ होगा तो झूठ ही होगा नहीं भाई उसमें गीता में कुछ बात ऐसी है जो सच नहीं है तो उसको सद ग्रंथ मत कहिए हमारा ये कहना है ये ढोंग है फिर सद ग्रंथ कहना उसे और अगर ऐसा है

01:48:55:25 कि किसी भी एक बात के सत्य हो जाने से सद ग्रंथ उसको माना जाएगा तो मैंने य लिख दिया यह वेद समत बात मैंने लिख दी अब बोल दीजिए शिवांस रचित सद ग्रंथ हैय बोल दीजिए ये सद ग्रंथ है कि नहीं हमारा ज्ञान क्या गलत है वो बताओ और आपका ज्ञान कैसे वो साबित करो ज्ञान गलत बोल तो रहा हूं जिसम झूठ लिखा हुआ है उसको आप सद ग्रंथ कैसे कह रहे हो भ जो चर कहने से क्या वो गलत हो जाता है क्या मेरी बात सुनो सद ग्र कहने जो व्यक्ति जो व्यक्ति दिन भर में आधा सच आधा झूठ बोले उसको सच्चा व्यक्ति नहीं कहते हैं ये आपकी परिभाषा गलत है तो अरे शिवान जी घुमाओ मत आप मतलब ऐसे बात कोल की बात की बात बोने आपसे बात बोली है मैंने आपसे क्लियर बात बोली है आपको नहीं सुनना है नहीं सुनना है आपको नहीं सुनना जाइए आप कबी कबीर दास ने कबीर दास ने कुरान को गाली दी है अने दोहो में इनको

01:50:11:02 पता नहीं है क्या अर दोहा चौपाई कबिर दास की य लोग पढ़ रहे हैं उन्होंने कितनी निंदा की कुरान की पशु भले की कितनी निंदा की है इन्होने आपका प्रश्न है जी यह बताओ जंगल है जंगल से पेड़ लेकर जाएंगे क्या पूरा जंगल समाप्त हो जाएगा इससे हमारा जो क्वेश्चन है वो मैच कहां से कर रहा है भाई हमने पूछा यह है कि अगर केवल एक केवल आधी अधूरी बातें सत्य हो जाने से उसे आप सद ग्रंथ कहेंगे तो आधी अधूरी बातें झूठ हो जाने से उसको झूठ ग्रंथ क्यों नहीं कहेंगे असद ग्रंथ क्यों नहीं कहेंगे यह कैसा सिद्धांत है कि असद ग्रंथ होने के लिए तो आपको वो पूरा झूठ हो तब कहोगे और सद ग्रंथ होने के लिए व आधा ू आधा सच्चा भी हो तो आप उसको स क

01:51:03:03 लोगे अभी मैंने वो फैक्ट बाय अभिषेक को ं पर मैसेज किया कि तुम खाली बंद कमरे में वीडियो ही बनाते रहोगे शिवांश जी के सामने आके चर्चा भी करोगे कोई जवाब नहीं आया अरे वो नहीं देगा व कायर है य सब अब आगे उन्होने बचपन में माता का दूध नहीं पिया है अरे वो चैनल से पैसा कमा रहे हैं भाई तुम्हें क्या लगता है कि व ऐसे बना रहे वीडियो उनका घर ही उसी से चल रहा है उनका और दूसरे से बोलते कि दुकान खोल रखी है चलिए जय श्री राम मैं फिर मिलूंगा आपसे आपको एक बात बताऊ अगर मैं दिल्ली गया और मैं दिल्ली जाकर के वो जो इनका पर्दा फास किया जो इनकी किताबें नकली छप रही है जय श्री राम विशाल जी जय श्री राम ज उसम मेरा कितना खर्चा आया होगा सोच सकते हैं आप त मैं गया आना जाना वहां रुकना ठहरना और भी बहुत सी चीज मेरे 18000 सब्सक्राइबर है इस समय कितना वो आ जाता होगा रेवेन्यू सोच के देखिए और इसमें भी इतना समय देना पड़ता है इसकी एडिटिंग है यह है वो है और यह लोग कहते कि दुकाने चल रही है जिस दिन मैं शुद्ध सनातन धर्म के विरोध में बोलने लगू

01:52:18:15 है ना वर्णाश्रम धर्म का विरोधी हो जाऊ रवाद का दुश्मन हो जाऊ क्रिश्चियनिटी वाली बातें बोलने लगू अभी चैनल भागने लगेगा यट खुद इसको भगाने में मदद करेगा वास्तविकता तो यह है कि ऐसे जो शुद्ध धर्म बताने वाले चैनल्स है आप इनमें कई बार देखेंगे तो अभद्र ड लगाए जाते हैं यह बहुत बड़ी स्ट्रेटजी होती है ऐसे आपको इन चैनल्स पर ऐसे ड देखेंगे जो थोड़े से अश्लीलता की ओर जा रहे होंगे ऐसे ड दिखेंगे तो यह सोचना तो बंद कर देना चाहिए कि भैया वो दुकान चल रही है उससे भैया वो मैंने भी एक टाइम पर उनको मैसेज किया था वो रियल इंटेंशन वाले भाई नहीं है हा उनको किया था कुछ कोई बीजेपी का वो था ना तो उन्होंने हमारे मतलब भगवान के बारे में उल्टा सीधा बोला था तो मैंने बोला था कि उन पर वीडियो बनाओ फिर उन्होंने मैसेज किया कि बनाते कुछ समय में मैंने शायद आपको स्क्रीनशॉट भी बेजा था लेकिन फिर उनका वो मैसेज नहीं आ वीडियो नहीं बनाया नहीं बनाया है वो साजिश है वो केवल इन्हीं के खिलाफ बोल सकते हैं बैती गंगा में हाथ धोने वाले लोग हैं

01:53:35:01 वो अर्जुन जी आप अपना कैमरा ऑन करेंगे तो ही आपको लिया जाएगा देखिए बेरो दस जी एक काम हो सकता है आप यह कह सकते हैं आपके पास इस प्रश्न का जवाब नहीं है तो हम दूसरे पर चल सकते हैं आगे बढ़ सकते हैं आपकी आवाज अभी नहीं सुनाई दे रही आपको ऐसे करना है ऐसे करना है बिल्कुल चलिए खैर अब 10 बज चुके हैं हम लोग कल आएंगे 10 ब चुका भया जय श्री राम आप कुछ कह दीजिए आप कुछ कह नहीं पाए बताइए हा ये हमा महाकुंभ में इनकी टीम गई है कुछ सुनने में आ रहा है देखा जाएगा गई होगी जाने दीजिए नंबर दो बात एक बात इनका एक स्लोगन बन गया है कि पाखंड की दुकान बंद हो रही है एक बार महाकुंभ में जाकर देखें तो इनको पता चलेगा कि सनातन कितना मजबूत है और सनातन क्या है वहां जाकर इनको पता चलेगा पिछले कुंभ में 28 करोड़ लोगों ने श्री गंगा माता में डुबकी लगाई थी इस बार 40 से 50

01:54:50:06 करोड़ आने की संभावना है तो दुकान नहीं सबसे पहली नंबर वन बात तो दुकान जिन्होंने खोली थी वो प्रचार कर रहे कर रहे सड़कों में दुकान जिन्होंने खोली थी वो इस समय जेल में भी पड़े जी सड़को में प्रचार किया जा रहा है नया प्रोडक्ट आता तो प्रचार होता है ना उसका वही तो कर रहे हैं तो आईईटी बाबा करके कोई आपने देखा हो तो अरे सनातन सनातन धर्म को मजाक बना रखा है लोगों ने करें क्या जगदीश जगदीश स्वरूप ब्रह्मचारी जी आप भी अपनी बात अपना वक्त दे दीजिए तो फिर हम इसको पूरा करें आज हा देखो अभी रियल इंटेंशन की बात हुई थी अभी बीच में कोई वत्सल भट करके बोल रहे थे जो धर्मी लोग है आर्य समाज है कुछ रामपाल वाले भी है म जिस प्रक्रिया की लोग निंदा कर रहे हैं उस प्रक्रिया को करने वाले जो स्नान करने वाले है उनके बीच में जाकर के अपनी दुकान चलाना और अपने प्लॉट जो आवंटे करवाना सरकार से

01:56:05:10 यह कितना बड़ा दोगलापन है य उसके उनके अंदर का परमात्मा जो है उनको लोग कितने झुठला रहे हैं और यहां पर जो पुस्तक पुस्तक बांटे जा रहे है तो मेरा कहना है कि जो बचारे लगे हुए है श्रद्धा से अपना प्रक्रिया स्नान करना चाहिए और जो असामाजिक तत्व है कि रामपाल जैसे है आर्य समाज है जो मैंने देखा था भ्रमण किया इनका आर्य समाज का भी लगा हुआ है तो काफी लोगों ने विरोध भी किया था कि नहीं होना चाहिए पर यह चीज है कि असामाजिक तत्व जो है वो स्वयं देखे कि हम लोग क्या कर रहे हैं य षडयंत्र जो हिंदू धर्म में विकृत हो चुका है उसको शुद्धीकरण अवश्य है और आप जो कार्य कर रहे हैं आवान जी बहुत सुंदर कार्य है य शुद्धिकरण आपको हमें लोगों को ही करना पड़ेगा बहुत बहुत धन्यवाद मि की हार्दिक शुभ ओम नमो नारायण रायण एक बार

01:57:10:21 भे मेरी आवाज रिपीट कहां से आ रही है भेरु दास जी आपसे आ रही है क्या अब आ रही है मेरी बाज रिपीट नहीं आ रही हां भल दास जी आप क टीवी में भी चल रहा है कहीं और भी चल रहा है क्या य यही चल रहा है तो आप एक काम करि ली कर दोबारा आ

01:57:53:19 या आप अभी एक बार लीव करके वापस आ क्योंकि आपकी आवाज रिपीट आ रही है मुझे माइक बंद कर सभी अपना तभी उसे पता से आ रही डल आवाज उ उ से आ रही भैया य सवा घंटा ज जो होता है मतलब व ऐसा कंपलसरी है कि हमें बैठ के ही करना पड़ेगा मतलब थोड़ा कुछ भ्रमण हो जाता है क्योंकि मैं जब कॉलेज जाता हूं ना सुबह तो मतलब आधा घंटा है मेरा कॉलेज जाने का तो मतलब आधे आधे घंटे में मतलब कैलकुलेशन करके करता हूं मैं तो कुछ पूरे पूरे दिन में किसी भी प्रकार से करिए वह आपका आगे बढ़ेगा जब आप अभी छोड़ेंगे नहीं एनीहाउ पूरा कर लेंगे वो फिर आगे बढ़ेगा कन्हैया चौधरी जी का कहना है कि वो अपने स्वार्थ के लिए आजकल जो अलंकार वाले हैं वो रामपाल से मिल रहे हैं वेदों को पूरी तरीके से मानने वाले वेदों को पूरी तरीके से वेदों को पूरी तरीके से मानने का दावा करने वाले वेदों को अधूरा मानने वालों से हाथ मिला रहे

01:59:08:20 हैं क्या जोड़ा है शिवा जी गीता अध्याय सात का वो बताए इस पर हम लोग बात करेंगे गीता अध्याय सात का जब पूछ रहे हैं बहुत अच्छी तैयारी है मेरे पास क्योंकि वो कहते हैं ना कि क्यों पड़े हो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में जी ठीक है सभी को जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम हर हर महादेव

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 1:59:45 · 17 Jan 2025

रामपाल का ज्ञान या अज्ञान disscussion with kisan das follower of #santrampaljimaharaj

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