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00:00:01:20 [संगीत] सभी को जय श्री राम आपने देखा होगा एक हमारी वार्ता हुई थी एक रामपाल के फॉलोअर के साथ और वह इस संदर्भ में थी वह वार्ता कि उसने कहीं पर टिप्पणी की है कि सनातन कोई धर्म नहीं है अब ये लोग एक जगह एक तरफ तो कहते हैं कि नहीं सनातन ही धर्म है पहले बात पहले तो शुरू करते हैं कि हिंदू मुसलिम सिख ईसाई कोई धर्म नहीं है न्यारा केवल एक मानव धर्म है उस अब उस मानव धर्म की क्या पहचान है वो इनको पता नहीं है फिर जब अच्छा एक तरफ यह भी दिखावा करते कि देखो देखो हम बांग्लादेशी हिंदुओं के साथ खड़े हैं वो नाटक करते हैं वो पोस्टर उस्टर लगा कर के वो सोशल मीडिया पर दिखावा करते हैं और उसके बाद एक समय ऐसा आ जाता है जब यह भी कहने लगते कि सनातन कोई धर्म

00:01:16:24 नहीं है बटो तो कटो सबका रायता बना देते हैं सब एक एक कढ़ाई में सब चीजें डाल दी भोगे तो कटो मान हिंदू मुस्लिम सिख साई कोई धर्म नहीं है न्यारा सनातन कोई धर्म नहीं है हिंदू कोई धर्म नहीं है अरे कहना क्या चाहते हो वो नहीं पता कहना क्या चाहते हैं वो पता नहीं तो ज्यादातर जो फॉलोअर्स है उनका जो दिमाग है ना व बिल्कुल जा चुका है खुद ही ऐसी बातें करते हैं कि अगर जो इस तरह की चर्चाएं होती है ना कि अगर पब्लिक के बीच में हो तो पब्लिक वहां हसे और या फिर थोड़ी देर बाद उनको लोगों को पीटने लगे हां ये भी बिल्कुल सही बात ऐसी ऐसी बातें कर देंगे वो कि पब्लिक के अंदर इतना क्रोध आ जाए पब्लिक उतना संयमी तो होती नहीं है तो वह इनको पीट दे ऐसी बातें य लोग करते हैं तो अब इ इनका कहना है कि सनातन कोई धर्म नहीं है अच्छा एक लोग हैं हमारे साथ जुड़े हुए ठाकुर यादव जी करके हैं यादव जी आप अपनी अगर अपना चेहरा अगर दिखाए तो आपको लिया जाए अन्यथा आप जा सकते हैं ठीक है तब तक हम अपनी बात करते हैं जब यादव जी अगर अपना चेहरा दिखा

00:02:32:00 दें दिखाने के लिए तैयार हो जाए तो फिर उनको ले लिया जाएगा है ना यादव जी ठाकुर यादव जी अगर आप सुन रहे हैं देख रहे हैं तो अपना चेहरा दिखाएं अन्यथा आप जा सकते हैं यह चैनल बंद करवाना चाहता है सुभाष द्विवेदी अरे भाई पहले नाम तो सही से जान लो शिवांश नारायण द्विवेदी नाम है सुभाष द्विवेदी नहीं लिंक दिया ही नहीं गया नहीं लिंक दिया गया है किसी को पर्सनल भेजा था लिंक शायद वही है मगर उनको शायद यह पता नहीं है कि यहां का एक सिद्धांत है कि वैचारिक मतभेद के निमित्त जो चर्चा होती है वह तभी होती है जब व्यक्ति अपने फेस के साथ में है तब तक हम बात कर लेते हैं सनातन कोई धर्म नहीं है तो पहली बात ये है कि ऐसा नहीं है कि धर्म को सनातन कहीं शास्त्रों में कहा नहीं गया है ठीक है तो वो गुण भी है और क्योंकि वो गुण उसमें पाया जाता है तो धर्म का नाम वो जो एडजेक्टिव है

00:03:47:01 विशेषण वो लग जाता है उसके साथ हमारे धर्म के साथ सनातन अब वो गुण क्या है कि हमारा वो धर्म है जो किसी देश काल परिस्थिति वश बदलता नहीं है उसका नाम सनातन तो जो धर्म दिया गया जो शति परंपरा के द्वारा चला वही आज भी जो अपने मूल रूप में जहां जहां पर है वह धर्म जो है वह सनातन है इसीलिए जब कोई उस परंपरा गत रूप से प्राप्त होने वाले धर्म का खंडन करते हुए स्वयं को वैदिक या सनातनी कहता है तो वह क्वेश्चनेबल हो जाता है क्योंकि वो परंपरा का खंडन हो रहा खंडन कर रहा है परंपरा से ही वह धर्म यहां तक आया है अगर वह खुद के विचार विर को ऊपर रख रहा है परंपरा प्राप्त सिद्धांतों के आगे तो उसके वो विचारों का उसके उन विचारों का अस्तित्व वो परंपरा से नहीं मिल रहा है वह अपने उसके खुद के विचार है तो पहली बात तो यह हो गया कि सनातन हमारे धर्म का गुण भी है और क्योंकि वह गुण उसमें है इसलिए हमारे धर्म का नाम हमारे धर्म का विशेषण सनातन भी है दूसरी बात अब ये आती है कि अब ये विशेषण लगाना क्यों पड़ता है क्या केवल धर्म कहने से काम नहीं चलेगा चल सकता है मगर जब धर्म के नाम

00:05:02:06 से कई सारे धर्मा भास भी प्रचलित हो जाएं तो हमें फिर एक एडजेक्टिव लगाना पड़ता है कि भैया कौन सा धर्म कि सनातन धर्म है ना जिस धर्म को बारबार सनातन कहा गया हम उस धर्म की बात कर रहे हैं अब वो उसका गुण भी है सनातन शाश्वत जाति धर्म कुल धर्म शाश्वत है ना तो वो उसका गुण भी है धर्म का और वो यह बताने के लिए कि जब हम धर्म की बात कर रहे तो हम किस धर्म में आस्था रखते हैं तो वह सनातन जिसका गुण सनातन है और जिसका गुण होने के कारण उसका नाम भी सनातन है जैसे कि भगवान विष्णु इनका गुण भी विष्णु विष्णु का अर्थ होता है गुण भी है और उनका नाम भी है ठीक है तो ये हो गई कि हम अब हमें एडजेक्टिव लगा क्यों रहे ये आवश्यक क्यों है सनातन धर्म कहना क्योंकि धर्म के नाम से कई सारे धर्मा भास आ गए लोग उसमें कंफ्यूज ना हो इसलिए हम बता देते हैं भा हम यह बात जो कर रहे हैं सनातन धर्म की बात कर रहे हैं हम सनातन धर्मावलंबी है अगर हम धर्म कह

00:06:17:10 देंगे केवल तो हो सकता है कुछ बुद्धिजीवी समझ जाए जिनको धर्म और अधर्म की व्याख्या का अंतर पता हो कि धर्म क्या है और अधर्म क्या है म जिनको नहीं पता वो नहीं समझ पाएंगे तो एडजेक्टिव लगाना पड़ता है अब इसका एक उदाहरण ले लीजिए एडजेक्टिव क्यों लगाना पड़ता है जब हम पहले केवल एक घी था पहले अस्तित्व में पहले केवल घी था उसके बाद डालडा भी आ गया अमुक अमुक घी के स्थान पर यूज में आने वाले और भी कई प्रकार के पदार्थ आ गए इसलिए अब जो है जाकर के कहना पड़ता है कि शुद्ध देसी दे दो भैया यह शुद्ध देसी क्या है एडजेक्टिव चाहिए हमको केवल घी मगर घी के नाम पर डालडा भी है तो क्या करोगे एडजेक्टिव बताना पड़ेगा उसी प्रकार से सनातन धर्म कहना इसलिए आवश्यक है क्योंकि धर्म के नाम पर इस्लाम भी है जैन बौद्ध ये भी है इसलिए एडजेक्टिव लगाना पड़ता है कि हम जब बात कर रहे हैं धर्म की तो वो कौन सा सनातन धर्म अब दूसरी बात है हमारे शास्त्रों में अनेक अनेक जगह कहा गया है इस

00:07:33:14 निर् बुद्धि व्यक्ति को पता नहीं है कहां कहा गया है कि नहीं कहा गया है एक जगह हम दिखाई देते हैं [संगीत] तो कई जगह कहा गया है हम एक जगह दिखा देते हैं महाभारत शांति पर्व 162 वा अध्याय और 21वां श्लोक यह जो है आप देख सकते हैं आपको दिख रहा होगा धर्म

00:08:24:12 सनातन दिख रहा है आपको धर्म सनातन और इसकी हिंदी भी देख लीजिए कुछ वहां पर वर्णन किया गया है सनातन धर्म के कुछ लक्षण बताए गए हैं तो धर्म को कई जगह हमारे शास्त्रों में सनातन कहा गया है गुण से भी है और गुण होने के कारण नाम भी है गुण और क्या-क्या है सबसे पहली बात तो यही कि जो किसी भी देशकाल परिस्थिति में ना बदले अब सनातन ईश्वर क्यों क्योंकि वो ईश्वर ऐसा है जो बदलता नहीं है जो जैसा है वैसा ही रहता सनातन क्यों क्योंकि वो यहां भी है वहां भी है दूसरी स्थिति में जाकर के ये नहीं कह सकते वहां पर ईश्वर नहीं है मगर इस्लाम का जो ईश्वर है वह सब जगह नहीं है उसकी शक्ति सब जगह है व बात और है कि जब उनसे मंत्रणा की जाए तो उनके पास जवाब नहीं होता है जैसे आपने क्रिश्चन के साथ एक बात हुई थी तो आपने देखा था उसके पास जवाब नहीं तो उनका जो ईश्वर है सनातन नहीं है तो जिस विचारधारा में या जिस मान्यता में ईश्वर को सनातन नहीं माना जा रहा है जो दे देह धारी है जो भी तत्व उसको आप आत्मा कहते हो जो भी कहते हो वोह सनातन नहीं है ईश्वर सनातन नहीं है और साथ ही साथ यह जो देह धारी हो गया है

00:09:39:13 यह ईश्वर को प्राप्त कैसे करेगा इसको प्राप्त करने के लिए जो विधि बताई गई है कि इस स्त्री को तुम माता समझना इस स्त्री को तुम पत्नी समझना इस स्त्री को तुम बहन समझना इसी तरीके से बहुत सारी विधियां नियम जो बताए गए हैं ना तो ईश्वर सनातन है ना ही जो जीव तत्व है जिसने देह को धारण किया हुआ है वो सनातन है और ना ही इस देह धारी जीव द्वारा जो ईश्वर तत्व उसको प्राप्त करने के लिए जो विधि बताई गई है वह सनातन ये तीनों ही सनातन वहां पर नहीं है इसलिए वह सनातन धर्म नहीं है और यह सनातन धर्म है तो नाम भी हो गया और गुण भी हो गया है ना तो यह अमित दास को समझना चाहिए अमित दास ने भी अपनी लाइफ में ऐसी कुछ बातें बोली है खैर बुद्धि है नहीं उसके अंदर अच्छा दूसरी उसने एक बात और बोली वहां पर क्या बोला जब हमने उससे पूछा कि जब तुम यह खुद कह रहे हो कि जो शरीर में रहने वाली आत्मा है सनातन है और गीता में भी कहा गया है कई जगह वह बात और है कि जब काल हमारा बुरा चाहता है तो हम काल की बात क्यों माने जब काल हमारा

00:10:54:16 बुरा चाहता है तो हम काल की कोई भी बात क्यों माने भाई उसका कोई जवाब नहीं है क्यों माने वो उस पर अभी हम बात करेंगे काल की बात क्यों माने ध्यान दिलाइमा आए थे वो है कि गए वो चले गए उनको अपना चेहरा दिखाने में भय है तो चेहरा दिखाने में भय किसे होता है जिसको या तो जीत का लालच हो या हार का भय हो है ना तो हार का भय किसे होता है जिसे अपने सिद्धांतों पर विश्वास ना हो उसको हार का भय होता है जो अपने सिद्धांतों के लिए मृत्यु को भी आलन करने की भावना रखता है वह आता है चेहरा लेकर के सामने जो अपने धर्म के लिए कुछ भी कर सकने की भावना रखता है वह आता है चेहरा लेकर के सामने है ना खैर बैक टू द पॉइंट तो अब इसका कहना जब हमने इससे पूछा व्यक्ति से जिससे हमारी फोन पर चर्चा हो रही थी उससे हमने जब यह पूछा कि भाई तुम यह मान रहे हो कि जीव सनातन है यानी जीवात्मा सनातन

00:12:10:08 है तो फिर तुम्हारा जो तथाकथित एक राक्षस है जो लोगों को फसाने के लिए आया है वह राक्षस खाता किसको है और जिसको वह खा रहा है वो सनातन है तो वो उसके दांतों से पिस कैसे जाती है इसका कोई उत्तर नहीं है क्या बोल रहा है मालूम है आत्मा अलग है जीवात्मा अलग है ईश्वर अलग हो गया और जीवात्मा अलग होई काल अलग हो गया और अब जी और आत्मा अलग है अब वो ये बोल रहा है आत्मा अलग है और जीवात्मा अलग है तो अब मैंने पूछा कि भाई क्या हमारे शरीर में दो तत्व है एक आत्मा एक जीवात्मा है तो बोला आप यहां आ जाओ वहां आ जाओ यह है वो है और वही जो इनका एक जो विद्रोही हो गया ना पवन दास बोलता है बंदर जैसा मुंह लेक बैठ जाते हो तो वही हाल है फिर और कोई इनका इनके पास उत्तर नहीं भाई आत्मा को जब कोई काट नहीं सकता वायु सुखा नहीं सकती जल डुबो नहीं सकता तो उसको तुम्हारा काल दांतों में पीस कैसे रहा है तो यह सब बिना सोचे

00:13:25:12 समझे जो हमने मान लिया है उसके पक्ष में जो हमको समझ में आया बस वो बोलना है मुंह चलाते रहना है कोई मतलब नहीं है कि वो तार्किक या प्रामाणिक है कि नहीं कभी कभी भावनाओं में बह जाते हैं ये पाखंड का खंडन जी बोल रहे हैं कि आप इतने प्यार से क्यों बात करते हैं कभी-कभी भावनाओं में बह जाते हैं भाई हम भी मनुष्य हैं तो हमारा छोटा भाई जैसा कोई व्यक्ति है वो अचानक से कह देता है मुझे एक प्रश्न का जवाब दे दो अच्छा ये एक टेक्नीक है इनकी जब बिल्कुल फस जाए तो मुझे एक प्रश्न का उत्तर दे दो मैं आपका हो जाऊंगा तो लगता है कोई भटका हुआ भाई वापस आ जाए अपनी सही मार्ग पर तो जो विषय होता है विषयात देखो कभी भी कोई चर्चा होती है ना उसमें विषयात एक बहुत बड़ा पार्ट है यह मेरा मैंने अभी जो व्यक्तिगत मेरा अनुभव है वो बता रहा हूं विषयात किसी भी चर्चा का एक बहुत बड़ा पार्ट है क्यों है क्योंकि जब भी कहीं पर वार्ता का किसी का निष्कर्ष निकलना होता

00:14:40:12 है तो वह विषयात से हो सकता है बाधित हो जाए इसलिए आपने हमारी जो चर्चाएं देखी होंगी उसमें कई बार ऐसी बातें भी हुई होंगी चर्चा में जिनका हम प्रतिकार कर सकते थे हमें करना चाहिए था मगर सिद्धांत की रक्षा के लिए निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए विषयात ना होने देने के लिए हमने उन बातों को नहीं पकड़ा उनका जवाब नहीं दिया सुन के रह गए जैसे अभी आपने आर समाज के जो आचार्य जी थे उनके साथ बहुत सारी चर्चाएं हुई उन्होंने एक सवाल का जवाब जो पूछा नहीं गया था उसका भी उन्होंने उत्तर दिया तीन तीन प्रश्नों के उत्तर दे दिए पूछा येय गया था कि वो सब कुछ कर सकता है कि नहीं अनंत सामर्थ्य वान है कि नहीं उन्होंने ये भी इसका तो जो भी बोल सकते थे बोला उन्होंने अनंत सामर्थ्य वान है कि नहीं मगर साथ में उन्होंने दो और बोल दिए लेता नहीं है यानी प्रमाण है हमारे पास ना लेने के और लिया नहीं है इस बारे में हमारे पास हिस्ट्री है ठीक है तो हम अपने विषय से भटक ना जाए इस कारण से उस विषयात विषयात ना हो जाए उसी में सारा टाइम ना निकल जाए फिर आचार्य जी ये ना कह दे बस हमारे पास इतना ही समय है तो इस कारण से उनकी सभी बातों का हमने वहां पर उत्तर

00:15:55:16 नहीं दिया तो यह भी एक बहुत महत्त्वपूर्ण टॉपिक है किसी भी होने वाली चर्चा का कि विषयात को हमें रोकना होता है विषयात नहीं होना चाहिए और जो हम लोग यहां पर कई बार ऐसा आक्षेप लगता है कि भाई विषय आप जो है कोई बोलने लगता है तो उसको हटा देते हो विषयात को बचाने के लिए विषयात ना हो इस कारण से और कई बार सुनके भी अपनी उसी बात पर आना पड़ता है सुन ली बहुत सारी बातें उन्होंने कहीं बहुत आक्षेप लगाए मगर हमने बात कौन सी कुरे दी यदि वो कहीं पर भी एक जगह उसकी सामर्थ्य का अंत हो रहा है तो वह अनंत कैसे है ना तो इस व्यक्ति ने विषयात करने के लिए फिर वो एक दूसरी कहानी के हम सबसे पहले कहां आए वो हमारे साथ क्या कर रहा है इस बारे में हमने वीडियोस बना दिए हैं और सनातन सिद्धांत नाम की एक सीरीज है उसमें ईश्वर सृष्टि की रचना क्यों करते हैं अच्छा एक बात हम यह कहे कि ईश्वर सृष्टि की रचना यूं ही करते हैं उनको कोई आवश्यकता नहीं होती है जैसे हम बैठे बैठे पेन चला देते हैं हाथ हिला देते हैं जैसे अभी मैंने बोला ये यह किया अब यह जो मैंने किया ना इसकी

00:17:10:21 मुझे आवश्यकता नहीं थी यूं ही किया है यूं ही तो ऐसी बहुत सी चीजें हम जो यूं ही करते हैं क्यों क्योंकि हमारे अंदर वह चीजें करने की सामर्थ है आंख देखती क्यों है क्योंकि आंख के अंदर देखने की सामर्थ है यूं ही देखती है आंख आख जैसे आपकी पलके खुलेगी आख देखना शुरू कर देगी तो आंख यूं ही देखती है ऐसे ही ईश्वर सृष्टि की रचना यूं ही करते हैं उनको कोई आवश्यकता नहीं है अगर हम जैसे ही ईश्वर को आवश्यकता डाल देंगे ईश्वर पर हमने आवश्यकता को मर दिया तो इसका मतलब हमें मानना पड़ेगा कि उनमें किसी बात का अभाव था उनमें आनंद का अभाव था तो वो सच्चिदानंद नहीं रहेंगे

00:17:59:18 लीला रूप में उनकी इच्छा हो सकती है विभिन्न प्रकार की लीलाएं कर रहे हैं यह कर रहे वो कर रहे हैं व्यवहार की दृष्टि से उनका इच्छा करने वाला स्वरूप माना जा सकता है मगर अंततोगत्वा जो परम तत्व है ईश्वर है उनको हम इच्छा करने ये किसी कारण से सृष्टि की रचना करने वाला नहीं मान सकते अगर कारण मान लिया तो हम उनको हमें उनका अभाव मानना पड़ेगा तो उनकी सर्व शक्ति मत्ता खत्म हो जाएगी ईश्वर को यदि सर्वशक्तिमान सिद्ध करना है आपको ईश्वर को यदि सर्वशक्तिमान मानना है तो आपको इन चीजों को मानना पड़ेगा यही तो हम भी कह रहे हैं आप मानो कबीर को कबीर को ही मानो बस दो चीजें मत करो जिनको हम मान रहे उनका अनादर मत करो और ईश्वर को बाधित मत करो क्योंकि क्या होगा कि आपका जो ईश्वर है बाधित है तो अंततोगत्वा आपकी धारणा में व्यक्ति की उतनी वो जो गति है वो नहीं होगी और वो व्यक्ति अपने धर्म से भटके और धर्म से भटके का तो सामाजिक क्षति होगी कोई दिक्कत नहीं है कोई कबीर को पूछ रहा है कोई किसको पूछ रहा है बस आप उन सिद्धांतों का प्रतिपादन करिए जो सार्वभौम हो जो अकाट्य हो काटे ना जा सकते

00:19:15:20 हो हां तो फिर भाई वो बदल बदला गया उसको समझाने का प्रयास किया तो उसने अपनी बातें ये क्यों किया वो क्यों किया अपनी बातें फिर अच्छा उसने कहा क्या था एक प्रश्न का जवाब दे एक प्रश्न का जवाब तो दे दिया मगर उस पर तुरंत उसने दूसरा प्रश्न तो क्या हुआ उसने झूट बात बोली थी कि एक प्रश्न का जवाब दे दो तो मैं तुम्हारा हो जाऊ इसके बाद फिर वो और भी बहुत सी चीजें थी जिनका उसके पास कोई जवाब नहीं था कि जैसे कि उसका य इनके य कहा जाता है कि भाई काल जो है वह दांतों से चबा रहा है और वोह यह कर रहा है वो धृतराष्ट्र को चबा रहा है वो द्रोणाचार्य जी को च रहा है प्रश्न ये बनता है कि उसके बाद फिर कौन लड़े अर्जुन से अब यह कह देते हैं कि वो भविष्य दिखाया था पहली बात तो यह कहां लिखा है भविष्य दिखाया था दूसरी बात इसका मतलब वह जो चित्र था जिसको तुम प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हो वह चित्र माया था यह सब तुम्हें बताना पड़ेगा ना शास्त्रों से कहां हो रहा है जब तुम अपने प्रमाणों पर चलते हो तो तो ये अच्छा एक बात और इसने कही

00:20:30:27 अव्वल दर्जे की बेवकूफी बेवकूफी की पराकाष्ठा मूर्खता की पराकाष्ठा कि हम गीता को मानते हैं महाभारत को नहीं मानते वैसे इस पराकाष्ठा में वह जेल कट्टू भी शामिल है वो कैसे होगा व भी हम बताएंगे आगे मगर फिलहाल गीता को मानते हैं महाभारत को नहीं मानते गीता कहां से आई सीधे लपक ली कैच आया महाभारत रूपी ग्रंथ में आई अच्छा कि उसमें परमात्मा ज्ञान दिया गया इसलिए उसको अरे भाई परमात्मा ज्ञान महत्त्वपूर्ण हो सकता है मगर इस कारण से जो महाभारत का शेष भाग है व असत्य तो नहीं हो सकता ना कि गीता में परमात्मा ज्ञान है इसलिए इसके अलावा सब कुछ असत्य है यह कहां की परिभाषा है और जब समय आएगा तो गीता जी को भी नहीं मानेंगे हालांकि मानने लायक छोड़ा भी नहीं है क्योंकि गीता से मुक्ति नहीं है गीता कहने वाला काल है शैतान है तो शैतान जब हमारा बुरा ही चाहता है खाना चाहता है तो फिर व हमें सही बातें क्यों बताएगा क्यों विश्वास कर ले आपके अकॉर्डिंग तो अब भाई साहब बोलते कि वो जो है महाभारत नहीं मानेंगे गीता मानेंगे फिर अपने ही लाइव

00:21:46:15 में उदाहरण देते हैं गरुण पुराण का क्यों चार वेद और गीता के अलावा पुराण कहां से आ गया तुम्हारा अपनी बात को रखना है सारे वो दे देंगे जैसे जेल कट्टू ने अपने उसमें दिया प्रमाण क्या प्रमाण दिया अगर महाभारत को पढ़ना ही नहीं है मानना ही नहीं है तो यह प्रमाण क्यों दे रहे हो गर्मा गीता की में कि महाभारत का युद्ध रुकने वाला था श्री कृष्ण जी वहां पर गए थे युद्ध को रुकवाने के लिए कौरवों को उन्होंने अपना चतुर्भुजी रूप दिखाया सब दिखाया है कि नहीं गर्मा गीता की में तो तुम्हारे जो तथाकथित तत्वदर्शी है वो तो मान रहे व तो पढ़ रहे महाभारत को तुमको भी पढ़ा रहे हैं जो उनका जो जो अंश वो तुम्हें पढ़ाना चाहते हैं वह तुम्हें पढ़ा रहे हैं है ना चतुर्भुजी रूप दिखाया यह किया वो किया इसमें ही है गमा गीता की में चतुर्भुज रूप वाला मामला महाभारत के युद्ध वाला मामला तो क्यों इसमें लिख रहे हैं महाभारत की बातें नहीं उत्तर है फिर वो शांत हो गया

00:23:01:19 व्यक्ति तो सबसे पहली बात है कि अगर हम महाभारत के किसी अंश को गीता के रूप में स्वीकार करते हुए प्रमाण मान रहे हैं थोड़ी देर के लिए तो महाभारत को मना नहीं कर सकते और यह जो सनातन शब्द है वो धर्म के लिए एक बार नहीं आया है वो हमने उदाहरणार्थ दिखाया है बहुत बार आया है तो खैर कुल मिलाकर के कोई भी तार्किक उसका उसकी कोई बात नहीं थी वो उसको जाना पड़ा व उन्हो से उसको विदा लेनी पड़ी मगर एक ये जो बात है इसका मैंने जो एक निचोड़ निकाला है इनसे आज तक पूछा गया कितनी बार कि भाई वह 35 श्लोक कौन से हैं 5 परट जो काल ने अपने मन से बोले हैं जबक देखा जाएगा तो जब य मना करने पर आते हैं तो कई श्लोकों को इन्ह मना करना पड़ेगा कई श्लोकों को इन्ह काटना पड़ेगा दूसरी बात काल यदि बुरा है तो कहां पर वो सच बोला है कहां पर वो सच नहीं बोला है इसका आधार क्या है अ कहेंगे वेद से मैच ना चाहिए अरे वेद भी तो काल नहीं बोला है वेद को भी कहने वाला काल है तो काल जब बुरा व्यक्ति है तो उसकी गलत और सही का आधार क्या है तो उसका आधार मैंने देखा उसका आधार केवल और केवल एक है जैसे ये

00:24:16:19 ये भी मान लेते हैं कि कबीर सागर में भी मिलावट हो गई है गरीब दास जी की वाणी में मिलावट हो गई है और कुल मिलाकर के इनकी कही हुई बा इनके द्वारा ग्रंथों के जो श्लोक स्वीकार किए जाने हैं वह वही स्वीकार किए जाने हैं जो रामपाल कहे और रामपाल को इसलिए नहीं मानना है कि वह गीता के अनुसार तत्वदर्शी क्योंकि गीता की प्रमाणिकता को प्रमाणित कर रहे हैं रामपाल गीता में क्या स क्या सच्चा है क्या झूठा है इसको रामपाल तय कर रहे हैं कबीर सागर में क्या सच्चा है क्या झूठा है इसको रामपाल तय कर रहे हैं कबीर सागर की बातें ही ले ले तो कबीर सागर की कई बातों को य नहीं मानते मगर पर दुर्गा माता के साथ दुराचार की बात हो रही है वो इन्होने मान ली वहां पर इनको यह नहीं लगेगा कि हो सकता है मिलावट लिख दी गई है मिलावट कर दी गई व इनको नहीं लगे क्योंकि अपमान हो रहा है ना माता का और इनको चाहिए अपमान इनको अपमान करना है तो इसलिए यह कबीर सागर में जो मिलावट है वह अपने अनुसार चयन करेंगे कि भाई कहां मिलावट है कहां नहीं महाभारत में कहां मिलावट है कहा नहीं कौन तय करेगा रामपाल गीता में कहां मिलावट है कहा नहीं यह कौन तय करेगा रामपाल कोई भी ग्रंथ हो

00:25:31:20 वेद में भी कहां मिलावट है कहां नहीं क्यों क्योंकि वेद में कई जगह भगवान को विष्णु कहा गया विष्णु भगवान वामन के वामन के वामन भगवान के रूप में आ सब बातें है वहां पर तो वेदों में भी कहां मिलावट है कहा नहीं यह भी रामपाल तय करेगा तो कुल मिलाकर के और यह तो कुल मिलाकर के रामपाल को आपको इसलिए नहीं मानना कि वेदों ने कहा है गीता ने कहा है क्यों मानना है वो बात है वो कौन सी बात है क्यों मानना है वो समझ लीजिए क्यों मानना है रामपाल क्योंकि आपको उसकी एक बात पर भरोसा करना पड़ेगा कि रामपाल भगवान का अवतार है ठीक है रामपाल को आपको इसलिए मानना है क्योंकि आपको उसकी एक बात पर आंख बंद करके भरोसा करना होगा कि रामपाल अवतार है अब यहां से मैं जो बोलूंगा वोह सही और जो मैं बोलूंगा वो गलत रामपाल को और कोई ग्रंथ वेरीफाई नहीं कर सकता क्योंकि रामपाल ग्रंथों को वेरीफाई कर रहे हैं तो रामपाल का वेरिफिकेशन एक ही है कि रामपाल की इस बात पर विश्वास कर लिया जाए कि वह परमात्मा का अवतार है व बात और है कि हमारे पास तार्किक रूप से उस बात का भी खंडन

00:26:47:03 है क्योंकि ईश्वर ने सब कुछ बनाया वो अलग है मगर चमत वो भगवान के रूप होने के कारण उस पर विश्वास कर लो यह है रामपाल का ठीक है कुरान पर विश्वास क्यों है क्योंकि हमें यह विश्वास करना पड़ेगा कि मोहम्मद के पास जिब्राइल आया था ऐसे ही रामपाल की बातों पर विश्वास क्यों है क्योंकि रामपाल स्वयं एक बात हमें एक बात है जिस पर हमें शुरुआत में विश्वास करना होगा सब कुछ हमारे लिए सरल हो जाए वो क्या है रामपाल भगवान का अवतार है जो लोग इस बात को बिना किसी और प्रमाण के सीधे स्वीकार कर ले बिना किसी ग्रंथ के क्योंकि ग्रंथों की प्रामाणिकता पर तो खुद ही प्रश्न चिन्ह लगा रहा है ना रामपाल तो जो लोग बिना सोचे समझे यह मान ले कि रामपाल भगवान का अवतार है उनके लिए उसके द्वारा बताई जाने वाली सारी कहानी सही हो जाएगी वो बात अलग है कि उसमें भी फिर तार्किक रूप से बहुत बहुत सारी उसकी त्रुटियां है वो कहीं से भी तत्वदर्शी वगैरह सिद्ध नहीं होता है उसने खुद ही अपनी चीजों को मटिया मेट कर रखा है

00:28:05:10 तो नीरज दास कोई बात करना चाहते हैं नीरज दास माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो ऊपर आकर बात करिए लाइव में ठीक है रामपाल को तत्वदर्शी सिद्ध करिए कबीर को भगवान सिद्ध करिए गीता बोलने वाले को कृष्ण से अलग कोई काल सिद्ध करिए और यह जो व्रत उपवास है ना इन सबका हम दे चुके हैं पुराने लाइव जाक के देखिए जो आप बोल रहे हो ठीक है अपनी बात निकाल लो और बाकी बातें रहने दो उसी गरुण पुराण में ही व्रत से पितृ पूजन से मोक्ष मिलता है दिखा देंगे आपको है ना तो कुल मिलाकर के इनका जो ताना बाना है वह इस एक पंक्ति पर टिका हुआ है कि रामपाल भगवान का अवतार है अब जो बिना किसी सबूत इत्यादि के कोई तर्क नहीं कोई बात नहीं यह भी तर्क नहीं कि रामपाल यदि भगवान का अवतार है तो उसको कष्ट कैसे हो रहा है उसको अफसोस कैसे हो रहा है वो बेल के लिए एप्लीकेशन क्यों लगा रहा है न्यायालय में वो कुछ ऐसा करेगे वो अपने आप ही उसकी सलाखें जो है टूट जाए और बाहर आ जाए वो सब कुछ नहीं वो तर्क वगर वगैरह सब गए बाहर

00:29:20:25 पड़ में तो क्या है यह सब तर्क नहीं आप सीधे आंख बंद करके ये विश्वास कर लीजिए कि राम पा इ गॉड उसके बाद गॉड का कहा हुआ हर वचन हालांकि तार्किक प्रतिकार उस बात का भी हो सकता है कि भगवान जो कह रहे वो उसकी बात ही माननी है कि नहीं माननी वो भी है मगर एक शुरुआती लेवल पर यदि आपने रामपाल को भगवान मान लिया तो उसके द्वारा सभी बातें सही और जो भी उसके विरोध में सब बातें गलत

00:29:53:16 अब इन्होंने एक बात आपको सोचने की है एक दूसरा विषय और है लिंक दे दीजिए लिंक डाल दीजिए जिसको आना है वो आ सकता है इसका अर्थ क्या हुआ कि मैं कल को सुबह उठ कर केय कह दूं कि भाई मैं भगवान हूं आज से मैं जो बताऊंगा वह सही तो रामपाल को मानने और ना मानने का आधार बस इतना ही है कि उसकी इस बात पर विश्वास करना है कि नहीं करना है और उसका कुछ भी तार्किक नहीं है प्रमाणिक नहीं है केवल इस बात इस बात का ही आधार है कि वह भगवान है कि नहीं है यही एक आधार है रामपाल का तो मान लो बिना किसी प्रमाण के बिना किसी उसके यह मान लो कि तुम जो रामपाल जो है वह ईश्वर है आरजे 50 आप चेहरा

00:30:52:13 दिखाए ठीक है तो अब जैसे मैंने एक वह मातृ शक्ति देखी है जो दुर्गा शत्रु ठाकुर है कोई दुर्गा शत्रु है है ना अब वह क्या है वह वो दिखाती है कि मैं भाई बहुत परम गुरु भक्त हूं और मैं हर बात का जवाब दूंगी और वही अपने वीडियोस में कहीं बाली पहने दिखाई देगी कहीं टीका लगाए दिखाई देगी तो गुरु विरोध तो खुद ही और गुरु का विरोध कर ने वाले कहां जाते हैं रामपाल के द्वारा ही समझ लो हम तो बाद में आपको प्रमाण

00:31:36:18 देंगे तो यह अब बात य आती है कि दुर्गा शत्रु अपने आप को ठाकुर क्यों लिख रही है य लोग तो दास होते हैं आपने वकील के साथ वार्ता में भी सुना होगा यह तो दास होते हैं ना आरजे भैया इनको हटा दीजिए चेहरा नहीं दिखा पा रहे हैं हटा दीजिए तो ये तो दास होते हैं तो ये अपने आप को ठाकुर तिवारी यह सब क्यों लिख रहे हैं क्योंकि झूठे हैं डगले हैं यह दिखाने के लिए कि देखिए ब्राह्मण भी देखिए इनकी बातों में आता है यह दिखाने के लिए देखिए ठाकुर भी इनकी बातों में आता है इसीलिए तो लिख रहे हो ठाकुर भाई आपके गुरु आपके यहां तो जो भी है वो दास हो जाता है तोय तिवारी ठाकुर क आ रहे या छोड़ा नहीं जा रहा अपना जो परंपरा प्राप्त धर्म है उसका कहीं ना कहीं बिंदी के रूप में बाली के रूप में उससे मुक्त नहीं हो पा रहे हो गीता भाई चेहरा दिखाइए जिसको भी आना है वह चेहरा दिखाए बिना चेहरे के हम नहीं लेंगे लाइव

00:32:53:09 में ठीक है तो ये बात हो गई ये लोग अपना ठाकुर चौहान ये सब क्यों रखते हैं नाम ये आप समझो स्ट्रेटजी कि आपको लगेगा देखो भाई हम में से एक तो जा रहा है पता नहीं लगेगा कि भाई पिछड़ा वर्ग जा रहा है कि बिना पढ़ा लिखा वर्ग जा रहा है कि कौन सा वर्ग जा रहा है गीता उपदेश हां जी बताइए जय श्री राम जय श्री राम भैया जी जी हम आपकी आपकी चर्चा सुन रहे थे भैया

00:33:35:27 जी हा बोलिए तो उसम वो बोल रहा था कि आत्मा और जीवात्मा अलग अलग है और जीवात्मा को काल खा जाता है तो यह पता नहीं चलता फिर जीवात्मा को अगर काल खा गया तो आत्मा का क्या हुआ फिर ई दो चीज है उनमें से एक को खा गया तो एक का क्या होगा फिर अब वो वही बंदर बता सकता है जो था वार्ता में हम क्या बताए उसको कहता है कि हमें सम्मान करो अरे भाई पहली बात तो यह है कि आपने हमारी माताओं का सम्मान नहीं किया आपको कबीर की भक्ति करनी है करो आपको को शास्त्रों की चीज अपनी किताबों में लिखनी है लिखो मगर वैसे ही लिखो जैसे लिखी है वैसे ही लिखो जैसे लिखी ट तोड़ मरोड़ अपनी बात क्यों मिला रहे हो उसमें तुम मानते हो रामपाल को भगवान हम नहीं मानते अगर लिखोगे तो सुनोगे और मिलोगे तो

00:34:45:06 पटोत की अमानना नहीं सुनेंगे हम ना अच्छा जय श्री राम हर हर महादेव पाड़ी जी हर हर महादेव जय श्री राम आपने जो कार्य किया ना वह अभी तक असर है उन उनके ऊपर भूत उतर नहीं रहा जहां लाइव देखा जाए आपका नाम जरूर आता है उधर खौफ इस कदर बैठा पड़ा [संगीत] है नहीं उन्होंने सोचा ना सिर्फ य हम मुंह से बोलते हैं पर हम धरातल पर भी काम करते हैं यह पता नहीं है

00:35:20:08 उनको मैंने उनको ये नहीं पता उनको लगा था सोशल मीडिया पर ही है ठीक है उनको यह नहीं पता है कि हम वह सैनिक है भगवत गीता के प्राथमिक अध्याय को आप पढ़े जो युद्ध में अपने प्राणों का मुह त्याग के जाते हैं खतम बक ऐसे ही नहीं जाते हैं बिल्कुल कुछ लोग और स सच्चाई भी यही है गुरुदेव का एक वाक्य है जिसको आत्मा का ज्ञान हो जाता है वाकई में ये सब पता चलता है तो उसके अंदर जो जीवन का मोह है वो बहुत कम हो जाता है और जिसके कारण भय बहुत कम हो जाता है बहुत कम बिल्कुल बहुत लोग यह बोलते हैं कि मैं अंधेरे में बैठता हूं अरे शक्ल तो दिख रही है तुम पर तो इतनी हिम्मत भी नहीं कि तुम लाइव में आके अपना पक्ष रख सको अपने जो गुरु है उनका गरिमा को बचा सको इतनी भी हिम्मत नहीं है कल एमपी खबर फास्ट वाले लब चला रहे थे नीचे सनातनी भाई बोले थे लिंक दो पर लास्ट तक लिंक नहीं दिया उन्होंने हम तो लिंक डाल रखा आओ ना अब देखो इन्होंने अपनी एक उसमें हामी भर दी है कि सनातन कोई धर्म नहीं है तो अभ अपने

00:36:35:09 आप को सनातन भी नहीं कह सकते हैं उसके आगे आदि लगाएंगे ये लोग आदि सनातन अच्छा मैं एक बात कह रहा था वो जो माता का पान से मुझे बात याद आई पहले तो वो खत्म कर लू अपनी बात जो ब्राह्मण क्त्र वै शूद्र वाली बात है ये लोग जब दास हो चुके तो अपने आपको को ठाकुर तिवारी यश गुप्ता यह सब क्यों दिखाते हैं क्यों है ना तो अपना वो जो भम जाल है ना उसके लिए दिखाते हैं आज वैसे एक बहुत जरूरी बात भी आपको बताने वाला हूं बहुत ज्यादा रोचक है तो लाइव से जुड़े रहिएगा बहुत एक अलग ही टाइप का टस्ट आने वाला है आज एक ऐसी जानकारी आपको मिलने वाली है अब दूसरी बात यह है कि ये लोग ब्राह्मणवादी सोचते हैं मगर सच्चाई यह है कि अगर कोई ब्राह्मण अपने ब्राह्मण उचित कर्तव्य का पालन नहीं करता है और बल्कि विरुद्ध कार्य करता है नहीं करता है वह भी निम्न कोटि का हो जाएगा जो विरुद्ध करेगा वह पतित माना जाएगा पतित ब्राह्मण और पतित ब्राह्मण जो होता है वह अपने स्वधर्म का पालन करने वाले शूद्र से भी गया विता होता है

00:37:50:12 महत्व में मान सम्मान में उसका वो जन्म से उसको कुल वंश प्राप्त हुआ है ब्राह्मण उससे मतलब नहीं है मर उसका जो क्या कहते हैं उसकी जो महता है उसका जो उसके प्रति जो व्यवहार है वो प्रभावित हो जाएगा वह स्वधर्म का पालन करने वाले शूद्र से भी कहीं ज्यादा निम्न हो जाता है क्यों आप विदुर जी को देख लो जी और उधर रावण को देख लो रावण ब्राह्मण था मारा गया विदुर जी का सम्मान है कि नहीं तोय सारी बातें हैं

00:38:33:04 एक पॉइंट की बात में आज बता रहा था आपको कि इन्होंने चार 32 में जो ब्रा वो ब्रह्म का अर्थ भाष्य का ने वेद लिया है वहां पर संदर्भ के अकॉर्डिंग तो मैं उस संबंध में प्रमा संस्कृत शब्द कोश में देखोगे कि भ्रम का अर्थ वेद भी है परमात्मा भी है ब्रा श शब्द कोश में नहीं देखेंगे वो शब्द कोश भी जहां से आया वहां देखेंगे ये देखिए वह शब्द कोश भी जहां से आया है जो वैदिक डिक्शनरी है वहा देखेंगे ना सीधे ब्रह्म कार्थ तो

00:39:17:00 ब तो इन्होंने जो ब्रत शब्द का अर्थ ढूंढने के लिए य उधर क्यों भागे ये डिनरी की तरफ हा ये देखिए ब्रह्म शब्द का अर्थ देख लीजिए किस किस के लिए यूज होता है बड़ा कर दो इसको स्क्रीन स्क्रीन बड़ी कर दीजिए नहीं हो रही क्या परमात्मा अथवा वेद को भी ब्रह्म कहा जाता

00:39:49:27 है निरुक्त में य लिखा हुआ है और जगह भी बता देता हूं जिसको भी प्रमाण नोट करना हो नोट कर भाई हमारी लाइव में जो है ना पेन और कॉपी लेकर बैठा करें यह प्रथम अध्याय है और द्वितीय पाद है प्रथम अध्याय द्वितीय प्रथम पाद है इसको देखने में समय लग जाएगा ठीक है इसमें य लिखा हुआ है और भी कई सारे तथ्य है आज मगर हम लोग एक बात करने जा रहे हैं अर्पित गुप्ता जी जय श्री

00:40:52:19 राम हर्षित दुबे ये कौन है लिख राम जी अर्पित जी बोले जय श्री राम अरप जी जय श्री राम भैया [संगीत] आवाज जी बोलिए अच्छा हर्षित जी आप बोले जय श्री राम जय श्री राम भैया सीताराम सीताराम सीताराम आप हमारे अग्रज गुरु भाई है हमने मैसेज भी दिया था जी सीताराम कल कल या परसों एक्चुअली दो दिन गुरुदेव के दर्शन हुए थे यहां पे करुणावती में गुजरात अच्छा गुजरात में आप से बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं और बहुत बहुत अच्छा लगता है और जो विरोधी है जो विधर्मी है उनका सुनके कभी कभार बड़ा बड़ा अजीब लगता है कि कैसे लोग हो सकते हैं ये मतलब इतनी सारी वस्तुएं आप बता रहे हैं और सहज रूप से बता रहे हैं अच्छे से बता रहे हैं कोई मार काट तो कर नहीं रहे अच्छे से बता रहे हैं फिर भी उसमें भी उद्दंडता ये लोग करते हैं ये

00:42:07:21 सब देख के थोड़ा बहुत निराशा होती है परंतु सबके नियामक वही भगवान ही है सबको ठीक करेंगे ठीक है भैया क मवादी का इसमें एक बात है ना जिसने मन में ठान लिया कि मैंने नहीं मानना है अगर के दिखा दो नहीं मानेगा वो जमीर बेच चुके अपना सामने वाला कुछ दिखा रहा उसको नहीं मानना अगर उनका गुरु कुछ दिखा रहा तो उसको स्वीकार करना है मनगण कहानियों को स्वीकार करना है क्योंकि सब चीजों से पहले उस व्यक्ति को य मानना पड़ेगा कि रामपाल भगवान 100 की सीधी एक बत सारी कहानी इस पर टिकी है भाई काल अगर गलत है तो उसका वेद क्यों माने उसकी गीता क्यों माने अगर गीता में उसने अपना मत भी दिया तो हमें क्या क्या पता कि कहां कहा पर गलत चीज दे दी हो वो वाले श्लोक क्यों मान लिए जाए वो वाले श्लोक क्यों माने जाए जिनम उसका मतलब सिद्ध हो रहा है तत्वदर्शी सिद्ध हो रहा है करुण पुराण यह सब चीजें काल नहीं दी है तुमको कबीर कबीर सागर में भी मिलावट हो चुकी है गरीब दास वाला जो ग्रंथ है उसमें भी मिलावट हो चुकी है तो अगर मिलावट हो चुकी

00:43:22:22 है तो कौन सी चीज सही है कौन सी चीज गलत है इसका आधार क्या बचा उसका आधार यह बचा कि जो हमारे लिए सही बैठेगा जो हमारे मत में होगा उसको हम सही मानेंगे बाकी हम उस आधार यही बचा कि भाई सबसे पहले तुम ग्रंथों वगैरा को मत देखो कि ग्रंथ प्रमाणित कर रहे कि रामपाल भगवान है यह मत देखो पहले यह देखो कि रामपाल भगवान है फिर व बताएगा कि ग्रंथ की कौन सी बात माननी कौन सी नहीं माननी एमपी खबर फास्ट में एक बात कह रहे थे कि हमारे किताबों में जो ज्ञान गंगा है याय किताब शिवांश जी ने यही चीज क्यों देखी उसमें अच्छी अच्छी चीज भी तो लिख रखी वो चीज क्यों नहीं देखी यही क्वेश्चन हम उनसे पूछ रहे हैं कि हमारे पुराणों में हमारे वेदों में हमारे गीता में बहुत अच्छी अच्छी बातें लिख रखी है वो क्यों नहीं दे ये मैं भी मेरे मन में भी यह वाला चीज है किसी दिन अच्छे टाइम पर इसको बोलूंगा भी जैसे वो कहते तुमने तो अपने हिसाब से चुन चुन कर रख रखा है अरे भाई वही तो तुमने किया है आज टट फॉर टट हो रहा था तुम्ह बुरा लग रहा है और फिर तुम्हारा तो तत्व दर् है ना एक भी बात गलत कैसे लिख रहा है भगवान होते हुए वो मालूम नहीं था क्या ये गलत बात है जो मैं लिख रहा

00:44:38:26 हूं तो कोई जवाब नहीं शिव को भी काल सदाशिव को भी काल कह रहे हैं ये मन को काल कहा है भाई मन को मन को काल कहा है अब वही वाली बात वो व्यक्ति जो बोल रहे हैं जो कह रहे कि काल एक राक्षस जैसा कोई है है ना कृष्ण से अलग अब वही यह बात बोल रहे हैं कि दुर्गा माता के साथ य हुआ था बलात्कार शब्द लिखा है वही लोग मुझे वही लोग मेरे लिए भी व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं भवा इत्यादि भी बोला है मैंने सुना है मे बिल्कुल अब उनसे पूछा जाए अब वो जो ये आपका जो य है बंद कमरे में बात करने वाला क्या फैक्ट फुल डिबेट वो भी कुछ आपत्ति जनक टिप्पणियां कर रहा है कि ऐसा है वैसा है गुरु गुरुदेव पर भी कर रहा है उससे पूछा जाए कि भाई जब तुम्हारी जन्म की प्रक्रिया हो रही थी तो क्या मन वहां पर था कि नहीं था तो फिर किसके जने हो तुम काल नामक शैतान के

00:45:54:12 या किसी और के य सोचने वाली बात है मन था ना वहां पर मन काल है देखो कल जो व्यक्ति कह रहा था दुर्गा के पति काल है वो जो फलाने जगह पर होता है तो देवी भागवत का वो दे रहा था प्रमाण शिवांश भाई आपने जब यह ये बलात्कार वाला जो आपने दिखाया ना जस्ट उसके ऊपर भी एक बहुत आपत्ति जनक बातें लिखी है आपको पता है दु दुर्गा जी के बारे में कि ये लिख रखा है कि काल ने देवी दुर्गा का भग जो प्राइवेट पार्ट होता है वो लगाया जस्ट ऊपर लिखा है अरे यह भी तो है कि फिर देवी देवी दुर्गा भी आनंदित होने लगी ये भी लिखा है ना पराकाष्ठा है नीचता की एकदम सुनने में बताइए कितनी नीचता इतनी नीचता फिर उनको भी आनंद आने लगा फिर वो साथ देने लगी काल का

00:46:59:06 हद होती है डिफाइन कर रहे हैं उसको ना कि हम झूठ बोलने और उनके द्वारा दिया जाने वाला समाधान का क्या मतलब है पता है उनके द्वारा दिया जाने वाला जो संधान है वह इतना है कि जो चीज वहां लिखी है उसको हमने पढ़ दिया हमने शिवांश नारायण द्विवेदी को जवाब दे दिया जो चीज इस किताब में लिखी है उसी को हमने अपने वीडियो बनाते हुए ये देखो इसमें तो ये लिखा है सुभ नारायण द्विवेदी कुछ और बोल रहा है हमने वही की वही लाइन पढ़ दी कोई समाधान नहीं दिया वही की वही लाइन पढ़ दी जिस पर आपत्ति

00:47:49:07 है मुह में राम राम बगल में चोरी वाला हिसाब है हम भक्ति कराते हैं पर अंदर भर भर के उसमें गंदगी लिख रखी है कमेंट्स में देखने को पता चलता है और क्या बहुत बुरा बुरा बोलते हैं किस प्रकार से एक ये जैसे वो मछली पकड़ने के लिए कांटे में वह कुछ थोड़ा सा कुछ आटा कुछ लगाया जाता है ना उसी प्रकार यह बोला हम देवी देवताओं की भक्ति कराते हैं लोगों को रिझाने के लिए यह देखिए

00:48:29:26 काल मन है बड़ा कर दो भाई यह देखो भाई तो राम पालियो सुनो काल अलग से राक्षस है और काल मन भी है तो आप पूछो माता जी से जाकर के जो जो गाली दे रहे हैं मुझको कम से कम पूछे कि कौन है आपका जन्म देने वाला कारक हेतु काल है काल से जन्मे हो वो काल राक्षस से है ना या किससे अच्छा एक बात और करते हैं वह सीता जी वाली बात को बारबार बदलने का प्रयास करते कि सीता जी के लिए जो है व वहां पर वो नहीं आया है हमने जब इसके बारे में बोला भी कि भाई मुझको सीता जानकर प्यार करेगा यह तो ठीक है परीक्षा लेने आई है कि मुझको सीता जानकर प्यार करेगा हालाकि शब्दावली वो भी बिगड़ रही है मगर ठीक है चलो स्वीकार कर लि आगे क्या लिखा है संतोष करेगा तो यदि राम संतोष करेंगे यह गलत राम को संतोष नहीं होना चाहिए सीता माता वो पार्वती माता का उद्देश्य

00:49:45:00 वहां परीक्षा लेने जाने का यह नहीं था कि राम को संतोष मिल जाए मतलब कोई अपनी पत्नी के लिए विचलित है तो वोव संतोष कर ले और वो बैठ जाए अब ना ढूंढे और या फिर वो उसको वैसा वाला संतोष देने जा रही थी कि पाच मिनट का संतोष हुआ उसके बाद जो है दोबारा से परेशान हो जा है ना और या फिर वो मुझे प्यार करेगा संतोष करेगा किसको संतोष करेगा संतोष कहां से आ जाएगा कौन सा संतोष है ये

00:50:27:21 बोलिए दुबे जी भैया जय श्री राम जय श्री राम अर्पित अर्पित जी जय श्री राम बोलिए आप बोल नहीं पाए ज श रामया भाई क कि इनके द्वारा दिए गए एक भी इसमें तर्क नहीं होता केवल शास्त्र कोलेट करके जैसी मनम खते अरे सीधे कह दो ना सीधे कह दो ना रामपाल भगवान है जो बोलेगा वो करो हा वही बात है ना कि आप वेदों का पुराणों का नाम किस लिए ले रहे आप अपने मत कादन कीजिए आप जिसको पूजते आप उसको पूजिए हमें क्या मतलब लेकिन आप जब वेदों का नाम ले लेते हैं पुराणों का आप ले लेते हैं हमारे इको का अपमान करते

00:51:21:24 हैं मयंक दास करके कोई आए हैं उनको हम कहेंगे अपना चेहरा दिखाए और लाइव में आकर के चर्चा करें जी जय श्री राम रंजीत जी जय श्री राम भाई जिनसे बात नहीं हो रही है वो अपना म्यूट कर ले अरे सुनो सुनो हम एक वो रामायनी इनका पढ़ने जा रहे हैं सब लोग सुने और रामपाल जी के जो फॉलोअर है ना रामपाल के वो भी ध्यान से सुने और उसके बाद यह बताएं कि रामपाल कितने सच्चे हैं और कबीर कितने सच्चे हैं अगर कबीर की बातें कबीर सागर से मिल रही है तो ये क्या है जरा सुनो उसको ध्यान से जीव रूप एक अंतर भाषा अंतर ज्योति कीन प्रकासा इच्छा रूप नारी अवतारी तासु नाम गायत्री धारी तेही नारी के पुत्र तीनी भय ब्रह्मा विष्णु महेश्वर नाऊ फिर ब्रह्म पूछ महतारी ब्रह्मा जी फिर पूछ रहे

00:52:36:24 हैं अपने माता से को तो पुरुष के करी तुम नारी तुम्हारा पुरुष कौन है तुम्हारा पति कौन है और तुम किसकी पत्नी हो फिर इसके बाद माता का उत्तर आ रहा है देखो तुम हम हम तुम और न कोई माता कह रही है कि तुम हम और हम तुम कोई और नहीं है तुम ही से पुरुष हमें तोरी जोई तुम ही मेरे पुरुष हो और मैंने ही तुम्हें जन्म दिया है अब इसके आगे साखी है कबीर दास जी का सुनो बाप पूत की एक नारी यह कबीर दास जी लिखे हैं हम नहीं बोल रहे हैं रामपाल जी से जरा पूछना जाकर के तुम लोग रामपाल से अगर मिल जाए जेल से बाहर अगर आ जाए तो उनसे पूछना कि बाप पूत की एक नारी एक माय ब आय ऐसा पूत सपूत न देखा जो बाप ही चिन्ह धाय इसका कुछ मतलब समझ में आ रहा है

00:53:29:24 मतलब अत वहा मतलब सुनो सुनो इसका वहां पर भी अद्वैत की ही बात है वही पिता के रूप में प्रकट हो रहे हैं वही पुत्र के रूप में प्रकट होकर के लीला कर रहे है लेकिन ई सब का सतलोक और इसके बाद कबीर जी का एक सतलोक अच्छा एक चीज बताओ शाश्वत स्थान सतलोक कौन जाएगा किसको जाने की जरूरत है आत्मा क्या कोई वस्तु है क्या जो यहां से उड़ कर के जाएगा उड़ने का काम या फ्लाइंग ऑब्जेक्ट तो कोई आत्मा है नहीं कि फ्लाइंग करना है उसको आत्मा ना तो कोई वस्तु है अगर वस्तु होता तो अंग न अनुसार इनके अनुसार वो लोक ही है जो इस दुनिया से अलग है ओके बात अल हैसे पूछा जाएगा कि सीधे उड़ते चले जाओगे या फिर कोई या फिर इस दुनिया से दूसरी दुनिया में जाने का कोई गेट खुलेगा आकाश भी तत्व ज्ञानी है बहुत तो हमसे हमसे आपसे ज्यादा नी इनको हम कुछ बताना चाहते हैं कि इतने तत्व ज्ञानी है इनको य नहीं पता कि आत्मा कोई वस्तु नहीं है कोई द्रव्य नहीं है वह कि कोई पार्टिकल से बनी हुई कोई ऑब्जेक्ट है जो यहां से उड़कर वहां जाएगी या उसको कोई जगह की जरूरत उसको सतलोक की जरूरत किस लिए

00:54:45:01 हमको जरा बताए ये अगर वह कोई वस्तु होती तब तो उसको स्थान की जरूरत होती आत्मा को स्थान की जरूरत कहां है अब फिलहाल में बाकी सब छोड़ दो कबीर जी की रमानी हम पढ़ कबीर जी की रामायनी हमको बता द कबीर सागर से कहां मिल रही है कबीर साग सुनिए अब हम बता रहे कबीर सागर कबीर जी की जो बीजक है उसी के जो है एकदम अपोज में लिखी गई है लेकिन य नहीं मानेंगे बिल्कुल नहीं मानेंगे एकदम मति भ्रष्ट हो चुकी है इनकी कबीर उस दिन कबीर कबीर जी की वाणी से एक बात याद आई इनके भाई साहब जो जेलम उन्होंने भी कुछ बात लिख रखी है अपनी वाणी बनाई है कोई इन्होंने और उसमें इन्होंने

00:55:40:14 [संगीत] पहली बात तो यह है कि कबीर दास जी किसको भजते हैं यह इन्होंने लिख रहा है कबीर पूजे तासु को जाके भुजा अनंत कबीर उसको जिसके भुजा अनंत है अच्छा ठी मिनट स्क्रीन बड़ा कर दीजिए स्क्रीन थोड़ी बड़ी कर दीजिए भाई साहब कबीरा सुमर तासु को जाके भुजा अनंत कबीर किसको भज रहे हैं और यह लिखा भी किसने शब्द संत रामपाल जी अच्छा कबीर के बीज सुनो कबी जरूरी चीज एक जरूरी चीज

00:56:28:14 यह क्या लिख रहा है वशिष्ठ मुनि कौन है तत्व वेता तत्व वेता अर्थात तत्वदर्शी तत्व ज्ञानी य वशिष्ठ को लिख दिया इन्होने हो गई जय जय बात कोई बोल रहा है क्या मेरी बात अर्जुन

00:57:05:21 बोलिए बोले हम आप बोलिए रजीत जी अरे सुनिए हम बीजक में से आज पूरा प्रमाण इन का पोस्टमार्टम बीजक उठा कर के लेकर आए हैं बड़ा मुश्किल से मिला है डाउनलोड किया हैं इसमें देखो बीजक में साखी जो तीसरे नंबर की रमानी में साखी है इसमें लिखा हुआ है जीव शीष सब प्रगट व ठकुर सब दास कबीर और जाने नहीं एक राम नाम की आस य हम नहीं बोल रहे कबीर जी बोलना है रामपाल जी है कहीं अरे वो तो मिलावट कह देंगे ना आप समझ नहीं रहे हो रामपाल भगवान है वो जब चाहे त किसी भी शब्द को कह सकता है मिलावट अरे मेरे भाई मिलावट होगा तो अर्थों में होगा ना रामायनी में थोड़ी ना ना वो श्लोक भी मिलावट हो जाएंगे वो दोहे भी मिलावट हो जाएंगे क्या बात कर रहे हो आप नहीं नहीं ह करते हो या नोस नोस की चुटिया है उनके पास अरे यार उ साखी है सुनो ना रामायनी नंबर तीन में ये साखी है जीव शिव जीव शिव सब प्रगट व ठाकुर सब दास कबीर और जाने नहीं एक राम नाम की आस अब ई बोलेंगे कि राम कौन है आदि राम कौन है आद

00:58:21:06 मयंक दास मयंक दास कौन है मयंक दास जी को ऊपर म दास जी आइए आप जरा सा कबीर जी के बारे में ज्यादा जानकारी रखते आइए थोड़ा सा आप हम लोगों को ज्ञान दीजिए यार मक दास जी को ऊपर ले लीजिए मयंक दास जी आ जाइए भाई मयंक दास जी को ऊपर ले लीजिए थोड़ा सा अभी एक दुर्गा जी की दुर्गा करके हैं उनके ब्लॉग पर से हम आ रहे हैं व इतना ज्ञान बांच रही थी शिवा के बारे में हमने दुर्गा शत्र ठाकर हां इसी तरह से है उनको मतलब कबीर सागर उठा के बैठ गई अब उनको उस उन निर् बुद्धि व्यक्ति को कौन समझाया कि कबीर सागर हिंदू प्रमाणिक ग्रंथ हैय नहीं है वो वो अपना बनाओ भाई जितनी बातें हमारे वेद से मैच खाएंगे उतनी बातें हम करेंगे हा जी निशांत जी को सुनले निशांत जी जय श्री राम जय श्री राम भया जी बो पहाड़ी जी जो बोले हैं इतना मतलब अभद्र जो लिखा उनके पुस्तकों में मतलब मेरा मतलब रक्त लग रहा है खोल रहा है मतलब समझ रहे हैं भले माहौल अभी थोड़ा इस टाइप का हो गया थोड़ा मजाकिया

00:59:36:06 टाइप का लेकिन फिर भी जो य सब इतना गंदा लिखा है उसका फल भोग भी रहा है आदमी गंदा लिखा उसका तो भोग ही रहा है लेकिन ये लोग कर देख देखिए आज आज एक उनके एक शिष्य का मेरे पास फोन आया है हो सकता है आने वाले दिनों में उसको हम चर्चा में ले वो बोल रहा है कि उनके नाम पर सब गलत लिखा है किताबों में वो नहीं लिखे हैं वो ये बोल रहा है अब जो भी हो सच्चाई जो भी हो मगर वह भी व्यक्ति अपने पीछे जो है सत साहेब सत साहेब य पोस्टर उस्टर लगा के ही बात कर रहे हैं और वय बता रहे हैं कि कोई है जो इनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है और वह जेल से बाहर आने नहीं देना चाहता है उसकी फैमिली बहुत सारी चीजें उसमें किसी दिन हम ले लेंगे लाइव में और दूसरी बात यह है कि आपकी जो स्थिति है उसको मैं समझ सकता हूं मगर एक बात ध्यान रखिए अपने क्रोध को पालना सीखिए क्रोध को पालिए और उस जगह उसको डाइवर्ट करिए जिस जगह उसकी उपयोगिता सिद्ध हो जी तभी उस तभी आपका वो सार्थक हो पाएगी जी है ना आपका प्रयास

01:00:51:16 आपकी भक्ति सार्थक हो पाएगी अपने क्रोध को पालो और पाल करके उस जगह लगाओ उस उससे उत्पन्न होने वाली जो एनर्जी है उस अग्नि से उस अग्नि का उपयोग करो उस क्षमता का उपयोग करो और उस जगह पर लगाओ जहां पर उपयोग करने से कोई निष्कर्ष निकले परिणाम प्राप्त हो है ना जी क्रोध को पालना हमें सीखना हो जैसे मेरे को क्रोध आया ब मेरे को क्रोध आया मैं यहां पर बहुत चिल्लाल कोई निष्कर्ष तो नहीं निकलेगा मगर उसी क्रोध को पाल करके धैर्य के साथ भी धैर्य को मिला कर के स्थिर बुद्धि रख करके और विधवा प्रायोगिक व्यवहारिक रूप से उस पर जो है कारवाई करने से परिणाम प्राप्त होते हैं क्रोध को पालना जी मयंक दास

01:01:50:10 जी जय श्री राम भैया सत साब बोलना चाहिए था तो आप भगत बन के आए झ ड नहीं कर ना तो बारबार मैं नाम चेंज करना पड़ा फिर मेरे को नहीं बिना फेस के थोड़ी ना हमारा वो भी नहीं है कि हम जो है उनकी तरह अपने ही आदमी को बनाकर खड़ा कर दे और भैया ले हमने हरा दिया शंकराचार्य को हमने हरा दिया जो स्कोन को हमने हरा दिया स्मार्थ को वैष्णव को हमने सबको हरा दिया ज जय जय जय और बात आ जाएगी सामना करने की तो किसी किसी की उंगलियों में जो है वो सामर्थ्य नहीं है जो हमारा नंबर तक मिला सके मैं ता चेहरे के साथ ही रहता हूं मैं जब भी आता हूं मैं आपको एक बात बताऊ इनके यहां पर जो वाकई के जो लोग है जो वहा से जुड़े हुए हैं डायरेक्ट आश्रमों से जुड़े इनको सखत आदेश आए हैं शिवांश नारायण द्विवेदी के साथ पंगा मत लेना आमने सामने का ये बात सत्य है

01:02:56:09 दूर से रहकर कुछ भी बोललो उसके पास मत जाना वरना हमारी नाक कटवा दोगे सही सुनो ना जहां शिवांश शिव का अंश हो और जहां नारायण हो वहां भाई रामपाल जीसे लोग टिक नहीं सकते भाई उसी को होता है जि को में इसलिए कोई दावास नहीं ह हमको अब कुछ नहीं जाना है पता है इसलिए आ इनम से कोई विद्वान तत्वदर्शी आ कर के हमको कबीर जी के बीजक के मतलब को समझा दे कि कबीर जी बारबार राम राम क चिल्ला रहे हैं ब नहीं नहीं कबीर जी सतलोक इनके सतलोक वाली बात कहे नहीं कर रहे हैं सुनो ना इनके सतलोक वाली बात कहे नहीं कर रहे कबीर जी बारबार जो है अद्वैत की बात कहे करने लग रहे हैं अरे उनका एक बहुत फेमस पंक्ति है ना प्रेम गली अति साकरी जाम दोना समाय नहीं की है प्रेम गली अति साकरी जाम दो ना समाए इन्हीं की है शायद वो एक कोई है जो अक पुरुष अगम लोक वाले हैं वह कह

01:04:11:12 रहे हैं कि लगता है कबीर जी के अंदर काल घुस गया जो अद्वैत की बात कर रहा है हां यार य हो सकता है सता कबी कबीर दास जी को काल प्रभावित करता है यह हम रामपाल के ग्रंथों से सिद्ध कर सकते हैं क्योंकि श्राप देना कबीर के अंदर काल आकर के अद्वैत वाली बात लिखवा डाला होगा सब बिल्कुल बिल्कुल क्यों क्योंकि श्राप देना काल का श्राप दिलवाना यह काल का काम है जब ब्रह्मा मतलब किसी ने श्राप दिया है इनके ही इसमें वृतांत है ये किसी ने श्राप दिया है ब्रह्मा जी को हां हां एक और क्वेश्चन है सुनो एक मिनट वहां लिखा हुआ है कि वो काल के प्रभाव में आकर के ऐसी गलतियां कर बैठता है इंसान तो अब अब श्राप देना काल क्या वशीभूत होकर के हो गया तो इधर कबीर जी ने भी श्राप दिया है तो कबीर जी भी काल के वशीभूत होक के श्राप देते हैं अरे एक मिनट क्वे जी पाड़ी जी कु कहना चाह रहे काफी देर से एक मिनट उनको सुन ल फिर मैं आपके पास आता जी पहाड़ी जी जय श्री राम बोलिए

01:05:29:01 मेरा नेट प्रॉब्लम कर रहा है आप लोग बात करिए चलिए रंजीत जी बोलिए अरे एक क्वेश्चन है यहां कोई तत्वदर्शी हो तो हमको य समझाए ना कि काल को स्टाप मिला है कि एक लाख जीव को खाएगा सवा लाख पैदा करेगा जीव कौन जीव आत्मा ना तो आत्मा क्या पैदा होता है का जी सवा लाख फिर मतलब एक लाख को जब खाही गया तो सवा लाख पैदा मतलब 2 मान लो एक लाख खाया तो वो आत्मा तो मरी नहीं वो आत्मा फिर से आ गई य 25000 आत्मा कहां से नई वाली आ गई भाई अरे वो वो तो गणित में लगाता ही नहीं वो तो बहुत वो तो स मैं एक संस्मरण सुनाता हूं जी तो हुआ ऐसा कि साल डेढ़ साल पहले हमसे बड़े हैं हमारे गुरु भाई है पुरु शंकराचार्य जी के शिष्य है और उ उन्होंने ही हमें जुड़ा था तो हुआ ऐसा कि मैं यहां गुजरात में रहता हूं और दो तीन जन ऐसे रोड पर ये ज्ञान गंगा पुस्तक और एक गीता वाला वो शायद होगा हमारे लाइब्रेरी में तो वो दोनों पुस्तक बेच रहे थे हमें थोड़ा बहुत आइडिया था इनको फॉलो नहीं करना है यह हमें

01:06:44:04 पता था बट उतना ये जो आप डिटेल आज दे रहे हैं क्योंकि हमने इनकी पुस्तक पढ़ी भी नहीं तो हमने वो पुस्तकें ले ली कुछ जो चंद कुछ पैसे थे शायद 50 या 0 रप जो भी होंगे से कम भी हो सकते हैं एगजैक्टली पता नहीं है तो वो हमने दे दिया जब हमारे उन गुरु भाई को पता चला उन्होंने हमें इतना डाटा बोले कि इन पर एक रुपए भी आप क्यों खर्चा कर रहे हैं बहुत डाटा समझ लीजिए तो अभी ये पुस्तकें हैं हमारे पास तो हम आपको पर्सनली मैसेज करेंगे भैया तो कुछ जो भी पॉइंट्स होंगे ना आपके आप हमें बताइएगा तो एक्चुअली क्या है कि अगर लोकलाइज में कोई हमें मिलते हैं तो बेटर रहेगा है ना उनको समझाने के लिए धरा मैसेज कर जी भैया एक एक बात भैया जी एक बात हम भी कहना चाहते हैं सुनिए गुरु द्रोण के चेले थे अर्जुन भी और एक लव्य गुरु द्रोण का चेला था लेकिन एक लव्य को उनका अंगूठा क्यों देना पड़ा क्योंकि उसने विद्या की चोरी की थी यह भी ऐसा ही कर रहे हैं रामपाल जी तो जेल में है लेकिन उनके नाम से दीक्षा ले रहे हैं हम हां तो चोरी करर तो बहुत से टॉपिक है

01:07:59:26 जो अधूरे हैं म मयंक दास जी आप भी अपनी बात मयंक कुमार जी आप अपनी बात पूरी कर लीजिए भैया यह जो बोलते हैं ना कि समाज सुधार का काम करते हैं यह बोलते हैं ना अपनी वाणि में तो हमारे यहां के किस्सा बताता हूं मैं एक रामपाल के परिवार के जुड़े हुए थे व म थे तो यहां अपने य शादी हो रही थी अ जो उनकी मिसेस थी ना वो चली गई शादी में और डीजे बज रहा था डीजे प नाचने लग गई ये बात जब उसके पति को पता चला ना तो भरे बाजार में ना उसको जूते देते हुए घर पर लेकर आया था वो मैंने कि ये शिक्षा देते है तुम्हारा गु बताओ अपनी मिसेज के अपनी पत्नी के भरे बाजार में जूते मारते हुए घर पर लेक आया था व बताओ और हमारे पड़ोसी गांव में एक रामपाल ज के वहां जाता उसका पापा उसके पिताजी खत्म हो गए अब उसका जो बड़ा भाई था वो रामपाल जी से जुड़ा हुआ नहीं था तो छोटा वाला बोलता है कि मैं तो है ना मेरे बाप को ना जलाऊंगा नहीं मैं तो है ना इसको पेड़ पर टाक दूंगा ये जानवर वगैरह खा लेंगे हकीकत की बात है फिर उसको समा

01:09:15:09 जो समाज के लोग उसको समझाए ऐसा नहीं होता है जो समाज की रीति रिवाज होते है सबको निभाना पड़ता है वो नहीं माना फिर उसको कमरे में लेकर गए उसको ढंग से उसकी धुलाई किए उसको अच्छी तरह से अंतिम संस्कार किया था फिर उसका हकीकत की बात है भैया जी आप बोल रहे हो कौन बोल रहा था अच्छा वो चले गए

01:09:52:24 भैया मैसेज करिएगा जी गोस्वामी जी जय श्री राम बताइए जय श्री राम शिवाज भैया पज महादेव हर हर महादेव अच्छा पहाड़ी एक बात याद आ गई है पहाड़ी जी का भी चैनल है तो आप लोग वहां पर भी उसे सब्सक्राइब कर ले पहाड़ी जी भी वहां पर जो है मोर्चा संभाल रहे हैं और फैक्ट एंड फिगर्स आपको वहां से भी पता चलेंगे काफी सारे तो टी आर पहाड़ी जी के नाम से ही चैनल है उनका जो लोग भी वहां पर है वहां जरूर सब्सक्राइब कर ले जी गोस्वामी जी हां शिवांश भाई अमित दास जी है वो ऐसे बोल रहे थे कि यह सब लोग अपने अपने मतलब जो भगवान है ब्रह्मा विष्णु महेश सब सब सब लोगों की अलग-अलग पूजा

01:10:50:04 करते तो वो बाद में उसने थोड़ा अभद्र भाषा में बात की थी वो यहां से डांट खाके गया था ना अरे सु वो यहां से डांट खाके गया था तो हमसे तो कुछ बोल नहीं पाया सर का प्रमाण नहीं है ना तो शांत होना पड़ा अब वहां पर जाकर के थोड़ा जब अपने साथियों का माहौल मिला कुछ वातावरण मिला वहां जाकर के थोड़ी गर्जना आई आवाज में गर्जना नहीं वो वो भी वो भी चूहो के खर्राटे ही है और य बोल रहे थे व अ फसी होने के बाद में सजा देते हैं ऐसे कुछ बोल रहे

01:11:39:02 थे मर गया पुरा अ सतलो जाकर काजू कतली सब खाए लोग जब उनके कबीर सुनो ना हम बता रहे हैं कबीर सागर को हम कैसे मानले जब बीजक में कबीर सागर के उल्टी चीजें लिखी है अभी देखो रमानी नंबर 17 प जिस पर एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों के सूक्ष्म शरीर को भूनकर उसमें से गंध निकाल कर खाता है ओ

01:12:22:15 हो अच्छा और है जो हमारे ऊपर वीडियो बना रहा है उसम उसने कहा है कि भाई हमने जो वाली बात कही थी ना कि जब आप अपनी माता जी से जाकर पूछिए वो इन्होंने काल को काम भी कहा है तो उसने कहा देखो काल को काम केवल वो नहीं कह रहे हैं काल को काम तो गीता भी कह रही है तो गीता तो यह भी कह रही है कि तू मुझको भज गीता यह भी कह रही है कि ऐसा मेरा मत है इसको मान जो इस मत नहीं मानते हैं वो वो हो जाते हैं उसको क्यों नहीं मान रहे हो और दूसरी बात तुम्हारा जो काल है वो राक्षस है शैतान है तो हम पूछ ये रहे हैं और जो जो गीता में जो काल वो है कामदेव वो परम तत्व है तो तुम तुम्हारा वो जो काल है वो राक्षस है तो प्रश्न ये है क्या वो राक्षस वहां पर था कि नहीं था परम तत्व तो हर जगह है गीता में जो परम य कह रहा है कि मैं कामदेव भी हूं वो परम तत्व है वो तो हर जगह है ही हम भी मान रहे मगर तुम्हारा जो काल है वो परम तत्व नहीं है और पहली बात तो यह कि उसने अपना वीडियो बनाते समय

01:13:37:16 सीधे सधे बोल दिया कि रामपाल दास जी महाराज ने सिद्ध कर रखा है गीता जो है श्री कृष्ण ने नहीं बोली है काल ने बोली अरे उसी पर तो आक्षेप है हम क्यों मान ले तुम्हारी बात रामपाल ने बोला मान रामपाल भगवान है कबीर दास जी सुनो ना जब कबीर दास जी मान रहे हैं कि भगवान कबीर दास जी नहीं उनके अलावा कोई और भगवान है जिसके बारे में कबीर दास जी बोलना है बीजक में बो राम की भक्ति करो राम की भक्ति करो अपनी भक्ति क्यों नहीं बोल रहे सुनो सुनो रमानी नंबर 17 में बीजक में रम नंबर 17 हम पढ़ के सुना रहे सुनो उसमें भी राम का नाम आ रहा है सुनो जस जीव आप मिले अस कोई बहुत धर्म सुख हृद होई जासु बात राम की कही प्रीत न काह सो निर्ब एक भाव सकल जग दे बाहर परे सो होए विवेकी विषय मोह के फंद छुड़ाई जहां तहां जाए जहां काट कसाई देखो कबीर जी खुद अपने जो है बारबार राम राम कर रहे हैं बस यह है अंतर देखो उनके पूरे मतलब उसमें पढ़ेंगे तो वह निराकार परब्रह्म के बारे में बात कर रहे हैं

01:14:51:02 वो उस निराकार परब्रह्म के बारे में वो बात किए हैं और और उस निराकार परब्रह्म को उन्होंने प्रत्येक जीव के अंदर बताया है इनके तरह सतलोक निवासी नहीं बना दिया हा अब जा इनको मिलना है अगर इनको इनके भगवान से तो जाए पहले सतलोक तब तो मिलके आएंगे हम तो भैया अपने स्मशान घाट में भी महाकाल के दर्शन कर लेंगे जाकर अब मैं एक बहुत बढ़िया चीज बताने जा रहा हूं यह लोग जब भी कोई बुक दिखाते हैं कि हम फलानी चीज जो है शास्त्र से बता रहे हैं तो जब भी कोई बुक दिखाते हैं तो उसका मुद्रक प्रिंटर सब बताते हैं कहां से प्रकाशित हुई है कहां से क्या है है ना और प्रिंटिंग प्रेस कहां पर है यह वाली जो प्रकाशित कर रही है ठीक है एक मिनट बहुत यह वो बात है जिसके बारे में अभी मैंने शुरू में कहा था ना कि एक बहुत ही रोचक एक मैंने शुरू में कहा था ना एक बहुत ट्विस्ट वाला जो है जानकारी जो है आपको पता चलने वाली है आप ये देखिएगा मैं अभी प्रश्न कर रहा हूं आप सब लोग अपने अपने व्यक्तिगत रूप

01:16:06:21 से यह चीज जांच हैगा ये बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है इसको बड़ा कर दीजिए जरा भैया स्क्रीन को जितने भी रामपाल के फॉलोअर्स हैं या हमारे समर्थक भी हैं वो इसकी जांच करें ये प्रिंटर्स बताया गया है दिल्ली में लिखा है सी 117 सेक्टर तीन बवाना इंडस्ट्रियल एरिया नई दिल्ली क्या यह वहां पर है कोई कबीर प्रिंटर नाम का और इतना बड़ा य कबीर प्रिंटर है आप सब लोग अपने अपने मोबाइल में जरा गल सर्च करिए क्या कबीर प्रिंटर का इस एड्रेस पर कोई है कबीर प्रिंटिंग प्रेस आज के टाइम में अगर आप इन पर कोई सवाल करना चाहते हैं इनको पार्टी बनाना चाहते हैं कि हमको इस बुक को छापने वाले से सवाल करना है तो नहीं कर सकते कारण कारण क्या है कि जहां तक है अभी तक की जानकारी में इनकी कोई प्रिंटिंग प्रेस सार्वजनिक रूप से सत्यता के साथ कहीं पर भी नहीं है अगर है तो बताएं कहां पर है इन किताबों की प्रिंटिंग प्रेस कहां है कहां छप रही है किताबें आप लोग अपने अपने में ग

01:17:21:25 सर्च करिए क्या ग मैप में ये एड्रेस दिखा रहा कबीर प्रिंटर्स का कबीर प्रिंटर्स होंगे मगर कबीर प्रिंटर्स किसी ने अपनी दुकान का नाम कबीर प्रिंटिंग प्रेस रख लिया होगा कोई भी कबीर पिंटर ऐसा नहीं निकलेगा जहां तक है जहां तक जान दिल्ली दिल्ली में इस तरह से कोई भी नहीं है अभी मैं सर्च किया हूं यदि कबीर प्रिंटर भी मिलेंगे आपको गुजरात में या इधर है दिल्ली में कोई भी नहीं है मैंने सर्च किया था तो छत्तीसगढ़ दिखा रहा था कबीर प्रिंटर हां गुजरात में भी है लेकिन दिल्ली में नहीं है तुम्हारी ये किताबें कहां छप रही है पता है आपको नहीं पता है अगर पता है तो बताओ कहां छप रही है एड्रेस बताओ फोन नंबर बताओ कहां छप रही है किताब तो यह बहुत बड़ी जानकारी है इनकी य सारी जो किताबें छपती है यह सभी किताबें कहां पर छप रही है बहुत बड़ा सवाल है ये लोग नहीं छाप रहे यह लोग नहीं लिख रहे इसमें हम लोग किताब कहां पर छाप रहे सच्चाई झूठ तो लिख रहे हैं देखिए सतलोक आश्रम चंडीगढ़ रोड बरवाला यह प्रिंटिंग प्रेस है कबीर पिंटरेस्ट सी 117 सेक्टर तीन बवाना इंडस्ट्रियल एरिया नई दिल्ली पता करिए कोई दिल्ली में होगा पता करो यह किताबे कहां छप रही है

01:18:37:01 अरे कितने जगह से धो होगे भाई सुनो कितने जगह से धो होगे पूरा धुल गए हैं य एकदम आप ये समझ लीजिए अगर इसका कोई एड्रेस आप नहीं बता पाते हैं तो ये चोरी से छप रही है किताबें कह तो र हर जगह से इनकी झूठ आरही है सामने इनकी मन मुखी जो तत्व ज्ञान जो है मनमुक तत्व ज्ञान य दे रहे हैं यह कबीर सागर को प्रमाण बना लिए हैंक कबीर सागर में यह चीज लिखी हुई है इसलिए मान के लेकिन वही बीजक में इनकी मनमुक ज्ञान की जो है पोल खुल रही है हम तो क सब लोग बीजक सुनो बीजक की पुस्तक कहीं से मिले ले ले और उसको पढ़े बीजक में इनकी मनमुक ज्ञान जो है पूरी की पूरी खुल जाएगी मय जी मय जी आपको कुछ मिला ग पर सर्च किया आपने कभी पिट अच्छा ये जगह सर्च की आपने हां ग मैप ग मैप प सर्च किया था मुझे ये कबीर प्रिंटर दिल्ली में नहीं मिला ये गुजरात में जरूर मिला गुजरात है और एक दो जगह और मिली लेकिन दिल्ली में कहीं नहीं है मैं दिल्ली लिखा हूं पर नहीं आया वो कोई कभी प्रिंटर नहीं है तुम्हारे को ये किताबें पढ़ते पढ़ते 15 साल हो गए तुमने वहां तत्वदर्शी कौन है वो उसपे कर लिया

01:19:52:03 जगतगुरु तत्वदर्शी कौन है वहां विकिपीडिया तुम ले आए तुम अपने प्रिंटिंग पर इसको डाल नहीं पाए ग में अच्छा नहीं डाल पाए तो बता देना कोई वीडियो बना के बता देना तुम्हारी किताबें कहां छप रही है एक बहुत बड़ी ढोल में पोल है इनकी किताबों में इतनी ज्यादा गंदगी है इतना ज्यादा झूठ है कि अपनी किताबों पर यह नहीं बता पा रहे हैं ठीक से कि हम यह छाप क रहे हैं और बात करते हैं कि हम सद भक्ति बताते हैं बताओ कहां छप रही है तुम्हारी किताबें पता है

01:20:27:27 पहले बताए सुनो ना पहले वेदों में प्रमाण बोलते थे अब वेद जब खोल लिए हम लोग ना तो अब वेदों में प्रमाण नहीं अब जो है कबीर सागर में प्रमाण आने लगा कुरान में प्रमाण आने लगा अब बाइबल में आने लगा अब वेद से हट गए अब ये लोग वेद छोड़ चुके हैं अब कभी यह नहीं बोलते हैं कि वेदों में प्रमाण है कारण कि वेदों में इनके कबीर जी को तो हम लोग ढूंढ के नि देखो ये ज्ञान गंगा में तो इन्होने लिखा ही नहीं है कौन सी प्रिंटिंग प्रेस है इनकी मुझे तो नहीं दिख रहा कहां लिखता है भाई कोई प्रिंटिंग प्रेस होती है ना जिससे कि हम उसको क्लेम कर सके जब वो कोई गलत जानकारी दे प्रिंटिंग प्रेस अपना एड्रेस देगी अपना मोबाइल नंबर देगी सब देगी जिससे की हम क्लेम कर सके अच्छा इनका जो यह अगर हम इनके य जो हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं तो यह तो कह देंगे हमने थोड़ी ना छापी वो किताब य जो हेल्पलाइन नंबर इन्होने दिए हैं य तो जब प्रिंटर का नाम नहीं दे रहे हो कहां छप रही है क्यों चाप रहे हो तुम तो एक मैंने वीडियो देखा था जो उसम गुरुकुल गोविंद जी वाले गए थे तो पूछ र किसने छापी है ना पाड़ी जी लेख कौन लेखक कौन है उसका लेखक कौन है किसने छापी अप

01:21:43:06 अरे भैया तुम्हारी किताबें कहां छप रही है तुमको इतना सामर्थ नहीं है कि तुम लिख पाओ ये तुम्हारी ज्ञान गंगा में कहां छपी है ज्ञान गंगा लिखा है तुमने अभी तो लंका जला दिए हो सुनो एक हफ्ता हो गया लंका जलाए हुए लंका जलने के बाद अभी तक वो बेचारे जल रहे हैं कुछ ठंडा हो जाने दो उनको यह देखो यह पहला प्रश् है ज्ञान गंगा का उसके बाद में दूसरा प्रश् खोल रहा हूं इसमें बताओ कहां पर इसमें प्रिंटिंग प्रेस का नाम लिखा है देखो कहां है प्रिंटिंग प्रेस कौन सी प्रिंटिंग प्रेस में छप रही है किताबें इसको थोड़ा बड़ा कर दीजिए जी दिख रहा है आपको कहीं प्रिंटिंग प्रेस का

01:22:33:27 नाम कौन सा संस्करण है क्या है कुछ लिखा है [संगीत] इसमें कुछ नहीं लिख इसके बाद से विषय सूची चालू है विषय सूची के बाद तो ये लिखा नहीं जाता कौन सी प्रिंटिंग प्रेस है तो कहां है प्रिंटिंग प्रेस चोरी जेल धाम ो जेल धाम में कैसे छपे गी भाई अच्छा इनकी किसी किसी बुक में य एड्रेस लिखा हुआ है आप लोग सर्च करिए और अगर कोई दिल्ली का रहने वाला है व पता करिए दिल्ली में कोई यह जगह है जहां पर कबीर प्रिंटर्स है क्या है सी 117 सेक्टर तीन और यह भी ज्ञान गंगा में नहीं लिखा है ज्ञान गंगा तो ऐसे ही अनाथ येय इसमें लिखा है तो इसमें क्या लिखा है सी 117 सेक्टर तीन बवाना इंडस्ट्रियल एरिया नई दिल्ली इन्होंने कोरे झूठ का एक पहाड़ खड़ा खड़ा कर रखा है पूरा उसका भी सबसे बड़ा जो अंश है वो सोशल मीडिया पर है अरे जिसके लिए खड़ा किए हैं वह तो खुद राम राम चिल्ला रहे हैं जी जिन कबीर जी का नाम लेकर ये कबीर जी को बदनाम कर रहे हैं वो कबीर

01:23:49:02 जी खुद राम राम चिल्ला रहे हैं अब हम जा रहे हैं बीजक पढ़ने ठीक है हम अब वेद पुराण बंद कर दिए बीजक पढ़ र पिछले चार दिनों से उन्हीं के ये रमनी के साथ हम चलते हैं उनका एक रमनी सुन लीजिए सब लोग सुनने ही बं छे सुन्य ही गाय हाथ छाड़ बे हाथा भय संशय सावज सकल संसारा काल अहेरी सांज सरकारा साखी है इसके बाद सुमिरन करहु राम का काल गहे हैं केस ना जानो कब मारी है क्या घर क्या परदेश अब चलो राम के नाम के साथ हम ते हैं यह कबीर जी का जो है वो रमनी था बीजक से जी जी बहुत अच्छा अब रामपाल जी से अगर मिल जाए तो यह लोग जाकर पूछ ले थोड़ा जेलल में कि कबीर जी बारबार राम को कहे बोल रहे हैं नहीं नहीं हफ्ते में सिर्फ आधा घंटा दिया जाता है उनसे मिलने के लिए 15 मिनट वकील आधा घंटा वकील वहां पर तो बात हो सकता है ना वहां पर रामपाल जी देखो तत्वदर्शी है हम आप तत्वदर्शी तो है नहीं रामपाल जी तत्वदर्शी है उनसे कभी जी मिलने भी आते हैं या आए होंगे हो सकता है कबीर जी के ही अवतारी पुरुष भी कुछ लोगों के मुह से सुने है कि है तो इनको पता होगाय पिछले जन्म

01:25:04:09 में अगर कबीर थे यह तो काहे राम राम करते थे हर बार हर रमनी में हर साखी में राम निशां जी कु कनाते कना यही चाहेंगे कि उनको भी पता है असली भगवान कौन है बोते जेल से वीडियो कॉलिंग करते तोन सुविधा दे कौन रहा है फिर नहीं कुछ नहीं ऐसा नहीं ऐसा कुछ नहीं होता है हर देखो अगर यह होगा ना तो मिलने के लिए छोड़ दिया जाएगा यह वीडियो कॉलिंग और कॉन्फ्रेंसिंग वगैरह जो जेल से नहीं होती है उनका अपना एक सिक्योरिटी का अलग पैरामीटर होता हैने टाइम हो गया इसकी बेल तक नहीं हो रही है व नहीं होता है जेल से सिर्फ तुम जैसे कोई कानूनी कारवाई होनी है जैसे अदालत में सुनवाई होनी है व आने में असमर्थ है तो जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस हो जाती है पर हां अपने निजी कार्यों के लिए यह चीज अलाव नहीं रहती है चाहे मुख्यमंत्री हो चाहे पीएम हो चाहे राष्ट्रपति हो किसी भी पद का व्यक्ति हो उसके लिए यह चीज अलाव नहीं रहती है तो फय लोग ऐसे यहां प क्यों बोलते हैं इनकी बकी हैकी बु

01:26:19:15 सुनो एकदम झूठे हैं ये एकदम 100 पर झूठे हैं इनसे अगर एक जगह ये बात कर ले तो आप जान लेना अगर इनको आप श्रीमद् भागवत गीता में पकड़ने लगोगे ना तो भागेंगे कुरान में कुरान में अगर पकड़ोगे तो भागेंगे बाइबल में बाइबल में पकड़ोगे तो भागेंगे गुरु ग्रंथ साहिब में गुरु ग्रंथ साहिब में पकड़ोगे तो भाग के आएंगे जो है श्रीमद देवी भागवत में अच्छा पहाड़ी जी डिबेट करते हैं पहाड़ी जी डिबेट करते हैं तो पहाड़ी जी के डिबेट में हम देखे हैं ना इनको पहाड़ी जी के डिबेट में जब पहाड़ी जी पकड़ेंगे किसी जगह तो भाग भाग करके तुरंत शिव महापुराण में कूद जाएंगे वो महापुराण से कूद गरुर पुराण में वो एक अंकल जी नहीं आते क्या उनके साथ खूब ट गए है वो पहाड़ी जी ने मैं भी देखा हं हम तो हम तो पता है हम तो इनसे बात करने के लिए सोच रहे हैं कि अभी मिले हमसे ना तो इनसे हम खाली बीजक पर बात करेंगे हमको कोई बात नहीं करनी बीजक पर बीज बात नहीं करेंगे बीजक प लिए मना कर रखे हैं ये कि हम बीजक को नहीं मानते हैं अरे हद होती है यार य शिवांश भाई ऐसा भी कुछ है क्या कि बीज कोय नहीं मानते नहीं मानते हां भाई देखिए कुछ भी मानने की बात ये है रामपाल डिसाइड करेंगे क्या मानना है क्या नहीं मानना है अपनी लिखी हुई किताबों को भी मना कर सकते हैं मैं भगवान हूं

01:27:35:03 मैं कह रहा हूं यह बात गलत है भाई कुरान का क्या मामला है कुरान का क्या मामला है कुरान में पहले कह दिया बीच के चैप्टर्स में कहने वाले ने कि जब तुम नशे की हालत में हो तब तुम मस्जिद में मत जाओ मतलब शराब का निषेध नहीं किया बस मस्जिद से दूर रहो ठीक है और आखिरी के चैप्टर्स में ये कह दिया कि शराब हराम है समझ रहे हैं तो ये क्या हुआ अपनी ही बात का खंडन कर दिया अच्छा दो 106 में कहा भी है हम अपनी कोई आयत बदल देते हैं तो उससे बढ़िया आयत देते हैं तो यह क्या है अपनी बात का ही खंडन कर रहे हैं ना जहां मना रहा है जैसा बोल रहे हैं तो ये भी वही है शोधन होते रहता है उनके हा ये भी वही है सनातन सिद्धांत नहीं है वो आएंगे कह देंगे ये लाइन ग गलत लिखी है मैंने गलत है लेकिन एक चीज है कि कबीर जी के बारे में जिस तरीके से ये उल्टा सीधा कर रहे है ऐसा कुछ नहीं है कबीर जो है सच्चे सनातनी और निराकार ब्रह्म के उपासक थे हम बीजक पढ़ रहे हैं ना और बहुत अच्छी अच्छी बातें बीजक में कबीर जी ने लिखी है और काफी त सागर में भी अच्छी अच्छी बातें लिखी

01:28:50:10 है कबीर सागर में भी अरे ऐसा मत करो यार कबीर सागर में तो भ्रष्ट कर दिया है एक चीज बता कभी सागर तो भ्रष्ट किया पूरा नहीं उसमें लिखा है बहुत अच्छे से लिखा वो समझने के लिए जिसमें जो तमोगुण रजोगुण के जो वकन किया है ना वह अपने शरीर में जो तीन गुण होते हैं उसकी बातें बताई गई है और जो गरुड़ बताया गरुड़ वो जीव को बताया है और उसमें देखो ये भी लिखा है कंठी तिलक का भी लिखा मैं आपको सुनाता हूं कंठी तिलक का बताओ श्रवण कंठी तिलक लगावे रूखा फीका करे आहार नि दिन सुमर नाम हमारा रा राम का नाम सुमर कंटी और तिलक लगाए अरे भाई सुनील सिंह चौहान जी य बात कह रहे हैं कि यह एड्रेस है यह एड्रेस लिखा है ज्ञान गंगा में नहीं लिखा है लाकी यह गरमा गीता की और उसमें लिखा है गीता तेरा ज्ञान अमृत मगर फिर भी य एड्रेस वाकई में वहां पर प्रिंटिंग प्रेस है कि नहीं जरा आप फोटो वोटो खींच के डालिए सोशल मीडिया पर हमें टैक कर दीजिए डालिए यह एड्रेस है इस एड्रेस पर प्रिंटिंग प्रेस

01:29:58:24 है ना अगर कोई हो कोई हो या रामपाल जी के तत्वदर्शी शिष्य में से तो उनको आदर सहित ऊपर बुलाना थोड़ा अच्छा नहीं कल एक खुलासा कर रहा हूं कल जो लाइव डिबेट चलाई थी उन्होने एक गरुण पुराण का कुछ अध्याय 16 का उन्होने बताया था कि व्रत तप जप करने से यह मोक्ष की प्राप्ति नहीं होगी अगर तीर्थों में स्नान करने से गंगा में स्नान करने से अगर शुद्ध होते पाप नष्ट होते तो मछली तो वही रहती है मतलब फलाना फलाना कल वो एक थे व्यक्ति उन्होंने पूरा बता दिया उस जो अध्याय है उसमें 120 श्लोक है शुरू एक से लेकर 97 लोक तक क्या है वो उन लोगों के लिए है कि जो दंभी होते हैं जो खाली दिखावा करते हैं बाहरी लोग उनके लिए ये चीज कही गई है कि वो चीज वो लोग ऐसा करते हैं इससे कोई लाभ नहीं होगा फिर से जब शुरू होता है असली ज्ञान बोलते हैं कि भगवान विष्णु बोलते ग से की व्रत जप तप और जितने भी ये है हमारे जो पूजा है वो सब तरह का प्रयास करके हमें आत्म तत्व का ज्ञान का अनुभव करना चाहिए इसी से हमको

01:31:13:26 मुक्ति मिलेगी और आगे कहा कि कि जितने भी तीर्थ है सभी मोक्ष दण है उसमें बकायदा नाम तक लिखा गया उसमें काशी मथुरा अयोध्या ये गंगा इन सभी का नाम दिया गया है और बोला है कि अंतिम समय पर आने पर अंतिम समय आने पर व्यक्ति घर से निकले और एक तीर्थ स्थान में स्नान करे और ओम इस एक अक्षर का जाप करे वो परम गति को प्राप्त हो जाता है वहां पूरा प्रकरण इस प्रकार से है जब 97 से 120 लोक तक पढ़ोगे तो आपको समझ में आ जाएगी कि पीछे वो किसके लिए बोला गया है पीछे उ बो जो वो दंभी होते हैं जो सिर्फ नाटक करते हैं भरी दिखावा करते हैं उन व्यक्ति ने कल जो पढ़ाया उने आधा अधूरा पढ़ाया बीच-बीच के कुछ लोक अब जिन्होंने गरुण पुराण पढ़ी नहीं है उनको तो बोलेगा उनको तो लगेगा हां बात तो सही लिखी है इसमें इसी तरीके से भ्रमित होते हैं एक बात और एक बात ऐड करूंगा पहाड़ी जी देखिए इनकी ये समस्या इस तरह की अनंत रूप से आती रहेंगी हम लोग ऐसे अगर समाधान करते रहेंगे रोज एक चैप्टर ले आएंगे कोई फिर हम समाधान करें इसका समाधान एक है इसका समाधान क्या है

01:32:29:12 जिसके बाद इनका मुह पर टेप लगे क्या यह वह बात है जिसकी वजह से हम और आप दूर है तुमको यह मानना है मान लो हमारी दिक्कत क्या है ब्रह्मा विष्णु महेश को यह मत कहो कि भगवान नहीं है पहली दिक्कत दूसरी दिक्कत क्या है कबीर भगवान तुम कह रहे हो वेदों के अनुसार है वो मत कहो गीता को कहने वाला कृष्ण से कोई अलग काल है वो मत कहो दुर्गा माता सीता के बारे में जो तुमने ग्रंथों से इतर कुछ लिख दिया है वो मत कहो तुमको बाद में सब हम लोग डिसाइड करेंगे कि गरुण पुराण में क्या विधि बताई क्योंकि ये लोग हर रोज एक नया चैप्टर खोल के ले आएगा बाबूराम यादव जैसा व्यक्ति वो मानसिक रूप से थोड़ा डाउन है फिर ले आएगा कुछ ना कुछ आप समाधान करते रहो जो मूल तत्व है ईश्वर सर्व शक्तिमान परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म वो गायब उसम बते रहो रो फिर कह दे जब आप इसका जवाब देने जाओगे तो अमित दास फिर कह देगा मेरे एक सवाल का जवाब दे दो मैं आपका हो जाऊंगा ये होता रहेगा इसका जवाब यही है कि भाई तुझे इससे दिक्कत है मत मान मत मान तुझे फलानी फलानी चीजों से दिक्कत है मत मान तू ब्रह्मा विष्णु महेश का यह मत

01:33:44:13 कर कि वो भगवान नहीं है तू वेदों के अनुसार कबीर को भगवान मत क गीता का ज्ञान कहने वाला काल कोई कृष्ण से अलग है वो मत क और तत्वदर्शी जेल धाम निवासी रामपाल है वो मत के दुर्गा माता और अन्य जो भगवानों का अपमान तुमने किया है करीबन 100 से ज्यादा बार इनके ग्रंथों में वो सेक्स शब्द इन्होंने लिखा है है ना वो ये सब मत करो और जब तुम यह सब बात मान लो उसके बाद तुम आ जाओ कौन-कौन सी चीजें तुम्हें समझ में नहीं आ रही है हमारे और आपके बीच की दूरी इस बात को लेकर नहीं है कि वो गरुण पुराण की जो कहानी आपने बताई वो आपने आधी ूरी हालाकि पढ़ी है वो ठीक है मगर हम उसका समाधान नहीं देंगे क् हमें कोई दिक्कत नहीं मान लो तुम गण पुराण की वो वाली बात जो आपने बताई मान लो हमें दिक्कत है क्या रामपाल तत्वदर्शी है हमें दिक्कत है क्या वेदों के अनुसार कबीर भगवान है हमें दिक्कत है क्या जो गीता ज्ञान दाता है वो कृष्ण से अलग कोई काल है यह सब हमारी हमें दिक्कत है क्या आपका जो वो ईश्वर है वो दाढ़ी वाला है जो कि सर्वशक्तिमान नहीं है हमें दिक्कत है कि आपके द्वारा जो दी जाने वाली मुक्ति व परम स्वतंत्र नहीं है हमें दिक्कत है कि आपके द्वारा दिया जाने वाला धर्म

01:34:59:19 है जो परंपरा प्राप्त सनातन नहीं है यह सब दिक्कत है हमारे और आपके बीच आप गरुण पुराण ले आओ कोई चीज अरे आज हम गरुण पुराण का समाधान देंगे कल को फिर कोई और क्वेश्चन ले आएंगे अरे इनके कबीर सागर से ही परम स्वतंत्र मोक्ष इनका नहीं है कुछ नहीं इनके कबीर सागर से ने कारण कि मोक्ष कैसा सुनो वो मोक्ष कैसा जब आत्मा को परमानंद प्राप्ति के लिए सतलोक में स्थिर होना पड़े वह कहां मोक्ष हुआ हमको यह बताइए आप लोग अगर मैं कह रहा हूं सतलोक में चले भी गए वहां पर अगर तुम्ह बादाम चाहिए काजू चाहिए यानी कुछ चाहिए वहां जाने के बाद तो जितनी देर व चाहिए और वह नहीं है तोड़ने जा रहे हो फल उतनी देर तुम परम स्वतंत्र परम मुक्त नहीं हो उतनी देर तुम्हारे अंदर चा बाकी है कि मैं लेने जा रहा हूं बदाम और दूसरी बात यद सतलोक में परम सुख है परम सुख है सतलोक पहुच ग परम सुख है तो क्यों तुम्हारे काल के मन में आ रहा है कि मैं और कुछ 21 ब्रह्मांड बना लू परम सुख है ना वहा तो क्यों वहा जीवात्मा को आ रहा है कि मैं वो काल जो है वो सेलिब्रिटी हो मैं उसको फॉलो करू क्यों य सब बात आ रही है मब परम

01:36:14:26 सुख है ना परम सुख से इतर तो कुछ आना ही नहीं चाहिए ना भाई नहीं नहीं काल को देख के ना वो आसक्त हो जाते हैं सब आत्मा आज की जो आज की जो सबसे रोचक बात है जितने रामपाल के फॉलोअर है वो और जितने यहां पर यहां के जो समर्थक है व वो सब अपने अपने स्तर पर ये चेक करें रामपाल की बुक्स छप कहां रही है चोरी से छप रही है या फिर बाकायदा कहीं पर कोई प्रिंटिंग प्रेस है जी म जी बोलिए अभी मैं कमेंट पढ़ रहा था बहुत सारे लोगों ने चेक किया है और यही बोल रहे हैं कि हमें इस तरह का कोई मिला ही नहीं है मिल रहे हैं ऐसा कुछ भी नहीं है कि दिल्ली में जो बता रहे थे एड्रेस दिल्ली में कहीं नहीं है कबीर प्रिंटर के नाम से कुछ भी नहीं है ये तो कहीं और कहीं से चपवा रहे हैं ये तो यहां भी दो नंबर अरे बाबा जीी दो नंबर यहां भी गफला कर रखा है इन लोगों ने किताबों में भी अच्छा सरकार को टक्स देका अरे सुनो ना एक लिखी राम नागपुरे है जरा वो ऊपर आए यार लिखी राम नागपुरे जरा वह आ जाए लाइव में आए व काफी ज्ञानी तत्वदर्शी व भी लग रहे है तत्वदर्शी

01:37:30:00 जी के शिष्य आइए अगर कुछ अपनी सादर आमंत्रित है आप हमें कुछ ज्ञान चाहिए हमें थोड़ा न ज्ञान दे दीजिए बीज में हमको कुछ दिक्कत भैया को बोहरा दिखा कर दीजिए यार नहीं चेहरा ना भी दिखाए तो थोड़ा सा ऊपर तो आने दीजिए उनके तत्व ज्ञान मिले तो पहले हमें जी चहरे के बना बात नहीं हो ले आब कोई बात होगी ले आ जा एक बार देखा ज्यादातर त बोलते त अरे वो ठीक है यार पहाड़ी जी हम व सब समझ जाएंगे हमको थोड़ा तत्व ज्ञान चाहिए इन्हीं से तत्व ज्ञान अलग होता त जन अलग होता चेहरे के साथ क्यों नहीं आ सकते क्या होगा इनके चेहरे में को खराबी है कोई कमी रह गई शादी यद पड़ी होगी इनकी एक अधूरी बात मेरी जो गरुण पुराण के बारे में बात आई की य मरने के बाद क्यों सुनाना जिंदा में क्यों नहीं सुनाते हैं भाब पहले जानते य मूर्ख है नहीं

01:38:45:02 जानते य गरु एक मिनट रु गरुर पुराण जब सुनाई जाती है घर में बगल में उनका जो जिन की मृत्य हुई है उनके परिजन भी तो बैठते हैं जो उनके बेटे हैं उनको वो भी तो सुनते हैं क्या खाली मुंह में उनके कान में बोली जाती है जो मृत व्यक्ति है इतना पता नहीं इन लोगों को जब गरुर पुराण का पाठ किया जाता है तो और भी होते हैं घर में वो भी तो सुनते हैं तो वो तो ऑलरेडी सुना रहे हैं उनको पहले ही कि गरुड़ पुराण में क्याक

01:39:18:06 है सभी भाइयों को जय श्री राम इंसान होता है श्रीराम ज सुनता कौन है उसके आसपास के लोग अभी मैंने पता किया किसी से कि वो प्र कोई भवान में कोई प्रिंटिंग प्रेस नहीं है क्योंकि हमारे नजदीक है कोई नहीं है सब झूठ है इनका वहा भी झोल कर रखा है बिल्कुल झोल कर रखा है कोई नहीं है बोला मैंने अभी पता क्या क्योंकि हमारे जानने वाले अगल बगल है बोला हमने तो कभी देखा ही नहीं हम इतने सालों से रह रहे बोला यहां पर कोई नहीं है बोला को गुप्त रूप में होगा तो अलग बात है से कोई फेमस है ही नहीं बोला सारी झूठी बातें है ये

01:39:59:01 बताओ नहीं है बोला नहीं है मना कर रहे हैं नहीं खुद की खोली हुई है ना आश्रमों में हो सकता है भगवान जाने इसके विषय में तो पता नहीं पर भवाना में कोई नहीं है गुप्त रूप से होगी उसका कोई बवाना में को मैं एक बात बताऊ कि खुद की खोल ली हो बात ठीक है आप उसको लिख क्यों नहीं रहे हो सही बात है अगर खुद की खोल ली है उसको लिख दो मगर चोर है ना हमारे ऊपर पता नहीं कितने केस रोज दर्ज होंगे केस तो होंगे इनके ऊपर दर्ज होंगे कोई बात इनके ऊपर तो अभी तो रामपाल जेल में अभी तो इनकी पता नहीं किनकी बारी आएगी व हमारी ढील है कि हम इन लोगों के ऊपर कोई जो करते नहीं है इन किताबों के विषय में भी कहां से छप रही है कौन इनको प्रिंटिंग कर रहा है कौन ऐसे अपशब्द लिख रहा है जी य गरुड़ पुराण को बो गरुड़ पुराण पूरा पूरा पढ़िए पूरा देखिए 16 अध्याय में तत्व का ज्ञान दिया गया है पहले दवा अध्याय पढ़ा उन्होने पांचवा पढ़ा छवा पढ़ा खाली व 16 दिखा दिया उनको कुछ ज्ञान नहीं कोई पुराणों के बारे में को भ्रमित करत आने पर य भी कह देते हैं

01:41:14:06 कि हम केवल गीता मानेंगे और वो मानेंगे महाभारत को भी नहीं मानेंगे पुराण की तो बात दूर है गीता और वेद मानेंगे फिर वेद में दिखा कवियों का कवि जो है गणपति महाराज है तो फिर हम वो भी नहीं मानेंगे क्या मानेंगे हम कुछ नहीं मानेंगे हमारे डंडे से पिटाई करो रोजका मामला जीरो हैथ पता क्या है इनकी स्थिति पता है क्या है मेरे एक दूर के मामा जी थे व जेलर थे तो एक बार एक किस्सा हुआ कि उनके यहां पर दो अपराधी जब पकड़ के जेल में लाए गए उन्होंने जो है छलांग लगा दी वो जेल के बाहर जेल की जो बाउंड्री होती है ना उसपे करंट के तारों की वायरिंग होती है जिससे कोई अगर पार करना चाहे किसी तरह से तो उसको जो है करंट का सामना करना पड़े तो दो ऐसे व्यक्ति आए जो किसी तरीके से अपनी कोई उनका जो जिस बिल्डिंग में वो रहते थे क्या क्या कहते हैं उसको बैरिक जिस बैरिक में वह रहते थे वह उसकी छत पर पहुंच गए और छत

01:42:29:10 पर पहुंच कर के उन्होंने दौड़ लगाई जेल की दीवार को पार कर जाए मगर अच्छा करंट में भी थोड़ा वो होता अपनी ओ खींचता है थोड़ा सा एक होता है कुछ कुछ भी हो उन्होंने जब दौड़ लगाई वो फस गए झटका खाके जेल के अंदर ही गिर गए एक की टांग टूट गई और एक ठीक ठाक रहा अब जिसके टांग टूटी थी उसके तो पलस्तर बन गया जो ठीक ठाक रहा वहां क्या होता था पता है जो जेल के ऐसे लोग नहीं होते हैं जो जेल प्रशासन के खास होते हैं पुराने जेल कट्टू होते हैं जो आते जाते रहते हैं वो जेल और घर उनका आना जाना एक होता है तो क्या होता था जेल के प्रशासन द्वारा उनको कह दिया गया क्या होता था कि वो रोज सुबह उठता था वहा व का वो अंदर का ये मान लो कि अंदर का वो एक उपाधि दी जाती है वहां नंबरदार नंबरदार मतलब नंबरदार मतलब जो जेल के अंदर को वो करते हैं ऑपरेट करते हैं अनऑफिशियली ऑफिशियल नियुक्त नहीं है वो उनके द्वारा नियुक्त होते हैं वहां के प्रशासन के द्वारा तो उसमें यह होता

01:43:44:15 था फिर कि जितना रोज सुबह जैसे ही वो व्यक्ति उठे जो जिसके चोट नहीं आई है जो बच गया है है ना रोज सुबह उठ कर के चाय से भी पहले जाकर के उसके 50 60 डंडे बिना बात के रोज प्रतिदिन बिना बात के ये स्थिति उनकी हो गई थी बिना बात के बस रोज सुबह उठे और उठने के बाद कुछ जेल में परेड रेड होती है कुछ है ना कुछ ऐसा होता है अनुशासनात्मक उसके बाद बस सीधे प्रशासन से के द्वारा नियुक्त व्यक्ति रोज सुबह उठे और वो जो व्यक्ति है व जेल और घर उनका आना जाना मु को पूज्य कबीर परमेश्वर जी का भेजा हुआ कुत्ता जाने जो सर्व प्रभु चाहने वाले परमात्मा धन के धनि हों को जगाने के लिए भोक रहा है ओ स प्रभु चाने

01:44:49:14 वा ये इनकी भाषा शैली है किताबों में चलो अपने लिए तुम कुछ भी लिख लो कुत्ता लिख लो बाजी लिख लो गीदड़ लिख लो कुछ भी लिख लो अपने लिए कोई दिक्कत नहीं है हमारी चीजों को आप छोड़ दो भाई अपने लिए कुछ भी लिखो तो मैं मैं वो अपनी बात खत्म कर लू तो वहां पर उनकी हालत यह हो गई थी अखबारों तक में आ गया था व वो वाला किस्सा डेली अंदर प्रशासन जैसे ही लोग उठ जाते 6 सात बजे तक और डेली बस चाय से पहले एक आदमी जाएगा उसका ड्यूटी है बिना बा के आजा भाई बाहर आजा आज का प्रसाद ले ले तो इनकी हालत वैसी हो गई है कि बिना बात के डेली इनके 50 सा ंडे प्रतिदिन लगाए जाए जो कुत कुतर करते हैं बिना बात के कोई इनको कोई तार्किक बात मत करो प्रमाणिक बात मत करो सीधे बस सुबह उठ

01:45:45:27 बोत रया अत इनकी हालत उससे भी परे है तस्त हतो हतो अब जिनको आदत बन गई है डेली खाना उनके लिए कोई इज्जत परमत की कोई कुछ नहीं रहता उनको डेली पता है उनको 100 बार जूते पड़ रहे हैं कोई लेना देना थोड़ी ना है वो तो मुह उठा के आ जाते मु उठा के चले जाते हैं तो बेश्रम लोगों का कोई ईमान धर्म नहीं है भाई जी अब जिनका बोलो हम तो केस हमारे यहां बोलते ना अरे केश होर कितनी बड़ी इज्जत चले गई बोला उनको कोई बात नहीं चार दिन जेल में चार दिन रेल में ंडे चा दिन उनके लिए आम बात

01:46:27:20 है जी श्याम स्टूडियो जी जय श्री राम राधे राधे महाराज जी राधे राधे आपने संपर्क नहीं किया अरे मैं नंबर आपका निकल ग मेरे से थोड़ा नंबर दे दो मैं नोट कर लेता हूं बुक में नंबर हर वीडियो के नीचे डिस्क्रिप्शन में लिखा रहता है अच्छा अच्छा स्क्रीन पर दिख रहा है नंबर 74836 ठीक है महाराज नोट कर लि क्योंकि अभी सत्संग हुआ था अभी गवालियर में अभी इनका रामपाल महाराज जी का जी य पर गवालियर में हुआ था अच्छा वहा पर करते रहते संडे के संडे करते लोग अच्छा तो क्या हमारे तो ससुर साब जुड़े हैं मतलब हमारे तो दो से जुड़े हैं हर संडे करते हैं क्या हां हर संडे करते हैं लोग तो फिर आप हमसे संपर्क करिए फिर एक दिन योजना बनाई जाए एक संडे पहुंचा जाए इनके

01:47:41:10 पास भय दिखे समुद्र को भय

01:47:44:28 दिखे समुद्र को प्रलय करे वो बाण बन वायु को भी चीर दे विशाल सा विमान बन परास्त ना

⬜ Not used yet · 01:47:52:13 – 02:06:49:00 (18:57)

01:47:52:13 हो स के विश्वास चाहिए मुझे तेरा अंतिम वही प्रयास चाहिए सुंदर ना चल रही है गवालियर व्यापार मेला लगेगा ना गवार का मेला व पर स्टोल लगा स्टोल लगाएंगे ये लोग अच्छा जैसे वहा पर स्टोल लगा तो जैसे ता है अपना अब आप अब आप हमारे संपर्क में रहिए और ग्वालियर के मेले में स्टॉल लगने दीजिए मैं बना जैसे लगे आप इपोन करूंगा मैं बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल क्योंकि हमारे तो बगल से ही है गवालियर तो मेला गवालियर का मेला बगल में ही लगता है हमा बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल

01:48:35:22 बकप लिख लिया है मैंने और मेरे आप करिएगा और बता दीजिएगा मैं श्याम स्टूडियो से बोल रहा हूं ऐसे बता दीजिए ओके और मेरे लिए कुछ कार हो तो बताना क्योंकि मैं सारे कार कर लेता हूं मैं फोटोग्राफर हूं एक और वीडियोग्राफी भी है मेरे और कैमरे भी मेरे पास मुझे बता जी जी जी श्याम जी आपने य में कह दिया ना अभी ना अगर वहां ग्वालियर में पता चल कि शिवांश जी आ रहे है ना वो दुकान ऑलरेडी पहले हट जाएगी वहा नहीं नाम हुआ नहीं गवालियर में नहीं हुआ सर पहुच गई होगी वहा भी वीडियो नहीं नहीं नहीं अभी नहीं पहुची नहीं नाम सु लगने दीजिए प्रेस न्यूज पुलिस प्रशासन सब लेकर पहुंचेंगे इस बार कोई दिक्कत नहीं लखन मेले में भी लखनऊ मेले में भी हम लोग गए थे जो हम लोग कोई ऐसे व्यक्तिगत नहीं गए थे साथ में जो क्षेत्र के वो थे पार्षद वो गए मतलब वो भी उसमें थे चौराहे की फोटो आई है जहां पर अग्निदेव का प्राकट्य हुआ है वहां पर एमएलए खड़े हैं रिटायर्ड जो है डीआईजी

01:49:51:02 आईजी सब खड़े हैं चले गए थे वो एक कोई व्यक्तिगत कारवाई नहीं थी संगठनात्मक और जो गणमान्य लोग है उन लोगों के साथ में मिलकर के हुआ था ऐसे नहीं था जी तो वहां पर भी पहुंचते हैं आप आने दीजिए ग्वालियर का मेला लगने वाला होगा सर्दियों में लगता है तारीख के आसपास चालू हो जाएगा हा ठीक है आपसे धरातल पर संपर्क करिएगा हा मैं आपकी रोजाना वीडियो देखता रहता हूं मुझे तो इंतजार रता कि आपका लाइव कब आएगा सभी को ता क्योंकि मैं कार करता रता बनाता रहता हूं तो आपका देखता रहता हूं चलो ठीक है राधे राधेय भाई साहब एक काम करिए जरा इसको प्रदर्शित कर दीजिए थोड़ा अंडरलाइन करके स्क्रीनशॉट लेकर के इतना भद्र कमेंट किया है किसी ने संत रामपाल जी महाराज का होने के नाते व अभद्र कमेंट जरा दिखा दीजिए कुछ कुछ चीजें उसकी छिपा

01:51:02:15 दीजिएगा अरे कमेंट तो छोड़ो इनके कॉल रिकॉर्डिंग है कितनी गंदी गंदी गालिया दी मैंने आपको भेजी है भेजी थी मैंने शिवान जी आपको मैंने अच्छा किसी दिन उसको उसको दिखाते हैं हां बोलते हैं ना हमारे गुरु य नहीं सिखाते संस्कार ही नीच है इनके [संगीत] और ये लोग कहते गुंडा हम है हमारी मां के साथ बता करो हमारी मां को गाली दो और हम कुछ ना कहे मगर कुछ भी कहा तो हम गुंडे हैं और तुम बिना बात के ही यह सब करते रहो उसके बाद हमारे करने पर इस तरह की प्रतिक्रिया दो आ करके और फिर कह दो कि वो मैंने आश्रम की वीडियो भेजी है व लाठी डंडो से पिटाई चल रही है वो दिखाई

01:51:55:21 आपने एक हा एक बार दिखा चुके लाठी नहीं लाठी डंडे वाली नहीं जिसने वो वो दिखाया था आपने ही तो सुनाया था शायद अपने से एक लिंक भेजा है पहले भेजा सई सबके सामने दिखाए गालिया भी बहुत गंदी गंदी बकरे और व आश्रम में और लाठी डंडों से पिटाई कर रहे हैं और सब साहिब सब सामने एक दो जगह कहा है चलिए अभी किसी नेक्स्ट स्ट्रीम में हम लोग लेंगे उसको क्योंकि अभी वो पता नहीं वो अवेलेबल हो पाएगी नहीं शायद है यह देखिए क्या कमेंट आया है इसको कोई और पढ़ दे भाई मेरे अंदर सास नहीं है जो कोई थोड़ा सा और थोड़ा हो थोड़ा सा पढ़ने का प्रयास करें गुरुदेव का नाम लिखा है उसके बाद यह लिखा है मां का यह वो उसके बाद फिर हमारा नाम लिखा है टीआर पहाड़ी का और हमारा नाम लिखा है फिर यह देखिए यह व्यक्ति जो जुड़ने आया था लाइव चर्चा से राम ये इसका नाम है संत रामपाल जी महाराज अब वोह स्वयं तो हो नहीं सकते संत रामपाल जी उनके नाम से उनका कोई शिष्य ही होगा जो यह लिख

01:53:10:24 रहा है यह देख लो भैया तुम्हारे यहां की सद भक्ति का परिणाम कितनी नीचता है यही नीचता है इनके आश्रमों में यही सिखाया जा रहा है इनको श्रम हैय साले हम कब तब कहते हम काबू करो कब तक करें ऐसे नीच को तो नी के सा देना बेश्रम के साथ बेश्रम बनना पड़ता है इस कलयुग में जता संदीप बत्रा जी जय श्री राम जय श्री राम सर कैसे हो बस बस कृपा है आपने देखा क्या इनका इंडस्ट्रियल एरिया सर इंडस्ट्री मैंने देखा वैसे तो दिल्ली में है बवाना जहा कह रहे हो नहीं वो है इनकी प्रिंट प्रेस है वहा पर पता लगवा जरा इनकी कोई प्रिंटिंग प्रेस नहीं

01:54:00:03 है हमारे लोगों के वहा पर फैक्ट्र है नहीं है बोला क्या क रहे श्याम जी खुद की है खुद की है इनकी मशीन खुद की है सब कुछ खुद छाप खुद की है मगर खुद की वो मशीन प्रिंटिंग वाली कहां लगी है छाप क्यों नहीं रहे क्योंकि जो एड्रेस इन्होने दिया है वहा पर ये नहीं है कबीर पिंटर कोई जी नहीं है बोला वहा पर कई लोगों की फैक्ट्र हैवाने में मैंने पता किया इससे पहले आप नहीं है बोला कोई नहीं है कोई बोले गुप्त रूप से होगी तो पंडित जी हम नहीं जानते नहीं तो फेमस कोई नहीं है क्योंकि जो एक जो हमारे यजमान है नके 15 करोड़ एक मिनट इनके 15 करोड़ शिष्य है पूरे विश्व में इनका डंका बज रहा है इनकी किताबे कहां छप रही है वो इन्होने गल मैप पर क्यों नहीं डाला है इस सवाल का उत्तर दे

01:54:56:07 आप एक बार ना एड्रेस मेरे को देना मैं एक बारना वहां पर यार दोस्त है अपना दिल्ली में उससे कन्फर्म करता ब जन गंगा है इसमें तो इन्होने एड्रेस लिखा ही नहीं है जो इनकी रीड की हड्डी है जन गंगा इनकी री है और इन दोनों में एड्रेस लिखा है अच्छा एक बात और है एक बात और है इनकी किसी किसी किताब में वही एड्रेस जयपुर के नाम से लिखा मिलेगा अच्छा अच्छा अा अब इसमें एड्रेस लिखा है पी 117 सेक्टर तीन बवाना इंडस्ट्रियल एरिया नई दिल्ली और खुब ग सर्च कर लो कुछ नहीं है मान लो हमने नोटिस व को भेजना तो वहा पर डायरेक्ट भ सते ना बात आपकी सही है कुछ नहीं हो सकता वो कोई नोटिस अगर है अगर है तो आप दिखाइए पता करिए भाई आप लोग जी विशाल भाटिया जीराम ह को जय

01:55:56:15 मैं ये बता पंडित जी ने तो अपने स्तर पर अपने जो उनके करीबी है निकटतम व्यक्ति है उनसे पता किया पंडित जी ने वो बोल रहे भाई गुप्त रूप से कोई प्रेस चल रही हो तो बात अलग हैना में खुद की फैक्ट्रियां है दो दो फैक्ट्रियां है अपनी अच्छा मैं तीन बातें कहना चाहूंगा बोलिए पहली बात पहली बात तो यह है कि अब तो यह लाइव स्ट्रीम जोय मेरे लिए एक य मेरे लिए अब एक मैच बन चुका है भैया मैच अभ कॉमेडी बन चुकी है मेरे लिए आओ हसी मजाक करो अब प्रमाण देने की जरूरत नहीं है इही के पुस्तको से इनका खंडन करो और बस म जुड़ा

01:56:45:10 सही धन्यवाद दूसरी बात य है अब वो जो एमपी खबर फास्ट का हेमंत दास जी जो अंकल है अब वो आपके ऊपर वो वीडियो बने दुकान बंद कराने की क कि शिवांश शिवांश नारायण द्विवेदी ने अपना राक्षसी चेहरा दिखा दिया गुंडागर्दी का जवाब ज्ञान से होता है राक्षसी चेहरा देख आप बिल्कुल मेरी मां का अपमान करने वालों के लिए मैं राक्षस ही हूं ध्यान रखें ये सब लोग बिल्कुल मा का अपमान करेगा वो मुझसे अपेक्षा ना करें कि मैं जो है उनके साथ बहुत ज्यादा पर वो क्या कहते हैं उसको बहुत ज्यादा जो स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल होता है उसका निर्वाह करते हुए से दिखाई दूंगा मुझे राक्षस समझना अपने लिए आपने तीसरी बात विशाल डरे पड़े इसलिए बोल रहे इनको म परेशान हो गय आप ये समझो उद हो ग पुराने जमाने में जो राक्षस होते श्री राम जी से परेशान रहते थे कहते ये गलत बंदा है श्री कृ जी पहचान रते अब

01:57:52:10 किसलिए परेशान रहते थे उनको पता है कि य सच के साथ है और सनातन के साथ है ये होता है अब देखिए शिवांश नारायण दध जी आपका यह जो नाम शिवांश नारायण है नारायण नारायण कौन भगवान श्री राम शिवांश शिवांश का मतलब शिव कांश वो कौन हनुमान ठीक है मैं तीसरी बात अपनी यह कहना चाहता था तीसरी बात थोड़ी लंबी है आपको याद होगा मैंने रामचरित महाराज से कुछ प्रमाण दिखाए थे ब्रह्मा विष्णु महेश को लेके तो आप सब लोग थे मैं एक चीज पहले बता चुका हूं बाकी सबको भी बताना चाहता हूं तब कोई था नहीं आप और मैं ही थे वो ये थी कि आप लोग जब रामचरित मानस का बालकांड आप पढ़ेंगे ना उसमें भगवान शिव से माता पार्वती ने प्रश्न किया है सब सुनना उसमें भगवान शिव ने माता पार्वती से प्रश्न किया कि आप जिन भगवान श्री राम का ध्यान करते हो अब ये लोग राम जी में बहुत भेदभाव करते हैं और रामचरित मानस में बहुत कूद रहे हैं उसी रामचरित मानस के बाल कांड में माता पार्वती ने भगवान भोलेनाथ जी से प्रश्न किया है कि आप जिन राम जी का ध्यान करते हो वो दशरथ पुत्र राम है या कोई और राम है और अगर वो दशरथ पुत्र राम ही अगर आपके भगवान है तो व सीता जी के लिए इतना वन वन क्यों भटकते फिरे उनको इतना मतलब क्यों रोना बि लखना पड़ा तो भगवान शिव ने जो इनके रिप्लाई में इनका जो खंडन किया है ना पूरा उनके ऊपर फिट बैठता है जो आगे भगवान शिव ने जवाब दिया है और दूसरा जो मैंने एक प्रसंग आपको बताया था राम

01:59:07:27 से की जब हनुमान जी रावण की सभा में आते हैं तो जो ब्रह्मा विष्णु महेश की आती है जाके बलवीर चसा पाल जसा वैसे तो हनुमान जी ने बात रावण के सामने कही अब वैसे तो हनुमान जी ने बात रावण के सामने कही लेकिन जो बातें हनुमान जी ने बोली है ना वो मतलब इन लोगों पर बहुत बुरा फैक्ट करती है और उसी के आगे हनुमान जी ने दो दोहे बोले हैं वो दो दोहे मैं आपको सुनाना चाहता हूं वो इन लोगों के लिए तो नसीहत का ही काम करते हैं जो हनुमान जी ने सुंदर कांड में दो दोहे कहे हैं दोहा नंबर 21 और 22 मैं पहला दोहा बोल देता हूं प्रणतपाल रघुनायक करुणा सिंधु खरारी गए शरण प्रभु राख है तब अपराध बसारी और दूसरा दूसरा बहुत पावरफुल है मोह मूल बहु सूल प्रद त्याग हु तम अभिमान भज राम रघुनायक कृपा सिंधु भगवान ये ये नसीहत का काम है कर रहे हैं ये दो दोहे हनुमान जी के बिल्कुल बहुत बढ़िया इस ता हूं दंडकारण्य का उस पर शिवजी जब भगवान के वहां गए थे ना कुंभज ऋषि के आश्रम में भगवान का तो था कि मैं भी

02:00:23:08 देखो भगवान शंकरी बो स्वयं जो है धरती पर आए थे सत्संग सुनने के लिए तो कहां थे कुंज ऋषि के यहां जब कुजरी स के आए उ संग चली जग जननी भवानी भवानी का क्या दिया संबोधन दिया मां सती को अब जब कथा सुनी तो वहां से चलते तो दंड कारण में लीला चल रही थी भगवान की लीला तो भगवान जा रहे थे उस भी मैंने बात की हुई है ब्रह्मा विष्णु महे दो लोगों को सुनले बस और अब आज की जो लाइव उसको वो करेंगे और लाइव का एक शेड्यूल बनाया है कोई थोड़ी सी जो व्यक्तिगत जीवन शैली वो एडजस्ट नहीं हो पा रही है तो आठ से 10 ही करेंगे ज्यादा देर नहीं करेंगे क्योंकि क्या है कि धरातल के कार्य बिगड़ जाते हैं दूसरा पूरा दिन प्रभावित हो जाता है अनियमितता से अगर उन लोगों के साथ उनके पास शैतान है उनके पास अगर शैतान है तो हमारे पास हनुमान है क्या बात है क्या बात है क्या बात है बहुत सुंदर बहुत सुंदर बहुत सुंदर उनके पास शैतान हमारे पास हनुमान है सब सुख ल तुम्हारी शरणा तुम रक्षक का कोरना संकट कटे मिटे सब परा जो सुमिरे हनुमत बलरा राम राम जय श्री राम विशाल जी आपने सुना

02:01:38:14 है अपना विनु पद चले मिनट जीी जी मिनट एक मिनट जय श्री राम श्रीराम ज शीम बता बताए जो आप पाखंड फैला रहे हैं आपका चेहरा दिखाइए रामपली हैई हनुमान जी का ये काल नेमी हैको पता नहीं इनको तुम लोगों को पता नहीं है देखो राम पालियो जो तुम ये कर रहे हो कि अपना नाम बदल के आओगे फिर जय श्री राम यहां पर फिर अभद्र भाषा बोलोगे जो भी बोलोगे पाखंड तो तुम लोगों ने फैला रखा धर्म के नाम पर रामपाल के नाम पर रोटी मुझे जवाब देने दीजिए मुझे जवाब देने दीजिए देखो ऐसा है आज मंगलवार भी है तुमने जो भी खेल खेला था अब तक बहुत बढ़िया चल रहा था बहुत बढ़िया चल रहा था एक एक बॉल पर तुम हर बॉल पर दो रन तीन रन चार रन छ सिक्स भी मार रहे थे खेल बहुत अच्छा चल रहा था तुम्हारा अब पाला गलत आदमी से पड़ गया है बात है बहुत बढिया तुमने खेल रचाया मैं एक चीज बोलूंगा पिछली बार भी मैंने बोला था तुम्हारी भाषा में जवाब देने

02:02:53:18 आए हैं सूट बूट में आया कन्हैया बैंड बजाने को बजरंगी भी है हा साथ में बजरंगी भी है पूरी राम पूरी राम सेना है वान सेना तो कुल मिला के बात एकही है खेल तुम्हारा इस बार भी अच्छा है कोई ऐसा नहीं है बहुत बढ़िया खेल रहे हो बस आदमी गलत चुन लिया तुमने इनको ऊपर आने देते अपने आप चले इनसे वार्ता तो करते थोड़ा नहीं नहीं नहीं बिना चेहरे बिना चेहरे के बात नहीं करते चलिए अब सभी को जय श्री राम समय देने के लिए शीराम जय जय जय हनुमान गसाई कृपा करो गुरुदेव की नाई गुरुदेव की शरा दो तीन बड़ी बड़ी मोटी मोटी आवश्यक जानकारी पाई है एक ब्रह्म को भी वेद ब्रह्म को वेद भी कहा जाता है यह हो गई इनफॉर्मेटिव शास्त्रोक्त बात और दूसरी जो रोचक और प्रासंगिक जानकारी है कि इनकी किताबों में इनका एड्रेस वास्तविक है या नहीं इसकी जांच हो इस बारे में समाधान दे जितने भी यह सब है झूठ भाई अभिषेक और एमपी स्लो खबर वाला है जो एमपी खबर स्लो

02:04:08:18 य सब लोग कर व तो अपने बराबर विद्वान किसी को नहीं समझता उसको कुछ ज्ञान ही नहीं है धर्मशास्त्रों का तो देखो मैं फिर ही कहूंगा और किसी को भी किसी को भी वैचारिक मतभेद के निमित्त कोई चर्चा करनी है सम्मान के साथ एक मर्यादा में रहते हुए तोव हमसे संपर्क कर सकता है डंके की चोट पर हम आए दिन अपना नंबर देते हैं यह जो दुर्गा शत्रु ठाकुर बहन जी हैं यह इतना इधर उधर बोला करती है तेरा चैलेंज चैलेंज स्वीकार है ये स्वीकार है अरे भाई संपर्क क्यों नहीं करती हो संपर्क करो ना र लग रहा है क्या संपर्क करो 74836

02:04:52:08 यह नंबर है यह नंबर है राम के भक्त का कबीर के भक्त का नहीं है यह राम के भक्त का नंबर है कन करो भक्त थे राम [संगीत] के के का नंबर नहीं है का नंबर नहीं है फोन करो इस पर लता है क्या उंगलिया काती है क्या भैया मैं सभी सना सेरी प्रार्थना है विल जी म महर्षि तुलसीदास जी ने बोला है बिनु पद चले सुने बिनु काना कर बिनु कर्म करे विधि नाना तो ये उन्होने श्री राम जी के लिए बोला हुआ है अरे स्वामी रामत मानस में यहां तक लिखा हुआ है ये लोग नाम जप को आजकल उल्टा सीधा बोलने लग ग कि नाम जप से क्या होगा अरे रामचरित मास में गोस्वामी तुलसीदास जी ने ये भी लिखा है नहीं कली कर्म भक्ति विवेक राम नाम अवलंबन काल नेमी चल कपट निधान नाम सु समत हनुमान अरे देखो मैंने मैंने आपको एक सूत्र दिया उसको ध्यान रखो ज्यादा इनको अपने शास्त्रों का वो प्रमाण माण दिखाने में मेहनत मत करो हम नहीं दिखाए वो करते रहोगे वो अनंत समय तक चलता रहेगा हर दिन लेकर के आएंगे मुझको एक सवाल का जवाब

02:06:07:13 दे दो मैं तुम्हारा हो जाऊंगा यही करते रहेंगे सभी से मेरी एक प्रार्थना है सभी सभी से मेरी प्रार्थना है कि भाई लोग बहनों जितने भी हमारे सनातनी भाई बहन है प्लीज इस लंका को भस्म करना है तो सब एकजुट हो जाओ इस लंका को जलाने के लिए जितना हो सके उतना हनुमान जी पू जैसा लंबे हो जाओ और भस्म कर दो इसे जिन लोगों से बातचीत नहीं हो पाई है व हम लोग जब नेक्स्ट लाइव में आएंगे तब उनको लेंगे समय के उसकी सीमा की कारण अब यहीं पर रोक रहे लाइव को सभी को जय श्री राम आने के लिए आभार

02:06:41:19 समने महादेव हर हर महादेव जय बजरंग [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 2:06:55 · 17 Dec 2024

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