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00:00:00:03 हम आपको रास्ता चलते मिल गए थे क्या किसी मध्यस्थ के द्वारा मिले थे ना जो आपका जानकार है जो आपका स्टूडेंट रह चुका है हमने कौन सा आपके साथ दुरा चरण कर दिया और जिसके साथ आप बैठी हो उसको आपको जानना चाहिए भगवत पाद आदि शंकराचार्य के बारे में क्या लिख रहे हैं हमारे पास आपकी सारी रिकॉर्डिंग है एक रिकॉर्डिंग बताइए जिसमें आपने कहा हो ऐसा कोई प्रमाण बताइए जिसमें हमने आपसे अपनी पहचान मना किया हो आपको कुछ बताने से आपने नाम पूछा नाम बताया चैनल का नाम पूछा चैनल का नाम बताया आ जाएंगे गुजरात गुजरात से कोई बहर थोड़ी ना है तो हम हार मानने वालों में से नहीं है हम मर सकते हैं बस मेरे लिए फतवे निकाले जा रहे हैं जो जिस तरह से माउंट आबू आओ यहां आओ वहां आओ क्यों आओ

00:00:37:06 भाई तो अभी एक दो दिन पहले ही हमने एक चर्चा की आर्य समाज की एक विदुषी महिला है उनके साथ निष्ठा नाम है उनका और काफी लंबी हमारी चर्चा रही और काफी अर्थपूर्ण भी रही काफी सारे ऐसे तथ्य थे जो हमें प्राप्त हो गए इसके बाद एक लाइव चर्चा मैंने देखी इन्हीं की निष्ठा विद्या अलंकार जी की अ ऋषि उवाच के चैनल पर वह चैनल जिसे अपना मानने से गुजरात का एक जो प्रामाणिक संगठन है वह मना कर चुका है क्योंकि इस चैनल से आने वाले काफी सारे ऐसे वक्तव्य हैं ऐसी चीजें ऐसी सामग्री हैं जो आपत्ति जनक है उस चैनल पर इन्होंने अपने वक्तव्य रखे तो वहां पर जो चर्चा च हुई अभी मैं इस जो सैद्धांतिक विषय धर्माधर्म और ब्रह्म के विषय में वह बात ना करके वहां पर जो उन्होंने बातें की है उसके विषय में कुछ बातें करना चाहूंगा कि इन महिला ने वहां जाकर के यह कहा कि हमने उनसे अपनी पहचान छुपाई है

00:01:50:21 और उन्होंने हमसे वीडियो मना करने के लिए कहा था और उनसे हमने यह कहा था कि वीडियो पहले हम आपको दिखाएंगे उसके बाद डालेंगे तीन बातें उन्होंने हम पर आरोप लगाए तो पहचान छुपाने के संबंध में तो पहला प्रश्न यह बनता है और छल हो गया उनके साथ ऐसा हो गया वैसा हो गया यह भी कहा उ पहचान छुपाने के संबंध में तो पहला प्रश्न यह बनता है कि क्या आपने हमारा जब नाम पूछा तो हमने कोई और नाम बता दिया जिस की मध्यस्थता से हम आपके पास पहुंचे थे आपका नंबर हमें प्राप्त हुआ था वो हमें अच्छी तरह से जानते हैं तो हमें नहीं पता कि उन्होंने हमारे बारे में आपको क्या बताया क्या नहीं बताया हम आपको रास्ता चलते मिल गए थे क्या किसी मध्यस्थ के द्वारा मिले थे ना जो आपका जानकार है जो आपका स्टूडेंट र रह चुका है उसने हमें आपका नंबर दिया था वह हमें अच्छी तरह से जानता है हम कौन है हमारा चैनल क्या है सब कुछ जानता है जब आपने हमसे पूछा तो हमने बताया य चैनल है हमारा जब आपने हमसे पूछा कौन सा न्यूज चैनल है तो हमने यह भी बताया

00:03:06:07 आपको है ना तो पहली बात कि पहचान छिपाई अब बात आती छल तो भाई छल से हमने क्या आपका ऐसा डाका डाल दिया आपके यहां पर आपके साथ छल हुआ होता तो आप हमें वहां पर सम्मान स्वरूप वह अखबार देते जो आपका कुछ आर्यवीर नाम से कोई मासिक पत्रिका आप लोग छापते हैं वह आप हमें देते आपके साथ हमने वहा छल पूर्वक और कुछ दुष्ट किया होता तो क्यों दिया था हमारी प्रशंसा भी की आपने मैंने कहा नहीं हटाया नहीं हटाया मैंने कहा इस तरह से आपको विकृत रूप में अगर स्वस्थ समाज की चर्चाओं को अस्वस्थ बना कर के प्रस्तुत करना है तो उससे तो वीडियो हटा देना ही उत्तम है प्र रात को की अगले दिन सुबह जब आपकी किसी से वार्ता हो गई जाहिर सी बात है उसी से जिसके चैनल पर आप आपने बैठ कर के ये सब निराधार बातें बोली हैं जब उसके साथ आपकी बातचीत हो गई तो आपके मन में संशय आने लगा कि इस वीडियो का दुरुपयोग हो सकता है कि नहीं हो सकता है तो फिर आपने उस स्थिति को भांपते हुए यह कहा कि आवश्यक

00:04:21:18 ना हो तो ना डालिए अर्थात आपने निर्णय किसके ऊपर छोड़ा डालने और ना डालने का हमारे ऊपर इसके बाद आपने अगला फोन लगाया यह कहा कि आपने डाल दिया है हमको नहीं बताया जबकि पहले फोन में बातचीत हो रही है कि जब मैं डाल दूंगा तो मैं आपको लिंक भेज दूंगा तो मैंने डाला उसके थोड़ी को लिंक भेज दिया और जब आपको और ज्यादा वहां पर ऐसा महसूस होने लगा जब आपको या तो भड़काया गया या क्या समझाया गया जबकि हमने तो आपकी बातों को जैसा आपसे लिया था एज इट इज रख दिया फिर भी आपको जो भड़का गया था जो भी किया गया था उसके बाद आप कहने लगे कि भाई आपके चैनल पर जो व्यूवर्स हैं उनकी मातृ शक्तियों के लिए नियत अच्छी नहीं है आप वह डिलीट कर दीजिए यह कहां का सिद्धांत है भाई तो पहली बात तो यह कि हमने आपसे अपनी पहचान छुपाई नहीं दूसरी बात यह कि हमने आपसे ऐसा नहीं कहा था कि हम आपको यह वीडियो दिखा देंगे उसके बाद ही डालेंगे और तीसरी बात ये कि हम उस वीडियो को बनाने के लिए हमने अपना समय नष्ट किया हम आपके

00:05:36:21 पास गए वहां पर और वीडियो बना के लाए तो उसको हम क्यों ना डालें इसके बारे में आपके पास कोई जवाब नहीं है उसमें ऐसा क्या है जो उस वीडियो को ना डाला जाए हमने भी वहां पर स सम्मान आपको 00 प्रदान किए हाथ में उसका भी वीडियो है हमारे पास कहे तो हम वो भी डालें हम जब आपके साथ कोई दुरा चरण हो रहा है जिसके द्वारा जो व्यक्ति आपके साथ छल कर रहा है उससे आप धनराशि लेंगे भेंट स्वरूप ये कैसे सिद्धांत है आप लोगों के हमने क्या अपमानजनक बात कह दी थी आपसे वहां या इस वीडियो में कह दी अपमानजनक बात अब बात आती है कि मान लेते हैं कि हमने पहचान छुपाई तो क्या पहचान बता बताकर जब आपसे बात की जाती है तो आपका जो कहा जाने वाला जो वचन होता है बदलता है क्या हम आपने तब सत्य नहीं बोला था क्या हम एक तरफ आप कह रहे हो कि आपको आपके साथ छल हुआ है वो वीडियो छल से बनाया गया पहचान छुपा कर के बनाया गया है फिर आप कह रहे हो कि वो अच्छा ही हो गया अच्छा डल गया ये कैसी

00:06:51:25 दो मुही बातें हो रही है रामो दुर नावी भाषित इतना तो आपकी वाली रामायण में भी है जो काट पीट करके बनाई गई है भाई जिससे आप बात कर रहे हो उसके वक्तव्य को जान तो लो उसने क्या-क्या किसकिस तरह की किसके लिए भाषा शैली उपयोग की है हम अलंकार शब्द में क्या बुराई है यदि पौराणिक में बुराई नहीं दिखाई देती है तो अलंकार शब्द में क्या बुराई है और गुरु द्रोही आपको बता दिया गया कि हमने गुरु द्रोही कहा है दयानंद जी को बताइए कौन सा स्टेटमेंट है वरना य झूठ प्रलाप करना बंद करिए हमारे पास आपकी सारी रिकॉर्डिंग है एक रिकॉर्डिंग बताइए जिसमें आपने कहा हो ऐसा कोई प्रमाण बताइए जिसमें हमने आपसे अपनी पहचान मना किया हो आपको कुछ बताने से आपने नाम पूछा नाम बताया चैनल का नाम पूछा चैनल का नाम बताया और इतनी सौहार्द पूर्ण चर्चा हुई कि आपने स सम्मान हमको भेंट दी हमने आपको सम्मान स्वरूप की धनराशि दी यह नहीं बताया आपने जनता

00:08:08:07 को वीडियो डिलीट कर दे भाई उसमें ऐसा क्या कर दिया है आपने जो उसको डिलीट करवा रहे हैं आप आप क्यों नहीं चाहते कि वो दुनिया के सामने आए कुछ गलत कह दिया है और गलत कह दिया तो फिर खुश क्यों हो रही है कि हम शंकराचार्य और उभया भारती जी के समय में चले गए थे जहां पर भारती जी प्रश्न कर रहे और शंकराचार्य जी निरुत्तर बैठे हैं तो कि हम गारगी है आधुनिक उभय भारती है शंकराचार्य के साथ हमने वो किया है शास्त्रार्थ तो शंकराचार्य को हराया है अरे भैया आप बनो भ भारती गारगी हमें नहीं शंकराचार्य बनाओ उनके पैरों की धूल के कई हजार में से कोई एक कण उसके बराबर भी नहीं है यह भी थोड़ा बड़ा हो गया यह पाट जो है कण वाला हमें आप शंकराचार्य मत कहिए आप बनिए हो भारती है ना और अब जरा सैद्धांतिक बातें भी कर ले कि उंगली उठा रहे हैं यह तो ऐसा है ना य तो उत्तर

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→ Used in: A · Video वितंडावादी स्वामी दयानंद जी? चोर-चोर मौसेरे भाई at 19:05 ↗

00:09:15:21 नहीं है नहीं नहीं उत्तर नहीं है यह एक बाल की खाल है और बाल की खाल होती नहीं है यह यह आपका कोई तर्क ही नहीं है

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00:09:25:00 वीडियो में यह किसने कितनी बार कहा कि यह तर्क गलत है तर्क भी गलत है दूसरा तर्क करिए दूसरा सवाल करिए भगवत गीता में लिखा है आर समाज की भगवत गीता में या फिर यदा यदाई धर्मस्य वाले जो अंश है उसको सत्यार्थ प्रकाश में माना गया है कि हो सकता है यहां पर श्री कृष्ण कह रहे हो कि जब जब धर्म पर हानि आए तब तक मुझे आप यहां भेज दें यहां मुझे जन्म दे दें

00:09:59:16 तो यह आपकी उसमें लिखा गया है और आप वहां क्या कह रहे हैं कि कहां पढ़ लिया आपने आपने सत्यार्थ प्रकाश नहीं पढ़ी क्या सत्यार्थ प्रकाश में बोला जा रहा है क्या कि कई लोगों को भेजो मेरे जैसे अन्य संतों को भेजो दूसरी बात वो कामना कर रहे हैं ना कि अपनी इच्छा से उन्होंने जन्म ले लिया तो ये कामना पूर्ति हो सकती है क्यों नहीं ईश्वर भक्तों की हो सकती है अगर हम ईश्वर की भक्ति करते हैं और ईश्वर के बताए मार्ग का अनुसरण करते हैं तो ईश्वर अपने भक्तों पर कृपा तो अनुसार हम जन्म ले सकते हैं यहां पर आपने भगवान की कृपा होना भी स्वीकार कर लिया जबक आर समाज का सिद्धांत क्या है कि भगवान से भगवान की भक्ति इसलिए करनी चाहिए कि उसके जैसे गुण हो पाए वोह बात अलग है कि अगर हमारे अंदर उसके गुण हो जाएंगे तो अद्वैत की स्थापना हो जाएगी वो बात अलग है मगर क्योंकि यहां व्यवहार और परमार्थ का अंतर तो मानता नहीं यार समाज हम तो एज इट इज भगवान के सारे गुण आ जाएंगे तो अद्वैत की स्थापना हो जाएगी वो अलग है मगर भक्ति करने पर वह कभी भी कृपा नहीं करता है उसकी सबसे बड़ी कृपा य मानी गई है कि उसने आपको मनुष्य जन्म दे दिया है जिससे कि आप निर्वाह करके धर्म अधर्म में निर्णय करके

00:11:14:20 और जो है मुक्त हो पाओ आपने वहां पर क्या मान लिया कि भगवान श्री कृष्ण जो है जो ये कह रहे हैं कि मेरी जब जब धर्म पर हानि हो तो मुझे प्रकट कर देना मुझे जन्म दे देना तो जब भी पूछा गया कि यह जो प्रार्थना करना है यह गलत है कि नहीं तो आपने कहा नहीं सही है कृपा हो सकती है ईश्वर की कि वह आपको दोबारा भेज दे यानी ईश्वर प्रार्थना करने पर कृपा कर रहा है जबकि आर्य समाज का ईश्वर प्रार्थना करने पर कृपा नहीं करता हम अरे भाई जो बोल रहे हो उस परे तो टिको आप लोग आर समाज कुछ कह रहा है आप लोग कुछ स्वीकार करने करना पड़ रहा है आप लोगों को जब आपसे क्वेश्चन किए जा रहे हैं और फिर कह रहे हो हम गारगी हो गए हमारे साथ छल हो गया अरे भाई छल हुआ तो गारगी क्यों और गारगी हो तो छल क्यों छल हुआ है तो भेंट क्यों और भेंट है तो छल

00:12:17:06 क्यों जब भगवान श्री कृष्ण यह कह रहे हैं कि मुझे जो है भेजा जाए जब जब धर्म पर हानि हो मुझे भेजा जाए आपके अकॉर्डिंग तो फिर ये जो प्रार्थना करना है भगवान से तो गलत है ना आप्त पुरुष है ना भगवान से क्यों प्रार्थना कर रहे हैं गलत जो होती नहीं है क्योंकि भगवान कुछ नहीं करते हैं आपको आपके कर्मों के अनुसार केवल वो कर्म मिलता है फल भगवान कुछ नहीं करते हैं तो आपने कर्म करते रहिए प्रार्थना क्यों कर रहे हैं कि मुझे भेज दीजिएगा तो जब इन सवालों पर हम लोग जब लंबी चर्चा हुई तो माननीय आपने प्रश्न ही बदलवा दिया और हमने प्रश्न बदल दिया और अब आप गार्गी बन रही है उभय भारती बन रही है जब वो छल पूर्वक चर्चा थी तो उभय भारती और गर्गी कैसे और यदि वह चर्चा सही थी तो फिर आप सिद्ध कैसे हुई तो आपके साथ छल कैसे

00:13:22:04 हुआ शक्ति सर्वव्यापक है ईश्वर सर्वव्यापक है उसका आना जाना सिद्ध नहीं हो सकता वो एक देश नहीं हो सकता अरे भाई आत्मा भी तो नित्य है देही नित्यम दो 30 भगवत गीता वो कैसे दिख रही है एक शरीर के अंदर वो भी तो शरीर धारण कर रही है उसका मौलिक स्वरूप तो नित्य है वो भी सर्वव्यापक है आत्मा या शायद जो आर्य समाज की जो धारणा है वो इस श्लोक को लेकर के शायद प्रक्षिप्त कह देगी भाई आत्मा भी तो सर्वव्यापक है नित्य है बस अपनी उस नित्यता तक पहुंचने के पहुंचने का जो मार्ग है वह धर्म अधर्म है है तो तत्व वो नित्य उसको प्राप्त करना नित्य को तो अगर इस चीज को मान लिया जाए और आत्मा की भी कोई प्रतिमा नहीं होती है वैसे जैसे भगवान के लिए आया ना तस्य प्रतिमा अस्थ उनके पार मार्थी स्वरूप के लिए उसी प्रकार से उनके व्यवहारिक स्वरूप के लिए शस्त्र प्रतिमा स भी आया है जब आप से सब बोला गया तो आपका वेद गलत आपकी वो भाष्य गलत आपके वो अर्थ गलत और फिर और कुरेद गया तो सवाल ही बदल

00:14:38:12 दो अरे भाई अगर सर्वव्यापी ईश्वर है और उसकी प्रतिमा नहीं हो सकती तो आत्मा की भी तो नहीं हो सकती दिखाओ कौन सी फोटो है कहां चित्र वर्णन है आत्मा का मगर आत्मा जब मानव देह धारण कर रही है उसकी एक भौतिक पहचान है व्यवहारिक पहचान है वैसे ही ईश्वर भी एक भौतिक देह धारण कर रहा है उसकी एक व्यवहारिक पहचान है क्या दिक्कत है उस तीसरे प्रकरण में जब आपसे पूछा गया कि भाई जो आपके पास जिनको आप वेद मंत्र के रूप में खपत करते हैं स्वीकार करते हैं वह वेद आदि मंत्र आपके पास कैसे आए पूर्णानंद जी को किसने दिए तो आपके पास पूर्णानंद जी के गुरु कौन थे इस बारे में कोई उत्तर नहीं है है ना और दूसरी तरफ क्या है कि हमारी परंपरा है मगर वो परंपरा क्या है यह बारे में कोई उत्तर नहीं है चलिए फिर भी अगर प्रश्न ये आता है कि आपको वेदा दि मंत्र कैसे प्राप्त हुए तो आपका कहना है कि जो पठन पाठन की विद्या थी लिखित में हो गए थे तो हमने उनको स्वीकार कर लिया भाई हम मार्केट से किसी भी ग्रंथ को उठा कर के उसको अपने जीवन का धर्म और अधर्म का नियंता मान लेंगे क्या उसको किसी से प्रमाणिक करवाएंगे ना कि यह जो ग्रंथ है मैं लाया हूं यह वेद ही है ईश्वर की वाणी ही है या कुछ और है वो कौन

00:15:53:14 थे पूर्णानंद जी को जिसने सत्यापित किया दो पीढ़ी पहले की बात है और आप जिस चैनल पर बैठे हो उसमें तो दूसरों की पांच-पांच पीढ़ी पहले की बातें की जाती टीपू सुल्तान का ये किया वो किया हिंदू द्रोही शंकराचार्य इस प्रकार हिंदुओं का जबरन धर्मांतरण रोकने के स्थान पर शंकराचार्य ने तो निजाम को धर्मांतरण करवाने की पूरी छूट दे दी इतना ही नहीं निजाम के अन्याय के विरुद्ध जो हिंदू आंदोलन कर रहे थे उन्हें बेरोजगार बताते हुए शंकराचार्य ने बताया कि हैदराबाद राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के कारण हिंदू आक्रोष है तो कृपया आप बेरोजगारी का प्रश्न दूर करने के लिए ध्यान दीजिए शंकराचार्य चाहते तो अपने प्रभाव का उपयोग कर निजाम को खरी खोटी सुना सकते थे रझाकार के आतंक को सारे विश्व के समक्ष ला सकते थे लेकिन उन्होंने यह करना पसंद नहीं किया उन्होंने तो अपने हिंदू भाइयों को ही बेरोजगार कहना ठीक समझा हम उसमें तो सनातन का विशुद्ध इतिहास बताया जा रहा है तो कैसे यह निर्णय किया गया कि यह जो मंत्र है या जो भी इस ग्रंथ में लिखा हुआ है यह वही परमेश्वर की वाणी है और हमें इसी का अर्थ करना है हो सकता है आपका अर्थ ही धर्म मगर वह इन मंत्रों का अर्थ है यह कैसे सिद्ध होगा इन मंत्रों से उसका संबंध है य कैसे सिद्ध होगा आप कह दो आर समाज ठीक है 200

00:17:08:21 साल पहले हमारा धर्म आया प्रकाश में मानवो चित शल यहां से आया प्रकाश में ठीक है वो सही है मगर वेद का अर्थ वह है वोह वेद जो परंपरा प्राप्त है हमें परंपरा द्वारा प्राप्त है हमें और आप परंपरा को मानते नहीं तो उस स्थिति में वेद का अर्थ आपका अर्थ है यह सिद्ध होना दिखाई नहीं देता है और हमने तो अपने वीडियो में कई बार यह भी कह दिया है कि भाई हमारे पास पर्याप्त सामग्री है मानने के लिए कि हमारी परंपरा क्या है कैसी है मगर फिर भी अगर आप यह कहते हो कि हमारी परंपरा गलत है या वह उसका अस्तित्व नहीं है तब भी हमारे गलत होने से आपका सही होना सिद्ध नहीं हो जाता और उसमें भी हमारे पास हम हमारे जो ढाई साल पहले के आदि शंकराचार्य जी भगवान है उनके पहले के गुरुओं पर आप आक्षेप लगा रहे हैं तो फिर भी आपको य मानना पड़ जाएगा कि अगर आप वेद को अपना प्रमाण मान रहे हैं तो आपको वेद तो मिले ऐसी परंपरा से ही ना जिसका अस्तित्व आप ढाई हजार साल से ही सही पर स्वीकार तो कर रहे हैं तो कान को कैसे भी पकड़ लीजिए आपको स्वीकार तो करना ही पड़ेगा आदि शंकराचार्य को चलो ठीक है

00:18:23:21 गड पादा चार्य जी के गुरु नहीं थे सुखदेव जी ठीक है फिर आपको वेद कैसे मिले तो अप्रत्यक्ष रूप से जब आप यह कह रहे हो ना कि आदि शंकराचार्य जी को गु आदि शंकराचार्य जी के भी कोई गुरु नहीं थे तो आप प्रत्यक्ष रूप से बता रहे हो लोगों को कि हमारे पास कोई प्रामाणिक व्यवस्था नहीं है मानने के लिए कि जिनको हम वेद कहते हैं वह वही परमेश्वर की वाणी वेद है जो प्राचीन काल में ईश्वर के द्वारा प्रदान किए गए थे जब आपने कहा कि सवाल बदल दो प्रश्न बदल दो दूसरा प्रश्न करो दूसरा तर्क करो तर्को की भी कोई संवैधानिक धारा होगी ना कि आपका तर्क ही गलत है हम और गारगी हो गई व भारती हो गई आप है हमारी मां मां समान तो हमने कौन सा आपके साथ दुरा चरण कर दिया और जिसके साथ आप बैठी हो उसको आपको जानना चाहिए भगवत पाद आदि शंकराचार्य के बारे में क्या लिख रहे हैं आप पूजनीय हो गए क्योंकि चारों तरफ से कोई रास्ता नहीं मिला तो आप पूछ भी लो अब कि कल तक आप जो है उनको यह बाज फलाना बाज हैं यह सब आप ट्वीट कर रहे हो उनको जो है बौद्धों का मत देने वाला कह रहे हो जबकि आपके ही ग्रंथों में लिखा है कि व

00:19:38:22 बौद्धों का खंडन किया उनका वैदिक मत था अब आज आप कह रहे हो पूजनीय है और माननीय आपको जानना चाहिए कि जिनके संपर्क में आकर के जिनके चैनल पर आप आकर के अपना अपने आप को रिवील कर रहे हैं वो किस तरह का चैनल है कैसी भद्दी टिप्पणियां करता है हमने समाज कहा हमने प्रश्न उठाए कभी निर्णय नहीं दिया कि वह गुरु द्रोही है हमने कहीं भी अमर्यादित आचरण नहीं किया हमने डायरेक्ट यह तक नहीं कहा कि यह अज्ञानी है या यह मूर्ख है और इनके वीडियोस देखिए भस में आप य कीचड़ लपेट लो की और इनसे क्या कहना आपका आचरण सही था क्या भस्म की तुलना कीचर से कर रहे हो बिंदी लोकाचार है

00:20:31:07 जो हमने प्रति प्रतिमा लगा रखी है उसका सम्मान है दूसरा प्रतिमा कोई लगाएगा उसका अपमान है इस तरह से एक करोगे संगठित करोगे अपने अपने आपको को वही वाली बात कि भैया घर वापसी करानी घर वापसी करानी कैसे घर वापसी कराए ऐसा करो सनातन को ही उसके जैसा बना दो और उसके नाम पर जो है वो लोग घर वापसी कर लेंगे हमको झूठ बोल रही है आप कौन सा प्रमाण है आपके पास कि हमने य बोला हमारे पास तो प्रमाण है कि आपने हम हम पर छोड़ा था डालने और ना डालने का निर्णय और जब हमने भी उसमें मेहनत की है और आपकी स्वीकृति से वहां से उस वीडियो को बनाकर लाए हैं और आपने वही बोला है जो आपका धर्म है जो ईश्वर की प्राप्ति कराता है या मोक्ष की प्राप्ति कराता है तो फिर आपको आपत्ति कैसी उसको डल जाने में

00:21:30:19 और हमारे अपनी पहचान छिपाने और ना छिपाने से आपका सत्य प्रभावित होता है क्या दो तरह के सत्य है क्या आपके पास दो तरह की व्याख्या है क्या धर्म ईश्वर की दो तरह की किताबें है क्या सत्यार्थ प्रकाश और एक जो नाम बदल केया उसके लिए दूसरी प्रकाश आपको सोचना चाहिए था आप एक मैच्योर पर्सन है और किसके साथ बैठ कर के किस तरह की बातचीत कर रहे हैं अब सुनो भाई जो क्या नाम है कृते है कि प्रतेश है हम अब आप भी सुनो आपने हमारा पत्र शायद पढ़ा नहीं है पहली बात तो आपको हमने पत्र दिया नहीं है आपने कहा कि हमने कई सबूत मांगे किससे मांगे कहां मांगे कहां भेजे आपको पत्र एड्रेस दिया है क्या अपना जो आपको हम प्रमाण भेजे हम हमने मांगा प्रमाण पर आपने प्रमाण नहीं दिया अरे भाई कैसे भेजे प्रमाण दे दो एड्रेस दे दो व नंबर जैसे हमने दिया है फेयर गेम खेलो ना भाई हमने प्रमाण मांगे मगर प्रमाण नहीं दिया हमको तुमने क्या-क्या कहा है तुम्हें अच्छी

00:22:45:21 तरह से मालूम है और इसीलिए जो तुम्हारी संस्था वाले हैं उन्होंने तुमको जो है तुमसे मुंह फेर लिया ऑफिशियल अनऑफिशियली वो जुड़े होंगे हो सकता है मगर ऑफिशियल तुमसे मुंह फेर लिया हम जानते ही नहीं रिसीव चैनल को अब तुम कह रहे हमने प्रमाण मागे प्रमाण नहीं दे पाए फिर कह र हमारे लिए पूजनीय तुम्हारे लिए कोई कुछ पूजनीय नहीं है केवल अपनी वर्चस्व पूजनीय है मेरे भाई केवल अपनी वर्चस्व अनजाने में या जानबूझकर जिस सिद्धांत को मैंने पकड़ा है मैं उसका डंका पीटू उसके लिए हर का कुछ भी कार्य करूंगा तो अगर नाक रगड़ के भी किसी को शास्त्रार्थ के लिए बुलाना पड़ेगा तो बुलाऊंगा वह कर रहे हो तुम मगर हमने उस पत्र में यह लिखा था कि सारी सामग्री हटाओ ठीक है और क्षमा याचना करो के ऐसा ऐसा मैंने कहा और यह सब दंडनीय है पर मुझे क्षमा कर दीजिए क्षमा य होता है और अपने मुह मिया मिट्ठू मत बनो कि तुम बड़े हो कि किसने घोषित कर दिया कि तुम बड़े हो

00:24:01:13 कहां से घोषित हो गए कि तुम बड़े हो थोड़ा खानपान पर ध्यान दिया करो तुम भी युवा लगने लगोगे ठीक है यह जो शरीर जो है अनुपात बिगड़ रहा है जिसके कारण आपको लग रहा है कि आप बड़े हैं थोड़ा खानपान पर ध्यान दोगे टिप्स ले लेना मुझसे फ्री ऑफ कॉस्ट निशुल्क है आपके लिए तो आप आप भी थोड़े युवा जैसे दिखने लगोगे अगर आप यह सोच करके अप आपको बड़ा कह रहे हो वरना बताना कैसे बड़े हो और दूसरी बात आपने जो माफी मांगी है उसमें यह कहते हुए नहीं मांगी आपकी स्पष्ट गलती है आपने माफी मांगी है कि चलो भाई फिर भी तुमको लग रहा है यह है वो है ऐसे नहीं भैया स्पष्ट करो आपने गलती की है स्पष्ट बोलो यह मिलावट वाली चीजें हमें नहीं चाहिए और वो सामग्री डिलीट करो जितनी सामग्री तुम्हारी उस पर पड़ी हुई है तब बात होगी अब रही बात उस संस्था से जो तुमसे कनेक्टेड है है ना और एक बात और कि यह जो आपका कहना है कि उभय भारती और यह गारगी और बहुत बढ़िया वो हुआ परा से

00:25:16:18 की

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→ Used in: A · Video वर्ण व्यवस्था पर चर्चा #aryasamaj #swamidayanandji #iskcon at 9:54 ↗

00:25:16:24 भाई जैसे कि वर्ण परंपरा मतलब जो वंश परंपरा होती है वर्ण परंपरा नहीं वंश परंपरा नी वर्ण से वर्ण के आधार पर जिनके यहां यह चला आ रहा है कि भाई इनके यहां जो बुजुर्ग थे उनके अंदर क्षत्रिय तोव था तो यह क्षत्रिय वर्ण है जैसे कि शिवाजी

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00:25:36:03 मतलब वो जो जने होता है वो जो उनकी वंश परंपरा उसके आधार पर होता वंश परंपरा में मतलब वो वंश परा उनकी वर्ण वर्ण परंपरा जो चली आ रही है उनके बुजुर्ग किस तरह के थे वो क्षत्रिय थे तो इसका क्षत्रिय के अनुसार कर अच्छा अच्छा और ब्राह्मण ब्राह्मण ब्राह्मण का कार्य करते थे इनके यहां पर वेदों का पठन पाठन चलता रहा उसके बच्चे का जनि उसके अनुसार कर यज करना कराना उसके अकॉर्डिंग जबक इन्होंने वर्ण व्यवस्था को जन्म से स्वीकार कर लिया जब इनसे हमने दूसरा पार्ट पूछा अंततः ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य अथवा शूद्र के आधार पर ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य के आधार पर किसी का जनेऊ होगा तो वो कैसे होगा जबकि उसके बाद आचार्य उसको य टैग देते हैं तो इन्होंने कहा वो परंपरा जो उनके यहां की है वर्ण परंपरा उसके अनुसार होगा तो यहां पर तो इन्होंने वंश परंपरा को मान लिया ना जन्म से मान लिया ना कि जो जने हो रहा है इंसान का वह जन्म के अनुसार हो रहा है जो जन्म से जो होगा उसके पूर्वज जो रहे होंगे उसके अनुसार उसका जने होगा उसके बाद आचार्य हो सकता है कि उसको टैग दूसरा दे दे अच्छा वहां पर क्या होगा फिर वोह जो जने होने की प्रक्रिया है शूद्र की उसका क्या होगा उसका दोबारा ज नहीं होगा शूद्र के अनुसार वैश्य के अनुसार और दूसरी बात

00:26:51:06 यह आती है कि आपने ऐसे कितने बनिया कितने क्षत्रिय कितने वैश्य भर्ती किए हैं जिनके य जो प्रमाण पत्र आपने बदल दिए बाद में जो थे कुछ और और बना उनको कुछ और दिया बाद में शिक्षा ग्रहण करने के बाद क्योंकि जने तो पहले होता है ना शिक्षा से तो आचार उससे पहले तो सि तय नहीं कर सकता और कह रहे हो गारगी उभय भारती और जब भैया यह बताओ जब यह सक्सेसफुल इंटरव्यू था ही तो फिर अब क्या शेष रह गया है जो तुम इतने उतावले होते जा रहे हो कि नहीं नहीं गुजरात आ जाओ गुजरात आ जाओ आ जाएंगे गुजरात गुजरात से कोई बहर थोड़ी ना है पर

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→ Used in: A · Video धमकी सरकारी मेहमान बनाएँ क्या #dharma #hindu #धर्मयुद्ध at 20:23 ↗

→ Used in: A · Live सतलोग आश्रम में छुपे हैं रामपाल के दुश्मन- सबसे बड़ा राज #तत्त्वदर्शीसंत #rampal... at 2:24:29 ↗

→ Used in: A · Live आह्ववान चैनल बंद रामपाल ने जेल से दिया कॉपीराइट #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj... at 45:06 ↗

→ Used in: A · Video अंतिम प्रयास | A song of your last effort #dharma #hindu #धर्मयुद्ध at 1:44 ↗

→ Used in: B · Live आह्वान का परिणाम एक दिन में एक सौ पैंतीस भगत बने गुरुद्रोही #jagatgururampaljima... at 39:51 ↗

→ Used in: A · Live आह्वान का परिणाम एक दिन में 135 भगत बने गुरुद्रोही #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaha... at 39:51 ↗

→ Used in: A · Live सनातन कोई धर्म नहीं है रामपाला के चेलो का ज्ञान #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj at 1:47:45 ↗

→ Used in: A · Live षडयंत्र अफवाह और झूठ #iskon #aryasamaj at 1:04:04 ↗

00:27:32:06 तुम जब चाहोगे तुम जिस स्थिति में चाहोगे उसके अनुसार नहीं आएंगे आएंगे ऐसा नहीं है डरते नहीं है हम राम को मानने वालों में से हैं डरते नहीं है हम भय दिखे समुद्र को प्रलय करे वो बाण बन वायु को भी चीड़ दे विशाल सा विमान बन परास्त ना तू हो सके विश्वास चाहिए मुझे तेरा अंतिम वही प्रयास चाहिए ना मान तू विजय बिना मृत्यु को भी टाल दे मास की तू दे बली आहुति में डाल दे पाताल तक प्रहार कर जल को तू निकाल दे नित्य कर बिगुल बजा कर ध्वनि तू ताल दे घायल खड़ा पराक्रमी तू आस चाहिए घायल खड़ा पराक्रमी तू आस चाहिए मुझे तेरा अंतिम वही प्रयास चाहिए मुझे तेरा अंतिम वही प्रयास चाहिए तो हम हार मानने वालों में से नहीं है हम मर सकते हैं बस हम हार नहीं सकते हैं बचपन में कहीं कोई लाइन पढ़ ली थी कोई भी लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं हारा वही जो लड़ा नहीं

⬜ Not used yet · 00:28:34:22 – 00:35:41:25 (7:07)

00:28:34:22 तो ऐसा मत समझो कि हम आएंगे नहीं आ जाएंगे जब आना होगा जब हमारे को लगेगा कि हां अब मैं परतंत्रता पूर्वक नहीं स्वतंत्रता पूर्वक जा रहा हूं आ जाऊंगा ठीक है और गारगी उभय भारती हो गया है तो फिर काहे के लिए आपको परेशानी हो रही भाई आ जाओ आ जाओ परंपरा भी इन्होने सिद्ध कर दी वहां पर बहुत अच्छे से है ना आपको कहना पड़ गया कि भगवान आ आदि शंकराचार्य पूजनीय जो हिंदू द्रोही थे जिनके जिनकी परंपरा में आने वाले अन्य आचार्य हिंदू द्रोही थे और वह बौद्ध मत के प्रतिपादक थे फलाने बाज थे यह बाज थे वह बाज थे और क्या क्या गालियों भरे व ट्वीट्स है उन पर मैं नहीं जाऊंगा तो अब बात आती है उन लोगों की जो ऑफिशियल ऋषि वाच नामक चैनल से कनेक्ट नहीं है क्योंकि जिसने मुझे प्रथम बार पत्र भेजा था वो और द्वितीय बार जिसने पत्र भेजा था वह भी लगभग लगभग ऋषि वाद चैनल से कनेक्ट होते हुए पाए जा रहे हैं मगर अब हो सकता है इस बात से सावधान होकर के कि भाई ये ऋषि उवाच के नाम पर जो है हमारे द्वारा

00:29:49:24 लिखा जाने वाला जो पत्र है उसको नकार देता है है ना तो इस बात से सावधान होकर के सावधानी पूर्वक पत्र भेजा जाए और मेरे लिए फतवे निकाले जा रहे हैं जो जिस तरह से माउंट आबू आओ यहां आओ वहां आओ क्यों आओ भाई भाई चुनाव मेरा होगा ना कि मैं मुझे आना है कि नहीं आना है चुनाव तो मेरा होना चाहिए ना भाई कि आप जो है वो है धर्म नियंता मेरे य तानाशाह है कि आपने अगर लिख दिया कि आओ तो आना पड़ेगा मेरा चुनाव है ना मैं आता हूं कि नहीं आता हूं आपको अगर चर्चा के लिए बहुत ज्यादा हो रही है और अगर आप ऋषि वाद से संबंधित नहीं तो आप लखनऊ आ जाइए कभी भी चर्चा करिए यह भी संभव है कि उस चर्चा में आपको ऋषि उवाच ने जो जो किया है उसको या तो निर्णायक होते हुए उसमें अपना पक्ष रखते हुए उसकी समीक्षा करते हुए आगे बढ़ना पड़ेगा फ हमारे पास धरातल पर करने के लिए ढेर सारे कार्य हैं धर्म रक्षा के निमित्त इसलिए ऐसा संभव नहीं है कि किसी ने भी भैया हमारे लिए फतवा जारी कर दिया माउंट आबू आ जाओ यहां आ जाओ आ जाओ और हम मुंह उठा के चल दिए ठीक है तो यथा सामर्थ्य

00:31:04:27 जो हमारे पास होता है कि हम यहां गए थे वहां पर हमें यह मिला तो हमने उससे चर्चा कर ली यह बात एक अलग है मगर ऐसा हमारे लिए संभव नहीं है कि जब जिसका फतवा जारी हो गया तो हम मु उठाकर चल दिए और उसमें भी हमने एक प्रश्न पूछा है जिसका कोई जवाब नहीं है कि किसी को भी आर समाज का अधिकृत प्रतिनिधि स्वीकार करने के लिए किसी को भी आर समाज के अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में स्वीकार करने के लिए क्या निश्चित नियमावली है क्योंकि भाई अभी कोई हमें गुजरात से बुला रहा है हम अपना समय निकाल कर के चले भी गए उसके बाद फिर माउंट आबू वाला कहेगा नहीं नहीं हमारे पास आओ हम नहीं मानते वो सही है नहीं आओगे तो केस करा देंगे फिर माउंट आबू वाले के पास हो गए तो फिर भैया वो तमिलनाडु से बुलाएगा नहीं आओगे तो केस करा देंगे नहीं आओगे तो केस करा देंगे हम तो वो निश्चित नियमावली तो बताओ कि जिसके पास जाने से वो चीज सिद्ध हो जाए कि जो दूसरे लोग हैं वो शांत हो जाए फिर उनके पास अधिकार ना रहे हमें बुलाने का यह कहने का कि नहीं आओगे तो वो हो जाओगे हम केस करा देंगे तुम्हारे ऊपर दूसरी बात कि एक पत्र जो हमें आया उसमें यह कहा गया कि निर्णय जो है जनता करेगी चर्चा जो देखेगी वह निर्णय जनता करेगी और उसमें यह भी कहा गया कि अगर हमारा पक्ष सिद्ध नहीं हो पाया तो हमें माफी मांगनी पड़ेगी अथवा

00:32:19:27 हमारे खिलाफ कानूनी कारवाई करनी कराई जाएगी है ना अब बात यह आती है कि जब निर्णय जनता करेगी और अभी निर्णय देख रहे हैं ऋषि उवाच जी अपने चैनल पर कर रहे हैं ऋषि उवाच अर्थात वो कृते कृते तो कृते अपने चैनल पर निर्णय कर रहे हैं कि ये शंकराचार्य भारती टाइप का वो था और उसमें गर्गी आधुनिक गार्गी थी जो मदद के लिए अपने सहायकों को बुला रही थी और उसके बाद जो है कह रहे हैं कि भाई एक तरीके से यह प्रकट कर रहे हैं कि भैया वहां एक शास्त्रार्थ हुआ था चर्चा नहीं हुई थी प्रश्न उत्तरी नहीं हुई थी वहां शास्त्रार्थ हुआ था उसमें विजय को प्राप्त हुई है तो अगर निर्णायक कोई है ही नहीं जिस चर्चा में तो उसका जब निर्णय आज आप यह कर रहे हो कर सकते हो कि नहीं नहीं हम ही जीते आंखों पर मिर्ची डाल दो आदमी के सामने वाले के मिर्ची हम ही जीते चलो निर्णय कर रहे हो तो फिर यह बात कैसे मान ली जाए कि तब आप ऐसा निर्णय नहीं करेंगे जिनकी ओर से पत्र प्राप्त हो रहा है तब ऐसा निर्णय नहीं किया जाएगा कि नहीं नहीं साहब सारे पक्ष हमने प्रस्तुत कर दिए संतुष्टि जनक जवाब दे दिए फिर भी कहा जाएगा कि नहीं साहब हम नहीं मानते कि आपके यहां पर उत्तर उचित है अभी तो आप जो है माफी मांगिए या तो सिद्ध करिए

00:33:35:02 अब सिद्ध करने के लिए कोई निर्णायक तो है नहीं तो फिर कौन निर्णय करेगा तो निर्णय तो आप ही करोगे जैसे अभी किया कि गर्गी और उभय भारती बना दिया जिनके पास प्रश्नों के उत्तर नहीं है जो स प्रश्न को बदलने को कह रही है जो तर्क को बदलने को कह रही है जो मौन हो रही है जो सहायता करने के लिए बुला रही है उनको तक को आपने विजेता बना दिया तो आप तब वि नहीं बनाओगे इसका क्या वो है आधार और अंततोगत्वा अगर हम अपने प्रोटोकॉल आपको बता भी दे कि हम ऐसे ऐसे आएंगे यहां यहां रुकेंगे तो क्या बिल्कुल पूरी तरीके से आवश्यक होगा कि आप उसका निर्वाह कर ले हमारे प्रोटोकॉल का तो बहुत सारी चीजें हैं ना आने के विषय में इसलिए 100 की सीधी एक बात कि यदि आप ऋषिव वाच नाम के चैनल से जहां से आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत की गई है भगवत भगवत स्वरूपों के लिए आचार्यों के लिए गुरु परंपरा आदि के लिए और व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिए भी अगर आपका उससे ऑफिशियल संबंध नहीं है हां अनऑफिशियली क्योंकि अनऑफिशियली संबंध तो है यह तो जाहिर सी बात है कि अनऑफिशियली संबंध है पर ऑफिशियल संबंध अगर नहीं है तो आपका स्वागत है आप लखनऊ आइए हमारा फोन नंबर नोट करिए उस पर बात करिए कि हम इस

00:34:50:09 इस दिन करना चाहते हैं सामंजस बिठाए और एक दिन बैठ कर के स्वार्थ पूर्ण वातावरण में चर्चा कर लेंगे दूसरों को भी आना है तो टाइम लेकर के आ आते रहे आते रहे हर महीने टिकट कटाते रहे अच्छा है चर्चा पर चर्चा चर्चा पर चर्चा चलती रहेगी पर आप यहां आइए ठीक है हमने कई का बहुत सारे कारण है हमारे हर जगह ना आ पाने के अब दूसरी बात कि आपका यहां आना जाना रहना खाना पीना इसकी व्यवस्था हम नहीं करेंगे क्योंकि आपको हम में इंटरेस्ट है चर्चा करने में हमें जिससे होगा हम स्वयं कर लेंगे हम हम कभी अभी तक ऐसा कहीं नहीं गए कि हम फलाने से चर्चा करने उस शहर पहुंचे वहां गए थे वहां पर दिखा तो वहां होली ठीक है तो हमें जिससे इंटरेस्ट होगा हम उससे चर्चा कर लेंगे आपको हमसे इंटरेस्ट है चर्चा करने का आइए स्वागत है लखनऊ में बैठ के चर्चा करते हैं ठीक है काल

00:35:41:25 से चली आ रही है मगर उसम बीच में वो है ना पाखंडी आपके अनुसार शंकराचार्य पाखंडी है ना नहीं आज जो नकली शंकराचार्य बन रहे वो पाखंडी है जिनके अंदर पाखंड भरा है वो पाखंडी है

⬜ Not used yet · 00:35:55:10 – 00:37:03:00 (1:08)

00:35:55:10 और माननीय आप हमारी माता के समान ही है हमने यथा सामर्थ आपने कई अभद्र आचरण किए हमारे लिए हमारे गुरु परंपरा के लिए उन्हें पाखंडी कहा यह कहा वो कहा मगर हमने मर्यादा और आपके शील को ध्यान में रखते हुए मौन रहना ही स्वीकार किया तो आपको यह सब दिखाई नहीं देता है आपको किसी के द्वारा भड़काने पर ऐसे व्यक्ति के द्वारा जिसने ना जाने क्या-क्या चीजें कर रखी है अपने चैनल पर ही बिना जाने ताने क्योंकि उसने इस समय आपको अपने चैनल पर जगह दे दी आप का पक्ष रखने के लिए आपको गार्गी और उभय भारती कहने के लिए तो इसलिए आपने बिना सोचे समझे दूसरे व्यक्ति का पक्ष जाने बिना ही स्वीकार कर लिया बल्कि उसका साथ देने के लिए वहां पर यह भी कह दिया तमाम सारे मिथ्या भाषण भी कर डाले मेरे बारे में तो ऐसी अपेक्षा तो मुझे नहीं थी आपसे क्योंकि मुझे आप एक सैद्धांतिक व्यक्तित्व वाली महिला दिख रही थी पर चलिए जैसा भी हो आखिरकार मूल में तो आर्य समाज की ही व्यवस्था है तो क्या किया जाए ठीक है जय श्री राम [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Video 37:06 · 12 Aug 2024

आर्य समाज की विदुषी का मिथ्या प्रचार क्यों ? #aryasamaj #vedpuran

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A · Video Conversation with an International Arya Samaj Scholar | आर्य समाज वैदि...
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