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00:00:02:21 तो सभी को जय श्री राम आशा करते हैं आप सभी कुशल मंगल से होंगे अभी हमारी दो दिन पहले लाइव चर्चा हुई थी इसकन के फॉलोअर थे भव्य राधा कृष्ण दास यह इग्राम पर जो हम जन जागरूकता के लिए और जो वैचारिक मतभेद आते हैं शिक्षाओं के कारण हमारे समाज में सनातन समाज में उन शिक्षाओं को हम काउंटर करते हैं कि जिससे कि वह शोधित हो सके और हमारे समाज में एकत्व आ सके हम लोग संगठित हो सके संगठित होकर हम सामना कर सके सनातन को मिटाने के लिए जो आता ताई जो शक्तियां है उनका सामना कर सके पर ये भावना संभवतः हर व्यक्ति अपने अपने तरीके से देखता है इस भावना को और वो ऐसा सोचने लगता है कि हमारे तंत्र को मिटाना चाहता है या हमारी जो आस्था है उसको मिटा देना चाहता है हमारे मंदिरों को तबाह कर देना चाहता है और ऐसे कुछ वक्तव्य दिए
00:01:17:26 भी गए हैं अभी रिसेंटली जो हमारी लाइव चर्चा हुई थी वही लाइव चर्चा दिखाई गई एक दूसरे चैनल पर तो वहां पर इस तरह के वक्तव्य दिए भी गए तो सबसे पहली बा वही बात कि हम अपनी बात बता दे कि हमने कभी नहीं कहा कि हमको आर्य समाज स्कोन इस प्रकार की जो सनातन के नाम से जो तंत्र प्रचलित है प्रचारित हो रहे हैं हम उनको नष्ट करना चाहते हैं नहीं जो वह शिक्षा है जिसके कारण समाज बट रहा है उसमें कौन सी ऐसी स्थिति हो सकती है उसका कौन सा ऐसा अर्थ हो सकता है जो अकाट्य हो काट होने के कारण वो सार्वभौम हो जाए और सार्वभौम होने के कारण उस सार्वभौम सिद्धांत की छत्र के तले हम और आप सभी लोग उसके नीचे खड़े हो कंधे से कंधा मिलाकर हाथी बन सके इस कारण से हमारे प्रयास होते हैं कि उन शिक्षाओं पर हम चोट कर सके जो शिक्षाए अधूरी है अकाट्य नहीं है अकाट्य होने के कारण लोगों को मौका मिलता है उसमें प्रवेश करने काे हम बना देते हैं सनातन के नाम
00:02:33:02 से अकाट्य शिक्षाए नहीं देते तो हम एक वो क्या कहते हैं एक छिद्र बना देते जिससे की जो विरोधी है वह हमारे सुरक्षात्मक घरे के अंदर प्रवेश कर सकता है अब जैसे कि मान लीजिए कि हम यह कहने ल मान लीजिए जैसे आर्य समाज है वोह इतना ज्यादा परंपरा प्राप्त सिद्धांतों को नहीं मानता है तो परंपरा सिद्धांतों को जब वो नहीं मानता है तभी तो किसी रामपाल दास जैसे व्यक्ति को यह मौका मिलता है कि हम भी अपनी मनमानी व्याख्या करेंगे अब परम परंपरा कुछ नहीं हम भी मनमानी व्याख्या करेंगे वो भी करेगा फिर किसी जाकिर नायक जैसे व्यक्ति को भी मौका मिलेगा वो भी करेगा भाई कोई एक उसमें लिमिट होनी चाहिए ना कि यही कर सकता है भले ही उसने सारे वेद शास्त्र पढ़े सारी संस्कृत पढ़ी हो फिर भी यही करने के लिए अलाउ है तो वो मर्यादा जब हम स्वयं ही लाने लगेंगे वेदों के नाम पर दूसरा भी लांगेगा और फिर जब वो लांगेगा तो हो सकता है कुछ लोगों को समझ में ना आए उसकी बात मगर कुछ लोगों को समझ में आएगी तो आपको आप आपको आपके भाई को आपसे दूर करने वाला कौन है वह स्वयं जो उनको छेद बना कर के दे रहा है
00:03:48:26 कि परंपरा रंपरा कुछ नहीं डॉक्टर के पास जाएंगे तो परंपरा होनी चाहिए स्कूल में पढ़ने जाएंगे तो परंपरा होनी चाहिए जगह कहीं पर भी पढ़ने करने जाएंगे भी तो परंपरा होनी चाहिए मगर धर्मशास्त्रों को जब पढ़ने जाएंगे तो वहां परंपरा की कोई आवश्यकता नहीं तो इसी कारण से ऐसे खड़े होते हैं तंत राम रहीम भी आ जाते हैं रामपाल भी आ जाते हैं सब आ जाते हैं अच्छा अब हम लोग दो खंड में आज बात करने वाले हैं एक खंड है कि जो व्यवहारिकता में जो दिक्कतें आई उन्होंने क्या कहा मैंने क्या का व्यवहार स्वरूप और दूसरा है जो हमारी जो दार्शनिक चर्चा हुई सैद्धांतिक चर्चा हुई उसमें लेकर के क्या पॉइंट्स रहे जो नोटिफाई होने चाहिए तो सबसे पहले जो बात है एक प्रश्न उठाया गया कि हमने एक ऐसे कमेंट को विजिबल कर दिया था स्क्रीन पर जिस कमेंट में कुछ व्यक्तिगत टिप्पणी की जा रही थी भव्य राधा कृष्ण दास के बारे में कि उनका कुछ प्रेम संबंध है या फिर होने वाली उनकी भार्या है उनके संबंध में कोई
00:05:04:03 टिप्पणी थी अश्लील शब्द नहीं था उसमें भी कोई टिप्पणी थी तो सबसे पहले इस बारे में मैं अपनी स्थिति बता दूं कि आपने अभी देखा होगा पिछले कई दिनों से बीच में जो लाइव स्ट्रीम थी पहले बंद हो गई थी और इससे पहले जब लाइव स्ट्रीम होती थी तो हम सीधे मोबाइल से करते थे जो यट एप्लीकेशन होती है उससे उसके कारण जो आप हमारी पुरानी लाइव स्ट्रीम देखेंगे तो हमारी लाइव स्टोरी वाले साइज में आपको दिखाई देंगी वो ऐसे आपको हॉरिजॉन्टल दिखाई नहीं देगी वर्टिकल दिखाई देगी व लाइव स्ट्रीम और उसमें जैसे इस तरह से अभी जो हम ये लाइव स्ट्रीम कर रहे हैं स्ट्रीम यार्ड से इसमें आप थंबनेल लगा सकते तो हमारी पुरानी लाइव स्ट्रीम जो है उसमें आप देखेंगे तो थंबनेल वगैरह भी आपको शो नहीं होंगे क्योंकि वो उसका साइज नहीं है थंबनेल के लिए इससे क्या पता चलता है कि हम जब अपने फोन से करते थे तब तक हमने लाइव स्ट्रीम की उसके बाद हमने जब ये डिसाइड किया जब हमने स्ट्रीम यार्ड पर आने का सोचा तो उसमें भी हमें तकनीकी जानकारियों के एकत्रित करते करते संसाधनों को एकत्रित करते करते काफी समय लग गया तो पहले की लाइव स्ट्रीम्स स्टोरी वाली साइज में होना रील्स वाली साइज में होना और अब की लाइव स्ट्रीम हॉरिजॉन्टल साइज में होना पहले वाली लाइव
00:06:19:07 स्ट्रीम्स और अब जो लाइव स्ट्रीम हो रही है पिछले कुछ दिनों से इनके बीच में एक अच्छा खासा समय अंतराल रहा लगभग मुझे लगता है दो महीने तीन महीने के आसपास अच्छा खासा अंतराल रहा तो इन सब से यही सिद्ध हो जाता है कि जो हम आज ये उपयोग कर रहे हैं पिछले कुछ एक दो हफ्तो से वो पिछले कुछ एक दो हफ्तो से ही कर रहे हैं और जो लास्ट लाइव स्ट्रीम हमने की थी शायद आराध राधा कृष्ण दास जी के साथ वो हमने इसी पर की थी स्ट्रीम यार्ड पर मगर उसमें हमारा फोन इतना गर्म हो गया था कि हमें उसके बाद लाइव स्ट्रीम से जाना पड़ा फोन हमारा इतना गर्म हो गया था तो कुल मिलाकर के ये है कि हम स्ट्रीम यार्ड को उपयोग करने में बिल्कुल नवीन है हमें बहुत ज्यादा उसका कोई अंदाजा नहीं है कि कैसे क्या करना है इसीलिए कुछ हमारे गुरु भाई हैं जो सहायता करते कोई ऐसी टेक्नोलॉजी वाली टेक्निकल टीम नहीं है कोई ऐसा बहुत बड़ा सा स्टूडियो नहीं है जिसमें बैठ कर के हम चर्चा कर रहे हैं और नीचे हमारे मोबाइल पर हमारे पास क्या-क्या लिख कर के आ रहा है उनके संदेश देख रहे हैं बार-बार और सामने वो चेयर पर बैठे हुए हैं वो हमें इशारा भी कर रहे हैं जिसके कारण हम कुछ बोल रहे हैं उसके बाद इशारा प्राप्त हो जाने के बाद फिर हम अपने वक्तव्य को बदल भी रहे हैं तो ये सारी स्थितियां नहीं है यहां पर कुछ गुरु भाई हैं जो सहायता स्वरूप
00:07:34:09 सहयोग स्वरूप इस टेक्निकल चीजों में हमारी मदद कर देते हैं तो अब वह जो वक्तव्य वहां पर दिखाई दिया काफी देर से उस प्रकार के वक्तव्य आ रहे थे भव्य राधा कृष्ण दास जी अपनी बात बोल रहे थे हालांकि वो कई लोगों ने मुझको यह कहा कि भाई इस स्तर के जो व्यक्ति है जो अभी आए थे इस स्तर के व्यक्तियों से आप बात ना किया करें इससे आपका स्तर गिरेगा लोग आपको जानेंगे किन किन से मतलब किस तरह किस स्तर की बातें हो रही है यह तक लोगों ने कहा तो जो ये राधा कृष्ण दास जी आए थे वह अपनी बात बोल रहे थे मेरी नजर गई कि भाई यह क्या कमेंट आ रहा है बारबार अजीब सा तो मैंने उसको नवीन होने के कारण मैंने उसको टच कर दिया और जैसे ही टच किया वह स्क्रीन पर आया और जब तक मुझे यह ध्यान आया कि नहीं मुझे स्क्रीन पर नहीं लाना है अभी अभी थोड़ी देर पहले बात होके चुकी है तो मैंने उसको हटा भी लिया इससे पहले कि भव्य राधा कृष्ण दास जी उसको पढ़कर उससे विचलित हो जाए इससे पहले बहुत जल्दी उसको हटा तो यह कारण था उस कमेंट का जो कमेंट को लेकर के विवाद बनाया जा रहा है उसको आ जाने वो स्क्रीन पर कैसे आया अब बात आती है कि
00:08:50:04 यह फिर इग्राम में आकर के हमने लाइव को इस तरह से बंद किया था कि भाई हमने पहले इनसे कहा कि भाई आज बहुत देर चर्चा हो गई साढ़े तीन घंटे तक हमने इनसे चर्चा की थी लगभग तो हमने इनसे कहा कि भाई बहुत समय हो गया है अब हम कभी और कर लेंगे तो नहीं इनका बीच में एक दृश्य ये भी था कि जैसे मैंने जब यह कहना चाहा कि आपने श्री भाष्य का नाम लिया है आपने श्लोक क्रमांक बताया है अब उसे हम जो है तसल्ली करेंगे पढ़ेंगे क्योंकि उनके ही परंपरा प्राप्त आचार्य द्वारा हमें कुछ बताया जा रहा है यह संदर्भ आगे आएगा मगर फिलहाल मैं आपको बता दूं कि जब हमने यह कहा कि हम तसल्ली कर लेंगे तो वो क्या बोल रहे थे कि नहीं अभी करो अभी करो ये करो वो करो अच्छा अभी करो की बात पर हमने जब इनसे कहा था कि आप जो है प्रमाण दिखाइए जैसे हम प्रमाण दिखा रहे हैं कि वैष्णवास्त्र
00:09:59:27 गलत है और रामन चार ने क्योंकि उसी श्लोक का उपयोग किया है तो हमने कहा कि इस बारे में आप प्रमाण दिखाइए कि किसने उस श्लोक को या उस श्लोक को सही माना हो या फिर शंकराचार्य को अवैध मायावादी माना हो अवैध क्योंकि वहां प्रच्छन्न बौद्ध वाला जो श्लोक है पद्म पुराण का उसमें अवैध मायावादी कौन से नहीं आने हमने इनसे कहा था कि कौन-कौन है जो शंकराचार्य को अवैध मायावादी कहता है तो इन्होंने कहा था बहुत लोग कहते तो हमने कहा बहुत लोगों को कोई प्रूफ दिखाओ हमने आपको प्रूफ दिखा दिया
00:10:51:02 वैष्णवास्त्र के लिए जब इनसे कहा कि भाई आपने नंबर हमें बता दिया है श्लोक क्रमांक हमें बता दिया है और हम यथा सामर्थ उसकी संतुष्टि कर लेंगे और यदि वह सही पाएंगे आपको तो हम उस बारे में बाकायदा घोषणा करते हुए रील बनाएंगे तो इन्होंने वहां पर ट धारण कर लिया कि नहीं नहीं अभी अभी अभी अभी अभी अभी यानी कि यहां पर ये किसी चर्चा के लिए नहीं आए थे इनका आने का जो वो था उद्देश्य वो इनकी इन चीजों से प्रतीत हो जाता है तो इस कारण से जब हमने उस दिन वो चर्चा ऑफ की थी तो हमने इनको सूचित नहीं किया हमने पहले कहा भी था काफी देर हो गई पर ये मान नहीं रहे थे जैसे छोटे बच्चे होते हैं उस तरह से वो जिद्द कर रहे थे तो इसलिए हमें यह कदम उठाना पड़ा साढ़े तीन घंटे बाद हमें इनको जो है बिना बताए उस चर्चा को समाप्त करना पड़ा अब बात यह आती है कि यह फिर हमसे इग्राम पर आकर के वार्तालाप करते हैं और उसमें हमें बताते हैं कि क्या कहते हैं जो व्यक्ति वो कमेंट कर रहे हैं जो सुपर चैट इत्यादि दे रहे थे और इनके बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी लिख रहे थे इनकी
00:12:06:06 जो व्यक्तिगत जीवन शैली है उसके बारे में उसमें वो इंगित कर रहे थे कि इनकी भार्या ये है होने वाली में मैं वो शब्द उपयोग नहीं कर रहा हूं अ कि वो शब्द ठीक नहीं लगता है मुझे इनकी होने वाली भार्या है ये है वो है तो उसके बारे में उसने टिप्पणी की थी जो जिसको मैंने अ तकनीकी जानकारी के अभाव स्वरूप उसको मैंने टच किया देखने के लिए कि क्या गलत बात हो रही है और वह स्क्रीन पर आ गया ऊपर आ गया तो इनका यह कहना था ा में हमसे इा में जब इनसे बातें हुई तो इनका यह कहना था हमसे कि वह व्यक्ति हमारा था अब हमने कहा कि भई हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है जब हमने यह कहा और साथ ही साथ अ जब हमने अनेक मतलब इनको प्रयास किया समझाने का तो इन्होंने फिर कहा नहीं नहीं मैं जानता हूं आप आप इसको नहीं जानते पर ये आपका बहुत लंबे समय से सपोर्टर है मेरे पास इसका फोन नंबर भी है यह भी कहा तो इसका मतलब क्या है पहली बात तो यह मेरा सपोर्टर है यह जानते हैं और इनके पास वो जो नंबर है उससे प्रतीत हो जाता है कि इनकी जो है उससे कोई पर्सनल जान
00:13:21:07 पहचान चल रही है हो सकता है कि वो मुझे वैचारिक तौर पर समर्थन देते हो वो मुझे समर्थन देते हो पर मेरा समर्थन उन्हें प्राप्त है ये तो सिद्ध नहीं होता है अब भाई वो मुझे समर्थन देते हैं वो इनकी जानकारी में है इनके साथ उनका फोन नंबर का आदान प्रदान है इससे पता चलता है कि इनकी उनसे व्यक्तिगत कोई चीजें हैं जिसके कारण वो भी यहां पर ऐसा व्यक्तिगत कार्य कर रहे हैं हालांकि वो कार्य बिल्कुल उचित नहीं है जो वो कर रहे थे यहां पे वो जो अगर टेक्निकली देखा जाए वो जो कमेंट था जो ऊपर दिखाई दिया था उसमें कोई अश्लील शब्द नहीं था जिसको दिखाने पर जिसको वहां पर शो कर देने पर या फिर कोई व्यक्तिगत जानकारी भी नहीं थी उसमें कि फोन नंबर हीे तो उसमें कहा जा रहा है जो कमेंट शो हुआ था उसमें कहा जा रहा था उसके द्वारा कि मेरे पास है मगर उसमें उसका वह नंबर नहीं था कोई व्यक्तिगत जानकारी भी नहीं थी और अगर थी भी तो भाई यहां पर कमेंट आ रहे हैं पब्लिक कमेंट कर रही है उसका कौन सा कमेंट शो हो रहा है कौन सा नहीं हो रहा इस लिए कोई कानूनी बाध्यता नहीं है हां ये नैतिकता है कि मुझे वह जो कमेंट था वह अगर उसमें आपकी कोई पर्सनल जानकारी है तो वह शो नहीं होना चाहिए था मगर उसमें आपकी कोई पर्सनल
00:14:36:10 जानकारी भी नहीं थी मगर फिर भी वह आपके विरुद्ध था यह मान लिया जाए आपके विरुद्ध था तो भी वह अगर वहां दिख गया तो ऐसी कोई आपको हानि नहीं हो गई इस बारे में हमने इनसे पूछा कि क्या कहते हैं इनसे हमने पूछा था वो चैट हमने नोट कर ली है के साथ जो जो चैट हुई है तो उस चैट में जो मोटी मोटी बातें हैं वो मैं आपको बता रहा हूं जो नंबर इन्होंने चैट के माध्यम से हमें प्रोवाइड कराया है वह हमने अपने जो सहयोगी गुरु भाई इत्यादि हैं जो समर्थक हैं टीम है जो हमारी हमने उसको दे दिया कि भाई इनको इनका जो है प्रतिकार करिए आप कि वह इस तरह की चीजें ना करें अगर हमारे समर्थक है तो ना करें और यदि अ उनका कोई धर्म नहीं है तो वो कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र है हम तो यही कहते हैं भाई या तो सामने आइए या फिर आप स्वतंत्र है अपने निर्णय लेने के लिए तो अब बात आती है इसके बाद हमने यथोचित रूप से इनसे बात की और यह कहा कि भाई उसमें
00:15:51:19 आपके लिए अगर आपको लगता है कि बहुत ही आपत्ति जनक है जानकारी वो और वो जानकारी आप के लिए ठीक नहीं आपके हितार्थ नहीं है आपको कोई हानि हो सकती है उससे आपके मान को सम्मान को किसी भी प्रकार से तो हम उस टिप्पणी को वहां से हटा देते हैं वहां पर ब्लर कर देते हैं तो जब हमने यह बात कही कि उस टिप्पणी को जो वीडियो में आ गया है जब हमने उस टिप्पणी को ब्लर करने की इनसे बात कही तो इन्होंने पहले तो काफी देर तक कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दी उसके बाद यह कहते हैं जब हमने उसको इनका जब कोई जवाब नहीं आया तो हमने यथोचित रूप से किसी मातृ शक्ति के बारे में बात हो रही है हालांकि उसमें शील भंग करने वाला कोई शब्द नहीं था ठीक है मगर फिर भी हमने ये सोचते हुए कि बिल्कुल कोई एक परसेंट भी ऐसा कुछ ना हो तो हमने ये सोचते हुए उसको जब ब्लर करने के लिए प्रक्रिया अपनी कर दी कुछ उसमें ऐसी सुविधा होती है कि आप किसी किसी दृश्य को ब्लर कर सकते तो हमने वो पढ़ने में ना आए किसी के तो हमने उस चित्र को ब्लर करने की जब प्रक्रिया शुरू कर दी तो बाद में वापस आ कर के कह रहे कि नहीं नहीं उसको रहने दो ना उसको क्यों उठ रहे हो देखने दो लोगों को कितने निम्न लोग है मतलब अब यहां पर फिर वही हो गया क्या हो गया कि आपके
00:17:06:20 लिए उस मातृ शक्ति का जो मातृ शक्ति की जो गरमा है वो नहीं है ऊपर आपको यह दिखाना वो आपके लिए प्राथमिकता नहीं है आपके लिए प्राथमिकता क्या है लोगों को यह दिखाना कि भाई लोगों के सामने जो है जो आहवान को आवान को समर्थन देने वाले लोग हैं वो जो है निम्न है या जो भी आपका मंतव्य की प्राथमिकता उस मातृ शक्ति की गरिमा नहीं है जिसके बारे में आप विचलित हो रहे हैं अच्छा अब क्या
00:17:44:18 है मगर फिर भी हमने इनसे यह कह दिया कि हम जो है इस प्रकार की सामग्री नहीं रखते हैं और हम ऐसे कमेंट्स को भी डिलीट करेंगे और हम जो है उसको अगर स्क्रीन पर शो हो गया है तो उसको भी हटाएंगे जो भी है ठीक है तो अब बात य आती है कि मेरा जो कमेंट गलत था जो ऊपर आया था व आया य बातें हो गई अब बात य आती कि हमारी टीम के द्वारा जो कमेंट दिखाए जा रहे थे उनसे इन्ह क्या पत्ति थी इस बारे में भी आगे कुछ जानकारिया एकत्रित की गई है जिसमें की
00:18:33:01 देखिए ऐसा होता है कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं उससे रिलेटेड अगर कमेंट्स आ रहे हैं और अगर हम उसको दिखा रहे हैं कोई जानकारी मिल रही है या फिर कोई ऐसी बात है जो हमें आपके सामने जिसके साथ चर्चा हो रही है वह सामने रखनी है और या फिर कोई ऐसी जानकारी है कि सामने वाले के बारे में वह ऐसा बोल रहा है वह नहीं है या कोई बहुत उससे बिल्कुल रिलेटिवली कोई बात है जो वहां पर बताना आवश्यक है तो ऐसी जानकारियों को वहां पर प्रदर्शित किया जा रहा था हमारी टीम के द्वारा क्योंकि वो उपयोग में ली जा सकती है वो जो सर्विसेस है वहा दी गई है अब इनका आरोप क्या था इनकी तरफ से आरोप लगाया गया कि गाली वाले कमेंट बार-बार शो हो रहे थे अब यह पूरी जो साढ़े तीन घंटे की वीडियो है वो लाइव स्ट्रीम उसमें आप लोग भी जाकर देखिएगा कि पूरी लाइव स्ट्रीम में कोई भी गाली वाला कमेंट स्क्रीन पर आया है क्या पूरी स्ट्रीम में एक भी कमेंट गाली का नहीं था मगर इनकी ओर से यही आरोप लगाया जा रहा है कि भाई गाली वाले कमेंट जो हैं वो आपको बार-बार स्क्रीन पर शो हो रहे थे अब एक बात सोचने की है कि कमेंट्स
00:19:48:12 चर्चा जब शुरू हुई है उस तभी से लेके वहां तक जब तक इन्होंने आपत्ति जिताई है तब तक करीब लगभग काफी समय गुजर चुका था 15-20 मिनट एक घंटा हो गया था तो वह कमेंट जो शो हो रहे थे चैनल पर वह काफी देर से हो रहे थे मगर आप जब इन्होंने आपत्ति जताई है तो उस समय पर जाकर ध्यान से देखिएगा कि इनके चेहरे के उस समय के हाव भाव क्या है तो वहां पर सबसे ज्यादा जो कमेंट शो हो रहा था वह नवीन शर्मा जी की तरफ से हो रहा था जो यह कह रहे थे कि इनके जो जिस रूम में बैठकर ये बात कर रहे जिस क कक्ष में है उस कक्ष में केवल यही नहीं है और लोग भी हैं जो इनको इशारे कर रहे हैं जो इनको मोबाइल इत्यादि पर मैसेजेस भेज रहे हैं जिनकी आवाजें बीच-बीच में आती हैं जिनके लिए बोलते हैं कि कमरे में कोई नहीं है अपना कैमरा घुमा करके दिखा देते हैं मगर उसके बाद भी पेन मांगते हैं पेन क्या इन्होंने हवा से मांगा था एक दृश्य है जिसमें हमने कहा कि भाई आप दिखाइए आपके कमरे में कोई नहीं है क्या जहां आप बैठे हो जो य विघ्न आ रहा है भाई आप आप 10 नहीं आप हजारों लोगों को लेकर के आओ अपने सिद्धांत के पक्के हैं वो कोई बात नहीं है बस बस वो चर्चा के बीच में डिस्टरबेंस ना आए उनके कारण है ना तो हमने
00:21:03:14 इस भावना से इनसे कहा कि भाई डिस्टरबेंस आ रहा है आप एक बार दिखाओ अपने कमरे में तो फिर इन्होंने दिखा दिया उसके पांच पाच 10 मिनट बाद ये पेन मांग रहे हैं तो वो क्या थे कि नहीं थे तो इन्हीं से पूछना चाहिए हालांकि हम यह भी कर सकते थे कि जिस भगवत गीता को मानते हैं उसी भगवत गीता पर हाथ रख कर के कहिए कि आपकी कोई इस समय वहां पर सहायता करने के लिए वहां पर बीच में नहीं बोल रहा है आपसे कुछ भी तो यह हमने किया नहीं नेक्स्ट टाइम अगर यह ध्यान रखेंगे कि इनकी इस हद तक इनकी सच्चाई बाहर सामने आए कि क्या करेंगे भगवत गीता एज इट इज कि सौगंध खाएंगे कि नहीं खाएंगे खैर तो य जो चीज हुई कि इनका जो है विचलित होना नवीन शर्मा जी के उस कमेंट से कि वो ये कह रहे थे कि इनके कमरे में और लोग हैं जिनकी आवाजें आ रही है जिसकी वजह से डिस्टर्ब हो रहे हैं पहले कुछ बोल देते हैं उसके बाद वक्तव्य को बदलते हैं और यह भी बोलते हैं वो भी बोलते हैं और चारों तरफ निगाह तो आप इनके एक्सप्रेशन देखिएगा उस समय के कि यह उसी कमेंट के कारण इनके इनका यह जो प्रभावित हुए थे क्यों हुए थे क्योंकि इनको य भय हो गया था कि मेरी सच्चाई बाहर ना आ जाए तो इस कमेंट को मत सामने लाओ बारबार
00:22:18:24 मेरी सच्चाई बाहर आ जाएगी तो ठीक है यह भी प्रतीत होता है तो मैंने आपको बता ही दिया उसमें कई ऐसे दृश्य जिसमें किय पता चल रहा है कि पहले कुछ कहा फिर ऐसा लगता है किसी ने कुछ बता दिया तो उसके बाद अपनी बात को बदला तो इस इस वजह से वह जो लाइव स्ट्रीम है व इतनी कन्फ्यूजिंग इसीलिए है कि व्यक्ति एक बात प टिक नहीं रहा उस बात प आएंगे अभी अभी आएंगे आगे सैद्धांतिक बातें भी है जो हमारा मुख्य डिपार्टमेंट है वोह आगे आएगा
00:22:55:20 खर आंखों से सारे य सारी चीज उसमें थी चैट में और पहले इन्होंने प्रमाण मांगा एक जगह की बात है इन्होंने कहा प्रमाण दिखाओ जब हम सब वीडियो थे आपको कई जगह दास जी के चेहरे को देखना और आवाज भी आ रही थी जी बिल्कुल बिल्कुल आवाजें आ रही थी और नीचे मोबाइल में भी कुछ चल रहा था हो सकता है कुछ अंशों में हम गलत हो मगर उसमें यह निचोड़ तो है कि वहां पर ये जो है पूरा षड्यंत्र पूर्वक बैठे थे और कार्य कर रहे थे बारे में हमें सूचनाएं कई सारी मिली है इनके कुछ ग्रुप्स है उनके वीडियोस भी है जो हमें आ गए पता नहीं कैसे किसी प्रकार से मैं पहुंचाए गए हैं कि कैसी कैसी बातें हो रही है क्याक तैयारियां चल रही है अब इन्होंने एक बात और कही उसमें
00:24:09:16 अब इन्होंने कहा कि अच्छा यह भी यह भी एक बात थी पॉइंट नोट करने लायक था कि यह जो इतना क्लोज आकर के इस तरह से इस तरह से जो बैठे हुए थे कैमरे के पास मोबाइल के तो इससे भी ये जाहिर मतलब होता है कि यह कुछ और बातें सुनने के लिए सुन पाए इस कारण से इतना ज्यादा कुछ कुछ उसमें ऐसा था जो वहां से कई सारी चीजें सवाल खड़ा करती हैं यह सारी चीजों से पता चलता है कि भाई आवान से लड़ने के लिए क्योंकि यह तो लड़ने लड़ने नहीं आए थे हम लड़ने नहीं आए थे आहवान से टकराने के लिए बहुत लंबा चौड़ा एक षड्यंत्र जैसे गीदड़ नहीं हमला करते हैं शेर पर ऐसे हमला करने का प्रयास किया जा रहा था कई सारे गीदड़ गीदड़ मिलकर के अलग-अलग तरह से कि हम शेर को घेर लेंगे मगर खर हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता और भाई एक जगह का यह भी था कि
00:25:28:18 एक जगह पर आप लोगों ने ध्यान दिया हो कि ना दिया हो मुझे बड़ा अच्छा लगा कुछ मेरे गुरु भाई उन्होंने मुझे याद दिलाया कि एक जगह की बात है उस लाइव वीडियो में अच्छा दृश्य था वो जब मुझसे यह कहा गया भव्य राधा कृष्ण दास जी की तरफ से कि [संगीत] वोय यह कोई प्रोफेशनल तरीका नहीं है प्रोफेशनल तरीका नहीं है तो मैंने उनको कहा कि भाई हम जो है प्रोफेशनलिस्ट नहीं है प्रोफेशनल नहीं है हम मनुवादी हमसे प्रोफेशनल बिहेवियर की आप उम्मीद ना करें तो ये मतलब एक उसका मुझे अच्छा जो वहां की जो एक स्मृति है जो अच्छी लगी मुझे आप लोगों ने नोटिस किया कि नहीं किया बताइएगा
00:26:16:24 खैर इसके बाद जब चर्चा हो रही है वहां पर कि वहां इनका जो दूसरा लाइव स्ट्रीम चल रहा था उसमें इन्होंने चर्चा की कि भाई जब उन्होंने बहुत सारे अपने सवाल पूछ लिए सारे सवाल इन्होंने पूछ लिए और जो है उसकी पूछने की बारी आई तो हटा ही दिया तो पहले तो आप इसको समझिए हमने सबसे पहले प्रश्न किए आपके अधिकृत मंदिरों में जा जाकर आगे भी जाएंगे आप भी आर समाज की तरह पर्चा निकलवा दीजिएगा इस आदमी से बच के रहिएगा है ना तो आगे भी जाएंगे हमने पहले प्रश्न किए थे आपके मंदिरों में जा जाकर भाई ये ये चीजें ऐसे ऐसे क्यों है जब उसका संतुष्टि जनक उत्तर नहीं मिला तो हमने वही प्रश्न सोशल मीडिया के माध्यम से यहां डालना शुरू किए जो हम पूछ चुके हैं वहां पर जा जाकर आगे भी पूछेंगे तो आप यहां पर आए हो हमारे प्रश्न का उत्तर देने प्रश्न करने नहीं आए हो प्रश्न करना है तो जो तरीका है जिस तरीके से हम और आप मिल रहे हैं प्रश्न करना है तो उसके लिए आपको गुरुदेव के पास जाना चाहिए या
00:27:31:25 प्रश्न करने के लिए आपको आपके हिसाब से जो आपको पता चले किय शंकराचार्य का मठ है आश्रम है यहां जाना चाहिए है ना मगर ऐसा नहीं है कि हम प्रश्न का उत्तर देने से मना कर रहे मैं एक बात बता रहा हूं कि यह चीजें शुरू कहां से होती है हमने प्रश्न उठाए जो शिक्षाएं विवादास्पद है वो प्रश्नों का जवाब देने के लिए आप आए हो उन प्रश्नों का जवाब देने के नाम से आप आए हो आप प्रश्न करने के नाम से नहीं आए हो हमने ये नहीं कहा कि भैया आप प्रश्न करिए ठीक है मगर फिर भी हम लोग प्रश्न का उत्तर देने के लिए दायित्व वान स्वयं को समझते हैं यथा सामर्थ कोई हम ज्ञानी नहीं है अल्प ज्ञानी है शंकराचार्य के अल्पज्ञ शिष्य और प्रभु श्री राम के साधारण भक्त मगर फिर भी आपके प्रश्नों का उत्तर हम अवश्य दे पाएंगे भगवान से ऐसी प्रार्थना है ठीक है तो अब बात आती है कि हमने उन्हें हटाया क्यों साढ़े तीन घंटे से उनके साथ हम मगज मरी कर रहे हैं जो व्यक्ति प्रमाण मांगता है उसके बाद प्रमाण जो है कहता है मैंने कब मांगा जो व्यक्ति यह कहता है कि स्पिरिचुअल मां है व आपकी यहां की मां है भौतिक मां है वो स्पिरिचुअल मां है फिर वो व्यक्ति कहता है शरीर जो है भगवान का वो वो शाश्वत है फिर कहता है कि भगवान उसको नष्ट कर सकते हैं नहीं कर
00:28:47:13 सकते ये क्या है जैसे वो नहीं था वो राजपाल यादव किसी नेने छुप-छुप के देखी हो तो उस तोब वो दृश्य याद आता है जब मार पड़ने के बाद वो ऐसे करता है वो जब गूंगा बोलने लगता है उसका जो नायक था वो जब बोलने लगता है तो पहली बार जब उसको बोलता हुआ सुनता है तो राजपाल यादव ऐसे करने लगता है हसता भी है रोता भी है तो कुछ वैसी स्थितियां सी हो रही है ऐसे व्यक्ति के साथ हम साढ़े तीन साढ़े तीन घंटे बैठे हुए हैं उसके बाद हम कह भी रहे हैं कि चलो किसी और दिन रख लेंगे आपके प्रश्न जो है किसी और दिन ले लेंगे और उसके बाद क्या हो रहा है कि वो नहीं नहीं आज ही होंगी सारी बातें आज ही होंगी सारी बात तो फिर हमारी व्यवस्था है वो कि हमें हटाना पड़ा और सच्चाई तो यह है कि अगर हमारी जगह और कोई होता तो आपको बहुत पहले हटा दिया जाता ये सच्चाई है जब आप ये कहते ना स्पिरिचुअल मा तब हटा दिया जाता जब आप ये कहते कि जो है ये ईश्वर का शरीर शाश्वत भी है और ईश्वर उसे मार भी सकता है तो आपको हटा दिया जाता जब आप ये कहते कि वो जो इंफॉर्मेशन हमें मिल रही है वह गलत है झूठ नहीं है उस
00:30:02:13 पर बात करेंगे अभी उस पर बात करेंगे अभी है ना खैर तो हम हमने फिर वो बढ़ा दिया उसको बंद कर दिया अब दोबारा जब हमारे से ा पर आ करर के चर्चा कर रहे हैं ा में कमेंट भी कर रहे हैं दोबारा कब करोगे चर्चा तो हमने कहा भाई फॉर्म भर दो करेंगे चर्चा भाई मैं स्कन से नहीं हूं किसी दिन उसको परंपरा वादियों से शास्त्रार्थ करने
00:30:41:06 बोलो हम ठीक है हम चार शास्त्रार्थ नहीं करते हैं शास्त्रार्थ करने का अधिकार जिसको प्राप्त है वही करते हैं हम डिस्कशन कर सकते हैं और तो हमने उनको जब फॉर्म भरने को बोला तो अब वह कहते हैं कि भाई हमने पहले आ चुके हैं मतलब कई सारी बातें दोबारा से फिर हमने बोला कि संडे को
00:31:23:26 बता तो फिर दोबारा से दोबारा चर्चा की उनसे बातें शुरू हुई उसमें instagram2 बजे आ जाइए आज ही आ जाइए तो जब आज ही आने की बात हुई तो उन्होंने कहा कि आपको एक दिन पहले बताना चाहिए था संडे को रखिए सैटरडे को रखिए हमने उनको यह भी बताया कि क्या कहते हैं भाई हम आप अभी 10:30 बज रहा है और दो 2 बजे का हम रख सकते हैं आप आज आ सकते हैं तो फिर वो बोले कि नहीं मैं 7:00 बजे आ सकता हूं आप आ सकते हो क्या हमको कहीं बाहर जाना था 7:00 बजे के बारे में तो फिर हमने कहा कि या तो कल रख लीजिए हां उन्होंने कहा कि आप अगर 7:00 बजे नहीं आ सकते तो हम तो कल रख लीजिए तो हमने कहा कल हमको कहीं बाहर जाना है तो इसी बारे में बात हो ही रही थी कि अब वो अपनी और डिमांड्स लाने लगे मॉडरेटर लाओ मॉडरेटर रिपन से ही होना चाहिए क्योंकि आप चर्चा में चिल्लाते हैं यह हैं बहुत सारी दरदर की बात तो भाई देखिए मॉडरेटर का कोई यहां पर वो नहीं वैसे हम प्रयास करते हैं करेंगे ऐसा नहीं है कि कोई मॉडरेटर मगर वास्तविकता यह है कि मॉडरेटर जब आप चाहते हैं तो आप यह चाहते हैं कि या तो आपके बताए हुए व्यक्ति पर
00:32:38:26 हम भरोसा करें या फिर हमारे बताए हुए व्यक्ति पर आप भरोसा करें तो जब हमारे बताए हुए व्यक्ति पर आप भरोसा नहीं करेंगे तो आप यह अपेक्षा क्यों कर रहे हैं कि आपके बताए हुए व्यक्ति पर हम भरोसा करेंगे तो यह तो एक निष्पक्षता रहित बात हुई ना पक्षपात हीनता कहां रही इसमें तो मॉडरेटर इत्यादि के नाम से नहीं ये तो हमें डिसाइड करना पड़ेगा अपनी बुद्धि और विवेक से कि एक म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग बनानी होगी उसमें मॉडरेटर है इसकन का कि नहीं है तो इस तरह की भावना हम रखते हैं कि हम भैया एक सड़क पर निकल रहे हैं और सड़क पर निकलने के बाद ही वहां पर कहां पर क्लच लगाना है कहां पर ब्रेक का उपयोग करना है यह सारी बातें हम पहले से डिसाइड नहीं कर सकते और हमारी भावना यह रहती है कि हमारे हा तो कोई भी किसी भी प्रकार का अन्याय ना हो किसी के भी साथ किसी के भी अधिकार का हनन ना हो हां पहले इन्होंने 2 बजे के लिए हां कर दिया उसके बाद अब आगे क्या होता है कि जब इन्होंने इधर उधर की बात की मतलब ऐसा लग रहा था कि जैसे इनका चर्चा करने में इंटरेस्ट नहीं है बस एक फ एक मतलब य रखना चाहते कि हमने चर्चा के लिए कहा था और जब वो तय होने लगी तो फिर उससे इधर-उधर की बात है कि आप
00:33:53:28 चिल्लाते हो चिल्लाओ ग ऐसी डिमांड करना जो इनको मालूम है कि हमने मानेंगे यह चाहते हैं मॉडरेटर स् कन का हो तो वो तो पॉसिबल नहीं है अच्छा फिर उसके बाद इनका आरोप लगाना बिना बोले निकाल दिया उसके बारे में हम बता ही चुके हैं कि हमने क्यों निकाला था बिना बोले और गालियों वाले कमेंट करते हैं आप लोग और यह सारी चीजें करने लगे हमने जब इनको कहा कि आपके लोग भी हमें गालियां देते हैं मैसेज में इतने गंदी गंदी गालियां आई है जिसको हमको क्या कहते हैं उसमें डालना पड़ता रिस्ट्रिक्शन में या ब्लॉक करना पड़ता है मैसेज में गंदी गंदी गालियां आ रही है वो सब कुछ है हमने जब इनको यह कहा कि व आपके लोगों वो जो है हमें गालियां दी गई कमेंट्स में तो जैसे इनका ये कहना है कि हमारे लोग आपको कमेंट्स में गालियां देते हैं हमने कहा ऐसे तो आपके भी देते हैं क्या उसके कारण आप हम पर दोष लगा सकते हैं अगर तो फिर इन इन ये जो कमेंट्स हमें गालियां दी जा रही है इनके कारण हम आपको दोष लगा सकते हैं तो एक बोल रहे हैं कि वो हम नहीं दे रहे हैं वो आर्य समाजी दे रहे हैं मतलब भैया ऐसा करो 250 ग्राम मिर्ची का पाउडर लाओ एवरेस्ट का आंखों में झोक दो मतलब
00:35:09:08 हम मतलब आपको जब कुछ गलत कहा जाएगा तो उसके दोषी हम है निर्विवाद रूप से और जब हमको कोई अगर आपके संदर्भ से आपका हिमायती होते हुए जब हमको गाली दे देगा तो निर्विवाद रूप से वो आर्य समाजी है क्योंकि आप जो है दुनिया के वो है भगवान ईश्वर आप है ना आप लोग हमें कहते रहते हो भगवान है भगवान भगवान जैसी बातें तो अथॉरिटी तो आप दिखाते हो हां आप ऐसा करते हो कि मैं जो बोल दूं वो मान लिया जाए बहुत से लोग कहते हैं मैं जो बोलू वो मान लिया जाए
00:36:07:20 तो अब आगे चलते हैं ये सारी बातें हो गई कुल मिलाकर के विषय पर बातें तो कर नहीं रहे थे वो और इधर उधर की बातें करना अभद्र आचरण करना चेतावनी देना तो यह सारी चीजें उनकी चल रही थी तो यह तो रहा कि वह कमेंट के बारे में जो जितनी चीजें हो सकती थी यथा सामर्थ हमने आप लोगों को बताने का प्रयास किया अब बात आती है कि एक चैनल पर इन्होंने हमारी जो लाइव चर्चा थी उसको लाइव किया था अपने चैनल पर अब इन्होंने वहां क्या किया है वह भी समझिए उसके लिए मुझे वो मोबाइल दे दीजिए जरा दिखाना है उस चैनल पर इन्होंने हमें नीच पता नहीं और कौन कन से और कौन-कौन से कई शब्द है जो सारे नहीं बोल सकता हा नीच का उपयोग में कर सकता हूं नीच बोलना ऐसे ब्रह्म को मैं मारता हूं ठुकरा हूं मतलब उसमें वो गलत शब्द है जो लात मारने वाला वो भी है यह सारी चीजें इन्होंने वो की तो पहले मैं आपको इनकी वो रिकॉर्डिंग
00:37:22:24 सुना देता हूं जो इन्होंने उस चैनल पर हमारे बारे में मुख्य मुख्य जो हमने हमें समझ में आई ये सामने से आके ना बात करने आए ना इनको टैग करो इनको टैग करो इनके चैनल में जा जा के ऐसे ऐसे टैक करो इनको समझ में आ जाए बस छोड़ो इनको ये तो खुद ही लगे हैं यार ये वैष्णव और से हटो अभी हमारा दुश्मन को कोई और है ये ची अवान अरे अवान को समझा नहीं है ना अवान नहीं समझ रहा ना ये चीज मैंने भी उसे कहा सामने से पहले कोई अटैक करेगा हमें डिफेंड तो करना ही पड़ेगा ना फिर उ इतनी बात समझा पर आवान तो खुद कह रहा है कि पहले हम जो ये सब है वैष्णव अलग है जो अवेद से अलग है जो संप्रदाय इनको खत्म करो क्योंकि वो तो अवेद को ही मानता है वो कह रहा अवे सत्य और सब ये फालतू की चीज है अवेद के अलावा सनातन धर्म हा तो पहला वीडियो इसमें आपने क्या सुना आहवान यह कहता है कि बाकी सबको खत्म करो दैत को खत्म करो मेरी कौन सी वीडियो में हमने ऐसा कहा है इतना मिथ्या विचार मतलब साफसाफ कोरा झूठ हमने अपने
00:38:37:26 कौन से वीडियो में कहा है कि हमें जो है अरे हमें तो आर समाज को नहीं नष्ट करना हमें तो रामपाल वाला जो तंत्र है उसको नहीं नष्ट करना शोधित हो जाए वही के वही मंदिर रहेंगे जो शिक्षा जो गलत प्रतिपादित हो रही है वैसा का वैसा ही मंदिर सबको चा वैसा ही रहे शोधित हो जाए भाई द्वैत को मानते हुए आप द्वैत को द्वैत का आलंबन आराम से ले सकते हैं हम भी लेते हैं हम भी द्वैत वादी हैं व्यवहार में हम द्वैत को ही मानते हैं वो आप लोग अपना द्वेष निकालने के लिए कहते हैं कि हम लोग यह कहते हैं कि हम ब्रह्म है नहीं हम ब्रह्म नहीं है हम ब्रह्म है इस स्थिति तक पहुंचना हमारा लक्ष्य है कैसे पहुंचेंगे राम की भक्ति करके कृष्ण की भक्ति करके वो प्राप्त है खैर मगर अगर पॉइंट की बात की जाए तो हमने अपने किसी भी वीडियो में यह नहीं कहा है कि हमें तंत्रों को नष्ट करना है हमें तो जो हमारी जो समरसता जो एकता है वो लानी है समाज में संगठित करना है समाज को जो बट गया है उसके कारण से जो ऐसी शिक्षाएं हैं जो बांट रही है हमें उस पर हम प्रश्न करते हैं केवल कहीं
00:39:53:00 पर भी निर्णायक नहीं बनते इतनी बातें बोली जाती हैं आर समाज के द्वारा व ऋषि वाच चैनल पर इतनी बातें बोली गई सीधे-सीधे बोला गया कि तुम ऐसे हो तुम पाखंडी हो तुम ये हो तुम वो अब हमारा वीडियो उठाकर देख लीजिएगा सवाल किया प्रश्न किया अनंत सामर्थ वान है कि नहीं ईश्वर प्रश्न किया हमने हमने नहीं कहा दयानंद जी गलत लिखे ये किया वो किया परंपरा क्या है विरजानंद के पहले कौन पूर्णानंद के पहले कौन हमने प्रश्न किया जिससे कि वो प्रश्न बारबार उद् भाषित हो लाइम टेड हो उस पर बात हो उस पर चर्चा हो और कोई ऐसी बात निकल के आ सके हो सकता है कोई ऐसी बात हो उनके पास जो नहीं पता है लोगों को वो निकल के आ सके जिससे कि उनकी बात अकाट्य हो सके तो हमने कहीं भी हमने कहीं भी ऐसा नहीं कहा है कि भाई क्या कहते हैं हम किसी को नष्ट करना चाहते हैं तो वो क्या कह रहे हैं ये सब खत्म अद्वैत कुछ नहीं है हमने अपने सभी वीडियो में कहा है द्वैत रास्ता है अद्वैत प्राप्ति है द्वैत जो है मार्ग है और उसका लक्ष्य है अद्वैत कितनी
00:41:08:04 आपको नहीं लगता य सुंदरता भरी बात है जिसमें द्वैत भी आ गया द्वैत भी आ गया अरे आर समाज भी आ जाएगा निराकार भगवान की बात है यहां पर करो निराकार की पूजा यह कहते हुए मत करो यह कहते हुए मत करो कि साकार नहीं है निराकार की पूजा करो यह कहते हुए मत करो साकार नहीं है क्योंकि जब आप ऐसा कहते हो तो निराकार और साकार में समाज समाज बट जाता है निराकार की पूजा भी है सनातन में अद्वैत में है तो अब अगर किसी का अस्तित्व ही इस कारण से है कि हम जो है इसके विरोधी के रूप में ही जाने गए हैं तो अब वो तो अपनी वो अस्तित्व को या तो बचाएगा या तो अपने क्या कहते हैं या तो अस्तित्व को नहीं बचा पाएगा उसका अस्तित्व भी नष्ट हो जाएगा तो वो बात अलग है किसी ने अपना अस्तित्व इस बात पर तैयार किया हो कि मैं कौन हूं मैं हूं अद्वैत का विरोधी अद्वैत वाले निराकार के विरोधी नहीं है हां अगर कोई ऐसा निराकार को मानने वाला जो अद्वैत का विरोधी तो वहां प्रॉब्लम है अद्वैत वाले द्वैत के विरोधी नहीं है हां यदि कोई द्वैत को मानने वाला ऐसा है जो अद्वैत का विरोधी है तो प्रॉब्लम है
00:42:28:20 हां तो अगर कोई हो वहां पर निष्ठावान कृष्ण भक्त प्रभुपाद जी को मानने वाला तो वह आए हमारी लाइव में और यहां आकर बताए कि हमने यह बात कब बोली है कि हम जो है सबको बाकियों को नष्ट करना चाहते खत्म करना चाहते हैं वह आपके मन का भय है शायद कि कहीं वो सिद्धांति चर्चा ज्यादा होने लगी तो हमारा नष्ट होने वाला तो भय है अगर और आपके मन में द्वंदवा है कि हम विरोधी हैं अद्वैत के तो य भय अच्छा है जैसे दाग अच्छे हैं ना वैसे हीय भय भी अच्छा है जो बात हमने बोली नहीं वह आपको सुनाई दे रही है तोय भय का देवत है यह भय अच्छा है होना चाहिए फिर उन्होंने क्या बोला आगे देखिए क्या बात हो रही हैय तरीका था य तरीका था उनको कैसे भी करके वापस लेकर मतलब कैसे भी इन लोगों को होता क्या है थो नक आए विस्तार के लिए उन्होने दो चार बात बोली जिस कारण से थोड़ा इनका विरोध किया गया मतलब आपने
00:43:43:24 क्यों कह दिया कृष्ण और इसको बराबर बो भाई भारत में कभी बोला नहीं गया के बा क् वरा बरा
00:44:23:02 चैनल बसे बो जिस इंटूट को फलो करता है व सारा ही अग डि स ने शंकराचार्य हो घर वाप कर सकते तो बोले घर वापसी करना सना में डि म कोई भी तरफ स इनके अंग जो घर वाप करते समाज को इही कारणों से आर्य समाज कोलोग विरोध करते हैं आर्य समाज घर वापसी करवाता हैन घर वापसी करवाता है तो इस कारण से ये लोग समाज का विरोध करते है मेन कारण ये है
00:45:10:20 और तो भाई इन्होंने कहा कि सारे ट्रेशन जो होते हैं यानी परंपरावादी परंपरा निष्ठ वो जो है घर वापसी नहीं कराते कहां से पता चल गया कहां से पता चल गया आपको आप आइए कितने लोगों को लाना है आपको चलिए शंकर शंकर परंपरा के आचार्यों के ले चलते हैं करिए घर वापसी मतलब अपने मन से कुछ भी बोलना है वो बोल कर के और सामने वाले को जो है यह बता दो कि हम बहुत अच्छे हैं दुनिया बहुत बुरी है और सबसे बड़ी बात क्या है कि चलो आर्य समाज तो स्वयं को परंपरावादी नहीं कहता है तुम तो कहते हो तुम तो कहते हो ना कि हम परंपरावादी है तो क्या कह रहे हो कि जितने भी ट्रेडिशनल है वो घर वापसी नहीं करते आप ट्रेडिशनल नहीं हो क्या भगवत गीता में क्यों लिखा है बार-बार हमरा ज्ञान परंपरा से प्राप्त हुआ तो यहां से इनका परंपरा विरोध का पता चलता है और परंपरावादी होने के पाखंड का पता चलता है कि परंपरावादी होने का पाखंड है वस्तुतः ये परंपरा विरोधी है और वह बात अलग है कि इनको नहीं पता कि परंपरा प्राप्त आचार्य भी जो विधर्मी हो चुके हैं किसी कारण वश उनका वो हो चुका है उनकी घर वापसी होती है
00:46:25:27 बंगाल के जो ब्राह्मण थे उनको जबरदस्ती मास इत्यादि खिला खिला करके व्यवस्था पूर्ण उनका धर्मांतरण वहा कराया गया था करपात्री जी महाराज ने वहां पर जाकर के उनकी घर वापसी कराई थी जाइए हिस्ट्री पढ़िए जाकर के मतलब जितना आपको पहुंचा दिया गया सुना दिया गया केवल उतनी ही सच्चाई है दुनिया में और कुछ नहीं हमने जापान नहीं देखा तो जापान नहीं है बन जाओ शिरोही हमने भगवान नहीं देखा तो भगवान नहीं है बन जाओ सिरो जिसके पास सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में कौन माता है कौन बहन है कौन पत्नी है यह विभाजन करने का कोई आधार नहीं है उसका नाम है सिरोही बन जाओ उसका यही सिद्धांत है मैंने नहीं देखा जापान तो मैं नहीं मानता जापान
00:47:13:24 है सारे ट्रेडिशनल स्वयं को फिर ट्रेडिशनल भी कहेंगे फिर सुनो आगे और क्या कह रहे हैं माया नहीं कगा तो क्या तुम लोग मायावती कहलाने के अपने ईश्वर क हम ईश्वर है और दूसरे की पत्नी पर दूसरे की होने वाली वाइ प करोगे य तुम ईश्वर हो सुपर चट दे रहे और लिख रहे हो य यह रहा भव्य दास का नंबर पहले इसने नंबर वा किया इस मायावादी ने मेरे पर किसी को चाहिए तो बताना इसकी गर्लफ्रेंड की प है न मिनट में में हारा था मुझसे हा भाई खुद को ईश्वर कहते कहते क्या खुद को ईश्वर समझने लगे हो क्या किसी की जो चाहे गर्लफ्रेंड हो किसी की होने वाली वाफ उसका फोटो वायरल करोगे साले इतने नीच हो गए तुम हा तुम इतने नीच हो ग तुम किसी का नंबर वायरल करो डिबेट के कारण यही संस्कार है तुमको अच्छा मैं डिबेट गया नहीं और मुझे जाना भी नहीं है ठीक है क्योंकि अभी से नहीं हं मेरे कोई प्रश्न नहीं है लेकिन जब इंसान जब ये बार बार वैश्णवा
00:48:29:08 चार्य की निला करेगा हम जाएंगे ठीक है लिटरली क्या इस जनता क्या अनपढ जनता है क्या कोई लिख रहा है कि मैंने इसके फोटो वायरल किया है कोई कह रहा है कि मैंने इसका नंबर वायरल किया है सुपर चैट कर रहा है इसको ये बंदा इतना मधूर है कि सुपर चैट को सामने लगा दे रहा है कोई इंसान भ को गाली दे रहा है तो ये उसको हाईलाइट कर दे रहा है कभी उसको बोले भाई आप सामने बारबार कर रहे हो ठी बायनेस ठीक है इसको समझ नहीं आता है डिबेट कभी डिबेट तो किया है नहीं प्रोफेशनली अब इसमें तो भैया इन्होंने भरमार लगा दी पहले तो मैं आपको कहूंगा कि आप हिंदू तो है नहीं जब आप किसी मातृ शक्ति को किसी की गर्लफ्रेंड बता रहे हैं तो आप हिंदू है कौन है क्योंकि जिसकी आप गर्लफ्रेंड बता रहे हैं अगर वो होने वाली भार है उसकी तो यह आपके लिए उसके लिए आप के शब्द हैं गर्लफ्रेंड य कहां से सीखा है आपने कौन से परंपरा प्राप्त अध्ययन किया है भाई गर्लफ्रेंड यही सिखाओ ग यही शिक्षा दोगे अपने चैनल से जनता को कि आवान गलत है हमसे आकर सीखो गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड यह सीखो यह तो अमोक
00:49:44:15 लीला जी भी नहीं सिखाते हैं अरे गर्लफ्रेंड शब्द का उपयोग क्यों कर रहे हो जब कोई स्कोन की तरफ से आकर के बात कर रहा है हम फिर क्या कह रहे हो हमने वैष्णवास्त्र आता है लास्ट की जो स्क्रीन आती है उसमें वैष्णवास्त्र प्रभुपाद जी या स्कन तंत्र य कहता है कि हम जो है वही वाले वैष्णव है जो मधवा चार से स्टार्ट हो रहे हैं तो उस पर किसी दिन चर्चा कर लीजिएगा आ कर के उनकी परंपरा हंस भगवान से शुरू हो रही है आपकी परंपरा भगवान श्री कृष्ण से शुरू हो रही है ढेर सारे ढेर सारे अंतर है आप में और उनमें तो क्या गुरु विरोधी है क्या तो यह तो एक अलग चैप्टर है हालांकि ने श्रील प्रभुपाद जी को भी यह सब होते हुए भी
00:50:59:18 हमने कभी भी उनके प्रति कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की हमने प्रश्न पूछे हैं वो आपको गाली लगते हैं क्यों लगते हैं यह भय है सैद्धांतिक प्रश्नों पर आपको जो भय हो रहा है यह भय का तक है कि प्रश्न आपको गाली लगने लगे आपने खुद को घोषित कर लिया तो आप वैष्णव हो गए हैं अभी सैद्धांतिक रूप से पूछ लिया जाएगा वैष्णव कौन होता है दिखा दिया जाएगा कि और वैष्णव में कोई अंतर नहीं है तो आवाज नहीं निकलेगी इसलिए इन सिद्धांतों को साम इन सिद्धांतों से बचने के लिए वो वैश्णवा चार्य को गाली देगा तो मैं आऊंगा हा और क्या कहा इन्होंने धूर्त है जो उस चैट को ऊपर दिखा रहा है इसमें गालियां दी जा रही है गालिया दी गई उसमें पूरे साढ़े तीन घंटे की लाइव में किसी भी गाली वाले कमेंट को ऊपर नहीं दिखाया गया है और आप क्या कह रहे हो धूर है गाली वाले वो चैट को ऊपर दिखा रहा है और क्या कह
00:51:59:09 कि वो उसकी जो होने वाली भार्या है उसके लिए ऐसी बात कर रहे भाई हमने जो अगर वह चीज ऊपर आई भी है जिसमें की आपत्ति जनक कोई बात नहीं है मैं फिर कह रहा हूं वो चीज ऊपर आई भी है उसको भी हमने ब्लर कर दिया आपने क्या किया उसी बात को वहां पर खुल्लम खुल्ला दिखाया और अभी भी दिखा रहे हो कोई ब्लर नहीं हुआ है इसका अर्थ क्या हुआ आपके लिए अगर वो उसमें कोई आपत्ति जनक बात है मातृ शक्ति के लिए भव्य राधा कृष्ण दास जी की जो होने वाली भार्या है या फिर उनसे उनका विवाह वो निश्चित हुआ है मैं इसी रूप में जानता हूं आपकी गर्लफ्रेंड वाली चीजों को मैं नहीं जानता व आप जानो वो सिखाओ अपने चैनल से है ना और क्या है कि आपने क्या किया कि हमने जो जो हमसे जो अनजाने में हुआ और वो भी इसके निमित्त हुआ कि हम उस चीज को सही कर सके उसको भी हमने बदलने के लिए प्रक्रिया चालू कर दी आपने क्या किया उसको अपने आ से और हाईलाइट करके रिपीटेड दिखाया और अभी भी दिखा रहे हो इसका अर्थ यह है कि आपके लिए उस मातृ शक्ति की जो गरिमा है वह प्राथमिकता पर नहीं है आवान
00:53:14:25 को नीचा दिखाना आपके लिए प्राथमिकता है और और सुनो सैद्धांतिक रूप से बात करते हैं हम लोग तो भाई मन गणन बातें नहीं करते और सुनो कि आपने क्या-क्या कहा नीच धूर्त और और भी कुछ कहा गाली वाली देते हुए तो रामो विग्रहवां धर्मा वाल्मीकि रामायण 337 1 जो राम ने किया वह धर्म है जो राम की सीमा के बाहर है वह अधर्म है निम्न नीचता है राम ने जब रावण ने प्रभु श्री राम की जो अर्धांगिनी है माता सीता उनका जब हरण कर लिया था कौन सी जगह पर उन्होंने गाली दी थी रावण
00:54:06:16 को कौन सी जगह पर दी थी यह राम से नहीं सीखा ना किससे सीखा मलेच्छ से इसीलिए काउंटर करते हैं मलेच्छ गुरु ना बनाओ मलेच्छ गुरु बनाओगे यह होगा मलेच्छ से सीखा ना कि गाली दो नीचता पर उतर आओ राम जी ने तो नहीं सिखाया ये और क्या कह रहे हो अच्छा हुआ मैं लाइव में नहीं गया अच्छा हुआ जो नहीं है वो लाइव छोड़ो सामने नहीं
00:54:40:15 हो अगला वीडियो सुनो ऐसा तो नहीं है डिबेट हुआ है मुसलमानों डिबेट नहीं जाएगा या जो ऐसा है कि क्रश्न या फिर अन्य धर्म वालो के पास ट नहीं जाएगा सबके पास ट जाएगा और जब ये हरकत देख कमेंट को उन्होने जो पिन कर रहे थे कमेंट ठीक है ऐसे सुपर चैट भा समझ नहीं आता क्या चीज हमें बोलना है किसी महिला के बारे तुम बात कर रहे हो फिर तुम कहोगे कि हम हम स्मार्थ है अ ब्रम में ईश्वर काहे का ईश्वर जब किसी स्त्री का सम्मान नहीं कर सकते हो कहे का ईश्वर हो तुम कहे का ब्रह्म हो तुम लात मारते हैं ऐसे ब्रह्म को हम जब तुम किसी स्त्री का सम्मान नहीं कर पा रहे हो तुम सुपर चैट डाल रहे हो का उसको महान दिखा रहे हो अरे मैंने तो इसकी होने वाली वाइफ के फोटो वायरल किया
00:55:36:21 है सुन लिया लात मारता हूं ऐसे इसको है ना तो यह सारी इनकी गतिविधियां है और यह अपने आप को धार्मिक उत्थान करता मानते हैं चार पांच झापड़ में ठीक हो जाओगे पूरा नशा उतर जाएगा पूरा बस वही है कि जब तक भैया मोबाइल प्राप्त है इंटरनेट प्राप्त है वो अब तो थोड़ा महंगा हो गया 00 का कर दिया रिचार्ज जीओ य का तो कुछ भी करते
00:56:14:14 रहो लात मारता हूं अब आ जाते हैं थोड़े सैद्धांतिक विषय प है ना कि लोगों को समरा हो जाए कि उसमें क्या हुआ है सबसे पहले हमारी बात हुई मायावादी पर कि वह हमें अवैध मायावादी वह मायावादी जिसको जिसकी बात पद्म पुराण में हो रही है वह हमें किस प्रकार से कहते हैं तो क्या हो रहा है कि हमने जब उनसे यह पूछा उनमें से एक उन्होंने चार पॉइंट बताए थे जिसमें से एक पॉइंट यह था
00:56:58:18 कि आपके विद्वानों ने अपने आप को मायावादी माना है तो इसम प्रश्न क्या बनता है हमारे विद्वानों की जो बात है वह आप तक कैसे पहुंची परंपरा से पहुंची परंपरा से अध्ययन किया अपने मन से अध्ययन किया हमारे विद्वानों ने क्या स्वयं को अवद मायावादी कहा है क्योंकि पदम पुराण की जो बात हो रही है उसम वैदिक मायावादी अवद तो अ वैदिक मायावादी तो कहा नहीं है या तो उसमें यह कहा जा रहा हो कि वो फलाने व्यक्ति जो कहेंगे वो वाले मायावादी क्योंकि मायावादी का अर्थ तो इस बात से है कि जिसने माया की व्याख्या की माया की बात की तो वह जो बात है वह
00:57:35:10 मायावादी जिस कांटेक्ट में अपने आप को मायावादी कहा है वो वही कॉन्टेक्स्ट है भाई शास्त्रों में माया नाम से बात हुई है भगवान माया नाम से बात कर रहे हैं पद्म पुराण में गीता महात्मा में बता रहे हैं कि मेरा जो शरीर है माया है अब उसकी व्याख्या आपकी कुछ भी हो मगर माया शब्द तो है ना क ज कौन के शास्त्रों में है इसी संदर्भ में उन विद्वानों ने अपने आप को माया बात कहा तो इससे ये सिद्ध नहीं होता कि ये जो इन्होंने मायावादी तो ये वही मायावादी मायावादी जवाब नहीं था और दूसरी बात कि वो तो अपने आप को वैदिक भी कहते हैं वो तो अपने आप को ब्रह्म को प्राप्त करवाने वाला जो ज्ञान देने वाला यह भी बताते हैं प्रामाणिक आचार्य भी बताते हैं तो यदि उनकी बात को आप प्रमाण मान रहे हो तो इसको नहीं मान कर के इसको कैसे मान रहे हो इसका अ कि उनकी बात के आधार पर यह नहीं आप मान सकते कि वह वही मायावादी जिसके बारे में बात हो रही है कहां उसमें पद्म पुराण फिर दूसरा आपका था पॉइंट बहुत लोग कहते हैं कि आप मायावादी हो बहुत लोग तो हमने क्या कहा था उसमें ईसाई कहते हैं कि सनातन गलत है बौद्ध कहते हैं कि सनातन गलत
00:58:51:01 है मुस्लिम कहते हैं कि सनातन गलत है इसका अर्थ क्या हुआ हम गलत है बहुत लोग कहते हैं और इस बारे में हमने फिर बताया कि आप जो है आप जो है जो बहुत लोग कहते हैं इससे यह सनातन सिद्धांत नहीं है अगर प्रहलाद के समय में य पूछा जाता वोट डलवाए जाते कि कौन प्रहलाद के पक्ष में है कौन हिरण्य कश्यप के पक्ष में है तो कितने वोट आते प्रहलाद जी को तो प्रहलाद जी गलत थे महाभारत के समय में अगर पांडवों के लिए वोट डलवाए जाते कि डालो पांडव पांडव सही है कि नहीं तो कितने वोट आते पांडवों को तो इस आधार पर तय किया जाएगा कि कितने लोग कह रहे हैं संख्या बल क्या कह रहा है यह सिद्धांत है सनातन और सनातन से याद आया जो इन्होंने पिछले अभी हमने जो रिकॉर्डिंग सुनी है उसमें क्या कह रहे थे ये लोग कि भाई वो जो है घर वापसी कराने के लिए थोड़ा बहुत ऐसे बोल देते हैं ये थोड़ा बहुत जो ऐसे बोल रहे हैं उसको लिखो नाय सनातन शिक्षा नहीं है और आपने कहा इंडिया में नहीं बोला जाता क्या वो वीडियो इंडिया में प्रचारित प्र सादित नहीं हो रहे हैं जिसमें वो ये बोल रहे हैं और इंडिया में भी बोला जाता है भारत में बोला गया है कृष्ण
01:00:06:06 अल्लाह और यहोवा में कोई अंतर नहीं है यह हमसे इकोन मंदिर के अध्यक्ष ने बोला है क्यों बोला विदेशों में बोलते ना हम तो टीका भी लगाए थे उनको मालूम था कि हम हिंदू हैं क्यों बोला बोल देते कि नहीं नहीं अलग अलग है व ऐसे ही बोलते हैं हम लोग नहीं बोला बोला इस कन य अल्लाह में कोई अंतर नहीं है यह तीनों एक ही है अच्छा हुआ सामने नहीं आए हा और अगर वह सनातन सिद्धांत नहीं है तो यह भी यही तो हम कह रहे हैं कि भाई कहो ना कि सनातन नहीं इस पर लिख दो यह जो शिक्षा है यह सनातनी हों के लिए नहीं है यह जो शिक्षा है यह सनातन शिक्षा नहीं है लिख दो ना नहीं ग्रंथ तो य सनातन ही है मगर ये कह इसलिए रहे जो किसी भी देश काल परिस्थिति से प्रभावित ना हो उसका नाम नित्य शाश्वत है आपका ज्ञान जो है य वाला प्रभावित है इस स्थिति से कि वहां पर धर्म का प्रचार कैसे हो करो मगर फिर उसको सनातन मत
01:01:20:08 कहो वाचस्पति के लिए भी है ना कि वाचस्पति ने अरे भाई तुम जो अपनी लाइव में वाचस्पति का सूत्र दिखा रहे हो उसकी बात तो हमने कर ली ना वाचस्पति खुद आए थे क्या आपको बताने मैं अवैध मायावादी हूं वही मायावादी हूं जो जिसकी बात पद्म पुराण में हो रही है बैठ के वहां कार्बो टारगेट खेल रहे हो लखनऊ में रहता हूं उत्तर प्रदेश 7408 30169 चले आना और फिर बोलना वही सब रिपीटेड बोलना आंखों के सामने जो तुमने बोला मैं वही बोलूंगा जो मैं आज यहां बोल रहा हूं इसको कहते हैं जो प्रभावित नहीं होता देशकाल परिस्थिति से तुमने जो किया व अधर्म था क्योंकि जिस दिन मैं सामने खड़ा हंगा तुम्हारी बोली नहीं निकलेगी वो वाली मर्यादित हो जाओगे यथा सम्मत जितनी मर्यादा मालूम होगी यह अंतर होता है धर्म और धर्म
01:02:18:03 का वाचस्पति का वहां दे रहे हो भाई वही तो हमारा वही तो हम पूछ रहे हैं कि आपने वाचस्पति की शंकर संप्रदाय वाले लोगों की जो शिक्षा है जिसका आप आलंबन ले रहे हो यह मानने में कि ये मायावादी है वो शिक्षा आपने कहां से प्राप्त की घर बैठे प्राप्त कर ली फिर खुद ही कहते हो परंपरा के बिना ज्ञान प्राप्त नहीं होता चैनल को बंद करवाने के लिए प्रयास कर रहे हो कोई बात नहीं हमने इतने बीज बो दिए हैं एक जाएगा लाखों आएंगे ठीक है मनुवादी प्रोफेशनल नहीं मनुवादी आएंगे
01:03:00:12 मनुवादी अब बात आ जाती है कि हमने उस दिन एक प्रमाण दिखाया था पुराण दिग्दर्शन यह प्रामाणिक आचार्य है रामानुजाचार्य परंपरा के और इनका बोल बाला है हिम्मत तो है नहीं ना साहस नहीं है आरस माजियो ने जो मूर्ति पूजा का खंडन किया निराकार पुराणों का खंडन किया मजाक उड़ाया राधा रानी का मजाक उड़ाया हैं जिस आचार्य ने इतना अच्छा ग्रंथ लिखा उसके ही अस्तित्व पर सवाल उठा दो क्योंकि आप उसकी रडार के अंदर आ गए आप तो ट्रेडिशनल हो नहीं है ना तो उसके ऊपर सवाल उठा दो यह पुराण दिग्दर्शन पता है क्यों लिखा गया है क्योंकि पुराणों पर आक्षेप लगे थे तब लिखा उन्होंने पुराण दिग्दर्शन आपने उनकी जो प्रामाणिकता उस पर ही प्रश्न उठा दिया हम नहीं मानते रावण चार श्री भाष्य दो 27 ये है श्री भाष्य बिंगो श्री भाष्य आ गया ना
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01:04:04:01 मान तू विजय बिना मृत्यु को भी टाल दे मास की तू दे बली आहुति में डाल दे पाताल तक प्रहार कर जल को तू निकाल दे नित्य कर बिगुल बजा कर ध्वनि तू ताल दे ऐसे नहीं मानेंगे घायल खड़ा पराक्रमी तू आस चाहिए मुझे
⬜ Not used yet · 01:04:24:03 – 01:21:43:00 (17:19)
01:04:24:03 तेरा अंतिम वही प्रयास चाहिए तो आ जाते हैं दो 27 पर श्री भाष्य दूसरा अध्याय और दूसरा पाद ठीक है इसमें यह है
01:05:01:19 उपलब्ध सूत्र का अर्थ है योगाचार्य मता वलब बौद्ध ज्ञान से भिन्न ज्ञाता एवं ग पदार्थों के अभाव की सिद्धि नहीं कर सकते तो यहां पर खंडन किया है रामानुजाचार्य जी ने बौद्धों का कहीं पर भी ना तो आदि शंकराचार्य जी का नाम पिछले कई चैप्टर से ऐसा है पिछले कई चैप्टर से वो बौद्धों का खंडन कर रहे हैं और यहां कहीं भी प्रच्छन्न बौद्ध नहीं आया आदि शंकराचार्य जी का नाम भी नहीं आया प्रच्छन्न बौद्ध नहीं आया बौद्ध की बात हो रही है दिखाओ कहां है वैष्णव वैष्णव वैष्णव वैष्णव का अर्थ है वेदों को मानने वाला शास्त्रों को मानने
01:05:46:13 वाला समस्त सुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस्य की शिक्षा को मानने वाला वो है वैष्णव विष्णु को मानने वाला विष्णु के द दवारा दिए गए शास्त्रों को मानने वाला वो है वैष्णव वैष्णव का ढोल पीट करके पाखंड की दुकान चलाने वाला वैष्णव नहीं है मैं घट को जानता हूं इत्यादि प्रतियों से मैं करता एवं कर्म के रूप में ज्ञाता नहीं हूं यह इनका संस्कृत सब लिखा हुआ है इसमें से कहीं भी इन्होंने आदि शंकराचार्य को प्रचन बौद्ध नहीं कहा है हो गया केवल बौद्ध की बात हो जाने से यह सिद्ध नहीं होता कि वहां पर आदि शंकराचार्य जी के सिद्धांत को उन्होंने प्रच्छन्न बौद्ध कहा और अगर मान लेते हैं वैसे तो नहीं कहा हमने प्रमाण ले लिया अगर प्रच्छन्न बध कहा होता तो बात वहां हो रही थी कि उस श्लोक को प्रक्षिप्त क्यों ना माना जाए जब
01:06:54:15 वैष्णवास्त्र जो आचार्य माधवाचार्य शास्त्री जी यह जो है इन्होंने गलत ज्ञान दे दिया तो डंडे से मार मार के भगा दिया जाएगा पंडाल से चले भी ना जाना वाचस्पति मिश्र वाचस्पति मिश्र वाचस्पति मिश्र एक ही चीज रट ली है और क्या है और क्या कहा था भाई कुल मिलाकर के उस दिन आपने हमें मायावादी सिद्ध करने के लिए कोई भी ऐसी बात नहीं की जिसको सनातन सिद्धांत के रूप में स्वीकारा जा सके ठीक है और अगर बात माया की है माया की बात करने वालों की है तो माया की बात तो इस कोन के शास्त्रों में भी की गई है वह भी मायावादी हो गए मायावादी हो गए तो क्यों ना माना जाए कि पदम पुराण में उन्हीं के लिए कहा गया
01:08:06:22 अब आ जाते हैं दूसरा जो उस दिन सवाल डिस्कस किया गया था कि माया इन्होंने एक बात कही कि जो इंफॉर्मेशन हमें प्राप्त हो रही है कि वो मेरे संबंधी है वो मेरा भाई है वो इंफॉर्मेशन जो है झूठी नहीं है वो गलत है तो पहली बात तो यह गलत और सही की फिर परिभाषा जाननी पड़ेगी गलत क्या है और झूठ क्या है गलत और सही इस दृष्टि से कि वह चीज होनी चाहिए और नहीं होनी चाहिए पाप और पुण्य उचित और अनुचित तो उसकी तो बात वहां हो ही नहीं रही है अगर वो इस कांटेक्ट में कह रहे हैं कि ऐसा होना नहीं चाहिए मगर हो रहा है तो इसलिए उसे गलत माना जाएगा वो तो सही बात है कि वो नहीं होना चाहिए मगर उसकी स्थिति क्या है उसका अस्तित्व क्या है वो सच है झूठ है उस भावना का अस्तित्व क्या है तो अगर आप इसमें यह कह रहे हैं कि जिस चीज से वह भावना आ रही है उसका अस्तित्व है कि नहीं तो हम उसके बारे में प्रश्न नहीं कर रहे हैं जैसे कि हमें भावना किसी महिला को देख कर के आ रही है कि मेरी मां है तो हम यह नहीं पूछ रहे कि वह मां अस्तित्व है कि नहीं उस मां का वह है जो आपको य सूचना प्राप्त हो रही है कि
01:09:21:25 वो मेरी मां है उससे मुझे प्रभावित होना मेरा ये कर्तव्य उसके प्रति ये जो सूचना आ रही है यह सच है कि नहीं तो इस परे इनका कहना वो गलत है तो जो वस्तु है जिसको लेकर के भाव आ रहा है उस वस्तु के अस्तित्व पर क्या कहते प्रश्न नहीं है प्रश्न है उसके निमित्त जो भाव आ रहा है उसके ऊपर वो भाव सच है या कि झूठ है ठीक है तो माया से बचने के लिए कितना खेले कि भाई झूठ नहीं है वो गलत है अच्छा अब इस पर आ जाते हैं कि आपका कहने का मतलब है कि वो जो है जो था वोव टेंपरेरी सत्य था झूठ नहीं था तो इस हिसाब से दुनिया में कुछ भी झूठ है ही नहीं फिर झूठ की परिभाषा बताओ क्यों मान लीजिए कि आपको सपना आ रहा है उस सपने में दिखाया जा रहा है कि शिवजी को जो प्रसन्न बौद्ध जो मत फैलाने का काम दिया गया था तो शिवजी जो है वह प्रभुपाद जी के रूप में प्रकट हुए यह आपको सपना आ रहा है मगर अब जब आप उठेंगे तो यह सपना झूठा नहीं है ये सपना बस गलत है तो झूठ का अस्तित्व नहीं है आपके हिसाब से वो वो जो है झूठ नहीं कहलाएगा क्योंकि एक्सपीरियंस तो किया ना सपना देखते समय आपने कि प्रभुपाद जी ही वो शिव जी का वो अवतार है जो मायावादी माया वादत वो वाद जिसमें
01:10:37:01 जो भ्रम फैलाया जाएगा जो सच्चा नहीं है झूठा है ऐसा वाद वो फैलाने आएंगे प्रभुपाद जी तो उनके लिए आपने वह सपना देखा और उस सपने के बाद जब आप उठे तो आप उसको झूठ झू झूठी इंफॉर्मेशन नहीं मानेंगे उसको जो है गलत मानेंगे कि ऐसा नहीं होना चाहिए था या फिर उसको आप टेंपरेरी सत्य कहेंगे आप संज्ञा बदल देंगे तो इसका अर्थ यह है पहली बात तो ये आ जाती है कि जिसको आप टेंपरेरी सत्य कह रहे हैं जिसको आप जो है गलत कह रहे हैं उसी को हम माया कहते हैं यानी कि शाब्दिक भेद है सैद्धांतिक भेद नहीं है ठीक है उसी को हम माया कहते हैं और अब हम आपसे पूछते हैं कि जब वो चीज भी माया नहीं है तो माया फिर है क्या जिसका आपके भी शास्त्र में वर्णन है कि माया देवी ने उनके साथ ये किया को ये हो गया वो माया के उसमें बस में नहीं आए 262 पढ़ लीजिए वही माया का नाम लिया गया है 262 भगवत गीता जहां भगवान शिव को कर्मेंद्रियों के अधीन माना गया है काम इंद्रियों के अधीन माना गया है तो वहां पूछ लीजिए तो माया शब्द जो है वो आया आया कैसे जब माया का कोई अस्तित्व ही नहीं है आपको मानना पड़ेगा या तो कि जिसको आप टेंपरेरी सत्य कह रहे हो जिसको
01:11:52:01 आप गलत कह रहे हो वही माया है माया को को मान लोगे फस जाओगे है ना आपका सिद्धांत जो है वो ग उसमें आ जाएगा तो यह हो गया तो अगर आपकी परिभाषा को मान भी लिया जाए तो क्या हुआ अंतर कि जिसको आप गलत कह रहे हो जिसको आप जो है टेंपरेरी सत्य कह रहे हो उसी को हम माया कह रहे हैं तो बात तो वही हो गई हम भी तो यही कहते हैं कि जो महान हमारे जितने भी आचार्य गण है उनमें केवल शाब्दिक भेद है उनकी व्याख्या
01:12:34:16 अब तीसरा प्रश्न था जिसमें कि आप बिल्कुल साफ साफ बिल्कुल पकड़े गए जब हमने पूछा कि भगवान श्री कृष्ण एज इट इज वहां से आते हैं यहां पर पहली बात ये समझ लीजिएगा कि यह वाले जो कृष्ण है जो एज इट इज वहां से आते हैं यहां पर यह बिल्कुल रामपाल के कबीर वाले हैं वो भी ऐसे ही आता है उनका जो कबीर है वो भी ऐसे ही जैसे आप बता रहे हो कृष्ण आते हैं उनका ईश्वर भी ऐसे ही आता है और हमने उनको इसी चीज पर पकड़ा था कि क्या वो अपने देह का नाश कर सकता है कि नहीं आपने कहा नहीं उनकी देह तो शाश्वत है जब शाश्वत है तो फिर वो या तो वोह शाश्वत है तो नष्ट नहीं हो सकती और अगर वह उसको नष्ट नहीं कर सकते तो सर्व शक्तिमान नहीं तो आपने वहां पर माना कि हां भाई अगर यह है तो यह है तो आपका ईश्वर वादित भी सिद्ध हो गया अब इसके बाद एक पॉइंट और था कि कुल मिलाकर के मायावादी आप हमें सिद्ध नहीं कर पाए दूसरी बात आपने माया को ही टेंपरेरी सत्य और झूठ के रूप में स्वीकार कर लिया और हां एक उस बारे में एक टेंपरेरी सत्य के बारे में और मैं उदाहरण देना भूल गया आप क्या कह रहे थे कि भाई वो जो व्यक्ति है जो जीवात्मा है जो यहां पर किसी को अपनी मां समझ रही है वो जो है परलोक में मुक्ति में भी जाकर
01:13:49:24 के उसको मा ही रहेगी स्पिच मा हो जाएगी स्पिरिचुअल मां बहुत अच्छी बात है एक बात बताइए जो जीव अभी अभी शरीर छोड़ा उससे थोड़ी देर पहले उसने अपनी पत्नी के गर्भ में बीज डाला हो और उसके बाद उसने अपना शरीर छोड़ दिया वही गर्भ में आ गया जीव के रूप में और वह संतान के रूप में प्रकट हो गया तो वह उसको अपनी मां समझेगा या फिर पत्नी समझेगा आप जब यहीं से अभी मुक्ति नहीं मिली है उसकी वो मां सिद्ध नहीं हो रही है आप जो है कह रहे कि मुक्ति में भी उसकी स्पिरिचुअल मां है
01:14:25:25 मतलब कुछ भी अपने ही सिद्धांतों को नहीं पकड़ पा रहे हो आप तो और फिर ईश्वर बुराई नहीं कर सकता भगवान कहते हैं मैं सभी कर्मों को करते हुए भी उनमें लिप्त नहीं होता हूं क्यों क्योंकि उन्होंने य अच्छाई बुराई को बनाया है इसलिए वह अच्छाई बुराई से प्रभावित नहीं है अच्छाई बुराई में फसे हुए हम लोग हैं हमें इससे मुक्ति पानी है अच्छाई और बुराई में क्या है अच्छाई वो जो आपको मुक्ति दिलाएगी बुराई वो जो मुक्ति से दूर ले जाएगी भगवान को भी मुक्ति पानी है क्या जो उनके लिए अच्छाई बुराई की डेफिनेशन हो इस कारण से भगवान जो है वो लिप्त नहीं है उन पर वो अच्छाई बुराई का क्राइटेरिया फिक्स नहीं होता है और अगर करोगे क्राइटेरिया फिक्स तो फिर क्या होगा दुनिया का कोई ऐसा ईश्वर नहीं होगा जिसके ऊपर वो बुराई का दोष नहीं लगेगा एनीहाउ लग जाएगा खैर यह प्रश्न आपका तो है ही नहीं आर समाजी का प्रश्न है आप पता नहीं क्यों खामा खा अपने ऊपर ले ली जब आप अवतारवाद को मानते हो तो और वाला क्या था लास्ट वाला आपने जो पूछा था निर्गुण निराकार तो भाई भगवत गीता में भागवत में कई जगह पर भगवान ने कहा है कि मैं गुणों से रहित हूं णा तीत हू निर्गुण का एक यही
01:15:40:28 अर्थ नहीं है कि जिसके अंदर गुण नहीं है निर्गुण का अर्थ यह भी है कि जिससे सारे गुण निकल रहे हैं निर्गत और वो निकल भी किस स्तर पर रहे हैं तो आप कुल मिलाकर के एक तो यह वाला मत समझ में आता है कि आप निर्गुण निराकार नहीं है इसका मतलब आदि शंकराचार्य गलत है आपको यह सिद्ध करना है इससे मतलब नहीं समाज को एक कैसे करना है निर्गुण निराकार नहीं है तो भाई वोह गलत कर सिद्ध कर नहीं पाओगे कान को कैसे भी पकड़ लेना मगर अभी की बात ये हो रही है कि गुण जहां से निकल रहे हैं इस रूप में उनको निर्गुण माना गया है और दूसरे रूप में मनुष्य के सापेक्ष मनुष्य जिसको गुण मानता है सत रज और तम वो गुणों से व प्रभावित नहीं है इसलिए वह त्रिगुणा तीत कहे जाते हैं इसलिए उन्हें निर्ग निर्गुण कहा गया है हो गया चारों प्रश्न तो कुल मिलाकर के क्या हुआ कि आप यह नहीं कह सकते कि जो मायावा मायावादी का जो आपका वो है कि मायावादी अत शास्त्रम या माया वो मायावादी भाष सुन ले होत सर्वनाश व बंगाली भाषा में क्या कहा गया है वो मायावादी हम नहीं है मायावादी है झूठ फैला ने वाला कोई
01:16:56:04 जिसका शायद आपने कोई सपना देखा हो और क्या आप सिद्ध नहीं कर पाए कि मायावादी हम ही है जिसके बारे में वहा बात हो रही है पदम पुराण में ईश्वर सर्वशक्तिमान है नहीं माया को आपने स्वीकार कर लिया टेंपरेरी सत्य और झूठ के नाम पर और अगर माया का अस्तित्व नहीं है तो आपके शास्त्रों में माया किसे कहा गया है वोह बताने का कष्ट करें और सैद्धांतिक रूप से अगर किसी को मर्यादित होते हुए चर्चा करनी है तो वह फॉर्म भर सकता है सभी आमंत्रित है एक मंच पर आने के लिए 740 8369 मुझे कोई बता दे कि अब हमारी लाइव स्ट्रीम काफी हो गई है तो क्या हमारा मतलब ऑफ कर दे इसे या कुछ प्रश्न उत्तर कर ले दे ओनली वांट देम टू बी ऑथेंटिक ल अदर्स आर नॉट ऑथेंटिक एस पर देन ईश्वर फस गया ना हम में भाई ईश्वर फसता है अपनी इच्छा से ठीक है जैसे आप फसते हो अपनी इच्छा से वीडियो गेम में क्या नाम है आपका हरि दसो
01:18:09:12 हम तो इसको इसमें आना इसलिए भी आवश्यक हो गया था कि उसका सार नहीं किसी किसी को समझ में आ रहा था तो हमने कहा कि एक बार बात कर ले और यह सारी चीजें बता द तो हमें कोई बता दे कि हो गया है या जाना चाहिए वेदांत पाठशाला तुम क्यों डिबेट करते हो विधान पाठशाला लाइव करेगा चैलेंज कर रहा है उसको पहले फॉर्म भरे
01:18:52:25 ना ऐसे नहीं जाता कहीं भी पहले बात होती है कि कौन है क्या है चेहरा है क्या है कैसे है उसके बाद हो सकता है कि हम उसके चैनल पर चले भी जाए पर देखे तो पहले वह कौन है क्या है हमने तो भाई उस व्यक्ति को देख लिया जो एक व्यक्ति था अभी जिसकी हमने रिकॉर्डिंग सुनाई उसको हमने देख लिया वो क्या क्या बोलता है कैसे कैसे बोलता है तो उनके चैनल पर हम क्यों जाए हमने किसी को कभी गाली दिया चलिए फिर सभी को जय श्री
01:19:34:18 राम अच्छा य वही है जो गालिया दे रहे थे जने चैनल वाह मल बंद कमरे में बैठते हो तो कुछ भी कर लो आओ जरा सामने कहो धूर्त इत्यादि लात मारता हूं कहो आके सामने पता चले सारी एकड़ी निकल जाएगी सारी एकड़ी यही तो होता है धर्म और धर्म क्या बताया धर्म वो है जो साधे रह सकते हो आप अधर्म वो है जिसको आपको त्यागना पड़ जाएगा इसी को कहते हैं धर्म और धर्म का अंतर ऋषि उवाच ने क्या किया खूब गंदी गंदी बातें बोली अश्लील शब्द बोले सब कुछ कहा अमर्यादित आचरण किया फिर उसको क्या करना पड़ा भ्य अच्छे से बात करना पड़ा करना पड़ा ना हम आज भी वैसे ही बात कर रहे हैं जैसे कर रहे थे क्यों क्योंकि हमारे पास धर्म था मर्यादा थी राम थे जिसके पास नहीं है उसको त्यागना पड़ेगा ठीक है चलिए सभी को जय श्री राम और हां उपासना सेवा संकीर्तन स्वाध्याय यह सभी लोग चालू करे उपासना सबसे पहले भगवन नाम का जप करिए सवा घंटे अगर कोई भी ऐसा है
01:20:49:25 जो अ हमारा समर्थन करता है मन से तो अगर आप कुछ भी ना करें बस केवल सवा घंटे की आप भक्ति कर लेंगे तो आपके द्वारा दिया जाने वाला जो समर्थन है वह हम तक पहुंच जाएगा या किसी भी ऐसे व्यक्ति तक जो धर्म की रक्षा के लिए खड़ा होता है और भगवन नाम का जप करने के लिए क्या है हे ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश मैं आप सबकी भक्ति आप अपने ईस्ट का नाम ले मैं अपने ईट का नाम ले रहा हूं श्री राम के रूप में करना चाहता हूं आप इस रूप में आप सबकी प्रदान करने की कृपा करें फिर अपने ईस्ट का जप कितना सरल है ना मगर नहीं जिनको दिक्कत है ना धर्म से वोह लड़ेंगे और हम भी लड़ेंगे जय श्री राम
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