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00:00:01:13 [संगीत] सभी को जय श्री राम तो आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और भगवान की भक्ति में अपना मन लगा पा रहे होंगे आज एक सामान्य चर्चा का विषय रखा यदि कोई भी हमारे कार्यों से संतुष्ट है हमारे अभियान से संतुष्ट है तो उनको लिया जाएगा सभी लोगों को और वह अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं आ कर
00:00:46:15 के तो इसके साथ ही साथ कुछ चीजों पर हम लोग एक बात करेंगे जैसे आज आपने वो वीडियो देखा होगा जो हमारी की बहन है उसने किस तरह से अपने घर में क्रांति लाई और वो आपके सामने है संभवत आपने उनके घर का वो मंदिर भी देखा होगा उस मंदिर को देख के ऐसा लगता है कि जैसे हमारा जीवन सार्थक हो गया क्योंकि उसमें एक मंदिर में पहले क्या है रामपाल जेल धाम निवासी रामपाल के सामने बुझा हुआ दिया है यह भी ध्यान रखने हो गया कि संयोग से छोटी बहना ने जब अपने मंदिर का वो दृश्य में दिखाया कि भाई हमारे यहां पर रामपाल की पूजा होती है तो उस समय दिया भुजा हुआ है मगर जब संयोग है मात्र जा यह सोच समझ के किया गया कार्य नहीं है मगर जिस समय उसने बाद में भ भगवान की जब पूजा होने लगी तब वहां का चित्र जब उसने लिया अपने तो संयोग से वहां पर दिया जल रहा तो यह मतलब ऐसी
00:02:01:15 इन चीजों को देख कर के इतनी खुशी मिलती है ना कि भाई कोई ऋषि उवाच नाम का गुंडा आप क्रिटिसाइज कर रहा है यह आप देख सकते हैं आपके सामने उनके घर का मंदिर है यह दिया जलता हुआ और जब रामपाल है वहां पर तो एक दिया बुझा हुआ यह संयोग इसको प्री प्लान ना समझिए आप लोग तो जब यह देख लेते हैं ना तो फिर यह लगता है कि फिर यह ऋषि वाद जैसे बेनाम बादशाह या जितने भी विरोधी हैं उन सब विरोध को झेलते हुए भी एक इस तरह की चीज सामने जब आ जाती है तो संतुष्टि मिल जाती है नींद अच्छी आ जाती है जब अमित दास जैसा कोई व्यक्ति दोगला जो यहां आकर के पहले तारीफ करता है थैंक यू कहता है माफी मांगता है और फिर उसके बाद जैसे ही उसका पक्ष ढीला पड़ने लगता है फिर कमजोर हो जाता है फिर अपने चैनल पर जा करके लाइव करता है फिर कुत करता है यह सब जब धर्म संस्थापन से संबंधित जब दृश्य देख लेते हैं तो ऐसा लगता है कि गुरुदेव की व वाणी है जो भगवान श्री कृष्ण चंद्र की जो वाणी है जो
00:03:16:18 अर्जुन को कहा था तु मत बन निमित तू अगर नहीं भी चाहेगा तब भी तेरे जन्म का जो प्रयोजन होगा ना वो तुझसे करवा लिया जाए तो ऐसा लगता है बस इतनी सार्थकता हो ग और ऐसा नहीं है कि अकेला चेंज है बहुत सारे हमारे पास फोन कॉल्स आ रहे हैं कि हमारे यहां ये हो गया हमारे य चेंज हुआ स्कन को लेकर के बहुत सारे फोन कॉल्स आ रहे हैं वो लोग आकर के अपने विचार व्यक्त करना चाहते हैं समय के साथ साथ उनको भी दिखाया जाएगा अलंकार समाज से लोग सवाल कर रहे हैं जाकर के हम देख रहे हैं कि उनके वीडियोस चल रहे हैं वहां पर नीचे लोग पूछ रहे हैं तुम्हारा ईश्वर सर्व शक्तिमान क्यों नहीं ये यह हमारी यह अचीवमेंट है जब लोग वहां जाकर के पूछ रहे हैं तुम्हारा ईश्वर सर्वशक्तिमान क्यों नहीं है एक न्यूट्रल हिंदू एक सामान्य हिंदू उसको इतनी बात पता लग गई है कि ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है व पूछ रहे हैं वाचन उनका जवाब नहीं दिया जा रहा पूछ रहे हैं जा जा कर के लोग उनके चरणों हमें नहीं जाना पड़ रहा हमने नहीं भेजा मगर वहां लोग पूछ रहे हैं तुम्हारे पास वेद मंत्र कैसे आए कैसे आए वेद मंत्र हमारी चीजें जो अन्य सामान ऐसे लोग है
00:04:31:19 जो ना उधर के ना इधर के हैं मगर वो जाकर के उन चीजों को रख रहे हैं और यही हमारा जो है उद्देश्य हमारा उद्देश्य य नहीं है हमने कई बार बताया कि हमको शंकराचार्य को जिताना है शंकर परंपरा को जिताना है हमें हिंदू धर्म को जिताना हमें सनातन धर्म को जिताना है और वह जीतेगा तभी जब वैचारिक क्रांति आएगी स्वस्थ क्रांति आएगी जब हमें हमारे सार्वभौम सिद्धांत पता होंगे जब हमें हमारे ही धर्म को लेकर के संशय नहीं होगा जब आर्य समाज के द्वारा खड़ा हुआ एक आचार्य स्वयं यह नहीं कह रहा होगा कि मैं आर्य समाज के मोक्ष से संतुष्ट नहीं हो है ना जब यह नहीं हो रहा होगा ऐसा नहीं सोच रहा होगा व्यक्ति अपने मोक्ष को लेकर के अपने ईश्वर को लेकर के व्यक्ति के थॉट्स जो होते हैं वो क्लियर नहीं होंगी जब यह चीजें नहीं होंगी तब आएगी वैचारिक क्रांति लोगों को लगता है कि हम लोग यह कर रहे हैं कई बार ऐसा भी आता है कि आप लोग क्या कहते हैं किसी का विरोध क्यों कर रहे हैं आप अपनी लंबी लकीर खींचिए हम विरोध नहीं कर रहे
00:05:46:22 हैं शोधन कर रहे हैं और अगर हम वह चीज नहीं देख पा रहे जो आपके पास है वो हमें दिखाइए तो वो भी नहीं है वो भी नहीं है कोई बताता ही नहीं है भाई हम आपकी परंपरा नहीं देख पा रहे आप अपनी परंपरा दिखा दीजिए दिखाओगे नहीं लड़ो हाउ डेयर यू तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमसे पूछने की कि परंपरा क्या है अब हम नहीं पूछ रहे कमेंट्स में जा जाक लोग पूछ रहे हैं तो यह जब देख लेते हैं तो फिर लगता है कि लोग गाली दे रहे हैं क्रिटिसाइज कर रहे हैं फोन कर रहे हैं हरेसमेंट कर रहे हैं ठीक है करने दो परिवार तक पहुंच गए ठीक है भाई जाने दो
00:06:39:24 मगर कर्मन निवादी का रस्ते मा फले सुराज जब तक नौका डूबती नहीं लोग आएंगे तुमसे कहेंगे कलयुग है कुछ नहीं होने वाला किसी की बात मत सुनना बीज की रक्षा भगवान को अभीष्ट है धर्म की रक्षा भगवान को अभीष्ट है करते रहना तो वही कर रहे [संगीत] हैं
00:07:12:13 र अ भैया ईसाई भी बहुत उछल रहे हैं एक ईसाई ने आज कांटेक्ट किया तो हमसे उड़ीसा का है कोई हमने उसको लिंक दिया है अगर वह आना चाहे तो आ सकता है उसने कमेंट्स में भी हमको जो आज जो वीडियो आया शायद उसके कमेंट्स में भी कहा है नहीं वो जो एक एक बार एक लड़का आया था ना छोटा था वो अ वो लड़का आया था जो उसका जो हमने एक शॉर्ट वीडियो बना के डाला था तो वह उस शॉर्ट वीडियो में उसने कमेंट किया कि मैं आपके साथ लाइव आना चाहता हूं तो हमने उसको लिंक दिया है शायद वो आ जाए
00:08:02:10 अच्छा अब आज का मेरा एक सामान्य टॉपिक है हालाकि और उसी पर बात करने के बाद उस पर विवेचना करने के बाद हम लोग थोड़ा सा आगे बात करेंगे तो इनके य पर बताया गया है रामपाल एंड कंपनी के द्वारा बताया जाता है इनकी ज्ञान गंगा में य गीता तेरा ज्ञान अमृत क्या बताते हैं कि 7 हज शंकर की मृत्यु के पश्चात एक ब्रह्म की मृत्यु होती है अर्थात क्षर पुरुष की मृत्यु होती है अब ये इन्होंने आज तक सर्व अनुवाद कर्ताओं ने उचित अनुवाद नहीं किया है आठ 17 में सबने ब्रह्मा का 1000 चतुर योगी लिखा है यह गलत है देखें जो भी है 7 हज वर्षों के बाद एक ब्रह्म की मृत्यु होती है अब सवाल यह खड़ा होता है यहां से यह जो काल ब्रह्म है यदि यह मरता है तो जिस समय य मरता है उस समय क्या होता है प्रलय हो जाती है लोग वापस जहां से आए हैं वहां पहुंच जाते हैं क्योंकि इसके ही लोक
00:09:17:18 में फसे हुए हो ना तो जब काल ब्रह्म मर जाता है 70 हज वर्ष के बाद तो उस समय की जो आत्माएं हैं जो काल के लोक में फसी होती है उनका क्या होता है वो मुक्त हो चुकी होती है या मुक्त नहीं हुई होती है यह सवाल फसता है क्योंकि आपने काल को नाशवान माना है तो काल को मारना पड़ रहा है आपको वो बात अलग है कि जीवात्मा तक अविनाशी है मगर जिसको वो जीवात्मा भगवान कह रही है वो अविनाशी नहीं है वो उत्पन्न होता है खैर क्योंकि अगर जिस तरह से काल उत्पन्न हुआ उस तरह से उत्पन्न होना माना जाएगा तो फिर जीवात्मा भी अविनाशी नहीं है जीव भी अविनाशी नहीं है तो ये तो एक बात रही मगर अभी हम फोकस कर रहे हैं कि काल भी मरता है 7 हज वर्ष के बाद तो 70 हज वर्ष के समय जब काल मरेगा तो उस समय जो फंसी हुई पुण्या आत्माएं हैं जो इनकी जो शरणागत हो जाती हैं रामपाल के तो उन पुण्या आत्माओं का क्या होगा उस समय वो ऑटोमेटिक मुक्त हो जाएंगी ये मरने के बाद या क्या हो अच्छा वो अगर मुक्त हो गई अगर नहीं मुक्त हुई तो उनको फिर कौन फसा करके रखा है काल तो मर गया तो हमें मानना पड़ेगा कि भाई
00:10:32:24 या तो काल के मरने से पहले या जो भी है वो जो आत्माएं है वो मुक्त हो जाती है अब जब वो मुक्त हो जाती है तो क्योंकि इनका जो काल है वो फिर से उत्पन्न होता है तेरे और मेरे कई जन्म हो चुके हैं यानी दोबारा जन्म लेता है तो जो आत्मा मुक्त हो चुकी है सतलोक में जा चुकी है जाहिर सी बात है जब काल नहीं रहा तो सारी आत्माएं कहां आ गई मुक्त हो कर के सतलोक में आ गई तो फिर जब ये दोबारा जन्म लेता है पहली बात तो यह है कि कबीर को मालूम होता है इसने अपने पिछले जन्म में क्या किया था तो कबीर फिर भी इसको बनाता है बनने देता है कबीर जो है सब कुछ जानते हुए भी इसको बनने देता है और बनने देते हुए फिर वह जब यह काल दोबारा बन जाता है तो वही आत्माएं जो पुण्य को मोक्ष को प्राप्त कर चुकी है उन्हें दोबारा आना पड़ता है तो फिर वह कौन सा परम धाम है जहां जाकर के आत्मा को लौटना नहीं पड़ेगा ये रामपाल की कहानी से बता रहे हैं क्योंकि इसका रामपाल में कहा जा रहा है यह जो काल है यह अविनाशी यूं ही कहा गया है गीता कहने वाला इनका काल है उसको अविनाशी यूं ही कहा गया है
00:11:47:28 बाकी तो वह 70 हजार वर्ष के बाद मर जाता 7 हज वर्ष नहीं 7 हज शंकर की मृत्यु के पश्चात एक बार के ब्रह्म की अर्थात क्षर पुरुष की मृत्यु होती है तो फिर यदि क्षर पुरुष की मृत्यु होती है इनके काल की मृत्यु होती है जो इन्होंने नाटक किया है काल के रूप में तो जब उसकी मृत्यु होती है तो फिर मृत्यु होने होते समय वो लोग मुक्त हो गए उसके काल के लोग से मुक्त हो गए भाई अब उसको कौन देखरेख कर रहा है कौन फसा रहा है कोई नहीं या फिर कोई और फसा रहा है तो जो मुक्त हो गए उसके बाद काल दोबारा जन्म लेगा अच्छा जन्म लेते समय वो कहां से लाएगा आत्मा जब वो दोबारा जन्म लेगा तो लाएगा तो सतलोक से ही सतलोक से ही लाएगा ना आत्मा अपने साथ तो सतलोक में वोह आत्माएं हैं जो मुक्त हो कर के भी पहुंची है वो भी है इसका तो कोई विवरण है नहीं तो फिर क्या हुआ इसका मतलब यह हुआ कि कोई परम धाम नहीं है जहां से व्यक्ति वापस नहीं आता क्योंकि काल फिर से जन्म लेगा फिर से व तपस्या करेगा फिर से वहां सतलोक के आश्रम सारा सुख ऐश्वर्य होने के बावजूद काल की ओर अट्रैक्ट
00:13:03:12 होंगे वो नीचे आएंगे तो कोई परमधाम नहीं तो यह यदि आप यह मानोगे कि काल के कई जन्म हो चुके हैं तो यह आपका टोपा आपके ऊपर मर जाएगा कि आपके पास मुक्ति है ही नहीं जिस मुक्ति की आप बात करते हैं अच्छा दूसरी एक बात यह है कि कल हमने एक फोटो दिखाई थी अगर ऑपरेटर महोदय व फोटो दिखा पाए दोबारा तो दिखा दीजिए जिसमें कि यह कहा जा रहा है कि कबीर सागर भी उसके योग्य नहीं है मोक्ष कबीर सागर से भी मोक्ष नहीं होगा कबीर सागर में भी मोक्ष का ज्ञान नहीं है तो अब इसमें बात यह फसती है जब हम यह कह देते हैं कबीर सागर में भी मोक्ष का ज्ञान नहीं है लाइव के लिए हमने य दे दिया है किसी को अगर जुड़ना है तो सकता
00:14:03:20 है अगर कोई आकर के इन सवालों का जवाब दे सकता है रामपाल की ओर से तो व दे जो यहां पर इस समय पूछे जा रहे हैं यह लिंक दे दिया गया है और कोई अगर अपने विचार प्रकट करना चाहता है तो विचार प्रकट कर सकता है तो अब दूसरी एक बात यह आती है कि यह देखिए इसमें क्या कहा जा रहा है कि कबीर सागर पढ़ने से भी मोक्ष नहीं है मोक्ष मिलेगा गुरु की शरण में जाने से तो जिस समय कबीर यह बुक लिख रहे हैं कबीर वाणी बोल रहे हैं तो जाहिर सी बात है उस कबीर वाणी में भी यह छिपा हुआ है कि तुम्हें इस वाणी को मेरे को सुन कर के मोक्ष नहीं मिलेगा तुम्हें गुरु के पास जाना ही पड़ेगा अब अगर ये कहते हैं कि कोई भी ज्ञान कितना भी ले लो किसी ग्रंथ से फिर भी गुरु के पास जाना ही पड़ता है यह बात कही गई है ऐसा नहीं है कि कबीर सागर में मोक्ष की बात नहीं है तो यह बात गीता पर लागू क्यों नहीं होगी भाई यही बात तो वो कह रहे हैं कि तुम्हे अंत तो गवा गुरु के पास भी जाना पड़ेगा जहां पर कबीर साहब स्वयं नहीं होंगे यानी कि गीता के अनुसार जहां पर कृष्ण जी स्वयं नहीं
00:15:18:21 होंगे तो वहां पर उनके द्वारा कही गई वाणी और उस वाणी के द्वारा प्राप्त होने वाले भगवान की पूजा कैसे करनी है यह तुम्हें तत्व ज्ञानी तत्वदर्शी गुरु से पता करना पड़ेगा तो यदि कबीर सागर को पढ़ने के बाद भी तुम्हें गुरु की आवश्यकता पड़ रही है यानी कि कबीर से इतर भी कोई ज्यादा ज्ञानवान है और यदि आप यह मानोगे कि कबीर सागर से आपको सब कुछ मिल जाएगा मगर वो जो नाम देने का वो है केवल उस नाम के लिए और जो अधिकार प्राप्त जो पीछे से जो शिक्षा है उसके लिए तुम्हे गुरु के पास जाना ही पड़ेगा परंपरा प्राप्त चीजों के लिए तो वही चीज वहां प वो कह रहे हैं वो ये नहीं कह रहे तू मेरी बात मत मान गुरु के पास चला जा जिस प्रकार कबीर सागर होते हुए भी हम लोग किसी गुरु के पास जा रहे हैं इनके ही अनुसार कबीर सागर होते हुए भी हम किसी गुरु के पास जा रहे
00:16:17:21 हैं है ना तो या तो ये मानोगे कबीर बोलने वाला ज्ञानी है तभी तो गुरु के पास जाना पड़ रहा है और यदि कबीर को बोलने वाला अज्ञानी नहीं है फिर भी गुरु के पास जाना पड़ रहा है यानी कि गुरु के पास जाने वा जाते जाने पर भी कबीर को अज्ञानी नहीं माना जा रहा है तो फिर गुरु के पास जाने की बात कहने के अनुसार गुरु गुरु के पास जाने की बात होने के अनुसार यह क्यों मान रहे हो कि नहीं अगर वो कृष्ण जी के पास सारा ज्ञान होता या काल के पास सारा गीता बोलने वाले के पास सारा ज्ञान होता तो गुरु पास जाने को क्यों कहते तो ऐसे तो फिर यह बात कबीर पर भी लागू हो गई क्योंकि कबीर सागर होते हुए भी तुम लिख रहे हो कि नहीं गुरु के पास जाना ही पड़ेगा गुरु पास जाने के लिए यही है नियम दिया गया कि आपको चीजों को समझने के लिए जाना पड़ेगा वो नियम आपको समझाया जब कृष्ण स्वयं नहीं होंगे तो उनकी वाणी आपको सही से कौन बताएगा तत्वदर्शी यह सिद्धांत दिया गया इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है कि जब उन्होंने य कहा कि तु तत्वदर्शी के पास जाना चाहिए ज्ञान का य यज्ञ का ज्ञान लेने के लिए तो ऐसा नहीं है कि वो रथ से उतरे और चले गए ज्ञान कौन देते रहे जगत यानी कि उन्होंने वहा दिया गुरु के पास जाने का वैसा ही सिद्धांत जोय अपने लिए
00:17:32:22 तो मानते हैं मगर जब उसी को वहां आता तो उसके आधार पर खंडनी करने लगते गीता ज्ञान दाता के पास ज्ञान था गुरु पास जाने को क्या कह रहा तो कबीर वाणी में अगर ज्ञान है तो गुरु पास जाने को क्यों कह रहा है या कबीर वाणी में ज्ञान नहीं है यानी कबीर को कबीर वाणी को कहने वाला भी अधूरा है अपूर्ण है जगतगुरु नहीं है जगतगुरु नहीं है तो फिर उसके अवतार में आने वाला जगतगुरु कहां से हो गया य भी बात है और भैया कृष्ण के लिए तो लिख के आया है शास्त्रों में कृष्णम वंदे जगतगुरु कहां लिखा है रामपाल वंदे
00:18:08:03 जगत शिव भगवान के लिए भी आया जगतगुरु विष्णु भगवान के लिए भी आया जगतगुरु संभवत राम जी के लिए भी आया जगतगुरु कहां आया रामपाल के लिए तो शास्त्र समत भक्ति नहीं है आप लोगों की शास्त्र विरुद्ध भक्ति है ये तो रही बात हमने नीचे दे दिया है कोई व्यक्ति अपने विचार व्यक्त करना चाहता हो अथवा रामपाल के मत को सही सिद्ध करना चाहता हो तो ऊपर आ जाए और बताए केवल कमेंट करने से थोड़ी ना चलेगा सामने आइए सत्य के पक्षधर है तो सामने आइए
00:19:02:07 शिवांश बहुत ही मूर्खता जैसी बात यह इन्होंने कॉपी पेस्ट कर रखा है य वाला शिवास बहुत ही मूर्खता जैसी बात करता है एक बार बोलता है कि भगवान को मानता हूं एक मूर्ख जैसी बात एक बार बोलता है माता दुर्गा का पति शंकर दूसरी तरफ बोलता है ब्रह्मा विष्णु और शंकर क्या बोल रहे हो यार खैर तुम्हारी मूर्खता दिखाता हूं इनको पेज नंबर दिखाइए जरा वो वाला गरिमा गीता की तुम्हारी मूर्खता नहीं तुम्हारे तिरछे दर्शी की मूर्खता आप लोग जितने अपशब्द यहां उपयोग करोगे उतना ही वह सारे अपशब्द कहां जाएंगे पता है आपके तथाकथित ष दर्शी के पास गरमा गीता की का वो पेज निकालिए जरा व वाला जिसमें इन्होंने सा 24 में ऊपर लिखा है
00:20:02:04 एक एक जगह लिखा है 724 में तुच्छ फिर लिखा है प्रभु यह है पेज नंबर 199 है ना शेर का बच्चा एक ही अच्छा शिवांश तर्क वितर्क करो बहुत अच्छी बात है पर मर्यादा में रहकर हां मर्यादा में रह के ही कर रहे हैं मर्यादा में रहकर कर रहे तर्क वितर्क आप आ जाइए आपको कोई चीज अगर गलत लग रही आप बताइए कहां पर मर्यादा भंग हुई है 199 और इसके अनुसार पीडीएफ के अनुसार 179 बस बस बस ज्यादा नीचे नहीं है बड़ा करिए बड़ा करिए यह देखो भाई मूर्ख पन गरमा गीता की देखिए भाई कौन है इसको लिखने वाला मूर्ख ही है ना जो लिख रहा है कि मूर्ख जन मुझको मनुष्य शरीर धारण करने वाला तुच्छ जानते हैं क्या जानते हैं तुच्छ ये मूर्ख है कौन है भाई मुझे आप बताइए नीचे लाइन देखो भावार्थ में क्या लिख रहे
00:21:16:28 हैं मूर्ख वो है जो गीता बोलने वाले को तुच्छ मानता है और नीचे क्या लिख रहे हैं मूर्ख वो है जो गीता बोलने वाले को प्रभु मानता है कौन है भाई जितनी बार बोलोगे मूर्ख यहां कमेंट में तुम्हारे आगे पीछे शायद एक दो लोग और मैं देखूंगा और मैं जब बोलूंगा तो आने वाले टाइम में 20 हज लोग यह चीज देखेंगे बोलो मूर्ख दोबारा बोलो खैर तुम्हें उससे फर्क भी नहीं पड़ता है तुम्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम्हा जो तुम मूर्ख बोलो और वो मूर्खता कहां तक जाएगी जेल धाम तक है ना बोलो मूर्ख कहां गए कहां गए भाई मूर्ख बोलो और मूर्खता दिखाऊंगा फिर तुम्हें मजा आता है ना तो ऐसे ही ऐसे ही सही कहां गए
00:22:22:24 भाई वो वाला कमेंट कहां गया किसने किया था ये देखो य ये बोल भाई सत ज्ञान के सत ज्ञान तथा कति रामपाल जी के चेले मूर्ख बोलिए बोलिए दोबारा अब नहीं बोलोगे क्या क्या हुआ मूर्ख शब्द बोलो ना फिर से एक मूर्खता दिखाऊंगा फिर से एक मूर्खता दिखाऊंगा बोलो एक बार और बोलो एक मूर्ता और दिखाऊ बोलो बोलो
00:22:59:28 इसीलिए कहते हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में अब लोगों को इस उद्घोष से दिक्कत होने लगी चिड़ने लगे हैं लोग गूंज रहा है गीता बोलने वाला काल है भाई मूर्ख नहीं बोलोगे क्या भाषा बदल गई तुम्हारी कुछ रहा नहीं है ना तुम्हारे पास जल बन मछली की तरह तड़प रहे हो राजेश कुमार प्रूफ दो गीता किसने बोली है प्रूफ दो भाई इनको प्रूफ दे दो मैं देता हूं प्रूफ गीता किसने बोली है कितनी बार कहा है मत करो कुछ भी उल्टा सीधा करोगे तो तुम्हारे जेल दाम में बैठे तिरछे दर्शी को तकलीफ होगी मत करो उल्टा सीधा ये दे लो भाई प्रमाण जय श्री राम चक्र पाण जी जय श्री राम जय श्री राम इनका सब खत्म हो गया अब कुछ बचा नहीं बकुल कुछ बचा नहीं है बिल्कुल पोस्टमार्टम चालू
00:24:10:24 है तो भैया गीता का ज्ञान किसने बोला है इसका प्रमाण ले लो गीता तेरा ज्ञान अमृत शंका समाधान वाला चैप्टर और पीडीएफ के हिसाब से से पृष्ठ संख्या 51 दिखाओ भा इनको प्रमाण किसने पूछा था प्रमाण दिखाओ गीता ज्ञान किसने दिया है गीता ज्ञान बोलने वाला काल है और यह बोलने वाला ये जो रामपाल जी के नाम से आ रहा है मूर्ख है है ना ये देखो ये राजेश कुमार प्रूफ दो गीता किसने कही है प्रूफ लो गीता भगवान श्री कृष्ण ने कही है कौन बोल रहा है पता है कबीर 32 वा 32 वा प्रश्न निकालिए 32 वा 32 नंबर का
00:25:14:21 प्रश्न थोड़ा सा और आगे बस बस ब जिंदा बाबा यह कौन सा है धर्मदास ने कहा ज्यादा आगे आ गए क्या ये 37 प आ गए 37 हो गए पीछे चलिए चक्र पानी जी आप हां कैमरा सीधा कर लीजिए बस थोड़ा सा और थोड़ा सा और बस बस बस बस बस बस बस ज्यादा पीछे हो गए 35 और पीछे और पीछे और
00:25:52:24 पीछे हमें तो इनसे बातें करने के लिए अपने ग्रंथ खोलने की आवश्यकता नहीं हां भाई ये आ गया 3 तो कबीर दास जी कह रहे हैं
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→ Used in: A · Live judge ने बोला हैं भगवानो का अपमान करो रामपाल at 2:13:05 ↗
→ Used in: B · Video रामपाल का झूठा मोक्ष at 1:28:44 ↗
→ Used in: A · Live रामपाल के कबीर से मोक्ष नहीं #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj #kabir at 27:12 ↗
00:26:06:13 हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का अनुभव तथा आपको आदेश है इस गीता शास्त्र में लिखे
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00:26:18:10 व क्या आदेश है किसका आदेश है भगवान कृष्ण विष्णु जी इनका आदेश है इस गीता शास्त्र में लिख मेरे अनुभव को पढ़कर इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष को प्राप्त करोगे भक्ति किसके अनुसार करनी है गीता के अनुसार आदेश किसका है अब भैया या तो यह मान लो कि यहां पर तुम्हारे तिरछे दर्शी से गलती हो गई व तत्व ज्ञानी नहीं है क्या करोगे राजेश जी को ऊपर आओगे क्या कहीं का नहीं छोड़ा ना तुमको यह देखो वो कहते तुमको कहीं का छोड़ा नहीं ना वो वीडियो भी दिखा दो कुछ इफ एंड बट हो य परमात्मा का ज्ञान है कि नहीं गीता
00:27:13:12 का अरे भाई तुम यह बताओ तुम जो बोल रहे हो ठीक है यहां पर क्या हुआ कबीर गलत बोल रहा है रामपाल गलत बोल रहा है यह तो बताओ इसका क्या करें तुम हमारी चीजें मानोगे नहीं हमारा विश्लेषण मानोगे नहीं रामपाल तो मानोगे या नहीं मानोगे तो कह दो कि यहां पर रामपाल जी महाराज से गलती हो गई इतना बोल दो इतना तो बोलो तत्वदर्शी से गलती हुई भगवान से गलती हुई पुमा पवित्र
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→ Used in: B · Video रामपाल का झूठा मोक्ष at 1:31:21 ↗
→ Used in: A · Live रामपाल के कबीर से मोक्ष नहीं #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj #kabir at 29:48 ↗
00:27:41:26 चारों वेद और पवित्र श्रीमद भगवत गीता यह गड गिवन स्पिरिचुअल नॉलेज है यह परमात्मा का दिया हुआ आध्यात्मिक ज्ञान है किसका दिया हुआ
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00:27:55:02 है आत्मिक ज्ञान हैमा का दि आध्यात्मिक ज्ञान है स्पिरिचुअल नॉलेज है बस बस ठीक हैमा राजेश चेहरा दिखाइए राजेश जी जी जय श्री राम जय श्री राम जी जी बोलिए रा मैं एक्चुअली यह बात करनी थी मैंने आपसे
00:28:30:03 छोटा सा था ना 12 1 साल का तो मैं रामपाल जी की वीडियो छोटे थे आप छोटा था जब तो टीवी में रामपाल जी की वीडियो आती ी मैं देखता होता था तो मेरे घर वाले बोलते क्या देख रहे है मैंने कहा जी पता नहीं है कुछ ना बुक्स वगैरह खोल के दिखाते हैं अपने ग्रंथ में कुछ गलतियां लती कुछ ऐसा मेरे को पता था नहीं कुछ तो उसके बाद क्या हुआ जी टाइम बता गया बीतता गया इनके वीडियोस देखी फिर मैंने ना वो श्री कृष्णा रामानंद सागर वाला वो देखा तो उसम श्री कृष्ण कुछ मुक्ति के बारे में बात करते हैं मैंने कहा ये मुक्ति क्या चीज होती है गुरु के बारे में बात करते हैं फिर मैंने गीता देखी अच्छा रामपाल जी के जो परिवन सुने वो जैसे य प आने लग गए तो मैंने कहा ये मुक्ति की बात और कोई करता नहीं रामपाल जी कर रहे हैं क्या स्टोरी है इसके पीछे मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैं काफी इनको फॉलो करने ल था तो मेरे को एक्चुअली एक वीडियो में मैंने देखा इन्होने बोला कि गरुड़ पुराण मरे पर दिखा पते हैं अगर जिंदा बंदे को पढ़ा दिया होता तो उसकी मुक्ति हो जाती मैंने
00:29:45:04 कहा अच्छा मैं जार गया गरुड़ प्रण ले आया मैंने क देखते हैं क्या चीज ऐसी उसम देखा तो वो तो स्टार्ट हो है विष्णु जी की सरस्वती की साधना बहुत सारी साधना हुई है अच्छा तो कुछ हुआ नहीं हुआ मेरी नॉलेज बहुत बढ़ गई उससे गरु पुराण फिर श्री देवी भागवत का दिया तो मैं वोया मैंने वो पूरा पढ़ा अब इनकी बातें कहीं मैच नहीं कर रही प्रॉब्लम यह थी रामपाल जी बात तो करते हैं ग्रंथों की पर ग्रंथों से बात कोई मैच नहीं कर रही अब मैं क्या करूं अच्छा उस टाइम मुझे यह भी नहीं पता गुरु कोई चीज होती है गुरु दीक्षा भी कोई चीज होती है आज से सात आ साल पहले की बात है यानी कि 12 1 साल वीडियो देखने लगा 29 साल की उम्र में मैंने गुरु दीक्षा ली पहली बार 37 क मैं तो अच्छा फिर मैंने फिर उसके बाद भी मैं इनको फॉलो करता रहा मेरे घर पर एक इलेक्ट्रिशियन आयारे मंदिर में उसने लाइट लगाई घर के मंदिर में मुझे बोला जी ये गीता पढ़ी है आपके पास आपने कभी पढ़ी है ध्यान से मैंने कहा ध्यान से ध्यान से कैसे पढ़ते हैं भाई बोले नहीं इसको अच्छे से पढ़ो परमात्मा ऐसे होते हैं सकार होते हैं फलाना होते हैं
00:31:00:12 मे मेरे को उसकी बात समझ नहीं आई मैंने किसी से शेयर करी मैंने कहा घर में ऐ आया था बहुत सारी बातें कर रहा था इलेक्ट्रिशियन और पता नहीं इतनी नॉलेज कहां उसके पास वो बो यार वो तो रामपाल के चेले होंगे मैंने कहा अच्छा फिर मैंने उसकी बात करी रामपाल जी से फिर मैंने गीता को जैसे उसने बोला मैंने पढ़ा पर मेरे को तो वैसा कुछ नहीं मैंने कहा सारा वो चल रहा है सारी स्टोरी वो इलेक्ट्रिशियन मेरे को दोबारा मिला मैंने कहा भाई साब आपने पढ़ा ध्यान से जो जो ग्रंथों का आप नाम ले रहे थे आपने पढ़ा हो वो बोला हां मैंने पढ़ा है मैंने कहा नहीं पढ़ा फिर आप एक बार ध्यान से आप मेरे को क्यों पाग रहे हो मैंने स्टोरी बने के लिए काफी दिन से मैं ट्राई कर रहा था कि मैं आऊ आऊ फिर मैंने कहा चलो थोड़ा इ क रि मैं तो सोच रहा था कि नहीं नहीं बहुत अच्छा किया आपने हां जी हा जी तो इनकी बातें ना कहीं मैच नहीं करती ग्रंथों सेय बस बोल टोटल गोल म हा बस वो दो लाइन पढ़ लेते हैं गरुड़ पुराण में तो बहुत कुछ है जी गरु प्राण जिसने तो सच में वो बहुत आगे निकल जाएगा जी उनकाल गल है
00:32:16:06 हाज कोई हद नहीं है गोलमाल की हा हा कोई हद नहीं है बकुल बहुत ज्यादा गोल अब अब वो व्यक्ति मूर्ख बोलना बंद कर दिए देख लो फिर देखो पाखंडी बोलोगे फिर मैं खोल दूंगा कोई चैप्टर पाखंडी बोलोगे मैं फिर खोल दूंगा बोलो बोलोगे अब मनी मन कान पकड़ लो अब मत बोलना मन कान पकड़ लो अब बोलना मत पाखंडी मत बोलना तुमको मैं ध्यान दूंगा एक भी गलत शब्द बोलोगे तो तुम्हारे तिरछे दर्शी की कोई ना कोई मैं ऐसी बात बोलूंगा यहां पर कि उस तक बात जाएगी उसकी अ मानना होगी अब सोच लो तुम बोलोगे मैं देखूंगा तुम बोलोगे य दो चार लोग तुम्हारा कमेंट पढ़ लेंगे मैं बोलूंगा यहां पर 10 20 हजार लोग देखेंगे और मैं खुद मुह से नहीं बोलूंगा पूछूंगा ये मूर्खता है कि नहीं क्या कहते हो यह पाखंड है कि नहीं क्या कहते हो अगर व्यक्ति तत्वदर्शी नहीं है उसको नहीं मालूम है कि प्रभु है कि तुच्छ है मालूम है तो वो झूठ लिख रहा है वो झूठ है यह मैं पूछूंगा मैं बोलूंगा नहीं तुम्हारे लोग बोलते होंगे कि
00:33:31:06 पाखंडी है मैं ये नहीं बोलूंगा पाखंडी मैं पूछूंगा तो अब अगर तुमने पाखंडी शब्द का उपयोग किया तो फिर पूछूंगा मुझे आनंद आएगा पूछने में फिर एक तुम्हारे तत्वदर्शी के मैं पल खोलूंगा तो मनी मन कान पकड़ो शांत हो जाओ ठीक है अच्छे बच्चों की तरह जी चक्रण मिश्रा जी आप बताए बस सुन रहा था बीच में अभी जी 15 20 दिन से काफी व्यस्तता थी जय श्री राम आपके वीडियो वगैरह चल रहे थे जी जी
00:34:15:22 जी तो इस बीच आपने देखा होगा इस बीच आपने देखा होगा कि लगभग इनके द्वारा खड़ा किया गया हर एक हमने पकड़ा है कुछ रह गया हो तो उसको हम लोग हमको बताएंगे आप लोग जो बताए कुछ रह गया हो तो उसको भी हम पकड़ के लाएंगे क्या है जी गोपाल जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम मैं राजस्थान आया हू अभी पहुंच गया आज ही पहुंचा हूं और ज्ञान चर्चा करने वाले थे इन लोगों से मैंने बात की और इनका नामदान सेंटर शिखर में उससे भी बात की तो व अभी सब पलटी मार रहे हैं हमें नहीं करना कर बना बना रहे सब अपना अपना अलग अलग बना बना रहे हैं कि हमारे पास इतनी जगह नहीं है मैं बोला मेरा फार्म हाउस पड़ा आ जाओ यहां पर आ जाओ आप जहां बोलो जहां जगह वहां चलते हैं और इनका ऐसे न्यूज राजस्थान उनसे भी बात हुई है वो बोल रहे मेरी टीम आ जाएगी इनकी टीम को भी बुला रहा हूं और अपना न्यूज चैनल वाले को भी बुलाता हूं लाइव चलाइए दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा बिल्कुल बकुल मैं तो सारे बिल्कुल पुराण
00:35:30:26 वगैरा गीता जीय ग्रंथ में लेकर आया हूं अरे मेरा बस चलता तो बना रहे हा अच्छा इनकी गारंटी नहीं है ना गारंटी नहीं है अभी भी तो अभी भी इनको बोला हूं आप लोग फाइनल कर लो कहां चर्चा करनी है वहा आने को तैयार हूं अब आश्रम का बोल रहे कि आश्रम चलो भाई तुम लोग जगा जुबान है कि नहीं तुम लोगों में ऐसा है पहले तो बहुत बोल रहे थे इनकी सबकी रिकॉर्डिंग है पास सबकी गोपाल राज जी के बारे में मैं थोड़ा सा बता दूं ये राजस्थान से हैं वैसे रहते इस समय दिल्ली में है ना महाराष्ट्र में कोल्हापुर महाराष्ट्र में तो ये इन्होंने जो एसे न्यूज चैनल नाम का कोई पोर्टल है इनका रामपाल वालों का वहां संपर्क किया और उनका सीकर में नामदान केंद्र है इन्होंने कहा कि भाई हमसे ज्ञान चर्चा कर लो तो दो तारीख के दिन ये चर्चा होनी थी दु कुछ ऐसा था कि दो तारीख के दिन हमारा यहां प एक कार्यक्रम है नहीं तो मैं भी वहां जाने का इच्छुक था राजस्थान में ज्ञान चर्चा के लिए इनसे भाई ज्ञान चर्चा नहीं है मुझे लगता है वो
00:36:45:26 आनंद चर्चा हैको ज्ञान चर्चा नहीं कहेंगे वो आनंद चर्चा ज्ञान चर्चा तो नहीं कह सकते उ खैर तो उनसे बात हुई भाई कि आ जाओ वो आने को तैयार हुए मैं तो नहीं आ पा रहा था इनकी चर्चा होनी थी मगर अभी यह बता रहे कि वो लोग पीछे हट रहे हैं तो कोई आए भाई ऐसा जो यह बता सके कि जो कबीर वाणी से मुक्ति है कि नहीं है रामपाल तत्वदर्शी है कि नहीं है यह सब चीजें थोड़ा सा बताए और गीता ज्ञान दाता कौन है य सब क्या हो रहा
00:37:37:13 है पाखंडी है रामपाल जी पछ ह धीरे धीरे धीरे धीरे उनको देखो वो व्यक्ति जो है व पहले मूर्ख बोल रहा था पाखंडी बो देखो यह सच्चाई डर अब देखो उस व्यक्ति ने बोलना बंद कर दिया चला गया व चला ही गया बताइए इसको कहते मत प चक्कर में इसको इसको कहते ब प्रत्यक्ष सबूत मत पढ़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में इसको प्रत्यक्ष सबूत कहते हैं य सामने से बताकर सोचिए बताकर हम तुम्ह बता रहे हम ऐसा करेंगे बोलो बोल के दिखाओ तो व्यक्ति हम नहीं बोलेंगे जी आर कुशवा जीी बोलिए जय श्री राम जय श्री राम तो मैं अपना बताना चाहूंगा तो अभी मैं कॉलेज में हूं तो मैंने एक बार इंस्टा पर स्टोरी डाली थी भगवान श्री कृष्ण की जिसमें बोल रहे थे कि मैं ही परमात्मा हूं तो उस उस समय मेरे दोस्त का एक मैसेज आता है इं पर वो दोस्त राम पाली था तब मेरे को कुछ नहीं पता था कि रामपाल कौन है क्या ऐसा कुछ होता है तो वो भेजता है मेरे को कि गीता काल ने बोली है तो मेरे को लगाय क्या मतलब बोल रहा है
00:38:52:13 काल कौन है गीता कौन है तब मैंने थोड़ा एक्सप्लोर करना स्टार्ट किया था कि राम पाली है यह काल है और जब मैंने मेरी उससे बात हुई तो कुछ दो तीन चीजें उसे रटी हुई थी कि भगवान आपस में लड़ते हैं भगवान अलग-अलग क्यों है शिव है विष्णु है तो इनको बस तीन चार बातें रटी हुई है वही यह करते हैं और एक और एक्सपीरियंस है कि जो ये जो रामपाल वाले हैं ये एक विशेष जो समाज है उनको टारगेट करते हैं उनको बताते हैं कि आपके संग भेदभाव हो रहा है और आप कन्वर्ट हो जाइए और यह धर्म स्थापना वेदों और इनको कोई ले
00:39:30:04 रामपाल को धर्म इत्यादि से भी कोई लेना देना नहीं है ऐसा सुनने में आया है कि इन्होंने कोर्ट में कोई एप्लीकेशन दी थी जिसमें इन्होंने यह कहा था कोर्ट से कि हमको एक अलग धर्म घोषित कर दिया जाए अलग कोई पंथ का स्टेटस मांगा था संभवत तो यह कहना भी गलत है कि रामपाल बहुत बड़े धर्म रक्षक झूठ ही परोस रहे हैं मगर उस झूठ में भी सना की रक्षा नहीं कर रहे वो कह रहे हैं कि हमको एक अलग नाम दे दो
00:40:05:19 यह अब जैसे आज मैंने एक एक बुक है बहुत अच्छी बताऊंगा य यह बुक आप लोग जरूर लाइए इसमें क्या है ना एक केवल रामपाल एंड कंपनी के मुंह पर एक तमाचा है जोड़ का ये बुक यह क्या है भगवान भगवान के जितने भी जो मुख्य मुख्य स्वरूप है और जिनका शास्त्रों में सहस्त्र नामावली दी गई है तो वह सहस्त्र नाम इसमें है विष्णु सहस्त्रनाम राम सहस्त्रनाम दुर्गा सहस्त्रनाम शिव सहस्त्रनाम गणेश सहस्त्रनाम वो इसमें है तो उनका व पुरुषोत्तम परम ब्रह्म काल यह सब नाम उन सहस्त्र नामों में है म एक ऑल इन वन है ना अब और कहां पर दिया गया है वो सहस्त्र नाम वो भी है जैसे विष्णु सहस्त्रनाम की अगर बात करें तो देखिए पुरुषोत्तम शब्द
00:41:20:21 आ गया है ना विष्णु जी के लिए सहस्त्र नामों में पु शब्द आ गया कहां पर है ये तो इसमें जहां पर वो चैप्टर खत्म हो रहा है विष्णु सहस्त्र नाम का वहां पर इन्होने बता दिया कहां कहां पेय तो कहां है श्री महाभारत उसका चैप्टर क्रमांक है और किसके किस किसके बीच में यह संवाद है व दिया गया है ऐसे ही गणेश जी का का कहां पर है सहस्त्र नाम वो है है ना और इसी तरीके से आगे फिर दुर्गा जी का का सहस्त्र नाम है शिव जी का सहस्त्र नाम है राम जी का सहस्त्र नाम है सबके सहस्त्र नाम उसमें दिए गए और काल भी है इसमें इसमें जो है काल भी है हर सहस्त्र नाम में तोहे आपको पुरुषोत्तम परम ब्रह्म सर्वशक्तिमान सर्वज्ञ कवि का अर्थ सर्वज्ञ होता है ना कवि का सर्वज्ञ होता है वो भी है तो सहस्त्र नाम में सब कुछ है
00:42:32:16 तो इसी को केवल आप ले लोगे तो यही एक काफी हमारे प्रमाण दिखाने के लिए ले काल है ले काल ले पुरुषोत्तम ले सच्चिदानंद परम कुछ नहीं उन ऑल इन वन है ना इसमें सबके सहस्त्र नाम दिए हैं थोड़ा सा देखने लगोगे आपने नोट भी नहीं करके रखा है मान लो नोट करके नहीं रखना रखा है तो भी थोड़ा सा देखने लगो तो कोई ना कोई ऐसा ऐसी मिल जाएगी चीज देखो जैसे मैंने अभी बीच में से खोला है मुझे नहीं पता था यहां पर यह लिखा है और यह किसके सहस्त्र नाम चल रहे हैं कृष्ण भगवान के गोपाल सहस्त्र नाम स्त्रोतम य देखो महाकाल मिल गया य इतनी अच्छी बुक है है ना महाकाल मिल गया अब
00:43:22:22 बोलो ठीक है तोय ऐसे है इस बुक में जहां भी आप खोल लोगे वहां पर कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ रामपाल का तोड़ लिखा होगा एक बुक य पकड़ लो बस अपना अपने प्रमाणों के लिए केवल एक एक बुक ले लो और बाकी इनकी बुक लेकर चलो ज्ञान गंगा ले लो ये जीने की राह इन्हीं को ले लो बस उतना काफी ज्यादा ज्यादा पीछे से लेने की जरूरत नहीं है पीडीएफ वगैरह का भी बझ उठाने की जरूरत नहीं है है ना ये देखो काल शब्द फिर आ गया हनुमान जी के लिए काल आ गया देख देखो आ गया ये कहां पर है यह भी दिया हुआ है इसमें ऐसे नहीं है शास्त्र में कहां पर दिया है यह भी दिया है मोक्ष दायक सक्ष सूक्ष्म स्थूल सर्व गति सब कुछ मतलब सारे इनके नाम आपको मिल जाएंगे हनुमान जी का कहां दिया है राम जी का कहां दिया है सब मिल जाएगा कितनी अच्छी बुक है हम लोग वैसे ढूंढने निकलते भा हनुमान जी को परम ब्रह्म कहां कहा कहा गया है तो ढूंढने निकलेंगे तो बहुत बढ़िया आपके पास
00:44:42:18 कुंजी ब्रह्म और फिर इनके कबीर ने तो कह ही दिया इनके कबीर ने तो कह ही दिया गीता ज्ञान दाता परमपिता है परमात्मा है और गीता ज्ञान दाता ही गीता ज्ञान दाता कौन है विष्णु गीता ज्ञान दाता कौन है कृष्ण इनका कबीर कह रहा है और वो भी इनकी किताब में कह रहा है जिसको रामपाल ने लिखा है अब क्या करोगे या तो बोल दो वो तत्वदर्शी नहीं है उसको नहीं वो कहीं कहीं उससे गलती हो जाती है भाई जगतगुरु नहीं है वो दिक्कत है उसको पन गलत चल गया उसका अपनी लेखनी में पेन चलाने की इतनी आदत पड़ गई कि अपनी ही लेखनी में मटिया मेट कर डाला अपने ही सिद्धांतों का बैंड बजा दिया एक बार हमने आपको बताया था ना शिवांश भाई कि सहस्त्र नाम नाम स्तोत्र जब पढ़ेंगे तो उसमें ये नाम आ रहे हैं और यही चीज हमने बताया था कल हम गए थे अमित दास जी के उस पर डिबेट पे हमने कहा कि आप हमको कबीर खाली दिखाओ कभी मत दिखाना अब वो बोल र है कबीर देव हम बोले कबीर देव दिखा दोगे कबीर देव को हम भगवान मान देंगे कबीर
00:45:57:18 देव को भगवान मानेंगे क्योंकि कबीर देव का संधि विच्छेद किया गया नीचे कवि देवहा है और कवि हमारे भगवान है भगवान विष्णु का नाम है विष्णु सहस्त्र नाम स्तोत्र में जो महाभारत के छठे खंड के अनुशासन पव में जाएंगे एकवा अध्याय और 27 श्लोक में भगवान विष्णु का यह नाम है कवि अब जहां जहां कवि का परमात्मा वि सहनाम विष्णु सहनाम हा कौन सा शलोक है 27 वा श्लोक है उसम विष्णु सहस्त्र नाम में हा हा हां ये लो ये कवि मिल गया भाई और कवि जहां जहां कवि का परमात्मा से संबोधित किया गया ना वहां वहा विष्णु भगवान को संबोधित देखलो भैया कवि कौन है वेदों का कवि कौन है देख लो विष्णु कौन विष्णु जो कृष्ण है है ना कृष्ण भी है इसम ऐ मत सोचना आद विष्णु है वही विष्णु जो राम बनता है वही वि कृष्ण बनता है वो विष्णु है शास्त्र से दिखा रहे शस्त्र स भक्ति कर रहे हैं कहां आप लोग श श समत
00:47:13:10 पूरा सतलोक आश्रम आपका शास्त्र विरुद्ध बना हुआ है केवल एक ही बुक पकड़ लो केवल एक ही बुक केवल एक ही बुक पकड़ लो आप इसमें इनका इतना हलवा हो जाए हर चीज आपको ी मिल जाएगी हनुमान जी को ऊपर प्रश्न उठाते उनका निवारण मिल जाए राम जी के ऊपर प्रश्न उठाते उसका निवारण मिल जाएगा कहीं जाने की जरूरत एक बुक खरीद लो सहस्त्र नामावली बस क्योंकि सबके सहस्त्र नाम है इस हा हमको ये लोग हमको जानते हो कल हमको ये लोग हमारे पूजा पाठ को निषेध कर रहे थे आपको आप तो परंपरा जो किसी आचार्य के जो शिष्य नहीं हो और दूसरी चीज वो बता रहे थे कि आप क्या शास्त्र विरोधी सुनो ना हम बोले ठीक है परंपरा प्राप्त नहीं है बट एक चीज आपको पता होगा कि जैसे आप लोग पूजा करते हैं वैसे हम लोग पूजा करते हैं तो किसी ना किसी जो है वो वेद पाठी ब्राह्मण हो या पंडित जी हो कर्मकांडी होते हैं वो ऐसे नहीं आते हैं वो तो किसी परंपरा प्रात तो उनको आचार्य पद पर बैठा कर आचार्य पद प्रदान करने के बाद ही हम पूजा पर बैठते है ना तो बताओ वो तो हमारे आचार्य बैठे हुए हैं तो हम कैसे शस्त्र
00:48:28:26 अच्छा ओम पर बहुत बोल ओम पर भी ओम तसत इति निर्देश तो उसी में अगले श्लोक में लिखा है कि वेदों में मतलब जो भी पूजा पाठ यज्ञ विधान किए गए उनमें ओम शब्द से ही प्रारंभ किया जाता हैय देख इनको जानते हो ये श्री राम जी सच्चिदानंद और श्री राम जी पु यह देखो
00:49:04:07 पुरुषोत्तम क्या देखोगे कुछ बचा नहीं है ऐसा लग रहा है कि सब और बता विष्णु है विष्णु शिव है इसका भी हमने पढ़ा था शिव सहस्त्र नाम स्तोत्र में शिव जी का ही नाम विष्णु है इसमें जितने सहस्त्र नाम आएंगे उसमें आपको विष्णु शिव राम कृष्ण सब सारे नाम सब में मिलेंगे क्योंकि अंतर नहीं है तत्व से इनको यार कंफ्यूजन है मोक्ष क्या है मोक्ष जरा इनको बता दो कुछ लोग आए होंगे अभी तो मोक्ष क्या है जानना चाहते हैं अरे नीचे आए होंगे ना मतलब लाइव में आए होंगे देखने के लिए कल मोक्ष कोई आए कोई आए हैं जशवंत जी करके कोई आए हैं जसवंत राजाव जय श्री राम बताए भाई जी जय श्री राम जय श्री राम जी बोलिए भाई एक छोटा सा मेरा प्रश्न है जी कल इनकी लाका परिचय बता दीजिए पहले जी मेरा नाम जसवंत सिंह
00:50:15:21 राजावत और परिचय बताइए जो परिचय पूछ रहे हैं आपसे वह बताइए हां जी बोलिए आपको पता है ना हम कौन सा परिचय पूछते हैं आप परिचय पूछते हो आप किसको मानते हो हां आपका अध्यात्मिक बैकग्राउंड क्या है अपन राम जी को ही मानते हैं रामपाल को तो फॉलो नहीं करते नहीं भैया रामपाल के और पास नहीं भटकते चलिए बताइए प्रश्न बताइए मैं यह कहना चाहता हूं कल यह भाई साहब थे यह क्या नाम है इनका अब कल ये उनकी लाइफ में थे तो मैं भी उधर पहुंच गया अच्छा तो इन यह प्रश्न कर रहे थे भाई साहब से बोले गीता अध्याय में श्री कृष्ण भगवान कह रहे हैं कौन सा अध्याय है पता नहीं मेरे को ध्यान भी नहीं रहा के बोले उसी आद पुरुष नारायण की शरण में हूं मैं भगवान कृष्ण कह रहे हैं कि उनका इष्ट कोई दूसरा है कृष्ण भगवान अपना इष्ट कोई दूसरा बता रहे हैं अब इनको यह पूछो ऐसे कबीर जी के कई दोहा बता दूं मैं जिसमें कबीर जी भी कह रहे हैं कि राम नाम की लूट है लूट सके लूट तो कबीर जी भी कह रहे मैं तो कुत्ता राम
00:51:30:25 का अब वो भी ऐसे ना नाना ऐसे नहीं करते ऐसे ये गलत बात है ऐसी ऐसी किताबें मत खोलो जिसम वोय बोल सके य गलत है इन्हीं की किताब खोलेंगे केवल इनकी किताब ऐसी किताब क्यों खोले जिन पर उंगली उठा सके तो इनकी किताब खोलते हैं कबीर कहा कह रहे हैं कि मैं मुझसे अलग कोई भगवान है तो भैया इनको ज्ञान गंगा का पेज नंबर दिखाए 30 इनको केवल इनकी किताब खोलेंगे और कोई नहीं खोलेंगे क्योंकि और कोई खोल हमय नहीं मानेंगे तो तव इनके दर् किताब है केवल वही खोलेंगे सबसे पहली लाइन है इस पेज में 30 नंबर पेज कबीर
00:52:26:24 नरक द्वार में सब करते फिरता चारों खान यह 30 नंबर पेज है क्या अंदर पीडीएफ के हिसाब से आठ नंबर है हा ये पीडीएफ के हिसाब से आठ पैराग्राफ वन हा कबीरा सुम तासु को जाके भुजा अनंत कबीरा हा सुरे तासु को जाके भुजा अनंत बताइए भैया हेलो हेलो रामपाल एंड
00:53:02:24 कंपनी चलिए कोई बात नहीं तो और को देखो य पर किसी सुनिए भैया किसी भी और ग्रंथ का नाम लेना अपराध है सिर्फ इनकी किताबें ही खोलेंगे कोई और ग्र शिवांश भाई जी एक छोटा सा प्रश्न है मेरा ये प्रश्न है कबीर जी ये बताते कहीं दादू दयाल को मिले इसको मिले उन्होंने कभी कबीर जी की भक्ति नहीं की राम की भक्ति की उन्होंने तो फिर उनको ये क्यों मिले जब उन्होंने इनकी कभी भक्ति ही नहीं की थी तो उनको मिले क्यों ये हां यह तो बहुत बढ़िया प्रश्न है भाई क्यों मिले भाई नहीं वो वो लीला है व लीला कह देंगे इसको तो इसको तो लीला कह देंगे हा इसको तो लीला कह हम राम का भजन कर रहे तो हमको क्यों नहीं मिल रहे कबीर जी उनको क्यों मिले वो भी तो तो राम का भजन किए थे किसी को विराट स्वरूप दिखाया किसी को लोग लेके गए उनको जब विश्वास हुआ तो फिर हम विश्वास कैसे कर
00:54:06:00 ले यह तो बहुत बढ़िया बात कही आप क्यों मिले भाई बताइए कोई है जवाब उनके दिमाग में काल घुसा हुआ होगा अभी अब एक चीज और है भाई जी काल नहीं भाई काल तो सिद्ध हो गया वो तो काल तो वही है हमारे विष्णु भगवान कबीर ने कह दिया इनके दिमाग में शायद उस प्रताड़ना का एहसास घुस गया है जो प्रताड़ना जो हमारे जो बाबा जी है जो इस समय वहां जेल धाम में निवास कर रहे हैं वहा उनको जो
00:54:44:15 प्रतारक दिमाग में घुस गई जिस कारण से ऐसा हो रहा है जी एक प्रश्न और है भाई जी छोटा सा कबीर जी के 64 लाख से भाई रमेश प्रजापति एक बार और यही वाला कमेंट कर दो मैं आपके तत्वदर्शी की एक ऐसी पोल खोलूंगा वो सीधे जो पागल कह रहे हो ना यह वहीं तक बात जाएगी एक बार और कर दो बस ढेर सारी चीज ढेर सारी चीजें एक बार और कमेंट करो प्लीज मैं अभी कुछ ऐसा खोल के दिखाता हूं देखिए आपके जो त्र दर्शी उनका एक पल सामने आएगी और करिए एक बार तब तक हम लोग बात सुनते हैं भाई साहब की जी कबीर जी के 64 लाख शिष्य थे इनकी किताब में ही है जी कबीर सागर में इनकी किताब में कबीर जी के 64 लाख शिष्य थे क्या जब आप जब आपको परमात्मा जब 64 लाख शिष्यों को उन्होंने ज्ञान दिया 64 लाख शिष्य अगर एक एक दो दो भी चेला बनाते तो 64 लाख के कितने होते करीबन करीबन 64 के दने नहीं तीन
00:55:59:24 कर लो कम से कम डेढ़ करोड़ दो करोड़ आदमी तो हो ही जाते जो अपने घर वालों को तो बताते कि परमात्मा मिले ये परमात्मा तो उनकी पूजा आज तक क्यों नहीं हो रही थी फिर वो अपने घर पर भी बता के नहीं गए थे कि ये परमात्मा है कबीर जी बताओ भैया इसीलिए कहते हैं मत पढ़ो चक्कर में अब हमारा ये टैग लाइन हो गई है पाड़ी जी मत पढ़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में जी जी हर हर महादेव सभी को हर हर महादेवर महादेव ह हर हर महादेव कल रजीत सिंह जी शायद वहां गए थे मैंने तो पूरी लाइव देखी नहीं इतने बड़े ज्ञानी बन रहे थे इनके सामने हो जैसे कि तत्वदर्शी खुद स्वयं वहां से निकल के इधर आ गए हो इनके सामने बैठे हो रजीत जी सेही बात हो रही थी कल रजीत जी से बात हो रही थी जब मैं लाइव में था उनकी में अच्छा हा जब जब ये 15 का अब उनके पास परंपरा वाली बात आई है ज्ञान परंपरा से होना चाहिए साक्षात है ना आप भी मानते हो परमेश्वर साने मेरे घर का एडस पूछा
00:57:15:15 वहा मेरा यज होगा मेरा प्रयोग होगा आप सम या किसी जैसे कि अगर ईश्वर संत के रूप में या किसी म संत महंत ऋषि के रूप में आते हैं तो वहां पर संत के रूप में जब एक संत ईश्वर की पूरी परिभाषा बताता है एक सतलोक का पूरा ज्ञान देता है संत तो वहां पर उसका प्रयोग हो सकता है वहा पर योग हो सकता है लेकिन स्वयं साक्षात परमेश्वर आपके हिसाब से स्वयं कृष्ण भगवान वहा साक्षात वहां अपनी वास्तविकता अर्जुन को बता दी है कि मैं सब कुछ हूं तो फिर वहां वह
00:58:17:01 जब अब ये बताओ इसने ये बात कही है आपके हिसाब से तो इनके हिसाब से इनका जो कबीर है वो पूर्ण परमात्मा नहीं है क्या जय श्री राम ज श्री राम मैं कुछ बातें कहना चाहता हूं पाच मिनट आपसे बहुत मजा आने वाला है बोलू बताइए बताइए आपको पता है अभी पिछले रविवार को पहली बार मैं ये अमित दास जी के चैनल पर मैं गया था मैंने इनको महाभारत से कुछ प्रमाण दिखाए पहली बार में इन्होंने मेरे को बीच डिबेट से इन्होने मुझे निकाल दिया जब मैंने इनको दो प्रमाण दिखाए भगवान श्री कृष्ण को लेकर महाभारत से और अभी कल मैं आया था कल की डिबेट में मैं आया था यह रंजीत सिंह जी भी उस वक्त जुड़े हुए थे उन्होंने देखा है मेरे को उससे पहले का मैं बताता हूं जब मैं दूसरी बार जब आया था ना तब टीआर पहाड़ी जी थे मैंने महाभारत से कुछ गीता को लेके प्रमाण दिखाया कि जो महाभारत के बाद जो लिखा होता है ना गीता में कि ये 620 शलोक श्री कृष्ण ने बोले इतने उतने श्लोक अर्जुन ने बोले वो जो एक व्यक्ति था था ना जो आपके सामने बोला था कि वेदों को हम उतना मानते हैं जितना हमको अच्छा लगता है वो मेरे मुंह प भी अब उस व्यक्ति ने मेरे को बोला कि ऐसे प्रमाण हमारे गुरु जी ने हमको दे रखे हैं लेकिन हम उन्हीं को मानते हैं जो हमारे मत के अनुकूल हो ये पहाड़ी जी से पूछे थे वहा उन्होंने भी सुना था अरे सुनिए ना कल का पूरा डिबेट छोड़
00:59:32:07 के लास्ट में निकलना निकल आए सुनो एक मिनट कल हम दिवेद छोड़ के निकल आए बट एक चीज उन लोगों ने एक्सेप्ट कर लिया कि वेद जो है उनके कबीर को नहीं समझा सकते मतलब वेदों में इतनी क्षमता ही नहीं है वेदों में इतना ज्ञान ही नहीं है कि कबीर को समझाया जा सके इट मींस कि वेदों के अनुसार एक मिनट मिनट हमको बोलने दो एक मिनट वेदों के अनुसार कबीर परमात्मा नहीं है वो वेदों के ऊपर कोई और चीज है उसके अनुसार क परमात्मा है बत
01:00:06:08 बिया में प्रमाण कबीर नहीं भगवान है एक मिनट रजीत सिंह जी की बात सुनले जरा सुनलो वहा पर इतना तो हमने क्लियर कर दिया की वेदों में आप हमको कभ मत दिखाना कबीर दिखा देना हम लेंगे हम कबीर जी के दास बन जाएंगे चेला बन जाएंगे लेकिन वो हमको बारबार वही कवि कवि हम बोले भाई कवि तो हमारे विष्णु भगवान है विष्णु सहस्त्र नाम स्तोत्र आप पढ़ो 27 शलोक में भगवान विष्णु का ही नाम कवि है अच्छा हमने उनसे कहा कि मंत्र कौन सा है आपका चलो आप ही बता दो ओम तत्सत चलो ओम तत्सत हम बोले चलो ये एक्से करते ये कहा कबीर है इस में इस मंत्र में कहा कबीर है तो बो आपके हिसाब से चाहे जिसम भी जा रहा हो य जिसको भी जा रहा हो यह मंत्र हमारे हिसाब से तो हमारे कबीर परमात्मा को जा रहा है हम बोले चलिए ठीक है तो आपके कबी मतलब कुल मिला के इनकी जो बातें है वो मनमुक हो गई शास्त्र से नहीं रही बिल्कुल नहीं रही हम बता रहे हैं कहां से रही केवल कबीर सागर से कबीर कबीर सागर से कबीर सागर से भी तो लिख रहे हैं कबीर सागर से मुक्ति नहीं
01:01:22:19 है हिब से हमने पहले क दिया कबीर सागर को हम एक्सेप्ट नहीं कर हम केवल वो बात की बात है ये खुद लिख रहे हैं कि कबीर सागर से भी मुक्ति नहीं है कुल मिलाकर सारी किताबों को आग लगा दो मेरे पास आ जाओ जेल धाम दिखाइए इसको इसको दिखाइ जरा बड़ा करिए इसमें कह रहे भाई देखो शास्त्रों में इधर राइट जाइए राइट राइट राइट जाइए प राइट कबीर साहब की वाणी
01:01:58:14 वेद गीता पुराण कुराण धर्मदास सावादी संतों की वाणी इनसे मुक्ति नहीं होगी और इन सबको छोड़ केर कहां जाना पड़ेगा उसका जो वो है ना रिप्रेजेंटेटिव हा व कबीर साहब का जेल जाना होगा जेल जाना उनके पास जाना तो जेल जाइए भैया सीधे चलो यार हम
01:02:30:12 जा देखिए रमेश प्रजापति का देखिए चलती लाइव में रमेश प्रजापति जी का जो है हमने परिवर्तन किया आचार विचार में देखिए उनका जो अभी जो उल्टा सीधा लिख रहे थे पागल इससे पहले किसी ने मूर्ख लिखा था बदल गया देखिए इसको कहते हैं शेर का बच्चा एक ही अच्छा देखिए इन्होने पागल शब्द का उपयोग नहीं किया है यह तो करेंगे यह नहीं मानेंगे नहीं चलो थोड़ा बहुत तो परिवर्तन देखने को मिल रहा है जी आपका एक प्रश्न था बताइए आपका एक प्रश्न हा यह प्रश्न है मेरा कबीर सागर से हम पूछ रहे हैं जैसे काल को श्राप लगा हुआ था एक लाख जीवों को खाएगा सवा लाख पैदा करेगा ये बहुत बढ़िया है शरीर धारी आज की तारीख में अगर जनगणना के हिसाब से भी देखें करीबन करीबन न लाख से ज्यादा तो रोज आदमी मरता है आदमी आदमी की बात कर रहा हूं मैं और दूसरे जीव की भी बात नहीं कर रहा हूं उसमें तो जीव है उसमें तो जीव है और सवा लाख पैदा हो रहे है जनगणना के हिसाब से
01:03:45:15 करीबन करीबन 4 लाख के करीबन पैदा हो रहे रोज के तो फिर इसके हिसाब से तो कबीर जी का व वरदान और शराप दोनों ही झूठा हो गया नहीं इसका तो जवाब दिया जा सकता है कि जो ज्यादा हो रहे हैं ना जो ज्यादा मर रहे हैं उनका पुनर्जन्म हो जाता है किसी और यनि में उनको खाता नहीं है अच्छा खाता नहीं है उनको छोड़ता है उनको पुनर्जन्म कर देता वो कुछ और सिस्टम है वो जानना पड़ेगा अच्छा यह क्या है देखिए कबीर सागर को भी नहीं मानते रामपाल यह देखिए ताजा खबर कबीर सागर को भी नहीं मानते रामपाल क्यों नहीं मानते कबीर सागर में ज्ञान हीन महंतों ने कुछ मिलावट या काट छाट की है वह उसका अपना अज्ञान अनुभव था लो अब कबीर सागर भी प्रमाण नहीं प्रमाण है क्या प्रमाण है तत्वदर्शी तत्वदर्शी क्यों क्योंकि शास्त्रों में लिखा है शास्त्र क्यों प्रमाण तो मिलावट है नहीं शास्त्रों में जहां से तत्वदर्शी शब्द आ जाए बस वो मिलावट नहीं है बाकी सब मिलावट मिलावट तो सब कुछ ही है बगर मंत्र के भगवान
01:05:00:27 नहीं मिलता है बगर मंत्र के जाप के जो शास्त्रों में मंत्र उनसे मिलता है उन्होंने कब शास्त्र के मंत्र के जाप किए थे जिनको मिले थे परमात्मा धरती पर आके उन्होंने तो राम की भक्ति की उनको सत्य मार्ग दिया तो क्यों दिखाया उनको अरे मैं तो आपको देखो हम क्या कहते हैं गलत बात बिल्कुल नहीं दूसरी ग्रंथ खुल नहीं इनकी गरमा गीता की खोलिए पेज नंबर 99 अर्जुन ने तो कभी कबीर की भक्ति नहीं की ना ही उसको कोई तत्वदर्शी मिला भैया उसको ज्ञान देने वाले तो कृष्णम वंदे जगतगुरु तो गलत है जगतगुरु है नहीं उनको ज्ञान नहीं था तो अर्जुन को मोक्ष मिल रहा है व भी गरिमा गीता की में ये देखिए ताजा
01:05:45:15 खबर अर्जुन को मोक्ष 99 पेज नंबर हा इसमें नीचे नीचे चलिए हां ये एक मिनट मैं निकाल लू अर्जुन को मोक्ष कहां पर लिखा है मैंने इनकी जो ग्रंथ मैंने थोड़े से टटोल लिए हैं उससे इतना वो हो गया कि सब सब चीजें वो हो गई फिर कुछ बचा नहीं ऐसा कुछ बचा नहीं जो फिर वो नहीं ये वो ज्ञान है जिसको जानने के बाद कुछ और जानना शेष नहीं रह जाता इनका
01:06:26:25 अंतिम ज्ञान है ये अंतिम ज्ञान हा ये अंतिम ज्ञान मिल गया पहला पैराग्राफ में ही लिखा है क्या लिखा है 99 है ना ये फर्स्ट पैराग्राफ अच्छा पेज नंबर 99 है ड़ था आदेश मिला उपरोक्त करता है परमात्मा कबीर देव यहां तो नहीं दिख रहा यही पर तो था ये गरमा गीता की है ना ये हां हां इसका पहला पैराग्राफ हां ये देखिए
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→ Used in: A · Live क्या रामपाल तत्वदर्शी है? Live Discussion with Tarendra K Singraure at 1:54:41 ↗
→ Used in: A · Live रामपाल की घटिया गिरी पाखंडी का गीता ज्ञान भाग 10 अध्याय 5 at 1:24:19 ↗
01:07:09:20 अर्जुन यज्ञ में प्रतिष्ठित पूर्ण परमात्मा को ईष्ट रूप में मानकर यज्ञ करता है तथा यज्ञ के साथ-साथ वास्तविक नाम का स्मरण करके पूर्ण मोक्ष रूपी अवंत को प्राप्त हो जाता अर्थात पूर्ण परमात्मा को प्राप्त हो
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01:07:27:27 जाता है ओ इसको ज्ञान किसने दे दिया ओए इसको ज्ञान किसने दे दिया भाई ति दर्सी ने दे दिया होगा ति दर्शी य जो आप आप बताते हैं ना थोड़ा इसका स्क्रीनशॉट ऐसा रख लिया करिए तो बीच-बीच में जैसे ा है अन्य चीजों फेसबुक इसमें थोड़ा सा डाल दिया करिए और अच्छा किस बुक से किस बुक से रिफरेंस है ये थोड़ा सा कोने में एडिट करके तो ये बहुत अच्छा है क्योंकि ये चीजें फिर हट जाएंगी जी जी जी जी लंबी ल जी जी क्योंकि डेढ़ दो घंटे की वीडियो है इतना कौन सुनेगा वो बहुत अच्छा नहीं हम लोग एक टीम तैयार कर रहे हैं कि छोटी-छोटी शॉर्ट बनाई जाए जो ये लंबी लंबी दो दो घंटे की है इनका जरा जरा सा पार्ट निकाला जाए उसको जो है डाला जाए जैसे ये लोग जो है ना छोटा-छोटा वीडियो जो है एक-एक लाइन का दोदो लाइन का जैसे किताब का रिफरेंस लेकर के यह देते हैं इसी तरह इनके किताब का रिफरेंस देकर के ये लोग ऐसी ऐसे हमारे ग्रंथों में चिप चिपका के जाते हैं जी जी जी जी बिल्कुल बिल्कुल
01:08:39:18 बिल्कुल बिल्कुल कुछ नहीं इनकी मनोगत कहानी है सब और कुछ जसवंत जी मुझे ऐसा लगता है आपके हृदय को बहुत आहत हुए हैं आप इन लोगों की वजह से क्योंकि आप बहुत मुझे अंदर से वो लग टूटे हुए मतलब भाई जी मैं अगर सत्य बताऊं तो मैं करीबन आठवी क्लास में पढ़ता था आज मेरी उम्र कम से कम 40 साल की है तो मैंने बचपन से ही भक्ति की थी मंदिर अंदिर पर झाड़ू आड़ू लगाना थोड़ा भजन भी करना रामायण में गीता में सब पढ़ना अभी सब किताब भी रखी है रामायण गीता तो मेरा भी एक दिन ऐसा ही हाल हुआ था इन लोगों की तरह तो मैं बड़ा परेशान था लेकिन सत्य कह रहा हूं इस टाइम शाम का वक्त हो रहा है वैसे इन चीजों को नहीं कहना चाहिए के एक दिन साक्षात मां दुर्गा अपने ही डायरेक्ट स्वरूप में आकर मुझे बताया था सब कुछ उस दिन मेरा दिमाग फ्रेश हुआ कि अब किसी के चक्कर में नहीं पड़ना मैं वैसे बोलना नहीं चाहता था पर ये आज मजबूरी बोलना पड़ा है नहीं नहीं मत बोला करिए यह सब बातें अपनी निजी होती है भगवान के साथ में हमारा संबंध जो है व बोला बोलते नहीं खैर आपने बोला वो जन जागरुकता के लिए है और आपका प्रारब्ध है कि आप आपका प्रारब्ध
01:09:54:24 है कि आप जो है बचपन से ऐसा व मिल गया भाव क्योंकि भगवान की भक्ति भी प्राप्त हो जाना बहुत बड़ी चीज होती है जो प्राप्त हो जाती है और इसी कारण से माता ने स्वयं माता ने स्वयं प्रकट होकर के इसीलिए आपको जो है सही दिशा दे दी हां मैं भी य नहीं के चक्कर में था मुझे बहुत पहली बात तो मेरे ऊपर बहुत गुस्सा हुई पहले तो इन चीजों के चक्कर में बहुत गुस्सा समझ रं आपका जो आप जिस तरह से सीरियस है ना इस आनंदमय वातावरण में भी आप जो सीरियस है इसलिए दिख रहा है कि आपके अंदर रोश है अब रोस क्या भाई ब्रह्मा भी अज्ञानी है विष्णु जी भी अज्ञानी है यह अकेले सय क्या बोलते एक चीज और
01:10:47:06 है आपका रुक गया कैमरा रुक गया आपका अब देखिए ये देखिए राम पालियो का वो देखिए कि बिल्कुल थोड़ा तरीके में आ गए कमेंट करने वाले कल पता है कल सुनो एक मिनट कल कहीं नहीं बात बनी तो लास्ट में आकर के मोक्ष पर आ गए मोक्ष कहां है कैसे जाएगा अरे यार मोक्ष का मतलब उनको ना पता है मोक्ष का मतलब है मक्ष अगर सतलोक में जाक आत्मा ट गई तो मोक्ष है हद होती है एकदम अरे किसी दिन आ जाने दो किसी को तब इनका मोक्ष निकालू मैं नहीं भाई जी मैं आपको ये बात सत्य कह रहा हूं एक मिनट रजीत जी की बात हो जाए त बोलिए आत्मा को ये कोई तत्व ऑब्जेक्ट मान के रखे हैं क्या कि वो उड़ के जाएगा आत्मा कोई ऑब्जेक्ट है ये बताओ जो शून्य है जो निराकार है जिसकी कोई मतलब आदि ना है ना तो अंत है उस चीज को भी ये जो है मान के चलना है वो भी कहीं जाएगा उसको कहां जाने की जरूरत है हमको ये बताओ अब मेरे इस जीवन से अब उसके लिए प्रमाण चाहिए तब कहा बेटा इस शरीर से तुम पार नहीं हो सकोगे अब मेरे इस जीवन से ये देखो भाई कबीर से भी मोक्ष नहीं
01:12:03:01 है नहीं हो सकोगे अब मेरे इस जीवन से कबीर से भी मोक्ष नहीं है सुन लो रामपाल एंड कंपनी कबीर से भी मोक्ष नहीं है उनको ये उनको अभी तक उनका एक क्वेश्चन था हमसे व बारबार हमसे पूछना बताइए किसकी भक्ति करें अब ये थोड़ा सा क्लियर बता दिया जाए हम जो है वो परंपरा प्राप्त आचार्यों से जो है दीक्षा लिए नहीं है इसलिए वो काहे माने हमारी बात उन्होंने कहा हम क्यों माने आपकी बात कि किसकी भक्ति करनी चाहिए चलो चलो इतना सुधार तो आया कि अब उन लोगों ने परंपरा बोलना शुरू किया है ये बहुत अच्छी बात है अभी थोड़े दिनों में देखना धीरे-धीरे ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती गणेश प आ जाएंगे अरे पता है कल काल हमारे अंदर आ गया था समझो बात को कल काल हमारे अंदर आ गया था तब जाकर हम वहां गीता वाचन शुरू किए ते हैं इससे पहले हमर हम कहा गीता पढ़ने जाएंगे कल काल हमारे अंदर आ गया भाई लिंक दे दो किसी कोई अगर आना चाहता है कि कबीर के द्वारा मोक्ष है तो वो आ जाए आज मोक्ष पर हम लोग बात
01:13:17:00 करेंगे आ जाए भैया चर्चा हुई होती ना तो काल का विरा जाता एक चीज और लोग बोलते हैं जो गुरु की रामपाल जी की निंदा करेगा ये हो जाएगा उसका वो हो जाएगा मैं सत्य कह रहा हूं मैं 20110 से इनकी बरी तरह निंदा कर रहा हूं 2010 से 15 साल हो गई ठीक है कहीं कुछ नहीं है और इनको ये लोग बोलते हैं हमको फायदा पड़ गई हमको फायदा पड़ गई फायदा तो तुमको इसलिए पड़ गई कुछ फायदा थोड़ी बहुत पड़ती है जैसे तुमने पहले कुछ भक्ति की होगी थोड़ी बहुत पुण्य धर्म भी किए होंगे मंदिर पर जाना तीर्थ पर गिरिराज पर परिक कमा देना जब तुम उनको छोड़ के जाओगे तो तुम्हारा कर्जा भी क्यों रखेंगे वो सलो अपना तुरंत ले जाओ अपने साथ व बुरे कर्म करना शुरू करता है तो उसके पहले अच्छे कर्मों का जो प्रारब्ध होता है ना व पहले दे देते हैं जल्दी इसका कम करो इसका करो इसका इसको भाई तुमने हमारे पास आप य से जा साब करना
01:14:24:01 तुम्हारा ये और कुछ नहीं है मोक्ष बताओ कबीर से मोक्ष नहीं है तुम क्या है तुमने क्या लिखा है तत्व ज्ञान में क्या रायता फैला के गए हो क्या है तुम्हारा तत्व ज्ञान भाई एक तरफ उसी को प्रभु कह रहे हो एक तरफ उसी को तुच्छ कह रहे हो एक तरफ काल से अच्छे हैं कृष्ण एक तरफ कृष्ण से अच्छा है काल एक तरफ काल जो है अविनाशी है फिर अविनाशी नहीं है और फिर जो है वो मरता भी है 7 हज 7 हज य वो इसके बाद अच्छा विष्णु जी भगवान नहीं है कृष्ण जी भगवान नहीं मगर कबीर कह रहे भगवान क्या लिख के गए हो ये अरे कबीर नहीं अगर ये खुद आ करके अगर य खुद आ कर के अपनी लिखी हुई किताबों को शुरू से अंत तक पढ़ना शुरू कर दे तो पहले तो इनके आंखों में अपने आप जो है एसिड उत्पन्न होने लगेगा तेजा उत्पन्न होने लगेगा और आखिरी में अपना माथा पीट 10 प बार जो य लिख के गए
01:15:22:10 हैं अरे भाई एक न देखो रमेश भाई गलत बातें मत करो गलत बातें मत करो गलत बात करोगे झूठ बोलोगे तो फिर मुझे कुछ चैप्टर खोलना पड़ेगा ज्ञान की बात क्या है तुम्हारे जब तुम्हारा ग्रंथ खोल खोल के दिखा रहा हूं तो तुम कह रहे ज्ञान की बात नहीं है इसका मतलब वो तत्व ज्ञान नहीं है क्या तुम्हारे इन ग्रंथों में तुम्हारे ग्रंथों को खोल के दिखा रहा हूं क्या इन ग्रंथों में तत्व ज्ञान नहीं है बोलो कह दो ये तत्वदर्शी किताबें नहीं है ये झूठे की किताबें पाखंडी की किताबें बोल सकते हो क्या ये यह तत्वदर्शी की किताब है तुम ही कहते हो तत्वदर्शी है अब तुम कह रहे हो कि मैं ज्ञान की बात नहीं कर रहा हूं एक मिनट रंजीत जी एक मिनट अब तुम कह रहे हो कि मैं ज्ञान की बातें नहीं कर रहा हूं तो इसका मतलब इसमें क्या भूसा भरा है क्या इसमें तत्व ज्ञान नहीं है क्या हा जल्दी अपनी बात सही कर दो बोलो मैं इसकी बात कर रहा हूं और तुम कह रहे हो ये ज्ञान की बात नहीं है कितना बड़ा गुरु अपराध कर रहे हो तुम उनको ऊपर लाओ ऊपर लाओ ऊपर आइए भाई आप ऊपर नहीं आएंगे उनके अंदर वो नहीं है वो मां का दूध नहीं पिया था बचपन में ऊपर नहीं आते रमेश ऊपर आ जाइए
01:16:37:12 आप जो बात है आप ऊपर आ कर केफा कर दीजिए उसको आना है तो ऊपर आ जाइए रमेश प्रजापति अब थोड़े से ठीक हुए अरे शिवांश भाई हम सभी देवताओं की भक्ति करते हैं थोड़ा ठीक हो गए देखो तुरंत देखो आप फे देखिए चंद्र पाण मिश्रा जी ये हमारी आपकी बहुत बड़ी अचीवमेंट है ये बहुत बड़ी हम लोगों को भी करेंगे सुनो ना जितने भ्रमित हो ग ना हम लोगों की भी भक्ति करने लगे कुछ दिन बाद अगर इसी तरह से इनकी स्थिति रही तो पक्का बताना है अगर ये इसी तरह से रामपाल जी के जो है वो क्या कते है ना आडंबर में फसे रहे ना तो ये हम लोगों कीति करने लग हां हम इन लोगों का रिस्पेक्ट करते हैं रीजन हम बता रहे हैं पब्लिकली इनके सामने बोलना इनका रिस्पेक्ट करते हैं क्योंकि कुछ चीज इकी अच्छी लगती हैको जैसे फर एपल ये बहुत ही नियम के पंचुल होते है सामाजिक काम अभी देख रहे थे हम कोई वो क्या करते भंडारा वगर भी अच्छा से किए उसम शादी विवाह वगैरह का प्रोग्राम भी बहुत अच्छे से कराए ये सब ऐसे सामाजिक कार्य है जिसकी जो है सभी स्वागत करका सब स्वागत करते हैं आडंबर विरोधी व्यक्ति को होना चाहिए ना कि परंपरा विरोधी होना चाहिए और ये क्या परंपरा विरोधी होने लग र है य दिक्कत है
01:17:52:22 आप आडंबर विरोधी बनिए हम स्वागत करेंगे भटकाव तभी तो हो रहा है हम विरोध जब हम जाते हैं ते जो जो हिंदू है एक मिनट रजीत जी एक मिनट बोल जो हिंदू है वह स्वयं को हिंदू कह रहा है मगर वह यह नहीं सोच रहा है मेरे पास जो हिंदू तत्व है यह आया कैसे यह परंपरा से आया है तो यदि आप परंपरा प्राप्त आचार्य को छोड़ के अपने आप को हिंदू कह रहे रोध कर रहे हो तो आपका वो जो हिंदुत्व है वो नकली हो जाएगा खोकला हो जाएगा ये लोग ये नहीं समझते हैं जो दिशाहीन हिंदू कहूंगा मैं वो परंपरा को भूल चुके हैं कि वेद कैसे आए हम तक आज हम खुद को डंका बजाते हैं वैदिक है हम सनातनी है मगर सनातनी वो मंत्र कहां से आए जिनको हम वेद कहते हैं कहां से आए इस बात का जवाब नहीं देते तो जब ऐसा होगा जब हम जब जो कुछ इंटेलेक्चुअल वर्ग होता है वह एक मौका देता है परंपरा प्राप्त आचार्यों का विरोध करके ऐसे ऐसे तंत्र जाल चलाने वालों को मौका देता है कि चलो अब इंटेलेक्चुअल पर्सन
01:19:07:28 ने तो कह ही दिया हम नहीं मानते परंपरा प्राप्त ज्ञान उसके बाद फिर खड़ा होता है रामपाल फिर खड़ा होता है ब्रह्मा कुमारी फिर खड़ा होता है स्वामी नारायण मत फिर खड़ा होता है स्कन फिर खड़ा होता है वो राधा स्वामी सत्संग आज देखिए एक पीड़िता मुझे फोन करती है ब्रह्मा कुमारी का कोई कोई व्यक्ति है जो उसी उसी से पार्ट है निकला हुआ और उसने अब अपना नया संस्था खोल लिया है और वो जो है अपनी चीजों में लोगों को वो भी भटका रहा है और बेटी अपने अपनी बेटी है वो अपनी माता जी को छोड़कर चली गई है उसकी माता जी ने हमारा चैनल देखा वो हमसे संपर्क करके बोल रही है कि उसने हमारा आप कर सकते हो मैंने आपका चैनल देखा है आप ही यह कार्य कर सकते हो मेरी बेटी को वापस ला दो ऐसे रो रही और बेटी कितने साल की है 18 साल की चली गई अपनी माता जी को छोड़ क्यों क्योंकि हमने जो नियम थे उनको हम ही ने तोड़ दिया यह मैं इसमें कहूंगा कि भाई इसमें जो है जो प्रायोरिटी से जो व है वो आर्य समाज उसने शुरुआत की परंपरा प्राप्त ज्ञान विज्ञान को ठुकराने की तब यह मौका इन लोगों को मिला य आज इतने सारे आप धर्म के नाम पर चलने वाली संस्थाए देख रहे हैं ना इनके
01:20:23:06 मूल में आर समाज वो मान सकते हैं कितने सारे सेक्टस है उनको मौका मिला जब आर समाज ने परंपरा का खंडन किया जी इनके अंदर कट्टरता इतनी ज्यादा है हमारे एक मित्र है हम लोग सेम कैटेगरी के है और उनके यहां बता देना है आपको कि पूजा पाठ एकदम वर्जित हो चुका था काफी दिन से मतलब दो तीन चार दिन से हमने उनको लास्टली उनकी वाइफ हमारे मित्र की वाइफ बोली तो आज जाकर के वो मंदिर में कथा सुने वो लोग फैमिली वाले मान ही नहीं रहे हैं घर में हमने कोई इश नहीं है मंदिर में पूज मतलब घर मेंज भगवान की पूजा शुरू कीजिए असर दिखेगा इतना ब्रेन वश कर दिया गया है इन लोगों का मैं आपको एक बात बता व लिखा है वहां लिखा है कवि कवि शब्द लिखा है कवि का मतलब हम दिखा कवि कहां से लिया गया दिखाना है बट फिर भी ये एक्सेप्ट नहीं कर रहा है
01:21:22:10 उसको परमेश्वर कबीर जी तो अंतर्यामी है तथा आत्मा के आधार में आत्मा के वास्तविक पिता है अपनी प्यारी आत्माओ को ढूंढते रहते हैं श्री नानक जी को राम राम कहा किनारे पहुंचकर राम राम कहा नानक जी को दिखाई दे रहे थे यह देखिए कबीर जी किसी और भगवान के बारे में बात कर रहे हैं कबीर जी ने कहा कि आप मेरी बात पर विश्वास करो एक पूर्ण परमात्मा है तथा उसका सतलोक स्थान है उसका अभी पूर्ण परमात्मा स्वयं है तो उससे कौन पूर्ण परमात्मा जिसके लिए उस शब्द का उपयोग हो रहा है यही यही यही चीज करते हैं इनको समझ नहीं आता कुछ भैया जय श्री राम जय श्री
01:22:10:16 राम जय श्री राम शिवांस भाई जी बहुत सुंदर प को हम भी बधाई देना चाहेंगे कि परिवार जो है घर वापसी हो चुकी है ऐसी आशा है कि प्रत्येक सनातन अपने मान बिंद पर सकारात्मक ढंग से खड़े उतर कर पुन ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश की आराधना में शामिल हो भारत अखंड हो बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया सवाल है एक दो लोगों का मेरे पास फोन आया था तो प्रभावित हुए वीडियो देख के आपकी य वो वो चीज पिछले सात साल आठ सालों से उने नामदान ले रखा है तो वह यह बोल रहे हैं कि अपना नाम गुप्त क्यों रखना चाहते हैं अगर य छोड़ना चाहते हैं तो कुछ लोग कोई भ है वो कंट्रोवर्सी में नहीं पढना चाहते व डर होता है कि कंट्रोवर्सी में कौन पड़े अपना सामान्य जीवन जी रहे हैं तो क्या दिक्कत है रख अपना नाम
01:23:26:28 र जी आपको लाइव से क्यों हटाया गया था कब टाइम अरे हम बता हम हम आए वहा पर एक चाचा जी थे यार पहाड़ी जी जिनसे आपकी बहस हुई थी तो उन्होने नहीं हटाया था बाद में अमित दास ने क्लियर कर दिया था मैं पहले कह चुका था कि मेरी बैटरी सिर्फ दो पर है मैं ऑटोमेटिक य आउट हो जाऊंगा य से तो मेरा चला गया था बता चका था नहीं अच्छा हमारे बीच कश्चन आ चुके हैं तो हम इनको जल्दी से लेले सागर नंदा जी आप अपना चेहरा दिखाए और तब तक हम जो दो मेहमान है इनको सुनले सीताराम सीताराम खल बोलिए
01:24:30:10 आप बैठ बैठ के बात करें बैठ के बात करें बैठ के बात करें जी आवाज नहीं आ रही आपकी नहीं आ रही आप लीड हटा दीजिए हेलो अभी आ रही हो जी जी आ रही है हा जी जय सी राम जी जय श्री राम हा जी मैं अभी य देख रहा था आपके कमेंट में कुछ रामपाल वाले आए हुए थे जी ये कुछ इनका जो वो गीता में जो एक शब्द आया खास करके जो ब्रज वाला उसके ऊपर य अड़े हुए हैं जैसे उसमें तो आया गीता में जैसे आजा होता उसका लेकिन य उस पर अड़े हुए हैं भी जा जा बस भी उसकी शरण में जा उसम मम का मतलब आया एक शब्द उसका मतलब होता है मेरी ब्रज का मतलब जा लेकिन उसमें आजा बने उसका लेकिन य बस संस्कृत इनको शायद आती नहीं है व संस्कृत का सलो किया था अच्छा अच्छा वो हमने हमने संस्कृत वाला एक दिन पूरा लाइव चलाया था पूरा पार्ट है दूसरी
01:25:45:18 बात इनका एक वीडियो जी जी इनका एक वीडियोम रामपाल स्वयं कह रहे है कि आजा बंदे शरण राम की तो आजा कह रहे तो यहां पर आजा मतलब मेरी शरण में ब्रज कहेंगे आवज कहेंगे ब्रज आवज दोनों कहेंगे कम दोनों कहेंगे वो समझ में नहीं आ रहा है वो यही बताएंगे क तो मैंने नहीं आप मेरी बात सुनिए मैंने इनकी रामपाल की सत्संग काफी टाइम पहले काफी टाइम तक फॉलो की थी सुना था काफी दिन तक तो उसम मतलब ये म उनके ऊपर कैमरा लगा हुआ होता था जो मतलब ये पढ़ते थे तो मैं बता मैं क्या करता जो मतलब ऊपर या नीचे थे ना जो ये पढ़ा रहे थे उसको ऊपर या नीचे का पढ़ता था मैं और क्या लिखा उसम
01:26:26:13 यह बस जो मतलब भी काफी बार मैंने इनको मतलब नोटिस किया था कुछ कुछ चीजें पढ़ा रहे उसके ऊपर क्या लिखा है नीचे क्या लिखा है किस बारे में ये लिखा गया यह मतलब कुछ दिखाते नहीं थे जो अपने काम की बात हो मतलब वही दिखाना जी सिलेक्टिव चीज है सिलेक्टिव ची दिखाते हैं जो उनके उनके मत जैसे कोई बात चल रही है तो वो किस टॉपिक पर चल रही है हर बात में कुछ ना कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो मतलब आते हैं वो किस मतलब मैटर पर बात चल रही है उसी पर डिपेंड करेगा ना वो तो से नहीं दिखाएंगे बीच से दिखाएंगे जितना अपने मतलब निकाल लिया उतना थोड़ी होता है और बाकी काफी बार आपके पास आते हैं तो इनको लगभग संस्कृत का ज्ञान नहीं है ऐसे तो मुझे नहीं आता संस्कृत लिखी हुई पढ़ लेता हूं मतलब मतलब क्या होता है वो मुझे नहीं पता लगभग हिंदी की तरह ही होती है संस्कृत लिखी ई पढ़ सकता हूं मतलब नहीं पता क्या होता है
01:27:27:10 सो य क्या लिखा व शब् [संगीत] व [संगीत] व आप तो का वो वीडियो दिखा दो आजा वंदे शरण राम की हां ये वो है वो ये लोग मानते नहीं वो कहते हैं उपसर्ग लगने के बाद आना होगा उपसर्ग लगे बिना आना नहीं होगा वो कहते हैं ऐसा अरे वो सैुल जी कहां चले गए जो क्रिश्चियन आए थे अभी नहीं इनका वो एक और है ना अगर इन्होंने व्रज का मतलब जाना ही लिया तो अगर कुछ और भी जैसे आप उस दिन दिखा रहे थे व्रज का अलग-अलग भावत उसमें अगर मैं कुछ बना लू जाने की जगह ब मतलब उसमें एक सड़क शब्द भी आया था ब्रज का मतलब सड़क भी होता है तो मैं वहां प जाने आने जाने की सड़क जोड़ द क्या बनेगा मैं कोई अलग ब का जो वास्तविक अर्थ है वो है गति गति किसी भी दिशा में हो सकती है तू मेरी शरण में गति कर हो गया मेरी शरण में गति कर अब उसको क्या किया है भाष्य का ने सरल करने
01:28:42:18 के लिए लिख दिया है आना सबसे सरलतम क्या है कि आजा जो सरलतम बन रहा है क्योंकि वहां पर उस मेरी शरण से उसकी उस वो उसका व पर नहीं है उसकी शरण में जा है ना हा हा अच्छा तो समल जी आए हैं हम इनको देख लेते हैं क्या कह रहे हैं समल जी आप अपना चेहरा दिखाए तब तक नार श्री राम जी बोले जय श्री राम मिनट मिनट किरण दीक्षित जी काफी देर से एक मिनट लेता किरण दीक्षित जी बोले जय श्री राम जी जय श्री राम गुरुजी जी हेलो जी बोलिए जी मेरा मतलब मोक्ष को लेकर ही सवाल था आपका परिचय आप आ चुके हैं पहले मैं मैं क्लासेस में आता हूं आपके क्लासेस में आता क्लासेस में आते तो आप तो क्लासेस में ही सवाल करिए सवाल लेकर के क्यों आए नहीं बात करना था ना आपने कहा मोक्ष के विषय कल शाम को क्लास होगी उसम आइए आप है ना ठीक उसम आइए सोनार श्री राम जी बोले
01:29:58:01 जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जी बहुत अच्छा काम कर रहे हो शिवांश जी आप बहुत बहुत आभार आपका मैं सोनार शीराम गुजरात से सूरत से हूं मैं अच्छा और यहां पर है ना इन लोगों ने इनका कुछ यहां पर केंद्र बना है यह लोग इस तरह से प्र पूरा प्रचार इतना करते हैं कि बहुत बहुत प्रचार करते हैं ये लोग यहां प उनकी किताबें बांटते हैं मैंने दो तीन जन से यहां पर मतलब मेरी वो बातचीत बहुत ज्यादा हो गई थी मतलब एक झगड़ा बोलते ना ऐसे हो गया था उनके साथ मैंने बहुत विरोध किया है तो भगवान बहुत बुद्धि दे रहा है आपको बत आभारी हूं मैं आपका कि खूब अच्छा काम कर रहे हो आप जय श्री राम आप लोगों का आप लोगों का पीछे से बस थोड़ा सा एक ऐसे ही समर्थन प्राप्त हो होता रहे आगे महादेव की इच्छा जी जी जी जी जी जी जी बहुत बहुत अच्छा मतलब ये लोगों ने ना ऐसा मतलब बहुत खराब करके रखा है अपने ही भगवान के बारे में ये लोग इतने खराब बोलते हैं ना कि पूछो मत
01:31:15:03 उनसे जी जी हां बहुत खराब लगता है ये जब वो बताते हैं ना अपने को मैं अभी पिछली बार उनके साथ खड़ा हुआ था व जो किताब बाट रहे थे ना उनके साथ खड़ा हुआ था तो वो जो बात बताते ना कि भगवान एक राक्षस हो गए हैं अरे मैं बोला जिन्होंने सृष्टि बनाई वो कहां से राक्षस हो गए जी यह लोग इस तरह से लोगों को मतलब भ्रमित कर देते और इनका एक बड़ा एक देखा मैंने यह लोग क्या करते हैं यह लोगों का ऐसा है जो आपका कोई गुजर जाता है ना आदमी जो कोई अपने घर में कोई जवान आदमी ऑफ हो गया होगा कुछ मर जाते है ना वो स तो ये लोग ऐसा बोलते है कि उनसे मिलाएंगे आपको हां घर का जो अभी कोई कोई आदमी होगा कि भाई अच्छी उम्र का है तो अगर ऑफ हो गया होगा तो उसको ये लोग ऐसा बोलते हैं कि आपसे मिलाएंगे उसको अच्छा तो ये बोल के उनके इसमें ये कनेक्ट करवा लेते लोगों को
01:32:31:00 हम ये सब ये सब चीज चल रहा है यहां पे मैंने दो तीन जन से बात की ना तो मेरा भाई जैसे ऑफ हो गया है तो इन्होंने मेरे को ऐसा बताया कि तुम्हारे भाई से हम बात करवाएंगे मैंने उनको ऐसा बोला जिनसे व उसकी तो वो चले गए अपने स्मशान में उनका अग्नि दहन हो गया हो गए वो तो तो आप कहां से मिलाओ ग तो बोले बुलाएंगे हम वहा पर बोले उनको ऐसा इस तरह से बात करते य लोग और ये ऐसी ऐसी बात बोल के य आपका जो कमजोर पक्ष होगा उसको इमोशनल कमजोर पक्ष को वो करते हैं जी जी जी जी जी जी जी जी सही बात
01:33:19:06 हैली इसमें बताना चाहता हूं खाली आपको मैं बता रहा हूं मम्मी पापा खुद अटक गए इसमें ओ हो हां तो मेरे भाई के वजह ले आएंगे उनको भी वापस ले आएंगे नहीं आएंगे नहीं आएंगे बहुत खतरनाक कर कोई नहीं कोई नहीं आप ऐसा करिएगा संबंध में हमें संपर्क करिए हमारा नंबर ले लीजिए हम लोग अलग से इस बारे में चर्चा करेंगे 7408 30169 जी जी आप हमें करिएगा हम आपसे बात करेंगे इस बारे में जी जी जी जय श्री राम जय श्री राम ये लोग गुजरात में प्रवेश कर गए है जी बहुत गुजरात में तो इतना सूरत में तो इतना सारा कर दिया ना उनको यहां पर सूरत स्टेशन प पहले था सूरत स्टेशन से उनको वहां प वो वहां की पब्लिक ने उनको भगाया वहां से पांडेसरा में आए अभी पांडेसरा से भगाया वहां से डिंडोली में आए अभी अच्छा हां मतलब वहां की जनता भी वहां की जनता भी जानती है कि ये गलत है हम जो फिर से फिर से एक
01:34:34:07 बार मैं फिर से एक बार बीच में इस ग्रंथ के बारे में बता दूं रामपाल के सभी तत्वों सभी पाखंड की पोल खोलने के लिए केवल एक एक ग्रंथ पर्याप्त है इसमें भगवान के लगभग सभी स्वरूपों के जो सहस्त्र नाम है वो दिए गए हैं आप इसको अपने पास लाकर रखें अगर राम कहता है कि पुरुषोत्तम अलग है इसमें भगवान विष्णु को कृष्ण को राम को पुरुषोत्तम कहा गया है अगर रामपाल कहता है कि काल अलग है तो इसमें भगवान विष्णु को राम को शिव को काल कहा गया है अगर रामपाल कहता है कि सच्चिदानंद घन ब्रह्म अलग है तो इसमें इन लोगों को वो भी कहा गया है अगर वोह कहता है कि कवि परमेश्वर है तो इसमें उन लोगों को कभी भी कहा गया है और जहां जहां सेय सारे पाठ लिए गए सत्र नामों के वो सारे पा विवरण भी इसम दिया गया है बहुत ही अच्छी बुक है सब बातों का एक सब बातों की एक दवा सहस्त्र नामावली इसको आप अपने पास रखे ला अब जैसे आपने अभी बताया कभी कहा है महाभारत में तो तुरंत व मिल गया महाभारत खोलने की आवश्यकता ही नहीं है है ना जी मेरे को आपने अभी दिखाया बात आपके पास ज्ञान गंगा पुस्तक है ना आपने उसकी
01:35:49:09 भूमिका पढ़ी थी क्या ज्ञान गंगा नहीं है मेरे पास गम पी थी क्या भूमिका ज्ञान गंगा की भूमिका चहा थोड़ा बहुत थोड़ा बहुत पढ़ लेते कभी कभी भूमिका के बिल्कुल लास्ट में रंजीत सिंह जी आप इसकी ना ज्ञान गंगा खोल इसकी भूमिका के बिल्कुल लास्ट में लिखा शब्द वही शब्द स्वरूपी राम है राम के बारे में रामपाल ने खुद बताया है भूमिका में बिल्कुल लास्ट में लिखा है वही सूपी राम है ज जय श्री राम सोनार जी आप हमसे संपर्क करिएगा है ना 74836
01:36:25:00 गोस्वामी जी जय श्री राम जय श्री राम धीरे-धीरे इन लोगों का पैर अब गुजरात में भी घुस रहा है अरे भाई अब तो निकलने की बात करिए आप कहां घुसने की बात कर रहे हैं तो निकल रहे हैं ये लोग देखो यही लाइव में ही निकले जा रहे हैं लाइव में ही देवी देवताओं की पूजा प आ गए लोग बात सही है लेकिन आज आज ये भैया ने गुजरात से बात की मैं भी गुजरात से हूं इसलिए आपको बात कर रहा हूं जी जी जी गुजरात में आए हैं अभी पंजाब में बहुत है हमारे उ तो कोई नहीं है लेकिन सूरत से ये बात जानने को आज मिली तो मालूम पड़ा हुआ अरे शिवांश हमसी को सीरियस नहीं देते थे पता है जब से आप मिले हो ना तब से थोड़ा इस पर हम डिबेट शुरू किए हैं और हमारे बगल में एक गांव है गांव की लगभग 60 पर जो कम्युनिटी है वो रामपाल फॉलोअर्स के ग्रुप में आ चुकी थी उसमें अब चार पांच फैमिली धीरे धीरे मतलब कम की है अभी हटे नहीं है बट कम हुआ उनका रुझान अब व वो क्या कहते
01:37:40:04 हैं कुछ होता है ना जहा मीटिंग होती है क्या बोलते उस सत्संग सत्संग में जाना बंद किए समझ लो जी जी स नहीं लेते चीजों को लेकर के आपसे मिलने के बाद थोड़ा सा मतलब अच्छा लगा हमको और थोड़ा इंटरेस्ट लिए हालाकि पूजा पाठ में तो इस्ट है हमारा पूजा पाठ करते है बट जब आपसे मिले आपको देखे और करके मुकाबला करते तो हमको लगा की यार एक लड़का खड़ा है तो हम लोग खड़ा होने में क्या दिक्कत है बुक्स हमारे पास है किताब हमारे पास है नॉलेज हमारे पास है ईश्वर ने हमको ज्ञान ग्रहण करने के लिए एक अच्छा मस्तिष्क एक अच्छा बुद्धि दिया है हम पढ करके देखें आप सब लोग एक बारने प्राइवेट चैट में मैसेज भेजा है कुछ जरूरी जानकारी वो देख लीजिएगा आप सब लोग देख लीजिए प्राइवेट चट में जी विशाल जी जय श्री
01:38:39:24 राम जी जी बोलिए आप बोलिए रजीत जी मिनट हम एक रिक्वेस्ट करेंगे हम जो मतलब इस कम्युनिटी में लोगों को निकालने के लिए मतलब संकल्प लोग हम लोग फिहाल ग्रुप बनाले जिसम हम एक दूसरे के कम्युनिकेशन में कंटिन्यू रहे और कारण की कुछ जगह हम उलझ जाते जैसे हम फस ग तो वहा पर हम एक दूसरे से कंसल्ट कर य कहा किस बुक्स में मिलेंगे सब रणनीति विय बात है रजीत जी ये सब हम लोग पर बात करेंगे हा अच्छा एक बात है कि इनका सबसे ज्यादा वहां पर क्यों हो रहा है तो पंजाब हरियाणा में देखो वर्णाश्रम धर्म नहीं माना परंपरा प्राप्त आचार्य आचार्य को ज्यादा बोल वाला नहीं है हरियाणा में अगर पुराना कोई मिलेगा तो आपको मिलेगा आर्य समाज हरियाणा पंजाब की तरफ ही आर समाज का धरातल पर आपको प्रारूप दिखता है ज्यादा से ज्यादा और ज्यादा कहीं नहीं दिखता है तो इसी कारण से देखो वही पर रामपाल है वही पर राम रहीम है वहीं पर सब चीज निकल रही है
01:39:48:28 र हमारे बीच में आए हैं अर्णव उपाध्याय जी जय श्री राम जय शी आराम शवा भया जी भैया जी आपका धन्यवाद दे चाहते है आप जो काम कर रहे हैं उसके लिए मेरी मम्मी भी आपका एपिसोड देख रही थी कुछ दिन पहले तक तो वो भी बोल रही थी कि बहुत सारे ऐसे अन आंसर्ड क्वेश्चन सब थे जैसे आपने बताया कि भौतिक धरातल और आध्यात्मिक धरातल के बीच में डिफरेंस आता है तो उसमें फिर डुएलिटीज होता है तो ऐसा बहुत सारा चीज सीखने को मिला बहुत बहुत धन्यवाद उके लिए मम्मी ने भी धन्यवाद बोला है अरे वाह उनको हमारा जी और यहां पर भी शिवांस भैया बहुत सारे ऐसे इंस्टिट्यूशन आए हुए हैं चाहे वो या फिर रामपाल के याय हमारे य एक वहा जमशेदपुर झारखंड आप लोग मैं कह रहा हूं अगर आप लोगों के यहां पर इस तरह का कोई इंस्टिट्यूशन है आप लोग यदि वहां पर हमें बैकअप दे सकते हो हमारे गुरु भाई भी होंगे हमारे भी लोग होंगे मगर आपके भी आपका भी यदि वहां पर कोई बैकअप है आप केवल इंतजाम करिए हम वहां पहुंचेंगे आपके आसपास वाले इंस्टिट्यूशन में जाकर डायरेक्ट बात करें सीधे कोई दिक्कत ही नहीं है सीधे वो इंस्टीट्यूशन में जाकर बात करो आमने सामने
01:41:04:02 क्या आपका ईश्वर सर्वशक्तिमान है या नहीं बस ू स्टॉप द ट्रेन पुल य य हु एक नवंबर में हमारे कुछ दिन पहले वहां पर आए हुए थे लोग रामपाल वाले तो वो लोग भी ऐसे ही सबको बाहर में खड़े होक समझा रहे थे हम भी वहा पर खड़े थे तो सारा वही वही रिपीटेशन जो आपके वीडियोस में आता है वही चीज लोग रिपीट कर रहे हैं कि मतलब यह नहीं है एक्चुअल ईश्वर स सात्विक राजसिक तामसिक में बांट दिया और फिर वो अल्टीमेट ईश्वर कैसे हो सकता है ऐसे ऐसे क्वेश्चन पूछ रहे थे लोग तो उसी के लिए जी जी मैं कहूंगा ना इन विषयों में आपको किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती तो आप हमसे जो ट हैना उस पर संपर्क करें तो हम रणनीति पूर्वक कार्य कर सकते हैं हम धरातल पर जगह जगह जा सकते हैं उन इंस्टिट्यूट में जो खोल के अपना बैकअप चला रहे हैं हमें बस वहां पर आने का बैकअप चाहिए होगा आपका संघ चाहिए होगा आप हमें वहां पर आमंत्रित करिए आपके घर के आसपास का जो इंस्टिट्यूशन है हम लोग जाएंगे वहां सीधे बात करेंगे भैया क्या बता रहे हो जो बात हो जाएगी रिकॉर्ड हो जाएगी उसको आप बढ़िया सा एक होर्डिंग बनवाए और उनके इंस्टिट्यूशन के आसपास लगवा दीजिए ये चर्चा देखिए तो वहां जाते
01:42:19:08 समय जो व्यक्ति उस होर्डिंग को देखेगा इंदौर में ऐसा कर दिया लोगों ने इंदौर के जो इकन टेंपल से हमारी बातचीत हुई थी उस बातचीत को होल्डिंग में लगा कर के वहां लोगों ने लगाना शुरू कर दिया हैकन में जो जाने वाले हैं वो इसको देखे इस चर्चा को अब क्या हो रहा है कि वहां के जो सबसे बड़े जो अध्यक्ष पीठ पर बैठे वो बारबार यह कह रहे हैं कि भैया हमें नहीं पता य सब चीज तो फिर व्यक्ति वहां से फिर खोजना शुरू करता है और खोजते खोजते एक दिन व सत्य की रा प आ ही जाता है है ना तो हमें ग्राउंड पर वर्क करना ही होगा ग्राउंड पर जो सेंटर्स है इनमें जाना ही पड़ेगा इनके सेंटर्स में जाना पड़ेगा ग्राउंड में सही बो जी गौरव पांडे जी नमस्कार नमस्कार जय श्री राम शिवांश जय श्री राम नमस्कार मैं बहुत समय से आपके जब चैनल खुला था तो फर्स्ट सेकंड सब्सक्राइबर में से एक हूं और बड़ा हां बड़ा अच्छा लगा आपसे वार्तालाप करके और आपके नियमित रूप से मैं वीडियोस वगैरह देखता हूं और शेयर भी करता हूं ा में भी और अपने ने भी मैं कॉलेज में टीचर हूं और आजकल युवाओं का जो एक गलत फिलोसॉफिकल
01:43:36:00 ब्रेन वश या माइंड वश हो रहा है उसके कारण उनको मैं कई बार समझाने की कोशिश करता हूं पर वह शब्द और उनके हिसाब से वह हम नहीं व्यक्त कर पाते तब आपकी जो रील्स या वीडियोस का सहारा है वह लेना पड़ता है लेकिन फिर भी आजकल युवाओं को इतने बुरे तरीके से ब्रेन वश कर दिया गया है ऐसी संस्थाओं ने कि बहुत ही मुश्किल है हमारा ही समय उनको समझाते हुए पूरा व्यतीत हो जाता है पर कुछ समझ पाते हैं कुछ नहीं समझ पाते यह है तो बहुत अच्छा लगा आपसे लाइव बात करके और मैं चाह रहा था कभी आप आए ऋषिकेश में मैं ऋषिकेश में रहता हूं तोसे बहुत सारे संगठन और बहुत सारे फर्जी बाबा यहां पर व्याप्त है तो ष में तो बहुत ज्यादा है अभी वो मातृशक्ति का वीडियो आपने देखा होगा व आई थी ष केस में है वो बता रही थ अगर आपके थ्रू उनसे मेरा संपर्क हो सके तो हम यहां पर आदित्य वाहिनी का मजबूत गुट खड़ा करना चाह रहे हैं क्यक ब आप हमसे हमारे नंबर पर ट करिए आप हैना जी आपके आवान ना नास्त्र में जुड़ा हुआ हूं अच्छा
01:44:52:01 जुड़े आप एक धर्म रक्षा वाला फॉर्म है आप प्रायोरिटी से जरा उसे भर दीजिए मैं आपका नाम प्रायोरिटी से वो कर दूंगा लिस्टेड कर दूंगा है ना हमारे यहां बहुत सारे युवा है जो धार्मिक भाव के धार्मिक स्वभाव के हैं पर इतने सारे छद्म हिंदुत्ववादी लोगों ने जैसे आरएसएस यहां बहुत बड़े स्केल में काम करता है हरिद्वार ऋषिकेश में आरएसएस काम करता है आपके इकन संगठन यहां बहुत व्याप्त है रामपाल वगैरह इत्यादि तो मैं अभी एक विवाह समारोह में गया था अपनी फैमिली फंक्शन में गया था मौसी के लड़के की शादी थी तो वहां पहाड़ी फैमिली है कुमावनी फैमिली तो वहां के घर तक भी इनके जो पुस्तक है रामपाल जी की जीवन जीने की कला करके ती है वो पहुंच गई थी तो मैं तो रामचरित मानस का गुटका लेकर हर जगह जहां भी जाता हूं और एक गीता प्रेस की छोटी गीता लेकर जाता हूं अपना नियमित संध्या गायत्री का प्रयास करता हूं वरना रामचरित मानस का पाठ या अपना गीता का पाठ कर लेता हूं एक अध्याय का जो भी तिथि है उसके अनुसार ठीक है तो उस जब मैं वहां गया तो मेरे भैया की मतलब मेरी भाभी थी वो तो वो रामपाल जी की पुस्तक उनके घर में मैंने देखी जो मात्र 20 रप में और बहुत कई बार फ्री में भी उनको उपलब्ध करा दी जाती है और इस तरीके से उसम ब्रेन वश किया रहता है कि कुछ शास्त्रों की चीजें
01:46:07:06 लिखी रहेगी और उसके बाद अपना वो रहेगा तो उसमें मैंने देखा बहुत सारे शास्त्रों की कथाएं हनुमान जी की कथाए ये कथाए क्योंकि लोग इन चीजों से रिलेट करते हैं इन चीजों से रिलेट करके लोग उसको पढ़ते हैं और फिर जब वो अपना असली गेम खेलते हैं कि यह सब ब्रह्मा विष्णु महेश कबीर के वो मतलब जैसे उन्होंने कर रखा तो मैंने उनसे वो पुस्तक ले ली उसके बदले मैंने उनको रामचरित मानस का गुटका जो मैं ले गया था वापस किया और आज ही मैं ऋषिकेश जब मैं लौटा काशीपुर में थे वो काशीपुर से जब मैं ऋषिकेश लौटा तो आज मैंने गंगाजी में मैंने वीडियो नहीं बनाई जैसे आप बनाते हैं पर मैंने उसको एक एक करके फाड़ के गंगा जीी में प्रवाहित किया है आज बहुत फड़ते भी नहीं हां ठीक है ठीक है ठीक है अ मैं ये कह रहा था कि मैंने क्या किया था पड़ी जी कल परसों मैंने अपने किसी मित्र से फोन लगवाया और उसने प्रश्न किया कि इन्होंने छव अध्याय में न से 15 श्लोक को कह दिया कि वो गलत है अच्छा न से 15 श्लोक यह कह रहा है कि अपनी इंद्रियों को वश में करना चाहिए और उसका आधार खैर इन्होंने बताया कि वो तीसरे अध्याय में पाच से आठ में वो कह रहे हैं कि
01:47:22:06 इंद्रियों वश में रख कर के मगर उन्हीं विषयों का चिंतन करने वाला पाखंडी है मतलब मैंने अपने को कंट्रोल में तो रखा है किसी मजबूरी से मगर मैं चिंतन उसी का कर रहा हूं तो उसम भी मेरी भक्ति जो है सक्सेस नहीं हो पाएगी है ना तो वहां प इंद्रियों को वश में रखना और मगर उन्हीं इंद्रियों के विषय में चिंतन करते रहने को गलत कहा गया है और यहां पे इंद्रियों को वश में रखने को कहा जा रहा है ये नहीं कहा जा रहा कि इंद्रियों को वश में रखने के बाद उन्हीं के विषयों का चिंतन करते रहो तो विषयों का चिंतन का खंडन है न 3.5 से आ में विषयों के चिंतन का खंडन है उसका खंडन नहीं है क्या कहते हैं यह इंद्रियों पर वश करने का खंडन नहीं मगर इन्होंने इंद्रियों के इंद्रियों को वश करने को हट योग कह दिया और यह कहा है कि इंद्रियों को वश में करना गलत है ठीक तो मैंने अपने मित्र से इनको फोन लगवाया और मैं चाहूंगा कि आप सब जितने लोग इस लाइव को देख रहे अपने अपने स्तर से इनके कस्टमर केर पर कॉल लगाए उसमें शंका समाधान का भी मैसेज आता है या कोई भी व्यक्ति जो आपसे बोले उससे बस ये कहना भाई कि कोई व्यक्ति कहीं पर भी जाता है मातृ शक्तियों के
01:48:37:06 बीच में जाता है तो क्या उसके अंदर आने वाली अगर जो गलत भाव है मातृ शक्तियों के प्रति तो वहां उसको अपनी इंद्रियों को कंट्रोल में रखना चाहिए या नहीं रखना चाहिए आप तो कह रहे हो नहीं रखना चाहिए ये तो गलत बात है तो यह सब आप लोग फोन लगाकर इनसे पूछो मूर्खों से कि इंद्रियों को कंट्रोल में रखना चाहिए कि नहीं रखना चाहिए क्योंकि रामपाल कह रहे नहीं रखना चाहिए गीता अध्याय छ श्लोक न से 15 में इन्होंने बोल दिया वो काल ने अपने मन से दे दिया है और क्या है इंद्रियों को अरे भाई इंद्रियों को वश में ही तो रखना है वही तो धर्म है अब तुम कह रहे हो इंद्रियों को वश में मत करो तो वश में नहीं करोगे तो क्या होगा
01:49:25:02 पूछो आप लोग इनके कस्टमर केर पर फोन लगा लगा के पूछो य गरव जी आपना वो जो धर्म रक्षा वाला फॉर्म है वो भी भर दीजिए तो मैं प्रायोरिटी से आपको थोड़ा सा वो कर दूंगा है ना लिस्टेड कर दूंगा नास्त्र वाले ग्रुप में उससे जुड़ के फॉर्म भर दूंगा और फिर आप मुझे उसका [संगीत] हां ठीक है पहाड़ी जी ब जी चलो ठीक बोलिए पहाड़ी जी अच्छा हां जी मैं ये बोल रहा था पहले तो इनसे यह पूछ इनको तो यही पता नहीं है कि जो गीता जी में है जो सांख्य योग है कर्म योग है ध्यान योग है भक्ति योग है इनके बारे में ही पता नहीं है इनको तो आप जिस योग की बात कर रहे हो आप ज्ञानेंद्रिय जो सांख्य योग की बात कर रहे हैं उनके बारे में पता नहीं है उनको वो तो यो अब आप अब आप अब जो आपको मुझसे आपको मुझसे कहना पड़ता है वही मुझे आपसे कहना पड़ेगा इतने स्तर पर क्यों चले गए भाई य सायो ज्ञान योग क्या बोल रहे हो यह सब बातें वो भाषा पढ़ कर के आपको लगता है क्याय लोग ज्ञान शं योग सब य
01:50:40:09 सुनने कहने वाले लोग हैं व लिखने वाले की भाषा ही पढ़ लीजिए आप उसी से पता चल जाएगा कोई परचून की दुकान पर आटा तोलते समय व भाषा उपयोग नहीं करता होगा जीने ठीक है बोलिए कौन है हम ू सना अभी हमारे बीच में आए थे हर हिंदू सनातनी हो जी जय श्री राम हा य यह देख लीजिए एक बार रावण और रामचंद्र की उत्पत्ति और उनका जो युद्ध है यह सब कबीर के द्वारा ही हुआ है यह पढ़ लो और क्या है जिंदा वेधारी परमेश्वर कबीर जी ने कहा कि हे धर्मदास यह मैं हूं ठीक है और यह इधर उधर की बातें मत करो बस तुम तो सीधे पहले यह बताओ ना भाई कि गीता का ज्ञान किसने कहा है यह क्यों नहीं बता रहे हो अब तुम मुख्य मुख्य बातें छोड़ दी इधर उधर की बातें लाओगे
01:51:46:26 अब हां भाई व हर हिंदू सनातनी हो बोले जय श्री राम आप अपना चेहरा दिखा दे हर हिंदू सनातनी हो हा जी नमस्कार नमस्कार जय श्री राम जय श्री राम जी जी तो ज्ञान वर्धन के लिए आपकी जो है वीडियो काफी टाइम से देखता हूं और गुरुजी हमारे भी और आपके भी एक ही है पूरी पीठ के जो शंकराचार्य हमारे अच्छा अच्छा अच्छा हा जी तो मुझे जो है वैसे तो काफी जो है आपके उससे चर्चा से बहुत ज्ञान मिलता रहता है और पर जो भी आपने एक फॉर्म की बात की थी जो जैसे जो विपरीत राम पाली या दूसरे समाजी हैं वह जो जुड़ते रहते हैं उनके तो फॉर्म जैसे आप बताते रहते हैं पर एक जो धर्म रक्षा वाला जो बता रहे थे या जिसमें हम कुछ नया सीख सकते हैं क्योंकि हम भी अलग-अलग ग्रुप में जाते हैं जैसे आज ही मैं एक चर्चा में गया तो
01:53:02:10 वहां पर यही बात तो व बड़े कॉलेज में भी डू में प्रोफेसर है पर व बोले कि जाति और वर्ण यह अलग अलग है और हमें तो जातियों को खत्म करना है तो क्योंकि हम भी गुरु जी की वीडियो और आप का सुनते रहते हैं तो वहां पर फिर वही बात हमने जो है रखी की य दोनों एक ही है और वर्ण व्यवस्था जन्म से है तो सारे लोग जैसे चौक गए तो मतलब य है ण वस्था जन्म से ी से सिद्ध हो जाता है जी ये सिद्ध करेंगे वर्ण व्यवस्था जन्म से है है ना पंजाब में हरियाणा में जाति से नहीं माना जाता वहा कन्वर्जन रेट देखिए आप क्रिश्चन कितना प्रभावी है हालेलुया हालेलुया हो रहा है ना हा जी बक पोप भले ही लचेयर पर चले इंग्लैंड में पोप भले ही वल चेयर पर चले मगर यहां पर हरियाणा पंजाब में आदमी उठके खड़ा हो जा रहा है ला जी जी जी वो फिक्स होता हम लोग देखो देखिए इसी ये जो ग्रंथ है इसी से सिद्ध होता है कि जो
01:54:17:25 वर्ण है वो जन्म से है वो कैसे है इन्होंने ही नारा निकाला है ना सबसे पहले एक मिनट बताता हमारे पहाड़ों में चल रहा है वाले है य बहुत सारे ग वालियों को और कुमावनी को कन्वर्ट इन्होने कर दिया है और अधिकतर य जो आर्थिक रूप से विपन्न लोग होते हैं उनको पकड़ते हैं उनकी कमजोरी को उनकी मजबूरी को अपना व बनाते हैं हथियार बनाते हैं और इनको जादूगरी वाली चीज दिखा के करते हैं देखिए ने क्या किया है यहां पर यजुर्वेद का एक मंत्र लिया है 26 दो यजुर्वेद 26 दो का इन्होने मंत्र लिया है और इस मंत्र का अर्थ लिखते हुए कह रहे हैं कि यह जो वेद वाणी है सिंपल इसको अगर कह दे यह जो वेद वाणी है ये सब मनुष्यों के लिए है ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र सबके लिए है ठीक है अब बात ये आती है कि यही अपने दूसरी जगह पर यह मानते हैं कि शूद्र कौन है जिसका जनेऊ भी ना हुआ हो जो जने जो संस्कार करा लेगा वो शूद्र
01:55:33:03 नहीं रहेगा वो दज बन जाएगा ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य बन जाएगा जो संस्कार करा लेगा वह ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य बन जाएगा वह जो है दज बन जाएगा वो शूद्र नहीं रहेगा मगर यहां पर शूद्र के लिए भी वेद वेद अच्छा वो जो जो पवित होता हैज संस्कार उसी के करण यह लोग यह भी मानते हैं कि संस्कार के बाद ही आपको वेदा अध्ययन का अधिकार प्राप्त होता है यह भीय मानते हैं संस्कार के बिना नहीं वेधन के अधिकार संस्कार के बाद ही होता है तो क्या है कि यदि यहां पर भगवान मतलब यहां पर ईश्वर इनके अनुसार यह कह रहे हैं कि शूद्र के लिए भी वेदन है तो यहां पर इन्होने शूद्र कहां से माना इसको क्योंकि क्योंकि कर्म से तो वेदन का अधिकारी है नहीं ना अगर कर्म से माना तो तो यहां परने शूद्र को किससे माना जन्म से जम से अ समाज ही अपनी पुस्तक में जन्म से मान लिया है किसी को कोई ध्यान नहीं देता है इस बात प और कहीं पर जो है गुरुदेव जी भी और आपकी भी देख य पर देख
01:56:50:08 विधि संस्कार विधि ख सरती में दिया आचार घोषित करेगा वण है य नियम दिया गया मनु हां संस्कार विधि में दिया गया है हां संस्कार विधि में दिया गया है हा संस्कार विधि में दिया गया है आपने कहा आचार्य त करते संस्कार विधि में लिखा हुआ है कि जो अपने बच्चे को बालक बालिका को ब्राह्मण बनाना चाहता है या माप तो इसमें कुछ एज का भी डिफरेंस शायद बताते हैं ये कि एज का वो है वो है कि किस किस एज में आपका यज्ञ पवित्र होना चाहिए मगर नहीं हुआ तो फिर उसका निवारण कैसे होगा वो सब कुछ है मगर यहां पर क्या है कि यदि संस्कार होने से ही कोई दुज बनता है और वेदा अध्ययन का अधिकारी बनता है तो यहां पर इन्होंने शूद्र को कैसे वेद पाठ दे दिया है भाई शूद्र तो वो है जिसका जिसका यज्ञ पवित्र हुआ नहीं तो ये कौन सा शूद्र है जिसके लिए ये वेद अध्ययन दिया गया है तो यहां पर इन्होंने किस शूद्र की बात की है जन्म से शूद्र है तो मान लिया जन्म से जन्म से तुम कैसे मान रहे हो जन्म से तो सभी को शूद्र मानो फिर ब्राह्मण क्षत्री वैश अलग कैसे हो गए
01:58:05:13 क्योंकि ये वो वाला जो होता है ना क्या श्लोक है कि अरे वो वाला है जन्मना जाते शूद्र शूद्र व ठीक है वो वो छोड़ दो वो तो पुराण का श्लोक है मगर मैं कह रहा हूं यदि संस्कार प्राप्त करने पर ही कोई व दज बनता है और शूद्र वो है जिसका यज्ञ पवित नहीं होता है तो फिर यहां पर किस शूद्र को वेदा अध्यन का अधिकार दिया जा रहा है बताया करके आर समाज जी जी जी अब वो इसके लिए क्या कहेंगे पता है शास्त्रार्थ कर लो हमसे और शास्त्रार्थ कैसे करोगे तुमने हिंदू शब्द पर वीडियो बनाया उस पर शास्त्रार्थ करो इस पर नहीं हां जीी हांजी आपका पूरा लेटर और फिर जो है वो क्या होगा रिकॉर्डिंग केवल हम करेंगे क्योंकि हम तानाशा है बेताज बादशा रिकॉर्डिंग केवल हम करेंगे तो हमने भी कह दिया एक काम करो आप होगे भैया अपने य के बेताज बादशाह मगर आप हमारी भी तीन चार सर्त मान लो सीधे हवाई जहाज से लैंडिंग करो उड़ते हुए केवल जो अंतरंग वस्त्र होते उनमें और उसके
01:59:20:13 बाद जो नृत्य करो और उसके बाद जो है नाक रगड़ो उसके बाद हम तुमसे बात कर ये कोई बात है यह कहां की तानाशाही है कि रिकॉर्डिंग केवल हम करेंगे कैमरा केवल हमारा चलेगा या लाइव केवल हम करेंगे इसी से पता चलता है कि आपको जो है करना ही नहीं है हमने अपनी हर डिबेट में क्या कहा है अपनी हर जो हमने प्रस्तुत किया है उसमें चिल्ला चिल्ला के कहा है कि हमें सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म दे दो हम आपके हो जाएंगे हमने तो नहीं कहा क्या हिंदू शब्द को लेकर के हमें चर्चा में हरा दो हम आपके हो जाएंगे मुख्य बिंदुओं से क्यों बचना चाहते हो जिससे समाज में बदलाव आ सकता है उस पर बात ना करके इधर उधर के साइड की बातें करके आप अपना और मेरा समय व्यर्थ करके और किसी तरीके से आप जो है आगे बढ़ जाना चाहते हो और कुछ नहीं है और कुछ नहीं है उनसे वर्ण व्यवस्था पर ही मैंने जो है जो लोग थे वो बोले कि जो है यह तो बिल्कुल अरे ये तो आपको पता नहीं है यह तो कर्म से होता है आप अरे नहीं मैंने कहा खुद गीता में जो है भगवान ने कहा है कि चतुर्वर्ण वाला अरे भाई कर्म से होता है तो जो अज्ञानी है वो शूद्र है हा जी तो य शूद्र को वेदन कैसे दे दिया ईश्वर ने
02:00:35:18 मैंने उनसे ये पूछा शूद्र तो वो है ना शूद्र वो है जिसका जने नहीं हुआ है वो शूद्र है तो बिना जने के यहां पर कैसे दे दिया शूद्र को वो या तो य पर ये इसका अर्थ उन्होने गलत किया है और या फिर य य मान लिया से बात हो रही है जन्म से ब्राह्मण क्त्र फस गए लोग मैंने उनसे वही जो गुरुजी समझाते हैं वही वाली चीज को उनसे कहा मैंने कहा चलिए आदमी तो अगर सैनिक है तो आपने कह दिया व क्षत्रिय हो गया ब्राह्मण का कार्य कर रहा है तो वो हो गया लेकिन जो स्त्री जो घर पर रह रही है वो उसका उसका या बेटी है उसका क्या तुम जब शादी ब्याह होगी तो उसका ण कैसे तय करोगे इसकी हम शादी कहां करें वो तो जो तुम लोग काम मानते हो कि क्त्र है सेवा कर रहा तो शूद्र है लेकिन वो तो घर पर ही है आज तो चलिए ऑफिस जा रही है लेकिन पहले तो कभी कहीं नहीं जाती थी घर पर रहती थी तो उसकी तुम शादी बया किस आधार पर करोगे उसका वर्ण क्या रखोगे तो इन्होने इसमें छुआछूत भी मानी है ये देखिए ये प्रश्न संख्या है 231 ये कुछ इसका अध वगर आप उसको बोल देंगे तो वीडियो में प्रकाश पृष्ठ संख्या 231 एकादश
02:01:51:00 उल्लास जी इसमें ये बोल रहे हैं किसी को क्रिटिसाइज कर रहे हैं कि वो लोग तो ऐसा करते हैं क्या करते हैं कि शास्त्रों में रजला आदि स्त्रियों के स्पर्श का निषेध है छना मना है जो रसवाला स्त्री हो उसको छूना मना है है ना उसको भी इन लोगों ने पवित्र मान लिया है तो ये किसी को क्रिटिसाइज कर रहे हैं जो रजला स्त्री को पवित्र मान रहा है हम पर वीडियो बनाते हैं यह खुद कह रहे हैं अपनी अपनी किताब में रजस स्ला स्त्री का स्पर्श निषेध है हमको कज कर रहे हैं रला के साथ समागम करने को क्रिटिसाइज कर रहे हैं चांड डालनी समागम में काशी की अ चांड डालनी कौन होती है चमारी चमारी से समागम अबे चमार कौन
02:02:49:19 है धोबी की स्त्री के साथ समागम तो यह सब जो है मतलब क्रिटिसाइज कर रहे हैं कि इनन स्त्रियों के साथ समागम गलत है भैया मैं एक श कोट करना चाहता हूं अगर आप आज्ञा दे तो कौन बोल रहा है भगवत गीता से गौरव पांडे जी बोल रहे हैं हां गौरव पांडे जी बोलिए द्विवेदी भैया अगर आप मुझे आज्ञा दे तो मैं एक श्लोक कोट करना चाहूंगा इसके समर्थन में भगवत गीता से बोलिए हां तो भगवत भगवत गीता सर्वमान्य ग्रंथ है सब लोग चाहे आर्य समाज हो चाहे ब्रह्म कुमारी भी इसको दिखा के ही अपना अपनी चाल खेल रहे हैं जितने भी क्दुदस ना कैसे करके मानते हैं चाहे वह मोल्ड करें चाहे अपने अर्थों की व्याख्या करके भगवत गीता को आगे रखे पर गीता एक सर्वमान्य ग्रंथ है यह सब लोग कहते हैं जितने क्दुदस है चाहे ब्रह्म कुमारी हो गया चाहे आप का ये आर्य समाजी संगठन हो गए और जितने भी हिंदुत्व के नाम पर आरएसएस हो गए हिंदुत्व के नाम पर अलग फिलॉसफी अपनी मॉडिफाइड फिलॉसफी चला रहे हैं गीता को तो सब मानते ही है तो गुरुदेव गीता को मानते हैं मगर ये
02:04:04:21 गीता के 70 श्लोकों को प्रमाणिक मानते हैं कुछ है मा लेकिन अगर ऐसा कोई तर्क आपके सामने पेश करें तो गुरुदेव एक श्लोक बोलते हैं कि गीता के और अध्याय की तो बात आप बाद में कीजिए पहले प्रथम अध्याय का ही 43 नंबर का श्लोक आप उनको बता दीजिएगा कि इसका अर्थ हम धर्मम शाश्वत हा ये है हमारा श्लोक नंबर 43 अध्याय नंबर एक प्रथम अध्याय का ही श्लोक आप कोट कर दीजिए आगे तो और ची स्तर की बात है प्रथम अध्याय का ही आप उनको श्लोक कोट करके बता दीजिए कि इसमें कहा गया है गीता के प्रथम अध्याय के 43 श्लोक में जाति धर्मा कुल धर्मास शाश्वता कि जाति धर्म और कुल धर्म शाश्वत है सनातन है शाश्वत सनातन का मतलब यह है कि य जन्म से ही मान्य होंगे जन्म से ही मान्य होंगे इसीलिए शाश्वत और सनातन है अब लोग बोलते हैं कि हम अच्छे कर्म करके और अच्छे कुल में या यह हो सकते तो इसका यह निवारण होगा कि आप जैसे विदुर है आप महाभारत में विदुर का उदाहरण दीजिए कि विधुर मानते थे कि वह शूद्र वर्ण में उत्पन्न हुए हैं लेकिन वह आदरणीय थे और राजा महाराजा उस समय उनको अपने दरबार में बुलाकर उनसे सलाह लेते थे और बहुत पूजनीय आदरणीय थे स्वयं भगवान कृष्ण उनके घर आकर भोजन
02:05:19:27 करते थे ठीक है तो हम जो प्रमाणिक इतिहास है महाभारत और रामायण वहां यह द्वेष नहीं है वहां द्वेष नहीं है विद्वेष नहीं है लेकिन वर्ण धर्म मानना बहुत आवश्यक है अपने कल्याण के लिए अभी नेताओं ने इसको इतना प्रदूषित कर दिया है कि हम पब्लिकली इसको बोलते हैं तो हमें रूढ़िवादी या एक अलग ही हीन दृष्टि से देखा जाता है लेकिन इसका जो मेन एम यह है कि रोटी बेटी को संरक्षित आपका जो कर्म है वह संरक्षित हो भटकना ना पड़े आय आपकी जन्म से ही आरक्षित हो और संतुलन बना रहे समाज में स्वामी विवेकानंद के संगठन से भी मैं जुड़ा था काफी चीजें उनकी भी अब मॉडिफाइड कर दी गई है लोगों के द्वारा लेकिन उनके भी विचार इस चीज के लिए काफी हद तक मतलब इसका समर्थन भी वो किसी किसी टॉक्स में कर रहे हैं किसी किसी में नहीं भी कर रहे तो एक चीज उनकी आप ये बता सकते हो जो उनको मानने वाले लोग हैं ईच इज ग्रेट इन हिज ओन प्लेस समाज में शास्त्रों के अनुसार जिसको जो ड्यूटी दी गई है वह उसको मान्य थी और वह अपने प्लेस में ग्रेट था कोई भी हीन नहीं था कोई भी वो नहीं था जिसको जो ड्यूटी दी गई थी वह अपने कल्याणा वो ड्यूटी करता था लेकिन अब जितने भी इतिहास आप
02:06:35:09 बाद में अंग्रेजों के बाद के पढ़ेंगे उसमें आप देखोगे कि यह छुआछूत और जाति भेद वगैरह उन्होंने डाल दिया गया और किसी अंशों में अगर आपको समाज में दिख भी रहा होगा तो ढोंग और पाखंड के अलावा कुछ नहीं था और जो लोग ये करते थे उनको शास्त्रोक्त कुल परंपरा रीति परंपरा और गुरुओ का जो हमारे शोती ब्रह्म निष्ठ गुरु होते हैं उनका ज्ञान नहीं था इसलिए सब चीज फैली गई लेकिन प्रथम अध्याय के ही 4 नंबर का लोक आप कोट कीजिएगा कि जाति धर्मा कुल धर्माता य शाश्वत है यह जन्म से ही मान्य है तभी आप अपने कर्तव्य कर्म कर पाएंगे बात कहना चाहूंगा कि जब हम किसी को कर्म के आधार पर पुलिस वाला मानते हैं तो पुलिस वाला जब अपने दायित्व से मुकरता है यानी कि नौकरी को त्याग पत्र दे रहा होता है मान लो जंग खड़ी है और वो उसकी जो उसके पास ऑप्शन है कि मैं त्याग पत्र दे सकता हूं कहीं जाना है तो उसकी मोरालिटी धर्म क्या है कि जो हम लोगों ने जो लौकिक कानून बनाया है मान लो उसके इतर भी कोई एक धार्मिक दबाव आप पर होना चाहिए ईश्वरीय दवाब धर्म वही है ना कि मान लो किसके साथ विवाह होना है किसके साथ
02:07:50:15 नहीं होना इसकी ख अगर साइंस नहीं कर रही है कानून नहीं कर रहा तो उसकी व्याख्या धर्म ने की है यही तो है ध तो अगर कोई पुलिस वाला होते हुए अपने दायित्व का निर्वाह नहीं करेगा अगर कोई वैश्य होते हुए अपने दायित्व का निर्वाह नहीं करेगा तो आज की तारीख में अगर कर्म के अनुसार हम क्योंकि मानते हैं तो अपने दायित्व से मुकने की स्थिति में उसके ऊपर कोई मोरालिटी धार्मिक दबाब नहीं होगा नैतिकता का दबाब नहीं होगा ईश्वरीय दबाब नहीं है वो केवल लौकिक दबाव है तोव आराम से रेजिग्नेशन दे सकता है मैं जा रहा हूं तो एक ऐसा धर्म है जो धर्म को त्यागने का विकल्प दे रहा है कि कभी भी त्याग दे कभी भी तू आर्मी आर्मी छोड़ कर के तू जो है जाकर के वो बन जा यज्ञशाला बैठ के यज्ञ कर जी फिर इसका पसान किसम है जब व्यक्ति को अपनी नौकरी त्यागने का वो है तो वक्त आने पर कोई पुलिस वाला अपनी नौकरी त्याग सकता है उसके ऊपर मोरालिटी का कोई नहीं है आप कानूनी दबाब डाल दो तो बात अलग है धार्मिक दबाब तो नहीं है मगर मर मगर एक बात है मगर एक बात है मगर श्री कृष्ण चंद्र ने उनको क्या लौकिक
02:09:05:25 दबाब दिया था हे अर्जुन तू क्षत्रिय तेरा धर्म है धर्म युक्त युद्ध करना यह क्या है धार्मिक दबाव व्यक्ति के पास भ लौकिक दबाब हो ना हो मगर धार्मिक दबाब उसको देख तेरा जन्म हुआ है स्कल में तेरा धर्म है चलिए खैर ये जाति वर्ण वाली बात अब किसी और दिन कर लेंगे लाइव आजकी बहुत लंबी हो च इस मैं एक और चीज करूंगा छोटी सी ज्यादा समय ना लेते हुए कि आज की डेट में अगर आप यह नहीं मानते हो तो आपने वैकल्पिक रूप से ये चारों चीजें समाज में बनाई गई है जिसमें आपका ज्यादा खर्चा लगा है ज्यादा अभ्यास लगा है ट्रेनिंग लगी है फिर भी वह चीज नहीं हो पाएगी जो जन्म गत तरीके से पहले स्थापित थी अब एक और इसी चीज में मैं ऐड करूंगा बिना समय लेते हुए कि जो जब इन कर्तव्यों का आधार धर्म था जब इन सारे कर्तव्यों का आधार धर्म था जैसे सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी का आधार जब धर्म हो जाएगा और उसको हम जन्म से ही मानेंगे वह क्षत्रिय कुल परंपरा के अनुसार एक सिक्योरिटी गार्ड या आर्मी ऑफिसर है तो वह उसका धर्म है अगर देश में कोई अटैक करेगा तो उसके पास कोई कारण नहीं है उसके पास कोई कारण नहीं है रक्षा ना करने का वो रक्षा करेगा क्योंकि व
02:10:21:00 उसका धर्म है वही उसका धर्म है वही उसका कर्तव्य है आधार क्या है धर्म लेकिन अगर हम पेड बेसिस में अगर आधार है पैसा जो आजकल के समय में है आधार है पैसा सिक्योरिटी गार्ड का आधार पैसा है आर्मी का आधार पैसा है आ अगर सरकार उसको तीन महीने सैलरी नहीं देती है पाच महीने सैलरी नहीं देती है चार महीने सैलरी नहीं देती है तो क्या आधार जिस ड्यूटी का पैसा हो गया वो उसी निष्ठा से अपनी ड्यूटी कर पाएगा तो देश में आक्रमण होंगे देश लूटेगा देश पिटेगा जितने भी आप चारों चीजों में लगा लो चार व चारों सेवाओं में लगा लो चाहे शिक्षा की सेवा में लगा लो आधार धर्म है या पैसा है तो अगर पैसा है तो वो खराब हो जाएगा देश की शिक्षा नष्ट भ्रष्ट हो जाएगी ये रक्षा में भी लगा लो आधार क्या है धर्म है या पैसा है पैसा है तो रक्षा तंत्र खराब हो जाएगा ऐसे ही वैश्य कमर्शियल इजेशन में लगा लो आधार केवल पैसा कमाना ही है या पुण्य या कल्याण है तब मिलावट नहीं होगी चोरी नहीं होगी गलत चीजें नहीं होंगी और अगर पैसा है तो करेगा वो पैसा कमाने भाई ज्यादा कैसे भी करके मूल उद्देश्य तो पैसा ही है ना आधार पैसा ही है तो गलत काम करके भी कमाओ ऐसे ही सेवा जाति पर बातचीत मैं थोड़ा सा इंटरप्ट करूंगा जाति पर हम एक दिन अलग से अलग से लाइव रख लेंगे प्यारी बहना हमारे बीच में है अगर आना चाहे तो एक बार लिंक दे दीजिए
02:11:36:26 प्यारी बहना को लिंक दे दीजिए क्योंकि रामपाल विषयक आज का वो था वो थोड़ा सा डाइवर्ट हो गए हम लोग तो प्यारी बहना को लिंक दे दीजिए अगर वो आ कर के कुछ कहना चाहे तो हम बहुत हमें बहुत हम स्वयं को धन्य समझेंगे आप आए ऊपर अपनी बात करें हमें बहुत होगा प्यारी बहना अच्छा बिजी थी एक चीज और थी अगर आ सकती तो आ जाए एक बार आपने एक हल बताया था कि जो य पूछते हैं कि सुखदेव जी जब ब्रह्म में चले गए थे मोक्ष में चले गए थे आपने इसका बताया हुआ है पर क्योंकि वीडियोस कई है तो मुझे मिल नहीं रहा आप क् से जुड़ जाइए आपने शुरू में पूछा भी था कि वो धर्म का फॉर्म है आप हमें ट करिएगा तो आपको धर्म रक्षा से ने का फम भी मिलेगा और एक क्लासेस से जुड़ने का फॉर्म भी मिलेगा फिलहाल जो आप पूछ रहे हो मैं बता दूं जब कोई ब्रह्म में लीन हो जाता है मक्ष जिसको प्राप्त हो जाता है तो भक्ति की प्रवता से जब अद्वैत दर्शन क्या है कि ब्रह्म ही सब रूपों में प्रकट हो रहे हैं जी भक्ति की प्रवता से पार मार्क दृष्टि से ब्रह्म ही सुखदेव के रूप में आते हैं ईश्वर ही सुखदेव जी के रूप पहले कौन था सुखदेव ईश्वर ही थे अब भी वो सुखदेव जी के रूप में आ रहे व्यवहारिक दृष्टि से क्या है ये वही सुखदेव है जो महाभारत काल
02:12:51:26 में थे क्यों क्यों है क्योंकि उनके सारे व लक्षण साम्य से वस्तु साम्य नियम है ना उनके सारे वो लक्षण जो है उनसे पूछो तुम्हारे पिता का नाम माता का नाम सब बता देंगे पार मर्थक दृष्टि से ईश्वर आए हैं और व्यवहारिक दृष्टि से वही सुखदेव है जो सुखदेव हम देखते ठीक है ठीक है अब हम पूरी करते हैं चर्चा पहाड़ी जी की बात सुन ले बस और फिर पूरी करेंगे विशु चक्रवर्ती जी भी है इनकी भी थोड़ी बात सुन ले विषणु जी की बा बात एक मिनट सुन ले जरा जी बोलिए विषणु जी जय श्री राम जय श्री राम भैया आपकी वो कट रही है आवाज जय श्री राम जय श्री राम बोलिए मैं बांग्लादेश से हूं ज्यादा हिंदी नहीं कहां से बांग्लादेश कहां से बांग्लादेश बाश बांगलादेश अच्छा बांग्लादेश से अच्छा हिंदी नहीं आता हमारा इधर तो रामपाल नहीं है मैं तो रामपाल का बारे में पता ही नहीं था आपका लाइफ में जड़ने की बात पता चली जाए कबीर हमारा इधर जो कबीर होता है वो मुसलमान का नाम होता है कोई कबी कोई कबीर सुनेगा तो व
02:14:06:28 सुचे जा तो मुसलमान है मेरे को पहले पता चला मेरे को तो लगा वो मुसलमान है फिर पता चला परमात्मा है कोई ब नहीं कोई नहीं अब कभी अगर भूले भटके पहुंच जाए वैसे अब तो लग रहा है कि यहीं प अ से मटने वाला है मगर भूले भटके अगर कोई पहुंच जाए तो आपके पास पर्याप्त मटेरियल है तो आप उनको बताइएगा कि मत पढ़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में अमरा तो बहुत इकन है ज्यादा हा स्कोन प हम लोग बात स्कोन प हम लोग बात करेंगे फिर किसी दिन तो पहाड़ी जी की बात सुन ले फिर हम लोग पूरा करते हैं पड़ी जी कहां चले गए हां पाड़ी जी आइए पाड़ी जी को जोड़ दीजिए
02:15:02:10 भाई आज की आज की चर्चा भी बड़ी अच्छी रही है हालांकि वो जो रोचक वाला वो पार्ट है कॉमेडी वाला शुरू में ही था थोड़ा सा मगर काफी लाभप्रद है आज की चर्चा अरे एक बात हमारा इधर तो आदि गुरु शकरा कोई नहीं जानता अच्छा से किसी को नहीं पता मेरे को भी नहीं प्यारी बहना किसी और दिन आएंगी जी विष्णु विष्णु चक्रवर्ती जी बोल आदि गुरु शंकराचार्य होता है आदि गुरु हम पता नहीं किसी
02:15:41:08 को मेरे को पता नहीं चला मेरे को दो साल आदि गुरु शंकराचार्य जी है तभी तो भारत आज भी थोड़ा बहुत भारत है चार म है बकल ज नहीं था वो थोड़ा थोड़ा देखिए नाश हो रहा है ना धीरे धीरे मेरा जो आचार्य गुरु उसका पास उनका पास जो मैं गया था गुरुकुल नहीं हमारा इधर हमारा गुरुदेव ने कुछ सिखाया था उस टाइम पता चला आदि गुरु कौन है आज मेरा नेटवर्क काम नहीं कर रहा दूसरे फोन से कनेक्ट होता बहुत अच्छा लगा जी आप आए बहुत अच्छा लगा आप आए बहुत बढ़िया और आप वडियो देखते रहिए अगर हो सके तो हमसे जो है वहा पर धरातल पर जुड़िए नंबर है हमारा उस पर कांटेक्ट करिए हा 74836 ठीक है जी पाड़ी जी जय श्री
02:16:36:25 राम पहाड़ी जी का नेटवर्क अटक रहा आवाज आ रही है मेरी हा आवाज आ रही है प्यारी बहना भी जुड़ गई है इन इनके घर के मंदर दूसरे डिवाइस से कनेक्ट होता हूं एक मिनट हा दूसरे से हो जा तब तक हम छोटी बहन का बात सुनते हैं इनके य का मंदिर जो है चेंज हो गया है इनके यहां पर पहले रामपाल बैठा हुआ था मंदिर में और अब जो भगवान बैठे हुए हैं मंदिर
02:17:14:08 में काल किधर से रामपाल जी निकल गए य देखिए मंदिर का फोटो पता है शिवांश भाई काल किधर से य पहले का फोटो है देख ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट पहले भी थे हम और अब भी एक्सपर्ट है पहले फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन करते थे अब जो है आध्यात्मिक ट्रांसफॉर्मेशन करते हैं दिया भी बुझा [हंसी] हुआ जी छोटी बहन बताइए
02:17:52:02 जी भैया मैं जस्ट अभी मैंने फोन चेक किया तो थंबनेल देखा फिर लाइव तो अभी नहीं देख पाई मैं पर आपको मैं एक सेकंड अभी कैमरा न करके दिखाती हूं कि मेरे रूम में मेरा जो यह है एक सेकंड य पर रामपाल की कितनी सारी बुक्स रखी है एक सेकंड ज्यादा बोल नहीं पांगी पूरा घर इसी से भरा है अगर किसी को यकीन नहीं क लोग कहते झूठ बोल रहे कुछ ऐसा तो मैं उनको दिखा देती [संगीत]
02:18:37:18 हू एक दिन ऐसा आएगा की रामपाल जी रामपाल अरे रामपाल जी तो अभी भी अभी भी पश्चाताप य देखिए इनकी बुक्स है रामपाल की नहीं आएंगे उनके फॉलोवर्स भी आएंगे य है थोड़े से ज्यादा ब्रेन वस होने की वजह से ना थोड़े से वो जिदी टाइप के हो ग जी प्यारी बहना जी बढ़िया आपने दिखा दिया मंदिर में जो मतलब ये लोग कई सारे कमेंट मैंने देखे थे सब कह रहे थे कि ये स्क्रिप्टेड होता है और ये सब तो स्क्रिप्टेड बिल्कुल भी नहीं है ये सारी बुक्स जो है वो इनफैक्ट मेरे पेरेंट्स ने सबको देने के लिए रखी थी क करने के लिए हा जी ये मेरे रूम में इतनी सारी रखी हुई है इसीलिए और मुझे फोटो मिल नहीं रही पता नहीं मैंने कहां रख दी हटा के मुझे बहुत गुस्सा आया था क्योंकि जब मैंने हटाया तो मुझे बहुत खुशी हुई थी रामफल की जो फोटो मंदिर में लगी ई थ व भी दिखाती नहीं ी देखती मिलती है तो नहीं नहीं बहुत बढ़िया बहुत अच्छा लगा और गुरुदेव का यही वचन था कि यदि हिंदू अपने दायित्व
02:19:52:28 का निर्वाह यथा सामर्थ्य करने लगे तो जितने भी तंत्र है वहां पर प्रहलाद ऐसे खड़े हो जाएंगे जो अपने तंत्रों का शोधन कर देंगे और उसका गुरुदेव के वचन को मैं आपके रूप में चरितार्थ होते हुए देख रहा हूं तो मैं बहुत आभारी हूं आपका हम सब लोग आपकी मतलब आप सबके लिए प्रेरणा है क्योंकि आपकी आयु भी बहुत छोटी है और आप एक ऐसी जगह पर है जहां पर आपके अलावा कोई नहीं है आप अकेले और फिर भी आप जो है प्रलाद की तरीके से वहां पर अपना कार्य कर रही है उसमें सफलता भी प्राप्त कर रही है हम सबका प्यार स्नेह अगर बड़े हैं तो आशीर्वाद आपके साथ है हमारी प्रार्थना है और सबसे अच्छी बात है कि हमारे साथ श्रीनाथ तो किस बात की चिंता बक आपको सुनके प्यारी बहने आपको सुनके बहुत लोग प्रभावित हो रहे हैं कुछ लोगों के कॉल आए थे मेरे पास बहुत अ अच्छा लगा ये तो जान के इसीलिए मैं आई थी नहीं तो मतलब काफी रिस्क है इधर आने में मतलब क्योंकि सबकी नजर रहती है कि पकड़े जाए तो फिर क्योंकि अभी भी मेरे को आश्रम जाना पड़ सकता है पापा के साथ अब तो मैं
02:21:08:00 ये कह रहा था एक मिनट मैं इंटरप्ट करूंगा ये कह रहा था मैं ये एक सवाल आ रहा है ये बुक में क्या लिखा है प्यारी बहना पढ़ के सुन दो सुना दो ये कहना चाह रहे हैं तो मैं आपको पढ़ के सुना देता हूं भाई साहब आपने जब कही दिया है तो भैया इनकी जरा वो खोलो अ इनकी ये खोलिए गीता तेरा ज्ञान अमृत और इनको पढ़ के सुना दो कबीर क्या कह रहे हैं वो 32 वा प्रश्न था ना जो 32 वा प्रश्न वो
02:21:45:06 शायद हमारा सनातन धर्म है इनका आदि सनातन धर्म है व अभी बात करेंगे अभी बात करेंगे कर ये ये प्रश् संख्या मेरे पास मेरे पास 51 है जरा इनको दिखा दो क्या लिखा है इनकी बुक में हेलो हेलो सनातन जी हा ये जिंदा बाबा के रूप में आपके कबीर साहब कह रहे हैं कि हे धर्मदास गीता का
✅ This part is already used · 02:22:13:18 – 02:22:29:26 (0:16)
→ Used in: A · Live judge ने बोला हैं भगवानो का अपमान करो रामपाल at 2:13:05 ↗
→ Used in: B · Video रामपाल का झूठा मोक्ष at 1:28:46 ↗
→ Used in: A · Live रामपाल के कबीर से मोक्ष नहीं #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj #kabir at 27:14 ↗
02:22:13:18 गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का अनुभव और आपको आदेश है इस गीता शास्त्र में लिखे मेरे अनुभव को पढ़कर इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष
⬜ Not used yet · 02:22:29:26 – 02:31:23:00 (8:53)
02:22:29:26 को प्राप्त करोगे ठीक है ये आपके कबीर साहब कह रहे हैं ठीक है अच्छा दूसरी बात एक ये है कि आप पहले सनातन शब्द का अर्थ जान ले उसके बाद लिख के आदि सनातन मूर्खों की तरीके से कुछ भी लिख देना मैं कहूं परम आदि सनातन फिर क्या करोगे फिर कोई आ जा पूर्ण परम आदि सनातन लगाते जाओ एडजेक्टिव एडजेक्टिव काही खेल खेलना है ना मैं इसीलिए जन्मा ई हूं मुझे अब लगने लगा है ये कुतर की लोग है जो हमारे इंटेलेक्चुअल जो बहुत तात्विक ज्ञान वाले जो तत्ता है जो हमारे आचार्य गण है वो इनके लिए नहीं है ये जो कुतर की लोग है मेरा मुझे लगता है जन्म के लिए हुआ है कुतर कियों के लिए हुआ है
02:23:23:02 इसीलिए क्यक तुमको व भाषा समझ में नहीं आती आप लोगों को शालीनता वाली रामपाल अनार्य नमाज अरे क्या बोल रहे हैं भाई भावनाओं को अपने नियंत्रण में रखे उपाध्याय जी जी ठीक है तो अब आज की लाइव हम लोग पूरी करते हैं प्यारी बहना भी आ तो एक कंप्लीट फुलफिलस लग रही है आज की लाइव चर्चा की और भाई प्यारी बहना जी से हमारे समर्थक अगर कभी कुछ प्रश्न करना चाहे तो कर सकते हैं आने वाले टाइम में तोव अपना एक्सपीरियंस आपको शेयर करेंगी आपको बताएंगे कौन-कौन से मैंने तर्क दिए मेरी मां से कैसे क्या प्रश्न उत्तर हुए वो सब किसी दिन इनके साथ बैठेंगे बात करेंगे है ना छोटी बहन जी किसी दिन बताइएगा कौन से त है ना किसी दिन कौन कौन से जहा पर जिनको लगता है ना हां ये थी मंदिर में पहले ये मंदिर में थी भाई देख लो मंदिर से हट चुकी है देख लो भाई और मैं हल्का सा एक थोड़ा सा पोशन मंदिर का भी दिखा देती हू ता एक चीज ध्यान देने
02:24:38:06 वाली है इसमें फोटो में एक चीज ध्यान देने वाली है कि कबीर दास जी की बाकी जितने भी है उनकी जो तस्वीर है छोटी है और जो रामपाल जी की तस्वीर बड़ी है देखो और सेंटर में है जी अब वो तो वो सेंट्रल वो जेल वहा की सेंट्रल जेल है कि नहीं है य बताओ सेंट्रल नहीं है क्या कहां पर है ये यह रामपाल जी कहां पर बिहार में जीहा सेंट्रल ल है हा जी सेंट्रल है सेंट्रल हो सकता है इसी वजह से हो खैर उनका अपना मत है कि वो कहां रखे अपने फोटो को अच्छा वो ठीक है किसी दिन हम ये शेयर करते हैं कि क्या तर्क वितर्क रहे जो आपके घर में वो चेंज आए यह फोटो जो है मंदिर से निकल कर के वहां पहुंची जहा इसको पहुंचना चाहिए था और भगवान की फोटो वहां पहुंची जहां उनको होना चाहिए था तो हम किसी दिन इन सब बारे में बात करेंगे आपका सबका आने का आभार समय देने का आभार जी भया मंदिर का पोर्शन भी दिखाऊ थोड़ा सा हल्का सा हा हा थोड़ा मंदिर का पोर्शन भी दिखा दीजिए अच्छा मैं म्यूट रहूंगी अभी क्योंकि मैं अपने रूम से बाहर जा रही हूं
02:25:53:24 तो मूट बिल्कुल बिल्कुल देख लीजिए रामपाल जी के शिष्य यहां स्क्रिप्टेड नहीं होता है आपके सतलोक की तरह कि वहीं भगत को जगत वाला बना दिया और कुछ भगत वाले बन गए य स्क्रिप्टेड नहीं होता है क्योंकि हम झूठे नहीं है ना हम सनातन नहीं है जी तो इतनी क्षमता नहीं है कि आप एक बार चर्चा करने के लिए नहीं आ पा रहे हो इनको अब मत लो किसी को बहस उसके लिए चर्चा के लिए मत लो क्योंकि अब बढ़ाना है लाइव को हो गया टाइम ये आए हैं कुछ यह देखिए भैया मंदिर में चेंज आ चुका है देख लो
02:26:40:16 हेलो शेर पर सवार मेरी शेरों वाली मां अब इसमें एक कैच है आपने इतना निरुत्तर कर दिया है कि इनकी अ हिम्मत नहीं आ रही हो रही कि आपसे कैसे चर्चा कर करी जाए ठीक है आप सभी को समय देने के लिए आभार आप सबका मैं कुछ बोलू मैं बस आप लास्ट बोल दीजिए बोल दीजिए बोल दीजिए प्यारी बहन को जल्दी से अच्छा सा कुछ बता दीजिए प्यारी बहना जी मैं लास्ट टाइम जब मैं आया था आपने जैसे बताया कि हनुमान जी को लेकर इन्होने मतलब हनुमान जी की फोटो निकाली दीदी आपने बोला था अभी मैं एक हनुमान जी के ऊपर मैंने लास्ट टाइम जब आया था मैंने एक पंक श्रीवास जी को सुनाई थी अभी वो भी मैं कुछ सुनाऊंगा लाइने इससे पहले मैं बता दूं कि भैया जो उसके पहले की जो लाइव का जो इन्होंने अपना वो फ्लैशबैक जो बताया उसको जो वीडियो में आपने डाला था उसके लिए तो अलग से धन्यवाद लेकिन उसमें भी जो इनके लोग है फॉलोअर्स है वो ये दीदी को मतलब उल्टा सीधा बोल रहे हैं कमेंट्स में मैंने तो पहले ही लिख दिया था कि अगर इतना सब कहने सुनने के बाद भी आप ये सब डींगे हागे तो आपको एकदम शर्म आनी चाहिए मगर एक बात कहूं मैं आपको जी अगर यहीं पर
02:27:55:22 अलंकार समाज होता तो अब तक वह अभद्रता पर उतर आता बिल्कुल यह कम से कम मैं ऐसा देख रहा हूं रामपाल के जो फॉलोअर्स है यह कहीं ना कहीं इनम अभी वो थोड़ा सा जैसे नहीं अ मर्यादा जो आ जाती है वो नहीं करते य लोग इसके लिए मैं आप लोगों को आप लोगों की प्रशंसा करूंगा कि आप लोगों में इतना एडिक्ट है कि आप आप मतलब एथिकल रहते हैं तो ये चीज अच्छी है वो धरातल प कितना ये नहीं पता मगर हां आपके जो कमेंट्स होते हैं वो उतने ज्यादा मर्यादा के बाहर नहीं जाते हैं ठीक है अगर आप लाइफ को एंड कर ना तो तो दीदी आप भी सुनिए मैंने लास्ट टाइम जब मैं आया था मैंने हनुमान जी के ऊपर दो लाइने मैंने आपको सुनाई थी तो प्रभु की कृपा से मतलब हनुमान जी ने कृपा की है कि वो मतलब तीन चार लाइने उसमें और ऐड हो गई आप सबको सुनाऊ मैं हां सुनाइए सुनाइए आप सब सुनिए दीदी आप भी सुनिए अच्छा लगेगा आपको एक चीज और पूरी फैमिली की घर वापसी हो चुकी है क्या जी जी जी हो रही है व स्ना स्थापना तो हो ही गई है धीरे धीरे और चेंस आएंगे आप अपनी पंक्ति सुनाइए ठीक है आप सब सुनिए दीदी आप
02:29:12:00 सुनिए प्रभु ने कृपा कर दी जिनकी शक्ति और भक्ति का कभी नहीं लगता अनुमान जिनकी शक्ति और भक्ति का कभी नहीं लगता अनुमान राम नाम की जो अलग जगाए उनको कहते हैं हनुमान वो जिन्होंने एक छलांग में सागर को है पार किया वो जिन्होंने एक छलांग में सागर को है पार किया रघुनंदन की छाया बनकर असरों का संहार किया लक्ष्मण को जब शक्ति लगी तब द्रोण गिरी को उठा लाए लक्ष्मण को जब शक्ति लगी तब द्रोण गिरी को उठा लाए सियाराम के कष्टों को हरकर संकट मोचन कहलाए ऐसे भक्त शिरोमणि के चरणों में बारंबार प्रणाम ऐसे भक्त शिरोमणि के चरणों में बारंबार प्रणाम जिनके मुख में हर पल रहता बस अपने श्री राम का नाम जिनकी शक्ति और भक्ति का कभी नहीं लगता अनुमान राम नाम की जो अलग जगह है उनको कहते हैं हनुमान क्या बा जय श्री राम जय हनुमान बसे लिखते
02:30:07:21 रहि बहुत बढ़िया प्रभु ने कृपा की है बहुत अच्छा बहुत ज्यादा अच्छा थैंक य अनु शेयर कीजिएगा इसी चैनल में डालिए य और लोगों के लिए भी अच्छा होगा वो अमित दस ग फिर से हमारे ऊपर खिचड़ी पका रहे होंगे लाइव कर रहे होंगे ठीक है तो सभी को आने के लिए आभार प्यारी बहना के साथ फिर किसी दिन जुड़ते हैं शश भया हा शिवाया कल मेरे को स्कन डेल्ली वालों ने अपनी क्लासेस में बुलाया है क्वेश्चन पूछने के लिए तो मैं आपको रिकॉर्डिंग करके भेजूंगा ठीक है भ सभी को जय श्री राम जय जय हनुमान गसाई कृपा कर गुद गुरुदेव की ई किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के निमित्त हमसे संपर्क करें किसी प्रकार की सहायता के निमित्त हमसे संपर्क करें धर्म रक्षा अभियान से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करें नामा आस्त्र अभियान में नाम जप करने के लिए हमसे जुड़े हमसे संपर्क करें संपर्क करने के लिए 7408 30169 सभी को जय श्री राम रामचंद्र की ज जय आ [संगीत]
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