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00:00:01:04 [संगीत] जय श्री राम सभी को और आशा करते हैं आप सभी कुशल मंगल होंगे आज का टॉपिक आप जानते ही हैं और मुख्य विषय पर आने से पहले कुछ उथल-पुथल हो रही है कुछ असहनीय समाचार प्राप्त हो रहे हैं बांग्लादेश से और हम बिल्कुल भी वहां पर जो अत्याचार हो रहा है जो हिंदू हैं हिंदुओं के ऊपर जो अत्याचार हो रहा है वो भले इस कौन से जुड़े हैं किससे जुड़े हैं स्वयं को हिंदू कहते हैं वेद प्रमाण बुद्धि है तो ऐसी सिचुएशन में हम उनके साथ हैं और हमें कई बार ये प्रश्न हो रहे हैं कि क्या हमें अ उनका समर्थन करना चाहिए इस तरह के प्रश्न आ रहे हैं ा इत्यादि पर तो मैं उन लोगों को यह बताना चाहता हूं कि भाई हमारे जो भी वैचारिक मतभेद हैं वेदों में परमाण बुद्धि रखने वालों के

00:01:16:16 वो हमारे आंतरिक मामले हैं मगर जब बात ऐसी आएगी कि कोई हिंदू होने के नाम पर मंदिर जाने वाले के नाम पर वेदों में प्रमाण बुद्धि रखने वाले के नाम पर आपको को क्षति पहुंचाना चाहता है या आपके उस व्यक्ति को क्षति पहुंचाना चाहता है जो वेदों में प्रमाण बुद्धि रखता है मगर वेदों के अर्थ को लेकर के आपका उससे वैचारिक मतभेद तो क्ति पहुंचाने पहुंचाने देते समय यदि आप चुप है ये ध्यान रखिए कि अगली बारी आपकी है तो आपको उनकी रक्षा के बारे में सोचना चाहिए और यथा सामर्थ्य प्रयास करना चाहिए और संदेश है हम लोगों का भी यदि इस बारे में किसी प्रकार से हम कहीं पर निमित्त बन सकते हैं तो हमें

00:02:07:24 बहुत स्वयं को सौभाग्यशाली समझेंगे तो हमारी प्रार्थना है ईश्वर से कि वहां पर जो इन स्थितियों का सामना कर रहे हैं उनको भगवान व बल दे शक्ति दे जिससे कि वो उनका सामना कर स उन स्थितियों और एक और विषय था कि इन लोगों ने एक वो जो अंडर कवर्ड एजेंट है गुंडा है जो उसने भी एक लाइव की उसमें कुछ फिर से कुतर किए संभवतः जो हमारा अंतिम जो लाइव जो रामपाल को लेकर के ही एक लाइव थी उसमें हमने उत्तर दिया था कि भाई उनका जो अंतिम संदेश है उसमें उन्होंने क्या लिखा है क्या नहीं लिखा है तो उसके कुछ आंशिक वो जो उनको मालूम नहीं है कि हम उत्तर दिया भी है उनका जो अंतिम पत्र है उसका भी हमने उत्तर दिया है यह बात उस गुंडे को नहीं मालूम है जो अलंकार समाज का एक अनऑफिशियल गुंडा है जिसको वक्त आने पर

00:03:23:08 स्वयं को आर्य समाज कहने वाली जो संस्थाएं हैं वह अपना मानने से मना कर देती है खैर उसने जो लाइव की उसमें कुछ छोटे मोटे कुतर्क थे उनमें से एक कुतर्क था कि स्वामी जी ने हमको ट पर सबसे पहले तो मैं यह बता दूं कि र पर स्वामी जी हमको मैसेज भेजते हैं उससे पहले हमको पता चले उसे हमें पता नहीं चलता क्योंकि हम उतना सक्रिय नहीं है यह बात हमने वहां लिखी भी है स्वामी जीी को अपने पत्रों में बताई भी है जो अलंकार समाज की ओर से हमें पत्र भेज रहे थे तो उनको ये बातें हमने बताई भी है कि हम

00:04:29:25 लिया होगा ये अनाथ जिसका पिता कौन है य पता नहीं है ये जो अनऑफिशियल गुंडा है तो उसका नाम भी क्या है य भी किसी को नहीं पता है बेनाम बादशाह तो उसने हमारी वो स्टोरी जो है ले ली वहां से स्क्रीनशॉट ले लिया और फिर स्क्रीनशॉट लेकर के और अपनी वहां पर दिखा रहा है वीडियो पर कि यह देखो स्क्रीनशॉट इसमें ये कह रहा है कि स्वामी जी मुझे सबसे पहले बताते हैं जबकि मुझे तो उनके twittersignin.com

00:05:29:24 जो तुमको मिल गई स्वामी जी का कहना है कि कुछ लोग कहते हैं कि यह आएगा नहीं यह जो है भाग जाएगा यह है वो है वो वो व्यक्ति कौन है स्वामी जी का वो आप ही हो तुम ही हो तुम्हारे झूठ तो कितनी बार साफसाफ पकड़े जा चुके हैं तुम्हारी संस्था के व्यक्ति ने हमसे यह कहा कि वो जो ऋषि उवा चैनल है वो हम ही चलाते हैं उसके बाद पत्र में यह लिख दिया कि हम हम जानते ही नहीं ऋषि वाज को कौन है झूठा कौन है दोगला भाई इन सब बातों को छुपा लोगे क्या और तुम अनदेखा कर सकते हो तुम्हारे जो अंध भक्त है वो अं अनदेखा कर सकते हैं हम लोग थोड़ी ना करेंगे तो एक तरफ तुम कह रहे हो कि स्वामी जी से तुम्हारे को सामग्री डायरेक्ट प्राप्त नहीं होती फिर दूसरी ओर तुम हमारी और स्वामी जी की ट चैट की जो स्क्रीन रिकॉर्डिंग है वो दिखा रहे हो लोगों को ये क्या है है ना और तुम शिष्टाचार के लिए शिष्टाचार के ऊपर जो है लाइव करते हो शिष्टाचार तुम शुरुआत कौन करने वाला है शिष्टाचार को तोड़ने वाला तुम्हारा यह कहना है कि हमारे जो श्री कृष्ण ऐसे हैं ऐसे हैं उनको तुम ऐसा बताते हो भाई मान लो

00:06:44:25 ना कि जो श्री कृष्ण जिसको तुम मानते हो वो हमारे अलग है तुम्हारे अलग है यही मान लो मगर अपमान करना आवश्यक है तिरस्कार करना आवश्यक है क्योंकि हमारा जो अस्तित्व पान सेही है अपमान करके ही काम चलेगा ना अपमान करने के लिए ही तो तुम्हारी जो यह प्रकाश नाम की किताब है जिसमें सिर्फ अंधेरा और कुछ नहीं उसमें सिर्फ अंधेरा और कुछ नहीं है परमेश्वर है नहीं पूर्णेश्वर है नहीं दयालु है नहीं न न्याय कारी है नहीं कुछ तो कुछ तो सिद्ध हो नहीं रहा अरे तुम तो गायत्री मंत्र का भी वो नहीं बता पाओगे गायत्री मंत्र का उपयोग है कि नहीं तुम्हारे यहां जिसके नाम पर तुम अपने सीधी भर्ती करते हो बचपन में वो नेवी फोर्स इत्यादि के कुछ फॉर्म आते थे उसमें लिखा रता ऊपर सीधी भर्ती है ना तो इनके यहां भी सीधी भर्ती होती है अलंकार समाज में गायत्री मंत्र और उपनयन के आधार पर सीधी भर्ती तो यह सारी चीजें हैं उसमें अंधेरा है और कुछ नहीं है तो कितना तुम्हारे अंदर शिष्टाचार है कितना तुम पंडे

00:08:00:04 पाखंड ये सब जो बोला करते हो सब नहीं सोचते किसको बोल रहा हूं है ना तो शिष्टाचार की बात आप हमें मत सिखाइए आपके आपका ना तो आप सत्यवादी है ना ही आप शिष्ट व्यक्ति है अच्छा एक बात और है हां तुम्हारे चैनलों पर तुम क्याक करते हो जो वहां पर वो जो वो जो बंगाली भाई साहब बैठे हैं आपके साथ गपशप करने के लिए बंगाली भाई साहब भी वहां पर बता बात बड़ी शिष्टाचार की कर रहे भाई तुम अपने चैनल जो आपने जो टेलीग्राम ग्रुप बना रखे हैं ना उस पर कौन-कौन सी कस किस किस प्रकार की किसकिस के लिए कब कब भाषा का उपयोग करते हो सब पता है बस हम उन बातों को उन बातों पर बात करने वाले व्यक्ति नहीं है हमें सिद्धांतों पर बात करनी है जिससे कि समाज में बदलाव आए हमें उसमें वो नहीं है आसक्ति कि भैया हमने अपने आप को जिता हमने सामने वाले गलत साबित कर दिया उसमें आसक्ति नहीं है अच्छा एक चीज और थी छोटी सी

00:09:11:24 कि एक छोटी सी चीज और थी कि इन्होंने कहा था कि हां हमने वहां पर यह कहा स्वामी जी से चैट में कि भाई स्वामी जी जब आप हमसे ट पर संपर्क कर रहे हैं डायरेक्टली तो आप सबसे पहले अपना पीडीएफ जो है लेटर का वो हमें भेजा करिए आप आप ये वहा र पर क्यों डालते हैं पहले पहले अन्यों को पता चलता है बाद में हमें पता चलता है जबक आपसे यहां पर हम डायरेक्ट टच में है तो स्वामी जी ने पहले का कोई भेजा हुआ लेटर को टैक करके हमें दिखा दिया है ना टैक करके स्वामी जी ने हमें दिखा दिया अच्छा यह सारी चीजें भी सुनियोजित थी जो उनको गाइड किया होगा कि भाई ऐसे ऐसे करते रहे ना तो उन्होंने पहले का दिया हुआ लेटर में टैक करके दिखा दिया हमने वहां पर उस जो उने टैग करके हमें जो दिखाया हमने वहां पर उस टैग किए हुए संदेश के लिए क्वेश्चन मार्क भेजा कि ये हमें क्यों दिखा रहे हो स्वामी जी उससे प्रूव करना चाह रहे होंगे कि देखो देखो हमने तुम्हें यहां पर दिया तो था अंतिम लेटर मान लीजिए फोर्थ नंबर का लेटर हमें स्वामी जी ने सीधे twittersignin.com

00:10:29:16 तो स्वामी जी ने क्या किया पहले का पड़ा हुआ चैट में कोई लेटर था उसको टैक करके देखो यह दिखाने के लिए देखो हमने तुम्ह लेटर यहां भी दिया है जबकि वो लेटर वो वाला था ही नहीं वो थर्ड लेटर को ही दिखा रहे देखो हमने वो फोर्थ लेटर थर्ड लेटर को ही दिखा रहे देखो हमने तुम्हे यही पर दिया है और मैं वहां पर जब उन्होंने वो टैक किया तो मैं उसम प्रश्न कर रहा हूं यह क्यों दिखा रहे हो मुझे थर्ड लेटर तो उसका कोई जवाब नहीं आया अब मैं उस चीज पर अटका नहीं दूसरी बातें चलने लगी तो इस बात को ये जो बना बादशाह है वो कह रहा है देखो इसने स्वामी जी से एक बात और घुमाने की कोशिश की वो क्या कि भाई जब इसने कहा कि भाई मुझे यहां पर आप क्यों नहीं दे रहे हो तो स्वामी जी ने वहां पर उसको फोर्थ लेटर का टैक करके संदेश थर्ड का नहीं फोर्थ लेटर का टैक करके मतलब अंतिम लेटर को जिस लेटर के बारे में सवाल उठा रहा हूं उसी लेटर को टैक कर करके दिखाया और देखो इसने तुरंत बात बदल दी और दूसरी बातें करने लगा मैंने बात नहीं बदली तुमने अपनी लाइव स्ट्रीम में यह नहीं दिखाया कि जब उन्होंने वो गलत चीज को टैक करके मुझे जवाब देने का प्रयास किया तो मैंने वहां एक क्वेश्चन मार्क भी दिया था है ना तुमने वो नहीं दिखाया तुम तो तुम तुम अपनी अत आत्मा में झांक

00:11:44:20 के देखो ऋषि उवाच जिस नाम से तुम जाने जाते हो अपनी अंतर आत्मा में झांक के देखो तुम्हें हमसे जीतने के लिए तुम्हारी नजरों में जीतना है तुम्हें हमसे जीतने के लिए झूठ का सहारा लेना पड़ रहा है और कितना नीचे गिरोगे अरे अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए तुम झूठ बोलना पड़ रहा है कैसे सिद्धांत है तुम्हारे नीच कहीं के चलिए मुख्य विषय पर आते हैं आज हमारे पास इनकी एक हाथ लगी है गीता तेरा ज्ञान अमृत ये लोग आपने देखा होगा जो वीडियो वगैरह बनाते हैं ना इस तरह चिट लगाते रहते हैं तो हमने सो क्यों ना हम भी अब चेट लगाए हा तो कुछ मुख्य मुख्य बातें आज आपको पता चलने वाली है इंटरेस्टिंग है जो काफी तो सबसे पहले इनकी ओर से क्लेम किया जाता है कि जो कबीर है अभी कुछ देर पहले भी इनका एक कसन नाम का व्यक्ति है वह गोरखपुर जो गोरखनाथ जी महाराज है उनका चित्र अपने उसमें लगाता है प्रोफाइल में और उनका चित्र गा कर के

00:12:59:20 कमेंट करता है कबीर के पक्ष के ये जो राम पाली है इनके पक्ष का व कमेंट करता रहता उसका ही अभी मुझे एक कमेंट प्राप्त हुआ थोड़ी देर पहले जो दिन में ईश्वर स शक्तिमान वाला वीडियो आया ना जो जिसमें साहब सिंह की पोल खुली है तो उसमें ही इसने कमेंट किया है कि भगवान जो है गर्भ में नहीं आ सकता इसके पक्ष में अपनी बात रखी है व तो भगवान गर्भ में नहीं आ सकता आज यही से शुरू करेंगे भगवान गर्भ में आ सकता है कि नहीं तो इनका कहना है कि भगवान जो ईश्वर है परमात्मा व गर्भ गर्भ गर्भ में नहीं आ सकता अच्छा तो सबसे पहले तो यह बात करते हैं कि चार उनके रूप में आते हैं संतों के रूप में समय समय पर व पेज दिखा दीजिए भैया संतों वाला चार संतों के रूप में य आते हैं

00:14:00:16 जो कबीर है चार संतों के रूप में आते हैं जितने भी संतों के रूप में आते हैं मगर आते हैं तो सुकृत ऋषि के उसमें आते हैं रूप में आते हैं और और भी कुछ संतों का नाम है जिनके रूप में वह आते हैं अब जब आते हैं अगर सुकृत ऋषि वाली बात कर ले

00:14:37:21 तो सुकृत ऋषि के रूप में आते हैं और वह वामदेव जी उनका नाम रखा जाता है तो वामदेव जी का नाम जहां से प्रकरण लेते हैं वहीं पर लिखा है कि वामदेव जी माता के गर्भ से उत्पन्न होते हैं दिखा दीजिए इनको व पेज वामदेव जी माता के गर्भ से उत्पन्न होते हैं बंदी छोड़ किसे कहते हैं जिसका ब्रेक अप हुआ हो अरे यह क्या बात बंदी

00:15:10:26 छोड़ने से इनका मतलब होता है कि भाई देखिए सद ग्रंथों को वेदों को गीता जी को समझ नहीं सके पुणा आत्माओ पवित्र चारों वेद और प वह प्रमाण दिखा दीजिए जो शिव पुराण का एक फोटो है जिसमें की जहां पर यह बता रहे हैं कि वामदेव आए थे उनका जो शास्त्रार्थ हुआ था मनु महाराज से और फिर वह जो है वो तो वामदेव को यह बता रहे हैं कि जो वामदेव आए थे ये सत सुकृत ऋषि थे सत सुकृत थे जो कबीर ही थे जो आए थे उनके रूप में तो आप देखिए कि परमात्मा इनका जो है गर्भ से उत्पन्न होता है और चार वो भी थे चार नाम बताए गए हैं जो गर्भ से उत्पन्न होने के संबंध में चार पांच संतों के रूप में आते हैं इनके परमात्मा और वह सारे संत गर्भ से उत्पन्न होते हैं और फिर वह मृत्यु को भी प्राप्त होते हैं तो यह वामदेव जी का

00:16:25:27 जो प्रमाण है वो आपको अभी यहां पर हम दिखा रहे हैं क्या हुआ भाई नहीं दिखाएंगे क्या मुझे ही पुराण खोलना

00:17:08:26 पड़ेगा कहां चले गए ऑपरेटर जी र एक वीडियो है जिसमें कि यह बात करते हैं कि बताते हैं वामदेव के बारे में उसी में बताते हैं और उसी में ही लिखा है इवन य बोलते भी है अपने मुख से ही कि जो परमात्मा है वह अलग-अलग रूपों में आया है और उनमें से एक वो सुकृत ऋषि का है रूप शायद गुरु नानक भी है उसी में तो यह सभी शायद गरीब दास जी भी है उसी में से एक तो यह सभी वही लोग हैं जो क्या कहते हैं मैं एक मिनट देख ही लेता हूं

00:19:01:21 तो चलिए तब तक जब तक वो प्राप्त हो रहा है तब तक हम लोग और भी चीज देख ले एक चीज सामने आई थी मेरे विष्णु सहस्त्र नाम विष्णु जी का नाम काल भी है है ना महाभारत से है य विष्णु सहस्त्र नाम और विष्णु जी का नाम काल भी है मैं अभी थोड़ी देर में दिखा दूंगा तो आदरणीय धर्मदास जी आदरणीय मलूक दास जी आदरणीय नानक देव साहब जी आदरणीय दादू साहब जी आदरणीय गरीब दास साहेब जी

00:19:41:00 और यह सब अवतार है झज्जर वाले तथा आदरणीय घीसा दास साहब जी गांव येव और यह सब परम अक्षर ब्रह्म सत्पुरुष के अवतार थे अब भाई यह सभी लोग लगभग लगभग इनकी जानकारी प्राप्त है यह सब माता के गर्भ से उत्पन्न होने वाले थे परम अक्षर ब्रह्म सत्य पुरुष के अवतारों की जानकारी यानी कि य गर्भ में आता है गर्भ से उत्पन्न होता है अवतार लेता है ठीक है माता के गर्भ अब एकदम वो वाला वो दिखा दीजिए जरा जो शिव पुराण में जोय वामदेव का वो दिखा रहे हैं जो प्रकट

00:20:29:24 ये देखिए माता के गर्भ से बाहर निकलते हैं कहां से आते हैं माता के गर्भ से बाहर नि कबीर जी को उस सत सुकृत रूप में प्रकट सत सुकृत नाम से प्रगट परमेश्वर को वाम देव कहने लाग उनका त्मक नाम वामदेव रख दिया पूर्व काल में कल्प में महामुनि वामदेव माता के गर्भ से बाहर निकलते ही सेवता के ठीक है बस इतना काफी

00:21:12:04 तो क्या क्या अर्थ निकला इनकी ल कोई एक बात ही नहीं है जो सत्य सिद्ध हो जाए इनकी कोई भी ऐसी बात नहीं होती है लगभग लगभग हर बात ये झूठ ही बोलते हैं हर बात झूठ बोलते हैं अब ऐसी श्रंखला में हम लोग एक बात करते हैं कि अ आज हम इनकी ये ऐसे ही दिखते हैं ना आपको तो हमने भी इनकी किताबों में ही चिर चिपकाना शुरू कर दिया है ना टट फॉर टेट तो इनकी यह जो गीता तेरा ज्ञान अमृत है इससे हमें एक बहुत मजे की बात पता चली है आनंद लीजिए अब इसमें कुछ वैसा ऐसा नहीं है कि आपको कोई ब्रह्म ज्ञान प्राप्त होना जिसको एंटरटेनमेंट करना हो वो वो एंटरटेनिंग पार्ट है पता करते रहिए सब चीज हमने पहले ही खोल के दिखा द है बस आनंद प्राप्त करिए तो क्या है क्या आनंद है भाई इनके ही अनुसार इनके ही अनुसार परमात्मा इनका जो कबीर है वो यह बोल रहा है कि गीता का ज्ञान किसने दिया है परमात्मा

00:22:27:13 विष्णु ने हां परमात्मा कृष्ण ने कौन बोल रहा है इनका कबीर कहां पर बोल रहा है इनकी किताब में इनकी किताब को किसने लिखा इन्होंने ठीक है तो इससे ज्यादा बड़ा तमाचा भरा प्रमाण और कौन सा मिलेगा इनके लिए तो भैया इनको गीता तेरा ज्ञान अमृत का पेज दिखाइए

00:23:04:08 52 बुक के हिसाब से इसमें प्रश्न नंबर 32 है प्रश्न नंबर जो प्रश्न दिख रहे हो ना उनमें 32 नंबर प्रश्न पर आ जाइए यह कबीर कह रहे हैं धर्मदास से प्रश्न नंबर 32 प्रश्न नंबर 32 है क्या पेज थोड़ा सा आगे पीछे होगा आपका और मेरा प्रश्न प्रश्न चेक कर

00:23:54:15 लीजिए 32 प्रश्न है प्रश्न नंबर यह धर्मदास जी और कबीर दास जी के बीच में बातें हो रही है गी नहीं आप किसम है गीता तेरा ज्ञान अमृत में किसम है हम तो प्रश्न नंबर हां ठीक है इसमें लगभग पहुंच है ये शंका समाधान में जो प्रश्न नंबर 32 है ना उस वहां पहुंचना है हमें और आगे चलिए हां ये तो ज्यादा आगे आ गए क्या 83 पीछे है

00:24:50:13 पीछे पीछे जाइए हां भाई फैक्ट भाई अरुण प्रश्न 47 पर आ गए आ जाओ भाई थोड़ा बता दो गीता का ज्ञान किसने दिया है आज नहीं आएंगे अब इनकी बोलती बंद होने लगी ना क्या हुआ बोल तो रहा हूं 32 32 नंबर प्रश्न पर जाइए 32 यह 21 हैय 32 पर

00:25:43:02 जाइए धीरे-धीरे चलिए नहीं निकल जाएगा गीता तेरा ज्ञान अमृत का 5 पर नहीं 100 पर ज्ञान काल नहीं दिया है यह बात अपने लिए भी तो सोचनी चाहिए भाई जब तुम हमारी ग्रंथों को पढ़ पढ़ के बताते हो हम भी तो कह सकते हैं कि तुम गलत पढ़ के बता रहे हो तब नहीं सोचते न्याय नहीं है अन्याय है हां भाई यह देखिए जिंदा बाबा के रूप में भगवान जी का इनको पीछे से दिखा दो जिंदा बाबा कौन है जरा पीछे 29 नंबर में लिखा है कबीर जी जिंदा रूप में पीछे 31 वा दिखा दो जिंदा जिंदा बाबा के रूप में परमात्मा का ब्रैकेट ऊपर दिखाओ थोड़ा सा पीछे जाओ हल्का सा ज्यादा पीछे चले गए हल्का सा पीछे जाना था वापस आइए परमात्मा जिंदा वेश में नहीं वो तो ठीक है बिल्कुल 31 वो 31 नंबर जब प्रश्न शुरू हो रहा है ना तो वहीं पर ब्रैकेट में लिखा है हा ये जिंदा बाबा रूप में परमात्मा ठीक है

00:26:58:18 तो यह जिंदा बाबा रूप में परमात्मा है तो 32 में क्या कह रहे परमात्मा देखिए ध्यान से गीता का ज्ञान किसने दिया है राम पाली फॉलोअर्स ध्यान से देखें हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का अनुभव तथा आपको आदेश है कि इस गीता शास्त्र में लिखे मेरे अनुभव को पढ़कर इसे इसके भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त होगा किसका आदेश है भाई कृष्ण का विष्णु का गीता शास्त्र वह भी परमपिता भगवान है क्या कर रहे हो यह ऐसे नहीं करना चाहिए था तीर दर्शी जी कितना गलत लिख दिया आपने ऐसे नहीं करना चाहिए खैर होगा कोई माइका लाल जो आ कर के जवाब देगा इन बातों का य क्या लिखा है तो गीता का ज्ञान किसने दिया परमात्मा ने परमपिता परमपिता विष्णु कृष्ण ने दिया उनका आदेश है कि इसके अनुसार तुम्हें चलना है ठीक है तो ये रामपाल ही

00:28:13:19 अपनी जिस डाल पर बैठे हैं ज्ञान गंगा की डाल प गीता तेरा ज्ञान अमृत की डाल प जिस डाल पर वो बैठे हैं उसी डाल को वो स्वयं ही काट के गए हैं जगह-जगह से वैसे काटना होता है वैराग्य रूपी शस्त्र द्वारा वो माया रूपी जो वृक्ष है संसार का उसके मूल को काटना होता है मगर यहां व उस पर तो जा नहीं पाए वैराग वगैरह तो है नहीं तोय अपने को ही काट के गए हैं जगह जगह अरे भाई यह क्यों ना खोले फैक्ट बाई अरुण यह यह क्या गलत लिखा है तुम्हारे तत्वदर्शी ने इसका क्या करें वो भी तत्वदर्शी अपनी ओर से नहीं बोल रहा है परमेश्वर की ओर से बोल रहा है कि परमेश्वर ने बोला कि गीता जो है परमपिता विष्णु कृष्ण द्वारा दिया गया आदेश है क्या करोगे इसका बहुत बहुत

00:29:10:27 ज्यादा हा तुम तुम बड़ा व्यवस्थित रूप से पढ़ते हो ना पुराण को शुरू से लेकर अंत तक है ना टीवी चैनल्स पर अच्छा जाने से पहले एक वो इनको वीडियो और दिखा दीजिए इसी बात पर इसी बात पर एक वीडियो और दिखा दीजिए भाई इनको वो क्या वीडियो है जिसमें कोई डाउट ना रह जाए कि गीता जो ज्ञान है वह परमात्मा नेही दिया है वो वीडियो दिखा दीजिए इनको ज्ञान है ऐसी बातें नहीं करते कच्ची गोलिया नहीं खेलते हम आत्मा पवित्र चारों वेद और पवित्र श्रीमद् भगवत गीता ये गड गिवन स्पिरिचुअल नॉलेज है ये परमात्मा का दिया हुआ आध्यात्मिक ज्ञान है

00:30:01:27 किसका दिया हुआ ज्ञान है भैया हेलो ू स्टॉप द ट्रेन पुल द चैन अब क्या करें तत्वदर्शी झूठ बोल रहा है हा तो तो ठीक है भाई अब इनका एक नया मामला आ गया है कि अब इनको इससे मतलब नहीं है कि इनका तिरछा दर्शी स्वयं बोल रहा है कि यह परमात्मा का दिया हुआ ज्ञान है इनका तिरछा दर्शी स्वयं लिख रहा है कि भाई कबीर ने कहा कि जो गीता का ज्ञान है वह जो है विष्णु ने कृष्ण ने बोला अब इसको दूसरी बातों से मतलब है ये इतनी टाइम लगती है क्या तेरे को क्या पेज निकालने में कहां का ज्ञानी यह सब इनके पास रह गया है विषय से हटकर बातें हैं इनके पास बस चलिए दूसरा कुछ निकालते हैं है ना दूसरा क्या निकालते हैं इनकी इनकी इन किताबों

00:31:17:04 में ही बहुत सारा ऐसा ज्ञान है बहुत ही उत्कृष्ट स्तर का जिसको आप अच्छा अब देखिए गीता तेरा ज्ञान अमृत पृष्ठ संख्या है मेरे पास जो इनकी छपी हुई है पुरानी है शायद थोड़ा बहुत पष्ट संख्या में आगे पीछे होगा पर प्रश्न नंबर ये 34 है जिसमें कि इन्होंने माना है कि गीता अध्याय 17 श्लोक 23 [प्रशंसा] में यह कहा गया है कि

00:32:01:03 सच्चिदानंद घन ब्रह्म अर्थात परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति के लिए ओम तत्सत इस मंत्र का निर्देश है इसके इसके स्मरण की विधि तीन प्रकार से है तो परम अक्षर ब्रह्म प्राप्ति के लिए क्या बताया है ओम तत्सत और यह गीता अध्याय 17 2 के हिसाब से ठीक है तो यह कहा गया है 17 2 में अब 17 को आप छोड़ तो सकते नहीं हो गलत तो है नहीं वह तो यह परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति के लिए है यह मान लिया तो क्या हुआ यानी कि व जो प्रणव तत्सत वाला मंत्र है वह लेना है कि नहीं लेना है व हमने अपनी उसम व्याख्या में भी कहा कि भाई ठीक है अगर वो ले भी लिया तो उस पर बहुत सी बातें हैं मगर यह यही बोल रहे हैं कि गीता में परम ब्रह्म की प्राप्ति के लिए मंत्र ज्ञान दिया गया है तो इनकी व वाली बातें सब गलत हो जाती है कि गीता में जो भक्ति बताई गई है वह केवल ब्रह्म तक की है ठीक है क्योंकि यह खुद मान रहे हैं कि गीता में कहा गया है कि परम अक्षर

00:33:16:03 ब्रह्म की प्राप्ति के लिए फलाना फलाना मंत्र का निर्देश है यह गीता में कहा गया है यह उन्होने खुद मान लिया देखो यह देखो कहा गया है कि है ना और फिर आ जाओ इधर अर्थात ये घन ब्रह्म अर्थात परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति के लिए है यानी परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति के लिए गीता ज्ञान देने का दावा करती है भले ही उसको मानते हैं कि नहीं मानते वो बात एक अलग है मगर वोह दावा करती वो यह नहीं कहती कि उस उसको प्राप्त करने की विधि मेरे पास नहीं है ये इन्हीं की बात से कट रही है क्योंकि 17 2 में कह रहे हैं कि भाई परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति के लिए है यह खुद ही लिख रहे हैं और

00:34:17:14 देखिए क्या नाम रखे इनकी इस हम दिखा दीजिए इनको ये प्रश्न ठीक से देख लेंगे ये है पृष्ठ संख्या 56 के आसपास है 56 55 के आसपास और इसमें प्रश्न नंबर 34 का उत्तर दे रहे हैं कबीर साहब वहां पर है प्रश्न नंबर 34 का प्रश्न 34 ढूंढ लीजिए बस

00:35:05:03 अभी कौन सा चल रहा है हां प्रश्न 34 ये देखिए ये आ गया तो क्या कहा गया है गीता अध्याय 17 श्लोक 23 में कहा गया है कि सच्चिदानंद गन ब्रह्म अर्थात परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति के लिए फलाना फलाना मंत्र का निर्देश है यानी गीता यह दावा कर रही है कि हमारे पास उसकी पूर्ण भक्ति का ज्ञान है अब तुम नहीं मान रहे हो तो बात अलग है मगर गीता य दावा कर रही है तो तुम जो कर रहे हो या कह रहे हो व गीता के विरुद्ध कर रहे हो क्योंकि गीता तुम्हारे हिसाब से कह रही है कि परम अक्षर ब्रह्म की प्राप्ति का ज्ञान यह है ठीक है यह भी तुम्हारी बात गलत हो

00:35:55:22 गई अच्छा और देखते हैं और क्या है इनके मामले इनकी बहुत सी चीजें पकड़ में आई है एक एक करके चलते हैं यह लोग बहुत रामायण इत्यादि पर बात करते हैं अच्छा ब्रह्म काल की अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा है सा ठीक है और यह है भी कि ब्रह्म काल किसी को प्राप्त नहीं होता वह सदैव अव्यक्त रहता है व अपने वास्तविक रूप में किसी के पास किसी के सामने आता नहीं है

00:36:34:07 तो नीरज दास महेंद्रजीत जी मैं आ तो जाऊंगा पर इनको इनके शास्त्र से समझाना पड़ेगा मेरे पास गरुण पुराण है भाई आप कुछ भी बात लेकर के आइए आप कुछ भी सिद्ध नहीं कर पाएंगे आप ले आइए गरुण पुराण ले आइए आप शास्त्र नाम बताइए अब इसमें य कह रहा है कि ब्रह्म काल जो है वो स्वयं यह कह रहा कि मैं अव्यक्त रहूंगा मैं कभी प्रकट नहीं होऊंगा और यह है वह है मगर गीता अध्याय 11 श्लोक 47 तथा 48 में यह मेरा वास्तविक काल रूप है ठीक है तो यह अर्जुन को उसने प्रकट कर दिया तो पहली बात तो य झूठ बोलता है काल क्यों झूठ तो उसका कई बार सिद्ध हो रहा है मगर यहां पर भी य सिद्ध हो रहा है इसने वो लिया और इनके के ग्रंथों में कई जगह लिखा है कि काल का वास्तविक स्वरूप कोई देख नहीं सकता वो तभी देखा जा सकता है जब वो उनको जीवा आत्माओं को खा रहा होगा वो भी उसकी भक्ति करने वालों को तब देख सकता है तो यहां पर और एक जगह ये भी लिखा है कि भक्ति करने वालों को भी काल नहीं मिलता तो उल्टा पुल्टा खूब लिखा है

00:37:49:10 मगर फिलहाल क्या है कि काल की अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा है ठीक है मगर काल 1147 में खुद को व्यक्त भी कर रहा है कि यह मेरा वास्तविक स्वरूप है ये देखो काल की अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा और 1147 में यह मेरा वास्तविक काल रूप है पढ़ लिया पढ़ लिया होगा तब तक आप नीचे लिंक दे दीजिए कोई आना हो तो आ सकता है

00:38:29:08 और सुनिए और क्या-क्या है बहुत सा है जितना पढ़ते जाएंगे ना इनकी किताबों को उतना ही इनकी किताबों का इनसे ही मिलता रहेगा

⬜ Not used yet · 00:38:49:13 – 00:39:06:26 (0:17)

00:38:49:13 हम और

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→ Used in: B · Video रामपाल का झूठा मोक्ष at 1:40:39 ↗

00:39:06:26 एक चीज और दिखाते हैं इनका 30 मार् खान पन स्वयं को बहुत बड़ा 30 मार्क हां समझते हैं तो गीता तेरा ज्ञान अमृत में जो आपने भेजा था हमको प्रकरण वश अर्थ उसमें ये लिख रहे हैं कि ब्रह्म का अर्थ जो है इन्होंने क्या लिया है देखते

00:39:45:00 हैं हां यह सत्य है कि अक्षर का अर्थ अविनाशी होता है परंतु प्रकरण वर्ष अर्थ अन्य भी होता है यह है गीता तेरा ज्ञान अमृत और गीता तेरा ज्ञान अमृत और पृष्ठ संख्या है 17 16 15 हां यह भी देख

00:40:19:26 लीजिए यह जो कहते हैं ना कि सूक्ष्म वेद में मुक्ति का ज्ञान है तो ये कह रहे हैं ज्ञान गंगा में पृष्ठ संख्या पांच पर की कबीर साहब की जो वाणी है वेद गीता पुराण कुराण धर्मदास साहब जी आदि संतों की वाणी है ना इनमें भी मुक्ति नहीं है इनका अध्ययन से भी मुक्ति नहीं होगी इनके अध्ययन से मुक्ति नहीं होगी

00:40:58:27 यह भी कह दिया इन्होंने नहीं नहीं बचे हैं कुछ राम पाली आए हैं आज आज कुछ है कुछ आए हैं भाई साहब रणजीत सिंह आए हैं कोई और आए तो थे चले गए क्या रणजीत सिंह जी अपना चेहरा दिखाएं अरे हम नहीं हम तो यह बोलने आए थे नीरज जी करके कोई थे उनको ऊपर बुला लो उनको ऊपर बुला लो वो जवाब देते हैं हमने इनसे पूछा था सुनो सुनो हमने इनसे हमने इनसे कहा था इनके सामने हमने एक चैलेंज रखा था इन लोगों के सामने कि हम इनके भक्त बन जाएंगे यार बट ये हमको ना हमारे जो चार वेद है छह वेदांत हैं और इसके बाद 108 उपनिषद है 18 पुराण इनमें कहीं भी हमको जो है कबीर भगवान परमात्मा का कोई मंत्र हमको बता

00:41:51:12 दीए और एक चीज हम बताए अभी बहुत अच्छी न्यूज है कि तीन हमारे मतलब हमारे एक मित्र थे वो जो है उनके रामपाल जी के चंगुल से हमारे यहां से भी मुक्त हो गए हैं ये बहुत अच्छी न्यूज है बहुत बढ़िया काफी दिन से काफी दिन से पगलाए हुए थे हमारे साथ ही थे वो जी जी थोड़ा सा मैं कहूंगा कि भाई वो नीरज जी है जो वो आए और नहीं हम हम देखो हमने एकदम इनको क्लियर कहा है यार हम आपके जो है आपकी हर बात मानने के लिए तैयार हैं बट आप कबीर इज गॉड यह हमको दिखा दो हमारे जो हम जिनको मानते हैं उसमें दिखा दो बस बाकी आपका ज्ञान गंगा क्या कहता है क्या कता है रमेश प्रजापति जी हा इस बात से हमने कभी इंकार नहीं किया कि हा कबीर जी ने अच्छे दोहे लिखे हैं उन्होंने पाखंड और आडंबर का वि किया है इस बात बात पूरी कर लू एक बात चल रही थी इन्होंने क्या है गीता तेरा ज्ञान अमृत में कहा कि अक्षर का अर्थ अविनाशी होता है परंतु प्रकरण वष अर्थ अन्य भी होता है

00:43:06:26 गीता अध्याय 15 16 श्लोक में कहा है कि क्षर और अक्षर ये दो पुरुष होते हैं ठीक है और यहां पर इन्होंने परम ब्रह्म कहा है और अक्षर का अर्थ अविनाशी है परंतु यहां पर परम अक्षर ब्रह्म कहा जाएगा तो इन्होंने प्रकरण वष अर्थ अलग मान लिया अच्छा इसी प्रकार से इन्होंने प्रकरण वश जो अर्थ है वह क्या अलग माना है यहां पर जो ब्रह्मण शब्द आया है ब्रह्मण

00:43:49:14 ये आठ लोक 17 है ना इसमें ब्रह्मण शब्द आया है तो उसका अर्थ इन्होंने ब्रह्मण का अर्थ सच्चिदानंद 17 श्लोक 23 में ब्रह्मण का अर्थ सच्चिदानंद घन ब्रह्म किया है व अनुवाद कों ने ठीक किया है मगर आठ श्लोक 17 में ब्रह्मण का अर्थ अक्षर ब्रह्म बनता है मतलब यह स्वयं तय करेंगे कि कहां पर कौन सा अर्थ लेना है प्रकरण वश जो लिया जाता है मगर वहीं पर जब व्यक्ति प्रकरण

00:44:31:14 वश इन्होंने ब्रह्मण का अर्थ एक जगह सच्चिदानंद परम परम ब्रह्म ले लिया और ब्रह्मण का ही अर्थ एक जगह ले लिया अक्षर ब्रह्म पूर्ण ब्रह्म नहीं लिया तो इन्होंने तय कर लिया यहां पर पूर्ण ब्रह्म नहीं है यहां पर पूर्ण ब्रह्म है मगर व्यक्ति इसी प्रकार से जब प्रकरण प्रकरण वश जब चार 32 में ब्रह्म का अर्थ वेद लेता है जो कि शास्त्रों में भी है ब्रह्म का अर्थ शब्द ब्रह्म कहा गया है वेदों को तो यह वहां पर कहते हैं नहीं नहीं यह ब्रह्म का अर्थ कैसे ले लिया इन्होंने चार 32 इनको दिखाया

00:45:05:03 जाए ब्रह्मण का अर्थ अक्षर ब्रह्म बनता है 17 श्लोक 23 में ब्रह्मण का अर्थ सच्चिदानंद स्वरूप है सांकेतिक है ब्रह्मण का अर्थात सच्चिदानंद ब्रह्म की भक्ति है वो तो यह अपने मन से ब्रह्म का अर्थ कहीं पर भी सच्चिदानंद घन ब्रह्म ले सकते हैं और यह अपने अनुसार कहीं पर भी ब्रह्म का अर्थ अक्षर ब्रह्म ब्रह्म से थोड़ा छोटा वाला है ना वो बात और है कि निरुक्त में अक्षर ब्रह्म और परमात्मा सबको एक कहा गया है र वह सब बातें डिफेंड काफी कर चुके मगर फिलहाल जो लोक 432 है उसमें जब देखिए अब उसमें उन्होंने जब ब्रह्म का अर्थ प्रकरण के अनुसार वेद किया है तो अनुचित है तो कुल मिलाकर के इन्होंने अनुचित कई बार कई तरीके से सिद्ध किया है कि इनका जो करने का प्रयास किया है कि इनका गीता का ट्रांसलेशन ट्रांसलेशन करने वालों का अर्थ जो है वो गलत है तो देखिए अगर आप उनको गलत कह रहे हैं तो आप स्वयं को सबसे पहले संस्कृत ज्ञ तो सिद्ध करिए आप तो संस्कृत ज्ञ नहीं है तो आप किस शब्द का कौन सा अर्थ

00:46:20:07 लेना है कौन सी विभक्ति है कौन सा क्या है वो सब आपको कैसे पता कि उन्होंने सही किया कि गलत किया भाई अगर आप किसी के ट्रांसलेशन को गलत कह रहे हैं तो आपको ट्रांसलेशन करना आना चाहिए तभी तो आप किसी के ट्रांसलेशन को गलत कह सकते हैं र या फिर आपके पास सही ट्रांसलेशन हो किसी किसी का आपके पास सही ट्रांसलेशन हो तब आना चाहिए तो यह इनकी एक पोल है कि अपने मन से जहां पर भी प्रकरण के अनुसार लेना होगा ले लेंगे और अपने मन से जब जब कोई दूसरा व्यक्ति प्रकरण के अनुसार जब अर्थ लेगा तो ये कह देंगे अरे ब्रह्म का अर्थ देखिए वेद ले लिया इन्होंने अरे तुम जब ब्रह्म का अर्थ एक जगह अक्षर एक जगह परम अक्षर ले रहे हो तो दूसरा व्यक्ति ब्रह्म का अर्थ शास्त्रों में दिए गए शब्दों के हिसाब से शब्द ब्रह्म नहीं ले सकता वाह भाई वाह हद है तो हमने आज क्या क्या जाना कि कबीर माता के गर्भ से जन्म लेता है और जो वे जो गीता वेद का ज्ञान है व परमात्मा ने दिया है ठीक है और परमात्मा ने दिया और कबीर जी एक जगह कह रहे हैं किसने दिया है कृष्ण और विष्णु ने तो इनके ही

00:47:35:15 ग्रंथ के द्वारा सिद्ध हो गया कबीर की वाणी है परमात्मा की वाणी परमात्मा का रूप की वाणी भी नहीं है परमात्मा की वाणी है उसको कैसे मना करोगे और हमने वो भी दिखा दिया कि वामदेव के रूप में माता के गर्भ से जन्म लिया अब एक चीज और दिखा देते हैं य यह बात करते हैं कि महाभारत में लिखा है वह कोई ठाकुर लगाती अपने नाम के आगे हालांकि ठाकुर लगाना नहीं चाहिए था क्योंकि वह तो अब इन चीजों से परे हो गई है मुक्त हो गई है व ठाकुर लगाती है तो उन्होंने अपने किसी वीडियो में कहा कि अरे व कृष्ण भगवान जो है वह कह रहे हैं वह मोक्ष नहीं दे सकते या प्रारब्ध को नहीं बदल सकते तो भैया कबीर भी मोक्ष नहीं दे सकता है कबीर भी मोक्ष दे सकता है इस चीज को आप देखिए लगाइए भैया वीडियो चलाइए जहां पर यह कहा जा रहा है इनके तथाकथित जेल धाम निवासी तत्वदर्शी के द्वारा कि कबीर मोक्ष नहीं दे सकता हर हर महादेव हर हर महादेव

00:48:51:09 हर दिखाइए भैया जी पहाड़ी जी तब तक आपसे बातें कर लेते आज मतलब फुल पोस्टमार्टम चल रहा है आज भीय पोस्टमार्टम क्या है य ऐसा है जैसे इस शरीर से तुम पार नहीं हो सकोगे अब मेरे इस जीवन से तो मैं य आया क्योंकि मुझे मालूम है तुम्ह नहीं तुमर दोष तब कहा बेटा इस शरीर से तुम पार नहीं हो सकोगे मेरे इस जीवन से तो मैं य आया इस शरीर से क क नहीं हो सकता है यह जो वीडियो हमने जहां से लिया है वहां पर दोनों बातें मेरे इस शरीर से तुम्हारा कल्याण नहीं हो सकता ठीक है भगवान स्वयं परमेश्वर कह रहे हैं कि नहीं हो सकता तुम्हारा कल्याण मेरे शरीर से दिक्कत है भगवान को सामने खड़ा है व्यक्ति मेरे शरीर से तुम्हारा कल्याण नहीं हो सकता अच्छा इसमें दूसरी एक बात भी झलक मार रही है क्या इसके अलावा भी कोई शरीर है क्या भगवान का य तो वास्तविक में वो शाश्वत रूप है ये भी एक दिक्कत है इससे नहीं हो सकता तो किसी से हो सकता है वो अलग है फिर कोई और

00:50:06:13 शरीर है वो मेरे इस शरीर से नहीं हो सकता तो दे दीजिए भैया इनको अरे अपनी बात को ऊपर रखने के लिए यहां तक यहां तक कह दिया सामने वाले ने कि मेरी जो पैदाइश हुई है वो भगवती से हुई है अच्छा मां जगदंबा से अच्छा अब देखो कहां तक जाएंगे कहां तक जहां तक जाएंगे तक जहां तक जाएंगे वहां तक हम पीछे पीछे आएंगे एक्चुअली बात चल रही थी गुणों की और उसमें एक श्लोक हमारे गीता में कि जो एक गुण है प्रकृति से पैदा होते हैं जड़ जितने भी यह शरीर है प्रकृति से पैदा होते हैं वो आप उसकी लाइव में गए थे ना अमित दास की हां हां हां हा हा तो अमित दास की लाइव में जो है उसने क्या किया कि कुछ कटिंग टिंग करके हम आपका कुछ वीडियो बनाकर उसने डाल दिया है अच्छा

00:51:22:10 चलिए संपर्क करेंगे हम उनसे कि क्या किस बात का डर है कि आपने इसमें काट छाट किया अब डर तो नहीं होता वो यहां से भागा क्यों था पूछा था कि आपने उससे भागा क्यों तो बिल्कुल काट छाट करने का मतलब यही हुआ ना कि कुछ तथ्य आप छुपा रहे हैं जिससे भय है आपको जी या तो सीधा साधा डालिए जैसे आप शिवांश भाई डालते हैं पूरा का पूरा वीडियो बिना काटे बिना टे तो बाद गुणों की उधर अरे भाई ले आ जाओ ना ऊपर भाई आते क्यों नहीं हो बचपन में माता जी का दूध नहीं पिया क्या निष्ठा पूर्वक नहीं पिलाया क्या उन्होंने केवल यही के लिए ताकत है आ जाओ आते क्यों नहीं हो टी आर पहाड़ी जी ने कल वहां जाकर बहुत अच्छी तरह से समझाया था राजेश राजेश करके कोई संत था पर वो भी इतना निकम है व समझने की कोशिश नहीं कर रहा है वो अरे उन्होने य ये कह दिया अपनी बात ऊपर रखने के लिए मैंने कहा कि आपकी उत्पत्ति आप कहां से पैदा हुए हो उन्होने ये कह दिया मैंने कहा कि क्या जो भगवती मा है वहां से पैदा हुई हो वो बोल र हां मैं वहां से पैदा हुआ

00:52:37:24 हूं कुतर्क है कुतर्क उनसे कहो तुम्हारे पास बर्थ सर्टिफिकेट वगैरह कुछ है एक्चुअली जब ये इनका ये गुण छोड़ने की बात का अर्थ ये क्या लेते हैं कि ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति नहीं करनी है सुनो सुनो एक मिनट देखो ये क्या कुतर कर रहे हैं नीचे कि आप अंधेरे में क्यों भाई वो अंधेरे में है कम से कम स्क्रीन पर कुछ तो है उनका तुम तो वो भी नहीं हो तुम तो उस स्थिति में भी नहीं हो निर्लज लज्जा नहीं आती तुम लोगों को इतने कुतर करते हुए इस तरह से तुम अपने जो रामपाल है उनका ही नुकसान करते हो खैर अगर कोई आना चाहता है माई का लाल हो जो आकर के यह चीजें जो हमने चीजें खोली है आकर के हमसे कबीर को भगवान और गीता ज्ञान दाता को कृष्ण से अलग और क्या कहते हैं तुम्हारे रामपाल को तत्वदर्शी सिद्ध कर सके तो आ जाओ भाई जो कह रहे हैं कबीर इ गॉड ये वो आ जाओ लोगों के लोगों

00:53:52:26 के बाल सफेद हो जाते हैं दाढ़ी सफेद हो जाती है मचे सफेद हो जाती पर अकल वहीं की वही रहती है कुछ लोगों की एक्चुअली उन्होंने जो है जो महानुभाव थे उन्होंने कहा कि काल हमें भ्रमित करता है काल रूप मेंही महा ब्रह्मा महाविष्णु और महाशिव रहते हैं मैंने कहा कि परमाण दिखाइए आप हमें कहां लिखा है ये बोले परमाण नहीं है हमारे पास अभी तो बोल क्यों रहे हो या ऐसी बात बोलिए ना कि जो काटी ना जा सके कोई उनका कोई संत आया तो उससे पूछा करो जहां कबीर बैठा है वो जगह किसने बनाई है ये तो बताओ यह हाई लेवल के क्वेश्चन हो गए ये वही रुक जाएंगे नहीं इनको शास्त्रों के अनुसार खुद अपने मुंह से बोल रहे हैं वह पढ़ के सुना रहे हैं कि यह गुण प्रधान है गुण प्रधान है यह मैंने कहा गुणन और गुण होने में क्या फर्क है ये देखो पाल दस जी कह रहे हैं मानोगे नहीं तो क्या करें तो ऐसे तो हम भी कह सकते कि तुम मानोगे नहीं तो क्या करें ब्रह्मा विष्णु महेश भाई तर्क और प्रमाण लाओ ना शास्त्र संबध भक्ति करते हो ना लेकर आओ शास्त्र यहां पर हम तुम्हे तुम्हारे

00:55:08:02 ही शास्त्रों से दिखाएंगे ये अभी तो कुछ पा पांच से आठ चिट लगी है इसमें अभी थोड़े दिनों में हमारे पास आपकी सारी किताबें होंगी उन सब में चिट चिट होंगी आपका तो कोई भी पेज खोलो उसमें चिट लग जाती है कोई भी पेज खोल लो इनकी बुक्स का उसम आपको कुछ ना कुछ ऐसा मिल जाएगा जिससे इनकी ही बात कट रही हो ऐसा हलवा बना के रखा है कोई नहीं है भैया कोई है ही नहीं सामने वाले ने काल को परमात्मा कह दिया हम परमात्मा मानते हैं उनको अरे पूरी क्वालिटी ईश्वर की बताई है भगवान श्री कृष्ण किसने की गीता में बहुत से जगह क्वालिटी पूरी ईश्वर की बताई है सब चीज भगवान श्री कृष्ण जी ने बनाया विष्णु जी ने बनाया तो कबीर दास जी ने क्या बनाया वो तो बता दो कबीर दास जी के नाम पर लोगों को उल्लू बनाया गया है मूर्ख बनाया गया हा बोले पुराणों को पूरा मानते हैं हम जी ये लोग पुराणों को पूरा मानते हैं हा पूरा

00:56:23:07 मानते हैं उन्होंने बोला कि पुराणों को पूरा मानते हैं तो मैंने बोला विष्णु पुराण में विष्णु जी से ही सब कुछ उत्पन्न हो रहा है बोले हां मानते हैं शिव पुराण में शिव जी से सब कुछ उत्पन्न हो रहा है बोले हा मानते हैं देवी पुराण में देवी जी से सब कुछ उत्पन्न हो रहा है हा मानते हैं तो इसका अर्थ क्या लिया जाए तो इसका अर्थ यह लिया जाए उनके हिसाब से कि ये काल रूप बोल रहे है कहां है परमाण एक मिनट काल रूप बोल रहा है या नहीं बोल रहा है उसको छोड़ो यह बात सत्य मानते हो कि नहीं मानते तुमने कहा मानते हैं

00:56:58:12 मानते हो एक ही क्षण में इस क्षण में बोलने कि हा मैं मानता हूं अगले क्षण उसका फर खंडन दो बातें जी जी जी और साम और सामने वाले की बात को बिल्कुल जैसे भी उसको झूठा साबित करना है यहां तक कह देना कि मेरी उत्पत्ति मां दुर्गा से हुई है मेरी शरीर प्रमाण मांगना चाहिए था आपको अरे परम मागे वो कल दा कल दूंगा अच्छा ढाई घंटे की डिबेट खाली देवी भागवत पुराण का कुछ अंश और नाम महाभारत से है विष्णु सहस्त्र नाम महाभारत का अंश हैय और इसमें विष्णु भगवान का एक नाम है काल देख लो इसको कहते शास्त्र और तर्क

00:57:58:04 देखा और इन्हीं का एक नाम पुरुषोत्तम भी है इसमें ठीक है कहां तक जाओगे भाई इसीलिए कहा था शुरू मेंही मत पढ़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में मगर नहीं हमें तो आना है चक्कर में तो इसी में एक नाम पुतम भी है उसको तो मानना पड़ेगा ना नाना वो अरे ऐसा है कि जिन लोगों ने कभी शास्त्रों को देखा नहीं है उनको लपेटे में लेकर के यह जो है अपने हिसाब से उनको जो अपना समझाना है वह भी अपनी ऐसी कहानी अपनी ऐसी कहानी जिस कहानी में वो स्वयं के सिद्धांतों की भी पग पग में हत्या कर रहे हैं पग पग वो कहानी चिपका कर चले गए हैं और अब वहां पर अपनी बंदी छूटने की प्रार्थना कर रहे हैं और वो बंदी पता नहीं कब छूटेगी कुछ लोग कह रहे हैं कि अभी छूटने वाली है छूट जाए भाई उन्हीं से बात हो जाएगी डायरेक्ट क्योंकि इनके तो किसी भी व्यक्ति को अगर

00:59:13:13 चित्त कर भी देंगे तो फिर इनके मन में रह जाएगा हमारे उनको करो तब देखें है ये लो बड़े आसानी से जो धर्म गुरु है जो हमारे मुनि उनको नकली कह देते हैं किस बेस पर कहते होंगे अभी तक समझ में नहीं आया मेरे आज तक समझ में नहीं आया देखिए सावन के अंधे को सब हरा हरा दिखाई देता है यह उनके जेल धाम प्रवास से जस्ट पहले अंधे हुए लोग है तो उस समय इनके कानों में जो बात पड़ी है वही इनके लिए बस हरा हर है सब वही अच्छा एक एक जो जब मैं लाइव में गया था तो एक बात आई वहां पर कि उन्होंने मैं उन्होंने कुछ बात कही तो मैंने कहा कि प्रमाण दिखाइए बिना प्रमाण के कुछ नहीं होता है ऐसे बोल देने से अगर सब कुछ सही हो जाता तो जो जेल में है एक बार बोल देते व बाहर आ जाते तो इतने में वो क्रोधित हो गए कि उनके बारे में कुछ मत बोलिए ये सो कहने लगे मेरे से तो मैंने कहा कि जब आपके गुरु हमारे यह देख लो भैया विष्णु सहस्त्र नाम पुरुषोत्तम दिखाओ भैया बड़ी स्क्रीन कर दो जरा केशव

01:00:30:19 पुरुषोत्तम लिया हमारे पास इतने प्रमाण है ना इतने किय जो है सामना अगर हो तो रोने ही लग जाए कहो बस करो ऐसे कहने लगे मुक्ता नाम पर गति ठीक है परमात्मा लो

01:01:04:20 परमात्मा और जो परम गति है जिस परम गति की बात कर रहे हो परम गति में जाने की बात होती है भगवत गीता में

⬜ Not used yet · 01:01:12:09 – 01:11:38:00 (10:26)

01:01:12:09 वह परम गति मुक्ता नाम परमा गति आप बोलिए बात पर नहीं मैं बोल रहा कि व पर मैंने कोई सत्य बात कह रही थी मैंने उनसे बोला कि क्या मैंने कोई गलत बात कही कि वो क्या जेल में नहीं है मैंने कोई मैंने तो कोई असत्य नहीं बोला पर वो जब दूसरों को वो बोलते हैं कि है पाखंडी है क्या बोले इस बारे में वो वो बोल उनके बारे में कुछ मत बोलिए बोल रहे हैं मैंने बोला कि जब आपके गुरु हमारे ऋषि मुनि हमारे धर्म गुरु हमारे देवताओ के बारे में कौन है कोई आया है पथराज जी बताइए

01:02:01:27 हेलो हां बोलिए आप एक बार आए थे यहां पर जिज्ञासु बन कर के उसके बाद फिर आपने जो है वहां जाकर के बताया व आप आर्य समाजी है फिर आपका जो वो कटिंग निकाली गई फिर वो कटिंग करके शॉर्ट बनाया गया वही है ना नहीं उससे मेरा क्या संबध उन्होने आपकी स्ट्रीम देखी उनको बनके आए थे ना तो आप समाजी नहीं है नहीं मैं जिज्ञासु हूं मैं पढ़ता हूं सत्यार्थ प्रकाश की सत्यार्थ प्रकाश की सौगंध खाइए जिज्ञासु है आर्य समाज को मानने वाले नहीं है हम ये रही मेरे सामने य सतार प्रकाश हांकी सौगं खाते बोलता हूं कि मैं आर्य समाजी नहीं हूं आर्य समाजी विचारधारा को मैं नहीं जानता मैं अभी भी जिज्ञासा जानते नहीं जानते नहीं जानता मतलब मैं अभी भी आर्य समाजी नहीं हूं मैं सत्य के संन में ह होने का मतलब क्या है व आप बताइए ना आप पूछ रहे हैं मुझसे आरस जीी संगठन से नहीं जुड़ा मैं ना ही मैं संगठन से जुड़ने की बात नहीं है उनके सिद्धांतों को एक्सेप्ट किया है कि नहीं किया है थोरा किया है थोड़ा नहीं किया कितना किया है कितना क्या परसेंटेज तो नहीं ना मा पाया मैंने

01:03:17:09 अभी आपने यहां आकर के जो यह बोला कि मैं जो है जिज्ञासु हूं मैं आर समाज को मानने वाला नहीं हूं यह बात आपकी गलत नहीं है झूठ नहीं है बिल्कुल नहीं है तो आप क्या है मैं जिज्ञास आपने बोला ना मैं जिज्ञासु बन केया था हा तो मतलब जो आप सत्यार्थ प्रकाश के सभी सिद्धांतों को एक्सेप्ट नहीं करते कुछ कुछ सिद्धांतों को एक्सेप्ट करते हैं कुछ में मेरी समीक्षा है कुछ में मेरे प्रश्न है वो मैं आरमा से क्लियर कर प्रश्न है नहीं विरोध जो आप मानते ना हो जो मुझे समझ उसका विरोध कैसे करू मुझे कुछ समझ आएगा मैं अगर विरोधाभास तब आएगा ना जब मैं समझ आ जाऊगा मैं कह रहा हूं ना ही मैं आ जी हूं ना ही मैं उनके सिद्धांत को पूर्णता मानता हूं मैं थोड़ा बहुत मानता हूं थोड़ा बहुत नहीं मानता कुछ जो मुझे नहीं समझता मैं व नहीं मानता क्या नहीं समझ में आया जो आप नहीं मानते वो मैं आपको क्यों बता आप अती है आप तो क जी के आपको अपनी बात को यथावत रखना होगा ना आपको अपनी बात को यथावत रखने में शर्म आती है क्या इनको जोड़ो

01:04:32:12 जोड़ो इनको जोड़ो आप नीचे क्यों कर रहे हो मैंने नहीं किया वो ऑपरेटर है जब कोई गलत बात होने लगती है कर दिया जाता इनको जोड़ो एक मिनट अपनी जो यथार्थ स्थिति है वो इनको बताने में शर्म आती है यह तभी अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए आगे आ सकते हैं जब य अपनी स्थिति को ना बताए मैं कौन हूं है ना झूठ बोलकर ही अपने सिद्धांतों की रक्षा कर सकते

01:05:15:08 हैं ब तो थोड़ा बहुत बोल रहा पढ़ाई कादा उठ आना क्यों पड़ता है पता पता है आपको क्यों आना पड़ता है स्थिति त इ इस स्थिति तक आना इसलिए पड़ता है क्योंकि हम यहां से जब ऐसे सिद्धांत देते हैं ना तो इनकी बिल्कुल आत्मा कचोट जाती है कि क्या करें कैसे जाकर कुछ उद्दंडता करें और कुछ ऐसा कर दे जिससे कि जो है कहीं से कुछ जैसे वो समथिंग इज बेटर देन नथिंग बिल्कुल

01:06:03:01 तो शिवांश जी आप थोड़ा मेरा कार्य है आप लाइव जारी रखिए मैं बाद में आता हूं ठीक हर हर महादेव जिज्ञासु बन के आते हैं फिर वो क्लिप निकाल करके अपनी बातें करते हैं और उसका बात का कुछ और ही स्वरूप बना कर के प्रस्तुत कर देते यह देखो हम वहां गए थे यह हो गया वो हो गया क्यों क्योंकि कुल मिलाकर जो मुख्य प्रश्न है उसका उत्तर नहीं है क्या आर्य समाज के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं अभी हम कल एक लाइव करेंगे इस बारे में संडे के दिन संदीप जी आप अपना चेहरा दिखाए

01:07:01:12 संदीप जी अपना चेहरा दिखाएंगे तो चलिए ठीक है फिर आज हमने काफी रोचक बातें जानी फिर हम किसी दिन जुड़ेंगे लाइव और इससे आगे की चर्चाएं होंगी और कल हम आएंगे जो आर्य समाज के संबंध में एक विस्तृत एक लाइव लेकर के आएंगे आप लोग उससे जुड़िए और हम लोग एक अपना चैनल भी अ स्टार्ट करने वाले हैं बैकअप के लिए भी है वह चैनल

01:07:45:13 और वह चैनल बैकअप के लिए भी है और साथ ही साथ अ कुछ ऐसी चीजें जो हम यहां नहीं डालते तो उनको वहां डालेंगे चैनल का लिंक जो है डिस्क्रिप्शन में दे दिया जाएगा हां

01:08:17:01 हम तो इसके अलावा अगर कोई अगर आना चाहता है तो वह आ सकता है आप मुर्गन जी स्थिति ठीक करके आइए तब आपसे बात करेंगे अगर जिज्ञासु है तो आप क्लासेस में आइए ठीक है क्यों झूठ बोलना पड़ रहा है भाई आपको जिज्ञासु है तो आपको फिर सभी के पक्षों को सुनना समझना है सभी की बुक्स रखनी है पढ़नी है आर समाजी की हालत ये है कि वह अपने आप को आर समाजी बताने में शर्माता है अंकुर आर्य का वीडियो देख लीजिए वो एक जगह बोल रहा है मैं आर समाजी नहीं हूं जो इनका जो एक बहुत बड़ा ब्रांड एंबेसडर बन के चल रहा है आजकल विज्ञान दर्शन वो वो बोल रहा है मैं आर्य समाजी नहीं हूं आर्य समाजी कोई है नहीं और सब आर्य समाजी है तो यह स्थिति है इनके सिद्धांत की कि वह इतना कमजोर है कि खुल करके व्यक्ति कोय बताने में दिक्कत आ रही है कि मैं आर समाज का हूं और कितनी शर्म की बात है इससे और कितना नीचे गिरोगे

01:09:26:13 भाई यह लिंक दिया जा रहा है रामपाल एंड कंपनी का कोई व्यक्ति है जो रामपाल को तत्वदर्शी कबीर को भगवान और गीता ज्ञान दाता को श्री कृष्ण से अलग बता दे आकर के तो आप पढ़ सकते हैं विवेक चूड़ामणि पढ़ सकते हैं और यदि वाकई में आप जिज्ञासु हैं तो आप क्लासेस जवाइन करिए वहां आइए आप वैसे आप जिज्ञासु नहीं है य आप स्क्रीन टाइम के लिए आए थे और उसके बाद फिर आपके बारे में बातें भी हुई थी कि हमारा एक व्यक्ति वहां गया था यह वो और उसने सवाल पूछा हटा

01:10:20:10 दिया पर जो आपको शुरुआत करनी है अध्ययन की तो आप गीता ज्ञानेश्वरी गीता रामचरित मानस और दास बोध छत्रपति शिवाजी ल के गुरु जी है जो ये तीन प्रमुख और फिर साथ में गर्व से कहे हम हिंदू हैं और पांचवी है भक्ति सुदा ये कोर्स मान लीजिए इसको सनातन धर्म का कमप हम और भी बहुत सारी चीजें है जो हम लोगों को जानने मिलेंगी ठीक है फिर हम और किसी दिन आते हैं किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के लिए आप

01:11:04:01 लोग संपर्क कर सकते हैं व कर सकते हैं 7483 ठीक है सभी को जय श्री राम [संगीत]

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 1:11:46 · 01 Dec 2024

रामपाल के कबीर से मोक्ष नहीं #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj #kabir

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A · Live रामपाल का झूठा satlok #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj
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