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00:00:03:08 सभी को जय श्री राम जैसा कि आप जानते हैं हम पिछले कई दिनों से लगातार जो रामपाल दास जी के द्वारा फैलाई जा रही जो सो कॉल्ड धर्म की व्याख्या है धर्म ब्रम की व्याख्या उस पर अलग-अलग दृष्टिकोण से प्रकाश डालने का प्रयास कर रहे हैं कि जो लोग थोड़ा भी जिनमें कॉमन सेंस है और जो थोड़ा भी सकारात्मकता से देखने का प्रयास करते हैं चीजों को तो उनको समझ में आएंगी अवश्य रूप से य सब बातें उस पर हम प्रकाश डाल रहे हैं और जैसे कल एक भाई साहब जो पहले आए थे हालांकि सत्य तक पहुंचने के लिए मेहनत करनी पड़ती है मगर फिर भी वो घुमा नहीं रहे थे उतना ज्यादा बातों को और अंततोगत्वा उन्होंने कुछ चीजों को कुछ तत्वों को स्वीकार भी किया था सबसे पहले जुड़े थे

00:01:19:00 जो व्यक्ति कल आने वाले थे जय श्री राम हर जी जो सज्जन कल आने वाले थे जिनका फोटो लगा हुआ था थंबनेल में वह दुर्भाग्यवश किसी कारण से जुड़ नहीं पाए और ना जुड़ पाने के कारण उनको शायद असहज लगा और पता नहीं क्या-क्या आया उनके दिमाग में तो उन्होंने काफी तैयारी की थी ऐसा मुझे बताया गया उनके द्वारा जब वोह कल नहीं जुड़ पाए तो आज उनसे सुबह फिर से बात हुई तो उन्होंने कहा कि भाई कोई साधना चैनल है उसका हम प्लॉट अरेंज कर लेते हैं आप उस पर आ जाइए साधना चैनल प तो हमने क यदि साधना चैनल व आप लोगों का नहीं है तो हम अवश्य रूप से आ जाएंगे क्योंकि मेरे ख्याल से इन लोगों ने अपना भी एक साधना चैनल बना

00:02:22:06 लिया अभी एक मैंने सज्जन का मैसेज देखा यहां पर आते ही कि देखा रामपाल की ताकत शिवांश भाग गया भाई हम लोगों के रक्त में कुछ दूसरी चीजें बहती है आप सिर्फ पाखंड दिखाते हैं गीता को मानने का हमारे रक्त में बहती है गीता भगवत गीता आपका केवल पाखंड है आपके लिए तो प्रमाण है नहीं वो प्रमाण आपका कबीर सागर है वो भी कितना है कितना नहीं है वो बात की बात है तो

00:03:03:16 हम मर सकते हैं हार नहीं सकते भाग नहीं सकते है ना ठीक है तो आप आइए यदि आप भगोड़े नहीं है तो आइए सामने कुछ बातें करें कुछ तथ करें त पर बात कर सैद्धांतिक चर्चा करते ही नहीं जितन से भी सिद्धांति चर्चा हमने छेड़ी है भले ही वो आर्य समाज भले ही वो इकन भले ही वो ये रामपाल वाले सब लोग अपना अपना बैठ कर के अपना अपना एक रूम बनाया उसमें अकेले में सामने नहीं जाना भैया शिवांश से डर लगता है आवान से डर लगता है सामने नहीं जाना है अकेले अपना एक रूम देखले कुंडी लगी है नहीं कुंडी लगी है कि नहीं कुंडी देख के कुंडी लगी है कि नहीं कुंडी लगने के बाद हम लोग अपना बनाएंगे और बोलेंगे बढ़िया और जनता जो है ताली ठोके गी वाह वाह वाह वाह वाह जनता ली ताली ठोके गी अर्ज किया है वाह वाह वा वा अमा शुरू तो करने दो वो वाला हाल है आर्य समाज यों से हमने बात की उन्होंने आज तक ना तो अपनी परंपरा प्रस्तुत की अंततोगत्वा इस पर आ गए कि हमें पर परमेश्वर से डायरेक्ट

00:04:18:27 ज्ञान मिला है इसकन वालों से बात की अल्लाह और कृष्ण समान तो शिव और कृष्ण में भेद क्यों वैष्णवास्त्र तो प्योर वैष्णव बनो राघवाचार्य जी को सुनो कहां करते अल्लाह और कृष्ण अच्छा और रामपाल वालों कि से बात की तो ना तो ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध करने के विषय में सिद्ध अगर ईश्वर को वैसा मान ले जैसा हम बता रहे तो उससे होने वाली जो हानि अपने हिसाब से ही सब कल्पित कर लिया मना कल्पित तरीके से सब आरोप कि भाई ऐसा ईश्वर है वैसा ईश्वर है ऐसा ईश्वर कहेंगे तो वह नास्तिक हो

00:05:14:20 जाएंगे अब इस पर आ गए हम कुंडी वाले नहीं है तो भाई जितना आपकी वह है ओड़ने वाली चादर उतने पैर पसार ना भाई फ बड़ी बड़ी बड़ी डी क्यों ते हो फर है ना नहीं हानी चाहिए तो अब जैसे आर समाजी से हमने बात की आपकी परंपरा क्या है कैसे आए वेदा आदि शास्त्र आप तक कोई उत्तर नहीं अंत तो परमेश्वर ने दिया वो बात और है कि बजान जी से ज्ञान लिया दो साल यह हुआ वो हुआ वो बात और है कि आप स्वयं भी अभी तक कहते रहे कि हमारी परंपरा ब्रह्मा से चलती है अब डायरेक्ट ज्ञान दे गए वो तो इस बारे में कोई चर्चा नहीं होगी इसकी परंपरा क्या है किसका ईश्वर सर्वशक्तिमान है नहीं है इस बारे में कोई शिवांश जी की संस्था का रजिस्ट्रेशन नंबर क्या है बताएंगे भैया हमारा रजिस्ट्रेशन नंबर जिनको मालूम होना चाहिए मालूम है और ऐसा कोई ना तो सनातन सिद्धांत है और ना ही कानून है कि अगर हम

00:06:29:24 चला रहे तो उस पर लिख करके बैठे अगर हम कोई भी कभी भी कहीं पर भी कोई बात कर रहे तो वहां पर रजिस्ट्रेशन नंबर हो पैन कार्ड नंबर हो जहां आवश्यक होगा दिखाएंगे आप अपना अस्तित्व सिद्ध नहीं कर पा रहे हैं ऋषि उवाच नाम से पहले प्रोपेगेंडा फैलाते हैं उसके बाद शंकराचार्य के मठ में जाकर के माथा पीटते हैं लिखित में क्षमा याचना करते हैं उसके बाद फिर आ कर के उनको फिर अभद्र भाषा शैली का उपयोग करते हैं उनके लिए अपना नाम बदल लेते हैं आपका वास्तविक नाम क्या है पब्लिक को नहीं पता है और आप लोगों से उनकी वास्तविकता पूछ रहे हैं तो आपका कोई अस्तित्व ही नहीं है जो आप ये बोल रहे हो कि भा यह दिखाओ वो दिखाओ भाई कोई आएगा ठीक ठाक व्यक्ति तो दिखाएंगे हम आपके प्रति कोई उत्तरदाई नहीं है कि आप हमसे कुछ भी पूछते रहे हम आपको बताते रहे आप सिद्ध करिए अपना कि आप यू हैव समथिंग यू आर समथिंग व सिद्ध करिए आप प्रूव करिए है ना बकवास बातें जब सिद्धांति सब सिद्धांत नहीं रह गए तो यही तो करेंगे

00:07:45:01 भाई जैसे क्रिश्चन मिशनरीज होती हैं वो यदि अपना काम कर रही होती है कि भाई हमें जो है धर्म प्रवर्तन कराना ये कराना कोई व्यक्ति उनके रास्ते का कांटा बनने लगता है तो जब उनके पास सामने से चीजें नहीं होती है कुछ करने के लिए तो क्या करते हैं ये आक्षेप लगा दो वो आक्षेप लगा दो इसमें फसा दो वो फसा दो वही तो कर रहे हैं यही चेहरा तो सामने लाना है सनातन का चोला ओड़कर क्रिश्चन जैसे काम करने वाले कौन लोग हैं यही सामने लाना है तो जिनको मालू होना चाहिए उनको मालूम है और आपके कहे पर हम उसको प्रदर्शित नहीं करेंगे हमें जहां पर प्रदर्शित करना होगा जहां के लिए उत्तरदाई है हम प्रदर्शित करने के लिए वहां करेंगे ठीक है और इसके लिए वचन है हमारा चाहे जो हो जाए करते रहो कोशिश आप अपने आप को सिद्ध करिए कि हमें आपके समक्ष वो रखना अनिवार्य है

00:09:00:07 अगर हमने आपके समक्ष रख दिया चलिए मान लेते हैं तो आपका जोय कथन है कि वोह सबको मालूम होना चाहिए सार्वजनिक होना चाहिए तो क्या संसार के प्रत्येक मनुष्य को मालूम पड़ जाएगा अगर हमने अपने यटू चैनल पर दिखा भी दिया उसको हमने आपको बता दिया नहीं पड़ेगा ना तो वो बात तो तब भी लागू होती सबको नहीं मालूम है इसका अर्थ यह है कि जिसको मालूम होना चाहिए उसको मालूम होना चाहिए आपको मालूम हो या ना हो डजन मैटर यू आर नथिंग टू मी है ना और आप तो अपनी संस्था के लिए कुछ नहीं है मेरे लिए क्या होंगे यह भाई साहब आने वाले थे अब ये देखिए धर्मा आचरण इनका कहते हैं कि जो कबीर पंथ है उसको फॉलो करने वाले लोगों में सात्विकता होती है यह नशा यह सब छोड़ देते हैं मगर आचरण में तो नहीं दिखता है इनकी भाषा देखिए कैसी है दिखाइए

00:10:04:20 भैया भाषा दिखाइए इनकी क्या लिखते हैं ये यही सिखाया है कबीर ने कबीर ने इनको क्या सिखाया वोह देखिए रामपाल दास जी ने जेल धाम से क्या सिखाया है ये इनका व नंबर मत शो करो भले हो सके तो नंबर रहने दो यह हमको जब इनका बस नहीं चला और शायद वैसे इनसे बात हो हो गई थी कि साधना चैनल पर आएंगे पर शायद साधना चैनल का इनका मामला बैठ नहीं होगा तो जब य विवश हो गए और इन्होंने हमारी चीजें देखी तो फिर ये हमको गाली गलोज वाली भाषा में मैसेज कर रहे हैं और गाली गलो लिख किसके लिए रहे हैं भगवत पाद आदि शंकराचार्य भगवान के लिए हमने आज तक कभी रामपाल दास जी को गालियां दी नहीं

00:11:12:02 दी तो यह इनकी चैट है जिसमें यह अभद्र आचरण अपना प्रस्तुत कर रहे हैं वही तथाकथित जो गीता को मानने के पाखंड द्वारा एकत्रित कि और रामपाल दास जी को प्रामाणिक मान्य के रूप में एकत्रित किया है

00:11:46:09 अच्छा ऋषि दस जी आए हैं इन्होंने फॉर्म भरा था कल ऋषि दस जी को स्टेज पर ले लेता हूं और संदीप जी भी जुड़ गए हैं जय श्री राम जी जय श्री राम जय श्री राम ऋषि दस जी आप अपना फेस दिखाए तो आपसे बात हो कैसे हो प्रभु जी बस बस कृपा है राम की जी हा ऋषि दस जी जय श्री राम अन म्यूट कर दीजिए ना

00:12:32:20 हां ऋषि दस जी कैसे हैं आप एक मिनट देख किसी का विषय से हट कर के विषय से हट कर के अनर्गल बातें करना जिन पर बात हो ही नहीं रही है उन बातों पर बात करना जैसे कल हमने जब यह सिद्ध किया कि तुलसीदास जी के ही द्वारा हनुमान जी की भक्ति भी मोक्ष दायक है तो फिर वो तुरंत उसने विषय बदला है ना उसने वहा से यह नहीं कहा यह बात तो आपने सही कही ऐसे नहीं फिर उसने विषय बदला तो विषय से हट कर के बात करने से ही सिद्ध हो जाता है कि व्यक्ति के पास अपने सिद्धांत नहीं है अब स्कोन वाले क्या कर रहे हैं कि शिवांश नारायण द्विवेदी पहले ऐसे रहता था भाई मेरे शट देखो ना जाकर मैं पहले कैसा दिखता था कैसा जीवन था वो सब आपको दिखेगा मैंने डाला है अपने अपने जीवन को डाला है कि मैं कैसे बना ऐसा भैया वो यह बातें नहीं कर रहे एक मिनट मैं आपको लूंगा रशी जी वो जो लोग है रामपाल गैंग और ये इकन वाले इकोन का जो ग्रुप है रामपाल दास

00:13:47:22 जी का ग्रुप है और आर समाज का ग्रुप है सैद्धांतिक बातें नहीं है वो यह नहीं बता रहे चैनल पर कि शरीर शाश्वत है वो नीचे आ रहा है तो उसको सर्वशक्तिमान कैसे सिद्ध कर इस पर बात नहीं कर रहे वो इस पर बात कर रहे हैं कि वह यह कर रहा है उसकी संस्था का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं है व पहले ऐसा दिखता था वो वहां गया तो उसकी बातें हुई उसके साथ यह हुआ यह सब बातें कर रहे वह अपने को प्रूव नहीं कर रहे भाई यह सब बातें करने से ज्यादा से ज्यादा आप क्या कर लेंगे मुझे गलत ही तो सिद्ध कर लेंगे मेरे गलत होने से आप सही सिद्ध हो जाएंगे

00:14:30:15 अपने को सही सिद्ध करो ना भाई आर्य समाज से पूछा ईश्वर को अवाद सिद्ध करो तो वो बता रहा है शंकराचार्य ने भी यह किया है शंकराचार्य से पढ़ाई किसने इन्होने अरे भाई शंकराचार्य ने क्या किया क्या नहीं किया तुम अपने ईश्वर को अबाध लिमिटलेस सिद्ध करो लिमिट नहीं होनी चाहिए उसकी कोई रामपाल दास के फॉलोअर से पूछा तुम अपने ईश्वर को अवाद सिद्ध करो लिमिटलेस सिद्ध कर दो अपने ईश्वर को लिमिटलेस लिमिट नहीं होनी चाहिए सब बातें करेंगे घुमा कर के इधर की उधर की मगर ईश्वर आज तो एक बहुत अच्छी बात बताता हूं और इसी प्रकार से इसकन वाले व लिमिट पर बात नहीं करेंगे ईश्वर सर्वशक्तिमान परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म पर बात ही नहीं होगी अब यह बता रहे हैं कि जो परमेश्वर ने जो ज्ञान दिया है आर समाज को वो डायरेक्ट दिया य ये 100 स साल पहले अब बात यह है इनका ज्ञान यद सनातन है शाश्वत है तो भाई उस ज्ञान का अस्तित्व होना चाहिए उसके कुछ अस्व पहले का भी होना चाहिए वो तो कोई अस्तित्व है नहीं यह सारी चीज है सबका रोना

00:15:45:20 है सब अलग अलग तरीके से व्यंग बनाएंगे चेहरा बिगाड़ बिगाड़ करके व रील्स बनाएंगे सब कर लेंगे ईश्वर सर्वशक्तिमान है धर्म हमारा शाश्वत है और मोक्ष हमारा परम स्वतंत्र है इस पर बात नहीं करेंगे इससे भाग जाएंगे अच्छा आज जरा मैं एक कहां गए ऋषि दास जी

00:16:32:07 यह भाई साहब कह रहे हैं कि आपसे जब प्रमाण मांगा जाता है परमाणु मांगा जाता है परमाणु तो हम नहीं दे पाएंगे भाई मगर प्रमाण की बात जब आती है कि जब प्रमाण मांगा जाता है तो प्रमाण हम कभी देने से पीछे नहीं हटते मगर बात यह है कि प्रमाण देने के मूल में क्या है जब भी हम कोई प्रमाण प्रस्तुत करेंगे तो आप वहां से भागेंगे दूसरी चीज पर जाएंगे तो देने का फायदा क्या है कुछ भी हम प्रमाण दे दे मैं कह रहा हूं शिव पुराण में शिव जी ने कह दिया मैं परम ब्रह्म हूं हो गया प्रमाण अब इसको मानोगे नहीं मानोगे तो फायदा क्या प्रमाण प्रमाण खेलने का बात तो इसकी है ना कि सीधे तुम्हा तुमको जो उसका अर्थ है तुमने क्या माना क्या नहीं माना वह अलग हटाओ अब तो तुम दे क्या रहे हो दुनिया को वह बताओ तुम क्या दुनिया को सर्वशक्तिमान

00:17:24:25 ईश्वर दे रहे हो तुम क्या दुनिया को परम स्वतंत्र मोक्ष दे रहे तुम क्या दुनिया को सनातन धर्म दे रहे हो

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00:17:32:10 बस सिंपल दे रहे हो तो मुझे अपने साथ ले चलो कल से मैं प्रचार प्रचारक हो जाऊंगा और जानते ही हो ना जब मैं प्रचार करूंगा तो क्या होगा इतना तो मानते होगे तो वोह जो भाई साहब थे कल जो आए थे जो जिसमें हमने हनुमान जी की बातें की थी संदीप जी जो भाई साहब थे कल ऑन कर लीजिए जब तक वो नहीं आ रहे आ गए क्या अब यह बात पूरी कर ले पले जो भाई साहब थे वो जो आए थे वो अमित दास इन्होने तीन चार दिन पहले हमको लाइव स्ट्रीम में बेवकूफ कह दिया था अच्छा तो हमने जब इन्होने बेवकूफ कहा था तो इनको हमने हटा दिया था लाइव स्ट्रीम से उसके बाद इनका अगले दिन फोन आया हा उसके बाद इनका अगले दिन फोन आया जी और फोन में बोलते कि मुझे दोबारा आना है आपकी लाइफ में मैंने कहा पहले आपको हाथ जोड़ के माफी मांगनी पड़ेगी तब आ सकते बकल ठीक है बक ठीक है तो बड़ी देर तक फिर उसी फोन कॉल पर ये बात करते रहे कि यहां यह लिखा है वहा वो

00:18:47:10 लिखा है मैंने फोन कॉल पर इनको सिद्ध किया कि अगर तुम्हारे अनुसार 15 एक में जो उल्टे वृक्ष की व्याख्या बताई जा रही है हालांकि वहा को जानने वाला लिखा है और वेदों के अनुसार भगवत प्राप्ति है नहीं वेदों में इनके अनुसार पूरी बात नहीं है इनके अनुसार वेदों में पूरी बात नहीं है ठीक है तो फिर उल्टे वृक्ष की व्याख्या करने वाले को वेदों को जानने वाला कहा और वेदों को जानने वाले को यह कह रहे हैं वो तत्वदर्शी है ये ना उसके अंदर भी इनका अधूरा ज्ञान है उसम इन्होंने जैसे बोल जड़ तक का ज्ञान दिया हुआ है अब इनसे कोई पूछ ले ना कि जड़ जड़ किस बीज से हुआ तो इनको होगा उसके बाद वो बीज किस पदार्थ का बना हु या किस उस का बना वो भी नहीं पता और बीज डालने वाला कौन है सारा कुछ गीताज में लिखा हु लेकिन गीता जी को मानना नहीं है क्यों भगवा जहा इनके मंतव्य के विपरीत जाएंगी चीज वहां पर यह तुरंत काल ने बोला है या अनुवादक की गलती दो या तो काल ने बोला है या अनुवादक की गलती है अच्छा वो बात पूरी कर लू तो जब इससे फोन पर कन्वर्शन होने लगी अमित दास से तो अमित दास

00:20:02:14 ने अमित दास को मैंने फोन पर ही प्रूफ किया उसको मानना पड़ा कि हां जो फाइनल अथॉरिटी है धर्म और अधर्म का ज्ञान देने वाली वह वैराग्य होना चाहिए उसम वैराग होना प्रमाण दे दिया मैंने गीता ही मैंने कहा यह वाला पलट यह लाओ यह देखो यह सन्यास लिखा है यह वैराग्य लिखा है उसने फोन पर ही जो है उसको जो है ये हो गया अब मैंने कहा कि तो फिर आओगे फिर आप अब तक तैयार था उसके बाद क्या हुआ जब यह वैराग वगैरा समझ गया तो उसके बाद 15 मिनट के पहले बोला मैं एक मिनट अपनी अथॉरिटी से बात कर लू जरा फोन काटा 15 20 मिनट बाद मैंने इनको फोन लगाया आ रहे हो तो बोले कि नहीं नहीं हमें ऊपर से ऑर्डर आया है कि अब आप लोग उसकी स्ट्री में मत जाना कोई ज्ञानी व्यक्ति जाएगा और या फिर उनसे कहो कि हमसे डायरेक्ट संपर्क करे वो जो एक उन्होंने फोन नंबर दि भया मैंने उस पर मैसेज छोड़ रखा है अभी तक कोई रिप्लाई नहीं आया है तो ये उस उस समय तक की कहानी थी अब कल जो व्यक्ति आया वही दोबारा हमने वो भूल गए हम कि इनसे माफी मंगवानी है हम ये भूल गए स्मरण नहीं रहा तो वो व्यक्ति जब कल दोबारा आया तो पहले हमने अपनी

00:21:17:18 हनुमान जी वाली बात उससे कंफर्म करवा ली शांत हो गया उसके बाद वो कंफर्म करने की बजाय वो इस पर आ गया कि तीन गुणों की भक्ति वो भी हमने कंफर्म की हमने कंफर्म की मगर चैप्टर कैसे बदल नहीं नहीं वो हम बात करेंगे वो है आज का मुद्दा है वो वो हम बात करेंगे उस मगर उसने चालाकी क्या की कि मैं इसको एक्सेप्ट ना करूं अपनी जो बात यहां छोटी हो रही है और तुरंत मैं ऐसा चैप्टर खोल दू जिस पर इनका ध्यान चला जाए हम लोग वहां भी गए वहां भी उसको बोला उसके बाद जब उसने वहां हमें बिजी कर लिया उसके बाद बात सुननी नहीं है उसको हटाना पड़ा अब वो व्यक्ति सुबह फोन करके कहता है पता है क्या अब वो व्यक्ति ये कहता है मैं आपकी स्ट्रीम में दोबारा आऊंगा मैंने कहा ठीक है माफी मांगनी पड़ेगी वो बोला माफी तो मैं मांगूंगा मगर हम ईश्वर पर बात नहीं करेंगे किस पे करेंगे ईश्वर पे हमारी बात ईश्वर पर नहीं होगी मतलब अब तक यह इतना हमने कर दिया है कि ईश्वर पर बात करने लायक रामपाल दास को फॉलो करने वाला व्यक्ति नहीं बचा नहीं बचा तो फिर बाकी रहे क्या फिर हमके रह क्या जब ईश्वर नहीं है तो धर्म कहां से बचा

00:22:32:21 मैंने कहा भाई ईश्वर के बिना धर्म का अस्तित्व ही नहीं है जो हम लोग इतनी डिस्कशन कर रहे हैं लिए कर रहे हैं ये भी तो बात है ना आप नया ईश्वर लेके आए हो जो ब्रह्मा विष्णु महेश को मंदिरों में पूजा जा रहा है वो आपके हिसाब से गलत है आप एक नया ईश्वर लेके आए हो अब आप कह रहे हो मैं ईश्वर पर बात नहीं करूंगा मैं इस पर बात करूंगा चूड़ी बछिया कंगन बिंदी इन पर बात करूंगा हालांकि हम उसमें भी चित्त करेंगे ऐसा नहीं करर मगर य टॉपिक बदले क्यों चलिए इनको लेते हैं ऋषि ऋषि जी तो नहीं

00:23:17:06 आ वाली बात इनके सामने करेंगे आ गए वो अमित दास जो है जिनकी बात हो रही मूट कर तो यह ऋषि दास जी तो चले गए फिलहाल अमित दास जी दोबारा आ गए बैक इन एक्शन जी हा अमित दास जी मा जय श्री राम भाई कैसे हो जय श्री राम जय श्री राम संदीप

00:23:50:15 जीवांश भाई से उस बात के लिए क्षमा मांगता हूं जिस शब्द से शिवांश भाई को कष्ट हुआ नहीं जिस शब्द से नहीं आपने कुछ गलत कहा था अपनी गलती को एक्सेप्ट करिए मुझे तो आप ये भी कह सकते हो भाई उसको बुरा लग गया हो तो सॉरी वो नहीं आप अपनी गलती एक्से करिए आप ही को मैं कह रहा हूं जिस दिन मैंने आपसे आपको नहीं पता है क्या आपने क्या कहा था आप य कए मैंने गलत शब्द बोले थे उसके लिए सॉरी

00:24:29:00 शुरुआत में जो हमारी वार्ता हो रही थी तब आपने मुझे स्टीम से आप आप अब स्टेज पर नहीं है आपने क्षमा नहीं मांगी आने के बाद दूसरी बातें की आप जा सकते हैं राम शरण राम जी शरण राम जी शरण स्मार्थ जी शिवाजी गिरी एक मिनट राम जी मैं आपसे बात करता हूं शिवाजी गिरी बताए जय श्री राम अन म्यूट कर दीजिए इनको अब आप जाइए अमित जी अब आपसे बात नहीं होगी आपने आकर के क्षमा मांगने की बजाय बातों को फिर उलझाना शुरू

00:25:25:22 किया जी श शिवजी गिरी जी ये अन म्यूट कर दिया बोलिए शिवजी शिवाजी आवाज नहीं आ रही आप अन म्यूट कर लीजिए अपना अपना अन म्यूट कर र अन म्यूट आपने म्यूट कर रखा है अपने को हा अभी हुआ था हा सर मुझे एक बात जाननी है आपका परिचय बताइए पहले जय श्री राम राम

00:26:02:25 बोलिए तो मुझे र अध्याय आप अपना परिचय बता रहे थे परिचय मैं शिवाजी गिरी हूं आगे बताइए अध्यात्मिक बैकग्राउंड क्या है आपका मैं तो बचपन से ओम का जाप करता हूं आप रामपाल दास जी के पक्ष को यहां रखने आए हैं या नहीं नहीं नहीं पले नहीं था अभी छ महीने से मैं जुड़ा ह वहां प इसलिए आपको बात करनी थोड़ी सी नहीं है तो अगर आपको कोई जानकारी लेनी है तो आप क्लासेस में आइए अगर आपको यहां हमारी किसी बात को गलत ठहराना है तो वो गलत बात बोली हमने जो बोली है बस मैं आपको गलत कहां से बोल रहा हूं अ आपको आप क्लास में आइएगा हमने क्लास के लिए नंबर दे रखा है वहां आइएगा प्रश्न पूछने के लिए वहा आइए मैं रामपाल जी का रामपाल जी महाराज का भक्त हूं लेकिन मुझे एक बताइए आप मुझे थोड़ा सा नहीं क्या रामपाल रामपाल जी के आप अगर भक्त है तो रामपाल दास जी ने लिखा है कि भाई गीता में पा पर ज्ञान काल का है यह मानते हैं आप 5 पर तो नहीं सुना दो पर सुना दो पर ज्ञान गंगा पढ़ी

00:27:18:03 है आपने हा पढ़ी नान पढी है हा तो सुनिए तो मेरी बात मैं आपसे क्या बात करना चाह सुनि मेरी बात आपने गीता तेरा ज्ञान अमृत पढ़ी है क्या अरे भाई साहब मेरी बात तो सुनी आप मैं क्या बात करने चाता आपसे हम बात ही करने तो बैठे हैं आप कह रहे हैं कि मैं रामपाल का भक्त हूं अब मैं आपसे पूछ रहा हूं यदि आप रामपाल के भक्त है तो क्या आप मानते हैं कि गीता का 5 पर ज्ञान काल ने दिया है गलत है का उसने उसम अंदर बात हो गए ना कि मैं काल हूं ये बात हो ग पढ़ा मैंने गीता पहले कभी नहीं पढ़ा था हमने लेकिन अभी प पढ़ा ता गीता मानते हैं मैंने वेद पढ़े गीता प गीता में 700 लोक है गीता में 700 लोक है 700 5 पर यानी बात एक मिनट बहुत छोटी सी बात है यानी कि गीता में आपके हिसाब से 35 जो मंत्र 35 श्लोक है वो गलत है बाकी के 665 जो

00:28:33:03 श्लोक है वो सही है गीता बाद में आई वेद पहले है मुझे वेद का जानकारी वेद का वेद का आपको जानना है यजुर्वेद का यजुर्वेद का जानना है शलोक को मानते हैं हा मानता वेद गीता सब सही है पूरा मानते थोड़ा थोड़ा मानते हैं अभी देखो जो श्लोक है तो सही है श्लोक सही है सारे लेकिन अनुवाद थोड़ा सा गलत हो गया है अनुवाद गलत हो गया है अच्छा थोड़ा थोड़ा क हो गया तो आपको कैसे पता चलेगा कि अनुवाद किसका सही है आपने संस्कृत पढ़ी है क्या संस्कृत तो नहीं पढ़ी लेकिन मैंने मतलब संस्कृत मतलब ये करने के लिए बुक आता है ना उससे मैंने मेल किया है तो थोड़ा सा एक का मेल किया है क्या किसका दो एक का मेल किया है क्या रे का मुझे बताना पहले उतना नहीं ऋगवेद का भा हम आपसे यजुर्वेद की बात तब करें जब यह समझ ले कि आप वेदों को मानते हैं पूरा की नहीं मानते हैं मानते हा अब

00:29:48:09 मैं आपसे पूछ रहा हूं की कल एक भाई साहब आए थे वो यह बोल रहे थे कि हम गीता और वेद को आपसे आपसे ो ज्यादा नॉलेजेबल थे वो नॉलेज थी उनके पास रामपाल दास जी की ओर से उन्होंने बोला कि हम गीता और वेद को पूरा का पूरा प्रमाण नहीं मानते हैं हम प्रमाण मानते हैं कबीर सागर को और जितनी बातें कबीर सागर से मैच खाती है उतनी बातें हम वेद की मानते हैं देखिए अभी गीता में गीता में या तो आप सही कह रहे हो सुनिए या तो आप सही कह रहे हो गीता में एक ही मंत्र बोला है ओ मंत्र है खाली गीता में ओ मंत्र जाप करने को बोला है और वेद में भी एक ही मंत्र है ओम का जाप करने के लिए बोला है भाई साब देखिए देखिए भाई साहब देखिए जो मैं जो कह रहा हूं उसको समझने का प्रयास करिए वेद में लिखी हुई हर बात आपके लिए प्रमाण है कि नहीं है यह बताइए हर बात वेद में ऋग्वेद में लिखा है कवि का मतलब क्या मानते हैं आप कवि कबीर देव लिखा

00:31:03:09 है लेकिन उसके अंदर ये हो गया कवि किया उन्होने नहीं क्या कवि का मतलब परमात्मा है ना हा परमात्मा है कवि परमात्मा बराबर है कबीर का मतलब परमात्मा और आपके लिए परमात्मा है आपका जो कबीर दास है देखो संस्कृत अलग है संस्कृत आपने अरे भैया मैं आपके हिसाब से ही बात कर रहा हूं मैं आपकी जो संस्कृत आप स्कार होगे वही बात कर रहा हूं अभी मैं बदल नहीं रहा तो कवि का अर्थ है कवि का अर्थ है परमात्मा और आपके लिए वो परमात्मा है कबीर ठीक है कबी कबीर देव वेदों में वेदों में कबीर देव क कबीर देव भी है और कवि भी है कबीर देव भी है और कवि भी है हा ठीक है तो कवि का अर्थ परमात्मा है कि नहीं ये पूछ रहा हूं हां है ना हां जो कविता में तो सुन लो सुन लो सुन लो वहां पर लिखा है ऋग्वेद में दूसरे मंडल के 23 में सूक्त के पहले मंत्र में लिखा है कवियों का कवि यानी कि कभी एक नहीं है संसार में बहुत है यानी आप

00:32:18:15 जो परमा सुन लो सुन लो सुन लो जिसको आप परमात्मा कहते हैं वो परमात्मा एक नहीं है बहुत सारे हैं आपके वाले और परमात्मा का परमात्मा लिखा हुआ है गणपति नहीं गणपति को कैसे करेंगे हम परमात्मा अरे भाई वेद में लिखा है वेद को मानोगे कि नहीं वो कैसे करोगे बाद की बात है वेद में लिखा है मानोगे कि नहीं यजुर्वेद अध्याय 4 शलोक 17 में आप मैं पूछ रहा हूं वेद में लिखा है कवियों का कवि गणपति है मानोगे कि नहीं कवि का कवि पूर्ण परमात्मा लिखा है वहां पे कवि का मतलब तुमने क्या बताया क्या है अरे अलग अलग लिखा कवि और कबीर देव वा यानी कि यानी कि कहीं प कवि का अर्थ कुछ और है और कहीं पर कवि का अर्थ परमात्मा है कबीर देव और कवि का अर्थ अलग है कवि ने आपसे पूछा कवि का अर्थ परमात्मा है कि नहीं आपने बोला हां है कवि कवि कवि कवि जो आपने अभी बोला है भाई साहब झूठ का झूठ का खेल यहां ना खेले हम आपको हटाएंगे झूठ बोलोगे हटाएंगे आप अपने गुरुदेव की कसम खाके कहिए आप

00:33:33:19 सौगं खाइए रामपाल दास जी की कि आपने नहीं बोला कि कवि का अर्थ परमात्मा है चलो कवि के आगे देव लिखा रहेगा क मैंने आपसे अलग से पूछा कबीर देव अलग और कवि और सुनो तुम्हारी आपकी किताबों में कवि का अर्थ भी परमात्मा ही लिखा है दिखाऊ ज्ञान गंगा से मुझे युद का अर्थ पता है ना उना यु मैं बताऊंगा मैं बताऊंगा यजुर्वेद का अर्थ में बताऊंगा पहले आप यह प्रूव करिए कि आप वेद को पूरा मानते हैं आप पूरा मानते हैं ना हम क्यों नहीं मानेंगे पूते तो मैं आपको बता रहा हूं दूसरा मंडल दूसरा मंडल 2 मंत्रवा सूक्त और पहला मंत्र कवियों का कवि है गणपति इसको मानते हो कि नहीं कवि के आगे देव लिखा है क्या नहीं लिखा है अभी तुमने बोला था कि कवि का अर्थ भी परमात्मा है लेकिन वहां पर नहीं लिखा ना देव नहीं लिखा है ना यानी कि कवि का अर्थ परमात्मा नहीं है हर जगह अरे भाई साहब य वाल अलग बात अलग कर रहे वहां पे कौन सा अलग बात है मुझे बताओ ना कवि का अर्थ क्या है कबीर देव अलग है और कवि अलग है

00:34:49:07 अच्छा केवल जहां पर कबीर देव आएगा वहां पर परमात्मा है जहां कभ आएगा वहां पर परमात्मा नहीं है सु बात जैसे यु का यजुर्वेद का यज किया है उन्होने मैं आपसे जो पूछ रहा हूं मैं आपकी ये सब चीज जानता हूं भाई साहब कोई नई बातें नहीं कर रहे हो आप मेरे सामने आपकी ये सब चीज जानता हूं सु सुनिए मेरी बात सुनिए मैं मैं आपसे पूछ रहा हूं मैं आपसे यह पूछ रहा हूं भाई साहब कि जो कबीर देव है केवल उसी का अर्थ परमात्मा है कवि का अर्थ परमात्मा नहीं है कहां के शॉर्टकट में लिखा उन्होंने लिखा है जिसका उधर सा मैंने आपसे पूछा केवल कबीर देव का अर्थ परमात्मा है कवि का अर्थ परमात्मा नहीं है बोलो कवि का अर्थ भी परमात्मा होता है होता है अगर कवि का अगर कवि का अर्थ परमात्मा है तो वहा खता है कवियों का कवि है गणपति कबीर कबीर और कबीर देव रहेगा तो कवि का अर्थ परमात्मा नीचे जो उन्होने किया अनुवाद ग मैं बोल तो रहा हूं यानी कि जब कबीर देव कबीर देव लिखा तभी परमात्मा है केवल कवि होगा तो परमात्मा नहीं है कबीर कबीर भया

00:36:04:19 क्षमा चाहता हूं आपसे क्षमा भैया आपसे हा जोड़ आपका मैं जो प्रश्न पूछ रहा आपका उत्तर ही नहीं आपके पास बोलिए आप अपना प्रश्न बोलते जाइए अध्याय 4 शलोक 17 का क्या उत्तर है मुझे बताइए यजुर्वेद अध्याय 4 क्या लिखा है उसम बोलिए बोल रहा है कि मैं ब्रह्म हूं ब्रह्म लोक में रहता हूं वो पूर्ण परमात्मा वहां रहता है ऊपर दिव लोक में रहता है वो कौन है पूण परमात्मा कौन है वो ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश वो पूर्ण पर ब्रह्म बोल रहा है ऐसा

00:36:46:01 हा शिव पुराण पढ़ेंगे तो वहां अलग बात हो गई एक ही ईश्वर स्वयं को पांच अलग अलग रूपों में प्रकट करता है अभी हम सब हम सबको एक ही मान रहे देखिए आपने प्रश्न पूछा देखिए आपने प्रश्न पूछा मुझे कितनी देर लगी जवाब देने में कितनी देर लगी नहीं मुझे आपसे प्रश्न पूछा जा रहा है तो आधा घंटा लग गया मगर आप अपनी बात सेही मुक रहे हैं आपने बोला कवि का अर्थ परमात्मा होता है अब आप कह रहे नहीं कवि का अर्थ परमात्मा नहीं होता है देखो ऊपर जो मेन लोक है वहां पर कबीर लिखा है कबीर कबीर देव कबीर लिखा है लेकिन अ या कवि का अर्थ परमात्मा नहीं होता है कबीर देव का अर्थ परमात्मा होता है मेरे भाई बोलो ना इस बात को अभी आप तो अलग बात कर रहे भैया ठीक है आप जा सकते

00:37:46:22 हैं राम जी मैं आपको दो मिनट सुनता हूं फिर किसी और व्यक्ति को ले लेंगे आप बताए कोई विशेष बात हो तो बता दीजिए अन म्यूट कर लीजिए आप अपना जी राम श्रीराम जय श्री राम सभी को आप जारी रखिए बात तो नहीं है महत्वपूर्ण य है कि जो आ रहे चर्चा हो इसलिए उस समय आया कोई था नहीं को अच्छा एक चीज बस ध्यान रखा करिए वैसे तो ध्यान है जैसे जब जिससे बात हो रही हो केवल व अपना ऑन रखे अगर अन म्यूट है भी तो म्यूट कर ले वो बाद में हम लोग जब वो बनाते है ना री तो दिक्कत आती उसम और एक चीज और की हो सकता है किसी को लेते टाइम अचानक से गलती से आउट हो जाए तो अन्यथा मत ना लीजिएगा उस बात अनथा कोई बात नहीं है य कोई हम अपने अहंकार की पुष्टि के लिए यहां नहीं है धर्म केलिए हमारा आपका आड़ नहीं आएगा ऐसी कोई बात नहीं रोहिताश कुमार ड टू स्टेज

00:39:01:27 संदीप जी एक बहुत माइनस एक बहुत महीन पॉइंट बोला है मैंने पकड़ा है इनका कहना है कि वेद गीता में मैं दिखा देता हूं इस बात को फिर बात कर साधु यहां क्या है सिर्फ ये राम पाली ही मात्र नहीं सनातन के दूष अनेक तत्व जो है भारतवर्ष में उत्पन्न हुए हैं ये है इनका इनकी बुक है ये और इसमें पेज नंबर 38 प इन्होंने ये कहा

00:40:09:09 है पेज नंबर 38 गीता में दो प्रकार का ज्ञान है ठीक है गीता में दो प्रकार का ज्ञान है और इसमें ये लिख रहे हैं कि 5 प्र गीता ज्ञान दाता यानी काल जो ब्रह्म इनके अनुसार जो एक कैरेक्टर का ताना बाना बुना गया है वो जो है काल का है तो वह हमें मानने योग्य नहीं है वह काल का अपना मत है अब बात य आती है कि भगवत गीता में 700 श्लोक है है ना तो 700 श्लोक का अगर

00:40:54:15 हम परसेंटेज निकाले 5 प्र तो आएगा 35 35 जी जी तो 35 श्लोक केवल गलत है इनके हिसाब से अब हमको केवल करना इतना है कि जिसमें श्री कृष्ण की परब्रह्म सिद्ध हो रही हो व मच पावरफुल सिद्ध हो रहे हो उतने श्लोक हमें ढूंढने है अगर वो 35 से एक भी ज्यादा है तो यह इनके तथाकथित तत्वदर्शी की वाणी हो गई गलत तो कोई आए भैया य उसके साथ हम बैठेंगे वो बताए कौन सा गलत है कौन सा गलत है अगर वो परसेंटेज ज्यादा होने लगी क्योंकि भगवत गीता में केवल 35 श्लोक नहीं है श्री कृष्ण के लिए बहुत से लोक है हां से व सुप्रीम अथॉरिटी सिद्ध होते हैं सर मैंने पा मिनट का टाइम पा मिनट का टाइम दे दो मेरे को ना बस थोड़ा जाना है मैंने बात कर रहे थे ना येभी बात कर रहे थे जो कवि के ऊपर ये कवि कबीर देव की बात कर रहे थे ना इनसे मैं पूछना चाहता हूं कि जब ये व्रज शब्द दिखाते हैं तो डिक्शनरी खोल के दिखाते हैं ना जब ये व्रज दिखाते डिक्शनरी खोलेंगे ये डिक्शनरी वो डिक्शनरी तो ये कबीर देव या कवि शब्द दिखाने के लिए डिक्शनरी कहां चली जाती है इनकी रामपाल

00:42:09:22 की डिक्शनरी उस समय कहां चली गई थी उस समय कवि का कबीर दास क्यों नहीं दिखाया गया भाई इसका मतलब है दाल में काला है जब आप हर जगह डिक्शनरी खोल खोल रहे हो मन की बात रखते है अपने मन की बात रखते है वो कुल मिला के सुनिए हम कितनी भी यहां पर मगज मारी कर ले अंत में आना इस रामपाल क्या कह रहे और कबीर सागर क्या कह रहा है इस आनार दोबारा आको बोलना ्र शब्द आप कहा से दिखाते हो बोले डिक्शनरी से कवि का शब्द कबीर देव का शब्द कबीर दास दिखाओ किसी भी वर्ड की शिवराम सेपर कोई री तो नहीं है दिखा दे हम मान जाएंगे बात खत्म हम रोहिता कुमार हा जी जय श्री राम जय श्री राम आप आ चुके हैं पहले नहीं जी मैं शि तो नहीं डिबेट सुनता हूं और हम सबको उस एक परम सत्य की और पूर्ण परमात्मा की खोज है डिबेट सुनता हूं श नहीं अभी अच्छा नहीं आने का प्रयोजन क्या है आपका लाइव से जुड़ने का प्रयोजन क्या है वो तो आप सुनते तो वहां भी आप दर्शक बनक सुनही रहे थे

00:43:25:18 हा हा मेरा लाइव आने का प्रयोजन यह था कि अगर हम वेद शास्त्रों को और ग्रंथों को साइड में रख दिया जाए हेलो जी सुन रहा हूं अगर अपने जो वेद ग्रंथ है शास्त्र है इनको एक बार साइड में रख दिया जाए अगर हम ऐसे ही तुलना किया हम ऐसे ही तुलना करें जो जीवित है जीवित प्रमाण है जैसे कि मगर में लीला की कबीर साहिब ने व स शरीर चले गए थे वहा पर मस्जिद बनी हुई है मंदिर बनी हुई है मीटर की दूरी प तो क्यों बनी हुकार में कुछ हुआ प्रमाण कुछ जीवित प्रमाण है तभी तो बनी हुई है वो अच्छा हिंदू मुसलमान आप एक बात बताइए एक बात बताइए आप कि आपने कहा कि अगर हम इनको वेद शास्त्रों को हटा दे और जो हमें ये बिल्डिंग वगैरह प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त है वो बनी हुई है उसको तो देख ले कम से कम ठीक है अब ये बताइए कि आपको कैसे पता कि वो जो मजार है मस्जिद है या मंदिर है वो कबीर जी का ही है कैसे पता व कबीर अब ऐसे पता है क्योंकि य हमारे जो ग्रंथ है उन प्रमाण है आ ग्र अभी तो

00:44:41:12 ह हम अपने ग्रंथ को हटा दे आपके वाले पकड़ ले बा हर एक वेद ग्रंथ गवाही दे रहा है कबीर साहिब पूण परमात्मा है और शुरुआत से हुई थी अब मैं आपसे रहा ह कि कवियों का कवि गणपति कहा जा रहा है मानोगे वेद में देखो मेरे पास तो मेरे पास अभी स् खुद गीता है गीता में बताओ कौन आपको दिखा दिया अभी के अभी अभी के अभी आपको दिखा दिया कयो का गणपति है मानोगे कि नहीं दिखाओगे खागा अब तो दिखाओगे तभी तो मानूंगा ऐसे कैसे मान दिखाओ तो अरे तो मैं पूछ रहा हूं कि आपके अंदर वेदों के लिए कितनी प्रमाणिकता स्वीकार है मैं आपसे एक बात पूछ र प्रमाण स्वीकार है जो आप दिखाओगे परा वेद का एक एक वचन स्वीकार

00:45:45:01 है हेलो हेलो आते हैं जिज्ञासु बनके फिर धीरे से अपना असली रंग आता है सामने चले गए भैया लग रहा है चले गए आउट हो गए राहुल यादव जी आप आइए जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम प्रभु मैं यह बोलना चाहता था प्रभु के यह जो काल की बात करते हैं तो वो काल कौन है इसके बा ब बता सकते हैं काल कौन से काल की बात कर रहे हैं उसम गीता जी में थोड़ी मैंने भी पढ़ी है इसी कारण में चर्चा करने के लिए पूछ रहा था आपसे पर वो उससे पहले ही चले गई अगर यह बोल रहे हैं कि भगवान श्री कृष्ण जी ने गीता का ज्ञान क उन देखिए ये सब व्यर्थ की बातें है यह सब व्यर्थ की बात है आप कितना भी कर लीजिए अंत में बात ये आएगी हम वेदों को ही नहीं मानते हम गीता को ही नहीं मानते जाएंगे तो अब लोग कहते हैं

00:47:00:01 ना मैंने पीछे शास्त्र रखे मैं वो क्यों नहीं खोलता अरे भैया मैं खोलूंगा तो उससे मतलब क्या है तो मैं तो सीधे अंत वाली बात करूं ना जो अंत में करनी है एक कहानी है एक कहानी है एक लड़का पकड़ के मछली पकड़ रहा होता है एक लड़का तो वहां पर एक समृद्ध व्यक्ति आता है और कोई कार से आता है बहुत महंगी सी एक बचपन में सुनी थी स्कूल में एक कान तो वह एक आता है और गाड़ी रोकता है और कोट पेंट टाई में था बहुत बाबूजी बनकर आया था हालांकि जो इस प्रकार के व्यक्तित्व होते हैं अगर पास से जाकर के देखो तो इनका जो सोच का लेवल होता है बहुत ही निम्न स्तर का होता है वास्तविकता में यह लोग शुद्ध और पवित्र स्थिति में नहीं घूमते हैं जो यह वाले होते हैं केवल दिखने में बहुत टचन टॉप दिखते हैं र पॉइंट बैक टू द पॉइंट तो एक लड़का जो है तालाब के किनारे मछली पकड़ रहा होता है वहां पर एक महंगी गाड़ी से एक सज्जन आता है वोह भी अपना कांटा वाटा निकाल कर के और जो है मछली पकड़ने लगता है तो वह बड़े घमंड में था पैसे के उसके पास बहुत समृद्धि थी तो वह अपने उस लड़के

00:48:15:01 से कहता है कितनी मछली पकड़ लेते हो डेली तो वो लड़का कहता है मैं एक मछली डेली पकड़ता हूं तो बोलता है तुम ना बेवकूफ हो तुम बुद्धि नहीं है तुम्हारे अंदर तुम इतनी मछली रोज पकड़ो उसको फलाने मच्छी बाजार में बेचो वहां से इतना मिलेगा उससे यह काम करो उससे वह काम करो उससे वह काम करो वह सब करके धीरे धीरे धीरे धीरे तुम्हारी बिल्डिंग बन जाएगी तुम करोड़पति हो जाओगे बहुत बड़े बिजनेसमैन बन जाओगे और मैंने ऐसे ही बिजनेस खड़ा किया था अपना ऐसे ही मछली से शुरुआत की थी और देखो पूरा बिजनेसमैन बन के फिर एक दिन तुम सुकून से आना मेरी तरह यहां पर और मछली पकड़ना तो वो लड़का कहता है मैं वही तो कर रहा हूं मैं आज वही तो कर रहा हूं जो आप इतनी उधेड़बुन के बाद आकर के वो कर रहे हो मैं आज वही कर रहा हूं तो कौन हुआ बुद्धिमान वही वाली बात है कि मैं जो शास्त्र इत्यादि हैं मुझे मालूम है यह पूरी तरीके से प्रमाण नहीं मानते गीता और वेद को कल बोला उन्होंने कि हमारे लिए जो प्रमाण है वो

00:49:30:28 कबीर सागर है और वह भी नहीं निकलेगा कबीर सागर में भी कुछ ना कुछ ऐसी चीजें निकल आएंगी कि वो रामपाल के अगेंस्ट जब जाने लगेगी तो वहा पेन चलेगा वहा पेन चल जाएगा यह जो है काल नहीं अकाल है यह सब पन चले हैं कबीर सागर में तो इसलिए पहले शास्त्र को स्वीकार करते हो वह स्वीकार करो फिर शास्त्र की बात करो अब हम लेते हैं कोई है

00:50:04:18 नहीं 46 प्रवीण जी हेलो आवाज आ रही है जय श्री राम बताइए हां तो मुझे एक बात बताइए कि आपका इष्ट देव कौन है आपका परिचय क्या है मैं मेरा नाम प्रवीण है और मैं संत रामपाल जी महाराज जी का फॉलो ठीक है हा तो हां तो मुझे यह पूछना है कि आपका ईष्ट देव कौन है हम लोग पूछेंगे मगर जब हम बात कर रहे हैं ईट देव की या धर्म की या ईश्वर की तो पहले हम जान ले कि आपके लिए कौन सी चीज प्रामाणिक है और कौन सी नहीं है ठीक है है ना अब मुझे आप ये बताइए कि क्या कोई भी वेद वेद को आप पूरी पूरा का पूरा प्रमाणिक मान एक एक बात उसकी स्वीकार करेंगे या कुछ बातें छोड़ देंगे एक मिनट पहले बताओ कि आप पहले मेरे उत्तर का बात वो तो आगे की बात है ना वो आगे की बात है अगर वो आपको जानना है मेरे इट कौन है ये आपको जानना है तो मैंने अपने वीडियो में बहुत बार बता भी रखा है अच्छा तो एक बार बता दो क्योंकि मैंने ना आपका पूरा स्टार्टिंग से वीडियो

00:51:19:20 देखे नहीं है ठीक है इसलिए एक आपको देखना चाहिए अभी बात ये हो रही है आप य पर कोई पक्ष रखने आए रामपाल जी का या नहीं रखने आए मेरे इट राम है अच्छा आपके राम है हा मतलब आपके विष्णु जी आप बोल रहे हो जैसे की करेक्ट हा विष्णु स्वरूप राम जी अच्छा तो तो आप उनके कोई मंत्र वगैरह भी करते होंगे जैसे की अगर कोई देवताओं के मंत्र भी होते हैं जिनसे उनके प्राप्ति हो सकती है आप उसम बिलीव कर देखिए आपका आगे बढ़ गया ना आपने एक प्रश्न पूछा मैंने जवाब दिया अब आप पहले जब आप बात कर रहे धर्म और ईश्वर की तो आप अपना धर्म का क्राइटेरिया बताइए क्या आप वेद को पूरा का पूरा स्वीकार करते हैं या नहीं करते हैं वैसे जो रामपाल तंत्र है वो नहीं करता है क्यों नहीं करता है क्योंकि कबीर सागर का वो कोई दोहा दिखाता है जिसमें वेद पड़े पर भेद ना जाने वेद से जो मैं प्राप्त हो जाऊ तो यह है वो ऐसा कोई दोहा है आपका यानी कि वेदों से परमेश्वर प्राप्त नहीं होता है यह मानना है आपका

00:52:28:06 देखो आप जो बोल रहे हो ना वो आधा सच है आधा गलत बोल रहे हो देख के मंत्र को स्वीकार करते हैं भाई साहब कि नहीं करते हैं यह बताइए देखो यहां पर कोई भी चीज न जीरो में नहीं जा आपके प्रश्न का कितना क्लियर कट जवाब दिया मैंने हा मैं अभी दे रहा ना आपके प्रश्न का उतर भैया आप वेद को पूरा स्वीकार करते हो या अधूरा हा तो आपका प्रश्न है कि आप मैं उसको ट्रूली पूरा मानता हूं या पार्ली मानता हूं या फिर नहीं मानता हूं यह आप पूछ रहे हो करेक्ट आप पहले तो एक जगह बैठ के बात करिए भाई साहब एक जगह बैठ जाइए फिर बात कर मैं एक्चुअली बाहर आया हूं हा तो मैं आपको य पूछ रहा था तो आप मेरे को ये पूछ रहे थे राइट तो मैं यह बोल रहा हूं मेरा उत्तर मतलब गुरुजी ने ऐसा बताया है कि वेद जो है वो सच है राइट वेद हो गए कुरान शरीफ हो गया बाइबल हो गया यह सब ये सब भगवान की दी हुई चीज है राइट उन्होंने दी हुई है राइट तो ये सच है बट इसमें जैसे जैसे समय आगे आया इसमें मैनिपुलेशन हुए हैं राइट इसमें चेंस हुए है कुछ वानिया मैनिपुलेट हुई है राइट क्योंकि बहुत पहले या आज जो वेद उपलब्ध है यानी की आज जो वेद

00:53:43:12 उपलब्ध है उसम मिलावट हो चुकी है देखो मिलावट हो चुकी है कुछ वानिया सही है कुछ वाण में मिलावट हो चुकी है यानी कि आज जो वेद उपलब्ध है उसम मिलावट हो चुकी है कुछ वाणिया सही है कुछ वाणिया कुछ मंत्र गलत है करेक्ट अच्छा अब ये बताइए अब ये बताइए कौन सा मंत्र लेना है मि वही बोल रहा इसमें एक और चीज है इसम संस्कृत जो है उसका जो ट्रांसलेशन है ट्रांसलेशन की बात बाद में करेंगे ना मैं अभी मंत्र की बात कर रहा हूं ट्रांसलेशन की बात बाद में करेंगे अभी मंत्र कौन सा लेना है कौन सा नहीं लेना है इसका आधार क्या होगा अच्छा अभी सुनो अभी मैं आपको बात बताता उसका आधार कौन हो जो ऐसा संत हो जिसको जो जो एक ऐसा सोर्स होना चाहिए जो कि ऑथेंटिक हो जो कि ज्ञान दे सके समझ रहे हो मैं क्या बोल रहा हूं आप बै आप चीज पढ़ रु आप चीज पढ़ देखिए ऐसी बात बोलिए जो हम प्रमाण जिसको मान सके ऐसी बात बोलिए आपके अनुसार ज्ञान दे सके व रामपाल है हमारे अनुसार ज्ञान दे सके वो राहुल शर्मा है अब बताइए क्या करें सही है मैं वही बोल रहा हूं आपकी बात कोई क्यों मानेगा हा वही बोल रहा सब ओपिनियन अलग है सबको एक को एक

00:54:58:15 चीज को देखने का नजरिया अलग है मैं वही बोल रहा हूं तो आप तो जो सुनो सुनो एक मिनट कंप्लीट करने दो जो 7 अत जो होता है उसको सारे इसका ज्ञान होता है करेक्ट ना कि ओनली हिंदू धर्म का अभी रुको मैं क्या बोल रहा हूं अभी आप एक मिनट रुकना अभी आप अपन हिंदू हो के हिंदू को श्रेष्ठ मारते हैं मैं खुद हिंदू हूं राइट तो हम हिंदू को श्रेष्ठ मानते हैं हम बात क्यों मानी जाए कि जो सच्चे जो सच्चे संत होते हैं उन्हें सारे उनका ज्ञान होता है हां करेक्ट रुको तो सही अभी हम मानव है तो हमने इतनी जाति मिनट मैं आपकी बात य क्लियर कर दूं कल रात को खुदा का भेजा हुआ फरिश्ता मेरे पास आया था मुझे कुछ ज्ञान देक गया है और मैं उसको लिख रहा हूं यह मालूम होगा रामपाल दास जी को अब वो खुदा का फरिश्ता आया है या फिर डीम आया है फ डेविल आपको पता होगा कि इस दुनिया तो ये उनको वो जो जो सच्चा जो तत्वदर्शी संत है उसको तो पता होगा ना कौन आया कौन नहीं आया हां उनको तो सब पता है आपको क्या करना है उनको मतलब भी बला के तो फिर अभी देखो हम भाई सुनिए हर दो दिन में एक नया कल्ट शुरू हो रहा है दुनिया के अंदर हर दो से तीन दिन में ये कोई पैरामीटर नहीं है कि जो सच्चा संत होगा

00:56:13:21 उसको वो सारे उसने वो ग्रंथ जो नए ग्रंथ लिखे जा रहे हैं मन गणन उन सबका उसने पी रखा हो ज्ञान सुनो आपको एक चीज पता है कि बाइबल और कुरान शरीफ में कितने वर्सेस कितने वर्सेस मैनिपुलेटेड है वने दिए हैमन ने कितने मतलब कितने शैतान की वाणी है उसमें आपको पता है अब मैं आपसे पूछ रहा हूं अब मैं आपसे पूछ रहा हूं आपके अनुसार जो वेदों का ज्ञान है आज के टाइम में जो वेद हमें प्राप्त है उसके कुछ विपरीत ज्ञान कबीर सागर में है कि नहीं है देखो अब एक बात बताता हूं इससे पहले देखा हर बात को हर बात को टस्ट करके ही बोलना है ट्विस्ट करके नहीं बोलना है देखो ये चार वेद है ठीक है जो कि ब्रह्मा जी के स्टार्टिंग से जो भी आए थे जो कि उनके स्वास जो भी है लाइक सागर मंथन हुआ था चार वेद आए थे ठीक है तो इसमें एक और वेद है जो कि पांचवा वेद है उसको बोलते हैं सूक्ष्म वेद हां ठीक है तो ये वेद मिसिंग है चारों वेदों में से तो जो ज्योति निरंजन है जो कि आपको गोरखनाथ जी के जो गुरु थे बो अलक निरंजन सुनिए सुनिए सुनि लिए प्रमाण देखो मैं

00:57:30:06 सुनन ले गलत आप गलत कर मैं आपकी बात सुनता हूं लेकिन आप सुन के नहीं ले संपत कर रहा हूं आपके लिए जो प्रामाणिक शास्त्र है वो कबीर सागर है राइट रुको रुको रुको मैं क्या बोल रहा हूं ये जितने भी वेद गीता है इनका ज्ञान सही है पूरा नहीं अरे इनम तो मिलावट हो गई प्रमाणिक नहीं है आपके लिए बो फिर से बोल रहा हूं आप वन या जीरो प मत जाओ आप पार्शल में आओ आप आप पूरा उसको या फिर एक्स्ट्रीम एंड प मत लेके जाओ मैं बोल रहा हूं आपको मैं फिर से बोल रहा हूं सुनो मैं ध्यान से क्या बोल रहा हूं मैं ये बोल रहा हूं कि जितने भी अपने हिंदू धर्मों में चार वेद और जो सारांश है गीता वो गलत नहीं है वो सही है और कुछ वानिया गलत है और और सुनो कुछ वाणिया गलत है ना गु हेलो एक मिनट एक मिनट कुछ मंत्र गलत है कि नहीं है वेद के आपके हिसाब से देखो मंत्र गलत नहीं है मंत्र मैनिपुलेटेड हुए हैं उनके ट्र इसका मतलब आज जो वेद हमें प्राप्त है आज जो वेद हमें प्राप्त है वो आपके हिसाब से व वो वेद नहीं है जो वहां से चले थे ईश्वर से उसमें बदलाव हो चुका है नहीं नहीं नहीं बदलाव हो चुका है अभी

00:58:45:06 उसका बदलाव कितना हुआ 80 पर हुआ है 90 पर हुआ है 99 पर हुआ है 95 वी डोंट नो हमको नहीं पता कितना परसेंट बदलाव हु आप क्या मानते हो कितना परसेंट हुआ तत्वदर्शी मैंने अभी तक तो गुरुजी मुझे सु पगा फिर क्लेम करने वाले कौन होते हैं वेद में इतना मैशन हुआ आप कौन होते वही मैनिपुलेशन हुआ है कबीर सागर में मैनिपुलेशन हो गया हा बोहा सुन कबीर सागर गुरु नेकी बात क्यों मानी जाए भाई सुनिए पले पहले मेरी बात सुन लीजिए अष्टा विकृति को जानते हैं आप नहीं नहीं जानता कबीर सागर को सुरक्षित रखने का कि उसमें एक भी मंत्र मिलाया ना जा सके एक भी मंत्र हटाया ना जा सके इसका तरीका क्या है

00:59:35:19 बताइए मतलब कबीर सागर में से क्या बोल रहे हो आप एक भी मंत्र हटाया ना कबीर सागर के मंत्रों में मिलावट ना हो सके दोहे हैं जो उनमें मिलावट चौपाइयों में मिलावट ना हो सके इसका सुरक्षा व्यवस्था क्या है क्या वोह शास्त्रों में वर्णित है आपके शास्त्रों में मेरे नहीं रामपाल ने कुछ ऐसा लिखा पाल दास जी ने कुछ ऐसा लिखा कि भैया ऐसे सुरक्षित होगी कबीर सागर की वाणी देखो इसलिए तो हा वही मैं बता रहा हूं इसलिए तो गरीब दास जी जो लास्ट आए थे उनकी वाणी कर नहीं है सुनो सुनो जो यही है हां बोलिए बोलिए इसका कोई देखो जैसे जैसे जनरेशन आगे जाती है इसमें चेंजेज होते रहेंगे तो जो लास्ट जो सोर्स ऑफ ट्रुथ है वो है गरीब दास जी की वाणी जो अमर ग्रंथ साहिब उसमें जो वाणिया लिखी है जो कबीर सागर में भी कुछ वाणि काल ने रा फेरी की है ठीक है मैं ये बोल रहा हूं जो गरीब दास जी का जो अमृतवाणी पढ़ोगे आप यानी कि गरीब दास जी की वाणी जो है वो भी आपके लिए पूरी की पूरी बिल्कुल क्लियर कट नहीं है कौन बोला कौन बोला आपने क उसम भी किया है आप सुन लो पहले ढंग से मैं क्या बोल रहा हूं कबीर सागर आप सुन लो पहले कबीर सागर मैनिपुलेटेड है कुछ कुछ गरीब दास जी के बाने में कोई मैनिपुलेशन

01:00:51:02 नहीं है ठीक है अगर एक मिनट मैं क्लियर कर लू मैं एक मिनट क्लियर कर लू आपके लिए जो मेन सबसे प्रामाणिक ग्रंथ है वह है गरीब दास जी का हां ठीक है वही है हां हा ठीक है क्या उसमें कोई ऐसी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है कि कोई मंत्र हटाया ना जा सके कोई मंत्र लगाया ना जा सके ठीक है बट ये ऐसा करना क्यों है अरे मैं पूछ रहा हूं आपसे भाई इसमें कुछ जीत हार की बात नहीं है मैं पूछ रहा हूं देखो एक्चुअली वो ग्रंथ काफी बड़ा है तो वो एक्चुअली वो मैंने पूरा भी अरे भाई आप आरोप लगा रहे है कि वेदों में वेदों में मिलावट हो चुकी है वेद के मंत्र कई सारे बदले जा चुके हैं ठीक है ठीक है तो अब जब आप यह कह रहे कि वेदों में मिलावट हो चुकी है उसमें मंत्र बदले जा चुके तो मैं आपसे पूछ रहा हूं कि कबीर सागर में मिलावट नहीं होती है इसका क्या प्रमाण है कैसे माने कि कबीर सागर में मिलावट नहीं हुई ए कबीर सागर नहीं वो आपका क्या है गरीब दास जी का गरीब दास जी का अच्छा तो गरीब इसका प्रमाण ये है कि उसमें एक ऐसी भी वाणी की है कि जब 5500

01:02:06:24 जब कबीर साहिब की के कबीर सागर में वाणी है जब 5500 बीत जाएंगे कलयुग में मेरा संत आएगा ठीक है कलयुग में मेरा दास आएगा ठीक है तो वो इस ज्ञान को परखे वो ये बताएगा इसमें से कौन सी वानियां सही है गलत है वो है संत रामपाल जी महाराज तो वो सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ है जो कि पीछे वाले के सारे बताएंगे कौन सा गलत है कन सही है नहीं है आपको कुछ क्वे पूछ ठीक है ठीक है सुनिए सुनिए सुनिए सुनिए यहां प उत्तर ले लीजिए कु क्वे जब आपने बताया जो गरीब दास जी का ग्रंथ है उसके अनुसार 5000 साल में ये होगा वो होगा वो संत आएंगे बताएंगे ठीक है ऐसे ही वेदों में उनकी सुरक्षा के लिए बताया गया कि वेदों का ज्ञान बताने वाला सन्यासी होगा परंपरा प्राप्त होगा समस्त स्तुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस्य की शिक्षा देता होगा और अंततोगत्वा व अपने शिष्य का संशय दूर कर दे तो वो उस वाणी के आधार पर जो आज के आचार्य हैं हमारे वो बोल रहे हैं कि नहीं वेद के मंत्र हमें अभी भी प्राप्त है जो है वो शुद्ध है अब बताइए ठीक है भाई आपके देखो यहां प देखो मैं चीज बताता हूं अब बात आती है विश्वास अब बात आती विश्वास आपको उस पर विश्वास है हमें इस पर विश्वास

01:03:21:25 है आप कहिए आप कहिए कि कबीर भगवान है पर गरीब दास ग्रंथ के अनुसार वेदों की बात आप करने वाले कोई नहीं होते क्योंकि आपके लिए वेद पूरी तरीके से प्रमाण नहीं है आप कहिए कि भगवान है कबीर पूजा करिए पर यह लिखिए कि गरीब दास की वाणी प्रमाण है और कबीर दास भगवान है यह वेद और गीता का आलंबन मत लो अब मुझे बताओ बो अब ये बात हो गई अब मैं एक चीज क्लियर करलू पूछता आप आपने पूछा अभी मेरी बारी है मेरी बारी है अभी अल्टरनेट जा है अ नहीं नहीं नहीं मैं नहीं पूछ रहा मैंने पहला पूछा दूसरा आपने मैं पूछता हूं सुन पूछो मेरे को आपने मंत्र नहीं बताया आप कौन सा मंत्र करते हो ठीक है आप आपने बता अच्छा क्यों बताऊ इसका इसका क्वेश्चन का इस क्वेश्चन की वैल्यू तो बताओ मुझे इससे आपका क्या परिपेक्ष है वैल्यू इसलिए कि जो मंत्र है उससे ही मोक्ष होता है जैसे गुरुजी ने हमें बताया है पास श में लिखा है जो मंत्र करते हैं उससे मोक्ष होता है गायत्री मंत्र करते हैं मोक्ष होता है अच्छा तो गायत्री मंत्र करते हो आप हां अच्छा तो आप गायत्री मंत्र करते

01:04:36:25 हो लेकिन यार श्री कृष्ण ने जो भगवत गीता लिखी आप जो अवतार बोलते हो उसमें तो यार कहीं प नहीं गीता की बात मत लाइए जब हम प्रमाण दिखाएंगे तो आप कहोगे काल ने बोला है आप अपनी बात अपने पास रखिए आप तो भगवान सिद्ध करिए कबीर को गीता ब बात पूछ रहा हूं नहीं आप मत पूछो आप मत पूछो आप इसका उत्तर दो फिर पूछना पहले उतर संतुष्ट वही बोल रहा हूं आप बो गायत्री मंत्र आपने जैसे बोला लेकिन गायत्री मंत्र जो है आप बोलते हो ना जो भी ओम से स्टार्ट होता है व मंत्र मुझे भी पता है लेकिन आप भगवत गीता पढ़ोगे आप जैसे बोल र हो विष्णु को मानते हो राइट तो श्री कृष्ण जी को भी मानते होंगे आप मानते कि नहीं बिल्कुल बिल्कुल भगवत गीता तो भगवत गीता उन्होंने लिखी और भगवत गीता कोई आसा इतना मतलब आप हल्के में नहीं ले सकते उसमें जो उसका मंत्र बताया है वह बताया ओम और जो पूर्ण परमात्मा मंत्र बताया सुन लो वो है ओम तत् सत ओ आप पहले बताइए ये ओम क्या है और ये ओम तत् सत क्या है और एक और आगे सुनना जो कुरान शरीफ है उसमें लिखा है एन कीन काफ उस जो गुरुजी ने बताया वही मैं आपको बोल रहा हूं यह मेरा ज्ञान नहीं है गुरुजी का ज्ञान है और मैं बिल्कुल भी उसका ता हं

01:05:51:25 प्रश्न पूरा हो गया हा बताए प्रश्न पूरा हो गया हां बताइए प्रश्न पूरा हो गया जो भगवत गीता है वो किसने लिखी है नहीं आप उत्तर दीजिए ना मेरे को अरे मैं आपसे उत्तर ही उत्तर ही दूंगा मैं किसने लिखी है भगवत गीता वो वो सुनो आप जो प्रश्न पूछ रहे हैं आप उसका ही उत्तर देते देते देते आओ और वहां पर आना जहां पर वो मैंने आपको जो प्रश्न पूछा ना मंत्र का उसका मेरे को मैं भाई साहब उसी पर बोलूंगा मैं आपसे कन्फर्म कर रहा हूं आपकी जानकारी में भगवत गीता किसने लिखी है नहीं यार उतना तो यार मैंने मुझे बो वो मुझे मुझे इतना जानना नहीं है मुझे सिर्फ ये जानना है कि मंत्र क्या है बता दो बस जानना नहीं है आपको पता नहीं है पता नहीं है चलो समझ लो आप पता नहीं है समझ लो मतलब पता है समझ लो पता नहीं है ठीक है क्योंकि सही क्या है समझना क्या है आप सही बता दो वो समझ लूगा मेरे को इससे मतलब नहीं है किसने लिखा है क्या लिखा है मे अपन ये जानते पता ऐसे बोलो ना नहीं पता नहीं पता नहीं पता बता दो और ये भी बताना जो मैंने प्रश्न पूछ इसके बाद बताऊंगा चीज बता बाद मैं एक एक चीज बताऊंगा सुनिए धैर्य के

01:07:06:06 साथ जो भगवत गीता है वह महाभारत का अंश है ठीक है यार आप टाइम मत वेस्ट करो वो मेरे को पता है यार अर्जुन ने जो उसम पूरा पता है आप वो मत बताओ खा हैसले आओगे आप ठीक है आपका आंसर दूंगा अगर आपके पास धैर्य हो तो अबकी ठीक ठीक है चता है महाभारत का महाभारत को लिखने वाले हैं वेदव्यास वेदव्यास जी ने केवल महाभारत नहीं लिखी है वेदव्यास जी ने 18 महापुराण भी लिखे है पुराना भी लिख है महापुराण में से एक पुराण है देवी भागवत जिसका मैं रेफरेंस दे रहा हूं ठीक है उसमें लिखा हुआ है गायत्री मंत्र को जपने से मोक्ष मिलता है ठीक है तो हो गया मेरा गायत्री मंत्र सिद्ध अच्छा मतलब आप ये बोल रहे हो कि आप देवी भागवत जो बोल रहे हो आप उसको आप सोर्स मतलब वो आप सोर्स ऑफ ट्रुथ लोगे उसको और वो मंत्र के लिए बहुत जगह पर है मैंने आपको एक रेफरेंस दिया है श्री कृष्ण भगवान ने क्या कहा अपने लिए मंत्रों में मैं गायत्री

01:08:21:26 हूं अच्छा ठीक है गायत्री मंत्र को जपने से मोक्ष मिलता है लिखा है ठीक है नमः शिवाय को जपने से मोक्ष मिलता है लिखा है नमः शिवाय तो एक मिनट रुको नमः शिवाय या फिर उसके आगे ओम भी लगाओगे मतलब सिर्फ नमः शिवाय या फिर ओम भी भाई साहब आपका मैंने उत्तर दे दिया है कि गायत्री मंत्र से मोक्ष मिलता है कि नहीं मिलता है आपको दिखाऊं मैं देवी भागवत से आप विषयात ना कर दिखाने की जरूरत नहीं आपको दिखाने की जरूरत नहीं मैं आपको हम सीधे आ जाते हैं आपको इन शास्त्रों पर पूरा भरोसा नहीं है अब सुनिए अब रुके कैसे आपने सवाल कर लिया मैंने उत्तर दे दिया अब सुनिए हा तो सुनो तो सही उत्तर तो दे दिया संतुष्टि नहीं है तो सही अब आप बोल रहे हो कि 18 पुराण है देखो हमारे गुरुजी ने ऐसा बनाया बताया है कि सबसे जो अरे भैया तुम अपने गुरु जी का अपने पास रखो ना भाई कर गुरुजी ने क्या बताया अपना मैं अपना ज्ञान नहीं बोलता हूं मेरे गुरुजी का ज्ञान बोलता मुझे नहीं चाहिए तुम्हारा ज्ञान तुम अपनी टॉप जो सबसे टॉप जो चार वेद और भगवत गीता है इससे जो भी मिलन नहीं खाता है वो सबको नेगलेक्ट कर दो क्योंकि सुनो अ तो अगर वेद

01:09:36:26 से जो तुम्हारा वो गरीब दास का ग्रंथ है वो मेल नहीं खाएगा तो नेगलेक्ट कर दोगे नहीं वो तो एक्सटेंडेड वर्जन है वो तो सूक्ष्म वेद है ना चारों वेद के आगे वाला वेद इसम पर ठीक है एक मिनट एक मिनट एक मिनट अब सुनो अब तुमने जब ये बात बोली वो एक्ड वर्धन है एक मिनट एक्सटेंड वर्जन है ठीक अब यह बताओ नहीं रुको रुको बताता हूं रुको रुको भाई मैं पूछ रहा हूं आपने कहा एक्ड वर्जन है वो एक्सेंड वर्जन प बात हो रही है एक मिनट भैया आपको बात करनी है आपको बात करनी है भाई साब आपको हगा अब एक्सेंड वर्जन बात होगी पहले ठीक है ठीक बोलो चलो कर लेते चलो बता दो

01:10:24:09 सुनो ल जि धर्म को मानते वो सनातन है कि नहीं सनातन सनातन नहीं आदि सनातन मानते आदि सनातन सनातन से भी आ सनातन का क्या अर्थ है आद सनातन और सनातन में क्या अंतर है बताइए सनातन से भी पहले जो आता उसको आदि सनातन बोलते हैं सनातन का अर्थ क्या है सनातन का अर्थ यार सनातन अर्थ देखो यार लोगों पर सनातन का अर्थ नहीं पता है आए बात करने यहां पर तरस आता है ले चिप लिया अपने मलाई का बता दो आप बता

01:11:19:06 दो घट के पी लो सनातन का अर्थ होता है जो नित्य हो जिसकी ना शुरुआत है ना अंत है देखो आपको दे लगाने का कोई अ ब आपको देख के आपको तामसिक लग रहे हो आप तो एकदम गुस्से बात नहीं करनी आपको आपको डर लग रहा है ताम सिकता से आप जा सकते हैं जाइए जाइए भाई साब जय श्री राम

01:11:55:16 आपको आना है यह विषय से हटकर बातें ना करिएगा बोलिए हां सनातन का अर्थ है जो कभी बदलता नहीं है जो परिवर्तनशील नहीं है और जिसका ना आदि है ना अंत है शाश्वत नित्य स्थाई उसको कहते हैं सनातन तो अगर सनातन शब्द है तो व अपने आप में पर्याप्त है उसके आगे आदि लगाने की आवश्यकता नहीं हैा समझ रहे क्योंकि वो उसकी शुरुआत कहीं से नहीं हो रही वो सदैव था है और रहेगा ठीक है अब सुनिए अब आप जिस धर्म का पालन कर रहे हैं वो बदलने वाला है या ना बदलने वाला है बदलने वाले का मतलब समझ लीजिए जैसे आज हम कह रहे हैं कि हम माता बहन से विवाह नहीं करते यह धर्म है ठीक है तो कल को यह बदलेगा नहीं ही यही रहेगा इसको कहते हैं ना बदलना तो क्या आपका धर्म ना बदलने वाला है क्या आपका धर्म सदैव था है और

01:13:11:20 रहेगा मतलब जो ये बोल रहे हो धर्म जो हम जो हम जो फॉलो कर जिसको आप पालन कर रहे हैं जिसका बेस जो है वो गरीब दास है तो बेसिकली ये जो हम फॉलो कर रहे आपसे मैंने भाई साब पूछ हैन आपका धर्म सनातन है या नहीं है सनातन है सनातन तो सनातन है सुनो सनातन है इसलिए तो पंच देवी को पंच देव पूछ रहा हं करके वो आप बताते जाइए बस अभी आप तो गरीब दास जी ने जो ज्ञान दिया है वो ज्ञान 600 वर्ष पूर्व आया कितने वर्ष पूर्व आया गरीब दास जी ने जो ज्ञान दिया है वो हा कुछ होंगे कुछ होंगे साल पहले कबीर के बाद आया हा यस रीब जीने साल पहले ज्ञान दिया एक्ड मुझे डेट नहीं पता ला आपका जो धर्म है व तो उसकी तो शुरुआत हो रही है वर्ष पूर्व सेय धर्म नहीं है ना क्या है थ है क्या है वो धर्म ये धर्म

01:14:26:26 कैसे हो गया अरे भैया धर्म होता क्या है यह बताओ चलो मैंने तो आपको बोला सुनो मैं क्या बोल रहा अरे धर्म की परिभाषा बताओ सुनो तो सही को तो बोलने तो दो आप भाई साहब आपने कहा गरीब दास जी की जो ग्रंथ है उसम लिखा है कि वो धर्म नहीं है आपका वो प्रमाण है धर्म होता क्या है बता ख बोला सनातन है सनातन है बोल रहा आपको पूछ रहा हं भाई साहब आपके लिए गरीब दास जो बात है यह एक्सटेंडेड वर्जन है यानी कि कोई और धर्म था पूरा पुरानी ग्रंथावली चली आ रही थी उसमें 250 वर्ष पूर्व एक्सटेंड वर्जन सूक्ष्म वेद के रूप में आपका प्रकट हुआ है यानी कि यहां पे आपके अनुसार धर्म बदल गया हम ठीक है अब जो एक्ड कैसे बदला ऐसे उसमें ऐड हो गया ना नित्य स्थाई जो जैसा था जो जैसा था है और रहेगा कोई बदलाव नहीं वो है सनातन मगर आपका बदल गया अब आप कह रहे हो कि भैया वो शास्त्र बदला है धर्म नहीं बदला ठीक है अच्छा शास्त्र बदला है धर्म नहीं बदला अब आप ये बता दो आपके अनुसार धर्म की परिभाषा क्या है ठीक है अभी मैं बोलूंगा तो थोड़ा सुन लेना बीच में इंटरप्ट मत करना क्योंकि आप क्या करते हो क्वे धर्म

01:15:42:01 की परिभाषा बोलेंगे तो सुन मैं बता रहा हूं हां बता रहा हूं सुनो अभी आपने बोला एक्सटेंड किया है ठीक है अभी आपने बोला डे एक्सटेंट किया है इसलिए अलग है ठीक है तो फिर अभी एक चीज बताता हूं अभी देखो आपने बोला जैसे मैं बोल रहा हूं कि ये सनातन है ठीक है और अभी अपनी जो ह्यूमन कॉग्निटिव एबिलिटी होती है इंटेलिजेंस जो होता है वो भगवान के हाथ में होता है मानते हो कि नहीं अपनी एक एक बताओ जो कॉग्निटिव दिमाग की क्षमता होती है सोचने की उसकी एक लिमिट होती है मानते हो कि नहीं ठीक है तो बोलते जाइए मैं सुन रहा हूं हां हां तो उसके जो आपका जो दिमाग की जो क्षमता है अगर वो ऊपर के स्तर पे जब पहुंच जाएगी तब आप इस जो पांचवें वेद को है तब आप समझ पाओगे क्योंकि आप अभी आपसे यानी कि आप यानी कि आपके अनुसार अभी आप पांचवे वेद को बता नहीं सकते क्या नहीं बता सकते अभी पूरा कंप्लीट तो करने दो आप वही तो करते हो आप ना लोगों को इंटरप्ट करते हो और बीच में से क्वेश्चन पूछ लेते हो अब हमें बो क्योंकि लोग क्योंकि लोग विषय से हटकर बातें करते हैं अब मैं विषय साब मैंने आपसे पूछा आपने कहा कि जो वो शास्त्र है जो ऐड किया है आपने वो धर्म नहीं है तो अब मैं आपसे पूछ रहा हूं धर्म की परिभाषा क्या है सिंपल बताइए धर्म की परिभाषा और आपको ना पता हो तो मैं

01:16:57:13 बताऊं बता दो आप बता दो आपको नहीं पता है नहीं पता मुझको बताओ आप आप यहां क्या करने आए हैं गए डर गए क्या कर रहे हो आप चलिए गए हू मैं य आ आगे आगे मैं डरा नहीं हूं आपने अपने व से कि एक लास्ट मैं आपको एक बता अच्छा आपसे धर्म की परिभाषा पूछ रहा हूं आप य क्या करने आए आप तत्वदर्शी संत के शिष्य है आपको धर्म का नहीं पता है क्या क्या होता है धर्म व्ट इ धर्म अभी आपने इससे बोला कि सनातन एक जो चीज भाई मैं जो बात कर रहा उससे क्यों हट रहे हो इसीलिए तो इट करता

01:17:48:13 ह धैर्य से सुनो धर्म क्या है और वो तुम्हारा गरीब धर्म क्यों है सुनो हा बता मनुष्य की जीव की चाह का वास्तविक विषय सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को परिभाषित कर सकने वाले शास्त्र द्वारा सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त कराने वाली विधि विधान का नाम धर्म है अच्छा समझ में आया विधि विधान क्या आया विधि विधान आपका कहना ये है कि वहां से जो विधि विधान चला आ रहा है षष्टि के अनादि से उसमें अभी हमने एक्सटेंडेड वर्जन डाला है ठीक है एक्सटेंडेड कुछ ऐसे विधि विधान थे जो पहले नहीं थे अभी 2 स साल पहले आपने डाल

01:18:42:28 दिए तो विधि विधान बढ़ गए ना एक्ड हो ग ना तो इसका उत्तर यही तो दिया मैंने आपको क्या देखो देखो के अनुसार ने कहा मनुष्य की जो प्रज्ञा शक्ति होती है आपके भैया आपको जानकारी थोड़ी कम है सुन लो आपने कहा मनुष्य की प्रज्ञा शक्ति के अनुसार बार-बार ऐसे करने की आवश्यकता है है मगर वो जो पहले से अनादि शास्त्र है ना वेद जो पहले से आ रहे हैं उनकी सीमा के अंदर रहेंगे उनके बाहर नहीं जाएंगे यानी कि कोई आचार ये बोला ये बोला किसने आपको ये कहां पे लिखा है सुन लो सुनलो ये कहीं मैं हर बात को लिखा दिखा दूंगा हर बात को लिखा दिखा दूंगा हर बात अभी मैं जो बोल रहा हूं उसको पूरा हो जाने दो ठीक है जैसे कोई आचार्य आए पहले भाई वेदों को समझने के लिए बहुत व्यक्ति के पास प्रज्ञा शक्ति थी समझ लिया फिर प्रज्ञा शक्ति कम हुई तो कोई आचार्य आ गए उन्होंने वेदों का निचोड़ कर दिया रामायण लिख दी फिर कोई आचार्य आ गए उन्होंने देखा कलयुग में और ज्यादा भ्रष्ट होने मामला तो व्यास जी आ गए उन्होंने महाभारत लिख दी 18

01:19:58:07 पुराण लिख दिए वेदों का प्रकरण कर दिया यह तो सीमित है मगर यदि हम यह कह रहे हैं कि हम कुछ ऐसा दे रहे हैं जो अभी तक नहीं था तो यह जो हम दे रहे हैं इसके साथ में जिस जो हम प्राप्त कर रहे हैं वो सनातन नहीं है फिर वो तो 2 स वर्ष पूर्व निर्मित हो रहा है अब आप बताइए कि आप जिस धर्म को फॉलो कर रहे हैं 50 वर्ष पूर्व उस ड हुआ है वेदों में वो सनातन कैसे है कितना मगज मारी करनी पड़ती है भाई आवाज कट गई थी आपकी हां हां समझ में आ गया मेरे को तो आप बोल रहे हो एक्सटेंडेड वर्जन है राइट ये एक्सटेंडेड किया हुआ है जो कि आप बोल रहे हो कि जो पहले से लि तो मैं वही पूछ रहा हूं क्या ये जो ऋषियों ने ऐसा कहा है कि चारही वेद फाइनल है इसके बाद कोई वेद नहीं है इसके ऊपर कोई ज्ञान नहीं है ठीक है सुनो जो वेद प्रा हु ये मुझसे लिखा हुआ चाहते हैं तो ये भी तो लिखना पड़ेगा आपको आप अगर मुझसे लिखा हुआ चाहते हैं तो आपको यह लिखा दिखाना पड़ेगा कि गरीब दास जी आएंगे सूक्ष्म वेद

01:21:01:10 देंगे बो दोनों की पॉसिबिलिटी नहीं है दोनों की पॉब दोनों की पॉसिबिलिटी नहीं है तो मैं तो आपसे ये पूछ रहा हूं सनातन की परिभाषा के अनुसार आपका धर्म सनातन है कि नहीं मैं ये पूछ रहा हूं सनातन है आपका धर्म तो वर्ष जो देवी देवता की साधना करते हैका धर्म वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया सनातन सिद्ध करो अनादि सिद्ध करो उसे देखो पहली बात धर्म अग अगर आपको मैं प्रमाण दे भी दूंगा तो उससे प्राप्त होने वाला जो धर्म सनातन थोड़ी ना होगा मेरे को एक बात बता एक चीज हा सुन बताता हं आपको उत्तर बता आपने प्रमाण मा एक मिनट आपने प्रमाण मागा आपने एक मिनट मिट एक मिनट मैं क्लियर कर दू आपने एक प्रमाण मांगा कि मुझे प्रमाण दे दो कि इन चारों वेदों के बाद अब कुछ नहीं आएगा ठीक है अगर प्रमाण आपको दे दूंगा तो मैं तो खुद अपने धर्म को सनातन विरुद्ध सिद्ध करूंगा क्योंकि हा और क्या अगर मैं आपको ये बता दूं कि भैया आएगा अगर आप अपने धर्म को अगर आप अपने धर्म को सुनो अगर आप अपने धर्म को ये मानते हैं कि अनादि नहीं कलयुग में भी कुछ आएगा वो सनातन सिद्ध करो आप कैसे सनातन हा

01:22:16:13 तो इसीलिए मैं कहता हूं ना हिंदू की रोध सिद्ध कर रहा देखो आप दवी तक पढ़े हो ना 10 तक पढ़े हो तो 10थ के बाद 12थ होता है आपको ये पता है तो 10थ में जो फाउंडेशन बनता है सुनो मान लो समझ लो एग्जाम का बीच में मत बोलना मैं पल रहा हूं भाई आपने जो नियम दिए हैं गरीब द में वो नए नियम हैल आप क्योंकि बकवास बात पास समय नहीं है इतना और भी लोग है आप अपने धर्म को सनातन सिद्ध करिए अगर थ के बाद 12थ आता है सुनो तो जो 12थ में जो पढ़ाई कराई जा रही है वो सनातन पढ़ाई नहीं है क्यों भाई अगर द में अगर दवी के समय अगर दसवी के समय वो अस्तित्व में नहीं थी 12वी के समय अस्तित्व में आई है तो व सनातन पढ़ाई नहीं है यही अंतर है सनातन में और ये भौतिक शास्त्रों में आपने डिक्लेयर भी कर दिया मतलब आपने मेरा एजाम भाई आप आप जाइए अध्यन करके दोबारा वापस आइए आपके पास अभी नहीं है चीजों को समझना बताना रुक जाओ मैं सुन रहा हूं आपकी बात मैं सुन रहा हूं आपकी बात सुन रहे हो आप ये सिद्ध करो अगर आपने माना कि 250 वर्ष

01:23:31:21 पूर्व आपका एक ग्रंथ आता है जो पीछे से जो अनादि शास्त्र है उसमें ऐड हो जाता है नया जो अब तक अस्तित्व में नहीं था वो आपने दे दिया तो फिर यह सनातन कैसे हुआ हां सुनो अभी जो गरीब जी की वाणिया है उसमें हम लोग तीन टाइम का पाठ करते हैं ठीक है औरस हम तीन सुनो सुनो अभी मेरी उत्तर सुनो उसम हम देवी देवताओं को जो भी देवी देवता है हिंदू धर्म के आप वाणी में आपको भेज दूंगा उसमें नाम लिखे हुए हैं उनके उनके नाम लिखे हुए सुनो और जितने भी पूछ रहा हं गरीब दस जी ने 2 वर्ष पूर्व कुछ नया दिया जो पहले से नहीं था दिया ना नया ठीक है हा तो फिर अब आपका धर्म सनातन कैसे रह गया तो वही बता रहा हूं आ गया तो बात खम हो बता रहे हो तुम अरे आप सुन ही नहीं रहे हो मैं क्या बोल रहा हूं पहले क तो करने दो मुझे कर पहले पूरा बोलने दो मेरे को ठीक है आपको क्या प्रूफ करना है कि सनातन है या नहीं ठीक है तो सनातन में क्या होता है मुख्य पांच देवी देवताओ की पूजा करते हो आप लोग करेक्ट जो हिंदू धर्म में होती है पाच देवी देव सनातन में मुख्य पांच देवी देवता ही नहीं है बहुत सी बातें है सनातन धर्म

01:24:46:28 ग्रंथों की एक विस्तृत एक विस्तृत नियमावली है वेदा आदि शास्त्रों की सीमा में केवल एक देव मुख बहुत स चीज है जो आप आप ये कह रहे हो सुनो आप ये जो कह रहे हो कि क्या कहते हैं पित्रों को तर्पण करना ये सब बकवास है और उसमें भरभर के मंत्र है वेदों में ठीक है तो हो गया ना बात आ गई यहां पे सुनो मेरी बात आ गई ना यहां पे कुछ चीजें मैनिपुलेटेड है तो ये उसमें से एक पार्ट समझ लो आप जो आप वा पार्ट विश्

01:25:26:09 वि आपने तो आपने तो स्टार्टिंग में बोला जी कि मैनिपुलेटेड है हा मानते हो ठीक है मानते मैं मानता हूं मैंने आपकी बात को दुर्जन तोष न्याय से सुना था मैंने आपकी बात को दुर्जन तोष न्याय से सुना था ठीक है समझते क्या तो इशारे को समझो जो मैं बोल रहा हूं वही है जो मैं बोल रहा हूं करप्टेड हुई है वो वही मैं ये नहीं कह रहा हूं मैं ये कह रहा हूं आपने खुद ये स्वीकार किया कि भैया 250 साल पहले गरीब दास जी ने एक ग्रंथ लिखा उसमें वह बातें लिखी जो अब तक नहीं थी हम ठीक है तो फिर आपका धर्म सनातन नहीं रहा इसको नोट करो अ भाई उसमें जो विधि दी है विधि दी सुन लो पहले पूरा मैं पूरा बोलने तो तो मुझे विधि दी है जो अपने मुख के पास देव है ये मानते हो कि नहीं पाच देव है या नहीं जो मुख्य है हां तो उस साधना बता री बात मुझे एक बात बताओ मैं तुम्हारी बात प क्यों विश्वास करूं कि जो ये वेद है जिन पर मैं विश्वास करता हूं ये बदल दिए गए और तुम्हा तुम जो कह रहे हो वो सही है मैं इसको क्यों मान लू उसके लिए मुझे तत्वदर्शी को तत्वदर्शी मानना पड़ेगा ना उसके

01:26:41:14 लिए मुझे उसके लिए मुझे तुम्हारे गरीब दास वाले ग्रंथ को ग्रंथ मानना पड़ेगा ना मैं नहीं मानता मैं नहीं मानता एग्रीड तो वही मैं वही बोल रहा हूं सबके ओपिनियन अलग है सब लोग एक नजर को अलग वैसे देखते इसीलिए मैं कह रहा था इसीलिए मैं इसीलिए शुरू से कह रहा था ग्रंथों की बात मत करो अब मैं आपसे पूछ रहा हूं मैं आपसे पूछ रहा बिना ग्रंथ के पूछा अबरी ब आप अल्टरनेट चल रहा है अल्टरनेट चल रहा है ठीक है ग्रंथ से मत पूछना अब ग्रंथ से मत पूछना क्योंकि सबके ओपिनियन अलग अलग है सबका विश्वास अलग अलग है आपका विश्वास है गरीब दास प मेरा विश्वास है वेद प ठीक है ठीक है मैं पूछता से नहीं पूछता हूं ठीक है मैं क्वेन पूछता हूं ठीक है पूछो अ तो एक बात बताओ तो आप आप मोक्ष को कैसे डिफाइन करते हो आप मोक्ष की परिभाषा क्या समझते हो मोक्ष बोते आप इसके बाद इसके बाद मैं तुमसे पूछूंगा मोक्ष की परिभाषा क्या है सुनो बताओ आप संसार के प्रत्येक जीव में मैं आपको प्रमाण नहीं दे रहा हूं मगर ये इसका पंक्ति का एक हिस्सा है इसलिए बोल रहा हूं ठीक है असतो मा सद गमाया तमसो मा ज्योतिर गमाया मतु मा

✅ This part is already used · 01:27:53:09 – 01:28:03:00 (0:10)

→ Used in: A · Live Discussion with Rampal follower #santrampaljimaharaj at 1:32:03 ↗

01:27:53:09 मतम गमाया मुझे सत से असत की ओर ले चलो मुझे मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो मुझे

⬜ Not used yet · 01:28:03:00 – 02:56:20:00 (1:28:17)

01:28:03:00 अंधकार से उजाले की ओर ले चलो इन तीनों का जो निचोड़ है वही मोक्ष है यानी कि एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी जो सत चित आनंद की प्यास है उसका परवन जिस सच्चिदानंद स्वरूप स्थिति और परमेश्वर में होता है उस स्थिति को मोक्ष कहते मतलब अभी अभी तो मतलब आप अभी आपने थोड़ा संस्कृत में बोला तो मतलब आपका आपका कहने का मतलब यह है कि आप एक ऐसे स्टेट पर जाओगे जहां पर आप परमात्मा को मिल जाओगे करेक्ट हा हा कर परमात्मा परमात्मा में मिल जाओगे या फिर परमात्मा को मिल जाओगे परमात्मा में मिल जाएंगे परमात्मा में मिल जाएंगे मतलब उनको मतलब परमात्मा मिल जाएंगे फमले मतलब आप फॉर्मलेस की बात कर जिसका जो निराकार रूप है वो बता बात कर रहे हो आप क्योंकि जो व्यवहार में नहीं आ सकता मतलब थोड़ा बताओ मतलब व्यवहार में मतलब मतलब एक्चुअली मेरा हिंदी मतलब इतना ये नहीं व्यवहार में मतलब जो जिसका फॉर्म नहीं है जो मतलब शेप में दिखता वो बोल र जो व्यवहार का वाणी का आंखों का कर्मेंद्रियों का विषय नहीं है मतलब वही फॉर्म में नहीं है फॉर्मलेस है इसका मतलब आप बोल रहे हो

01:29:18:01 कह सकते वही तो चीज हो गई फॉर्मलेस मतलब निराकार निराकार तो आप निराकार में मिल जाओगे आप ये बोल रहे हो में करे ठीक है तोय ये आपका डेफिनेशन आप बोल रहे हो कि आप निराकार में मिल जाओगे लास्ट में मोक्ष में ठीक है तोय आपका डेफिनेशन है हा ये लास्ट डेफिनेशन है आपका हा अच्छा ठीक है तो वही चीज है तोय तो गलत हो गया य तो गलत बोल रहे हो कैसे कैसे क्योंकि आप य बोल रहे हो आप निराकार में मिल जाओगे ठीक है हा तो आपका परमात्मा क्या है आपका जो विष्णु है व साकार है निराकार है एक ही परम तत्व स्वयं को पांच अलग अलग रूपों में प्रकट करता है यदा यदा धर्म भारता

01:30:07:00 धम व लेवल पर हो समझ गया बात सुभ देखने आपने एक प्रश्न किया मैंने उत्तर दिया उतर नहीं आया उतर उत्तर वो नहीं आया जिससे आप संतुष्ट नहीं हुए दूध का दूध पानी का पानी नहीं हुआ ठीक है आपसे प्रश् प्रश्न नहीं कंटिन्यू करिए कंटिन्यू करिए आप बोले कि पांच फर्मों में जो आपके जो देव आप जो बोल रहे हो विष्णु जी पांचों फॉर्म में आके फॉर्म में आते हैं राइट समझ सही जो करेक्ट मैं बोल रहा हूं फॉर्म में आते हैं तो वही मैं पूछ रहा हूं कि आप बोल रहे हो पांचों फॉर्म में आते हो करेक्ट अलग अलग फॉर्म तो ये जो है जो आप बोल रहे हो तो अहम ब्रह्मास्मि की तरफ तो नहीं बोल रहे आप इशारा कर रहे कि मैं ही ब्रम हूं नहीं मैं ही ब्र हूं यह परमार्थ का विषय है व्यवहार का नहीं हां नहीं नहीं नहीं नहीं आप इसकी बात तो नहीं कर रहे ना कि मैं ही ब्रह्म हूं क्योंकि सुनो अगर आप परमात्मा पर मिल जाओगे तो आप वही बन जाओगे अगर आप उसम मिल रहे हो तो आप उसका पार्ट हो गए ना आप वही बन गए नान तो आप मनुष्य की लेवल की जो स्टेट है वो ब्रम लेवल की स्टेट पर पहुंच जाओगे सही या गलत सही है सही है सही

01:31:22:27 है अच्छा तो ये सही है तो मेरे को एक बात बताओ यार जो जो अपने वेदों में ऐसा क्यों लिखा है यार कि देखो ग्रंथ की बात मत करो ठीक है मत करना ठीक है ठीक है ठीक चलो फिर मेरा हो गया ये प्रश्न आपने बो दिया पूछ रहा सुनो मैं पूछ रहा हूं अब तुम्हारा हो गया है अब मैं पूछ रहा हूं अब एक मिनट एक मिनट एक मिनट अब मैं पूछूंगा अब मैं पूछूंगा आपके अकॉर्डिंग क्या आप जिस भगवान को भगवान मानते हो वह सर्वशक्तिमान है या नहीं हां है है और वो साकार है देखो अब साकार और निराकार इसमें दो इसमें यह जो चीजें है जो साकार निराकार वाली वह काफी कॉम्प्लिकेटेड चीज है ठीक है तो इसमें मैं आंसर नहीं दूंगा यस और नो में क्योंकि क्योंकि सुनो क्योंकि मतलब आपको नहीं पता है है पता पता है मुझे पता है बट मुझे मुझे मेरे पास ना इतना बोलने के लिए कुछ नहीं है अभी कि मैं आपको प्रूफ कर सकू मुझे प्रूफ नहीं चाहिए आप मानते हो वो बताओ

01:32:37:27 मुझे प्रूफ नहीं चाहिए आपको जो घोंट के पिलाया गया वो बताओ मुझे प्रूफ नहीं चाहिए जो मानते हो वो बताओ ठीक है परमात्मा साकार साकार है हां साकार अब मुझे बताओ कि जिस कबीर की आप फोटो लगाते हो भाई साब मैं आपके ईश्वर को सर्वशक्ति मत्ता की बात कर रहा हूं आप एक क्वे कबीर को जिस रूप में जानते हैं उसका वही रूप सतलोक में बैठता है या कोई और रूप है जिस कबीर को जानते हो मतलब अभी तो मैंने तो उनका मतलब एक्चुअली फम नहीं देखा एकली क्या फम है मतलब जो आपनो चित्र दिखा जाते ये सब नकली है नहीं ये नकली नहीं है इट्स लाइक वो एक बोलते है ना अपन किसी चीज को एक करति में दिखा देते कि ऐसे रूप में है तो एजेक्ट वो नहीं है मतलब प्रसा वो नहीं है वो नहीं कह रहा एट वो नहीं कह रहा कहने का मतलब आपको यह तो बताया गया है ना कि सतलोक से वो सीधा य आते हैं कि रूप को बदल लेते हैं हल्का रूप करके आते हैं क्योंकि उनका हका करते बदलते तो नहीं हैते तो

01:33:53:28 बदलते तो नहीं है रूप नहीं रूप देखो परमात्मा एक टाइम पर कितने ही रूप में आके मनुष्य जन्म मैं आपसे भाई साहब एक एक करके बात कर रहा हूं आपका ईश्वर अभी सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं होगा दो मिनट बाद दो मिनट बाद आपका ईश्वर सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं होगा आप मुझे अपने प्रश्न मुझे अपने प्रश्न पर पहुंचने दे अभी मैं कह रहा हूं आपका जो ईश्वर है वो सतलोक से आता है अपने जो अपना जो तेज है उसको थोड़ा कंट्रोल कर लेता है जिससे कि आप की जो चमड़े की आंखें है वो उन्हे देख सके ठीक है क्या उसका व जो रूप है वह शाश्वत है शाश्वत मतलब जरा बताइए आप शाश्वत म कभी ना बदलने वाला कभी ना कभी नष्ट नहीं होता ठीक है तो आप बोल रहे जो कभी नष्ट नहीं होता ब्रह्मा विष्णु महेश तो नाशवान इसलिए है ब्रह्मा विष्णु महेश नाशवान आपके अनुसार इसलिए है क्योंकि उनका शरीर नष्ट हो जाता है तत्व से तो वो भी अविनाशी है ना आत्मा तो सब अविनाशी है ब्रह्मा विष्णु महेश भी अविनाशी है ना देखो मैं आत्मा की बात कर रहा हूं मैं हा आत्मा के रूप में ब्रह्मा विष्णु महेश अविनाशी है ना शरीर रूप

01:35:08:28 में ब्रह्मा विष्णु अविनाशी मैं पूछ रहा हूं आत्मा के रूप में ब्रह्मा विष्णु महेश अविनाशी है ना सारी आत्मा अविनाशी नहीं है मैं पूछ रहा हूं ब्रह्मा विष्णु जब आपको सारी आत्मा अविनाशी है तो ब्रह्मा विष्णु महेश को बोलने में दिक्कत हो रही है क्या कर करे कर करेक्ट बोल लो सही है हा सही है तो ब्रह्मा विष्णु महेश आपके अनुसार उनसे निम्न इसलिए क्योंकि व नाशवान है उनका शरीर है ना हा इसका मतलब यह माना जाए कबीर का शरीर नाशवान नहीं है हां तो आप एक मिनट य पर शरीर में भी दो पार्ट आ जाएंगे ठीक है एक तो शरीर हो गया एक तो नूरी शरीर हो गया हमलोग बोलते एल और उसके अंदर वाले शरीर जो भी है ठीक यहां पर जो शरीर आया था कबीर का वो ओरिजनल था या कोई और शरीर आया था यह बताओ कौन सा यहां पर शरीर आया था व हा वो ओरिजिनल शरीर था या कोई और शरीर था देखो यार अभी जो शरीर जो आया किसी भी बात का सीधा जवाब है नहीं देखो यार या मैं पूछ रहा हूं जो नीचे धरती पर कबीर आए थे वो किसी गर्भ से नहीं जन्मे थे आपके अनुसार वो स शरीर परमात्मा नीचे आता

01:36:24:16 है तो वह परमात्मा का सही रूप था या गलत रूप था जो नीचे आया था पूरा रूप नहीं था क्योंकि वो रूप को हल्का करके आए थे रूप हल्का करके आया शरीर तो वही था ना नहीं देखो वही बोल रहा हूं हल्का देख आपको विजन शरीर को चेंज किया क्या मैं आपको बताऊ जैसे हम देख रहे उनकी दाढ़ी है उनका यहां से य तक कंधा है उनके ये है ऊपर भी वही शरीर है ऐसा ही है या बदला हुआ है ऐसा ही शरीर है ऐसा ही है यानी वो अपने तेज को कंट्रोल करके वो अपने तेज को कंट्रोल करके नीचे आता है करेक्ट करेक्ट ठीक है करेक्ट हा अब आपने कहा कि उसका शरीर कभी नष्ट नहीं होता कभी वो शाश्वत है वो कभी बदलता नहीं है शाश्वत अब मैं पूछ रहा हूं यदि कबीर सर्वशक्तिमान है तो क्या वह पहाड़ बन सकता है पर बनना क्यों है यह बता दो आप पहले सृष्टि क्यों बनाई उसने अच्छा ठीक है तो खुद पहाड़ बन स क्या आवश्यकता थी पूछ रहा हूं कोई आवश्यकता थी क्या उसे प्यासा था वो ठीक है तो आप बोल रहे हो आप बोल रहे हो कि पहाड़ बन सकता है क्या

01:37:40:08 वो परमात्मा खुद पहाड़ बन सकता है तो इसका आंसर डिपेंड करेगा किस चीज प डिपेंड करता है सिचुएशन क्या हैच ें सिशन मान लो मैं इसम नहीं जाऊंगा मैं पूछ रहा हूं किसी भी सिच बन सकता है बनकता सिचुएशन शरीर बदल गया शरीर कैसे बदल गया क्यों शर शाश्वत है ना वो तो शाश्वत कार् क्या है शाश्वत का अर्थ क्या है रूप चेंज कर लिया अरे मेरे भाई अभी वो दो फिट के कंधे थे अब वो 50 किलोमीटर का पहाड़ है तो ये दो फिट के कंडे से 50 किलोमीटर का पहाड़ बन गया बदला कि नहीं बदला हां बदला ना तो फिर तो बदल गया शाश्वत कहां से रहा वो तो शाश्वत तो वही मैं बोल रहा हूं सिचुएशन मैंने बोला ना इससे पहले सिचुएशन प डिपेंड करता अरे भाई या तो सुनो या तो वो शाश्वत नहीं है और या फिर वो अपना शरीर नहीं बदल सकता हम ठीक है क्योंकि जितनी देर वो पहाड़ बनेगा उतनी देर उसका वो जो शरीर था वो नष्ट माना गया उसका अस्तित्व नहीं है जड़ है हा तो हा तो सुनो अभी उत्तर सुन लो इसका यानी वो जो रूप हमें दिख रहा था या तो हमें मानना पड़ेगा यह रूप वास्तविक नहीं था उसका तत्व से कोई और रूप है तो शरीर तो इसका

01:38:55:14 भी बदलाव हो रहा है नित्य नहीं है शरीर शाश्वत नहीं है शरीर सुन लो मेरा उत्तर उत्तर सुन लो यहां जब परमात्मा आए थे कबीर जी जो 15 15 सेंचुरी में ठीक है तब वो जब यहां पे आए थे भाई साहब मुझे नहीं सुनना मैं काफी देर आपके साथ बिता चुका हूं मैं आपसे जो पूछ रहा हूं या तो वो शाश्वत नहीं है या फिर वो सर्वशक्तिमान नहीं है आप मुझे बताए बता रहा बता रहा कि जो परमात्मा 15 सेंचुरी में आए थे वो वो खुद ही आए थे और वो एक टाइम पर मल्टीपल प्लेसेस पर रह सकते एक टाइम प मल्टीपल प्ले मल्टीपल प्लेसेस में रह सकते हैं तो मैं आपसे पूछ रहा हूं ना यानी कि वो जो तत्व है वो कुछ और है वो जो दिख रहा है वो कुछ और है नहीं नहीं नहीं आप देखो मैं वही बोल रहा हूं अगेन कॉग्निटिव एबिलिटी मैं बोल रहा हूं कि आपकी क्षमता जो है सोचने की वो इतनी है कि आप बोल रहे हो या तो है या तो नहीं है तो वो आपके दिमाग की क्षमता है तो उसको

01:39:55:06 दे आपको धर्म का मतलब नहीं पता सनातन का मतलब नहीं पता चले आए यहां पर बात करने अब आप जा सकते हैं अब आप जा सकते हैं अभी देखो आप बात नहीं कर रहे पूरी पका लेते हैं भाई पका लेते हैं इतनी मेहनत करके जीरो से लेकर आना अंत में उसी बात प है कि मोक्ष है कि नहीं धर्म शाश्वत है कि नहीं और ईश्वर सर्व शक्तिमान है कि नहीं इतना सब घुमा फिरा करके वह वेद वाणी है बड़ी अच्छी सी प्यारी सी भाषा बड़ी अच्छी सी प्यारी सी आवाज में और आना अंत में उसी पर है जी थोड़ा सा आप लोग बोल लीजिए क्योंकि मैं थक गया हूं बोलिए जय श्री राम भाई जी जय श्री राम भैया आप इनसे जो बात कर रहे हो इन्होंने केवल गुरु बाणी सुनी है

01:41:11:02 कभी खुद अध्ययन नहीं किया हम तो यह आके आपसे सीधा डिबेट कर रहे हैं कि हां हम य प छा जाएंगे हमारी बात सुनी जाएगी और हमारी बात को मान को सनातन का अर्थ नहीं पता आ करके क्लेम कर रहे कि वेदों में मिलावट हुई है अबे भाई जिसको वेदों पर विश्वास है वो व्यक्ति सनातनी है कहो हम हिंदू नहीं है सनातनी नहीं इनके लिए वेद बहुत दूर की बात है इनको गुरु का ही अर्थ पूछ लो जिन जिनसे इन्होने ज्ञान लिया है इन् उसका ही ज्ञान नहीं पता तो इनके लिए तो वेद बहुत दूर की बात है बिल्कुल बिल्कुल इनका इनका एक एक वो है कबीर ग्रंथा इनके लिए कबीर अगर भगवान है तो इनसे पूछो कि कबीर जी अपने एक दोहे में क्यों कहते हैं कि कबीर कुत्ता में राम का और मोती मेरा नाम य यह उसको भी कह देंगे उसम मैनिपुलेशन हो गया हर वो चीज हर वो चीज जो रामपाल दास के विरुद्ध होगी अगर गरीब दास की भी विरुद्ध हो जाएगी तो उसको भी कह देंगे मैनिपुलेशन हो गया अरे भैया ठीक है तुमको विश्वास है मैनिपुलेशन हो गया वो धर्म है हमको नहीं विश्वास है हमें

01:42:26:13 अपने ये केवल संत कबीर दास जी का मुखौटा बनाकर केवल अपना ही अपना प्रचार कर रहे हैं ये केवल रामपाल की भक्ति कर रहे कबीर दास जी की नहीं कर रहे नहीं कर रहे हा इनका इनका मोटिव य है येमा सना धनी बातो को मनवाने के लिए 600 साल पहले के मंदिर दिखा रहे हैं हम इनको 7000 वर्ष पूर्व का राम सेतु दिखा रहे वो नहीं मानेंगे नहीं मानेंगे भैया नहीं मानेंगे ये भैया सनातन धर्म के अंदर वो दीमक जो धीरे धीरे धीरे धीरे इसको खा रहे हैं यही चोला उतारने तो निकला हूं मैं भैया पूरा समर्थन है हमारा तो आपके साथ में हम आपके साथ है नंद पांडे जी जय श्री राम जय श्री राम भैया मैं आपका वीडियो कुछ एक दो हफ्ते से दे आवाज आ रही है तो मैं छत्तीसगढ़ से हूं यहां य कबीर पंथ वालो का कबीर पंथ आपने सुना ही होगा नाम तो जितने क ट चल रही है नहीं वो शायद रिजनल कबीर पं की बात कर रहे हैं ओरिजनल मा माड़ जो कबीर पंथ है इससे रिलेटेड जितने जय गुरुदेव पंत ये सब है जो कबीर को परमात्मा मानते हैं सबका

01:43:41:14 यही हाल हैया में इतने है इनके चेले की क्या परेशान दर्द करके रख भ्रमित कर रहे हैं वेद शास्त्र गीता के अर्थ को अनर्थ करते अभी आप भया मेरा पहला कहना ये है कि आपका यदि वेद से सिलेक्टिव वेद से सिलेक्टिव भी नहीं है कुल मिलाकर आपका जो ग्रंथ है व है कबी वो गरीब दास वाला ठीक है आपका गरीब दास के अनुसार अगर कबीर भगवान है आप खुब कहो गरीब दास में प्रमाण है और कबीर भगवान है खुब कहो आप फिर वेदों को प्रमाण क्यों लाते हो और जब वेदों को मानना है तो पूरा मानो हम जिसे बताएंगे मैनिपुलेट है मैनिपुलेट कौन करे कौन सिद्ध करेगा मैनिपुलेट है तत्वदर्शी तत्वदर्शी कौन सिद्ध करेगा कि वो तत्वदर्शी है गीता गीता को कौन सिद्ध करेगा कि वो है गीता परही तो आक्षेप लगाया आपने कि उसम मिलावट हो गई है काल ने बोल दिया फिर गीता के आधार पर तत्वदर्शी कैसे सिद्ध होगा कोई और आधार लाओ अब वो आधार लाएंगे चमत्कार हमारा हमें नहीं विश्वास है उस चलिए

01:44:48:13 जाइए इनको जितना हया का नाम इसलिए लेते हैं कि उनकी दाल गल पाए हिंदुओं के बीच में जी जी बक ना उनका धर्म सनातन देखो कह रहे हैं 2 स साल पहले जो गरीब दास आई ग्रंथ वो हमारा धर्म है वो हमारा शास्त्र है तो जब 2 स साल पहले तुम्हारा एक नया धर्म बन रहा है तो क्यों जोड़ रहे हो अपने आप को सनातन से सिद्धि नहीं कर पाओगे सनातन अपने आप को सनातन तभी सिद्ध कर पाओगे जब आप वेद का विरोध ना करो

01:45:24:09 संसार का कोई भी तंत्र स्वयं को सनातन सिद्ध नहीं कर सकता वेदों का विरोध करके शिवांश भैया इसीलिए इसीलिए जो व्यासपीठ है ना वो व्यासपीठ देखो अध्ययन कोई भी कर सकता पढ़ कोई भी सकता है लेकिन वक्ता केवल ब्राह्मण को क्यों बनाया गया है जो त्रिकाल संध्या करने वाला ब्राह्मण है जो पूर्ण ब्रह्म भगवान में लीन है उसी को वक्ता क्यों बनाया क्योंकि वही अर्थ का बिल्कुल सही सटीक अर्थ बता सकता अर्थ का अनर्थ नहीं करेगा और यह लोग है अ इनका पहले ये तो देख लो भैया सामने जो व्यास पीठ पर बैठा है वह व्यक्ति कौन है कहां से व्यवस्था है कौन से गुरु से दीक्षित है उसका गुरु ज्ञान गुरु परंपरा कौन सी है कौन सा ज्ञान को व पालन कर रहा है अरे खुद उसके चरित्र में क्या है कितना वो कर रहा है पहले वो तो देख ले मैं ये कह रहा हूं कि ये ये कहते हैं भा कबीर सागर को भी मना कर दिया कल जो आए थे व कबीर सागर पर कह रहे थे कि हमारे लिए कबीर सागर प्रमाण आज इन्होने कबीर सागर को मना कर दिया कल को यह कहेंगे हम तो कबीर को भी नहीं मानते उनसे भी ऊपर कोई दूसरे कबीर है

01:46:40:18 र अब देखो इन्होंने कहा अपना अपना विश्वास है अरे भैया अपना अपना विश्वास है तो तुम हमें क्यों थोप रहे हो कि वेदों में प्रमाण है और तुम गलत भक्ति कर रहे हो गलत भक्ति तुम ये सिद्ध करो ना कि तुम जो कर रहे हो वो सब वैदिक है जब तुमसे ये कहने जाएंगे तो तुम कहोगे इतने वेद गलत है तो इसका मतलब वोह भी तुम्हारा मनमुक हो गया ना तुम्हारा जो वो है मामला वैदिक नहीं है गरीब दसिक है गरीब दसिक मामला है आपका वैदिक नहीं है वैद वेदों के नाम पर तो तुम अपनी जनसंख्या बढ़ा रहे हो हिंदू नहीं हो सनातनी नहीं हो जो वेद कोई उंगली उठा दे भैया वेदों की तो यह महीना महिमा है कि अगर साक्षात परमेश्वर आ जाए और वेद की किसी बात को गलत ठहरा दे तो भी एक बार को अस्वीकार्य है कि वेद गलत नहीं हो सकते हैं बिल्कुल है क्योंकि वेद अरुष है जब बुद्ध के रूप में भगवान विष्णु आए तो बुद्ध को भगवान माना मगर उनकी जो वेद विरुद्ध मान्यता थी उसको स्वीकार नहीं किया

01:47:56:08 बिल्कुल नहीं कर बता रहा आपको वेदों में मिलावट क्यों नहीं हो सकती उसको सुन लीजिए अकृति क्या है एक छोटा सा ग्रंथ है वेद दिग दर्शन इसमें अष्टा विकृति का सूत्र दिया है अकृति ये जहां से वेद आ रहे ऋषि परंपरा से ही अ विकृति आ रही है क्या होती है 269 अगर इसको सरल भाषा में समझाऊं तो

01:48:54:07 अष्टा विकृति में इसमें यह विकृति का पूरा चैप्टर है और इसमें बताया गया है कि वेदों के मंत्र कैसे सुरक्षित रहते हैं अब इसमें है क्या मैं आपको सरल भाषा में बताऊ वेद के मंत्र को बीच में से लेफ्ट की तरफ एक व्यक्ति याद करेगा बीच में से राइट की तरफ दूसरा व्यक्ति याद करेगा ऐसे कर कर के आठ प्रकार से वेद के मंत्रों को तोड़ मरोड़ करके याद किया जाता है अष्ट विकृति खराब तरीके से सीधे सधे नहीं गलत तरीके से तोड़ मरोड़ के तो जब यह याद किया जाता है तो उसके बाद ये गुरु शिष्य परंपरा में वो गलत तरीके से जिसने जिस तरीके से याद किया है उन तरीकों के नाम है क्या क्या नाम है जटा माला सिखा रेखा ध्वज दंड रथ घन ये आठ प्रकार की विकृतियां आठ

01:50:09:13 प्रकार से तोड़ मरोड़ के वेद के मंत्रों को याद किया जाता है उसके बाद गुरु अपने शिष्य को वो गलत तरीके से रटा आता है तो आपने सुना होगा वो घन पाठी ब्राह्मण है वो जटा पाठी ब्राह्मण है ऐसे सुनने में आया हो बकुल इसका मतलब वो उस गुरु शिष्य परंपरा में है जिसमें कि वो जटा वाले तरीके से वेद मंत्र को याद किया गया है ठीक है अब होगा क्या कि जब भी कभी ऐसा होगा कि इसमें कोई मंत्र मिलाया गया है कि नहीं मिलाया गया यह चेक करना है तो वो जो आठ परंपराएं चल रही है जटा माला घन वाली वो आठों आएंगे उनके जो वंशज होंगे वो आएंगे गुरु शिष्य परंपरा से और फिर वो आकर के अपना अपना वह जो पीस है मंत्र का जो अंश है उनका वो लगाएंगे अगर वो फिट बैठा सही से तो तो मंत्र ओके है और फिट नहीं बैठा तो यह मिलावट इस सुरक्षा व्यवस्था का इस सुरक्षा व्यवस्था का विदेशियों तक ने सम्मान किया है मैं कले जैसे सनातन विरोधियों ने की वेदों में मिलावट करना बहुत संभव नहीं है

01:51:24:26 अब मैं य क्याकी गरीब दास वाणी में ऐसा कोई सुरक्षा व्यवस्था की है क्या शास्त्र को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा कुछ नहीं बल्कि मिलाव कबीर सागर मैंने पढ़ है बक रखा बहुत बड़ा क्या क्या मिला को आद मे को दिया मिलावट उसम उसम लेखक उसला ना य कबीर सागर उसम नहीं आया इतना मिला उन मूर्खों से क्या बात करने के लाय ही प्रमाण नाम पहले हमें एक बात समझनी होगी सनातनी किसे कहते हैं समझना होगा जो सृष्टि के मतलब जो शास्त्र अनादि है उन पर प्रमाण बुद्धि रखने वाला सनातनी है और शास्त्र कौन से अनादि है वेद जो व्यक्ति जिस रूप में भी वेद प्राप्त है उस पर प्रमाण बुद्धि रखता है कि इसका जो मंत्र है वह बिल्कुल सटीक है प्रमाण बुद्धि रखने वाला सनातनी है हिंदू है

01:52:40:03 अब यदि कोई कहे कि मैं वेद की सीमा के बाहर भी कुछ नियम है एक्सटेंड वर्जन जैसे अभी भाई साहब आए थे तो इनका धर्म क्या हुआ कि ा स साल पहले का जो ग्रंथ आया वो प्लस वेद के वो मंत्र जो इसमें समा पाए वेद में वो नहीं समा रहा है वेद के वो मंत्र जो इसमें समा पाए तो इनका जो धर्म निर्मित हुआ कहां से हुआ 250 वर्ष पूर्व तो क्या हुआ इनका धर्म सनातन नहीं रहा 250 वर्षीया धर्म हो गया अब 250 वर्षीया उसमें क्या दिक्कत है इसको भी समझो धर्म शाश्वत क्यों होना चाहिए अगर धर्म किसी देश काल परिस्थिति में उत्पन्न हो रहा ठीक है इसका मतलब कि उसी वो जो 250 वर्ष पूर्व जो चीजें चल रही थी उसी के अनुसार वो गलत हो रही थी जैसे मान लीजिए कि हम यह मान ले कि इस्लाम जो है वो सनातन नहीं है इसका अर्थ क्या है कि आज अगर उनके यहां मूर्ति पूजा मान्य नहीं है और जिसके लिए हम जान भी दे रहे हैं मर रहे हैं बचाने के लिए अपने नियमों को कल को बदल जाएंगे

01:53:55:16 हम बेकारी ड़ ऊपर वाले ने कह दिया अब मूर्ति पूजा अलाउ है 5 101 में यह कहा गया कि ज्यादा सवाल ना करिए नहीं तो आपके लिए वह वाले नियम खोल दिए जाएंगे जो पहले थे और जिनके कारण लोग बागी हो गए थे तो नियम बंद कर दिए है ना वो खुद कह रहे दो 187 में रोजों में स्त्री संघ पहले अलाउ नहीं था मगर किसी दिन जब उनकी परिस्थिति ऐसी पड़ गई कि उनको स्त्री संग करना ही था तो फिर ऊपर वाले से आदेश आ गया कि आज से अलाउ है तोय क्या हुआ जो कल तक गलत था वह आज सही हो गया तो ये इसलिए धर्म सनातन होना चाहिए कि व्यक्ति की उसमें बुद्धि हो सके यह बदलेगा नहीं अगर वह बदलने वाला है तो व्यक्ति की उसको पालन करने में बुद्धि क्यों होगी क्यों करे वो पालन हो सकता है कल ही बदल जाए क्यों मानू मैं क्यों सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में मैं अंतर करू हो सकता है कल को यही कह दे

01:55:10:22 आ करके कि भैया आज से नियम हमने गरीब दास का नया ग्रंथ आया उसको चेंज कर रहे हैं अब अंतर नहीं है माता बहन और पत्नी में नास्तिक हो गए शाश्वत होना आवश्यक है जो किसी भी देश काल परिस्थिति में प्रभावित ना हो नित्य स्थाई जो आदि मध्यान सत्य हो माने हा शिवाजी गिरी चेहरा दिखाइए भाई साहब शिवाजी गिरी आज शिवाजी गिरी से रहा नहीं जा रहा है कमेंट में बहुत छका लगाते हैं बातों

01:55:50:13 का चले गए ठीक है भैया ली होता हूं कहां से भैया कहां से आप नंद पांडे जी छतीसगढ़ कोरबा से इधर य रामपाल वालो का बहुत है इनसे मेरा डेली चलते रहता है कुछ ना कुछ सा शब्दों को लेकर के अभी अभी अभी हम अभी हम इसमें जो अभी तक हमने मेहनत की है ना अभी तक जो परिश्रम किया उसका एक संक्षिप्तीकरण वाला वीडियो लेकर आएंगे अभी आज इन्होने क्या मान लिया कि एक्सटेंडेड वर्जन ठीक है धर्म वो जो अनादि धर्म था वो था मगर अभी कलयुग में 50 वर्ष पूर्व एक्सटेंडेड वर्जन आया है हमारे यहां पर कोई एक्सटेंडेड वर्जन नहीं आता है जो भी है व वेद की सीमा में व्याख्या होती है बस जब लोगों को समझने में दिक्कत आने लगी तो भगवान आ गए और भगवान ने आकर उसको क्लियर कर दिया पहले रामायण आ गई फिर दिक्कत आई महाभारत आ गई अब दिक्कत आएगी तो आगे बैठे हैं तो हमारे यहां वो नहीं है जो बदलता है एक्सटेंड वर्जन नया वर्जन आ

01:57:00:26 गया धर्म प्रो मैक्स अल्ट्रा अच्छा एक चीज और है येय बात कहते हैं कि दिमाग का दिमाग समझ नहीं सकता हम भी तो यही कह रहे हैं कि जो एक पार मार्थी ईश्वर है वह हमारी इंद्रियों का ज्ञान इंद्रियों का कर्म इंद्रियों का विषय नहीं है आप बना रहे हो उसे विषय आप कह रहे हो यहां से शुरू हो रहा है य खत्म हो रहा है आप कह रहे हो उसकी सफेद दाढ़ी है आप कह रहे हो उसके दो कान है आप बना रहे हो विषय हम हम ये कह रहे हैं कि भैया एक रूप भगवान का ऐसा है जो हमारी ज्ञान जो हमारी सीमा से परे है ठीक है वो हमारे व्यवहार का अ विषय वाणी का अ विषय है और फिर वही भगवान एक ऐसा रूप लेता है जो हमारी वाणी का विषय हो जाए तो ये बात जो है यही बात देखो वो भी कहते हैं अचिंत है यही बात कहते हैं स्कोन वाले जब वो अटकने लगते तो अचिंत और तब तक जब तक हम प्रश्न नहीं करते तब तक

01:58:16:04 ईश्वर ऐसा है ईश्वर ऐसा है ईश्वर ऐसा है भाई ईश्वर की डेफिनेशन निश्चित वाली आप दे रहे हो जो निश्चित डेफिनेशन है वह आप दे रहे हो कि व यहां से शुरू होता है यहां पर खत्म होता है आपने दी जैसे ही आप उसे साकार कर रहे हो कि उसका अंतिम स्वरूप साकार है तो आपने ईश्वर की निश्चित डेफिनेशन दे दी जब निश्चित डेफिनेशन आप दोगे ईश्वर की तो दिक्कत आएगी कि वह बाधित हो जाएगा ढेर सारे नियमों से तो इसलिए ईश्वर के दो स्वरूप है एक अनिश्चित व्यवहार में ना सकने वाला फिर एक निश्चित वो अपने आप को सजन करता है तब वो बाधित नहीं होगा कुछ भी करके दिखा देगा तो पावरफुल कौन हुआ पावरफुल कौन हुआ ब्रह्मा विष्णु महेश जितनी बार कहो कुछ भी बन जाए हा बकुल कौन हुआ पावरफुल आपका जो कबीर है वह शाश्वत शरीर वाला है उसमें हथौड़ा भी मारोगे टूटेगा नहीं तो वो छोटा नहीं हो सकता वो बड़ा नहीं हो सकता वो पहाड़ नहीं बन सकता ढेर सारी चीज या तो बता दो और अगर बन सकता है तो फिर वो शाश्वत मत कहो उसको वो कहो फिर आपको ये मानना पड़ेगा कि यह जो कबीर दिख रहा है यह वास्तविक

01:59:31:06 स्वरूप नहीं है क्योंकि य बदल रहा है सत्य क्या होता है जो बदले ना बिल्कुल नित्य स्थाई सत्य क्या होता है जो बदले ना अब बहुत ज्यादा टाइम नहीं है हमारे पास तो जिसको वेदों में प्रमाण कबीर भगवान बताना हो या फिर फ एक बात और थी ब्रह्मा विष्णु महेश कबीर के बराबर सर्वशक्तिमान नहीं है इस पर बात करेंगे कोई आना चाहे इसके संबंध में बात करने तो आ सकता है आपको आना है भाई साहब गॉड

02:00:10:09 कवि सत सा संगत जी जय श्री राम जय श्री अरे संगत जी आप जैसे ये बताते रहते हैं कि कबीर जी राम जी अभी मैंने मैंने एक वो लिया है चैप्टर आपको इस चैप्टर के बारे में बात करनी है नहीं तो हम फिर किसी दिन बात करेंगे नहीं नहीं एक ही सवाल पूछना था अभी देख रहा था आपका ये अभी अभी अभी अभी नहीं अभी हम फिर किसी दिन बात करेंगे क्योंकि अभी दो घंटे हो चुके मुझे बोलते बोलते एक ही बात बताइए के वो एक से बात नहीं होगी ना भाई अगर मैं उत्तर नहीं दे पाया तो फिर आप जाक के रील काट के बनाओगे देखो यहां शिवांश उत्तर नहीं दे पाया जगत बखान ने आदि राम कोई बिरला जाने क्यों नहीं आप बात बताते कबीर जी ने ये भी वाणी बोली है वो वो वाणी बोल देते हो वो वाणी बोल देते हो के कुत्ता राम जो वो बोलते हो अभी कबीर जी की बोली थी आदि राम कोई बिल बिल्ला जाने तो आदि राम आपके अनुसार क्या है आदि राम क्या है आदि राम कबीर परमेश्वर जी है अरे ईश्वर है कि नहीं कबीर परमेश्वर जिनको कबीर देव कहा गया है आदि राम आपके अनुसार आदि राम भी ईश्वर

02:01:25:18 है ना जी जी जी परमेश्वर अरे परमेश्वर है ना जी जी आपने अपनी किताबों में कहीं लिखा वेदों में प्रमाण है आदि राम भगवान है दा तो जी पंजाब से है जहां जिनको परमात्मा अब आप ऐसा करना भाई साहब आप आना दोबारा किसी दिन दो घंटे हो चुके ठीक है जिसको भी कोई र मतभेद के निमित्त चर्चा करनी है कबीर को वेदों के अनुसार सिद्ध करना है कि वह भगवान है वेदों के अनुसार गीता के अनुसार आप हां अपने आप को सनातनी सिद्ध करना है राम पालियो के लिए बोल रहा हूं रामपाल वालों के लिए और अपने आप को गीता और वेद को मानने वाला सिद्ध करना है सनातन को मानने वाला सिद्ध करना है सनातन धर्मी सिद्ध करना है सर्वशक्तिमान ईश्वर को मानने वाला सिद्ध करना है परम स्वतंत्र मोक्ष को मानने वाला सिद्ध करना है तो वह कल एक बजे आ सकता है कल एक बजे हम लाइव होंगे और विशेष

02:02:40:25 रूप से आयोजित करना है तो आप नंबर नोट कर लीजिए 740 8369 ठीक है हम क्यों माने भाई कि वेदों में मिलावट हो गई है आपका मानना है हमारा मानना नहीं है महादेव जय श्री राम महादेव जी इनसे यह पूछिए पूछा कीजिए कि वेदों में मिलावट हो गई है इनको कैसे पता चला यह पूछिए पूछा कीजिए इनसे वो कुल मिलाकर उनका उत्तर एक भगवान बैठा है इनके पास जो कहेगा वही वही में मिलावट हम क्यों माने भाई न पता कैसे चला पता कैसे चला यह पूछिए ऐसे चला कि जो गरीब दास में जो लिखा है वह वेद में नहीं लिखा है तो इससे यह सिद्ध थोड़ी होता है कि वेदों में मिलावट हो गई यह तो कोई इनसे पूछे ना इनकी इनकी बुद्धि में बात घुसे ना जब तक हम किसी एक निश्चित प्रमाण बुद्धि पर नहीं आएंगे

02:03:55:26 तो आप हमें कुछ सिद्ध नहीं कर पाएंगे अपना धर्म का विषय ऐसा है नहीं ज जैसे अभी वो एक व्यक्ति आए थे वो कह रहे थे कि आप अपना अपना चेहरा रिवील कर लीजिए क्योंकि हमने चैनल की एक मर्यादा रखी है कि हम चेहरे के साथ ही बात करते हैं उसमें बात यह है कि अगर आपको हम नहीं आपको अगर हम नहीं कहेंगे नाय चेहरा में पहले दिखा रहा था वभी क्या है य पास में बिजली का काम चल रहा है तो बारबार लाइट जा रही है और आ रही है तो वो दिक्कत हो रही है कोई नहीं एक बार दिखा दीजिए उसके बाद बंद कर लीजिएगा एक बार मैंने पहले दिखा दिया था चेहरा पहले दिखा दिया अभी क्या लाइट नहीं इस वजह से दिक्कत हो रही है कोई नहीं एक बार कैमरा आप ऑन कर

02:04:41:01 लीजिए भाई शिवास जय श्री राम जय श्री राम सात्विक जी आप ऐसा करिए आप दोबारा आ जाइए अभी क्योंकि फिर नहीं तो फिर वो भेदभाव का वो आ जाएगा आप दोबारा मुझे बस एक ही एक ही बात कहनी थी मेरे को बस एक ही बात कहनी थी बोलिए नहीं ये बार-बार ऐसा बोलते हैं कि आसमानी किताबों को बीच में ले आते हैं समझ रहे आसमानी किताब उसमें भी मैनिपुलेशन हो गया उसमें भी मैनिपुलेशन हो गया इन्होंने एक बात अच्छी की इन्होंने एक बात अच्छी की अपना अपना ओपिनियन अपना अपना विश्वास हां भई हमारा वेदों में विश्वास है तुम्हारा रामपाल में है तुम अच्छे वहां बने रहो फिर हमको ये मत बताओ कि वेदों में प्रमाण कबीर भगवान है नहीं तो जो आसमानी किताब का खुदा है वो तो ये कहता है ना कि इसकी हिफाजत मैं करता हूं तो उसमें बदलाव कैसे आ वो उसम हां वो उसमें भी कहते हैं वो मैनिपुलेशन है नहीं नहीं वो मैनिपुलेशन है लेकिन फिर ये लोग इस चीज को भी सनातन नहीं है इसलिए तो बोल देते ये लोग अगर किसी जिहादी बहादी ने सुन लिया तो दिक्कत आ जाएगी हां यह बात है

02:05:56:02 तो यय नहीं बोलते ना इतना चिल्ला चिल्ला के कुरान में प्रमाण है कबीर भगवान नहीं तोसे बोसे इन्ह ऐसे बोल दिया कीजिए कि ये क्लिप जिहादी लोग भी सुन सुन सकते हैं इसलिए सोच समझ के [संगीत] बोलिए जब उनसे सवाल पूछने की बात आई तो मैं बताऊंगा नहीं सुना था एक्सटेंडेड ग्रंथ हा हा एक्सटेंडेड ग्रंथ अपना अपना ओपिनियन अरे भाई जब अपना अपना ओपिनियन है तो तुम हमें क्यों बता रहे होगे तुम शास्त्र सम्मत भक्ति नहीं करते हो कुछ ओपिनियन ही नहीं शास्त्र सम्मत भक्ति उसे कहते हैं कि जिस शास्त्र के बारे में बात हो रही है उसको पूरा का पूरा माना जाए उतना नहीं कि रामपाल ने जितना बताया उतना माना जाए तो रामपाल सम्मत भक्ति आप कर रहे हो हम वेद समत शास्त्र सम्मत भक्ति करते उसे कहते हैं सनातनी और आप अपना नाम सोच लो क्या रखना है जी अमित स्वामी जी मैं कुछ कहना चाहता हूं भाई जी बोलिए क्या हाल है आपके पहले तो थम्स अप टू यू बहुत अच्छा काम कर रहे हैं आप और मेन बात क्या है

02:07:11:08 जैसे मैं हरियाणा से हूं ठीक है तो मेरे हरियाणा प्रदेश में ना जो रामपाल नाम की काली छाया है ना वो बहुत ज्यादा फैल रही है बहुत ज्यादा है हरियाणा एक्चुअल में इनको जो चीज यह लोग प्रमाण मांगते हैं वेदों से गीता से या कहीं और से इनको कोई लेना देना नहीं है यह जनता मूर्ख बन चुकी है ऑलरेडी बन चुकी है और वह क्या कहते हैं ना ब्रेन वश वो हो चुका है उनकी समझ में नहीं आएगा साक्षात अच्छा एक बात बताइए मैं आपको एक उत्तर दूं इस बारे में आपने बहुत अच्छी बात याद दिलाई कुरान और हम में क्या फर्क है इस्लाम और हम में क्या फर्क है बताइए हमें फर्क यही है हम अपने शास्त्रों से हम इस्लाम को मानने हा हम इस्लाम को मानने वाले क्यों नहीं है हम इस्लामी क्यों नहीं कहलाते वो सनातनी क्यों नहीं कहलाते पता है क्यों नहीं कहलाते क्योंकि जबकि उसमें भी यही बात लिखी है कुरान में कि मुझसे पहले य जो कुरान से पहले बहुत से धर्म ग्रंथ आए मगर उनमें मिलावट हो गई है तो इस्लाम इस्लाम इसलिए कि वह यह मानता है कि वेदों में मिलावट हो चुकी

02:08:26:10 है और हम वैदिक इसलिए हैं कि हम यह मानते कि आज भी हमारा जो धर्म था है और रहेगा बदला नहीं गया व सनातनी अगर ऐसा ही हो तो फिर इस्लाम हो जाए हम लोग इस्लाम तो इनसे 1400 साल पहले आया 14 1500 साल पहले ऐसे ही किसी चमत्कारी देवता की बात माननी है तो वहा भी कहा जा रहा हैया आया था डायरेक्ट उसने हमको ज्ञान दिया यह एकचल में क्या है ना रामपाल के आने से पहले इस को कोई नहीं जानता था इसका इतना इशू नहीं था का आदेश नहीं था जबक मुस्लिम धर्म के अनुयाई जीव हिंसा करते हैं यह देख लो अब मोहम्मद ने क्या कहा है व कुरान है कुरान को य पूरा मानेंगे नहीं जब कुरान से व देंगे देखो मोहम्मद ने अनुमति दी तो ये तो मिलावट है कि मिलावट क्यों है अच्छा एक बात यह भी आती

02:09:32:20 है यह इनका प्रवचन है एक बात यह भी आती है कि अगर हम कह रहे हैं कि यह जो ग्रंथ है इसमें मिलावट हो गई है मिलावट में हैय ठीक है यानी कि इसमें कहां सच है कहां झूठ हमें नहीं पता ठीक तो यह तो हमारे लिए वो वेद है नहीं जो वहां से चला अब क्या हमारे पास कहीं पर वो वाला वेद है जिसमें मिलावट ना हुई हो पॉइंट की बात क्या हमारे पास वो वाला वेद है जिसम मिलावट नहीं हुई हो नहीं है कुल मिलाकर के यही यही यही है जो है ठीक है अब अगर यही है और इसमें हम लोग मिलावट की वो दृष्टि रख रहे हैं तो अप प्रत्यक्ष रूप से हम कह रहे हैं कि वेद है ही नहीं वेदों का अस्तित्व है ही नहीं क्योंकि इसमें तो मिलावट है इसमें कहां मिलावट है कहा नहीं मिलावट है इसका कोई आधार नहीं क्योंकि वेद ही सबका आधार है हम रामपाल दास के आधार पर इसम सिलेक्ट नहीं कर सकते कि इसम वेद के मंत्र कौन से हैं कौन से नहीं रामपाल कौन से गुरु परंपरा से पड़ा हुआ है रामपाल तो खुद ही अनपढ़ है आप फिर बोलोगे रामपाल क्या जानता गुरु परंपरा को ना जिसने कभी व्याकरण का मुह

02:10:47:25 देखा ना कभी कभी कुछ देखा जितना रटा टाया हमने लिखाया उ उन्होंने उतना अंगुली से दिखा दिया कबीर मैंने साफ और सीधी बात बता उनको कबीर कोई भगवान नहीं है एक कवि थे गरीब दास जी कहां वो लिखे हु एक कवि थे जिन्होंने कवि लिख दी किसका भगवान नहीं किसका कुछ नहीं अपने आप य इन्होने एक ढोंग पाखंड बना रखा है वेद को ये मानते ही नहीं गीता को उका कोई प्रमाण ही नहीं क्यों गीता का नाम लेते ये इन लोगों को तो शर्म आनी चाहिए वेद में वेद वेद का इनसे सूत्र पूछिए वेद किसने शब्दों से मिलकर बना है वेद का निर्वचन करिए वेद में संधि विच्छेद और वेद की परिभाषा बताए कभी पूछ शवा भाई जीसे य क्या जानते आज एक अच्छा पॉइंट मिला है वेद में मिलावट हो गई तो हम इनसे कहेंगे बिना मिलावट वाले वेद

02:11:39:10 है बनाला इस मतलब सनातन धर्म है ही नहीं लाइव टेलीकास्ट कर सबसे देखते जन कहां इनको ज्ञान है ज्ञान का तो इनको ज्ञान का तो इनके बुद्धि में तो भूसा भ रखा है किसका ज्ञान है इनको कबीर भगवान है कबीर भगवान है चिलाते चिलाते बस ऐसे रह जा सनातन कहा सनातन से मैंने इनको यही बता दि तुम वेद से बिल्कुल तुम कबीर सागर में इसलिए मानते है ये नहीं बोलो वेद में भगवान है वेद में लिखा है कबीर भगवान है कहीं नहीं है बिल्कुल नहीं है गीता की व्याख्या अपने आप करते हैं कौन सी गीता कौन से कौन से अर्थ का अर्थ कर रहे हो भाई ये कल आपसे रहा था ना वो आपने कहा कि व रगुण और सतोगुण उनको क्या समझ में आएगा अब जो व्यक्ति स्कूल नहीं गया जो कुछ नहीं गया जिसको गुरु का कभी मुख नहीं देखा उन्होने तो रामपाल को देखा जो रामपाल ही खुद जिसे पूछ लिया जाए अभी सबके 10 आदमियों के सामने में संस्कृत में अभी शास्त्रार्थ कि जाए वो क्या बता पाएगा उसने तो हिंदी में लिखा हुआ बता दिया हमारे में पांच क्लास वाला बच्चा भी बता देगा हिंदी में ये लिखा हुआ है अरे समझना नहीं कुछ नहीं दुनिया को बेवकूफ बनाने का बड़ा एजेंट पकड़ रखा इन्होने कबीर भगवान है कौन से उसम है

02:12:54:12 कबीर सा को हम सनातनी मानते ही नहीं है उन्होंने लिखा है कबीर वाणी कोका सम्मान करते हैं कबीर दास जी नि भक्ति श के क है और राम जी को अपना आराध्य मानते थे वो निर्गुण भक्ति शाखा में निर्गुण भगवान निर्ग इनको तो बुद्धि में आएगा नहीं रामपाल रामपाल रामपाल कौन होता है रामपाल से पहले तो कभी चर्चा हुई नहीं जेल को भी धाम बना दिया उन्होने जेल भीम बना दिया अरे ु जेल में अपने आरोप गंभीर आरोप की धारा लगी है उसको बता रहे भगवान है शर्म नहीं आती लोगों को इनको तो पकड़ के फिर केस करना चाहिए कि हमारे मैंने यही कह दिया य गीता और वेद को प्रमाण बिल्कुल भी ना

02:13:43:08 माने वो वाला एक बार स्क्रीनशॉट दिखा दीजिए जो कमेंट आया था ना एक एक कमेंट आया था वन दिखा दीजिए इनको ऐसे नहीं मानने वाले इनको तो जी बोलिए आका आदेश चौ जी भैया मुझे खाली बस काल के बारे में एक प्रमाण देना था बस और कुछ नहीं जो यह लोग कहते कालवान के बारे थ बताना था कुछ

02:14:15:27 थो जी बोलिए भैया जी मुझे मुझे खाली बस ये जो रामपाल जी के जो अनुयाई लोग हैं जो बोलते काल के बारे में तो मैं विष्णु पुराण पढ़ रहा था उसके दूसरे अध्याय में ही 24 से लेकर 32 लोक तक बताया गया है कि काल कौन है काल जो है वह विष्णु के ही रूप है जो कि जो कि पुरुष और प्रधान और पुरुष जब युग परिवर्तन होता है तब वो काल जो है वह रूप भगवान विष्णु काल के रूप लेते हैं मगर व बात आएगी अय बोल तो रहे हैं मैनिपुलेशन अब मैनिपुलेशन पर बात आ गई है अभी य अगली दो तीन स्म में इनको मैं ये मनवा दूंगा कि हिंदू नाम का सनातन नाम का धर्म है ही नहीं ये ये बोलेंगे अभी अभी देखते जाओ आज यहां पर आ गए मिलावट हुई है अब जो अगली स्ट्रीम होगी ना उसमें हम लोग यहां पहुंचेंगे य कहेंगे सनातन कोई धर्म नहीं बचा वो होगा किसी जमाने में अब नहीं है य ये बोलेंगे जैसे इन्होने बोला कि हां भैया वो सर्वशक्तिमान नहीं जैसे इन्होंने बोला कि अपना अपना ओपिनियन जैसे उन्होंने बोला ज्ञान से ज्ञान कटता है जैसे इन्होंने बोला क्या कहते

02:15:31:27 हैं आज बोला ना एक्सटेंडेड वर्जन ऐसे ही आने वाले कुछ दिनों में मैं इनके मुख से बुलवा आंगा कि सनातन का अस्तित्व नहीं है दुनिया में सनातन नाम का कोई धर्म नहीं है ये बोलेंगे देखना अगर ये आते रहे ऐसे पाखंड ऐसे ही खुल जाएगा अगर ये आते रहे तो इनकी बिल्कुल साफ सूपड़ा साफ सनातन विरोधी जो इनका चेहरा है व सामने आ जाएगा जी एक और प्रश्न था भैया शिवा भैया जी आप किसी चैनल प गए थे क्या यही वाली मामले को लेके मैं हा नहीं मैंने इनका देखा था कोई लाइव कर रहे थे उसमें कोई व्यक्ति वहां जाकर के बिना चेहरे के वहा बोला कि भाई यहां तो काल इनको कहा जा रहा है उन्हो उन्होने उसको हटा दिया नहीं मैं नहीं था विष्णु पुराण पढ़ रहा था तो मुझे वो म मिला दूसरे अध्याय में कि जो काल है वह विष्णु के ही जैसे मतलब कृष्ण जी है उसी तरीके से व स्वरूप है बहुत बहुत जगह काल कहा गया

02:16:46:28 भगवान को बहुत जगह बहुत हमने जो पीडीएफ उसमें हमने प्रमाण दिया है काल कहां कहा कहा गया भगवान तो ये मानती क्यों नहीं है भैया इन्हें मानना भी तो चाहिए ना फिर क्योंकि ये उतना मानेंगे जितना रामपाल ने डिसाइड किया इनके लिए वेद शास्त्र प्रमाणिक नहीं है फिर भी ये हिंदू है फिर भी ये सनातनी है और रामपाल जी खुद को ही परमात्मा बताते इनका धर्म क्या है गरीब दास के द्वारा लिखा ग्रंथ रामपाल के द्वारा बताया गया धर्म इनका धर्म है दो 250 साल पहले जो अस्तित्व में आया है मगर सनातन से जोड़ने के लिए वेदों को चिपका लेते हैं भाई हमें दिखाओ वो वाले वेद जिससे हम पता कर सके कि यह वाले वेद में यह मंत्र है जो यह वाले इसमें गलत लिखे तब तो हम पता करें हमें दूध का दूध पानी का पानी तो दिखाओ वरना जो है उसको तुम कह रहे हो कि गलत है इसमें कहीं मिलावट है कहीं नहीं है तो इसका मतलब यह नहीं कहा जा सकता है कि कौन सा सही है कौन सा नहीं तो फिर उसके किसी भी मंत्र के आधार पर हम अपनी बात को सिद्ध नहीं कर सकते कि इस मंत्र के आधार पर यह सही है ये नहीं कर सकते फिर जब गलत है तो सब कुछ गलत हो गया इनका सिंपल है भैया रामपाल नाम की टूथपेस्ट बेचने के लिए इनको अमिताभ बच्चन का सहारा चाहिए इन्होंने अमिताभ बच्चन बनाया है वेदों को शिवांश भया मेरा एक लास्ट

02:18:02:03 प्रश्न था शिवांश भैया एक लास्ट मेरा प्रश्न था मुझे मुझे सिर्फ ये पूछना था अगर मुझे जगतगुरु श्री जो पूरी पीठाधीश्वर है शंकराचार्य जी उनसे मुझे मतलब अगर वेद शास्त्र का अध्ययन करना है तो किस प्रकार से मैं क्या मुझे क्या करना होगा चातुर्मास में उनकी छाए लगती है हां वहां प जाना शुरू करिए चातुर्मास में चातुर्मास अभी लगी थी कक्षाएं उसमें रहना था और पूरी तरीके से अध्ययन करना मुझे वेद शास्त्र का जो भी है पूरी तरीके से उनके सानिध्य के जो अन्य आचार्य गण है वह कराते हैं वह मेनली दो चातुर्मास होते हैं दो महीने वो आपको वो देंगे उसमें पर्याप्त होगा बहुत आगे का ज्ञान मिलता है 740 830 189 हमारा संपर्क सूत्र है जिसको भी किसी वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी हो वह आ सकता है

02:19:06:09 और ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है मोक्ष परम स्वतंत्र नहीं है धर्म शाश्वत नहीं है और भक्ति इनकी मनम है क्योंकि यह शास्त्र में कहीं नहीं लिखा है कि शास्त्र में मिलावट हो चुकी है शास्त्र में कहीं नहीं लिखा है कि ज्ञान से ज्ञान कटेगा श बात एक मिनट इसको पूरा कर लू और इनका दीक्षा सिस्टम भी मनमुक है सब मनमुक है जय श्री राम

02:19:44:02 श बोलिए बोलिए धर्म अधर्म नारायण साक्षात स्वयंभू रिति सुषमा वेद ने जिन कर्मों को करने की आज्ञा दी है उनका पालन करना धर्म है और जो दप वेने जिन कर्मों को ना करने को कहा है वो धर्म है वेदो नारायण साक्षात वेद तो साक्षात नारायण है इसमें हमको एक मूल मंत्र याद रखना पड़ेगा वो पता है क्या है हिंदू वह है जो यह कहता है तस्मा शास्त्रम प्रमाणम हिंदू वो है अगर आपको यह कहना है कि वेद में मिलावट हो गई है वो भी शास्त्र से दिखाओ जी जी जी बिलक क्योंकि वो तुम्हारी मन की बात है हम क्यों माने हमारे लिए शास्त्र प्रमाण है तुम मानते हो वो हो गई मैनिपुलेशन हम नहीं मानते वही ू है जिसका धर्म अभी भी जीवित है वह हिंदू है और जो यह कह रहा मेरा धर्म बदल गया मर गया यह हो गया वो हो गया

02:20:59:02 वो हिंदू नहीं है सनातनी नहीं है कुछ और है ठीक है भैया अभी भजन का टाइम हो गया तो फिर मैं जाता हूं ठीक है ठीक है श्री राम ठीक है पंडित जी आप कुछ कह लीजिए आप कुछ बोल रहे थे आप जय श्री राम मैं कह रहा था भैया एक मिनट हर्ष जी एक मिनट सूरज प्रकाश जी आप अपना म्यूट खोल

02:21:36:04 लीजिए मा बोलिए मैं ये कह रहा था वो सांग पांग को तो पढ़ते नहीं है कुछ एकांकी शब्दों को ढूंढ करके ले आते हैं फ उसी को दुनिया को दिखाते रहते हैं संपूर्ण ज्ञान तो उनका कुछ आधार है ही नहीं शिवास जी आपकी बड़ी हिम्मत है हम जैसे तो अपना आप खो बैठते हैं हम तो आपको बहुत सन शक्ति है एक के पीछे लगे जा हम जिसको मना करें कि भाई त वो होता ना बच्चा की पी नहीं कर नहीं कर नहीं कर जब करे गए तो मार तो पड़ेगी पड़ेगी ज हमने कह दिया तुम पहले सांगोपांग को पढ़िए कुछ एकांकी शब्दों को ही पढ़ के मत आओ पहले पूरा ज्ञान रखो उन्होंने सिर्फ गीता में उतना लाइन वो कर दिया पूरी गीता को नहीं पढ़ी उनको क पूछ को देखो एक अन्य उनसे कोई श्लोक पूछ करके तो देखो वेद का कोई और ही चीज उठा लो कुछ नहीं बता पाएंगे बस जितना रटा हुआ ज्ञान है जितना उनको रामपाल ने बताया है जैसे रामपाल पता नहीं कौन सा कहां से पढ़ के आया खुद आप कहेंगे हमारे चैनल पर ऐसे कह रहे हैं खुद कभी गुरु परंपरा की नहीं गुरु के शरण में नहीं गया खुद अज्ञानी है खुद अनपढ़ है मैं तो खूब बोलता हूं इसमें कोई वो नहीं है अरे अपने को जेल में से नहीं छुड़ा पा रहे हो जो तुम्हारे पर कानून की धाराए है तभी तो तुम जेल में बंद हो यह शाश्वत सत्य है कि नहीं है और हम चले तुम ज्ञान

02:22:51:06 देने सनातन को सनातन को भ पूजा मत करो ये मत करो ब्राह्मण ये पाखंडी है अरे सबसे बड़े पाखंडी तो आप लोग हैं हमें ये कहते हैं वो लोग और ब्राह्मणों के सशक्त विरोधी ब्राह्मणों के तो इतने विरोधी हैं वो चैनल में भी देख रहा था तो आपके विषय में व क्या चर्चा हो रही थी वो एक लड़का रहता है लखनऊ में उसने पहले जिम खोला हुआ था पर वो लाइव नहीं देख रहा तो उसका जिम का काम बंद हो गया आजकल वो एक चैनल चला रहा है य प धर्म का और वहां उल्टा सुल्लर है अब देखो मेरा कितना भाई है आपका सही है बिल्कुल अच्छा है आप पर धैर्य है इतना क्या आप इतना मतलब सबके साथ अपना जो ये भगवान ने आपको अपना खपा रहे हैं हमारे बस की थोड़ी ना है हम थोड़ी ना समझा पाएंगे इनको हम तो दो टूक क्या करें भाई जी आपका आपको तो बहुत हृदय से प्रणाम करता हूं आपके पैर मिलते मैं उनको दंडवत करता आपको इनको समझाइए बिल्कुल

02:23:47:27 ठीक है ये सनातनी वो आए थे गिरी नाम के भाई आप कल आ जाइएगा शिवाजी गिरी जी अध 40 का मजी ग जी आप यजुर्वेद नहीं पहले आप यह सिद्ध करिए कि आप उसको प्रमाण मानते हैं कि नहीं मानते हैं तब बात करेंगे मानता क मानते हैं ये तो शुरू में आए वही तो है ये हा ये तो आ चुके इनको हटाओ उनको भी जरा रहने दो बताते हैं उनको फिर अरे रहन दो छोड़ी अब हो गया दो ढाई घंटे हो गए भाई सर में दर्द होने लगता है इनसे बात क्या होती है बात होती है हर व्यक्ति से जीरो से बात करो आना ह उसी जगह पे है हा कल मेरी भी तब में आना उसी फिर भी मैं देख रहा था कल वायरल था तो मैं फिर भी मैंने आपका पूरा शो देखा हिम्मत नहीं हुई फिर भी देख तो लो आज आज के उसम क्या विषय में क्याय अपना जाते और सुबह 4:30 बजे ही उठना है हर हाल में तो रात में लेट हो जाते हैं कई बार तो नींद

02:25:02:28 भी पूरी नहीं हो पाती है और यह समय इसलिए रखते हैं क्योंकि सब लोग फ्री होते तो ज्यादा लोगों तक हमारा चीज पहुंचती है यह समय इसलिए रखना आवश्यक होता है तो हमने कुछ भाई है जो कहते हैं कि हमने आपके चैनल की एक बात देखिए आपने यह कभी नहीं कहा हमारा चैनल जो है सब्सक्राइब करिए लाइक करिए शेयर करिए लाइक शेयर सबब हमारा फोकस रहता है सार्वभौम सिद्धांत पर बात करना इधर अगर ये सब बातें मन में चलने लगे ना कि हमको अर्निंग कैसे करनी है हम भी चार पांच तरह की मिक्स करने वाली बात है सिद्धांतों को बोलने लगे अभी देखिए अभी हम वर्ण व्यवस्था का विरोध करने लगे चैनल खूब चलने लगेगा वर्ण व्यवस्था का विरोध करने लगे परंपरा प्राप्त आचार्यों का विरोध करने लगे चैनल चलने लगेगा ये कलयुग है कलयुग में ऐसा ही है जहां पर सत्य कहो वहां पर हम वहीं पर आदमी दरकिनार हो जाता है उसके खिलाफ बहुत हो जाएंगे तो ये कलयुग का प्रथम सिद्धांत है आप भारत आप देखिए अलंकार समाधि हों का आर समाधि हों का एक प्रतिनिधि प्रतिनिधि है गौतम खट्टर हम वो समय पड़ने पर शंकराचार्य को प्रमाण के रूप में यूज करते

02:26:18:06 हैं अ वो बा फिर समय पढ़ने में भागेश्वर चले जाते हैं भागेश्वर वाले कौन है पापी भागेश्वर वाले कौन है अधर्मी कौन कह रहा है उनकी किताब कौन सी किताब जिसको व बेच रहे हैं जिसको व बेच रहे हैं वही किताब कह रही है हा एक टाइम पर हा तो ऐसे हम लोग नहीं है हम तो सिद्धांत वादी लोग हैं कि संबंध का त्याग भी करना पड़ जाए तो कर देंगे मगर सिद्धांतों का त्याग नहीं करेंगे सिद्धांत वादी लोग यह कैसे सिद्धांत है पांच पा मिनट में बदलते अपने सिद्धांत अभी यजुर्वेद लेके आएंगे हमसे पूछने फिर हम इनसे पूछेंगे ये तो काल ने बोल दियाल राम कह र अब मैं इनसे कह रहा हूं य तो काल ने बोल दिया अब बोलो जहां जहां कभ आया है वहा वहा काल ने बोला क्या करें बताओ अब भगवान नहीं रहे तुम्हारे कबीर जहां जहां कभ व काल ने बोल दिया मिलावट है वो अब तुम्हारा कबीर भगवान नहीं रह गया तो पहले यह सिद्ध करना होगा आपको कि आप वेदों को मानते हो प्रमाण तब तो यह

02:27:33:09 बात होगी कि वेद में यहां लिखा है वहा लिखा है जैसे कल राम चरित मानस में ले दिया प्रतो ले जो नाम हमारा नताले आरा वो तो खूब घुमा रहे खूब दिखा रहे हैं अब आपने हा वहा पर दर किनार हो गए अरेम मानस प्रमाण भी तो दे रहा है भक्ति का वो क्यों नहीं मान रहे हो तुम क वाल्मीकि को माने अे भैया ना मानने के लिए रामचरित मानस और मानने के लिए ना मानने के लिए तुलसीदास और मानने के लिए वाल्मीकि वाह चलिए समात करते आप लोग धरातल पर सहयोग करें अगर कर सकते हैं तो य अमित जी आप भी अगर कुछ सहयोग करना चाहते हैं तो इस नंबर पर संपर्क करिए 7408 30169 हर्ष जा जी बो बो बोलिए आप काफी देर से हैं अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं आप जी जय श्री राम राधे राधे हरे कृष्ण राधे राधे जी जी आज मैं ना देख रहा था एक चैनल जो कि आप ही का वीडियो को कट करके ना अलग तरीके से दिखा रहा था तो मैंने उस पर कमेंट किया तो वो लोग बोलने लगे कि ब्रह्मा

02:28:48:10 विष्णु महेश सब नाशवान है तो हम उसमें जब पूछ लिए उनसे कि क्या ब्रह्मा विष्णु महेश का तत्व हमारे जैसा है मनुष्य जैसा तो फिर उसके बारे में कुछ नहीं बोले चीटी और हाथ चीटी और हाथी लोग का भी पूजा करने के लिए बोल देते कि जब ऐसा पूछते हैं ना अद्वैत का सिद्धांत जब सामने आता है तो तो बोलते चीटी का पूजा कर लो लेकिन जब वहां पर तत्व का बात आता है तो फिर लोग कुछ नहीं बोलते उनको उतना ज्ञान है ही नहीं जिसे तत्व को बारे में बता पाए अधिकांश लोग को देख ही

02:29:28:10 लिया ठीक है अनिल जी बताइए जय श्री राम ज समझ में नहीं आए इतना डेविड मैंने सुन लिया लेकिन रामपाल का मेरे को य अभी समझ में आया कि इनका भगवान है कन कहीं तो कोई भगवान बन जाए क तो र ब क कबीर बन जाते हैं बन जाते अग अगर कबीर ये कह रहे हैं कि आदि राम कोई विरला जाना तो तुमने कभी कहा कि वेदों में प्रमाण है और आदि राम भगवान है दुकान बंद हो जाएगी वही तो है भाई ये आदि राम वो राम नहीं है जिसको हम मानते हैं तुम कहना चालू करो आदि गणेश भगवान है आदि शिव भगवान है आदि राम भगवान नहीं कहेंगे जब आदि राम भी भगवान है ईश्वर है परमेश्वर है कहो दिक्कत हो जाएगी वेदों में प्रमाण है आदि राम भगवान है बोलो कुछ नहीं है कोई नियम

02:30:39:03 नहीं हम भी बताते रहते होराम चार है मैंने क हमारे तो एक राम है तुम्हारे लिए तो चार लिए कितने भी हो सकते हैं तुमरा कोही नहीं है ये देखो इनके इनके आश्रम तक हमारी खबर पहुंच चुकी है देखो ठीक तो है इनके आश क्या कह रहे आश्रम वाले उनको उनको भी खींचो कि शिवांश नारायण द्विवेदी से बच के रहो वीडियो देखना बंद कर दो वीडियो देखोगे तो जेल धाम की यात्रा नहीं करोगे फिर भैया अभी तो जेल धाम तक की खबर पहुंचना बाकी है मेरे ख्याल से जेल धाम भी जाएंगे अभी खबर मुझे लगता है कि वो खुद इनसे परेशान होंगे जो वहां जेल धाम में बैठे हैं ना वो तो इनके पढ़े भाई मैंने नहीं कहा है तुम ये सब करो बार मेरे नाम पर उन्होंने कहा है भाई जी पहली बात तो मैं येसे सिर्फ इतना जानना चाहता हूं रामपाल के अनुयायियों से कि किसी से इन्होंने ज्ञान लिया है तो भाई उसको अगर वो अपने आप को संत कह रहे हैं तो संत का एक चरित्र होता है मर्यादा होती है उसको क्यों नहीं समझ रहे तो क्यों जेल में पड़ा है

02:31:54:26 वो कोई संत नहीं कोई संत नहीं संत के नाम पर झूठा आडंबर फला 37 साल के थे तब गरीब दास का नाम सुना था उससे पहले खुद रामपाल हनुमान चालीसा पढ़ते [हंसी] थे कुछ ना करना भक्ति करते थे और गरीब दास को जब जान लिया तब वेद विरुधि वेद विरोध गीता विरोध पुराण विरोध और सत्य भक्ति करने लगे फिर जब गरीब दास को जान गए ऐसा भैया य रामपा रामपाल दास जी ने स्वयं बोली य बात कि मैं 37 साल की अब वो परमात्मा है मगर 37 साल की उम्र लग गई उसको हनुमान चालीसा से वहां तक पहुंचने में गरीब दास शुद्ध ज्ञान तक पहुंचने में अभी अभी शिवांश भाई जी आपने बात कही थी अपने चैनल चैनल के लिए कि अगर मैं अपने आचार्यों का विरोध करना शुरू कर दूं शास्त्रों का विरोध करना शुरू कर दूं तो आपकी प्रसिद्धि बहुत जल्दी बढ़ेगी इनका भी वही हाल है तो इनका भी वही हाल है उसने हमारे शास्त्रों का अपमान करना शुरू करा और जो छोटे मतलब जो जिनको बुद्धि नहीं है जिनको समझ नहीं है उन्होंने

02:33:10:06 इनकी बात को पकड़ना शुरू कर दिया मिल गया सुनो ये कहां जाते हैं अपना ज्ञान देने जहां गरीब हो जहां झुग झोपड़ी देखी मैंने दिल्ली में भी वहां पोस्टर लगाएंगे विशाल भंडारा फ वहा अपना किताब देंगे अब बेचारे तो गांव के होते हैं थोड़ा बहुत कहा अपने काम किताब देखो कबीर भगवान है मैं एक दिन इंदिरा पार्क गया था कहीं इंदिरा पार्क दिल्ली में तो वहां एक घर में घुस के कह रहे किताब देखो पर मैं गाड़ी में था मैंने किसी के यहां जाना था मुझे लेट हो रहा था मैं उतरता नहीं तो मुझे सु पूजा का समय था किताब दिखा रहे हैं देखो कबीर भगवान है तुम अं भक्ति करते हो तुम कौन ये भक्ति छोड़ो विशाल भंडारा है गुरु जी का य मुंडका में खाने आओ इन्होने लोगों का ऐसे ब्रेन वश किया है मिलेगी इनकी बुद्धि छोटी है एक बात शास्त्र भी कहते कि मांगत मांगत मान घ प्रीत घटे त घर जाए ओ के संग बध घटे क्रोध घटे मन के समझाय ो के संग बैठते हैं इनकी बुद्धि छोटी है को ज्ञान दे रहे हैं इन्होने चार पाच लेडीज परफेक्ट कर रखी है दो चार वो जड है व बस उनको पता नहीं कितने तनखा मिलती है वो घर घर जाकर व अच्छे बनियों के कोई बनियों को देख लो कोई का कोई नहीं

02:34:25:09 होगा अच्छा व्यक्ति कोई इनके झांसे में नहीं आने वाला वही आएगा जो गांव का है गरीब है जो इधर महल जो थोड़ा इन चीजों से वंचित है तोय उनका उनको विचारों को बोले विशाल भंडारा है भंडारे में आओ तुम देखो कितना माल पुआ बना हुआ है और है ही हमारे थोड़ा है तो ये उनका ब्रेन वश जल्दी से कर लेते हैं बाद बाद में जाके वही कोई अच्छा व्यक्ति देख लो कोई इनके पास होगा कोई वही हैय सारे ऐसे ही तो जनसंख्या बढी सर हां बढ़ी रही है हर जगह पहुच जा देव भूमि में एक जगह आ गए थे वहा तो हम भी हरिद्वार में कहीं गए हुए वहा एक लेडीज किताब दिखा रही वहा फिर मैंने इनको मतलब कहा मैंने कहा वो तो मेरी नजर पड़ने कहा रुको रुको फिर वहा पर झड़प हो गई थोड़ा से अब क्या करें कितना समझाए इन लोगों ने इतना वो दुराचार फैला रखा है मैं तो साफ कह रहा मैं एक बात कहूंगा कि मैंने मतलब मैं एकस जिस कंटेंट के बारे में हम लोग बात कर रहे ना उस पर ये बात करें कि ऐसा हो सकता था कि मैं केवल जब भी आते तो मैं सीधे सर्वशक्तिमान जो एक ऐसा अकाट्य सिद्धांत है जिसके सामने कोई नहीं टिक सकता कोई भी आ जाए संसार बिल्कुल आपका बहुत सही बिल्कुल बहुत तार्किक इतना त

02:35:41:02 आचार्यों का विरोधी होगा वो सर्वशक्तिमान वाले सिद्धांत के आगे दो मिनट नहीं टिकेगा नहीं टगा मगर मैंने दूसरे दूसरे टॉपिक क्यों उठाए क्यों उठाए कि गीता में 5 पर काल है ना ब्रह्मा विष्णु महेश अविनाशी यह सब पॉइंट मैंने क्यों उठाए इसलिए उठाए कि इनकी हर पोल को खोलना है खोलना है जितनी पोल इन्होने फैला के रखे हैं उन सबको खोलना है वरना य अपने उसको बरगला जाएंगे व्यक्ति को अरे वो वो तो पागल है वो ऐसे कोई करता है ईश्वर की बात कि वो एक सब कुछ कर सकता है ईश्वर क्या बुरा ही कर सकता है तो मैंने हर पोल को इसीलिए खोल रहा हूं अब जैसे धीरे धीरे अ ये वेदों को मानने और ना मानने वाले सिद्ध हो गए अभी थोड़े ही दिन में ये अभी जैसे आज एक्सटेंडेड धर्म बना दिया अब कल परसों में सनातन को ना मानने वाले हिंदू धर्म को ना मानने वाले सिद्ध हो जाएंगे थोड़े ही दिन में अगर ये आ गए तो ये सिद्ध होंगे और नहीं तो ये आए नहीं नहीं तो ये सिद्ध हो जाएंगे सो सम है ना

02:36:56:10 मानने वाले सिद्ध हो गए क्या कहते सर्वशक्तिमान को ना मानने वाले सिद्ध हो गए परम स्वतंत्र को ना मानने वाले सिद्ध हो गए सब कुछ भगवान को ना मानने वाले सिद्ध हो गए तो अभी अभी जब ये दो तीन स्ट्रीम में आएंगे और तो ये पहले होंगे सनातन को ना मानने वाले उसके बाद जब ये सनातन को ना मानने वाले सिद्ध हो जाएंगे तो फिर ये हो जाएंगे ईश्वर को ना मानने वाले अच्छा में तो जी एक अनुरोध और है मैं इस काम को भी कर रहा हूं पर इसके लिए कोई क कोर्ट में वकील में जैसे हम लोग चंदन की डिब्बी होता है उस पर भगवान शंकर की फोटो होती है फ हम चंदन लिया तो डिब्बी को फेंक दिया कई चीजें कपूर है सरस्वती जी की मैं कहता हूं उसम नाम लिखो पर फोटो किसी भगवान की नहीं होनी इस भी थोड़ा काम करना है और हम कई हवन सामग्री होते है वहा पर भगवान का बक प्रतिबिंब विग्रह लगा रहता है हवन सामग्री का पैकेट फ उसको दिया सब बंद होना चाहि

02:38:07:00 नामन की कहीं पर भी नहीं होनी चाहिए अनिल कुमार जी बोले आप लोग अपना माइक म्यूट कर लीजिए बस अनिल कुमार जी को और सुनले फिर हम लोग आज को प्रोसीड करेंगे आप लोग चारों लोग हमसे संपर्क करिएगा एक प्रकल्प है उसके लिए हमें आप सबकी सहायता चाहिए जय शर्मा जी आप भी करिएगा अनिल कुमार जी आप भी हर जी आप तो है ही संपर्क में और पंडित जी आप भी एक प्रकल्प है उसमें थोड़ा थोड़ा सा सब सबकी सहायता चाहिए अजय तिवारी जी आप भी जुड़ गए जी जय श्री राम मेरा एक विचार है मैं वो परसों के लाइव से संबंधित है तो अभी इस विषय के तो बाहर से ही है लेकिन मैं लास्ट में वो विचार रखना चाहूंगा आप पहले इनकी बात पूरी सुन ले क्या कह रहे हैं अनिल कुमार जी बताए जय श्री राम जय श्री राम क रहा एक हमारे देश की है ना हिंदुओं की विडंबना है कि आज केत हर घर में ना कोई शास्त्र नहीं पढ़ता ना किसी के पास शास्त्र है आज हमारे पास किसी के पास शास्त्र होता ना कि हर कोई पढ़े उस चीज का शास्त्रों कोई अध्ययन करे ना ये चीज नत ना और इस चीज के लिए य लोग हैना

02:39:22:04 ब्रेन बस करने में इनको आसानी होती है अगर य हम हर घर में अपने हिंदू में सनातन न प्र चालू कर देना इस चीज की कभी नौबत नहीं आएगी इस चीज कादा कभी नहीं उए सबसे ब समस्या सना शास्त्र नहीं परंपरा प्राप्त गुरु इस समस्या का निवारण है शास्त्र की आड़ में ही तो ये गोरख धंधे चल रहे हैं शास्त्र में ही तो यह सब मैनिपुलेशन करके और अपनी चीजें करके और यह सब तभी तो चल रहा है तो शास्त्र की नहीं लोगों को हमें यह बताना है कि जिससे भी धर्म सुनो वो परंपरा प्राप्त आचार्य हो प्रामाणिक परंपरा प्राप्त अगर व्यक्ति परंपरा प्राप्त आचार्य तक पहुंच गया तो वह सही शास्त्रों तक प जाएगा सही शास्त्रों तक पहुंच जाएगा सही धर्म तक पहुंच जाएगा हिंदू जो बिखरा हुआ है इतने सारे गुटबाजी में सब एक हो जाएगा तो शास्त्र तो है ही मगर गुरु गोविंद और ग्रंथ स्कंद पुराण में वचन

02:40:37:13 है कि मनुष्य चाहे चारों वेद पले सारे पुराण पढ़ ले सारे उपनि पढ़ ले जप तप व्रत दान पुण्य कर्म तीर्थ दान यज्ञ यह सब कुछ व्यर्थ है अगर आपका कोई प्रामाणिक आचार्य गुरु नहीं है तो इसी वजह से अब महाभारत में तो ये लिखा है अब जैसे मैं पूछ रहा हूं कि आप वेदों का प्रमाण दो के मिलावट कहां हुई तो मैं मान लू अ प्रमाण तो है नहीं उनकी बात तो मानना पड़ेगा अब मैं मैं प्रमाण दे रहा हूं कि भैया जो महाभारत है उसम लिखा है महाभारत में य लिखा है कि जो कहता है कि वेद में कुछ मिलावट हो गई है शास्त्रों में मिलावट हो गई राक्षस है मैं तो उसे मानूंगा महाभारत में लिखा है जी अजय तिवारी जी जय श्री राम बोले अपनी बात आपके जैसे लाइव वो भी चला रहे हैं एमपी फास्ट में जी हेमंत करके कोई हेमंत कुमार अच्छी बात है हमारा ही

02:41:52:14 प्रचार होगा वो भी जी वो भी हमारा ही प्रचार वो रामपाल के उसम चला रहे हैं मतलब आपको चकर देने के लिए ठीक है तो होगा अच्छी बात है वो वो सामने नहीं आएंगे फोन नहीं करेंगे शिवांश जी मैं आगरा आता हूं आप भी आगरा आ जाइए वहां पर बीच में बैठ कर के चर्चा हो जाए इतना नहीं है र रटा बे हुए वही वो एमपी एमपी फस्ट का ही कल मैं लाइव देख रहा था पीछे हरि चद्दर थी और एक जनाब बैठ कर के वहां बातें कर रहे थे कोई युवक गया वहां पूछा कि वो तो वे शिव पुराण में तो काल लिखा है शिवजी को शिवजी को महाकाल लिखा है तो युवक का जवाब ही नहीं दिया हटा ही दिया शांत हो गया गायब हो गया युव जवाब नहीं है ना उनके पास जवाब नहीं जहां पर काल लिखा है ना काल वहां प पीपल का वृक्ष भी बलाया उसम अक्षरों में उ भी बोला है वहां प कई तर कई उने दिया है अपना कि मैं इंद्र में देवता में इंद्र हूं इससे का

02:43:07:25 इन लोग वो नहीं देखते हैं खाली एक ही दे रखा है काड देख रखा है बस ओम का अक्षर देख रखा है दूसरा कोई तीसरा कोई दे देखा नहीं ये समस्या है देख तो फाइनल फाइनल कंक्लूजन यही है कि आपको उन्हे तत्वदर्शी मानना है मानो वो गीता के आधार पर तत्वदर्शी नहीं है आपको कबीर को भगवान मानना है मानो वो वेद के अनुसार भगवान नहीं है सिंपल खतम बात आपको कभ जो गरीब दास है उस ग्रंथ को धर्म मानना है मानो मर वो सनातन धर्म नहीं है वैदिक धर्म नहीं है जी शर्मा जी बताइए भैया मेरे तो अभी शिव पुराण का आपने वर्णन करा तो शिव पुराण संबंधित एक मेरे को चर्चा याद आ गई किसी के साथ चल रही थी तो वो था मेरी डिबेट चल रही थी मास भक्षण के ऊपर मैं यह कह रहा हूं कि भैया नहीं खाना चाहिए सामने वाला कह रहा खाना चाहिए तो उसने क्या बोला कि अरी लोग तो खाते हैं सब मैंने कहाय तुमने कहा पढ़ा री लोग खाते हैं तो कहता है कि शिव पुराण में कथा आती है कि जब भगवान अकासर का वध करते हैं

02:44:23:07 और शुक्राचार्य जी बाकी दत्य को मृत संजीव द्वारा जीवित करते हैं तो इससे तंग होकर महादेव ने शुक्राचार्य जी को निगल लिया था और भगवा शुक्राचार्य जी भगवान के उदर में जो है शिव सहस्त्र की साधना करते हैं नाम करते हैं तो उसमें एक नाम आता है शव भोजन भगवान शिव का तो उन्होंने शव का अर्थ निकाला है की लाश खाने वाले तो मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि ये जो अर्थ निकाला है यह क्या ठीक है क्योंकि मैंने इसका उतर दिया था देखिए वो प्रसंग वस देखना देखना होता है मगर एक बात मैं बता दूं जो सूत्रा क्मक शैली में अगर कहे तो विभिन्न सुति स्मृति शास्त्रों के अनुसार मांसाहार के संबंध में जो निचोड़ है हम इस पर वीडियो बनाने वाले हैं प्रॉपर प्रमाणों के साथ मगर जो निचोड़ है वो ये है कि सनातन धर्म के अनुसार अ विधि पूर्वक मास खाना गलत है और अमुक अमुक स्थिति में अमुक अमुक विधियों का आलंबन लेते हुए अमुक अमुक कारणों से मास खाने की अनुमति है अधिकार नहीं अनुमति और

02:45:38:09 अधिकार में अंतर होता है प्राण रक्षा के निमित्त करना है आपके यहां पर परंपरा ही है कि उसमें मास खाते चले आ रहे हो वो आपकी वो प्रवृत्ति है जैसे जो लोग उत्तर प्रदेश में जन्म लेते हैं वह जब तक रोटी नहीं खाएंगे उत्तर प्रदेश वाले उत्तर भारतीय तो उनकी जो आतो को संतुष्टि नहीं मिलती है ऐसे ही अगर पूर्वांचल में जाएंगे वहां पर जब तक वह चावल नहीं खाएंगे तब तक आपको जो है आतो को संतुष्टि नहीं मिलेगी कुछ अधूरा है जिनका ऐसे कुल वंश में जन्म हो गया जहां पर प्रॉपर धर्म युक्त चीजें नहीं थी मगर वहां पर जन्म हो गया और वहां की प्रवृत्ति है बचपन से उनको मांस खिलाया गया तो उनकी प्रवृत्ति है अब इस प्रवृत्ति से निकले कैसे क्योंकि अंततोगत्वा मास का त्याग ही करना है तभी आप मोक्ष की ओर अग्रसर होंगे आप भगवान की ओर अग्रसर तभी होंगे जब मास का आप त्याग करेंगे तो यदि आपकी प्रवृति भी है तो उसको कैसे करना है यदि आपको प्राण की रक्षा के लिए मास का उपयोग करना पड़ रहा है तो कैसे करना है तो अमुक अमुक स्थिति में अमुक अमुक विधियों का आलंबन लेकर

02:46:53:16 ही करना है अब इस आलंबन से क्या होगा जिसकी आदत पड़ी हुई है बेरोक टोक मांस खाने की उस पर एक लगाम लग जाएगी कि तुमको ऐसे ही खाना है उसके कारण क्या होगा कि वो विधि विधान इतने जटिल होते हैं इतने जटिल होते हैं कि उसका जो मांसाहार नि निर्वात रूप से निर्विवाद रूप से चल रहा था वह उसमें संकुचन आने लगेगा उसके मासा आहार में जब वह विधि पूर्वक खाएगा अ विधि पूर्वक तो पाप है और विधि पूर्वक जब वह खाएगा विधि पूर्वक जो शास्त्रों द्वारा विधि स्वीकार है उसके पूर्वक जब वो खाएगा तो उसको इतने से मास के लिए इतनी सारी मेहनत करनी पड़ जाएगी इसको कहते हैं परिसंघ विधि व्यक्ति के जीवन में जो उसकी प्रवृत्ति है उससे दूर करने के लिए य जो तकनीक है उसी का नाम धर्म है जैसे कि भागवत में एक वचन आया है भागवत में कहा गया कि मैंने तुझे यह जो मास मद और मैथु है इस तरह की प्रवृत्ति के साथ ही बनाया है मगर इस प्रवृत्ति से निकलना ही मोक्ष है इन प्रवृत्तियों

02:48:09:00 से जीत जाना इंद्रियों को जीत जाना ही मोक्ष है तो इनसे जीते कैसे कि तेरे अंदर की जो प्रवृत्तियां है उन प्रवृत्तियों का उपयोग तू धर्मानुसार के विषय में भी धर्म की जो लगाम है उस मांसाहार को कम करने के लिए खत्म करने के लिए नष्ट करने के लिए उस लगाम का दुरुपयोग करते हैं लोग कि भैया वहां तो यह दे दिया गया है इसलिए अब तो हम खुब खाएंगे जैसे ही आप खुब खाने लगे तो आप वो वेद सम्मत या शास्त्र सम्मत मांस नहीं खा रहे हैं आप वहां पर अधर्म कर रहे हैं पाप कर रहे हैं विधि पूर्वक खाएंगे तो कुछ ही दिनों में आपका मन उचट नहीं लगेगा जैसे वैराग्य कैसे आता है व्यक्ति के जीवन में जब वह भोग करने के लिए किसी भी स्त्री के साथ खुला छोड़ दो तो कभी उसके जीवन से स्त्री को लेकर के व जो आसक्ति कम होगी वह उसमें और गर्त में जाता जाएगा मगर उस पर एक लगाम लगा दी गई विवाह कि ये तुम्हारी स्त्री है भोग की दृष्टि से केवल इसी को देखना है तो वो परिस

02:49:24:04 विधि हो गई तो इसी प्रकार से जी मांस खाने वाला व्यक्ति ना आप जो बात कह रहे हो वो इतनी स्वीकार नहीं करेगा नहीं वो नहीं करेगा तो वो अधर्मी है एक मिनट वो ये कहेगा देखो खाते तो है ना वो ये कह देगा तुर देखो खाते तो है ना अ कैसे भी खाते हैं भैया मेरे मेरा सिर्फ विचार है या मेरा भाव है जो मैं आपके सामने रख रहा हूं बात ये है कि शव भोजन केवल शव मतलब लाश ही नहीं होता है वो तो ठीक है वो आप कह रहे हैं प्रसंग देखना पड़ेगा शास्त्रों में ये भी है कि जिसने कभी धर्म धर्म के रास्ते पर चला पुण्य नहीं करा किसी की हेल्प नहीं करी किसी को खुशी नहीं बांटी भगवान के कभी दर्शन नहीं करे तो वह व्यक्ति लाश के ही समान है सब समान ही है तो ऐसे व्यक्ति द्वारा ऐसे व्यक्ति द्वारा भगवान शिव पर अगर गलती से भी एक जल की बूंद भी गिर जाए तो भी भगवान उसको स्वीकार कर लेते हैं तो य भावा ये था किय इसको कहा गया शव भोजन इसमें मतलब वो नहीं हुआ कि भगवान खाते हैं यह गलत व्याख्या हो जाएगी क रहे हो देखो ऐसा भी है य जो यह अघोरी वाली

02:50:39:09 बात बताई इसमें भी एक यह वाली बात है कि जो दक्ष जी का यज्ञ हो रहा था उसमें सती मा माता ने अपनी आहुति दे दी थी तो उसके बाद शिव गणों ने विष्णु गणों को श्राप दिया था विष्णु गणों ने शिव गणों को श्राप दिया था उस श्राप से मुक्त होने के लिए शिव जी ऐसे शास्त्रों की रचना करते हैं जिसमें कि आप मास मध्य मैथुन इन सब का आलंबन लेते हुए पूजा करेंगे पूजा मास म मैथुन जैसी चीजों का आलंबन लेते हुए तो ऐसे शास्त्रों की रचना का परवन क्या कि उन्हें श्राप य मिला था कि तुम मास मद मैथुन इनका उपयोग करोगे पूजा के समय भगवान की पूजा के समय तो ऐसे शास्त्र लिख दिए कि कि किसी तरीके से इनके जीवन में अब श्राप तो लग गया है तो इनका जन्म तो होगा तो किसी तरीके से इनके जीवन में भगवन नाम बना रहे तो उन्होंने ऐसे शास्त्र लिख दिए जो जिसमें भगवन नाम के साथ में किसी तरीके से मास यह सब चीज जोड़ी जा सके मगर देवी भागवत में ये आया कि जो

02:51:54:24 अपना भला चाहते हैं उनको आगम शास्त्र ये जो कापालिक शास्त्र रचे गए इनमें इनका वही अंश स्वीकार करना चाहिए जो वैदिक हो जो वेद विरुद्ध अंश हो उसको स्वीकार नहीं करना चाहिए ये आगम शास्त्रों के लिए देवी भागवत में वचन आए हैं और भी कई जगह आए तो कुल मिलाकर के बात वही है कि यह भी ऐसे भी शास्त्र रचे भगवान ने जो किसी देश काल परिस्थिति में रचे गए तो वह सनातन शास्त्र नहीं है यानी कि उन शास्त्रों के अनुसार मास खाने वाला सनातन ही नहीं है समझ रहे हैं ना वो किसी देश काल परिस्थिति में रचे गए शास्त्र है तो वो किसी परिस्थिति के लिए रचे गए वो सनातन शास्त्र नहीं है तो उनके अनुसार मास खा रहा है जो कि मैं इन शास्त्रों को मानता हूं यह भी शिव जी ने रचे हैं उन शास्त्रों के अनुसार जो मांस खा रहा है उन शास्त्रों के अनुसार वो भी सनातन नहीं है वो सनातन की सीमा से वो सनातन को मान सनातन शास्त्रों को मानने वाला वहां पर सिद्ध नहीं होरहा तो ऐसे है ठीक है और बाकी फिर हम इस पर एक विस्तृत वीडियो लाएंगे एक एक चीज का

02:53:09:26 प्रमाण और तर्क के सहित हम लोग बात करेंगे बाकी सभी को जय श्री राम आने का बहुत-बहुत धन्यवाद ढ़ प सोचा लाइव स्म बंद कर देंगे मगर हो गया धीरे धीरे 10 ब मिनट गला बैठ चुका है जी आज मेरा फिर टॉपिक रह जाएगा अगली बार रखता हूं क में राजा प्राचीन वरी का आख्यान है वो भी बली करते थे बलि प्रथा थी नारद जी ने उनको भी समझाया आप उसको पढ़ लेना देखिए मनुष पति में एक वो आया है मास खाने को त्याग देना 100 वर्षों तक तक लगातार प्रतिवर्ष जो आप स्मेद यज्ञ करोगे उतना फल मिलेगा तो धर्म ये नहीं धर्म के द्वारा मास को प्रोत्साहन नहीं है मगर बिल्कुल नहीं है जैसे मान लीजिए कि मेरे घर के आसपास आसपास कोई मुस्लिम है जो हिंदू लोगों को मास बेच कर के बहुत पैसे अर्न कर रहा है और मुझे मालूम है कि इसका जो उपयोग है वो कहीं गलत जगह कर रहा है इस पैसे का अब मैं अगर यह सोचू कि भाई मैं अपने हिंदुओं को समझाऊ कि मांस मत खाओ ठीक है तो इसमें

02:54:25:03 समय लगेगा है ना हो सकता है पूरा एरा निकल जाए पूरी पीढ़ी एक निकल जाए हो सकता है व सब के सब ना माने मगर यह जो समस्या जनरेट हो रही है कि हम हिंदुओं का पैसा ही वहां जा रहा है उससे हमारा ही इंतजाम हो रहा है तो मैंने इसमें क्या किया मैं मैंने ढूंढा कि कहीं तमिलनाडु में छत्तीसगढ़ में कोई हिंदू है जो मास बेचता है और मैं उसको कहा भाई तू यहां दुकान खोल ले जिससे कि हिंदू का पैसा हिंदू के पास जाए मैंने यह सोच करके वह दुकान खुलवा दी तो क्या मैं स्वयं शाकाहारी हूं मैं कहता हूं कि मांस खाना निम्न काम है है ना तो क्या मैं वह दुकान खुलवा करके मांसाहार को प्रोत्साहन देने वाला कहला हंगा क्या बिल्कुल कहलाओगे कहलाओगे नहीं कहला नहीं कहलाओगे कैसे ऐसे कि द व यदि कोई आपके काटा भी चब दे तो वह भी हिंसा है मगर आपके हितार्थ आपके तार्थ यदि आपका कोई मास भी काट ले डॉक्टर वह हिंसा नहीं कहलाए गी तो य जानते हुए भी उसको य पैसा दे रहे हैं कि भाई इसका कार्यक्षेत्र

02:55:40:18 यह है इस पर हम लोग बात करेंगे इस हम लोग बात करेंगे ठीक है तो आने के लिए सभी को जय श्री राम धनवाद ह हर महादेव और आप लोग नतल पर जुड़े 74 सहायता जो करना चाहते हैं व अवश्य जुड़े और सहायता करे अजय तिवारी जी भी और शर्मा जी सूरज प्रकाश जी जय श्रीम j

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 2:56:24 · 26 Oct 2024

रामपाल पंथ और उनके अनसुलझे रहस्य part-2 #rampaljimaharaj #kabir

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