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00:00:02:28 तो सभी को जय श्री राम आज एक विशेष विषय पर हम लोग चर्चा करने के लिए उपस्थित हुए हैं अभी क्या हुआ था कुछ मेरे ख्याल से 15 20 दिन पहले की बात हुई रही होगी एक कोई अग्नि व्रत जी है वह किसी चैनल पर गए और वहां पर पुराण आदि विषयों पर उन्होंने अत्यंत आप जनक टिप्पणियां दी जैसे कि मैं तो पढ़ते पढ़ते रुक गया मैं जो है पुराण को पढ़ नहीं पाता हूं मैं उसको नहीं देख पाता हूं मैं उसको सहन नहीं कर पाता हूं तो यह सब उन्होंने टिप्पणियां ी पुराण को लेकर के मतलब अवमानना वहां व्यक्त की अच्छा वहां पर उनको टोका भी सामने वाले ने जो उनका इंटरव्यू ले रहा था उसने टोका भी कि इन बातों को लेकर के आपका विरोध हो सकता है उन्होने नहीं नहीं मैं बोलूंगा मैं तो बोलूंगा तो जब इस इसमें उन्होंने अत्यंत अच्छा हम काफी दिनों से देखते ही आ रहे हैं कि भैया इनके कुछ लोग हैं जो अपने हर प्रवचन में प्रवचन करने कहीं भी जाते हैं तो सबसे पहले वह उनके
00:01:18:22 सभी जितने भी वक्तव्य आएंगे तो उसमें एक बात आपको अवश्य सुनाई देगी भगवान श्री कृष्ण राधा मा भागवत ब्रह्म वैवर्त पुराण इनके बारे में उनकी समीक्षा और समीक्षा के परिणाम स्वरूप निंदा अब मानना अविश्वास तो जब हमने अब इतने दिन से लगातार देख ही रहे हैं और फिर एक व्यक्ति जाता है और वह एक चैनल पर बैठ कर के इंटरव्यू होता है उसको लाखों लोग देखते हैं लाखों लोग तो ऐसे में जिसकी आस्था होगी जब वो ऐसे शब्द सुने ब्रह्मवर्त पुराण के लिए भगवान श्री कृष्ण चंद्र के लिए राधा मां के लिए जब वो ऐसे सुनेगा तो वह प्रतिक्रिया देगा या नहीं देगा आज मैं यह प्रश्न लेकर आया हूं उन हिंदुओं से जो राधा मां की भक्ति करते हैं कृष्ण भगवान की भक्ति करते हैं क्या आप लोगों को बिल्कुल भी कोई टस से मस नहीं होता है कोई कुछ भी करता रहे कोई कुछ भी कहता रहे क्या वास्तविकता में आप लोग इनकी भक्ति करते हैं या वह कुछ
00:02:33:27 और है क्योंकि मुझे लगता है यदि आपकी माता जी को स्वयं कोई कुछ कह दे इस तरह से तो आप तो पता नहीं क्या कर दो आपके पिता को अगर कोई कुछ कह दे इस तरह से तो आप तो पता नहीं क्या कर दो मगर जब आप माता-पिता जो परमात्मा के रूप में इनको आप पूज रहे हैं भक्ति कर रहे हैं तो इससे आपको कोई फर्क नहीं है या फिर या तो आपकी वो भक्ति एक केवल एक क्या है क्या कहे उसके बारे में तो खैर मैं अपने मैं मेरा हृदय इन बातों को सहन नहीं कर पाता है तो मैंने जब इस पर एक प्रतिक्रिया मेंक वीडियो बनाया मर्यादा में रहते हुए मैंने बातें की यह भी बात वहां पर उस वीडियो में मैंने मर्यादा में रहते हुए बातें की और वहां पर मैंने यह सब हालांकि मैंने अपने ही लोगों को आवान किया कि भाई आप लोग कर क्या रहे हो कि प्रदीप मिश्रा जी अगर राधा जी के लिए कुछ बोल देते हैं तो आप उनसे नाक रगड़ वाते हो अब यह लोग इतना अभद्र अभद्र बोल रहे हैं आज से नहीं चलो आज तो यह हुआ जिसकी वजह से हमने वीडियो बनाया मगर आप लोग सहन कैसे कर रहे हो क्या है वह भक्ति भक्ति है हिंदू हिंदू है कि सब सब खोखले हैं
00:03:49:08 तो हमने जब यह वीडियो बनाया तो इसके पुनः इसके प्रति उत्तर में कुछ आर्य समाज के युवाओं ने और मैं कहूंगा थोड़े कुछ भटके हुए भी है कुछ सुलझे हुए भी है मगर कुछ भटके हुए युवाओं ने भी वीडियो बनाया भटके हुए किनको कह रहा हूं जिन्होंने वीडियो बनाते समय हमारा उसको क्या कहते रिट करते समय मर्यादा का कोई ध्यान नहीं रखा कि यह कर दूंगा वह कर दूंगा खाल उतार दूंगा बहुत सारी चीज बोली गई और वीडियो बनाते समय उसमें बीच-बीच में मीम्स लगाए गए मिर्जापुर इत्यादि जो चलचित्र आए उनके निकालने कालक तो अच्छा हमने क्या है आज तक केवल क्या किया है कि जहां पर भी जो सैद्धांतिक बात हो रही है केवल उस पर प्रश्न उठाया निर्णायक भी नहीं बने निर्णायक भी नहीं बने केवल प्रश्न उठाया कि इसका उत्तर क्या है
00:04:55:14 और आपने क्या किया कि अगर हमने प्रश्न उठाया तो उस प्रश्न के उत्तर में ही आपने सारी जो मान मर्यादा है सब एक तरफ और आपने सब कुछ कर दिया तो इसी बारे में मैं लाइव आया हूं अब इसमें जब इन्होंने प्रतिक्रिया मेंक वीडियो बनाया तो इसमें इन्होंने यह भी बात कही है कि हम लोग लड़ना नहीं चाहते हैं पर तुमने मजबूर किया है हम यह भी एक भाव प्रदर्शित किया गया इनके चैनल के द्वारा कि हम आपस में नहीं लड़ाई हम आपस में लड़ाई नहीं दिखाना चाहते हैं बाहर वालों को अरे भाई अगर आपस में लड़ाई नहीं दिखाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको उनके लिए प्रतिक्रिया करनी चाहिए थी जो ब्रह्म वैवर्त पुराण को या राधा मां को या भगवान श्री कृष्ण चंद्र को अभद्र टिप्पणियां कर रहे हैं उनको रोकते कि ठीक है तुम्हारा सिद्धांत उन्हें नहीं मानने का है ठीक है मत मानो मगर उनकी समीक्षा मत करो पब्लिकली जाकर के समीक्षा करोगे तो हमारे जो हिंदू भाई उ उन सिद्धांतों को मानते हैं उनको स्वीकार करते हैं उनको ठेस पहुंचेगी और जब ठेस पहुंचेगी तो क्योंकि शुरुआत आप कर रहे हो तो प्रति उत्तर में वो कुछ करेंगे तो यह मामला बाहरी लोगों को दिखाई देगा मगर क्या आप
00:06:10:14 लोगों ने ऐसी कोई चर्चा ऐसी कोई प्रतिक्रिया मेंक वीडियो उनके लिए बनाया जो यह अभद्र टिप्पणियां करके आए हैं चैनलों पर क्या सदानंद जी के लिए बनाया अग्निवृत जी के लिए बनाया या वह जो मातृ शक्ति है जो राधा की तुलना प अभिनेत्री से कर रही है क्या उनके लिए आप लोगों ने कोई चलचित्र बनाया और अगर नहीं बनाया तो फिर आपका यह कहना अब अब यहां पर क्या होगा जब हम यह बात उठाते हैं कि गलत को गलत कहना गलत नहीं होता अरे भैया तो फिर जब आपको यही बात रखनी है कि हम तो गलत को गलत कहेंगे तो हमारे हिसाब से हम भी गलत को गलत ही कह रहे हैं तो जब हम गलत को गलत कह रहे हैं तो फिर यह बारा जो सिद्धांत है क्यों ला रहे हो कि हमें आपस की लड़ाई को सामने नहीं दिखाना है तो यह जो आपका कहना है कथनी और करनी में अंतर आ रहा है आप एक तरफ कह रहे हैं कि हमें आपसी मतभेद को सामने वाले के समक्ष प्रस्तुत नहीं करना है आपकी ओर से खंड आत्मक कुछ किया जा रहा है खंड आत्मक भी चलो मर्यादा के अंदर रहते हुए होता है तो भी कोई दिक्कत नहीं है मगर वहां पर जो व्यक्तिगत टिप्पणियां करना कि ऐसा ईश्वर ऐसा ऐसा है राधा आप सैद्धांतिक लड़ाई लड़ है ना
00:07:25:15 अवतारवाद पर बात करिए आप निराकार साकार पर बात करिए नात प्रतिमा आपका फेमस डायलॉग है उस पर बात करिए मगर वो जो टिप्पणियां करते हैं कि वो मेरा शर्म आ गई वो पौन अभिनेत्री से मिलती जुलती है यह जो टिप्पणियां है यह करने की आवश्यकता क्या है अगर सैद्धांतिक मतभेद है भी तो और अगर आप कर रहे हैं तो फिर आपका और आपने उनके लिए प्रतिक्रियाएं नहीं की प्रतिक्रिया मेंक वीडियो नहीं बनाया जो लोग इस तरह से आस्था पर ठेस पहुंचा रहे हैं और आपने वीडियो उनके लिए नहीं बनाया तो फिर आप यह क्यों ये किस आधार पर कहते कि भाई मैं कुछ करना नहीं चाहता था और यह आवान ने मुझे मजबूर किया है आपका कहने का मतलब यह है कि आप इस देश के तानाशाह है मुगमो मुगमो टाइप के या ड डोंगरीला का डोन है ना तानाशाह आप जो कहे वही सही हो आप यदि अपने ही सिद्धांतों को तोड़े वह भी सही हो आप जब कहे कि भाई पुराणों को मानने वाले उठो तो हम उठ जाए आप जब कहे पुराणों को मानने वाले बैठो तो हम बैठ जाए आप जब कहे कि एका तो एका आपका जब मन हो कि भैया पुराणों के मानने वालों पर जो है आप जो है टिप्पणी करना चाहो तो भी हम शांत रहे तो हम
00:08:40:16 लोग आपके आपके अधीनता में परतंत्रता में रहने वाले लोग हैं जो आप कुछ भी करते रहो मगर इधर से अगर हम कुछ करेंगे तो हमें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि आपसी मतभेद सामने वाले को दिख जाएगा और अगर हमने कर दिया तो फिर आप प्रतिक्रिया मेंक रूप से वीडियो बनाकर हमारा हमें जो है दस्त कर देंगे छिन्न भिन्न कर देंगे सारी मर्यादा को तार तार कर देंगे है ना पहली बात तो यह है अब अगर एक बात यह भी कह दे कि गलत को गलत कहना क्या गलत है क्या यह भी बात आती है उसमें तो पहले इससे आगे बढ़ने से पहले तो मैं यह कहूंगा
00:09:20:12 कि यहां से आगे बढ़ने से पहले मैं यह कहूंगा कि यहां पर आपने अपनी ही बात को काट के रख दिया आप एक तरफ हम अपनी लड़ाई को बाहर नहीं दिखाना है मगर जब आपकी तरफ के लोग शुरुआत कर रहे हैं तो आप उनको जाकर के नहीं रोक रहे बल्कि उनके प्रति उत्तर में जब हम कोई कारवाई कर रहे हैं तो आप हमारे हमें रोकने हमें रोकना चाहते हैं है ना ठीक है अब आगे चलते हैं अब अगर बात करें पुराणों की जो समीक्षा आपके द्वारा की जाती है तो पाच मिनट केवल लगेंगे उस चर्चा को निर्विवाद रूप से खत्म करने में सिर्फ पाच मिनट आप लोग गुरु तत्व को नहीं मानते परंपरा को नहीं मानते कोई बात नहीं मत मानिए मगर जिन पुराणों की आप समीक्षा कर रहे हैं जिन ग्रंथों की आप समीक्षा कर रहे हैं उनको रचने वाले उनको लिखने वाले उन पुराणों में भी अनेका अनेक जगह पर लिखा हुआ है कि जो शास्त्र है उनका जो अध्ययन है वह परंपरा प्राप्त गुरुओं की शरण में बैठकर करना है यदि नहीं करेंगे तो मति भ्रष्ट हो जाएगी समझ में नहीं आएगा तो क्या जब आप किसी
00:10:35:14 ग्रंथ की समीक्षा कर रहे हैं किसी चैनल पर जाकर के तो उस ग्रंथ की समीक्षा करते समय उसके पूरे तत्वों के साथ उसका निचोड़ बता रहे हैं या कहीं की ईट कहीं का रोणा और भानुमति का कुमा जोड़ा कर रहे हैं अच्छा अब प्रमाण को हटा दे और तर्क को ले ले कि कोई भी व्यक्ति किसी की भी धार्मिक बुक का अपने मन गणन अनुसार जो है अर्थ करने के लिए स्वतंत्र है तो फिर क्यों रोकने जाते हैं जाकिर नायक को क्यों रोकने जाते हैं मै कोले को जब मै कोले कुछ अर्थ कर रहा होता है तो मान लीजिए उसका भी अर्थ जब जाकिर नायक कुछ अर्थ कर रहा होता है तो मान लीजिए उसका भी अर्थ मगर नहीं तब उसको समझाने जाते हैं कि तुमको जो है ये समझ में नहीं आया तुम ये द्वेष वश कर रहे हो तुम गलत कर रहे हो क्यों समझाने जाते हो अगर आपके ग्रंथों में भी मैंने पहले भी कहा नियोग इत्यादि ऐसे जटिल विषय जिनको अगर सामर्थ्य वान गुरुओं की शरण में नहीं पड़ा जाएगा जो आपके आपके अनुसार जो आचार्य होंगे उनके अनुसार नहीं पड़ा जाएगा उसमें भी मति भ्रष्ट हो जाएगी कि संतान प्राप्त करने के लिए देवर के साथ करिए अपनी बहन के पति के साथ करिए यह करिए वो करिए सब बातें पढ़ी जाएंगी तो वैसे ही नग्न सत्य
00:11:50:20 है कि कोई अगर इसको पढ़ लेगा तो मेरा तो मन नहीं हो रहा मैं रख दूं बताइए होगा ना ऐसा तो आप वहा हां पर ये चाहेंगे कि जो जो आचार्य इन सिद्धांतों को समझते हैं उनके द्वारा निर्धारित सीमा में रहते हुए उसका अध्ययन करें संचय आने पर आचार्य के पास जाकर के पूछे उससे पहले कोई टीका टिप्पणी ना दे आप ये एक्सपेक्ट करेंगे तो जब आप अपनी चीजों के लिए एक्सपेक्ट करते हैं जिनको आपने स्वीकार रखा है तो आप सामने वाले को वो अवसर क्यों नहीं देते क्योंकि आप तानाशा है क्योंकि आपको ऐसा लगता है कि आपने धरती को खरीद लिया है ऐसा ही है क्योंकि जो महाभारत में लिखा है कि जो हम अपने लिए एक्सपेक्ट करते हैं औरों से वही धर्म होता है ठीक है तो आप अपने लिए जो एक्सेप्ट एक्सपेक्ट कर रहे हैं औरों से आप औरों को वो तो नहीं दे रहे बदल रहे हैं आप तो फिर आप धार्मिक कैसे हुए यह सवाल आ जाता है अच्छा एक यहां पर बात और हुई थी एक मर्यादा में रहते हुए भी हमारे हमारा प्रतिकार किया गया बिना मर्यादा के भी किया गया मर्यादा में रहते हुए भी किया गया जिन्होंने मर्यादा में रहकर किया उनका मैं सम्मान करता हूं
00:13:06:14 तो जिन्होंने मर्यादा में रहकर किया उनकी मैंने एक बात सुनी थी कि यह जो शिवजी वाली बात है और यह बात छुपी हुई थी आपने चैनल पर यह बोलकर उजागर कर दी पहली बात तो छुपी होने से क्या मतलब मेरे भाई आप उसके प्रति आस्थावान नहीं उस सिद्धांत को मानते नहीं है दूसरी बात यह जो आपने बातें क अश्लील है चैनल पर जाकर के यह भी तो ऐसी बातें हैं क्या बच्चों को पढ़ने के लिए दिए जाते हैं क्या पुराण नहीं दिए जाते रामचरित मानस दी जाती है भगवत गीता दी जाती है सुनिए कभी पूरी शंकराचार्य जी को क्या कहते हैं जब उनसे कहा उनसे पूछा जाता है कि व्यक्ति अपना आध्यात्मिक अध्ययन कहां से शुरू करे तो गुरुदेव उसे य नहीं कहते भागवत पुराण पढ़ो उसे ये नहीं कहते कि तुम जाकर ब्रह्मवर्त पुराण पढ़ो उसे कहते हैं रामचरित मानस पढ़ो जिससे आपके अंदर विवेक आए चीजों को समझने का आपके सिद्धांतों की सीमा तैयार हो जिससे कि जब दोहरे अर्थ वाले श्लोक आए दोहरे अर्थ वाले घटनाक्रम आए तो आप वहां पर अपने जो सिद्धांतों की सीमा में उसका अर्थ निकाल सको है ना तो यह जो बात है कि हम एक्सपेक्ट
00:14:21:14 अपने लिए करते हैं कि जब कोई और हमारे ग्रंथों का अर्थ कर रहा हो तो यदि उसको समझ में ना आए कोई किसी निर्णय पर पहुंचने से पहले वो प्रामाणिक आचार्य के पास आक के उसको समझे प्रामाणिक सिद्धांतों को समझे तो आप अपने लिए तो एक्सपेक्ट करते हो मगर सामने वाले के प्रति वही व्यवहार नहीं करते तो यह क्या है अधर्म हैय महाभारत के अनुसार यह अधर्म है और या तो जो आप सामने वाले के लिए कर रहे हो वही आप अपने लिए भी एक्सपेक्ट करो त तो ठीक भी है तो ऐसे में आपका मानना यह है कि आप जो है वो है आपने जो ईश्वर का जो सगुण स्वरूप है उसको तो सगुण साकार स्वरूप है उसको तो हटा दिया और हटाया इसीलिए क्योंकि आप सगुण साकार ईश्वर के रूप में ख्या पित हो सको है ना पूरा अधीन कर सको पूरे समाज को अब क्या है इसमें अगर आगे चले कि दो तरह के आक्षेप होते हैं दो तरह के आक्षेप किसी पर हम उठाते हैं हमने आज तक कभी भी जो प्रश्न उठाया है आर्य समाज पर या स्कन पर जो भी प्र उठाया उन बातों को लेकर के प्रश्न उठाया है जिन बातों को आप स्वीकार करते हैं स्वीकार करते हैं
00:15:36:28 फॉर एग्जांपल जैसे कि आप कहे कि जो शंकराचार्य मत है रामानुजाचार्य मत है पुराणों को मानने वाला जो मत है उसका ज्यादातर जो अंश है वह अजय आर्य जी को जी लगाना उचित नहीं है उसने बहुत अद भाषा का उपयोग किया अजय को अगर बात करनी है चर्चा करनी है तो अपने थोबड़ा है तो हम ऐसे लोगों से चर्चा नहीं करते ठीक है यह पहले से अच्छा अब मैं विषय पर वापस आ जाता हूं तो क्या है मैं उस परे आऊंगा वो जो जिसकी बात हो रही है मैं उस परे आऊंगा हालांकि मैंने सोचा था मैं उसका नाम नहीं लूंगा मगर ठीक है अब नाम आ गया तो लेंगे नाम तो फिर क्या है कि अब फॉर एग्जांपल ये कहा जाए कि भाई पुराणों को मानने वालों का ज्यादातर हिस्सा जो है वो वर्ण को जन्म से मानता है तो हां इस बात पर आप जब आक्षेप लगाएंगे तो बात समझ में आती है मगर जो बात हम स्वीकार नहीं करते हैं उसको लेकर के आप हम पर आक्षेप
00:16:52:06 कैसे लगा सकते हैं पहले आकर क्लियर तो करिए कि हम जैसे हम कहते हैं कि आर्य समाज ईश्वर का साकार अवतार नहीं मानता तो हम जब इस प्रश्न इस पर प्रश्न उठा रहे हैं तो हम पहले चेक तो करें कि आप मानते हो कि नहीं मानते आप कह रहे हो हम नहीं मानते या आप कह रहे हो मानते हो और हम आप पर आक्षेप लगाए कि नहीं मानते तुमने किताबों में लिखा है भाई किताब में लिख देने भर से अर्थ समझ में नहीं आता है नहीं आता अर्थ समझ में उसको समझाने वाला वाले गुरु की आवश्यकता सदैव होती है तो इन चीजों पर आपने ध्यान नहीं दिया तो जब हम किसी से कोई व्यवहार एक्सपेक्ट कर रहे होते हैं और उसके प्रति वैसा ही व्यवहार नहीं कर रहे होते तो इसको कहते हैं अन्याय शेषण होता पक्षपात यह पक्षपात है तो किस प्रकार से आप स्वयं को धर्मावलंबी कहते हैं आचरण में भी तो होना चाहिए ना धर्म कहां है धर्म भाई जिससे आपकी अगर खटपट है तो वह बिल्कुल आपके लिए कूड़ा हो गया कुछ भी बोल दोगे उसे उसने हाउ डेयर सास कैसे किया मेरे विरुद्ध बोलने का अच्छा अब एक इसमें एक पॉइंट आता है कि
00:18:07:24 यह जो खंडन है शास्त्रार्थ है हालांकि हमने कभी भी शास्त्रार्थ के रूप में कभी कोई बात की नहीं हमने केवल प्रश्न उठाए प्रश्न का उत्तर ना मिलने की स्थिति में हमने केवल जो है वो प्रश्नवाचक निशान के साथ ही हमने अपनी बात को रखा हमने कभी नहीं कहा हम जीत गए हमने ये कर दिया हमने उसको परास्त कर दिया यह सब ये सब भाषा जो है यह बचकाने लोगों की होती है बालक बुद्धि वाले जो लोग होते हैं ये सब भाषा शैली हमारी नहीं है हमने हरा दिया मरा दिया ये कर दिया वो कर दिया ठीक है तो ये यह भाषा शैली को थोड़ा दूर रहने का एक स्थिरता लाइए अपने वक्तव्य में जो ये सब कर रहे हैं ये सब कह रहे हैं मैंने उसको हरा दिया मैं ये कर दिया मैं घरा दूंगा मैं तेरे कपड़े उतार दूंगा ये है वो इस तरह की भाषा शैली आप लोग यूज कर रहे हो स्वयं धर्मावलंबी कहते हैं भाई गिरो मगर उस झरने की तरह जो गिर के भी अपनी सुंदरता खोने नहीं देता तब तो आप धर्म को जितवा वाले कहलाएंगे धर्म रक्षक कहलाएंगे वरना रावण से लड़ते लड़ते अगर स्वयं भी रावण बन जाएंगे तो आप में रावण में कोई भेद नहीं है रावण सीता माता का हरण करेगा तो राम सीता माता वो मंदोदरी का हरण करना नहीं सिखाते
00:19:23:27 हैं आपके आचरण से ऐसा ही है कि आपका धर्म ऐसा ही है एक बार मैं कभी लाइव इनका देख रहा था मुस्लिम्स का तो उसमें मुस्लिम से बता रहे थे मुस्लिम से किसी ने प्रश्न किया कि आपके यहां पर जब कोई कहीं पर विजय प्राप्त हो जाती है तो वहां से स्त्रियों को ले आने के लिए कहा गया यह ठीक नहीं है तो मुस्लिम्स ने क्या कहा मुस्लिम्स ने कहा कि भाई सामने वाला जब ऐसा ही कर रहा है तो हम हम भी तो करेंगे मतलब कि यहां पर परिस्थिति पर निर्भर है धर्म धर्म वो नहीं होता जो परिस्थिति में निर्भर हो सामने वाला आपकी स्त्री पर स्त्री को लेकर आ रहा है अगवा करके तो आप भी उसकी स्त्रियों को मातृ शक्तियों को ले आओ अगवा करके नहीं यह धर्म नहीं है और अगर यह भी और अगर यह धर्म है तो फिर क्या है हम लड़ किसके लिए रहे जब सिद्धांत रखने ही नहीं है अपने उन्हीं के सिद्धांतों को हिंदू या सनातन के नाम से ओढ लेना है तो फिर क्यों लड़ रहे हो नाम के लिए लड़ रहे हो केवल क्योंकि सिद्धांत तो उनके अपना लिए कि अगर सामने वाला स्त्री को हरण करेगा तो हम भी करेंगे हां ये सोचने वाली बात है अब अगर हमारी चीजों को देखा जाए तो हमने
00:20:39:03 कभी भी अमर्यादित बातें किसी के लिए भी नहीं की और अगर आप लोग दिखा देंगे कि की है तो बिल्कुल यहीं पर पब्लिकली मैं क्षमा मांग लू कहीं पर किसी के लिए अमर्यादित टिप्पणी कर दी हो ऊंच नीच वाला व्यवहार कर दिया हो टिप्पणियां कर द हो भले ही वह प्रभुपाद जी हो भले ही वह दयानंद जी हो सदैव इनका नाम हमने सम्मान के साथ लिया तू तड़ाक तक में नहीं लिया इन लोगों का नाम
00:21:16:28 और अलग से वीडियो बना कर के निवेदन भी किया कि हमारे जो समर्थक है मैं आज भी कर रहा हूं भाई हमें धर्म को बचाना यदि आप आपको लगता है कि आप धर्म की रक्षा कर रहे हो तो धर्म को धारण करने की शुरुआत स्वयं से करो स्वयं से सिर्फ चिल्लाने से ऊंची आवाज में लोगों को दबा दबा करके उसको स्वीकार कराने से नहीं होगा धर्म की रक्षा वहां से नहीं होगी स्वयं से करो शुरुआत आपके अंदर कितना धर्म है तो इसलिए मैं मेरे समर्थकों को सबसे पहले कह रहा हूं कि मर्यादा के अंदर रहते हुए अपने पक्ष को प्र करना सीखिए अपने सिद्धांतों की रक्षा करना सीखिए धर्म की रक्षा करना सीखिए वरना अंततोगत्वा आप भौतिक रूप से शारीरिक रूप से जीत भी जाओगे सामने वाले से पटक दोगे उठा उठा के मगर जीत लास्ट में भी अधर्म की होगी धर्म नहीं बचेगा अधर्म बचेगा क्योंकि पर सिर्फ इतना होगा कि उसने वह शरीर त्यागा और व आपके अंदर है सिर्फ इतना अंतर आएगा तो अब एक यह भी कहना आता है कि भाई यह बहुत पुरानी बातें
00:22:32:02 हैं जब ऐसा कहा जाता था आपने इसको उजागर कर दिया भाई पुरानी बातें नहीं है अभी की बात है ना कितना एक दो हफ्ते हुए होंगे अग्निवृत जी को उस चैनल पर गए हुए तब तक तो हमने वो वीडियो नहीं बनाया था भाई आप जाकर के क्यों समीक्षा कर रहे हो पुराणों की पहली बात तो आपने उसका अध्ययन नहीं किया प्रामाणिक आचार्यों से आपने जाकर पूछा वय विचार है क्या है नहीं किया और जब नहीं किया आपने जो स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल है उनको आपने फॉलो नहीं किया और चलो वो भी छोड़ दो कि आपको आपको नहीं करना है और आपको उनके प्रति अनास्ता ही रखनी है जीवन भर वो भी छोड़ दो मगर इसको तो आप कर रहे हो ना कि अभी हम हिंदू हिंदू आपस में ना लड़े या सनातनी सनातनी आपस में ना टकराए इसको तो आप भी मानते हो तो फिर जाकर पब्लिक चैनल पर व समीक्षा क्यों कर रहे हो और यदि कर रहे हो तो फिर मैं उनसे पूछूंगा जो हमें रोकने आ रहा है कि भाई तुम उनको रोकने क्यों नहीं जा रहे हो ये पक्ष बात नहीं है तो और क्या है यह अन्याय नहीं है तो और क्या
00:23:35:14 है और मैं उन हिंदुओं से पूछना चाहता हूं जो स्वयं को राधा भक्त कहते हैं स् स्वयं को कृष्ण भक्त कहते हैं मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि इस सब से आप लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता आप लोगों को नहीं पड़ता होगा मुझे पड़ता है इसलिए मैं अपनी आवाज उठाऊंगा कुछ ऐसे हमने वीडियो बनाया तो कुछ इकन के भी लोग जिनका हम विरोध करते हैं वो तक आ कर के हमारा सपोर्ट कर रहे हैं कमेंट्स में कि नहीं नहीं इस मामले में हम आपके साथ है और कुछ ऐसे स्वार्थी इसकन के फॉलोअर्स स्वार्थी जिन्हें ना तो भगवान श्री कृष्ण से कोई मतलब है ना राधा मां से कोई मतलब है ना अपनी संस्था जिसको फॉलो कर रहे हो उससे मतलब है और ना उसके द्वारा नियुक्त किए गए आपके जो आचार्य गण है उनसे कोई मतलब है वोह तो इस बात को लेते हुए कि भाई शिवांश नारायण द्विवेदी का इस समय किससे वह चल रहा है टकराव या जो भी है आमना सामना किससे हो रहा है तो हमें उसके विपक्ष में खड़े हुए व्यक्ति के पास जाकर के उसको सपोर्ट देना वैचारिक समर्थन देना है यह आधार है हमारे धर्म और अधर्म का भगवत गीता नहीं है हमारे उसका
00:24:50:16 आधार हमारा आधार तो यह है कि जो हमारे दुश्मन का दुश्मन का विपक्ष में खड़ा हुआ है जो हमारे विपक्षी के विपक्ष में खड़ा हुआ है हम अपने उसके साथ जाकर खड़े हो जाएंगे भले ही वो हमारे कृष्ण को गाली देता हो भले ही वो हमारे उन्हीं पुराणों का मजाक उड़ाता हो जिसके ऊपर जिसके आधार पर हम सबको चिल्लाते रहते हैं वैष्णवास्त्र कह रहे हो ब्रो मैंने भी उसको जब कहा था ना री डिबेट के लिए तो उसने कह दिया पहले माफी मांगो हां भाई तुमने जब जब आपसे चर्चा समाप्त हुई उसके बाद जाकर के आपने व्यक्तिगत टिप्पणियां कर दी चेहरा बिगाड़ के आपने प्रस्तुत कर दिया हमने कहां पर चेहरा बिगाड़ा आपका एक आप शुरुआत से इस चैनल की शुरुआत से आज तक दिखा दो हमने कहीं पर प्रभुपाद जी का कहीं पर दयानंद जी का चेहरा बिगाड़ा हो सदैव मर्यादा के साथ उनका
00:25:59:14 उनके बारे में बात की है उनका संदर्भ दिया है मर्यादा के साथ कभी किसी के ऊपर इस तरह का कोई ला क्या है नहीं क्या खूब बातें उड़ती इधर से उधर हमने क्यों नहीं आज तक एक नियोग पर स्पेशल वीडियो बनाया क्यों नहीं बनाया हमने क्योंकि हमें उस पर नहीं जाना है हमें सिर्फ उन बातों पर बात करनी है जिन बातों से हम एक हो सकते हैं ईश्वर सर्वशक्तिमान परम स्वतंत्र मक्ष शाश्वत धर्म हम क्यों जाए नियोग पर हमें नहीं तो हमें नहीं वहा खंडन मंडन करना भैया नियोग में आपने अपने हिसाब से जो लिखा है ठीक है उन्हीं बातों को लेकर के लोग मजाक उड़ाया करते हैं कई बार कई चैनल से और ना तो हम उनका समर्थन करते हैं ना हमने अपने अपनी अपनी लाइव में या कहीं पर भी इस बात को लेकर के खड़े हो गए किसी अलंकार समाजी के सामने अब अलंकार क्यों कह रहा हूं यह भी सुन लो व अंत में बता दूंगा मैं कि अलंकार क्यों आता है कहां से आया अलंकार पर हमने कभी भी ऐसी चीजों को आपकी को नहीं उठाया है जिसके बारे में आप पर भी फतिया कसी जा सकती है आपकी भी अमानना हो सकती है हम नहीं उठाते हमें व्यक्तिगत टिप्पणियों से तो कोई मतलब ही नहीं है केवल वह सिद्धांत
00:27:14:24 जो अकाट्य हो उनको ढूंढ रहे हैं अकाट्य सिद्धांत जिससे कि हम विधर्मी के सामने निर्विवाद रूप से अपने धर्म को ख्या पित कर सके जीत दिला सके अपने धर्म निर्विवाद रूप से और अभी कुछ दिन पहले देखा था एक मुस्लिम महिला आई थी बस एक ही बात पूछी क्या वो सब कुछ कर सकता है अवतार ले सकता है नहीं ले सकता चली गई पाच मिनट लगे कितनी देर लगी पाच मिनट क्यों हुआ क्योंकि वो सिद्धांत ही ऐसा है ईश्वर सर्व शक्तिमान है कि नहीं क्यों लड़े हम इधर उधर की क्यों करें तुम्हारे यहां चार विवाह है क्यों करें हम तुम्हारे यहां बहन से शादी करने को कहा गया है भाई धर्म और अधर्म का निर्णय उस ग्रंथ के आधार पर होता है जिस ग्रंथ पर उसकी आस्था है कि ये ईश्वर ने हमारी भी तो उसी पर आस्था है तो जो चीज हमें बुरी लग रही है अगर उन ग्रंथों को सामने वाला नहीं मान रहा है उस पर उसकी आस्था नहीं है तो उसके धर्म और अधर्म का निर्णय नहीं कर सकते इन बातों को लेकर के हम कभी भी इस इस टॉपिक को खत्म ही नहीं कर सकते मगर परम स्वतंत्र मोक्ष वो भी ढूंढ रहा है ईश्वर उसको भी चाहिए सर्वशक्तिमान तो हम वो बातें लेते हैं जिसमें कि निर्विवाद रूप से ऐसे नहीं कि आज टल गया पोस्टपोन हो गया मैच ड्र हो गया ऐसे
00:28:29:28 नहीं निर्विवाद रूप से सनातन ख्या पित होता है और आपके पास है तो आप दे दो मैं व्यक्तिगत जो भी सिद्धांत मानू मान लूंगा अपना अलग से जाक छुप के पूजा कर लिया करूंगा भगवान की आपके पास है ना ऐसे निर्विवाद वाले सिद्धांत दे दो ना कर दो अवाद सिद्ध नहीं करोगे कहते हो कि जो तर्क लाते हो वैदिक होने चाहिए भाई वेदों वेद आपके पास भी है वेद हमारे पास भी है बात है इंटरप्रिटेशन की कि आप कौन सी लाइन का कौन सा अर्थ अपने हिसाब से निकाल रहे हो और हम कौन सी लाइन का कौन सा अर्थ अपने हिसाब से निकाल रहे हैं इंटरप्रिटेशन का अंतर है वेदों का ग्रंथों का अंतर नहीं है जिस लाइन का एक अर्थ आप निकाल रहे हो उस लाइन का दूसरा अर्थ हम निकाल रहे हैं तो यह कौन सी बात हुई हम तो बोल देंगे सत्यम नम अनंतम ब्रम लो जब ब्रह्म अनंत है तो अंत क्यों आ रहा है उसकी सीमित क्यों हो रहा है फिर वो फिर आप कहोगे नहीं वो वो वो वाला उसके जो कार्य है उसमें रहना चाहिए यह तो उसमें नहीं लिखा है सर्वशक्तिमान की परिभाषा य तो नहीं है अनंत की परिभाषा य तो नहीं है अब यहां पर हमारे बीच में मतभेद वेदों को लेकर ग्रंथ को लेकर मतभेद नहीं है कि वो जो क्या कहते हैं जो
00:29:45:02 ईश्वर है वह कभी माया वो अविद्या में नहीं गिरता अरे भाई हमने कब कहा कि वो अगर अवतार ले रहा है तो अविद्या में फस गया वो कब काहा और अगर संसार से जुड़ जाना कनेक्ट हो जाना अविद्या से जुड़ना कहलाएगा तो जब ईश्वर ने सृष्टि की और पृथ्वी बना दी और पृथ्वी को पृथ्वी के रूप में देखना अविद्या है अगर तो ईश्वर उसको देख रहा है ना कि मैंने पृथ्वी बनाई है मनुष्य के लिए तो अविद्या में गिर गया आपके हिसाब से पता नहीं कैसी बातें कहां से लाते हैं कि वेदों के हिसाब से तर्क होना चाहिए आपको क्यों लगता है वेदों के हिसाब से नहीं है ब उपनिषद के हिसाब से ईश्वर किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए तो अब आप जब कमी कर रहे हो कि व यह नहीं कर सकता तो कमी है ना पूर्ण में दिक्कत आ रही फिर आप उसम अपना इंटरप्रिटेशन दोगे कि नहीं पूर्ण का मतलब यह वाला तो वही वहां दिक्कत है ग्रंथ में दिक्कत नहीं है कि हमारे जो तर्क है व वेदों के बाहर के हैं तब आती है परंपरा कि आपका इंटरप्रिटेशन मान्य क्यों उसका और हमें कोई किसी को हराकर या किसी संस्था को या
00:31:00:02 आर्य समाज इस तरीके के तंत्रों को हराक कुछ सिद्ध नहीं करना है यह बहुत बड़ी गलतफहमी है कि मैं अपने संप्रदाय को ऊंचा करना चाहता हूं संप्रदाय के लिए लड़ रहा हू बहुत बड़ी गलतफहमी आप लोगों की मैं सिर्फ उन सिद्धांतों के लिए लड़ रहा हूं जिसके साथ जिसको रखते ही जो विधर्मी है उसके सामने निर्विवाद रूप से सनातन जीत जाए बहुत लंबी वो बहस ना चले ग बस चलती जा रही है अनंत और यही हुआ था यही हुआ भी था उसके बारे में बात करूंगा
00:31:36:26 मैं अब वही जैसे बात करें अगर जो बंगाली भाई साहब है जो मर्यादा में रह कर के हमारे लिए उन्होंने लाइव चर्चा की है और उसमें उन्होंने कहा है तो क्या आपको नहीं पता है कि ऋषि पिछले कई दिनों से क्या कर रहे थे अब उन्होंने धर्म सम्राट कपाती जी की अमानना करने के लिए अपने चैनल का नाम धर्म सम्राट रख लिया है कुछ नहीं करते बना तो यह सब आपको नहीं मा पता था क्या और पता था तो क्या आपने कोई प्रतिकार किया हमारे आचार्यों ने कोई ऐसे वेल नोन व्यक्ति ने यदि कभी भी कुछ कहा है यार समाज के लिए तो सैद्धांतिक विरोध किया है कभी इस तरह से अमानना नहीं की कि वोह क्या कहते हैं जो कृष्ण है वो जैसे आप लोग करते हो कृष्ण और राधा मां के लिए कोई मानना नहीं की इस तरह से और अगर की होगी तो बताइएगा हम प्रतिक्रिया मेंक वीडियो बना देंगे उनके लिए य सैद्धांतिक खंडन किया जाए तो उचित
00:32:40:07 होगा मर्यादा को ना लंगा जाए तो ये अजय आर ए ऋषि उवाच ये सब जो कर रहे हैं आपको नहीं पता है क्या बंगाली भाई साहब आपसे पूछ रहा हूं नहीं पता है ये कैसा पक्षपात है या और फिर जब पक्षपाती हो तो स्वयं को धर्माज कैसे देख पाते हो आप लोग भाई धर्म को पहले स्वयं तो धारण करो सामने वाले को अवसर नहीं दे रहे हो उसको अपने जूते के नीचे कुचले दे रहे हो कि मैं जो कहूंगा वही मानना होगा तुझे अवसर भी नहीं दिया जाएगा तेरा पक्ष रखने का और मेरे लोग जो भी करते रहेंगे मैं उन पर कभी भी कुछ नहीं बोलूंगा यह चाहते हो आप लोग यह धर्म है यही सनातन धर्म है ना दूसरे को दबा देना
00:33:31:21 हमने आज तक इनके लिए जो दयानंद जी हैं और जो प्रभुपाद जी इनके लिए तू तड़ाक भी नहीं बोला है तू तड़ाक और देखो जाके य अजय अर और यह जो बाकी के एक दो मित्र मित्र मिलकर के इन्होंने जो अल्पायु वालों ने वीडियोस बनाए हैं अजय आर्या अगर आप यहां पर हैं तो अपना चेहरा दिखाए और सामना करें और अगर आपको आपकी पहचान खुल जाने से कोई खतरा है तो किसी दूसरे नाम से आ जाएग किसी और दिन यदि आपने अब तक किसी को अपना चेहरा नहीं दिखाया है तो किसी और नाम से आ जाइए किसी दिन चेहरे के
00:34:40:04 साथ तो और यह बात सर्वविदित है कि हम लोग बिना चेहरे के किसी से बात नहीं करते हैं विरोधाभासी जहां पर बात होती है तो यह बात सर्वविदित है पहले से शुरुआत से हम चैनल पर अपने करते आए हैं ना जाने कितने लोगों को हमने मना किया है तो आज हम अगर अपनी उसी मर्यादा का अनुपालन कर रहे हैं अनुगमन कर रहे हैं या तो अजय अर आए तो इसके लिए अपनी मर्यादा को भंग कर द आज तक जितने लोगों को कहा था कि हम नहीं करते तो उनके साथ अन्याय कर द और नहीं करेंगे तो हम शायद अब कुछ लोग यह भी कहेंगे कि वो क्या कहते हैं ये कायर है है ना कायर कौन है वो भी बताऊंगा मैं कौन है कायर मुंह को छुपाने वाला कायर नहीं है जो मर्यादा में रहकर बात करना चाहता है अपने चेहरे को दिखा कर मुसलमानों से भी बात करता है और आपसे भी बात करता है सबसे बात करता है वो
00:35:38:27 कायर आपने अपने वीडियो में कहा कि नमाजी हमने कब कहा आर्य समाज को नमाजी हमने कब कहा हमने तो अपनी टीम को ये कह रखा है कि अगर इस तरह के कोई कमेंट हमने वीडियो बनाया था इस तरह के कोई कमेंट्स भी आए तो तो उनको डिलीट करो तो आप कहीं और से सुन कर के किसी किसी भी व्यक्ति के द्वारा सुन कर के आप य आक्षेप लगा दोगे नमाजी कहते हो नहीं कहते अलंकारी अवश्य कहते हैं अलंकारी हम अवश्य कहते हैं क्यों कहते हैं उसका कारण है क्योंकि आप हमें आपके द्वारा पूरा आपके अधिकृत लोग ऐसा नहीं अनऑफिशियल लोग आप जो है पुराणों को मानने वालों को पौराणिक कहते हो और इस तरह से कहते हो कि वहां पर वह अवैध पौराणिक है अगर पौराणिक संज्ञा आपको देनी है उन्हें तो आप यह कहो वैदिक पौराणिक ये कहो मगर नहीं आप कहते हो पौराणिक अपने आप को वैदिक कहते हो हमें पौराणिक कहते हो तो हम आपको बताना चाहते हैं कि जो संज्ञा हीनता के रूप में आपको आप जो है किसी और को दे रहे हो उसी तरीके से जब आपको मिलता है तो कैसा
00:36:54:02 आता है उसका टेस्ट कैसा होता है उसका अनुभव कैसा होता है उसके लिए अलंकारिक शब्द है अमर्यादित नहीं है और अलंकार आपके भाष्य में है जहां जहां पर शक्तिमान की बात आई जहां जहां पर चमत्कृत की बात आई अलंकार है पूरे वेद भाष्य में जहां पर भी कोई चमत्कारिक घटना हो रही होगी भगवान के अवतार की बात हो रही कुछ भी हो रहा होगा यहां फलाना अलंकार है यहां फलाना अलंकार है फलाना अलंकार है अलग से आ कर के आपको बता दिया गया अब बात अगर ये करें हमने नमाजी कहाया हमने तो चलो कहा भी नहीं हमारे यहां पर जो हमने अपनी टीम है बहुत बड़ी टीम नहीं है प्रयास करते हैं कि ऐसे कमेंट्स को डिलीट कर दिया जाए जिसमें कि अवमानना हो भले ही प्रभुपाद जी की हो या क्या कहते हैं दयानंद जी की हो किसी की भी हो डिलीट करने का कहा हुआ है यथा सामर्थ प्रयास करते हैं कि ऐसे कमेंट्स डिलीट हो जाए आप लोग क्या करते हो चैनल खोल लिया वहा जा तत बात कर रहे हो आचार्यों के लिए कहां से सिखाए अरे भाई आर्य हो राम के वंशज हो राम ने सिखाया यह
00:38:09:28 कि रावण से युद्ध करते समय मर्यादा भूल जाओ और जब हम रावण है आपके अकॉर्डिंग तो फिर वह बात क्यों कह रहे हो कि हम आपस की लड़ाई नहीं दिखाना चाहते हैं दूसरों को आपके ऐसे ऐसे चैनल देखे हैं मैंने जिसमें कि भर भर के गालियां चल रही चैनल में चल रही है गालियां और क्या लगता है हमारे पास आपके आप कभी हमारे ट चैनल में अपना किसी जासूस को भेजना उसको कुछ नहीं मिलेगा क्योंकि अगर कोई हंसी मजाक भी उड़ा रहा होता है व्यक्तिगत टिप्पणी वहां पर तो हम तुरंत हम में से जो भी वरिष्ट होते तुरंत उसको रोक देते हैं यह सब नहीं करो यहां भेज देना मगर आप लोगों के जो ग्रुप बने हुए ना टेलीग्राम इत्यादि के उसमें क्याक च चलता है और किस तरह की भाषा शैली होती है क्या लगता है आपको नहीं पता है क्या होते हैं कुछ लोग ऐसे जो आपके वहां भी हमारे वहां भी है शायद हमारी बातें आप तक पहुंचा रहे हो और आपकी बातें हम तक पहुंचा रहे हो होते हैं तो निर्दोष का बनने का वो मत चोला मत तोड़ो और सबसे बड़ी बात तो मेरे को यह याद आती है कि मैं उन हिंदुओं से पूछ रहा हूं
00:39:25:03 मैं फिर पूछ रहा हूं कि ये जो राधा मां के लिए कहा जाता है भगवान श्री कृष्ण के लिए कहा जाता है मुझे शर्म आती है पढ़ के उनका वो प्रकरण पढ़ के यह सब कहा जाता है तो आपके आपके क्या आपकी आत्मा क्या बिल्कुल गायब हो चुकी है सो चुकी है या यह आपका जो इनको परमात्मा कहना राधा मां के प्रति भक्ति भाव करना यह सब दिखावा मात्र है प्रेमानंद जी महाराज प्रेमानंद जी महाराज सब दिखावा है आपको बुरा नहीं लगता मुझे बुरा लगता है और जो अंतिम सांस होती है जब तक वह बाकी रहेगी तब तक मैं अपनी आवाज लोगों को सुनाता रहूं वो बचपन में एक श्लोक सुना था भगवत गीता का कर्मन निवादी कारते मा फले सु कदाचना आप लोग केवल प्रचार करो कि हमने वहां प्रचार कर दिया हमने यह कर दिया वो कर दिया उसको धारण मत करो हमारे खून में बहते हैं श्लोक खून में बहते हैं लोक रामो विग्रह वान धर्म कर्मन वादी कासते मा फले सु कदाचना नैनम चिंति शस्त्राणि नैनम दती पावक ना
00:40:40:08 चैन क्ले देत ना शोष मारता धर्म के खले प्रचारक नहीं है आज आप किसी भी आचार को ले लीजिए किसी भी वैश्णवा चार्य को ले लीजिए कोई भी ऐसा वैष्णवास्त्र जिनका कोई धर्म ही नहीं है भाई उनका जीवन का जो सबसे प्राथमिकता है वह इस बात को लेकर है कि शिवांश नारायण द्विवेदी को अगर मैं ने अगर मेरे सिद्धांत का वहां पर बैंड बजाया कुछ भी व जो सोचते हो अगर शिवांश नारायण द्विवेदी ने जो जिस ईश्वर के जो परिभाषा हमारी है जिसको हम स्वीकार करते हैं उसके अनुसार वो बाधित सिद्ध हो गया तो अब उसके विपक्ष में जो भी खड़ा होगा मैं उसको
00:41:55:09 सपोर्ट करूंगा भले ही व वो व्यक्ति हो जो हमारे ही लोगों को गाली देता आया हमारे गुरुओं को गाली देता आया है जो हमारे क्या कहते हैं भगवान श्री कृष्ण के बारे में अभद्र चीजें बोलता आया या नहीं बोलता आया तो उनको सपोर्ट करता आया जो ऐसा करते हैं अब कुछ वो तार्किक बात भी कर लू मैं आपसे
00:42:29:21 एक सब्जी वाला हमने अपने वीडियो में उदाहरण दिया था कि एक घर में पांच सब्जी एक घर में और पांचों अलग-अलग लोग हैं उसको ग्रहण करने वाले तो वह व्यक्ति सही है जो यह कह रहा है पांचों सब्जी सब्जी से पेट भरता है वह व्यक्ति जोड़ने वाला है घर को या वह व्यक्ति जोड़ने वाला जो कह रहा नहीं मैं जो ले रहा हूं वोह सही है बाकी की चार सब्जियां खराब है यह मैंने जनरल रूप से नहीं कहा था यह मैंने रियल इंटेंशन जैसे लोगों के लिए कहा था जो यह कहते हैं कि हम सबके द्वारा स्वीकार किए गए सिद्धांतों में कुछ ना कुछ कमियां है मगर यह समय नहीं है कमियों पर बात करने का इस समय हम सबको एक होकर के सामने वाले का सामना करना चाहिए एक दूसरे की कमी नहीं निकालनी चाहिए यह रियल इंटेंशन वाले भाई साहब के वक्तव्य हैं और उसकी तरीके के कई अन्य लोग भी है तो यह बात मैंने उनके लिए कही थी कि यदि आपको लगता है कि आप जिस सब्जी को खा रहे हो उसमें भी कमी है बाकियों में भी कमी है तो वो व्यक्ति सही है उस समय जो कह रहा है नहीं सारी सब्जियां ठीक है आप लोग सब्जियां ग्रहण करिए और सामने जो बाहरी मुसीबत है उससे लड़ या फिर वो व्यक्ति ठीक है अभी भी जो सिर्फ अपनी सब्जी को लाद चाहता है पांचों
00:43:44:24 पर और दूसरे और यही नहीं वो निंदा भी करता है दूसरे की सब्जियों की भाई क्या इससे एकता आएगी कि हरि हर एक है शिव जी भी भगवान है विष्णु जी भी भगवान है कृष्ण जी भी भगवान है ठीक है आपके ग्रंथों में नहीं है तो उसका प्रचार मत करो आगे टीवी में जब तुम्हारे अपनी सभाए चल रही है व आपस में बात कर लो मगर आप जब उसको सार्वजनिक रूप से उसका प्रचार प्रसार करोगे कि शिवजी भगवान नहीं है तो उससे कहां एकत्व आएगा एकत्व इससे आएगा कि हरि हर एक है इससे आएगा एक इसी प्रकार से ईश्वर साकार नहीं सिर्फ निराकार है इससे एकत्व आएगा एकत्व आएगा आपके ग्रंथों में है ठीक है आर्य समाजी ग्रंथों में ईश्वर शिव निराकार है ठीक है मत करो प्रचार आ कर के मत करो समीक्षा आप पुराणों को नहीं मानते राधा कृष्ण की रासलीला आपको समझ में नहीं आती उनके अर्थ समझ में नहीं आते आचार्य के पास नहीं जाना है मत जाओ मगर चैनलों पर आकर के पब्लिकली सार्वजनिक समीक्षा क्यों कर रहे हो
00:45:03:09 राघवाचार्य जी का वीडियो है लोग मु कहते हैं कि उसके अनुसार जो है ईश्वर जो है बलात्कारी भी है हां भैया जो यह कह रहा है उसके उसके रूप में ही ईश्वर बलात्कारी है जो इस तरह का सवाल कर रहा है भगवान तो सब में है ना तो तुम्हारे रूप में बलात्कारी है और जब बलात्कारी के रूप में आओगे तो उसका वैसा पूजन होगा प्रेमानंद जी महाराज का कहना है भगवान जब आतंकी के रूप में आते हैं तो फिर वैसे किया जाता है स्वागत उनका राघवाचार्य जी ने कहा है भगवान सूअर भी बन जाते हैं जाओ करो खंडन वैश्णवा चार्य का और फिर कहना कि वैष्णव की निंदा करने पर 10 अपराध में से एक अपराध आ जाता है है
00:45:53:13 ना अब क्या है कि तो ये जो निरुक्त वाले भाई निरुक्त वाले भाई साहब रियल इंटेंशन इन्होंने भी एक तर्क दिया जब बात य आती है कि गुरु परंपरा गुरु नहीं है तो तो इन्होंने एक तर्क दिया कि निरुक्त में आचार्य यासक ने कहा है कि जब तुम्हारा कोई गुरु नहीं होगा अभाव होगा गुरु का तो तुम्हारा गुरु तुम्हारा तर्क होगा तो यह सिद्धांत हो गया इससे सारे सिद्धांत कट गए पहली बात तो यह है कि जब आप अपना यह सिद्धांत रख रहे हैं कि गुरु की आवश्यकता नहीं है उस समय भी आप गुरु का ही आलंबन ले रहे हैं आप यह चाहते हैं ना कि आचार्य यासक को प्रमाण के रूप में स्वीकार करते हुए सिद्धांत को मान लिया जाए कि गुरु की आवश्यकता नहीं होती मगर उसको भी सिद्ध करने के लिए आप गुरु का ही आलंबन ले रहे हैं तर्क तो यह है कि आचार्य यासक का वह कथन आप तक कैसे आया यह तर्क है अगर आप प्रमाण दे रहे हैं तो इसका मतलब किसी ना किसी के कहे हुए वचन को आप आगे प्रोसीड कर रहे हैं शब्द प्रमाण दे रहे हैं ना आप वो क्या है लंबन तो है तो इसका अर्थ है और इसके साथ ही साथ निरुक्त मेंही अनेकानेक जगह उन्होंने परंपरा की बात की ग परंपरा प्राप्त अर्थ में आपको बता रहा हूं परंपरा प्राप्त अर्थ
00:47:08:15 में आपको बता रहा हूं तो क्या उनके एक कथन से दूसरे कथन को काट दिया जाए या ऐसा अर्थ निकाला जाए जिससे दोनों का मान रह जाए सामंजस्य कहां है अर्ध अर्ध कुकुट न्याय करोगे क्या कहां है सामंजस भाई अगर वो यह कह रहे हैं कि परंपरा प्राप्त अर्थ और यह कह रहे हैं कि जो है तब आपका तर्क आपका गुरु होगा तो इन दोनों में सामंजस्य कहां है सामंजस्य यही है कि जब हमारे पास में गुरु नहीं है तो हमें वहां पर तर्क के सारे आगे बढ़ना होता है यह सामंजस्य है इसका मतलब ये नहीं कि गुरु तत्व का खंडन ही कर दिया गुरु होना ही नहीं चाहिए
00:48:06:00 आर्य समाजी के वह युवा बंगाली भाई साहब की बात नहीं कर रहा हूं जो युवा है उनकी बात कर रहा हूं वह क्या करते हैं अपने चैनल पर जाएंगे और अपने आप को खुद ही योद्धा में यह कर दूंगा वो कर दूंगा अरे भाई तुमने सामने वाले को मौका नहीं दिया सामना हुआ नहीं बस अपने ही आप अपनी वो कर द मैं यह कर दूंगा मैं व कर दूंगा यह हो जाएगा वो हो जाएगा तो इससे य प्रतीत होता है कि जो काशी का शास्त्रार्थ इत्यादि जो मिथ्या फैलाई गई है वो मिथ्या ही है ऐसे ही किया होगा भाई कहां से सीख रहे हो जब तक वह आमना सामना हुआ नहीं तो अपने आप को विजेता क्यों कह रहे हो हमने तो नहीं कहा स्वघोषित विजेता बनना सिखाता है क्यार समाज आप लोगों को इस मामले में बंगाली भाई साहब बढ़िया है उन्होने कहीं भी स का बातें नहीं की कि हम जीत गए ये कर दिया वो कर दिया
00:49:10:18 हम अब बात कर लेते हैं कि ये जो युवा है जिन्होंने मर्यादा को लांघा है उन्होंने हमारे एक वीडियो को भी उसमें यूज किया है हमारा विरोध प्रकट करने के लिए हमारी असफलता को प्रस्तुत करने के लिए उसमें क्या है कि कुछ वर्षों पूर्व जब मुस्लिम से मेरी बात हो रही थी तो मैंने वहां पर यही तर्क कहा था कि क्या आपका ईश्वर सब कुछ कर सकता है और उसमें बात हो रही वह बोल रहे हैं कि वहां पर क्या ईश्वर एक्जिस्टेंस से बाहर जा सकता है मर सकता है तो वहां पर वही व्यवहार और परमार्थ की बात मैं उनको बताना चाह रहा हूं मगर दो तरीके से चर्चा होती है एक होती है कि हम एक बात पर अड़ जाए उसको खत्म ही ना होने दे मगर जब हमें अपनी चीजें मिल जाती
00:50:01:08 हैं हां भाई साहब अरे इनको मत लो यार इन्होंने इतनी उल्टी सीधी बातें की मत लो इन्हे मर्यादा का उल्लंघन करने के वाले के साथ मंच साझा नहीं करते हम ऋषि उवाच ने किया था हम अड़े रहे हमने आज तक नहीं किया क्यों करे भाई मंच साझा तुमने तो तू तड़क नंगा बंगा सब बोल दिया अब हम तुमसे बातचीत करें कभी साहस हो तो सामने आओ तब पता चले जो अपने आप को स्वघोषित विजेता सिद्ध करते हो सामने आओ फिर वही शब्द बोलो हम वही बोलेंगे जो अभी बोल रहे हैं यह है धर्म जो किसी भी देश काल परिस्थिति में नहीं बदलता हमने धारण किया ना उसे हमारे शब्द ऐसे हैं जब तुम सामने होगे तब भी ऐसे ही बोलेंगे क्या तुम्हारे हैं नहीं है जब तक तुम्हारा चेहरा काल कोटरी में है तब तक तुम वैसे बोल रहे हो और जैसे ही तुम्हारा चेहरा रिवील होगा जैसे ही तुम्हारी पहचान रिवील होगी तुम्हारे शब्द बदल जाएंगे ये है अधर्म जिसको त्यागना पड़ जाए इसको कहते हैं अधर्म धर्म की रक्षा करने की बात करने से पहले धर्म को धारण करना
00:51:14:25 सीखो तो वह जो बात हो रही थी जब हम जब हमें हमारी चीज मिल गई कि भाई सामने वाले का ईश्वर अवतार नहीं ले सकता और ऐसे हमने कितनी जगह किया है जब आर्य समाज से चर्चा करने जाते कोई विद्रोह थोड़ी ना कर देते वहा पर नहीं नहीं ईश्वर अवतार वो बिल्कुल अटक ही गए कुछ हमें प्राप्त हो गई चीज अब अगला प्रश्न अगर हम वहां पर आगे अगर एक ही बात पर अटक जाएंगे तो अगली चीजों पर कैसे जाएंगे तो इसलिए जब हमें वहां पर यह प्राप्त हो गया कि इनका ईश्वर वादित है उसको स्वीकार कर रहे हैं हमने उनसे पूछा कि अगर वह सब कुछ नहीं कर अगर वह बुरे काम नहीं कर सकता तो क्या बुराई को बनाना बुराई नहीं है अटक गए उसमें मौलाना जी वो कह रहे कि नहीं ईश्वर जो है बुरे कार्य नहीं कर सकता मैंने कहा बुराई को बनाना बुराई नहीं है राक्षस को बनाना बुराई नहीं है तो हमने अपने जानकारी से यथा सामर्थ और वहां पर हम उनकी उसमें है चर्चा में तब अंततोगत्वा उने हमें म्यूट करना पड़ा हमारे ना चाहते हुए हटाना पड़ा मगर हमें काफी वहां से उस दिन पहली अच्छा यह भी सोचिए आप कायर कह रहे हैं आप उसके साथ खड़े हैं जो अपना मुंह काला करके मुंह छुपा करके उल्टी सीधी चीजें कर रहा है स्वयं को धर्म रक्षक खपत कर रहा है
00:52:29:27 और किसके विपक्ष में खड़े हैं जो व्यक्ति पहली चर्चा करने जाता है मुस्लिमों से और अपने चेहरे के साथ जाता है चेहरे के साथ ठीक है और फिर वहां पर मुस्लिमों के सिद्धांतों का खंडन भी करता है नास्तिकों का उत्तर नहीं है मुस्लिमों के पास क्योंकि उनका ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है जिसका ईश्वर सर्वशक्तिमान होगा उसी के पास नास्तिकों का उत्तर होगा और फिर आगे उसकी सबसे रोचक बात पता है क्या थी वो यह थी उस चर्चा की सबसे रोचक बात कि वहां पर मुझे जो प्रॉब्लम आई उन लोगों को ध्वस्त करने करते समय उनकी बातों को वो प्रॉब्लम किसकी वजह से आई थी पता है आरे समाज इस कौन क्या बात है यह नहीं दिखाओगे उसी चर्चा में आई जब मैं कह रहा हूं कि ईश्वर सब कुछ सकता तो वो मुझे कह रहे हैं कि तुम्हारे यहां के आर समाज वाले तो ऐसा नहीं मानते लो हो गया कौन कर रहा है उनकी मदद अरे भाई सामने से दिख रहे हो कि हा हम बहुत विरोध कर रहे हैं प्रत्यक्ष रूप से तो उनका साथ ही दे रहे हो सैद्धांतिक तौर पर तुम्हारा ही आलंबन
00:53:45:07 ले रहे हैं तुम्हारे भाई को दबाने के लिए व ईश्वर कण कण में नहीं है इसकन की गीता का उदाहरण दे दिया उन्होंने किसने की उनकी मदद इसकन और आर्य समाज ने देखो वो वीडियो जाकर के पूरा किसने की थी उनकी मदद परंपरा जब उन्होंने जब आपका आलंबन आर समाज यों का आलंबन लेकर मुझे कहा था ना कि ऐसा वो तो ऐसा नहीं मानते तो मैंने कहा था परंपरा कहां है उनकी बताओ मुझे और फिर परंपरा परंपरा पर चलते चलते कुछ बहुत सारी बातें हो गई फिर हटा दिया
00:54:24:07 गया तो वहां सिद्ध है कि कैसे उनकी सहायता हो रही है सनातन सिद्धांतों का विरोध करने में देखो आप जाकर के और मुझे सबसे आश्चर्य चकित कर देने वाली बात यह लगी कि हमारी इतनी सारी इनके लोगों के साथ चर्चा हो चुकी है वरिष्ठ लोगों के साथ हो चुकी है आर्य समाज की इंटरनेशनल प्रचारक और जो है प्रतिनिधि मंडल की अध्यक्ष अध्यक्षा
00:54:58:10 हां उनके साथ चर्चा हो चुकी है जो वहां के हैं एक अच्छे खासे व्यक्ति थे उनके साथ चर्चा हो चुकी है आपको किसी चर्चा में ऐसा कोई दृश्य नहीं मिला जिसमें आवान निरुत्तर हुआ हो जो आपको जिहादियों की शरणागत होना पड़ रहा है अपने भाई को नीचा दिखाने के लिए दूसरों की शरण में जाना पड़ रहा है वाह वाह हिंदू वाह कितना अच्छा लॉजिक है ना कि देखो हम तुम्हें गिराने के लिए वहां भी चले जाएंगे वहां से ले आएंगे रे थे वहां क्योंकि हमारा कोई व्यक्ति तुमको निरुत्तर नहीं कर पाया तो कहीं से तुम्हारी कटिंग बटिंग निकाल कर के हम तुम्हें वो करता हुआ साबित करेंगे निरुत्तर होता हुआ क्या बात है अरे सनातनी तो कहते हैं अभी मैंने अजय हरे का एक वो देखा ट्वीट था क्या था पता नहीं उसमें लिखा था कि हमारी आपस की लड़ाई है अरे भाई आपस की लड़ाई है इसीलिए तुम जिहादियों के य जा रहे हो अपने भाई की कटिंग
00:56:05:00 निकालने यह वर्चस्व की लड़ाई है यह धर्म के लिए युद्ध नहीं है यह ईश्वर के लिए युद्ध नहीं है यह अपने तंत्र के लिए युद्ध है संस्था निता के लिए युद्ध है व्यक्ति निता के लिए युद्ध है ईश्वर और धर्म के लिए नहीं है य युद्ध ना धारण किया है और ना ही उसका प्रतिपादन है आपका भाई कहीं जा रहा है सामने वाले को चुप कराने वो आपका आलंबन ले देखो कैसे एक दूसरे की मदद हो रही है देखिए यह भी देखिए वो इनका आलंबन ले रहा है मुझे दबाने के लिए और ये उसका आलंबन ले रहे हैं अब कौन है सनातनी ये ऐसी सिचुएशन से पता चलता है आपको उसका आलंबन लेना है अपने भाई को दबाने के लिए उसको आपका आलंबन लेना है आपके भाई को दबाने के लिए और यह आपका भाई है आप दोनों एक साइड हो वो एक साइड
00:57:08:25 है और भाई यह सब बातें मत करना कि यह सब आपको पता नहीं है आपकी बात कर रहा हूं बंगाली भाई साहब आप बड़े मर्यादित व्यक्ति है अच्छे अच्छा लगा कम से कम मंच पर तो अच्छे से बात करते हैं बाकी आपकी टेलीग्राम और टेलीफोन चीजें तो के बारे में मैं नहीं कहूंगा मगर मंच पर पब्लिकली सार्वजनिक रूप से ठीक से बात करते हैं अच्छा लगा इसके लिए और अंत में मैं यह कहूंगा कि सबसे पहले मैं बंगाली भाई साहब से कहूंगा कि आपने जो यह कहा कि हमने उसको भेजा था आपने उसको निकाल दिया इसकन का हमारा लड़का था फिर वही बात उसको अपने साथ क्यों खड़ा करते हो भाई जो अपनी बात पर नहीं खड़ा रह रहा है उस पूरे साढ़े तीन घंटे में वो कितनी बार अपनी बातों से बदला है जब वो अपनी बात पर नहीं रुक रहा है उसके साथ उसको अपने साथ क्यों खड़ा करते हो आप आप तो मैच्योर पर्सन दिखते हैं मुझे और हमने जितने मैच्योर पर्सन के साथ में वार्ता की है देख लीजिए कहीं पर कि कोई भी व्यक्ति हमसे अभद्रता अमर्या अनियमितता इस तरह का लांछन हमने लगा सके तो आप आइए चर्चा के लिए आपने मर्यादा में रहकर बातें की है आप चर्चा के लिए
00:58:23:27 आइए आवश्यक नहीं है कि चैनल हमारा हो या आपका ही हो आप संपर्क करिए और कोई मध्यस्थता वाला चैनल देखेंगे उस पर चर्चा कर लेंगे कोई तो एक निष्कर्ष पूर्वक समीकरण तो प्राप्त हो आइए मगर यह जो वह है स्कन का जो लड़का आया था य पर उसका नाम लेकर के चर्चा से दूर रहने का जो बहाना है यह मत लगाइए यह मत लगाइए मॉडरेटर रख लिया जाएगा जैसे आप कहोगे वैसे हो जाएगी संपर्क करो 7408
00:59:01:02 30169 और अंत तो गत्वा जो यह अजय आर्या है उनके शरीके के जो और लोग है जो अपना काला मुंह करा करके चेहरा छुपा करके धर्म रक्षक बनने का डंका बजाते हुए और कुछ निचले स्तर की हरकतें कर रहे हैं ओछी हरकतें कर रहे हैं इनको मैं कहना चाहूंगा कि थोड़ा सा अपने भोजन इत्यादि में पौष्टिक आहार ऐड करें जिससे कि प्रोटीन की कमी हो मांसपेशियों में कैल्शियम की कमी हो हड्डियों में तो उसकी पूर्ति हो जिनका अभाव रहा है शायद आपके जन्म से जो आप आगे चले हो तोन इस तरह का आपको आहार विहार नहीं मिल पाया जिनके कारण आपको जो है मुंह छुपा कर के घूमना पड़ रहा है और अपने मत को अपने सिद्धांत को अपने पक्ष को रखने के लिए मीम्स का सहारा लेना पड़ रहा है गालियों का सहारा लेना पड़ रहा है अभद्र व्यवहार का सहारा लेना पड़ रहा है ू तड़ाक का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि सिद्धांत में दम नहीं है ना सिद्धांत में दम इसलिए नहीं भोजन इत्यादि में कमी रही निष्ठा पूर्वक व उपलब्ध नहीं कराया गया बचपन
01:00:16:14 से तो थोड़ा सा यह सब चीजें ऐड करो प्रोटीन फैट और कार्ब टाइप की चीजें सस्टेंड एनर्जी देने वाला कार्बोहाइड्रेट ढूंढो है ना होल ग्रेन वाले ड करो शाकाहारी होंगे आर समाजी है तो हम भी शाकाहारी है तो ऐसा फूड खाओ जिसमें की प्रोटीन ज्यादा हो थोड़ा सा जिससे की पहली बात तो सकारात्मकता है जब शरीर में एनर्जी नहीं होती है ना तो नकारात्मकता आती है बहुत ज्यादा जब एनर्जी आएगी तो आपके शरीर में थोड़ी सकारात्मकता आएगी सकारात्मक थोड़ा सजन दृष्टिकोण से देखिए केवल विध्वंसक दृष्टिकोण से ना देखिए तो थोड़ा आहार विहार में थोड़ा ठीक करो और अगर ना मिले तो हमसे संपर्क करो इस बारे में हम आपको गाइड करेंगे जो आपका अभाव रहा है बचपन से निष्ठा पूर्वक आपको उपलब्ध नहीं कराया गया दुर्भाग्यवश वह हम आपको गाइड करेंगे अगर आवश्यकता पड़ी तो आपको देंगे भी केवल मार्गदर्शन नहीं करेंगे वह आपको देंगे और हष्ट पुष्ट बनो जिससे कि आपको अपना चेहरा ना छिपाना पड़े कायर ना बनना पड़े मुंह काला करके ना घूमना पड़े सामना कर पा पाओ धर्म की रक्षा के लिए वास्तविक धर्म रक्षक बन पाओ केवल ढूं ना
01:01:31:19 करना पड़े है ना तो संपर्क करना प्रोटीन फैट और कार्ब के बारे में अच्छे से आपको बताएंगे वाकई में वचन दे रहे हैं क्योंकि हमें हमारी माता ने बहुत अच्छे से उपलब्ध कराई ये सब चीजें बचपन से दुख इत्यादि में अच्छे से ऐड करो और उनका सेवन करो और फिर आप अष्ट पुष्ट बनकर वैसे अभी आपकी जो आयु है बहुत अल्प है जिसके कारण आप इस तरह की उ सं कलता कर रहे हो आशा करूंगा कि जिस धर्म का प्रचार करने का दावा कर रहे हो आप मत ये जो पुराणों को मानने वाला मत है वेदों के साथ उनको मत मानो अरे स्वामी दयानंद जी ने जो सिखाया वही मान लो उसी से हो जाएगा भला वो भी नहीं मान रहे हो ना अरे राम को आदर्श तो वो भी मानते थे ना तो कहां है रल रीत चदा चली आ प्राण जाई प्रवचन ना जा कहां है केवल औरों को मनवाना चाहते हो अपनी चीजों को खुद नहीं धारण करेंगे ठीक है तो यह सब ऐड करो अपनी डाइट में मदद चाहिए हो तो ले लेना और जिससे कि ये जो कायरता वाला जो अंधकार पूर्ण जीवन है ना अंधेरे वाला केवल
01:02:46:20 आवाज आती है बोला दिखता है उससे बाहर आओ प्रकाश में आओ प्रकाश पड़ी है ना सत्यार्थ प्रकाश कहां है आपके चैनलों में प्रकाश भाई अंधा कुप्प डला है यहां है प्रकाश तो दिख रहा है ना चेहरा यह क्यों दिख रहा है पता है गुरु मुख से भगवत गीता का श्लोक सुना था नैनम छिंदंति शस्त्राणि नैनम दहति पावक न चैन क्ले दंत शति मारता जिसको आत्मा का ज्ञान हो जाता है ना वह आपके जैसे लोगों द्वारा दी जाने वाली जो गीदर भब किया होती है उनसे घबराता नहीं है भ खत्म हो जाता है
01:03:27:12 हम तो वह लोग हैं जो अपने जीवन का मोक्ष पा चुके हैं केवल धर्म रक्षा के लिए शरीर है वो लोग हैं हम जय श्री राम किसी को आना है तो बताएं चेहरे के साथ यदि कोई आ सकता है हा रजत जी बताइए शिवांश जी मेरा यह क्यक मेरा यह मानना है जैसे मैंने समा इमेट इनफॉर्मेटिव क्वेन बात नहीं करेंगे आज जो अभी प्रासंगिक विषय चल रहा है उस बात करेंगे हा हा तो बस यही देख के थोड़ा बुरा लगता है जैसे बहुत सारे चैनल है एक सनातन धर्म डिकोडेड है है ना उसने इन के संस्थापक आचार्य उनको बहुत बहुत बुरा कहा मुझे ऐसा लगता है कि यह लोग इमेच्योर पर्सन है असल में जो मैच्योर पर्सन है वह कभी किसी आचार्य को भला बुरा कह ही नहीं सकता क्योंकि चाहे जो भी हो छोटी छोटी बड़ी गलती
01:04:42:27 किसी भी आचार्य से हुई हो लेकिन आचार्य हर हर रूप में रिस्पेक्टेड होते हैं चाहे दयानंद हो चाहे प्रभुपाद हो चाहे कोई भी हो कोई भी और जैसे मैंने शंकराचार्य जी का भी एक पुरी के शंकराचार्य जी है उनका मैंने वीडियो देखा था तो व आर समाज को जब उनसे किसी ने दयानंद जी के बारे में प्रश्न किया तो उन्होंने कहा था कि वह रामानुजा चार को ही मानते थे बस उनमें वह दो चीजों को नहीं मानते थे वर्ण व्यवस्था और क्या कहते जम से कर हा हा तो मेरा मेरा इसमें एक पॉइंट है कि ऐसा क्यों हुआ यह आर समाज अभी 200 साल पहले वो एस्टेब्लिश हुई है तो यह एक प्रकार से एक वैसी संस्था थी जो धार्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन थी वैसे लेना चाहिए हमें तो इसमें कोई मतलब इसमें वेदों को स्वीकार किया गया मतलब एक प्रकार का वो ऑर्गेनाइजेशन होता है ना उस प्रकार से था बाकी इसमें ऐसा लड़ना नहीं चाहिए जैसे कि नहीं हां वो ये ये मैं भी ढूंढ रहा था किच्छा की चीज आ रही है सामने एक चीज मैं बताना चाहूंगा एक यश नाम का लड़का था यश
01:05:58:08 यश तिवारी वो वीडियोस बनाता था इनफॉर्मेटिव वो स्कन पर भी बोलता था और बाद में उसने शायद आर समाज पर भी बोला था मैं प्रयास करूंगा आपको वो कमेंट दिखाने का जब मैं अपना चैनल बैनल नहीं चलाता कुछ नहीं मैं वहां जाके कमेंट करता था भाई मर्यादा को मत लांगो आप मर्यादा को क्यों लांग रहे हैं आप केवल इंफॉर्मेशन दीजिए ना गाली गलोज क्यों कर रहे हैं ये मेरा वास्तविक स्वरूप है आज से करीब चा साल पहले का मैं वहां जाकर के सब सिखाता यह होता है ना धर्म जो देश काल परिस्थिति बस बदले ना अभी इनका क्या है यह जो काले घेरे काले गोले के साथ य लोग जो दिख रहे हैं य अजय आर्य हुआ या इसके जैसा इसके जैसा एक चैनल और है वो कौन है आरई करके दो दो मित्र है वो बनाते हैं वो भी ऐसे ही उसम मीम्स लगा रहे बीच में मि बर्गा तो ये जैसे ही इनके इनका चेहरा सामने आएगा इनका बात का तरीका बदल जाएगा ये क्या जब सामने मंच पर खड़े होंगे तब क्या मुझसे ऐसे बात करेंगे जैसे अभी कर रहे अपने चैनलों पर ये क्यों कर रहे हैं क्योंकि कुख्यात बने हुए हैं अब जैसे मैं इकन कानपुर कानपुर सेन कानपुर से कनेक्टेड
01:07:13:20 काफी अच्छे लोग हैं ऐसा नहीं है कि वो व वो कहते हैं कि बुराई करते हैं कि वो है बस बस होता क्या है है ना शिवांश जी जैसे कुछ एक लोग बुरे आ जाते हैं तो वो बदनाम करने लगते हैं कि अरे यह तो मायावादी है यह तो अद्वैत वादी है मतलब ये अगर आप डीप डीप में आप जाओगे जैसे इकन की जो फाउंडेशन है वो गौड़ीय समाज से है तो यह बात शंकराचार्य जी ने भी कही है कि गौड़ीय समाज से उनको कोई मतलब सब लोग मानते हैं शंकराचार्य जी को जो इकन की जो स्वागत कियान जी गए थे वहां परिया समाज में बहुत अच्छा हा हा बस ये है कि इन एक थोड़ा अलग लेवल पर चली गई थोड़ा और बात यह भी आती है कि देखिए उसम कुछ चीज ऐसी है जो प्रभुपाद जी का विरोध मिलता है तो दुख होता है जैसे एक जगह एक मिला है कि अब पता नहीं कितना वो प्रमाणिक है बात य प्रभुपाद जी के नाम से वही भरोसा जा रहा है जो प्रभुपाद जी ने दिया है कि कुछ और है यह दिक्कत अब एक जगह लिखा है प्रभुपाद जी कृष्ण भगवान को राजल कह रहे बताइए अब ये बिल्कुल समझ से बाहर की चीज है एक तो भक्त भगवत भक्त वैष्णव और उसके बाद वो रासकल
01:08:29:01 और तुलसीदास जी की निंदा कैसे कर सकता है नहीं कर सकते मगर उसमें कर रहे हैं ही ही वाज नॉट ए प्योर वैष्णव तो ये मुझे ऐसा दिखाई देता है कि अब स् कन का तंत्र वो तंत्र नहीं है जो प्रभुपाद जी ने शुरुआत किया था उनके नाम से कुछ ना कुछ चल रहा है यह बात है हां क्योंकि होता क्या है कि मैंने ये भी नहीं कहा कि क्या चल रहा है आप देखिए इसको कहते हैं मर्यादा मैंने ये भी नहीं कहा कि क्या चल रहा है मैंने कभी नहीं कहा कि स्न जो है क्या कहते बिजनेस कर रहा है ऐसे नहीं कहा मैंने कभी मैंने सदैव क्वेश्चन किया कि इस पर कारवाई हो इस पर जो है जांच
01:09:07:12 हो जी तो मतलब मेरा यही है कि मतलब ऐसा तो है नहीं किय संस्था इन संस्था य संस्था भी चलती रहेगी पूरे ऑल ओवर वर्ल्ड में है आर समाज भी ल ओवर वर्ल्ड में है अभी जैसे मैंने गायत्री को भी मैंने थोड़ा देखा था तो गायत्री परिवार में थोड़ा यह रहता गायत्री मंत्र बता सबको व पढ़ा रहे हैं कोई भी कर सकता है और यहां पर जो जैसे प्योर जो मानते हैं जैसे आपने भी कहा था और फिर व धीरें शास्त्री है भागेश्वर धाम वाले उन्होने य बोते राघवाचार्य प्रेमानंद जी महाराज है और य राजेंद्र दास जी सबका सुन लीने बो के लिए राम भद्राचार्य भी म
01:09:56:14 लेकिन जो आम आदमी जाता वो कंफ्यूज हो जाता है फिर उसको समझ में नहीं आता किसको माने किसको ना माने एक मैंने राघवाचार्य जी राम भद्राचार्य पर एक वीडियो आज तक एक वीडियो बनाया है प्रामाणिक परंपरा प्राप्त आचार्य के ऊपर एक वीडियो बनाया एक वीडियो और उसम क्या बात कही पता है मैंने उनसे ये कही कि उन्होंने एक जगह पर कहा था कि चारों शंकराचार्य में से कोई भी वो नहीं है संस्कृत ज्ञ जो मेरे से बात करते थे पाच मिनट उन्होंने ये कहा था और उस समय चल भी रहा था शंकराचार्य का बहुत विरोध तो मैंने देखिए कैसे वीडियो बनाया कि आचार मतलब बहुत सम्मान प्रकट कहीं पर तू तड़क नहीं कर दिया उनके लिए हमने कहीं पर और दोबारा कभी बनाया भी नहीं एक वीडियो ओनली बनाया है एक वीडियो और उसम मैंने केवल एक प्रश्न किया कि आपकी बात मुझे कहीं पर कुछ और कहीं पर कुछ सुनाई दे रही है दो तरह की बातें सुनता हूं तो आपकी कौन सी बात को क्यों माने बस इतना बता दीजिए बस इतना वीडियो बनाया प्रश्न पूछा केवल हाथ जोड़ कर हमने तो नहीं कर दिया कि वो जो राम भद्राचार्य जी है वो जो है हमारे सपोर्ट में नहीं है ऐसा कुछ है तो उनके उनके लिए तड़क बोलने लगे गाली देने लगे कुछ करने लगे अभी बीच में राम भद्राचार्य जी की
01:11:11:16 उनसे भी हो गई थी जैसे स्वामी रामदेव के बारे में पता होगा पतंजलि के जो फाउंडर है वो वो आर समाज से ही आते हैं तो उनको उनके बीच वो थोड़ी हो गई थी राम भद्राचार्य की आप उनको महापुरुष मानते हैं ऐसा ऐसा कुछ हो गया था तो उसमें भी जबक जबक जो क्या कहते हैं बाबा रामदेव है वोह बागेश्वर धाम जी से जी के पास भी जाते हैं और राजेंद्र दास जी महाराज है वहां वो अरे शंकराचार्य जी के पास भी जगतगुरु के पास भी जा हां हा वहां पर भी तो यही है सब जो तो य ये मेरी रिक्वेस्ट है कि जो सच में जो मर्यादित भाषा बात करे और जो कांसेप्ट में बात कांसेप्ट से बात करना चाहे उसको आप ले जैसे मैंने भव्या के साथ एक आपका वीडियो देखा था तीन घंटे में कुछ हो ही नहीं पाया था व एक तरह से टाइम वेस्ट हो गया था एक तरीके से वो अपनी एक बात पर स्टैंड नहीं कर रहा था जैसे उसने कुछ बोला तो अगले जब उस पर बात करने लग तो छोड़ देता था बदल देता था स्टेटमेंट उसके चकर में होते होते साढ़े तीन घंटे लग गए हा
01:12:27:00 जी रमेश जी बोले जय जगन्नाथ जय जगन्नाथ जय अभी जो बात हो रही थी वो जो आपके साथ लाइव कि थे तीन घंटे राधा कृष्ण जी तो उनका भी चैनल चेक कर रहा था आपने जो पहले बात बोली थी वो भी वही कर रहे हैं कि उनसे अगर कोई भी सवाल पूछा जाए तो व जवाब ए टू लेक जड तक पूरा देते और इस में भी ऐसा तो अभी आपके कुछ भी सवाल का जवाब कहीं प कुछ दिया है हमने ये कहा था हमने तो ये कहा था वसे ला दिखा रहे जो भी आने कहा है हा हमने कहा है पहले से ही क है ये करके वो दिखा रहे हैं और इतना हसना आता है उन चैनल जाके देखता हूं जैसे ईश्वर अल्ला एक है कि नहीं नहीं ईश्वर अल्ला एक नहीं है है है नहीं है है अरे भाई बात किस पर करें है प करें नहीं फिर माधवाचार्य वो माधवाचार्य शास्त्री जी को मानते हो कि नहीं नहीं मानते 2019 में हुए उसके बाद थोड़ी देर बाद आगे आगे बढ़ गए तो मैंने अभी उनको अभी पूरी तरीके से नाय नहीं किया है ना नहीं किया है बक अब लो भाई तु मानते हो नहीं मानता नहीं हूं नाय नहीं किया है मानता नहीं पर नाय नहीं किया है अच्छा
01:13:42:07 वो प्रमाणिक आचार्य नहीं है मैंने ये नहीं कहा व प्रमाणिक नहीं है मगर मैं उनकी बात नहीं मानता हूं अभी ईश्वर बिना किसी प्रयोजन के सृष्टि का निर्माण करता है ईश्वर का स्वरूप भूत लक्षण है ईश्वर ईश्वर है ही इसलिए क्योंकि उसने सृष्टि बनाई है है ना बिल्कुल मगर वो वहा पर रील में बोल रहा है कि ईश्वर जो है किसी भौतिक कारण से सृष्टि नहीं बनाते ठीक है किस कारण से बनाते हैं नहीं पता स बात तो वही हो गई तो इसमें आप फिर मैं डिबेट जीत गया मैंने उसको हरा दिया अरे भाई जीत गए तो लोगों के पास जा जाक क्यों कह रहे हो मुझे डिबेट करनी है जो जीत जाए तो वो तो संतुष्ट रहे ना हम तो उसके बाद से नहीं परेशान है कि हमें आपका आपको दोबारा लेना है ये सब है सर्वशक्तिमान है कि नहीं शरीर अच्छा शरीर को नष्ट करने वाली बात छोड़ दीजिए छोड़ दीजिए ईश्वर अगर सर्वशक्तिमान है और हमारे सामने खड़ा है उसका शरीर आप कह रहे हो शाश्वत है ठीक है रूप बदल सकता है क्या हाथ इन सब में आ सकता है क्या इन रूपों में
01:14:57:24 आ सकता है तो शाश्वत नहीं है शरीर शाश्वत नहीं है फिर कोई तत्व है उससे डिफरेंट वो तत्व रूपों में आपको दिख रहा है वो हो सकता है साक हो मगर अभी आपके लिए वो दिखाई ना देने वाला रूप क्योंकि वो जो दिख रहा है वोह परिवर्तित हो सकता है और जो परिवर्तनशील है व सनातन नहीं है शाश्वत नहीं है जो अगर यह सवाल लोगों को बुरा लगता है क्या वो अपनी देह का नाश कर सकता है मैं तो इसलिए बता रहा हूं कि यहां पर ईश्वर नहीं है फिर भी उसकी सत्ता है ना शरीर ईश्वर का नहीं है अभी यहां पर साक्षात मगर उसकी सत्ता है तो मैं आपको बता रहा हूं कि शरीर के बिना भी सत्ता होती है यानी कि ईश्वर एजिस्ट करता है बिना सत्ता के बिना शरीर के एजिस्ट करता है वो कर सकता है कंट्रोल कर सकता है बिना शरीर के मगर यदि आप यह कह रहे हो कि नहीं उसका शरीर ही है मेन वही उसका वास्तविक स्वरूप है तो यदि अगर वो सनातन स्वरूप है तो वो तो नहीं हो पाएगा फिर हम उससे कहे क्या आप विराट स्वरूप दिखा सकते हो वो तो दिखा रहे हैं भगवत गीता में शरीर बदल रहा है ना जो शरीर बदल रहा है वो शाश्वत कैसे रहा बिल्कुल खुदी खुदी के विराट स्वरूप किसने दिखाया तो इसका मतलब शाश्वत नहीं था ना वो
01:16:12:25 शरीर इंचे बढ़ गए मैंने एक तर्क दिया था एक बार मुस्लिम्स को कि शेर यदि चूहे का पीछा कर रहा है कि और उसे भूख लगी है उसे खाना है अब चूहा जाकर के बिल में घुस गया ठीक है बिल में घुसने के बाद अगर शेर के अंदर ताकत नहीं है कि वह छोटा हो सके और बिल में जा सके उसको पकड़ने अगर ताकत नहीं है तो यहां पर वोह बाधित है क्योंकि वो भूखा रह जाएगा अपनी अपनी वह जो करना चाहता है उसको पूरा नहीं कर पा रहा है बाधित हो गया तो अगर शेर वो कर पा रहा है तो शेर का शरीर शाश्वत हो सकता है क्या शाश्वत नहीं रहा फिर वो कोई और तत्व है उस शरीर से अलग जो यह सब कर रहा है यह मानना
01:17:02:27 पड़ेगा ये सारी बातें हैं चलिए पूरी करते हैं आज की हो गई राम अखिलेश जी आ जा जय श्री राम हा जय श्री राम सर जी बताए राम आपका परिचय मेरा परिचय सर मैं बिहार का रहने वाला हूं औरंगाबाद डिस्ट्रिक्ट है रफ
01:17:37:18 प्रखंड तो मेरा एक सवाल था सर सवाल पूछना बोले सर आपके आध्यात्मिक गुरु है कोई हमारे आध्यात्मिक गुरु भगवान श्री कृष्ण है इसमें एक तर्क आता है कि गुरु शिष्य का जो संबंध होता है वह संबंध दोनों तरफ से होता है आपने उन्हें गुरु माना है ठीक है उन्होंने आपको अपना शिष्य मान लिया है वह तो जगत गुरु उन्हे कहा जाता है ना नहीं नहीं वो ठीक है कि हमारी उनके प्रति आस्था है ऑफिली पूछ रहा हूं आप किसी को फॉलो करते हैं ऑफिली वो तो मुसलमानों के भी गुरु है मगर मुस्लिम सुने अपना गुरु नहीं तो मैं पूछ रहा हूं आपसे कि क्या उन्होंने आपको स्वीकार कर लिया है कृष्ण भगवान ने शिष्य के रूप में इस के रूप में ऐसे भौतिक शरीर के रूप में व उन्होंने ऐसा नहीं कहा है कि स्वीकार किया है या नहीं किया है तो इसका मतलब आप अपने मन से हैं उनके शिष्य उनकी शिक्षाए को एज इट मान रहे हैं कि नहीं मान रहे ये नहीं पता
01:18:52:21 मान रहे है ना भगवत गीता में जब वो संपूर्ण प्राणियों के लिए जब बता अरे भाई सुनिए तीन बेर खाती थी वो तीन बेर खाती है ठीक है इसमें बेर शब्द दो बार आया है अब दोनों बार बेर शब्द का अलग अर्थ अलग-अलग है एक बार यह कहा जा रहा है कि वह पहले दिन में तीन टाइम खाती थी दूसरी बार यह कहा जा रहा है कि आज वह दिन में सिर्फ तीन बेर खाती है तीन बेर खाती थी वह तीन बेर खाती है अगर इसमें हम केवल पढ़ेंगे लिखा हुआ तो क्या हम सचाई तक पहुंचेंगे लिखा हुआ लिखा हुआ को तो ही आचार्य गुरु गण ही बताते हैं ना हा तो आचार्य गुरु गण कौन है आपके जिन्होंने आपको बताया उसका अर्थ भगवत गीता वो पूछ रहा हूं गुरु दीक्षा नहीं ली है ऐसे गुरु प्रवचन सुनता हूं प्रेमानंद जी का भी बहुत बढ़िया आप बताइए इतनी देर लगा दी आपने बोलने में प्रमान जी की ऐसा बोलना था प्रेमानंद जी का गुरु दीक्षा नहीं लिया हूं हा प्रवचन सुनता हूं उनको अच्छा ल उनकी न्वित है हां हां हां और आपको एक बात बता दूं कि जब हम किसी से कहते हैं कि हमारे गुरु
01:20:07:28 है साक्षात जो श्री कृष्ण है तो एक्चुअली इसका मीनिंग होता है कि हम भगवान को गुरु बनाने की आड़ में वह करना चाहते हैं जो हमें अच्छा लग रहा है आप माइंड मत करिएगा आप प्रेमानंद जी की ओ आस्थान वित है अब इसको समझिए कैसे गुरु कौन है जो ईश्वर को प्राप्त कराने में सहायता करें ठीक है बक ईश्वर ईश्वर जो है दुर्लभ है अब ईश्वर को प्राप्त करने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है मगर हमने क्या किया कि गुरु को हटा ही दिया और हमने गुरु के रूप में ईश्वर को ही स्वीकार कर लिया तो जो आपके लिए दुर्लभ था उसको प्राप्त करने के लिए आपको गुरु चाहिए था आपने गुरु की संज्ञा भी उसी को दे दी तो गुरु का फायदा क्या हुआ गुरु के आने का जो दुर्लभ है ऑलरेडी पहले ही प्राप्त करना जिनको मुश्किल हो रहा है उनको ही आपने गुरु बना लिया तो गुरु का कोई औच रहा क्या वो तो किसी रूप में आते एक एक और मैं आपको बताऊं फैक्ट जैसे आपने जैसे आपने कहा एक मैं फैक्ट बताऊ जैसे आपने कहा यह बात मतलब अब मत कहा करिए मेरे डायरेक्ट गुरु श्री कृष्ण भगवान श्री कृष्ण तो जगत गुरु है ही मगर भौतिक रूप से
01:21:23:10 इस शरीर के जो गुरु है वो प्रेमानंद जी है शंकराचार्य जी हैं या राघवाचार्य जी है निमका ऐसे बोलना चाहिए अब देखिए मैं बताऊ क्या है जब हम किसी से कह देते मेरे गुरु तो डायरेक्ट शिव है मेरे गुरु तो डायरेक्ट श्री कृष्ण है तो पता क्या दिक्कत आती है कि क्या आपके जो गुरु हैं उनसे पूछ करके आप हमें ऋग्वेद के दसव मंडल के 125 में सूक्त का 22 वा मंत्र बता सकते हैं दूसरा मंत्र बता सकते हैं तो क्या होगा आपको सालों लग जाएंगे मगर केवल गुरु के आलंबन से आपको वो प्राप्त नहीं होगा आपको कहीं ना कहीं किसी और के पास जाना पड़ेगा तब आपको मंत्र पता चल पाएगा इसका मतलब क्या है कि जो गुरु के रूप में श्री कृष्ण अथवा भगवत स्वरूप और कोई दिखाई दे रहा है गुरु के रूप में वह असल में हमारी ही इंद्रियों द्वारा बनाया गया भगवान का प्रतिबिंब मात्र है क्यों क्योंकि जब उनसे हमने कोई वाकई की जानकारी पूछी तो वो नहीं बता रहे तो इसमें एक संजय दत्त की एक फिल्म आई थी बहुत पहले लगे रहो मुन्ना भाई उसका कांसेप्ट ये था कि वो इतनी पढ़ाई कर लेता
01:22:38:12 है उसका जो नायक था वो इतनी पढ़ाई कर लेता है गांधी के बारे में कि उसको गांधी दिखने लगते हैं गांधी उसे दिखने लगते हैं मगर उसको गांधी के बारे में सब कुछ नहीं पता था तो वो क्या करता था जब भी कोई गांधी से रिलेटेड प्रश्न आता था तो गांधी जो उसको दिखने लगे थे वह उसको बता देते थे कि इस प्रश्न का उत्तर यह है मगर लास्ट मगर वोह जो गांधी था व वाकई के गांधी नहीं थे वो जो गांधी थे वो वाकई के गांधी नहीं थे वास्तविक गांधी नहीं थे उन उस गांधी को उतना ही पता था जितना कि नायक को पता था गांधी के बारे में तो यह जो श्री कृष्ण आपको दिख रहे हैं ना गुरु के रूप में जो आते हैं ये इनको भी उतना ही पता है जितना आपने प्रेमानंद जी महाराज को सुनक के पता कर लिया है ग्रंथ पढ़ के पता कर लिया है या यटू आदि के माध्यम से जो आपने पता कर लिया है यह जो श्री कृष्ण आपको दिख रहे हैं वो श्री कृष्ण नहीं है इन श्री कृष्ण को उतना ही पता है जितना आपको पहले से पता है उतना ही आंसर है इनके पास तो यह वास्तविक गुरु नहीं है आपके वो तो जगतगुरु है मगर व्यवहार में व्यवहारिक रूप से आपका कोई ना कोई देह धारण किया हुआ गुरु होना चाहिए तो सर एक सवाल है
01:23:53:12 सवाल आपने लिया हां बताइए सवाल हा ईसा से 500 वर्ष पूर्व लगभग यानी गौतम बुद्ध के काल में कौन से आचार्य हुआ करते थे उनका नाम बता सकते हैं गौतम बुद्ध से 500 वर्ष पूर्व नहीं नहीं ईसा से 500 वर्ष पूर्व यानी ग वर्ष पूर्व तो आदि शंकराचार्य ही थे गचार
01:24:25:15 वो तो ईसा के बाद हुए हैं ईसा से पहले थोड़ी है आपकी जानकारी गलत है हमारे पास प्रमाण है भाई साब आप देखिए आप आप जिज्ञासा के लिए आए हैं या विरोध के लिए आए हैं अगर जिज्ञासा के लिए आए हैं तो हमने आपको बता दिया ईसा से 500 अरे मुझे बोल लेने दीजिए बोल लेने दीजिए ईसा से 500 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य जी का इतिहास प्राप्त है और हमारे पास एक ग्रंथ रखा है ना पीछे आद अरे भाई पूरी बात बोलने दो पूरी बात बोलने दो फिर बोलना तो 500 वर्ष पूर्व आदि शंकराचार्य जी का इतिहास प्राप्त है अगर उनका आप नहीं मान पाओ तो तब भी उनके जो गुरुदेव हैं गोविंद पाद जी वह तो है ही उनका निर्विवाद रूप से प्राप्त है ठीक है सर मैं ईवी काल में पूछ रहा हूं जन्म काल कितना ईवी सन में हुआ था यह मैं बता रहा हूं ना ईसा से 500 वर्ष पूर्व क्या 563 ईसा पूर्व 63 ईसा पूर्व में लगभग 500 वर्ष पूर्व है कितना लगभग 500 वर्ष पूर्व उनका जन्म काल बताइए ईसा के बाद हुए हैं आप बता रहे हैं आप मेरी परीक्षा मत लीजिए आपका ये वस्तुनिष्ट
01:25:41:25 जानकार क्या बात करते हैं मैं सवाल पूछ रहा हूं ना मैं जो बता रहा हूं वो सुन लीजिए आप मेरी परीक्षा मत लीजिए आपका जो सवाल है यह ग्रंथ है गोवर्धन मट से छपता है मैं जो मैं जो बता रहा हूं सुनिए मैं जो बता रहा हूं सुनिए का इसमें आदि शंकराचार्य जी का जन्म काल सिद्ध किया है पुरी के शंकराचार्य अरे भाई बोलने दो यार बीच बीच में बोलते हो तो बता इसवी सन बताइए कौन सा इसवी सन क्यों बताऊ क्यों बताऊ
01:26:19:04 बताइए जनरल नॉलेज की बातें करने बैठा हूं य बोलिए जवाब नहीं है नहीं है उत्तर है हमारे पास उत्तर है हमारे पास आप अथॉरिटेटिव हो रहे है आप अथॉरिटेटिव मत होइए हा बता रहा हूं रुकिए आदि के परिशीलन से तथा
01:27:05:02 चतुष्पथी क्ण से श्री शिव अवतार शंकराचार्य का युधिष्ठिर संवत 2631 में आविर्भाव तथा ट संवत 2663 में रो भाव सिद्ध है ठीक है 2600 26 2661 संवत एक मिनट रुकिए 2631 यानी ईसा से पूर्व या ईसा के बाद अरे ईसा से पूर्व की बात चल रही है ईसा से पूर्व 2600 यानी 263 तो मैं 500 563 ईसा पूर्व की बात पूछ रहा हूं आपसे आप वर्ष के अनुसार चल रहे हैं मैं विक्रम संवत की बात कर रहा हूं तो विक्रम संवत वही 8 वर्ष थोड़ा सा आगे है ईसा से आपका प्रयोजन क्या है यह बता दीजिए आपने जो प्रश्न पूछा था उसका उत्तर मैंने दे दिया है प्रयोजन बताइए कनाते ई वर्ष ईसा वर्ष पूर्व आप जिस प्रश्न के लिए आप आए है व आपको उत्तर मिल गया है प्रमाणित उत्तर मिल गया ग को पढ़ लीजिए के लिए चर्चा के लिए आपका प्रयोजन
01:28:21:00 बताइए ये आए लने कोई मतलब नहीं है इस प्रश्न का भाई है क्या है मैं इतनी देर से पर कोई मतलब नहीं है इससे चर्चा का जो विषय है वो भटकाने के लिए जिस चर्चा प हम एक घंटे से व चीज कर रहे हैं जी का जन्म कब हुआ है यहां पर अभी कौन सा मामला चल रहा है और ये प्रेमानंद जी के शिष्य भी नहीं है उन्होने झूठ बोला है
01:28:56:00 ये रामपाल जी के बिलकुल बिलकुल बिलकुल बकुल दिख रहा था इनका व्यवहार जो है ना वही से सब कुछ पता चल जाता है कि आप उनको बताइए क्यों हेलो भाई साहब आप आप ये बताइए आप कबीर सागर की कबीर सागर की सौगंध गाकर कहिए आप जो है रामपाल के शिष्य नहीं है आप सौगंध खा इसीलिए नहीं आने देता
01:29:34:04 हूं केवल केवल इनको जो है परेशान करना हैने गंभीर विषय पर इतने गंभीर विषय पर चर्चा हो रही है सारी चीजें हो रही है लेकिन इनको आके इसमें बिगन डालना है यह हमारी परीक्षा लेने आए हैं ये आपकी परीक्षा ले रहे बताइए और एट इनको साल भी चाहिए पढ़ना कुछ नहीं है ना कुछ देखना है वो इनका व काम तो वही करना है ना कि बल पन लेके काट के उस वो कर
01:30:11:18 दो आप एजेक्ट बता दो फिर वो ग्रंथ जो है उसम खरीद के और उसम पन से काट के लिख देंगे नहीं ऐसा नहीं ऐसा था फिर एक वीडियो बना केने इन्होने कबीर सागर में भी काटा पीटी की है पता है आपको जी जी मैंने देखा है बहुत कुछ किया हुआ है बहुत सारे चीज जो है इनके खुद के वीडियो जो है देखने की इच्छा तो नहीं होती लेकिन कभी कभी जब थोड़ा बहुत समय मिला तो देख लेते हैं अब यहां पर चर्चा कर रहे थे तो अब यही बात है कि अब हमने तो कभी लोगों के पास क को रिप्लाई कर तो दिया भाई और कितना करें वो इतना इंपोर्टेंट पर्सन नहीं है हमारे लिए उसी बात करते रहे अरे अजय आर को इतना इंपोर्टेंस देना भी नहीं है और ना ही हम कोई उनके लिए वो रेसिल मालूम पड़ा ज्यादा इंपोर्टेंस देने लगे कल को वो अंधेरे ही अंधेरे में गायब हो जाएगा मैं कहां जाऊं कल मेरा क्या है
01:31:14:18 पता अभी कल थो गाना है मुझको चा वो गाना है ना एक मुझको चाहा तब पाओगी क्या मैं कहां जाऊ कल मेरा क्या है पता वही इतनी इनको इतना महत्त्वपूर्ण नहीं बनाना है कि हमारे विषय पर आके जो हम उसम बन अपने डाले जो हमें चर्चा करनी थी वो हमने कह दिया है सभी से और आज की चर्चा जो है बहुत ही महत्त्वपूर्ण थी और बहुत गंभीर चर्चा थी इस पर बात करना बहुत ज्यादा जरूरी था अभद्र भाषा की मतलब इन्होने सीमाए लांग द अरे बहुत उल्टा सीधा भाई बात करने का तरीका ही नहीं है और कहते हैं धर्म रक्षक धर्म का मतलब यही होता है गलत तरीके से बात करने वाला मर्यादा बात मैंने क क लाइव आना नहीं चाह रहा था मैंने कई कमेंट में भी ये बात लिखी थी आप ये सोचिए भैया कि इनको जो है हमारे जो हिंदू भाई है जो सच्चे सनातनी है शुद्ध भाषा में बोला जाए तो बरगलाने के लिए आप य हमारे आराध्य भगवान स्वरूप जो है धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज का आलंबन लेके
01:32:29:27 हिंदुओं को बरगलाने के लिए नाम बदलने की क्या आवश्यकता है आपको क्यों आप ऋषि वाज के नाम से आपका जो नाम था जो भी था आपका आप उस नाम से चलाइए ना क्या करना चाहते हैं ये ये वैसे एक रूप से देखा जाए तो बहुत बड़ा वो भी है उनके सामने निर्णायक दृश्य है कि आपको अपने चैनल का नाम बदलने पर विवश हो जाना पड़ा इतनी दिक्कत आ गई शास्त्रार्थ की चुनौती देते घूमते हैं वो जो वो जो मातृ शक्ति है वो शुरू में वो जो मातृ शक्ति जिनके साथ वो हुआ था हमारी चर्चा हुई थी शुरू में आप देखो तो वो कह रही है कि आज जो है देखिए हम जो है शंकराचार्य को शास्त्र की चुनौती देते हैं और लास्ट तक उनकी जो आवाज थी बदल चुकी थी चर्चा के मध्य में वो यह कहने लगी थी कि अपने संगी साथियों को कि आप इधर अपनी चेयर खिसका लीजिए इधर आ जाइए पास में इधर बैठ कर के जो है बात करिए हा न आर से बात होगी अगर वो सुन रहे हैं संपर्क करें तो समान हमने एक पत्र भी लिखा है कोक्त नहीं हमने एक पत्र भी लिखा है कि उसम संदीपन जी के लिए विशेष रूप से कहा है कि आपके जो आपने जिस तरह से अपनी बात को रखा उसके
01:33:45:02 लिए हम बहुत आभारी है और आपकी प्रशंसा करते हैं आपने जो है मर्यादा का बिल्कुल वहां पर पालन किया और एक आदर्श आर समाजी के रूप में आप जो है उभरे नब को में ब बक तो फिर क्या है वही क जी अगर ऐसा है आप आइए कि आपके मान सम्मान गरिमा इसकी रक्षा का हम वचन देते हैं सम्मान बात करिए और जितने भी वरिष्ठ लोगों से आज तक बात हुई है कभी भी कहीं पर अनियमितता नहीं आई य सब जो बालक बुद्धि वाले लोग हैं अब जैसे अभी भाई साहब आए थे शंकराचार्य का जन्म कब हुआ इससे तुम्हारे धर्म का निर्णय हो रहा है विषय से कोई मतलब ही नहीं है मतलब ही नहीं उस विषय से हमारी किस बात पर चर्चा हो रही है उस कोई मतलब नहीं आद शंकराचार्य जी का जन्म ईसा से 500 वर्ष पूर्व सिद्ध किया है इसमें जगतगुरु शंकरा जिसको भी जानना हो वो इसको पढ़े अध्ययन
01:34:47:03 करे अब इतनी सी बात इनको समझ में आ दिखाया जा रहा है ये थोड़ा बड़ा कर दीजिए अगर हो सके तो विक्रम सम्मत का और इनको जो है अंग्रेजी कैलेंडर का मतलब ही नहीं [संगीत] पता और फिर हमें इस विषय पर चर्चा के लिए आपको जो प्रश्न करना था वो करना था नहीं वो कोई सैद्धांतिक प्रश्न नहीं है य कबीर ईश्वर कबीर वाले है
01:35:22:04 ये प्रेमा जी को सुनते हैं अब देखो यह होता है कुछ तो बोलना पड़ कुछ तो बोलना पड़ेगा चलिए ठीक है आने के लिए सभी का धन्यवाद सुनने के लिए सभी को जय श्री राम और जय श्री राम हर हर महादेव किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के लिए संपर्क करें 74836 इसको कहते हैं साहस कायरता उसे कहते हैं अब भाई कर दिया होगा हो सकता है जीवन में ऐसा कुछ किसी को मुह दिखाने लायक नहीं बचे तभी तो चेहरा छुपाते घूम रहे हैं क्या हो गया क्या हमारे परंपरा प्राप्त आचार्य जो है उनका आलंबन आपको उनके नाम का आलंबन लेना पड़ रहा है इस वजह से हमारे साथ लोग जुड़ जाए राधा मां की माने भगवान श्री कृष्ण की भगवान शिव की इतनी अभद्र टिप्पणियां जो करे जा रही है उस पर आज आपने कितना बोला और उनको उनके उनके लोग जो है हमारे विरोध में खड़े ना होना शुरू हो जाए तो फिर उनका नाम ही बदल दिया कि धर्म सम्राट का नाम सुनके हमारे पास लोग आना शुरू कर देंगे आपकी चीजें
01:36:37:14 तो एक घंटे में पता चल जाती है आपकी बातों से पता चल जाता है हम तो 15 मिनट में चर्चा करने के लिए गए थे आपके साथ उस समय हमें तो पता चल गया था कि उनके विचार क्या है फर बाद में ये कहने लगे थे कि भाई ऐसा ऐसा है तो बहुत सारी चीजें और इनके लिए तो अच्छी बात है जो भी मर्यादा में रह के आप सभी का स्वागत है जो भी चर्चा करने वैचारिक मतभेद के लिए हमें क्या समस्या है आप वैचारिक मतभेद हो सकते लेकिन हमने कभी बी अ बा ख आई कार्ड अपना परिचय देता है बातचीत परिवार का परिचय देता है बिल्कुल मैं मतलब अंदर से इस बात के लिए मैं य कह रहा था मैं नाम जो भी अ टिप्पणियां कर रहे उनके लिए कुछ नहीं कह रहे हैं लेकिन इतनी बात छोटी सी जरूर कहेंगे कि उनकी माता जी अगर यय देख रही होंगी य वीडियो जो उनके है वो सच में अत आत्मा से रो रही होंगी कि हमने कैसे बालक को जन्म दे
01:37:34:27 दिया जो माता पिता के बीज की रक्षा की ना कर पाए उसकी जो है अभद्र परिचय दे दे अपने माता पिता का जो है यही से तो अपमान हो रहा है कुल का परिवार का सही बात यह सब चीजें बड़ी ध्यान रखनी पड़ेगी आप किसी एक व्यक्ति को और हमने कभी किसी भी चीज को लेकर कोई कुछ गलत नहीं बोला और आप हमको केवल नीचा दिखाने के लिए आप कि हद तक जा सकते हैं कि अपने माता पिता के आत्म समान को ठ पहुंचा रहे हैं सास तो इसे कहते हैं कि जिसको आप भाई कह रहे हो कि हमारा आपस का मामला है उसको दबाने के लिए नीचा दिखाने के लिए आप उनके पास जा रहे हो जिनसे युद्ध चल रहा है सोचो दोनों लोग दोनों लोग आपसे ले रहे जो मुस्लिम है वो हमसे हमसे वो नहीं हो पा रहा तो आर समाज की सहायता ले रहे आर समाज तो नहीं कहता वोने बो आपका आन ले रहे आपका सहारा ले रहे हम गिराने के लिए हम तो आपको भाई शुरू से मानते हैं लेकिन आप नहीं मानना चाहते तो हम उसम क्या कर सकते हैं हम तो आजीवन मानते रहेंगे हमने तो कभी आपको ना गाली दी ना जो भी हमारी
01:38:50:03 चर्चा थी हम उस बात को लेकर तो जीवन भर बोलते रहेंगे इसमें तो कोई दोरा नहीं जो भी गलत चीज होंगी उनका प्रतिकार तो हम हमेशा करेंगे और जो हमारे भगवान आराध्य देव देवी देवताओं के ऊपर अभद्र टिप्पणियां जो भी करेगा उसका हम आजीवन विरोध करेंगे प्रतिकार करेंगे मरते दम तक करेंगे जब तक हमारे इस शरीर में प्राण रहेंगे तब तक करेंगे क्योंकि हमारा खून जो है इतना ठंडा नहीं हो चुका है और ना ही हमने चूड़िया पहन रखी है कि हम सामने चेहरा दिखा के ना आ पाए बस बस ठीक है ठीक बहुत बढ़िया ठीक है सभी का आभार आने के लिए और जय माताज जय श्री राम हर हर महादेव जय श्री राम हर हर महादेव
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