⬜ Not used yet · 00:00:02:02 – 01:37:19:10 (1:37:17)
00:00:02:02 तो सभी को जय श्री राम आज भी पहले की तरह ही विलंब हो गया है ऐसा लगने लगा है कि हर बार हमारी स्ट्रीम विलंबी दिए गए समय से विलंब हो जाता है पर मुझे अपेक्षा है आप लोगों से और मैं जानता भी हूं कि जो भी समर्थक है वो ये समझ रहे होंगे कि बहुत सारे दायित्व है जिनका वहन कर रहे हैं भगवत कृपा से भगवान की शक्ति से ही उस कारण से थोड़ा सा ऊपर नीचे हो जाता है इससे अन्यथा ना ले ऐसी प्रार्थना है आप सभी से तो जो जिनके साथ अभी हमारी चर्चा होने वाली है वो अभी आए नहीं है तो आप तब तक अपने कुछ प्रश्न हो तो आप कर सकते
00:00:58:08 हैं नाम जप अभियान जो है ऑपरेशन नाम जप वो अ न तारीख से प्रारंभ हो रहा है और अभी हमने लास्ट वीडियो जो डाला है आर्य समाज के लिए जिसमें कि हमने उन चीजों को प्रकाश में लाए हैं कि किस तरीके से अवमानना की जाती है जहां पर हमारी श्रद्धा है उन विषयों की जैसे राधा मां और भगवान श्री कृष्ण का जो प्रेम संबंध है उनके बीच का जो अलाद नहीं शक्ति है भगवान की राधा तो उनका किस प्रकार से उपास उपास नहीं बल्कि अपमान जनक उनके लिए वक्तव्य दिए जाते हैं तो इस सब पर हमने जो वीडियो बनाया था अभी उसमें हमें कई सारे लोगों ने कहा कि भैया क्या करना है बताइए आपका मार्गदर्शन दीजिए या फिर कैसे करना है बताइए बस शुरू करिए तो अगर आप हमें बड़े भाई के रूप में देखते हैं तो आज आपका बड़ा भाई आपको निर्देश दे रहा है कि आप इस ऑपरेशन नाम जप से जुड़िए क्योंकि जैसा कि भगवान ने
00:02:13:24 कहा कि तू मेरी शरण में आ जा तेरी प्राप्ति की रक्षा और अप्राप्य की चिंता मैं करूंगा भगवत गीता 92 में उन्होंने कहा तो हम लोग सदैव जीवन में यह सोचते रहते हैं कि अपनी समस्याओं को हम खुद ही सुलझाए और इस कारण से हम भगवान की शरण में जाने के कार्य को बाद के लिए रखते हैं मगर यदि हमें धर्म के लिए कुछ भी करना है अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए आध्यात्म के स्वार्थ के लिए भौतिक स्वार्थ के लिए समाज के लिए परिवार के लिए कुटुंब के लिए हमें कुछ भी करना है धर्म के लिए आपको आप में आप मेरी सहायता करना चाहते हैं ना इस अभियान में भाग लेना चाहते हैं ना तो सबसे पहले भगवान के नाम के जप में भाग लीजिए ऑपरेशन नाम जप में आप भाग लीजिए उससे जुड़िए सवा घंटे की भक्ति का बल एकत्र करिए और स्वतः देखिएगा कि आप एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण योद्धा के नजर में महत्वपूर्ण योद्धा के रूप में आप समाज के सामने प्रस्तुत होंगे हमारे
00:03:30:03 जो आज के वक्ता है रामपाल जी की ओर से वह आ चुके हैं हम उनको स्टेज पर ले जय श्री राम ज्ञानी दास जी रामम जी जी तो ज्ञानी दस जी आप सर्वप्रथम अपना परिचय देते हुए हमें बता दें दर्शकों को यह बता दें कि आप रामपाल जी से कहां से जुड़े हुए हैं और रामपाल जी की जो शिक्षा है वह आप तक किस तरह से पहुंचती है जी मेरा नाम ज्ञानी दास है मैं तहसील साडोरा जिला अशोकनगर एमपी का रहने वाला हूं और मुझे जस्ट दो साल जुड़े हुए संत रामपाल जी
00:04:24:06 महाराज किस प्रकार से आप तक उनकी शिक्षा पहुंचती है सत्संग के द्वारा टीवी चैनलों के द्वारा डायरेक्ट आप कभी मिले हैं क्या उनसे किन से रामपाल जी से संत रामपाल जी महाराज से टीवी के द्वारा जो लाइव चलता है उनके द्वारा हमको सत्संग सुनने को मिलता है लेकिन मिले नहीं है आपकी नाम दीक्षा कैसे हुई हमारी नाम दीक्षा संत रामपाल जी महाराज से ऑनलाइन हुई है ऑनलाइन मतलब मैं समझा नहीं कैसे समझाए थोड़ा ला गुरु गुरुजी द्वारा मंत्र दिया जाता है तो व ऑनलाइन दिया जाता है सिर्फ मतलब जो गुरुजी दे सकते हैं और और कोई नहीं दे सकता उसके द ऑनलाइन मतलब जो टीवी के द्वारा है ना जैसे अपन लोग बात कर रहे हैं ना उसी प्र मल मतलब उन्होंने टीवी पर आपको मंत्र दिया उनको यह मालूम था व मंत्र किसको दे रहे हैं उन तो सर वहां पर तो बहुत सारे भक्त होते हैं नहीं नहीं जैसे मान लीजिए अभी जैसे जो
00:05:39:06 गुरु मंत्र देते हैं तो शिष्य के लिए देते हैं भले वो कान में ना भी दे पाए मगर शिष्य के लिए देते हैं तो यह मालूम होता है शय है इसको दे रहे हैं तो जैसे आपने कहा कि आपने उनसे टीवी पर उनको देखा मंत्र देते हुए तो क्या इस प्रकार से अभी उनका वो वीडियो मैं अगर ल लू और मैं उनका वो वीडियो देख लू मंत्र दे रहे हैं तो मेरे भी मेरा भी नाम दान हो जाएगा नहीं होगा सर कैसे होगा आपके लिए वो नंबर जो सत्संग आता है ना उस पर एक नंबर चलता है तो उसमें अपन फोन लगा कर के जो आप जिस जिले के हो ना तो उसी जिले में आपका नामदान वहीं पर हो जाता है नामदान के होता है छोटे छोटे जैसा कि एसबीआई बैंक के छोटे छोटे क्स होते ना उ उसी प्रकार यह क्स मतलब सेंटर होते हैं नाम दीक्षा सेंटर तो तो वहां से पता लग जाता है कि हम य जिले में यह सेंटर नहीं सेंटर का पता लग गया मगर आपका
00:06:49:24 जो आपकी दीक्षा जो हुई है व तो उसी पर हुई ना ऑनलाइन सेंटर का क्या रोल है सेंटर के द्वारा ही होगी ना आप थोड़ा समझाइए जैसे आप एक सेंटर पर गए सेंटर पर जाकर आपने कहा मुझे नाम दान चाहिए फिर उन्होंने आपको क्या कहा क्या दिया उन्होंने देखो सर वो भी सेवादार है हमारे जैसे सेवादार वो भी है लेकिन गुरु जी ने उनको सेवा दे रखी है तो उनका काब भाई साहब इसीलिए मुझे बीच में इंटरप्ट करना पड़ता है कितना सरल मैंने पूछा है मैं तो यह कह रहा हूं कि आप जब नामदान सेंटर पर गए आपने बताया मुझे जो है नाम दान चाहिए तो उन्होंने को क्या दिया क्या कहा कैसे ये प्रोसेस क्या हुई आगे जी अरे सर सीधी सी बात है हमको गुरु मंत्र दिया उन्होंने सर ने है ना हमारे संत रामपाल जी महाराज ने सीधे सीधी स बात रामपाल जी महाराज तो थे ही नहीं ना वहा नामदान सेंटर पर थे क्या
00:07:56:02 सुनो जी जीकी और देखो सर आप वहां पर हो जहां पर हो वहां पर और हम यहां पर हैं तो हमारी बात कैसे हो रही है इंटरनेट के द्वारा है ना जी तो उसी प्रकार नाम मतलब कि आप जब नाम नाम नामदान सेंटर पर पहुंचे आपने कहा मुझे नामदान चाहिए तो उन्होंने कोई वीडियो कॉल या कोई गल मीट वगैरह चालू कर दी जिसमें कि वो बैठे थे कौन रामपाल जी वो बैठे थे और उन्होंने आपको दीक्षा दे दी ऐसा है जी उन्होंने आपसे बात भी की जैसे अभी हम लोगों की बात हो रही है ऐसे आपकी बात हुई जी हां उन्होंने आपका नाम पूछा क्या बात हुई आप इतने सारे लोग हैं इतना टाइम नहीं होता है नाम पूछने के लिए मतलब वो जब वो जब ग मीट प आते हैं तो एक साथ बहुत सारे लोगों को एक ही साथ देते हैं दीक्षा अलग-अलग नहीं देते अच्छा तो इसका मतलब जब वो गगल मीट पर आते हैं तो उनको यह भी नहीं पता होता है कि वह किसको नामदान दे रहे
00:09:12:03 हैं सर मेरी बात सुनो उनके द्वारा एक फॉर्म भरा जाता है हा है ना तो सब वहां पर पहुंच जाती है एंट्री के द्वारा सब उनको पता होता है कि हमारे शस इतने जिले में इतने जिले में इतने जिले में सब पता होता है उनको वो जेल सेही होता है उनका गल मीट वगैरह उनका स उनको पता है उनकी संगत का कि हमारी इस जिले में इतनी संगत
00:09:44:22 है ठीक है उसके बाद जो उनके नाम से आने वाली जो सामग्री है शिक्षा वो जिसम वो खुद बोल रहे हैं वो तो चलो वीडियो है बाकी उनके ग्रंथ वर कैसे प्रामाणिक होते हैं आपके लिए ग्रंथ वगैरह ऐसे मिलते हैं कि हम जो बड़े-बड़े आश्रम होते हैं ना उन पर आपको सारे ग्रंथ मिल जाएंगे हा तो दीक्षा आपकी कब हुई है दीक्षा हुई है हमारी 24 2 22 में हुई है 2 जी ठीक है अभी हम लोग विषय पर आते
00:10:33:26 हैं रामपाल जी द्वारा ईश्वर के अस्तित्व को किस प्रकार सिद्ध किया जाता है वह थोड़ा सा बताए संत रामपाल जी महाराज के द्वारा ईश्वर को मनुष्य दृश्य स शरीर राजा के समान जो है राजा के समान दिखाई देने वाला जिसको हम देख सकते हैं नहीं नहीं आप समझे नहीं मेरा प्रश्न ये है कि अगर हमारे सामने एक नास्तिक है वो ये कह रहा है ईश्वर है ही नहीं मुझे विश्वास नहीं है इस दुनिया में कोई ईश्वर है मैं नहीं मानता धर्म को तो उसके लिए हमारे पास रामपाल जी के अनुसार क्या जवाब है सर उनके लिए तो देखो वो बात अलग है कि नास्तिक है है ना तो उनके लिए तो कोई समझाना बड़ी बात नहीं हैते सुनो बशर्ते वो व्यक्ति नशा करता है है ना नशा करता है तो उसके लिए संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित होकर नाम दीक्षा लेकर उसका नशा छूट सकता है तोल ले सकता है संत रामपाल जी महाराज से
00:11:49:27 दीक्षा आप समझ नहीं रहे हैं सबसे पहली लड़ाई जो होती है धर्म और धर्म की आपके अनुसार रामपाल जी महाराज धर्म धार्मिक है ना धर्म का ज्ञान देने वाले हैं ना बिल्कुल धार्मिक है हिंदू धर्म के और हम भी ू हिंदू धर्म के ही है तो अगर वह धार्मिक है तो धर्म और अधर्म की जो धर्म और अधर्म के बीच जो सबसे पहली लड़ाई है वह होती है आस्तिक और नास्तिक के बीच जी और नास्तिक के बीच तो क्या संत रामपाल जी के पास ऐसे सिद्धांत है जिससे हम नास्तिकों का मुंह बंद कर सकते हो मतलब नास्तिक अगर ये कह रहा है कि मुझे भरोसा नहीं कि इस दुनिया में कोई ईश्वर है मुझे नहीं मैं नहीं मानता तो हम उसको कैसे विश्वास दिलाएं रामपाल जी के अनुसार कि इस दुनिया में ईश्वर है देखो उसको पता चलेगा सर मान लो कि उनके संत रामपाल जी महाराज के शिष्य हैं और उनके आंखों के सामने उसको दिखा रहा है कि यह व्यक्ति जब इस मार्ग में नहीं था अध्यात्म मार्ग में उससे पहले इसकी क्या स्थिति थी और उसके बाद उसकी क्या स्थिति थी लाने का सिर्फ एक ही वो है उसका कि उसको मतलब
00:13:05:04 देख कर के आ सकता है वो व्यक्ति बरना उसके लिए कोई नहीं ला सकता नहीं नहीं ये तो ये तो डॉक्टर भी करता है ना डॉक्टर के पास जाने से पहले व्यक्ति बीमार था डॉक्टर से इलाज किराया ठीक हो गई बीमारी सर अपन जिस टॉपिक को लेकर आए हैं उसको बात करो ना नहीं नहीं टॉपिक वही है टॉपिक वही है क्या रामपाल जी के अनुसार ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध हो सकता है हम हमारे पास वो सिद्धांत है जिससे हम नास्तिक का मुह बंद कर सकते हैं ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध कर सकते हैं मैं आपसे पूछ रहा हूं क्या रामपाल जी के अनुसार आपको ईश्वर की सिद्धि प्राप्त हुई है क्या ईश्वर है सबसे पहले यह बात किसी भी धार्मिक उसम जाएंगे आप किसी भी धार्मिक उस में जाएंगे जो प्रामाणिक आचार्य गण होंगे प्रामाणिक परंपरा होंगी वास्तविक संत होंगे वो सबसे पहले उनके य की जो शिक्षा स्टार्ट होती है वो होती है इससे ईश्वर है कि नहीं वो यह समझाएंगे अपने भक्तों को अपने शिष्यों को ईश्वर है यह किस किस प्रकार से हम सिद्ध कर सकते हैं तो हमारे पास ढेर सारे वो तरीके हैं जिससे यदि कोई
00:14:20:09 नास्तिक हो जो भगवान में विश्वास नहीं करता है तो उसका हम मुंह बंद कर सकते हैं उसको निरुत्तर उसको निराधार सिद्ध कर सकते हैं तो क्या ल जी के क्या रामपाल जी के पास वो क्योंकि रामपाल जी आपके अनुसार सच्चे संत है तो उनके पास तो सबसे आवश्यक हो जाता है कि उनके पास वो सिद्धांत हो जिससे कि ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध किया जा सके अगर हम कहे कि चमत्कार होता है सुनिए अगर हम कहे कि चमत्कार होता है तो रदरफोर्ड या राइट बंधु जो थे जिन्होंने एरोप्लेन इत्यादि का आविष्कार किया है ना हम किसी सामान्य व्यक्ति को अगर लोहा पकड़ा दे लो भैया हवाई जहाज बना दो बना पाएगा क्या नहीं तो सामान्य व्यक्ति के लिए वो जो राइट बंधु है जिन्होंने हवाई जहाज बनाया या जो थॉमस अल्वा एडिसन है जिसने बल बनाया वो चमत्कार है वो नहीं बना सकता मैं किसी को कांच पकड़ा दूं आपको कांच पकड़ा दूं आप बल्ब जला सकते हो नहीं जला सकते थॉमस अल्वा एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया तो वो उसके लिए क्या है चमत्कार तो चमत्कार के ऊपर भी ईश्वर की सिद्धि नहीं है चमत्कार के आधार पर तो हमें आप वह
00:15:35:15 सिद्धांत बताइए जिसके रामपाल जी के अनुसार नास्तिकों का खंडन किस प्रकार से होता है वो बताइए सर पहली बार मैं भी नास्तिक भगवान को ना मानने वाला मैं नास्तिक था ठीक है मैं भी जो था नास्तिक था सबसे बड़ा नास्तिक लेकिन अब मुझे भी प्रेरणा कैसे मिली कहां से मिली अब वो तो उनके सत्संग की राही मिली ना मुझे अरे मुझे वो जो जो जानकारी मिली वो बताओ ना भाई पन आप मुझे वो जानकारी बताओ आप मुझे वो जानकारी बताओ जिसके कारण आप नास्तिक से आस्तिक बने वो क्या है नास्तिक आप ये समझो आप ये समझो आपके सामने एक नास्तिक बैठा हुआ है भगवान को ना मानने वाला देख अभी थोड़ी देर पहले आप क्या समझ रहे थे कि मैं कौन हूं रामपाल जी महाराज को ना मानने वाला ठीक है तो आप मुझे समझाने आए हैं ना कि रामपाल जी महाराज क्यों क्यों सही है यही यही बताने आए ना अभी मैं थोड़ा सा और बा थोड़ा और दूर हो गया अभी मैं रामपाल जी महाराज को ही नहीं सपोज करो कि मैं भगवान को ही नहीं मानता तो अब मुझे आप विश्वास दिलाए कि भगवान है रामपाल
00:16:50:27 जी के अनुसार देखो सर वो तो यह प्रमाणित करेंगे अपने वेद शस्त्र ना वो प्रमा वेत्र को तो मैं तब मानूंगा ना जब मेरी ईश्वर में आस्था होगी उसको कौन समझाएगा सर ऐसे मुझे समझाया आप नास्तिक बन जाओ मैं आपको समझा दूंगा आप आप बन जाओ नास्तिक मैं अभी आपको मनवा दूंगा ईश्वर है और अपने मन से नहीं अपने मन से नहीं शास्त्रों के आधार पर जो हमारे परंपरा प्राप्त आचार्य हैं उनसे प्राप्त ज्ञान विज्ञान के आधार पर मैं अभी आपको नास्तिक से आशिक बना दूंगा हमारे चैनल पर बने भी हैं बहुत अच्छे व्यक्ति थे उन्होंने स्वीकार किया आप हम लोग अलग से उसको काट के डाल देंगे लाइव में ही हुआ थाय एक नास्तिक प्रवृत्ति के थे आए थे हमने उनसे चर्चा की और ऐसे ऐसे उनको सिद्धांत बताए कि उन्होंने हां सकारात्मक व्यवहार किया उन्होंने बता हा यह पॉइंट है इसका अर्थ है कि भगवान है यह सिद्ध होता है तो आप हमें ईश्वर को सिद्ध करके दिखाइए रामपाल जी महाराज के अनुसार सर ऐसे तो सद कैसे करेंगे हम हम कर देंगे हम कर देंगे आप पहले आप आप
00:18:06:01 थोड़ी देर के लिए कहिए भैया यह ज्ञान विज्ञान रामपाल जी महाराज से नहीं मिला क्या नहीं मिला ये कि ईश्वर है यह कैसे सिद्ध होता है हमें कोर्स कराते हैं आप हम हमारे परंपरा प्राप्त जो आचार्य गण है उनको छोड़ दीजिए उनके थोड़े बहुत जो सानिध्य से हमको जो प्राप्त हुआ है ना वो कोर्स जब चालू होता है कोर्स में सबसे पहले यह नहीं बताते कि कहां लिखा है राम भगवान है कहां लिखा है हनुमान जी भगवान है कहां लिखा है विष्णु भगवान है सबसे पहले य बताते कहां लिखा है कि ईश्वर किस प्रकार से सिद्ध होगा ईश्वर है यह तो सिद्ध हो तब तो व्यक्ति य सोचेगा कि ईश्वर कबीर है कि राम है ईश्वर है पहले यह तो सिद्ध हो तब तो व्यक्ति य पूछेगा कि ईश्वर रामपाल जी है या ईश्वर जो है बजरंग बली है तब तो ये सोचेगा पहले तो ये तो ये तो ईश्वर है ईश्वर है नास्तिक व्यक्ति तो अपन नहीं समझा सकते लेकिन आस्तिक को तो समझा सकते हैं ये ज्ञान तत्वदर्शी संत के द्वारा आपको नहीं मिला मिला है ना वो वेद बताओ सर आप मेरी बात सुनो देखो आस्तिक को या नास्तिक को जब वो थोड़े बहुत पढ़ेगा या वेद पढ़ेगा
00:19:21:01 या कुछ को मानते नहीं है तो आपने पढ़े ना आपने प्राप्त किया ना ज्ञान तभी तो आपको भरोसा है उनके ऊपर तो वो हमको आज दो ना य लाइव में दो क्या पड़ेगा नास्तिक जिससे वो आस्तिक बनेगा तो उसको क्यों जब बनना ही नहीं चाहता आतक तो हम क्यों समझाए उसको ऐसा नहीं है कोई व्यक्ति जानना चाहता है कि अगर मैं भगवान को मानू तो क्यों मानू वो आप मुझे आधार बताइए आधार बताते हैं आधार तो सर वही बताते हैं हम संतराम जी महाराज मतलब आपके पास नहीं है क्या नहीं है आधार आधार क्या है इनके मुख उद्देश है सर सुनो मुख उद्देश इनके क्या है सबसे पहला मुख उद्देश संत रामपाल जी महाराज से नशे की बुराई से दूर रना भा साहब नशे को छुड़वाने की बात वो कंपनी भी करती है जिन्होंने निकोटीन की आदत को छुड़वाने एक मिनट एक मिनट एक एक मिनट भाई साब नशे को छुड़वाने की बात बहुत सी मेडिकल साइंस भी कर रही है वो भगवान नहीं है वो अवतार नहीं है मगर कर रही है बहुत से केंद्र खुले हैं सरकार की तरफ से वो भी भगवान है क्या तो नशे
00:20:36:07 को छुड़वाने के आधार पर भगवान है ये सिद्ध नहीं होता है आप भगवान के अस्तित्व को सिद्ध करिए भगवान के अस्तित्व को सिद्ध करें जी तो वो तो वेदों की आधार पर होगा ना सिद्ध तो बोलो बोलो वेदों में ऐसा क्या लिखा है जिसके आधार पर भगवान का अस्तित्व सिद्ध होता है मेरी बात सुनो हम हम पर जो है हम उससे बात करेंगे ठीक है बताओ इसी से बता दो आपको कहीं से ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध हुआ है क्या कहीं से भी ईश्वर
00:21:14:21 का ईश्वर साकार है यजुर्वेद अध्याय नंबर न के का अस्व तो सिद्ध करो पहले ईश्वर है यह तो बताओ मुझे कैसे है किस आधार पर यह ज्ञान कहां है तो सर वेदों में य ज्ञान आपको बता तो रहे और भाई मेरे भाई वेदों में वो कौन सा तर्क लिखा है जैसे अभी आप वेदों का एक तर्क बता रहे हो कि ईश्वर साकार है यह वेदों में तर्क लिखा है ठीक है ऐसे ही वेदों में वो कौन सा तर्क है जिससे की यह प्रमाणित हो कि ईश्वर है ईश्वर होने के संबंध में वेद ने कहां बात की है वो बताओ आपकी जानकारी अरे सर कैसे बताऊं कि वेदों में है ईश्वर साकार मैं अपने मुह अब मैं अपने मुंह से बात कर साकार नहीं मैं आपसे ईश्वर साकार नहीं पूछ रहा हूं कि ईश्वर साकार है कि निराकार है मुझे आप ये बताइए ईश्वर है यह कैसे सिद्ध होता है रामपाल जी के द्वारा रामपाल जी के द्वारा यह वेदों में सिद्ध होता है बताओ कैसे सिद्ध होता है जैसे अभी आप खोल के बता रहे हो कि ईश्वर साकार है ऐसे ही बताओ कि किस प्रकार से कहां से कौन से उस मंत्र से ईश्वर की सिद्धि होती
00:22:32:24 वो जो संत रामपाल जी महाराज देते हैं ना अरे बोलिए जो संत रामपाल जी महाराज संत रामपाल जी महाराज के द्वारा हमको दिया जाता है जो चार वेद छ सात 18 पुराणों का ज्ञान वो वेदों में ही वेदों के मतलब वेदों के द्वारा बताया जाता है भाई साहब मैंने आपसे पूछा क्या मैंने आपसे य पूछा है क्या रामपाल जी महाराज का ज्ञान कहां से आया है मैंने पूछा क्या मैं पूछ रहा हूं रामपाल जी के अनुसार ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है सिद्ध करिए आपके सामने मान लीजिए एक नास्तिक बैठा है उसको क्या क्या कहोगे कौन से लोक कौन से मंत्र आप च अब आप यह स्वीकार करो कि रामपाल जी महाराज से आपको ईश्वर है यह ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ नहीं ये ज्ञान प्राप्त हुआ है वेदों के द्वारा मैं बता रहा हूं आप बताओ क्या कैसे सिद्धा ईश्वर मैं
00:23:48:01 इसमें बता इसमें बता क्या मैं पूछ रहा हूं इसमें ये लिखा है कि ईश्वर है ये किस प्रकार सिद्ध होता है इस बारे में है आप इनके इसके आधार पर बोलो आप ईश्वर को सिद्ध करो इसके द्वारा करेंगे ठीक है करो करो करो 18 इसकी द्वारा करेंगे ठीक है हा करो करो बोलो अरे आगे बढ़ो करो ना आप भी उठाओ ना इसको है ना अरे भैया आप बोलो तो आप बोलो देखो जबी तो बोलेंगे मैं आपकी बात सुन रहा हूं मुझे लगेगा तो मैं उठा लूंगा आप ऑर्डर मत दो मुझे ब तो आप बताओ मुझे किस प्रकार श होता है देखो हम क्यों देंगे आपको डर भाई आपने ऑर्डर नहीं दिया है मैं कह रहा हूं आप गीता के अनुसार सिद्ध करो कि भगवान है भगवान है गीता के अनुसार
00:24:55:10 बताओ 15 के श्लोक 17 में अध्याय 15 के शलोक नंबर 17 में कृष्ण भगवान बोल रहे हैं उत्तम पुरुष तो अन है उत्तम पुरुष तो अन है जिसका 1 के में ओम तत सत भाई साहब मैं ये पूछ रहा हूं कि इस दुनिया में कोई उत्तम पुरुष है उत्तम पुरुष अन्य है यह भावना मेरे अंदर तब आए उत्तम पुरुष अन्य है यह ढ उत्तम पुरुष कौन है यह ढूंढने में तब निकलूंगा जब मेरे मन को यह लगेगा कि कोई दुनिया में उत्तम पुरुष है मैं उत्तम पुरुष कौन है यह जानने तब निकलूंगा जब मैं ये मान लूंगा कि दुनिया में कोई उत्तम पुरुष है मैंने आपको क्या कहा कि ईश्वर कबीर है कि राम है कि शिव है यह जानने में तब जाऊंगा जब मैं ये मान लूंगा कि दुनिया में कोई ईश्वर है तो मैं किस प्रकार मानू रामपाल जी के अनुसार कि ईश्वर है क्या यह ज्ञान तत्वदर्शी आपके अनुसार जो तत्वदर्शी संत है उन्होंने आपको दिया है कि इस दुनिया में ईश्वर है य इस प्रकार सिद्ध होता है यह दिया है उन्होंने आपको ज्ञान
00:26:11:18 ई ई एक ही क्वेश्चन कर रहे हैं आप वो मानने के लिए तैयार आपने ही तो कहा कि वो तत्वदर्शी है स पूर्ण ज्ञानी है ओकाम ब्रमर मानम समरण या पर त परमा गतम गीता जी में ओम मंत्र का बिल्कुल स्पष्ट जवाप दिया है भाई साहब फिर आप आगे बढ़ रहे हैं देखो अगर आपको नहीं पता है कि उन्होंने ज्ञान दिया है कि नहीं दिया है तो आप यहां स्पष्ट कह दो भाई मेरी जानकारी में उन्होंने ये ज्ञान नहीं दिया तो हम अगला चैप्टर प चले अगले प्रश्न प च जान ठीक ठीक ठीक है ठीक है अगले चैप्टर प चल तो अब मैं अपना प्रश्न आपसे क्लियर कर दूं क्या तव आपके अनुसार जो तत्वदर्शी संत रामपाल हैं उन्होंने ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है यह बताया है बताया है ना लेकिन आप समझ नहीं पा रहे वेदों के अनुसार बताया है ना अभी तो कह रहे थे अब फिर देखो आपने चेंज कर दी ऐसे अटके रहेंगे हम लोग यहीं प या तो आप स्वीकार करिए कि आपकी जानकारी में उन्होंने बताया है कि नहीं बताया यह जानकारी आपको नहीं है तो हम आगे चले चलो ठीक है मेरी जानकारी में नहीं है फिर
00:27:26:19 से मैं फिर से अपना प्रश्न कर रहा हूं फिर बोलना ठीक है मैं फिर से अपना प्रश्न बो रहा हूं क्या आपके अनुसार जो तत्वदर्शी रामपाल जी हैं उन्होंने किस प्रकार ईश्वर है यह सिद्ध होता है यह ज्ञान दिया है या नहीं दिया है मेरी नॉलेज में नहीं है लेकिन दिया है उन्होंने देखिए आप दोनों बातें नहीं कर सकते अगर दिया है तो फिर आपको कम से कम यह बताना होगा फलाने चैनल पर फलाना वीडियो है उसको देख लो तो आपको बता रहे हैं ना नहीं आप य कह रहे हो मेरी नॉलेज में नहीं जब नॉलेज में नहीं है तो फिर यह भी नहीं होगा कि उन्होंने दिया है कि नहीं दिया है आपको सच बोलना है फिर हम आगे बढ़ेंगे अगर आपकी जानकारी में नहीं है तो आप इतना बोलो मेरी जानकारी में नहीं है कि उन्होंने दिया है कि नहीं दिया है मेरी जानकारी में नहीं है अब दोबारा प्रश्न करूंगा फिर आप बोलना दोबारा मैं प्रश्न करूंगा फिर बोलना तो क्या आपके अनुसार जो तत्व दर्श श्री रामपाल जी हैं उन्होंने यह ज्ञान दिया है कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है इस बारे में उन्होंने ज्ञान दिया है देखो दिया है लेकिन मेरी बात सुनना एक
00:28:41:25 मिनट जब हमने जब हमने आपके चैनल का फॉर्म भरा ना तो हमने इसलिए भरा था कि प्रमाण के साथ बात होंगी है ना भाई साहब हम अभी हम आपको नास्तिकों का खंडन प्रमाण के साथ करके दिखाएंगे नास्तिक नहीं हम तो आस्तिक है ठीक है हम भगवान पर विश्वास करने वाले हैं ना अरे भाई जिनकी शरण में आप गए हो व पूर्ण ज्ञानी संत है ना प्रमाण अरे भाई प्रमाण को प्रमाण तब माना जाएगा ना जब उसकी प्रमाण में आस्था हो तो उसको कौन समझा सकता है आप समझाओ कैसे समझाओ मैं बोल तो रहा हूं कि हम समझा सकते हैं जी समझाओ कैसे समझाओ आप तो पहले हम लोग आपसे सुन ले कि इस बारे में आपको जानकारी नहीं है कि उन्होंने ज्ञान दिया है कि नहीं दिया है पूर्ण ज्ञानी तत्वदर्शी ठीक है अभी मैं फिर से पूछ रहा हूं आपके अनुसार जो पूर्ण ज्ञानी तत्वदर्शी है रामपाल जी उन्होंने यह ज्ञान दिया है क्या कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है बताइए मेरी नॉलेज में नहीं है हमारी नॉलेज नहीं है आपकी जानकारी में नहीं है
00:29:57:10 तो आप बता रहा हूं आप मानने के लिए तैयार नहीं हूं देख आप दोनों दोन दोरी बात करते रहोगे बात अच्छी रहेगी चलो ठीक है बात नहीं अटकने चाहिए आगे को बढ़ नहीं तो आप क्लियर बोलो ना आप क्लियर नहीं बोलते जितनी बार प्रश्न करता हूं उतनी बार उलझा हुआ जवाब देते हो क्लियर बोलो आपके अनुसार जो पूर्ण ज्ञानी तत्वदर्शी रामपाल जी है क्या उन्होंने यह ज्ञान दिया है कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है
00:30:29:13 अब आप मानने के लिए तैयार नहीं हो ईश्वर है तो व वेदों से सिद्ध होगा ना अरे भाई मेरे भाई जो वेद जो वेदों को ही नहीं मानता है या जो वेदों के बारे में जानता ही नहीं है उसको वेदों तक कैसे लाओगे आप तो फिर उसकी तो उसकी कैसे समझा सकते हैं बताओ हम समझा सकते हैं ना आप अपनी चीज को क्लियर करो हम समझा देंगे तो आप सवाल ही को ऐसा कर रहे हो अरे भाई सवाल तो धर्म से ही तो कर रहा हूं ईश्वर विषयक सवाल है ये और कौन सा सवाल
00:31:11:08 है भैया आप में से कितनों को लग रहा है कि मैं विषय से हट के सवाल किया है मैंने सभी लोगों का कहना है कि नहीं विषय से हटके सवाल का जवाब नहीं है और मैं आपको सिद्ध करके दिखाऊंगा कि ईश्वर है पहले आप अपनी जानकारी को स्पष्ट करिए क्या आपने इस बात की शिक्षा ली है क्या आपको यह पता है रामपाल जी के अनुसार ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है क्या इस बारे में आपको जानकारी है कि उन्होंने ज्ञान दिया है कि नहीं दिया है बताइए हमा हमारे नलेज नहीं हमारी सुनिए हम बताए आपको
00:32:35:04 ये देखिए यह देखिए ये देखिए हमारी शुरुआत ही यहां से होती है सबसे पहले हमको यह बताया जाता है कि इस दुनिया में ईश्वर है उसके बाद हम बताया जाता है उसके बाद हमें य बताया जाता है कि वो ईश्वर कौन है मगर ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है सबसे पहले हमें यह सिखाया जाता है ईश्वर है ये किस प्रकार सिद्ध होता है धर्म धर्म की धर्म जो है वो है धर्म की आवश्यकता ये किस प्रकार सिद्ध होता है ये हमें सबसे पहले सिखाया जाता है तो इसलिए हम आपसे कह रहे हैं क्या आपके अनुसार जो पूर्ण ज्ञानी है तत्व दर्शी है रामपाल जी उनके द्वारा ये बताया गया है कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है
00:33:30:28 अब मैं आपको कैसे बताऊं अब ये सिद्ध कैसे करूं ये बताओ देखो मैं नास्तिक व्यक्ति था अगर आपको नहीं पता है तो आपको यह कहना है कि मेरी जानकारी में नहीं है कि उन्होंने य ज्ञान दिया है कि नहीं दिया है मेरी जानकारी में नहीं है यह बोल दिया ना मैंने मेरी जानकारी प्रश्न करता हूं आप बारबार जब मैं प्रश्न करता हूं उसके बाद यह नहीं बोलते आप सीधे-सीधे बोलो मेरी जानकारी में नहीं है कि उन्होंने ज्ञान दिया है कि नहीं दिया बस मेरी जानकारी में नहीं है है ना मेरी जानकारी में नहीं अभी मैं दोबारा प्रश्न कर रहा हूं क्या आपके अनुसार जो पूर्ण ज्ञानी तत्वदर्शी है रामपाल जी उन्होंने इस बात का ज्ञान दिया है कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है अब आप मानोगे कैसे दे पहला शब्द क्या निकला अब और अभी आप क्या बोल रहे थे मेरी जानकारी में नहीं है ये है नहीं सुनो ब अपने बदल रहे बार आपके दो क्वेश्चन हो रहे हैं है ना दो हो रहे है एक तो नास्तिक आस्तिक बने का एक तो नास्तिक आस्तिक बना मैंने अभी मैंने प्रश्न ये किया है कि इस सब्जेक्ट में नास्तिक से आस्तिक बनाने के सब्जेक्ट में उन्होंने ज्ञान दिया है
00:34:46:02 कि नहीं दिया मेरा प्रश्न ये है मैंने जब वो प्रश्न हो गया देखो हमारी नले नहीं है ना हमारी नॉलेज तो ये बोल दो ना ये बोल दो जब मैं प्रश्न करूं तो ये क्लियर क्लियर बोल दो अब मैं प्रश्न कर रहा हूं क्या आपके अनुसार क्या आपकी जानकारी में जो पूर्ण संत है रामपाल है तत्वदर्शी है उन्होंने यह ज्ञान दिया है कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है उनने दिया है लेकिन हमारी नॉलेज में नहीं है अब अब देखो अब आपने फिर थोड़ा सा वर्ड बदल दिया ये दो तरह की बात करोगे फिर मुझे फिर मुझे जो है यही पर इसको समाप्त करना होगा चर्चा को दो तरह की बात मत करो अभी आपने सीधे बोला मेरी जानकारी में नहीं है अब आप कह रहे हो उन्होने दिया पर हम जानकारी में नहीं है अगर दिया है तो फिर रेफरेंस बताओ दिया है दिया है तो कौन से ग्रंथ में लिखा है बताओ उनके कौन से ग्रंथ में लिखा है अभी हम देख लेंगे पीडीएफ डाउनलोड करके बताओ कौन से ग्रंथ में लिखा है क्या लि जो उनके द्वारा दिया गया नास्तिक के संबंध में जो उनके द्वारा दिया गया ज्ञान है वह कौन से उनकी कौन से ग्रंथ में लिखा है ज्यादातर ग्रंथ तो यहीं पर है उठा लेंगे ज्ञान गंगा में है सारे ग्रंथ सारे ग्रंथ आपके जो रखे है ना उसी में ज्ञान देते हैं ना भाई साहब उन्होने
00:36:01:12 अपनी भी तो अलग से अरे भाई उससे निचोड़ करके वो अपने ज्ञान वो किताबें छापते हैं ना उससे निचोड़ करके उसम जो वेद और हा तो उससे निकालते हैं ना ज्ञान गंगा इत्यादि में तो नास्तिकों के बारे में अपनी किस पुस्तक में उन्होंने बात की है बताइए अगर आपने कहा कि दिया है तो किस पुस्तक में दिया है किस ग्रंथ में दिया है बताओ बात सुनो सर नास्तिक लोगों को अगर वो नहीं समझना चाहता कि ईश्वर है बाद की बात है वो बाद की बात है वो बाद हमारे पास क्या है अगर कोई चोर चोरी कर रहा है वह बाद की बात है हमारे पास ताला है कि नहीं हमने अपना प्रयास किया है कि नहीं वह बताइए क्या प्रयास जैसे हम देखो सीधी सी बात बता रहे हैं सर आपको जैसे हम नास्तिक थे ठीक है है ना तो हम भी कुछ भा आप अप स्ट्री मत बताइए अब आप नास्तिक से आस्तिक किस तर्क के आधार पर बने किस ज्ञान के आधार पर बो वो ज्ञान मुझे दीजिए आप समझ लीजिए कि आपके पास आप समझ लीजिए कि आपके सामने इस समय नास्तिक बैठा है उसको आपको आस्तिक बनाना है मैं कह रहा हूं मुझे नहीं विश्वास इस दुनिया में
00:37:16:15 कोई परमेश्वर है फिर भले ही वो कबीर हो या शिव हो कोई भी हो मुझे विश्वास ही नहीं है अब मुझे विश्वास दिलाओ कि इस दुनिया में कोई भगवान है दिलाओ भगवान दिलाओ रामपाल जी पूर्ण ज्ञानी है तत्वदर्शी है उनके शिष्य को भगवान का अस्तित्व तो सिद्ध करना आता होगा देखो यदि वो व्यक्ति वेदों को नहीं मानता तो उसको कैसे बता सकते हैं हम है मेरे भाई सुनो सुनो मेरी बात सुनो मेरी बात सुनो जो जो बौद्ध है वो वेदों को नहीं मानते जो जैन है वो वेदों को नहीं मानते जी और यह तो चलो ये तो चलो तब भी ईश्वर के नित्य ईश्वर को नहीं मानते मगर दुनिया में और भी कई ऐसे धर्म है अगर सिख ईसाई को छोड़ दो मुसलमान को भी छोड़ दो और भी कई तरह के धर्म है कई नामों से धर्म क्या पंथ है धर्मा भात है मगर उसमें ईश्वर की क वो है कल्पना वो वेदों को नहीं मानते हैं तो इसलिए मुझे आप आपके अनुसार नास्तिक को आस्तिक बनाने के लिए आपके पास क्या जानकारी है क्या तर्क है यदि उसके संबंध में प्रमाण भी है तो अच्छी बात है नहीं है तो भी अच्छी बात है आप मुझे बताइए कौन से तक कौन से तर्क है रामपाल जी के
00:38:32:00 जिनके आधार पर व एक नास्तिक को आस्तिक बना देते हैं ऐसा नहीं है संत रामपाल जी महाराज के समाज विशेष शि हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई कोई भी हो और कोई भी समाज हो जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा हिंदू मुस्लिम मैं आपसे कुछ और पूछ रहा हूं आप अलग प्रवचन चालू कर रहे हो मैंने पूछा क्या क्या रामपाल के अनुसार जो पूर्ण ज्ञानी तत्वदर्शी है उनके द्वारा यह ज्ञान दिया गया है कि ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है बताइए अब सीधा सी सीधी सी बात है नास्तिक के लिए तो कोई सिद्ध नहीं कर सकता आप बता दो सिद्ध करके ठीक है मैं बता देता हूं आप थोड़ी देर के लिए भगवान को ना मानने वाले बन जाइए मैं आपको निरुत्तर कर दूंगा ठीक है जी अब आप भगवान को ना मानने वाले बन जाइए ठीक है आप बता हा देखो बात अपनी इस के आधार पर होनी थी है ना मैं ग्रंथों के आधार पर ही बोलने वाला हूं मैं आपको नास्तिकों का जो नास्तिकों का खंडन ग्रंथों के आधार पर ही करूंगा ठीक है नीचे कर लो नीचे कर लो मैं करूंगा
00:39:47:04 तो नास्तिकों के खंडन में जो पहला सिद्धांत है वो है असतो मा सद गमाया तमसो मा ज्योतिर्मया मृत मा मतम गमाया बृहदारण्यक उपनिषद तीन 28 ठीक है अब इसके अनुसार क्या है इसमें शास्त्रों में य बताया गया है कि दुनिया के प्रत्येक जीव के अंदर तीन प्रकार की चाह विद्यमान है सत चित आनंद की चाह एक नास्तिक व्यक्ति भी कभी मरना चाहता है क्या आपसे पूछ रहा हूं एक नास्तिक व्यक्ति भी कभी मरना चाहता है क्या नहीं एक नास्तिक एक नास्तिक व्यक्ति भी इस पूरी दुनिया का ज्ञान प्राप्त कर लेना चाहता है फॉर एग्जांपल कल इंडिया या पाकिस्तान का मैच है वो अभी से ही ये आंकड़े लगाने लगेगा इंडिया जीत जाए या पाकिस्तान वाला आंकड़ा लगाएगा पाकिस्तान जीत जाए और इसके साथ ही साथ मान लीजिए कि मैं किसी के सामने आया उसने मुझे कभी नहीं देखा है और उसकी नजर मुझ पर पड़ गई फिर भी वो अपना अंदाजा लगाएगा कि यह व्यक्ति कौन-कौन हो सकता है प्रयास करेगा मनी मन मुझे जानने का इससे सिद्ध हो रहा है कि उसके अंदर दुनिया का पूरा ज्ञान प्राप्त कर लेने की चा विद्यमान है और तीसरी चाह कौन सी
00:41:02:08 है एक नास्तिक व्यक्ति भी कभी दुखी नहीं होना चाहता है होना चाहता है क्या कभी दुखी नहीं होना चाहता इसको कहते हैं आनंद ऐसा आनंद जो कभी खत्म ना हो इसको और एग्जांपल देख लेते हैं अगर मैं मोबाइल लेकर आया नया तो पहली बात तो मेरे पास दुनिया का सबसे अच्छा मोबाइल होना चाहिए ऐसी भावना होती है ना ला पाए बात अलग है मगर सबसे अच्छा मोबाइल होना चाहिए उसमें कभी स्क्रैच नहीं आना चाहिए वो कभी टूटना नहीं चाहिए कार के पहिए कभी घिसने नहीं चाहिए मेरे बाल कभी सफेद नहीं होने चाहिए मेरे कभी झुर्रियां नहीं पड़नी चाहिए मैं कभी बीमार नहीं पड़ना चाहिए हूं ये होता है आनंद और अगर इन सारी चाह को हम निचोड़ दे एक साथ कर दे तो एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी यह ख्याल आता है कि बारिश ज्यादा हो रही है तो कम हो जाए धूप ज्यादा पड़ रही है तो कम हो जाए नास्तिक व्यक्ति भी सोचता है नास्तिक व्यक्ति के भी माता-पिता यदि 200 साल के भी हो जाएंगे और वह उनसे प्रेम करता होगा तो वह यह सोचेगा कि यह बच जाए यह कभी मरे नहीं सोचेगा कि नहीं जबकि विज्ञान नहीं कह रहा है कि आप मौसम को कंट्रोल
00:42:17:18 कर सकते हो विज्ञान नहीं कहता है कि आप भविष्य देख सकते हो विज्ञान नहीं कहता है कि आप अमर हो जाओगे विज्ञान नहीं कहता है कि आपके कभी झुरिया नहीं फिर भी आप विज्ञान के विरुद्ध ऐसी चाह को लेकर के चल रहे हो इसी चाह को ब्रार उपनिषद के एकती 28 में कहा गया है असतो मा सद गमाया तमसो मा ज्योतिर गमाया मृतु मा मतम गमाया अब एक सिद्धांत है सिद्धांत क्या है कि हमारे अंदर जिस जिस प्रकार की डिजायर्स है डिजायर का अर्थ है चाह हमारे अंदर जिस जिस प्रकार की चाह विद्यमान है उस उस चाह का विषय इस दुनिया में उसका अस्तित्व जैसे हमारे अंदर भूख है तो भूख होने से ही ये सिद्ध हो जाता है कि इस दुनिया में भोजन है बताओ हमारे अंदर भूख है इसका मतलब इस दुनिया में खाना है हमारे अंदर प्यास है तो इसका मतलब इस दुनिया में क्या है पानी हमारे अंदर सुनने की क्षमता है तो इसका मतलब इस दुनिया में क्या है ध्वनि हमारे अंदर देखने की क्षमता है तो इसका मतलब इस दुनिया में क्या है दृश्य तो जिस प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी व्या प्यास का विषय पानी सिद्ध होता है भूख का विषय भोजन सिद्ध
00:43:32:26 होता है उसी प्रकार एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी सत चित आनंद कभी ना मरने की अखंड ज्ञानी बनने की और सदा आनंदित रहने की चा सत चित आनंद की चा के विद्यमान होने से ही यह सिद्ध हो जाता है कि इस दुनिया में इस संसार में कोई सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर का अस्तित्व है अगर नहीं मानते अगर नहीं मानते तो जो ना मानने पर भी उस चाह को कर रहा है अगर वो नहीं मानता कि इस दुनिया में कोई सत है चित आनंद है तो फिर भी वह सत चित आनंद को ढूंढ रहा है तो व पागल कहलाएगा मैं मैं कहीं जा रहा हूं मुझसे किसी ने पूछा कहां जा रहे हो मैं कहता हूं कि ताजमहल जा रहा हूं ठीक है ताजमहल जा रहा हूं फिर पूछा जाए ताजमहल है कि नहीं बोलता हूं ताजमहल नहीं है तो मुझको पागल कहा जाएगा कि नहीं जहां मैं जा रहा हूं जिसको मैं ढूंढ रहा हूं मैं उसी के लिए मना कर रहा हूं ठीक है तो इस प्रकार भगवान का अस्तित्व सिद्ध होता है हमारे शास्त्रों के आधार पर इसके बाद एक चीज और है धर्मे ना पशु भी समाना आहार निद्रा भय मैथुन ये चार चीजें
00:44:48:04 हम में और जानवरों में समान है एक ही चीज है जो हमें पशुओं से अलग करती है उसका नाम है धर्म तो अगर हम ईश्वर को नहीं मानते तो हमारा धर्म को मानना भी सिद्ध नहीं होता क्योंकि धर्म है क्या सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को परिभाषित कर सकने वाले शास्त्रों द्वारा सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त करने के निमित्त बताई जाने वाली विधा का नाम धर्म है ठीक है अब आगे चलते हैं जी अब आज के बाद आप नास्तिक को सिद्ध कर पाओगे ना कि ईश्वर है अगर नहीं समझ आया हो तो बताओ मैं फिर से बताऊ आपको नास्तिक को तो सर अगर वह नहीं समझना चाहता ना भाई साहब मैं निरुत्तर करने की बात कर रहा हूं अगर कोई स्वयं को नास्तिक कहेगा तो वो निरुत्तर हो जाएगा हमारे सामने जैसे जैसे मान लो जैसे मान लो सुनो मैं बताऊ आप यहां पर आए हो रामपाल जी का पक्ष बताने आए हो ना अब मेरे पास आप के तर्को का जवाब नहीं है प्रमाणों का जवाब नहीं है मान लो ठीक है जी और मैंने ठान रखी है कि
00:46:03:08 मैं मानूंगा नहीं तुम्हारी बात तो क्या मनवा सकते हो तुमन सकते हो क्या नहीं मनवा सकते मगर मगर जब मेरे पास तुम्हारे तर्कों का जवाब नहीं होगा तुम्हारे प्रमाणों का जवाब नहीं होगा तो दुनिया देखेगी यह बेकार है देखेगी ना इसके पास जवाब नहीं था किसका रामपाल दास जी के शिष्य का जवाब इसके पास नहीं था तो हम नास्तिक को निरुत्तर कर सकते हैं मौन कर सकते हैं उसके पास उत्तर नहीं है हमारा ठीक है वो अपने मुंह से मानेगा कि नहीं मानेगा ये बात की बात है मेरी बात एक तो नास्तिक कैसे सिद्ध होगा मतलब कैसे वो होगा भगवान में आस्था रखेगा एक तो देखकर दूसरे को देखकर भी भगवान में आस्था रखेगा ना देखिए दूसरे को देख करके तो लोग शराब पीना भी सिद्ध शराब भी पी लेते हैं तो फिर क्या करें इस नियम को मान ले मैं एक बात बता रहा हूं दूसरे को दूसरे को देखने के आधार पर हम ये सिद्ध नहीं कर सकते कि ईश्वर है क्योंकि दूसरे को देखने के आधार पर अभी दुनिया भर में व्यभिचार बढ़ रहा है व्यभिचार व्यभिचार समझते क्या होता है विचार मतलब संगत संगत संगत वि विचार मतलब कु संगत व
00:47:18:18 विचार का चलिए कुसंगति मान लीजिए ठीक है तो दुनिया में व्यभिचार बढ़ रहा है विदेशों में क्या हो रहा है कि इसकी मतलब कोई उसमें मर्यादा नहीं रह गई है विवाह इत्यादि के निमित है ना हमारे यहां भी अब बढ़ता जा रहा है तो दूसरों को देख कर के अगर सीखने की बात है तो यह भी तो सीख सकते हैं क्यों नास्तिक से आस्तिक ही होंगे तो दूसरों को देख के नहीं अका नियम क्या है ईश्वर के अस्तित्व को सिद्ध करने के वो आपको जानने की आवश्यकता है ठीक है जी हा तो अब हम चलते हैं आगे कि वेदों में कहां लिखा है कि कभी भगवान है
00:48:01:12 बताइए आपके पास यजुर्वेद है ना यजुर्वेद में अध्याय नंबर ऋग्वेद मंडल नंबर न के सुप्त नंबर 96 के मंत्र नंबर 16 से लेकर 17 में एक मिनट मंडल नावेद मंडल हा ऋगवेद नंबर सुत नंबर 96 के 16 से लेकर 21 में अरे भाई मंडल न पर ना है तो रुक जाओ बाद में बोल देना बाकी की बात रटा हुआ लाइन पूरी बोल के समते हो अरे रटा हुआ नहीं है लेकिन सुनो व पर लिखा है वो परमात्मा विद्युत के समान गति करके आता है मैंने पूछा है कबीर भगवान है यह कहा लिखा है वेदों में बस यह बताओ में आपको बता दिया ना आप देखो खोलकर तो फिर बिजली के समान वाली बात प क्यों आ रहे हो देखो मेरी बात सुनो इसमें भी है उसका प्रमाण तो इसमें भी है जो हम बता रहे हैं इसमें भी है उसका
00:49:12:28 परमाण वेदों में ऋग्वेद में नवा मंडल खोल रहा हूं मैं पहले आप उसमें बताइए कहां लिखा है एक मिनट एक पुस्तक ला रहा हूं जी जी अभी देखते
00:50:04:07 हैं तो वेडों में मंडल न सुक्त कौन सा बताया आपने 96 सुत नंबर 96 आपके पास है ऋग्वेद नहीं हमारे पास नहीं है तो आपने कभी चेक कर किया कि ऋग्वेद में लिखा है कि नहीं लिखा
00:50:37:08 है जब आपसे बोला गया कि ऋग्वेद में लिखा है तो आपने चेक किया संत रामपाल जी महाराज की जो पुस्तक है वेद शस्त्र से प्रमाण है यह पुस्तक साहब अगर कोई अगर मैं आपसे यहां पर अभी एक बात छाप दूं कि उसमें लिखा हुआ है संत रामपाल जी महाराज मुजरिम है और उसमें लिखा हुआ है कि वो जो है बलात्कारी है और यह मैं आपको छपा हुआ दिखा दूं मान लोगे क्या आप पहले जाके देखोगे वेद में आप पहले एक मिनट एक मिनट आप पहले चेक करोगे ना कि वाकई में वेद में य बात लिखी हुई है कि नहीं
00:51:14:22 सरया आपने चेक किया था क्या क्या आपने ये चेक किया था क्या कि अगर संत रामपाल जी संत रामपाल जी ने अगर अपनी देखो बोलने नहीं दे रहे हो संत रामपाल जी ने यदि यदि अपनी पुस्तक में य लिखा कि फलाने मंडल में फलाने सूक्त में फलाने मंत्र में कबीर को भगवान कहा गया है तो क्या यह बात आपने जाकर के चेक की वेदों में वेद आपके पास है ना हम बता रहे हैं आप देखो आप मैं आप मैं एक एक कदम चल रहा हूं मैं आपसे पूछ रहा हूं आपने चेक किया
00:51:55:01 कभी चक तभी तो बोल रहे हैं सर आपसे तो आपने वेद खोल के स्वयं देखे सर हमको इसमें सारी जानकारी है तो मान लो सुनो आपने पहले रामपाल पर विश्वास किया था रामपाल जी पर विश्वास पहले किया था या फिर पहले उनकी किताबों को विश्वास कर लिया था पहले पुस्तक पहले पुस्तक मान ली ये शक्ति पुस्तक है ज्ञान गंगा पहले ही मतलब आपके पास कोई सुनो मेरी बात सुनो वो बताते हैं प्रश्न और उत्तर इसमें है सर गलत क्या है अरे भैया उनकी आपने किताब पर विश्वास पहले किया या पहले उन पर विश्वास किया हमने पहले उनकी बातों सेसे प्रमाणित किया ये इसका मतलब उसका मतलब आपने चेक की उनकी बातें सही है कि नहीं है बक बकुल हा उसी प्रकार से मैं पूछ रहा हूं आपसे इसको नीचे करो भाई अब इसको जब मैं कहूं तब उठाना जी ठीक है जिस प्रकार से आपने उनकी कही हुई बात को इस भगवत गीता से चेक किया ऐसे ही जब उन्होंने वेदों की बात की तो क्या आपने वेदों से चेक किया उनकी बात को कि नहीं किया
00:53:10:21 वेदों हमारे पास मान लो किसी के पास पैसा नहीं हैद खरीदने भाई तो बोल दो ना नहीं किया बोल दो ना सीधे सधे नहीं किया मैं पूछ रहा हूं क्यों नहीं किया मैंने पूछा आपसे क्यों नहीं किया मैं पूछ रहा हूं किया क्या तो आप बोल दो नहीं मैंने नहीं किया बोलो सीधे पता नहीं क्या सचाई बोलने में हो भागवत गीता सवाल किया क्या आपने मेंक किया है कि नहीं मैंने आपसे सवाल किया क्या आपने वेदों में चेक किया कि नहीं जैसे आपने अभी मुझे पूरी लाइन बताई कि मंडल नंबर न सुक्त नंबर इतना 96 और उसका मंत्र यहां से यहां तक य आपने मुझे बताया तो मैंने आपसे सवाल किया क्या आपने यह स्वयं चेक किया है वेद खोल के की नहीं सिंपल जवाब है नहीं सिंपल जवाब उसको बोलने में पूछो नहीं बिल्कुल सिपल ज है हमारे पास श्रीमद् भगवत गीता गीता जी से प्रमाण आप मुझे प्रमाण किसका बता रहे हो मैं आपसे पूछ रहा हूं प्रमाण किसका बता रहे हो आप अभी आपने क्या बताया प्रमाण और वेद हमारे पास नहीं प्रमाण क्या बताया मेरे भाई आपने अभी प्रमाण किसका बताया था ये यजुर्वेद का यजुर्वेद ऋग्वेद का बताया है ऋगवेद
00:54:28:01 सवे ऋग्वेद का आपने मुझे प्रमाण बताया है तो मैंने प्रश्न आपसे किया क्या आपने ऋग्वेद खोल के देखा तो आपका जवाब यह होना चाहिए नहीं नहीं मैंने उसको चेक नहीं किया है खुद से क्योंकि आपने नहीं किया है सच्चाई है जी हां 9 में मंत्र नंबर कौन
00:55:00:08 सा केवल मत्र नंबर बोलो हा म नंबर 16 से लेकर 21 ये प्रमाण है वो परमात्मा विद्युत के समान धरा पर आता है और वो कबीर दे नहीं नहीं कबीर भगवान है कि नहीं यह बताना है विद्युत के समान तो शिवजी भी आ सकते हैं मेरी बात सुनो आपके पास वो होगी ना मंत्र नंबर कौन सा 17 हा 17 से लेकर 21 इसमें लिखा है कवि इसमें लिखा है कि पाप मोचक नवजात सभी को प्रमुदित करने वाले सोम को शुद्ध करते हैं वहन करने वाले सोम को सात गण अलंकृत करते हैं कवि अर्थात ज्ञानी कावन अर्थात स्त्रोत पाठ के साथ कवि के समान शब्द करता हुआ गिर भी स्तुति हों द्वारा पवित्रम छलनी में से छाना जाता है इसमें कबीर भगवान ने कहां लिखा है इसमें कबीर कहां लिखा है कबीर भगवान है छोड़ दो मेरी बात सुनो जिस प्रकार आप
00:56:15:08 कबीर भगवान नहीं मान रहे व कभी बाइबल में उसका प्रमाण है है ना और जो कवि है वो कबीर कैसे बना की बात हो रही है वेद की आप हमें बाइबल और कुरान वहां से मत दो कवि को कबीर कैसे माना जाए हम हिंदू मुस्लिम देखो बाइबल कुरान अगल की बात करेंगे फिजूल की बात मत करिए आप मुझे बताइए कि कवि कबीर कैसे बना यह बताइए आप कभी कबीर वो आपको बता तो दिया कहां बता खा क कहा लिखा है जो कवि है वो कबीर होता है अभी आपने नहीं देखा 17 के 21 में मंत्र नंबर 21 वो कबीर दे आपने वेदों में प्रमाण बोला है ना या तो बोलो के गीता में प्रमाण है कबीर भगवान ऐसे बोलो पहले वेदों में प्रमाण नहीं है कबीर भगवान नहीं है ऐसे बोलो वेदों में प्रमाण नहीं है कबीर भगवान है का दिखा तो वेदों का दिखाओ या तो जमला बदल दो हम बता रहे हैं ना आपको वेदों
00:57:30:13 में दि बता रहे दिखाओ आप तो सुनो सुनो आप एक ही वेद से मानोगे जो अपने हिंदू धर्म के वेद है ना उनसे ही मानोगे ना आपने आपका जो जुमला है क्या वो ये है कि कुरान में कुरान में प्रमाण है हम बात कर रहे वेदों में प्रमाण अरे तो हम उस हम उस परे काउंटर ही नहीं कर रहे ना आप हमें वेदों में प्रमाण दिखाइए वेदों में कहां लिखा है कि कबीर भगवान है देखो सब में प्रमाण करना पड़ देख सब आप अगर कुरान को कहोगे मुझे कोई दिक्कत नहीं कहते रहोम आप अगर वेदों में प्रमाण कह रहे तो वेदों में मुझे दिखाइए कबीर कहां लिखा है तो आप कहोगे अभी कि आपके पास वो अवेद है क्या तो हमारे पास नहीं है
00:58:22:18 इसलिए आप मुझे मंत्र नंबर तो बताओ तो मंत्र नंबर आपको बता रहा है ना अभी तो बताया आपको और आपने पढ़ भी लिया तो क है उसम कबीर उसम तो कवि लिखा है कबीर क्यों नहीं कभी वो कबीर देव है क वो कवि कबीर कबीर कैसे बना पूछ रहा सुनो सुनो ये हमारे सद ग्रंथ है वेद इसमें एक कवि लिखा इसमें कवि का अर्थ लिखा है ज्ञानी कबीर नहीं लिखा है आप मुझे वेद वेद वो वाले वेद बताइए जहा कवि का अर्थ कबीर लिखा हो और मुझे वह नियम बताइए संस्कृत के कि कवि कबीर माना जाए वो नियम बताइए जी वो भी बता रहे
00:59:32:10 अब आप ऋगवेद भाई आप मुझे पुस्तक मत दिखाइए आप केवल मंत्र नंबर बोलिए वेदों में कहां प्रमाण है कि कबीर भगवान है तो आपको बता तो दिया एक बार के एक बार बता दिया ना आपको क्या बता है भाई कवि कवि कवि कबीर आप कह रहे हो कि वेदों में प्रमाण है कबीर भगवान है आप ये कहो वेदों में प्रमाण है कवि भगवान कवि आप ये कहो कबीर दिखाओ अगर कबीर कह रहे हो तो कबीर दिखाओ मुझे यहां अगर कबीर कह रहे हो तो कबीर दिखाओ मुझे और अगर आपको ये कहना है कि कवि कबीर ही है तो वो कवि कबीर कैसे बना ये बताओ मुझे इसका प्रमाण वेदों में दो बिल्कुल बिल्कुल अब आप कहोगे फिर पुस्तक मत बताओ तो फिर मैं कैसे दूंगा आपको अरे मुझको मंत्र नंबर बोलो ना आपकी पुस्तक में मंत्र नंबर लिखा होगा ना वेदों का
01:00:30:03 भाई मैं विनम्र निवेदन करना चाहता हूं कबीर पंथिया से जो भी रामपाल जी को फॉलो करते हैं कबीर को भगवान मानते हैं कि जो सक्षम हो जो सामर्थ्य वान हो उन्हें आगे आना चाहिए और यहां पर आकर के जो रामपाल जी के द्वारा फैलाया जा रहा मिथ्या प्रचार है उसका पक्ष लेना चाहिए आपको आप आप समाज में गलत मैसेज मत दीजिएगा मेरी बात सुनो आपने क्या कहा था कि जो भी डिबेट होगी तो वो मतलब जिन आधार पर होग शास्त्र गीता जी के आधार पर लेकिन आपने एक भी क्वेश्चन नहीं किया कि गीता में वेदों के आधार पर अपन को ये करना है बताओ आपने किया अभी तक भाई क्या आपका क्या मेमोरी श एक मिनट आपने अब कुछ पूछा है जवाब सुनिए आप क्या शॉर्ट ट मेमोरी लॉस है क्या मैंने क्या पूछ र वेदों में कहा लिखा है कि कबीर भगवान है आपने बताया वेदों का मंत्र नंबर इतना वहां कवि लिखा है कबीर नहीं लिखा है कबीर कहां लिखा है वो बताइए कबी वो उसे कबीर देवी कहते हैं कबीर वो कहा लिखा है कि उसको कबीर कहते हैं वह कहां लिखा
01:01:46:09 है तो वह बता तो दिया कबीर कबी मतलब कबीर देव अरे वो कैसे मैं सुनो मैंने कहा कि मैं मेरे इसमें में लिखा है कि जो है शिवांश भगवान है ठीक है अब मैं कह दूं कि भैया यहां पे जो ये लिखा है ना ये शिशु ये शिवांश की बात हो रही है तो आप मुझसे पूछोगे ना कि शिशु शिवांश कैसे हो गया पूछोगे ना कि मान लोगे हां भैया शिवांश वही है तो मैं पूछ रहा हूं आपसे कवि कबीर कैसे
01:02:24:04 बना क्या क्या मैं आपसे पूछ रहा हूं कवि कबीर कैसे बना ग्रंथ का जो ग्रंथ का लिखने वाला है जो अनुवाद करता है उसने कवि का अर्थ कबीर नरहा ग्रंथ का जिसने ग्रंथ का जिसने अनुवाद किया है उसने वहां पर कवि का अर्थ ज्ञानी लिखा है जी ठीक है उसने कवि का अर्थ कबीर नहीं लिखा आप मुझे बताइए क्या वेदों में आपके पास कोई ठोस प्रमाण है जहां पर सिद्ध हो रहा हो के कबीर भगवान है वो बताइए वेद उने दिए है वेद उने दिए है तो लिखा बताओ ना लिखा बताओ वेदों में कहां लिखा है कि कबीर भगवान है ज्ञान गंगा पुस्तक पूरी पढ़ लीजिएगा आपको पता चल जाएगा तो फिर तुम क्यों आए हो यही कह ते ज्ञान गंगा पढ़ लेना तो हम बता रहे हैं ना आपको आप मानने के लिए तैयार नहीं होते सुनो ठीक है आप आप आए आपने समय दिया और अच्छी चर्चा हुई व्यवहार कुशल चर्चा आप तर आपकी तरफ से दूसरे लोग आए हैं हम लोग उनको ले लेते हैं जितेश दास जी व कह रहे एक और सवाल बोलिए आपसे पूछ रहा हूं आप जवाब दीजिएगा आखरी सवाल
01:03:39:28 हा ठीक है कि कौन ब्रह्मा का पिता है और कौन विष्णु की मां शंकर का दादा कौन है हमको दे बता बस ठीक है अब ये बताओ कबीर जी का गुरु कौन है नहीं नहीं नहीं कबीर जी सवाल के मैं आपको इस सवाल के उत्तर आपको इस सवाल के उत्तर में ही आपका उत्तर दे दूंगा कबीर जी ने लीला पूर्वक रामानंदाचार्य को गुरु बनाया था कि नहीं बनाया था बनाया था कि नहीं हा वास्तविकता में कोई उनका गुरु था क्या बनाया
01:04:17:13 था वास्तविकता में उनका कोई गुरु था क्या बिल्कुल रामानंद कोई गुरु रामानंद जी वास्तविकता में जो उनको कबीर को ज्ञान दे पाए ऐसा कोई था क्या आपके अनुसार नहीं मैंने मैंने दिया उसका जवाब दो ना आप अरे भाई मैं उसी से आपका जवाब दे रहा हूं जैसे कबीर जी ने गुरु बनाकर लीला की वैसे ही ब्रह्मा विष्णु महेश का कोई पिता नहीं है भगवान ही अपने भगवान ही अपनी लीला में प्रकट होते हैं कभी वो संतान बन जाते हैं कभी वो पिता बन जाते हैं समझ गए सुनो मेरी बात सुनो देवी दुर्गा जी है देवी दुर्गा जी उनका पति कौन है ऐसा है यहां फिजूल की बात ना करना फालतू की ठीक है मेरी बात सुनो आप सवालों से मु कर रहे हो आप सवालों का जवाब नहीं दे रहे है बताइए बताओ बताओ हमको बताओ यदि आपको है तो ब्रह्मा वि क्या पूछो पूछो क्या बताना है ब्रह्मा विष्णु महे पिता कौन है और देवी दुर्गा जी का पति कौन है आप य बता ये मुझे बता दो कबीर का पिता कौन है
01:05:33:10 नहीं ये बात आप नहीं क्या है क्या है आपने एक भी परमाण बात नहीं की तो आप बताइए ना कौन बया मैंने पूछ मैंने जब पूछा कि वेदों में प्रमाण कहा है कबीर भगवान है आपने प्रमाण दिया क्या हमने चलो हमने बता दिया आप ज्ञान गंग पुस्तक पढ़ लेना ठीक है अच्छा अच्छा जन पुस्तक आपका जवाब है ज्ञान गंगा पुस्तक आपने नहीं पढ़ी क्यारी बांगा पुस्तक आपने नहीं पढ़ी क्या वो तो पढ़ ली हमने तो लेकिन हमारी बा नहीं पता है पढ़ ली है तो आप मुझे बताओ ना हमारी बात का जवाब तो दो जो हमने पूछा है उसका तो मैं दे तो रहा हूं भगवान का कोई पिता नहीं होता कोई पिता नहीं है
01:06:23:27 उनका ठीक है ठीक है आप जाइए बाय सुनो सुन ये हां भाई जितेश जी आप आएंगे जय श्री राम जय श्री राम कहां से है जितेश जी मैं हरियाणा से हरियाणा से आप रामपाल जी को मानते हैं हां मैंने उनसे नाम दि ली अच्छा तो मुझे आप यह बताइए कि रामपाल जी के अनुसार ईश्वर है यह किस प्रकार सिद्ध होता है अब मैं जो जवाब दूंगा वो आपने जवाब दे चुके हैं फिर आप कहेंगे कि जो मैंने बोला वही आप बोल रहे हो नहीं नहीं नहीं नहीं आप वो आप जवाब अगर दे रहे हो तो आप हमें यह बताएंगे ये उन्होंने कहां पर कहा है आप जो जवाब मैं बता रहे हां उन्होंने अपने सत्संग में यह कहा है कौन सा सत्संग है अभी मेरे को एपिसोड काम करो सत्संग का कुछ डिटेल हमें बता दो हम चेक करेंगे उन्होंने ज्ञान दिया है कि नहीं उसके बाद आप ज्ञान दे देना कौन सा सत्संग है वो मैं आपको एपिसोड नंबर ढूंढ के बता दूंगा अभी मेरे को नहीं कर आप ऐसा करिए अभी थोड़ी देर के लिए जाइए आप ढूंढिए और उसको कमेंट कर दीजिए फिर आइए
01:07:39:12 कोई बात नहीं वो मेरे को आपसे कुछ सवाल करने हैं आप उनके जवाब दे दे तो मैं दूंगा आपको जवाब अभी आप पहले जो मैंने आपसे पूछा है उसका हमें लिंक दीजिए और आप यहां पर प्रमाण देने आए हैं मैं प्रमाण देने नहीं नहीं नहीं प्रमाण देने में नहीं आ तो आप ऐसा करिए आपके पास वो वीडियो है जिसमें उन्होंने भगवान है ये सिद्ध किया हो मैं आपका नंबर भाई साहब भाई साहब भाई साहब देखिए टॉपिक से हटके बात मत करिए मैं नहीं करूंगा आपके पास देखिए आपके पास वह वीडियो है आपकी जानकारी में जिसमें उन्होंने ईश्वर को सिद्ध किया हो है एक ही लाइन बोलने का मौका दे दीजिए बस बोलिए आपका आपका नंबर मेरे पास है मैं आपको नंबर नहीं य जनता को दिखाइए आप जाइए अभी हम आधे घंटे रुकेंगे आपके लिए आधे घंटे में हमें उस वीडियो का लिंक यहां दीजिए हम यहां जनता के सामने उसको सीधे प्रस्तुत करेंगे कबीर जी ने कहां पर ये सिद्ध किया है कि इस दुनिया में ईश्वर है वो वीडियो में दीजिए आप पूर्ण ज्ञानी है ना वो चलो सुनिए मेरी बात सुनिए यहां पे बात तो
01:08:49:14 सु बोलिए बोलिए हम चर्चा करने की तो बैठे हैं बात तो सुनिए आप मैं बिल्कुल आराम से या तो आप ये कहो कि आपको जानकारी नहीं है तो हम आगे चर्चा करें आपने ठोक के कह दिया कि हां दिया है और मैं वही जवाब दूंगा जो आपने दिया है तो अगर आपने ठोक के कहा है तो अब उसे सिद्ध करो पहले आप जाओ और ढूंढो हम लोग अभी हैं औरों से चर्चा कर रहे हैं हम आपका वेट कर रहे हैं आप 15 मिनट आधा घंटा ले लो हमें वो वीडियो दो जिसमें उन्होंने ईश्वर को सिद्ध किया है और कि आप जो है फोन उस फोन पर व कर देना और अगर आज की चर्चा में ना भी आ पाए तो आप व करना हमको के पर आपको फॉर्म मिलेगा फॉर्म भरना हम आपसे कांटेक्ट करेंगे फिर से आइएगा मगर अभी आपको आप यदि आप यदि यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने ज्ञान दिया है सत्संग में दिया है तो आप वो वीडियो हमको दीजिए जहां पर आपने वो ज्ञान देखा ठीक है अभी अभी के लिए जाइए और उसको ढूंढिए इससे आगे चर्चा कर सकते हैं इससे आगे तब करेंगे या तो आप अपनी इस बात को वापस लीजिए आपने जो बात बोली है उसको या तो सिद्ध करिए तब तो हम आगे बढ़े समझ
01:10:05:10 मैं ढूंढता हूं मैं आपको भेजता ठीक हां भाई अब है हमारे साथ सत्यम सक्सेना सात्विक इनमें से फोटो दिख रही है अमित दास की अमित दास जी जय श्री राम जी बोलिए कहां से मैं नोएडा से हूं अमित अमित नोएडा से अच्छा आप प्रमाण मांग रहे थे कबीर साब जी के भगवान होने का आपको प्रमा आप निकालिए सामवेद
01:10:46:11 [संगीत] कौन अलोक 30 अध्याय नंबर एक श्लोक [संगीत] 30 वेदों में मंत्र होते हैं श्लोक नहीं होते या तो मंत्र मंत्र अध्याय नंबर कौन सा बताया एक एक में शलोक मंत्र 30
01:11:39:25 इसकी बात कर रहे हैं क्या नहीं यह वाला नहीं है उसमें लिखा है कबीर अभी तोजा कभी र कबीर लिखा है कबीर या कबीर लिखा है हा कबीर अग्ने कवीर नहीं मुझे कबीर बताइए कहां लिखा है कबीर अगर कवि को कबीर कहा जाता है तो वह नियम बताइए किस आधार पर कवि कबीर बनता है ये तो ऐसे तो इन्होने भी दिया ऋगवेद भाई यहां पर लिखा है ना कबीर ये कबीर लिखा तो है ये मगर य कबीर में जो रा आया है जोय आया है वो विसर्ग संधि होने के कारण आया है और वास्तविक शब्द नीचे लिखा है कवि यह देखिए कवि लिखा है हा दिख रहा है कबीर नहीं है कवि है अब ये कवि कबीर कैसे बना इसके बारे में सिद्धांत दीजिए संस्कृत का
01:12:47:22 अष्टाध्यायी हो अमर कोष हो उसका जो प्रमाणिक हो ऐसे दीजिए आपने कवि का अर्थ कबीर वेदों में कहां लिखा है वो बताइए मुझे देखिए मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूं इस तर आप कोई भी बात कहिए आप कोई बात कगा पहले एक बात को खत्म होने दीजिए क्या वेदों में इस प्रकार का कोई प्रमाण है जहां से सिद्ध होता है हो कि कवि का अर्थ कबीर है उसके लिए मैं आपको अभी मतलब मेरे पास इस चीज का प्रमाण नहीं है मतलब मेरे को पता नहीं है मैं आपको बस एक छोटी सी बात कहना चाता या आपको एक मिनट यानी कि आपको यह नहीं पता है कि वेदों में प्रमाण है कि नहीं कबीर भगवान है कि नहीं प्रमाण तो है बट उसको जो मतलब सेटिस्फाई करने के लिए मेरे पास मतलब थोड़ा सा मेरे को रे भाई आप कह रहे हो प्रमाण है सेटिस्फाइड करने के लिए नहीं है मेरे पास ये कौन सी या तो नहीं है आपकी जानकारी में प्रमाण नहीं है ना आपकी जानकारी में क्या है तो मैं अब आपसे कहना चाहता हूं अगर आपको डिबेट करनी है तो आप फेस टू मतलब एक तरीके से बैठ के
01:14:05:25 कहीं और कोई है क्या भाई साहब हम लोग बैठे हैं वेट कर रहे हैं आपके कमेंट का आप कमेंट करिए जितेश जी जहां पर पूर्ण ज्ञानी तत्वदर्शी संत रामपाल जी ने यह सत्संग में बताया हो कि ईश्वर हैय किस प्रकार सिद्ध होता है अथवा वेद में कबीर है कबीर कहां लिखा
01:14:50:09 है 464 लोग लाइव देख रहे हैं बताइए कहां लिखा है कबीर भगवान है कोई आया क्या सत्यम सखना जी आप अपना चेहरा दिखाए तो हम आपको ऊपर ले और ये दीपक जी अपना पेस रिवील करें तो हम आपको ऊपर लेंगे अन्यता आपको हटा दिया जाएगा हटा दीजिए भैया इनको यह फेस नहीं दिखा रहे दीपक
01:15:36:28 जी किक फ्रॉम स्टूडियो आकाश तिवारी जी जय श्री राम ठीक राम राम आप कहां से हैं अपना परिचय दीजिए मैं यूपी औरैया से हू आ अभी आपकी डिबेट चल रही थी आप यह कह रहे थे कि वेदों में कबीर का क्या प्रमाण [संगीत] है हम भी संत रामपाल जी महाराज के शिष्य है कब लि आपने नाम दीक्षा हमने नाम दीक्षा ली थी 2013 में
01:16:27:19 ठीक है आप तो काफी मतलब सीनियर है इसका अर्थ तो अब मुझे आप बताइए कि वेदों में कहां प्रमाण है कबीर भगवान और आप अपना टीवी बंद कर दीजिए आपकी आवाज आ रही पीछे टीवी की टीवी नहीं ब मोबाइल मोबाइल चल रहा हैब ऐसा कर आप सुनिए आप कपड़े भी पहन ली थोड़ा सा एक अच्छा कंटेंट नहीं जाता है आप टीशर्ट पहन लीजिए कैमरे के सामने आएंगे ना तो टीशर्ट आप डाल लीजिए कम से कम ठीक है
01:17:29:09 बताओ इतना हल्ला मचा रखा है जब पूछने पर आते हैं कहां लिखा है कबीर भगवान है तो यह वो यह वो इस तरह से बात होती [संगीत] है कांत कुमारी आप इनको भाई ऐड करो आप लिंक दे दो इनको ये ऐड हो चेहरा दिखाना होगा ये ध्यान रखिएगा लिंक दे दिया गया
01:18:17:27 है जी वंदना जी जय श्री राम श्री हरिवंश एक्चुअली मेरा विरोध नहीं है आपसे को मैं तो आप लोग के चरणों की धूल हू नहीं ऐसा मत कहिए हम निमित मात्र है गुरुदेव के अल्पज्ञ शिष्य है और आपका नाम पढ़ने से हमने जान लिया कि आप हमारी साइड के लोग आपने जो नाम लिखा है उससे ही हमें समझ में आ गया कि आप हमारी तरफ विरोध नहीं है जी बताइए नाचुली मैं कुछ दिन से आपके लाइव स्ट्रीम देख रही हूं सीरियसली बहुत अच्छा लग रहा है मुझे देख करके कुछ टाइम से एक मैंने आपको मैसेज भी किया था मेरे शरीर के भैया के बारे में कि उन्होंने मुझे बहुत ज्यादा मतलब सालों से टॉर्चर किया एक तरह से मान लीजिए टॉर्चर किया मतलब एक एक दिन में उनके 50 100 प्लस ऐसे मैसेजेस मुझे आते हैं कि मतलब तुम काल की पूजा करते हो तुम काल को पूछते हो तुम भगवान को नहीं मानते हो परमात्मा को नहीं मानते हो एंड मुझे ऐसा लगता था कि मतलब मैं किसको बोलू जाकर के मेरे साथ जो क्योंकि मैंने सारे शास्त्र नहीं पढ़े हैं सारी नॉलेज मुझे नहीं है मैं भी नई नई भक्ति में आए हू जस्ट शुरू कि महाराज प्रेमानंद महाराज जी को सुनना तो बहुत सारे क्वेश्चन के आंसर मैं नहीं दे पाती थी तो मुझे लगता था कोई हो जिससे मैं जान सकू एंड सीरियसली
01:19:33:03 आपके लाइव स्ट्रीम्स देखने के बाद मुझे बहुत सपोर्ट मिला है बहुत नॉलेज मिल रही है आपकी वीडियोस से सब कृपा है गुरु गोविंद ग्रंथ की कृपा मात्र बस और कुछ बिल्कुल पर कुछ पॉइंट्स मैं ऐड करना चाहती हूं प्रभु जी अगर आपको सही लगे तो आप वो क्वेश्चन उन लोगों से पूछ सकते हैं कि जैसे मब ये जो थंबनेल भी है ना कि क्या वो नास्तिकों का खंडन कर सकते हैं बट जितना मैंने देखा है ना वो लोग आस्तिक का खंडन करते हैं मतलब हम किसी को भी पूछे अगर हम कृष्णा जी को पूछ रहे हैं तो वो उनके अगेंस्ट बोलेंगे अगर हम शिव जी को पूछ रहे हैं तो वो उनके अगेंस्ट बोलेंगे माता रानी के अगेंस्ट तो अगर कोई आस्तिक है तो उनको ये नहीं है कि ये किसी भी स्वरूप के थ्रू एटलीस्ट भगवान से जुड़े हैं उनको ये है कि आप किसी को मत पूछो आप सबको छोड़ दो आप सिर्फ हमारे ही मतलब जिसे हम परमात्मा कह रहे हैं जिसे हम भवान क रहे बस उनको पूजिए एंड सेकंड थिंग की कबीर पंथ में ही दो तरह के लोग हैं एक है जो कबीर को परमात्मा मान रहे हैं दूसरे हैं जो कबीर को परमात्मा नहीं मान रहे हैं एक जो उनके आदर्श एक जो उनको आदर्श बना के चलते हैं कि उन्होंने जो शिक्षाएं दी उनके अनुसार चलते हैं उनको नमन है उनको नमन है जी इस तरह का भी है कबीर
01:20:48:03 पं जो कबीर जी ने जो ज्ञान दिया है भक्ति के निमित्त और भगवान की वो उनको आदर्श बनाकर चलने वाला एक पंथ है वो कबीर पंथ है मगर इनके कारण वो बदनाम हो जाता है अगर कोई बताता है कि हम कबीर पंथी है तो वो पहले रामपाल दास जी से जोड़ कर के उन्हें देखा जाता है जी एक्चुअली भैया के साथ भी था उनका भी जैसे मुझे जहां ल टोटल ब्रेन वश हुआ है क्योंकि पहले वो भगवत गीता पढ़ते थे मेरी शादी के पहले और कृष्णा जी को ही परम भगवान मानते थे फिर उन्होंने धीरे धीरे रामपाल को सुनना स्टार्ट किया मैं उस टाइम मुझे ज्यादा नॉलेज तो नहीं थी मैं इसन समय उतना जानती भी नहीं थी बट मैं ये देखती थी कि वो रामपाल जी के कुछ वीडियोस देखते थे र जी भी मैंने गलती से लगा दिया हैट है बट ऐसे लोगों के एक्चुअली मैं जी लगा नहीं सकते जो मेरे भगवान के अगेंस्ट बोलते हैं तो रामपाल के वीडियोस देखते थे और फिर देखते देखते आई डोंट नो उन्होने कभी कबीर को भगवान माना या नहीं माना बट अभी एक तीसरा निकल के सिस्टम उनसे मैंने देखा है कि वो मतलब कबीर को तो भगवान नहीं मानते बट जो हमारे जो ऑलरेडी भगवान के अलग अलग स्वरूप है महादेव जी है कृष्णा जी है इन लोगों को भी भगवान नहीं मानते इन लोगों को सीरियसली वो बारबार एक ही चीज स्ट करते हैं कि तुम लोग काल की पूजा करते हो कृष्णा जी ने कहा है कि वो काल है वो सबको खत्म करते सृष्टि को खत्म कर देते हैं वगैरह एक्
01:22:03:04 चीज बोलते हैं और तुम लोग उनकी पूजा करते हो और कबीर ने मतलब इन लोगों की कभी भक्ति नहीं की थी ये सब झूठ फैलाया गया है इस तरह की बातें हमेशा मुझे बोलते हैं और कहते हैं कि कबीर को मानते थे आप कभी उनको यहां ले आइएगा किसी प्रकार किया था मैंने कहा कि मैंने कहा आपको अगर आप मुझे इतने सालों से परेशान कर रहे हैं आप ये जानते मेरे पास हर चीज का जवाब नहीं है आप उनके पास जाइए उनके पास तो हर चीज का जवाब है उन्होंने सारे शास्त्र पढ़े हु मैं जब छोटा था मैं मैं रहा हगा 14 साल का था मैं तब पहली बार मैं इनसे टकराया था रामपाल के लोगों से जी और इन्होंने मुझे बैठ के सुनाना शुरू किया गीता अध्याय शायद थोड़ा 15 16 कराऊंगा तो इन्होंने मुझे सुनाना शुरू किया कि गीता अध्याय उसमें इनके बिल्कुल रटी हुई लाइन होती है आप कभी देखना जो रटा हुआ व्यक्ति होता है वो क्या करता है जब भी उससे प्रमाण पूछोगे जैसे मैंने अभी बोला कि भाई मंत्र नंबर बताओ तो वह शुरू से बताएगा पीछे से मंडल नंबर इतना सक्त नंबर इतना और मंत्र नंबर इतना वह ऐसे बताएगा वह क्रम नहीं तोड़ सकता बीच में से नहीं जैसे कई बार हम फोन नंबर याद करते हैं ना 998346 ऐसे हमने याद किया तो
01:23:18:16 अगर हमसे पूछा जाए लास्ट में क्या था तो हम लोग उस तक आने के लिए पीछे सेही क्योंकि हमने रटा है नहीं है व हम पीछे से ही स्टार्ट कर 918 314 सि से लास्ट तो सिक्स को जानने के लिए हमें दोबारा पीछे रट्टा मारना पड़ा तो यह इनका हाल है कि इनसे जब भी आप प्रमाण पूछोगे तो पीछे से आएंगे तोय अपने रटे रटा वो लाइने हमको बोल रहे थे तो मैंने इनसे एक प्रश्न कर दिया वही मैं छोटा था मुझे तब गुरु गुरुदेव का सानिध्य नहीं था बस राम जी के प्रति जो अपार श्रद्धा थी वो थी पूर्व जन्म के कुछ संस्कार रहे होंगे कि ऐसे माता पिता यहां पर जन्म मिल गया कि बचपन से राम और भगवान श्री कृष्ण इन सबके बारे में इनके दर्शन हो गए इनकी प्रतिमाएं देख ली वो एक वो था पूर्व जन्म का वो प्रारब्ध तो मैं मतलब बचपन में भी कट्टर टाइप का रहा कोई मेरे सामने कैसे इनका खंडन करेगा तो मेरे पास कुछ नहीं था तो मैंने उनसे कहा जब वो मुझे सब समझाने लगे मैंने कहा आप तो बहुत ज्ञानी है बोले हां तो मैंने उनको हिंदी मेरी अच्छी थी हिंदी अच्छी थी तो मैंने उनको कहा अपान वायु का अर्थ क्या है उस उनकी उस वो जो मुझे बता रहे थे उसमें कहीं पर अपान वायु लिखा था अब अपान वायु का अर्थ
01:24:33:22 जल्दी जल्दा कोई सामान व्यक्ति बता ही नहीं सकता मैंने कहा यदि तुम ज्ञानी हो तो अपान वायु का अर्थ मुझे बताओ क्या है तभी तो तुम मानोगे तुम जो इसमें बता रहे हो वही है जो तुम बता रहे हो नहीं बता पाए अपान वायु का अर्थ होता है इंग्लिश में फार्ट कहते हैं जो गैस वैस पास होती है गैस बन जाती है शरीर उसको वायु कहते हैं शुद्ध हिंदी आप सोचिए कितनी अलग टाइप की मैंने उनसे चीज पूछी क्योंकि सामान्य चीज तो है नहीं हम लोग सामान्यत उसको कुछ और ही कहते हैं तो अपान वायु का अर्थ नहीं था इस और एक बार की बात है मैं गया था अपने फिटनेस प्रोग्राम के लिए वहां पर तो वहां पर यह लोग अपनी वो लगाए थे दुकाने य वो तो मैं अकेला था वहां पर और वहां पर कई लोग आए हुए थे हिंदू हिंदू जो अंदर जॉगिंग वगैरह कर रहे थे और जैसे ही मैंने इनको देखा तो मेरा दिमाग थोड़ा अल्टर हो जा जाता था तो मैंने तुरंत इनको देखा और मैंने कहा मैं अकेला कैसे करूं क्या करूं ये तो आज अगर इन्होंने अपनी 10 किताबें भी सेल कर दी तो उनमें से दो को तो आज ये ब्रेन वॉश कर ही देंगे तो मैं क्या करूं तो मैंने उनकी बातों को ऐसे पढ़ के चालू ऐसे पढ़ना चालू किया कि लोग भी सुने तो मैंने ऐसे चालू किया अरे ये तुमने क्या लिखा है इसमें दुर्गा का पति ये है
01:25:49:01 मतलब लोग सुने जो पीछे हो और ऐसे ऐसे करके मैंने बोलना चालू किया वो बहुत खराब लाइंस है जो इनकी वो बहुत हृदय को दुख दुख देने वाली पंक्ति जैसे अभी जो व्यक्ति आया था उसने भी जब उसके पास कोई बात नहीं बनी तो वो चुभने वाली बातें बोलने लगा तो मैंने यह बातें करना शुरू की तो वहां पर एक दो मातृ शक्तियों को हिट हो गई वो लाइन और फिर उन मातृ शक्तियों को हिट हो गई तो पीछे से दो तीन लोगों को और हिट हो गई फिर पीछे से दो तीन लोगों को और हिट हो गई ऐसे करके वहां पर पूरा जमघट लग गया और 15 मिनट के अंदर उनके वो जो ग्रंथ इत्यादि थे उनको धक्का का मार के उन लोगों ने पटक दिया यह कर दिया और वहां से उनका जो तंबू कनाथ था वो खड़ गया यह हुआ उस समय यह जब मैं छोटा था तो मैं अपने सामने यह चीजें बिल्कुल भी वो नहीं ले पाता हूं कि कोई हमारे धर्म का हमारे ईश्वर का खंडन कर सके जी बक राम कृष्ण का खंडन कर सके बिल्कुल नहीं पीछे पड़ जाऊंगा झूटे की हद तक और चोर के घर तक जाएंगे मैं तो ख बक ब फैमिली म पेरेंट्स की वजह से करना पड़ता है फिर बट जैसे मेरे कजन भी है वो कहते हैं जैसे कोई माता जी के उपासक है कोई महादेव जी के वो कहते हमें भी मैसेज करते रहते हैं और उनकी
01:27:04:02 एक ना मतलब मनमानी कहानी है एक कि परमात्मा से सभी जीवात्मा प्रकट हुई फिर उनसे काल प्रकट हुआ उस काल ने सभी जीवात्मा को परमात्मा से अलग कर दिया अरे उसम दुर्गा माता को बहुत ही गलत तरह से प्रस्तुत किया है उन्होने वो तो चीज आवाज उठाने लायक है जैसे कुछ संगठन की शक्ति होगी तो वो भी करेंगे मगर बहुत गलत तरीके से प्रस्तुत किया है ही सब चीज खराब लगती है आप काकार को मानिए या निराकार को मानिए बट एटलीस्ट जो मान रहे हैं आप उन्हें मतलब इस तरह से और शास्त्रीय प्रमाण हमारे पास है आपके पास तो प्रमाण भी नहीं है किस बेस पर मतलब वही चीज खराब लगती है कि ये लोग अपनी मनमानी स्टोरी के बेस पर लोगों के सेंटीमेंट्स को उनकी भक्ति भावना को हर्ट करते हैं एक मिनट ज जितेश जी वापस आए जरा आप यहीं पर रहिए जाइए नहीं मैं उनको एक मिनट ले लू उनसे पूछ लू वो क्या लेके आए हैं
01:27:59:06 हां जितेश जी वो वीडियो मिल गया आपको मैंने आपको वीडियो भेज दिया है और वो वीडियो का लिंक आपने यहां पर कमेंट किया है क्या हां हां कर दिया मैं एक बार और कर दीजिए जरा मैं एक बार और कर देता हूं मैं यह कह रहा था शीमा जी कि आप मेरे बस कुछ प्रश्न है ना मैं कोई प्रमाण की बात कर रहा ना मैं मैं आपको पहले यह बता देता हूं कि मैं अभी किसी भी पद्धति पर अंधविश्वास टाइप से भरोसा नहीं कर रहा हूं बस मेरे कुछ प्रश्न है जो मैं जानना देखिए अगर आपने आपने हमें वो वीडियो दिया है तो आप पहले मुझे बरा भेज दिया मैं मैंने दोबारा ही भेज दिया अच्छा भेजा है उसमें क्या हेडिंग है उसमें क्या लिखा है हेडिंग क्या है उस वीडियो की अब मुझे दोबारा जाके देखना पड़े मैंने लिंक भेज दिया आपके अच्छा ठीक है ठीक है अगर हम बाद में बता देंगे कि आपने हा आप बताइए आपका एक प्रश्न ले लेते हैं क्योंकि बहुत सारे लोग हैं हा बस एक ही प्रश्न क्या है
01:29:14:13 इसमें इसमें जैसे हां मैं आपको बताता हूं इसमें जैसे आप कहते हैं कि भूख होने से खाना सिद्ध होता है आप यह बात बोलते हैं ना और जैसे आपने बोला कि सत चित आनंद की हमारे अंदर तृष्णा है उससे भगवान की उससे भगवान स्थापित होते हैं तो उस वीडियो में यही बताया गया है कि जो आदमी है वो ना कभी मरना चाहता है ना बूढ़ा होना चाहता है ना वो यह चाहता है कि उसको कोई ठीक है मगर क्या उन्होने इस शास्त्रों का उन्होने इसम उन्होंने इसमें शास्त्रों का सहारा लिया है नहीं शास्त्रों का सहारा नहीं लिया मतलब उन्होंने अपने आप बताया उन्होंने शास्त्र का आधार लेकर नहीं बताया है इसमें उन्होंने शास्त्र का आधार लेक नहीं बताया ठीक है बस हां यही मुझे जानना था हां आपका प्रश्न क्या है एक प्रश्न कर लीजिए हां एक ही प्रश्न है जैसे आप कहते हैं कि भगवान ने जो सृष्टि का निर्माण किया हां वो बस ऐसे ही किया हां कि उनका मन हुआ उन्होंने कर दिया उनका बिना किसी
01:30:29:20 इच्छा के बिना किसी प्रयोजन के इच्छा भी नहींन आप प्रयोजन मान लोगे तो वो बाध्य हो जाएंगे मैंने आपके वो वीडियो देखे मैं आपके वीडियो काफी दिनों से देता आपको एक उदाहरण दे दू जैसे आप जब बात कर रहे हो ना मुझसे तो आप बात करते टाम मैंने बकुल मैंने आपके सारे वीडियो देखे हैं जी और मैं ये बात कह रहे हैं वो बात वहां तक सही है कि हा उनका मन हुआ वो भगवान है हम कहां सवाल उठाएंगे भगवान उनका मन हुआ उन्होने कर दिया और वो सर्वशक्तिमान है तो उन पर यह कह देना उन्होंने यह क्यों किया वहां तो बात ही खत्म हो जाती है फिर तुम भगवान को ही नहीं मान रहे भगवान सर्वशक्तिमान उनका जो मन हुआ उन्होंने कर दिया वो जो चाहे वो कर सकते बताए हा मेरा प्रश्न ये है मेरा प्रश्न यह है कि जैसे जब मोक्ष की बात आती है तो मोक्ष क्या है कि हम जाके भगवान को प्राप्त कर लेंगे तो वहां पर मेरा प्रश्न यह आता है कि अगर भगवान का दोबारा मन हुआ कि मैं फिर से सृष्टि बनाऊ तो मैं फिर यही आ गया आप थोड़ी ना आए भगवान आया
01:31:45:18 ईश्वर आए जैसे अब मैं हू इसको ऐसे समझिए कि जब आप कभी फिल्म देखते हैं हा तो आप सुखी होते हैं कि दुखी होते हैं अंततोगत्वा वो तो कई बार फिल्म पे निर्भर करता है अगर दुख करने वा ठीक है फिल्म से आप अटैच हो गए आप रो भी लिए अंत तो गत्वा क्या होता है आनंद हां मतलब फिल्म है तो मनोरंजन के लिए बिल्कुल सही हां तो इसका मतलब वो जो ब्रह्म है वो कभी भी अधीन नहीं होता है वो अगर अपनी माया में कल्पित हो रहा है तो वो अधीन हो रहा है क्यों नहीं होता है इसका एक बहुत अच्छा वो है उदाहरण कि फिल्म जो होती है उससे कभी भी आप बाहर आ सकते हो ये आपको पता होता है बिल्कुल सही बिल्कुल आपको पता होता है कि ये नकली है ठीक है ठीक है ठीक बकुल इसका मतलब क्या है कि आप जब ईश्वर में ईश्वर तोव को प्राप्त कर लिया तो आप थोड़ी ना आ रहे हो ईश्वर आ रहा है आपको तो ईश्वर मिल गया सुकून मिल गया आपको हम है ना हम पर जैसे मैं अब हूं इस दुनिया में अभी भी तो मेरे अर ईश्वर का ही अंश
01:33:00:19 है ना ईश्वर ही कल्पित हुए हैं वही जीव भाव को प्राप्त हो जाते हैं यह जो सच्चाई है यह मनुष्य की दृष्टि से नहीं है ये मुक्त की दृष्टि से ब्रह्म की दृष्टि से सच्चाई है मनुष्य की दृष्टि से मनुष्य की दृष्टि से आप अलग हो ईश्वर अलग है हमारी जानकारी बक बिल्कुल सही वो बात बिल्कुल सही है तो वहीं पर मेरा वहीं जाके मैं थोड़ा मतलब अब खुद को क्लियर नहीं कर पा रहा वहां प वो बताइए क्वेश्चन बताइए जैसे जब मैं अब भगवान का जब मन होगा तब भगवान मेरे को बुला लेंगे ठीक है कि भाई आ जाओ और हम फिर से भगवान में मिल जाएंगे जब उनका मन होगा जब मेरे वैसे कर्म होंगे जब मैं उतनी भक्ति करूंगा जब मेरे वैसे कर्म होंगे और जब भगवान की इच्छा होगी तब मैं भगवान में जाकर मिल जाऊं ठीक है कह सकते हो भी कह सकते हो व्यवहारिक व्यवहारिक रूप से कह सकते हो हम तो सब व्यवहारिक ही बातें कर रहे हैं तो व्यवहार के रूप में ही है और जब भी हम भगवान श्री कृष्ण या राम जी की बात करते हैं तो वह व्यवहारिक बातें ही क्योंकि एक्चुअल में जो सर्वशक्तिमान भगवान है वह तो ना कभी दुखी होंगे ना वह किसी से लड़ाई उनको लड़ाई करने की जरूरत ही नहीं
01:34:15:19 है उनको तो जो चाहे वह कर ही सकते हैं तो सारी बातें व्यवहारिक ही हो रही है ना तो मान लो लो की मैंने अच्छे कर्म किए मैंने भक्ति भी की भगवान की और भगवान की कृपा दृष्टि हुई और उन्होंने मेरे को मोक्ष दिया कि मैं दोबारा से भगवान में जाकर विलय हो गया ठीक फिर उनका उनकी दोबारा इच्छा हुई और दोबारा सृजन किया उ उन्होंने सृष्टि का मैं फिर से व्यवहारिक जीवन में यहां आ आप नहीं आए यही दिक्कत है यही पर दिक्कत है यहीं पर दिक्कत है जो आपका अस्तित्व था वो ब्रह्मवर्त हो गया अब आप नहीं आ रहे हो अब वो अब वो उनकी मर्जी है कि अपने किस अंश को वो जीव भाव प्राप्त कराए आप थोड़ी ना आ रहे हो दोबारा से जो आपका नाम क्या जितेश दोबारा से जितेश वाला जो वो है अविद्या से युक्त जो चेतना है वही की वही थोड़ी ना आ रही है फिर तो ब्रह्म है दोबारा से अपना बना वो जो जितेश का जो वो था वो तो ब्रह्म युक्त गया ना तो ब्रह्म में लीन हो गया पर वो तो ब्रह्म की इच्छा ना उन्होंने दोबारा उसी अंश को वापस
01:35:30:20 निर्माण में दे वापस व्यावहारिक जीवन में डाल दिया भगवान है ना वो कुछ भी कर पहली बात वो अंश वो अंश कोई फिक्स थोड़ी ना है हम आप जब उस जब समुद्र के पानी में पानी की जो बूंद है वो वापस जाकर समुद्र में मिल गई तो आप क्या उससे निकाल सकते हो कि उसी बूंद को बाहर भेज दोबारा मैं तो नहीं निकाल सकता पर भगवान तो निकाल सकते हैं ना नहीं यही तो बात है परमार्थिक धरातल हां मैं बताता हूं इसको बता रहा हूं आपको सुन लिए परमार्थिक धरातल पर भगवान का सुनिश्चित होना सीमित होना निश्चित होना केवल एक होना जैसे भगवान क्या अपने जैसा दूसरा ईश्वर बना सकता है नहीं परमार्थ में परमार्थ में दो धरातल है दो पर्सपेक्टिव आपने कहा आप मेरे वीडियो देख के आए हैं नहीं आए नहीं आपने दो पर्सपेक्टिव बताए हैं परमार्थ बताया व बता देखिए आप मुझे पूरा बोलने दीजिए हां बोलिए परमार्थ में ईश्वर के निश्चित होने के कारण हम उसके प्रति अनास्ता वान नहीं हो सकते हैं क्यों नहीं हो सकते हैं क्योंकि हमें परमार्थ की जानकारी ईश्वर को ईश्वर मानने के बाद मिलती है जब हम व्यवहार में किसी को ईश्वर मान लेते हैं तब हमें पता चलता है कि एक दुनिया और है परमार्थिक दुनिया
01:36:46:04 तो अगर हमने परमार्थिक दुनिया की किसी गतिविधि के कारण ईश्वर को नकार दिया फॉर एग्जांपल कि हम ईश्वर को नहीं मानते फिर आपसे पूछा जाएगा आपने ईश्वर को क्यों नकारा तो आप कहोगे क्योंकि व परमार्थिक धरातल पर बाध्य है व्यवहारिक में नहीं है परमार्थ में बाध्य है तो फिर प्रश्न ये बनेगा कि परमार्थ है यह सिद्ध कहां से हो रहा है जब ईश्वर ईश्वर ही नहीं है तो उसके द्वारा बताई जाने वाली दुनिया कहां से सिद्ध हुई बिल्कुल सही है समझ रहे हैं ना तो यह ठीक इस प्रकार से है जैसे कोई व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि
✅ This part is already used · 01:37:19:10 – 01:37:28:14 (0:09)
→ Used in: B · Live शंका समाधान #iskcon #aryasamaj #atheist at 1:23:09 ↗
01:37:19:10 मैं किसी की आवाज देने से जाग गया क्यों क्योंकि यदि वो सो रहा है तो उसका सुनना सिद्ध नहीं होता और अगर वह सुन रहा है
⬜ Not used yet · 01:37:28:14 – 02:43:00:00 (1:05:32)
01:37:28:14 तो उसका सोना सिद्ध नहीं होता तो यदि कोई व्यक्ति य यही पे मेरा एक सवाल है य एक मिनट यदि कोई यदि कोई परमार्थ को मानता है कि परमार्थ है तो उसका ईश्वर को ना मानना सिद्ध नहीं होता और यदि कोई ईश्वर को नहीं मानता है तो उसका परमार्थ परमार्थ को मानना सिद्ध नहीं होता तो परमार्थ में ईश्वर ईश्वर की जो ईश्वर है व्यवहार का विषय है ही नहीं परमार्थिक वो केवल प्राप्ति का विषय है तो परमार्थ में वो ये नहीं कर सकता वो माया से ग्रसित होता है वो ऐसा करता है वैसा करता है कुछ भी करता हो उसके आधार पर हम उसे नकार नहीं सकते यहां के आधार पर किसी को ईश्वर ईश्वर को ईश्वर माना जा सकता है तो मनुष्य ईश्वर उसी को मानेगा जो व्यवहार में कुछ भी कर सकता हो कबीर पंथ के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वो व्यवहार में बाधित है वो अपनी देह का नाश नहीं कर सकता वो अपने जैसा दूसरा अपने जैसा दूसरा ईश्वर नहीं बना सकता तोर बा है वहां पे लोगों की समझ कम है या तो भगवान मान ही नहीं रहे जब किसी एक्स वाई जड किसी को भी आपने भगवान मान लिया तो वहां पर सर्वशक्तिमान तो आपको तो पहले क्लियर करना चाहिए था कि आप जो
01:38:43:15 है संत रामपाल जी के फॉलोअर नहीं है हम आपको भेजते ही नहीं वापस प्रमाण लाने के लिए कोई मैं मैं वो बात देखिए एक एक आपने जो भी तर्क दिया कि सोना सिद्ध नहीं होता कोई भी आदमी सो रहा है जो आप तर्क दे रहे उस हिसाब से कोई आदमी सोता ही नहीं है कभी क्योंकि सोते हुए आदमी को कोई कितना ही गहरा सो रहा है उसको आवाज देक तो जगा ही जा सकता है पर इससे आप य क आपको बताता हूं मैं आपको बताता हूं शब्द में एक अचिंत शक्ति होती है जिसको डिफाइन नहीं किया जा सकता है अनिर्वचनीय शक्ति तो यहां पर तो हमें तब भी मालूम है कि भैया हम जगे तो इसी की वजह से हैं शब्द की वजह से ही जगे हैं मगर हम सिद्ध नहीं कर सकते मगर वहां पर तो परमार्थ का बिल्कुल भी अस्तित्व नहीं है बिना भगवान को स्वीकार स्वीकार अगर एक भौतिकवादी है नास्तिक है सोचो जो भगवान को नहीं मानता क्या वो स्वर्ग को मानता है क्या वो बैकुंठ को मानता मानता वो तो कि नहीं मानता जब उसकी यही यात्रा खत्म हो गई ईश्वर को मानने की तो परलोक मोक्ष ये सब खत्म बिल्कुल वो अपने वो अपने कुल मिला कर के ईश्वर वही है जो मनुष्य दृष्टि से सोचा जा
01:39:58:18 सकने वाला कोई भी कार्य कर सकता है इसीलिए भगवान राम के रूप में जन्म भी लेते हैं कृष्ण के रूप में अपनी देह का नाश भी करके दिखाते हैं और इसके बाद वो विभिन्न ऐसी लीलाएं करके बता देते हैं कॉलर पकड़ पकड़ के हिला हिला के बताते हैं व्यक्ति को कि मैं ईश्वर हूं और मैं कुछ भी कर सकता हूं बिल्कुल भगवान है वो कुछ भी कर सकते वो सर्वशक्तिमान तो हो ही नहीं सकता कि वो यह क्यों कर रहे हैं या ये नहीं कर सते वहा वो बात बिल्कुल सत्य है उसमें कोई दोराय है ही नहीं जो वहां पर जो किसी भी कारण भगवान को बाधित कर रहा है अगर कोई ये कहे कि हमारा जो कबीर है वो भी परमार्थिक धरातल पर बाद नहीं यह लोग खुद कहते परमात्मा सीधे वहां से उठके य आया है ना तो जैसे ही आपने पार मर्थ ईश्वर के रूप को व्यवहारिक कर दिया जैसे कन कहता है कि कृष्ण जी सीधे वहा से यहा आ गए अवतार नहीं लिया सीधे आ गए तो जैसे ही आपने परमार्थ को व्यवहार में आ सकने वाले रूप में बना दिया वैसे ही आप वादित कर देंगे वो अपनी दे का नाश नहीं कर पाएगा कर देगा तो वो ईश्वर का अंतिम रूप नहीं कहलाएगा बिल्कुल ये बात ये बात इसलिए ये सभी जो ईश्वर है दूसरे जो अलग-अलग विचारधाराओं से प्रतिपादित
01:41:13:24 हो रहे हैं ये बाधित हो जाते हैं और जो भी शंकराचार्य जी का ज्ञान है वो इसलिए नहीं है कि हम ईश्वर के जो है इस रूप को नहीं मानते उनको ईश्वर की सर्वशक्ति मत्ता की रक्षा करनी थी इसलिए उन्होंने वह सारा ज्ञान विज्ञान जो लुप्त हो रहा था होने के कगार प था उसको पुनर उद्भाव से भी हमें वार्ता करनी है तो आप फिर किसी दिन आ आइए आप फम भगा आपसे बात करके अच्छा लगा आप मुझे बता दीजिए कि इस दिन आप हमसे बात कर सकते हैं मैं आपसे थोड़ी सी बातचीत करना चाहता हूं बस मेरे ख्याल से आप जो है मेरे ख्याल से आप जिज्ञासु है आप हमारे वो नहीं है प्रतिद्वंदी आप जिज्ञास किसी के नहीं है बक हा तो आप हमारी क्लासेस लगती है हर शनिवार रात 9 बजे उसमें आइए आप जब इस तरह से वार्ता होनी है तो वहां के लिए पर्याप्त है वो आपको सारी चीजें समझ में आ जाएंगी आपके जितने भी क्वेश्चन होंगे अगर हमें भी नहीं आता होगा आचार्य श्री से गुरुदेव से ला ला के आपको बताएंगे बिल्कुल जो अकाट्य सार्व सिद्धांत होंगे वो आपके सामने रख दिए जाए उस क्लास में आने का तरीका
01:42:31:07 74836 इस आप कर इस इस आपको फॉर्म मिल जाएगा ट करने पर ठीक है तो मेरा एक सवाल है उस कक्षा में भी ऐसे मतलब सवाल जवाब होंगे या वो बस शिक्षा देंगे और हमको सुनना है नहीं नहीं नहीं सवाल जवाब भी होंगे सवाल जवाब भी होंगे आपकी शंका वो उनका निदान किया जाएगा ठीक है ठीक जय श्री राम जय श्री जी वंदना जी जी रोचक लग रहा है आपको जी बिल्कुल बहुत कुछ जानने को मिलता है सीखने को मिलता है अच्छा लगता है यही चाहिए था कि कोई हो जो मतलब ये चीजें क्लियर करें तो बहुत लोगों को भ्रमित किया जा रहा है जी जी की कृपा है कि जैसे आप जैसे लोगों से ज्ञान मिलता है महाराज जी से ज्ञान मि गुरुदेव की कृपा है आपके जो गुरुदेव हैं वो बहुत परम पूज्य हैं और बहुत अच्छे हैं और और उनका उनका एक वो है कि आज हम और आप पीछे हमारे गुरुदेव का चित्र लगा है और आज उन्हीं की कृपा है कि हम और आप यहां एक जगह पर है तो ये क्वेश्चन एक मेरा रहेगा अगर आप मेरे साइड से पूछ सके उन कबीर पंथ से कि आपका जो ज्ञान जैसे आप बोल रहे हो कबीर जी से आया है तो इन्होने इन्होने
01:43:46:09 एक बात कही है कि उन्होंने खंडन किया है मगर वो शास्त्रोक्त खंडन नहीं है बाद का शास्त्रोक्त खंडन नहीं है अगर मैं ही नास्तिक बनकर उनके आसपास पहुंच जाऊंगा उसी बात में दोबारा अय उस वीडियो को देखकर कोई आ जाएगा और मैं नास्तिक बन जाऊंगा य मुझे चुप नहीं करा पाएंगे निरुत्तर नहीं कर पाएंगे क्योंकि शास्त्रोक्त खंडन नहीं है उसमें भी कभी कोई आएगा तो हम बात करेंगे खैर अभी हम लेते हैं जिनको भाई साहब को हमने भेजा था एड टू स्टेज जी आकाश जी
01:44:24:12 जी वेदों में प्रमाण कहां है कबीर साहब भगवान देखिए भाई जी पहले आपको एक बात सु आपकी बात हमने सुनी बहन जी की बात सुनी परमात्मा का जो विषय है आज आज बहुत विषय गंभीर हो गया है क्यों साब देखिए हमारे हम किसी और दिन आपसे चर्चा रख लेंगे एक घंटा 44 मिनट अभी हो चुका है हमें भी घर जाना है भोजन भोजन प्राप्त करना है भगवान के प्रसाद के रूप में भोजन करते हैं तो वो सब हमें करना है आप मुझे बता दीजिए अभी आपके पास कबीर भगवान है संबंध में प्रमाण है वेदों का देखिए कबीर साहब के कई एक प्रमाण है एक नहीं है कई एक प्रमाण है और हम आपको बता रहे हैं आपको देखिए पहला प्रमाण अब चकि आप यह कह रहे हो कि वो कभी ही कबीर को संस्कृत में कबीर देव के नाम से कहा गया है कुरान कबीर देव नहीं कहा गया कवि कहा गया है संधि होने के कारण रा आ रहा है क्या उस उस ग्रंथ का भाष्य आप मुझे दिखा दो जहां कवि का अर्थ कबीर
01:45:39:12 लिखा हो आप मुझे वो ग्रंथ दिखा दो आपके पास है मेरी एक बात समझिए देखो किसी चीज की महिमा उसके गुणों द्वारा उसकी पहचान यही तो हम लोग जानते साब आप कहते के गुणों की महिमा है कबीर भगवान है आप कहते हैं वेदों में प्रमाण है कबीर साहब भगवान है आप यह कहते हैं आप मुझे वेदों में प्रमाण दिखाइए हां तो वही तो बता रहा हूं आप ये आप आज से नारे को चेंज कर लीजिए कि भैया गुण और जो महिमा है वो प्रमाण है कबीर साहब भगवान है हमें कोई दिक्कत नहीं खूब कहिए आप वेदों में प्रमाण दिखाइए कहां है कबीर साहब भगवान अच्छा आप वो निकालिए कांड अनुवाद नंबर एक मंत्र नंबर सात हालांकि हम वेदों के विशेषज्ञ नहीं है लेकिन जो परमात्मा जितनी समझ दी है मालिक की दया से कौन सा कौन सा वेद है आप ये निकालिए अथर
01:46:37:06 वेद अवेद कौन सा अनवा नंबर एक मंत्र नंबर सात कांड नंबर कौन सा मंत्र नंबर सात अनुवा नंबर एक अनुवाद नंबर एक निकालिए आज देखिए आपको यही तो जब चर्चा होगी तभी तो सबको समझ में आएगा जो लोग नहीं समझ रहे हैं अनुवाद नंबर एक और मंत्र नंबर कौन सा बताया सात हां मंत्र नंबर सात है कांड नंबर चार इसमें पढ़िए इसमें कांड चार है रुक जाइए कांड चार है ना हां जी हां जी कांड चार और सूक्त नंबर नहीं पता सूक्त नंबर सूक्त सूक्त सूक्त पता है
01:47:46:06 हम एक मिनट इसमें कहां लिखा है अनुवाद नंबर एक कांड नंबर चार मंत्र नंबर सात हा इसमें क्या लिखा है क्या लिखा है आप ही बताइए पहले इसमें लिखा है हे निद्रा नींद के उपाय से सब जनों को सुला दे अन्य जनों को सूर्य उदय होने तक सुला दे मैं शूर पुरुष के समान नाश रहित और क्षय रहित होता हुआ जागता रहू हा तो बताइए फिर क्या लिखा है संस्कृत यो अथर वाणम पितम देव बंधु बृहस्पति नम साचा गच्छा आप मुझे सक्त नंबर बताइए लगता है मैं आपकी बताई हुई जगह पर नहीं हूं
01:48:55:01 एक चलो हम दूसरा सूक्त वाला ही हम निकाल ले अब इसमें मोबाइल में तो हमारे काफी पड़े हुए है अब हम ऐसे बता रहे दूसरा मत्र यह निकाल लीज इसम स नंबर फिर आपको ऋग्वेद मंडल नंबर न सूत्र नंबर 96 निकालिए आप और मंत्र नंबर 18 ऋग्वेद मंडल न सूक्त नंबर 96 मंत्र 18
01:49:56:10 देखिए परमात्मा कितनी सुंदर महिमा बताई गई है वह परमात्मा कबीर नहीं है व परमात्मा शिव है दुर्गा है व आप देखिए तो और उस क्या और भी हम प्रमाण देंगे मंडल नंबर मंडल नंबर न देखिए भाई साहब ऐसा है मैं बिल्कुल नहीं चाहता हूं कि यहां पर कोई ऐसा कं एक्स्ट्रा जाए जिससे कि लोगों में कोई भ्रांति फैले इसलिए विषय पर रहिए एक्स्ट्रा बात ना बोलिए ठीक है हम यहां आपका प्रचार करने नहीं बैठे हैं जो आप जितनी देर फ्री होंगे तो यहां देखिए कितनी अच्छी महिमा है य वो है हमें नहीं जानना है आपने प्रमाण बताया हम प्रमाण देख रहे हैं जी मंडल नंबर
01:50:46:16 न और सक्त नंबर सक्त नंबर अभी उन्होंने भी तो यही खुलवाया था अब तो मुझे धीरे धीरे र जाएगा वेदों में कहां क प्रमाण है कबीर भगवान नहीं है
01:51:22:21 वो तो होही जाएगा वो तो जो सच है वो तो प्रकाश होना ही होना है मंत्र नंबर 18 चाहे विरोध से हो चाहे साथ से हो बिल्कुल सही कह रहे हैं इसी प्रकार से प्रकाश हुआ है आपने ज जहां जहां क ब्रह्मा विष्णु महेश बमा विष्णु महेश इसी प्रकार उनका प्रकाश हुआ है है ना जैसे आपने विरोध से किया विरोध तो सत्य का हमेशा में विरोध होता है लेन वही तो किया वही रामपाल जी ने किया है ना सत्य का विरोध हा तो 18 नंबर पर आ गए हम इसमें क्या लिखा
01:52:08:13 है इसमें लिखा है ऋषि मनहा ऋषियों के समान मननशील ऋषि कृत ठीक है ऋषियों के समान कर्म करने वाला स्वरसा स्वयं प्रकाशी सहस्त्र नीत सहस्त्र स्तुति हों वाला कवि नाम पदवी कवियों का पद धारण करने वाला कवियों का पद धारण करनें की आचरण करने वाला कवियों की तरह आचरण करने वाला तो इसका मतलब वेदों में यह नहीं लिखा है कि कबीर भगवान है कवियों की तरह आचरण करने वाला भगवान है और अपना मल एक मिनट एक मिनट एक मिनट जो सोम है वह महिष बड़ा महान है सोम यह सोम तृतीय धाम शासन तीसरे धाम स्वर्ग लोक में रहने वाले विराजम तेजस्वी इंद्र को स्तुति हों से प्रसन्न होकर अनु राजति और भी अधिक प्रकाशित करता है इसमें कहां है कबीर भगवान देखो आप थोड़ा समझिए कि भाई साहब
01:53:23:16 आप ये कहना बंद करिए वेदों में प्रमाण है आप यह कहना चालू करिए समझिए कबीर भगवान है आप यह कहिए वेदों में प्रमाण मत कहिए वेदों में प्रमाण दिखाइए कबीर भगवान है कबीर दिखाइए तरीके से कौन आचरण करता है वो कौन है परमात्मा कवियों की तरह जो आचरण करता है और जो तृतीय धाम यानी की वेदों में यह नहीं लिखा है कि कबीर भगवान है कवियों की तरह आचरण करने वाला भगवान है यही यही तो मैं आपसे पूछ रहा हूं कवियों की तरह आचरण करने वाला भगवान है कबीर भगवान नहीं है कवियों की तरह आचरण करने वाला भगवान है अब वो बात और है कि आपके अनुसार कवियों की तरह आचरण करने वाले केवल कबीर है कवियों की तरह वो आचरण करता है अब नाम के लिए हम आपको बता रहे हैं नाम बताइए हा
01:54:26:07 करी वाला आपको पंडित जी जय श्री राम जय श्री राम हर हर महादेव ये लिए मैं संस्कृत शब्द कोष लेकर खोल के बैठा हूं कवि का मीनिंग बताने
01:55:27:12 भाही भाही जो जो दे रहे हैं सामवेद और ये अपना ऋग्वेद मुझे ऐसा लग रहा है पहले में क्या होता था पहले मैं कबीर मतलब एक जो वो मेले में वीडियो बनाया था केवल केवल वही बना के रह गया था मेरा उसके बाद फिर मैंने कभी य ध्यान नहीं दिया कि मेरे को इनको शास्त्रों से निकाल निकाल के देना है मगर होता क्या था कि उस वीडियो के कारण मेरे में वो मैंने बताया था ना रट के वह पैराग्राफ डले रहते थे तो जब मैंने इनका जो अभी यह कुछ दिनों पहले मैंने जो छह एपिसोड में जो पीडीएफ शेयर की है ना कि वेदों में प्रमाण नहीं जब मैं ये लिखने बैठा तो मैंने कहा पूर्व पक्ष के रूप में इनका मुझे प्राप्त तो हो कि ये कहां-कहां से कहते हैं पूर्व पक्ष के रूप में तो मैंने कहा कि उसी वीडियो के जाकर के देखना पड़ेगा मतलब मुझे रटा हुआ नहीं था कि यह लोग कौन-कौन से वहां से निकालते हैं कि कभी कबीर भगवान है मगर अभी क्या हो रहा है इतनी मेहनत कर दी आपने इतनी मेहनत कर दी एक ही मैं तो बस मेरा एक ही प्रश्न है कौन सा ऐसा व्याकरण का सूत्र है जो बताता है बिना संध विच्छेद किए कि कवि इक्वल टू कबीर क बीर मुझे बस य बता दे ये व्याकरण पढ़ना चाहता हूं मैं भी कौन सा अध्याय का सूत्र है पाणिनी का सूत्र है कौन सा सूत्र है बस मैं य जानना चाहता हूं बताइए
01:56:42:21 भैया कबीर क है आप अभी अभी आप अभी हमें प्रमाण देने वाले थे ना कबीर का हा वे अध्याय 29 मंत्र नंबर 25 अब वो यही है ना कि ऐसा है कि जो देखिए भाई साहब कोई आप मेरे से खामा का मेहनत करवा रहे हो अगर जैसे पिछली एक मिनट पिछली कुछ डिबेट में ऐसा हुआ कि मैंने कहा कि खामा का अभी प्रमाण पर नहीं जाते हैं आप अगर वही कबीर वो कबीर शब्द दिखा रहे हैं कवि शब्द दिखा रहे हैं तो मैं मेहनत ना करू ऊपर चढ़ के ग्रंथ ना उतारूं वरना आप कहे तो फिर उतारूं अगर कबीर लिखा है तो उतारूं अगर कवि लिखा है तो उसको उतारे बिना बात कर सकते हैं बताइए कबीर क्या लिखा क कबीर लिखा है ना कबीर कबीर लिखा है कबीर तो नहीं लिखा है अब आप मुझे बताइए कि कबीर जो है कबीर है यह कैसे सिद्ध होता है अब जैसे कुरान में खबरा लिखा भाई साब भाई साहब वेदों की बात करें वेदों की वेदों की बात करें वेदों के कौन से नियम के अनुसार कबीर शब्द का अर्थ कबीर है और जो कवि लिखा जो कब जिसको आप कबीर कह रहे हैं एक मिनट
01:57:58:03 एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट भाई साहब एक मिनट भाई साहब एक मिनट भाई साहब भाई साहब मैं यह कह रहा हूं कि क्या कहीं पर ऐसा लिखा है कि केवल कबीर लिखा हो उसके आगे उसी शब्द में दूसरा शब्द जुड़ा ना हो क्योंकि जो रा आता है अभी नहीं अभी नहीं अभी म्यूट रखिए इनको म्यूट रखिए म्यूट रखिए एक मिनट मैं अपनी बात पूरी कर दूं उसमें जो रा आता है वो संधि होने के कारण रा आता है तो अगर आपका कहना है कि वो कबीर वही कबीर है तो कहीं पर ऐसा कबीर आया है कबीर शब्द ऐसा आया है जहां पर उसके बाद कबीर के बाद अगला तुरंत जुड़ा हुआ अक्षर ना हो क्या आया ऐसा कहीं जैसे कि मैं आपको बताऊं जैसे कि यह जो आपने बताया ना मंत्र नंबर
01:58:56:10 18 इसमें जो अभी उस व्यक्ति ने बताया था 17 नंबर हां जैसे इसमें यह जो शिशु शब्द है ना शिशु यह शिशु शब्द निर्विवाद रूप से लिखा हुआ है लिखा है इसमें कोई भी अगला अक्षर नहीं जुड़ा है तो क्या कवि केवल कबीर कहीं पर लिखा है वेदों में लिखा कबीर उससे जुड़ा हुआ अगला अक्षर ना हो तो कहने का अर्थ मेरा ये है कि जो रा वहां पर उत्पन्न हो रहा है वो हो रहा है संधि के कारण तो उसको पहली बात दूसरी बात ये है कि अगर मान भी लिया जाए कि वो कवीर ही लिखा है वहां पर रा जो है वो कवीर के लिए रा है तो फिर आप मुझे बताएं कि कबीर कबीर कैसे बना इसका क्या संस्कृत का वो है नियम
01:59:55:21 कोई शब्द कोश हो जिसमें लिखा हो कि कवि का अर्थ कबीर होता है देखो जो हमारे लिए प्रामाणिक मुझे तो नहीं मिला मैं तो शब्द भया य य प जिनका आप वेद पढ़ रहे हैं वोह तो कवि का अर्थ ज्ञानी कह रहे हैं अरे बात तो सुनो जैसे क्या होता है जैसे मेरा नाम रमेश है गाव में लोग वही नाम कह दे रमेश रमेशु या नाना रमेशु कोई प्यार से राम इसी प्रकार तो व्याकरण के व्याकरण से गलत है व्याकरण से गलत है तो इसका मतलब वेदों में प्रमाण नहीं है कि कबीर भगवान है वेदों में प्रमाण है कवि भगवान है वो आपकी गलती है आप कवि को कबीर कहते हो क्यों कहते हो हमने तो नहीं कहा गुण भी तो मिलाइए वेदों में जो गुण बताए गए उन केवल इसका मतलब पहले आपको य कहना पड़ेगा में प्रमाण नहीं है कबीर भगवान है तब हम गुण पर जाएंगे आप ये कहिए आप आप सुनिए आप अपना जुमला बदल आप आप अपना जुमला बदलिए आप कहिए गुणों का प्रमाण है कबीर भगवान है हमें कोई दिक्कत नहीं नहीं तो
02:01:09:15 है अच्छा यह बताइए चलिए अब आ जाते हैं हमारे मेन प्रश्न पर यह बताइए जो आपके अनुसार कबीर है क्या वह सब कुछ कर सकता है बताइए भैया उनकी डायरी में कोई भी असंभव शब्द नहीं है सीधी बात नहीं है ठीक है क्या वो झूठ बोल सकता है क्यों नहीं बो बो सते हम प्रमाण दे रहे परमात्मा कते स जन कर अपने जन के का मैं पूछ रहा केव उना ब एक तो आवाज बहुत कम आ रही है दर्शकों को सुनने में दिक्कत आएगी मैं पूछ रहा हूं क्या वह झूठ बोल सकता है या नहीं बिल्कुल अगर वो भक्तों के कल्याण के लिए जहां झूठ की आवश्यकता होगी वो ठ बो अगर अगर वह झूठ बोल सकता है तो फिर उसने जो उसकी कबीर वाणी है उसमें सत्य बोला य कैसे सिद्ध होगा परमात्मा देखिए हर चीज के पीछ सूक्ष्म वेद कहते हो ना
02:02:24:15 उसे उसको सूक्ष्म वेद कहते हो ना हेलो हेलो एक एक एक एक बात आप उसको सूक्ष्म वेद कहते हैं ना सूक्ष्म वेद कहते हो ना हां तो अब मुझे बताओ कि अगर वोह झूठ बोल सकता है तो उसने सूक्ष्म वेद में झूठ नहीं बोला आपके अनुसार वो वेद है जो उसमें झूठ नहीं बोला यह कैसे पता लगा ये कैसे सिद्ध होगा ये देखो ऐसे सिद्ध होगा हम जो उन्होंने बात कही वही बात वही बात दूसरे ने भी कही वही बात तीसरे ने भी कही यानी कि ज्यादा लोगों के बोलने के कारण सिद्ध होगा यानी कि ज्यादा लोगों के बा बोलने के कारण सिद्ध होगा नहीं ऐसा नहीं है जिन्ने तो आप ही तो कह रहे वही बात तीसरे ने कही चौथे ने कही ज्यादा लोगों की बात प्रमाण नहीं होती महाभारत के काल में यदि वोट पड़ते तो पांडवों के वोट कितने होते कौरवों के कितने होते प्रहलाद के का प्रहलाद के काल में अगर वोटिंग होती तो प्रहलाद को कितने वोट मिलते वो बात सही है लेकिन एक बात लॉजिक समझिए उसका लॉजिक दूसरा ये लॉजिक दूसरा भाई साहब जो शब्द
02:03:39:18 प्रमाण होता है शब्द जो शब्द प्रमाण होता है वो वही हां बताइए बताइए बताइए जैसे हम कहे ये आम का पेड़ है समझ हो और उसके हमने गुण भी बताए आपको आम के वृक्ष में क्या गुण होते हैं समझना तो यही बात और भी कोई बताए की हा य आम का ब होता उसका कई लोगों के कहने से प्रमाण नहीं बनता है और अगर आप कहेंगे कि अनुभव कि हमने खा के देखा तो हमें पता चल गया कि हा जो बताया गया था सत्य था ऐसा है क्या देखिए परमात्मा की महिमा बहुत बड़ी ये हम लोग उलझे हुए हैं क्यों उ हुए भाई साहब भाई साहब हमको प्रवचन नहीं चाहिए भाई साहब प्रवचन के लिए हमारे पास है सामर्थ वान गुरु गोविंद और ग्रंथ आप हमको यह बताइए कि अगर कबीर झूठ बोल सकते हैं तो उन्होंने अपनी वाणी में कबीर वाणी में झूठ नहीं बोला यह कैसे सिद्ध होगा आप बताइए जो उनको संत जैसे राम तुलसीदास ने लिखी है रामायण और उसके कई
02:04:55:08 लाखों वर्ष पहले लिखी थी वाल्मीक जी ने लिखी थी क्या तुलसीदास की रा झूठ है वह झूठ इसलिए नहीं है क्योंकि वह अपर वेद आधारित ग्रंथ है अप वेद आधारित हम सुनिए सनातनी वो है जो उन ग्रंथों पर विश्वास करता है जिसको ईश्वर ने भी नहीं रचा समझ में आ रहा है आपको आप उस ग्रंथ को प्रमाण बना रहे हैं जिसको ईश्वर ने रचा आपके अनुसार तो जैसे ही ईश्वर कुछ रच देगा वैसे ही उस रची हुई चीज की क्रेडिबिलिटी पर सवाल ठ जाएगा जैसे कि आपके अनुसार हमको यहां पर किसने फसाया आपके अनुसार हमको यहां पर किसने फसाया वो बाद की बात है पले मैं पूछ रहा हूं आपके अनुसार हमको यहां पर किसने फसाया काल ने एक एक ट भाई साब काल ने फसाया आप यह बताइए आप काल जो है कालने फसाया तो आपको व जानकारी कालने फसाया ठीक है काल ने फसाया
02:06:13:15 नाना पड़ता हैका नेटवर्क खराब हो रहा है आपकी आवाज अटक रही है एक मिनट और कोई भी है क्या लाइन में ति जी तिक [संगीत] जी ऋतिक जी तो कैमरा ऑफ किए हुए हैं जी अबे भैया साइंस जर्नी वाले को कहो वो कायरता छोड़े और सामने आए रेशनल वर्ड और जिस दिन चेहरा दिखाने का साहस हो जाए उस दिन वो सामने आकर के चर्चा करें ठीक है और यदि कायर ही है बने रहे तो जो उनके तरीके के हो उनको अपना ज्ञान देते रहे नहीं तो फिर लाइन याद कर ले हा अगर थोड़ा बहुत मुह रह गया हो दिखाने का काला ना हुआ इतना ज्यादा तो आए सामना करें भाई साहब आपका वो नहीं आ रहा फिर किसी दिन आइएगा भैया पांचवा वेद तो वो इसका प्रमाण भी दे दीजिए मैं आपको ंद उपनिषद से प्रमाण दे देता हूं पांचवा वेद पुराण
02:07:29:13 है भाई साहब आकाश जी आप ना तिवारी एक तो लिखना बंद कर दीजिए वह आपके लिए ठीक नहीं आप दास लिखा करिए आकाश दास अच्छा लगेगा आपके ऊपर और वो मेरी र से भी था की ये लोग य लोगों को बारबार इतनी मेहनत करनी पड़ रही है कि कबीर देव को कबीर साबित करने के लिए अगर कबीर जी के बारे में लिखना ही था वेद में तो कबीर क्यों नहीं लिखा गया क्यों नहीं लिखा स्पष्ट क्यों नहीं लिखा क्यों नहीं लिखा गया अगर वो सच में परमात्मा है और अगर उनके ही है एक जगह तो लिख देते कबीर कबीर कबीर भगवान है कबीर भगवान है एक जगह जैसे रुद्र लिख है रु लिखा कहीं नहीं नाम तक कहीं है ही नहीं जबरदस्ती विष्णु स्पष्ट लिखा है माता का स्पष्ट वहां पर प्रमाण है गणेश जी का स्पष्ट प्रमाण है भाई जो तुम्हारा असली ईश्वर है उसका तो प्रमाण हो बिल्कुल और अगर वो तो लिख दिया गया है तु प्रत्यक्ष बमा तो फिर को क्यों नहींन रहे अगर वो बोल रहे हैं कि वेद में प्रमाण है तो वेद में तोय भी प्रमाण है गणपति जी भगवान है में तोय भी प्रमाण है तो कुछ ना कुछ करते ही रहेंगे अब हम किसी को ले लेते हैं पहले कौन आया था ऋतिक
02:08:44:22 जी पहले आए थे कौन आए थे मैंने पंडित सूरज जी को काफी देर से देखा है इनको ले ले पहले जी पंडित जी जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम हर हर महादेव हर हर महादेव भाई जी मैं कहना चाहता इनका रामपाल जी के च इतना भ्रम फैला रखा है इतना भ्रम फैला रखा है हम भी समझाते समझाते थक गए पर हम समझा नहीं पाए हर बस स्टेशन पर हमें मिल जाते हैं हम दिल्ली में रहते हैं वही हमें बुक पकड़ा देंगे एक बार तो मेरी तो कहीं से मल कई बार हो ही जाता है कैसे इनको समझाए इनका भ्रम तोड़ना बहुत ही आवश्यक है इन लोगों ने इतना भ्रम र मैं इस बारे में एक चीज कहूंगा हम किसी को निराधार या निरुत्तर कर सकते हैं हम उससे अपने मन की बात कलवा नहीं सकते जी भाई जी आपने इतना प्रमाण देता इतना नितर कर दिया फर मानने को तैयार है इतने महामूर्ख इतने महा मैं आपको एक बात बताऊ वो कभी नहीं मानेंगे जिनको मैं प्रमाण दे रहा हूं वो कभी माने जो इसको देखेगा वो मानेगा जैसे अभी एक भाई साहब आए थे आकाश तिवारी जी वो जिज्ञासु थे तो थोड़ा
02:09:59:28 सकारात्मक उनका व्यवहार था वो उसमें जाएंगे डेप्थ में तो इससे यह होगा कि जैसे हम किसी को निरुत्तर करते हैं हम किसी को निराधार प्रस्तुत सिद्ध कर देते हैं तो उसके बाद जो आने वाले जो लोग है जो उनकी चपेट में आ सकते होंगे या जो अभी अधर में होंगे पूरी तरीके से चपेट में नहीं आए होंगे वो बच जाएंगे तो ये हां ये होता है इट्स बेटर टू केयर देन क्यर ये ब्रेन वश करने में बड़े माहिर है इनका यहां मुंडका में एक आश्रम है वरा तो नहीं कर पाए हमारा ब्रेन वश नहीं कर पाए 55 से से भाई जी इतना थोड़ा ब्राह्मणों में अभी भी इतना वो है नहीं तो उधर आप सारी जनता देखे होगे मैं गया था वहां पर एक कोई ऐसे ही किसी के फैक्ट्री को अजमा तो वहां पर मुझे सब साहिब कह रहे मैंने कहा ऐसा जय श्री राम बोलिएगा ये क्या हो तो मुझे ही ज्ञान देने लग गए तो सबसे पहले भाई जी इनको लाइव इनको कबीर जी के रामपाल जी को लाइव बुलाना चाहिए इनका ये भ्रम तोड़ना चाहिए मैं तो इसको पकड़ के इसी को लाइव डिबेट में मीडिया के सामने जी लाइव आना बहुत असंभव सा कार है रामपाल जी के सा जीरो है व्याकरण उनके समझ में कुछ है ही नहीं कुछ है ही नहीं
02:11:14:28 कबीर कबी वेदों में व कवि लिखा है अब हमने बता दिया कहां तुम कैसे पढ़ रहे कुछ है ही नहीं सिर्फ उन्होंने इतना रट रखा है कि सूत नंबर एक मंडल नंबर वही कहते बाइबल में य है तो मैं एक जगह गया था बात य हमारे जो प्रश्न होते हैं ऐसे आते हैं एकदम से सामने अलगम करता आपको बहुत प्रणाम करता हूं इनको सबसे पहले बंद करना बहुत ही जरूरी है कही लोगों को तो मैंने किताब हमा बंद करें ना करें मगर यह गलत बात है कि वेदों में प्रमाण है यह क हमारे हमारे जो हमारे जो कबीर की वाणी है उसम प्रमाण है कि कबीर भगवान है वो कहे उसम भी ये पेन चलाए बैठे हैं हालाकि उसम भी पेन चलाया है तो इन्होने ज्ञान गंगा में कितना बकवास लिखा हुआ है भाई जी क्या बताए हम कितना बकवास लिखा मद बवास बकवास इत्यादि मत बोलिए वो ऐसे शब्द का वो रखिए कि मर्यादा
02:12:17:06 रहे देखो गीता में कहते हो 5 पर जो है जो है काल का ज्ञान है 95 पर ईश्वर का है अब क्या बताए हम क्या समझाए आप तो बहुत अ हमने अपने चैनल पर पूरी एक पीडीएफ उपलब्ध करा दिए छ एपिसोड के साथ उसम पूरा इनका दूध का दूध और पानी पानी और एक जो इनकी दो मिथ्या रह गई थी एक तो वो श्राद्ध वाली मिथ्या जो है व हम ले आएंगे एक दो दिन में टाइम नहीं मिल रहा है जो श्राद्ध का खंडन करते हैं और एक का हमने दिया वो जो ब्राह्मणों को कहते है ना कलयुग के ब्राह्मण सतयुग के राक्षस है उसका भी हमने कर दिया में कहीं पर से उठा के ले आए हो मैंने दे हमने पूछा ना कि भैया स्कंद पुराण के रामायण महात्मा में लिखा है कि कलयुग की जो स्त्रिया होंगी वो व्यभिचारी हो जाएंगी क्या आप अपने घर की स्त्रियों को मानते हो व्यभिचारी तो इसका अर्थ यह है कि कलयुग के सभी ब्राह्मण राक्षस नहीं है कुछ ब्राह्मण राक्षस है सभी ब्राह्मण राक्षस नहीं है हमें मानना पड़ेगा नहीं तो अपनी घर की स्त्रियों को मानो व विचारी हम नहीं मानेंगे इनकाम भा आने के लिए आपका धन्यवाद जी जी आने के लिए आपका धन्यवाद श्रीराम हमारा नंबर नंबर हमारा है ना आपके पास नहीं है भाई जी बिल्कुल है
02:13:32:08 ही नहीं हम तो देते रहते हैं य पर यह नंबर है नोट कर लीजिएगा 74836 और नाम जप अभियान चालू कर दिया है न बिल्कुल भाई जीी जय श्री राम भाई जी आपको जय श्री रामनारायण हर हर महादेव जय श्री मन नारायण अरे डॉप हो गए न तारीख से 24 अल्ट्रा हो गया आपका न तारीख से नाम जप अभियान जो है वह चालू हो जाएगा उसमें जो भी जुड़ना चाहे जुड़ सकता है अच्छा वह मातृ शक्ति चली गई क्या जो आई थी हा वो ड्रॉप हो गए थे बीच में भी अच्छा मैं डप अब मैं ले लेता हूं ऋतिक जी पहले आए हुए थे तो रितिक जी को ले लेते हैं तिक जी जय श्री राम जय श्री राम भैया जय श्री राम कैसे हो आप बस बस कृपा है राम की आप बताए जी जी भैया मेरा एक प्रश्न था क्योंकि मुझे थोड़ा सा जानना था और और दो चीज थी क्योंकि जैसे एक तो जो आप बताते हो हमें नॉर्मली मतलब पढ़ने को नहीं मिलता है एक तो जो ये जो सोर्सेस है ताकि हमें बताइए ताकि हम खुद से भी पढ़ के स्वाध्याय कर सके और थोड़ा मतलब बातचीत कर सके एक तो ये बताइएगा दूसरा मेरा एक प्रश्न
02:14:47:10 था कि जैसे आपने ईश्वर के विषय में दो बातें बताई थी व्यवहारिक और परमार्थिक ठीक है तो मुझे यह बता कि जो परमार्थिक ईश्वर उसकी सिद्धि कैसे होती है परमार्थिक ईश्वर व्यवहारिक ईश्वर को भक्ति करके प्राप्त करने के लिए प्रयास करके परमार्थिक ईश्वर स्वतः प्राप्त हो जाते हैं जैसे मैं बता रहा हूं मैं बता रहा जैसे की जो भोजन है आप उसके लिए भोजन के लिए प्रयास नहीं करते हो आपका प्रयास होता है आपकी आतो की अंतरियो की मिटाने के लिए जो भूख मिटेगी आपकी कैलोरी से किससे मिटेगी कैलोरी से सुन रहे आप बता मगर आप क्या कैलोरी खरीदने के लिए बाजार में निकलते हो क्या नहीं आप हाथ पैर हवा में मार सकते हो कैलोरी लाओ इधर से लाओ उधर से लाओ नहीं मार सकते क्योंकि वह आपके व्यवहार का विषय नहीं है नहीं है है वो केवल प्राप्त किया जा सकता है तो वो कैसे प्राप्त होगा आप देखो कैलोरी किस किस चीज से प्राप्त हो सकती है तो कैलोरी का सगुण साकार स्वरूप होता है भोजन जो हमें प्राप्त करना है जब ये बंद हो जाएगी आज की लाइव स्ट्रीम भूख लग
02:16:02:13 रही है तो जो उसका सगुण साकार स्वरूप है कैलोरी का जी वो रूप हम लोग ढूंढने निकलते हैं भैया बर्गर दे दो मैगडी का पिज्जा दे दो उसका ड डोमिनोस का या छोले भटूरे दे दो चेतराम वाले पिंडी छोले वाले या हम उसके लिए प्रयास करते हैं जब हम उसके लिए प्रयास करते हैं उसको प्राप्त करते हैं तो वो जो उसका पार मर्थक रूप होता है व्यवहार में ना आ सकने वाला रूप वो स्वतः हमको प्राप्त हो जाता है इसी प्रकार से भगवान के सगुण साकार रूप के लिए जब हम प्रयास करते हैं उनके पीछे पड़ जाते हैं उनसे प्रेम करते हैं उनसे आलिंगन करते हैं उनके साथ एकत्व स्थापित करते हैं तो उनका जो पारिक स्वरूप है प्राप्त है जो वो हमको स्वतः प्राप्त हो जाता है शवास जी एक थोड़ा सा मिस्ट हो गया आपसे मैं बताता हूं मैंने प्राप्त प्राप्त करने का तरीका नहीं पूछा था कि जैसे अगर मैं ये बोल दू कि ईश्वर को कैसे जाने तो आप कहते कि नहीं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार ध्यान धारणा समाधि से प्राप्त कर लो वो तो दूसरी चीज हो गई मैंने पूछा कि ईश्वर की सिद्धि करो पहले तो व एक दूसरा टॉपिक हो गया तो वही मैं कह रहा था कि पहले जो परमार्थिक ईश्वर है उसकी सिद्धि किस प्रकार से होती है मुझे वो जाना था मतलब वो अस्तित्व उसका आपको सिद्ध करना है हां अब जैसे ये जो व्यवहारिक ईश्वर है इस कर देते
02:17:17:24 हमने आपको ये बताया कि एक नास्तिक व्यक्ति के अंदर भी सच्चिदानंद होने की चाह विद्यमान है जिसको वो आनंद प्राप्त करने की सच्चिदानंद सत चित आनंद यह प्राप्त करने की चा विद्यमान है ठीक है तो इसका अर्थ है कि इस दुनिया में कोई सत चित आनंद है नहीं य होता है भाई अगर आप उसके अस्तित्व को नहीं मानोगे तो उस चाह को रखने वाला पागल सिद्ध हुआ नहीं जैसे मान ले मुसलमान ठीक है उसको 7 रो की चाह है तोसे क्या 72 रे होने की सिद्धि हो जाती है 72 रो की चाह वो है जो इनबिल्ट नहीं है वो उनको छोड़ सकता है समझिए जैसे एक बच्चे से हमने कहा कि भाई हाथी जो है उड़ते हैं वो मैं तुम्ह लाकर दूंगा उसको हमने अगले दिन बताया कि नहीं उड़ने वाली हाथी होते ही नहीं है तो उस हाती के ना होने की स्थिति में भी उस व्यक्ति वो उस चा को जो उड़ने वाले हाथी की जो उसके अंदर डिजायर थी वो उसको छोड़ कर के जी सकता है जीता है छोड़ देता है अगर किसी बच्चे ने कहा मां मेरा मन करता है कि मैं ट्रेन को जो है
02:18:32:26 हवा में उठा दूं तो मां कहती है कि नहीं ये यह जो है ऐसा पॉसिबल नहीं है चा को तुम छोड़ दो बच्चा मान जाता है और उस मानने की स्थिति में वह दुखी नहीं होता है मगर विज्ञान यह कहता है कि आप मरोगे ही आज की तारीख में अमरता की खोज नहीं हुई है मगर जैसे ही आपको मृत्यु का ख्याल आएगा आप दुखी हो जाओगे इस चाह को आप छोड़ नहीं सकते हो तो बात हो रही है उस चाह की जिसको छोड़ के आप ना रह सको इसको कहते हैं इनबिल्ट चाप हो हां इसको कहते हैं इनबिल्ट
02:19:10:26 चा अब आप खाना खा लीजिए दो लोग हैं अब कोई ना आए अब जो है वो जो लिंक है ना उसको आप रोक दीजिए अब काफी देर हो गई ढाई घंटे हो गए हम लोग फिर कभी देख लेंगे नरेंद्र जी आपको ले लेंगे मधुसूदन जी से बात कर ले हम लोग फिर आपको लेते हैं जी मधुसूदन जी जय श्री राम हर हर महादेव हर हर महादेवर महादेव बताइए मसन जी भैया आपसे मिलने का बहुत मतलब हमसे मत मिलिए भगवान से मिलने का प्रयास करिए तो सब मिल जाएंगे आपको हम तो कुछ नहीं है शिव शभ अविनाश हम बहुत बड़े भक्त है भैया अच्छा शिव शिव नाम का जब चालू करिए न तारीख से आइए साथ नि भाइए उसमें जुड़िए नाम जप अभियान में नामा स्त्र हा भैया हम यह पूछ रहे थे कि भैया एकन संस्था है हम उसको जवाइन किए थे और मतलब व भगवान भगवान शिव को नहीं मानता है देखिए वो नहीं मानते यह एक अलग बात है कि वो उनकी
02:20:26:01 श्रद्धा भगवान के कृष्ण रूप में है मगर यदि व शिव रूप का खंडन करते हैं तो यह गलत बात होती है कि शिव जी भगवान नहीं है शिव को भगवान समझने वाले पाखंडी है हमारे मधुसूदन भाई पाखंडी हैं यह बात गलत है मधुसूदन जी और श्वेतांक जी हमारे दोनों भाई पाखंडी नहीं है हम मरते दम तक लड़ेंगे इनके लिए भैया है और भगवान कृष्ण भी एक जीव थे इस धरती पर जन्म लिए थे उनका भी मरण हुआ उनका भी जन्म हुआ तो मान लीजिए परमा ऐसी बात ऐसी बातें नहीं कही है कृष्ण जी के बारे में वो भी उतने ही परमेश्वर है जितने शिवजी परमेश्वर है कोई अंतर नहीं क परब्रह्म परमेश्वर है उसमें कोई दो राय नहीं है केवल लीला भेद है एक ही परम तत्व शिव बन रहा है एक ही परम तत्व कभी भगवान बन जाता है कभी भक्त बन जाता है अगर हम यह कह देंगे कि वो भक्त नहीं बन सकता तो यह भी एक बाधा होगी भगवान पर भगवान इस बाधा को भी तोड़ देते हैं आप उनके शिव रूप के भक्त बनिए मगर अनास्ता ना लाइए कृष्ण के प्रति भगवान कृष्ण बहुत बड़ा काम किया उन्होंने व श्लोक बोल दिया जो
02:21:41:03 यदा यदा धर्मला भवती भारता अनम धर्म सजा मैं जब इस लोक की महिमा को समझा था कम से कम एक महीने तक रो रहा एक महीने तक रोता रहा मैंने ईश्वर की य जो बाधित वाली स्टोरी है ना इसमें बहुत मेहनत की बहुत रिसर्च की बहुत मंथन करता रहता था चिंतन करता रहता था तो मैंने जब यह जाना कि ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है तो ईश्वर ने जितने भी अन्य रूप लिए उसमें उन्होंने कुछ ना कुछ किसी ना किसी सीमा का पालन कर लिया मगर उन्होंने कृष्ण का रूप लेकर के बता दिया कि मैं वही हूं जो कुछ भी कर सकता है तो कृष्ण का रूप उन्होंने इसीलिए लिया था जो ऐसे लोगों का मुंह बंद कर सके तो मैं रोया कि भगवान ने इस बात को क्यों देर से समझा और और फिर राम जी के बारे में जब मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है तो मैं फिर कई दिनों तक परेशान रहा कि एक नियम तो लागू हो गया कुछ भी कर सकता है यह भी तो नियम है इसको कैसे तोड़ोगे प्रभु तो उन्होंने राम रूप दिखा दिया ये देखो नियम नियम नियम ही नियम हम आपसे एक बात चाहते है जिस
02:22:56:08 प्रकार ओम नमः शिवाय जो मंत्र है यह पंचाक्षरी मंत्र है भगवान शिव पच तत्व को दर्शाते हैं इसमें और भगवान कृष्ण जो है वो एक मनुष्य थे तो मतलब देखिए के रूप में थे उन्होंने कहा ना कि मेरे को मानव देह में देखकर जो लोग मुझे साधारण समझते हैं वह मूर्ख है 92 में कहा उन्होंने अच्छा और मेरे को लगता है कि आपके जो वैसे विधि विषयक प्रश्न है तो आप ऐसा करिए नंबर नोट करिए हमारा नंबर है 7408
02:23:41:03 74836 हा लिए है इसको हा यहां पर डाल दीजिए टेलीग्राम प प्रश्न उत्तरी होती है वहां डाल दीजिए डिस्ड प डाल दीजिए आपको उत्तर मिल जाएंगे हर है अब हम किसी और को ले ले नारायण आपकी आवाज नहीं आ रही है मधुसूदन जी हम सरी का रात हो ग वसे बट जैसे स्कन के लिए इन्होने बोला कि वो महादेव जी को नहीं मानते हैं उसके लिए मैं कुछ पॉइंट्स बताना चाहूंगी मैं काफी टाइम स्कन से जुड़ी रही हूं एक डेढ़ साल तक तो मैं यह बताना चाहूंगी कि वो लोग बाकी बिहारी जी को भी नहीं मानते व लोग न लोग लड्डू गोपाल जी को भी नहीं मानते महादेव जी तो बहुत अलग बात हो जाती है कृष्णा जी के ही अलल स्वरूपों को नहीं मानते हैं बहुत सारे पॉइंट मेरे पास है कभी जैसे डिबेट होगी बताऊंगी सारे एक्सपीरियंस अपने आइ आगा प्रेमानंद जी के महाराज जी के शिष्य गण भी आएंगे तो मतलब सौभाग्य होगा जाएगा उसम क्या है उसम एक बात है आपको बता अपने संध नाम नहीं बता सकता मगर मेरे एक संबंधी है जी भार्या
02:24:56:10 वोह जो है शिव भक्त है और जो मेरे संबंधी है वो इसकन में वो हो चुके हैं तो उनकी भार्या वो एक ट्रिप हुई कि भाई वृंदावन ले चलते हैं आप लोगों को तो उन्होंने मुझे आप बीति सुनाई कि जब उसमें वो ट्रिप जा रही थी बस में तो वो लोग वैष्णव गीत गा रहे थे वैष्णव गीत वैष्णव गीत में कौन से गीत वैष्णव गीत का मतलब तो विष्णु भगवान की भक्ति वाले गीत मगर वैष्णव गीत में वो गा रहे थे केवल वो जो बंगाल की भाषा में जो इन लोगों ने लिख रखे हैं कृष्ण जी के लिए जी वो वाले गीत को गा रहे थे उसके बाद हम सुन भी नहीं सकते मतलब कोई और ब वो उनकी जो भार है मतलब उनका उनकी बारी आई कि आप भी कोई वैष्णव गीत सुनाइए तो उनको वो बड़ा अच्छा लगता था जगत जाल पालम कचत कंत मालम वो बड़ा अच्छा लगता था उन्होंने गाना शुरू किया बंद करवा दिया विष्णु गीत मत गाइए कृष्ण गीत गाइए बंद करवा दिया और वहां पर वो जो ट्रिप में ले गए थे वहां पर भी दूसरे मंदिर जाने पर मतलब संकुचन आता है कि उन मंदिरों में ना जाइए पारंपरिक मंदिरों में इनके ही मंदिरों में रह कर के आप जो है
02:26:11:13 सिमट के रह जाइए खैर हमें भी मना कि जाता था वृंदावन जाना है आपको या जगन्नाथपुरी तो जब वहां से ट्रिप जाएगा आप तभी उन्हीं भक्तों के साथ जा सकते हैं आप खुद से नहीं जा सकते और आप बाके बिहारी जीर शंकराचार्य कहीं आप शंकराचार्य के शिष्य अथवा उनको मानने वालों के उसम ना आ जाए नहीं आपका वो जो ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहा होता ना मायावा मायावादी प्रोग्राम फेल हो जाएगा फर मैंने भगवत गीता को वहा से स्टार्ट किया था द्वारका से वो मैंने बीच में ही छोड़ दिया उस वजह से मुझे लगा नहीं कुछ तो गलत हो रहा है मतलब यह सही नहीं है बोले बाके बरी जी को बाहर से भी प्रणाम नहीं करेंगे क्यों दूसरे संप्रदाय के है अरे कृष्णा तो भैया सबके है मतलब कल को बिहारी जीसी चीजों में ख खोलता है
02:27:06:25 बस आ रही है इसी बात प यार कैसे यान प्रकट हो जाए तो क्या बोलेंगे हम नहीं जाे भगवान जी मिलने के लिए क्योंकि वो दूसरे संप्रदाय के हमारे संप्रदाय में जब आएंगे कृष्णा जी दर्शन देने तभी हम जाए दर्शन करने के लिए ऐसा बोल पाएंगे क्या तो बहुत मतलब मेरे पास जैसे लड्डू गोपाल जी है सेवा होती है उनको मैं एक बार लेके गई मंदिर में तो जो मतलब जो कहते हैं मैं बहुत रिस्पेक्ट करती थी कि हा इन्होने अपना सारा जीवन दिया है कृष्णा जी के लिए बट लड्डू गोपाल जी को देख कर उनका एक्सप्रेशन था उससे लगा कि मतलब माय गॉड मतलब अगर आप लोग घर में ये सब करने लगोगे तो फिर आप मंदिर में टाइम नहीं दोगे अरे मोटो तो ये होना चाहिए ना इंसान भगवान से जुड़े वो जैसे भी जुड़े वो मंदिर जाकर जुड़ रहा है चाहे वो घर से जुड़ रहा है बट ये नहीं है वहां प मतलब टाम इसमें मैं एक फैक्ट देना चाहूंगा वो मास खाए हुए हाथों में गीता देते टाइम तो यह कहेंगे कि भाई किसी भी प्रकार से भक्ति से जुड़े जुड़े तो सही क्योंकि हमें अपनी 50 रुप की गीता बेचनी है वहां पर जी है ना वैल्यू डज मैटर मनी डज मैटर तो हमें क्योंकि अपनी गीता बेचनी है तो वहां पर तो हम यह कहेंगे कि हम प्रचार कर रहे हैं और जो है मास चिकन के हाथों में भी गीता दे देंगे है ना और जब कोई व्यक्ति घर पर लड्डू गोपाल की पूजा करेगा
02:28:22:00 तो उससे कहेंगे ऐसा है किसी भी प्रकार से भक्ति नहीं होगी भक्ति वैसे ही होगी जैसे हम कहेंगे शास्त्र जैसे कहेंगे वैसे भक्ति नहीं होगी क्योंकि शास्त्र भगवत गीता को किसी के भी हाथों में प्रदान करने से मना करते हैं एक पाठ का भेद होता है कि कब आप भगवत गीता को उठाएं कब कैसे करें बिल्कुल इवन सभी शास्त्रों में ग्रहण आदि के दिन ये कहा जाता है इस समय मंदिर में ना जाए शास्त्रों को ना छुए तो ग्रहण तो बहुत बड़ी चीज है मतलब बहुत तब भी पास की चीज है मास खाने वाले के हाथ में डायरेक्ट आप कम से कम उससे कह दो भैया नहा आओ नहा कर के हमसे भगवत गीता खरीद लेना हम जो है बाहर खड़े हैं तो खैर खर कोई बात नहीं एक और सज्जन है उनको ले ले मयंक जी आज विलंब हो गया है आप किसी और दिन आ जाइएगा नरेंद्र जी को हम ले लेते हैं आपने बहुत प्रतीक्षा की है नरेंद्र जी जय श्री राम नमस्कार सर बोलिए सर एक छोटी सी शिकायत है आपसे बोलिए शय आपका परिचय बता दीजिए पहले सर मैं जयपुर से नरेंद्र कुमार हूं नास्तिक हूं आपके विचार सुने मैंने ध्यानपूर्वक डिबेट पिछले तीन चार डिबेट मैंने
02:29:37:01 सुनी है तो एक चीज मैं वैसे बहस करने के लिए नहीं आया वैसे एक छोटी सी बात करनी थी आपसे कि देखो आप इस लेवल पर पहुंच गए हो कि हर बात का तर्क से शास्त्रोक्त आप जवाब लेते हो तो मैं आपको यह कहना चाहूंगा कि जैसे राम मैं एग्जांपल देक अपनी बात क्लियर करना चाहता हूं एक रामपाल का शिष्य आया था आज की डिबेट में आपने उससे पूछा कि जिस मंत्र की बात कर रहे हो क्या उस मंत्र को आपने खुद ने पढ़ा आपका यह सवाल था सीधा सा सवाल था सिर्फ सीधे से सवाल के जवाब देने में उसने 15 मिनट या 20 मिनट उसने आपके वेस्ट कि और खुद के वेस्ट कि और हम लोगों को जो देखने वाले थे उनके भी वेस्ट किए हां या ना में जवाब देना था सल सा सिंपल सा आंसर था और एक सेकंड से भी कम टाइम में जवाब दिया जा सकता लेकिन उसका लेवल इतना कमजोर था कि इस हां ना के जवाब के लिए उसने 15 20 मिनट खराब किए अपने सबके उस व्यक्ति के बाद पहले तो उस व्यक्ति के काफी देर तक आपने बात की जब उसका लेवल ही नहीं कि इस चैनल प आके वो बात कर सके इतना उसमें वो इस पानी में इतना अभी उतरा ही नहीं उससे पहले मतलब आप हल्के लेवल के लोगों को ले लेते हो दूसरा काफी देर तक उसने म शिकायत है आपकी ये शिकायत है आपकी हां जी पहली नंबर बात कि भैया
02:30:52:09 किसी के टेलीफोन नंबर पर उसकी फोटो में उसके माथे पर या फिर उसके नाम के साथ नहीं लिखा होता है कि उसका लेवल क्या है जी वो तभी पता चलता है जब हम उसे ले लेते हैं और कुछ देर उसके साथ बिताते हैं अब उसमें होता यह है कि अगर हमने उसकी बात को रखे बिना उसको हटा दिया और वो सही से बात कर रहा है मतलब वो अपनी मर्यादा को नहीं लांग रहा है वो मतलब अज्ञानता अज्ञानी तो है पर वो अमर्यादित आचरण नहीं कर रहा अ भद्र आचरण नहीं कर रहा है उसकी बात को सुने बिना अगर हमने हटा दिया तो फिर लोग ये कहेंगे देखो देखो देखो प्रश्न का टाइम आया तो उनको हटा दिया जी ये भी बात आप हमारे पास एक ठोस कारण होना चाहिए किसी को हटाने का और किसी का अज्ञानी सिद्ध हो जाना यह ठोस कारण नहीं है क्योंकि हमारे पास जो सिद्धांत है सार्वभौम सिद्धांत उनके अकॉर्डिंग उनको ना मानने वाला हर व्यक्ति ज्ञानी ही सिद्ध है जी जो हमारे जो दर्शन विज्ञान व्यवहार तीनों ही धरातल पर सिद्ध होने वाले जो सिद्धांत हैं उनको ना मानने वाला उनका विरोध रखने वाला वह अंततोगत्वा अज्ञानी ही सिद्ध होगा तो इस अज्ञानता के आधार पर हम किसी को भी तुरंत जज करके नहीं हटा
02:32:07:12 सकते क्योंकि कोई ना कोई यह सवाल उठा सकता है कि भाई उसने क्या किया था जैसे अभी दो दिन पहले एक व्यक्ति आया था उसने क्या किया कि जब मैंने कुछ पूछा तो उसने अरे तुमको यही नहीं पता है तरह की वो एक्टिंग एक्टिंग करने लगा मैंने उसको बिना पूछे हटाया क्योंकि हम लोग एक न्यू सेंस नहीं लेना चाहते भा जो कट टकट बात हो रही है आप बात करो यहां पर वो फतिया कसने किसी को जेर करने किसी की बुराई करने किसी को नीचा दिखाने किसी का मजाक उड़ाने इस सबके लिए हम लोग यहां नहीं बैठे हैं है ना तो हमने उसको निर् रू हमने उसको बिना हमने उसको बिना पूछे हटा दिया तो कहने का अर्थ य कि जब तक किसी से सामना नहीं होता है तब तक हम यह नहीं कह सकते कि कौन क्या है वो जब तक उससे बात होती है तभी पता चलता है कि कौन क्या है हम लोग हम लोग अपने फॉर्म में नहीं लिखते हैं कि जो अज्ञानी हो वही इस फॉर्म को भरे हम उसमें ये नहीं लिखते हैं हम लोग तो लिखते हैं भैया आओ सिद्ध करो अपना पक्ष मगर अब कोई भी भर देता है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं जी जी और उनके मदीश है और जो उनके मठाधीश है हम पर वीडियो बना लेंगे हमको एक फोन नहीं कर पाएंगे हमने यहां तक कह दिया कि माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया तो हम पर वीडियो बना रहे हैं वीडियो बन रहे है लगातार
02:33:23:06 मगर हमको फोन नहीं कर पा रहे हैं कि इस चैनल पर हम लोग इस बीच के चैनल पर आकर के हमसे चर्चा कर या कोई बीच का चैनल ढूंढा जाए जब फोन फोन करेंगे उनको वो बुलाएंगे हम जाएंगे और उसके बाद सुबह बोलेंगे आप 11 बजे आ जाइएगा उसके बाद फोन ही बंद कर देंगे हा भाई मैं वृंदावन में था उंगे बोलेंगे आप वो नहीं है यहां पर चले गए जगह गया पहले दिन कॉल किया मैंने कहा हम ज्ञान चर्चा करना चाहते हैं हम आए हुए हैं आपके शहर में आप बोलो कब आ जाए उन्होंने कहा कल 11 बजे आप आ जाइएगा बहुत विद्वान मिल जाएंगे आपको जी तो मैंने ठीक है भाई मैं एक दिन स्पेशली कल जाने के लिए रुका रहा वहां पर होटल में रूम लेकर के रूम लेना पड़ा मुझे वहां पर और पैसे खर्च करके मैं रुका दूसरे दिन उन्होंने कहा आप जो अपने चैनल का वो भेज दो लिंक चैनल का लिंक जैसे ही भेजा वो पूरी कहानी बदल गई उन्होंने कहा भैया हमारे पास अभी कोई विद्वान नहीं है आप बाद में आना आप ये आना वो आना तो यह हो रहा है क्यों नहीं आ रहे सामने भाई क्या दिक्कत है हम खा जाते हैं क्या सामने क्यों नहीं आ रहे कबीर भगवान है कबीर भगवान है जी बताइए दूसरा आपका चलिए एक और किसी
02:34:38:13 को ले लेंगे है नहीं सवाल उस टेड सवा काफी देर तक उल रहा हा नाब देने में उसने काफी देर लगा दी उसके बाद जस्ट बाद जो दूसरा चेला है रामपाल का वो उसका भी बाप निकला वो क्या बोल रहा था कि मैं सा वेदों में प्रमाण तो है कबीर भगवान है लेकिन मैं आपको बता नहीं सकता अब ये ऐसी उटपटांग बात करने वाले और डिबेट करने आ जाते हैं तो सर यही रिक्वेस्ट है कि ऐसे उटपटांग बात करने हैंड टू हैंड निकाल दिया करो एक बात बताओ चलो वो सब छोड़ो आप नास्तिक क्यों हो ये बताओ वो सब छोड़ो मैं नास्तिक क्यों हूं हम बा अच्छे से आपका सामना नहीं कर पाऊंगा ठीक है लेकिन फिर भी बताता आप ऐसा करो जी आप ऐसा करो जी एक सवाल ढूंढो कि आप सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में माता बहन और पत्नी इनमें भेद करते हो कि नहीं करते हो यदि करते हो तो इसका आधार क्या है आधार यही है कि मैं जिस समाज से बिलोंग करता हूं हम हमारे जैसे मम्मी पापा हिंदू फैमिली में हमारा पूरा समाज हिंदू फैमिली
02:35:53:14 से यानी कि आपका जो आधार है माता बहन और पत्नी में अंतर करने का वो धर्म है जी हां जी बिल्कुल वो धर्म है क और सुनिए और एक एक मिनट और धर्म का आधार है ईश्वर तो माता बहन और पत्नी में अंतर करने वाला व्यक्ति यह नहीं कहना चाहिए मैं ईश्वर को नहीं मानता आपको यह कहना चाहिए मैं जिज्ञासु हूं मैं ढूंढ रहा हूं यह कह दोगे तो चलेगा मगर खंडन कर दोगे तो फिर आपके पास सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में कौन माता है कौन बहन है कौन पत्नी है इसका आधार नहीं रहेगा आप जो है पशु हो जाओगे जो पशु होता है ना जो पशु होता है मैं जो पशु होता है उसके लिए कोई माता बहन पत्नी नहीं होती है तो जब हम ईश्वर का खंडन कर देते हैं मैं मानता ही नहीं हूं तो हमारे पास ये नियम नहीं रह जाते हैं अगर हमें सिद्ध करना है कि हम इंसान है तो मानना होगा कि हम जो है वो हम जो है भगवान को ढूंढ रहे हैं उसे नकार नहीं रहे कम से कम आप बताइए आप देखो आपने कहा कि तीन स्त्रियों में से माता बहन पत्नी का आप अलग-अलग कैसे डिसाइड कर पाते हो देखो बहुत सारी चीजें ऐसी होती है कि अंदर से हम दिल से नहीं मानते
02:37:08:15 उन चीजों को बावजूद उसके सिर्फ इसलिए समाज के रूल को फॉलो करना होता है क्योंकि ऐसे लोगों हम इर्दगिर्द हमारे चारों और वही लोग रहते हैं जो ऐसे रूल्स को मानते हैं फॉर एग्जांपल मैं मेरे मतलब आपका बस चले तो आप इस नियम को तोड़ सकते हो ये ई ये हुआ प्योर नास्तिक ये प्योर नास्तिक वाली बात है देखिए आप आपका बस मैं पूछ रहा हूं आपका बस अगर चले देखिए मैं आपका दुश्मनी दुश्मन हो के बात नहीं कर रहा एक भाई की तरह बात कर रहा हूं बड़ा भाई बड़ा भाई समझ के ठीक है क्या आपका बस चलेगा तो आप बहन के साथ पत्नी जैसा व्यवहार प आ जाओगे क्या नहीं जैसे अभी आप नहीं नहीं नहीं आओगे इसका मतलब आप आत्मा से मानते हो ना देखो मैं इस बात को मानता हूं कि जहां हम जिस सोसाइटी में रह रहे हैं कुछ ना कुछ रूल्स होने चाहिए ताकि वहां की शांति व्यवस्था और बड़ मेरे भाई आप अगर विदेश चले जाओगे जहां पर पॉन मूवीज का संसार है पूरा संसार व्यभिचार का संसार है वहां पर बहन के साथ इस नियम को तोड़ दोगे बिल्कुल नहीं नहीं ना इसका मतलब ये नियम आपने आत्मा से माना है बिल्कुल माना है ना ठीक है बिल्कुल खोज करो धर्म ना पशु भी समाना शास्त्रों
02:38:23:20 में इसीलिए कहा गया इसकी आप खोज करोगे धीरे धीरे देखना आप एक दिन दोबारा आओ फिर आओ हमारी क्लासेस में आओ ईश्वर कैसे सिद्ध होता है और श्वर आज तक जो लोग जैसे बागेश्वर के बारे में आप क्या विचार रखते व सच में चमत्कार करते हैं या फिर वो एक झूठ है आपका क्या मत है इसके बारे में देखिए य कोई भी विद्या जब तक हमें प्राप्त नहीं होती हमारे लिए वो चमत्कार है जब तक हम हवाई जहाज नहीं बना सकते हैं ना लोहा लेके तब तक हमारे लिए राइट बंधु जो है चमत्कारी पुरुष है मगर चमत्कार के आधार पर हम भगवान को सिद्ध नहीं करते हम भगवान के लिए तर्क नहीं देते कि देखो उसने ये करके दिखा दिया हमने आज तक दिया क्या हमारे चैनल प जैसे ये लोग कहते हैं जैसे ये लोग कहते हैं कबीर पं का एकन या आप बोल लीजिए ऐसी विद्या हो सकती है हमने नहीं जाना हमने समीक्षा नहीं की कि बागेश्वर वालों के पास ऐसी विद्या है कि नहीं ऐसी विद्या अस्तित्व में है हो सकती हैं अगर कोई सिद्धि प्राप्त करना चाहे इस लेवल तक की हो सकती है आप ही देखो उसी न्यूज चैनल पर जिस पर बागेश्वर वाले गए थे उस पर माइंड रीडिंग वाले दूसरे लोग आए थे ना
02:39:39:18 जी है ना उन्होंने काफी हद तक उस विद्या को टच किया हुआ था माइंड रीडर्स ने किया हुआ था ना तो अब उससे और आगे की स्थिति हो सकती है हमने समीक्षा नहीं की कि बागेश्वर वालों के पास और ना ही हमें समीक्षा करनी है हमें समीक्षा करने का तब वो आता है जब धर्म की संस्था में बहन के साथ पत्नी जैसा व्यवहार ना करने की मर्यादा को तोड़ने लग जाए जब कोई तो हम लोग बीच में आ जाते हैं जो ये आज दुनिया में संसार में जब तक कोई माता को माता की नजरों से और बहन को बहन की नजरों से देख रहा है इसका अर्थ है कि दुनिया में धर्म है जी ठीक है तो अब नींद आ रही है सभी को आप आए अच्छा लगा काफी देर हो गई ओके जी नमस्कार करते अच्छा लगा आपसे बात करके और आप क्लासेस जवाइन करिए हो हो सके तो आपके और सारे प्रश्नों का समाधान ये नोट कर लीजिए इसमें क्लासेस में आप आ सकते हैं 740 8306 एक सेकंड सर आप दोबारा बोलोगे आराम से ये आ रहा है स्क्रीन प लास्ट का दोबारा देख लीजिएगा लास्ट का लाइव रहेगा ना ये तो दोबारा देख लीजिएगा
02:40:54:18 लास्ट में आपका सीन है बाकी सर मेरी वजह से काफी लोग नास्तिक बन चुके हैं मेरे इर्दगिर्द के लोग काफी काफी लोग अब आप आस्तिक बन जाओगे तो वो भी आस्तिक बन जाएंगे नहीं सर मैंने उनको लॉजिक करना इतना ज्यादा सिखा दिया है कि वो मजबूत ठोस प्रमाण के बिना कभी आस्तिक नहीं बनेंगे वो कम से कम 50 50 से प्रमाण देते हैं बात ये है देखिए कभी-कभी ऐसा भी होता है कि जैसे किसी ने अगर त्रिया चरित्र मातृ शक्ति के साथ विवाह कर लिया उसको बाद में पता लग भी गया कि त्रिया चरित्र शक हो रहा है उसको पता चल रहा है प्रमाण मिल रहे है फिर भी वह अपने निर्णय की रक्षा कर रहा है वो तो उसकी ही रहा है जैसे जैसे रा जैसे कई बार ऐसा होगा कि रामपाल जी या इकोन के कई लोग ऐसे होंगे जो हमारे तर्क और प्रमाण की बात पर कहीं कहीं उनके अंदर अलग जगग कि कहीं तो कुछ गलत हो रहा है मगर मगर फिर क्या होगा कि हमने इतने लोग से ऐसा कहा अब मैं ही इस सिद्धांत को कैसे छोड़ दूं इस दिक्कत के कारण व सारा जीवन उसमें बिताएंगे इसीलिए कहा जाता है इट्स बेटर टू केयर देन क्यर आप जो है मामला बिगड़ने से पहले जितना बचा सकते हैं बचाइए क्योंकि बिगड़ने के बाद अगर उसको हमने तर्क और प्रमाण से सिद्ध भी कर दिया तो आखिर
02:42:09:26 में उसके पास यह रह जाएगा कि लोग मुझसे क्या कहेंगे मैं तो आज तक इसकन के लिए प्रचार करता था और अब मैं जाकर के इसकन की बुराई कर रहा हूं नहीं नहीं मैं तो अब इसी जीवन जिगा ऐसा हो जाता जो नास्तिक बने है उम से तीन चार तो पुजारी थे और उन्होने मा वगर किसी दिन आप फम भर दीजिएगा सामना करिएगा हम लोग किसी दिन आपके नास्तिक पन से भिड़ेंगे है ना जी जरूर मोस्ट वेलकम जय श्री राम नहीं अभी आप यह कह रहे थे ना कि मैं आपसे नहीं भिड़ सकता ऐसा आपने कहा था अभी शुरुआत में अभी बिड़ने के मूड में नहीं फिर कभी जरूर बूंगा जी ठीक है श
02:42:54:00 चलिए सभी को जय श्री राम आज की लाइव स्ट्रीम में आप लोग जुड़े अच्छा लगा जय श्री राम
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क्या रामपाल के पास नास्तिकों का खंडन है? #rampaljimaharaj #satlokashram
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