No part of this video is used anywhere yet.
SRT: ⬇ SRT ⬇ Original file

.srt or .vtt (Hindi). The old file is backed up. After that the match for this video is rebuilt (may take a few minutes, keep the page open).

⬜ Not used yet · 00:00:00:00 – 00:28:38:00 (28:38)

00:00:00:00 दुर्गा माता का अपमान नहीं सहेगा नहीं दुर्गा माता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान दुर्गा माता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान दुर्गा माता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान दुर्गा माता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान रामपाल का एक ठिकाना जेलखाना जेलखाना रामपाल का एक ठिकाना जेलखाना जेलखाना [संगीत] ओमम [संगीत]

00:01:32:28 अब यह बताओ सबसे पहली बात कि तुमको एन केन प्रकारन जब यह पता है कि रामपाल के विरुद्ध हाई कोर्ट में केस लगा हुआ है उत्तर प्रदेश में तुमने रामपाल से प्रश्न किया कि तुम्हारे जो लोग हैं शासन है। शासन ने वहां पर एफआईआर दर्ज कराई है तुम्हारे नाम दान सेंटर के ऊपर। शासन के आदेश से उसमें एसीपी की रिपोर्ट लगी है कि हम किताबों को ढूंढ रहे हैं। नामदान सेंटर पर किताबें नहीं मिली है। यह एसीपी की रिपोर्ट मेरे पास है। मैंने तुमको ये सारी चीजें बताई है। हाई कोर्ट का आर्डर बताया है। एफआईआर के बारे में बताया है। नामद सेंटर बंद होने के बारे में बताया है। किताबों के जलने के बारे में बताया है। WhatsApp के जरिए और भी बहुत सी चार चीजें भेजी हैं। इंटरनेट पर जो यह लाइव लॉ करके वेबसाइट होती है जहां पर जो कानूनी ऑर्डर्स वगैरह निकलते हैं वहां पर हिंदुस्तान टाइम्स पर जाने कितनी तरीके की चीजें वहां पर खबरें पड़ी हुई हैं जो हाई जो रामपाल के ऊपर जो हत्या के केस हैं यह है वो है वह सब एक तरफ मगर रामपाल को लेकर के जो हमारा जो हिंदुओं का जब मुख्य विरोध है एक खूनी के रूप में नहीं है पाखंडी के

00:02:48:02 रूप में, वेद विरोधी के रूप में, अधर्मी के रूप में उस अधर्म का उस अधर्म के विरुद्ध हाई कोर्ट में। ठीक है? उत्तर प्रदेश इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका लगी हुई है। जिस पर कोर्ट ने आड़े हाथों लिया शासन को और जिस पर शासन ने एफआईआर करवाई है। तुम्हारी लखनऊ में रामपाल की किताबें नहीं बच पा रही हैं। तुमने पूछा कि तुम्हारा सेंटर वहां क्यों बंद हो गया है? तुमने पूछा कि वहां पर दोबारा किताबें कब बिकने वाली है तुम्हारी? तुमने पूछा कि तुम्हारा कोई पैरोकार हाई कोर्ट में तुम्हारे उनकी पैरवी करने क्यों नहीं जा रहा है? तुमने पूछा कि ऑफिशियली रामपाल की ओर से कौन खड़ा हुआ है जो एफआईआर हुई है उस संबंध में? तुमने पूछा तुमने पूछा कि जेलर को तलब कर लिया हाई कोर्ट ने कि भाई तुम्हारे यहां पर जिस समय रामपाल जेल में था उस समय जेल में बंद व्यक्ति के नाम से बाहर इतना बड़ा कारोबार चल रहा है। तो जेलर क्या कर रहा है? उस संबंध में जेलर को तलब कर लिया गया। जेलर आज के टाइम में पार्टी है उस केस में उस रिट में और जैसे अन्य YouTube मेटा इत्यादि ये सब पार्टी है। शासन उसमें एक पार्टी है कि भाई उसके अंडरटेिंग में ये सब कैसे हो रहा है? तो शासन को रामपाल क्यों नहीं बता रहा है अपनी चीजें? जिससे कि शासन वह जवाब लगाए

00:04:03:20 कि हम हम लोग तो ठीक हैं। रामपाल तो फरार है। रामपाल को पता ही नहीं है कि उसकी चीजों पर केस चल रहा है। रामपाल को पता ही नहीं है कि उसके लोग यहां पर नामदान सेंटर उनका बंद हो चुका है। यह सब सवाल तुमने किए रामपाल से। इसको पत्रकारिता नहीं पत्रकारिता ना कहकर चाटुकारिता ना कहे तो क्या कहें? बताओ। अब तुम उस व्यक्ति से पूछ रहे हो उस व्यक्ति से तुम पूछ रहे हो कि पाखंड क्या होता है? धर्मेंद्र जी से तुमको पाखंड का अर्थ पता है? तुम खुद बताओ। अभी तक के टाइम पे इस समय तक मैं लिख के दे सकता हूं कि स्टेप अप जे को पाखंड का अर्थ ही नहीं पता है। पाखंड का अर्थ सुनो। पा का मतलब है वेद। खंड का मतलब है विरोध। वेद विरोधी जो होता है वह पाखंडी है। वेद का विरोधी पाखंड है। वेद का मतलब ही धर्म है। शिवराम आपटे की इनको दिखाओ। प्रमाण क्रमांक एक पाखंड का अर्थ क्या होता है? देखो पाखंडी कैसे सिद्ध होता है? शिवराम आपटे का दिखाओ इनको। ये देखो पढ़ो। त्रई धर्म

00:05:18:21 है ना? उसका खंडन करने वाला उसको पाखंडी कहते हैं। नास्तिक कहते हैं। अधर्मी कहते हैं। वेद विरोधी नास्तिक होता है। दूसरा प्रमाण दिखाओ मनुस्मृति का। ये पढ़ो थोड़ा बहुत। ठीक है? केवल फरलोबाजी वाली पत्रकारिता मत करो। पढ़ो थोड़ा बहुत। यह देखो मनुस्मृति में क्या लिखा है। दो 9 मनुष्य वेद और स्मृतियों में कहे हुए धर्म को करता हुआ इस संसार में कीर्ति और मरकर निश्चय करके परम परमोत्तम सुख पाता है। ठीक है? वेद और स्मृति में कहा हुआ। बड़ा रखो अभी वेद को श्रुति और धर्म शास्त्र को स्मृति जानना चाहिए। धर्म शास्त्र सब हो गए। पुराण इतिहास पुराण स्मृति इत्यादि। ठीक है? और यह दोनों सब विषयों में आगे क्या कहा जा रहा है? जो द्विज नीचे 11वा 11वा श्लोक मुख्य है। जो द्विज उन दोनों धर्म के मूलों का तर्क शास्त्र के सहारे अपमान करता है। कुल मिलाकर के वेद की निंदा करता है। वह नास्तिक है। वह नास्तिक और वेद निंदक है। नास्तिक कौन है? वेद निंदक। यह है। पाखंडी का मतलब क्या है?

00:06:33:25 नास्तिक। वेद विरोधी और वेद विरोधी कौन है? नास्तिक। और यह मनुस्मृति के प्रमाणिकता पर अगर मालूम ना हो तो पता कर लेना। वाल्मीकि रामायण में लिखा हुआ है जब सुग्रीव को बाली को तीर मारा था ना प्रभु श्री राम ने। तुम तो कहते हो ना तुम तुम सबको मानते हो। राम जी को मानते तुम रामपाली तो नहीं हो ना। उसको थोड़ा ज्यादा प्रमाण देने पड़ेंगे। रामपाली होगा तो और देने पड़ेंगे प्रमाण। जो ग्रंथ वो मानता है उन्हीं से देने पड़ेंगे। मनुस्मृति को तुम्हें मानना पड़ेगा ना। वाल्मीकि रामायण में प्रभु श्री राम ने तीर मारा था बाली को। बाली ने आरोप लगाया कि तुमने मुझे गलत तरीके से मारा है। बाली ने भी वहां पर लगभग लगभग मनुस्मृति की बातें ही कही। तब जाकर प्रभु श्री राम ने एज इट इज वाल्मीकि रामायण में मनुस्मृति के दो से तीन श्लोक बोले हैं। उच्चारित किए हैं। एज इट इज उठा के वो पढ़ लेना। मनुस्मृति में जो श्लोक आठव अध्याय में दिए गए हैं वही श्लोक वहां किष्किंदा कांड में बाली की मृत्यु के समय बाली को उत्तर देते हुए प्रभु श्री राम ने बोले हैं वाल्मीकि रामायण का अध्ययन कर लेना। ठीक है? तो मनुस्मृति से हो गया वेद विरोधी। और अगला तीसरा प्रमाण भी दिखा दीजिए। तीसरा प्रमाण। इसके

00:07:49:06 बाद क्या लिखा है? तीसरे में जो ब्राह्मण ब्राह्मण आदि वर्ण स्वधर्म को छोड़कर पर धर्मों में प्रवृत्त होते हैं अथवा हीन वृत्ति का आलंबन लेते हैं वह नग्न कहलाते हैं। नग्न कहलाते हैं। आगे पढ़िए। जिस स्थान में चारों वर्णों का अत्यंत मिश्रण हो उसमें रहने से पुरुष की साधु वृत्तियों का क्षय हो जाता है। जो पुरुष ऋषि अब ये देखो देख लो यहां। यह तुम्हारे बाबा जी का इस समय तुम्हारे हो गए ना बाबा जी। तभी तो उनका प्रचार करते घूम रहे हो माइक लेकर के। तो पढ़ो यहां पत्रकारिता या चाटुकारिता कर रहे हो निश्चय करो जो पुरुष ऋषि देव प्रत पितृ भूत और अतिथि गण का पूजन किए बिना भोजन करता है उससे संभाषण करने से भी लोग नरक में पड़ते हैं और तुम्हारा जो रामपाली है वो क्या करता है क्या कहता है पितृ पूजा नहीं करनी चाहिए पितृ पूजा का तो निषेध है पितृ पूजा अगर हम यह मान करके चले कि यही सब कुछ है स्वतंत्र सत्ता मान करके चले तब वहां पर गीता में उसके लिए कहा गया है ऐसा ना सोचे यह नहीं कहा गया कि पितृ पूजन करना ही नहीं है श्राद्ध कर्म करना ही नहीं है ठीक है इसके आगे क्या लिखा है अतः वेदत्रय के त्याग से यानी वेद विरुद्ध हो गया मामला वेदत्रय

00:09:04:09 के त्याग से दूषित इन नग्नों के साथ वेद विरोधी कौन हो गए नास्तिक नास्तिक को यहां नंगा कहा जा रहा है नंगा शास्त्र में ये लोग बहुत यहां की बात वहां निकाल के उल्टे सीधे शब्दों का प्रयोग करते हैं ना हमारे लिए अगर मैं अपनी पे आ जाऊं तो ये लोग खून के आंसू रोने लगे। मगर मेरे को मुझे मेरे पास एक मर्यादा रूपी धर्म है ना। इसलिए ये लोग इतना नाच लेते हैं। जो नंगा नाच करते हैं ना ये सब ये युवराज और ये सचिन अभिषेक ये नंगा नाच जो दिखाते हैं इसी कारण से दिखाते हैं। ये देखो तुम्हारे बारे में क्या लिखा है। नंगे हो तुम लोग। जो इन चीजों का विरोध करते हो पितृ पूजन का श्राद्ध कर्म का। श्राद्ध कर्म का विरोध करने वाला वेद विरोधी है। वेदत्र को त्याग देने वाला है और उसको नंगा कहा गया है। नंगो हां इसमें क्या कहा है? इस प्रकार मैंने तुमसे पाखंडी तो संभाषण तक करने से मना किया है। बात करने से और जिसे नंगा कहा गया है। जिसे नास्तिक कहा गया जिसे वेदत्रय का विरोध करने वाला कहा गया है। विष्णु पुराण तीसरा अंश 18वां अध्याय 48 से 51 अभी हमने पढ़ा है और अब हम पढ़ रहे हैं 96 से 102 ठीक है? उसी क्रम में आगे मुख्य बातें क्या लिखा है? इस प्रकार मैंने तुमसे पाखंडी से

00:10:19:10 संभाषण करने का दोष और फिर आगे अश्वमेध यज्ञ का महत्व दिखाया गया है। इसलिए पाखंडी और पापाचार पाखंडी कौन है? पापाचारी। पाखंडी और पापाचारी से कभी वार्तालाप और स्पर्श ना करे। इसको मानते हो ना तुम? वही जाकर आए हो ना स्पर्श कर करके पाखंडियों के यहां। देखो अपनी चाटुकारिता है कि नहीं? तो आगे क्या है? और तुम नंगो भी सुनो जो नंगे लोग हैं। जो नंगाई करते हैं अपने वीडियोस में आजकल खैर शांत है वो वो हो गई है ना पूजा उनकी चांटों से लातों से घूसों से हो गई है पूजा तो आजकल शांत है थोड़े पर खैर तुम्हारा वो परमानेंट निवारण तो यहां से ही होगा ना परमानेंट निवारण तो हम ही करेंगे ये तो सतई स्तर की बातें हैं अह तो वार्तालाप स्पर्श भी ना करें ठीक है जिसके घर में एक मास आज तक नित्य कर्मों का अनुष्ठान ना हुआ हो। उसको देख लेने पर बुद्धिमान मनुष्य सूर्य का दर्शन करें। ये जिन जिनके घर में ऐसा नहीं होता उनको देख लेने से क्या दोष होता है? फिर जिन्होंने वेद त्रय का सर्वथा त्याग कर दिया है। तथा जो पाखंडियों

00:11:34:28 का अन्न खाते हैं। अन्न तो नहीं खाया वहां जाकर प्रसाद तो नहीं लिया खीर इत्यादि का। यह मैं स्टेप अप जे वालों से पूछ रहा हूं। ऐसा तो नहीं इनका अन्न वन्न तो नहीं खाया। देखो क्या लिखा है? अन्न खाया हो तो देख लेना। अन्न खाते हैं वैदिक मत का विरोध करते हैं। उन पापात पापात्माओं के दर्शन आदि करने पर तो कहना ही क्या है? इन दुराचारी पाखंडियों के साथ वार्तालाप करने संपर्क रखने उठने बैठने में महापाप होता है। इसलिए इन सब बातों का त्याग करें। पाखंडी है ना विकर्मी विडाल व्रत वाले दुष्ट स्वार्थी बगुला भगत लोगों का वाणी से भी आदर ना करें तुम वाणी से आदर करते फिर रहे हो अरे शर्म करो जो तुम्हारी मां के बारे में इतनी अश्लीलता परोस रहा है अपनी किताबों में उसके द्वारा इजाद किए हुए जो ये युवराज जैसे लोग हैं इतनी घृणित बातें कर रहे हैं तुम्हें शर्म नहीं आ रही है उसकी उसका प्रचार करते फिर रहे हो कहते हो अपने आपको पत्रकार लज्जा आनी चाहिए तुम्हें अपने आप पर कह रहे हो कि मैं तो सबको मानता हूं क्या खाक मानते हो तुम अंडरवियर से लेकर के जाने क्या-क्या बातें लिखी हुई है इसकी किताबों में पता भी है जीने की राह में पढ़ के देख लेना शिव पार्वती

00:12:50:02 के प्रसंग में क्या-क्या लिखा है इसने तुम्हारे फुअर बाबा ने और उन्हीं का आलंबन लेकर के सचिन और युवराज जैसे लोग वीडियो बनाते हैं यह मसल दी वो मसल दी कुछ मालूम ना तालुम ना संस्कृत का ज्ञान ना शास्त्र का ना शास्त्र का अवलोकन ना गुरु का सानिध्य खड़े हो गए और उसका उसका तुम ढिंढोरा पीट रहे हो वाह बहुत अच्छा घी है बहुत अच्छा घी है बहुत अच्छा घी है मुझको अक्सर लोग फोन करके कहते क्यों रामपाल के पाइप नहीं दिखाई दिए तुम्हें एनाकोंडा जैसे वैसे तो वो भी क्या है क्या नहीं है अलग बात मगर यदि रामपाल पाइप लगा रहा है लोगों के घर में तो उसके पास तुम लोग अपनी स्त्रियों को सोने भेज दोगे क्या विरोध नहीं करोगे अगर वो मंगाएगा उनको तो

00:13:45:15 पाइप का विरोध हो रहा है क्या ये रामपाल के रामपाल के द्वारा फैलाए गए वैचारिक जहर का विरोध हो रहा है। वैचारिक जहर रामपाल चाहे घी बेचे बहुत अच्छी क्वालिटी का सस्ते दामों में चाहे लोगों के घर में सिलेंडर लगा दे चाहे सिलेंडर खोल के आग लगा दे बात यहां उसकी नहीं हो रही है बात यहां हो रही है वैचारिक जहर की उसका विरोध हो रहा है कि रामपाल ये बेच रहे हैं वो बेच रहे हैं उसके वहां जाकर के दिखा रहे हो यहां का दृश्य क्यों नहीं दिखा रहे रामपाल का सेंटर क्यों बंद है किताबों किताबों के बारे में बता नहीं पा रहे हैं तुमने पूछा रामपाल से तुम्हारी किताबें कहां छपती है? पुलिस ढूंढ रही है रामपाल की किताबों को। पूछ पाओगे? दिखा पाओगे वो कारखाना रामपाल का? जैसे घी दिखाया, तेल दिखाया है। किताबें कहां छप रही? दिखाओ कारखाना। बात करते हैं पत्रकारिता की। 3 18 96 से 102 क्या लिखा है? इन पाखंडी दुराचारी अति पापियों का संसर्ग दूर से ही त्यागने योग्य है। इसलिए इनका सर्वदा त्याग करें। और नीचे आइए। रामपाल को नहीं अब रामपालियों को पकड़ा जाएगा।

00:15:01:15 तो विष्णु पुराण 3 18 48 से 51 यहां तक आपने देख लिया। पाखंडी का अर्थ है नास्तिक। पाखंडी का अर्थ है वेद विरोधी। नंगा। पाखंडी का अर्थ है ऐसा व्यक्ति जिसको देखना नहीं चाहिए, बात नहीं करनी चाहिए, स्पर्श नहीं करना चाहिए। ठीक है? यह सब पाखंडी के लिए कहा गया है। और पाखंडी होने का एक प्रमाण हम लोग इसी जो हमने टेक्स्ट पढ़ा है अभी उसी में से दे दिया विष्णु पुराण में कि वहां पर व्रत ना रखने वाले को व्रत को वेद का अंग माना गया है। आगे हम प्रमाण दे देंगे। व्रत को वेद का अंग माना गया है। और वेद की निंदा हो रही है व्रत की निंदा करने में। चलो अब आगे चलते हैं। यह तो हमने दिखा दिया। इसके साथ ही साथ लिंग पुराण खुद देख लेना। 7821 और अग्नि पुराण 164 इसमें भी आपको मिल जाएगा। अब यहां तक हमने ये समझ लिया पाखंडी किसे कहते हैं और विष्णु पुराण में वेद विरोधी किसको कहा गया है? पाखंडी वेद विरोधी को कहते हैं। नास्तिक को कहते हैं। ये सब हमने समझ लिया। अब रामपाल पाखंडी कैसे हैं? रामपाल पाखंडी कैसे हैं? यानी रामपाल वेद विरोधी कैसे है? तो एक तो हमने यही जान लिया व्रत का विरोध करने वाला पाखंडी

00:16:16:24 हो गया, वेद विरोधी हो गया, नास्तिक हो गया, नंगा हो गया शास्त्र के हिसाब से। आगे जो है वेद की घोषणा है नान्या पंतः विद्यते क्या है? नान्या पंथ विद्यते वेद घोषणा कर रहे हैं। जीवन मरण के चक्र से छूटने का जो वेद बता रहा है उससे भिन्न कोई और मार्ग नहीं है। 31 18 यजुर्वेद ये देख लो वेद की घोषणा नान्या पंथा विद्यते ये वेद की घोषणा है। स्पष्ट क्या घोषणा कर रहे हैं? वेद से भिन्न जीवन मरण से मुक्ति दिलाने वाला और कोई मार्ग नहीं है। स्पष्ट घोषणा है वेद भगवान की और कहां पर है? यही घोषणा श्वेता शत्रुपनिषद तीन आठ में है। श्वेता शत्रुपनिषद दिखाइए इनको यह देखिए नान्या पंथा विद्यते और दिखाइए। इसके बाद वाला छ पांच श्वेता शत्रपनिषद नान्या पंथा विद्यते

00:17:23:22 इससे भिन्न मोक्ष प्राप्ति का कोई और मार्ग नहीं है। यह वेद की घोषणा है। ठीक है? अब इनको जरा अच्छा एक घोषणा और दिखा बोल देता हूं। वो फोटो नहीं है। 11 5 16 ब्रह्मचारी ही आचार्य बनता है। कबीरचारी नहीं परम ब्रह्मचारी नहीं ब्रह्मचारी क्योंकि ब्रह्म ही हमारे यहां परम तत्व है। उसी को कहीं-कहीं जब उसके कई रूप होते हैं कार्य कारण भेद से तो उसी में परम और पूर्ण इत्यादि ये जो विशेषण है वो लगाने पड़ते हैं। कार्य कारण भेद से जब वो विभिन्न रूपों में प्रकट होता है। मगर परम तत्व के रूप में ब्रह्म की ही बात हुई है। अथ तो ब्रह्म जिज्ञासा है। अथा तो कबीर जिज्ञासा नहीं है। ब्रह्मसूत्र है हमारे यहां। तुम तो पढ़े लिखे हो ना स्टेप जे वाले। तुम तो इनकी तरह फुअर नहीं हो। हां? ब्रह्मसूत्र लिखा है हमारे यहां। कबीर सूत्र लिखा है। जिस पर जिस पर भाष्य हुआ है सभी आचार्यों का। कुछ मालूम ना तालूम चले हैं प्रचारक बनने बनने स्टार प्रचारक बनेंगे भले ही धर्म को कोई भी क्षति पहुंचे उससे कोई मतलब नहीं है सनातन धर्म

00:18:39:03 है ना तब तक सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में माता बहन और पत्नी में अंतर कर रहा है मनुष्य जैसेजैसे तुम क्षति पहुंचाओगे जैसेजैसे लोग इसमें अनास्थावान होंगे सनातन धर्म में वैसे वैसे पाप को तुम न्योता दोगे समझ लेना आज तुम्हारे घर के बाहर आग नहीं लगी हुई है तब तुम चैन चैन से बैठे हुए हो और इंतजार कर रहे हो कि मेरे घर पर कब आग लगेगी तब मैं बोलूंगा। बिजली में बिजली के झूले में बैठे बैठा हुआ वो व्यक्ति जो नीचे आते टाइम आंखें बंद करता है वो हो तुम जो सोच रहे हो कि सनातन धर्म के साथ खिलवाड़ करके और मैं अपना चैनल चला के अपना जीवन सुखी बना लूंगा। कभी नहीं होगा। विभिन्न प्रकार के श्राप लगेंगे तुमको। विभिन्न प्रकार के

00:19:27:08 आचार्यों से लेकर बटों तक के तुम्हें श्राप लगेंगे जो तुम्हें फैला रहे हो रायता यदि तुम्हारी जानकारी में है तो अभी के अभी इससे पृथक हो जाओ जीवन का भला चाहते हो तो और आत्मा अवलोकन करो क्या कर रहा हूं मैं बने पत्रकार फिर रहे हैं लो भैया आगे प्रमाण तो वेद की घोषणा क्या है वेद की घोष घोषणा क्या है? नान्य पंथा विद्यते वेद के अलावा कोई भी और मार्ग नहीं है मुक्ति का। ठीक है? ब्रह्मचारी ही आचार्य बनता है। 11 पांच 16 अथर्ववेद अब इनको दिखाओ भैया इनके बाबा जी क्या कह रहे हैं वेद के बारे में? हम क्या कह रहे हैं वेद के बारे में? दिखाओ। वेदों व गीता में ज्ञान तो श्रेष्ठ है। परंतु भक्ति की साधना केवल काल ब्रह्म की प्राप्ति है। जिससे विकार रहित नहीं हो सकता। उस परमात्मा को प्राप्त करने योग्य मंत्र के जाप से ही हो सकता है। वो किसी शास्त्र में नहीं है। वेद में मार्ग नहीं है। इसको कहते हैं पाखंड। वेद की इस बात का खंडन हो रहा है कि वेद के अलावा कोई मार्ग नहीं

00:20:42:12 है। वेद से भिन्न कोई मार्ग नहीं है। इस बात का खंडन है तुम्हारे बाबा की प्रत्येक कृताब में। ये है पाखंड। समझ लेना पाखंड की बात हो रही थी ना पाखंड कहते किसे हैं। तुम पूछ रहे थे धर्मेंद्र जी से तुमको खुद मालूम नहीं है पाखंड कहते किसे हैं। पाखंड कहते हैं वेद विरोध को। वेद विरोधी होता है नास्तिक। नास्तिक होता है नंगा। तो यह देखो नंगपन क्या लिखा है कि वेद और गीता से मुक्ति नहीं होगी और दिखा दो इसमें नीचे क्या लिखा है दिखाओ वेद को बोलने वाला वेद को बोलने वाला अज्ञानी भी है इसी यही कहीं आपको मिल जाएगा ठीक है अच्छा यह ब्रह्म साधना की घटिया गति है जिसका प्रमाण स्वयं ब्रह्म भगवान देते हैं यहां पर ब्रह्म जो है भगवान हो गया दूसरे शास्त्र में ब्रह्म को लिख रहे हैं काल और शैतान राक्षस जो आत्माओं को खाता है

00:21:40:26 तो ब्रह्म साधना की घटिया गति ये तुम्हारी चीजों को जिनका तुम दिखा रहे हो ना कि मैं कलावा बांधता हूं मैं तो सबको मानता हूं ये घटिया कहा जा रहा है वेदों को वेदों के वक्ता को यहां घटिया कहा जा रहा है आ रही है शर्म थोड़ी बहुत आ रही है शर्म थोड़ी बहुत चलो और नीचे दिखाओ इनको और नीचे दिखाओ क्या कहा जा वेदों को बोलने वाले के लिए मेरी भक्ति वेदों व गीता में वर्णित विधि से करता है। वह मेरे भाव में भावित होता है तथा मेरे जैसे गुणों वाला अर्थात काल का दूसरा रूप हो जाता है। यह यानी काल की घटिया गति को प्राप्त करता है। जो घटिया गति पीछे हमने दिखा दी और अगला प्रमाण दिखाओ। वेद का विरोध देखो। पाखंड देखो रामपाल का। इसकी हेडलाइन पढ़ो चैप्टर की। क्या लिखा है? वेदों में वर्णित साधना से साधना विधि से विकार नहीं मरते। यानी वेदों में मोक्ष का मार्ग नहीं है। मुक्ति का मार्ग नहीं है। और भरभर के ना जाने कितनी बार ये लाइन चैप्टर की हेडलाइन है। रामपाल की ये भ्रष्ट किताबों में जो इललीगल रूप से छपती है। छुप करके और तुम चले उसको बताने साधु। हां। और दिखाओ भाई अगला

00:22:56:00 प्रमाण। चारों वेदों 18 पुराणों गीता जी व छह शास्त्रों में केवल ब्रह्म काल जो कि इसके अनुसार शैतान है की उपासना की जानकारी है यानी कि वेदों की इस बात का खंडन है इसके इसके यहां पर और तो और इसके रेफरेंस अलग से डालेंगे इस वीडियो में। यह जो वेदों को बोलने वाला है ना यह अपना उल्लू सीधा करने के लिए झूठ बोलता है। वेदों को बोलने वाला है ना जिसको भगवान कह रहा है वो जो है अज्ञानी है। वो कुछ जानता नहीं है। यह है तुम्हारे रामपाल का पाखंड। ठीक है। झूठ बोलता है और जो इसने यहां पर पिछले पेज पर भगवान कह दिया था ना भगवान की व्याख्या को भी मैं दे दूंगा। छठवे अध्याय में लिखी हुई है विष्णु पुराण के। जो पूर्ण होता है ना जिसको कोई अभाव नहीं होता वह भगवान होता है। यह दिखावे के लिए यहां पर भगवान कहता है। दूसरी जगह शैतान कहता है। प्राणियों को खाने वाला कहता है। हैं और तुम इसके इसकी पत्रकारिता कर रहे हो। हमें वो चाटुकारिता क्यों नहीं दिखाई देगी? ये देखो 97 नंबर पष्ठ है क्या? इसके आगे 97 नंबर पष्ठ है। हां। वेदों व गीता में वेदों व गीता

00:24:11:06 जी में वर्णित साधना से पाप विनाश नहीं होते। इसको कहते हैं पाखंड। पाखंडी हर वो व्यक्ति है जो वेदों को वेदों के प्रति अनास्था कर रखता है। शास्त्र के हिसाब से यदि तुम हिंदू हो तो बाकी अगर हिंदू नहीं हो तो हम तुम्हें हिंदू बना देंगे। कभी मिलना। एक भी कमी हमारे सनातन धर्म में दिखा देना। एक भी अभी किसी ठीक-ठाक व्यक्ति से सामना नहीं हुआ है। ठीक है? इसीलिए ऐसा है। तो क्या है? वेदों व गीता जी में वर्णित साधना से पाप विनाश नहीं होते। वेद क्या कह रहे हैं? और कोई मार्ग नहीं है। यह क्या कह रहा है? जेल कट्टू तुम्हारा क्या कह रहा है? वेदों और गीता में वर्णित साधना से पाप विनाश नहीं होते। मुक्ति नहीं होती है। ठीक है? वेदों और गीता का ज्ञान अधूरा है। क्या है? अधूरा यह कहा है क्या वेद ने कहीं पे? अधूरा ज्ञान है। पूरा नहीं है। उससे मोक्ष नहीं मिलेगा। 11 पांच 16 से हमने बता दिया। वेद अभी ये हटा दीजिए। अभी हटा दीजिए। वेद बार-बार बात कर रहे हैं। अभी स्क्रीन बड़ी कर दीजिए। वेद बार-बार बात कर रहे हैं। ब्रह्मचारी के पास

00:25:26:12 कैसे जाया जाए? ब्रह्मचारी बनना है। ब्रह्मचारी की पूरे उसमें बात हो रही है। गीता में भी ब्रह्मचारी को बताया जा रहा है। और ये कह रहा है ब्रह्म के पास मत जाओ। इसने ब्रह्म हर शब्द का एक गलत अर्थ निकाल रखा है। सनातन के आगे आदि लगा के दूसरा सनातन बनाएगा। और ब्रह्म के आगे परम पूर्ण इत्यादि लगा के दूसरे ब्रह्म बनाएगा। तो वेद जो है ब्रह्मचर ब्रह्मचारी के पास जाने की बात करता है। यानी ब्रह्म के पास वेद का ब्रह्म वह राक्षस नहीं है जो रामपाल के अनुसार राक्षस और प्राणियों को खाता है। प्राणियों को खाने वाला गीता जी में जो दृश्य है वो भगवान का जो संहार वाला रूप है वो दिखाने के लिए वो रूप दिखाया गया है। संहार मतलब जब प्रलय होती है। क्या प्रलय नहीं है। इसके टट्टू तो बोलते हैं कि प्रलय होगी 1000 साल के बाद तब तक का ठेका रामपाल ने ले रखा है। प्रलय होती है कि नहीं होती है? तो प्रलय होगी तो उसमें लोग खत्म होंगे कि जीवित रहेंगे। कैसी प्रलय होगी? तो प्रलय करने की शक्ति को धारण करने वाले के रूप में वो व्याख्या है। जो रूप वो दिखाया गया विराट स्वरूप। खैर बैक टू द पॉइंट।

00:26:42:16 कुल मिलाकर के जो भी लिखा हो बात यह है कि तुमको यह विश्वास नहीं है कि वेद से मुक्ति मिलेगी। रामपाल को यह विश्वास नहीं है। गीता से मुक्ति मिलेगी यह भी विश्वास नहीं। उसको छोड़कर के कबीर सागर पर जाना पड़ेगा तभी मुक्ति मिलेगी। यह है रामपाल का पाखंड। और सुनो रामपाल कबीर सागर को सूक्ष्म वेद कहता है। छमम छक्षम वेद। मैं छमम छमम कहता हूं और वो सूक्ष्म कहता है रामपाल वाला जो वाकई में कबीर सागर है कबीर विजय के उसका सम्मान है मगर रामपाल ने अपना तोड़ मरोड़ के जो प्रस्तुत किया दूसरे रूप में वो छमछम सागर है छमम छमम वेद तो ये जो सूक्ष्म वेद जो कहता है ये गवार व्यक्ति कहता है दूसरी ओर कि गीता वेदों का सार है इसने अपनी इंटरव्यू में क्या कहा कि हम पुराणों को नहीं मानते हैं हम पुराणों को नहीं मानते हम पुराणों को बाद में मानते पहले वेद और वेद का सार गीता और कई जगह लिखा हुआ है इसी की किताबों में कि गीता जो है वेद का सार है और इसके जो टट्टू है वो भी बोला करते हैं ये सब अब जब गीता वेद का वेद का सार है और इसका जो कबीर सागर है वो पंचम वेद है या सूक्ष्म वेद है छमम छक्षम वेद है वेद तो है ना तो उसका

00:27:57:22 भी तो सार गीता होना चाहिए या तो उसको वेद मत कहे और या फिर गीता को सार मत कह मगर दोनों जगह टांगे फसानी है ना फूल फूल और कांटे का अजय देवगन बन के भले ही बीच में डंडा आ जाए है ना दोनों मोटरसाइकिलों पर सवारी करनी है ना भले ही बीच में बंबू आ जाए तो ऐसे व्यक्ति की चाटुकारिता करते हुए आप दिखाई दे रहे हैं मिस्टर स्टेप अप जे उर्फ जगदीप या जगदीश जो भी हैं आप [संगीत]

Plans for this video (0)

No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.

🤖 Ask AI for suggestions

AI reads the remaining (unused) parts of this video and gives ideas for new videos: from where to where, hook, and what to remove from the middle. Suggestions follow the RULES and appear here as "AI Suggestion". You can review, edit or approve them.

  • ⬜
    Hindi SRT Required

    YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)

  • ⬜
    English SRT

    YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.

  • ⬜
    Title (per Rules)

    Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.

  • ⬜
    Description

    YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.

  • ⬜
    End Screen

    YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.

  • ⬜
    Cards

    YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.

  • ⬜
    Playlist Automatic

    YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.

  • ⬜
    Thumbnail

    YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.

"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.

Playlists

Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).

B: SARVASHAKTIMAAN DHARMA Video 28:38 · 20 Sep 2026

रामपाल हुआ शास्त्रों से पाखंडी सिद्ध! अब चेले क्या करेंगे? | सबसे बड़ा EXPOSED

0%
☁️ Drive Not in Drive yet

🔗 This video is made from parts of these videos

A · Live गीता के नाम पर रामपाल के बोलबचन Ep-3 अध्याय 2.53-अध्याय 2.72 #satlok...
Open at 01:08:38:06 Open at 01:09:11:20
A · Live पत्रकार या चाटुकार? Step up Jagdeep के ढोंग का पर्दाफाश
Open at 00:16:35:13 Open at 00:25:11:13 Open at 00:31:30:16 Open at 00:33:13:13

Notes

Description

(empty)

History

No changes yet.

✂️ Clip Cutter

⌨️ Keyboard shortcuts

Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop

▶

Start

End

🔍 zoom
Already used Plan clips
⚠️ () of this clip is already used in another video (green part). Fine if on purpose, otherwise change the times.
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)

Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".

Clips () · Total

Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.

Hook, full note for editor, status