⬜ Not used yet · 00:00:03:27 – 00:43:21:27 (43:18)
00:00:03:27 तो सभी को जय श्री राम। आशा करता हूं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और जो लाइव है काफी दिनों से पोस्टपोंड हो रहा था। बार-बार स्थगित होता जा रहा था और बहुत ही महत्वपूर्ण घोषणा है। सबसे पहले तो मैं यह बता दूं कि जो रामपाल के लोगों ने हम पर एक मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया था। जिसमें कि उसने आरोप लगाया था रामपाल की एक चेली ने जिसका नाम नीतू दासी है। उसने एक आरोप लगाया था कि
00:00:48:02 ये इन्होंने मेरे साथ छेड़खानी की है। वो कैमरे पर भी है वो वीडियो में है और वो प्रचार करती है रामपाल की उन विवादित पुस्तकों का जो अवैध रूप से छपती हैं और साथ ही साथ जिसमें हमारे आराध्यों के लिए बहुत सारी भ्रामक और अपमानजनक बातें लिखी हुई है। तो उस मुकदमे का निर्णय जब इन्होंने एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया था तो उसका निर्णय अभी हमारे पक्ष में आ गया था। इस पर हमने एक विस्तृत वीडियो भी बनाया है कि उन्होंने क्या आरोप लगाए थे और हमारा पक्ष क्या था और किस क्या निर्णय दिया है न्यायालय ने और किसके पक्ष को वहां किसके पक्ष की वहां पुष्टि हुई है वो निर्णय ऑपरेटर महोदय से कहूंगा आप थोड़ा सा दिखा दीजिए [गला साफ़ करने की आवाज़] इसके बाद हम जो मुख्य घोषणा है उस पर आएंगे आज की जो सबसे पहली और सबसे जरूरी आवश्यक बात है वो यह है कि हमने जो एक सीरीज स्टार्ट की थी जो रामपाल ने गीता में अपनी मिलावट की है गंदगी की है जो फवड़ता के साथ अनपढ़ अपने जो गमवरपन को प्रस्तुत किया है वहां
00:02:03:08 गीता का अर्थ करते समय और बहुत सारी उलजलूल बकवास बातें वहां लिखी हैं तो इस पर एक सीरीज हम चला रहे थे जिसमें कि हम एक एक ये आपके सामने न्यायालय का आर्डर आ चुका है और इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में भी यह आर्डर आपको मिल जाएगा। लिंक ड्राइव से आप डाउनलोड कर लेंगे और जो मेन वीडियो जिसमें इसका आर्डर की पूरी विवेचना की गई है वो भी आपको मिल जाएगा। वहां पर भी डिस्क्रिप्शन में आपको इसका लिंक मिल जाएगा। अभी तक क्या था? हमें हार्ड कॉपी में आर्डर मिला था। मगर इस तरीके से अपलोडेड कॉपी नहीं मिली थी। अभी यह जो कॉपी है यह जो ऑफिशियल वेबसाइट होती है वहां पर अपलोडेड है। आप वहां से भी इसको डाउनलोड कर सकते हैं। केस नंबर आपके पास होना चाहिए बस। इसमें एक जरूरी चीज मैं आपको दिखाना चाहता हूं। थोड़ा नीचे जाइए ऑपरेटर महोदय
00:03:00:14 और नीचे और नीचे हम देखिए देखिए ऊपर ऊपर ऊपर जाइए देखिए ये और और ऊपर जाइए एक हेडिंग है हेडिंग पर जाइए ना ना नीचे जाइए नीचे जाइए जो तीन नंबर पैराग्राफ खत्म होगा इसके बाद हां मामले के संक्षिप्त तथ्य और पृष्ठभूमि तो कोर्ट ने यह कोट किया है अपने निर्णय में क्या कोट किया है वो आप लोगों के लिए बहुत आवश्यक है। ये आप देख सकते हैं क्योंकि ये लोग एक फर्जी अफवाह फैलाते हैं कि हमारी किताबों को 11 बार क्लीन चिट मिली हुई है और जब पूछ लेते हैं कि वो क्लीन चिट कहां है? तो आज तक प्रस्तुत नहीं हुई। कहीं एक दो कोई मुकदमा हुआ वहां पर जो जिसने मुकदमा लिखवाया वह पहुंच नहीं पाया तारीखों पर तो ऐसे मुकदमों में क्या होता है कि अगर वादी जिसने मुकदमा लिखवाया है वह आएगा ही नहीं कोर्ट में साक्ष्य देने के लिए गवाही देने के लिए तो उसको फिर डिसबर्स कर दिया जाता है। मुकदमे को खत्म कर दिया जाता है। ऐसे कुछ मुकदमों ऐसे कोई मुकदमे अगर कहीं पे कहीं पर दर्ज हुआ था और ऐसा कोई मुकदमा अगर डिसबर्स
00:04:15:27 हो गया तो उसको ये लोग दिखाते हैं। देखो देखो हमारी किताबों के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था और देखो हमारे पक्ष में फैसला आ गया। तो यह लोग क्लीन चिट क्लीन चिट चिल्लाते हैं। तो यहां पर देखिए इसमें कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने को मना कर मतलब मना किया है। निर्णय ये दिया है एफआईआर दर्ज नहीं होगी। आप जो ये वहां पर अपील करने गए थे नहीं नहीं इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। तो कोर्ट ने मना कर दिया एफआईआर दर्ज नहीं होगी। निरस्त कर दी इनकी अपील। उस वो जो निर्णय है उसमें न्यायालय ने कोर्ट क्या किया है? मामले के संक्षिप्त तथ्य और पृष्ठभूमि। इसमें इन्होंने माना है कि निगरानी करता नीतू दासी सीधे या परोक्ष रूप से सतलोक आश्रम नामद सेंटर नाम से चल रहे एक समूह से जुड़ी है। यह समूह रामपाल से जुड़ा है जो खुद को भगवान बताने वाला एक व्यक्ति है और हत्या जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद अभी उम्र कैद की सजा काट रहा है। ठीक है? यह उसके ऊपर आधारित है जो रामपाल जेल में है तब तक के ऊपर आधारित यह जानकारी। इसके बाद आगे चलता है। नीचे जाइए।
00:05:24:21 हां। रामपाल को अन्य मामलों के अलावा निम्नलिखित मामलों में डोसी ठहराया गया। तो ये कुछ विवरण यहां आ गया। ठीक है। और नीचे जाइए। अच्छा यह समूह हिंदू सनातनी आस्था को ये मेन चीज देखिए। यहां कोर्ट ने अपने निर्णय में कोर्ट किया है। यह बहुत प्रभावशाली आपके पास सबूत है कि न्यायालय ने अपने निर्णय में यह कोट किया है। यह समूह हिंदू सनातनी आस्था को नीचा दिखाने के मकसद से संगठित और व्यवस्थित गतिविधियों में शामिल है। जिसमें हिंदू देवी देवताओं, धर्म ग्रंथों, संतों और धार्मिक प्रतीकों के विरुद्ध अश्लील विकृत और अपमानजनक सामग्री का प्रचार प्रस प्रचार प्रसार करना शामिल है। और देखिए क्या हेडलाइन है? झूठा केस दर्ज करने के पीछे का मकसद झूठा केस। तो यहां इसको भी कोट किया न्यायालय ने अपने निर्णय में कि प्रत्यार्थियों ने आपत्तिजनक किताबों के गैर कानानूनी प्रकाशन बिक्री और वितरण को बिना इजाजत चल रहे नामदान केंद्रों के खिलाफ कानूनी आपत्तियां और शिकायतें दर्ज नीचे जाइए
00:06:46:19 हां क्या आया दर्ज कराई यह केंद्र समाज के कमजोर वर्ग लोगों का ब्रेन वाश करते हैं और जबरदस्ती या बहला फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाते हैं। जो कानून की नजर में एक अपराध है। बाकी बहुत विस्तृत रूप से हमने उसमें पढ़ा है। ठीक है? तो [गला साफ़ करने की आवाज़] तो इन्होंने कोर्ट ने कोट किया है अपने निर्णय में कि बदले की भावना से प्रतिशोध की भावना से प्रार्थी ने यह जो अपील है दायर की है जिसका एकमात्र उद्देश्य प्रत्यार्थियों को चुप कराना और उन्होंने उन्हें कानूनी उपाय करने से रोकना। ठीक है? यह हार है रामपाल गैंग की बहुत बड़ी। और देखिए नीचे क्या माना है कि यह जो नीतू दासी है इसने जिस जो जो हम कह रही है कि मेरे साथ जो है प्रयास किया इन्होंने छेड़खानी इत्यादि जो भी है तो ये नीतू दासी के लिए जो ये बात है कोर्ट की गई है इस निर्णय में कि अपीलकर्ता नीतू दासी द्वारा आपराधिक धमकी और झूठी धमकियां तो यहां वो विवरण इसके बाद संगठित समूह और षड्यंत्र इस पर आइए नीचे आइए हां
00:08:01:25 तो रवि कुमार नीतू दासी और दूसरे साथियों के साथ मिलकर एक ऑर्गेनाइज्ड ग्रुप के तौर पर काम करती है और उनके गैर कानानूनी काम आपस में जुड़े हुए हैं। जब सरोजनी नगर में एक गैर कानानूनी नामदान सेंटर के बारे में कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत की गई तब भी पूरे ग्रुप ने मिलकर काम काम करने का दावा किया जिससे एक जैसा इरादा और साजिश साबित होती है। और नीचे आइए धार्मिक मान्यताओं का जानबूझकर अपमान [गला साफ़ करने की आवाज़] उस ग्रुप द्वारा शेयर किए गए मटेरियल में हिंदू देवी देवताओं जैसे मां दुर्गा, भगवान श्री राम, भगवान हनुमान, भगवान शिव के साथ-साथ वेद और भगवत गीता जैसे पवित्र ग्रंथों के बारे में गंदी भद्दी और ई निंदा वाली बातें हैं। यह सब कोट किया। यह न्यायालय का निर्णय है। फर्जी पब्लिशिंग और अवैध वितरण। उस ग्रुप द्वारा बांटी गई किताबों में पब्लिशर की सही जानकारी जीएसटी नंबर या एड्रेस भी नहीं है। वहां पर कुछ और ही होता है। यह सब चीजें कोर्ट की है न्यायालय ने। ठीक है? तो यह बहुत अच्छा एक आपके पास प्रमाण है जिसको आप कभी भी कोई कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजर गुजर रहे हैं यदि रामपाल के गैंग के विरुद्ध तो आप
00:09:16:28 इस निर्णय को वहां प्रस्तुत कर सकते हैं कि यह देखिए यहां पर इस कोर्ट ने यह फैसला दिया है तो वहां पर इसको प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथसाथ यह तो हो गई यह जो हमारे ऊपर झूठा एलगेशन लगा के और प्रयास किया जा रहा था। अब आगे एक जानकारी और दे दूं। कि हरियाणा का एक युवा है। हरियाणा के एक युवा है। अब वह बाहर रह रहे हैं कि हरियाणा में ही है। मैं बहुत ज्यादा डिटेल्स नहीं पता। उनका नाम है धर्मेंद्र हुड्डा। तो वह भी इस समय बहुत प्रतिकार कर रहे हैं पुरजोर तरीके से और मैंने कुछ दिनों पहले एक संभावना व्यक्त की थी कि रामपाल ने जिस प्रकार से हमारे देवी देवताओं के लिए अश्लील बातें की अपनी किताबों में अपने वक्तव्यों में और अपमान किया हिंदू धर्म का और जिसके कारण उसके जो नुमाइंदे हैं वो कालका मेल बन के और सुपरफास्ट एक्सप्रेस बन के और काम कर रहे हैं तो बहुत जल्द ऐसा होगा जब इस गैंग के द्वारा रामपाल का जो ये प्रचार किया जा रहा है ना देखो देखो हमारे रामपाल कितनी सुंदर बातें बताते हैं वो प्रचार ऐसा है कि कुछ दिनों में रामपाल की पूजा
00:10:32:07 होने वाली है जूतों से ये मैंने संभावना व्यक्त की थी जो इस तरीके के कुकृत है भाई पहले से उस उस पर रामपाल पर जो है आरोप लगे हुए हैं। इतनी हत्याएं हुई हैं या फिर पास में जो है वह पकड़े गए हथियार बरामद हुए। यह वह बहुत सी चीजें हैं। तो जैसे तैसे करके वह भी बाहर है। परंतु उसका जो रामपाल का जो गैंग है वो कुछ इस तरह से कार्य करता है। मैंने कल ये बताया भी था कि वास्तविकता में जब वो इतने घनघोर आपराधिक रूप से चलने वाले गैंग से जुड़े हुए हैं ये लोग तो इनको थोड़ा दब के रहना चाहिए। यदि कोई मिल भी जाता है, टोकाटाकी करता है तो उनको वहां पर हाथ जोड़ के आगे बढ़ जाना चाहिए। मगर ये लोग क्या करते हैं कि उस पर हावी होने का प्रयास करते हैं। जो भी व्यक्ति कुछ कह देता है प्रतिकार करता है उस पर हावी होने का प्रयास करते हैं। और जब हावी होने का प्रयास करते हैं तो वो व्यक्ति जब प्रतिकार करता है तो किसका करता है? इनका नहीं करता। चिलों का चूजों का नहीं करता। वो फिर सीधे इनके जो आका बैठे हुए हैं जिन्होंने अपनी बकवास लिखी है अपनी चीजों में वो प्रतिकार उनका करता है। तो इस तरीके से ये जो गैंग है यह सबसे बड़ा शत्रु सिद्ध होता है किसका? रामपाल का। क्योंकि रामपाल के लिए परेशानी खड़ी कौन कर रहा है? ये गैंग लखनऊ में जब हमने
00:11:47:10 इनके स्टॉल का विरोध किया था। लोगों ने चौराहे पर इनके इनकी जो किताबें वगैरह है वो जला दी थी। उसके बाद कानूनी प्रक्रिया का आलंबन लेने इनका गैंग पहुंचा था पहले थाने। थाने का रास्ता इन्होंने दिखाया था। ठीक है? तो ये जो छींटाकसी जैसे अगर किसी ने कुछ Facebook पर बोल दिया या YouTube पर बोल दिया तो ये लगते हैं उसको और दो की तीन और हर तरह से व्यक्तिगत रूप से आघात पहुंचाने। तो वास्तविकता में इनका कर्तव्य यह है कि जब तुम्हारे आका ने इतनी मिलावट, इतनी झूठ, इतनी झूठ बाजी और इतना असत्य भाषण और इतनी अश्लीलता परोसी है। धर्म के नाम पर अधर्म परोस रखा है। झूठ झूठ झूठ हर जगह झूठ लिख रखा है। षड्यंत्र है, मिलावट है तुम्हारे बाबा की किताबों में तो ठीक है भाई। कम से कम तुम्हें मैं यह नहीं कह रहा हूं कि उसको हम छोड़ देंगे। मगर तुम्हारा कर्तव्य तो यह है कि अगर तुमको हम जैसा कोई मिल जाए तुमको पकड़ ले तुम्हारा टुआ तो तुम्हें प्रतिकार नहीं करना चाहिए। तुमको वहां पर शांत रहना चाहिए क्योंकि तुम्हें मालूम है हम बहुत बड़े चोरी के अड्डे से जुड़े हुए हैं। अगर हम हल्ला मचाएंगे तो अंत में पकड़े हम ही जाएंगे। हमारा भेद खुल जाएगा। मगर ये सब चीजें इनको समझ में नहीं आती है और ये कर बैठते हैं मूर्खता।
00:13:02:12 ये उसका विरोध करने लगते हैं। पुरजोर विरोध करने लगते हैं। नहीं नहीं रामपाल रामपाल और बन जाते हैं बवंडर। बवंडर करने के चक्कर में गाज किसके ऊपर गिरती है? रामपाल के ऊपर। कुछ ऐसा ही 2014 में भी हुआ था कि नहीं नहीं हमारे रामपाल नहीं जाएंगे। कोर्ट में पेशी नहीं होगी। उनकी नारायण नेता है सबसे बड़े। फोर्स लगा दी गई। धक्के मार मार के ले ले गए उसे। फिर रो रहे हैं रामपाल। मुझे जमानत दे दो। जमानत दे दो। 10 12 साल लग गए जमानत मिलने में। तो सबसे बड़ा शत्रु कौन सिद्ध हुआ? इनका खुद का गैंग जो ये कर रहा है। अब रामपाल ने तो जरा सा कुछ कहा। उसके बाद इनके सारे नुमाइंदे लग गए राधा ये है शिवजी ये हैं वो है तो क्या होगा किसी ना किसी का खून खोल लेगा वो कोई कारवाई करेगा वो कारवाई कहां जाके चोट पहुंचेगी रामपाल पर खैर
00:13:52:00 ये सारी चीजें हैं तो जो ये धर्मेंद्र हुड्डा हैं ये इस समय बहुत प्रखर विरोध कर रहे हैं रामपाल का और खबर ये देनी थी मुझे कि इन इस गैंग ने वही चालू किया जब धर्मेंद्र हुड्डा ने कोई बात चालू कर दी उन्होंने कहना तो इन्होंने लगा ये फलाने फैक्ट भाई सचिन फैक्टफुल सचिन और ये युवराज टॉक सब सब बनाने लगे वीडियो और एक बाढ़ ले आए भाई इनका पूरा गैंग कहां पे है इनका पूरा गैंग आपको धरातल पे नहीं दिखेगा एक्टिव इनका पूरा गैंग दिखेगा ऑनलाइन ऑनलाइन शेयर है ये यानी कि वर्चुअल शेयर है ये डिजिटल क्या कहेंगे इसे वर्चुअल या डिजिटल शेयर कहेंगे तो ऑनलाइन ये लोग दिखते तो इन्होंने पूरी ऑनलाइन उस पर्सनल वो करना कमेंट बाजी करना और व्यक्तिगत चीजें और उसका ऐतिहासिक वर्णन यह सब ले आए। अब आज देखिए उसने उन्होंने क्या किया है हुड्डा जी ने एक फोटो डाली है उनका Instagram आईडी है आई एम आई धर्मेंद्र हुड्डा नाम से है ना फोटो डाली है उसमें वो कुत्ता टहला रहे हैं इन लोगों ने यह बताया कि उन पर कोई केस है धर्मेंद्र हुड्डा जी पर जो क्या कहते हैं ये
00:15:07:25 कुत्ता चोरी करने का तो वो कुत्ता ही टहलाते हुए फोटो डाल रहे और कुत्ते में जो चेहरा उसने उन्होंने लगाया है रामपाल का चेहरा है। कुत्ता टहलाने निकले हैं और उसमें रामपाल के चेहरे को लगाया है। तो मैंने जो कहा था कि भाई जो रामपाल ने किया है और फिर उसके कारण जो रामपाल के चेले चपाटी कर रहे हैं। चेले चेलिया कर रहे हैं। हिंदू धर्म का अपमान कर रहे हैं। साधु संतों का अपमान कर रहे हैं। तो बहुत बड़ी बात नहीं है। जो बहुत जल्द ऐसी पूरी संभावना है कि इसका अपमान गली-गली में होने लगेगा और बहुत बुरी तरीके से होगा। अब क्या हो रहा है कि एक व्यक्ति वो तरुण सैनी कोई आया और उसने अपमान किया रामपाल का। भाई किस-किस को आप रोक लोगे? इन्होंने तरुण सैनी के साथ इन लोगों ने क्या किया बाद में वो तो मैं बताऊंगा। अभी फिलहाल धर्मेंद्र हुड्डा की बात कर रहे हैं। तो अब धर्मेंद्र हुड्डा आए हैं तो कुत्ता बना के टहला रहे हैं रामपाल को। अभी आने वाले दिनों में पुतला जलने वाला है रामपाल का कहीं पर। तो यह सब चीजें हो रही है जिसकी मैंने संभावना व्यक्त की थी और अ वो हो रही है। संभावना मैंने व्यक्त की थी।
00:16:23:01 इसके साथ ही साथ अ एक तरुण सैनी की बात से मुझे याद आया कि रामपाल अभी अपने कुछ वीडियोस में कह रहा था कि हमारा जो सतलोक आश्रम है ना वो क्या कहते हैं? उसकी फैक्ट्री है। धर्म की फैक्ट्री है हमारा सतलोक आश्रम। तो कोई व्यक्ति यह दिखाए रामपाल को रामपाल एक तरफ कह रहा है कि हमारा जो आश्रम है सतलोक आश्रम वो धर्म की फैक्ट्री है वहां से धर्म का निर्माण होता है और वहां से कैसे लोग निकल रहे हैं कि किसी ने कुछ कह दिया ये कुत्ता चोर है ये ये है ये है ये सब उनकी लैंग्वेज है ये इंसान हां वो कह रहे इंसान मानव हम पशु को मानव बनाते हैं हम मानवता की फैक्ट्री है हमारा सतलोक आश्रम वहां से मानव कैसे निकल रहे हैं बन बन करके रामपाल के सतलोक आश्रम से जो जो गालियां बकते हैं जो पर्सनल अटैक करते हैं यदि सैद्धांतिक बात हो रही तो सैद्धांतिक जवाब नहीं आएगा हमेशा पर्सनल अटैक आएगा तू ये तू वो तू वो तू बड़वा ये सब आएगा ये नहीं आएगा कि ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं सर्वव्यापक है कि नहीं ये सब चीजें नहीं आएंगी या शास्त्र किस परंपरा से तुम्हारे पास आए जो तुम उसका अपने मन मुताबिक
00:17:38:04 भाष्य कर रहे हो इन सब तार्किक चीजें पर बात करना तो इनसे दीवार में सर सर मारना है। पर यह सब बातें कभी नहीं आएगी। क्या आएगा? तू तू यह था तू कुत्ता चोर था। तेरे पास ये अटैक था मतलब अगर किसी ने रामपाल से पूछ लिया कि तुम तत्वदर्शी कैसे हो? तो वो बताएंगे भैया इसके ऊपर तो कुत्ता चोरी का केस चल रहा है। कुत्ता चोरी का केस होने से रामपाल तत्वदर्शी सिद्ध होगा। यह इनका काम है। और अब यह जो काम इन्होंने किया इन्होंने नीचता की हद तब हो गई जो रामपाल की सतलोक सतलोक आश्रम नामक फैक्ट्री है जहां से मानव बनते हैं तो वहां से कैसे मानव बन के निकले जो राक्षसों से भी नीच है। क्यों नीचे है राक्षसों उससे भी नीचे है वह वाले इसलिए नीचे है कि तरुण सैनी ने धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण रामपाल की फोटो का अपमान किया और इन लोगों ने कहीं से उसकी पत्नी की फोटो प्राप्त कर ली और इन नीच लोगों ने उसकी पत्नी के साथ पत्नी की पत्नी का चित्र लगा के उस लड़के की उसकी पत्नी की फोटो लेकर के उसको नग्न चित्रों से जोड़ के इतना अपमान किया मतलब कहने नीचता की हद नहीं है। ऐसे नीच तैयार होते हैं सतलोक आश्रम में जिसे रामपाल मानव कहता है। मनुष्य उसकी नजरों में मनुष्य वो
00:18:53:13 है जो ये नीच तैयार हो रहे हैं। अच्छा पत्नी का क्या दोष था? भाई किया रामपाल के लिए तरुण सैनी ने तो तुम तरुण सैनिक हो ही। मगर भाई जो राक्षस है जो नीच है अधर्मी है वो तो यही करेंगे। तरुण सैनी का क्या हुआ कि उसकी पत्नी कह रही है मुझे डवोर्स चाहिए। उसके घर वाले उसका साथ नहीं दे रहे। उसको जो है बेचारे को आत्महत्या करने के वो आने लगी भावनाएं है ना तो ये सारी चीजें हुई है तरुण सैनी के साथ और अगर हो सका तो किसी दिन मैं तरुण सैनी को लाऊंगा चैनल पर वो अपनी चीजें बताएं आपको ये सब चीजें तो ये तो था प्री फेस एक तरीके से आज के वीडियो का यह मुख्य चर्चाएं नहीं थी ये सब अभी तक का वो था और आप लोग जाकर के देख सकते हैं धर्मेंद्र हुड्डा ने किस तरीके से रामपाल की उसको कुत्ते के साथ लगाकर करके और वो फोटो डाली हुई है Instagram पे है ना अब धर्मेंद्र हुड्डा का भी यह कुछ करेंगे भाई कहीं से पर्सनल अटैक करके और यह वो हम तो तथ्यात्मक बातें करते हैं वो भी इनको समझ में नहीं आती है हमारे ऊपर तो सबसे बड़ी फोर्स लगा रखी है कि कोई बस मौका मिल जाए तो यह केस करवा दे वो केस करवा दे कुछ दिनों पहले हमें चुप कराने के लिए वहां कोई ज्ञापन देने पहुंच गया कलेक्टेट उसको पता ही नहीं
00:20:08:16 है मेरे बाबा ने क्या लिख रखा है मैं उसको पूछ रहा हूं कि क्यों तुम्हें मालूम मालूम है तुम्हारे बाबा की किताब में क्या लिखा है क्या लिखा है तो मैं बता रहा हूं तो उसको मालूम ही नहीं है तो भेजना ये सारी है तो यह तो था अभी तक का प्रीफेस अब घोषणा ये है जो मैं शुरू में बता रहा था जो बताते बताते बात दूसरी ओर चली आई थी मैं घोषणा करता हूं पर थोड़ा सा पहले शास्त्रवाद जी को चुन सुन ले जी शास्त्रवाद जी जय श्री राम जी भैया जय श्री राम जी जय श्री राम आजकल हम लोग भी अपना लाइव करते हैं जोश में अच्छे-अच्छे इन लोगों को धो रहे हैं। आज प्रमाणों के साथ आज बहुत दिनों बाद आप लाइव आए हैं रामपाल के विषय पर। सभी इस इसके लिए बहुत ही एकदम बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्योंकि तीन दिन से आपका ये लाइव आगे हो रहा था। जी जी जी नहीं बहुत बढ़िया और मैं फिर से सबको बता देना चाहता हूं और जितने लोग वीडियोस बना रहे हैं ना सब लोग ये जो मैंने आज ये आर्डर यहां दिया है इसका डिस्क्रिप्शन है सब लोग इस आर्डर को ले ले के पढ़िए अपने अपने लाइव में ठीक है सुनाइए सबको क्लीन चिट बताइए कितनी क्लीन चिट मिली है रामपाल को कल के लाइव में ये सब भविष्य दिखाएंगे हां अभी
00:21:23:20 तो ये लोग तैयारी कर रहे हैं वापस वापस भेजने की अपने आका को पूरे आसार लग रहे हैं। बहुत जल्द वापस जाने वाला है। नहीं जाएगा। तो यहां हाई कोर्ट में तो उसका इंतजार है ही। है ना? खैर अब आते हैं मुख्य घोषणा पर। तो हमारी जो सीरीज चल रही थी जिसमें हम रामपाल की वो जो गीता का उसने बकवास कर की है गीता के अर्थ के नाम पर। तो उसको हम लेकर के चल रहे थे। उसमें हम चौथे अध्याय तक पहुंच गए चौथे अध्याय में शायद 32 वे या 34 वे श्लोक तक हमने व्याख्या रामपाल की कंपेरेटिवली तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत कर दी थी कि इसने क्या-क्या चुटकुले फेंटसी और गवरपन की बातें की है वहां पर क्योंकि व्याख्या शब्द व्याख्या जैसे सम्मानित शब्दों के साथ रामपाल की सामग्री के बारे में बात करना भी व्याख्या शब्द का ही अपमान है। तो इसलिए वो रामपाल की जो फेंटसी है और रामपाल का अपना जो वह एक कपोल कल्पित संसार है जिसमें उसने कुछ कहानियां गढ़ रखी है वो कहानियां भी ऐसी नहीं है कि कोई मैच्योर इंटेलेक्चुअल प्रबुद्ध वर्ग देखे वो बच्चे बच्चों की चटरमटर वाली कहानियां है या फिर फुहड़ अनपढ़ गवार लोगों की बुद्धि में घुसने वाली वो कहानियां है और ये रामपाल
00:22:39:03 के चेले चापड़ जो होते हैं वो फुहड़ गवार अनपढ़ ही होते यह रामपाल ने स्वयं कोट किया है गरमा गीता की में। तो क्योंकि हम लोग यह सीरीज वहां से कंटिन्यू करने वाले हैं। प्रत्येक मंगलवार की शाम को आपको यह हमारा जो मेन चैनल है आहान वहां पर आपको हर सप्ताह प्रत्येक सप्ताह मंगलवार की शाम 9:00 बजे से आपको यह व्याख्या मिलेगी। चैप्टर वाइज हम पूरे 18 चैप्टर तक जाएंगे। कभी कभी ऐसा हो सकता है क्योंकि युद्ध के मोर्चे पर होते हैं तो ऐसा हो कि स्किप हो जाए। परंतु कोशिश यही रहेगी कि आपको प्रत्येक मंगलवार की रात को 9:00 बजे यह व्याख्या मिलती रहे। यह सीरीज भी बहुत आप लोगों के लिए लाभदायक है क्योंकि उसमें रामपाल ने क्या गुणगोबर किया अपनी किताब में। रामपाल की बातों बातों की तार्किकता से जांच और प्रामाणिकता से जांच उसमें है। आप अगर केवल वो कान में लगा के सुनते जाएंगे आपको बहुत सारा मटेरियल मिलने लगेगा। जैसे कि हमारे बहुत से योद्धा उस सीरीज को देखकर ही तैयार हुए हैं। क्यों शास्त्रवाद जी? बिल्कुल बिल्कुल सभी बहुत बहुत हो चुके हैं। अभी आपको पता है अभी कल ही के लाइव में एक व्यक्ति हैं प्रेम
00:23:54:07 प्रेम करके प्रेम भाटी करके ठीक है। वो कल उनके चैनल पे जाके उनके सभी बड़े-बड़े आकाओं को एकदम धूल चटा दिया। इतना बढ़िया अब जो भी देखेंगे वो बिल्कुल जानेंगे सच्चाई क्या है उसमें। वो लोग खो नहीं सका। उनका जो चेतन भगत भगत है चेतन नाम का है ना और कौन-कौन है? ये लोग सब वहां से निकल लिए सामने से रास्ता नाप लिए। जी ऐसेसे लोग अभी तैयार हो मेन चैनल पे मंगलवार की साय काल मतलब रात्रि का ही हो जाएगा वो 9:00 बजे से ये चलेगी 4.32 तक हम हो गए हैं। वहां से आगे होगा और जो इस सीरीज के हर एपिसोड के जो बुलेट पॉइंट्स होते हैं कि उसमें मेनमेन बातें क्या हुई वो आपको मिलेगी कहां पर? सर्वशक्तिमान ये जो चैनल जिस पर आप ये लाइव देख रहे हैं यहां पर मिलेगी। तो यह घोषणा बहुत जरूरी थी। इसके साथ ही साथ यह जो लाइव चलेगी हमारे मेन चैनल पर वहां पर सदैव ये जो रमलू लोग हैं रामपाल कहेंगे इनके लिए ओपन रहेगा कि जब मैं अपनी व्याख्या वहां पर पूरी कर लूंगा इस क्या कहेंगे चूर्ण चूर्ण ज्ञान की जब विवेचना हो जाएगी तो उसके बाद में अंत में एक दो लोगों से हम लोग जरूर बात किया करेंगे।
00:25:09:20 यदि कोई आएगा जिसकी मां ने उसको दूध पिलाया होगा बचपन में निष्ठा पूर्वक वो आता है यदि रामपाल के ज्ञान की ओर से तो हम उसको लिया करेंगे वहां पर ओपन ये चर्चा रहेगी उनके लिए और बुलेट पॉइंट्स आपको सर्वशक्तिमान धर्म पर मिल जाएंगे अब क्या है कि अभी तक हमने मोटा मोटा क्या जाना है दूसरे अध्याय से पहले अध्याय पे तो उसने ज्यादा बात ही नहीं की है वो पहला अध्याय तो उस बाउंस मार गया होगा उसमें क्या वो वो करेगा व्याख्या। खैर दूसरे अध्याय से उसने व्याख्या करना चालू किया है। तो हमारा जो पहला एपिसोड आपको मिलेगा उसमें दूसरे अध्याय से ही व्याख्या शुरू होगी। तो पहला एपिसोड से लेकर के और जो सात एपिसोड उसमें हुए हैं और उसमें मोटी मोटी क्या-क्या हास्यास्पद चीजें आई हैं वो हम लोग आज आपको शेयर करने वाले हैं इस लाइव में। तो बहुत मजेदार चीजें आपको मिलने वाली हैं। आप लोग बने रहें और कुर्सी की पेटियां बांध लें। तो सबसे पहले
00:26:15:27 सबसे पहले तो मैं ऑपरेटर महोदय को कहूंगा कि जो इनका गीता तेरा ज्ञान अमृत है उसको जरा यहां पर डिस्प्ले कर दें। एक रिकैप आज हम लोग कर रहे हैं। वह जो सीरीज वहां पर चल चुकी है छ सात एपिसोड की और अंत में एक दो लोगों के लिए ये लिंक भी दिया जाएगा। यदि कोई आता है जिसकी मां ने उसको दूध पिलाया होगा निष्ठा पूर्वक और वो यहां आकर के चीजें प्रस्तुत कर सकता है। रामपाल की ओर से तो उसका स्वागत करेंगे हम लोग। है ना? तो भाई ऑपरेटर जी जरा वो गीता 13 ज्ञान अमृत का पष्ठ क्रमांक 17 वो आप खोल लीजिए सबसे पहले तो मैं 17व पष्ठ से तब तक आप कुछ कहना चाहे तो बताइए तब तक खोलेंगे मेरे ख्याल से वो जी शास्त्रवाद जी आप कुछ कहना चाहे तो आप बता सकते जी जी आप वो सीरीज जो है वो कंटिन्यू हो रही है सभी एकदम अच्छे से देखें इस पूरे सीरीज में किस प्रकार से धज्जियां उड़ जाएगी। अब उसकी अब सच्चाई सामने आने वाली है एक-एक करके। जी
00:27:36:04 आ गई है स्क्रीन पे आपकी। ये हां जी। तो इसका 17वा ये जैसे 10 दवा प्रश्न है ना इसका 17वा प्रश्न लाइए आप। वैसे तो इसने हर प्रत्येक पष्ठ पर कुछ ना कुछ गुण गोबर कर रखा है। पर मैं जैसे हीरा चुनते हैं ना ऐसे करके कोशिश करूंगा कि आपको हीरा चुन चुन के दूं। प्रत्येक पृष्ठ शेष का कि यहां से आपको क्या लेना है। तो 17व पृष्ठ पर जो हीरा मुझे प्राप्त हुआ है वह आप जाइए सबसे लास्ट पैराग्राफ सेकंड लास्ट पैराग्राफ विशेष विवेचन
00:28:25:03 ये 17वा प्रश्न है क्या? ये तो शंका समाधान चल रहा है। शंका समाधान कैसे चलेगा? गीता तेरा ज्ञान अमृत खोला है या गरिमा गीता की खोलना है गलती हो गई गरिमा गीता की जी शास्त्र जी तब तक आप बोले जी जी अभी सभी देखने को बहुत उत्सुक है हम भी बहुत उत्सुक है कि आखिर अब क्या निकलने वाला है विस्फोटक [हंसी] इसने तो ऐसा कर रखा है ना रामपाल के संबंध में कोई खंडनार्थ कुछ लिखना या कुछ छपवाना बुक हालांकि छपवाएंगे मगर उसमें एक समस्या यह है कि इसने इतना कचरा किया है कि शुरू करें तो कहां से करें? [हंसी] कौन सी बात को पकड़ के चालू करें? तो ये बड़ी दिक्कत होती है। है ना? जैसे वो एक डायलॉग था ना एक फिल्म में एक डायलॉग था कि मैं तुझे वो मार मारूंगा। मैं तुझे वो मार मारूंगा कि दर्द भी परेशान हो जाएगा कि उठे तो कहां से उठे। इसने ऐसा रायता फैलाया है, ऐसा झूठ बोला है, इतनी गप्पे
00:29:40:14 मारी है कि यह तय करना बड़ा कठिन हो जाता है कि इसके कौन से झूठ को लेकर के आगे बढ़ा जाए। किसको बेस बनाया जाए? जिसको बेस बना लेते हो उसके उसके उसके कंपैरिजन में कोई और नया झूठ तगड़ा आ जाता है। क्या करोगे? हां। इसका 17वा प्रश्न निकालिए। गरिमा गीता की तो गरिमा गीता की वह किताब है जिसमें इसने चैप्टर वाइज गीता पर बात की है श्लोक के साथसाथ अच्छा कुछ बड़े प्रश्न आपको सदैव ध्यान देने चाहिए जो आान ने ल्च किए हैं। अगर
00:30:25:25 क्या कहते हैं? व्यापक रूप से देखा जाए तो तीन प्रश्न क्या रामपाल का ईश्वर सर्वशक्तिमान है? क्या उसके द्वारा बताया जाने वाला धर्म शाश्वत है? मिलने वाला जो मोक्ष है वो परम स्वतंत्र है? ये तो व्यापक प्रश्न हो गए। और रामपाल विशेष को लेकर के कुछ प्रश्न ल्च किए हैं। जैसे रामपाल तत्वदर्शी कैसे? है ना? और यह रामपाल कहता है कि जो कबीर है वो भगवान है और कबीर को कबीर बताता है तो पहली बात तो कबीर का कहां पर ये उल्लेख है कि कबीर जो है कबीर होता है। दूसरी बात ये है कि कबीर अगर कबीर कबीर कबीर कवि कबीर होता है भगवान है जो कि तो उसका भी कबीरों का कबीर कौन है? वो गणपति महाराज है। यह भी हमने वेद से प्रमाण दिया है। शायद दो 23 एक है ऋग्वेद का। तो ये हो गया और इसके बाद रामपाल के ऊपर बहुत मोटे मोटे प्रश्न है कि जैसे उसने कहा कि जो काल है वो मन है। तो काल यदि मन है तो काल निराकार हो गया। जबकि वो आकार वाला है काल। वो अपना वो दिखाता नहीं है किसी को। अच्छा एक बात और है ये लोग कहते
00:31:40:28 हैं कि काल का एक वो है नियम कि वो किसी को दिखाएगा नहीं और ये उसका घटिया नियम है। है ना काल का इसमें घटियापन क्या है ये मैं समझ नहीं पाया आज तक क्या घटियापन है इसमें भाई और वो लोग आज तक अनुत्तम को भी नहीं अनुत्तम को वो लोग बोलते हैं ना घटिया घटिया बोलते हैं ना बार बार आज तक ये सिद्ध नहीं कर पाए कि भाई वो घटिया कैसे है हां वो घटिया कैसे है क्या चीज है उसमें ऐसी घटिया जिससे घृणा हो जाए घटिया अरे छी छ ऐसी वो भावना कैसे आ रही विस्मयाद बोधक पढ़ा है क्या ग्रामर पढ़ी है थोड़ी बहुत विस्मयादि बोधक शब्द है ना घटिया तो ये विस्मय क्या आ रहा है इसमें कि उसने जो तपत ले ली अरे छी छ जी वो घटियापन कहां से आ रहा है कि घृणा हो जाए ये है इसके बाद एक मोटा सवाल है कि जब काल के द्वारा कही हुई काल जो है विश्वास के पात्र विश्वास का पात्र पात्र नहीं है तो फिर काल के द्वारा कहे हुए किसी भी वचन को हम प्रमाण कैसे मान रहे हैं? फिर हम यह क्यों कह रहे हैं? जो यह कह रहा है कि गीता काल ने बोली है और काल जो है फर्जी व्यक्ति है तो फर्जी व्यक्ति है तो उसके द्वारा माना जो उसके उसने कुछ कहा है उनके आधार पर हम ये कैसे
00:32:56:00 कह सकते हैं ये भगवान नहीं है भगवान? समझ रहे हो? यह भी एक प्रश्न है जो और एक मोटा प्रश्न बहुत लोगों से पूछ चुका हूं कि भाई तुमने कहा है कि भैया गीता में 5% ज्ञान जो है वो काल ने अपना दे दिया है हालांकि तुम सब जगह यही कहते हो कहीं पर अगर ऋषियों का वो होगा यहां ऋषियों ने अपना मंतव्य दे दिया तो वो 5% श्लोक कौन-कौन से हैं आज तक किसी ने बताया नहीं 35 श्लोक होने चाहिए है ना अगर 700 श्लोकों की भगवत गीता है तो 35 श्लोक होने चाहिए तुम 35 35 नहीं तुमने आज तक डिक्लेअ ही नहीं किया कि 35 श्लोक कौन से हैं जो जो काल ने अपने लिए कहे हैं और बाकी के कौन से हैं ये तुमने नहीं बताया तो ये कुछ मोटी मोटी चीजें हैं और भी आपको मिल जाएंगी तो अब मैं पृष्ठ वाइज चल रहा हूं इसमें आप नीचे आ जाइए हां विशेष विवेचन तो इसमें इसने क्या लिखा है भांग पी के लिखा है कि कैसे लिखा है मैं नहीं बता सकता भांग पीता है रामपाल कि नहीं पीता ये भी मैं नहीं बता सकता मगर यह उसने लिखा है कि
00:34:02:09 गीता अध्याय दो के श्लोक 16 में वर्णन है कि असत यानी नाशवान का अस्तित्व चिर काल तक नहीं रहता है। देखिए दो 16 में एक सिद्धांत स्पष्ट किया गया है। वो सिद्धांत है कि असत का कभी भाव नहीं होता और सत का कभी अभाव नहीं होता। ठीक है? तो यानी कि अनंत रूप से जो शेष रह जाए अनंत जीवन वाला हो जाए वो वही [गला साफ़ करने की आवाज़] हो सकता है जो कभी जन्मा ना हो। इस बात को समझ गए आप? जिसका कभी जन्म नहीं हुआ है वही ऐसे मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। ऐसी गति को प्राप्त कर सकता है जो अनंत काल तक रहे। ठीक है? अब हमें मोक्ष कौन सा चाहिए? अनंत। जीव को मोक्ष कौन सा चाहिए? अनंत। उसको अनंत काल तक जीवित रहना यह मोक्ष है। तो अब यह क्या कह रहा है कि एक समय ऐसा था तब केवल परमात्मा था। आत्मा थी ही नहीं। यानी कि आत्मा को उत्पन्न किया है परमात्मा ने। जीव को। देखिए यहां चौथी लाइन पे आइए। उस अविनाशी परमात्मा का अभाव किसी समय नहीं होता। ठीक है?
00:35:17:15 अ चिर काल तक नहीं रहता। उस अविनाशी परमात्मा का अभाव किसी समय नहीं होता। गीता अध्याय दो श्लोक 17 में उसी अविनाशी परमात्मा की महिमा बताई गई है। परमात्मा के अतिरिक्त कोई भी नित्य नहीं है। लो क्या बोला? परमात्मा के अतिरिक्त कोई भी नित्य नहीं है। क्योंकि आत्मा की उत्पत्ति परमात्मा ने ही की है। इसका मतलब यह है कि आत्मा नित्य नहीं है। तो जो नित्य नहीं है यानी कि जो उत्पन्न हो रही है। उसका नाश निश्चित है। इसी श्लोक के आधार पर क्योंकि जो उत्पन्न हो रही है यानी कि एक समय ऐसा था जब उसका अभाव था। यानी वो असत है। तो असत का कभी भाव नहीं होता। यही पे कहा ना दो 16 में असत का कभी भाव नहीं होता और सत का कभी अभाव नहीं होता। तो परमात्मा तो हमेशा से था। ये बात ठीक है। मगर आत्मा के लिए इन्होंने क्या कह दिया? आत्मा को उसने उत्पन्न किया है। तो तुम्हें मोक्ष कभी मिल ही नहीं सकता। जिस मोक्ष के लिए भूखे होकर के तुम जो है दुनिया को नोच रहे हो, दुनिया के भावनाओं से खेल रहे हो, मोक्ष के नाम पर वो मोक्ष यहां पर आपका खत्म हो गया। क्योंकि आपने मान लिया आत्मा को उत्पन्न किया है परमात्मा ने। और जब उत्पन्न किया है तो इसका मतलब
00:36:32:19 है उसका कभी भाव नहीं हो सकता क्योंकि अभाव था उसका एक समय पर तो असत हो गई। असत हो गई तो अनंत काल तक उसका भाव नहीं हो सकता। और यहां मान ही लिया उसने कि वो नित्य नहीं है। मतलब थी है और रहेगी ऐसा नहीं। एक समय था जब वो नहीं थी तो इसका मतलब एक समय फिर आएगा जब वो फिर से नहीं होगी। ठीक है? ये 17व पृष्ठ का एक मोटा उदाहरण है। और आगे हां आगे अगले पन्ने पर 18 वे पष्ठ पे आ जाते हैं। एक मोटी चीज दिखा दिखाता चलूं। [गला साफ़ करने की आवाज़]
00:37:11:03 भगवत गीता दो6 में कहा गया है कि सत्य का कभी अभाव नहीं होता। असत का कभी भाव नहीं होता। ठीक है? और ये जो रहस्य जानता है उसको तत्वदर्शी कहते हैं। ठीक है? जो जो इस रहस्य को जानता है उसको तत्वदर्शी कहते हैं। यानी कि जो गीता को बोल रहा है जिसने दूसरे अध्याय का 16वा श्लोक बोला है वो ये जानता है तभी तो बोल रहा है कि सत्य का कभी अभाव नहीं होता। असत का कभी भाव नहीं होता। जानता है तभी तो बोल रहा है। तो जानता है तो इस श्लोक के आधार पर वो भी तत्वदर्शी सिद्ध होता है। कौन? जो गीता को बोल रहा है। तो यहां पर वो तत्वदर्शी सिद्ध हो गया। देखिए गीता अध्याय दो श्लोक 16 में कहा है कि सत का सत तथा असत को ततशी संत ही ठीक-ठाक बताते हैं। उन्होंने दोनों को देखा है। देखिए नीचे आइए जरा सेकंड पैराग्राफ है ना बड़ा सा दोनों अनुवाद सबसे पहला अक्षर है। हां इसमें नीचे आइए लास्ट की दो लाइन है। इस पैराग्राफ की लास्ट की दो लाइन है। ये दिखा दीजिए इन्हें। यह देखिए गीता अध्याय दो श्लोक 16 में कहा है कि सत तथा असत को तत्वदर्शी संत ही ठीकठाक बताते हैं और उनके बारे में क्या ठीक-ठाक बताना है कि सत का कभी अभाव नहीं होता और असत का कभी भाव नहीं होता। इस तरीके
00:38:26:09 से गीता कहने वाला यहां पे तत्वदशी सिद्ध है। ठीक है? अम् अब आगे चलते हैं। कोई मोटी चीज मुझे दिखाई देगी तो मैं आपको बताता हूं। अच्छा देखिए हां एक बहुत अच्छी चीज हाथ लगी है। 20 वे प्रश्न पर आप देखिए ये दूसरा अध्याय चल रहा है। गरिमा गीता का प्रश्न संख्या 20
00:39:03:03 प्रश्न संख्या 20 में कहा जा रहा है दूसरे पैराग्राफ में सर्वव्यापक पूर्ण परमात्मा आत्मा के साथ ऐसे रहता है जैसे जैसे वायु में गंध रहती है मतलब परमात्मा के साथ रहता है और आगे भी इसने कई जगह कहा है कि परमात्मा आत्मा के साथ रहता है हमेशा ठीक है तो आत्मा त्मा के साथ जब परमात्मा रहता है और ये लोग क्या कहते हैं 1866 में कि भैया उसने परमात्मा के पास जाने को कहा है परमात्मा के पास जाने को कहा है अपने से भिन्न किसी तो भाई आत्मा तो परमात्मा के साथ ही थी सदैव थी है ना आत्मा और इसने यहां पे माना भी है कि परमात्मा के साथ रहने के कारण आत्मा नित्य है। परमात्मा के साथ रहने के जितनी देर परमात्मा के साथ है तो उसके कारण परमात्मा भी अविनाशी है और परमात्मा अविनाशी है सदैव तो इसका मतलब सदैव परमात्मा उसके साथ है तो परमात्मा जब उसके साथ है तो फिर अब कौन सा परमात्मा था जिसके पास वो जा रहा है भाई हमारी व्याख्या तो तुमने मानी नहीं है जैसे हम लोग बात करते हैं कोई आकर के बोला कि मुझे जो है ईश्वर को जानना है अब मान लीजिए मुझे जो है शिवश नारायण द्विवेदी से मिलना है किसी
00:40:18:12 ने कहा और मैं ही शिवश नारायण द्विवेदी हूं मैंने कि वो वो ऐसा है। उसके दो हैं। वो ऐसे कपड़े पहनता है। वो ऐसा करता है। मैंने शिवश नारायण द्विवेदी के बारे में वो और क्या-क्या जानता है या नहीं जानता है तो मैं उसे और क्या-क्या बता सकता हूं। ये सब बातें की। तो जब मैं ये सब बातें करूंगा तो उस समय शिवश नारायण द्विवेदी के बारे में मैं जो बातें बोलूंगा वो थर्ड पर्सन के रूप में उसे रखते हुए बोलूंगा। अब ये लोग ऐसे तो मानेंगे नहीं। इनको चाहिए सबूत। तो सबूत में हमारे पास क्या है? रामपाल खुद जाकर के ढोक लगा रहा है कबीर की जब वो खुद कबीर का अवतार है तो ढोक किसकी लगा रहा है दंडवत किसको हो रहा है क्यों कह रहा है अच्छा कह रहा है मैं तो कुत्ता हूं कुत्ते की तरीके से हूं ये रामपाल कह रहा है तो ये क्यों कह रहा है भाई वो तो कबीर ही है तो अपने आप को कुत्ता क्यों कह रहा है अच्छा और बता दूं कबीर ने भी एक जगह कहा है कि मैं मैं तो कुत्ता राम का चलो ठीक है वो भी छोड़ दो तुम उसमें अप्रमाण घुसेड़ दो मगर जो रामपाल की ज्ञान गंगा है उसी में कबीर खुद कह रहे हैं कि विष्णु के अवतार श्री कृष्ण भगवान हैं। पष्ठ संख्या 30 पे शायद ये बात रामपाल की किताब कबीर का उसमें वचन और उसमें लिखा हुआ है कि भगवान
00:41:33:18 श्री कृष्ण ही अवतार है। ये इसमें नहीं है वो ज्ञान गंगा में। ठीक है? तो [गला साफ़ करने की आवाज़] परमात्मा यदि आत्मा के साथ सदैव है और आत्मा परमात्मा के साथ रहती इसलिए अविनाशी है और क्योंकि आत्मा अविनाशी है तो ये मानना पड़ेगा कि उसके साथ परमात्मा सदैव है तो परमात्मा जब सदैव है आत्मा के साथ तो फिर कहां जाने को कह रहा था तुम्हारा बाबा जी हां ठीक है तो ये बात हो गई 20 वे प्रश्न से
00:42:07:22 देखिए देखिए इसी में आ गया परमात्मा सदा आत्मा के साथ अभेद रूप से रहता है। नीचे सबसे लास्ट पैराग्राफ लाइए इसी प्रश्न में। हां ये देखिए इस परमात्मा को लास्ट पैराग्राफ का अ सेकंड लाइन है अंत की ओर से इस परमात्मा को जो आत्मा के साथ अभेद रूप से रहता है बस हो गया आत्मा के साथ अभेद रूप से रहता है जिससे आत्मा विनाश रहित है प्रमाण हो गया तो परमात्मा सदैव आत्मा के साथ ही था यानी कि अर्जुन के साथ ही था तो फिर कौन से परमात्मा के पास जाने को कह रहा था इनका परमात्मा तो वो कह रहा था हमारे गणपति महाराज के लिए ऋग्वेद में जिनका वर्णन है दो 23 एक में जो कबीरों का कबीर है इनके हिसाब से कबीर का मतलब कबीर है तो कबीर का कबीरों का कबीर यानी कबीरों का भी परमात्मा कौन है वो है गणेश जी तो यहां पर इनका जो परमात्मा है रमलुओं का वो परमात्मा गणेश जी के पास जाने को कह रहा है इनकी ही इन्होंने जो रायता फैलाया है उसी में भिगो करके इनका जूता इनहीं के मुंह पर ठीक है इसको कहते हैं मार
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→ Used in: B · Live महाडिबेट लाइव रामपाल और उसके 15 करोड़ शिष्य बनाम एक मनुवादी शिवांश at 1:09:59 ↗
00:43:21:27 इसको कहते हैं मार कि दर्द भी परेशान हो जाए कि उठे तो कहां से उठे क्यों
⬜ Not used yet · 00:43:27:03 – 00:49:27:01 (6:00)
00:43:27:03 शास्त्र जी जी बिल्कुल बिल्कुल यहां तो अभेद भी बता दिया तो इससे तो एकत्व भी तो मान लिया भाई एकत्व भी तो है यहां पर अद्वैत की बात आ गई ये ऐसी खिचड़ी है ना रामपाल की वो देखा था पवन दास से मैंने पूछा था कंधा खत्म हो रहा है उसके बाद स्पेस किसने बनाया भाग गया। मैं तो आग में कूदूंगा। मैंने उससे कहा था जब सृष्टि रचना की कबीर ने तो जहां वो खड़ा है क्योंकि कबीर शरीर ही है इनके हिसाब से सशरीर है। तो जहां वो खड़ा है वो स्पेस किसने बनाया? अब अब जो है पवन दास ढीले पड़े। अब पवन दास ने कहा मैं तो आग में कूदूंगा। मेरा परमात्मा सच्चा होगा तो मुझे बचाने आ जाए। तो भाई तुम यह बोलो ना फिर तुम ये बोलो ना कि मेरा परमात्मा सच्चा इसलिए क्योंकि मैं आग में कूदता हूं तो आ जाता है। ये क्यों बोलते हो वेदों में प्रमाण है फलाना ढिंका ये क्यों बोलते हो ये बंद करो सिंपल हमारी लड़ाई तो यही पे है ना अच्छा
00:44:43:22 अब आगे हम चलते हैं। देखो श्लोक 28 में इसने मान लिया है कि जो प्राणी है जन्म के पहले भी थे मरने के बाद भी रहेंगे। ये क्या पागल है कि नहीं? मैंने कहा था ना इसने इतना पागलपन किया है कि हर बात को पढ़ के मन करता है कहीं मिल जाए तो इसके पहले तो चार पांच ये किताब इसके मुंह पे मारे। क्या लिखा है इसने? अभी कह रहा है कि एक समय था जब उसका अभाव था। अब क्या कह रहा है कि वह थी और आगे भी रहेगी। इसी प्रश्न में देख लो श्लोक 28 ऊपर जाइए। 22वा प्रश्न हां ऊपर जाइए
00:45:29:01 और ऊपर जाइए। 22वा 22वा 20 पे आप ये ये 28वा ये सर्व प्राणी जन्म से पहले भी थे मरने के बाद भी होंगे बीच में भी है ये खुद हिंदी कर रहा है इसकी हालांकि ये क्या हिंदी करेगा इसको हिंदी पढ़ना नहीं आता है ये इसने वहां से डिट्टो ए लाइन उतार ली जिसमें मिलावट करनी होती है उसमें अपनी बातें डाल देता है [गला साफ़ करने की आवाज़] अब देखो [हंसी] अगले प तो बम गिरने वाला है बम ठीक है ये लोग ऐसे ही उठाते हैं ना बातों को आगे देखो 23 पष्ठ संख्या 23 पे यहां पे क्या हो रहा है 23 23 में देखो सब खत्म हो जाएगा यहां पे यही से दिखाया करो आप अपने प्रमाण खोलने की जरूरत नहीं होती है आप यही से दिखाओ प्रमाण में देखो पहले पैराग्राफ की लास्ट लाइन देखो क्या है जी लास्ट लाइन पढ़िए शास्त्रवाद जी जी किसका यहां पे पहला पैराग्राफ यही हां ये पढ़िए यही ज्ञान भगवान
00:46:44:02 श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता के माध्यम से दिया अरे भाई [हंसी] अब यहां पे क्या हुआ अर्जुन को ज्ञान किसने दिया गीता के माध्यम से भाई किसने दिया कृष्ण ने दिया है कृष्ण ने दिया है है पागलपन अरे रामपाल रामपालियों चुल्लू भर पानी में डूब के मर जाओ तुम्हारे आका ने ऐसे व्यवस्था कर रखी है आपकी शर्म शर्म करो थोड़ी ये क्या करके रखा है तुम्हारे आका ने
00:47:16:25 [हंसी] अब इनके ना तो कृष्ण भगवान है कृष्ण तो भगवान है नहीं भगवान तो रामपाल और कबीर है यहां लिखा है यही ज्ञान भगवान श्री कृष्ण ने और चलो ठीक है तुम कह दोगे नहीं नहीं हम तो कृष्ण को भगवान मानते परम भगवान वो है। ठीक है। मगर तुम्हारी जो सबसे बड़ी फिलोसफी है कि गीता का ज्ञान अर्जुन को काल ने दिया है। कृष्ण ने नहीं दिया। यहां तो तुम्हारे बाबा जी क्या करते हैं? क्या करना है? अब कर दो। इतना सा है। अब बस कमेंट पर्सनल कमेंट्स पे आ जाना। ये ये है वो है। इसका जवाब नहीं देते बनेगा। और इसका जो अगर तुम जवाब दोगे तो तुम्हें वही भाषाएं बोलनी पड़ेगी जो भाषाएं हम तुम्हें बोलते हैं जब तुम अपना अनर्गल बातें करते हो गीता को लेकर के। ठीक है? अगर तुम्हारे अंदर थोड़ा बहुत भी बुद्धि होगी तो तुम वो जवाब हमको दोगे जो जवाब तुम्हारे प्रश्नों का उत्तर होगा। समझ रहे हो? मेरी बात को रिपीट कर करके सुनना। ऐसे समझ में नहीं आती है जल्दी। बहुत बड़े-बड़े इंटेलेक्चुअल परेशान हो जाते हैं। तो तुम तो किस खेत की मूली हो। खैर
00:48:24:09 [गला साफ़ करने की आवाज़] ये हो गया तो ऐसे करके इसने तो इसने तो ऐसा रायता किया भाई कि कहां से शुरू करें? कुछ और जरूरी मिलता है तो मैं आपको बताता हूं। यह समरी है।
00:49:00:29 [गला साफ़ करने की आवाज़] ये एक अच्छी चीज आई है। हां। तत्व ज्ञान ये देखिए प्रश्न संख्या 31 पे आइए। सेकंड पैराग्राफ यहां पर गीता अध्याय दो श्लोक 53 का अर्थ बता रहे हैं बाबा जी और उसमें कहा जा रहा है उसमें बता रहे हैं तत्व ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात भांति भांति के वचनों यानी
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→ Used in: A · Video जेलदर्शी की किताबों को सही सिद्ध करने आया चेलाखुद को बाबा का भगत भी सिद्ध नहीं क... at 2:45 ↗
00:49:27:01 अज्ञान से विचलित हुई तेरी बुद्धि जब परमात्मा के ध्यान में पूर्ण रूप से निश्चल रूप से स्थाई स्थिर हो जाएगी तब तू योग को यानी यथार्थ भक्ति को प्राप्त हो जाएगा
⬜ Not used yet · 00:49:39:03 – 00:50:29:13 (0:50)
00:49:39:03 यानी तब तू भक्त बनेगा ठीक है। अब यह लोग क्या कहते हैं? मैं भगत हूं। भगत हूं। भगत जी, भगत जी करते रहते हैं दिन भर। अब यह बताओ अगर यह भगत है तो ये तत्व ज्ञान हो गया इनको। तत्व ज्ञान हो गया तो तत्व ज्ञानी हो गए। तो क्या ये तत्वदर्शी मानते हैं खुद को? और अगर ये तत्वदर्शी नहीं है तो ये भगत नहीं है। दिख रहा है ये श्लोक? अंडरलाइन करिए। तत्व ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात क्या होगा? दिखाइए इनको जरा। यह है ठस बुद्धि के परिणाम नीचे आइए नीचे वाला दो 53 हां ये दो 53 दो श्लोक 53 है ना गीता अध्याय हां पहली लाइन से लाइए इसको पहली लाइन से ये हां यहां से तत्व ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात भांति भांति
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00:50:29:13 के वचनों से यानी अज्ञान से विचलित हुई तेरी बुद्धि जब परमात्मा के ध्यान में पूर्ण रूप से निश्चल रूप से स्थाई स्थिर हो जाएगी
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00:50:37:20 तत्व ज्ञान ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात तत्व ज्ञान मिल गया तत्वज्ञानी हो गया तत्वदर्शी हो गया तब तू भक्त बनेगा तो एक भी भक्त नहीं है आ मत जाना कोई कोर्ट में या मैं फलानी भक्त हूं इसी किताब से दिखाना ये कोई भक्त नहीं है तेरा बाबा तो ये कह के जेल गया था [हंसी] बताइए कैसे कैसे यहां पे सब बातें बोलता कुछ है वहां पे वहां पे क्या बोलता है यहां लिखता क्या है बोली और लिखनी में दोनों अंतर है रामपाल का जो ज्ञान है ना वो एक बच्चा जो मेले में पहुंच जाता है ना मेले में उसको बहुत सारी दुकानें दिखती है पहले कहता है नहीं नहीं मैं ये लूंगा मैं एक गुब्बारा लूंगा मैं गुब्बारा गुब्बारा जब उसको गुब्बारा देने लगते हैं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं मैं मैं ये नहीं लूंगा मैं मैं वो लूंगा बंदूक लूंगा बंदूक बंदूक फिर बंदूक करने लगता है मतलब बंदूक से गुब्बारे का खंडन फिर कोई टमाटर टमाटर ये टमाटर फोडूंगा मैं ये करूंगा वो पागल हो जाता है वहां मेले में जा के वैसे ही रामपाल का जो ज्ञान है ऐसे ही है जब मन जो आ रहा है वो उसको चाहिए वो उसने कर दिया जो मन हो रहा है वो लिख दे रहा है बिना कोई सिद्धांत कोई सिद्धांत नहीं है कहीं
00:51:52:24 पे अद्वैत जो मन हो रहा है वो लिख रहा है जो मन हो रहा है वो बोल रहा है पक रहा है पकने दो मैंने अपने एक बचपन के मित्र के बारे में बताया था उसकी परचून की दुकान थी और वो बड़ा बेमन से वहां पर मतलब उसके पिताजी की दुकान थी वो। वो बड़ा बेमन से अपनी पिताजी की दुकान पर बैठता था हाथ बटाने के लिए। जब पिताजी कहीं उसके किसी कार्य में संलग्न होते थे। कभी-कभी वो उसको बैठना पड़ता था और मैं भी उसके पास जो है उससे वार्ता करने के लिए समय व्यतीत करने के लिए कभी पहुंच जाता था। उस समय जब वो दुकान पर बैठा हुआ था तो मैंने सीन देखा था। उस समय उसके अंदर बूबासी भरी हुई होती थी कि वो बैठना नहीं चाहता पर बैठना पड़ रहा है। व्यवस्था है। तो उसके पास कोई बच्चा आता था छोटा सा बिल्कुल मान लीजिए कि उसकी आयु होगी तीन वर्ष जो जैसे तैसे करके उसकी दुकान के काउंटर तक पहुंच रहा है तो बच्चे ने आकर के उसके काउंटर पे एक का सिक्का रखा चट से आवाज आई चट है ना ये लो भाई पहले पैसे पकड़ो तो उससे वो मेरा मित्र पूछता है बता क्या चाहिए बता उसको गुस्सा आ रहा है अंदर से अच्छा वो बच्चा क्या कह रहा है मालूम है वो चाहिए वो
00:53:09:03 बो हवा में हाथ करके वो बच्चा कह रहा है वो चाहिए अब वहां पर तमाम सारी चीजें हवा की ओर जहां वो इशारा कर रहा है कोई वो जो बुढ़िया के बाल होते हैं ना वो चीनी से बनता है जो गुलाबी गुलाबी वो है कहीं चुर्री है वो जो चावल के पापड़ चिप्स वगैरह होते हैं कहीं टॉफी रखी हुई है कंपट रखी हुई है ये सब रखी हुई बच्चा ऐसे हाथ करके बो यूं कर रहा है तो वो परेशान होता था वो यह चाहिए नहीं वो चाहिए वो तो दो तीन बार हो गया ये चाहिए नहीं वो चाहिए वो चार पांच बार के बाद ले अपने पैसे भाग जा यहां से ऐसे बोलता था ग्रामीण भाषा में ले अपने पैसे भाग जा यहां से तो वो कुछ हाल है रामपाल का ये जब अपना ज्ञान देने चलेगा किसी को तो ये भो वो कर रहा है भो वो भो जब जो मन आ रहा है उसकी ओर इशारा कर दिया इसका कोई सुनिश्चित नहीं मुझे वही चाहिए ना जब जो मन आ रहा है पहले वाले से दूसरे वाले को काट दिया। यह है इसका तो [गला साफ़ करने की आवाज़]
00:54:31:06 अब ये लोग आ जाए ना सामने इनहीं के ग्रंथ खोल के इनहीं के सामने रखा बस बस इनके ही ग्रंथ खोला करिए और कुछ खोलने की जरूरत नहीं कभी जो कृष्ण जी है वो भगवान है कहां से रामपाल की गीता से ठीक है काल जो है वो तत्वदर्शी है रामपाल की गीता से ठीक और जब कृष्ण भगवान हो गए तत्वदर्शी हो गए तो फिर वो ज्ञान जो है उसका नहीं कबीर का और भगवान श्री कृष्ण भगवान है किससे कबीर के वचनों से और रामपाल के उससे ज्ञान गीता तेरा ज्ञान अमृत से ज्ञान गंगा में भी है और कोई कहे कि भाई जो है
00:55:10:26 बहुत सी चीजें हैं कहां तक गीता का ज्ञान किसने दिया भगवान कृष्ण ने दिया अर्जुन को कहां से है भाई तेरा ये गीता से तेरा जो ये लिखा हुआ है गीता का ज्ञान किसने दिया कि भैया गरिमा गीता की ठीक है? और रामपाल की भक्ति से मोक्ष नहीं होगा। यह भी कहां से सिद्ध हुआ? रामपाल की गीता से। रामपाल की ज्ञान से मोक्ष नहीं होगा। ये भी सिद्ध हुआ रामपाल की गीता के बकवास से। अच्छा और आगे देखते हैं कुछ।
00:56:02:24 [गला साफ़ करने की आवाज़] आ जाओ इस आ जाओ 35 प्रश्न पर 35 किशन परिहार जी बोल रहे हैं कि लाइव आना चाहता हूं। लिंक भेजो। आप लोगों को लिंक दिया जाएगा जब इनका दिया जाएगा। जरा मैं समरी पूरी कर लू क्योंकि अभी तो दूसरा ही अध्याय हुआ है।
00:56:48:09 ठीक है? तीसरा अध्याय तीसरे अध्याय पे आते हैं। देखते हैं कुछ मिल जाए। तीसरे में जरूरी चीज अच्छा एक बात और है ये बार-बार कहता है मेरी वाली परम गति मतलब काल की गति को प्राप्त होता है तो काल वाली परम गति को कहता है काल ये कहता है कि जो मेरी भक्ति करेगा तो मेरी गति को प्राप्त होगा उस वो गति परम गति है मेरे हिसाब से मेरी सीमा में काल ये कहता है अब बात दिक्कत ये आती है कि अच्छा वो गति हालांकि वो नरक है वो जो काल को प्राप्त होगा वो नरक है मगर उसको काल के हिसाब से परम गति कह रहा है मगर दिक्कत ये है कि काल की कोई निम्न गति भी है क्या
00:58:04:19 भाई? काल वाली परम गति क्या है? जब काल की निम्न गति होगी तब तो काल की परम गति होगी। तो काल वाली गति प्राप्त होती है तो ठीक है। मगर काल वाली परम गति क्या है? परम गति तो तब कहोगे ना जब निम्न गति हो कोई मगर काल के काल की भक्ति करने वाली की तो एक ही गति है। तो फिर उसमें परम लगाने की जरूरत क्या है? ये एक बात है। परम गति कहता रहता है। अच्छा 40 10 का कुछ मैंने लिखा था। एक बात और है कि यहां पर इन्होंने आठ सात का उदाहरण दिया है कि
00:58:58:09 इन्होंने इस प्रश्न प्रश्न में सबसे नीचे आइए। सबसे नीचे आ जाइए। इस प्रश्न में यज्ञों का लाभ 39वा प्रश्न है 39वा यज्ञों का लाभ सांसारिक सुविधाएं है मुक्ति नहीं है अब जो यज्ञ पांच प्रकार के हैं उनमें से एक ज्ञान ज्ञान यज्ञ भी है। तो चार 34 में एक जो कहा जा रहा है कि आप जो है ज्ञान यज्ञ के ज्ञान को लेने के लिए तत्वदर्शी के पास जाइए। तो यानी तत्वदर्शी कौन है जो ज्ञान यज्ञ का ज्ञान देगा। तो यानी अगर यह कहते हैं कि यज्ञ ज्ञान यज्ञों से मुक्ति नहीं है और यज्ञ में ज्ञान यज्ञ भी है। यानी ज्ञान यज्ञ से भी मुक्ति नहीं है। तो इसका अर्थ यह मानना पड़ेगा कि तत्वदर्शी से मुक्ति नहीं मिलेगी। यहां से भी सिद्ध हो गया। मुक्ति नहीं है। इसी की बात से ठीक है।
01:00:05:10 और इन्होंने कुछ समय तक अमर होने की बात भी कही है यहां पर। ये देखिए अगले प्रश्न पर इसके बाद अगले प्रश्न पर दिया गया ज्ञान यज्ञ भी पांच यज्ञ में से एक है। देखिए अगला प्रश्न लाइए। यह देखिए इसने पांच यज्ञ बताए हैं। धर्म यज्ञ, हवन यज्ञ, ध्यान यज्ञ, प्रणाम यज्ञ, प्रणाम यज्ञ ये कौन सा यज्ञ? ज्ञान यज्ञ। [हंसी] खैर ज्ञान यज्ञ। ठीक है? तो ज्ञान यज्ञ अब जो चार 34 का तत्वदर्शी है जिसके बल पर उछलते हैं वो ज्ञान यज्ञ का ज्ञान लेने के लिए वहां भेजा जा रहा है और ज्ञान यज्ञ शुद्ध मुक्ति है नहीं तो अगर चार 34 का तत्वदर्शी रामपाल है तो उसकी ही किताब के अनुसार उसके द्वारा उसके ज्ञान के द्वारा मुक्ति नहीं होगी। ठीक है? आगे चलते हैं।
01:01:13:10 अच्छा ये लोग एक दावा करते हैं कि जो ब्रह्मा विष्णु महेश है वो सांसारिक चीजें नहीं देते हैं। जबकि यहां पर किताबों में एक है कि सांसारिक चीजें तो ब्रह्मा विष्णु महेश ही देते हैं। सांसारिक चीजें ब्रह्मा विष्णु महेश ही देते हैं। ऐसा कई बार कहा है। और देखिए यहां पर इस मूर्ख ने यह भी कहा है ब्रह्मा विष्णु महेश बिना मांगे देते रहते हैं बिना मांगे हो गया की भाई 44 में पष् पे आइए 44
01:02:06:12 ऐसी बहुत सारी बातें हैं जो आपको वह सीरीज मिल जाएगी हमारे चैनल पर है। वहां पर आप उसको पूरा देख सकते हैं। संक्षिप्त में देखनी है तो आप यहां पर देख सकते हैं उसके बुलेट पॉइंट्स हैं। उसमें बहुत कट कर करके है। जैसे बीचबीच में एक गैप आता है ना कुछ ढूंढ रहे हैं तो गैप आ जाता है। तो वह गैप नहीं आएगा। बुलेट पॉइंट्स में तो आप वहां पर इसको देख सकते हैं। ठीक है? गीता ज्ञान दाता से परे यानी दूसरा यहां तो शाब्दिक बातें हैं। इसको छोड़ देते हैं। देखिए चलिए एक मोटी बात बताता हूं। अब आइए 49 वे प्रश्न पर।
01:03:02:07 48 व पष्ठ पर ऊपर जाइए 48 में ऊपर जाइए पीछे निकल गया हां इससे जस्ट पीछे वाला पेज दिखाइए हां एंड में एंड में एंड में यह देखिए तीसरे अध्याय के 17 से 18 तक का भावार्थ बाबा जी ने किया अब आगे चलिए ये ये देखो अब यहां पर भावार्थ कहां से शुरू किया है बाबा जी ने तीन 20 पे कहां शुरू किया तीन 20 तो तीन 19 क्यों नहीं किया बाबा जी बाबा जी ने इसलिए नहीं किया क्योंकि तीन 19 में लिखा है कि जनक जी को मोक्ष प्राप्त हुआ था ये बाबा जी का ठुल्लू बाबा जी के द्वारा बनाए गए उल्लू
01:03:47:20 तो बाबा जी ने तीन 18 तक अर्थ किया उसके बाद सीधे सीधे तीन 20 पर आ गए। तो जब तीन 20 पर आ गए बाबा जी तो भाई तीन 19 कहां है? क्यों नहीं किया? इसलिए नहीं किया तीन 19 क्योंकि तीन 19 में जनक जी का मोक्ष बताया गया है। क्या करते बाबा जी उसका? जनक जी को मोक्ष कैसे हो गया? तो तत्वदर्शी मानना पड़ जाता। ठीक है? तो एक यह बड़ी चीज आपको हाथ लग गई कि बाबा जी इस तरह की चोरी भी करते हैं कि कुछ श्लोकों को छोड़ देते हैं। मुझे लगता है वही श्लोक होंगे जो काल ने अपने मन से बोल दिए होंगे।
01:04:29:08 एक और बात है नीचे में लिखी हुई कथनी और करनी में अंतर जो कि खुद उन्हीं पर सेट हो रही है। अच्छा अब एक काल की ओर से बड़ी चीज बताता हूं। देखिए काल को एक श्राप लगा हुआ है रामपाल के अनुसार कि रामपाल के अनुसार जो रामपाल का ये कररेक्टर है काल्पनिक काल इसको एक श्राप लगा हुआ है कि इसको एक लाख मनुष्यों को रोज खाना है हालांकि जब उसकी जड़ में जाते हैं तो आत्मा को तो कोई खा ही नहीं सकता तो क्या होना है कि उनको तपती उस तला जाएगा कुछ किया जाएगा गरम गरम वो होगी सुगंध वो तो सुगंध लेगा यानी खाएगा नहीं यानी सुगंध लेगा तो सुगंध लेना लिखो ना बात जब कांटे की करनी है तो कांटे की नोक की बात करो ना भाई है ना खैर कुल मिलाकर के काल को डेली सवा लाख जीव चाहिए, प्राणी चाहिए। अच्छा दूसरी बात यह भी है कि
01:05:18:26 फिर इसमें क्या आता है देखिए भगवत गीता में गीता का अर्थ करते हुए लिख रहा है मेरे लिए तीनों लोकों में ना तो कुछ कर्तव्य ना कोई प्राप्त करने योग्य वस्तु अप्राप्त है। फिर भी मैं गीता ज्ञान दाता कर्मों में ही बरता हूं। लो ये मान लिया रामपाल ने। इसका मतलब गीता कहने वाले को कुछ नहीं चाहिए। दूसरी ओर क्या कह रहे हैं? सवा लाख प्राणी रोज चाहिए। क्या करें इसका? क्या करूं मैं इसका? इस मूर्ख व्यक्ति का क्या किया जाए? ये करेगा शास्त्रार्थ शंकराचार्यों से। बैल बुद्धि बताइए।
01:06:03:27 ऐसा व्यक्ति शास्त्रार्थ करेगा शंकराचार्य से बताइए अरे भाई तुम बिल्कुल भी नहीं तुम ना तुम पता है किस लेवल के हो अब मैं क्या बताऊं उनकी बढ़ाई हो जाएगी गामा तुम इस और आर्य समाज वालों से ही निपट लो पहले शंकराचार्यों की बात करने से पहले यही तुम्हारे लिए पर्याप्त है समझे बात करते हैं शंकराचार्य की। यह लोग भी इन्हें फूंक मार के उड़ा देंगे। बताइए [हंसी] मार के फूंक फूंक मार के उड़ा देंगे। हमारे आर्य समाजियों से मिल लो। हमारे स्कॉन वालों से मिल लो। फूंक मार के उड़ा देंगे वो लोग तुम्हें। आए बड़े शंकराचार्यों से वो करोगे। तो ये यहां पर गीता कहने वाला खुद कह रहा है मुझे कुछ नहीं चाहिए। मगर इनकी फिलोसफी क्या है? चाहिए। सवा लाख मनुष्य रोज चाहिए। यह करना है, वो करना है। झूठ सच झूठ का सहारा लेता है। ठीक है? अच्छा एक बात और है कि उसने 5% ज्ञान अपने मन का दे दिया है। वो बात अलग है। मगर यहां पर रामपाल ने माना है कि जो काल है वो सच
01:07:19:03 झूठ का सहारा लेता है अपना काम निकालने के लिए। उसका काम क्या है? सवा लाख प्राणी रोज चाहिए। इसका अर्थ क्या हुआ? वो झूठ बोलता है। झूठ बोलता है तो कहीं भी बोल सकता है। इसका मतलब अपनी बात को सिद्ध करने के लिए तुम वेद और गीता का प्रमाण नहीं ले सकते क्योंकि वेद गीता को कहने वाला व्यक्ति सच और झूठ बोलता है। तो बात हो गई खत्म। अब ना शास्त्र हमारे पास तुम्हारे हिसाब से और ना तुम्हारे पास हमारे हिसाब से हमारे हिसाब से कबीर सागर प्रमाण नहीं है और तुम्हारे हिसाब से गीता और वेद पुराण प्रमाण नहीं है। अब सीधी बात है जिसके गुर्दे में दम होगा वही जिंदा रहेगा। क्यों भाई गुरुदाचार अब आ जाओ सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चैन खत्म लड़ाई होने से पहले ही समाप्त हो जाएगी है ना चलो लिंक दे दिया गया है जो भी आना चाहे वो आ सकता है लिंक दे दिया है आ सकते हैं मैं तब तक थोड़ा थोड़ा जो मुझे इसमें झोल दिखेगा श में बताता चलूं अभी तक हम
01:08:35:15 किशन परिहार जी बोल रहे हैं कि रामपाल का ज्ञान जो है 101% सही है तो भाई आ जाओ ऊपर आ जाओ ऊपर आ जाओ अभी तुमको देखते हैं कितना वो सही है कितना तुम सही हो 101% जो सही बात है बता रहे हो ना आ जाओ अभी लिंक दे दिया गया। अब देखते हैं वो आते भी है कि नहीं। भाई देखो ये लोग क्या कह रहे हैं। ये लोग क्या कह रहे हैं कि ज्ञानी और विद्वान पुरुष ये पष्ठ संख्या इस पर आ जाइए। यह 53 पे संख्या आपने वो वाला दिखा दिया था जो मैंने इससे पहले कहा कि काल को कुछ नहीं चाहिए
01:09:29:10 दिखाया था दिखा दो 49 पे है वो किशन परिहार बोल रहे हैं लिंक नहीं आया भाई लिंक दे दिया गया है यह 49 पृष्ठ पर है। तीसरा पैराग्राफ हे पार्थ यानी हे अर्जुन मेरे लिए तीनों लोकों में ना तो कुछ कर्तव्य है और ना कोई प्राप्त करने योग्य वस्तु अप्राप्त है। फिर भी मैं गीता ज्ञान दाता कर्मों में ही बरतता हूं। और इस इस बेवकूफ व्यक्ति ने यहां पर कुछ नहीं लिखा है कि मन का ज्ञान है, झूठा है, क्या है? अब बताओ कैसी खिचड़ी पकाई है इसने? कहां से शुरू करें इसको पीटना?
01:10:21:20 जहां से पकड़ेंगे वहीं पर इनका ये जो ताश का जो महल बना हुआ है ना गिर जाएगा। ताश के पत्ते का जो महल होता है ना जहां उठाओ वहीं गिर जाना है। [हंसी] अच्छा देखो इसने अपने लोगों को तो वो कहा है कि भाई जो
01:10:55:01 देखो इसने क्या कहा है 49 पे ही लास्ट में आ जाइए कि रामपाल के जो अनुयाई है वो अनपढ़ गवार टाइप के लोग हैं वो ये लिखा हुआ है नीचे और नीचे से तीसरी दूसरी लाइन से चालू करिए। इसमें ब्रैकेट में देखिए क्या लिखा है। जैसे अविद्वान अर्थात भोलेभाले अशिक्षित शास्त्रानुकूल साधना तत्वदर्शी संत से प्राप्त करके करते हैं। इस प्रकार पाप को प्राप्त नहीं होगा। यानी अविद्वान भोलेभाले अशिक्षित लोग ही तत्वदर्शी जिसको शास्त्रानुकूल साधना कहता है उसको प्राप्त करते हैं और पाप को प्राप्त नहीं होते यानी कि तत्वदर्शी से साधना लेने वाले लोग कौन है? अविद्वान भोले भाले अशिक्षित गवार अनपढ़ देख लो तुम्हारे बाबा जी कह रहे हैं [हंसी] अपने आप को अब कैसे बोलेंगे ये लोग और सुनो तुम लोग कहते हो ना मैं मूर्ख हूं या हम जैसे लोग जो रामपाल का विरोध कर रहे हैं वो मूर्ख है इसका भी तोड़ ले लो इसका भी तुम्हारी किताब से ही तोड़ ले लो तुम लोग कहते हो कि हम मैं हम जैसे लोग जो कुछ कर रहे हैं मान बढ़ाई के लिए कर रहे हैं तो इसमें देखिए क्या लिखा हुआ है
01:12:11:25 53 वे पष्ठ पर क्या लिखा है देखो 53वा पृष्ठ आइए 53वा और नीचे से सेकंड लास्ट पैराग्राफ और नीचे आइए हां थोड़ा ऊपर हां ये देखिए ज्ञानी विद्वान पुरुष थोड़ा ऊपर ये देखिए इसमें यह जो सार लिखा है सार इसमें सार में सेकंड लाइन में लिखा हुआ है ज्ञानी इसी प्रकार ज्ञानी विद्वान पुरुष मानव वश पैसा प्राप्ति व अधिक शिष्य बनाने की इच्छा के कारण गलत त्याग कर सच्चाई का अनुसरण नहीं करते। यानी कि रामपाल के हिसाब से जो सच्चाई का सच्चाई है और उसका अनुसरण जो लोग नहीं कर रहे हैं वो कौन है? ज्ञानी और विद्वान लो तुम्हारे बाबा जी कह रहे हैं मैं ज्ञानी तुम तय कर लो मूर्ख दुनिया का सबसे बड़ा मूर्ख व्यक्ति होगा जिसने किताब लिखी होगी। मुझे लगता है ये किताब रामपाल ने भी नहीं लिखी है क्योंकि मुझे लगता है इतना तो दिमाग
01:13:27:03 होगा उसमें कि इतना सब कैप्चर किया लोगों को खड़ा किया अपना कुछ तो उसने षड्यंत्र किया कुछ भी किया मगर दिमाग तो यूज़ किया ना उसने ये तो मानना पड़ेगा मगर ये तो लिखने वाला पता नहीं कौन से नशे में था इसमें कोई सूखा नशा किया था क्या किया था वही बताएगा भैया कुछ भी लिख दे रहे हैं ये लोग [हंसी] हां तो भाई लिंक दे दिया गया है। जो भी रामपाल का चेला यहां पे आकर के अपनी बात को सिद्ध कर सकता है वह आ जाए।
01:14:04:14 वह परमात्मा जिसका काल ये देखो वह बात कर रहा है देखो ठीक है यहां पे कबीर जी की वाणी है और कबीर जी की वाणी में कबीर जी वो परमात्मा जिसका काल ना हो यानी अविनाशी सत्पुरुष वह सच्चा परमात्मा जिसका नाश ना हो ये 63वा पेज है 63वा नाश ना वह परमात्मा जिसका वास्तविक रूप शब्द है। लो वास्तविक रूप क्या है? शब्द वास्तविक रूप है। कबीर वास्तविक रूप नहीं है। 63वा पेज
01:14:45:06 ये लो भाई ऑल वास्तविक रूप शब्द है। अब तो यहां पता चल गया भाई तुम्हारा कबीर जो है ना वो भी वास्तविक रूप में नहीं है शब्द है वास्तविक रूप अब क्या करेंगे ये ये मान लो जो बड़ा पैराग्राफ है इसके बीच की लाइन है मैं देखता हूं ये है हां वह सच्चा परमात्मा जिसका नाश ना हो यानी पहली बात तो ये ये नहीं कह रहा मैं सच्चा परमात्मा हूं वह सच्चा परमात्मा अपने से भिन्न किसी को बता रहा है। वह सच्चा परमात्मा जिसका नाश ना हो यानी अविनाशी शब्द स्वरूपी और ऊपर से लो थोड़ा नहीं ठीक है। ठीक है यहीं से ठीक है। अकाल मूरत लिखा है ना अकाल मूरत
01:15:43:08 राम के लिए लिखा है भैया वहां पे वहां पे राम के लिए लिखा था उसमें नहीं ठीक है मैं पूरा पढूंगा हां ये बिल्कुल इस समय जो सेकंड लास्ट लाइन दिख रही है उसमें अकाल मूरत लिखा हुआ है सेकंड लास्ट लाइन हां अब यहां से पढ़ना है हमें अकाल मूरत शब्द स्वरूपी राम सत्पुरुष यह नाम मुक्ति प्राप्त फिर बदल गया ठीक है। ठीक है। ठीक है। चलते हैं। इसी को चलते हैं।
01:16:15:13 नहीं है। मुक्ति प्राप्त करने के नहीं है। क्योंकि ये तो पूर्ण ब्रह्म परमात्मा के पर्यायवाची शब्द है। ठीक है? कोई बात नहीं। अब आगे देखिए जैसे अकाल मूरत वह परमात्मा जिसका काल ना हो यानी अविनाशी।
✅ This part is already used · 01:16:28:09 – 01:16:41:22 (0:13)
→ Used in: A · Live रामपाल की घटिया गिरी पाखंडी का गीता ज्ञान भाग 10 अध्याय 5 at 1:34:35 ↗
→ Used in: A · Live क्या रामपाल तत्वदर्शी है? Live Discussion with Tarendra K Singraure at 1:20:24 ↗
01:16:28:09 सत्पुरुष वह सच्चा परमात्मा जिसका नाश ना हो यानी अविनाशी। शब्द स्वरूपी राम या वह परमात्मा जिसका वास्तविक रूप शब्द है और शब्द खंड नहीं होता वह नाश में नहीं आता यानी अविनाशी उस परमात्मा को जो अविनाशी
⬜ Not used yet · 01:16:41:22 – 02:03:14:00 (46:32)
01:16:41:22 जिसको शब्द स्वरूपी यहां पे इसने वह करके बात की है और जो वास्तविक स्वरूप माना है जिसका वास्तविक स्वरूप क्या है? शब्द है। तो परमात्मा का वास्तविक स्वरूप क्या है? रामपाल की किताब पढ़ रहे हैं। शब्द कबीर नहीं है। परमात्मा का वास्तविक स्वरूप कबीर नहीं है। टू बी नोटेड। ठीक है? ये हो गया। थोड़ा सा जंप करके जल्दी आगे चलते हैं। कुछ अच्छा मिलेगा।
01:17:17:06 देखिए किशन परिहार जी आ चुके हैं। हां किशन परिहार जी को लेते हैं। बस अपना ये पूरा होने वाला है। अब देखिए यहां पे इसने कहा है ना 93 वे प्रश्न पर 93 पर आइए। 93 93 पर इसने कहा है रामपाल ने कि मन स्वयं काल ब्रह्म है। यानी कि पहली बात तो काल सदैव सबके साथ में मन के रूप में है। अब या तो यह तय कर ले कि काल मन है या फिर काल वो साकार है। कोई जीव है जो इधर-उधर और जो मन है वो खाता कैसे है जीवों को ये भी बात है। बहुत सी बातें आ जाती है तो काल भ्रम में मन है और जब मन है तो वो वाला सवाल आता है कि जब जो रामपाल को मानने वाले लोग हैं और स्वयं रामपाल है तो उनकी माताएं जब गर्भ धारण कर रही थी तो वहां पर काल भी था इस हिसाब से जो अभी अभी हमने पढ़ा तो वहां पर तीन लोग हो गए काल हो गया और वो माता हो गई जो गर्भधारण कर रही हैं और वो पिता हो गए जो बीज डालने के लिए वहां पर हैं। अब बात ये है कि जब वहां पर काल भी है तो
01:18:32:07 काल वीडियोग्राफी करने के लिए वहां पर है। वहां कर क्या रहा है वो? है ना। दूसरी बात कि वहां पर वो है पर दिक्कत नहीं हो रही है। चलो ठीक है। पर मेन बात ये है जब वहां पर काल भी है तो गर्भधारण हुआ किसके द्वारा? उसी पिता के द्वारा इसका नाम लेते हैं ये लोग या फिर काल के द्वारा तो ये सोचने वाली बात है क्योंकि काल इनका स्वयं मन है। ठीक है? अब आ गया चौथा अध्याय। यहां तक हम लोग पढ़ चुके थे। वैसे हमने यहां तक बहुत सारी विवेचना की है विस्तृत रूप से। तो आप लोग अगर लंबे-लंबे वीडियो नहीं भी देखने हो तो आप बुलेट पॉइंट्स जरूर देखना जो सर्वशक्तिमान पे बुलेट पॉइंट सात एपिसोड के डले हुए हैं। यहां तक के बुलेट पॉइंट्स आपको बहुत मजा आएगा। है ना? तो इसमें अच्छा देखिए इसमें 95 वे पेज पर आ जाइए। 95 पर क्या लिखा है रामपाल ने? मूर्खता की पराकाष्ठा।
01:19:36:02 देखो कहां कहां से मार सकते हो आप? इस किताब को पढ़ लोगे ना ये जो मैंने इसमें निशान लगाता चल रहा हूं इनकी किताब में मेरी ये किताब को ही ये निशान के साथ हम लोग इसको छपवा देंगे। इसी को आप पढ़ लोगे। अलग से कुछ लिखने की जरूरत नहीं है। अब पीछे ये कह रहा है कि आत्माओं को किसने उत्पन्न किया? कबीर परमात्मा ने। और यहां पर 95 नंबर पेज पर यह कह रहा है कि काल ब्रह्म अच्छी आत्माओं को रचता है अर्थात पैदा करता है। आत्माओं को पैदा कौन कर रहा है? काल ब्रह्म। तो काल और कबीर एक हो गए। इस प्रकार से वहां कबीर कर रहा है। यहां पे काल कर रहा है। ठीक है? काल और कबीर एक हो गए। बहुत बढ़िया। अब बोलना। अब बोलना कहां पे लिखा है? एक एक मिनट में हां ये देखिए ये बस बस बस ज्यादा ऊपर नीचे आइए विशेष में आइए विशेष में हां विशेष में देखिए बीच में आ जाइए फिर कल्प के प्रारंभ में मैं रचूंगा अर्थात अस्थाई जन्म मरण समाप्त हुआ है स्थाई नहीं ठीक है अब और नीचे आ जाइए काल ब्रह्म अच्छी आत्माओं को रचता
01:20:51:06 है अर्थात पैदा करता है किसको पैदा कर रहा है आत्माओं को रच रहा है तो यहां यहां पे भी आत्माओं को आत्माओं का नित्य होना सिद्ध नहीं हुआ। हालांकि वो पहले भी मान चुका है। मगर यहां पर एक बात स्पष्ट है। आत्माओं को रच रचता है परमात्मा रामपाल के अनुसार दो6 में और यहां पर वो कह रहा है आत्माओं को रचता है काल ब्रह्म रामपाल के अनुसार पष्ठ संख्या 95 ठीक है और
01:21:27:03 हां एक बहुत अच्छी बात आई है यहां पे कि इसमें वेदों में लिखा है कहा गया है 97 पेज है जो ये कहते हैं ना कि वेद में पांच वेद कहते हैं मगर यहां पर रामपाल ने माना कि वेद चार है और उसमें गरीब दास जी की वाणी भी साथ में प्रमाण है वेद पांच नहीं वेद चार है। वेद चार कैसे हैं? गरीब दास जी की वाणी है। 97 पेज है।
01:22:17:22 पेज नंबर 97 97 में आप आ जाइए जो बड़ा बड़ा ये जैसी जिसकी साधना वाला मामला है इसके बाद दो पैराग्राफ छोड़ दीजिए फिर देखिए संत गरीब दास दिख रहा है हां नीचे हां संत गरीब दास जी ने परम परमेश्वर कबीर जी से प्राप्त तत्व ज्ञान में बताया है कि गरीब ऋग यजु साम अथर्वण चारों वेद चितभंगी रे ठीक है। इसके बाद वेदों में लिखा है कि नेति यानी ना इति अर्थात जो ज्ञान चारों वेदों में है यह संपूर्ण नहीं है। वेद चार कहे गए हैं। आगे क्या है? ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद का ज्ञान अधूरा है। चित है। चार वेद इन्होंने चारों वेद ही कहा।
01:23:12:14 आगे चलते हैं। अ आगे और कोई जरूरी बात अगर दिखती है तो मैं बता बता देता हूं। ठीक है। इसके आगे वो 32 तक हम लोग कर चुके। 32 के बाद अब जो एपिसोड आएगा उसमें करेंगे। हां अब जो है प्रेम सिंह भाटी जी आए थे पहले। एक बहुत अच्छी चीज रह गई है वो टीआर पहाड़ी जी ने निकाली थी जिसमें एक ही श्लोक का एक समय पे अर्थ अलग हो रहा है दूसरे समय पे अर्थ अलग हो रहा है जब वो कह रहा है कि भाई मेरे को जो है जो जन्मा हुआ मानता है वो गलत है साधारण मनुष्य मानता है वो वो गलत है और फिर वो तो साधारण मनुष्य नहीं मानता है वो भी गलत है ऐसा कुछ आया था उसमें वो अगर पहाड़ी जी को याद हो तो जरा वो बता दे वो भी दिखा दे वो बहुत अच्छी चीज है वो हम पहाड़ी जी अगर देख रहे हो तो बता दे
01:24:25:06 जो मुझे जो है मनुष्य देह में देखकर जो है सामान्य समझता है वो उसको वो गलत कह रहा है और फिर बाद में कह रहा है जो उसको जो है परमेश्वर समझता है वो गलत है। पहले कह रहा है कि जो मुझे तुच्छ समझता है वो गलत है। फिर कह रहा है जो मुझे तुच्छ नहीं समझता है बड़ा समझता है वह गलत एक ही ऊपर नीचे पहाड़ी जी अगर देख रहे होंगे तो वो बताएंगे नहीं तो फिर हम लोग अभी फिलहाल आगे बढ़ते हैं और ये वाली बात अगर आगे मैं फिर कहीं पे बता दूंगा तो मुझे मिल जाएगी जी भाटी जी जय श्री राम सुना है आप बड़ा बवाल का जय श्री राम सादर प्रणाम जय जय हो इनके तो चार चार पेज पढ़ो तो इनके 10 पॉइंट मिल जाते हैं। कोई है ही नहीं। कोई ज्ञान का कोई डिलेबर का ज्ञान नहीं है श्री रामपाल को कुछ नहीं खड़ा कर रखा है। एक बात पूरी कर लूं तो ये हमने लगभग चौथे अध्याय तक जो रीकैप है मोटा मोटा आपको बताने का प्रयास किया है कि इनकी इसकी ही किताब में इसने कितनी बड़ी गड्ढे खोद रखे हैं अपने मुंह के बल गिरने के लिए। तो आप उन गड्ढों को ही बाहर निकालें और यहां से आगे 4:32
01:25:40:19 से आगे की विवेचना अब हमारे मेन चैनल पर प्रत्येक मंगलवार शाम को 9:00 बजे से आया करेगी जिसमें हम पूरे 18 अध्याय तक जाएंगे कि इसने कैसा रायता फैलाया हुआ है। कैसा कीचड़ फैलाया हुआ है ज्ञान का। ज्ञान के नाम पर ज्ञान का कीचड़ नहीं ज्ञान के नाम पर। तो आप लोग उसमें कंटिन्यू करें और जो उसका समराइज वीडियो होगा वो हर जैसे वो मंगलवार को लाइव हो गई तो उसका एक समराइज्ड वीडियो एपिसोड वाइज यहां भी आता रहेगा सर्वशक्तिमान पे वो संक्षिप्त होगा वो पूरा विस्तृत होगा और संक्षिप्त होगा तो आप अपनी सहजता के अनुसार आपको जो ठीक लगे अगर आंतर फुल विस्तृत विवेचना देखनी है तो वहां देखिएगा और संक्षिप्त में देखना है तो यहां देखिएगा बुलेट पॉइंट्स के नाम पे जी अब बोले हां जी पिछले कई महीनों से आप गए काफी वीडियो चैनल पे देखे हैं पुरानी आपकी सारी डिबेट्स देखी है उससे काफी जानकारियां मिली निश्चित रूप से तो अभी इनसे थोड़ा भिड़ने का प्रयास किया कल एक तीन चार दिन से एक चैनल पे चर्चा चल रही थी इनके कल इनके जो मेन विद्वान है जो अक्सर इनके चैनलों पे चर्चा करते रहते हैं उनमें से
01:26:55:25 थे चेतन दास एक बार अमित के साथ आपके कई बार डिबेट हो चुकी है जानते होंगे आप तो उनका ही चैनल था और मैंने प्रश्न पहले तो परसों मेरी डिबेट थी तब मैंने सिद्ध कर दिया भाई भगवान विष्णु या कृष्ण जो भी कह दो वो पूर्ण परमात्मा है गरुड़ पुराण से और देवी भागवत से सिद्ध कर दिया कल मैंने प्रश्न रखा अब आप कबीर साहब को हमारे किसी भी सनातन शास्त्र से सिद्ध करके बताओ पूर्ण परमात्मा है पहले तो वो वेदों वाली वो बताई सारे पे उनको वो आपटे के शब्दकोश से वगैरह से हिलने विषयांतरित होने का खूब प्रयास किया। मैंने कहा मैं इसी पे बात हो गई तो कल ये हालत हो गई इनकी लास्ट में ये जो अभी आपने चितपंगी वाणी जो पढ़ा ना वो वाणी कबीर जी की कि ये तो वेदों का ज्ञान सही है तो मैंने कहा भैया आज से आप क्लेम करना बंद कर दोगे आपकी शास्त्रानुकूल भक्ति नहीं है। आप क्लेम मत करो। हम आपको कुछ नहीं कहेंगे। अब आप चितंगी वेदों को मान रहे हो। क्यों कह रहे हो भाई? वेदों में प्रमाण है कबीर साहब भगवान है। यह बात आज आज आपके आज से आज के बाद नहीं निकलनी चाहिए। तो यानी इनके पास प्रमाण कुछ नहीं बचता है। ले दे के ये अपनी वाणियों पर आ जाते हैं जो 19 शताब्दी के बाद की है और आधी से ज्यादा इनकी मिलावटी
01:28:11:01 है तो अच्छी तरह से डिबेट हुई थी और काफी लोगों के कॉल भी आए मैसेज भी आए उसकी खूब सराहना हुई है और लेकिन ये जो भी सीखा है वो आपसे ही सीखा है। हम तो बस निमित्त मात्र हैं। बढ़िया मैंने कुछ नहीं सिखाया है। सब गुरु गोविंद ग्रंथ की कृपा है। एक मैंने आपको भेजा है। अगर यदि उचित समझे तो आप लगा दीजिए। गीता किसने कही है? गीता किसने कही उसके मैंने दो प्रमाण भेजे। एक तो महाभारत से, भीष्म ब्रह्म से और एक कुर पुराण से। वो हम लोग काफी चर्चाओं में बता चुके हैं। दे आगे भी देते रहेंगे। अभी बस अभी तो आप बस यहां थोड़ा माहौल में जो वातावरण है उसको आप कंटिन्यू करिए। अभी बहुत प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है। उनको एक दिखाना था बस गीता का। जी एक और मैं ये कह रहा था ये जो ये इनका सतलोक है ना है भी नहीं हालांकि लेकिन ये मानता ये रामपाल की किताब में मैंने पढ़ा रहे एक न्यूज़ और नहीं है एक मिनट एक न्यूज़ और मैं आपको देना चाहता हूं कि एक गांव है जिसमें कि आज ही हमें सूचना प्राप्त हुई है। जैसे अभी भाटी जी कह रहे हैं ना कि हमें जो है देखदेख कर इतना प्रेरणा मिली और वो जो है अब इनको निरुत्तर
01:29:26:04 करने लगे हैं। एक गांव है जहां पर 700 लोग रामपाल की रामपाल के चेला चीली बन गए थे। भगत बन गए थे। वहां से एक संत का मुझे फोन आया रामानंदी संप्रदाय के हैं। वो मेरे वीडियोस को काफी दिन से फॉलो कर रहे थे हमारे वीडियोस को और देख रहे थे, दिखा रहे थे। उन्होंने 700 लोगों को घर वापसी करा ली है। सिर्फ पांच लोग रह गए हैं अब जो रामपाल को मानते हैं। पूरा गांव सही कर दिया उन्होंने। है ना? बहुत बड़ा अचीवमेंट है। बहुत बड़ा बहुत बड़ा। पूरा गांव वो पूरा गांव जो हो गया था ना रामपाली 700 लोग उसमें से पांच लोग बचे हैं। अभी मुझे सूचना मिली है। बहुत जल्द वो हमारे चैनल पर भी आएंगे तथ्यों के साथ तब हम जो है चीजें आपको और आगे बताएंगे। ये हम जो जितनी डिबेट करें ना यह नहीं मानने वाले जो ये मूर्ख बन गए लेकिन जो आने वाले लोग हैं वो इन सब चीजों को देखेंगे तो उनकी बुद्धि पे बहुत ज्यादा फर्क पड़ता है। इसलिए ये चीजें कंटिन्यू करनी बहुत जरूरी है। नहीं जो जो बहुत महान कार्य कर रहे हैं और इसको और द्रुत गति से हमें करना है। जो जो रामपाली बन चुके हैं अगर उनमें थोड़ी भी बौद्धिकता होगी बुद्धि अगर थोड़ी भी रहेगी ना तो वह वीडियोस देख देख करके अपने परिवर्तन कर लेंगे। जैसे कईों में परिवर्तन आ चुक एक वो अपने साथ जुड़ा था ना वो शंकर लाल जी
01:30:41:08 उनके आश्रम जाके आए थे लेकिन हमें देख के वो वो भी हृदय परिवर्तित हो गए जी जी अच्छा अच्छा यही परिहार जी है क्या जो यहां पर है हां इनसे बात करें कौन है परिहार जी ये जो आए हैं ये ये कौन है ये ये तो अपने पक्ष के लग रहे हैं मुझे ये जो सामने स्क्रीन पे इस समय हां स्क्रीन पर ये कौन है इनका ये तो अपने पक्ष के व्यक्ति है अच्छा अच्छा जी परिहार जी बोले
01:31:18:28 आवाज नहीं आ रही आपकी ऑपरेटर जी बोलिए अब आ रही है अब आ रही है अच्छा अच्छा आप हमारे पक्ष के नहीं है नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं समझ गया आप पक्ष के आप आप जो है ना आप आप किशन जी हैं और जो है वो रामपाल के वो वाले शिष्य हैं जो इस गैंग से दूर है पर रामपाल के प्रति जो है आस्था रखते हैं ना किशन दास गैंग किसको कह रहे हैं आप आपको पूछ रहा हूं आप अपना परिचय दे मेरा नाम किशन दास है किशन दास ना हां हां बताइए किशन बताइए बताइए आप गैंग आप गैंग किसको कह रहे हैं? पहले ये बताइए। किसको? क्या कह रहा हूं? आप गैंग किसको कह रहे हैं? रामपाल की जो गैंग चलती है ना जो उल्टे सीधे काम करती है।
01:32:18:02 क्या उल्टे सीधे काम करती है? जो जो लोगों की भलाई करने का काम है वह उल्टा सीधा काम है। उल्टा सीधा काम यह है कि किसी को कहना, किसी को कुछ कहना इस तरीके के असली शब्दों का उपयोग करना वो सेक्स करती है, वो ये करती है। ये सब वीडियोस बनाना ये गैंग और गैंग सुनो। गैंग गैंग पूरी बात सुनो। पूरी बात सुनो। मुकदमा करना, छेड़खानी का झूठा मुकदमा लगाना, व्यक्ति को फंसाने की कोशिश करना यह गैंग का काम है। नाम दान के नहीं आपकी आपकी भाषा मरदित है। मेरी भाषा मरदित है और क्या मेरी भाषा मर्यादित आप कैसे बोलते हैं? बोला ये बताइए। किसको गाली दी बताइए? किसको गाली दी? बताइए। आपने कितनी बार दी है? चीफ निकल आई। मैंने नाम आप किसी का अगर नाम नहीं लेते हो ना? चीफ निकल आई। चीफ निकल आई। मैंने गाली किसको दी है बताइए अब आप? आपने कितनी बार गाली किसको दी बताइए आपने काफी बार गाली गलौज से बात की है बात बताइए ना कौन सी गाली दी इसी को कहते हैं दर्शन विज्ञान और व्यवहार जो प्रामाणिक आचार्य की शिक्षा से मिलता है
01:33:33:01 जब तकलीफ है ऐसी बात बोलते हैं जिसमें आपका जो है ना अंतरात्मा बिल्कुल रोने लगे मगर गाली नहीं होगी वो इसको इसको कहते हैं दर्शक समझ गए बस यही बात हुई बस [हंसी] सिद्ध नहीं कर पाएंगे भाई कौन कहां है कौन सा गाली दिया भाई हमने बताओ एक जगह भी दिखा दो प्रेमानंद जी महाराज ने कौन सी गाली दी है उनके ऊपर कितनी बकवास कर रहे हो तुम लोग प्रेमानंद जी महाराज ने किसको गाली दी है वो तो फिर भी संत है उनका बात अलग है यहां पर जो इसको अब मत लेना है। भूल गया था। इसके जैसे चेहरे के हमारे एक व्यक्ति हैं जो कभी कभी आते हैं। मुझे वो याद आ रहे थे। शायद वो है। अरे या तो उनका नाम वो है ना जो मंदिर के महंत है ना वहां पर गुजरात में गोस्वामी जी है जो लिखते हैं आप जानते होंगे शास्त्र जी मुझे ध्यान नहीं है अभी अगर जो उनसे काफी चेहरा मिलता है इनका अच्छा अच्छा नहीं है ये
01:34:48:07 लोग आते ही इसी तरह से सभी दर्शक देख लिए होंगे ये लोग आते हैं क्या पर्सनल अटैक करने के लिए और जब उसका जब मैंने पूछा किसको गाली दी? जब मैंने पूछा किसको गाली दी? तो इन्होंने साइड में देखा जीव इनकी बाहर निकली। वो वो एक्सप्रेशन नोट करिएगा। जब व्यक्ति फंसता है ना तो अपने आप को सामान्य दिखाने के लिए अपनी घबराहट को छुपाने के लिए इस तरह की चीजें करने लगता है। ऐसे कर रहे एक एक चीज बड़ी जोरदार मिली है। इसमें रामपाल ने एक कबीर सागर का सरलार्थ किया है। उसमें 75 नंबर पर कोई गुप्त मुनि है जिसको सतलोक ले जाते हैं और सतलोक से फिर वो उसका पतन भी होता है और वो वापस आता है। यानी सतलोक भी नित्य नहीं है इसका। सतलोक नित्य नित्य नहीं है। हां वो बड़ा घपड़ा है। इसमें कोई टी गोस्वामी जी है वो आते हैं अपने साथ में रहते हैं तो उनसे काफी इनका फेस मिल रहा था तो वही मैं धोखा खा गया। खैर व्यक्ति पता नहीं क्या गैंग किसको बोल रहा है ये वो है भाई गैंग है तुम्हारे लोगों की झूठे मुकदमे तुम लोग कराते हो उल्टी सीधी भाषा बोल रहे हो तुम तथ्य का जवाब तथ्य से दे नहीं पा रहे हो रामपाल हमारे
01:36:04:19 हमारे इधर राजस्थान में राजस्थान से हूं जोधपुर से एक राम राम देखो अगर मां ने मां का दूध पिया है किसी भी रामपाली ने तो आकर सिद्धांतिक बात करे कि सिद्धांत क्या है? रामपाल ने जो ज्ञान दिया है वो कचरा है। हमारी ओर से वो कचरा है और तुम सिद्ध कर दो कि वो ज्ञान है। इस बात को करो आकर के ज्यादा इधर उधर की बातें मत करो नहीं तो परेशान हो जाओगे। हां बोलिए भाटी जी। हां मैं यह कह रहा था आपने जो अभी शुरू से कहा ना वापस जहर जाने की तैयारी कर रहा था निश्चित रूप से कर रहा है हमारे यहां राजस्थान में एक राम स्नेही संप्रदाय है जो बड़ा ही पावन मतलब पावन एक पथ है उनका भगवान राम के प्रति समर्पण का भक्ति का बहुत भाविक जुड़े हुए हैं उन उनको अभी हाल ही में इसने नकली बोल दिया ये तो क्या नकली है राम से नहीं तो उनके वो संत लोग बहुत वो रुष्ट है और वो भी कारवाई करने का सोच रहे हैं बड़ा जोरदार उसमें एक दो दिन में उनका भी संत का सम्मेलन हो रहा है जिसके विरुद्ध है वो ये देखो ये क्या कह रहा है ये आजाद शर्मा का एक कमेंट है जरा दिखाना कि मैं उनसे चर्चा नहीं करता वो कमेंट दिखाओ जरा
01:37:22:21 ये आजाद शर्मा करके कोई लिख रहा है ऊपर जाकर के इसका कमेंट है उसमें वह लिख रहा है कि मैं जो है पाखंडियों से चर्चा नहीं करता आकर पहले पाखंडी सिद्ध करो फिर बोलना कि पाखंडी से चर्चा नहीं करते है ना अभी यहां आओगे तो तुम खुद ही पाखंडी सिद्ध हो जाओगे और नीचे आइए बस अभी-अभी बोला है बस थोड़ा सा ऊपर गया तो यह व्यक्ति कह रहा है मैं पाखंडियों से चर्चा नहीं करता अब ये बता तू ये बात कह किससे रहा है ये देखो देखो ऐसे पकड़ते हैं इनको इनके बिल्कुल उसको जी्हा को पकड़ लेना वही काम है पंडित शिवश नारायण द्विवेदी का। तुम जहां बोलोगे जो बोलोगे उसी पर पकड़ लिया जाएगा तुम्हें। मरना मुंह मत वो खोलो। मैंने कल बताया था चार जूते पड़ रहे हैं खा लो। मुंह खोलोगे तो फसोगे। तो क्या है अभी वो फंसे कि तुम नहीं गाली देते। मजाल है कोई माई का लाल सिद्ध कर दे। हमने कभी गाली दी अपने मंच से और चीजें ऐसी ऐसी कर रखी है कि पूरा भूकंप आया हुआ है इनके खेमे में। है ना? इसको कहते हैं दर्शन विज्ञान। इसको कहते हैं दर्शन विज्ञान व्यवहार। अब ये व्यक्ति कह रहा है कि कि पाखंडियों से चर्चा नहीं करते
01:38:37:22 और बहुत सी कमेंट करता जा रहा है और जिसमें वो कमेंट हमको जो है हमसे बात कर रहा है इस भाव से ही कमेंट कर रहा है। तो बेवकूफ व्यक्ति ये चर्चा नहीं कर रहा तू लिख लिख के। भाई भाई रामपाल अगर आप में दम है तो ऊपर आओ ना। चर्चा करो ना। गालियां क्यों दे रहे हो? बात करो हम आपकी सुनेंगे। ऊपर आइए गाली देना कोई समाधान के ऊपर आ के सिद्ध कर दो अपनी अपने अपने बाबा को सिद्ध कर दो भाई अपने बाबा को सिद्ध कर दो बस अपने आकाओं को सिद्ध करो यहां ओपन आपके लिए है ओपन चैलेंज है भाई ओपन चैलेंज इसके बाद तुम्हें ज्ञान चर्चा करनी है कि गैंग कौन है गैंग नहीं है ये कोर्ट के मामलों को यहां सुलटाना है ज्ञान चर्चा करनी है तुम्हें अगर अपने बाबा के सिद्धांतों पर तुम्हें गर्व है विश्वास है तो उसके लिए आओ तुम ऊपर
01:39:31:22 कमेंट कर दो समझ जाएंगे ठीक है बाकी ये आजाद शर्मा को देखो स्टेज पर है क्या बैक स्टेज आजाद शर्मा आजाद शर्मा देखो बेवकूफ बेवकूफी की हद है कि खुद कह रहा है कि मैं चर्चा नहीं करता और फिर खुद जो है चर्चा करता चला जा रहा है इसको कहते दोगलेपन के नमूने [हंसी] ये लोग यही होता है। दोगलापन यही होता है। पहले बोलता है चर्चा नहीं करेंगे। बाद में चर्चा करने का बहाना देखो। कमेंट है इनका।
01:40:10:02 गाली देना आसान काम है ना। अरे नहीं कमेंट आसान है ना। बहुत आसान काम है। ये इनका ग्रुप सिखाता है। ग्रुप ही यही लहजा है। कोई वही कोई ज्यादा अच्छा थोड़ी है कोई। रामपालियों के लिए यह मंच सदैव ओपन रहेगा। मंगलवार की शाम को वो आ सकते हैं। यहां पर अपने बाबा के सड़े हुए ज्ञान को यदि वो सिद्ध कर सकते हैं तो सिद्ध करें कि वो ज्ञान है। वो कचरा है। कचरा पेटी का कचरा तुम्हारे बाबा का ज्ञान। और अगर तुम्हारी माताजी ने तुमको निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया है तो आओ आकर के उसको सिद्ध करो। अब वो आए आ के क्या कह रहे हैं कि गैंग किसको कह रहे हो? अब तुम्हें हम पूरा कोर्ट कोर्ट की विवेचना दोबारा से सुनाएं। उस ये व्यक्ति को मैं एक बार पहले समय दे चुका हूं। बहुत समय पहले मुद्दे की बात करनी नहीं है। इसी तरह की बातें करनी है। तुमने ये कैसे कहा? तुमने वो कैसे कहा? अब हम जो बातें कोर्ट कचहरी की बातें हैं भाई कि इसने ये किया। इसने वो किया। तुम तो सीधे-सीधे जो हमारे ग्रंथों की बात है और तुमने जो किताबें छाप रखी है, उनको आधार लेकर के अपने ज्ञान को सही सिद्ध करना है तुम्हारा काम। कौन आया था अभी? कोई जुड़ा था ना अभी?
01:41:25:15 कौन जुड़ा था अगर? अभी कोई आया था। अगर ये अगर ये आता है फिर से क्या नाम है इनका? अभी जो आया था किशनगढ़। किशन दास हां अगर वो आए तो बस भाई अगर तुम सिद्धांतिक बात करना चाह कर पाओगे तो कर लो आ के नहीं तो फिर ये सब बात के लिए कोट है भैया के भैया वहीं वहीं पे बता देंगे। मैं अभी पांच मिनट और वेट करूंगा। 41 हो रहा है। 141 तक हम एक 41 एक घंटा 41 मिनट हो चुका है हमारी लाइव को। 1 घंटे 45 42 हो चुका है। एक घंटे 45 मिनट तक मैं वेट करूंगा। अगर कोई रामपाली हो रामपाल का सच्चा भक्त अपने आप को मानता हो और यदि उसकी मां ने उसको निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया हो तो रामपाल के दिए दिए हुए भ्रांति रूपी अज्ञान को वो आकर के ज्ञान सिद्ध करें। ठीक है? और बाकी जो इधर उधर की चीजें हैं कि तुमने क्या कहा, उसने क्या कहा वो सब मुझे ना बताएं। आ जाओ भाई आ जाओ। पूरा ओपन चैलेंज है किसी की मां ने दूध पिलाया है? निष्ठा पूर्वक है
01:42:40:24 तो आ जाना। ठीक है। अच्छा हड़कंप तो मचा दिए हैं आप। [हंसी] कोई आया है क्या? ये कह रहे हैं एक भी संत रामपाल का पक्ष नहीं लेता है शिवश जी ना ही कोई संत रामपाल की किसी प्रोग्राम में जाता है। तो बहुत बढ़िया बात है। कोई भी संत नहीं जाए ऐसा। संत की है। संत की है ही नहीं। संत ऐसा थोड़ी होता है। इसके देखते हो आप ये महिलाएं इसके चरणों में बैठी रहती है। ठठ घुटने से ऊपर तक इसके पांव दबाती है। ये कोई संत के लक्षण थोड़ी है। ये सब बातें हम नहीं करते। नहीं रेणी भी देखी जाएगी ना संत की। नहीं नहीं ये सब बातें देखिए ये मंच वो नहीं है। जहां किसी का जो पर्सनल वो क्या करता है क्या नहीं करता है इस पर ध्यान दें। सीधी बात है आपने ज्ञान के नाम पर एक टोकरी प्रस्तुत की है जिसमें कि कचरे के अलावा कुछ नहीं है और हमारे पास है अकाट्य सिद्धांत उसको हम चूरचूर करने में समर्थवान है। ठीक है? बाकी उस पर क्या आरोप लग रहे हैं और वह कौन से
01:43:55:25 आरोप सिद्ध हो रहे हैं? यह सभी बातें फिर वो विषय अलग हो जाता है। हम बिल्कुल कोई आ रहा है क्या? कोई आए भाई कोई नहीं आ रहा है। कायर है सब के सब कायर है। कायर अब वो समझ चुके हैं ना कि शिवश नारायण द्विवेदी और ये किशन दास भी जो व्यक्ति है ना ये ये इसीलिए आ जाता है इसको इधर-उधर की बातें करनी रहती है। नहीं तो ये भी ना आए। यह सब के सब कायर टाइप के हो चुके हैं। अच्छा अब क्या है बचे खुचे कौन लोग जो मुझसे जैसे पुरानी फिल्में आती थी तो उसमें क्या होता था? धर्मेंद्र और फिर बाद में अमिताभ ये दोनों अपनी फिल्म में एक सेठी नाम का टकला होता था। उसकी चांद जरूर फोड़ते थे। किसी ना किसी सीन में। अगर आप में से कोई पुराने जमाने का दर्शक रहा हो फिल्मों का तो देखा होगा उसमें एक सेठी नाम का विलन जरूर आता था। वो मेन विलेन कभी नहीं होता था। विलन के द्वारा भेजे गए गुंडों की टीम में होता था वो। तो उसका एक सीन जरूर आता था जब जिसमें उसकी चांद जो है फूटती थी। मतलब वो इनसे जो उस समय के फेमस नायक होते थे अभिनेता इनसे परमानेंट पिटाई खाने वाला व्यक्ति होता था फिल्म में। ठीक है?
01:45:11:18 ऐसे ही मुझसे परमानेंट पिटाई खाने वाले लोग हैं बाबूलाल और अमित दास परमानेंट ऐसे रेगुलर पिटने वाले मेरे लोग मेरे द्वारा है ना तो वो लोग ऐसे हैं ये क्या करते हैं कि पिट के चले गए उसके बाद फिर बेशर्मों की तरह फोन करते हैं कि मुझे आपसे चर्चा करनी है दोबारा चर्चा करनी है अरे भाई जब तुम चार बार निरुत्तर हो चुके तुमसे क्या बार-बार चर्चा चर्चा करें।
01:45:46:02 कह रहा है बात करने की तमीज नहीं है। हां तो बात तो तमीज पहली बात तो यह है कि जब वो किशन दास व्यक्ति आया था उससे क्या बदतमीजी की गई? दूसरी बात ये है कि जब तुम सामने जब तुम्हारे साथ चर्चा करने के लिए नहीं बैठे हुए हैं। तब की अगर तुम बात कर रहे हो तो तुम्हारे रामपाल की तमीज देखी है क्या? ब्रह्मा विष्णु ये ऐसे करता था वो वैसे करता था। तमीजदार बन रहे हैं यहां पर। पहले जाकर उसको सिखाओ। अग्न्या का मतलब क्या होता है? वह धन्या करे बैठा है। कुमारी गाय है। उसको थोड़ी तमीज सिखाओ। थोड़ा पढ़ना लिखना भी सिखाओ। फिर आकर के हमसे ये सब बातें करना। ठीक है। जितना तुम्हें दे रहे हैं सम्मान उतना तुम्हारे लिए ज्यादा है। तुम्हारी जो योग्यता है उससे बहुत ज्यादा है। जो सम्मान तुम्हें मिल रहा है। बिल्कुल बागूलाल अगर इतना ही तुम तुम में साहस है तो आ जाओ ऊपर। यह बात बिल्कुल सही कही है। यह लोग सिर्फ छिपकर वीडियो बनाने का काम करते हैं। सामने आने की हिम्मत इनमें नहीं होती है। अब वो आया भी तो क्या कर रहा है? गैंग किसको कह रहे हो? तुझे नहीं पता है गैंग किसको कह रहे हैं? फिर वीडियो देख क्यों रहा था शुरू से?
01:47:02:04 खैर मुझे तो मालूम ही था रामपालियों में कोई ऐसा नहीं है जो ऐसा साहस दिखा सके क्योंकि जहां तक है ज्यादातर रामपालियों ने खीर पी हुई है। माता जी का निष्ठा पूर्वक दूध तो बहुत दूर की बात है। इसलिए अ ये जो रामपाल का फूहड़ ज्ञान है ना अनपढ़ता से भरा हुआ उसको ज्ञान वो जो अज्ञान है उसको ज्ञान के रूप में सिद्ध करने का साहस किसी में नहीं है और सब लोग जान चुके हैं कि मत पड़ो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में टक्कर में बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल
01:47:42:02 ये बहुत बढ़िया भाई जी आपको प्रणाम है मैं संत रामपाल से जुड़ा हुआ था 10 12 साल से बट प्रेजेंट की सिचुएशन में मैं बीच में अटक गया हूं क्योंकि इतने साल बाद अब परिणाम देखकर नास्तिक होता जा रहा हूं क्या करूं इसका ये अच्छा प्रश्न जवाब दीजिए आप भाई देखिए ऐसा है उनकी श्रद्धा जुड़ गई रामपाल से और 10 12 साल हो गए हैं आपके तो अब दिक्कत ये आ रही है कि उस अब तार्किक एक प्रामाणिक बातें यहां पर आपको दिख रही है। अब दिक्कत यह आ रही है कि रामपाल को छोड़े कैसे? तो अद्वतारका उपनिषद में लिखा हुआ है कि गुरु वही जो अपने शिष्य को अज्ञानता रूपी अंधकार से बाहर निकाले। तो वो गुरु है ही नहीं जो सवालों का उत्तर दे ही नहीं रहा है। भाई आप तो आत्मा को जो है अनित्य कह रहे हो। फिर तो उसको कभी मोक्ष मिल ही नहीं सकता है। तो इस तरह के जो सवाल है उनका आप जवाब दे ही नहीं रहे हो। केवल नाम दे देंगे हम। और नाम कहां से देंगे? क्योंकि हम तत्वदर्शी है। तत्वदर्शी क्यों है? क्योंकि गीता ने कहा है गीता ने क्या कहा है कि उल्टा उल्टे उल्टे वृक्ष
01:48:57:06 के रूप में जो व्याख्या कर देगा वो तत्वदर्शी है। तो वो तो कोई भी कर देगा। फिर आप ही को क्यों माना जाए? कि नहीं जो ठीक ठीक कर देगा कि वो ठीक ठीक है ये कैसे पता चलेगा? ये मैं बताऊंगा। क्यों बताओगे? मैं तत्वदर्शी हूं। अरे भैया जब तक ठीक ठीक नहीं पता तो तुम तत्वदर्शी कैसे हो गए? पहले रामपाल को तत्वदर्शी मानो। ये लूप होल में फस जाते हैं बेचारे। लूप है पूरा लूप है। [हंसी] आप है ना वो तत्वदर्शी मत बोला करिए। वो हमेशा बोलते है ना तिरछादर्शी वो अच्छा लगता है। [हंसी] तिरछादर्शी तो उसका नाम है। मगर सिद्धांत की बात करेंगे कि तत्वदर्शी क्यों कैसे है? तब तो बोलना पड़ेगा। अब यह जो 15 के एक में वेद वित्त को तत्वदर्शी बताते हैं। जबकि गीता में तत्वदर्शी के लिए तत्वदर्शी शब्द आया हुआ है संस्कृत में पहले के दूसरे या तीसरे अध्याय में दो तीन जगह और वहां लक्षण भी है ये इनका सवाल है तनिष्क जी का क्योंकि उन्होंने ब्रह्मा जी विष्णु जी शिव जी के बारे में कुछ टिप्पणी करी है जो पुराणों में लिखा है जैसी की काम वासना मुझे उसका आंसर नहीं मिल पाया है प्लीज हेल्प करो तो आंसर ले लो सभी पुराणों में जो ब्रह्मा विष्णु महेश बताए गए हैं
01:50:12:12 वो ब्रह्मा विष्णु महेश अमैथुनी सृष्टि से उत्पन्न है। अमैथुनी सृष्टि से मतलब नहीं अमैथुनी सृष्टि से उत्पन्न नहीं है बल्कि मैथुनी सृष्टि को भी मैथुनी सृष्टि से पहले भी अमैथुनी सृष्टि उत्पन्न करने वाले कौन है? ब्रह्मा विष्णु महेश है। मतलब ब्रह्मा विष्णु महेश अमैथुनी सृष्टि उत्पन्न करते हैं। उसके बाद मैथुनी सृष्टि उत्पन्न होती है। तो जब ब्रह्मा विष्णु महेश वहां पर एक्सिस्ट कर रहे हैं जहां मैथुन है ही नहीं। तो मैथुन का आरोप उन पर कैसे लग सकता है कि उन्होंने मैथुन किया। समझ रहे हैं? तो ब्रह्मा विष्णु महेश के लिए लीला पूर्वक ऐसे शब्द आते हैं कि उन्होंने रमण किया इत्यादि यह सब बातें लीला पूर्वक आती है। तत्वत उन्होंने रमण इत्यादि नहीं किया होता है। जैसे कि दो प्रकार की अलग-अलग ऊर्जाएं साथ में मिलकर के काम करें और हम ये कह दे कि ये एक ऊर्जा दूसरी ऊर्जा से रमण कर रही है। अब इसको कोई ये रामपाल का ये अनपढ़ गवार चेला कहने लगे कि नहीं नहीं यहां पे तो सेक्स होने की बात कही गई है। भाई सेक्स तो वहां एक्सिस्ट ही नहीं कर रहा है ना। रामपाल ने भी माना है कि यह जब ब्रह्मा विष्णु महेश उत्पन्न होते हैं। रामपाल ने क्या कहा ये गुण है। पहली बात तो जब गुण है रामपाल
01:51:27:22 ये रामपाल के अनुसार ब्रह्मा विष्णु महेश गुण है तो गुण है तो वो सेक्स ये काम वासना इत्यादि की जो गतिविधियां है इसमें लिप्त कैसे होंगे? जब वो गुण मात्र है क्वालिटी है वो। दूसरी बात यह है कि ब्रह्मा विष्णु महेश ने इनको उत्पन्न किया है काम वासना को रामपाल की किताबों में भी लिखा हुआ है तो फिर जब जिस चीज को ब्रह्मा विष्णु महेश उत्पन्न कर रहे हैं वो चीज ये जो काल नामक ब्रह्म है इनका वहां कैसे पहुंच गई जो वो कहता है कि उसकी नजर बुरी हो गई नियत बुरी हो गई दृष्टि बुरी हो गई ये सब इनके वो है गपले जो करके बैठे हुए हैं जो कभी सुधर नहीं पाएंगे है ना? तो यह सब इनके घपले हैं। तो कहने का तात्पर्य यह है कि ब्रह्मा विष्णु महेश हमारे और आपकी तरह हाड़ मास के मनुष्य नहीं है। जिनको जिनके लिए यदि रमण शब्द आ जाए या और कोई मिलन शब्द आ जाए तो हम लोग सोचे नहीं ये हमारा जो मनुष्यों का जो बायोलॉजिकल फिजिकल जो सेक्स होता है ये सब जो आचरण होते हैं काम वासना से जुड़े हुए ये सारी चीजें वहां पर गतिविधियां हैं। वहां पर ऊर्जाओं के काम करने का तरीका बताया जा रहा है। शक्तियों के काम
01:52:42:24 करने का तरीका बताया जा रहा है। जिसकी लीलात्मक विवेचना ये है कि उन्होंने आपस में रमण किया। सिर्फ इतना नहीं तो वहां पर ये चीजें एक्सिस्ट ही नहीं करती है। रामपाल के अनुसार भी हमारे शास्त्रों में तो भर भर के ये चीजें की गई। दूसरी बात जैसे कि अब आपको एक बात बताऊं तीसरे स्कंध के छठवे अध्याय में शायद ये बात लिखी हुई है। मैं अभी नंबर नहीं बता रहा। हमारी वो सीरीज है वो देख लेना आप तत्वदर्शी वाली। एक सीरीज बनाई जिसमें इनकी बातों का सब दिया हुआ है विवरण मेन चैनल पर पड़ी हुई है तो उसमें देवी भागवत में तीसरे स्कंध में देवी देवी कह रही है ना तो मैं स्त्री हूं ना मैं पुरुष हूं तत्व से मैं ना स्त्री हूं ना पुरुष हूं तो क्या हुआ कि जब वो स्त्री पुरुष में से कोई है ही नहीं तो स्त्री पुरुष के रूप में की जाने वाली जो आचरण है वो उन पर कैसे आरोपित होंगे होंगे। ठीक है? तो उनका लीलात्मक वर्णन होता है जिसमें कि रमण इत्यादि ऐसे शब्द आते हैं जिनका अर्थ आप अनर्थ कर लेते हो।
01:53:47:24 [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] इसका जवाब एक लाइन में यह है भाई कि आप किसी भी पुराण को लेके उसको सांगोपांग पढ़ लीजिए। यह जो पेज दिखा रहे हैं उससे भ्रमित ना होइए। उसको पूरा पढ़ लीजिए। चाहे देवी भागवती आप पूरा पढ़ लोगे तो उसमें सारे आपके प्रश्नों के जवाब मिल जाएंगे। ये सात्विक को ब्लॉक करो ना। पता नहीं क्या अजीब सी कमेंट कर रहा है। ब्लॉक कर दीजिए। पता नहीं क्या कर रहा है। [गला साफ़ करने की आवाज़] एक व्यक्ति किसी भी रामपाली में साहस हो। किसी भी रामपाली में साहस हो और अपने गुरु पे निष्ठा हो विश्वास हो और ज्ञान पर विश्वास हो तो आओ भाई ऊपर चर्चा तो कर लो। तुम कितने पानी में हो और कितने पानी में नहीं हो। उनमें साहस नहीं है। उनमें साहस नहीं बचा है। अब अ
01:54:42:09 कम से कम शिवश नारायण द्विवेदी का सामना करने का साहस तो नहीं बचा है। चलो कहीं कोई कोई तो ऐसी मां होगी जिसने कोई जना होगा। ऐसा दूध पिलाया होगा अपने बच्चे को जो रामपाल के शिष्यों की फौज में कोई तो ऐसा योद्धा होगा जो आएगा कहेगा कि मैं करूंगा अपने गुरु का ज्ञान सच्चा सिद्ध देखेंगे कोई मिला किसी मुझे नहीं लगता कि कोई आएगा सामने इस तरह से प्रूफ करने के लिए मुश्किल है।
01:55:14:24 शिवश जी आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हमको आपसे बहुत प्रेरणा मिलती है। बहुत-बहुत धन्यवाद और जो भी समर्थक हैं जो भी उनसे मैं कहूंगा गुरुदेव बार-बार एक बार की ओर इशारा करते हैं भजन का बल बढ़ाएं सवा घंटे नाम जप भगवान का और अगर मंत्र मिला हुआ है अधिकार की सीमा में तो उसका जाप करें रामपालियों में खौफ है कोई नहीं है टक्कर में मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में तो ठीक है फिर आज का लाइव कंप्लीट हुआ सीरीज अगले हफ्ते से प्रत्येक मंगलवार की रात्रि को 9:00 बजे चालू हो जाएगी। 4.32 के बाद से हम लोग इसकी जो बकवास है उस पर बात करेंगे। बकवास पर भी बात करना पड़ता है। इतना तो योग्य उसने अपने आप को बनाया है कि उसकी बकवास पर हम लोग बात करें। खैर इतना उसको समय हम लोग देंगे और फिर तार खोलेंगे। दूसरी बात यह है कि जो भी आए उस विवेचना को सुनने भले ही संक्षिप्त में सुनने आए बुलेट पॉइंट्स जो सर्वशक्तिमान धर्म चैनल पर चलेगा सीरीज जो उसका संक्षिप्त विवरण होगा और पूरी पूरी व्याख्या वो चलेगी मेन चैनल
01:56:30:00 पर आहान पर मगर दोनों में से कहीं पर भी वो अगर आ रहा है देखने के लिए मेरी उसको व्यक्तिगत ये परामर्श है मेरा उसको कि वो सर दर्द की तैयारी करके आए कुछ दवाई वगैरह कुछ ऐसा आप आप लोग लेकर आइएगा क्योंकि दिमाग को पंचर कर देने वाली बातें रामपाल ने की हुई है गीता के अर्थ के नाम पर गीता तेरा ज्ञान वो गरिमा गीता की नामक पुस्तक में तो आप अपने दिमाग अपने मस्तिष्क को थोड़ा संभाल के आइएगा ऐसेसे कि संभाल लेना मतलब थोड़ा सा देते हुए क्योंकि बहुत बड़ा टॉर्चर होता है जब हम लोग क्रमबद्धता से व्यवस्थित रूप से इसकी चीजों को पढ़ते हैं तो बहुत बड़ा टॉर्चर होता है। ठीक है ना? चलिए फिर बहुत-बहुत आभार आप लोगों का भी। आपको कुछ कहना हो तो कह लीजिए नहीं समाप्त करते हैं। जी शास्त्र जी जी यही कि अब तो सिद्ध हो गया। जैसे अभी हम लोग भी लाइव कर रहे हैं जो दो-तीन दिन से तो ये सिद्ध हो रहा है कि भाई ये लोग बहुत डरपोक टाइप के व्यक्ति होते हैं। किसी में इतना साहस नहीं कि भाई आ जाए चर्चा करने के लिए। ठीक है? तो और आप जब हमसे चर्चा करना नहीं आता
01:57:45:06 तब आपकी तो बात ही अलग है भैया आपके पास कहां से आ फिलहाल तो हम भी इनसे टक्कर ले रहे हैं हमसे हमसे ये नहीं भिड़ पा रहे हैं। अच्छा लोग ये कहते हैं ना मैं हटा हटा इसलिए देता हूं क्योंकि मैं अपने चैनल पर न्यू सेंस नहीं चाहता हूं। न्यू सेंस का मतलब जैसे यहां पे जब वो आया किशन दास तो उसने ये सब बातें तो की नहीं कि भाई रामपाल को आप तत्वदर्शी क्यों नहीं मान रहे हैं? कबीर को आप भगवान क्यों नहीं मान रहे हैं? ये सब बातें नहीं की। गैंग किसको बोल रहे हो? अब मुझे इस बात का प्रतीक्षा करनी पड़ेगी कि तुम यहां कुछ उल्टी करके चले जाओ और फिर हम तुम्हें हटाए। इसलिए इससे पहले कि तुम कोई ऐसी उल्टी करो जिससे हमारा विषय का कोई सरोकार नहीं है। इसलिए उससे पहले आपको हटा दिया जाता है। ठीक है? तो रामपाल
01:58:40:00 रामपालियों में खीर का वो है साहस जो वो वाली खीर है ना एक प्रसिद्ध खीर है जो इनके यहां बटती है तो वही पी है इन लोगों ने निष्ठा पूर्वक इनको दूध नहीं मिला बचपन में इससे कि पोषण है जिससे कि रामपाल के अज्ञान को ज्ञान सिद्ध नहीं कर पा रहे हैं आकर के खैर नहीं कर पाएंगे नहीं कर पाएंगे एक कोई दीपक नाम के आए हैं। अगर चेहरा दिखाएं तो उनको ऊपर ले लीजिए। बहुत देर से आए हैं दीपक जी। जी दीपक जी आप अपना चेहरा दिखाइए और फिर जुड़िए लाइव में देखते हैं। दिखा रहे हैं क्या चेहरा ऑपरेटर जी आप बता दीजिए।
01:59:25:03 इसीलिए कहता हूं मत पड़ो चक्कर में। कोई नहीं है टक्कर में। चले गए क्या? चले गए होंगे। चेहरा नहीं लाए होंगे तो। भाई अगर चेहरा चेहरे के साथ आते तो भाई चर्चा हो जाती। आए आए आ गए जी दीपक जी जय श्री राम जय श्री राम जी बताइए दीपक ये संत रामपाल महाराज जी जो बता रहे हैं वो सही है क्या सिस्टम सारा आप आप सही मानते हैं क्या उसे नहीं कुछ एक बातें गलत है उनकी कौन सी जैसे माता माता पिता के अलावा दूसरे पैरों में नहीं रखने किसी के माता पिता के पैर नहीं रखने गुरु के पैर लगो खाली ये ये सब तो बहुत निचले पिछले लेवल की बातें हो गई। बात ये है कि वो अपने आप को तत्वदर्शी कहते हैं। वो तत्वदर्शी नहीं है। वो कबीर को भगवान कहते हैं। कबीर भगवान नहीं है। वो कहते हैं गीता का ज्ञान कृष्ण ने नहीं काल ने दिया है। अलग से काल कोई वो काल ऐसा कुछ नहीं है। वो कहते हैं कि कृष्ण जी भगवान नहीं है पर वो भगवान है। ये मोटी मोटी बातें हो गई। ठीक है? ये सब उन्होंने के वो लड़की को जीवित कर दिया था। पर अपना भांजा अभिमन्यु जीवित नहीं हुआ उनसे क्या
02:00:41:10 उनका भांजा जीवित नहीं हुआ क्या वो तो ध्वज के मोरध्वज के लड़के वो ध्वज को जीवित कर दिया उन्होंने किसने कृष्ण जी ने इससे क्या मतलब है ये क्या बोल रहा है अरे ये मुझे लग रहा है कि हमारे ही पक्ष से है शायद कि ये उनके कुछ बातों को नहीं मान रहे हैं और कृष्ण भगवान नहीं हमें कुछ कुछ वाले कुछ कुछ वाले हमें नहीं चाहिए भाई कुछ कुछ वालों का क्या मतलब है ठीक है बता और एक बात भैया कि मेरा चैनल मेरा चैनल एक बार वो सबको बता दीजिए शास्त्रवाद जी का चैनल है आप लोग उसको सब्सक्राइब कर लीजिए वहां पर आहान से जुड़ी हुई चीजें आपको बहुत सारी प्राप्त होती रहती है क्योंकि मैं बहुत रेगुलर उपलब्ध नहीं हो पा रहा हूं। पिछले कई दिनों से आज भी मुझे एक विशेष कार्य से जाना पड़ा। वो विशेष कार्य क्या था? कुछ दिनों में आपको सूचना मिल जाएगी। पर जो भी है बहुत अच्छा है। आपको आनंद आएगा सुनकर के। अ बाकी व्यक्तिगत परामर्श यही है रामपालियों को कि मत पड़ो चक्कर में
02:01:57:20 और कोई नहीं है टक्कर में। ठीक है? देखो सवाल अगर करना है, यह कह रहे हैं सवाल करना है, सवाल करना है तो क्लासेस में आया करो। यहां पर वैचारिक मतभेद के निमित चर्चा के लिए आते हैं। ठीक है? सब स्वस्थ है। सब स्वस्थ है। आप लोगों की प्रार्थनाएं सदैव हमारे साथ है। हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता में तो ठीक है। फिर आप सभी को सभी का आभार समय देने के लिए। और फिलहाल इस चर्चा को विराम देते हैं। जी प्रेम सिंह जी जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम शास्त्री जी जय श्री राम
02:03:12:12 [संगीत]
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रामपाल का गीता ज्ञान अनपढ़, गंवार और फूहड़ की पहचान BIG ANNOUNCEMENT रामपालियों को खुला निमंत्रण
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