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00:00:02:00 तो सभी को जय श्री राम। आशा करते हैं आप सभी कुशल पूर्वक होंगे और आप लोगों के लिए एक बहुत बड़ी अ सूचना है प्रसन्नता की बहुत बड़ी खुशखबरी है कि जो लगभग दिसंबर में व्यवहारिक एक सक्रिय प्रतिकार किया गया था प्रारंभ इस गिरोह का दिसंबर 2024 में यद्यपि प्रतिकार शास्त्रार्थ की शैली में अथवा जो वाचिक प्रतिकार होता है वैचारिक प्रतिकार होता है वो तो काफी समय से चल रहा था। 2023 में भी हमने इस रामपाल के गिरोह के द्वारा लगाया गया जो बुक स्टॉल था वहां पर जाकर के विरोध प्रकट किया था और उसके बाद 204 में भी किया और फिर धीरे-धीरे चीजें होती गई और लगभग 8 महीने के लगातार अथक प्रयासों के बाद केवल मेरे ही नहीं बहुत सारे साथी बहुत सारे हिंदुत्व
00:01:17:15 दल के लोग लगातार उन सबके प्रयास बहुत सारे जो नवभोम मार्गीय सैनिक हैं शंकराचार्य के उनके प्रयासों के बाद और बहुत सारे अन्य समर्थक जो किसी ना किसी माध्यम से, YouTube के माध्यम से, Instagram के माध्यम से, WhatsApp के माध्यम से जुड़े इन सभी लोगों के अथक और निस्वार्थ सहयोग के बाद इस मामले पर अगस्त में
00:01:51:20 जुलाई के जुलाई माह के अंत में लगभग 31 जुलाई को एफआईआर दर्ज हो चुकी इन लोगों के ऊपर रामपाल के गैंग के ऊपर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एफआईआर में क्या विवरण दिया गया है वो भी मैं अभी थोड़ी देर में आपको बताने वाला हूं। और राजधानी में दर्ज हुई है। राजधानी में दर्ज होने का मतलब है कोई भी कहीं भी इस आधार पर एफआईआर करा सकता है। फिलहाल पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं पर भी करा सकता है और इनकी इन गतिविधियों पर जो सनातन
00:02:33:06 को दीमक की तरीके से अंदर से खत्म कर रही हैं। जो सनातन के विरुद्ध कार्य कर रही हैं। इन सारी गतिविधियों पर आप रोक लगा सकते हैं। इस एफआईआर के आधार पर, इस सूचना के आधार पर आप अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर के सूचना दे सकते हैं। कोई आवश्यकता पड़ने पर आप हमसे भी संपर्क कर सकते हैं। अब बात ये आती है कि यहां तक पहुंचे कैसे? तो अगर मैं संक्षिप्त में आपको जानकारी दे दूं कि
00:03:09:15 8 दिसंबर 2024 को जब हमें ये पता चला था कि इनका एक स्टॉल लगा हुआ है। जहां पर यही विवादित पुस्तकों को बेचा जा रहा है। जिसमें कि हमारे अह देवी देवताओं के लिए आराध्य भगवान के लिए हमारे धर्म ग्रंथों के लिए हमारे आचार्यों के लिए हमारी पूजा पद्धति के लिए ऐसा कोई घटक नहीं था सनातन धर्म से जुड़ा हुआ जिसका अपमान और अभद्र तरीके से बहुत अमर्यादित तरीके से जिसका अपमान इन भ्रष्ट किताबों में ना किया गया हो। तो जब हमें पता चला 204 में 8 दिसंबर को हमने वहां जाकर के विरोध प्रकट किया और विरोध में ऐसा कुछ नहीं है कि गाली गलौज वगैरह दी। वहां पर प्रश्न किए कि ये कैसे लिखा है? तुम किस अधिकार से लिख रहे हो? क्या है? क्या नहीं? वही वाचिक प्रतिकार वहां पर किए और फल स्वरूप जो हमने वहां पर विरोध किया। बहुत सारे हिंदुत्ववादी संगठन के लोग भी वहां पर थे और फलस्वूप वहां पर मेला प्रशासन के जो लोग थे वो एक हस्तशिल्प उद्योग प्रदर्शनी
00:04:24:24 इस तरह से नाम से वो एक प्रदर्शनी थी मेला था तो उसके जो प्रबंधक थे वो वहां पहुंचे वो तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए वहां पर सक्रियता के साथ कारवाई करते हुए उन्होंने उनके स्टॉल को हरा हटा दिया स्टॉल बंद हो गया। अब यह बात जो दंभी हैं इनके यहां जो दंभ है कि हम बहुत बड़ा सेक्ट पहुंचा चुके हैं, बना चुके हैं। उनको हृदय से लग गई कि एक अदना सा कोई व्यक्ति अपने कुछ लोगों के साथ आकर के विरोध करता है और हमारा जो है बंद कर दिया जाता है। तब क्या हुआ कि इन लोगों ने झूठे मामले तैयार करना शुरू किया। अच्छा अब तक हमको यह पता लग चुका था कि इनकी जो किताबें यह छपती है फर्जी तरीके से और कोई भी ऑथराइज बॉडी भी नहीं है इन किताबों को छपने की। तो इस तरीके से हमारा जो विरोध की भावना थी वो और पुष्ट होती चली गई। इधर इनके द्वारा हमारा विरोध करने के लिए और अपना दम पालने के लिए एक झूठी शिकायत दी गई नजदीकी थाने में। उसमें लिखा गया कि हमने वहां पर गालियां दी। अपने जूते से ये किया वो किया। वो बात और है कि
00:05:40:16 यह अपनी अंतरात्मा में जानते होंगे कि हमने ऐसा किया था कि नहीं किया था और यदि अपने किसी को गुरु मानते हैं वैसे तो वो भी एक भ्रष्ट व्यक्ति है परंतु फिर भी यदि उसमें अपने गुरु को देखते हैं तो क्या ये उसके चरणों की सौगंध खा के या फिर कोई ऐसी प्रतिज्ञा कर सकते हैं कि हमने ऐसा कुछ किया था तो इनकी वो झूठी कुल मिलाकर के सिद्ध होती है। अब जब वह झूठी सिद्ध हो जाती है तो मामला यह बनता है कि जो नजदीकी पुलिस थी उसका कार्यशैली उसका व्यवहार बहुत न्यायपूर्ण रहा। मैं इसको ये नहीं कहूंगा कि हमारे लिए फेवरल रहा मगर बहुत न्यायपूर्ण रहा। उन्होंने विधिवत जांच की। हमको भी बुलाया गया। हमने वहां जाकर के देखा चीजों को। तो सबसे पहली बात जो उन्होंने विधिवत जांच की उसमें उन्होंने पाया कि यह चीजें सब गलत है। हां मगर वहां पर मुझे एक बात तर्क पूर्ण लगी। हालांकि इन लोगों से रामपाली लोगों से तर्क सम्मत बात करना कोई बहुत आवश्यक नहीं होता है। इनको तो सीधे वही भाषा समझ में आती है जैसी भाषा ये उपयोग में लेते। मगर फिर भी वहां पे एक बात तर्कसंगत मुझे लगी कि जब ये
00:06:55:20 वाली बात आई कि भाई आपको अगर कोई दिक्कत थी तो आप डायरेक्ट क्यों गए वहां पर? आपको पुलिस स्टेशन में जाना चाहिए था। यद्यपि मैं भी यही कह रहा था। आप जो वह 8 दिसंबर का वीडियो देखेंगे यदि तो मैं उसमें यही कह रहा हूं कि नहीं इनको पुलिस के पास ले चलिए पुलिस को बुलाइए मगर साथ में कई सारे लोग होते हैं तो एक कमांड दे पाना सभी को एक ही बात हो जाना निर्णयात्मक बातें निकल आना बहुत मुश्किल हो जाता है और वो भी तब जब बहुत सारे लोगों के मन में आक्रोश भरा हो उनके धर्म का खंडन किया गया हो अपमान किया गया हो तो वहां पर इस तरह से कमांड िंग और सुनियोजित भी नहीं था वो प्रतिकार मैं कहूंगा बस रैंडम हमें पता चला और हम वहां लोगों के साथ पहुंच गए थे तो वो नहीं हो सका था तो यह बात मुझे लगी वहां पर जब यह कहा गया कि हमें प्रोटोकॉल को फॉलो करना चाहिए था और जब वो काम ना करता तो हो सकता है कि हम भाई प्रदर्शन कर सके कहीं पर जाकर के वाचिक प्रतिकार कर सके या यह बात भी सत्य है आप लोग जैसा कि जानते हैं तब से अब तक आठ महीने हो चुके हैं अब जाकर के एफआईआर हुई है तो यह बात भी सत्य है कि इसको को कितना गंभीरता से लिया जाता प्रशासन के द्वारा तो उसका बोध आपको होगा
00:08:11:13 कि उस समय यदि हम पहले पुलिस के पास जाते और वो प्रतिकार विरोध ना करते उस वो स्टॉल का तो कितनी संभावना थी कि हमारा मामला जो है वो ले लिया जाता और एक्टिव हो जाता। परंतु जब मुझे वहां जो ये चर्चा चल रही है कि भाई आपने ऐसा क्यों किया वहां क्यों गए थे हम तो वहीं पर मुझे पहला जो एक क्रिमिनल ऑफेंस वहां पर मुझे दिखाई दिया ये जो लोग जो थे इस कारण से मेरे साथ मारपीट करने के लिए अमादा थे और यदि वहां पर मेरे साथ बहुत सारे जो हिंदुत्ववादी अपने सनातन प्रेमी धर्मनिष्ठ लोग ना होते तो हो सकता है कि ये लोग मारपीट भी करना चालू कर देते और इतना ही नहीं वहां पर स्वयं को इनका पैरोकार बताने वाला जो व्यक्ति है जो अपना नाम लिखता है दिनेश चंद्र दास और वैसे अपना नाम लिखता है दिनेश चंद्र चौधरी और फिर अपना नाम लिखता है दिनेश चंद्र छोकरा तो इसके कई नाम है चौधरी भी लिखता है दास भी लिखता है छोकरा भी लिखता है व्यक्ति एक ही कोई नहीं पहले चौधरी रहा होगा
00:09:26:19 उसके बाद क्या कहते हैं वो छोकरा बना होगा और फिर वो दास बना होगा। चौधरी छोकरा दास। अच्छा इसमें सरनेम का पैटर्न देखेंगे तो अ मतलब आप समझ पाएंगे कि क्या मंत्रणा क्या मंशा हो सकती है इनके पीछे। खैर आगे चलते हैं। अब क्या होता है कि यह व्यक्ति जो दिनेश चंद्र दास है ये वहां पर मुझे बहुत गुस्से में आकर के अच्छा वहां जब ये चर्चा चल रही थी ना कि ये हमने ये एक्शन क्यों किया था? वहां पर जाकर के प्रतिकार क्यों किया था? तो एक चीज और निकल के आती है कि जब वह व्यक्ति तूतक की भाषा में बात करता है दिनेश चंद्र दास तो मैं भी उससे उसी तरीके से बात करता हूं तो उसका जो लड़का था साथ में आया हुआ वो कहता है तुम ऐसे बात नहीं कर सकते क्यों नहीं कर सकता वो भी तो कर रहा था वो कहता है कि आयु में वो तुमसे बड़े तो भाई आयु से बात नहीं होती है ना आयु में तो रावण बड़ा था राम से उसका वध नहीं कर सकते थे क्या आयु से बात नहीं होती यह सब बातें मैंने वहां कही तो जब मैं बहुत तार्किक बातें कर रहा था क्योंकि इनके पास कोई जवाब नहीं होता। जैसे मैंने वहां पर कहा कि तुमने अग्न्या का अर्थ क्या लिखा है?
00:10:41:20 है ना? अग्न्या का अर्थ तुमने लिखा है कुमारी गाय। अग्न्या का अर्थ होता है जो वैदिक जो वेदों में एक शब्द आया अग्न्या जिसका वध नहीं किया जा सकता। तुमने वहां उसका अर्थ लिखा है कुंवारी गाय। तो इससे तुम्हारी जो शैक्षणिक योग्यता है उसका स्तर पता पता चलता है ज्ञात हो जाता है। अच्छा ये अग्न शब्द क्यों आया था? इसके पीछे भी वहां एक रीजनिंग थी। हमने एक कैंपेन चलाया था। वो थोड़ा सा कोई मिस टाइपिंग हो गई थी या कुछ रहा होगा। तो उसमें अलर्ट की जो स्पेलिंग थी वो गलत हो गई अलर्ट की नहीं अह
00:11:28:24 कोई एक स्पेलिंग गलत हो गई थी तो वो वहां पर उसका उपवाहास उड़ा रहे थे बैठकर के देखो देखो Twitter कैंपेन में जो ये जो स्पेलिंग है ये तुमने लिखी है तुम्हारी शैक्षणिक योग्यता ये हां भैया हमें आंग्ल भाषा का बहुत अच्छा ज्ञान नहीं है और ना हमें कोई आकांक्षा है कि उसका ज्ञान हो जाए यद्यपि हमें बहुत सारी भाषाओं का ज्ञान नहीं ठीक है मगर तुम्हारे हमारे जैसों के लिए जो भी हमें पता है जो भी ज्ञात उतना पर्याप्त इतना सामर्थ है अपने धर्म का पक्ष हम रख सकते अपने गुरु गोविंद और ग्रंथ का पक्ष हम रख सकते हैं। उतना ही चाहिए होता है। खैर तो फिर यह व्यक्ति वहां इतना आग बबूला हो गया यह जो दिनेश चंद्र चोकरा है कि ये मुझे वहां एक धमकी देने लगा कि मैं जो है अपने वहां अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल के आग लगा लूंगा और तुझे झूठे इस मुकदमे में फंसा दूंगा और वहां पे कई पुलिस कर्मचारी भी बैठे हुए थे उस समय वहां इसने ये बात कही उसका प्रमाण साक्ष्य है मेरे पास तो यह यहां से शुरू होता है इनकी गतिविधियां झूठा मुकदमा
00:12:44:14 और धमकी और मारपीट के लिए मादा। इसके बाद फिर कुछ दो ही दिन का अंतराल हुआ होगा दो-तीन दिन का नहीं महीने भर का अंतराल हो गया था। एक महिला के बारे में सूचना प्राप्त होती है कि क्या कहते हैं यह जो किताबों का विवरण कर रही थी और वो भी हमारा जो कार्य क्षेत्र है उससे बहुत ज्यादा दूरी पर नहीं आसपास ही वो किताबों का विवरण कर रही थी। अच्छा वहां थाने में एक बात हुई वहां यह हुआ कि हमने यह लिख कर दिया अपना पक्ष कि भाई जो मुझसे हुआ जो मैं जिन लोगों के जो मैं डायरेक्ट पुलिस को बिना खबर दिए वहां पहुंचा इस बात का मुझे खेद है आगे से इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी। इसका मतलब यह नहीं था कि मैंने क्षमा मांग लिया कि मुझे क्षमा कर दीजिए या मुझे खेद है कि मैंने रामपाल का विरोध क्यों किया। मुझे इस बात का खेद है कि मैं पुलिस में कंप्लेन किए बिना डायरेक्ट वहां पर क्यों गया प्रतिकार कर बस इतनी बात और यह जो शिकायत की गई थी इस पर कोई एफआईआर पंजीकृत नहीं हुई इनके यहां के वो कम पढ़े लिखे लोग हैं ना जो गरिमा गीता की में कहा गया है कि रामपाल के फॉलोअर कौन होते हैं अनपढ़ गवार
00:14:00:00 तो उसके अनुसार जो इनके यहां का एमपी कवर फास्ट है तो यदि मैं किसी भी कारण से पुलिस स्टेशन जा रहा हूं पुलिस वाले मौखिक रूप से यदि मेरे से कुछ पूछ रहे हैं और मैं वहां पर अपना हो सकता है कि मैं अपनी ही कोई सूचना देने जा रहा हूं, शिकायत देने जा रहा हूं। तो उसके अनुसार मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। किसी भी कारण से कोई लीगल कारवाई से जुड़ जाने का मतलब होता है उसके अनुसार मेरे ऊपर मुकदमा दर्ज हो गया। मैं तुझे बताता हूं मुकदमा किस दर्ज होना किसे कहते हैं। मैं अभी थोड़ी देर में बताता हूं। है ना? तो खैर मैंने वहां पर यह लिख के दिया और फिर पुलिस ने भी देखा कि भाई यह जो है खामखा का पतंगड़ बनाया गया और उस मामले को निरस्त कर दिया। मतलब इनकी जो कंप्लेंट थी मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज करने के लिए वो कंप्लेंट वो कर दी गई। निरस्त कर दिया गया। उस पर जो है एफआईआर दर्ज नहीं हुई। अच्छा इन्होंने वहां पर एक चाल और चली थी उस समय। इन्होंने क्या किया था कि मेरे साथ बहुत सारे हिंदुत्ववादी लोग थे जो वहां गए थे जिनको यह जानते थे अच्छे से है ना पर
00:15:12:07 इन्होंने उस उनमें से किसी का भी नाम अपनी कंप्लेंट में नहीं दिया था यहां तक कि वीडियो में भी वो लोग दिख रहे थे पर उनमें से किसी का नाम इन्होंने नहीं दिया था क्यों क्योंकि संभवत ये सोच रहे थे कि हम हिंदुओं को तोड़ेंगे मतलब मैं अकेला पड़ जाऊंगा। अन्य लोग पुलिस का नाम सुनकर के भागने लगेंगे और मेरा साथ छोड़ देंगे। मगर उनको पता नहीं था कि यहां पर जो है कमर कस के रहने वाले लोग हैं जितने भी गए थे तो उन्होंने साथ नहीं छोड़ा। वो हर तरह से साथ में खड़े रहे। भले ही उनका नाम उस कंप्लेन में नहीं था फिर भी खड़े रहे। है ना?
00:15:53:10 तो हम लोगों के संगठनात्मक जो अभियान था उसको ब्रेक करने के लिए उसको तोड़ने के लिए इसने ये किया था कि इन लोगों ने एफआईआर में उन सबकी नाम नहीं लिखे थे जो मेरे बगल में खड़े हैं। आप वीडियो देखोगे तो आपको पता चल जाएगा। तो यह सारी इनकी पहली गतिविधि थी। झूठ और उस पर आधारित थी और जहां इन्होंने धमकी भी दी। आमादाय मारपीट भी। इसके बाद फिर वह महिला का महिला की हमें सूचना मिलती है तो हम अबकी बार हम हमने सोच रखा था कि इस बार करेंगे तो पुलिस को बुलाएंगे। तो हम वहां गए जहां हमें पता चला ये महिला इस तरह से किताबें बांट रही है। इस महिला ने वहां पर शुरू में हमसे यह नहीं बताया कि ये किताबें नहीं बांट रही है। शुरू में कहा हमने जब पूछा कि आप किताबें बांट रही है? तो बोला हां आपको क्या दिक्कत है? इस तरह से बात करना शुरू की। हमने कहा पुलिस को बुलाते हैं। बुला लेते हैं पुलिस को। तो आप जब वह वीडियो देखेंगे महिला वाला तो उसमें आपको दिखेगा कि हमने कहा कि पुलिस को बुलाते हैं तो महिला तुरंत एक तो बहुत ज्यादा निकट आकर के बात करने लगी है ना कि किताबें बांटना जुर्म है ना इस तरह से कह के बिल्कुल पास में
00:17:08:19 शायद 1 सेंटीमीटर की दूरी रह गई होगी इतना पास आकर के मैंने उस महिला को बोला कि दूर से बात करो दूर से ये बात आप उस वीडियो में देख सकते हैं फिर वो कहने लगी बुलाइए पुलिस को मैं भी कह दूंगी कि छेड़खानी की है। यह भी वीडियो में रिकॉर्ड है। तो यह जो लोग कहते हैं ना कि हम बहुत बड़े सच्चे संत के भक्त हैं। पहली बात तो सच्चा संत कितना है। ये बबीता देशद्रोह, हथियार, हत्या इत्यादि शब्दों से इस बात की पोल खुल जाती है। वो सच्चा संत कितना है। खैर इन बातों को अगर अलग भी हटा दे तो जो लोग उसके सच्चे भगत होने का दावा करते हैं इन लोगों के मुख से झूठ तो ऐसे निकलता है जैसे गी गीली मिट्टी में हल चलता है ना गीली मिट्टी में आप हल चलाएंगे तो जैसे हल चलेगा ना स्मूथली ऐसा झूठ निकलता है इन लोगों से और कहते हैं कि हम लोग बहुत बड़े धार्मिक है हमारा गुटखा खाना छूट गया शराब पीना छूट गया चाय पीना छूट गया चाय पीना तो नहीं छूटा हालांकि इनको पता नहीं है उतना शैक्षणिक योग्यता नहीं है इनकी की कि चाय भी एक नशीला पदार्थ तो इनका चाय पीना नहीं छूटा तो इनका नशा नहीं छूटा है ना मादक पदार्थ है वो भी तमोगुणी उसमें आता है तो
00:18:23:20 मगर यदि ये दावा कर रहे हमारी शराब छूट गई तो भाई आप शराब ले रहे हो बस क्वांटिटी कम ले रहे हो आप जो है चाय के रूप में नशे का सेवन ही कर रहे हो खैर कम टू द पॉइंट तो यह जो महिला है वहां पर हमको धमकी देने लगी कि हम तुमको मुकदमे में फसा देंगे और फिर बात अंत होते होते हमने कहा कि फिर यह बोली हम कहां बेच रहे हैं किताब तो मैंने कहा आप ही तो थोड़ी देर पहले कह रहे थे कि किताब बेच रहे हैं। अगर नहीं बेच रहे तो कोई बात नहीं तो हमने वहां पुलिस नहीं बुलाई। क्यों नहीं बुलाई? क्योंकि ये फिर ये कहने लगी कि हम किताब नहीं बेच रहे। अच्छा इसके हाथ में उस समय किताबें नहीं थी। अब इस महिला ने भी उसी षड्यंत्रकारियों के साथ अपने गिरोह के साथ मिलकर के दिनेश चंद्र छोकरा के साथ मिलकर के हमारे खिलाफ तुरंत एक और शिकायत अगले एक दो दिन में पहुंचा दी नजदीकी थाने में उसमें क्या था कि हम किताब बेच रहे थे। पहला पहली सत्यता बाहर आ गई कि हम अपनी किताबों का प्रचार कर रहे थे। अपने गुरु के द्वारा छापी गई। उसमें है आईजीआरएस में ये किताब वाला जो मामला है नीतू दासी नाम की महिला ने हम पर ये कराया था। उस
00:19:39:18 उस मामले में नीतू दासी ने लिखा है कि मैं जो है ये देखिए उसने क्या लिखा है? वीडियो में कह रही है हम किताब नहीं बेच रहे। फिर क्या लिखा है? यह है कि राशन
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→ Used in: B · Live आ गया कोर्ट का जजमेंट रामपाल गैंग की करारी हार at 35:45 ↗
00:19:57:01 की दुकान के बगल में पान बिस्किट चिप्स वगैरह की गुमटी जिसके मालिक श्री शिव कुमार मिश्रा जी हैं जो कि प्रार्थनी के पूर्व से जानने वाले हैं। ऐसे ही बात करने गई। ये प्रार्थनी वहां पर एक पर वो था गुमटी उससे बात कर रही थी। गुमटी वाले जो है और उनसे बात करने लगी। चर्चा होने लगी। अंकल जी ने बताया कि हमने भी गुरु कर रखे हैं और अपने गुरु जी से संबंधित पुस्तकें दिखाई। इनका कहना है कि उन्होंने अपने गुरु जी से संबंधित पुस्तकें दिखाई। अब देखो प्रार्थनी जो कि सतगुरु देव तत्वदर्शी
00:20:36:09 रामपाल जी महाराज जो कि मूल हिंदू सनातनी कबीर
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00:20:40:00 पंतिक संत है। अब इसमें से रामपाल जी महाराज कैसे हैं? तत्वदर्शी कैसे हैं? मूल हिंदू कैसे हैं? सनातनी कैसे हैं? कबीर पंतिक कैसे हैं? इन सारी चीजों पर क्वेश्चन है क्योंकि इनकी हर बात झूठ है। खैर कि दीक्षित शिष्या किसकी ये मतलब गिरोह ये प्रमाणिकता है कि ये पूरे षड्यंत्र से महिला भी मिली हुई है। क्या है? रामपाल की
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00:21:06:24 दीक्षित शिष्या है। निष्ठावान अनुय है। निष्ठावान और संत जी के प्रवचनों के संकलन ज्ञान गंगा रचित ज्ञान गंगा जीने की राह इत्यादि धार्मिक पुस्तकों धार्मिक ग्रंथों पर श्रद्धा विश्वास एवं अपने धर्म शास्त्र के रूप में पवित्रतम मानती है और अपने गुरुदेव जी को भगवान स्वरूप मानती है। ने अपने गुरुदेव ज्ञान आधार पर कुछ ज्ञान चर्चा की और मौखिक रूप से न्योता दिया।
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00:21:38:14 ठीक है? तो मतलब ये इन किताबों से जुड़ी हुई है। ये खुद इसमें मानती है। इस पूरे षड्यंत्र से इस पूरे गिरोह से जुड़ी हुई है। ये खुद ये मानती है। झूठा वहां पर धमकी देने का आरोप दे रही है एक दिन पहले और अगले दिन पूरी पूरा प्रयास कर रही है कि एक झूठा मुकदमा इस व्यक्ति के ऊपर लगा दिया जाए। कौन व्यक्ति? में शिवश नारायण द्विवेदी और सुनिए उस वीडियो को आप ध्यान से देखेंगे तो वहां पर हमारे साथ एक सचिन सिंह करके भी थे कुछ अन्य वीडियो में उनको आपने देखा हो उस उनको ये भैया कह रही थी क्योंकि वो आसपास सीख मतलब कहीं रही होगी तो सचिन जी को वो जानती थी तो सचिन जी को उसने भैया संबोधित किया सचिन भैया सचिन जी दूर खड़े हैं परंतु इसने क्या किया इसने मेरे ऊपर, रामू द्विवेदी के ऊपर और अलग-अलग लोगों का नाम लेते हुए बहुत सारे आरोप उसमें लगा दिए कि धार्मिक पुस्तकों के बारे में अपमानजनक कहा, नीच कहा है ना अनपढ़ चौराहे पर गालियां, बेइज्जती पूरा मतलब लिखा दिया उसमें। यद्यपि
00:22:54:14 ये भी आईजीआरएस होती है भाई। अगर एमपी फास्ट वाला सुन रहा हो ना तो वो समझ ले यह आईजीआरएस होती है कि हम यह शिकायत दर्ज करना चाहते हैं। पुलिस इस पर शिकायत दर्ज करे। इसके बाद पुलिस देखती है कि शिकायत दर्ज करनी है या फिर ये फ्रॉड है। ये झूठ तो नहीं है कहीं। यह कहीं का बवाल कहीं तो नहीं निकाला जा रहा है। तो खैर यह जो है हमारे विरुद्ध इन्होंने फिर आईजीआरएस कराई और धमकी क्यों दी कि हम इनका प्रतिकार ना करें। इनके विरोध में जो है जो इनके बाबा जी ने गलतसलत बोला हुआ है अपनी किताबों में वह सब ना करें। तो इन्होंने गिरोह के साथ मिलकर के दिनेश दास के साथ मिलकर के छोकरा दास छोकरा चौधरी जो भी आप सुन समझ ले उसके साथ मिलकर के इसने ये दूसरा एक शिकायत पत्र हमारे विरोध में चला गया। अच्छा इसी बीच हम इनके बवाना वाले जो अड्डा इनका दिखाया जाता है सी 117 वहां हो आए थे जहां पर हमको कुछ भी मिला नहीं था और वहां पर पाउडर बनाने की फैक्ट्री थी तो हम वहां हो आए थे। ठीक है? तो अब इस जब यह शिकायत हमारे
00:24:09:22 विरोध में कराई गई छेड़खानी इत्यादि की या फिर ये जाति सूचक शब्द कहने की नीच इत्यादि कहने की तो हमको फिर पुलिस द्वारा एक बुलाया गया कि भाई यह आपके खिलाफ शिकायत करना चाहती तो हमने अपना पक्ष पूरा रखा। पुलिस ने भी न्यायपूर्ण व्यवहार किया। जांच की मामले को झूठा पाया। उन्होंने फिर कह दिया यह मामला झूठा है। इसी बीच हम फिर इनके इनका जो यहां पर तथाकथित नाम दान केंद्र जहां एलईडी चला करके एक वीडियो के माध्यम से लोगों को शिष्य बनाया जाता है रामपाल का और वहीं से पूरा लखनऊ के अंदर जो है संचालित किया जाता है इस गिरोह का जो लखनऊ केंद्र है। हम वहां गए वहां पर किसी इस उद्देश्य से नहीं गए कि भाई हमें वहां कुछ क्या कहते हैं दंगा करना है या कोई घटना करनी है नहीं हम वहां देखने गए कि वहां की कार्यशैली क्या है आसपास का पर्यावरण क्या है कौन से लोग रहते हैं कौन से किस प्रकार से चल रहा है वहां पर और जब इनका ये सतलोक आश्रम सतलोक तो इनको छुपने की क्या दिक्कत है कोई भी चला जाए सतलोक आश्रम है ना खैर हम कुछ अपने हिंदूवादी भाइयों के साथ वहां पहुंचे पहुंचे और वहां से दो हमारे हिंदू भाइयों को किताबें
00:25:25:03 दी गई। वो वहां गए। मैं नहीं गया। मैं बाहर ही था। मगर दो हिंदूवादी भाई ऐसे जिनको डायरेक्टली वहां पर रहने वाला ना जानता हो संभवत। तो वो एक सामान्य व्यक्ति के रूप में वहां गए। उनको भी वो किताबें वहां से उस आश्रम से पकड़ाई गई। ये लो ये पढ़ो। इतना ही नहीं। इन्होंने क्या किया? तुरंत उनका मोबाइल लेकर के और ये चैनल सब्सक्राइब कर लो और इनके प्रवचन सुना करो। हमारे बाबा जी के जेलधाम से आते हैं। यह सब वहां क्लेम किए गए। और हां एक बात बताना भूल गया। यह जेल धाम से लाइव चर्चा और जेल धाम से डायरेक्ट बात इनके बाबा जी के साथ यह सारे दावे वो जो चर्चा हो रही थी ना पुलिस स्टेशन में बैठकर के चौकी में बैठकर के जो चर्चा हो रही थी दिनेश चंद्र छोकरा इत्यादि के साथ वहां पर दिनेश चंद्र छोकरा ने भी ये दावे किए थे जो कि भ्रामक है। ये नोट करते जाइएगा क्या ऑफेंसेस बन रहे हैं। गुमराह करना धोखाधड़ी करना यह भ्रम फैलाना
00:26:24:24 धार्मिक भावनाओं को आहत करना, सम प्रवर्तन करने का प्रयास करना। दूसरी चीज हो गई। फिर झूठा मुकदमा लिखाने की धमकी देते हुए मुझे अपने उद्देश्य से हटाने का हटाने के लिए बाध्य करना, दबाव डालना, आमादा मारपीट होना ये सब चीजें चल रही हैं। है ना? साथ ही साथ वहां ये भ्रम भी फैला दी। इसके बाद फिर जब यह इसमें यह जो नीतू दासी के द्वारा लिखाई गई जो हमारे खिलाफ कंप्लेंट थी कंप्लेंट नॉट एफआईआर है ना एमपी फास्ट तुझे पता चलेगा अभी जब मैं जो एफआईआर ये शासन के आदेश के साथ जो दर्ज हुई है ना तेरे पहलों के नीचे की जरूर अगर यह सुन रहा है कि नहीं सुन रहा है इसको जरूर पता चलेगा एफआईआर किसे कहते हैं एफआईआर में नाम होना किसे कहते हैं वह अभी पता चलेगा खैर तो
00:27:22:14 ठीक है तो क्या है कि नीतू दासी वाली एफआईआर भी झूठी निकली। अब जो हम इनके वहां गए थे अगले दिन इनके वही उसी पैरोकार दिनेश चंद्र छोकरा का मेरे पास फोन आ जाता है। और वो वही सब क्या आप वो मतलब फोन पे ही कहता है आप गुंडे ले गए थे। अब कैसे भाई हमारे साथ हिंदुत्ववादी संगठन के लोग हैं। बजरंग दल के लोग हैं। उनके कहां पर उनके उन्होंने कोई गुंडई की है जो भी है। उन्होंने ये बात बोली हमसे कि अ
00:27:58:07 उन्होंने ये बात बोली उस व्यक्ति ने मुझसे फोन पे कि आप जो है गुंडों को लेकर के गए थे। के गुंडा कहना भी एक ऑफेंस ही है। फिर मैंने ये कहा क्यों गए थे? तो मैंने कहा क्यों तुम्हारा वो सतलोक आश्रम है या कोई चोरी चकारी का अड्डा है वैश्यालय है इस तरह के मैंने भाव वहां प्रकट किए जब वहां तुम सतलोक आश्रम कह रहे हो तो तुम्हें किसी के जाने और ना जाने पर आपत्ति तब होनी चाहिए जब वहां जाकर के कोई व्यक्ति घटना घटित कर दे है ना तब आपत्ति होनी चाहिए केवल जाने पे ही तुमने आपत्ति कर दी अच्छा अब इसने क्या किया इसने ये रिकॉर्डिंग ली मैंने क्योंकि क्योंकि ये कहा था क्या कोई चोरी शिकारी इस तरह के भाव थे मुझे स्मरण नहीं है एक्सक्टली शब्द क्या थे कि वहां कोई देह व्यापार होता है क्या जो तुम मुझे जाने से रोक रहे हो इस तरह का मैंने वहां कहा कि तो यह जो प्रश्नवाचक मैंने पूछा था इस पर भी इस व्यक्ति ने क्या किया इसको आधार मिल गया शायद इसने सोचा कि आधार है यद्यपि है नहीं मगर इस व्यक्ति ने इस आधार पर भी फिर एक कंप्लेंट डाल दी अभी तक हमारे विरोध में की गई दो कंप्लेंट पुलिस द्वारा निरस्त की जा चुकी की है। अब तीसरी कंप्लेंट डाल दी गई। क्या डाली गई कि इन्होंने मेरी इन्होंने
00:29:13:10 मेरी भावनाओं को आत किया है। है ना? वो है हां ये ये तीसरी एक आईजीआरएस मुख्यमंत्री पोर्टल के द्वारा डाल दी गई। इसमें क्या कहा गया कि भाई आवेदक के लखनऊ स्थित धार्मिक स्थल देखिए लखनऊ स्थित धार्मिक यह खुद प्रमाण दे रहे हैं। यह जो है स्थल है जिसके खिलाफ अब एफआईआर हुई है ना ये खुद अपने को जोड़ रहे हैं। जैसे नीतू दासी ने नीतू दासी ने अपनी खुद की आईजीआरएस में खुद को जोड़ लिया इस गिरोह से लिखित में और अब ये क्या है? लखनऊ स्थित धार्मिक स्थल नामदान केंद्र को दो बार वैश्यालय कहकर धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर पुनरावृत करते हुए आहत किया है। ठेस पहुंचाई है। कहा है कि जो चाहो सो कर लो के संबंध में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराए जाने के एफआईआर दर्ज कराए जाने के लिए दिया गया है। ठीक है? एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। खैर यह इन्होंने आईजीआरएस फिर की। फिर इस पर संबंधित पुलिस स्टेशन से मेरे पास कॉल
00:30:28:12 आया। उन्होंने पूरी बात समझी मेरी। उन्होंने भी मेरे से प्रमाण साक्ष्य मैंने उनको भी भेजे और इन लोगों ने मतलब पुलिस ने वहां पाया कि ये झूठा आरोप है और वैशालय मैंने कहा नहीं है। मैंने पूछा है कि भाई आप मुझे वहां जाने पर आपत्ति क्यों कर रहे हैं? क्या वो कोई उठाई गई चीज है? तो आप बोल दो नहीं नहीं ऐसा तो नहीं है तो फिर क्यों कह रहे हो हालांकि उसने वैश बस वो एक शब्द आ गया तो उसके आधार पर यह ट्राई की खैर तो इसकी ये तीसरी जो एफआईआर कराने की जो मुकदमा दर्ज झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश थी वो भी अच्छा इस बीच ये मुझे लगातार फोन करके हैरेस कर रहा है लगातार मेरे पास फोन आता है मुझे यहां मिल लो मुझे वहां मिल लो मैंने इसको ये भी कहा कि तुम शास्त्र वो ज्ञान चर्चा कर लो तो ये मैंने जब लास्ट में आप लोगों ने आप लोग जानते होंगे कि मैंने लास्ट में फिर इससे कहा कि इस मंदिर में आ जाओ। तो व्यक्ति बोलने लगा कि मुझे बैठने को क्या जगह मिलेगी? क्योंकि इसको आता जाता तो कुछ है नहीं। ये कैसे सिद्ध करेगा? अपने बाबा जी के द्वारा फैलाई गई जो वो भ्रष्टता है उसको कैसे सिद्ध करेगा? कोई है ही नहीं। हम तो ये भी नहीं। खैर ये भी निरस्त हो गई।
00:31:43:15 अच्छा इस बीच हम लोग मैं जो क्या मैं इस बीच जो है अपनी चीजें कर रहा था कि भाई इनका जो आश्रम में फर्जी है रामपाल कौन है इनके आश्रम कैसे चल रहे हैं वो सारी विधिवत जो तैयारी होती है मैं वो अपना लेखन कार्य भी कर रहा था आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत भी हो रहा था इनके कई लोगों को निरुत्तर भी किया है आपने देखा ही होगा ये सब चीजें चल रही थी साथ की साथ अब इसके बाद क्या होता है कि जब यह तीन बार आईजीआरएस के माध्यम से विफल हो जाते हैं यह लोग तो फिर ये लोग क्या करते हैं? हमारे विरोध में 156 तीन एक कोई होती है जिसमें आप सीधे कोर्ट जा सकते हैं कि हमारी एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। पुलिस नहीं कर रही। हम कोर्ट में आते हैं। तो 156 तीन के तहत वो कोर्ट में गए। कोर्ट से फिर जांच भेजी गई। अब अब जांच आई एसीपी स्तर पर। पहले थाने के स्तर पर चल रही थी। अब एसीपी स्तर पर आई। अच्छा इस इस जांच में पिछली बार की जो दो इनके द्वारा की गई कंप्लेंट पर पुलिस ने यह लिखा था कि क्या कहते हैं ये ये झूठी शिकायत की जा रही है। धार्मिक
00:32:58:21 मामला है उसमें द्वेष निकालने के लिए दबाव बनाने के लिए ये पुलिस ने मेंशन किया है। यह धमकी झूठे प्रयास और ये सब पुलिस ने मेंशन किया है कि ये जो है दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। तो इन्होंने वहां कहा इन्होंने वहां जब यह गए तो इन्होंने पुलिस वालों पर भी केस कर दिया केस नहीं मतलब यह कहा कि इन लोग ये सब भी इसमें मिलीभगत में तो उसमें कुछ जो इंस्पेक्टर थे विवेचना करने वाले उनका भी सह हृदय धन्यवाद है जिन लोगों ने इसमें न्यायपूर्ण विवेचना की मगर इस गिरोह ने सोचिए ये गिरोह के इरादे कितने पुष्ट हो चुके हैं। किस हद तक जा सकता है जो अंदर से जानता है कि वह चोरी कर रहा है और किसी ने जब उसे चोर कह दिया चोरी करने वाले को तो तूने मुझे चोर कैसे कहा इस बात के लिए लड़ने के लिए वो पुलिस तक पहुंच रहा है कि इसने मुझे चोर कहा है सोचिए है ना खैर तो इसने पुलिस वालों को लेते हुए साथ में इस गुरु गिरोह ने मुख्य रूप से जो यहां के संचालक है रामचंद्र रामनारायण दास और राजू दास जो यहां के सेंटर को चलाते हैं संचालक
00:34:13:22 इन लोगों ने मिलकर के दिनेश चंद्र चोकरा और नीतू दासी इन लोगों ने सबने मिलकर फिर वो वाद के रूप में 156 तीन में दाखिल किया। वहां से भी जांच आई कि भाई आप इनकी जांच करके जो है दीजिए। तो यहां पे जब एसीपी स्तर पर जांच हुई क्योंकि दो थानों का मामला हो गया था। एक थाना वह था आलमबाग एक थाना था आशियाना आलमबाग में वो शिकायत गई थी जिसमें कि इसने आरोप लगाया था कि इसने हमारे धार्मिक स्थल को वैशालय कहा है और यहां पर वो शिकायत गई थी जिसमें नीतू दास नीतू दासी ने आरोप लगाया था कि इसने हमको जो है नीतू दासी वाले वहां शिकायत गई थी कि इस इन्होंने हमारे साथ जो है अभद्र व्यवहार किया है और उल्टी सीधी टिप्पणियां की है ये सब। मगर है क्या? यह दोनों ही जो पुलिस स्टेशन है दोनों ही एक ही एसीपी के अंडर में आते हैं। एसीपी कैंट उनके अंडर में ये आए ये मामले दोनों। फिर से पुलिस ने निष्पक्ष जांच की और पूरा मामला कोर्ट के समक्ष रख दिया कि भाई यह जो गिरोह है इसके द्वारा
00:35:28:26 इस तरह की किताबें छापी जाती हैं और इस इस तरह की किताबों का वितरण प्रचार इस तरह की सामग्री ये सब किया जाता है और ये लोग जो है दबाव बनाने के लिए इस तरह का मुकदमा लिखवा रहे हैं। अह जो सामने विपक्षी है उस पर भी और पुलिस वालों पर भी। तो ये अपने योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं। ठीक है? तो अब इसके बाद क्या होता है कि ये हो गया। अब तक हमारी जो वो थी एक तरीके से कहेंगे रिसर्च या कहेंगे कि शिकायत पुष्ट हो चुकी थी। अच्छे से तैयार हो चुकी थी। अब हम इस शिकायत को लेकर के जाते हैं। कहां? जहां जिस क्षेत्र में इनका जो यह सेंटर चल रहा है, इनका सेंटर चल रहा है। सरोजनी नगर क्षेत्र में तो सरोजनी नगर का जो भाग है सरोजनी नगर का जो थाना है हम वहां पर जाकर के अपनी शिकायत लेकर के हम आईजीआरएस के थ्रू वहां शिकायत करते हैं। अब क्या होता है कि इन लोगों को बुलाया जाता है। हमको भी बुलाया जाता है। हम वहां जाकर के अपनी बात कह करके आते हैं और यह लोग अपनी बात कह करके आते हैं। जिस
00:36:44:04 चौकी में जांच चल रही है। अच्छा है क्या कि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस को ये बताना कि ये मामला कितना भयंकर है कितना बड़ा है कितना गंभीर है वो भी बहुत आसान नहीं है पुलिस भाई हम लोग इससे जूझ रहे हैं काफी दिनों से किसी के मामले में अभी-अभी आया है सामने किसी के संज्ञान में अभी-अभी आया है तो वो कैसे समझे कि ये बहुत बड़ी कोई चीज हो गई है ना तो पुलिस ने अच्छा अब इन्होंने क्या किया? पुलिस को गुमराह कर दिया। वहां पर पुलिस को गुमराह दो बातों पर किया। एक इन्होंने वो वाद दिखा दिए कि इनके इनसे तो कोर्ट में वाद चल रहा है। जबकि वाद नहीं चल रहा है। कोर्ट ने जांच के आदेश दिए। एसीपी एसीपी ने अपनी वहां पर रिपोर्ट लगाई और जिसमें कहा कि यह मिथ्या फैला रहे हैं। इस तरह की शिकायत करके मिथ्या फैला रहे हैं। ये सब चल ये सब वहां पे हो रहा है। एसीपी की रिपोर्ट लग रही है। उसके बावजूद भी इन्होंने वहां जाके पुलिस को गुमराह किया। पुलिस को गुमराह करते ही है। जैसे कि हाई कोर्ट से 12 बार क्लीन चिट मिली है। इस हद तक आदित्यनाथ योगी हमारी किताबों को प्रेज करते हैं, प्रचारित करते हैं, प्रशंसा करते हैं। ये क्या है? सीधे सीधे आंखों
00:37:59:08 में मिर्ची झोंकना 250 ग्राम हमारी बातें शास्त्र प्रमाणित है समस्त शास्त्रों का निचोड़ है उपनिषद क्या होता है हम जानते नहीं है अच्छा सभी धर्मों का मतलब है तो सभी धर्मों का मतलब है तो क्या इन्होंने बौद्ध दर्शन भाई ये ये सबको धर्म कहते हैं। बौद्ध दर्शन, जैन दर्शन और भी बहुत सारे निकल आएंगे। तो क्या इन्होंने उन सबके ज्ञान को लिया है? अपने शास्त्रों में जो सभी करते हैं। अगर इनके हिसाब से सभी धर्म खैर ये सब बहुत दूर की बातें हो जाएगी। हम लोग पॉइंट पे नहीं तो वो हो जाएगी। अब क्या होता है कि पुलिस को यह लोग जाकर के गुमराह कर देते हैं और यह कहते हैं कि भैया हमारा जो अच्छा हम हम जाकर के अपनी वो जो हमने रिसर्च टाइप की बनाई थी वो पुलिस को दे आते हैं। पुलिस बहुत ज्यादा पूछताछ करती नहीं है कि आपको और क्या शिकायत कहना है नहीं तो हम बैठ के बताते भी है। हमें लगता है कि पुलिस ने पढ़ लिया होगा या अच्छे से समझ गई होगी जो भी है। एक कहेंगे कि एक उसको क्या कहते हैं? संवाद की कमी होने के कारण हमारा जो मैसेज था वो यथार रूप में वहां तक नहीं पहुंच सका जो उसकी
00:39:14:14 विवेचना कर रहे हैं। अब ये लोग वहां कर देते हैं और एक बात और कहते हैं कि इस व्यक्ति ने तो क्षमा मांगी है कुछ दिन पहले। अब सोचिए मैंने वहां क्षमा क्यों मांगी थी? मैंने इसीलिए वहां आपको नोट कराया था। इन्होंने वहां पर ये लोग वहां पर वहां पर पुलिस को गुमराह करते हैं कि शिवश नारायण द्विवेदी ने क्या कहते हैं? क्षमा मांगी थी रामपाल का विरोध करने पर। जबकि रामपाल का विरोध मैं लगातार कर रहा हूं 2023 से सक्रिय होकर पहले भी किया है। मगर सामने आपको दिखाई दे फ्रंट से रामपाल का विरोध 2023 से कर रहा हूं। पर ये लोग क्या और उस लेख को लिखने के बाद भी मैं करता रहा। पर फिर भी यह वहां पुलिस को गुमराह करते हैं कि इसने तो क्षमा मांगी है। एक गुमराह और करते हैं कि इसके खिलाफ हम लोग एक्शन ले रहे हैं। पुलिस की कारवाई कर रहे हैं। इसलिए ये हम पर दबाव बनाने के लिए यहां पर हमारे खिलाफ मुकदमा करवाना चाहता है। अब देखिए ये लोग अगर यह कहें आगे के चीजों में ये जो ये कानूनी कारवाही नाम की ये सीरीज चल रही है। इसमें आगे के एपिसोड्स में मैं बताऊंगा कि किस तरह से ये लोग अपने आप को बचाने के लिए यह भी बोले कि हमारा इनसे कोई संबंध नहीं है।
00:40:29:22 ठीक है? और जबकि यहां पर ये स्वयं अपना संबंध स्थापित कर रहे हैं। कैसे? कि मैंने इस गैंग के विरोध में इस सेंटर के विरोध में एप्लीकेशन दी। शिकायत मुकदमा पंजीकृत करने के लिए। उसमें कहीं भी इस वकील का नाम नहीं है। दिनेश चंद्र चोकरा का नाम नहीं है। स्वयं को वकील कहता है। यद्यपि वकील है कि नहीं इस बात पर भी भगवान ही जाने। खैर ये कहता है और पैरोकारी करता है केवल ये रामपाल एंड कंपनी की। खैर तो ये कैसे गैंग से जुड़ रहे हैं ये देखिए। तो मैंने जब वहां पर कंप्लेंट दी थी तो उस कंप्लेंट में केवल दो नाम थे। रामनारायण दास और राजू दास इनके खिलाफ इनके विरुद्ध में मैंने कंप्लेंट दी थी। संभवत शायद रवि कुमार जो स्टॉल के संचालक था जो स्टॉल था ना यहां हस्तशिल्प उद्योग में प्रदर्शनी में उसका संचालक रवि कुमार था जिसने मेरे विरोध में जिसके नाम से मेरे विरोध में पहली वो गई थी कि इन्होंने वहां स्टॉल पर आकर के उड़दन किया है। वो पहली जो वो गई थी। खैर इन्होंने वहां पर क्या कहा कि भैया पुलिस को गुमराह किया कि इनके खिलाफ हमारे
00:41:44:24 वो चल रहे हैं, मुकदमे चल रहे हैं या जो भी चल रहे हैं और इसलिए हम पर दबाव बनाने के लिए लिखवाना चाह रहे हैं। अब सोचिए मैं लिखवा रहा हूं गैंग के विरोध में। मैं लिखवा रहा हूं सेंटर के विरोध में। मैंने कहीं भी उसमें दिनेश चंद्र चोपड़ा का नीतू दासी का नाम नहीं लिया। मगर ये पुलिस को गुमराह करते हुए स्वयं ये कह रहे हैं कि हम इनसे जुड़े हुए हैं। हम लोग एक हैं। हम गैंग का हिस्सा है। ठीक है? वहां ये बता रहे हैं कि हमारे साथ इनका विवाद चल रहा है ऑलरेडी। इसलिए हम पर दबाव बनाने के लिए ऐसा ऐसा ये कर रहे हैं। तो ये बात यहां से इन्हीं के स्टेटमेंट से ये सब अपनी चीजें कर रहे हैं। ये अपनी अपनी तैयारी खुद ही कर रहे हैं। बहुत ज्यादा कुछ बहुत ज्यादा बड़े जासूस की तरीके से इस मामले में देखने की जरूरत नहीं। अगर ठीक से कोई व्यक्ति लगातार क्रम से पढ़ता ही चला जाए तो यह लोग खुद ही अपना खंडन कर रहे हैं। नीतू दासी ने खुद ही उन किताबों का प्रचार प्रचार प्रचार प्रसार करना उनके प्रति जो है दृढ़ता निष्ठावान अनुयाई होना ये सब बता दिया। उसके बाद नीतू दासी और छोकरा के साथ चल रहे मामले का वहां पर यह कहना कि यह हम पर दबाव बनाना चाहते हैं।
00:42:59:25 हम पर यानी हम भी इस सेंटर इस गिरोह इस गैंग के सदस्य हैं और हमारे साथ वहां पर इनके साथ विवाद चल रहा है। इसलिए ये हम पर यहां मुकदमा पंजीकृत कराना चाहते हैं। इसको कहते हैं एक टर्म होती है। मुझे उसी समय पता चली थी। पेशबंदी कहते हैं इसे पेशबंदी। तो पुलिस को इन्होंने गुमराह कर दिया। पुलिस थोड़ा सा संवाद स्थापित नहीं हो पाया अच्छे से। तो प्रथम दृष्ट्या में पुलिस ने इस विषय को जो है उतना गंभीरता से नहीं लिया। जब हमें पता चला कि गंभीरता से नहीं लिया गया है तो हम जो संबंधित एसीपी है एसीपी विकास पांडे एसीपी सरोजनी नगर संभाग तो उनके पास हम गए। उनको पूरी बात बताई। उन्होंने हमें कहा कि आपके पास एक फोन आएगा आईजीआरएस के संबंध में। फोन क्या आता है कि भाई आपकी जो आईजीआरएस है उसमें समाधान कर दिया गया है। क्या आप उससे संतुष्ट हैं? तो मतलब आप जो है आपका उन्होंने एसीपी जो है उन्होंने मुझे बताया कि आपका मामला अभी चल रहा है। आप यह मत सोचिए कि आपकी कंप्लेंट को जो है निरस्त कर दिया गया है या झूठा कह दिया गया है। आप ऐसा ना मतलब उन्होंने हमें आश्वासन
00:44:15:03 दिया कि हम अभी कारवाई करेंगे और उन्होंने दोबारा से एक एप्लीकेशन हमसे स्वयं भी ले दी। तो यह सब हो गया। इस तरीके से वहां पर जांच चलती रही। प्रथम दृष्ट में पुलिस को यह मामला हमारा वैसा नहीं लगा जैसा हम हमने बताया था या जो भी है उनको हमारी चीजें समझ में नहीं आई। पुलिस को गुमराह किया गया। हां, गुमराह करते समय ऐसे कई स्टेटमेंट दिए गए जो आगे होने वाली जो विवेचना होगी उसमें काम आएंगी। इतना इन्होंने करके रख दिया। इतनी हमारी सहायता इन लोगों ने वहां की। ठीक है? अब क्या होता है कि उधर वह पुलिस जो एसीपी एसीपी जो है सरोजनी नगर के महोदय ने जांच को अपने हाथ में ले लिया। वो कारवाई कर रहे हैं लगातार और जो है जांच चल रही है अपने स्तर पर जो भी जांच वो करवा रहे हो वो जांच चल रही है। इसी बीच अ जब ये हम बवाना गए थे तो उस समय हमारे पहले से जानकारी थी तो इनसे बातें चल रही थी लगातार जो हमारे वरिष्ठ अधिवक्ता हैं हरिशंकर जैन जी उनसे बात हुई और उन्होंने जो है हमें रंजना अग्निहोत्री
00:45:30:16 जी के पास भेजा। रंजना अग्निहोत्री जी द्वारकापीठ शंकराचार्य जो है ब्रह्मलीन पूज्यपाद ब्रह्मलीन स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज की शिष्या थी तो हमें और भी ज्यादा हर्ष हुआ कि भाई शंकराचार्य का एक सैनिक या कार्य कर रहा है तो उसकी उसको मार्गदर्शन देने के लिए जो मिला वो भी शंकराचार्य का ही शिष्य निकला। भले ही वो द्वारका के हो या पूरी के हो उनमें कोई भेद तो है नहीं इस प्रकार से। खैर हमें बड़ा अच्छा लगा। तो फिर जो है
00:46:05:10 उन्होंने पूरे मामले को सुना और उन्होंने कहा कि ठीक है अब मिलकर इस अधर्म का इस सनातन विरोधी तंत्र का हम लोग वो करते हैं प्रतिकार करते हैं। आप आइए इसको नष्ट करेंगे हम। इसको सहेंगे नहीं। हमारे हिंदू देवी देवताओं का अपमान हम सहेंगे नहीं। तो ये सारी चीजें फिर चालू हुई। फिर हम लोग हाई कोर्ट गए। हाई कोर्ट के बात की। अच्छा इस बीच और कुछ चीजें हैं। जैसे कि इस तरह से लाइव चल रही है तो लाइव चर्चा में एक व्यक्ति जुड़ता है। कबीर साहिब नाम से उसने अपना नाम डाल रखा था। उसने मुझे चाकुओं से गोद-गूद कर मार देने की धमकी दी। घर की स्त्रियों के साथ दुष्कर्म कर देने की धमकी दी। मुझे मेरा एड्रेस बताते हुए धमकी दी। यह सब भी हुआ। अच्छा। इसके बाद इसने एक चीज और की थी कि मेरे पास एक WhatsApp मैसेज आया था कि हमने तेरी सीता के साथ ऐसा किया है। सीता माता के साथ रावण ने ये किया। मतलब अश्लील मैसेज और धमकी भरा और एक दो नंबर से मुझे और धमकी आई थी कुछ कर देने की। वो सारे नंबर मैं मतलब वो नंबर एक दो नंबर जो है मिस कर गया।
00:47:20:19 मगर खैर मुख्य-मुख्य जो है वो चीजें हैं थी मेरे पास। इसी बीच फिर हाई कोर्ट में बात चली गई। उधर एसीपी भी अपनी जांच कर रहे हैं। फिर ऐसे में होते होते होते हाई कोर्ट में पहली सुनवाई हुई जिसमें कि शासन को यह पूछा गया कि यह सब हो रहा है तो इसमें आपका क्या स्टैंड है? क्योंकि आप चाहे तो इसको बंद करा सकते हैं क्योंकि आपके अधिकार में है ये बंद कराना। कोई वहां पर सेक्शन था वो बताया गया। तो 10 तारीख को सुनवाई हुई थी पहली और उसके बाद 15 की डेट पड़ी थी। 15 को होनी थी मगर हो नहीं पाई। उसके बाद फिर होते सुनवाई कब हुई है? एक तारीख को। इस बीच शासन ने शासन ने भी यद्यपि अपनी स्वीकृति दे दी और जो एसीपी की जांच चल रही थी उनकी जांच भी हो गई तो सारी चीजें फिर हमारे न्यायपूर्ण इस कारवाही की जो चीजें थी वो हमारे पक्ष में आई परिणाम स्वरूप शासन के आदेश के द्वारा हम लोगों की वो जो लगातार दिसंबर से चल रही जो मेहनत थी इधर आई हाई कोर्ट में जाना। बीच में और भी दो
00:48:35:22 चीजें हुई जो आपको पता है वेद प्रकाश पर एफआईआर हुई है जो वहां पर व्यक्ति एक किताबें बेचता हुआ पकड़ा गया था और इसके साथ ही साथ एक एफआईआर और हो गई कि मुझे किसी ने जब अभी ये रिसेंटली जो ये वाला जो एक लाइव टेलीकास्ट हुआ था जिसमें कि हरिशंकर जैन जी और रंजना अग्निहोत्री जी जुड़े थे। तो उस लाइव के बाद तुरंत उस लाइव के खत्म होते ही मुझे फोन आया था। वो व्यक्ति बहुत अभद्र भाषा में आपने आप शायद जानते हो। तो वो व्यक्ति ये सब कर रहा था। उसके विरोध में भी हमने एफआईआर दर्ज कराई है। दो एफआईआर ये वाली दर्ज हो चुकी है। और यह जो दिसंबर से इस तरीके से बहुत ही सक्रियता के साथ जो प्रतिकार हुआ इसके कारण पूरे भारतवर्ष में जगह-जगह से आवाजें उठने लगी। जगह-जगह लोग थाने जाने लगे। हालांकि पूरी तरीके से क्या प्रोटोकॉल होना चाहिए? किस तरह की भाषा में एप्लीकेशन होनी चाहिए? क्या लिखना चाहिए? क्या शिकायत दे? तो इसमें बहुत निपुणता ना होने के कारण सब जगह परिणाम नहीं प्राप्त हुए। मगर जो एक आंदोलन का दृश्य पूरे भारतवर्ष से वो हमें दिखाई देने लगा है। उधर हिमांशु जोशी जी ने भी बहुत अच्छा प्रयास किया। उनकी संस्था है राष्ट्रीय सेवा
00:49:51:01 संघ के नाम से। वहां पर उन्होंने खूब धरना दिया, प्रदर्शन किया। वहां के प्रशासन ने यद्यपि उन कारणों से नहीं मगर वहां का जो है उस पर प्रतिबंध लगाया इनके वहां पर बाधा बने हिमांशु जी जिस कारण से हिमांशु जी पर भी जगह-जगह से केस करने के प्रयास किए गए और राजस्थान से, हरियाणा से, उत्तराखंड से, बिहार से तो आज ही न्यूज़ आई है। बंगाल से, उत्तर प्रदेश में कई जगहों से बहुत सारी जगह इनका अब ऐसा प्रतिकार हुआ। पहले क्या होता था? वाचिक प्रतिकार होता था। तुम ये क्या कर रहे हो? क्या बेच रहे हो? अब क्या हो रहा है? व्यक्ति थाने तक जा रहा है। यह अच्छी चीज हो गई इस बीच। और एट द एंड इन सबके फल स्वरूप आज जो है इतने दिनों के बाद हां इस बीच जो है मुझे दो मानहानि के नोटिस भी प्राप्त हुए। मैं आज जो है एक समीक्षा करूंगा अंत में। जो इन्होंने पुलिस को गुमराह किया था उसके अनुसार पुलिस ने जो कहा था वह गुमराह करने वाली जो बात है उसकी समीक्षा मैं अभी आगे कर दूंगा परंतु फिलहाल इस पर बात करते हैं कि इस एफआईआर जो दर्ज हुई है वो क्या है तो इतनी सारी
00:51:06:04 चीजें होते लगातार उसमें कनेक्टेड रहने और भी बहुत सारे विषयों में हम उलझे मगर इसको पकड़े रहे कि इसको नहीं छोड़ेंगे इसने हमारी अच्छा आपको एक बात बताऊं आपको पता नहीं होगा आप लोगों को संभवत कि जब 2023 में मैंने इनकी बुक स्टॉल का विरोध किया था उस समय यह हुआ था कि इन्होंने मेरा मोबाइल बंद करा दिया था और दूसरे दिन मैं कई सारे युवाओं को लेकर के अगले दिन वहां पहुंचा था। तब जो है वहां वो रिकॉर्डिंग हो पाई थी जो हमने वाचिक प्रतिकार किया था जिससे कि मोबाइल बंद ना हो। झगड़ा करने नहीं पहुंचे थे। मोबाइल ना बंद करवा दे कोई जबरदस्ती। तो वहां पर वो जो आपको कन्वर्सेशन है वो हमारे चैनल पर पड़ा हुआ है। आप देख सकते हैं। तो जब इन्होंने हमारा कैमरा बंद करा दिया था तो मुझे इतना रोना आया था कि मेरे पास उस समय एक पोर्टेबल स्पीकर हुआ करता था। मैंने वो पोर्टेबल स्पीकर अपने एक अनुज है खुशाल मिश्र उनसे मंगवाया और वो वहां पर आए और यद्यपि मैं अपने परिवार के साथ उस समय मेले पहुंचा था। आपको पता नहीं होगा। उस समय पुष्प प्रदर्शनी में मैं अपने परिवार के साथ वहां पर था। मगर मैंने वहां पर अपने परिवार को कहा कि अब तुम लोग घर जाओ और वो पोर्टेबल स्पीकर वो आपको दृश्य अगर मुझे मिल जाएगा कहीं पर
00:52:21:06 मेरे रिकॉर्ड्स में पड़ा होगा तो मैं डाल दूंगा। तो उस समय फिर मैं वहां पर स्पीकर लेकर के अपने हाथ में और माइक इधर है और एक हाथ में स्पीकर है। सामने मंच पर रंगारंग कार्यक्रम चल हो चुका है। अभी अभी एक नृत्य का प्रोग्राम बंद हुआ है और उसके बीच में गैप होता है एक प्रोग्राम से दूसरा प्रोग्राम स्टार्ट होने में। इधर मेरी तरफ जो दर्शक है वो बैठे हुए मंच की ओर देख रहे हैं। और फिर जो वो गैप मिला नृत्य का प्रोग्राम खत्म हुआ और अगला कार्यक्रम शुरू होने वाला था। उस गैप के बीच में मैं माइक पर बोलने लगता हूं कि शर्म आनी चाहिए तुम्हें हिंदुओं तुम यहां बैठकर के रंगारंग कार्यक्रम का आनंद ले रहे हो और तुम्हारी मां के लिए वहां पर इतनी सब बातें लिखी हुई है तुम्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा है चल के प्रतिकार नहीं कर रहे हो इस तरह से वहां मैंने किया था अकेले खड़े होकर के मैं कोई अपनी प्रशंसा नहीं कर रहा हूं मगर हो सकता है कि कोई हिंदू प्रेरित अवश्य हो जाए क्योंकि क्योंकि एक आम बोएंगे तो लाखों आम पाएंगे। है ना? किसी ना किसी एक को तो आगे आना ही पड़ता है ना। तभी आंदोलन की शुरुआत होती है। तो वो मैं ही सही।
00:53:37:06 हर व्यक्ति यही सोचता है आंदोलन करने के लिए। मैं क्यों? मैं क्यों? इसी इसी चक्कर में कि मैं क्यों? उसी चक्कर में कुछ हो नहीं पाता है। मगर कभी-कभी कोई कोई सरफिरा आ ही जाता है कि मैं ही मैं ही करूंगा। चाहे जो हो जाए नैन चिनती शस्त्राण नैन दहति पावका ना चैनम क्ले ना शोषति मारता गुरुदेव ने जो ये ड्रिल मशीन से डाल दिया है ना इसके कारण जीवन में जगह जगह पर हर कदम पर हर स्टेप में साहस प्राप्त होता है। जैसे गुरुदेव ने जगुरु शंकराचार्य जी महाराज ने उनका एक प्रवचन मैं देख रहा था। उसमें उन्होंने कहा कोई व्यक्ति आया कि मुझे कैंसर है। मैं क्या करूं? तो उन्होंने कहा कि हम तुम्हारा कैंसर ठीक नहीं करेंगे। कैंसर से होने वाला जो दुख है वो हम ठीक करेंगे। अगर कैंसर नहीं होगा तो कल को कोई और दुख होगा। मकान गिर गया, चोरी हो गई, लूट हो गई, डकैती हो गई, ये हो गया, वो हो गया। मगर यदि दुख से जितना ही आ गया व्यक्ति को तो कुछ भी होता
00:54:52:07 रहे वो सदैव सुखी रहेगा। तो यह लाइन थी इसलिए ऐसे जो गुरु के शिष्य होते हैं ऐसे महान गुरुओं के शिष्य जो ये नहीं कहते हम कैंसर सही करेंगे। हम तुम्हारी दुख की बीमारी सही करेंगे। तो जब उन्होंने हमारी दुख की बीमारी ही सही कर दी तो फिर ठीक है।
✅ This part is already used · 00:55:13:20 – 00:55:40:14 (0:27)
→ Used in: B · Live क्या रामपाल को चुनौती स्वीकार है? तत्वदर्शी भगवान या अपराधी at 21:30 ↗
00:55:13:20 है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर और हम तैयार हैं सीना लिए अपना इधर खून से खेलेंगे होली कर धर्म मुश्किल में है सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है हाथ जिनमें हो जुनू कटते नहीं तलवार से सर जो उड़ जाते हैं वह झुकते नहीं ललकार से जिंदगी तो अपनी महिमा मौत की महफिल में है सरफरोशी की
⬜ Not used yet · 00:55:40:14 – 01:40:44:00 (45:04)
00:55:40:14 तमन्ना अब हमारे दिल में तो ऐसे ही बन जाते हैं। फिर गुरुदेव का वो वचन आपको याद होगा जगुरु शंकराचार्य जी का कि हमको फौलादी आदमी चाहिए। समझ गए? राष्ट्र की रक्षा के लिए हमें फौलादी आदमी चाहिए। दिल में गौ हत्या आदि को लेकर पीड़ा हो, सर में दर्द हो तो आके पूरी के शंकराचार्य जी से आकर संपर्क करना। यह सब उनके वो ऐसे वचन है जो गुद गए हैं हृदय में। जब तक नौका डूबती नहीं तब तक तुम्हारा काम है खेते रहना। खेते रहना। असफलता है क्या? असफलता है क्या? मेरे शब्दकोश में मेरी जानकारी में असफलता नाम का कोई शब्द ही नहीं है। ये सब गुरु मुख से सुने हुए वाणी है। गुरु मुख की वाणी। यह सब काम आती रही और हम लगातार इसमें रहे। तो इस सब सारी सारे प्रयासों के बाद एट दी एंड पूरे गैंग के विरोध में और
00:56:46:12 इन लोगों सहित ये लोग जो व्यक्तिगत रूप से मुझ पर हमले कर रहे थे। इन लोगों सहित पूरे गैंग के विरोध में यह एफआईआर दर्ज हो गई। एफआईआर आप प्रदर्शित कर सकते हैं। भारतीय आप दिखा दीजिए एफआईआर प्रथम पृष्ठ ये यद्यपि पूरे गैंग के खिलाफ पूरा ये जो तंत्र चल रहा है इसके खिलाफ हुई है और इस एफआईआर के बारे में एक बात और बता दूं कि अभी जो लास्ट रीसेंट जो कल की तारीख कल की जो डेट थी हियरिंग हुई है कोर्ट में उसमें प्रशासन को अपना पक्ष रखना था कि हमने मतलब वो जो पूछा गया था पहली डेट में कि आप क्या कर रहे हैं इस संदर्भ में? तो शासन को पक्ष रखना था। ठीक है? कि हमने हम क्या कर रहे हैं क्योंकि वो बंद करा सकते हैं ये सब। तो शासन ने ये शासन ने यह नहीं कहा कि हम जांच कर रहे हैं। शासन ने कहा हमें और समय चाहिए। अभी हम कारवाही नहीं कर पाए हैं। यह बहुत ही बड़ा मामला है। यह शासन के शब्द थे। गंभीर मामला है। वो हमारी जो फर्स्ट
00:58:01:13 जो शिकायत गई थी उसको गंभीर नहीं समझ पाए थे ना। पर फिर शासन ने हमारी बात को समझा। वहां कहा यह गंभीर मामला है। इसका अर्थ है कि शासन के मुख से सच्चाई बोल रही थी। वास्तविकता बोल रही थी। गंभीर मामला है। शासन ने कहा हम अभी तक कोई कारवाई नहीं कर पाए हैं और इस पर कारवाई कर रहे हैं। यह एफआईआर है जो दर्ज हुई है। स्क्रीन पर आप दिखा दीजिए इनको। और बड़ा नहीं हो पाएगा कुल
00:58:37:25 और बड़ा ना हो पाए तो मैं ही दिखाऊं फिर अच्छा ये कई बातें हैं जो वहां पे रामपालियों के अनुसार बोली जा सकती थी। क्या-क्या बातें हैं? हाई कोर्ट से क्लीन चिट मिली है 12 बार। क्यों नहीं बोला भाई? शासन को यह लोग इतने दिनों में बता नहीं पाए। कि आप वहां पर यह बोल दीजिए। यह तो बहुत अच्छी किताबें हैं। क्यों नहीं बताने गया कोई? भाई हाई कोर्ट में इनके विरुद्ध जो मुकदमा है वो पंजीकृत है। याचिका पंजीकृत इनको सब कुछ मालूम पड़ गया। हमने सब पर रिवील किया है। हमने सब कुछ यहां प्रस्तुत किया। सीएनआर नंबर वगैरह भी जो नंबर होगा शायद जिससे वह निकलेगा रिट सी करके जो है सब कुछ इनको मालूम है पर क्या हुआ यह इतने दिनों में इनको इतना टाइम भी मिला पहली हियरिंग 10 तारीख जब हमने बताया कि पूछा गया शासन से दूसरी हियरिंग डेट नहीं वो सुनवाई हो नहीं पाई और तीसरी हियरिंग जो मतलब दूसरी हियरिंग जो होनी थी कल जो हुई है 1 अगस्त को तो इस बीच में क्या यह लोग दिखा नहीं यह शासन को यह नहीं बता पाए
00:59:53:18 शासन को यह नहीं बता पाए कि यह किताबें हाई कोर्ट के द्वारा क्लीन चिट प्राप्त है। क्यों नहीं बता पाए? शासन अपना पक्ष क्यों नहीं रख पाया? तो ये सोचने वाली बात है। ये सब नहीं बोला गया। वहां वहां सीधे बोला गया अभी हमको और समय चाहिए एक हफ्ते का। तो एक हफ्ते का समय ना दे के कोर्ट ने 25 अगस्त तक का समय दिया इन लोगों को शासन को और इसी क्रम में हमारी संभवत 31 जुलाई के दिन हमारी एफआईआर जो है दर्ज कर ली गई विभिन्न धाराओं में और वो हम आपको विवरण देने वाले हैं। अ ये एफआईआर देखिए इसमें जो धाराएं लगी है 294 299 302 38 351 इनमें
01:00:50:24 अच्छा एक चीज और है। इन्होंने कहा था जब हमने इनका वहां प्रतिकार किया था तो इन्होने एक चौपाल लगाई थी अपने चैनल पर जिसमें मेरा राक्षस वाला दृश्य लगाया था बनाया था और चौपाल लगा करके इन्होने कहा था कि ये धाराएं बनती है शिवश नारायण द्विवेदी के विरुद्ध ऐसा हो जाएगा वैसा हो जाएगा मगर किया कुछ नहीं वो जो धाराएं वहां बताई थी यद्यपि इन्होने क्या किया कि यहां के जो लोकल झूठे केसेस बनाकर जो इन्होंने वहां बातें की थी वो सब कुछ नहीं लगाया उस बारे में तो बात ही नहीं हुई तो धाराएं ये लोग जो चौपाल लगा आगे के बता रहे थे। उनसे उन ज्ञानियों से कहा जाए कि वो यह धाराएं देख ले। इन विभिन्न धाराओं में कुछ लोगों के नामजद सहित पूरे के पूरे गिरोह पर एफआईआर दर्ज हो गई है। पूरे के पूरे केंद्र पर एफआईआर दर्ज हो गई है। अब इसमें मैं आपको लाना चाहूंगा सीधे
01:01:45:27 वह वाला प्रश्न निकाल लीजिए। इसमें नाम जत किस किस का है? नाम किस-किस का नाम है वह देख लीजिए। नाम वाला चौथा पेज है वह वो लाइए जरा। ये आपके लिए बहुत जानने वाली चीजें हैं। नाम किस-किस के नाम है। अभी नाम है। बाकी फिर पूरी जांच है। गिरोह क्या कर रहा है? क्या नहीं कर रहा है। चैनल कौन-कौन सा है? बैन होना है। ये सब चीजें हैं। मगर नाम किस-किस का है वो देख लीजिए। पहला नाम है राजू दास जो वहां का संचालक है लखनऊ केंद्र का। दूसरा नाम है रामनारायण दास है ना यह भी लखनऊ का संचालक है। तीसरा नाम है दिनेश चंद्र छोकरा दिख रहा होगा। यह भी बहुत अग्रणी रूप से रहा मुझे डराने धमकाने में। इसने मुझे क्या-क्या धमकियां दी इस व्यक्ति ने इस गिरोह के साथ मिलकर पहले तो बहुत तरीके से कॉल किया मैं मना कर रहा हूं मत कर तो फिर भी कर रहा है तो मुझे ब्लॉक करना पड़ रहा है आत्महत्या से आत्महत्या कर लेगा पेट्रोल छिड़क करके आत्महत्या मिट्टी पता नहीं पेट्रोल छिड़क के आत्महत्या कर लेगा मुझे झूठे मुकदमे में फसाएगा
01:03:01:10 नीतू दासी से मैं उसके किताब बेचने का प्रतिकार करूंगा तो मुझे झूठे मुकदमे में फसाएगा फिर क्या कहते हैं यह मैं अगर यह मुझको फोन करके पूछेगा कि तुम वहां क्यों गए थे हमारे नाम दान सेंटर तो मैं उससे पूछूंगा वो नाम दान सेंटर है या फला फला कोई विवादित अड्डा है तो ये मेरे ऊपर झूठा मुकदमा लगवाएगा और यदि पुलिस ने निष्पक्ष वहां पर जांच करके लगा दी तो फिर ये पुलिस के पुलिस को भी समेटते हुए फिर झूठा मुकदमा लगवाने का प्रयास करने के लिए कोर्ट तक जाएगा। यह सारी चीजें यह व्यक्ति कर रहा है। इसके साथ ही साथ अप्रत्यक्ष रूप से मुझे जो है डराना रखा ना तेरे पूरे सारे गैंग की वो खबर निकाल रहा हूं। मेरे संबंधियों को फोन किया। मुझसे पूछा कि इनकी पत्नी का नंबर दे दो। है ना? उनको नहीं मालूम ये कौन है? दिनेश चंद्र चोपड़ा। तो पूरा षड्यंत्र लोगों से कह रहा है कि यह ऐसा कर रहा है वैसा कर रहा है। यहां तक कि मठ में भी मेरे लिए उल्टी सीधी सूचनाएं बना के भेज रहा है। जो गोवर्धन मठ है। वहां पर भी भेज रहा है। और और क्या कर रहा है?
01:04:13:25 यह हां महानिानी के नोटिस भेज रहा है। इसने महानि का नोटिस उनके लिए भी भेजा जो मैंने वहां पर शिकायत दी थी जो केंद्र के नाम पर शिकायत दी थी राजू दास और रामनारायण दास तो उस शिकायत देने पर भी इसने महारानी का नोटिस भेजा मुझे ढाई ढाई लाख का ये भी दबाव बनाना और 15 लाख का एक अलग नोटिस भेजा है कि तुमने जो है अमुक अमुक कार्य किया है तो मैंने जो है नोटिस भेज दिया तुम्हें इस इस व्यक्ति ने भेजा है खैर
01:04:46:26 15 लाख का और भी इसने कई चीजें की तो पूरी तरीके से षड्यंत्र में साथ में रहा यह और हां इसने एक चीज और की है फोन पे भी और वहां पर जो पुलिस चौकी में जो कन्वर्सेशन हुई उसमें कई बार कहा है कि हमारे जो बाबा जी हैं उनका प्रसारण होता है लाइव कहां से जेल से ये भी एक ऑफेंसिव स्टेटमेंट है गुमराह करना पब्लिक को भ्रम फैलाना पब्लिक तो मुझको फोन पर भी कहा चलो चलो और फिर गैंग की बात करना फिर मेरे माता पिता कहां रहते हैं यह बताना यह सारी चीजें में ये चीजों में प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है इसके साथ ही साथ जो एक गाली वाला जो मुझे यहां लाइव स्ट्रीम के समय जो धमकी दी गई थी कि मैं चाकूओं से गोद घूद कर हत्या कर दूंगा आते बाहर निकाल दूंगा तेरी पत्नी और बेटी के साथ भी हम लोग रेप कर देंगे काल के दूत यह सब उसमें लिखा था उसमें उसने एक बात कही आदित्य है ना तेरे भाई का गायत्री पार्क के पास रहता है ना तू यही बातें यह भी कहता है तो कैसे गैंग मिलजुल के कार्य कर रहा है एक दूसरे की सहायता पूरा चल रहा है पूरा आपको समझ में आ रहा होगा इसके बाद नीतू दासी का नाम है
01:06:02:07 नीतू दासी वैसे तो सभी मामलों में पूरे गैंग की एक इस पूरे जो तंत्र है उसके साथ में है सारी चीजें आपको हो ही रही हम लोग पीछे काफी सारी बातें कराए प्रत्यक्ष रूप नीतू दासी ने दो बार दो बार जो है हम पर झूठा मुकदमा लगाने का प्रयास कर हमारे इस अभियान को रोकने का प्रयास किया दबाव बनाने का प्रयास किया हमारी धार्मिक भावनाओं को आहत तो किया ही है साथ ही साथ सरेआम पब्लिक के बीच में इन्होंने हमको जो है क्या कहते हैं झूठा मुकदमा लिखवाने की धमकी दी इसके बाद रवि कुमार पूरे गैंग के ये जो पूरा तंत्र है उसके साथ में है और क्या कहते हैं? रवि कुमार वो हैं जो स्टॉल भी लगाते हैं। मतलब इन किताबों से डायरेक्ट जुड़े हुए हैं और मेरे विरुद्ध झूठी शिकायत भी करते हैं और क्या कहते हैं? ये भी पूरी तरीके से एक सक्रिय सदस्य लखनऊ स्तर पे और पूरे भारतवर्ष भारतीय स्तर पर कार्यरत है गैंग के साथ। तो यह रवि कुमार का मामला हो गया। अब आता है अपना एक
01:07:17:15 व्यक्ति जो कहता है कि अगर मुझे नोटिस आ गया तो एफआईआर हो गई। ये देख ले भाई हेमंत दास। हेमंत दास का नाम भी इसमें है। हेमंत दास को भी इसमें मैंने इसमें लिया है संज्ञान में। हेमंत दास ने क्या-क्या किया है? देखिए गैंग तो पूरा जो कर रहा है वो कर ही रहा है। मगर इसने क्या किया है? मेरे बारे में अनेकानेक अपशब्द हिंदुओं के बारे में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहात करने वाले अनेकानेक अपशब्द इस व्यक्ति ने है ना इसकी लाइव स्ट्रीम पर डले हैं मेरा राक्षस वाला चेहरा डला है इसकी लाइव स्ट्रीम में किसी ने मुझे में बोला था और बहुत सी और भी चीजें इतने क्लेम किया कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी ये सब भी तो दबाने का प्रयास है ना मुझे दबाव बनाने के लिए और उल्टा सीधा बोलना, झूठी चीजें बोलना ये सब ये बोल रहा है। और इसने अपने चैनल से क्लेम भी किया कि मैं ये
01:08:23:15 क्लेम भी किया इसने कि भाई सतलोक आश्रम से डायरेक्ट बाहर जेलधाम से तो ये क्लेम भी किया। तो बहुत ये सारी चीजें होने के साथसाथ इसने प्रत्यक्ष रूप से भूमिका भी निभाई है और अगला नाम है रोहित का। बहुत बड़े संवाददाता है भाई। दिखाइए उनका नाम। रोहित संभता रोहित ही नाम है या कुछ और नाम है पता चल जाएगा। मगर ऐसे न्यूज़ चैनल वाले भाई साहब है ये। ऐसे न्यूज़ चैनल पर कोट पट पहन के लोगों को बेवकूफ बनाते हैं ना। हमने बुलाया पर वो आया नहीं। मैं बहुत बड़ा संवाददाता हूं। मैं ये हूं, मैं वो हूं। ये रोहित उसके खिलाफ भी हो गया। और आपको बता दूं कि यह जो धाराएं लगी है उनमें से दो धाराएं बहुत स्ट्रांग है। उनमें बड़ी-बड़ी सजाएं हैं। 10 10 साल सात सात साल तक की सजाएं हैं। ठीक है? और वो जो बैन होंगी चीजें वो तो अलग बातें हैं। वो तो शाह ने कहा ही है कि हमको थोड़ी सी और वो चाहिए। ये रोहित ऐसे न्यूज़ चैनल वाला है जिसने हमारा वो चेहरा बना के बिगाड़ा और अपने चैनल पर दिखाया और ऑफिशियली इस तंत्र से जुड़ा हुआ है डायरेक्ट और
01:09:39:13 एफआईआर में क्या दर्ज है थोड़ा सा समराइज कर दूं कि अ आप निकालिए छठवां पेज छठवां सिक्स्थ अब पेज पेज रहने दीजिए अब स्क्रीन बड़ी कर दीजिए मैं बता दूंगा इसे मेन जो बातें थी वो तो रिवील कर ही दी है। तो किस-किस का नाम है? नामजद किस किस का है? पूरे गैंग के खिलाफ है। नाम किस-किस का है? नाम राजू दास का डायरेक्ट है। राम नारायण दास का डायरेक्ट है। दिनेश चंद्र छोकरा दास या चौधरी जो भी हो उसका डायरेक्ट है। नीतू दासी का डायरेक्ट है। रवि कुमार का डायरेक्ट है। हेमंत दास का डायरेक्ट है। रोहित का डायरेक्ट है। इसके अलावा तमाम सारे वो चैनल्स जो जिन्होंने अभद्र टिप्पणियां की है। ये सब बोला है वो सूची भी हम लोग दे रहे हैं। वो सब भी इसमें शामिल है। और कुछ होगा अगर और कुछ होगा तो विवेचना में जुड़ जाएगा इसकी। और विवेचना किस स्तर की होगी? कोई सामान्य स्तर की तो होगी नहीं। अब शासन इन्वॉल्व है डायरेक्टली। एसीपी डायरेक्टली इनवॉल्व है। हाई कोर्ट डायरेक्टली इन्वॉल्व है। तो किस तरीके का होगा? जो आगे जो विवेचना होगी वो किस स्तर की होगी वो आप समझ
01:10:54:16 सकते हैं। खैर ये नाम के साथ-साथ फिर रिपोर्ट किस क्या लिखी है कि सीधे-सीधे एक केंद्र है सक्रिय सतलोक आश्रम जो रामपाल के नाम से चल रहा है। रामपाल कौन है? जो वहां पर है इनके अनुसार जेल धाम में और हमारे अनुसार जेल में है अपराधी है सजा काट रहा है आजीवन कारावास की तो
01:11:27:25 अब क्या है कि इसको चलाने वाले राजूदास रामनारायण दास इनके द्वारा जो है क्या होता है मतलब राजू दास रामनारायण दास नीतू दास इन सब का नाम है फिर इनके द्वारा होता क्या है वह मैं बता देता हूं कि संग इस गिरोह के द्वारा इन लोगों जिनका नाम लिया गया है और इस गिरोह जिस गिरोह का एक केंद्रीय लखनऊ है लखनऊ में है ना इस गिरोह के द्वारा संगठित होकर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता फैलाने एवं अपमानित करने की नियत से हिंदू धर्म की पुस्तकों के कवर पेज का एवं हिंदू देवी देवताओं के चित्रों का बेजा इस्तेमाल करते हुए अंदर देवी देवताओं के विरुद्ध जानबूझकर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए अश्लील चित्र छापे गए। अश्लील टिप्पणियां की गई है। इन लोगों द्वारा प्रचारित प्रसारित एवं वितरित की जाने वाली गंदी पुस्तकों में लिखे हुए शब्दों संकेतों और दृश्य रूपणों के माध्यम से विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता उत्पन्न करने का स्त प्रवर्तन किया जाता है। इनके द्वारा हिंदू देवी देवताओं हिंदू धर्म ग्रंथों एवं धर्माचार्यों पर तरह-तरह के गंदे लांछन लगाकर सोशल मीडिया एवं टीवी चैनल सहित विभिन्न माध्यमों द्वारा प्रचार प्रसार विक्रय किया जा रहा है। उक्त
01:12:43:03 गंदी पुस्तकों को छोटे बच्चों को भी पढ़ने हेतु विवश कर उनको मानसिक रूप से आघात दिया जा रहा है। इन लोगों के वीडियोस है ना ये लोग स्कूल में जाकर के बच्चों को देते हैं ना बच्चों को देते हैं ना स्कूल में गए हुए बच्चे किस पर निर्भर है? स्कूल पर और यदि ये वहां पर ब्ल कर रहे हैं या फिर डायरेक्ट खुद संयोजक है स्कूल के तो वहां पर जो बच्चों के साथ बहुत बड़ा ऑफेंस है। ठीक है? तो बच्चों को इस तरीके से ब्रेन वाश किया जा रहा है। तो इसके बाद क्या है? यह जो केंद्र है इनका केंद्र फला फला जगह स्थित है। 18 जनवरी से लेकर के जो मैंने आपको अभी सब बताया वो शॉर्ट में यहां पर बता दिया है। और दो तीन नंबर है जिनके द्वारा जो जो अभी जो गाली गलौज की जो एफआईआर दर्ज हुई है अभी कुछ दिन पहले ही उसमें वो नंबर नहीं था। उसमें बिल्कुल लेटेस्ट नंबर था। मगर ये जो पुराने नंबर से और ईमेल आईडी से जो मुझे मुझे धमकियां दी गई है जान से मारने की या जो और तरह का दबाव डाला गया है वो सारी चीजें इसमें मैंने डाल अब इसमें पुलिस एक्शन लेगी और जितने भी पोर्टल्स हैं जहां से ये सारी सामग्री प्रचारित हो
01:13:58:07 रही है उस पर कारवाई होगी पुलिस संज्ञान में ले लिया है शासन ने और जल्द ही हमको बहुत ही अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे अब फिलहाल मेरा वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करने का कोई मन नहीं है। फिर से एक बार रिपीट कर देता हूं। सतलोक आश्रम गैंग के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पूरे के पूरे गैंग के विरुद्ध और कुछ लोगों के नाम स्पेशली इसमें दर्ज कराए हैं। पहला नाम है राजू दास, दूसरा नाम है रामनारायण दास, तीसरा नाम है दिनेश चंद्र छोकरा, चौथा नाम है नीतू दासी, पांचवा नाम है रवि कुमार, छठवां नाम है हेमंत दास, एमपी खबर फास्ट वाला, सातवां नाम है रोहित। अगर उसका और कुछ नाम हो तो मगर एस ए न्यूज़ चैनल वाला वो लड़का वो जो आकर के बोलता है। ठीक है? बाकी इसमें हम बहुत सारे चैनल्स के रिकॉर्ड्स वगैरह सब मेंटेन किए हुए हैं। बहुत सारे चैनल्स के लिंक्स वगैरह हमने सेव करे हैं। वो सारी अभी जो ये जो जांच हो रही है जो शासन तंत्र ने जो समय मांगा है उसमें सब कुछ हम प्रोवाइड कराने वाले हैं। लगा के वो जो टीएसएल वाला जो लड़का है वो भी घसीट उसका भी चैनल दिया जाएगा और ये
01:15:13:08 जितने भी वो हनुमान जी के उसमें फेमस हुआ था एक वो जिसके बाल नहीं है सबके नाम दुर्गा ठाकुर ब्लॉग्स है ना और ये कई लोग हैं जिनके चैनल पर कोई व्यूज नहीं मगर उन्होंने एक कोई मेरा वीडियो डाला है तो उस 10,000 व्यूज है तो ऐसे जिन्होंने भी कहीं भद्रता गधा इस तरह की भाषा उपयोग में ली है तो वह सारे चैनल्स और यह किताबों का प्रचार प्रसार रामपाल के वीडियोस दिखाकर उनका प्रचार प्रसार जो भी कर रहा है जहां कहीं भी वो प्रवचन प्रसारित हो रहे हैं वो सारी चीजों पर संज्ञान लिया जाएगा। वो सारा हम लिस्ट बना रहे हैं और हो सकता है कि यह वीडियो देखने के बाद कुछ लोग अपना चैनल बंद कर दें तो यह उनके लिए यह उनके लिए उनकी एक हो सकता है कि थोड़ा बहुत समथिंग इज बेटर देन नथिंग ये हो जाएगा क्योंकि अगर हमने उसको देख लिया होगा तो हमने तो पूरी लिस्ट बना ही ली है कि कौन छोटे-छोटे स्तर पर लगा हुआ है। हम्। और एक बात और बता दूं कि एफआईआर दर्ज होते-होते भी इनका जो कार्यक्रम चलता था शुभम पैलेस में वो जो व्यक्ति पकड़ा गया था ना वेद प्रकाश किताबें बेचते हुए उसने कहा था कार्यक्रम होता है हर रविवार को शुभम पैलेस में वहां वो शुभम पैलेस में कार्यक्रम होना पहले ही बंद
01:16:28:12 हो चुका था। तो ये सारी चीजें हैं। हां साधना चैनल ईश्वर टीवी इन सब का भी नाम दिया गया है और वह सब शासन के स्तर पर कारवाईया की जाएगी। है ना? सब कुछ उसमें आएगा। तो अगर कोई उपस्थित हो वैचारिक मतभेद के निमित्त नहीं परंतु कुछ विचार विमर्श यदि करना चाहते हैं तो आ सकते हैं। लिंक दे दिया गया है। मुझे आशा है आप लोगों को आज का ये समाचार सुनकर हर्ष हुआ होगा और एमपी खबर फास्ट वाले से पूछो। उसको पूछो नहीं उसको बताओ एफआईआर इसे कहते हैं। धाराएं इसे कहते हैं। हम वो जो कहता फिरता है हमने एफआईआर करा दी एफआईआर करा दी। तो उसको कहो जाकर के इसीलिए मैंने बहुत पहले ही कहा था कि भाई तुम लोग काफी सालों से बहुत अच्छी पारी को संभाल रहे हो। बहुत अच्छे से खेल रहे हो। पर अब व्यक्ति गलत चुन लिया है। खेल अच्छा था। व्यक्ति गलत चुन लिया है। ठीक है। तो अभी देखो ये राहुल रोहित को कहो वहां
01:17:43:18 इनसे कहो अपने आश्रम में ऐसे न्यूज़ चैनल पर वीडियो और बनाओ। कम से कम एक फोटो तो लगा दो वो वो हो सकता है अभी ये लोग जल्दी से जल्दी वो मेरा वो फोटो भी हटा ले। आप लोग स्क्रीनशॉट वगैरह लेके देखना। आनंद लीजिए इन सारी चीजों का। है ना? हो गया है। कोई आना चाहता है तो ठीक है। और हां वैचारिक मतभेद के निमित्त भी आप चर्चा कर सकते हैं। यहां नंबर दिया जा रहा है 7408301869 और आप वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा के लिए फॉर्म भर दीजिए। उस पर WhatsApp करिए। [संगीत]
01:18:25:01 जय श्री राम जय श्री कृष्णा हर हर महादेव जय श्री राम पंडित जी कैसे हैं बस आपकी लगाई हुई आग को में थोड़ा-थोड़ा हम धूप बत्ती दिखा रहे हैं नहीं नहीं मैंने कहा ना शुरू में ही आपका आभार प्रकट किया आपका भी पंडित जी मैं थोड़ा लेट आया पंडित जी का भी बहुत बड़ा सहयोग रहा मैंने कहा था कि कई लोग गुप्त कई लोग प्रकट रूप से इसमें बहुत सहयोगी रहे और मैं आप लोगों को यह बताना चाहूंगा आप लोगों को आश्चर्य होगा कि जब हम भवाना में गए थे वहां तहकीकात कर रहे हैं शोध करने वहां पे कि भवाना में है कि नहीं है तो वहां पे जो साथ में मेरे समर्थन में और मेरा सहयोग करने वाले पंडित जी ही थे दिल्ली में भवाना में और कोई उस समय नहीं था तो यही वहां पर मुझे ले गए थे और वहां तक पहुंचाया थे हम दोनों गए थे लेकिन डरे नहीं बिल्कुल भी एक ही जाएगी अब गुरु ग्रंथ और गोविंद का बल था ना बिल्कुल बिल्कुल डर बिल्कुल नहीं था जबकि हम लोग एक आतंकवादी के यहां जा रहे थे आतंकवादी का आतंकवादी से आतंकवादी ना हो मगर आतंकवादी से आतंकवादी का उसके ऊपर प्रकरण चल रहा है केस चल रहा है हत्यारे के यहां तो जा ही रहे थे
01:19:40:02 वो तो सिद्ध है ना न्यायालय न्यायालय के द्वारा उसको जो है घोषित किया गया है यद्यपि वहां हम एक हत्यारे के यहां जिस पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है जिस ऐसी ऐसी बंदूके प्राप्त हुई थी उसको पकड़ते समय उसके लोगों के द्वारा जो शायद अभी तक हम में से कईयों ने देखी भी ना हो है ना ऐसी ऐसी तो ऐसे व्यक्ति के यहां पर हम लोग जा रहे थे केवल दो लोग बिना किसी तैयारी केवल ये देखने के लिए यहां वो कार्य हो रहा है कि नहीं हो रहा है वहां कुछ भी हो सकता था मगर एक गुरु ग्रंथ गोविंद से प्राप्त साहस था जो हम वहां पर पहुंचे और आप लोगों को एक आश्चर्य और होगा कि उस समय इन किताबों को लेकर के हमारी भेंट भी हुई थी हरिशंकर जैन जी से और उस समय भी पंडित जी साथ में थे तो पूरी यात्रा में इनका साथ है और ये तो चलिए सशरीर साथ में थे मगर वैसे भी अनेकानेक प्रकार से पंडित जी का पूर्णतया सहयोग है। तो मैं अपनी ओर से और समस्त सनातनियों की ओर से आपका आभार व्यक्त करता हूं। समस्त धर्मनिष्ठों की ओर से आपको साधुवाद देते। आप मुझे क्या आभार आप मेरा आभार मान सकते हैं। मैं मैं और आप में कोई अंतर नहीं है। ये हम एक
01:20:55:03 ही एक ही है। एक ही है। सभी सनातनियों का आभार सभी धर्मनिष्ठ धर्म प्रेमियों का आभार इस पूरे अभियान को यहां तक लाने के लिए और बाकी तो कर्म वादी कारस्ते माफले सुगदाच। यदि किसी के पास कोई भी प्रमाण सबूत हो तो कृपया इस नंबर पर WhatsApp कर सकता है। यह देखिए नंबर आपको दिया जा रहा है। अगर आप कोई वो भेजना चाहते हैं या कोई नया वीडियो ये लोग डाल रहे हैं हम। ये इसका स्क्रीनशॉट लो। साले अनाड़ी ज्ञानी से ना ज्ञान चर्चा किया जाता। ये स्क्रीनशॉट ले लीजिए इसका सुजीत कुमार का। है ना? आपको कुछ भी ऐसा संज्ञान में आता है। कुछ भी ऐसा संज्ञान में आता है। यह सुजीत कुमार का ही है। इसका स्क्रीनशॉट लो। इसका स्क्रीनशॉट ले लो सुजीत कुमार का। कुछ भी आपको ऐसा संज्ञान में आता है जो आप हमसे साझा करना चाहते हैं तो अवश्य करें इस नंबर पर और इन लोगों कहे कि अपनी चीजें जारी रखें। हेमंत दास से कहे वो अपनी चीजें जारी रखें। है ना? ऐसे न्यूज़ चैनल वाले से कहे वो अपनी चीजें जारी रखे और मेरा फोटो बिगाड़े राक्षस का वो करें
01:22:10:12 क्योंकि वह सही कर रहा था ना वो गलत तो कर नहीं रहा था इनको बंद नहीं करना चाहिए सही बंद नहीं करते ना देखिए हमने जो किया था जब से किया था वही आज भी कर रहे हैं इसको कहते हैं सनातन हम बंद नहीं करते राजेश जी जय श्री राम चरण स्पर्श गुरु जी चरण स्पर्श हर महादेव पंडित जी महादेव पंडित जी हर हर महादेव जी बताइए आप बस देख रहे हैं आपका आपने चारों तरफ से घेराबंदी कर दी है
01:22:47:20 अकेले ही लगे हुए हैं ना सबको घर पे रखा हुआ है इन्होंने ना ना सब साथ में हैं और ये हम पर ये क्या है इंजन है अपुन लोग डब्बे हैं पीछे चलते हैं मेन इंजन जो होता है वो आगे ये इंजन तो इंजन तो गुरुदेव है जिन्होंने कहा था कि एक मनुवादी भी परिवर्तन के लिए पर्याप्त होता है। है ना? इंजन तो ईश्वर है श्री रामचंद्र जी जो कहते हैं कि रामो विग्रह धर्म रामो दनाभ भाषते इंजन तो भगवान श्री कृष्ण है जो कहते हैं कर्मवादी कारस्ते मा फले कदाचना इंजन हमारे सभी जो प्रामाणिक आचार्य गण है वो सब इंजन है इसके और हां एक बात आपको बताऊं बहुत अच्छा हुआ याद आया इंजन से जिस दिन मैं ये कार्यवाही करने जा रहा हूं उस दिन मुझे जो हमारे हमारे पूज्य राघवाचार्य जी महाराज उनका भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ था और वो भी बकायदा ऑन कॉल डायरेक्ट उनसे हां सौभाग्य है हां उनका भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ था है ना तो इसमें देखिए कितने सारे संतों की ऊर्जा जुड़ी हुई है भगवान के भगवान तो है ही तो
01:24:02:26 वो सब है और एक कोई है जो अभी कह रहे थे ये कोई भाई है सनातन इतिहास करके अब ये कह रहे हैं भाई भाई हमको भी धमकी दे रहे थे। अच्छा इनको भी धमकी दी गई है। ठीक है। धमकी धमकी देने के अलावा रह क्या गया इनके पास धमकी है देते रहो और है क्या अब धमकी बची है और कुछ बचा नहीं है हम अभी वो भी नहीं बचेगा जो जो अभी बचा है वो भी नहीं बचेगा तो कमेंट
01:24:41:06 कमेंट इनके कमेंट तो देखो अभी भी कमेंट करने से पीछे नहीं हट रहे हैं वो क्योंकि उनको इतना ज्यादा ब्रेन वाश किया गया है कि वह अपना नाश निकट आ जाने पर भी नहीं देख पा रहे हैं कि नाश निकट है इसलिए कर रहे हैं और जो प्रबुद्ध जन है वो सही हो चुके हैं अभी प्रबुद्ध जन वो सब चीजें रिपीट नहीं कर रहे हैं इनके आगे जो इंटेलेक्चुअल थोड़े बहुत भी इंटेलेक्चुअल हालांकि इनकी जो बाबा जी है उनकी वाणी के अनुसार ये सब लोग अनपढ़ है मूर्ख है गरिमा गीता की में इनके बाबा जी ने लिखा है कि रामपाल को फॉलो फॉलो करने वाले अनपढ़ गवार अशिक्षित मूर्ख टाइप के लोग होते हैं। तो इनके आगे फिर भी जो थोड़े बहुत इंटेलेक्चुअल पर्सन है वो धीरे-धीरे अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। अपना अपना अपना बोरिया बिस्तर समेट के किनारे हो रहे हैं। मगर ये पागल हुए पड़े हैं।
01:25:38:26 ये भी कमेंट कमेंट पढ़ रहा था इनके। हां। कमेंट तो बहुत कमेंट में एक्सपर्ट है ये लोग। आप जरा वो मुझे भेज के दे दीजिएगा। वो जो आपने एक दिन कहा था ना पहाड़ी जी की लाइव में कि आपने जो वीडियो देखा था उसमें मेरे लिए शब्द का उपयोग में लिया गया था। बिल्कुल बिल्कुल उसको थोड़ा खोजना पड़ेगा। वो खोज के दीजिए। मैंने उनसे भी कहा था पानी जी से। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल मैं जरूर करूंगा। कल कर देता हूं इसको मैं पूरा। ठीक है। बिल्कुल। कल कल संडे है। मेरी छुट्टी भी है। कल कुछ काम भी नहीं है। तो कल मैं इसी काम में लग जाता हूं। बिल्कुल बिल्कुल। अब उसके लिए मेरे को कई एक वीडियो देखने पड़ेंगे उनके तब जाके मिलेगा वो। हां वो पहाड़ी जी की लाइव में आपने चर्चा की थी। नहीं बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल दे दूंगा। बिल्कुल दूंगा 100% दूंगा। जी कल ही कर देता हूं मैं। और किसी को कोई भी सामग्री मिलती है जो आपको लगता है कि ये कानून की उसमें आती है ये हमारी सहायता कर सकती है। वो सारी सामग्री आप इस नंबर पर उपलब्ध कराते रहिए और जो है वो सारी सब पर कारवाई होगी है ना ये कोई है जो कह रहे हैं [संगीत] शिवश जी
01:26:57:08 शिवश जी मेरा आरएसएस का ल राम पानी अब ये सब बातें ये लोग करें हम तो क्या करें ना करें तो बताइए इतना आहत किया इन लोगों ने तुम कुछ भी बोल रहे हो कुछ भी कर रहे हो कुछ भी कह रहे हो तो सामने वाला कोई ना कोई कोई तो करेगा ना प्रतिकार। सही बात है। अब आपने प्रमाण और सबूत के लिए जो नंबर दिया है तो अब आपके ऊपर ये भी उंगली उठने वाली है कि देखो इनके पास विद दशों से पैसा इतना आ रहा है। फंडिंग आ रही है कि ये वहां के नंबर भी प्रयोग करने लग गए हैं। फलाना फलाना। देखिए ये बात जरूर आएगी। तो इनकी मर्जी है।
01:27:39:25 बस ठीक है। ये तो हो गया है। एफआईआर तो दिखाई दी थी। राम 25 25 अगस्त है ना अगली सुनवाई हां सुनवाई 25 अगस्त है इस बीच सरकार को कुछ सरकार को उस दिन ये बताना है हमने क्या-क्या किया बराबर हाई कोर्ट को अभी कल क्या हुआ था जो जज थे उन्होंने कहा जैसे हमारा नंबर जब आया सुनवाई का हमारी फाइल आई सबसे पहले तो हाई कोर्ट में एक एलईडी लगी हुई होती है स्क्रीन टीवी स्क्रीन जो केस चल रहा होता है जिस पर सुनवाई चल रही होती है। उसका केस नंबर वो टीवी स्क्रीन में ऊपर आता है और नीचे पट्टी चलने लगती है। ये किस में भिड़ंत है ये। तो उसमें मुझे अपना नाम देख के अच्छा लगा था। क्या लिखा था? शिवश नारायण द्विवेदी हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस वर्सेस।
01:28:33:25 इस तरह से मैं स्क्रीन पे चल रहा था। जैसे ही आया तो मैं तब तक इधर उधर क्योंकि मुझे बहुत ज्यादा सुनाई समझ में तो ध्यान भी नहीं बहुत सारे प्रकरण चल रहे होते हैं। समझ में भी नहीं आते क्या है क्या नहीं है। फिर अपना आया। फिर वहां पर जैसे ही उन्होंने जो जज थे उन्होंने देखा ऐसे किया हां पहले उनसे पूछा जो दीदी है हां मैडम बताइए मगर उनको मतलब याद नहीं था क्या प्रकरण है क्या नहीं है क्योंकि काफी दिन बाद आता है ना मगर जब उन्होंने उनसे पूछा हां मैडम क्या क्या हुआ बताइए तो फिर पूछने के बाद उन्होंने खुद नजर डाल ली कि पिछली तारीख पर क्या हुआ था पिछली डेट पर क्या हुआ जैसे ही डाली उन्होंने नजर तो बोलते हैं जो सरकारी वकील थे। सरकारी वकील के बारे में भी कुछ बताऊंगा मैं। हम जो सरकारी वकील थे उनसे पूछते हैं। हां भाई हां अब मतलब मैडम से जो पूछ रहे थे ना कि क्या हुआ? क्या क्या कहना है आपको? तो मैडम से नहीं पूछ रहे। आप डायरेक्ट उनसे उनको उनको मालूम है अब किससे पूछना है? हां भाई क्या हुआ? क्या कहना है? क्या किया है? क्या स्टैंड है आपका? ऐसे मेरे सामने की बात है। अब इसमें एक खास बात क्या है? अपने मामले में स्पेशल रूप से डबल एजी वहां पर आए थे। एडिशनल एडवोकेट जनरल ऐसे करके मतलब जो पूरे उत्तर प्रदेश
01:29:49:03 में जो गवर्नमेंट लॉयर होते हैं प्रशासन के लॉयर जो प्रशासन का पक्ष प्रस्तुत करते हैं तो उनमें भी जो हेड होंगे और काफी सुपीरियर अथॉरिटी में होंगे वो हमारे इस केस में वहां पर उपस्थित हुए और उन्होंने उपस्थित हो के ये नहीं कहा हम जांच कर रहे हैं। मतलब जांच मतलब अभी हम जांच कर रहे हैं किताबें अच्छी है या बुरी है ये सब कुछ नहीं है। अभी हम कारवाई नहीं कर पाए हैं। बड़ा मामला है। थोड़ा समय और चाहिए। इतनी तीन बातें गई और जो दीदी है वो भी सहमत हो गई। आप ठीक है। कारवाई कर रहे हैं तो कारवाई तो चाहिए हमें और क्या है? सही बात है। सहमत हो गई। डेट मिल गई उनको। उन्होंने एक हफ्ता मांगा था तो जो न्यायाधीश थे उन्होंने जो है 25 तक की डेट दे दी है। अब इस बार 2020 देखिए क्या होता है। थोड़ा-थोड़ा मुझे वैसा वास्तव वाला वास्तव मूवी थी ना वो संजय दत्त वाली लास्ट में वो होते हैं एनकाउंटर
01:30:50:24 कुछ वो स्मरण हो रहा है। पता नहीं क्यों। ठीक है। तो इन्होंने बहुत अपमान किया है हमारा हमारी भगवान का। मां के बारे में बहुत अपशब्द लिखे हैं इन लोगों ने। और और सबसे बड़ी बात यह है कि देखिए इनका प्रारंभ तो चोरी से ही हुआ है। ये सब चीजें इन्होंने चोरी से करना चालू की। उसके बाद चोरी पकड़ी ना जाने का इनको घमंड हो गया। कि चोरी हमारी अब पकड़ी नहीं जा सकती। अब हम आगे निकल आए। अब कोई नहीं पकड़ सकता। इनको घमंड हो गया चोरी ना पकड़े जाने का। मगर यदा यदा ही धर्मस गिर भवती भारत अभानम अधर्मस तदात्म सजाम्य
01:31:40:26 सही अति का भी अंत होता है ना घमंड ही तो सर्वनाश की जड़ है बस बस बस घमंड घमंड ही तो सर्वनाश की जड़ है और क्या है जहां घमंड जिसको हुआ समझो अब इसका एंड आ ये इसका इसका इसका इसका इसका स्क्रीनशॉट ले लो। ये धम ये सारी चीजें उसमें आ रही है। वो जो जो प्रेशर डालते हैं ना हम वो प्रेशर डालने वाले उसमें ऑफेंस में आ रही है सारी चीजें। अभी टाइम है सुलझा जाए। धमकी है। ये उसी गैंग का व्यक्ति है। रावल दास बोलते हैं। अच्छा अच्छा इसकी ईमेल आईडी वगैरह निकलवा लो। ईमेल आईडी वगैरह निकलवा लो। इसको डिटेल ले लो। इसकी जो भी इस तरह की धमकी वगैरह दे उसको ले लो।
01:32:31:27 बढ़िया है। हमारा ही केस मजबूत कर रहे हैं। और क्या करें? सही बात है। बाकी आपको YouTube पोस्ट पर एफआईआर की कॉपी अवेलेबल हो जाएगी। इंस्टा पे भी डाल देंगे। हम इंस्टा पे भी डाल देंगे। यह रावल दास वाला जो है ना यह उस गिरोह का ही व्यक्ति है डायरेक्टली तो ये कह रहा है जुड़ा हुआ है डायरेक्ट इस पर ध्यान देना ये कोई मुख्य व्यक्ति भी हो सकता है ये चुप के जो दूसरे नाम से बात कर रहा हो ठीक है इस पर ध्यान रखना भाई रावलदास [संगीत]
01:33:19:06 ठीक ठीक है फिर अच्छा लगा आप लोगों से बात करके आपको ये सारी जानकारी दे के मुझे आशा है कि आप लोगों को अच्छा लगा होगा और पंडित जी आपको तो विशेष रूप से लगा होगा राजेश जी आपको भी बहुत बहुत अच्छा बहुत अच्छा लगा वो क्या डायलॉग था अच्छा हमारे वो डायलॉग सब फेमस हो गए हैं मत पड़ो चक्कर में कोई नहीं है टक्कर में चक्कर में अच्छा खेला था अब अब आपको देख के ये लोग भी यही डायलॉग मारने लगे मैंने एक आध वीडियो में देखा ये लोग भी इन्होंने भी यही डायलॉग मारा है। सुन के आपने नकल की है नकल। हां हां
01:33:59:10 ये तो है शिवश भैया जी मुझे भी धमकी दिए हैं कमेंट के माध्यम से बोल रहे थे कि छत्तीसगढ़ में आपको 2 फीट भी जगह नहीं मिलेगी। अभी वेट एंड वॉच इनको कहिए वेट एंड वॉच। भाई यहां तक आया ना अभी सबसे पहले तो आप लोगों में से आप लोग जो भी उससे संपर्क में हो हेमंत दास के उससे पूछो उसने कहा था मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है उससे पूछो अभी उसकी क्या प्रतिक्रिया है आप में से कई का संपर्क है ना हेमंत दास वो अपना फिर वो कुछ बोले कि मैं झूठा हूं मैं मक्कार हूं वो ऐसे बोलता है ना ये सब बातें बोले रिपीट करे रिपीटेड पाखंडी है ना ये सब वो चेहरा लगाए मेरा चेहरा बिगाड़े उसको कहो क्योंकि वो वो अच्छा कार्य कर रहा है ना सच पे है ना वो करता रहे
01:34:51:06 देखते हैं कैसी वीडियो आती है उसकी अगली तो इसी के साथ फिर हम लोग इसको विराम देते हैं काफी यह कौन आया वैदिक पर्सन कैमरा ऑन नहीं कर पाएंगे [संगीत] अच्छा अच्छा तो ठीक है आने का सभी के लिए आभार ठीक है ठीक है जय हो जय हो जय हो आभार आपका और ठीक है हर हर महादेव महादेव हर हर महादेव ठीक है सभी को जय श्री राम और इस सूचना को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और जो नए रामपाली हैं जो इस तरह के चैनल बना करके अपना काम करना चाहते हैं। वह बचे और जो कर रहे थे यदि उनको लगता है कि वो सही कर रहे थे और जो नए चालू कर रहे हैं उनको लगता है कि वो सही कर रहे हैं वो और करें और करें ठीक है। इसी के साथ वैदिक पर्सन जी आना चाहते हैं इनको लिया जाए क्या? कैमरा ऑन नहीं कर पाएंगे। बोल रहे हैं।
01:36:06:12 ठीक है। ले लीजिए। के चर्चा होगी तो हर महादेव हर हर महादेव जय श्री राम जय श्री राम भैया मैं किसी हूं तो सनातनी पर मेरा कोई संप्रदाय नहीं है किसी भी संप्रदाय से नहीं हूं मेरे कुछ प्रश्न है तो अगर आपके पास दो मिनट है तो मैं क्या प्रश्न के लिए नहीं है ना अभी प्रश्न के लिए नहीं है जो विषय चल रहा था उस पर ही कोई विचार विमर्श कोई भाव व्यक्त करना है उसके लिए जी मैं तो आप प्रश्न के जी हमने कहा है आपको जी कि यदि आप जिज्ञासु हैं और आपके मन में सकारात्मक भाव है कुछ जानने का तो आप हमारे दिए गए नंबर पर जब WhatsApp करेंगे तो आपको आह्वान कोर्स का फॉर्म मिलेगा लिंक उसका उसको आप भर दीजिए। आप हमारी क्लासेस में आएंगे। वहां पर आप अपने प्रश्न पूछ सकते हैं। बिना चेहरा दिखाए। वहां पे बाउंडेशन नहीं होती है। ठीक है? नहीं वो चेहरा दिखाने में कुछ प्रॉब्लम है भैया इसलिए। नहीं नहीं मैं मैं वो नहीं कह रहा हूं। आप वहां आकर के बिना अपनी आइडेंटिटी को बिना प्रकट किए वहां पर प्रश्न रख सकते हैं। आपके उत्तर मिलेंगे। परंतु यदि आपके अंदर कोई द्वेष भावना है। यदि आप जिज्ञासु नहीं है। आपने अपना मत
01:37:21:18 पहले से कुछ बना रखा है और उस बने हुए मत के संरक्षण के लिए आप जो है वाद विवाद इत्यादि हेतु चर्चा करने के लिए आना चाहते हैं तो वहां कोर्स में आपको नहीं लिया जाएगा। ये समझ नहीं कोई मेरा कोई कोई संप्रदाय कोई मत नहीं है। मुझे माफ़ कीजिए अगर मैं आपको अपनी मैं आपको जो चीजें हैं वो बता रहा हूं। आपका नहीं है तो अच्छी बात है। आप वहां जिज्ञासु की तरीके से आइए सकारात्मक बुद्धि ले बुद्धि लेकर के परंतु यदि हमें ये फील होता है कि ये व्यक्ति जो है विकृत करने आया वातावरण को तो हम फिर उससे बिना पहचान लिए और वहां क्लास में बात ना करके हम फिर उससे यहां बात करते हैं YouTube लाइव। ठीक है? ठीक है भैया फिर मेरा तो ऐसा तो मेरा कोई प्रश्न नहीं था क्योंकि वो आप जवाब अभी फिलहाल आपने कहा कि टॉपिक से रिलेटेड है तो मैं अभी क्षमा चाहूंगा मुझे माफ करें अगर मैंने गलत ज्वाइन किया तो हर हर महादेव नमस्कार नमस्कार नमस्कार
01:38:18:28 आप आप जो है अगर आपको कुछ जानना है तो आप वहां क्लासेस में आइए वहां पर प्रश्न कर सकते हैं या फिर हम कभी इसमें प्रश्नोत्तरी रखेंगे तो आप कर सकते हैं ठीक है हां एक बार रख लेते हैं मतलब है ना सही बात है कि सर में क्या होता है ना प्रश्न करने के लिए प्रश्न करने के नाम पे लोग डिबेट करने आते हैं। ठीक है? अब डिबेट करनी है तो डिबेट में क्या है हमारा प्रोटोकॉल कि भाई आप सामने से आइए अपने आइडेंटिटी के साथ में आइए। यही है ना? अब व्यक्ति प्रश्न करने के नाम पर अपने आप को बचाते हुए वह अपना डिबेट वाली चीज करने लगता है तो वह फिर हमारा निर्णय होगा कि डिबेट है या प्रश्नोत्तरी है वो समझ में आ जाता है उस समय जैसे क्लासेस में भी तो प्रश्नोध तो होता ही है इतना हम क्लासेस में होता है वहां आ जाइए आप वहां पे वहां पे क्या बोलते हैं आपके सारे बहुत लोग क्वेश्चन पूछते हैं वहां पर ठीक है वहां कोई बाउंडेशन ही नहीं है कि कैमरा ठीक है सभी को जय श्री राम और कल हमारा अगला वीडियो आने वाला है जिसमें वह चैट जीपीटी जेमिनी एआई के साथ हमारी अगली वार्ता है कि मानव धर्म उसने कहा था ना कि मैं मानव धर्म को मानूंगा तो हमने उसप मानव धर्म में उसको जो है पसीने छुवाए हैं तो वो आपके लिए रोचक होगी आप लोग सभी
01:39:34:00 देखें कल उसको जो उस चर्चा को 11:00 बजे के आसपास रिलीज कर दी जाएगी उसको अवश्य देखें बहुत ही ज्ञान मतलब जानने लायक चीजें हैं किस तरह से बात और देखिए चैट जीपीडी या एआई जैेमिनी जो है उसको उसको यहां वहां का सारा संकलन होता है। उसके बाद वो मानव धर्म पर हमारी कैसी चीजें हुई चीता कसी तो बहुत रोचक भी रहेगा। प्रबुद्ध जनों के लिए बहुत अच्छा वीडियो होता है वो। कल देखिएगा। अगला पार्ट है वो। पहला पार्ट जिसने ना देखा हो जिसमें उसने बौद्ध का पक्ष रखा था वो पहला पार्ट देख ले। नहीं तो फिर वो आगे का पार्ट समझ में कम आएगा। उसमें उसमें यह था ना कि पहले उसने बौद्ध को बोला। फिर बाद में तर्क से हार गया तो उसने बोला कि नहीं नहीं अब मैं मानव धर्म मानूंगा। नहीं। उसने पहले मानव धर्म को बोला था। जब वो हार गया तब वो बौद्ध बौद्ध पे लाया उसे। अब बौद्ध क्यों? अच्छा हां अच्छा तो आपने बौद्ध वाला पहले शेयर कर दिया ना। हां वो प्रक्वल के रूप में आएगा जो वो है। अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा ठीक है। ठीक है। बढ़िया बढ़िया। प्रक्वल नहीं है। प्रक्वल है ना? ठीक है। जय श्री राम। हर हर महादेव। जय श्री राम। हर महादेव। [संगीत]
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