⬜ Not used yet · 00:00:01:05 – 00:29:36:21 (29:36)
00:00:01:05 [संगीत] सभी को जय श्री राम आशा करते हैं सभी कुशल पूर्वक होंगे अ आज जो विषय रखा है चर्चा का वो पूरा एक समरा इज करेंगे कि अभी तक क्या-क्या हुआ है और फिर उसमें और आगे हम क्या-क्या कर सकते हैं आप लोगों का क्या-क्या योगदान हो सकता है तो उस बारे में हम समरा करेंगे यह जो अभी जो लखनऊ महोत्सव में जो भी घटनाक्रम आपको देखने को मिला सबसे पहले जिन लोगों को नहीं पता है जय श्री राम जय श्री राम छोटी बहना प्यारी बहना सभी को जय श्री राम सबसे पहले जिन लोगों को नहीं पता है कि पिछले वर्ष हम लोग यहां पर लखनऊ महोत्सव लगता है वहां पर हमें यह पता चला कि रामपाल के द्वारा रचित तथाकथित धर्म के नाम पर
00:01:16:18 बेची जा रही है सनातन विरोध करने वाली पुस्तकें तो इस पर जैसे ही हमें पता चला तो हम सर्वप्रथम स्वयं गए वहां पर वहां जाकर के हमने जो शास्त्रों से शास्त्र का संदर्भ लेते हुए जो भी प्रतिकार कर सकते थे वह किया और उसके बाद जब प्रयास कर रहे थे सर्वप्रथम प्रयास कर रहे थे तो हमारा कैमरा बंद कराया गया उसके बाद हम दोबारा थोड़ा सा संख्या बल के साथ वहां पहुंचे और फिर प्रतिकार किया तब वो जो मामला आपने साल भर पहले देखा होगा व आपके सामने आया आ पाया इसके बाद इस साल भी पिछले वर्ष की भाति उसी तरह का स्टॉल लगा था तो इस बार यहां के जो क्षेत्रीय कार्यकर्ता हैं जो हिंदुत्व के लिए कार्य करते हैं उन्होंने तत्काल प्रभाव से संज्ञान लेते हुए मामले का और वहां पहुंचे और उपयुक्त प्रतिकार किया जिसके फल स्वरूप वहां का जो मेला प्रबंधन है वह भी सक्रिय हो गया और उन्होंने आकर के खुद खुद जांच की उन शब्दों की जो हमारे धर्म की गरिमा को भंग
00:02:31:20 करने के लिए उसम मात्र लिखे गए हैं उस पर भी हम लोग थोड़ी बहुत चर्चा करेंगे और फिर उन्होंने वहां से तत्काल वो स्टॉल हटवा दिया अब वहां पर वो स्टॉल नहीं है वहां पर दूसरी अन्य कोई दुकान लग चुकी है उसी जगह सेम जगह पर तो यह सर्वप्रथम एक ऐसा नहीं है कि केवल उसी दिन की एक कारवाई थी य पिछले पूरे एक वर्ष से जो हम अपना कार्य कर रहे थे लगा लगातार उसका परिणाम था कि इतने सारे लोग हमारे साथ हो गए जब हम वहां पर गए और वहां उन्होंने प्रतिकार किया तो आप लोग भी ऐसा नहीं है कि आप हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे आप भी अपने यहां पर एक मंदिर को अपने क्षेत्र का दुर्ग बनाते हुए वहां शिक्षा रक्षा सेवा का प्रकल्प चलाते हुए ना हो तो केवल वहा भगवत भजन करते हुए लोगों को संगठित करिए जिससे कि ऐसी स्थिति में आप सब हिंदू एक साथ खड़े हो सके जब हिंदू धर्म के जो मुख्य घटक है उन पर प्रहार हो तब आप हिंदू जो है एक साथ दिखाई दे सके अब इसमें एक आपने वीडियो भी देखा
00:03:46:22 होगा जो हमने डाला था आज जो वकील के नाम से हमें फोन आ रहा है वो वकील है भी कि नहीं है व वही जाने तो उनका बड़ा लंबे समय तक हमारी वार्ता सुनी होगी सबसे पहली बात तो है कि व उस व्यक्ति को स्वयं का ही आत्म सम्मान नहीं है हमने इतना प्रत्यक्ष प्रत्यक्ष उनका जो है तिरस्कार किया सीधे-सीधे फोन पर मगर वह फिर भी फोन पर बड़े ही चापलूस की तरह चापलूस ही कहना पड़ेगा जब आप कह रहे हो पहले तो हमने आपसे पूछा नहीं कि आओ आओ भाई साहब आओ आओ चाय पियो ये वो मान ना मान गले पड़ रहे हो मान ना मान मैं तेरा मेहमान चाय नहीं पिलाएंगे क्या हम तो हमने जब यह बोल दिया कि दुर्गा का अपमान करने वालों के लिए कोई चाय नहीं है तब भी चापलूसी कर रहे हैं अरे आप बहुत बढ़िया व्यक्ति हैं यह है वह है फिर लास्ट तक आते आते तमाम सारे रास्ते में झूठ भी बोले उन्होंने जैसे एक झूठ यही था कि हाई कोर्ट से क्लीन चेट मिली है अरे कौन सा हाई कोर्ट से क्लीन चेट मिला भाई जब मांगा गया तो कोई आधार ही नहीं है उसका कोट से आपको यह दुर्गा का अपमान
00:05:01:24 सीता का अपमान करने की क्लीनचिट मिली हुई है जब मांगा बड़ी-बड़ी बातें तो कर लेते हैं ये लोग मगर जब मांगा जाता है चीजें कि लाइए कहां है तो बस हाथ खड़े हो गए तो यह जो प्रतिकार है यह ऐसा नहीं है कि आप लोग नहीं कर सकते हैं और हमने जो ये वीडियो बनाकर डाला है उसका उद्देश्य ये नहीं है कि जो है हमारी तारीफ हो हमारी बवाई हो यह सब नहीं है इस वीडियो को डालने का उद्देश्य यही है कि आप लोग भी अपने क्षेत्र में शांत ना रहे यथोचित प्रतिकार आवश्यक है आपके हिंदू धर्म से जुड़े हुए जो भी ग्रंथ है आचार्य गण है भगवत स्वरूप हैं
00:05:54:20 उनको उनको जब उनकी गरमा भंग करने का कोई प्रयास करे तो आप भी ऐसा कर सकते हैं अपने क्षेत्र में इसमें हमने ऐसा तो नहीं किया कोई लाठी बाला लेकर के कुछ किया हो मगर वहां पर एक अच्छे से वहां पर प्रतिकार बस किया और उसका य परिणाम है कि आज वहां पर वह किताबें नहीं बेची जा रही जिसमें आपकी मां का अपमान हो रहा है है ना यथोचित कारवाया हुई और यह जो लोग कहते हैं ना यह लोग के यह असल में वो जो अधिवक्ता का जो हमें कॉल आया था वो कॉल आया था वो भबकी में लेने के लिए मतलब एक भय का माहौल भय का वातावरण बना दें और इसको जो है दरा दे शुरुआत तो उनकी ऐसी ही थी मगर धीरे-धीरे उनको यह पता चला कि भाई ये तो उ शायद ठीक से परिचित नहीं थे उन्होंने यूं ही कह दिया था कि हम आपको अच्छे से जानते हैं जब उनका पहली बार फोन आया था तो जब उनको पहली बार जब उनका फोन आया तो यह मुझे कमेंट हंसी दिला रहा है वो तो अब कभी किसी से चाय नहीं मांगेगा ऐ चाय
00:07:11:15 पिलाई जब पहली बार फोन आया था तो बोले के आप यहां रहते हैं हम आपको अच्छे से जानते हैं मैंने कहा जानते हैं अब ज यहां से बात शुरू हुई जब अच्छा मैं तो यह चाहता ही हूं कि भाई किसी से आमने सामने बैठ कर के चर्चा हो वस् तरीके से तो मैंने उनसे कहा मैंने उनसे कहा लिंक दे दीजिए कोई आना चाहे तो आ सकता है बात करने तो मैंने उनसे कहा कि भाई वो आप ऐसा करो ज्ञान चर्चा कर लो और आप लोग ज्ञान चर्चा ज्ञान चर्चा के लिए रहते हो ज्ञान चर्चा कर लो भाई और अपना मत सिद्ध कर लो तो बस यहां से उनका जो है मामला डिफर हो गया
00:08:02:10 तो ज्ञान चर्चा के लिए बातचीत शुरू हुई उसमें फिर तरह-तरह के मोड़ तरह तरह की बातें तरह तरह के झूठ फिर ज्ञान चर्चा से भागने का भी अनेका अनेक प्रकार क्या क्या प्रकार कि कहीं तुम फलाने से जुड़े हुए तो नहीं हो कहीं तुम ऐसे तो नहीं हो कहीं वैसे तो नहीं हो चाय नहीं पिलाओगे इधर से गुजर रहे थे अरे भाई हमारे मेहमान हो क्या हमारी मां का तुम अपमान करो हम तुम्हें चाय पिलाए वैसे पहली बात तो यह है कि चाय हम पीते नहीं है तामसिक पदार्थ होता है है ना ब्रेन को
00:08:44:04 स्टिमुलेटिंग में लेना हो तो बात अलग है मगर यह जो रेगुलर लाइफ है जो उसमें चाय नहीं यूज करते हैं तो ये लोग जो कहते हैं गुटका खाने वाले थे उस समय साथ में उस समय वो हर हिंदू था जो दुर्गा को अपनी मां मान जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति वही धर्म रक्षा करने जाएगा जो बिल्कुल पहुंचा हुआ भक्त बन चुका होगा एक बार गुरुदेव से जगतगुरु शंकराचार्य जी से उनके किसी शिष्य ने पूछा था कि यह क्या धर्म रक्षा करेंगे तो त्रिकाल संध्या भी नहीं करते हैं ब्राह्मण होकर के यह कैसे धर्म रक्षा करेंगे किसी के बारे में बोल रहे थे तो वहां क्या कहा था गुरुदेव ने जब बाबरी मस्जिद तोड़ी गई थी तो वहां पर त्रिकाल संध्या करने वाले नहीं थे छनी तोड़ी लेकर के तो हर हिंदू के अंदर वह खून है और भले ही आज उसके अंदर आचरण ना हो मगर व अपने धर्म की रक्षा करने के लिए लयत है ऐसे हिंदू पहुंचते हैं धर्म की रक्षा करने के ऐसा नहीं आवश्यक है कि बिल्कुल अंतिम चरण में जो पहुंच चुका हो आचरण से व्यवहार से हर तरह से वो कुशल हो चुका हो
00:09:59:19 सारी उसकी जो राजसिक तामसिक जो उसके अंदर जो कमियां है वह सब उससे दूर हो चुकी हो मगर ऐसा नहीं है कि उस स्थिति में जब वह कमियां दूर नहीं हुई उन स्थितियों में अपने धर्म के लिए आवाज नहीं उठा सकता तो पहली बात तो यह है कि इनके आगे संभवत ऐसे ही लोग हैं जो यह चाय मांगा करते हैं है ना तो चाय में भी वही पदार्थ होते हैं जो चाय भी वैसी ही है
00:10:35:21 स्टिमुलेटिंग रहा है हा मना कर रहा है कोई चाय बाय नहीं है तुम्हारे लिए और फिर भी तुम चापलूसी कर रहे हो क्यों कर रहे हो क्योंकि कहीं ना कहीं वो जो तुम्हारा पक्ष है वो वाला जिस विषय पर बात हो रही वो कमजोर है तो आप उससे किसी तरीके से भटका चाहते हो सामने वाले और पूरा वह जो आपने जो एक घंटे की बातचीत सुनी है ना उस पूरी बातचीत में वो व्यक्ति बस यही वो बातचीत एक बार की तो है नहीं कई कॉल्स है अलग-अलग अलग अलग अलग अलग तो उस पूरी बातचीत में वो केवल यह प्रयास करता रहा कि ज्ञान चर्चा से मामला हट जाए और दूसरी बातों पर आ जाए
00:11:35:02 शिवांश जी का जला छाछ भी फूक फूक के पीता है हा जो भी है तो अंत में भाई जब मैं उसके फोन से उस व्यक्ति के फोन से मैं जब तंग आ गया मैंने अंत में उससे यह पूछा कि भाई कब आ रहे हो मुझे यह बताओ तुमने जो जो चीजें मांगी अच्छा बीच में मुझसे बोलता है वहां की फोटो भेजो अच्छा पहले बोलता है मैं लॉयर हूं फिर बोलता है मुझे ग वो जो लाइव लोकेशन है करंट लोकेशन है यह देखना नहीं आता है तो यह सब शिष्य है और एक बात पर और गौर किया होगा आपने उसने ये भी अपने एडमिट किया कि रामपाल के जो फॉलोअर्स है उसमें 80 प्र 80 प्र जो है वो पिछड़े हुए हैं पिछड़े हुए मतलब अनपढ गवार जिनकी बुद्धि नहीं होती है या वह पढ़े लिखे नहीं होते हैं और आपने भी देखा होगा चर्चा में किस तरह के लोग आते हैं यहां पर रामपाल के पक्ष को प्रस्तुत
00:12:40:18 करना तो वो फिर जो है अंत तक आते आते व बोले कि भाई अंत की बात मुझे बड़ी हंसी दिलाई तो मैंने कहा इससे आप लोगों को जरूर आवश्यक रूप से आपके सामने ने इसको प्रस्तुत करना चाहिए तो अंत वाली वही बात थी कि जब बिल्कुल टू द पॉइंट बात आ गई कि हां भाई कब आ रहे हो चर्चा कर रहे तो व्यक्ति बोलता है कि वहां बैठने का क्या इंतजाम है तो यह तो अगर मान लिया जाए कि वह एक सच्चा गुरु भक्त है तो उसको कहीं पर चर्चा करने के लिए जाना है तो वह यह देखेगा कि वहां पर बैठने का क्या इंतजाम है यही गुरु भक्ति है तुम्हारी
00:13:30:10 सोचने वाली बात है अगर ऐसे भक्त तैयार किए जा रहे हैं तो ऐसे भक्तों से तो अ भक्त सही जो अपने गुरु के पक्ष को रक्षा करने के लिए गुरु के पक्ष की रक्षा करने के लिए व यह सोचे कि वहां बैठने का क्या इंतजाम रोहित को कुमार जी को मैंने लिंक दिया है अगर वोह आ चुके हैं तो आ सकते हैं आप अपना फेस दिखाए रोहित जी यह शायद रामपाल की तरफ से
00:14:10:09 [संगीत] हैं तो अंत तक आते आते वो बोलता है कि वहां बैठने का क्या इंतजाम है भाई सोफा चाहिए क्या तुम्हें रिक लाइनर लगवा द रिलाइन लगवा दें या फिर बर्थ लगवा दें बहुत बढ़िया सी एसी एयर कंडीशन तब आओगे क्या अपने धर्म की रक्षा करने तो यह सब तो उनके कारण थे चर्चा से भागने के क्या क्या उपाय व सोच सकते थे और लास्ट में जब हम इस पर भड़के तो व बोल रहे हैं कि लवर लवर कर रहे हो अब मैंने लवर लवर की बात से मुझे अच्छा ध्यान आ गया
00:14:54:26 कि हां 70 प्र नहीं उसने बोला तो 80 प्र 90 प्र बोला था 80 90 तक बोला था मगर बाद में फिर यह कर दिया कि अगड़ा वर्ग जो है उसमें 30 प्र है इस तरह से उसने बात को थोड़ा सा ट्विस्ट कर दिया तो अंत तक आते आते भाई क्या हुआ कि वह यह पूछने लगा अरे भाई तुम वकील हो 35 साल से तुम वकालत कर रहे हो और 58 वर्ष की उ उम्र है तुम्हारी आयु है और तुम ज्ञान चर्चा करने के लिए पूछ रहे हो कि वहां बैठने का क्या इंतजाम है अरे हमें जब अपने पक्ष की रक्षा करनी थी तो क्या हम यह देख रहे थे कि व मेले में महोत्सव में हमको कुर्सी मिलेगी कि नहीं बैठने के लिए हा तुम्हारी तुम्हारे अकॉर्डिंग ली हमने तुम्हारी आस्था पर हमला किया है तो तुम व कुर्सी देखोगे क्या बैठने का क्या इंतजाम है तो फिर जब हमने यह कहा
00:15:59:19 जब हमने यह कहा कि तुम रहने दो फोन मत करना तो बोले लबर लबर कर रहे तो हमने उसको याद दिलाया कि लबर लबर कौन कर रहा है क्या आपके घर के पास खड़े हैं चाय नहीं पिलाओगे क्या उसके बाद जब झाड़ दिया जब सीधे सीधे कह दिया कि कोई चाय बाय नहीं है तुम जैसे लोगों के लिए तो भी वह कह रहा है आप इतने बढ़िया व्यक्ति हो ना बताओ इनका क्या किया जाएगा ऐसे लोगों को लतखोर कहते हैं लतखोर जिनको आदत है अपनी इस तरह से तिरस्कार करवाने
00:16:39:14 की सनातन ब्रह्मचारी जी इस तरह के जो प्रश्न है आप हमारे टेलीग्राम पर पूछा करें जो आप पूछ रहे हैं यह सब चर्चाओं के लिए मंच नहीं है ठीक है आप वहां पूछे बता दिया जाएगा अगर वहां पर कोई उपयुक्त आपके पास कारण होगा और वहां पर जगह होगी तो आपको ले लिया जाएगा रोहित जी आ रहे थे मगर वो आ नहीं रहे हैं रोहित करके आए थे जो पेस लेकर नहीं आए हैं शुभम नाम से भी आए हैं मगर फेस लेकर नहीं आए हैं फेस दिखाएं शुभम जी जी मयंक जी जय श्री राम जय श्री राम भैया आज देखा मैं आप जी की वीडियो मजा आया बहुत अच्छा नहीं केवल इससे काम चगा आप अपने क्षेत्र में भी ऐसा ही संगठन तैयार करें जिससे कि इस तरह की गतिविधियों को रोके वहा नहीं हमारे यहां पे है ना जो कुछ थे रामपाल के बहुत से लोगों ने छोड़ दिए अच्छा वो खुद ही छोड़ दिया हां व वो खुद ही छोड़ दिए
00:17:55:18 वो ऐसा क्योंकि उनको पता है ना कुछ तो पढ़े लिखे भी हैं हम अब आप मेरे को तो ये रामपाल वाल के है ना सभी की बुद्धि एक जैसी लगती है ये हर बात कोई एक चीज को पकड़ के बैठ जाते हैं हर चीज पर जिद्द करने लग जाते हैं समझने की कोई चीज को प्रयास नहीं करते कि हां यह चीज ऐसे भी है नहीं उन्होंने तो जो गुरु ने कह दिया उसी चीज को मान लेते हैं तो गुरु क दिया खु खुद की बुद्धि में तो काम में लो ना खुद की बुद्धि में थोड़ी बहुत काम में लो ये जीने की राह का एक पृष्ठ है वह जरा दिखा दीजिए जीने की राह
00:18:50:07 यह दसवा पृष्ठ है जीने की राह का जी जी म जी अंश जी शुभम जी आप अपना चेहरा दिखाए फिर हम आपको जोड़े ऊ परर जय अंबे जय श्री राम भैया जी मयंक जी आपको भी जय श्री राम ज जय श्री राम भैया आज तो लगता नहीं है कोई रामपाल वाले डिबेट के के लिए चर्चा के लिए कोई आएगा आज तो आज तो वैसे ही वो वीडियो देखने के बाद वो डिप्रेशन में होंगे वो चाय पी रहे होंगे चाय पी के सोएंगे वो मुझे तो वो नहीं समझ आया वो कह रहे हैं बिना तिलक की फोटो भेजो आधार कार्ड भी दो व्यवस्था क्या रहेगी चाय क्या है यही सब तो उनके कारण थे वो तो मुद्दे से भागने के लिए बातें कर रहे हैं ना वो यदि उनको वाकई में बहस करनी होती है ना तो जैसे शिवांश भैया ने कहा फोटो भेज दो नाम भेज दो जगह बता देते
00:20:05:12 अब वो जैसे शिवास बन क दे मैं लोकेशन भेज दूंगा तो क्या बोल रहे कि उसकी फोटो भेजो फोटो भेजने की क्या जरूरत है नहीं वकील हो तुम लयर हो पढ़े लिखे हो यह तो तुम्हारी ट उसकी लोकेशन भेजी जाएगी आप चले जाना वहा पर फिर देख लेना किसको क्या देखना है पापी जो है परमात्मा के लोक में जाता है यह कंप्यूटर स्क्रीन के हिसाब से यह दवे नंबर का पेज
00:20:42:00 है इसलिए पूर्ण गुरु से दीक्षा लेकर ऊपर ऊपर चलिए जरा बस बस बस बस पढ़ दे दीजिए यही से प नीचे कर नीचे करिए नीचे करिए हां और नीचे एक मिनट एक मिनट बस बस रुकिए ये पढ़ना है पतिव्रता के भक्ति पद को आप साफ करें करतार और नीचे चलिए और
00:21:19:27 नीचे हां और नीचे इसमें यह जो कबीर की वाड़ी लिखी हुई है ना वो देखना है मुझे ये कौन सा है 10 नंबर है ना एक मिनट धीरे करिए धीरे ऊपर जाइए थोड़ा सा कुछ निकल गया हम ठीक है आठ नंबर पेज की तरफ जाइए ये आठ है ठीक है इसको इसको बाद में देख
00:22:01:27 लेंगे जी बृजेश कुशवा जी ब जय श्री राम जय श्री राम भाई जी बताइए मैं निवाड़ी जिला सा हूं और मेरे पड़ोस में बहुत सारे राम पाली है और मैं बहुत परेशान हूं उनसे आप कैसे बच गए अरे मैं क्या बताऊं आपको मेरे पड़ोस में एक अध्यापक जी हैं और वे मेरे सामने है ठीक है तो उन्होंने मुझको परेशान किया फिर आपका मैं वीडियो देखता रहा देखता रहा इसके बाद मैंने उनको बताया कि भाई ठीक है आप बोलते हैं कि ऐसा है ऐसा है एक एक ही प्रकार के मैसेजेस करने वालों को बैन कर दीजिए एक बार जो कर दे वो ठीक है मगर बारबार एक ही एक ही मैसेज करे तो उसको बैन कर दीजिए अब दोबारा एक ही मैसेज को रिपीट करेंगे तो उसको बैन कर दीजिएगा जैसे ट्रुथ फुल नॉलेज है या जो भी है जो
00:23:17:02 एक ही एक ही वो क्या करते हैं एक मैसेज लिख लेते हैं उसको बारबार पेस्ट करके उसको मैसेज करते रहते ये जो भी करे उसको बैन करें है ना एक बार अभी मैंने बोला है एक बार अनबैंड कर दीजिए उसके बाद दोबारा वो ऐसे कॉपी पेस्ट करते रहे तो बैन कर दीजिएगा जी प्रजेश तो मैंने उनसे पूछा कि ठीक है आप लोग ऐसे जैसे बताते हो कि ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा नहीं करनी चाहिए तो ठीक है मैंने मैंने पूछा कि क्यों नहीं करनी चाहिए अच्छा जी तो तो उन्होंने मुझे बताया कि जो है वो लोग ऐसे हैं वैसे हैं उ की ठीक है आप लोग बताओ कि उनकी की पूजा क्यों नहीं करनी चाहिए फिर तमाम प्रकार की बातें हुई उनके हिसाब से तो मुझे ठीक नहीं लगा फिर मैं जो है एक एप्स मिला मुझे प्ले स्टोर पर तो जो है गीता गीता नाम से तो मैंने उसे पढ़ा हमने उनसे सवाल किया तो जो है फिर उन्होंने एक यह समझ लीजिए कि मेरे सामने वो बैठते नहीं है हम अगर उनसे सवाल करते तो बताते नहीं है अच्छा तो जो है दो जो है दो परिवार है वे लोग तो अब तो बैठते नहीं
00:24:35:01 है जी सामने नहीं आते वे लोग जी तो इसलिए आप बच गए ये समझ लीजिए कि प् प्ले स्टोर में जो हमें एप्स मिला गीता नाम से हमने जो गीता पूरी पढ़ी है मैंने मोबाइल से पढ़ी है हमारे जो है किताब तो हमारे पास है नहीं [संगीत] किताब नहीं हमारे पास मोबाइल से पढ़ी है हमने तो उनसे हमने सवाल किया तो वो लोग ये समझ लीजिए वो लोग बताने बताना तो ठीक है हमने उनसे पूछा जो हैय आपने आप शब्द जो है उनके जो गीता में लिखा हुआ है कि जो है उने जो है कालने उनके साथ देवी जी के साथ ऐसा किया था वैसा किया था तो हमने उनसे सवाल किया तो ये समझ लीजिए कि जो है वो लोग पास में नहीं आते हमारे नहीं एक चीज आपने अच्छी ध्यान दिलाई है कि जैसे आपको उसमें लिखी हुई बातों को समझ में नहीं आ रहा है जैसे वो जो उमा जो सती माता है उनकी जो स्टोरी है कि सती माता जो है वो राम जी की परीक्षा लेने गई थी
00:25:50:03 राम में भी है य वाला सती माता की परीक्षा लेने गई थी उसके बाद वो वापस आई तो वो बता नहीं रही थी कि उन्होंने किस प्रकार से परीक्षा ली है है ना क् परीक्षा किस प्रकार से ली क्योंकि उनकी वो जो वो थी परीक्षा फेल कर दी थी असफल हो गई थी व उसमें वो सिद्ध करने गई थी यह कैसा है जो रो रहा है तो हालाकि यह सब लीलाए होती है भगवान की मगर जब वापस गई तो शिव जी ने ध्यान अपना जो उनका जो ध्यान करके देख लिया कि उन्होंने कैसे परीक्षा ली है तो यहां पर आपको कब जब आप इसको पढ़ेंगे राम य रामचरित मानस तो आपको इसमें कहीं भी गंदगी का भाव नहीं आएगा साफ सुथरा मिलेगा मगर ज इसी कहानी को आप इसी दृश्य को आप जब रामपाल के शब्दों में पढ़ेंगे तो आपको गंदगी दिखने लगेगी बकल सत्य बात है की पहली बात तो तू तड़ाक आ जाएगा हा बिल्कुल सही बात है है ना पहली बात तो तू तड़ाक आ जाएगा वो गई और फिर वो वो गई थी और अच्छा वहां पर रामचरित मानस में दिया गया उन्होंने आज्ञा दी थी कि परीक्षा ले लो कैसे ले लो इस बारे में बात ही नहीं हुई
00:27:05:08 परीक्षा कैसे लेनी है इस बारे में बात नहीं मगर परीक्षा लेने की आज्ञा शिवजी ने दी थी मगर यहां रामपाल झूठे ने झूठ लिख दिया यहां रामपाल ने लिख दिया कि भाई यहां रामपाल ने लिख दिया कि भाई वो बिना बताए चली गई छिप कर गई शिवजी से तो ये अपने मन से मिलाया अरे भाई तुमको अगर उस बात का कोई संदर्भ लेना भी है तो अपने मन से उसमें जोड़ क्यों रहे हो गंदे गंदे शब्द अगर मान लो तुमको ऐसा लग रहा है कि पुराणों में तुमको लग रहा है हमको नहीं लग रहा है क्योंकि हम परंपरा प्राप्त आचार्य से अध्ययन कर रहे हैं उनका क्योंकि वो पुराण ही कह रहे हैं कि हमारा अध्ययन आप परंपरा प्राप्त आचार्यों से करो पुराण स्वयं कह रहे हैं हमें स्वयं ना पढ़ो परंपरा प्राप्त आचार्यों के सानिध्य में हमारा अध्ययन करो तो जब तुमको उनकी पूरी बात नहीं भी माननी है मगर तुमने अध्ययन नहीं किया मगर फिर भी तुमको उसमें कुछ गलत लिख रहा है उस गलत को एज इट इज लिखो ना उसमें मिलावट क्यों कर रहे हो वो छिप के गई थी और फिर क्या कहते हैं वो तू मेरी अब किसी काम की नहीं है और फिर वहां वो वो जा रही है राम श्री राम के पास तो वो अपने मन में सोच रही है कि ये मुझे संतोष करेगा करेगा प्यार कर प्यार करेगा ये
00:28:20:09 सब शब्द कहां है उसमें सही बात है तो यह सब इनका क्या होता है कि थोड़े से अपने महीन जहर उसमें डाल देना महीन जहर जिससे कि हिंदू का अपने ही देवी देवताओं के लिए अपने ही भगवान के स्वरूप के लिए माता के लिए घृणा पैदा हो और वो हो चुकी है ये लोग नाटक तो करते हैं कि हम लोग प्राथमिक तौर पर ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति सिखाते हैं हम तो भगवान कहते हैं नाटक तो करते हैं मगर आप कमेंट में ही देख लो अभी जो कमेंट करने वाले होंगे रामपाल के फॉलोअर्स वो आपको प्रूफ करने में लगे रहेंगे कि ब्रह्मा विष्णु महेश कितने खराब है अरे भाई कितने खराब तो भगवान किस मुंह से कह रहे हो तुम झूठे सही बात है लेपन की पराकाष्ठा देखिए वो आपको लगातार आपको यह समझाते रहेंगे कि यह लोग कितने बेकार हैं फिर भी हम तो भगवान कहते हैं हम तो सबसे पहले उन्हीं की भक्ति कराते हैं वाह भगवान का जो लक्षण बताया गया है विष्णु पुराण में कि भगवान किसके लिए लिखा जाएगा उस लक्षण में से एक भी लक्षण लागू नहीं हो रहा है ना ब्रह्मा विष्णु महेश पर ना माता पर ना काल पर मगर हम तो उसे भगवान कहते हैं ना ना श्री कृष्ण पर मगर हम तो उसे भगवान कहते हैं वही वाली
00:29:35:09 बात कि सर्व
✅ This part is already used · 00:29:36:21 – 00:29:48:20 (0:12)
→ Used in: A · Live तर्क-तर्क चिल्लाने वाले मुँह छिपाने को विवश at 1:31:40 ↗
→ Used in: A · Video प्रमाणिक आचार्य की अवमानना स्वीकार नहीं at 7:46 ↗
00:29:36:21 वही वाली बात नेता जी से पूछा गया कि बाढ का पानी खतरे के निशान तक आ गया है तो क्या करें तो नेता जी ने कहा कि खतरे का निशान दो इंच और ऊपर
⬜ Not used yet · 00:29:48:20 – 01:11:35:10 (41:47)
00:29:48:20 कर दो वही वाली बात है कि भगवान की परिभाषा ही बदल दी अरे भाई भगवान का अर्थ ही है ऐश्वर्य और उसम पाच छ प्रकार पूरे दिए गए विष्णु भगवान में वि विष्णु पुराण में जिसके पास श्री हो जिसके पास ऐश्वर्य हो बल हो है ना ये इतने सारे लक्षण हैट अच्छा अब यह काल को कहते हैं एक तरफ की काल जो है गीता को बोलने वाला जो काल ब्रह्म भगवान है व ऐसा है वैसा है इनको मानना पड़ा कि जो काल है वो यह कह रहा है कि मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है यह तो मानना पड़ेगा ना भगवत गीता को बोलने वाला यह कह रहा है शायद चौथे में कह रहा है पांचवे में कह रहा है मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है भगवान श्री कृष्ण ने कहा है ना य बात कि मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है 32 में कहा है शायद न 2 और चार 14 या 14 15 के आसपास का है कि मुझे कुछ भी प्राप्त करना शेष नहीं है है ना तो फिर आगे फिर वो यह कैसे कि उसको आत्माओ को खाना है जब उनको कुछ भी प्रात करना ही नहीं है काल को तो आत्मा को खाना कहां से
00:31:06:13 है हर्ष जा तो ज शी राम बस मैं अपनी बात पूरी करल इसके बाद फिर वो सती माता वो उनका वो राम चित मानस बताया गया कि वो चली गई अपने व राजा दक्ष के वहां के भी जो वहां से वो अपने पिता के घर गई है वो कैसे गई पिता के घर का नता आया कि वो पहले चली गई थी यह सब ट्विस्ट किया उन्होंने यह सब उन्होंने यह जो रामपाल ने अपनी किताबों में जो जहर भरने के लिए शब्दों को पूरा ट्विस्ट किया है
00:31:42:15 जी राधे राधे भैया राधे राधे राजा जी बताइए मैं कह रहा था मैं सुन रहा था रिकॉर्डिंग अभी जो आपने डाली है इसमें कैसे वो पट्टी पढ़ा रहे थे आपको भैया हम तो उनकी भक्ति करते हैं और हम तो और हम तो बेचारे हम लोग तो इतने अज्ञान हम य भी नहीं जानते ब्रह्मा जी की पत्नी का नाम क्या है सावित्री है वही उनको ही मालूम हमको कहां पता है तो मैं यह कह रहा था कि जैसे थोड़ी सी मेहनत का कार्य एक है व हम लोगों को करना चाहिए आप ही कर सकते हैं हम बस हम लोग आपका सहयोग कर सकते हैं धन के रूप में जैसे भी आप बोले उसमें यह हो कि आप एक पुस्तक लिखिए क्योंकि वीडियो वीडियो क्या है उड़ उड़ जाती है ठीक है उसमें और पुस्तक मतलब जल्दबाजी में नहीं बड़ी गंभीरता से किस दिन थोड़ा मैटर लिख लिया किस दिन थोड़ा मैटर लि या फिर बाद में सबको जोड़ा जाए जिसमें कहां कहा हमारे हिंदू धर्म के देवी देवताओं का ने अपमान किया है वो पूरा पेज नंबर सही लिखकर ठीक है फिर इनका जो खंडन कबीर ईश्वर नहीं है उसका फिर वेदों से प्रमाण श्री कृष्ण पैदा हुए नहीं मरे हुए उसका भागवत से महाभारत से अंडर प्रोसेस है एक से दो महीने में बाहर आ जाएगी बुक अंडर प्रोसेस और कम से कम उसकी किताबें छवानी है पीडीएफ तो ऑनलाइन डाला जाएगा किताबें भी छप चाहिए कहने का मतलब य है बक बक बताब
00:33:00:00 और निशुल्क बाटी जाए और हम लोगों का दायित्व है जितने भी लोग जुड़े हुए हैं कि हम कुछ सेवा दे उस किताब को छपने में ठीक है देखो एक बार उसकी लिखावट पूरी हो जाए फिर हम खाट जल्दबाजी मत करना बड़ी गंभीरता से ऐसा कोई जल्दबाजी नहीं है नहीं वो पिछले करीब मेरे ख्याल से तीन महीने हो चुके हैं जो हमारा डिफेंस का पक्ष था वो लिख गया है और रफल जो अटैकिंग का पक्ष है जो इनके शास्त्रों में कहां कहा गड़बड़ियां है वो रली लिखा जा चुका है उसको इसलिए ख रहा आगे चल कभी हमको बैन करने के लिए कोर्ट में अपील करें तो एक सबूत की तरह गा ढूंढना नहीं पड़ेगा एक ही किताब में सब मिल जाएगा कि कहां कहा इन्होने अपमान किया है हिंदुओ की आस्थाओं को कहां कहा ठेस पहुंचाया है ठीक है और उसके बाद अपनी बात हमारा सिद्धांत है वो भी पूरा शास्त्रों के प्रमाण से कहां पर गीता में कहा महाभारत में कहा सैकड़ों प्रमाण देर बकुल जैसे हमारे जो पूर्वा चार का तरीका र है उस तरीके से हमारे पास किताब में के रूप में होना चाहिए मैं आपसे कहना चाह रहा बस इतनी बात है नहीं नहीं बिल्कुल इसको कर देंगे आने वाले एक से दो महीने में
00:34:15:20 रामपाल की पोल इस तरह का कोई शीर्षक लिखते हुए बहुत अच्छा शीर्षक तो नहीं दे सकते क्योंकि व स्तर का है नहीं मामला तो ऐसे करके कोई पुस्तक हम लोग रामपाल की पोल बड़ी करके नीचे लिख सकते हैं कि ू हिंदुओं की आस्था पर ठेस था कि सब लोग अटेंशन जाए लोगों का ना हिंदुओं की आस्था पर ठेस ऐसा को रामपाल की पोल लिख देंगे तो पहली बात तो य उस पुस्तक को पढ़ने वाला वही व्यक्ति होगा जो कहीं ना कहीं इनसे जो है अन सामान व्यक्ति के लिए तो आवश्यक नहीं है उसको पढ़ना मगर वो न वाला उसको तुरंत पड़ेगा हर हर महादेव सभी लोगों कोव टी आर पड़ी जी ठीक है फिर मैं थोड़ा चलता हूं मुझे घर जाना है तो मैं जी जी राम राधे राधे राधे राधे रामपाल जी के कोई फॉलोअर है इनसे बात कर लीजिए हां जी उदयवीर जी जय श्री राम आपकी आवाज नहीं आ रही जय श्री राम जी जी जी मैंने जैसे सर मैंने इसलिए लाइव किया था जैसे अभी आपने
00:35:30:22 बोला था जसे वकील ने फोन किया था दोपहर में कि भा 708 पर जो है दलित और पिछड़े हैं और लगभग 20 30 पर हगड़े हैं तो मैंने सिर्फ इसलिए कि था जैसे आपने अभी बोला था ना पिछड़े तो अनपढ होते हैं गवार होते हैं तो ये आप यहां पर जो है जो शास्त्रोक्त कोई वार्ता करनी है तो उसकी बात करिए तो जैसे आपने कमेंट किया था उसी के लिए फन क्या जैसे आपने कहा था जैसे आपने अभी कहा था ना जैसे अन शास्त्र से रामपाल का पक्ष सिद्ध करना है क्या नहीं नहीं आप इस बात से सहमत है आपको शास्त्र से बात नहीं करनी है क्या नहीं बात तो करनी है आपका आपको शास्त्रीय पक्ष पर विश्वास नहीं है क्या रामपाल जी श प नहीं शास्त्रीय पक्ष बिल्कुल पूरा विश्वास है बात करें हमारा चैनल उसी के लिए है राजनीतिक व्याख्या के लिए नहीं हैन ला ऐसे बोल नहीं सकते त राजनीतिक व्याख्या के लिए नहीं है नहीं आपने भी बोला नाते आप हमसे य राजनीतिक व्याख्या ना करवाए अपना काम
00:36:42:15 करें तो यह यहां पर आए हैं वो रील बनवाने के लिए प्रवचन बड़े अच्छे देते हैं कभी कभी इनको अपने गुरु की वाणी पर अपने गुरु गुरु के उस पर जो है नहीं है बिलीव इनको यह सब करना है हटा दीजिए इनको इनके पास है नहीं शास्त्रोक्त बात नहीं है इनकी शास्त्र शास्त्र की बात करनी है क्या हमने एससी एसटी नाम लिया है क्या अपने उसम बोलने में तो फिर आप कैसे बोल रहे हैं नहीं नहीं यही तो मैं क्लियर करना चाह रहा हूं कि मतलब ये बात नहीं हमने एससी एसटी नाम नहीं लिया क्या
00:37:31:16 है उदयवीर जी यहां शास्त्रों के ऊपर बात हो रही है उनके ऊपर बात करिए बाकी आप छोड़िए रामपाल जी की जो गरिमा है उसको किस तरीके से बचाना है उस पर बात करिए आपको बात करनी है क्या शास्त्र सम्मत कोई हां या ना में जवाब दीजिए बोलिए जैसे ये बात आ रही देवी दुर्गा माता की यह लिखा हुआ है दरस य जो है किसी शास्त्र में नहीं लिखा हुआ वेदों में लिखा है गीता लिखा है यह जो कुछ बाणी ई है वो कबीर कबीर साहब की उस बाणी से उसम दिया गया है तो हम क्या करें हा तो मत य चीज नहीं हम क्या करें वो अपनी वाणी जाक आप ठीक करिए हम क्या करें दुर्गा माता का प्रादुर्भाव है दुर्गा माता को आप जानते कहां से कबीर कबीर सागर से जानते हैं कहां से जानते हैं दुर्गा माता को तो हम लोग वेद है हमारे गीता है जो धार्मिक ग्रंथ है ध उनके बारे में जो भी चीज मान होगी वो वेद गीता पुराण से होगी कबीर सागर से होगी जसे ये जतर लोग कबीर पंथी वाले लोग होते हैं वो कबीर अच्छा किया आपने य बोल दिया यहां पर ये अच्छा
00:38:46:16 किया कि ये किसी शास्त्र में नहीं कबीर सागर में लिखा हुआ है अच्छा किया ये बात सही ये ये कबीर सागर में कबीर जी की वाणी में किसी ने मिलावट की है किसी ू और कोई बहुत बड़ी बात नहीं है वो धूर्त व्यक्ति वही हो जो जेल धाम निवासी है और कोई शास्त्र सम्मत पक्ष रखना चाहेंगे अपने गुरु
00:39:20:19 का गुरु का तो यही है जो लोग उनकी भक्ति कर रहे हैं उनसे काफी लोगों को लाभ हो र है म प्रवचन मत दीजिए दीजिए हटा दीजिए इनको बिना रोके हटा दीजिए इनको अब मत लीजिएगा यह देखिए हालत है अपने गुरु के लिए बोलने के लिए कुछ बचा नहीं है लोगों के पास देखिए पहाड़ी जी बिल्कुल कुछ बचा ही नहीं है कल आश्रम में फोन किया था मैंने सच्चा मैंने आपको भेजा था हा अबकी बार आप वो वाला पूछेगा हट यो मैं आपको बता दूंगा वो पूछेगा उसमें जरा रुचि पूर्ण वार्ता हो जाएगी वो हट पूछिए कि मैं अपनी इंद्रियों पर कंट्रोल कैसे करूं क्योंकि आप तो मना कर रहे हो कि हठयोग करना गलत है तो इंद्रियों पर कंट्रोल करना गलत है उस भाव में पूछेगा कि क्या करना है है ना मैं आपको बताऊंगा इस बारे में फिर वो पूछिए इनसे किसी ने मेरे को नंबर दिया था के किसी राने बड़े घमंड से की आपने क्षमता है तो यहां फोन करिएगा मैंने कहा जरूर कर नंबर दीजिए आम का तो ये हरियाणा का कोई हा हरियाणा का थाय कोई आश्रम क्या
00:40:35:27 धनाना कुछ धाम तो क्वेश्चन मेरा यह था कि स हमको तो वहां जाना चाहिए जहां से लौट के नहीं आते और हम तो वहां से लौट के आ गए भाई म हमने गलती करी ना अब गलती करी हो कुछ भी करिए लौट के तो आए ना हम हा कैसे आ गए भाई हां म वहां गलती की गुंजाइश है हां तो यानी वहां पर गलती गुंजाइश
00:41:08:07 है थोड़ी देर तो चुप रहे बात है फोन काट दिया हां पिंटू बोलिए पिंटू जी अरे भाई चेहरे के साथ आइए समय व्यर्थ नष्ट ना करवाए हमारा बात हेलो पिंटू जी चेहरे के साथ आए कोई भाई थोड़ा एंकरेज करें अपने गुरु भाइयों को रामपाल वाले एंकरेज करें कि वह अपना चेहरा दिखा
00:41:48:12 पाए है ना बिल्कुल इनकरेज करें भैया अपने गुरु भाइयों के कि वह अपनी इतनी क्षमता जुटा पाए कि अपने गुरुदेव का थोड़ा बहुत पक्ष र रख सके लाइव में आकर के पिंटू जी ने अपना चेहरा दिखा दिया है पिंटू जी को हम ऊपर लेते हैं आ सतलोक में भी गलती की गुंजाइश है जय श्री राम जय श्री राम पिंटू जी बताइए सरय मैं काफी देर से सुन रहा हूं ये रामपाल का मैटर है यह रामपाल है कौन जब आपको पता नहीं है तो क्या करेंगे जानकर नहीं नहीं मेरी बात है रामपाल के जो ज्ञान देने वाले आते हैं तो यह क्यों ज्ञान देते इनको ज्ञान के बारे में कुछ पता है रामपाल जी के ज्ञान के बारे में रामपाल जी के ज्ञान के बारे में हां रामपाल जी के खुद उनको ज्ञान अधूरा है व दूसरे
00:43:03:16 को ज्ञान दे रहे हैं तो किस हिसाब से ज्ञान दे रहे ये मैं कहना चाहता हूं मतलब आपका कहने का मतलब है कि रामपाल जी का ज्ञान जो है वो रामपाल जी के नाम से जो इस समय जो लोग ज्ञान दे रहे हैं वो वो ज्ञान नहीं है जो रामपाल जी का ज्ञान रामपाल जी को खुद ज्ञान की जरूरत है भाई सनातन सनातन होता है वो आधे हिंदू आधे मुसलमान को मानते हैं बराबर अरे भाई देखिए एक चीज कि हमारे यहां पर श्रंगार करना है मात्र जो मातृ शक्तियां जो देवियां है बिंदी लगाना या श्रंगार इत्यादि करना मुसलमानों के य ये सब है कि बिल्कुल कुछ मत करो और जो है उसम रहो तो आपको हिंदुत्व के नाम पर कहां ले जाया जा रहा है मुसलमानों का ईश्वर है जो सातव आसमान पर बैठता है हमारा ईश्वर नहीं बैठता है बस वही मैं वीडियो देखता हूं कभी-कभी नाराजगी भी होती है कि हमारे सनातन से यह उछल उछल के अगर जा रहे हैं तो किस लिए जा रहे हैं वहां क्या मिलता क्या नहीं हमारे पास है हमारे पास ऋषि मुनि है हमारे
00:44:18:20 पास अनेक ग्रंथ है बुजुर्ग लोगों का ज्ञान है व ब है वहां पर व क्या कहते भंडारा मिलता है वहां पर यह सब ढंग मिलता है कि हमारे जो है यह बीमारी सही हो गई वह सही हो गया सब ढंग मिलता है बहुत सी ची था प्राप्त होती देखो सर बीमारी तो अलग बात है मेरी तरफ से एक ज्ञान है रामपाल वालों के लिए कि जो हम बोंगे वही काटेंगे कोई भगवान और कोई ऐसा वो नहीं है कि हम पाप करें वो तुरंत माफ कर दे रामपाल वाले हो चाहे जो भी हो अगर हम गलत करेंगे तो हमारे लिए गलत ही आगे चल के आएगा और रामपाल रामपाल बोलते हैं कि सब पाप यही धुल जाएंगे इसका भजन करो उसका भजन करो ऐसे कैसे भजन करें वो इनकी कुछ टेक्निक्स होती है कैसे वो बताया ज्यादातर जो पिछड़ा वर्ग होता है पिछड़े पिछड़ा वर्ग से अथ य भी लिया जा सकता है भाई पिछड़ा किस चीज में
00:45:33:24 पिछड़ा पिछड़ा वर्ग किस चीज में पिछड़ा भाई शिक्षा में पिछड़ा जैसे अभी न पूछ रहे थे पिछड़े के बारे में पिछड़ा का अर्थ हुआ क्या बैकवर्ड देखो सर जी व बैकवर्ड हो या कोई हो उससे मुझको लेना देना मुझको लेना देना है सनातन सनातन हमारा जितना मजबूत है उतना कोई मजबूत है ही नहीं सोचना ही नहीं और मैं इसलिए आपसे जुड़ा हूं कि कोई य रामपाल बाबा वाले कोई ज्ञानी व्यक्ति हो ना तो मुझसे बात कराओ मैं कल एक वीडियो देख रहा था हर आदमी के सामने में एक दान पत्र रखा है वहां परिक्रमा करो और दान पत्र में पैसा डालो भैया जिसके पास नहीं है गरीब आदमी है तो नहीं जा सकता आप बताइए
00:46:32:16 जी नहीं सही बात सही बात है कोई हो रामपाल वाला मेरा जवाब दे जी पहाड़ी जी जय श्री राम आप चले गए जय श्री राम नहीं नहीं थोड़ा टेक्निकल प्रॉब्लम आ रही थी जी अच्छा जो आप आपने जो कॉल रिकॉर्डिंग डाली थी जी में तो बड़े जोश से आए थे वो आपके फोन पे देखा फिर धीरे धीरे धीरे धीरे उनका जो मोरल है वो डाउन होता गया जब सामने वाला पता चल गया कि जो सामने वाला है वो थोड़ा तगड़ी पार्टी है अब एक बात कहते हो ना कि आपने चाल तो सही चली पर आदमी गलत चुन लिया ही हुआ उनके साथ लास्ट में वह चाय कुर्सी टेंट कारपेट में आ गए वो कि कहां होगा कैसे होगा हम अब जैसे आप तो जैसे अपने चैनल पे अपना नंबर समेत सब कुछ डालते हो कि इस नंबर पर आप कॉल करिएगा अगर हमसे वो करना है तो चर्चा और ये लोग कहते हैं कि आओ हमसे चर्चा करो ना उनका कभी उने अपना कांटेक्ट नंबर डाला ना किधर आने को बताया बस हां चर्चा कर लो हां चर्चा कर लो बस कहां कर लो
00:47:47:20 किससे हवा में बातें हवा से बातें कर ले या पत्थरों से बातें कर ले हवा हवा हवा हवा में चर्चा कर ओके एक मिनट तो भाई आर्यन कुशवा जी हैं और श्याम स्टूडियो वाले हैं दीपक दीपक जी आप अपना चेहरा नहीं दिखा रहे अपना प्रयोजन भी नहीं बता रहे जुड़ने का जी श्याम स्टूडियो राधे राधे राधे राधे राधे राधे जी आपका ये मेला का देगा तो बहुत अच्छा लगा मुझे जी जी आभार आप टेलीफोन वाला भी बहुत अच्छा था वो बहुत करंट में आए थे वो तो कहने के लिए पर फिर धीरे धीरे वो एकदम स्लो हो गए वो स्लो होना उनका जो शुरू हुआ है वो मेनली आप ध्यान से देखिएगा एक जगह आता है जब मैं अपनी उनको यह बात बताता हूं कि मेरा य चैनल है वो यह कहते हैं कि अच्छा आधी इंग्लिश आधी अंग्रेजी और जब लि आ अंग्रेजी बोलते तो बात होते होते फिर वो कहते कि आप हम तो वकील है आप धर्म के पुता है तो फिर
00:49:02:24 वहा जब मैं यह कहता हूं कि पुरी के शंकराचार्य जी के शिष्य वहां से उनका जो है उसमें देखिएगा ढीलापन फिर चालू हुआ जब उन्होंने ये कन्फर्म किया उन्होने व पूछा कौन कौन से शंकराचार्य जी के शिष्य मैंने कहा पुरी के शंकराचार्य पुरी के शंकराचार्य जी के तो वहा से आप देखि उनकी आवाज बिल्कुल चेंज हो गई उसके बाद तो बस उ बनाने ऊपर से उन्होने हा ऊपर से उन्होंने हमारी दो फोटो देखी एक में क्या था ये पीछे ये सब था और एक फोटो में त्रिपु लगा हुआ था पूरे धौती जो संध्या बंदन करते हैं ये तीन चीज मतलब पुरी के शंकराचार्य जी के शिष्य और यह दो फोटो इसके बाद उनका मामला ढेर हो गया
00:49:53:18 मेले पर मेले में तो यही लगा कि आपके अलावा और कोई था नहीं मतलब आप ही मतलब सबसे आगे आप ही थे उसमें और कोई तो बोल ही नहीं सब आपके पीछे खड़े थे मतलब वहां पर तो सब थे नहीं बोले सब थे अपने अपने स्तर पर देखिए सबका एक ही कार्य नहीं होता है किसी नहीं वो आपका जी ठीक है सर पर आपका नेक ज्यादा है और मैं तो कह रहा हूं कि आप ही मुझे ऐसा लग रहा है कि आप ही खड़े हो और कोई खड़ा ही नहीं है नहीं नहीं सब खड़े थे वहां पर सब मुझे मुझे बहुत अच्छा लगता है कि कोई तो है कि खड़ा है मेरे लिए कुछ आपसे हमने पिछली बार भी कहा था कि आप संपर्क करिएगा आपने संभवत किया नहीं है संपर्क हमारा जो नंबर है उसके आप संपर्क करिएगा तो देखते हैं मैं भेजता तो रहता हूं आपको भेजा था मैंने आपको नहीं भेजा था मैंने आपको भेजा था पर आपने अपलाई नहीं मेरा अच्छा आप श्याम स्टूडियो लिख दीजिएगा उसम ठीक है ग्वालियर से है ना ठीक है मैं लिख के गवालियर एमपी मध्य प्रदेश जी जी अनिल कुमार जी जय श्री राम ठीक है सर मैं लिख के भेज जी
00:51:09:03 जी बोले मैं आज आपका ना वो रिकॉर्डिंग सुनना था आपकी जी तो उसमें वो कह रहा था कि सात तरह के उसने मंत्र दिए हैं सात तरह के मंत्र दिए ए मंत्र दिया म मंत्र दिया है मैं ब्रह्मा का दिया है विष्णु का दिया है माता पार्वती का दिया है अगर तुमने माता पार्वती का अध्याय शिव जी का मंत्र दे रहे हैं तो फि इसमें उल्टा सीधा क्यों लिख र है एक का के लिए दे रखा है फ का इसमें य ऐसा करो इसम वो रखा है बलात्कार कर रखा है ये लोग ये लोग ये सिखाते हैं कि ये आप एक बदमाश की कैद में हो उसकी कैद के से निकलने के लिए उस बदमाश को भी आपको मनाने करने पड़ेंगे मगर इस बात पर भी अगर हम लोग बातचीत करने लग जाए ना तो ये तीन चार मिनट से ज्यादा इनकी चर्चा टिकेगी नहीं जब तुम कबीर जो सुप्रीम कंट्रोलर है जब तुम उसकी शरण में जा रहे हो तो फिर तुम्हें इन बदमाशों की क्यों आवश्यकता रहेगी तो इनकी पूजा करना करवाना यह पाखंड है और कुछ नहीं है यह इनकी चिचोरी चाल है मान लो सुप्रीम कोर्ट है मान लो सुप्रीम कोर्ट क्या करता है वो एक न्याय देता है ना बाकी सारा काम तो बाकी सरकार करती है अपना जो प्रांत की सरकार
00:52:24:04 करती है जिले की सरकार करती है तो सुप्रीम कोस में मतलब बनता है ये तो मतलब घुमाने वाली बात है नाय तो जी तो कम इसम सुनना बा जी जी जी मयंक जी आप कुछ कह रहे थे श्रीराम हा भैया मैं कुछ बोल रहा था ये लोग ऐसे बोलते कि हमारे जो ग्रंथ व कोर्ट से प्रमाणित है पहली बात तो मेरे को समझ में नहीं आता कि हाई कोर्ट बुक को कब से प्रमाणित करने लग गया अरे इनको पता नहीं है सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट की बात नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने लिखा हुआ है कि धर्म के निर्णायक शंकराचार्य होते हैं सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट ने दोनों ने लिख के दिया धम के निर्णायक शंकराचार्य होते हैं और ऐसे नहीं है कि जब मांगो तो उस कोई प्रमाण नहीं है पूरी बुक छपी हुई है गोवर्धन मट से मैं दिखा दूं आपको स
00:53:58:26 आप स आप सभी सनातन भाइयों के चरणों में मेरा कोटि कोटि प्रणाम बोलिए बोलिए बोल दीजिए बोलज आपकी सु ये देखिए ये रथ ू श्री जगन्नाथ आदि के दर्शन था स्पर्श आदी की अधिकार मीमांसा इसमें सुप्रीम कोर्ट का वो जजमेंट भी छपा हुआ है जिसमें उन्होंने शंकरा पुरी के शंकराचार्य जी का निर्णय जो उन्होंने दिया था मंदिरों के लिए मंदिर के लिए किसका प्रवेश हो सकता है किसका नहीं हो सकता जो भी है जो उन्होंने निर्णय दिया था उस निर्णय का आधार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि भाई धर्म और अधर्म के निर्णय में जो सनातन धर्म के निर्णय में शंकराचार्य निर्णायक होते हैं यह सुप्रीम कोर्ट का है और उड़ीसा के हाई कोर्ट ने भी ऐसा ही जजमेंट दिया है यह होता है प्रूफ के साथ बात करना इसको कहते क्लीन च कितनी बार रामपाल का कितनी
00:55:13:26 बार रामपाल का वो हो गया वहा पर सुप्रीम कोर्ट में जाकर के सुप्रीम कोर्ट के जजेस सुप्रीम कोर्ट के लॉयर्स बैठ कर के गुरुदेव का प्रवचन सुने डाल के देख लेना सुप्रीम कोर्ट उच्चतम न्यायालय पु शंकराचार्य सुन लेना बैठे हैं दो दो घंटे और सुन रहे हैं और समय समय पर तालियों की गड़गड़ाहट भी है ठीक है तो पहली बात तो यह है कि सुप्रीम कोर्ट या कोर्ट य तय नहीं करती धर्म और धर्म की व्याख्या अगर तुम यह मानते हो कि करती है तो तुम्हारे पास तो सबूत नहीं है जो तुमने झूठ बोला मगर सत्य य है पढ़ लेना इसको गोवर्धन पीठ से प्रकाशित है जो सुन रहा हो वो पढ़ ले ठीक है पावर ऑफ
00:55:59:10 एक बार में इनके नाम दान केंद्र गया नाम दान केंद्र में कहते हैं सबसे पहले घुसने की कहते के जो रामपाल की चरण पाद उसको पकड़ो मैंने जब तक मेरे को असली गुरु ना मिले मैं ऐसी अंजन व्यक्ति को क्यों गुरु बनाऊ वो कहते हैं कि यह हमारी परंपरा है जो भी अंदर घुसता है पहले पैर छूता है मैं ये मैं नहीं मानता फिर दूसरी बार जब कोई बैठा हो तो किसी के जब बढ़ते है ना प्रेम बढ़ने के लिए सबसे किसी को नहीं देखा मैं नया नया था मैं देख क्या है चाय लेके आए बिस्किट लेके आए रोटी भी देने लगे मैंने भाई मैं य ज्ञान की चर्चा करने आया हूं और खाने पीने की बात कहां से आ गई मैं अभी कुछ दिन
00:56:46:26 कना एक बार और कहना चाहू कि ये बो वकील है कौन है मालूम नहीं हैवी है कि नहीं वकील है उससे बोला कि भोले बाबा के मंदिर में आ जा बोलता है भोले बाबा कौन है क्या भारत में रहता नहीं है कि यहां पर रहता नहीं है पता नहीं है नहीं नहीं वो देखिए होती है पहले वो समझ गया था भोले बाबा कौन है पहले उस दो तीन बार कहा अच्छा भोले बाबा का मंदिर दिखा दीजिए आप दोबारा सुनना वह पहले समझ गया था किसकी बात हो रही बाद में उसने अपमान पूर्वक तिरस्कार दिखाने के लिए भोले बाबा कौन है समझ रहे हैं ये उसने पहले उस स्वीकार किया भोले बाबा का मंदिर दिखा दीजिए मुझे कहां पर है पहले उसने स्वीकार किया भोले बाबा उसके बाट के रूप में चढ़ने के रूप में भोले बाबा कौन
00:57:41:07 है आना नहीं था उसको आना नहीं था उसको फोन परही मगज मारी करनी और अपनी जो बकती है नी सब करट करले आप सब लोग जी विशाल जय श्री राम सभी को जय श्री राम हर हर महादेव जय बजरंगबली जय बजरंग जय ह हर महादेव कल मैंने आपका पूरा वीडियो देख लिया जो कल पूरा आपने दहन किया आपने हनुमान जी के मंदिर के सामने आपने वो किया था दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर संकट मोचन मैंने देखा तो अगर मैं व होता ना भैया मैं तो पूरा वो उनका पूरा में हाथ से उखाड़ देता मैं तो मुझे किसी की जरूरत नहीं थी परमिशन की मगर मैं होता तो और मैंने जैसे बोला था ना पिछली बार जब मैं आया था कि हमको मतलब की अशोक वाटिका उजड़ी है कल पूरी लंका जलेगी तो इस लंका को जलने के लिए ना इस लंका को भस्म करने के लिए हम सभी हम सभी हिंदुओं को हम सभी सनातनी हों को जितना हो सके इकट्ठा होकर हनुमान जी की पूंछ जैसा जितना हो सके उतना लंबा होना पड़ेगा क्योंकि जितनी लंबी पूछ होगी उतनी आग फैले गी इन लोगों के लिए हां अपना संगठन का निर्माण अपने क्षेत्र में हिंदुओं का
00:58:56:07 संगठन हिंदू राष्ट्र गोष्ठी करिए साप्ताहिक रूप से और देखिएगा आप करते रहेंगे करते रहेंगे आपका संगठन तैयार होगा समय आने पर वही संगठन खड़ा होगा ऐसे पाखंडी तत्वों के लिए जी दीपक जी आप कुछ कह रहे थे दीपक जी एक मिनट जी दीपक जी बताइए न्यूजपेपर में दिए कि नहीं देखना पड़ेगा भैया आया कि नहीं आया न्यूजपेपर वैसे वहां पर क्षेत्र के पार्षद भी थे जो साथ में थे और एक रिटायर्ड आईजी भी थे रिटायर्ड पुलिस विभाग में काफी उच्च पद पर कार्य करते हैं लास्ट में जब सब लोग खड़े तो वहा पार्षद है मतलब उस सम मतलब पदा पद पर जो इस समय नियुक्त है काफी लोग थे वहां पर तो संभवत किसी ने दिया ध्यान नहीं गया क्योंकि उसके ठीक अगले ही दिन हमारी चर्चा थी आर समाज के जो वो है ना गुरुकुल में जो आचार्य थे क्या नाम है उनका रक्षपाल देवार्य जिसके साथ में चर्चा हुई थी ना अगले ही दिन थी वो तो हमको तुरंत यहां का वो जो विप्लव था उससे तुरंत तुरंत
01:00:11:09 जो है दूसरी जगह दिमाग पूरा चला गया दूसरे ही दिन हमको सुबह सुबह निकलना था चर्चा निश्चित हुई थी दिन में दो बजे के लिए मगर होते होते होते होते वो शाम को हुई थी आर समाज के साथ चर्चा हुई थी राम पांडे जी जय श्री राम जय श्री राम जी सभी को जय श्री राम बहुत ही अच्छा काम कर रहे शि जी बहुत अच्छा रिजल्ट देखने को मिला अभी कुछ पास्ट टाइम में बाकी यह जो जो आपका रिकॉर्डिंग वीडियो था रिकॉर्डिंग जो मैसेज दिया था वो सुन रहा था मैं तो उसम मेरे को हसी आई की व चाय के लिए चाय की व्यवस्था है कि नहीं है आपका जो स्पष्ट जो जवाब था ना वो सुनकर मेरे को बहुत हसी आई बैने क्या हा अरे यहां हमारा फ मेरे को बहुत हसी आई वो बंदा मतलब वो बिल्कुल शक हो गया सुनके कि यह कैसी बातें कर रहा
01:01:10:13 है नहीं मैंने उसके बाद बताया कुछ नहीं पता एकय कबीर नाम का बं कबीर नाम का बंदा है अभी चैट कर रहा हमारे वो पूरी के शंकराचार्य जी के बारे में उल्टा सीधा तो उसको ब्लॉक करने के लिए बोला हूं तो कोई देख नहीं रहा है शायद बहुत अपशब्द बातें कर रहा है उसको उसको ब्लॉक करा जाए उस पहली नाम से ब उस पर ध्यान रखिए अगर वो करे ऐसा कोई अभद्र कमेंट तो आप उसको ब्लॉक कर दीजिए बाकी उनको पता नहीं है राम मंदिर का जो मामला चल रहा था और उसमें जो अभी जो ज्योतिर मट के जो शंकराचार्य जी है अभी मुक्तेश्वरा सरस्वती जी तो उनकी हेयरिंग रिंग चल रही थी तो उनके एक जो वकील साहब है पी एन मिश्रा उन्होंने पूरे पूरा का पूरा जो सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय है ना और जो वक्तव्य है सुप्रीम कोर्ट के जजों के तो उन्होंने बुकलेट छापी है एक बुक का फॉर्मेट दिया है तो उसमें भी ये उसमें भी ये चीज लिखा हुआ है कि शंकराचार्य ही जो सनातन धर्म के पुरोहिता है वो वही है धर्म सम्राट उसकी किताब में उनकी किताब में भी यह सब लिखा हुआ है लेकिन य मूर्ख लोग पढ़े तब तो इनको क्या पता इन सब चीजों के बारे में हिंदू होकर इनको इनको शंकराचार्य के
01:02:26:04 के बारे में नहीं पता कि शंकराचार्य का योगदान का क्या रहा समाज के अंदर में और आजकल तो जो आजकल के जो सत्ताधारी पार्टी के जो कार्यकर्ता हैं वह हिंदू ना होकर एक पार्टी विशेष के समुदाय बनकर भी शंकराचार्य को गाली देने लग जाते हैं उनको पता ही नहीं है कुछ इनके बारे में अपर लेवल पर जो भी राजनीति चल रही हो राजनीति के कारण जो भी हो रहा हो मगर मैंने य देखा है धरातल पर जो हिंदू हिंदुत्व के नाम से कहीं से भी जुड़ा हुआ है धरातल प बिल्कुल जो बेस लेवल का व्यक्ति है वह एक आवाज में तुरंत आता है वो जो शीर्ष पर रह कर के जो भले ही जो चल रही है राजनीति के कारण जो भी चल रही छीट कसी जो भी है मगर धरातल पर कार्य करने वाला जो हिंदुत्व के नाम से आप किसी से अगर जुड़े हैं या कोई कहीं पर जुड़ा है तो हिंदुत्ववादी जो व्यक्ति है वह आ जाता है वो इतना निष्ठा तो है एक वो जो होंडा हिंदू होते हैं होंडा हिंदू पर हमने एक वीडियो बनाया था कुछ समय पहले रामपाल को अपने आप को कबीर की भविष्यवाणी फिट करने के लिए शंकराचार्य जी का ग्रंथ उपयोग किया गया है हां यह भी बात है आप देखो ना मैंने एक वीडियो बनाया था शायद ये लोग ध्यान नहीं देते हैं
01:03:41:07 मैं बहुत मतलब इन चीजों पर ध्यान देता हूं जैसे मैंने एक वीडियो बनाया था जो तथाकथित परंपरा विरोधी परंपरा मतलब परंपरा का मतलब है सीधे-सीधे शति परंपरा शति किसे कहते हैं वेद को और वेद हम तक कैसे आते हैं परंपरा से तो जितने भी परंपरा विरोधी तत्व है फिर भले ही वो अलंकार समाज हो फिर भले ही वो ये विदेशी गुरुओं का आलंबन लेने वाला कौन हो या फिर भले ही वोय रामपाल जितने भी ये लोग है अपनी ग्रंथावली लिखते समय यह जो सार्वभौम परंपरा है हिंदुओं की शंकराचार्य परंपरा उसका खंडन जरूर करेंगे उसके बिना इनकी वो जो फॉर्मेट है वो तैयार नहीं हो सकती भाई बहुत से नाम है हमारे य बड़े-बड़े आचार्यों के मगर शंकराचार्य का विरोध खंडन लिखना बहुत आवश्यक है जिसको भी सनातन धर्म का नाम लेते हुए सनातन धर्म का दुष्प्रचार करना है और जितने भी विरोधी तत्व जैसे आप देखो जाकिर नायक का भी आपको वीडियो मिल जाएगा जिसम व शंकराचार्य को इंगित कर रहा है मतलब उनको भी मालूम है कि इनके य का जो नेतृत्व करने वाला जो शीर्ष पद है वो कौन सा
01:04:56:10 पद है और इन ठल्लो को नहीं मालूम है जो अंधे अंधे कुए में छलांग लगा रहे अभी अभी य राजनीतिक षड्यंत्र देखिए कि यह जो परंपरागत जो हमारे पीठ है जो शंकराचार्य के पीठ है उनको मटिया मिलन करने के लिए कैसे कैसे षडयंत्र करे जा रहे हैं इन्हीं तथाकथित हिंदूवादी पार्टी की सरकार के नाम की बात कर रहा हूं अभी यह महाकम लगने वाला है उसमें किन्नर को तथागत किनर मतलब किनर समुदाय ठीक है कोई बात नहीं उनसे कोई घृणा नहीं है उनसे कोई नफरत नहीं है लेकिन जो शास्त्रो जो बातें है वो उसका शास्त्र में अधिकार दिया गया है कि आचार्य पद शंकराचार्य पद तो बहुत बाद की बात है व्यास गद्दी पर जो क्या कहते हैं ब्राह्मण कुल का और पुरुष ही बैठने योग्य फिर उसमें शंकराचार्य के पद के लिए बहुत सारी अलग जो अलग लेवल हो गया ना शिवान जी मैं वही कहना चाह रहा हूं आप आचार्य बन सकते हैं आप संत बन सकते हैं आप कुछ भी बनिए आपकी योग्यता के अनुसार आप कुछ भी बनिए लेकिन शंकराचार्य कौन बनता है वोह शंकराचार्य के जो संविधान है उनके अकॉर्डिंग ही तो चलेगा ना या अपना संविधान बना के
01:06:11:19 अभ तथाकथित जो हमारे य जो बाबा है जो क्या नाम है अरे जो बहुत फेमस है जो अपने आपको बोलते हैं कि हमारी वजह से राम मंदिर का निर्माण हो रहा है हमने ही प्रूफ किया है राम मंदिर एक अलग ही अपना पीठ निर्माण करके उसम बैठ गए हैं और बोल रहे हैं कि हम रामानंद संप्रदाय राम भद्राचार्य जो बाबा है इन्होने तो और म मिलन कर रखा है ना लोगों को और भ्रमित कर रहे हैं ना हिंदू समाज को य आप उस दिन बात कर रहे थे उनके बारे में ट चर्चा
01:06:46:08 कर हम जब इस टॉपिक पर चर्चा कर रहे थे ये जो जाति पाति की करो विदाई वाले टने बोला उनका नाम लिया था उसम एक बहुत अच्छा दृश्य हमें प्राप्त हुआ है जिसम श्वर वाले जो भाई साहब है वो सुन रहे हैं आदर पूर्वक और राजेंद्र दास जी महाराज उनको बता रहे हैं देखो वर्ण व्यवस्था के नाम पर जो वही मैं कहना चाह रहा हूं मैं वही कहना चाह रहा हूं शिवान जी एक मिनट सुन लीजिए देखिए एक एक किसी एक बात होती है कि एक लाखों की भीड़ में कोई मैसेज डाला जाए कुछ इनपुट डाला जाए लोगों के माइंड में और एक होता है कि चार दिवारी पर एक वीडियो बना दिया हमने और उसको बारे में हमने खंडित कर दिया हालांकि यह ठीक है उन्होंने अपना वक्तव्य दिया था उनको बारे में लेकिन उनका इंपैक्टफुल क्या रहा इंपैक्ट कितना पड़ा कितने लोगों पर पड़ा जबकि एक राजनीतिक षड्यंत्र द्वारा इन इन लोग इ इन लोगों जैसे बाबाओं को खड़ा करके और अपने ही समाज में फूट डालने का जो कार्यक्रम चल रहा है हमारी हिंदूवादी पार्टी सरकार के द्वारा वो चीज को उन चीजों को मैं एमप्लीफाई करना चाह रहा हूं कि वहां पर ये बहुत गहरा षड्यंत्र है और कहीं ना कहीं जो आप राजेंद्र दास जी का नाम लेते हैं
01:08:01:09 वो कहीं मुखर होकर जो पर परंपरा की जो बातें होती है वो कभी मुखर होकर बात नहीं करते मैंने कभी नहीं सुना उनको मुखर होकर बातें करते हुए बल्कि ऐसे ऐसे लोगों के साथ में वो अपना मंच साझा कर देते हैं जो हमारे धर्मशास्त्रों को गाली देते हैं हमारे पुराणों को गाली देते हैं हमारे भगवानों को महापुरुष बताते हैं जब तक उनका वो इनके बारे में निगरा चार्य जी सही बोलते हैं मैं [संगीत] मैं इस एक बात कहना चाहंगा होता मैं इस पर एक बात कहना चाहूंगा देखिए हम यहां पर खैर ना तो उनकी निगरा चार की जी की समीक्षा करेंगे ना किसी और की मगर मैं एक बात कहना चाहूंगा कि होता क्या है कि जब कोई व्यक्ति मंच पर होता है ना तो उसको बहुत सी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है जैसे एक व्यक्ति है ग्रह गृहस्थ है और कोई व्यक्ति है जिसका विवाह भी नहीं हुआ है वह विरक्त वाली लाइन में नहीं पर विवाह नहीं हुआ है जिसका अभी कोई पीछे कोई जिम्मेदारी नहीं है किसी के लिए कोई कर्तव्य नहीं है तो उसके लिए बहुत आसान होता है समीक्षा करना या जो भी करना मगर जो व्यक्ति
01:09:16:21 कोई प्रकल्प लेकर के चल रहा है यानी कि गह गस्त का मतलब है कि जिसका एक अभियान है उसमें अभियान में को कर्मठ कार्य करता है बहुत सी चीजें है अप एंड डाउन है यह करना है वो करना है बहुत से कार्य करने हैं उसका जो धेय है वह तो धर्म की स्थापना ही है मगर उसकी ग्रहस्ती होने के कारण कई जगह वो एक लाइन आती है ना कि जिस समय रोड में एक साइड का एक पट्टी बन रही होती है तो उस साइड हमें जो है हमारी व्यवस्था हो जाती है कि हमें जो है रंग साइड जाना पड़ता है तो मैं यहां पर किसी का पक्ष नहीं ना ही किसी का विरोध कर रहा हूं मगर मैं यह बात कह रहा हूं कि बहुत सी ऐसी बातें होती है जो मंच पर खड़े हुए व्यक्ति को ध्यान रखनी पड़ती है क्योंकि वह गृहस्थ है गृहस्थ का मतलब ऐसा नहीं वो सन्यासी नहीं है उसकी ग्रहस्ती है प्रकल्प उसकी ग्रहस्ती उसकी गौशाला उसकी ग्रहस्ती है उसका आश्रम उसकी ग्रहस्ती है उसका अभियान उसकी ग्रहस्ती है उसका वो जो हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे वो जो उसका जो अभियान है वो उसकी ग्रहस्ती है तो उसको कई बार ऐसी चीजें भी करनी होती है जिन्हें की सात्विकता की दृष्टि से नहीं देखा जा सकता बल्कि राजसिक दृष्टि
01:10:32:02 से देखा जा सकता है तो राजसिक दृष्टि से जब चीजें होती है तो कहीं ना कहीं वो सात्विकता से आपको दूर ले जाने वाली होती मगर प्रॉब्लम ये है ये जो रणनीति वाला कार्य है यह आचार्यों का नहीं है ये संतों का कार्य नहीं है यह असल में राजाओं का कार्य होता है मगर आज हमारे आचार्यों को ही रणनीति का भी आलंबन लेना पड़ रहा है कहीं कहीं पर जो जिनकी भी जैसे बात हो रही है तो इसलिए उसकी समीक्षा करने से पहले हमें वो सारे घटकों की जानकारी होना आवश्यक है जी भया एक मिनट एक मिनट उसके बाद मु नहीं मैं वो नहीं बोल एक मिनट पढ़ल क्या लिखा है जब देवी ने अपने धर्म की रक्षार्थ हट करके काल का साथ नहीं दिया तो काल ने देवी की बाह पकड़ी क्योंकि उसके अंदर विषय वासना प्रबल हो चुकी थी जब काल ने दुर्गा जी का हाथ बाजू में पकड़ा तो
✅ This part is already used · 01:11:35:10 – 01:11:44:28 (0:10)
→ Used in: B · Video पीठ पीछे लाइव डिबेट की ताल ठोंकने वाले #आश्रम मैनेजमेंट के लोग सामना होते ही नौ... at 2:25 ↗
01:11:35:10 देवी में भी वासना की इच्छा जागृत हो गई मन मारकर काल का साथ देना पड़ा ये देख
⬜ Not used yet · 01:11:44:28 – 02:13:05:09 (1:01:20)
01:11:44:28 लो अब इसका क्या करें लोग कमान नहीं है जलाकर फेंक दो भैया वो अपने चैट में एक रिया शर्मा के नाम से है उनको जवाइन करो और उनके साथ प्यारी बहन है वो बोल रहे हैं कि हम बात करेंगे हा तो इनको कबीर जी के अन नहीं वो चैट में है वो भी पर्सनल चैट होता है उसम वो एक चीज भया व अभी वहां पर नहीं है ना क्या कहते हैं यहां नहीं है वो रिया शर्मा जी और प्यारी बहना जी आप दोनों जवाइन करिए भैया मैं जब तक कुछ बात कहू हां तब तक आप अपनी बात रखिए विशाल भाटिया जी तो एक चीज मैं सबसे पहले मैं अभी मयंक कुमार जी को मैं धन्यवाद करना चाहूंगा जब मैं बहुत पहली बार मैं अमित दास जी के चैनल पर आया था तो अमित दास जी ने जब मुझको देखा मुझे बुलाया मैं कहा मैं कुछ प्रमाण देने आया हूं आपको फिर मुझे तुरंत हटाया तो मयंक कुमार जी ने अमित दास जी को मतलब कमेंट में लिखा कि विशाल को क्यों हटाया उसको ऐड करो वो तुम्हारी बोलती बंद कर देगा ये मयंक कुमार जी ने मेरे लिए लिखा मैं देखिए अपने बड़ अपने बले बोल तो मैं नहीं बोल रहा लेकिन मैं धन्यवाद जरूर आप लोगों को करना चाहूंगा क्योंकि कोई अगर आप लोग ऐसी बातें
01:12:59:28 जब बोलते हैं तो मेरा उत्साह और बढ़ जाता है फिर तो उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद आप लोगों का जी तो सभी सनाथन से यही प्रार्थना है सब एकजुट हो जाइए इस लंका को भस्म करना है तो हनुमान जी की पूछ जैसा लंबा हो जाइए सब के सब आप लोग सबसे मेरी प्रार्थना है अभी मैं कुछ देर बाद फिर जुडा ठीक है जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम शंकर जी जय श्री राम आता हूं अभी जय श्री राम जय श्री राम मेरे को आपका नाम ठीक से नहीं आ रहा एक्चुअली शिवान हा शिवान जी मैंने आपका अभी लाइव चल रहा था तो मैं देख रहा था तो आप भी रामपाल के अगेंस्ट में ही काम कर रहे हैं और कहीं ना कहीं मैं भी इसी विषय पर काम कर रहा हूं पर जितना कंटेंट मैंने आपके चैनल पर अभी देखा है तो मुझे लगता है कि किसी भी हिंदू के लिए यह जो कंटेंट आपका है काफी सहयोगी रहेगा हेल्पफुल रहेगा मैंने भी एक दो वीडियो चैनल पर बनाए हैं मेरा चैनल इसी नाम से है तो अच्छा हा पर क्या होता है कि मेरा तो रिएक्शन चैनल है रिएक्शन के माध्यम से जो है वो मैं इन लोगों को एक्सपोज करता रहता हूं जी जो हमारे
01:14:14:28 सनातन के अगेंस्ट में बात करते हैं पर मैंने अभी आपका चैनल कुछ ही टाइम से मतलब एक दो वीडियो मैंने पहले देखे थे तो लगा मुझे कि काफी अच्छा आपके चैनल पर कंटेंट है के गेस्ट में आभार आपका जी जी आप हमसे जी ग्राउंड लेवल पर संपर्क करें तो जी देखते हैं कि क्या कर सकते हैं साथ में है ना जी जी जरूर जरूर हमारा नंबर होगा शायद आपके पास नोट कर लीजिए 74036 हाज क्या लिखा है भाई
01:14:55:22 तत्व ज्ञान ये राधा जी का गांव बरसाना नजदीक वृंदावन की रहने वाली थी वहां के व्यक्ति राधे राधे नाम जपते थे इतनी गंदगी इनके दिमाग में आई कहां से भाई कैसे दूर कैसे ले जाओगे हिंदू धर्म के नाम पर हिंदू धर्म से राधा जी को कुलटा ब चलन निर्लज आदि आदि विशेषण से संबोधित करते थे उस समय बरसाना गांव के व्यक्ति राधा जी को यह सब बोलते थे कहां लिखा है य मालूम नहीं यही जवाब होगा उनका यह रामपाल की पुस्तक से लग रहा है नहीं नहीं तो यह तो रामपाल की पु पुत ही है मगर यह इसने अपनी पुस्तक में लिखा कहां से इस धूर्त ने सोचने वाली बात ये है ना जिस धूर्त ने मुझे नहीं लगता के यह कहीं से कबीर वाणी से भी लिया गया हो मुझे भी नहीं लगता
01:16:11:20 ये तो अपने ही मन से लिख दिया है देखि जहां तक हम जानते हैं कबीर दास एक कवि थे और उनकी कविताएं समाज सुनता आ रहा है वो कोई ईश्वर नहीं थे और हमेशा वह राम के भक्त हमने तो यही सुना है कि राम के वो परम भक्त थे मतलब उनके जो गुरु थे उन्होंने उन्हें राम की भक्ति सिखाई थी पर इनको यह ईश्वर रामपाल ने कब बना दिया यह अभी पता नहीं और इनके फॉलोअर जो है उनकी जो दिमाग की सोच है उसको भी देखकर हंसी आती है अभी मेरे को वह एक रामपाल वाला मेरे कमेंट बॉक्स में लिख रहा था 18 का 62 उसने दिया उसमें कहता है तू उसको पढ़ वहां पर लिखा हुआ है कि किस ईश्वर की शरण में जाने को श्री कृष्ण जी कह रहे हैं तो मैंने उसको अभी भगवत गीता का 18 45 और 66 यह मैंने श्लोक दिया है 65 नंबर पर जहां पर श्री कृष्ण जी बड़े साफ लिख रहे हैं कि तू मुझ में मन वाला हो मेरा भक्त बन मेरा पूजन करने वाला हो और मुझको प्रणाम कर ऐसा करने से तू मुझे ही प्राप्त होगा यह मैं तुझसे सत्य प्रतिज्ञा करता हूं क्योंकि तू मेरा अत्यंत प्रिय है और
01:17:26:20 अगले ही जो श्लोक है उसमें वह कहते हैं कि संपूर्ण धर्मों की अर्थात संपूर्ण कर्तव्य कर्मों को मुझ में त्याग कर तू केवल मुझ शक्तिमान सर्वाधिक जी ने साफ कर दिया तो एक प मैं बताता हूं आप पिक्चर में थोड़ा लेट है जी जीी पिक्चर में आप थोड़ा लेट आए जी ऐसा है इन्होने व्यवस्था कर रखी अपनी यहां पर जो जो आप कह रहे हैं ना जो 18 66 में ट्रांसलेशन है इन्होंने ट्रांसलेशन को चैलेंज कर दिया है कि भगवान यहां अपनी शरण में आने को नहीं बल्कि अपनी शरण से जाने को बोल रहे हैं ब्रज शब्द का अर्थ जाना भी लिया जा सकता है और आना भी लिया जा सकता है तो इन्होंने जो है अ चलना भी लिया जा सकता है जैसे कहते ना कि आजा बंदे शरण राम की अब इसमें आजा आने वाला जाना है आजा समझ रहे हैं समझ लास्ट में तो सुनाई दे रहा है जा मगर वो कौन सा वाला
01:18:41:25 जा है आजा वाला आजा वाला तो इन्होंने यहां पर क्या किया है कि वो जाने को कह रहे हैं तो वो बात सही है कि पिछले श्लोक में जब कह रहे हैं कि मेरी भक्ति कर तो फिर अगले श्लोक में जाने को कैसे कह रहे हैं वो बात सही है मगर वो जो 18 66 है ना उस पर इन्होंने बहुत बड़ी एक लड़ाई छेड़ रखी है मैनिपुलेटिव उसमें यह कहते हैं कि वो व्रज का अर्थ संस्कृत ज्ञों ने सही नहीं किया है व्रज का अर्थ तो जाना होता है व जाने को कह रहे हैं तो वह सारे वीडियो हमने बनाए हैं कि व्रज का अर्थ जो पाणिनी ने स्वीकार किया है पाणिनी ने वह स्वीकार किया है गति अब वो गति किधर भी हो सकती है जाने में भी हो सकती है आने में भी हो सकती है तो अगर पिछले श्लोक से हम रिलेट करते हुए देखेंगे कि मेरी भक्ति कर और 18 66 में भी अगर यह कहेंगे कि उस उसकी शरण में जा मेरी शरण से उस परमेश्वर की शरण में जा तो उस उसका कोई वहां पर उस शब्द का संस्कृत शब्द नहीं आया वहा पर और इसके अलावा बहुत सारी व्याख्या है जो हमने कर रखी है अब यह कहेंगे कि भाई कम कम मतलब आना होता है गो का मतलब
01:19:56:27 जाना होता है तो अब यहां ब्रज का अर्थ आना जाना थोड़ी ना हो सकता है तो फिर हम यह पूछते हैं कि तुम्हारे जो तथाकथित जो संत है जेल धाम निवासी वो कह रहे हैं आजा बंदे शरण राम की तो आजा में क्या लिखोगे कम गो बंदे कम गो बंदे आजा तो कम गो लिखोगे क्या लिखो कम लिखोगे तो जाने की तो आपने अंग्रेजी की नहीं आजा जाने की अंग्रेजी भी तो करो आपको मानना होगा कि कई बार जाने का उपयोग हम लोग हिंदी में आने वाले उसमें संदर्भ में लेते हैं इसी तरीके से यहां पर लिया और ना भी लो अलग कर दो तो डिक्शनरी में चलना शब्द का यूज है चलना ले लो तो तू मेरी शरण में गति कर तू मेरी शरण में गति कर यह भगवान श्री कृष्ण का आ वो निकल गया तो ये इस पर एक विस्तृत वीडियो है संस्कृत ये जो शब्द हमने एक अपने जो गुरु भाई है जो संस्कृत के स्कॉलर है उनको ही बुला लिया था लाइव में उन्होंने आकर के संस्कृत बोल बोल करके पूरा इनको अच्छे से धोया इनके जो तथाकथित क्लेम है है ना जी जी जी और संस्कृत का ट्रांसलेशन
01:21:12:10 संस्कृत का स्कॉलर ही कर सकता है मुझे नहीं लगता रामपाल ने कहीं से संस्कृत पढ़ी होगी वो हिंदी जोड़ जोड़ के पढ़ता है वो संस्कृत कहां से विद्वान बन गया ये समझना चाहिए सुन लीजिए राम की फिर आा बंदे शरण राम अब ये कौन सा वाला इसमें कम लगाओगे गो लगाओगे शरण
01:21:46:24 राम जसवंत जी को ले लेते हैं जी वो रिया शर्मा जी और वो बहना आने वाली थी आ सकती है जय श्री राम सवस भैया जी जय श्री राम जय श्रीराम बताइए कसे सभी को जय श्री राम जी मैं यह बोल रहा हूं जी हसी आती है इनके परमात्मा में इतनी शक्ति नहीं है कि यह ब्रह्मा विष्णु बगैर भक्ति के भी काल के लोक से निकाल ले
01:22:23:15 आए सनातन धर्म को अंदर से नष्ट करना है तो ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति करके दिखाना पड़ेगा ना वही तो क अंदर से पीठ में छुरा मारना है तो ब्रह्मा विष्णु महेश की भक्ति का पाखंड तो करना पड़ेगा ना अब एक बात बताओ सु भैया मैं एक बात पूछ रहा हूं जैसे उस परमा काल को भी तो उसी परमात्मा ने बनाया होगा जी और हमको उसी परमात्मा ने बनाया है जी तो जब काल इतने अत्याचार कर रहा है तो इनका परमात्मा क्या सो रहा है क्या बैठा बैठा काल को ही क्यों नहीं पकड़ के बांध लेता फिर जी जी अय तो
01:23:12:04 यही अगर हम कोई कर्म कर रहे हैं तो हमको अपने कर्मों की सजा मिल रही है तो काल को अपने कर्मों की सजा क्यों नहीं मिल रही है उसकी सजा यही है कि वो एक लाख आमा को खाएगा अब कैसे खाई जाती है समझ में नहीं आता तो आत्माओं को खाएगा यह तो कष्ट आत्माओं को ही हुआ फिर भी ये सजा हमको ही हुई काल को तो ये सोच रहा हूं आत्मा जब अविनाशी है तो उसको खाता कौन है जब आत्मा अविनाशी है जीते जी तुम खा नहीं रहे हो मरने के बाद तुम खा रहे जीते जी अगर तुम कहते कि खाएगा तो तो समझ में आता भी मरने के बाद तुम खा रहे हो तो आत्मा अविनाशी है तो खाएगा कैसे फिर कोई वही तो कह रहा ये क्या है काल भी उल्टे कर्म कर रहा है तो काल को ही पकड़ ले भैया हमको सजा मिल रही तो हमको भी उसी ने बनाया है काल को भी उसी ने बनाया है इनकी को उल्टा सीधा लिखने की अब आप अपने य पर जब स्टॉल लगे तो अपना उ रूप दिखाइएगा हमारे य तो कोई ही नहीं ब आ समाज वाली भाषा बोल रहे इसमें तो ये तो अरे आर समाज आर्य समाज का स्तर इनसे कहीं ऊंचा है एक चीज पूछ मेरा ये
01:24:27:06 बहुत निचले लेवल के एक चीज पूछ हमारे य तो अब जेल में जेल में रहने की वजह इनकी जेल में रहने की वजह इनकी इसलिए है क्योंकि इन्होने आर्य समाज पर उनका ये जो पुस्तक है सत्यानाश प्रकाश उसम इन लोगों ने जो अपना टिप्पणी किया उसकी वजह से इनको यह मारपीट करने के बाद आय समाज ने इनको जेल में डाला वैसे तो आय समाज कम तो नहीं है लेकिन अब क्योंकि वो उनकी वजह से जेल में है सेंट्रल जेल में तो क्या अलंकार समाज इस इस केस में हमारी नजर में धन्यवाद का पात्र
01:25:11:06 है इस बारे में गुरुदेव का एक वचन है व एक बार शायद वानप्रस्थ में थे जंगल में वो थे उस समय निकल रहे थे कहीं कहां ध्यान नहीं मगर उन्होंने कहा था कि वहां पर क्रिश्चन री जो थी धर्म परिवर्तन कर कराती थी आदिवासी क्षेत्र में तो वहां पर उनसे लोहा लेने वाले कौन थे पता है अलंकारी गायत्री परिवार अच्छा तो फिर गुरुदेव ने कहा कि समय आने पर सांप और बिच्छू भी काम काम के होते
01:25:50:16 हैं विशाल जीने की बात करी तो उसमें अभी भैया आपने जो कॉल की वो डाली ऑडियो उसमें वो वकील महोदय कह रहे थे कि हमारी तो होती है रहती है पाच पाच घंटे की कॉल होती है वीडियो कॉल होती है तो वो कभी किसी न्यूज चैनल पर क्यों नहीं आते दो घंटे के लिए आ जाए ना पाच घंटे तो उनसे बात कर रहे हैं दो घंटे के लिए आ जाए किसी न्यूज चैनल पर अरे वो अंदर से कहते वो अंदर सेय कहते हमारे ऊपर महर है परमात्मा की हम लोग कैसे बचेंगे मैं यहां कष्ट झेल रहा हूं परमात्मा म करेगा हमारी ये है व है मेरे को तोय लोग चौरा में भीत बाते इनका देखो अगर कोई मु रास्ते में मिगा उसका क्या करूंगा एक मिनट आप मेरी झूठी साक्षी दे कि ब्रह्मा को पिता के दर्शन हुए और शीष मुख देखा है तब मैं तेरे साथ चल सकता हूं गायत्री ने विचार किया कि यदि ब्रह्मा को नहीं ले जाऊंगी तो माता जी शाप दे दे सकती है इसलिए गायने ूठी गवाही देने की शर्त रखी अब शर्त देखो क्या रख रही है गायत्री मां देखिए कुछ
01:27:03:27 भी और य इसको बोलते कि ये ज्ञानवर्धक पुस्तक है सारी असली चीजें लिख रख है इसम नहीं अश्लील चीजें लिख रखी है वो क्या लिख रखा है अपने मन से क्यों लिखा है तुमने अपने म अज्ञान का कीचड़ मिलन और संभोग को ये एक चीज के लिए इस्तेमाल कर रहे है अरे ज्ञान का कीचर नहीं ज्ञान शब्द आ गया तो ये अलना हो गई ज्ञान की अज्ञान की नाली हा हा अज्ञान का कीचर सॉरी अज्ञान कान अज्ञान की नाली नहीं है नल्ला है यह शब्द ठीक रहेगा अज्ञान की नाली अज्ञान सरोवर कोई आएगा साने बताता हूं उसको अभी अब पारस अवधिया जी आए हैं और राजस्थान से कई काफी देर से हैं मगर ये चेहरा दिखा रहे हैं सादर प्रणाम जी जी जी खुश रहि है जय श्री राम बोलिए जी मैं यह बोल रहा हूं कि जितना दुस्साहस इस्लाम और ईसाइयत नहीं कर पाती यह हमसे निकले हुए इतना दुस्साहस कर लेते हैं कितने दुख की बात है कि हमारे देवी देवताओं के विषय में इतना दुखद इन लोगों का वक्तव्य होता है इनके
01:28:19:03 लेख होते हैं और इसके पीछे का मैंने एक कारण जहां तक जाना है भैया जी कि ये लोग जो लोगों को जोय इनके पास जो लोग जा रहे हैं ना उसका रीजन यह है कि यह उनको झूठी तसल्ली देते हैं कि आपकी बीमारी हम ठीक कर देंगे जैसा चर्च में मिशनरियों ने जो किया ना चंगाई सभा एक प्रकार से वैसे ही कार्य कर रहे हैं यह लोग और यह पूरी तरीके से ईसाई मियो एक दुख की बात मेरे ये समझ में नहीं आता कि अगर इनके पास करोड़ों भक्त है तो करोड़ों पुस्तकें छापने के लिए फंडिंग कहां से आई होगी इनकी हम यही बताएंगे ये जेल धाम में जो बैठे हैं उनके पास पूरा बरा रहता है एक बार एक इनका शिष्य आया था तो उससे हमने पूछा था कि आपके जो दीक्षा लेते हैं नाम दान की तो व एलसीडी से लेते तो आपके जो जेल धाम निवासी उनको पता रहता मेरा कौन कौन सा शिष्य है तो बोला उनसे जो इनका चेला था कि हां उनके पास पूरा डाटा हर महीने जाता है और वो उसको वेरीफाई करते मेरा कौन कौन सा है मुझे लगता मुझे लगता है इनकी वहा पर्सनल बैरक होगी और बैरक में जो है पूरा इनका पूरा वो डटा रखा होगा पूरा जेल में डीसी साब लगे हुए है ना वो सतलोक से डायरेक्ट बारिश होती है पैसों की
01:29:34:03 वहां भैया जी पर फंडिंग कहां से आपने प्रश्न किया ना पारस जी वो मैं एक बात बता दूं अक्सर हम पर दोष लगाते हैं कि भाई तुम हिंदुओं को ही क्यों टोक हो वैसे तो ऐसा नहीं है हम लोगों ने मुसलमानों के लिए भी आमंत्रित कर रखा है और हमने प्रयासरत रहते हैं किय क्रिश्चन भी आए आ नहीं रहा बात अलग है कभी ना कभी आएगा हालांकि अभी रिसेंटली हमसे कुछ मुसलमानों ने संपर्क किया है बहुत जल्द आपको एक हो सकता है कि मुसलमानों के साथ आमना सामना चर्चा होती हुई दिखाई दे मगर यह हम पर आरोप लगता है कि आप जो हिंदुओं से ही क्यों पूछते आप आर्य समाज से क्यों क्वेश्चन करते हैं क्योंकि हमें ज्यादा खतरा हमारे अंदर जो सनातन का विरोध हो रहा है उससे क्योंकि सामने वा को हम जानते हैं वह हम पर अटैक करेगा जो भी करेगा हम उसे पहचानते हैं मगर अंदर बैठा हुआ जो व्यक्ति है वह कब हमारे लिए हानिकारक हो जाएगा उसे हम नहीं जानते जैसे कि मान लीजिए कि आपके घर के बगल में एक हिंदू रहता है ठीक है आप यह सोचते हो कि हमारे घर के बगल में हिंदू रहता है और आप आश्वस्त हो कि कभी अगर हमारे मंदिर पर आक्रमण हुआ तो हम और यह बगल वाला हिंदू
01:30:49:03 जो है हम दोनों जाकर तो मिलकर कम से कम बचाएंगे ही अब किसी दिन आक्रमण होता है तो आक्रमण वाले दिन आपको पता चलता है कि वह राम पालिया हो गया था और उसे भोले बाबा से नफरत है शिव भगवान से उसे नफरत है अब व आपके साथ जाएगा क्या तो आपने अपनी कोई तैयारी क्यों नहीं की क्योंकि आपको पता नहीं था कि य राम पालिया हो गया है आपको पता नहीं था कि रामपाल के नाम पर इसको जो है शिवजी के विरुद्ध जहर पिलाया जा रहा है आपको पता नहीं था कि अलंकार समाज के नाम पर इसको जो है राधा जी के विरुद्ध जहर पिलाया जा रहा है तो आपका नुकसान कैसे हुआ तो मैंने अपने कई वीडियोस में ये कहा है कि हमारा जो वास्तविक शत्रु है वो सामने शस्त्र लिए खड़ा हुआ कोई व्यक्ति नहीं है हमारा वास्तविक शत्रु सामने शस्त्र लिए खड़ा हुआ कोई अपरिचित व्यक्ति नहीं है बल्कि हमारा वास्तविक शत्रु पीछे शास्त्र लिए खड़ा हुआ कोई परिचित व्यक्ति उसके हाथ में शस्त्र नहीं है शास्त्र है और हमें लग रहा है वो हमारा अपना है मगर समय आने पर वह आपके लिए समस्या बन जाएगा और समस्या
01:32:04:08 है मैं खुद गया एक बार जब मुस्लिम से मैं बात कर रहा था तो जब मैंने कहा क्या तुम्हारा ईश्वर सब कुछ कर सकता है बोले हां क्या उसके ऊपर कोई भी नियम लागू होता है बोले नहीं मैंने कहा बहुत बढ़िया क्या वो अवतार ले सकता है बोले नहीं ले सकता मैंने कहा तो बाधित हो गया तुम्हारा ईश्वर तो बोले तुम्हारा भी तो बाधित है दयानंद समाज तो नहीं मानता अवतार ले सकता लो अब हमारे पास इस बात का खंडन है कि दयानंद समाज हमारे यहां का कोई प्रामाणिक तंत्र नहीं है क्योंकि वह परंपरा प्राप्त नहीं है मगर सामान्य हिंदू की बात आप सोचिए वो तो वहा टूट जाएगा अगर हम उसको यह सिखा दे कि ईश्वर निर्विवाद रूप से अबाध है अबाध का मतलब उस पर कोई भी लिमिटेशन लागू नहीं होती ईश्वर के ऊपर हम तो यह सिखा रहे हैं और आर्य समाज ये सिखा रहा है अब वो व्यक्ति वहां पर टूट जाएगा जब वो किसी और से बातें कर रहा हो अच्छा हमारे यहां के हिंदू ने भी यही बोला है कि ईश्वर अवतार नहीं ले सकता तो समस्या यह है जो हमें अंदर से तोड़ रहे हैं हम लोग 80 पर है मगर वो 80 पर बटे हुए हैं कैसे सामना करोगे
01:33:19:12 ब्रह्मा कुमारीज के नाम पर अलंकार समाज के नाम पर रामपाल के नाम पर राधा स्वामी के नाम पर गायत्री परिवार के नाम पर इतने सारे हर कदम पर एक कल तैयार है दिख रहे हैं हिंदू मगर वास्तविकता में टटोलने पर आस्तिक भी निकल आए तो बहुत बड़ी बात है अगर जैसे टटोल टटोल ले हिंदुओं को तो वह आस्तिक भी निकल आए तो बड़ी बात है इसलिए हमें जो यह बात जो आपने कही ना कि कि भैया यह जो है यह उनसे ज्यादा यह सही बात है कि हमारा वास्तविक सामने शस्त्र लिए खड़ा हुआ कोई अपरिचित नहीं है गैर नहीं है हमारा वास्तविक शत्रु पीछे शास्त्र लिए खड़ा हुआ कोई परिचित है कोई अपना है तो हम अगर उधर ध्यान देंगे तो हम इतनी बड़ी शक्ति के रूप में उ भरेंगे हाथी बन जाएंगे तब किसी कुत्ते में किसी स्वान में हिम्मत नहीं होगी कि हमारी और नजर उठा कर के देख सके हमें केवल हाथी बनना है हाथी कैसे बनेंगे जब हम अपने पीछे जो शास्त्र लेकर के घूम रहे हैं ना ज इनको इनको पकड़ेंगे तब हम हाथ बंद करके बैठ सकते हैं जी नहीं बिल्कुल सही कहा शिवांश भाई आपने और सेकुलर हिंदू भी एक तो यह शास्त्र वाले हैं जो नकली ट्रांसलेशन
01:34:35:01 करके समाज को भ्रमित कर रहे हैं और उससे भी खतरनाक है सेकुलर हिंदू जिसने हमारे धर्म ग्रंथों को कभी पढ़ा ही नहीं है वह यह समझता है कि भैया भारत में जो यह माइनॉरिटी जिनको हम कहते हैं इनको भी रहने का अधिकार है जब हम कोई क्वेश्चन करते हैं तो कहते हैं जी यह कहां जाएंगे जिनके 56 देश हैं उनके लिए हमारे देश की मेजोरिटी वाले कहते हैं कि यह कहां जाएंगे लेकिन मैं उनसे यह पूछता हूं कि यह तो चलो चले जाएंगे 56 देश है इनके पर तुम कहां जाओगे अगर तुम्हारे ऊपर बांग्लादेश जैसी सिचुएशन हुई तो तुम कहां पर जाओगे तुम्हारे तो 56 तो छोड़ो एक देश है जो भी धर्मशाला बना हुआ है तो आपने बिल्कुल ठीक कहा शास्त्र वाले भी है और एक ऐसे लोग है जिन्होंने शास्त्र पढ़े नहीं है तो हमारा असल में जो ये जो सेकुलर लोग और जो राष्ट्रवाद के नाम पर जो धर्म का खंडन करते हैं यह लोग और एक जो हो गए कम्युनिस्ट यह सब जो है यह जो शास्त्र वाली विकृति है ना पीछे वाली इनके उपजा हुए पौधे हैय सेकुलरिज्म
01:35:53:25 इन्हीं से आया मेरे पास भी इसकन वालों की भगवत गीता है और इसमें मैंने भी काफी चीज आपत्ति जनक पढ़ी है बहुत सारी है आप देखो शिवजी और कृष्ण जी तो अलग अलग है मगर कृष्ण और अल्लाह एक है हा देवी भागवत हां अरे वो बहुत अलग अलग है काल रूपी ब्रह्म की मैथुन क्रिया से वो अलग अलग है उसको फिर किसी दिन ले लेंगे यह ऐसे जो इन लोग पाखंड फैलाते हैं ना भैया जी जी इसी के लिए तुलसीदास जी ने लिखे हैं कि कलि मल ग्रसे धर्म सब लुप्त भए सद ग्रंथ और दमन नि जमती कलप कररी प्रकट किए बहु पंथ हाय एक दंभ हों की बुद्धि की कल्पना का दुष्परिणाम है कलयुग के दुष्प्रभाव से कि ऐसे पंथ यहां पर उत्पन्न होते जा रहे हैं होते जा रहे हैं दिनों दिन जी और के लिए भैया जी मेरा मानना यह है कि व्यक्तियों को यह प्रचार तंत्र के द्वारा राजनीतिक तंत्रों के द्वारा जो बनाए हुए संत है ना जो हमारे भगवान शंकराचार्य जी बोलते हैं पूरी पीठाधीश्वर जी कि ये ऐसे संतों के पास लोग जाना क्यों चाहते हैं क्योंकि
01:37:09:04 प्रचार उनका होता है हमारे परंपरा प्राप्त जो भगवान शंकराचार्य जी का है उनको कभी किसी संस्कार चैनल वाले नहीं दिखाएंगे उसके कारण लोग साधना में रामपाल रोज आ रहा है तो लोग जो जो सामान्य परिवार का व्यक्ति अरे टीवी में आता है रामपाल वो इतने में खुश हो जाते हैं य दुष्परिणाम है एक दुविधा है भैया जी क्या बताए जी अर्पित गुप्ता जी जय श्री राम जय श्री राम भया जय श्री राम भैया वही बता रहे थे कि अपनी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हम लोग अपने शास्त्र पढ़ते ही नहीं है सबसे बड़ी समस्या यही है हम अपने शास्त्रों को जानते ही नहीं है नहीं केव केव पढ़ने से भी काम नहीं चलेगा गुरु गोविंद और गुरु परंपरा प्राप्त आचार्य और फिर उनके द्वारा स्वीकार किए गए सिद्धांतों की सीमा में रहकर के ग्रंथों का अध्ययन और तब प्राप्त होता है गोविंद गुरु गोविंद और ग इसीलिए हरा हमारा जो मोटिव है ना उसका नाम है एमथ जीी मिशन गुरु गोविंद और ग्रंथ जी जी भैया से पहले हम भी भ्रमित थे इन चीजों को लेकर कई बार तब हमने फिर भगवान आदि शंकराचार्य का नाम पहली बार जब सुना
01:38:24:06 था उनका नाम पहले सुना था पर इतना नहीं जानते थे उनके विषय में पर जब उनको पढ़ा उसके बाद आगे बढ़े तो समझ में आया कि हां सनातन धर्म से श्रेष्ठ कुछ और है ही नहीं जितना ज्ञान हमारे ग्रंथों में है उतना कहीं और है ही नहीं तो उसमें भगवान आदि शंकराचार्य जी हमारा मूल है हमारे धर्म की बिल्कुल उनके विरुद्ध जाकर तो कुछ हासिल ही नहीं होगा अ ये कौ वो वो जो ट्रेडिशनल रहा है ना गुरु शिष्य का वो वहां पर उस चीज को वैलिडेट करते हैं जबकि बाकियों में आप जाओगे तो कुछ ना कुछ मिसिंग रहता है हमेशा ये मैंने भी चीज नोट की है क्योंकि मेरे एक डिबेट हो रही थी मेरी एक मुस्लिम से तो उसने मेरे को पूछा कि तुम कौन से तुम्हारा गुरु कौन है तो वहां पर मैं फस गया था फिर मैंने तब जाके शंकराचार्य उनके चैनल्स देखे और पूरी के शंकराचार्य जी उनका भी चैनल मैं जुड़ा हुआ हूं उनसे भी सुनता रहता हूं उनको तो यह जरूरी है हमारी परंपरा जो है ना इसको छोड़ दिया तो मतलब जैसे हमारा गोत्र होता ना बोलते हैं गोत्र कौन से गोत्र से हो ये बहुत जरूरी होता ऐसा है ना इसमें बात ये है कि यदि आप अपने आप को वैदिक कहना चाहते हैं यदि आप अपने आप को सनातनी कहना चाहते हैं तो आपको यह समझना होगा कि वैदिक सनातन धर्म आप तक पहुंचा कैसे है अरबों
01:39:39:06 साल पहले जो वेद मंत्र प्रकट होते हैं आप तक कैसे पहुंचे तो अब आप ये मान लोगे शंकराचार्य से पहले की क्या वो रही परंपरा उस पर आपको विश्वास नहीं है मान लो मगर आपको यह तो मानना पड़ेगा कि शंकराचार्य की मध्यस्थता से वो जो मंत्र है वो आप तक आए ठीक है वो उससे पहले उन्होंने कहां से लिए अपने से बना दिए तो ठीक और वो भगवान से ही आए तो ठीक आए उनके ही मध्यस्थता से ठीक है ये आपको मानना पड़ेगा जी जी तो जब उनकी मध्यस्थता से कोई चीज आ रही है और आपको आदि शंकराचार्य जी पर भरोसा नहीं है तो उनके द्वारा प्राप्त होने वाली चीज पर भी भरोसा होना तार्किक रूप से सिद्ध नहीं होता यदि मैं आपको एक बुक दे रहा हूं कि यह लो इस पर विश्वास करो तो जितना विश्वास आपको बुक पर होना चाहिए उतना ही विश्वास आपको मेरे पर भी होना चाहिए कि मैं अगर झूठ बोल सकता हूं तो उस बुक को भी झूठा दे दिया होगा और अगर वह बुक झूठ नहीं बोल सकती तो उसे देने वाला भी झूठ नहीं बोल सकता उस झूठ का आधार कुछ भी हो सकता है अज्ञानता का ब्लेम कर लो आप कि अज्ञान वश आदि
01:40:54:10 शंकराचार्य जी ने वेद का गलत अर्थ दे दिया या फिर लालच वश वेद का गलत अर्थ दे दिया द्वेष वस वेद का गलत अर्थ दे दिया मगर जैसे ही आप आदि शंकराचार्य जी को गलत कह दोगे तो उनके द्वारा प्राप्त होने वाले वेद मंत्रों का भी आपकी मान्यता के अनुसार ईश्वर द्वारा प्रदत्त होना मानव हित के लिए प्रदत्त होना वो सि नहीं होता हो सकता है आपका जो धर्म सिद्धांत हो अच्छाई और बुराई में फैसला करना निर्णय लेने का जो आधार हो वो हो सकता है दुर्जन तोष नय से बोल रहा हूं हो सकता है सही हो मगर वह जो धर्म और धर्म की आपकी व्याख्या है वो उन वेद मंत्रों की व्याख्या नहीं हो सकती जो आदि शंकराचार्य जी के द्वारा आए हैं यदि आप उनका विरोध कर रहे हो आप अपना खुद का कल्ट खोल लो कि हम अलंकार समाज है हमें नहीं मतलब पीढ़ियों पहले आ रहे वेद मंत्रों से हम तो यह कह रहे हैं यह धर्म है ऐसे बोलो अगर आपने शंकराचार्य का विरोध कर दिया तो आपका वैदिक सनातनी होना सिद्ध ही नहीं होगा और यह सब बातें जब बैठ कर के व्यक्ति विनम्रता से सकारात्मक दृष्टि से जब सोचेगा ना तब उसको समझ में आएगी कि
01:42:09:26 क्यों आवश्यक है य नाम यह नाम हमारे लिए क्यों आवश्यक है शंकराचार्य को हम छोड़ क्यों नहीं सकते क्योंकि उन्हीं की चे परम नरेशन मतलब परंपरा से हमारे पास ये धर्म आया जिसके कारण हम अपने आप को सनातनी कहते हैं गीता प्रेस के पास कहां से आए वो मंत्र वो श्लोक सबसे पहला गीता भाष्य किसने किया शंकराचार्य महाभारत में जो गीता है उस गीता को अलग से निकाल कर के उसका भाष्य किसने किया सबसे पहले शंकराचार्य नहीं तो वो एक ग्रंथ का हिस्सा थी गीता महाभारत का एक संवाद था वो कृष्ण और अर्जुन के बीच में
01:42:56:00 जी बिल्कुल बक और जो आर्य समाज की भी बात मैं बताऊं कि जो आपका रियल इंटेंशन के साथ कुछ चल रहा था तभी मेरे को उन्होंने वीडियो जब बनाया था तभी मेरे को आपके बारे में पता चल रहा था लेकिन मैंने डिटेल में देखा नहीं था आपका वीडियो एक टाइम था जब रियल इंटेंशन हो गया सनातन समीक्षा ये सब चैनल हम सब मिलकर काम करते थे लेकिन उस वक्त एक सेकुलरिज्म की तरह होता है ना कि ठीक है भाई चलो तुम भी आ जाओ तुम भी आ जाओ लेकिन वो ज्यादा दिन चला नहीं क्योंकि हुआ क्या कि एक ग्रुप बना ट ग्रुप और मैं भी उस ग्रुप से जुड़ा उसमें आर समाज के लोग भी थे और यह रियल इंटेंशन वाले भाई साहब है यह भी थे तो काफी अच्छे मित्र थे हमारे अब वहां पर क्या हुआ शिवजी का अपमान होने लगा जो शिवलिंग के बारे में बड़े गंदे गंदे चित्र व वहां पर डालने लगे और कर लि एक मिनट मैं जरा एक बात का उत्तर दे दूं जी हा इस तरह से व्यास जी ने भी कहीं कहीं पर पाया व्यास जी ने भी उनका भाष्य किया है मगर जो आधुनिक आचार जो हमें प्राप्त है जिनका ऐतिहासिक वर्णन हमें प्राप्त है तो उसमें जो है शंकराचार्य सभी परंपरा में सबसे प्रथम है जी सनातन शंकर जी जी बताइए जी तो वहां पर शिव शिवलिंग का मजाक उड़ने लगा और
01:44:11:07 मैंने अपने चैनल पर बहुत सारे ऐसे वीडियो डाल रखे थे जिनसे में जो शिवलिंग का मजाक उड़ाते थे तो उनका मैं विरोध करता था वीडियो बना बनाकर डालता था तो मुझे बहुत बुरा लगा मैं एग्जिट कर गया अब जो संदीपन रॉय है उनका भी एक चैनल है वो भी मेरे बड़े अच्छे मित्र थे तो उनका फोन आ गया कि भाई तुमने एग्जिट क्यों कर दिया ग्रुप मैंने कहा ये सारी गंदी चीजें अगर इस ग्रुप में होंगी तो फिर मैं तो नहीं रहने वाला संदीपन जी आपको भी पता है कि मैं किस तरह से शिव जीी का भक्त हूं मेरे घर में हम शिव की मूर्ति की पूजा करते हैं और यह जिस तरह से शिवलिंग का मजाक उड़ा रहे हैं यह लोग वो कहता है कि ये ना आर्य समाज से जुड़े हुए नहीं है मैं इनको समझा दूंगा तो आप ग्रुप में फिर से जुड़ जाइए तो मैं फिर जुड़ गया और फिर उन्होंने फिर वही चीज शुरू कर दी फिर मैंने फिर एग्जिट किया और तब से लेकर अब तक मैं मैं वहां से अलग ही हूं और मैंने धीरे-धीरे अपने आप को वहां से अलग किया कि मैंने कहा यह नहीं चल सकता कि दोगली बात नहीं चल सकती या तो मैं अगर मैं बोल रहा हूं मैं तुम्हारे साथ हूं तो तुम्हारे साथ हूं तो कहीं ना कहीं मैं इनडायरेक्टली ये चीज को सपोर्ट कर रहा हूं कि भाई जो तुम यह चीजें लिख रहे हो मैं उसका आंशिक रूप से समर्थन कर रहा हूं जो मैं नहीं कर सकता तो इसलिए मैंने फिर वहां से छोड़ा मेरे चैनल की व्यूअरशिप भी डाउन करी गई रिपोर्ट भी किया गया जहां मेरे दो दो लाख तीन-तीन लाख व्यूज आते थे वहां पर 400 और 500 मेरा चैनल सिमट गया मुझे पता है इन लोगों ने ग्रुप बना
01:45:26:13 बनाकर मेरे चैनल को रिपोर्ट किया लेकिन कोई नहीं जितना वो कर चुके हैं अब अब हम फिर से शुरुआत कर रहे हैं ढाई लाख सब्सक्राइबर मेरे चैनल पर लेकिन व्यूअरशिप आप देखोगे तो हजार व्यू बड़े मुश्किल से आते हैं कई कई वीडियो प तो ये सारी कहानी है लेकिन मुझे कोई मिल नहीं रहा जैसे ने जो वीडियो बनाया आपके ऊपर तो वहां से फिर जब मैंने आपके वीडियो देखना शुरू करे अभी ज्यादा नहीं देख पाया हूं पर जितना भी टाइम लगा है तो मैं जरूर आपके स्टडी करूंगा और ज्यादा आपके चैनल को मुझे लगता है कहीं ना क विचारधारा आपकी और हमारी थोड़ी मैच करती है जी जी ऐसा है आपने अभी एक बात कही सेकुलर टाइप के हिंदू इस पर ही हमने एक वीडियो बनाया है उसको हमने नाम दिया होडा हिंदू होंडा हिंदू का मतलब क्या है वह अपनी अपनी दुकान टाइप की जो भी वह चला रहा है उसके लिए वो क्या करेगा जय आदि शंकराचार्य जय दयानंद दयानंद की भी जय और शंकराचार्य की भी जय वर्ण को जन्म से मानने वाले की भी जय और वर्ण को कर्म से मानने वाले की भी जय अच्छा एक मैं नाम नहीं लूंगा मगर मैंने कुछ ऐसे धर्म रक्षकों को भी देखा सुना है जो कहते हैं वो देखो तुम्हारा अपना मामला है तुम संप्रदाय
01:46:41:19 के हो तुम आर्य समाजी हो हम तो बस यह बताने आए हैं कि इतिहास में यह दर्ज है पुराण में ये दर्ज है मूर्ति पूजा थी कि नहीं थी हम तो ये बताने आए भाई और समय आने पर शंकराचार्य का भी खंडन करेंगे समय आने आर्य समाज का भी खंडन करेंगे तो यह है होडा हिंदू इनको पता ही नहीं हैय कर क्या रहे हैं भाई धर्म की परिभाषा क्या है सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को परिभाषित कर सकने वाले शास्त्रों द्वारा सच्चिदानंद स्वरूप परमेश्वर को प्राप्त करने के निमित्त बताई गई विधि का नाम धर्म है विधि जी अब जब आपकी वो जो विधि है वो क्लियर कि आप यह दयानंद की विधि को मानते हो या शंकराचार्य की विधि को धर्म मानते हो तो तुम धार्मिक कहां से हो पहले य बताओ कहां से हुए धार्मिक अगर तुम्हें दयानंद पर भरोसा नहीं है पूरा तो तुम्हारे पास वेद कौन से हैं अगर आप शंकराचार्य को नहीं मानते हैं ठीक है और तुम्हें दयानंद पर भी डाउट है कुछ अभय रियल इंटेंशन वाले जो है वो अपनी वीडियो में कहते सब में कमियां होती है भाई मेरे धर्म में कोई कमी नहीं नहीं है आपको लगता है आपके धर्म में कमी है क्योंकि
01:47:56:26 आपका धर्म धर्म ही नहीं है तो अब ये क्या करते हैं कि जब इनको दयानंद जी पर भी डाउट है तो फिर इसका मतलब उनसे प्राप्त होने वाले वेद मंत्र और वेद मंत्र के अर्थ पर भी जो डाउट हो गया तो फिर तुम्हारा धर्म क्या है किस मुंह से कह रहे हो कि तुम सनातनी हो तुमने अपने वेद भाष्य कर दिए चलो अपने वेद भाष्य कर दो तब तो मान भी ले कि तुम वैदिक हो तुम सनातनी हो तो जितने लोग हैं जिनका कोई माय बाप नहीं है जो सबका मिक्सचर करते हैं कि मैं मैं जो है वीरा हूं और मैं जो है आर्य समाजी नहीं हूं बस मैं दयानंद की बहुत रेस्पेक्ट करती हूं मगर कहीं पर मैं व भी बन जाती हूं मूर्ति पूजक भी बन जाती हूं और यह सब लोग यह सब लोग होंडा हिंदू की श्रेणी में आते जिनको आपने कहा ना सेकुलर टाइप के ू इनका सि नहीं है सिद्धांत विहीन अच्छा सिद्धांत विहीन किसकी पहचान है जो नास्तिक होता है व सिद्धांत विहीन होता है क्योंकि उसको अपने धर्म और धर्म के निर्णय में नहीं पता कि मुझे क्या और क्यों करना है सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में कौन माता है कौन बहन है कौन पत्नी है इसमें अंतर करना
01:49:12:04 है तो क्यों करना है और अंतर क्या करना है यह हमें धर्म बताता है अब हमारा धर्म क्लियर नहीं है इसको फॉर एग्जांपल ऐसे समझ ले जैसे हमें यह नहीं मालू मालूम है कि किसका अर्थ प्रमाणिक है ठीक है तो जब हमने जब यह बात आएगी कि बहन के साथ विवाह नहीं करना है तो हम मनुस्मृति दिखाएंगे भाई कि देखो दयानंद जी ने तो यह लिखा है बहन के साथ विवाह नहीं करना है वहां आदमी कह सकता है कोई दयानंद को पूरा थोड़ी ना मानता हूं जोय न्यूट्रल हिंदू है वहां अपनी अपनी मान्यता को ऊपर रखने के लिए अगर उसको बहन के साथ विवाह करना ही है अगर उसे करना है उसकी इच्छा हो गई तो हम उसे शास्त्रों द्वारा हम उसे शास्त्रों द्वारा रोक नहीं सकते जैसे हमने शास्त्र दिखाया कि हमें जो है एक मिनट एक मिनट रुक जाइए एक दिन हट हो रुक जाइए हां तो हम उन्हें शास्त्र दिखा रहे हैं देखो तुम जिसे मानते हो ना दयानंद को दयानंद जी ने भी यह लिखा है कि बहन के साथ विवाह नहीं करते मनुस्मृति में कहीं पर लिखा है अर्थ करते अरे यह श्लोक तो मिलावटी होगा मैं दयानंद जी को प्रमाण थोड़ी ना मानता हूं अच्छा भैया आदि शंकराचार्य जी को ले
01:50:27:07 लेते हैं अरे आदि शंकराचार्य जी को पूरा थोड़ी ना मानता हूं मैं मैं तो हिंदू हूं अरे हिंदू हो कहां से फिर तुम अरे किसको किसके द्वारा तुम अपने धर्म और धर्म का निर्णय करते हो बुक का नाम बताओ ना नहीं बताएंगे पूरा पूरा किसी को मानने वाले है ही नहीं तो इसका मतलब क्या है इनका जो धर्म है वह मनमुक है हमारा जब जा ये अपने आप को क्यों कहते हैं जैसे वो एक बात आई थी ना कि जिस एज में लोगों को विवाह नहीं चाहिए बाल विवाह अपराध है उसी एज में लोगों को बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड चाहिए जिस ऐज में आपको पत्नी नहीं चाहिए ऑफिशियल आपको पति नहीं चाहिए ऑफिशियल उसी एज में आपको लवर चाहिए ऑफिशियल आपको गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड चाहिए ऑफिशियल तो ये क्या हुआ क्यों क्योंकि अगर हमने कह दिया कि हमें विवाह करवा दो तो हम बंद जाएंगे एक को छोड़ के दूसरे प नहीं जा पाएंगे तो इसलिए वो गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड वाला तो चलेगा जिससे कि वो जो सुख प्राप्त होना है वो पूरा होता रहे मगर कर्तव्य अथवा जो बंधन है वो ना प्राप्त हो उसी प्रकार से इनका यह मामला होता है कि ये जो न्यूट्रल हिंदू है जो होंडा हिंदू है इनका भी यही मामला होता
01:51:42:12 है कि इ ये कहीं भी बंधन में ना बंद जाए कि नहीं ये बात तुम्हें माननी पड़ेगी इसलिए ये बोलते हैं कि नहीं हम हम तो किसी भी संप्रदाय के नहीं है हम तो हिंदू हैं अरे हिंदू हो कहां से कौन सा गीता भाष्य तुम्हारे लिए प्रमाणिक है कौन सा वेद भाष्य तुम्हारे लिए प्रमाणिक है कौन से आधार पर तुम हिंदू हो कौन से आधार पर तुम सनातनी हो मानना पड़ेगा ना किसी वेद भाष्य को प्रमाण के रूप में अपना वेद भाष्य कर दो तो यह जो होडा हिंदू है इनम इतनी इतनी सामर्थ्य भी नहीं है कि इनम यह अपना वेद भाष्य रच दे वो तो सामर्थ्य है नहीं तो ये यह भी बहुत बहुत भयंकर रूप से घातक होते हैं जहर वाले बस एक बात है यह वापस आ सकते हैं अगर इनको थोड़ा सकारात्मक प्रयास किया जाए तो आज जो हम लोग जो यहां बैठे हैं इनम से हम में से 70 पर लोग वही होंडा हिंदू है जो आप वापस आ
01:52:40:22 गए एक आरस से एक बहस हुई थी वो य कहते आप शिवलिंग शिवलिंग पर दूध चढ़ाते हो ये गलत है मैं क वो गलत कैसे है भाई कते वो बर्बाद हो जाता है दूध जो है अच्छा जो तुम हवन करते हो उसम ी डालते हो तो वेस्ट जाता है कि उसका यज हो जाता है या किसी जानवर या किसी बे इंसान के अर चला जाता है कता तुम तो चैलेंज कर रहे हो उसको हवन को यही बात उसके अंदर होती है मूर्ति में जैसे तुम य हवन के अंदर डालते हम भी ऐसे के रूप में उनको मूर्ति को पूते हमलोग तो च बा एक बात इसम भी है गुरुदेव से पूछा था दूध के बारे में तो वो उसकी आदि दैविक अर्थ भी है शिवलिंग पर चढ़ाने का वैज्ञानिक अर्थ भी है फिर अंततोगत्वा गुरुदेव ने यह बताया था कि आप क्यों उसको बहने दे रहे हो भाई आप उस पर ऐसी व्यवस्था कर लो ना शिवलिंग पर जब दूध गिरे तो आकर के वह किसी पात्र में आ जाए और वहां से आप गरीबों को दे दो क्या दिक्कत यह चीज तो महाकालेश्वर मंदिर में आज भी होती है इतना अभिषेक होता व बाद में कुतो के लिए बर्तन व्यवस्था है कि अंत जब वो बर्तन भरे
01:53:55:24 व जाकर उनको स्वान को जास देते आपको मैं एक बात बताऊ एक बात बताऊ मैंने जो ग्रंथ लिखा आवान वो जो ग्रंथ लिखा है आवान जो बुक लिखी जो विभिन्न हमारे आचार गण प्रमाणिक उनके जो संकलन किया उनके बुक से चैप्टर उसमें एक जो चैप्टर है नास्तिक वो नास्तिक चैप्टर तो इसी बात पर उसमें कि मैं कहीं पर था और मेरे जीवन में वह घटनाएं घटित होती गई है तो वह चैप्टर जड़ते गए किसी ने जैसे मुझसे रास लीला के बारे में प्रसंग कर दिया तो रासलीला उस बुक में जुड़ गया शिव मोहिनी के प्रसंग के बारे में बात हो गई तो शिव मोहिनी प्रसंग उसमें जुड़ गया तो एक दिन ऐसे ही एक नास्तिक मिला था मुझे उस नास्तिक ने कह दिया था वो खंड विकास अधिकारी था अपने क्षेत्र का तो उसने मुझसे वो जी के मंदिर के पास कोई मेला लग रहा था वहां पर उसकी ड्यूटी थी प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उसकी ड्यूटी थी तो कोई उन्होंने मुझे बताया कि भाई हमारी कल ड्यूटी है ऐसा है वैसा है और बस भोले बाबा की बात चली तो बात छिड़ गई तो हल्का सा ऐसे हो गया हंसने लगे
01:55:10:25 भोले बाबा का नाम लेकर के नास्तिक थे तो हंसने लगे तो मैंने कहा कि क्या हुआ कि अरे तुम भुले बाबा में दूध चढ़ाते हो और वेस्ट जाता है अब नास्तिक थे वो तो तो मैंने कहा कि तुम अपनी बर्थडे पर पाच पाच लाख रुपए खर्च करते हो वो वेस्ट नहीं जाता दुनिया में जब तक कोई एक व्यक्ति भी गरीब है भूखा है तब तक पीटर इंग्लैंड की शर्ट मत पहनना बोरा पहनो गेहूं का पत्ते पहनो एक रुपया भी अपनी शान चौकत के लिए खर्च मत करना जब तक कोई दुनिया में भूखा है आ कर केय बात कहना कि दू क्यों चढ़ा रहे हो आपने ब्लैक बेरी की शर्ट खरीद ली वन हुसैन की शर्ट खरीद ली चार चार पाच पा हजार की तब आपको याद नहीं आया कि वेस्ट हो रहा है पैसा क्यों खरीदी क्योंकि आप चाहते हो कि आपको उसमें आपको लगता है कि आपकी उसमें वो शान है तो यह दूध चढ़ाना हमारी शान भैया एक एक व पाच पाच छछ जोड़ी जते होते र ता उनका है हो गया फिर वो बोले हमारे घर में सब लिबरल
01:56:26:02 है फिर वो बोले हमारे घर में सब उदारवादी है मैंने कहा माता बहन और पत्नी में अंतर के नाम पर आप लिबरल हो के उदारवादी हो क्या करोगे माता बहन और पत्नी में तुम अंतर मानते हो इस बात को लेकर कट्टर हो या लिबरल हो तो फिर इतना सम मैंने कहा सुनो आप लिबरल हो इस बात के लिए आप भी कट्टर हो और लो तुम उदारवादी हो इस बात को लेकर के तुम भी कट्टर हो तो शिवाजी हो काम एक टेक्निकल बात बताते हैं जैसे शिवलिंग हम लोग दूध चढ़ाते हैं दूध जब चढ़ दिया तोव पवित्र हो जाता है ठीक है जब वो अगर हम लोग सोचे वो नालियों में चला जाता है दूध या कहीं पर लेकिन वो हम य नहीं सोचते कि जब शिवलिंग से निकला हुआ दूध पवित्र हो गया वो कौन से जीवों के अंदर नाली केर जा रहा है वहा से आगे जाके सीधा नदियों में समुद्र में से मिल जाता है और किसी जीव को पवित्र करता होगा यह लोग नहीं सोच पाते कभी भी कोई भी चीज दुनिया में वेस्ट नहीं होती है कभी भी कोई भी चीज इसमें एक चीज और है जो इसका आध्यात्मिक
01:57:41:06 अर्थ है चढ़ने का वो है जीव तो हर जगह है इसका इसका जो आध्यात्मिक अर्थ है वो ये है शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का कि जैसे हम लोग एक कहते ना कि झंडा ऊंचा रहे हमारा तो हम जो है हम अपने मन में जानते हैं कि हम अपूर्ण है हम में विकृतियां है हम में विषमता है तो हम लोग अपने अपने जहन में हम सब जानते हैं कि हम अच्छे नहीं है तो हम उस चीज को ऊपर रखते हैं जिसको कोई चैलेंज ना कर सके हमारी अच्छाई को कोई भी चैलेंज कर सकता है य हम जानते हैं हम अपनी उस चीज को ऊपर रखना चाहते हैं जिसको कोई चैलेंज ना कर सके तो ऐसे ही वो जो झंडा ऊचा रहे हमारा वाली भावना है उसी प्रकार से हमारा जो पूर्ण रूप है जिसको कोई चैलेंज नहीं कर सकता शिव हम उसको दूध चढ़ते उस पर दूध का स्नान करके अपने ही स्वयं को ही पोषित करते हैं आध्यात्मिक अय है उसका दूध चढ़ाने का यह महाभारत में यह वाला जो उदाहरण है महाभारत में आज किसी से बात हो रही थी वो कहते कि आप मूर्ति पूजा
01:58:56:06 क्यों करते हो मूर्ति आपको क्या देती है तो मैंने बोला यह बताओ के मूर्ति हमसे लेती क्या पहले य बताओ कहते मूर्ति तो यार कुछ नहीं लेती मैं कहा वो काम क्रोध मोलो है उसके अंदर मूर्ति के अंदर कहते नहीं है मैं पहली बात तो यह समझो कि मूर्ति के अंदर काम करोध मोह लोभ नहीं होता इसलिए हम लोग मूर्ति पूजा करते हैं अब वो हमें देती क्या है जब हम अपने वो जो परमात्मा की मूर्ति हमें जो शास्त्रों से बताई कि ये परमात्मा की मूर्ति है जब उसको हम अपने मन में बसा लेते हैं तो हमारे को आत्मिक शांति देती है वो एक चीज जो काम क्रोध मोलो से परे है वो हमारे को आत्मी शांति दे रही तो हम क्यों ना करें भाई तो फिर वाली बात है सगम तम जोति गम मृत मतम गमाया इस चाह का विषय जो है जो सच्चिदानंद परमेश्वर है उस फिर मैंने क जी हा जी फिर हमने बोला जी वो आप बोलिए आप बोलिए फिर वो कह रहे थे कहते भी जो ये जो गलत लोग भी ये मूर्ति पूजा कर रहे हैं सही लोग भी कर रहे हैं तो उसका क्या मैं कहा मेरी बात सुनो मैं कहा भक्त प्रहलाद का नाम सुना है कहते हां मैं कहा उन्होंने बोला कि इस खंबे के अंदर परमात्मा है मैं कहा हिरण
02:00:11:10 कश्यप नहीं मान रहा था कहते हां ठीक है बिल्कुल मैं कहा हिरण कश्यप को क्या मिला मैं कहा उसको जूते मिले और भक्त प्रलाद को क्या मिला प्यार मिला लेकिन वो खंबे से प्रकट होके मिला क्योंकि उसकी आस्था थी उसके अंदर ऐसे ही हमारी आस्था रहती परमात्मा है उसके अंदर जिसकी नहीं है वो जूते खाएगा यह भाई य स्टूडियो फुल है क्या कुछ कमेंट आ रहे थे स्टूडियो फुल है स्टूडियो फुल तो नहीं है अब गणेश जी आए हैं गणेश जी का परिचय ले ले जी गणेश जी हा जी नमस्ते जय श्री राम मैं क्या कहता हूं आप इतना बोल रहे हो जाने पहनते हो आप सब आप अपना पूरा परिचय दे दीजिए पहले हा मैं हेमंत दास बोल रहा हूं हेमंत दास वो जो कमेंट करते रहते हो विरोधी कमेंट
02:01:07:21 वही कमेंट करते हो आप विरोध में रामपाल के फॉलोअर हो हा हां बोलिए रामपाल की कौन सी बात आपको सच सिद्ध करनी है मैं क्या कहता हूं आप जाने क्या भाई साहब हमारे और आपके बीच में वैचारिक मतभेद किस विषय पर है रो मैं खाली इतना पूछ रहा हूं आप जा पहनते हो क्या पहनता हूं आप विषय बताइए अपना फिर आप जब जान पहनते हो आपको बात सुनि मेरी बात सुनिए मेरी बात आपको य चुप कराऊंगा
02:01:47:25 आपको हमारे और आपके बीच में एक मिनट हमारे और आपके बीच में जिस बात को लेकर के मतभेद है किसी ऐसे विषय पर आपको चर्चा करनी है हां या ना में मुंडी हिलाए हमारे और आपके बीच में जने को लेकर के है क्या मतभेद कबीर ईश्वर है कि नहीं सुनिए मतभेद के मतभेद सुन लीजिए कबीर ईश्वर है कि नहीं गीता का ज्ञान देने वाला कृष्ण से अलग कोई काल है कि नहीं और रामपाल तत्वदर्शी है कि नहीं रामपाल ने अपनी किताबों में जो ज्ञान दिया है दुर्गा जी के लिए गायत्री जी के लिए यह प्रामाणिक है कि नहीं यह सारी चीजें हमारे आपके बीच में दूरी है इसके विषय में आपको बात करनी है तो आप बताइए करनी है क्या आपको करनी है हां या ना सर लाइए सर लाइए हां या ना हां या ना करनी है क्या अरे हां या ना सर लाइए करनी है ना हां तो इनमें से किसी एक विषय पर आप बात करिए जिसके कारण हम लोग दूर है उस विषय पर बात करिए
02:03:02:27 आपको जनेऊ नहीं पहनना है जनेऊ से दिक्कत है मत मत पहनिस जनेऊ की वजह से नहीं है वह बात की बात है हम लोग दूर है क्या रामपाल का ईश्वर सर्वशक्तिमान है मिलने वाला मोक्ष परम स्वतंत्र है मिलने वाला धर्म शाश्वत है कबीर है रामपाल तत्वदर्शी है गीता बोलने वाला कृष्ण से अलग कोई काल है और रामपाल ने जो अपने ग्रंथों में जो अपमान किया है वह क्या शास्त्रों में वर्णित है आपकी आवाज ऐसे आएगी नहीं आपको आपकी आवाज ऐसे नहीं आएगी आप यह बताइए किसी विषयो क्त बात पर आपको चर्चा करनी है कि नहीं करनी है ना हा मैं आपको ऑन कर रहा हूं ऑन कर दीजिए इनका म्यूट अन म्यूट कर दीजिए
02:03:55:10 अन म्यूट कर दीजिए इनको बोलिए हां ये जो आप बोल रहे हैं ना गीता गीता ज्ञान देता कोई और है बराबर ना बोलिए गीता गीता अध्याय 11 का श्लोक 32 मैं दिखा सकता हूं आपको वो भी कोई हमारी गीता नहीं है देखो एक के इसको मालो की गीता है इससे मैं पूरा दिखा सकता हू आपको बोलिए क्या बोलिए क्या लिखा है ये देखो इधर क्या लिखा है आपके तरफ गीता होगी तो देख सकते हो आप अरे आप प ये देखो इसमें क्या लिखा है श्री भगवान कहते मैं मराठी में बोल सकता हूं क्या नहीं हिंदी में
02:05:11:07 रेफरेंस कौन सा अध शलोक है हा देखो अध्याय 11 का श्लोक 32 वा देख लो क्या देखना है उसमें कल का उल्लेख क्या है मैं कल हूं हां व आप पढ़ सकते हो आपके तरफ भी गीता होगी गीता में देख सकते हो अरे भाई व काल श्री कृष्ण से अलग काल है यह कहां लिखा है यह बताओ दो मतलब तो पहली पहली बात तो ये है कल कल ने मतलब जिधर एक कल आते हैं क्या रील भी नहीं बन पाएगी
02:06:02:15 इसकी अरे भाई लोक कई बार पढ़ दिए सबने क्यों इनके चक्कर में पड़े हुए हो ये 50 बार आते हैं आपके फॉलो 50 बार इसी को बोलते हैं क सा आप ये बताइए आप यह बताइए इसमें 18 66 में क्या लिखा है ये जो गीता आपके हाथ में है इस पर आप विश्वास करते हैं कि नहीं करता इस पे तो करता हूं ना इस पे भी करता हूं उसपे गीता तो गीता है ना डाउट तो नहीं है पूरा तो नहीं कर सकते पूरा तो नहीं कर सकते एक मिनट एक एक करके चलते भाई साहब हेमंत जी एक एक करके चलते हैं एक एक करके एक एक करके चलते हैं एक एक आप पूरा नहीं करते ना पूरा नहीं करते ना पूरा करते हैं कि नहीं हमारे गुरुजी मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं मैंने आपसे क्या पूछा पूरा विश्वास करते हैं उस गीता पर जो आपके हाथ में है हां करता हूं पूरा एक शब्द भी यह मत कहना कि गलत है आज जो गलत है वो गलत ही बताऊंगा तो मतलब पूरा विश्वास नहीं है पूरा विश्वास नहीं है अब बताओ ना जो होगा मैं बताऊ पूछ रहा हूं पूरा विश्वास है कि
02:07:17:15 नहीं जो आपके हाथ में है उस भगवत गीता पर हां है पूरा एक भी शब्द गलत तो नहीं कहोगे हां ठीक है बोलो ना अरे बोलो ना एक भी शब्द तो गलत नहीं कहोगे हां नहीं कहूंगा ना बताओ ना ली नहीं कहोगे 18 66 खोलो बोलो जय सियाराम ज
02:07:52:15 66 66 हां खोला है हां पढ़िए क्या लिखा है हिंदी उसमें वृज का अर्थ जा लिखा है गलत तो नहीं है वो गलत लिखा है सही लिखा है गलत अनुवाद गलत किया है मतलब गलत है आपके हाथ में जो गीता है उसम कुछ गलत है मैं पूछ रहा हूं देखो पहले एक एक बात चलो एक एक बात चलो एक एक बात प चलो इसका मतलब है कि आपको इस किताब पर पूरा का पूरा भरोसा नहीं है भरोसा है पर अनु वादन पर भरोसा नहीं है अनुवाद ह मिनट वो अनुवाद हवा में लिखा है क्या कहां लिखा
02:08:45:19 है मैंने आपसे क्या पूछा मैंने क्या पूछा आपसे मैंने आपसे क्या पूछा अच्छा आप लोग मत बोलिए मत बोलिए एक एक ही आदमी वो वो करे मैंने आपसे क्या पूछा अनुवाद हवा में है कि उसी बुक में है बुक में है पर अनुवाद करता तो कोई आदमी है ना आदमी है ना यानी कि अनुवाद करता पर आपको पूरा का पूरा भरोसा नहीं है अनुवाद करने वालों पर भरोसा नहीं है पूरा का पूरा भरोसा नहीं है नहीं है नहीं है ना नहीं नहीं है तो फ जिस शलोक जो पिछला आपने श्लोक पढ़ा कि यहां पर मेरी बात ऐसे सिद्ध हो रही है उस पर आपको भरोसा कैसे हुआ उसमें लिखा है ना ऊपर अनुवाद प अनुवाद में नहीं ख अरे आपको संस्कृत आती है क्या वहा एक मिनट आपको संस्कृत आती है संस्कृत तो आती नहीं पर संस्कृत का थोड़ा देखो देखो भाई साहब देखिए हम वि से हटकर ज्यादा बात नहीं करते हैं कट टू कट पॉइंट टू पॉइंट बात करते हैं आपको अनुवादक पर पूर्ण रूप से भरोसा नहीं है तो आपने
02:10:01:00 जो 11 32 सुनाया हमको उस पर भरोसा किस आधार पर है आपको आपको कैसे पता कि वहां पर 1132 में अनुवादक ने बिल्कुल ठीक ठीक अनुवाद किया है जब आपको संस्कृत भाषा नहीं आती तो आपको कैसे पता देखो आप संस्कृत का ट्रांसलेट कर सकते हो ग भाई साहब मैंने आपसे एक सवाल किया है उस सवाल का आंसर दीजिए मैंने आपसे पूछा है देखिए बात सुन लीजिए मेरी बात सुन लीजिए मैंने आपसे पूछा है कि जब आपको संस्कृत भाषा का ज्ञान नहीं है और आपको यह लगता है कि अनुवादक पर हमें विश्वास नहीं है तो आपको यह कैसे पता कि 1132 में अनुवाद सही किया है उसने हो सकता है अनुवादक ने 1132 में गलत कर दिया हो जो आप बोल रहे वो उसका ना हो ये जो कर ना ये जो है ना अब देखो इस बात को जदा अब इस बात को ज्यादा नहीं ते सुनिए सुनिए भाई साहब भाई साब अब इस बात को ज्यादा नहीं खींचते हैं टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन इस पर पूरा भरोसा है
02:11:16:08 हा एक हा इसका तो एक भी गलत नहीं है हां नहीं है हा गुड गुड तो पेज यह बुक है आपके पास यह वाली यह बुक है क्या आपके पास नहीं अभी इधर नहीं है मेरे पास अच्छा भाई वो एक आप एक काम करो स्क्रीन पर जरा वो बड़ा बड़ा दिखा दो इनको पेज नंबर है शायद
02:11:51:22 पेज नंबर है 30 पेज नंबर 51 बुक के अनुसार बोल रहा हूं और इसमें जो 32 नंबर का जो प्रश्न किया
02:12:36:14 है 32 यह तो 27 और आगे ये हां ये बाबा हां तो देखिए भाई साहब यहां पर लिखा हुआ है जो बाबा जिंदा रूप में भगवान जी है जो यानी कबीर है पीछे से कबीर बात कर रहे हैं हे धर्मदास जी
✅ This part is already used · 02:13:05:09 – 02:13:20:13 (0:15)
→ Used in: B · Video रामपाल का झूठा मोक्ष at 1:28:46 ↗
02:13:05:09 गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का अनुभव तथा आपको आदेश है इस गीता शास्त्र में लिखे हुए मेरे अनुभव को पढ़कर इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त
⬜ Not used yet · 02:13:20:13 – 03:01:37:00 (48:17)
02:13:20:13 करोगे कौन कह रहा है आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी कह रहे हैं तो किसने कहा ये कबीर देव हेलो अब भैया मेरी स्क्रीन दिखा दो आप मेरी स्क्रीन दिखा दो यह देखो आपके कबीर भगवान कह रहे हैं हे धर्मदास यह गीता शास्त्र परम पिता कृष्ण उर्फ विष्णु कृष्ण उर्फ विष्णु का आपको आदेश है इस और उन्होंने यह कहा है उस आदेश में कि इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त करोगे अब यह कौन कह रहा है पहली बात तो रामपाल कह रहे हैं और रामपाल यह बता रहे हैं कि यह बात कबीर कह रहा है तो दो दो बातें हो गई रामपाल और कबीर यह कह रहे हैं कि गीता शास्त्र को कहने वाले कृष्ण है मेरा आदेश कृष्ण का आदेश है अब क्या करें इसको फाड़ दे
02:14:29:18 क्या इसको मानते हो कि नहीं हेलो चुप हो जाते हैं इसको मानते हो कि नहीं इसको मानते हो कि नहीं बोलो बोलो बोलो जीता तेरा ज्ञान अमृत मठा यहां लखनऊ में मिलता भूलोक का मठा तो गीता तेरा ज्ञान अमृत को मानते हो कि नहीं हां मानते हैं ना तो उसम वो लिख रहे हैं क हा बोलो बोलो हा बोलो ना उसमें कबीर कह रहे हैं हे धर्मदास गीता शास्त्र तेरे परम पिता भगवान विष्णु उर्फ कृष्ण का तुझको आदेश है फिर वो हमारे ही परम पिता है ना उनके ऊपर भी पिता है ना अरे मैं ये पूछ रहा हूं वो य क रहे है यह जो आदेश है व कृष्ण का है विष्णु का है यह कह रहे हैं वह परमपिता बाद की बात
02:15:41:18 है बस करो बस करो बड़े बड़े चेहरे कर दो अच्छा लगेगा रील में आएगा बन कर के हां बताइए हो गया इसीलिए कहते हैं मत पढ़ो चक्कर में के लोक गणेश जी आपकी ही किताब से आपका खंडन हो गया खंडन आपके रामपाल ने ही लिखा है मैं वापस डेट में आऊंगा जर आ जाना आ जाना तुम्हारा इंतजार करेंगे आ जाना आपने आपने जो आपने जो आधा अधूरा दिखाया है ना वो पूरा दिखा फलत बात मत बोलो नहीं तो अभी यहां पर इंसल्ट हो जाएगी आपकी फालतू बात मत बोलो आ जाना वापस इनको जल्दी हटाओ इनके प्रवचन सुनने से पहले हटाओ इनको इनके प्रवचन सुनने से पहले हटा दिया करो ऑपरेटर साहब न टाम आइएगा आपके लिए वर्चुअल चाय का भी वो किया जाएगा इंतजाम अब इसकी ल बनेगी उस अपना उल्टा ज्ञान देंगे ना उसको जोभी पूर्ण कर रहे थे ना ये उसको वहां पर कुछ घुमा फिरा
02:16:56:21 के बात बताई जाएगी वहा प वो देखिए वो देखिए वो दूर रह कर के य लोग सब करते रहते मगर जो वाकई में इनके आगे जो टॉप लीडर्स है ना वह सामने आने में घबराते हैं वो वो ज्ञान तो दे देंगे वहा ये हो सकता है वो हो सकता है वहा दूर बैठ कर पंचायत होती है उनकी ज्ञान दे दे उनको मालूम है सामने आए तो मुख खा जाएंगे वहा नते नहीं चलेगा वो जेल से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे ऑनलाइन इनका तो ऐसा होम जय श्री रामसे हमने यह पूछा जब तुम्हे अनुवादक पर भरोसा नहीं है तुम्हें संस्कृत आती नहीं है तुम्हें कैसे पता 11 32 का वही अर्थ है जो अर्थ तुम बोल रहे हो अनुवादक तो कुछ भी लिख सकता है ना तो उसका कोई हिसाब नहीं अब तुम्ह जिस पुस्तक पर तुम्ह स्वयं को भरोसा नहीं है उस पुस्तक को प्रमाण के रू में तुम प्रस्तुत कर रहे हो तो तुम्हारी बात सामने वाला मान ले जिस पुस्तक पर तुम्हें पूरा भरोसा है उसको सामने वाला प्रस्तुत कर रहा है तो तुम उसकी बात नहीं मान कर के मैं दोबारा आऊंगा डिबेट में भाग गए अच्छा शिवांश जी एक किरण नाम की है और एक धर्मदास
02:18:11:24 नाम धर्म नाम धर्मेंद्र हा वो बोल ले मुझे लाइव में लो मैं आपके सवालों के सारे जवाब दूंगा बोल ले ये है क्या बुलाओ इनको लाइव में भैया लाइव में आ जाओ जिसमें दम तो भक्त है बाजीरा इनका पुस्तक तो ऐसा है नाय पहले वो बात कर रहे जो हमारे पुराण में वेदों में प्रमाणिक है उसके बाद बीच बीच में जो थोड़ा थोड़ा मिलावट है ना वो इंसान वो आम जन के जिनको ज्यादा ज्ञान नहीं है उनके दिमाग पर एकदम से स्ट्राइक कर रही है तो वो सोच रहे हा अभी तक तो सही चल रही थी अब ये जो कह रहे ग ये भी सही होगा जो गलत
02:18:53:12 ब वा जवाब 11 ब वाला जवाब आपका बिल्कुल सही है आपना इसको इनसे य पूछा करो दोहे और वाणिया किसने बोली है वहा पर इनको व कबीरा कुत्ता राम का मोतिया मेरा नाम वहा मोतिया कौन है अरे भाई ऐसा है ना मैं आज तक इनसे बात कर कर केय समझाऊ इनका मुह इनसे बंद होगा हालाकि जनता समझ जाएगी कौन सही है कौन गलत जनता समझ जाएगी मगर इनके मु पर टेप लगेगा इस क्य क्योंकि हम दिखा देंगे महाभारत में लिखा है गीता का ज्ञान कृष्ण नहीं दिया भागवत में लिखा है गीता का ज्ञान कृष्ण नहीं दिया हम दिखा देंगे कि जो काल है वो कृष्ण ही है यह विष्णु सहस्त्र नाम में विष्णु भगवान का नाम काल है कृष्ण भगवान का नाम काल है राम भगवान का नाम काल है कहां कहा काल नहीं लिखा है हम जब ये पूछेंगे कि काल और कृष्ण अलग है यह कहां लिखा है तो बता नहीं पाएंगे अच्छा काल अपना वास्तविक स्वरूप किसी को नहीं दिखाता मगर फिर भी वो विराट रूप में प्रकट होक के कृष्ण से बाहर निकल कर के अपना वास्तविक स्वरूप दिखा रहा है है ना दूसरी बात कि जब अर्जुन ने देख लिया कि यह खड़े हैं कृष्ण और यह खड़ा है काल
02:20:08:21 अर्जुन ने तो देख लिया उसके बाद तो उसको कृष्ण नहीं कहना चाहिए ना गीता बोलने वाले को अगले ही लोको में वो जो गवे जो काल के बाद का अध्याय का 35 36 वा श्लोक है हे केशव हे कृष्ण ये सब क्यों बोल रहा है गीता बोलने वाले को अर्जुन जी क्यों बोल रहे हैं कृष्ण नहीं बोलना चाहिए अब तो पता लग गया ना काल है तो फिर भी हम ये मगज मारी क्यों करें इतनी देर ये बढ़िया इंतजाम किया है ना इके बाबा जी ने ये तार्किक ये तार्किक मगज मारी करना इन बैल बुद्धि हों के साथ कौन करे इतनी देर तक वो कर वो कर समझ में नहीं आते बाउंस हो जाते हैं ये पहाड़ी जी मुझे बताते हैं आपकी वो जो सर्वशक्तिमान ईश्वर की आप बात करते हो सो उनका सब बिल्कुल सरा पंजा ढीला हो जाता है जी अमित स्वामी जी जी भाई जय श्री राम जय श्री राम गीता ज्ञान देने वाले पौराणिक के कृष्ण उर्फ विष्णु जी ने अपनी स्थिति लो गीता ज्ञान कौन दे रहा है श्री कृष्ण उर् विष्णु जी लो अब
02:21:23:26 बताइए कहां तक भागेंगे मुझे तो ये नहीं समझ आ रहा कि अगर काल सब काल ब्रह्मा विष्णु महेश भी काल के अधीन है और अपना जो देवी मां के लिए भी वो इतना गलत लिख रहे हैं तो ये जो उन्होंने अभी वो आपकी रिकॉर्डिंग में भी बता रहे हैं कि प्रथम दीक्षा में जो प्रथम स्टेज है उसके अंदर देवी देवताओं के बीज मंत्र दिए जा रहे हैं उसका क्या आधार का बीज बनाओ और किसी दिन किसी दिन ऐसा होगा कि प्रथम पूजन इन्हीं का किया जाएगा पीट पीट कर और एक मिनटन पूछ पूछा जाए जो ये भ्रामक बातें करते हैं ऐसे लोग प्रथम पूजन का पीट पीट कर किया जाए फिर बोला जाए हम तो तुम्हारी भक्ति कर रहे हैं एक मिनट मिनट सुनो सुनो सुनो शिवांश भाई अरे सुनो सुनो एक चीज अभी एक वीडियो हम देखे थे इन लोगों का आप दिखा रहे थे हरियम हरियम हरियम सरियम सरियम सरियम सोहम सोहम सोहम इस तरह के कुछ मंत्र वगैरह दिखा रहे थे ना सुनो अब हम बता रहे हैं उसका निचोड़ क्या है इन्हीं का एक वीडियो है कोई नैनो भय दीदार इस तरह से कोई था उस पर कमेंट किए थे मतलब उस पर वाच्य दिए थे भाषण दिए थे संत रामपाल जी तो हम बता रहे हैं उसमें क्या है ना हमारी जो सप्त चक्र है कुंडलिनी
02:22:38:26 के बारे में वोह बताया गया है उसमें वो कबीर सागर में शायद लिखा हुआ है ऐसा बट कबीर सागर में लिखा हुआ है कि कुंडलिनी में मूलाधार है मणिपुर चक्र है स्वाधिष्ठान है अनाहत है विशुद्धि चक्र आज्ञा चक्र और सहस्त्र नार उनको एक्टिव करने के लिए ये हरियम हरियम हरियम सरियम सरियम सरियम कर रहे हैं और इनको येय नहीं पता कि रुद्रयामल तंत्र में हमारे कुंडलिनी के लिए अलग-अलग बीज अक्षर हैं जी ये हरियम हरियम हरियम पता है जो मूलाधार वो कर रहे थे ना वो बताते हैं ना कि गणेश जी मूलाधार चक्र में है इसी तरह विष्णु लक्ष्मी जो है मणिपुर चक्र में है तो इनको जो है इनके लिए वो मंत्र दिए जाते हैं जो है कि हरियम हरियम जबकि इनके लिए हरियम हरियम सरियम सरियम ऐसा कोई मंत्र नहीं है हमारे सरिया ज्यादा अच्छा है सुनि सुनिए सुनिए सुनिए रुद्रयामल तंत्र में जब जाएंगे ना रुद्रयामल तंत्र में भगवान शिव ने जो है माता पार्वती को जो है इसके बारे में इन मंत्रों के बारे में बताया है कि जैसे मूलाधार चक्र के लिए जो शब्द है वह बीज अक्षर है वो लम करके उसमें जो है एक प्राण को ऊपर उठाने के लिए प्रक्रिया है पूरी अब यह जो है पता कहां से किताब कबीर सागर में से पढ़ लिए पढ़ने के बाद खूब प्रवचन
02:23:54:01 शुरू हद हो गई यार एकदम म आज इनको चैलेंज कर एक कमेंट य समझ में नहीं आ रहा है यह क्या लिख रहे द बस ऑफ संत रामपाल जी फला फला आर सर्टिफाइड बाय स्क्रिप्चर रिज मतलब किसने किसने सड किया किसने किया हम पूछ रहे हैं न
02:24:26:22 सर्टिफिकेट किसने अरे छोड़ो यार एक चीज हम बता दे रहे हैं कि हम आज यह खुल के चैलेंज कर रहे हैं कि किसी भी सनातनी बुक्स में ले आ करके दिखा दे कि संत रामपाल जी ने जो कुछ चीजें बताई है वो बिल्कुल सही है फलत कर यय वास्तविकता मल सुनो बिना मतलब के बातें ये जो है संत रामपाल जी कबीर सागर में बता रहे हैं हद हो गई यार रुद्रयामल तंत्र जाकर पढ़ के देख लो ना आपको समझ में आ जाएगा सातों चक्र का वर्णन है उसमें इसके अलावा इसके अलावा जो इन बी बीज अक्षरों का जाप नहीं कर सकता उसके लिए भी बहुत सिंपल में कुल कुंडलिनी सहस्त्र नाम स्तोत्र भी दिया गया है मैं एक बात क आपने एक बा बात पूछी है कि इनकी एक भी बात कहां से साबित हो पाएगी तो मैं बता दूं अरे गलत गलत है है वो क से सही है ठीक है इनकी एक बात सच है कि वो जेल धाम निवासी है और यह धार्मिक पुस्तकों से नहीं सिद्ध होगा यह कोर्ट के जो आदेश है कोर्ट का जो ऑर्डर है उससे सिद्ध है कि संत रामपाल नाम से जो तथाकथित बाबा है वो इस समय जो है जेल काट रहे हैं देखिए हमको कोई आपत्ति नहीं
02:25:41:22 आप किसी सुनिए आप अंगुली माल की भक्ति कीजिए आप रावण की भक्ति कीजिए आप जो है काल कालनेमी की भक्ति कीजिए किसी की भक्ति कीजिए हमें कोई फर्क नहीं पड़ता बट एक चीज है कि आप यह मत कहिए ना कि यजुर्वेद में है तो सामवेद में है तो अथर्ववेद में है काहे फालतू बकवास कर यार सीध का वकील जनता की अदालत में श्रीमद भगवत गीता से ही प्रमाणित करता हूं कि श्री कृष्ण जी के वकील झूठ बोल रहे हैं कि गीता ज्ञान देने वाला इनका कृष्ण विष्णु कभी जन्मता मरता नहीं और इससे अन्य कोई सृष्टि का करता ही नहीं है अदालत को बू इनको मतलब तत्व के बारे में कुछ पता नहीं है त बारे में जी की बात सुनले रंजीत जी एक मिनट अब अमित जी की बात सुन ले जी अमित जी जय श्री राम जी आपकी आपकी आपकी लाइव में कुछ टाइम पहले ना एक रामपाल का एक बंदा आया था वह बोल रहा था कि ऐसे ऐसे वह जेल में है और हम उनका उनको सारी डिटेल पहुंच जाती है और हम उनके अनुयाई बन जाते हैं था ना ऐसा हा अमित दास मैं थोड़ी देर पहले उस अमित दास के चैनल पर गया अभी पाच मिनट पहले तो मैंने उसे यह बोला रामपाल जी का एक इंटरव्यू था उसमें उन्होंने बोला उससे एक पत्रकार
02:26:57:01 ने पूछा था कि भाई आपके अनुयाई अभी भी बन रहे हैं क्या आपको पता है उसका आपका नाम दिया जा रहा है तो उन्होंने मना कर दिया था कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है अच्छा तो पता है अमित दास क्या बोलता है जी वो बहुत पुराना वीडियो था वो तो तो मैंने उसे पूछा पुराना वीडियो था तो उसके बाद में कोई वीडियो आया नहीं कि जिसमें रामपाल बोल कि मैं अब दे रहा हूं जेल से बैठ के कोई आया है कहा नहीं आया बोला फिर उनका नाम कैसे दे रहे हो आप लोगों को क रहा उनकी बेटी है ना उनका बेटा यार तत्वदर्शी संत रामपाल है उसकी बेटी क से तत्वदर्शी हो गई अरे पुस्तानी चलेगी परंपरा उनके बेटी बेटा दे रहे आज कल को उनके नाती पोते भी देंगे पुस्तानी चलेगी अब ये फ बोल रहा बना चले ग चर्चा करो
02:27:51:20 जी राजम करो उनको बोल सुनो शिवांश आप सबसे पहले तो एक चीज बता द लंका जलने की सब लोग सब लोगों को ढेर सारी बधाइयां लंका तो जल गई लंका जलने की ढेर सारी बधाइयां सबको लंका जलाने वाले हनुमान जी के जो परम भक्त है उनको भी हमारी ढेर सारी शुभकामनाए कि आप इसी तरह लंका दहन करते रहे जी और बाकी हम बता दे रहे हैं कि इनको हम बाकी कहीं नहीं चैलेंज करेंगे आज हम खुले मंच में यहां चैलेंज करने आए भैया जिसको डिबेट करना है हम खाली बीजक से डिबेट करेंगे इनको जब भी डिबेट करना हो यही आह्वान चैनल प ये हमको इनवाइट कर ले शिवांश भाई चुप रहेंगे इनमें से किसी को भी आना है बीजक को लेकर के आ जाएंगे आज हम ला चैलेंज कर ना है जब भी ऐसा होगा जब मतलब किसी को डिबेट करना होगा तो ये च सुन ली आपकी आपकी ललकार सुन ली लोगों ने सुन ली जी राजनगर जी जय श्री राम मैं तो एक बात कहना चाहता हूं कि इनको एक भगवत गीता का एक श्लोक है दव अध्याय का 37 उसकी हिंदी अगर अपन नहीं पढ़े और संस्कृत का ये अनुवाद करें तो कैसे करेंगे
02:29:06:25 एक बार वह दिखाओ आप इनका रामपाल जी अगर ये अगर इनकी हिंदी कैसे करेंगे इनको भा उसमें तो कवि लिखा हुआ है अपना हिंदी अर्थ कुछ और हो रहा है वो भी तो है ना षि शुक्राचार्य की बात हो रख है ऋषि उना के बारे में बात हो र है ऐसा है ना व तो मेरी बात सुनो फिर वो तो कृष्ण बोल रहे हैं कि मैं ही कबीर हूं अगर अपन उसको अपन हिंदी अनुवाद अप उनको गलत मान रहे तो व कृष्ण बोल रहे हैं कि मैं मैं खुद कवीर हू अरे भाई देखिए देखिए तर्क की बात इनसे नहीं हो सकती सब बैल बुद्धि है वही तो ना तर्क की बात जब इनसे करते हैं तो घंटों लग जाते हैं अपना तर्क समझाने में हम तर्क दे इनसे रामपाल जी ने बोल दिया देख देखि मु पर टेप मुह पर देखिए टेप कैसे लगा फटाक से ज्ञान गंगा दिखा रही खोल के लग गया टेप मैं आऊंगा दोबारा इनसे बोल दिया है उन्होंने कि और कुछ भी नहीं बोलिए दिलीप दास जी जय श्री राम
02:30:22:02 म्यूट है आप अन म्यूट कर लीजिए अन म्यूट अरे इनको अन म्यूट करो भाई हरि ओम जी आप आए हैं क्या धर्म की व्याख्या करके हेलो हा बोलिए जय श्री राम
02:30:58:16 बोलिए हा श्रीमद् देवी भागवत के बारे में ज्ञान चर्चा करने नहीं देखिए ऐसा है हमारे शास्त्र से हमारा मतलब नहीं है श्रीमद् भागवत को लेकर के हम लोग आपस में दूर है क्या हम लोगों के बीच में वैचारिक मतभेद यह है कि आप यह कहते हो कि कबीर जो है व भगवान है समझना मेरी बात आप यह क कते हो कबीर भगवान है ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान नहीं है आप यह कहते हो कि गीता का ज्ञान देने वाला कृष्ण नहीं कृष्ण से अलग कोई काल है आप यह ज्ञान देते हो कि यह जो तथा कति आपके तत्वदर्शी है रामपाल वह जो है तत्वदर्शी संत है प्रामाणिक संत है और इसके अलावा आप ज्ञान देते हो कि वह ब्रह्मा विष्णु महेश जो है अविनाशी नहीं है वोह नाशवान है इसके अलावा आप ये ज्ञान देते हो कि वो बहुत जगह उनका अपमान करते हो दुर्गा के साथ ये हुआ वो हुआ तो ऐसे किसी टॉपिक को उठा कर के उस टॉपिक को आप जो रामपाल का पक्ष है उसको सिद्ध
02:32:01:22 करिए है कोई हेलो श्रीमद् देवी भागवत में बताया कि देवी दुर्गा का पति कौन है कौन है पेज नंबर 262 अरे बोलो तो कौन है श्रीदवी भागवत पेज ं2 कौन है आप बोलो तो कौन है परम पुरुष परम पुरुष कौन परम पुरुष आप दिखाइए ना एक बार खोल के अरे क्यों दिखाए आपकी पूरी आपका पूरा क्लेम तो जान ले कौन है परम पुरुष ज्योति निरंजन और ज्योति निरंजन काल ब्रह्म काल ब्रह्म अच्छा तो काल ब्रह्म जो एक मिनट रुको रुको रुको हमको बोलने दो शिवांश एक मिनट शिवांश रुको निरंजन की बात की निरंजन किसका नाम है इनको पता है निरंजन शिव जी का नाम है अलक निरंजन अलक निरंजन लोग बोलते हैं अलक जग आते रहते हैं निरंजन शिव जी का नाम है भाई साहब आपको पता
02:33:16:28 भी नहीं है कि शिव जी का नाम निरंजन भी है आप नाम स् पढ जा आपसे ज्ञान सचा नहीं हो र जिन से हो रही है वही बोलेंगे अच्छा ठीक है मैं बोल देता हूं मैं बोल मैं बोल देता हूं मैं बोल देता हूं आपको यह प्रूफ करना है कि वह जो ज्योत निरंजन है वह दुर्गा के पति है है देवी भागवत से प्रूफ करना है क्या या ये प्रूफ करना है कि दुर्गा जी के जो
02:33:52:10 भाई साहब आप रोबोट है क्या कोई रोबोट है क्या एक ही बात को रिपीट करते रहते हैं मैं आपसे कुछ बात पूछ रहा हूं पेज नंबर 22 पेज नंबर 2 क्या तरीका है मैं आपसे पूछ रहा हूं आपको सिद्ध क्या करना है कि वोह जो देवी देवी जी का जो देवी जी के जो हस्बैंड है देवी जी को जो पतिदेव है उनका नाम काल है यह सिद्ध करना है आपको हेलो हमको यह सिद्ध करना है उनका पति है यह सि कर तो उनका पति है हा शिव जीी का एक नाम काल भी है ब्रह्म भी है तो उनके पति है वो तो क्लेम क्या है इसमें दित की उत्पति हो सकती क्या शिव से शिव की उत्पति हो क्या शिव से शिव की उत्पत्ति हो सकती है य अच्छा आपका कहने का मतलब ये है दुर्गा जी के पति यदि शिव है तो फिर दुर्गा जी से शिव उत्पन्न कैसे हो रहे हैं यह पूछ रहे हो
02:35:01:13 आप अरे भाई इतनी देर लगाओगे क्या सुनने में हा क्या क्या हां इतनी देर लगाओगे ये हां या फिर दुर्गा दुर्गा जी के जब वो हस्बैंड तो उनसे ही व उत्पत्ति कैसे हो रही है यह वाली बात पूछ रहे हो हा क्या हा हा अरे भाई दो बाव शिव की उत्पति कैसे हो
02:35:38:21 हा सुन लो सुन लो सुन लो देवी भागवत में वैसे इस बात का हमारे हमारा जो विषय है उससे कोई संबंध नहीं है फिर भी हम लोग खल लेते हैं इसको मामले को देवी भागवत में एक जगह लिखा हुआ है कि जो माता दुर्गा है वो ना तो स्त्री है ना ही पुरुष है और ना ही नपुंसक ही है तो माता दुर्गा के दो रूप है ठीक है एक रूप है जो परम तत्व वो रूप सुन लो सुन लो फिर माइक ऊपर लेना एक रूप है परम तत्व वो रूप जिससे कि ब्रह्मा विष्णु महेश उत्पन्न हो रहे हैं और एक रूप है जब वो दुर्गा के रूप में एक स्त्री का रूप धारण करके शिव जी की पत्नी बनती है तो दो रूप है उनके एक रूप है परम तत्व के रूप में जिससे सारी जगत की उत्पत्ति हो रही है तो ब्रह्मा विष्णु महेश की भी उत्पत्ति हो रही है और एक रूप है
02:36:53:21 जब वह स्वयं दुर्गा बन जाती है और पति पति रूप में शिव जी को प्राप्त करती है अब यह आपको मैं दुर्गा देवी देवी भागवत से प्रमाण आपको दिखा देता हूं तब तक आपको कुछ बोलना है पूछना है तो बोलिए पूछना है बोलिए बोलिए क्या परम पुरुष अति दुष्कर है क्या क्या परम पुरुष अति दुष्कर है क्या देखिए भाई साहब मेरी बात को समझिए विषय पर रहकर बात करिए फालतू की बातें नहीं जो विषय चल रहा है पहले उसको खत्म करिए उसके बाद आगे जाइए हालांकि ये जो आपने कहा एक मिनट ये जो आपने कहा कि दुर्गा शिवजी से शिवजी की उत्पत्ति हो सकती है क्या इसका भी हमारे विषयों से कोई संबंध नहीं है क्यों क्यों नहीं है इसको समझिए हमारे और आपके बीच में जो मतभेद है वो यह है कि आप लोग कबीर को वेदों के अनुसार भगवान कह रहे हो आपके और हमारे बीच में जो मतभेद है कि आप लोग वो जेल कट्टू तत्वदर्शी को जो है वो जेल कट्टू
02:38:09:04 जेल धाम में निवास करने वाले किसी व्यक्ति को प्रामाणिक गुरु कह रहे हो तत्वदर्शी कह रहे हो हमारे और आपके बीच में जो मतभेद है वो इस बात को लेकर है कि आप कह रहे हो गीता का देने वाला श्री कृष्ण नहीं है कोई काल है हमारे और बीच में आपके बीच में मतभेद इस बात को लेकर के है कि जो यह जो अपमान किया गया है कि दुर्गा के साथ यह हुआ सीता माता के लिए यह कहा गया वो कहा गया है इन बातों को लेकर के हमारे बीच में मतभेद है ठीक है अब आप अगर यह सिद्ध भी कर देते हैं इस मैं आपको यह बता रहा हूं कि आपने जो बात बोली है उसका हमारे विषयों से कोई मतलब नहीं है तो आप अगर यह सिद्ध भी कर स कर देते हैं कि दुर्गा से वो शिव से शिव की उत्पत्ति कैसे हो सकती है अगर आप यह सिद्ध भी कर देते हैं तो इससे हमारा कौन सा जो विषय है व इफेक्ट हो रहा है अरे भाई अगर कोई एक गलत है तो आप सही है यह सिद्ध नहीं होता आपको अपने आप को सिद्ध करना है सही समझ में आ रहा है आपको कुछ कोई दूसरा अगर गलत है हमने जो बोला पहले वो दिखाइए हा क्या दिखाना है आपको क्या दिखाना है बोलिए क्या
02:39:25:25 क्या दिखाना है पेज नंबर 262 पेज नंबर 262 क्या है पेज नंबर 262 क्या है क्या पेज नंबर दो श्रीमद् देवी भागवत श्रीमद् देवी भागवत पेज नंबर 22 क्या होता है पेज नंबर श्रीमद भागवत पेज नंबर 262 अरे फिर वही बात पेज नंबर 262 पेज नंबर 262 किसी पब्लिशर का अपना वो है कि उसने उसको कितने बड़े शब्दों में छापा तो वह पेज नंबर 262 आएगा अगर दूसरे पब्लिशर ने शब्द का साइज बड़ा कर दिया होगा तो कोई और पेज नंबर आएगा और छोटा कर दिया होगा तो कोई और पेज नंबर
02:40:15:19 आएगा गीता प्रेस गोरकपुर से प्रकाशित है अरे भाई गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित है तो तुम अगर वह प्रकाशन से पढ़ रहे हो तो हम भी वही उसी प्रकाशन से पढ़े आवश्यक है क्या और गीता गीता प्रेस गोरखपुर से वो वाला भी प्रकाशित है जिसमें संस्कृत हिंदी दोनों है उसमें पेज नंबर बदल जाएगा फिर क्या करेंगे पेन नंबर 2 हां वही दिखाइए मैं भी वही बोल रहा हूं कौन सा संस्कृत हिंदी दोनों है वही दिखाइए तो पेज नंबर 262 है श्लोक नंबर वगैरह नहीं मालूम है आपको
02:40:54:02 दिखाइ है ना बताया लोक भी तो लिखा है ना अरे अजीब बात करते हो पहली बात तो हमें यह बताओ कि अगर तुम गीता प्रेस से छपी हुई देवी भागवत पढ़ रहे हो तो हम भी गीता प्रेस से छपी हुई देवी भागवत क्यों पढ़े एक ही पब्लिकेशन है क्या दुनिया में हमने जो बोला वही दिखाइए पहले एक बार आप अरे क्यों दिखाए भाई तुम कौन हो जो तुमने जो बोला वही दिखा दे अरे भाई तुम कह रहे हो कि गीता प्रेस गोरखपुर से छपी हुई जो देवी भागवत है उसका पेज नंबर 262 दिखाओ वो हम क्यों दिखाए आप शास्त्र का नाम बोलो स्कंद का नाम बोलो अध्याय का नाम बोलो और लोक का नाम बोलो तब हम आपको दिखाए ना य रु एक मिनट ये कबीर वाणी में यह कबीर वाणी में या कबीर बीजक में या गरीब दास में या तुम्हारा वेदों में या गीता में कहीं लिखा है क्या कि गीता प्रेस गोरखपुर का ही केवल जो ग्रंथ है वह मान्य
02:42:06:15 है आपको दिखाना है या नहीं दिखाना है फालतू की बहस क्यों कर रहे होय बता आप फालतू की बहस कर रहे हैं आप हमें यह बताइए कि आपका अध्याय श्लोक और स्कंद कौन सा है मालूम होगा तब बताएंगे ना जितनी चाबी बली पालने उतना चले खिलौना स्क्रीन पर दिखाइए सबके सामने देखो ऐसा है हमसे इस भाषा में बात मत करो ठीक है ऑर्डर फॉर्म ऑफ द वर्ब में बात मत करो हमसे कोई तुम्हारे गुलाम नहीं है यहां पर जो आए बड़े बोलने लगे ये दिखाओ ये करो वो करो से क्या पूछा हमने हमको स्कंद बताओ अध्याय बताओ श्लोक का क्रमांक बताओ पेज नंबर मत
02:43:00:12 बताओ लोक भी तो लिखा है नाज के पास लोक का नंबर क्या है जैसे गीता की बात बोलते हो तो अध्याय फलाना श्लोक नंबर इतना बोलते हो ना ऐसे ही श्रीमद् देवी भागवत का श्लोक नंबर बोलो पेज नंबर तो दिखाइए उस पर साफ साफ लिखा अरे मेरे भाई मेरे पास गीता प्रस की छपी हुई देवी भागवत नहीं है क्या भूसा बरा है क्या दिमाग में बस आपको एक ही रटा लगाना है लोक बताएगा उसके शलोक
02:43:41:19 ब मेरे पास गीता प्रेस की छपी हुई देवी भागवत नहीं है दूसरे प्रकाशन की है तो मुझे बताना आपको पड़ेगा वो कौन सा अध्याय है कौन सा श्लोक है तब मैच हो पाएगा रा स्कंद हा तीसरा स्कंद अध्याय अरे फिर पागल हो गया यार पागल है क्या बताऊ इसको रा तो अध्याय तीसरा स्कंद बहुत बड़ा है क्या घन चक्कर हो क्या दिमाग से
02:44:24:16 आपको दिखाना ही नहीं है तो मना कर दो कि नहीं दिखाना शवा जी ज्यादा मेहनत अरे भाई मैं क्या बता रहा हूं मेरे पास देवी भागवत गीता प्रस का नहीं है क्या दिमाग में कचरा भरा है क्या तुम अध्याय नंबर बताओ श्लोक नंबर बताओ अध्याय तो बता दिया ना मैंने स्कंद बताया तुमने ब दिलीप दास जी आपके पास है क्या आपके पास अभी देवी भागवत पुराण यहां पर उपलब्ध मेरे पास फोटो है फोटो परमाण होती है चलो फोटो भेज दो आप फोटो भेज दो अरे शिवांश भाई येय उस उस उस लोक की बात कर रहे हैं यह भागवत पुराण स्कंद तीन अध्याय पाच का मेरे ख्याल से बारवा श्लोक ये लोग बोल रहे
02:45:25:01 हैं जिसमें शिव जी शिवजी जो भगवान शिव जी के क्वेश्चन है देवी जी से फिर अध्याय छ में उन क्वेश्चन का आंसर दे रहे हैं मैं और परब्रह्म सदा एक ही है हम परलय काल में ना स्त्री हो ना पुरुष हो छठे अध्याय में पांचवे अध्याय के 12 श्लोक में देखिए ये देखो भैया अरे ये देखो पहले तुम ये देखो हेलो ये देवी भागवत में क्या कह रही है
02:45:59:16 [संगीत] माता मैं मैं ना तो स्त्री हूं ये नीचे से चाहि अरे पहले इधर देख देखो यह क्या कह रही है माता क्या कह रही है मैं ना तो स्त्री हूं ना ही पुरुष हूं और ना ही नपुंसक ही हूं यानी कि यह किसी की पत्नी नहीं है यह वह तत्व है मैं ना तो स्त्री हूं ना ही पुरुष हूं ना ही नपुंसक ही हूं ये स्त्री भी नहीं है अच्छा नहीं
02:46:51:01 और दुर्गा चालीसा जब आप पढ़ते हो तो दुर्गा चालीसा में भी लिखा हुआ है धर रूप नरसिंह को अंबा प्रगट भाई फाड़ के खंबा क्या बात हैय जो आप हा ये जो आप इधर उधर से चीजें लाते हो ना आपको पूरा ज्ञान नहीं है हम रोज दुर्गा चलीसा का पाठ करते हैं उसमें माता जो है वह कह रही है कि धरे रूप नरसिंह को अंबा प्रगट भई फाड़ के खंबा मतलब जो नरसिंह का अवतार जो था ना वो माता का ही अवतार था तो आपकी जो आपको सिखा रखा है माफ कीजिएगा दिलीप दास जी आपको बुरा लगेगा लेकिन आपको पूर्ण ज्ञान नहीं दिया गया है आपको भ्रमित किया गया है इस दिली दिलीप दास तुम्हारे क्वेश्चन ये थे सुनो सुनो दिलीप दास दिलीप दास सुन लो अब अब सुन लो सुन लो तुमने जो प्रश्न किया कहां चला गया भाग गया भाग गए वो भाग गए इनके तोते उड़ गए उड़ जा वही ऐसा है पहली बात यह है कि इसने प्रश्न किया शिव से शिव कैसे प्रकट हो जाएगा तो जिस दुर्गा को भगवान शिव की पत्नी कहा गया है वो माता दुर्गा का लीला पूर्वक रूप है वो परम तत्व नहीं है जो परम तत्व
02:48:06:13 है जिसको भगवती दुर्गा कहा गया है उस परम तत्व से ब्रह्मा विष्णु महेश उत्पन्न हो रहे हैं ठीक है उसके बाद में वही परम तत्व दुर्गा का रूप भी धारण करके क्या कहते हैं स्त्री रू धारण करके और पति रूप में भगवान शिव को प्राप्त करता है ठीक यह तो हो गया इनका जवाब अब दुर्जन तोष न्याय पर चलते हैं कि भाई इससे मतलब क्या है अगर यहां पर आपने यह सिद्ध कर लिया कि दुर्गा का पति दुर्गा के पति जो है वो है यह है वो है उससे क्या सिद्ध कर लिया तुमने हम तो तुम्हें दिखा रहे हैं ना कि गीता बोलने वाले भगवान विष्णु है उसका क्या करोगे
02:48:49:21 चला ही गया हां भाई दिलीप दास सुनो मेरी बात हमने आपको क्या बताया हमने देखो देखो यह रोबोट की तरीके से बात मत करो बहुत इरिटेटिंग होता है य मत बात करो रोट की तर थ थोड़ा इंसान बनो इंसान इंसान बनो क्या वो माता नहीं हां बोलो क्या कह रहे हो क्या देवी दुर्गा ब्रह्मा की माता पिता नहीं माता नहीं है सॉरी अरे मैं बोल रहा हूं भाई वो कह तो रही है कि मैं ना ही स्त्री हूं ना ही मैं पुरुष हूं ना ही नपुंसक हूं वो परम तत्व
02:49:32:10 है तो पेज नंबर ये बताओ ये बताओ देवी भागवत पर विश्वास है तुम्हें कि नहीं है पूरा पेज नंबर 123 प पेज नंबर 123 प क्यों क तुमसे पूछ रहा हूं मैं तुमसे ये पूछ रहा हूं देवी भागवत प पूरा विश्वास है कि नहीं हां पूरा विश्वास है पूरा विश्वास है तो मैंने जो अभी तुमको लाइन दिखाई वोह देवी भागवत की लाइन थी उसको मानते हो कि नहीं आप वही दिखाते हो जहां पर ये लिखा है कि मैं ये नहीं कह रहा हूं मैं ये नहीं कह रहा हूं आप सिर्फ मेरी बात मानो मेरी बात मानो दिलीप दास मैं ये नहीं दिलीप दास बात नहीं सुननी है दिलीप दास मैं ये नहीं कह रहा हूं कि तुम सिर्फ मेरी नहीं सुननी है वास्तविक ज्ञान तो आप दिखाते ही नहीं नहीं सुननी है नहीं सुननी है मैं मैं ये कह रहा हूं मैं ये नहीं कह रहा हूं कि तुम सिर्फ मेरी बात मानो मगर जब तुम अपनी बात को मान रहे हो तो इस बात का भी कुछ करना ठीक है अब तुम्हारी बात यह है कि दुर्गा जी जो दुर्गा जी जो है वो काल ब्रह्म
02:50:47:10 की पत्नी है तुम्हारे हिसाब से ठीक है शिव जी की शिव जी की पत्नी नहीं है ठीक है यही कह रहे हो ना यही कह रहे हो ना तो अभी इस बात का क्या अभी इस बात अभी इस बात का क्या करोगे कि वो ये कह रही है मैं ना तो स्त्री हूं मैं ना ही नपुंसक हूं ना ही पुरुष हूं इसका क्या करोगे फड़ दोगे भूल जाओगे क्या करोगे पर बोला देख पागल है क्या पर क्यों कहा है पागल है क्या अच्छा हम तो पागल है ना और चल य से जा
02:51:24:26 निकल अरे ऐसे समाधान नहीं होगा एक्चुअली है क्या जो स्कंद तीन के जो अध्याय पा तक है व सारे क्वेश्चन हैसे जो है इन रोबोट से बात करने में बड़ी दिक्कत है भाई मैंने पूछा मिनट विशाल जी मिनट मिनट मैंने कहा कि ठीक है तुम अपनी बात मान लो उसके बाद इसका भी कुछ कर देना अब मैंने पूछा कि ठीक है तुम ये मान रहे हो अपनी बात कि भाई जो दुर्गा जी है वो शिव जी की पत्नी नहीं है वो काल ब्रह्म की पत्नी है अब मैंने दूसरा ये पूछा कि यह भी देवी भागवत में लिखा है इसका करोगे क्या इसको मिटा दो फाड़ दो क्या करोगे 123 नंबर 123 नंबर क्या तरीका है रट्टू तोते वाली पढ़ाई है ये भाई ये इनके गुरुजी की तरह ही कर रहे हैं देवी अ सुनो
02:52:23:14 ना सुनो अब दिलीप दास से बात करने दो अब दिलेश दास तुमने एक बात कही अब मैं पूछ रहा हूं क्या रामपाल तत्वदर्शी है हो गया ये आवाज कहां से आ रही है कहां से आ रही है भाई आवाज आपके आपके य चल रहा है क्या रंजीत जी किसके य चल रहा है बंद कर लो बंद कर लो दिलीप दास जी तत्वदर्शी य कैसे सिद्ध होता है आ रहा मेरे आपसे भागवत से पहले सवाल जो बहुत सारे सवाल है इनका एक बार भाई साहब आपकी बात हमने भागवत पर सुन ली है जो दर्शक फैसला लेंगे ले लेंगे ठीक है अभी आपको रामपाल को तत्वदर्शी सिद्ध करना है क्या अभी बहुत करना है क्या काल से अलग हैय करना है क्या बहुत सारे सवाल है से अलग है करना है क्या
02:53:40:13 दलीज नंबर 275 में क्या करना है क्या पेज नंबर 27 अरे पागल क का क्या लिखा अरे हटाओ इसको यार ऐसे लोग को तीसरा स्कं फिर प्रथम स्कंध पागल है क्या ये लोग एक मिनट एक मिनट विशाल एक मिनट इन लोगों इन ज्ञानी लोगों को य भी नहीं पता होगा कि काल जो है ईश्वर के नाम जो है विशेषण के रूप में कितने अर्थों के लिए प्रयोग किया गया है काल जो है समस्त संसार का या सृष्टि हों के संघार के लिए भी प्रयोग हुआ है काल जो 64 कलाओं के स्वामी के लिए भी प्रयोग हुआ है काल जो है काल चक्र से ऊपर जो परे परब्रह्म है उसके लिए भी प्रयोग हुआ है और काल समय के लिए भी प्रयोग हुआ है अभी मूर्खों को कौन बताए कि काल कौन सा काल य काल पकड़ लिए है बस एक काल में घूम र काल ठीक है भाई जो बात चल रही है उस बात पर बात ना करके पेन नंबर ये पेन नंबर ये नंबर ए पेन नंबर ए मुझे यही है वही वाली बात काजल काल काल अरे बारे में क्या जानते वहा इनको सुनिए उसमें वो दुर्गा देवी
02:54:55:13 दुर्गा माता बोलती भी है उसमें कि एक अहम अनेको अहम अजा अहम अनज अहम माता खुद अपने बारे में बताती हैं जब पूछा देवताओं ने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया एक एक अहम अनेको अहम अजा अहम अनज अहम कला काष्ट आदि रूपी मतलब समस्त रूप हा हा जब मैं पहली बारसे जुड़ा था ना अब ये लोग ब्रह्मा विष्णु महेश को सदाशिव जो काल है वो पिता बताते मैंने शिव पुराण से प्रू करके दिखाया
02:55:33:12 सदाशिव बात य सुनो जब तु मेरी बात सुनिए मेरी बात सुनिए प्लीज जब ये कोई प्रमाण के आधार पर क्लेम करते हैं तो आप क्या करोगे उसी शास्त्र का कोई ऐसा दिखा दोगे जिससे इनकी बात खंडित हो रही होगी है ना यही तो करोगे तो यह उस पर बात ही नहीं करेंगे ये अपना पन्ना नंबर बोलते रहेंगे भाई यह अपना अगला पन्ना नंबर बोलते रहेंगे बस और कुछ नहीं 235 235
02:56:07:26 2522 दरअसल ये अरे ये इतने मूर्ख है कि ये जो है ना ईश्वरीय शक्तियों को जो है पैदा होने वाला मरने वाला मतलब ये समझ लिए हैं इनको य नहीं पता कि प्रणव से प्रकट हो रहे है फिर प्रणव में जो है अपने लीला को करने के बाद जो है उसी में जो है विलेय हो जा रहे हैं फिर प्रकट हो रहे विलय हो रहे हैं इनको नहीं यह पैदा हो रहे हैं हद हो गया या जो पैदा हो रहे हैं पेट से पैदा हो रहे हैं वो एक मूवी आई थी ना तहलका उसमें वो शोम शोम शम शशा वही माइंड की वही शम शम डंग तुम्हारा भगवान है डंग कभी रंग नहीं होता रटा दिया गया इनको कुछ बताया नहीं गया बचारे सही बल आप इ दिखा दीजिए एक मिनट आप इनको दिखा दीजिए ऑपरेटर महोदय इनको दिखा दीजिए काल जो है मन भी है तो क्या दुर्गा देवी के जो पति है आप मन को मानते हैं दिखा दीजिए इनको दिखा दीजिए दिलीप सुनो ना शिव सहस्त्र नाम स्तोत्र खोलो जरा शिव सहस्त्रनाम स्तोत्र में का
02:57:23:21 ये जो दिलीप दास का नाम का व्यक्ति है मुझे लग रहा है बहुत ज्यादा प्रताड़ित है हम लोगों से और पागल हो चुका है त आया अच्छा अरे जाने दो यार विशाल पागल है उसका तो दिमाग उसको मैंने कहा हैक्ट भाई अभिषेक कोरे डिप्रेशन में चला गया अब वो एकम एवा दयम भी नहीं आ रहा वो तो बड़ा वीडियो बनाता था वो तो वो भी नहीं आ रहा एकम एवा द्वितीय
02:58:01:06 जी अरे एक वीडियो तो मैंने देखा इनका जिनमें इन्होंने नकली पंडित बिठा रखे हैं सामने और उस वीडियो में यह प्रूव कर रहे हैं कि देखो जी हमारी बात इन्होंने मान ली पंडितों ने और हमने प्रूव कर दिया जी भगवत गीता की जो चीजें है कि ये तो कृष्ण ने नहीं कही है नकली पंडित उल्टे हाथ के उल्टे हाथ से वो माला जप कर रहा था बंदा नीचे कमेंट भी आ रहे हैं कि भैया ये तो उल्टे हाथ से कर रहा है कमेंट ये लोग लोगों से डिबेट करेंगे असली में स्कलर को नहीं भेजेंगे बच्चे बिठा रखे हैं एक तरफ बताया जा रहा है ये दल रामपाल जी के जो शिष्य हैं और एक तरफ बताया जो ये वैदिक शिष्य हैं वैदिक बच्चे हैं बोला गीता का श्लोक सुनाओ तो वो अटक अटक के गीता का श्लोक सुना रहे हैं एक ने सुनाया जब यदा यदा धर्मस्य तोता यदा यदा ऐसे अटक अटक के उन्होंने जल्दी जल्दी बता दिया साथ में हिंदी अनुवाद भी बता दिया बोला ये तो रामपाल जी के शिष्यों ने बहुत अच्छा बता दिया ये तो संस्कृत भी शुद्ध बोल रहे हैं बच्चे होते हुए और जो हिंदी अनुवाद है वो भी स्पष्ट बता रहे हैं उसके बाद पूछा कि आप लोग क्या बोलते हैं जब आप किसी को संबोधन देते हैं सर्वप्रथम बोला राधे राधे ठीक है आप क्या बोलते हैं जो वो उनका है सत साहिब ठीक है तो उन्होंने पूछा ये सत साहिब क्या है बोला ये परमात्मा का नाम है ठीक है उन्होंने कहा राधे राधे बोला राधे
02:59:16:09 राधे बोलते हैं कि ये भगवान का नाम है एक तो यह बात दूसरी बात जो रसिक रसिक संत लोग कहते हैं कि राधे राधे बोलते तो भगवान कृष्ण को आनंद रहता है और उनकी प्राप्ति रहती है तोव बोलते हैं पलट में ऐसी बात करते हैं कि यह क्या बात हुई अगर हम अपने अगर कोई मेरे को बुलाएगा तो व मेरे को मेरे नाम से बुलाएगा ना पिताजी के नाम से थोड़ी ना बुलाएगा ऐसी उल्टी सीधी बातें कर रहे है ये जो व्यक्ति आया है यह यह चाहता है कि मैं जो बोल रहा हूं केवल वो सुना जाए और सामने वाला जो भी कहेगा वो हम सुनाई नहीं पड़ता रिएक्ट करना तो दूर की बात है इनको सुना नहीं पड़ रहा है मैं कह क्या रहा हूं तमीज है ही नहीं उनको बात करने की तमीज कैसे बात कैसे की जाए एक र बिल्कुल बोलेस बात करने की तमीज ही नहीं है कैसे स्टूडियो में बात करना है कैसे क्या करना है कैसे एक शब्द र हु दिलीप दास को जो है वो दिखा दो काल मन है ऑपरेटर जी दिलीप दास को वोह दिखा दो काल मन है और फिर वोह बताए कि दुर्गा जी के जो पति है वह मन है क्या अरे भाई मेरा भी नाम मन है ऐसा मत बोलो व हि मैं आपको बता दे रहा हू मेरा नाम मन है विशाल
03:00:31:09 मेरे पिताजी का नाम है दुर्गा के बारे में च चलिए ठीक है आज के काफी देर हो गई हम लोग तीन घंटे हो चुके हैं ऑलमोस्ट जी बहुत बहुत धन्यवाद आपने जोड़ा सनातन शंकर जी आप हमसे जो है धरातल में संपर्क करें और हम लोग देखते हैं साथ में कुछ कर सके तो आभार आपका देर समय देने के लिए और हम भगवान से प्रार्थना करेंगे कि आपका जो मतलब जो अवनति हो गई है किसी कारण वश जीवन में और आपके मार्ग में वह भगवान दोबारा से आपको सफल करे और आपको जो है शीर्ष पर पहुंचाए
03:01:12:00 अति जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम सभी को हर हर महादेव पार्वती पत हर हर महादेव इनसे पूछना स साब कौन से ग्रंथ में लिखा हुआ है राधे राधे करने से ठोकते हैं य लोग [संगीत]
Plans for this video (0)
No Plans yet. Press "✂️ Open Clip Cutter" to make one.
Live: Required tasks are not set on the Rules page yet.
-
⬜Hindi SRT
YouTube Studio → Subtitles → Hindi → upload the SRT file. (Checked automatically once OAuth is connected.)
-
⬜English SRT
YouTube Studio → Subtitles → Add language → English → upload the SRT file.
-
⬜Title (per Rules)
Check the title against the RULES on honorifics, names and terms.
-
⬜Description
YouTube Studio → Details → Description. Write it as per the RULES.
-
⬜End Screen
YouTube Studio → Editor → End screen. The API does not report this, so press Done after adding it.
-
⬜Cards
YouTube Studio → Editor → Cards. The API does not report this, so press Done after adding them.
-
⬜Playlist Automatic
YouTube Studio → Details → add to Playlists. It gets ticked ✓ automatically at the next sync.
-
⬜Thumbnail
YouTube Studio → Details → Thumbnail → upload a custom thumbnail.
"Done" is your confirmation. The YouTube API does not report things like End Screen and Cards.
Playlists
Not in any public playlist (or YouTube sync has not run yet).
judge ने बोला हैं भगवानो का अपमान करो रामपाल
% not set🔗 This video is made from parts of these videos
Description
(empty)
History
No changes yet.
✂️ Clip Cutter
⌨️ Keyboard shortcuts
Space Play/Pause · I Set start · O Set end · ←→ 1 second (Shift: 5) · ,. 1 frame · P Preview · Enter Add clip · Esc Stop
Start
End
✂ Remove (middle part: bad audio, bad section)
Move the video to that spot (click the SRT or the bar), then press "Start"/"End".
Clips () · Total
Add clips above. They will appear here; drag (⋮⋮) to reorder.
-
⋮⋮