⬜ Not used yet · 00:00:01:24 – 00:07:28:28 (7:27)
00:00:01:24 [संगीत] तो सभी को जय श्री राम आपका आभार बहुत साधुवाद आप सभी को आप सब लोग जो यह जो विलंब होता है उसके बाद भी आप यहां पर अपना समय देते हैं विलंब होने का कारण एक मात्र है कि हम केवल हवा हवाई लोग नहीं है केवल नवो मार्गी है मार्ग का आलंबन ले लेने वाले सैनिक नहीं है धरातल पर भी उतने ही सक्रिय हैं जितने की आपको यहां पर दिखाई देते हैं बल्कि उससे कहीं
00:00:44:04 ज्यादा तो जब नवो मार्ग की बात होती है तो नभ मार्ग य बहुत सारे चुन्नू मुन्नू मिला करते हैं जो व्यक्तिगत कभी व्यक्तिगत कटाक्ष कभी किसी प्रकार का धरातल पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है बस नवो मार्ग में ही उनका अस्तित्व है अर्थात इंटरनेट की दुनिया में तो हमें दोनों तरफ की जो संघर्ष है वह करने होते हैं नवो मार्ग में भी इंटरनेट की दुनिया में भी आप लोगों के सामने ही कितने लोग अलग-अलग तरीके से न केन प्रकार प्रहार कर रहे हैं आपके सामने हैं और संघर्ष जो धरातल का है वो भी आप लोग उससे भी परिचित तो इसलिए थोड़ा सा ऊपर नीचे समय को लेकर के होता है इसको सदैव एक सकारात्मक रूप में ही ले जय श्री राम सभी को तो आज हम लोग आए हैं एक जेल कट्टू गुरु है तथाकथित एक जेल कट्टू तत्वदर्शी है उसका एक झूठा चेला वो क्या-क्या बताने का प्रयास करता है
00:01:59:10 और क्या क्या उसके द्वारा कहानियां गड़ी गई है अपने जेल कट्टू गुरु के माध्यम से तो उस पर थोड़ा सा बात करेंगे अच्छा इसमें तीन सेगमेंट में हम लोग बात करेंगे आज पहला सेगमेंट कि यह जो चेला है इसने अपने वीडियो के माध्यम से य बताने का प्रयास किया है कि इसने जो बताया है इसके जेल कट्टू गुरु ने जो बताया है अपने किताबों में वह सब कुछ यथावत रूप से शास्त्रों में वर्णित है और इसने इनके द्वारा कोई भी अपमान नहीं है जो भी अपमान जनक लग रहा है वह शास्त्रों में वर्णित है इसलिए वो अपमान जनक है इसने अपनी ओर से कुछ नहीं बताया यह बताने का प्रयास किया तो सबसे पहले तो हम ये देखेंगे कि इनकी किताबों में अपमान है कि नहीं ये रामपाल एंड कंपनी की किताबों में हमारे जो धर्म के घटक हैं जो हमारे उपास्य पात्र उनका अपमान है कि नहीं इनकी किताबों में यह देखेंगे फिर देखेंगे कि इन्होंने जो कर रखा है इन्होंने जो कर रखा है वह कितना शास्त्र सम्मत है जो बातें इन्होंने की है
00:03:15:04 और फिर यह भी देखेंगे कि इनका वास्तविक उद्देश्य क्या है इन बातों का उपयोग करने का है ना जो सद भक्ति सद ग्रंथ पवित्र ग्रंथ ये सब बातें करते हैं ना तो अब पता चलेगा खैर तो सबसे पहली बात तो यह है कि बात वहीं से शुरू करते हैं जो अभी जो बात हुई है कि मेले में इनका एक स्टॉल लगा हुआ था जहां पर इनकी जो आपत्ति जनक किताबें थी वह बेची जा रही थी आपत्ति जनक किताबों में बहुत कुछ हर पन्ने पर आपत्ति है हर पन्ने पर जहर भरा हुआ है हिंदू धर्म के लिए मगर उसमें से कुछ मोटी मोटी बातों का हमने आलंबन लिया लोगों को लोगों के सामने इनकी सच्चाई को बाहर लाने के लिए तो उसमें सबसे पहली बात तो यह है कि अच्छा मैं एक बात बता दूं यहां से पहले मैंने कुछ इस जेल कट्टू गुरु के झूठे झूठ भाई अभिषेक को करते हुए देखा है बातचीत आप लोग कभी ध्यान देना यह जो है ध्रुव राठी को फॉलो
00:04:30:13 करना चाहता है ऐसे ऐसे करके बात करता है वो ध्रुव राठी कुछ स्टाइल है ना ऐसे ऐसे हाथ हाथ हिलाते हुए यह दूसरा ध्रुव राठी बनना चाहता है हालांकि हमारे तो दोनों ही कटाक्ष करने वाले हैं तो ध्रुव राठी बनोगे या अपने वास्तविक स्वरूप में रहोगे वोह बात अलग है मगर इनके यहां का जो एक फैशन है कि दूसरों की नकल करो नकलची बंदर है ना दूसरों के लोगों दूसरों के ग्रंथों से यह निकाल लो वो निकाल लो फिर उन्हीं के आधार पर अपनी इन्होंने जो भी कुछ कहा है अपने शास्त्रों में यह भी जो आक्षेप भी लगाया है वो आक्षेप भी कोई खुद का दिमाग नहीं है आर्य समाज बुद्ध जैन इन सबकी चीज इन सबके यहां पर इस्लाम जो हमारा जिस तरह से अनादर किया गया पौराणिक कथाओं का तो वहां से इन्होने कॉपी पेस्ट किया है यह भी मत सोचना कि इन्होंने जो कहानी गड़ी है काल की और ये और वो य सारी कहानी इनके अपने दिमाग की उपज है वो सब कॉपी पेस्ट है तो वो जेल कट्टू की जो चीजें हैं उसको फॉलो करेगा उसका चेला तो क्या करेगा तो ध्रुव राठी को फॉलो करेगा तो देखना वह जो है ध्रुव राठी को फॉलो करने का प्रयास
00:05:45:20 करता है गौर से देखना कभी अगर देखो तो वैसे देखने की आवश्यकता नहीं र बैक टू पॉइंट तो अब इसने जो है जो मुख्य रूप से वहां पर दो चार वृतांत बताए हैं सबसे पहले उनकी बात कर लेते हैं इसने गरिमा गीता की पुस्तक दिखाई थी वहां पर और गरमा गता की पुस्तक से करने का प्रयास किया
00:06:18:02 [संगीत] गरिमा गीता की पुस्तक में इनका लिखा हुआ है कि पार्वती माता ने वो भैया व वाला जरा पैराग्राफ जरा खोल दीजिए सामने कर दीजिए गरमा गीता की पुस्तक का वह पृष्ठ है जिसमें उन्होंने लिखा है कि पार्वती माता ने जो रूप धारण किया था सीता माता का वह यह सोच के गई थी राम के पास कि वह प्यार करेगा और सं करेगा ठीक है अब इसने वहां पर इसको इसने कोई इस बात का निराकरण तो दिया नहीं
00:07:08:28 है तो इसने वहां पर क्या किया है अभी देखते हैं आप लोग अगर कई प्रकार की बातें एक साथ करेंगे ना तो क्रमानुसार बात हो नहीं पाएगी तो इसमें छिपकर सीता जी उमा छिपकर
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00:07:28:28 सीता जी का रूप बनाकर यह सोचकर कि मुझे सीता जानकर प्यार व संतोष करेगा
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00:07:35:24 इसको थोड़ा बड़ा कर दीजिए ठीक है इस पर ही हम डिटेलिंग करेंगे अब एक बात बताइए कि अब उसका यह कहना है कि वह परीक्षा लेने गई थी और यह सोच कर गई थी कि राम जी सीता माता समझकर वैसा ही आचरण करेंगे यहां तक तो ठीक है कि अगर राम जी भगवान नहीं होंगे तो वह सीता माता समझकर ऐसा ही आचरण करेंगे जो सीता माता के साथ करना चाहिए ठीक है तो प्यार करना तो समझ में आता है मगर यहां पर यह संतोष करेगा यह संतोष की स्थिति तक कैसे पहुंचेगा वो प्यार अगर वह करने लगेंगे तो क्या सीता माता के रूप में पार्वती माता रोकें नहीं और अगर रोकें तो फिर वह संतुष्टि जनक स्थिति कहां से आएगी निर्लज
00:08:27:01 नीच शर्म नहीं आती तुम लोगों को अरे य संतोष यह संतोष कहां से आ गया इसमें संतोष तो तभी आएगा ना जब वह क्रिया जो वह कर रहे होंगे गलत फहमी के कारण वह होती रहेगी तब आएगा ना संतोष नीच जेल कट्टू गुरु के झूठे भाई अभिषेक नीच कहीं का बातें बना रहा है अपने चैनल पर इतनी बार बोल चुका हूं अरे भाई आक के सिद्ध करना तेरी किताबों से इतनी चीजें बता दी है खोल खोल करके इतना गंदा गंदा इतना उल्टा सीधा तेरे तत्वदर्शी ने लिखा है एक भी बार एक भी बार तूने उस पर वीडियो बनाए क्यों तत्वदर्शी ने सा 24 में एक जगह लिख दिया कि उसको प्रभु समझते हैं सब लोग और एक जगह लिख दिया उसको जो है तुच्छ समझते हैं गरमा गीता की में अरे भाई अगर यहां पर सीता मा के रूप में हटा दीजिए मेरा वीडियो बड़ा कर दीजिए अगर यहां पर सीता माता के रूप में पार्वती माता परीक्षा लेने मात्र आई थी तो वह यह कहती कि मुझे सीता जानकर
00:09:42:03 प्यार करेगा या अन्य आचरण करेगा मुझे सीता समझकर संतोष करेगा यह बात क्यों सोचें वह कि मुझे संतोष करेगा संतुष्ट करेगा क्या मतलब है इसका अरे भाई वो जब करने लगेंगे राम जी तो रोकेंगे नहीं कि नहीं मैं मैं सीता नहीं हूं पार्वती तुम्हारी परीक्षा लेने आई थी तो संतुष्टि जनक स्थिति कहां से आ जाएगी नीच कहीं के झूठ भाई अभिषेक और झूठे नंबर एक के वहां पर तुझे एक ही बात नजर में आई ये सीता माता का रूप धारण करने वाली दिखा कहां पर लिखा है मा तेरे लोगों से अभी कल आएगा वीडियो अभी कल आएगा अभी तेरी जो खिसिया है ना वो दिख रही है जो तू खिसिया है ना खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे की तरह अभी कल आएगा वीडियो तब और खिस
00:10:37:03 आना क्या है दुर्गा माता के साथ बलात्कार कहां लिखा है कौन से शास्त्र में लिखा है हमने हमने क्या पूछा था हमने वहां पर केवल एक यही बात कही थी क्या हमने वहां पर केवल एक यही बात कही थी क्या सीता माता का रूप धारण करने वाली यह भी तो कहा था तेरे ही वीडियो में दिख रहा है जब मैं चिल्ला के बोल रहा हूं कि दुर्गा माता के साथ य जो दुराचार तूने लिखा है यह कहां लिखा है दिखाया तूने प्रमाण तूने संतोष करेगा वाली जो सोच थी पार्वती मैया की जो तूने अपने मन गंत वो तेरा जो जेल कट्टू तत्वदर्शी है उसके अनुसार यहां पर छापा तू उसका पक्ष पक्षकार बन रहा है तूने वहां चेक किया एक व्यक्ति कोई बोल रहा था कि वो जेल धाम निवासी नहीं है इनके लाइव में एक व्यक्ति बोल रहा था वो जेल धाम निवासी नहीं है पहली बात तो भाई जो जहां रह रहा है उसको वहां का निवासी कहा जा सकता है वास कर रहा है ना ठीक है और दूसरी बात यह है कि निवासी नहीं है तो कट्टू कहे क्या यह ज्यादा अच्छा लगेगा तुम्हें
00:11:52:12 जेल धाम निवासी तो रास नहीं आया तो जेल कट्टू कहे ठीक है भाई तुम तुम यस और नो अपनी लाइव में बता देना दोबारा से कर लेना हमको खूब गालियां दे लेना वो देखेंगे उस सब पर भी देखेंगे मगर तुमय तुम लोग यह तय कर लेना उसको जेल धाम निवासी कहे या वोह तुम्हें समझ में ना आए तो जेल कट्टू कहे तुम ही बताना है ना हां अब दूसरी बात ये आ गई अब कोई व्यक्ति यह भी कह सकता है कि भाई वह संतोष करेगा तो पहली लाइन क्या है प्यार करेगा तो प्यार किसके लिए हो रहा है मुझे प्यार करेगा तो फिर अगला कॉमा लगा कर के जब संतोष करेगा आएगा वो भी किस पर जाएगी बात मुझे संतोष
00:12:44:20 करेगा संतुष्ट होगा नहीं और वह परीक्षा लेने गई है यह बात ध्यान रखने की है वो उनको सीता माता की खोज से वंचित कर ने नहीं गई है जो राम स्वयं संतुष्ट हो जाएंगे तो वो अच्छी बात है सीता माता की खोज को रोकने नहीं गई है वो केवल यह जानने गई है कि ईश्वर है कि नहीं अगर ईश्वर होंगे तो मुझे पहचान लेंगे तो यह सारी बातें इनकी मिली भगत है इन्होंने कैसा धीमा जहर फैलाया है वो भी आप देखिए क्या क्या फैलाए अब दूसरी बात ये आती है यह तो एक बात रही जब मैंने वहां पर ड़ करके पूछा कि भाई तू बता कहां पर लिखा है दुर्गा माता के साथ दुराचार बलात्कार शब्द कहां पर लिखा है है प्रमाण बताते हो शास्त्र सवत भक्ति अभी बताऊंगा
00:13:39:10 मैं यह लोग कैसे धीमा पॉइजन फैला रहे हैं हिंदू सनातन धर्म के लिए वो भी देखते जाओ दुर्गा माता के साथ जो दुराचार वाली बात है उसने क्लोज कर ली क्योंकि मालो मेरे जेल कट्टू गुरु ने यह जेल कट्टू वाली बातें लिख दी है इसको तो छूना ही नहीं है बस वो बातें बोलनी जिसमें मैं कुछ अपनी गोड़ कपड़ सप कर सकू तो अब इनका कहना है भाई इन्होंने अपनी तरफ से कोई मजाक नहीं उड़ाया है उनका सबसे पहली बात तो यह जो अपनी वीडियो बोल रहा है ना इसमें ही देखो बोलते बोलते इसने क्या कहा है कि इतनी गंदी गंदी बातें लिखी है कि आपका मन करेगा कि फेंक दो इसीलिए बातें बता रहा है ना आपको कि आपके मन में भाव आए हिंदुओ कि अपने ग्रंथों को फेंक दो इसीलिए बात आपको बता रहा है ना वो फेंक दो वाली भावना है ना इसके अंदर फिर बोल रहा है कि नहीं पहले मेरी बात सुन लो उसके बाद तुम्हें जो करना हो वो करना यही यही सच्चाई इन जेल कटु की बाहर लानी थी यह कितना मान करते हैं इन ग्रंथों का जिनको फेंकने का मन करता है इनका अरे भाई अगर तुझे समझ में नहीं आ रहा है तो मत मानना अरे तुझे
00:14:54:14 यह नहीं दिमाग में आता है कि एक जगह जिसके द्वारा सृष्टि बनना लिखा हुआ जिसको परम ब्रह्म कहा गया है वही दूसरी जगह अगर ऐसा कर रहा है तो ऐसे शास्त्र तुझको समझ में नहीं आ रहे तो छोड़ देना फिर उन्हीं शास्त्रों को सद ग्रंथ क्यों बोल रहा है क्योंकि दुकान चलेगी उसी से उन्हीं शास्त्रों को सद ग्रंथ बोल बोल करके और जो है सद ग्रंथ की आड़ में अपने तत्वदर्शी को क्यों सिद्ध कर रहा है क्योंकि दुकान उसी चलेगी कौन कौन समझेगा इसको फर तत्वदर्शी जेल कट्टू को है ना तो इसलिए जिन को फेंक देने का मन आ रहा है मन में आ रही है भावना उन्हीं शास्त्रों को सद ग्रंथ कहेंगे उन शास्त्रों में वर्णित जो करेक्टर है जो पात्र है जो भगवत स्वरूप है उनको हम भगवान तो कहेंगे मगर उनको साथ में अज्ञानी कहेंगे मूर्ख कहेंगे कामी कहेंगे लोभी कहेंगे और अंततोगत्वा अपने लोगों के मन में जो हमारी बातें सुनेगा इतना जहर भर देंगे कि वो उनसे नफरत करने लगे और हमारे हमारे जेल कट्टू तत् के पास आ जाए अच्छा जब हम इनको जेल कट्टू कहते हैं तो इनकी तरफ से एक बात आती है कि कृष्ण भगवान भी तो जेल में जन्मे थे हां जन्मे
00:16:09:20 थे जिसने जेल में बंद किया था उसको मार डाला था मार जिसने जेल में बंद किया उसको मार राक्षस था वो बोल जिसने जेल में बंद किया वो राक्षस है बोलो बनाओ चैनल खोलो जिसने जेल में बंद किया व राक्षस है अभी पता चल जाएगा तब तो उसी पार्टी का जिस शासन तंत्र के द्वारा तुम्हारा तत्वदर्शी जेल में बंद है किसका शासन है भाजपा का उसी के एमपी वो उसी का अपना आईडी दिखाते हु भाजपा का कार्यकर्ता हूं अरे दोगलो जिस शासन तंत्र के द्वारा तुम्हारा गुरु जेल में है उस उसी शासन जिस पार्टी का उस उस पार्टी के तुम कार्यकर्ता
00:17:06:03 हो व आईडी दिखा रहा है ये मैं उसका कार्यकर्ता हूं बीजेपी का व एमपी कवर फास्ट वाला मेरी जमीन लूट लूट ली गई है यह हो गया वो हो गया अब देखते हैं कि इन्होने अपमान किया है कि नहीं किया है तो यह तो रहा वो दो बातें दुर्गा जी के साथ दुराचार और एक वो क्या कहते हैं यह जो सीता माता के रूप में उन्होंने क्यों धारण किया इसके अलावा अनेका नेक जगह इन्होने इतना इतना बुरा बुरा बोला है क्या क्या बोला है जैसे भस्मासुर को इन्होंने पुजारी बोला है भस्मासुर राक्षस नहीं है इनके लिए इनके लिए कई जगह भस्मासुर राक्षस है क्यों क्योंकि दुश्मन का दुश्मन दोष ब्रह्मा विष्णु महेश हमारे दुश्मन है तो उनका जो वो है शत्रु वह हमारा दोस्त तो क्या बोला है भस्मासुर को पुजारी बोला है और कितनी गंदी बात बोली है कि राम जी ने हनुमान जी से यह पूछा था हा दिखा दीजिए इनको भस्मासुर वाला
00:18:19:23 [संगीत] भस्मासुर को पुजारी बोला है और इसके साथ ही साथ यह श्री राम हनुमान से यह पूछ रहे हैं क्या सीता माता जो सीता है वह रावण के बिस्तर पर तो नहीं सोती है इतनी गलत गलत इतनी नीच बातें यह बोल रहा है यह सब बातें कहां लिखी है यह देखो पीछे पीछे पुजारी यह भस्मासुर जो है वो इनके लिए पुजारी है अरे भाई सही बात है तुम्हारे यहां पुजारी राक्षसों को ही माना जाता है जितने भी हो ना पूजा करने वाले सब राक्षसी तो हो इसीलिए तुम्हें बमा सुर पुजारी दिखाई दे रहा है अच्छा तो इससे आगे चलते हैं अब क्या श्री राम यह पूछ रहे हैं हनुमान जी से कि श्री राम ने पूछा कि रावण
00:19:34:27 की सेज पर सोती होगी बताइए इनको अगर मौका मिल गया वही तो है शासन तंत्र इनको अगर मौका मिल गया तो यह देखिए क्या क्या अपने ख्याली पुलाव कर कर के कितनी गंदगी मचाएंगे और फिर भी हिंदू लोग आंखों पर पट्टी बांध के सोते रहना कि ठीक है जो करना है वह सरकार करेगी हमें क्या करना है वाल्मीकि रामायण में भगवान राम ने स्वयं यह बात कही है कि मुझे सीता पर कोई संदेह नहीं है लोगों का मुंह बंद कराने के लिए उन्होंने अग्नि परीक्षा ली थी और यह क्या बोल रहे हैं अपने मन से तो अब बात यह आती है और ऐसी अनेक और अगर बात अपमान की की जाए ब्रह्मा विष्णु महेश मूर्ख है ब्रह्मा विष्णु महेश अज्ञानी है ब्रह्मा विष्णु महेश मुक्त नहीं हो पाए अपनी इंद्रियों के वशीभूत है ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करना व्यर्थ है यज्ञ से कुछ नहीं मिलेगा यज्ञों की पूजा से मुक्ति नहीं मिलेगी वह तो निचले स्तर की है इतना गीता कहने वाला जो है वह राक्षस जैसा है वह शैतान है वो दिखा दीजिए इनको यह जो कहते हैं ना कि काल भगवान हम तो भगवान कहते हैं इनका
00:20:49:28 त्रिया चरित्र है कि हम भगवान ही तो मानते हैं बस वो निचले स्तर के भगवान है ये इनका ये इनका दोहरा चरित्र है कि हम भी भगवान मानते हैं भले ही वो घटिया है हम भी भगवान मानते हैं भले ही वो राक्षसों की तरह खाता है हम भी भगवान मानते हैं भले ही वह शैतान है अरे भगवान का अर्थ क्या होता है पता भी है भगवान का अर्थ कभी देखा है पढ़े लिखे तो हो नहीं सब अनपढ गवार भड़े पड़े हो यह भी मैं नहीं बोल रहा हूं तुम्हारा आदमी है जिससे खूब सारी बातें हुई है अभी एक दो दिन में उसके साथ जो बातें हुई है ना वह यहां पर डालेंगे सुन लेना क्या कह रहा है 80 पर लोग जो रामपाल के फॉलोअर्स हैं 80 से 90 पर वोह सब पिछड़े हुए हैं पिछड़े हुए अपने बारे में सुन लो ये तुम्हारा व्यक्ति बोल रहा
00:21:49:18 है समझे तो पहली बात तो ये हुई कि अगर तुम्हें समझ में नहीं आ रही है चीजें जो अभी मैं समझाऊं अगर तुम्हें समझ में नहीं आ रही है चीजें तो उस ग्रंथ को पढ़ते समय तुम्हारे संशय उत्पन्न नहीं हो रहा है कि एक जगह उसी व्यक्तित्व के लिए कहा गया वो परम ब्रह्म है एक जगह उसी व्यक्तित्व के लिए ऐसी बातें आ रही है कि वो यह कर रहा है वो कर रहा है तो या तो अगर तुमको अविश्वास जग रहा है कि भाई ऐसा क्यों कर रहे हैं यह भगवान नहीं हो सकते ऐसे तो तुम उस पूरे के पूरे ग्रंथ को अलग हटा दो अपने जीवन से और अपना ग्रंथ देख कौन सा मानना है कौन सा नहीं मानना है उस ग्रंथ की फिर बात ही क्यों कर रहे हो जिसके प्रति तुम्हारे मन में द्वेष आ रहा है भाई तुम्हार जब दोनों बातें हैं उसमें एक बात तो है नहीं भगवान की केवल य लीलाए ही थोड़ी ना बताई है बात करते हैं इसने क्या किया दुर्गा माता के बारे में बात ही नहीं की जो अन्य अपमान किए गए उनके बारे में बात ही नहीं की और केवल एक वो सीता माता वाली बात का लेकर के और जो है उसको जस्टिफाई करने का प्रयास कर दिया ठीक है उसके बाद य आगे बढ़ जाता है फिर यह बताता है कि भाई
00:23:04:26 इतनी गंदी गंदी बातें लिखी है रामायण में और यह सब चीजों में जो इनका ईस्ट है तो क्या बता रहे हो मैं यही तो कहता हूं कि हमारे ग्रंथों को पढ़ कर के उसका अर्थ बताने के नाम पर उन ग्रंथों में जिनको उपास्य कहा गया है तो उनके प्रति हमारे मन में नफरत पैदा करते हो यही तो मैं कहता हूं अपने वीडियोस में हम तो वहां पर जो सीता माता के पास जब रावण पहुंचता है और सीता माता अकेली होती है रावण अभद्र बातें करता है सीता माता यथोचित उत्तर नहीं देती क्योंकि वो अकेली होती है और सामने साधु के बेस में था तो उनको डर भी लगता है कि कोई श्राप ना दे दे तो उस जगह के जो जो खुले हुए जो शब्द आए हैं वहां पर उनको कह रहा है कि अरे मेरे से तो पढ़ा भी नहीं जा रहा इतना गंदा गंदा है अी बताऊंगा है ना अभी बताऊंगा और आगे क्या लिखा है कि वो जो कहानी है सीता माता की सीता माता के रूप में जो यह पार्वती मैया गई थी और फिर वहां पर उसने कहानी पढ़ के सुना दी कि वो जो है काम नष्ट नहीं हो रहा है शिव जीी का अरे भाई शिवजी कौन है कौन है शिव जीी ले सुन ले कौन है शिव जीी
00:24:20:27 अपनी मन जि दिन मेरे सामने पड़ा तू मन ग्रंथ बातें करने वाले भागवत पुराण यह देख ले शास्त्र से बात करते हैं ओनली और तू दिखा कहां लिखा है दुर्गा माता का बलात्कार और दिखा कि सीता माता के रूप में उन्होने रूप धारण किया तोय संतोष वाली बात कहां से आई नीच जेल कट्टू गुरु के छूट भाई अशक
00:25:10:20 चेले क्या है देखो पार्वती के साथ देखकर जो उन्हें आसक्त बताते हैं वह मूर्ख है अब ये क्यों मूर्ख है यह आठवे स्कंद का सातवा अध्याय और 33 वा श्लोक भागवत तो क्या हुआ पार्वती माता के साथ देखकर जो उन्हें कामी समझते हैं आसक्त समझते हैं वह मूर्ख है क्यों मूर्ख है सुनो इसके आगे इसने और भी एक कथा भी बताई है पहले वो भी बात कर लेते हैं वहां कथा बताई है कि भगवान शिव जो थे वो कई सारी जो धर्मों की स्त्रिया थी उनके साथ उनका रमण हुआ तो मेरे मेरे क्या कहू मैं भाई तो निकल नहीं रहा तेरे लिए चल खैर बात करते हैं तो क्या है जेल कट्टू गुरु के झूठ भाई अभिषेक ऐसा है कि जो सृष्टि है ना उसका निर्माण जिन एंटिटीज ने किया है वो एंटिटीज काम कैसे करती
00:26:25:20 हैं यह बताने के लिए मातृ लीला होती है इनके अंदर जो रमण है इनके अंदर जो आसक्ति है उनका अर्थ वह आसक्ति नहीं होती जो तुम्हारी आसक्ति है है ना जो मानवीय आसक्ति है मानवीय मैथुन क्रिया है मानवीय क्रीड़ा है मानवीय रमण क्रिया है वो एज इट इज वहां नहीं होती है अब ये कहां लिखा है यह भी देख लो अपने मन से नहीं बोलते तो सबसे पहली बात तो यह है कि ये जो ब्रह्मा विष्णु महेश के ऊपर कामी क्रोधी होने का जो आरोप लगाते हैं यह आरोप इनके ऊपर लगता ही नहीं है क्यों नहीं लगता है क्योंकि काम की उत्पत्ति ही इनसे हुई है यह देखो जब सृष्टि रचना करते हैं तो ब्रह्मा जी का अस्तित्व पहले से था उन्होंने काम को बनाया सृष्टि रचना करते समय विष्णु पुराण और पांच पांचवा अध्याय प्रथम अंश है ना 41 वा श्लोक तो यह समझो कि जो सर्ग है ना एक होता है मैथुन सर्ग जो मैथुन सृष्टि होती है वह मानवीय सृष्टि होती है वहा मैथुन
00:27:41:00 की क्रिया मैथुन के नाम से ही जानी जाती है फिर होता है जो इससे ऊपर होता है अलग-अलग सर्ग होते हैं उन सर्ग में अगर मैथुन जैसी चीजें आ भी रही है तो वह दो शक्तियों का आपस में मिलन है वो जिस तरह से मैथुन क्रिया यहां हो रही है वो नहीं है क्यों क्योंकि मैथुन को तो जन्म ही वो शक्तियां देने वाली है यह देखो मैथुन सृष्टि का वर्णन यहां पर हो रहा है ये पांचवा अध्याय पढ़ लेना प्रथम अंश का पांचवा अध्याय पढ़ लेना यहां पर आपको यह सर्ग जो अलग-अलग होते हैं कि यहां की जो मैथुन क्रिया है वह उस दुनिया में वैसी की वैसी काम नहीं करती वो सब इसमें बताया गया है पढ़ लेना और बहुत सारे पुराणों में ये हमने एक उदाहरण के लिए बोला तो कहने का मतलब यह है कि ब्रह्मा विष्णु महेश कौन है ये वो तत्व है महा तत्व है इनको महा तत्व भी कहा गया है ये वो तत्व है जो जिनसे यह सृष्टि उत्पन्न हो रही है जिस सृष्टि में मैथुन क्रिया होती है जिस सृष्टि में काम होता है यानी कि उनकी दुनिया में तो यह सब है ही नहीं जो आप जिस जो काम का जो रूप आप जानते हो वो सब कुछ उनकी दुनिया में है ही नहीं
00:28:56:10 बस आप किसी तरह से उनकी लीलाओं को उनके काम करने के तरीकों को समझ पाए इसलिए उन शब्दों में आपको बताया जा रहा है जैसे मान लीजिए ब्रह्मा सरस्वती विवाह तो यदि आपको किसी को यह बताना है कि सूर्य से निकलने वाली जो लालिमा होती है और जो कोहरा बरसता है सर्दियों के दिनों में वोह बताने के लिए आपको यह बताया कि भाई सूर्य कौन हो गया पिता क्योंकि उसकी जो लालिमा है वो किससे उत्पन्न हो रही है सूर्य से उत्पन्न हो रही है तो पिता हो गया पुत्री हो गई मगर यह पिता और पुत्री वो पिता पुत्री नहीं है जो मानवीय पिता पुत्री होते हैं नहीं यह शक्तियां है उन शक्तियों के काम करने का तरीका बताया जा रहा है और उसके बाद फिर आगे जो सूर्य की निकलने वाली जो किरणें होती है यानी कि पुत्र सूर्य के उन किरणों के प्रभाव के कारण जो वायुमंडल में जो पानी मौजूद होता है नमी के रूप में भा के रूप में वही संगठित होकर के कोरे के रूप में बरसता है तो कोरा कौन हो गया पिता पुत्री पुत्र और यह एक और संतान यह ब्रह्मा सरस्वती विवाह का
00:30:11:24 जो आदि जो वैज्ञानिक जो दृष्टिकोण है तो जो भगवान की लीलाए होती है यह शक्तियां कैसे काम करती हैं यह बताने के लिए इन लीलाओं के तीन प्रकार के अर्थ होते हैं आध्यात्मिक आदि दैविक आदि भौतिक ये बताने के लिए लीलाएं होती है मगर अगर आप कहे कि नहीं नहीं वो शिव तो ऐसे ही थे वो तो कामी थे वो तो क्रोधी थे तो मेरे भाई शिव का अस्तित्व तब भी है जब काम क्रोध मोह इन चीजों का अस्तित्व ही नहीं है तब भी शिव का अस्तित्व है और इसीलिए शिव की वंदना शिव को मोक्ष दायक ब्रह्मा जी को मोक्ष दायक सूर्य को मोक्ष दायक विष्णु को मोक्ष दायक कहा गया है ब्रह्मा और सूर्य एक ही है तो इन पर इस तरह का आक्षेप लगाने से पहले सोचा करो कि हम क्या कह रहे हैं अभ ये भागवत पुराण का जो वर्णन मैंने बताया वैसे कई जगह पर है मगर मैं यही वाला पढ़ देता हूं क्या क्या लिखा है सुन लो महादेव के लिए क्या लिखा है आप समस्त प्राणियों के आत्मा और उनके जीवन दाता हैं यह किसने लिखा है ये कौन है महादेव सारे जगत को बांधने और मुक्त
00:31:26:28 करने में मुक्त करने में एक मात्र आप ही समर्थ हैं ठीक है आप ही सृष्टि स्थिति और प्रलय करने के लिए एक रस होने पर भी ब्रह्मा विष्णु शिव आदि नाम धारण कर लेते हैं ठीक है और अनेक शक्तियों के द्वारा आप ही जगत रूप में प्रतीत हो रहे हैं इस पूरे जगत में जीव जगत जगदीश्वर के रूप में एक ही परम तत्व जिसको ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश में से किसी भी नाम से आप पुकार सकते हैं वो परम तत्व ही अनेका अनेक रूपों में प्रतीत हो रहा है तो अगर यह बात आ भी जाती है कि उसने कुछ किया किसके साथ किया वही तो है दूसरा भी अरे उन पर आक्षेप लगाने चले हो
00:32:22:04 नीच आ उ और म ये जो प्रणव बनता है इन तीन अक्षरों से युक्त प्रणव है और यह जो प्रणव है किसके लिए है यह जो है भगवान शिव के लिए है और आगे देखिए क्या लिखा है वेद स्वरूप भगवन समुद्र आपकी कोख है पर्वत आपकी हड्डियां है अब यह क्यों नहीं मानेगा समुद्र आपकी कोक है कोक होती है क्या पुरुष के समुद्र आपकी कोक है पर्वत आपकी हड्डियां है सब प्रकार की औषधियां और घास आप आपके रोम है इनसे तुलना करेगा तू यह मानवीय जो मैथुन क्रिया इसकी ये कौन है पहले समझ इसका अर्थ यह है कि जिस मैथुन क्रिया को आप देख रहे हो अपने मानवीय दृष्टि से अगर ईश्वरीय लीलाओं में उनका वर्णन आ भी रहा है तो वो वो मैथुन क्रिया नहीं है जो यहां पर है वो केवल आपको समझाने के लिए कि दो शक्तियां आपस में रमण कैसे करती हैं एक साथ मिलकर के काम कैसे करती हैं दो अलग अलग प्रकार की शक्तियां वह बताया गया है और यह भी मैं आपको भागवत से बता देता हूं जो उसमें ये भी बोल रहा है भगवान श्री कृष्ण की रास लीला है यह है
00:33:37:08 वो है अरे तू नया नहीं है सब बोलने वाला तू केवल कॉपी पेस्ट कर तू नया नहीं है प्र उपनिषद एक च तीन में लिखा है कि भगवान जो है अपने एक से ज्यादा होने की इच्छा होती है य तोय तो ये तो सभी मान तुम कहते हो ना एक से एक से दो होने की इच्छा हुई
00:34:33:04 हम ये देखो श्रीमद भागवत दवा अध्याय 33 वा दवा स्कंद 33 वा अध्याय और सवा श्लोक क्या लिखा [संगीत] है दवा स्कंद 33 वा अध्याय और 17 वा श्लोक जैसे बालक अपनी परछाई से खेल करता है इसी तरह भगवान भी अपनी योग माया से निर्माण की हुई दिव्य आत्मा संपन्न जो तत्त्व होते हैं उनसे रास लीला करते हैं तो भगवान रमण किसके साथ करते हैं किसके साथ करते हैं रमण अपने ही जो योग माया होती है उससे उत्पन्न जो व्यक्तित्व होते हैं उनके साथ तो यह जो लीलाएं हैं इन पर आक्षेप लगाने वाले तुम नए
00:35:48:09 नहीं हो खैर तुमने जब यह कर दिया तो इससे तुम्हारा यह ढोंग वाला चेहरा तो हट कर के वास्तविक चेहरा तो सामने आया ना कि वास्तविकता में तुम इन शास्त्रों के साथ क्या करना चाहते हो फेंक देना चाहते हो नीच मगर उनको रखे इसलिए हो जिससे उन शास्त्रों की बुराई बता सको अरे नीच तेरे मन में कभी यह नहीं आया कि उसी में उसी शिव को जिस शिव के बारे में बुराई हो रही है उसी शिव को परम ब्रह्म क्यों कहा जा रहा है तूने अपने तत्वदर्शी से जाक क्यों नहीं पूछा कि परम ब्रह्म क्यों कहा जा रहा है जब यह गलत है तो संचय क्यों नहीं आया और अगर उस शास्त्र की एक बात गलत है वो परम ब्रह्म नहीं है वो गलत बात है तो तुझे उस शास्त्र पर विश्वास क्यों है यह शास्त्र सही है उनके उसमें दिए गए प्रमाणों के आधार पर तू जेल कट्टू को तत्वदर्शी क्यों मान रहा है अरे जो झूठ बोलेगा व सब जगह बोल सकता है झूठ तुझे कैसे पता कि झूठ बोलने वाले ने परम ब्रह्म झूठ बोला है मगर दूसरी जगह झूठ नहीं बोला
00:36:48:12 है क्योंकि तुझे हिंदुओं को जेल कट्टू राम पालिया बनाना है इसलिए देखिए
00:38:10:16 यह लिखा है जैसे नन्ना सा शिशु निर्विकार भाव से अपनी परछाई के साथ खेलता है वैसे ही वह लीला थी अपनी परछाई के साथ खेलते हैं भगवान ये देख रहा जैसे नन्ना सा पशु भगवान अपनी परछाई के साथ खेलते हैं वो किसी और के साथ नहीं खेलते हैं ये पूरा जगत उनकी परछाई है तो पहले तत्त्वों को समझो आक्षेप लगाने से पहले तो यह हो गया भाई अब 100 की सीधी एक बात है कि अगर तुझे समझ में नहीं आ रहा है कि भाई यहां पर बुराई हो रही है उन्हीं तत्वों की जिन तत्वों को परम ब्रह्म कहा गया है तो तू छोड़ देना इन शास्त्रों को को बन जा दूसरा बन जा एक वो रामपाल नाम का धर्म बना ले मगर नहीं इनको पकड़ के क्यों रखना है इनको पकड़ के इसलिए रखना है कि जेल से रिहाई कैसे होगी जमानत कैसे मिलेगी खर्चा कौन उठाएगा हम और तू जो बातें कर रहा है ना इतनी इतनी बातें लिखी है उसकी बात बताता हूं
00:39:25:06 मैं कृष्ण जी की लीला यह बताऊंगा व तो अभी बात की नहीं है कर लेना त कोई नया नहीं है हमारे आचार्य ने अच्छे से तैयार किया है तेरी तरह नहीं है पूछ लिया धर्म की व्याख्या क्या वही नहीं बता पाएगा पूछ लिए नास्तिक का खंडन है वही नहीं बता पाएगा सनातन की परिभाषा नहीं बता पाएगा तभी तो आदि सनातन आदि सनातन करता है तू इसीलिए स्कंद पुराण में कहा गया है क्या कहा गया है वो भी देख लो
00:40:04:02 पढ़े हो तब ना तब तो कुछ बात आए समझ में यह देखो क्या है अर्थ बता देता हूं वेद शास्त्र पुराण इतिहास यह सब जो विद्या शैव शक्त यह सब कुछ यह सब बातें गुरु तत्व को जाने बिना भ्रांत चित्त वाले जीवों को पथ भ्रष्ट करने वाली हैं आपके पथ भ्रष्ट हो चुके
00:40:44:19 हैं आपको समझ में नहीं आएंगी ये चीजें कि जब अगर ब्रह्मा से ही काम की उत्पत्ति हो रही है काम तो अस्तित्व में ही नहीं है तो वह काम ब्रह्मा को कैसे मोहित करेगा हां तुम्हारा जो काल है वह जरूर मोहित कर सकता है आज तक मैंने इतनी बार इसकी गरिमा गीता की और यह ज्ञान गंगा की पोल खोली एक भी वीडियो नहीं बना पाया ना तत्वदर्शी की बातों का क्या करें वो लिख के चले गए भैया हमारे लिए और क्या क्या लिख के गए अभी बात करेंगे खैर तो हमारे शास्त्र य कहते हैं कि आपको शास्त्र ऐसे समझ में नहीं आएंगे आपको गुरुओं की शरण में जाना होगा गुरु कौन होगा इसकी व्याख्या भी वो नहीं है केवल ता बता दिया बस गुरु कौन होगा उसकी प्रॉपर व्याख्या है उसके लक्षण क्या होंगे वो किसके द्वारा प्रामाणिक होगा यह सारी व्याख्या है
00:41:39:22 समझे गुरु कौन होगा तो अगर तुमको पढ़ना है तो पूरा पढ़ो भाई तुम्हारे मन में संशय आना चाहिए अगर तुम इस ग्रंथ पर इस ग्रंथ को तुम सद ग्रंथ कह रहे हो तो जब इसमें ये लिखा आएगा कि शिव जी और ब्रह्मा जी और विष्णु जी ये सब परम तत्व है परम ब्रह्म है तो तुम्हारे मन में यह संशय तो आना चाहिए कि इन्हीं की बुराई क्यों हो रही है वो संशय तुम्हारे नहीं आएगा क्योंकि तुम्हारे लिए यह सद ग्रंथ नहीं है दिखावा है तुम्हारे लिए ब्रह्मा विष्णु महेश काल भगवान नहीं है मूर्ख है अज्ञानी है शैतान है शैतान और तुम जैसे शैतानों के लिए मेरे जैसा शैतान जन्म लेता है इसीलिए खिसिया करके वीडियो बना रहे हो ना हा बहुत बुरा लगा
00:42:31:08 ना इसको बड़ा करिए भैया हा यह देख लो यह लोग भगवान कहते हैं ना काल को यह देखो इनकी वास्तविकता क्यों कहते हैं भगवान क्योंकि हम तो गीता बोलने वाले को भी ब्रह्म भगवान मानते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश को भगवान मानते हैं भगवान का एक भी लक्षण उसमें घटित नहीं होगा मगर भगवान कहते हैं यह देख लो क्या लिखा है शैतान है यह है इनकी वास्तविकता
00:43:09:26 नीच अरे भाई एक बहुत मैंने कितनी बार इनसे कहा कि भाई तू सामने आकर बात करने में क्यों डरता है जब तू इतना शास्त्रज्ञ है तो तेरे पास जब इतने फैक्ट है तो तू डरता क्यों है मैंने अपना नंबर दे रखा है तू फोन कर किस बीच की जगह पर आकर के मिलना है इसको डिस्कस कर और बीच में आकर के बात कर ले इनके यहां का एक कोई यह रामपाल का कोई शिष्य है लखनऊ में जब से हमने वोह वहां पर जाकर विरोध किया था मेले में जाकर इनके स्टॉल का तब से उसका लगातार मेरे पास कई बार फोन आया मैंने कहा ठीक है ज्ञान चर्चा कर लो भाई ज्ञान चर्चा करने करने के नाम पर होते होते उसने इतना मुझे स या फनी फोन कर कर के फोन कर कर के वो पूरी रिकॉर्डिंग है और वो हम डालेंगे कल परसों में डाल दंगे वो बड़ी आनंददायक है अंत में वो यह पूछ रहा है बंदा कि जहां पर जहां पर ज्ञान चर्चा होनी है वहां पर बैठने की व्यवस्था क्या है पराती है ना ये हमारे इसलिए बाराती नहीं होते जिनकी वो करनी होती भाई वो कि यहां बैठेंगे वहां तो वो हमसे पूछ रहा है कि वो बैठने की अवस्था क्या है इतनी चिंता है उसको अपने
00:44:25:02 गुरु की निंदा की कि वो यह पूछ रहा है हमसे वहां बैठने की क्या व्यवस्था है अरे भाई मुझे इस बात से चिंता होगी कि वहां बैठने की क्या व्यवस्था है जब धर्म की रक्षा करनी होगी गुरु के गुरु का किसी ने अपमान किया होगा तो वहां पहुंच कर के प्रतिकार करना होगा तो मैं यह देखूंगा कि वहां बैठने की क्या व्यवस्था है यह चोरों की चोरी करने की आदत है पूरी रिकॉर्डिंग है एक घंटे की बहुत आनंददायक है पूरी सुनना पूरी सुनना पूरी
00:45:04:03 रिकॉर्डिंग हम तो भगवान कहते हैं सद ग्रंथ कहते हैं पवित्र ग्रंथ कहते हैं और पवित्र ग्रंथों को फेंकने की भावना आ जाएगी अगर तुमने पढ़ लिया अरे क्यों पढ़ा रहा है भाई तू तुझसे कहा किसने तू इसलिए पढ़ा रहा है कि इन सद ग्रंथों की बुराई कर करके कर करके कर करके लोगों के मन में अपना वो जेल कट्टू तत्वदर्शी डाल दूं और उसके नाम पर मेरी भी दुकान चलती रहे लोग खुश हो जाए वाह वाह वा वाह क्या वा वा बहुत बढ़िया तो इस बात को ध्यान रख कि यह जो सर्ग है ना मैथुन सर्ग यह हमारा सर्ग है य जो मानवीय लीलाए हैं यह जो मानव मानवों मनुष्यों के ऊपर जो नियम लागू होते हैं वह उन शक्तियों के ऊपर लागू नहीं होते हैं जिन शक्तियों ने सृष्टि बनाई है उन शक्तियों वो शक्तियां रूप लेकर के आपको अर्थ बताने के लिए कि हम काम से करते हैं और रोचक तरीके से आपको लीलाएं करके दिखाती है सिर्फ इतना मात्र है उनकी लीलाओं का अर्थ इसको डाल लो अपने भेजे में जैसे ब्रह्मा सरस्वती के विवाह की बात बताई तो सूर्य सूर्य वाली बात से अगर आप ना भी समझ पाओ तो उसमें क्या है कि सपोज करिए कि मैं आपको एक सब्जी बनाना सिखाना चाहता हूं
00:46:19:15 कि दूध और पनीर की सब्जी कैसे बनती है अब मैंने उसमें रोचकता डालने के लिए दूध को नाम दे दिया य ब्रह्मा है तो पनीर को नाम दे दिया सरस्वती मगर पनीर और दूध के बीच में जो संबंध है वह क्या बना पिता और पुत्री का क्योंकि दूध से उत्पन्न हो रही है पनीर इन भावों में वहां पर वो लीलाए होती है और फिर अच्छा एक जगह इनका वो दिखाना जरा कि काम वासना में भी काल है वो वाली चीज दिखाना जरा इनका
00:47:00:21 काम वासना में काल है वो जरा दिखाइए जरा इतने बड़े दोगले हैं कि वहीं पर हुई वह जो दुर्गा माता वाली बात है जो स्पष्ट है जिसका कुछ है ही नहीं आधार उसको छोड़ ही दिया अरे क्यों छोड़ रहे हो वही एक बात बहुत है तुम्हारे पूरे तंत्र को नष्ट करने के लिए और किसी बात का आधार नहीं चाहिए होगा पूरे तंत्र को नष्ट करने के लिए वो बात बहुत है क्यों छोड़ दी वो बात दिखा कहां पर लिखा है दुर्गा माता के साथ दुष्कर्म राक्षस के द्वारा शैतान के द्वारा काल शैतान है ना दिखा नीच दोगले झूठ भाई अभिषेक बहुत बुरा लगा है इसको जब इसने वो स्टॉल हटते हुए देखा मुझसे कह रहा मर जाना अभी बताऊंगा कभी साहब अपने भक्तों का क्या क्या साफ करते हैं वो भी बताऊंगा
00:48:13:03 [संगीत] अभी वो भैया वो शिवम दास है उसको भी जवाब दो ना एक मिनट एक मिनट जयम सर ये देखिए बल तथा बुद्धि काल के वश में है और मन भी काल है य हम दिखा चुके हैं कई जगह इनकी किताबों में लिखा हुआ है है ना शक्तिशाली का बल हूं तथा सब प्राणियों में काम यह देखिए काम कौन है भाई इनका काल है तो अब इनकी भाषा में इनसे बात करेंगे जैसे ये करते हैं तो तो काल कौन है काल काम भी है तो तू फैक्ट भाई अभिषेक अपनी माता जी से जाकर पूछ कि जब तू जन्म होने की तेरी प्रक्रिया चल रही थी जिस समय तुझे जन्म देने की तो वह काल के साथ चल रही थी या तेरे पिता के साथ चल रही थी क्योंकि सेक्स तो काल है ना और सेक्स के बिना तो तू हुआ नहीं होगा और मैं तो वही बात बोल रहा हूं ना जो प्रमाणिक है तेरे अनुसार तो तू पता कर इस बात को है ना अरे तुम्ही
00:49:28:03 को बोलना आता है क्या पता कर कि तेरी जो जन्म लेने की जो प्रक्रिया थी उस समय वहां पर काल था वह राक्षस था शैतान या तेरे पिता थे पूछ उनसे जाके अपनी माता जी से जाके क्योंकि काल तो सेक्स भी है और काल तो काम भी है वहां पर काम के बिना तो तू हुआ नहीं होगा या हुआ होगा तो बता रहा अपनी दिव्य कथा तो तू काल पुत्र हुआ उस हिसाब से शैतान पुत्र हुआ और जितने लोग यह मानते हैं य पूरा तंत्र य मानता है तो वो सब सब पर ये चीज लागू होगी तो फिर क्या करोगे तो यह इस तरह की दोहरी बातें करके तुम क्या कर लोगे जब हम लोग ऐसे करने पर आएंगे
00:50:13:10 फिर तो पता करो भाई शिवा जीी जय श्री राम जय जय श्री राम जय जय श्री राम कहते शैतान है ये कहते हैं कि काल एक शैतान है अब काल तो ये लिख रहा है मैं अपने मेरे शब्द नहीं है जी जी ये खुद लिख रहा है कि काल सेक्स भी है जबक हमारे ग्रंथों में इस तरह से बात होती नहीं है मगर ठीक है इसी के पकड़ लेते काल जो है काम भी है तो भाई जब वहां पर जो इसका जो इसकी जन्म की प्रक्रिया चल रही थी सतत प्रक्रिया जो थी इसकी उस समय वहां इसके पिता थे कि वो काल नाम का शैतान था पूछ जाके मैं किससे बिल्कुल सही कह रहे हो दूसरी बात य भी है रामपाल जी किससे उत्पन्न है फर रामपाल जी काल से उत्पन्न हो गए ना फिर राम हम लोग य नहीं क हम तो पूछने को कहेंगे हा मैं इससे जरूर डाउट कहूंगा भैया जो झूठ भाई अभिषेक हैय किससे उत्पन्न है यह काल से उत्पन्न है अपने पिता से उत्पन्न है शैतान से उत्पन्न है अपने पिता से उत्पन्न है और फिर सब हमारे पिता काल नाम का शैतान है कौन है जी जी
00:51:29:28 जी अब इसमें एक जगह कह रहा है कि वो तुम लोग हिंदू विरोधी हो हिंदू देवी देवताओं का अपमान करते हो अपमान खुद कर रहा है अपनी किताबों में भर भर के अपमान कर रहा है समझने की बजाय सकारात्मक प्रयास की बजाय फायदा उठा रहा है जहां से दो अर्थ निकल सकते उसका दूसरा गलत अर्थ निकाल कर के और अपमान खुद कर रहा है और हमसे कह रहा है तू हिंदू विरोधी है तुम लोग हिंदू विरोधी हो सनातन विरोधी हो अबे किसी दिन सामने आना पता चल जाएगा सनातन का ठीक से अर्थ नहीं बता
00:52:06:04 पाएगा और बोल रहे हैं वो हिंदू बाद में आया पढ़ ले जाकर के गर्व से कहे हम हिंदू नाम का ग्रंथ पढ़ तू तो पुराण को मानता है ना कितने पुराणों में हिंदू शब्द आया है वहां बता रहा है जब ये लोग अपना काम अपना क्रोध अपनी ये सब मोह ममता नहीं वो कर पाए तो फिर व हमें मोक्ष कहां से देंगे पहली बात मोक्ष देने वाले के रूप में नाम लिखा हुआ है उसका क्या करें फाड़ के फेंक दे भाई अगर मैंने ये कहा कि यह सद ग्रंथ है यह पूरा है कि इसके वो पन्ने नहीं है जिसमें वो लिखा हुआ है ब्रह्मा विष्णु महेश जो है भगवान है पूर्ण ब्रह्म है और अगर वो पन्ने हम फाड़ देंगे तो भी क्या ये भागवत पुराण भाही भागवत पुराण कहलाएगा इसको तू सद ग्रंथ कह रहा था अरे कितने नीच दोगले हो तुम लोग अरे एक बार शीशे में जाकर के अपनी शक्ल देख लो शर्म आ जाएगी किससे झूठ बोल रहे
00:53:09:25 हो गुटका छाप बोल रहा है वहां जो बजरंग दल के और े विश्व हिंदु परिषद इत्यादि के जो कार्यकर्ता गए थे उनको गुटका छाप बोल रहा है अबे तेरे जो तुम लोगों के जो वो है ना वो अभी सुनना क्या मांग रहा था मुझसे वो बोल रहा है कि भाई मेरा मेरा सेवा सत्कार नहीं करोगे चाय पिला देना मुझे अपने घर पर बुला के चाय में क्या होता है निकोटीन नशा होता है चाय में क्या होता है नशा होता है कैफीन नशा होता है वही मांग रहा था तुम्हारा वो क्या कहते हैं उनको क्या कहते हो भाई पुण्यात्मा हो वही मांग रहा था वो बोला मुझसे फोन करके उसने मुझे बहुत पकाया है कम से कम एक घंटे की रिकॉर्डिंग है उसकी उसने बहुत सर में दर्द किया इधर उधर की बात है फालतू की एक बार बोलता है मैं आपके घर के पास आ गया हूं और मुझे जो है वो जगह दिखा दीजिए जहां पर जो है शास्त्रार्थ होना है और चाय चाय नहीं पिलाएंगे क्या मैंने कहा चाय का क्या काम है तुम हमारी माता का अपमान करोगे हम तुम्हें बिठा के चाय पिलाए पहली बात तो य हम चाय पीते नहीं है दूसरी बात ये कि तुम्हारे लिए बिल्कुल चाय नहीं है मना कर दिया
00:54:25:01 तो एक गुटका छप तो तुम लोग कौन हो नसेड़ी जाके मना कर सब चाय पीते हैं ये लोग सब मना कर सबको मैं तो उनको दिखा दूंगा हां पर जो लाइव आए हैं वो लोग बटका खाने वाले थे जो लाइव आ कर के गए हैं यह लोग बोलते हैं ना और दुर्गा जो दुर्गा ठाकुर नाम की जो महिला है जो वीडियोस बना रही हमारे विरोध में ये लोग कहते हैं कि बिंदी मत लगाओ ये मत पहनो पन वो खुद अपना चमक दमक करके रह रही
00:55:03:25 है और क्या बोल र है कलयुग के ब्राह्मण तो कलयुग के ब्राह्मणों के लिए मैं तुम्हें एक बात बता दूं झूठ भाई अभिषेक जी अनेकानेक शास्त्रों में शिव पुराण में स्कंद पुराण में देवी भागवत में भागवत पुराण में वर्णन है कि कलयुग की स्त्रियां कैसी हो जाए व्यभिचार हो जाएंगी व्यभिचार पराय पुरुषों के साथ रहने वाली पराय पुरुषों का संग करने वाली तो कलयुग की स्त्रियों के बारे में लिखा हुआ है अब तू तेरे घर की स्त्रियों के बारे में क्या सोचता है वो तुम लोग चेक करो जो लोग ये ब्राह्मण का लेकर के आते हैं ना कलयुग के ब्राह्मण ऐसे होंगे वो लोग सब लोग अपने अपने घर की जाक स्त्रियों को चेक करके देखें कि भाई वो ऐसी है कि नहीं जो लिखा है तो फिर अर्थ आएगा कि नहीं नहीं सारी स्त्रियों के लिए नहीं लिखा है वो केवल वो ऐसा बताया जा रहा है कि ऐसी हो जाएंगी यह नहीं कि सब हो गई अगर वहां पर लिखे हुए सारे ब्राह्मण वैसे ही है जो वहां लिखा है तो फिर सारी स्त्रिया तेरे हिसाब से मेरे हिसाब से नहीं है तुम लोगों के हिसाब से तुम्हारे घर की स्त्रियां वही हो गई जो वहा लिखा है
00:56:19:13 तो पहले बोलने से पहले समझा करो आदि सनातन अरे भाई जो सनातन है वह अपने आप में ही सनातन हो गया व आदि सनातन का क्या मतलब है कौन सी संस्कृत कौन सी डिक्शनरी से पढ़ते हो अलग से डिक्शनरी है क्या जेल कट्टू की कोई शास्त्र प्रमाणित भक्ति शास्त्र प्रमाणित नहीं शास्त्रों में धीमा जहर खोल कर के शास्त्र विरुद्ध भक्ति पूछना अपनी माता जी से मेरे पिता से उत्पन्न हूं या काल से उत्पन्न हं क्योंकि काल जो है वो कौन है काम भी है दिखा दिया तुम्हारे किताबों में तो पूछो माता जी से मैं शैतान का बेटा हूं या अपने पिता का बेटा हूं या मेरे पिता भी वही है क्या है मामला वो चेक करके जरा बताओ हां जी अब जय श्री
00:57:11:26 राम क्या लिखा है उस समय वह काल भगवान ही श्री रामचंद्र में प्रवेश करके तड़पा रहा था अब य य भगवान कर दिया उसने एक बात और की है जो सती माता वाला प्रकरण है उसको पार्वती माता के बाद का कर दिया इन्होंने अपनी किताबों में वह प्रकरण दिखाइए जरा सती माता जब उन्होंने आत्म दक किया उसके बाद पार्वती जी का प्रकरण आता है तो इन्होंने सती माता वाला जो आत्म द है वह पार्वती जी के बाद कर दिया है वो क्या कर दिया है कि जब इन्होंने परीक्षा ली थी श्री राम की तो शिव जीी जो है क्रोधित हो गए थे बुरा मान गए थे कि भाई अब मैं इनके साथ जो है पत्नी जैसा व्यवहार नहीं करूंगा तो फिर वो जब उन्होंने देखा कि वोह पत्नी वाला व्यवहार नहीं हो रहा है तो वो पार्वती माता अपने पिता के यहां चली गई और वहां पर वह यज्ञ हुआ अब यह सती वाला प्रकरण जो पार्वती माता से पहले का प्रकरण है वह
00:58:26:27 पार्वती माता के बाद का प्रकरण हो गया यह तो इनका तत्व दर्शन है यह देखिए कि शिव के मुह का नाश उतरा तब सर्व हालातों को जानकर भगवान शंकर जी ने निर्णय लिया कि मुझे कामदेव अब देखिए यहां कामदेव सेक्स ने सताया है कितना बुरा लिखा है अब मैं आपको बता दूं अभी हमने बताया ना शिव जी को कामी समझने वाले मूर्ख होते हैं फिर मैं अपने कामदेव को नष्ट कर दूं अरे भैया काम काम को य बनाते हैं जब सृष्टि करते हैं तो अगर इनके लिए काम शब्द का उपयोग हो भी रहा है ना तो यह वह काम नहीं है जिसको आप जिसको समझ कर के इनसे घणा भाव लाओ अपने मन में मुझे स्वप्न में भी धोखा नहीं दे सकती इसने भी मुझे धोखा दे दिया झूठ बोला यह सब इन्होंने जो माता है जब उनको उनके साथ इन्होंने वैसा पत्नी वाला व्यवहार बंद कर दिया तो वो फिर दक्ष के य चली गई यह सब इन्होंने कहानी बनाई है व अपने पिता के य चली गई तो आप देखिए जो इनका तत्व दर्शन
00:59:42:02 देखिए जो सती माता का पहले वाला जो वृतांत है कि पहले उनका आत्म दव हुआ उसके बाद उन्होंने पार्वती के रूप में जन्म लिया तो पार्वती माता अब पहले हो गई और सती माता वाला जो प्रकरण है बाद में हो गया ये इनका तत्व दर्शन है जी संदीप बत्रा जी आप बोलिए हां जी जय श्री राम सर कैसे हो जय श्री राम जय श्री राम सर अभी आप यह कह रहे थे ना स्लोगन है ना जो सतयुग के राक्षस कलयुग के ब्राह्मण है अब आपको ना इसके ऊपर क्लियर करता हूं य ये लोग वही है उसका कारण क्या है जब सतयुग में देखो राक्षस होते थे कौन-कौन थे राक्षस सतयुग में जैसे हिरण कश हिरण्याक्ष था वो लोग क्या करते थे उनका काम यह था कि विष्णु जी के विरुद्ध भक्ति करना और जितने भी संत जन है उनको तंग करना और यही सारे कर्म जो है ये लोग कर रहे हैं तो इसका मतलब ये है जो वो सतयुग के राक्षस है वो ये लोग हैं आप टेक्निकल बात समझो ये मतलब है तो खुद है लेकिन ये मान नहीं रहे हैं जैसे कालनेमी था ना काल नेमी वो भी मानता नहीं था वो यही चीज है ये लोग क्योंकि मन में राम
01:00:57:06 मतलब बगल में छुरी और मुंह में राम राम वो सीन है इनका और जो आप अभिषेक की बात कर रहे हो ना मतलब आपके चैनल प कह रहा हूं अगर वो सुन रहा है ना भाई वो एक नंबर का महामूर्ख आदमी है मैंने उसकी मतलब वीडियोस देखी है उसका कोई सिर पैर नहीं है किसी चीज का कोई उसका ज्ञान से कोई लेना देना नहीं है बस दो फोटो लगाई झलो की तरह बस वो कह दि ये है ये भाई तू सामने आ तेरे को चैलेंज है सामने क्यों नहीं आ रहा तू सामने आके बैठ रे मैं तो ये बता रहा हूं संदीप जी मैं तो कह रहा हूं ये शुरुआत है अगली बार अगर इन्होंने लगाई स्टॉल तो मैं माइक लेकर के जाकर के ये बातें बोलूंगा फिर वहां पर पदम पुराण का रेफरेंस देकर के कहे कि हां ये बातें सही है तब इनकी क्या हाल होगा फिर वहां पर पब्लिक में आपने आपने जो यह काम किया ना इतना जबरदस्त और अच्छा काम किया ना और यह वाकई आने वाले समय में जैसे आप मेरी बात सुनो अब ये रामपाल अंदर क्यों है क्योंकि इन्होंने इनके ये जो इनका जो आर्य समाजी थे ना इसके खिलाफ खड़े हो गए थे उनके गुरु के खिलाफ बोल दिया था इस वजह से आज ये अंदर है और ये हमारे जैसे शास्त्रों की बात कर रहा है और अब हिंदू जो है जाग चुका है और अब इनके जो है जैसे आपने आज किया ये किया है ना कार्यक्रम इनका आगे कार्यक्रम ऑलरेडी सेट है ये और आने वाले समय में इनको
01:02:13:02 मतलब हो ना सके मलो ये इनको यहां से निकाल ही ना दे जो इनके हालात है इनके मतलब इनको समाज से ही बहिष्कृत करना पड़ जाएगा इनको इन लोगों के समझ नहीं है आने वाले बच्चे आने वाली संताने इनकी क्या करेंगी इनको बिल्कुल भी अकल नहीं आ रही बोल उनके मन में इतना जहर भर दिया इन लोगों ने मतलब जिहादी जहर होता है ना वो जहर भरा हुआ इनके अंदर वो जहर इनके अंदर नसों नसों में भर दिया वो अपनी वीडियो में बोल रहा है कि भाई वो अपनी वीडियो में बोल रहा है कि भाई इन किताबों को पढ़ के आपको फेंक देने का मन करेगा वो अपनी चीज बता रहा है मेरे अंदर क्या है इन किताबों के लिए मैं इन किताबों को केवल इसलिए पढ़ पढवा रहा हूं जिससे कि तुम भी इनसे नफरत करने लगो जिससे कि तुम भी तथाकथित वो वाले हिंदू बन जाओ जो जेल कट्टू का अनुयाई है आप ये देखो ना इसने काल अब जैसे रावण था ना श्री राम जी को काल काल करता रहा जो आपका कंस था श्री कृष्ण जी को काल काल करता रहा वो काल बन के गरास गए अब यह रामपाल का क्या हुआ यह काल कोठरी में पड़ा हुआ है क्योंकि काल काल करता इसलिए काल कोठरी में चला गया अब इनका नंबर आ गया तयार है इनको यह शर्म नहीं आती इन चीजों को इनको अकल नहीं है चीजों की मतलब सामने परिणाम देखने के बाद भी इनको अकल नहीं आ रही तो इसका मतलब इनके दिमाग
01:03:28:10 के ऊपर ना हिरण कश और हिरण्याक्ष वाला इनका पर्दा पड़ा हुआ है और इनका जो है मतलब की विनाश होने के बाद इनको अकल आएगी जैसे उनको आई थी मैं एक बात ओपनली कह रहा हूं झूठ भाई अभिषेक जेल कट्टू के चेले से कि भाई तू अपने कमरे के अंदर बंद रह कर के जो भी काम कर सकता है सिर्फ उतनी गुरु भक्ति है तेरी क्या उतनी सद भक्ति है बिल्कुल सही बात है बिल्कुल सही बात है उतनी सद भक्ति है क्या अरे भाई तुझे इतना डर क्यों है एक फोन मिला मेरे को 7408 30169 ये फोन मिला इस पर और तय कर कि कब किस चैनल पर हम लोग बीच में आ सकते हैं ना मेरे चैनल पर ना तेरे चैनल पर य एमपी खबर फास्ट वाले भी कहते रहते हमने इतनी बार कहा हमारे क्यों आ जाए भाई तुम्हारे चैनल पर क्यों आ जाए हा बिल्कुल बिल्कुल अरे भाई तुम हमने इतनी बार नंबर दिया है तुमने अपना नंबर दिया है क्या तुमसे बात कर सके जिससे की कि तुमसे हमें बात करनी है इसलिए तुमसे बात कर सके कि तुमसे हमें चर्चा करनी है ज्ञान चर्चा तुमने नंबर दिया है क्या मैंने दिया है क मुझे बिलीव है तुम्ह बिलीव नहीं है कि तुम्हारा जो झंडा है वो ऊंचा रह पाएगा इसलिए डरको की तरह
01:04:43:15 तुम लोग छुप कर केवल काम कर सकते हो अपने कमरे में अरे फोन मिलाओ और तय करो किसी बीच की जगह पर आएंगे तुम आ जाओ अपने यहां से दो चार हम आ जाएंगे अपने य से दो 400 किलोमीटर हो जाएगा आमना सामना कर लेंगे जन चर्चा मगर नहीं हैलम है ख है केवल ब कमरे के अंदर बैठ कर मुह चला सकते हो राठी का वो एक्शन क्रिएट कर करके वसे करके बात करता है मुझे तो आ भी नहीं रहा है मुझे तो आ भी नहीं रहा है मगर मैंने देखा है को फॉलो कर रहा है मुझे व मुझे वो शकल से सिक्सर लगता है सर वो अगर वो सुन रहा तो सुनले धन से सही बात बता रहा हूं मैं आपको जो छुप रहा है त साले सामने आ बिल्कुल सामने आके बात कर भाई हम तो शास्त्रों के ऊपर बिल्कुल तैयार है करो अपना फोन नंबर दो इतना दम है तो दम रखो अरे भाई डंके की चोट चोट पर हमने जो है अपना नंबर दिया हुआ है कि बकुल आप आइए हमको फोन करिए जगह तय करिए अगर हम नहीं आ रहे हैं आपके यहां पर तो हम लोग आप हमारे यहां नहीं आ सकते हम आपके यहां नहीं आ सकते तो कोई बीच की जगह ढूंढेंगे बीच का कोई चैनल देखेंगे आजकल बहुत चैनल है जो पॉडकास्ट करवाते हैं दो लोगों
01:05:58:22 को वहां पर बातें करवाते हैं कोई ना कोई चैनल ढूंढ लेंगे मगर इतना गर्स तो इतना साहस तो उसमें साहस उतना ही है डर पोको की तरह वहां पर अकेले कमरे में क्यों नहीं आ रहा भाई तू इसका ही जवाब दे दे क्या तेरे तेरी उंगलियां काप रही है क्या शिवांश नारायण द्विवेदी का नंबर मिलाते समय आप सराइट पीके आ जाना तो डर के आगे जीत है कहां र शिवांश नारायण द्विवेदी का सामना कैसे करें सही बात है वोने बस केवल अपने कमरे में बैठ कर जो बोलना है अरे भाई आके सामने बोलना कोई हाथ पैरों की लड़ाई नहीं है त ज्ञान चर्चा करा करके और अगर हाथ पैरों की लड़ाई से डर लग रहा है तेरे को तो तू ऑनलाइन आा तेरे को लग रहा हो कहीं मैं सामने गया सामने गया फिजिकली गया तोय उठा के पटक ना दे अगर ऐसा डर लग रहा हो तो बात अलग है त भाई ऑनलाइन आा फिर कैसे तो आा या तेरे में केवल इतना ही गुरु भक्ति है कि तू अपने बंद कमरे में बैठ कर के अपने पीछे का जो वो क्या कहते हैं वो ग्रीन स्क्रीन लगा के बैकग्राउंड बढ़िया सा लगा के और तू ध्रुव राठी की नकल कर सके बस इतना ही है तेरे पास इतने ही धर्म है तेरे पास इतना ही ईश्वर की भक्ति है तेरे पास इतना ही गुरु भक्ति
01:07:13:25 है तेरे पास सामने आना ना तेरी जगह ना मेरी जगह और यही बात में एमपी खबर फास्ट वालो से कहूंगा तुम्हारे अंदर इतना साहस है इतनी ज्ञान चर्चा की भूख है तुम मिलाओ फोन व हेमंत द आप इसकी जगह पर बात करें मगर नहीं डर लगता है ना अब तो इनकी गरमा गीता कीय सब पढ़ डाली हमने वव मैं महाराष्ट्र से राजस्थान गया था इन लोगों से बात भी किया था और अभिषेक से भी बात किया था न्यूज दिल्ली से मेरी टीम आएगी एक दिन पहले भी पता किया आने वाली आपकी टीम बोला आएगी लेकिन बिल्कुल नहीं दूसरे दिन फोन भी नहीं उठाया और मैंने ट भी मैसेज किया है नहीं आने वाले पहली बात हमने तीन बात एक मिनट हमने तीन मुख्य बातें समझी है उसको रिवाइज कर लीजिए ये इनका ढोंग है कि सद ग्रंथ है यह भगवान है काल या वो ब्रह्मा विष्णु भगवान है ये इनका ढोंग है ये
01:08:29:00 आप ये भगवान वाले कोई लक्षण घटित नहीं होते हैं क्योंकि इन्हीं के अनुसार वो मूर्ख है कामी है क्रोधी है सब कुछ है मुक्त भी नहीं है तो भगवान नहीं है तो ये क्यों कहते हैं भगवान जिससे कि आप इन पर ये आक्षेप ना लगा सके कि आपने ये कैसे कह दिया कि भगवान नहीं है तो इसलिए भगवान कहते हैं मगर जगह जगह पर अपनी वास्तविक मनसा भी बता देते हैं और यह सद ग्रंथ भी नहीं है य वास्तविक मंशा है कि वास्तव में इनका मन यही है कि इनको फाड़ के फेंक दो ये उन ग्रंथों का उपयोग हिंदुओं को हिंदुत्व से दूर ले जाने के लिए करते हैं बस इतना उपयोग है इसलिए कहते पवित्र सद ग्रंथ बाकी इनको कोई मतलब नहीं है दूसरी बात य य जो ढंडोरा पीटते हैं कि इनके ग्रंथों में अपमान नहीं है वो हमने देख लिया अपमान बहुत है तीसरी बात य है कि यह जो आक्षेप लगा रहे हैं लीलाओं के ऊपर उसका निराकरण क्या है कि जो मैनी सृष्टि के होते हैं वही नियम जो भगवान का जो क्या कहते हैं जो लीला वाली जो लीला वाला जो संसार है उसमें एस इट वही के वही नियम लागू नहीं होते हैं वो आपको प्रतीकात्मक व्याख्या के रूप में लीलाए करके बताई जाती है कि यह जो
01:09:44:04 विश्व को चलाने वाली विश्व को उत्पन्न करने वाली शक्तियां है वह कार्य कैसे करती हैं और एक तत्व आपको बताने के लिए कि ईश्वर सर्व समर्थवादी कर सकता है तो ये जितनी भी जितने भी मोती है लीलाओं के ये अलग-अलग प्रकार की लीलाएं जो आपको अलग अलग प्रकार के अर्थ बता रही है इन सब मोतियों में एक जो धागा पिरोया गया है वह क्या है ईश्वर आपको अनेका अनेक लीलाओं के द्वारा य बता रहा है ये जो मानवो चित नियम मेरे ऊपर लागू नहीं होते हैं मैं सर्व सामर्थ्य मान पूर्ण ईश्वर हूं पूर्ण परब्रह्म हूं पूर्ण का मतलब समझते हो जिसमें किसी भी तरह का अभाव नहीं हो सकता अभाव वो है पूर्ण तो वो पूर्णता बता रहे सामर्थ वान है और चौथी चीज य है कि भाई फैक्ट बाई अभिषेक अगर तेरे को बहुत अच्छे से फैक्ट मालूम है और तू जेल कट्टू नहीं किसी वास्तविक तत्वदर्शी का चेला है तो भाई फोन कर हम लोग किसी बीच के स्थान पर मिलेंगे धरातल पर या फिर ऑनलाइन और हम लोग बात करेंगे यही बात मैं हेमंत दास को भी कहूंगा कि तू फोन कर भाई मुझे और हम लोग किसी बीच के चैनल को ढूंढते हैं या फिर किसी बीच की जगह ढूंढते
01:10:59:07 हैं वहा हम लोग बात करेंगे कर ले भाई मगर नहीं होगा यह तुमसे होगा नहीं इसीलिए मैं कहता हूं कि मत पढो चक्कर में कोई है नहीं टक्कर में आज इतने दिन हो गए एक फोन नहीं मिला पाए तुम लोग 35 35 हजार का वो फॉलोअर चला रहे हो अरे फोन क्यों नहीं मिला रहे अरे मैं इनके फॉलोअर से पूछ रहा हूं भाई इनसे पूछो ना कि तुम डर क्यों शिवांश से चर्चा करो उसके चैनल पर मत जाओ मेरे चैनल पर मत आओ क्योंकि तुम मेरे पर य आरोप लगा दोगे कि मैं हटा देता हूं यह कर देता हूं किसी थर्ड पर्सन को ढूंढते हैं ना वहां पर बात करते हैं ना फिर अब किस बात का डर है तो पूछो झूठ भाई अभिषेक के चेलो अपने झूठ भाई अभिषेक से पूछो जाकर के कि शिवांश से आमना सामना कब करोगे हेमंत दास से पूछो शिवांश द्विवेदी से आमना सामना कब करोगे और जो वहां पर आने चिल्लर है जो वहां पर आने वाली चिल्लर है हेमंत दास को छोड़ कर के जो वहां पर आने वाली चिल्लर है उसको अगर आना है बात करने तो य आए वो चिल्लर उस चिल्लर को अगर आना है उसके लिए मैं थोड़ी ना जाऊंगा कि मैं यहां जाऊ वहां जाऊ मैं तो उस आदमी के साथ बात करने
01:12:14:19 दूसरे चैनल पर जाऊंगा उस आदमी के साथ बात करने अपने घर से निकल कर के दो कदम भी जाऊंगा जिस आदमी के साथ बात करने पर कोई कोई नती निकले कोई परिणाम प्राप्त हो तुम चिल्लर को मैंने अगर चुप करा भी दिया तो क्या मिलेगा तुम्हारा कोई अस्तित्व ही नहीं अरे हेमंत दास और फैक्ट भाई अभिषेक का अगर मुह बंद करूंगा मैं तो वहां 35000 लोग जुड़े हुए हैं ना वो देखेंगे ना कि हम जिसको फॉलो कर रहे हैं कैसे उसका मुह बंद हुआ हेमंत दास को फॉलो करने वाले देखेंगे ना कि भाई देखो जिसको हम फॉलो कर रहे उसका कैसे मुह बंद हुआ और ये जो चिल्लर है व एक काला नेपाली है कोई वो आता है उसका जो क्या कहते हैं जो स्किन टोन है उसका श्याम है काफी दबा हुआ रंग वो आता है और वो शिवम दास है गाली दे रहे हैं बैठ कर के तुम चिल्लर से बात करने के लिए मैं ये नहीं करूंगा कि मैं किसी थर्ड पार्टी को ढूंढू या तो तुम अपने आप तुम आज के टाइम में क्या हो शून्य नथिंग कौन जानता है तुम्हें तो तुमसे बात करने के लिए मैं क्यों आऊ कि तुमने कहा कि भैया मेरे से बात करने आ एटा आ जाओ ग्वालियर आ जाओ तो मैं क्यों जाऊंगा तुम हो क्या पहले अपने आप को ऐसा
01:13:29:25 बनाओ कि मुझे तुमसे बात करने की आवश्यकता लगे तो मैं आऊंगा तुमसे बात करने जैसे आज तुमको मुझसे बात करने की आवश्यकता लगी तो तुम य आए ना चैनल पर तो अगर उससे पहले जब तक तुम कुछ नहीं हो जब तक तुम शून्य हो तब तक तुम्ह अगर मुझसे बात करनी है तो आप यहां पर आइए और यहां पर आकर के मात करिए और जो फैक्ट भाई अभिषेक है ये जेल कट्टू का जो झूठ भाई अभिषेक नाम का चेला है वो उसके फॉलोअर्स उससे पूछो कि तुम शिवांश द्विवेदी से इतना क्यों डर रहे हो भाई जाकर के उससे प्रत्यक्ष वार्ता करने के लिए उसको फोन मिलाइए वो आपको ललकार रहा है आपकी कहां है आपका पुरुषत्व कहां है पौरुष कहां है क्या पुरुषत्व है नहीं क्या वो भी काल के साथ चला गया क्या तो ये सब पूछिए हेमंत दास के फॉलोअर्स हेमंत दास से पूछो क्या कब कर रहे हो उसके साथ आमना सामना कब करोगे उससे आमने सामने की बात करो मिलाओ उसको फोन सर अगर यह खुद नहीं आ सकते ना अपने अपने गुरु को जेल से भेज कुछ तो करें अगर इनके बस का नहीं गुरु को भेज वही होता तो बात ही क्या थ नहीं उसको बो बाहर आ लीला दर्शी
01:14:44:28 तो बाहर निकल के आ जाएगा युद्ध लड़ने क भीते लीला कर रहे यहा भीते व उ आ जाएंगे बाहर आने की तो जरूरत ही नहीं ही व्यवस्था हो जाए तो ऑनलाइन ऐसी चीज है कि लाइव रहते हुए कोई यह भी नहीं कह सकता कर दिया या आदि आदि कुछ कर दिया अगर लाइव रहेगा सबके सामने स्पष्ट रहेगा कि प्रथम भाग से लेकर अंतिम भाग तक क्या क्या वार्ता हुई और क्या क्या चीज कही गई
01:15:18:24 सरय यह लोग यह कहते हैं कि यह कैसे कर सकते हैं भगवान एक बात बताओ कि इनकी इनकी परिभाषा के अनुसार क्या ईश्वर किसी की किसी का मल साफ कर सकता है क्या मल साफ करने की बात हो रही है यहां पर क्या ईश्वर इनकी परिभाषा के अनुसार किसी का मल साफ कर सकता है क्या सर आपसे ना रिक्वेस्ट है इन मूर्खों से ऐसे सवाल ना करो य इसको ना किसी और तरीके से सामने आपको पता नहीं मूर्खों
01:16:05:16 का तो अभी इनको एक रिकॉर्डिंग सुनाते हैं वो रिकॉर्डिंग जरा सुनाइए [संगीत] भैया मस्टे ये सेवादार नहीं है वही आसपास कर ल उसी टाइम आ भत का टा
01:16:41:04 आ उसकी ट ठ उसके कपड़े धोए एक महीने में सेवक आया एक महीना जाता हु उसकी सेवा करते पीछे थोड़ा पीछे मल साफ करने वाली बात आ इस वो तो चला गया और वो त्रिलोचन भक्त ज्यादा कष्ट हो गया उठ भी नहीं टटी भी वही आसपास करने लग गया परमात्मा उसी टाइम आ ग भगत का रू बना उसकी टटी ठ उसके कपड़े धोए बस करिए बस करिए क्या क्या साफ किया उसने परमात्मा ने परमात्मा ने क्या क्या साफ किया भाइयों सुन लिया ना आपने यह लोग कहते हैं ना अरे भगवान कैसे हो सकता है भाई भगवान तो सर्व सामर्थ्य वान है मगर तुम देख लो तुम्हारा भगवान क्या कर रहा है अब यह बताओ उसको आने की क्या जरूरत है वही से कोई शक्ति नहीं कर सकता जिससे वो साफ हो
01:17:49:25 जाए तो आप कह दोगे लीला हैय तो इनका वो काम हैय ये करे तो यह करे तो कहते ना अपना लीला और हम कर तो करेक्टर ला वो बात हो जाती है भाई ईश्वर के ऊपर वो नियम लागू ही नहीं होते हैं पहली बात जो मानवों के ऊपर होते हैं हमारे लिए अच्छाई बुराई क्या है जो हमें मुक्ति दिलाए वो अच्छाई जो हमें मुक्ति में बाधा हो वो बुराई भगवान को थोड़ी ना मुक्त होना है जी जी जी ब जो उनके ऊपर य मानवो चित नियम लागू होंगे जी जी जी और इसी बात को भगवान ने कहा है उसमें कि वोह मूर्ख है जो मुझे मनुष्य शरीर में देख कर के मुझे मानवों जैसा समझते हैं यही बात क है अध्याय न अध्याय न श्लोक 11 हा वो यही बता रहे हैं भगवान के वो मूर्ख है जो मुझे मानव शरीर में देख कर के मेरे ब्रह्म तत्व को भूल जाते हैं मुझे लोगों का ईवर नहीं समझते य मानव शरीर में बिल्कुल
01:19:04:07 सही गीता उपदेश बोलिए हा बोलिए मैं यह कह रहा हूं हेलो आवाज आ रही है सर बोलिए आवाज आ रही क्या ऐसे कह रहा हूं यह कहते हैं कि हमारा रामपाल जी है जो य मेट देता है मेट देता है लेकिन इनके स्वयं के चेले कैंसर अभी जो कट्टर चेला था इनका वह कैंसर से मरा है अभी थोड़ी दिन पहले [संगीत] अच्छा हा और फिर मैंने दूसरे च से पूछा कि भाई यह कैसे हुआ रामपाल का मैंने उसके दूसरे चेले से पूछा कि मैंने यह कैसे हो गया भाई व रोज ही ना मेरे से मिलता कहता था कि तुम चेले बन जाओ रामपाल के मैंने उससे पूछा वो तो कैंसर से मर गया क्या हुआ उसका ऐसे बोलते हैं वह कुछ भक्ति करने में गलती करता
01:20:08:00 था हम लोग तो ज हम लोग जो बोलते थे वह क्या बोलते थे रामपाल फिर एक दिन एक व्यक्ति आया इन्हीं का अमित दास उसने कहा कि वो जेल धाम में है तो हमने कहना चालू किया जेल धाम निवासी अब इह भाई जेल निवासी से भी दिक्कत हो गई तो अब क्या कहे जेल दम निवासी नहीं कहे तो जेल कट्टू कहे इसने यह कहा एक कोई इनका वो है जो यहां पर आ चुका है मुख खा चुका है वो वहां पर बड़ाया करता है तो वहां पर बोल रहा है कि वह वह जेल धाम निवासी नहीं है व तो सतलोक निवासी है जेल में तो व है इस समय तो है थोड़ी देर के लिए तो काट रहे हैं ना जेल इस समय जेल काट रहे हैं ना तो जब जेल काट रहे हैं सर ऐसे बोलते हैं सर इसका एक चेला है वह ऐसे बोलता है कि वह लीला कर रहे हैं काल से ूब रहे हैं वहां पर काल को पता नहीं चल जाए कि यह भगवान है तो यह पुण्या आत्माओ को नहीं ले जाने देगा काल उसके पैर पकड़ लेगा इसलिए जेल में है ऐसे बोलते
01:21:20:04 हैं तो कोई हो भाई जिसकी माता जी ने जब से आप माता जी ने निष्ठा पूर्वक जिस जज ने इनको सजा द उसकी आप कई वीडियो उसके पास भेज द उनका उत्तर नहीं दे पाते हो और मेरे मेरे पास फोन करके कहता है कि तुम तो परमात्मा है जेल में लीला कर रहे लीला ऐसे करते हैं कि जेल के बाहर लीला तो वो है जो मान ले वहां से निकल कर आ जाता इनको बोलो ज बोले जिने
01:22:04:02 किया नहीं मैंने उनसे एक प्रश्न किया चलो मान लेते हैं व लीला कर रहे हैं लेकिन वह लीला करते करते अंदर क्यों चले गए बाहर क्यों नहीं आते हैं तो ऐसे बोलते हैं परमात्मा है कुछ भी कर सकते हैं बाहर भी अंदर उनको घ काटने की ला काट व
01:22:40:04 जब जब जज ने सजा सुनाई थी ना ये रोने लग गए थे तब क्यों नहीं कहा कि मैं लीला कर रहा हूं उसको पता था पागल खाने भेज देंगे इसलिए लीला बोलते अखलेश हम भक्ति अ दास माता जी ने निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया तो आप सामने आकर बात करिए कमेंट मैं ही बात करने का गुर्दा है क्या केवल साहस है क्या अपने गुरु के लिए अपने धर्म के लिए ईश्वर के लिए आपका गुर्दा नहीं बोलता है आप परर आके बात करें अखिलेश दास कह रहा पत्थर में परमात्मा है जबक ये कच्छे में ढूंढते हैं अपने परमात्मा को कच्छे में हो गया उसके बाद फोटो में हो गया फ्लेक्स में हो गया ऐसे तो ढूंढ रहे परमा आक्षेप कर रहे हैं और क जूतों में ढूंढ रहे हैं आप इनके उनके इनके वहां देखो फोटो वहा जूते बिछाए हुए 20 जूते के जोड़े है उनको प्रणाम चल रहा है वहां प और चमड़े के जूते बताओ चमड़े के जूते पर कौन प्रणाम करता है जी अरे भाई जो जिसका ईश्वर ही आ कर के स्वयं का और जो है वो साफ कर रहा है हा उसके पास इतनी शक्ति नहीं है कि वो वो जो है उसको वही से साफ करवा दे कोई इतनी
01:23:55:04 सारी मशीने है आजकल वो साफ नहीं करवा पा व खुद आ करके साफ कर रहा है बोलने में शर्म आ रही है शिवा जी आपको य बात पता नहीं होगी पीछे इन्होने क्या करा कि रामपाल के ना कच्छे और बनियान जो है ना वो बेचने पर लगा दिया कहते जो जो इसको परचेस करके फोटो की तरह इसको लगा लो ऐसे ऐसे इनके प्रोपेगेंडा करोड़ों कच्छे ने भेज दिए इस चक्कर में कितने डाल लिएने बात है और उस क में कैसा भगवान दिख रहा हैको मुझे समझ नहीं आ रहा जी हर हर महादेव सभी लोगों को शिवा हर हर महादेव हर हर महादेव ऐसे ऐसे बोलते हैं कि इनको ऐसे पढ़ाया गया है कि तुम दूसरे की बात मत सुनो स्वयम की बात को दूसरे को सुनाओ लेकिन स्म मत सुनो अगला कुछ भी कहता है सत्य कहता है सत्य कता उसको मत सुनो लेकिन तुम उसको सुनाओ अपनी बात किसी भी प्रकार मनवा उसकी इस बात को कि ये ऐसा है सर पता क्या है उसका कारण य है ना ये लोग कुए में रहते कुए में सीनियर मेंडक होता था ना उसको इनको मेंको को लगता था ये सीनियर वाले से ऊपर कुछ है ही नहीं है अब ये कूद गए समुंदर में तब करके परेशान
01:25:10:08 हो रहे हैं अब समुंदर में बैठे हैं जबरदस्त बंदे इस करके घबराए पड़े हैं उनका बाप सर ऐसे कहते हैं कि ये बता रहे हैं देखिए ये बता रहे हैं मैंने अपनी आंखों से देखा है एक एक मिनट मैंने अपनी आंखों से देखा है उनके आश्रम से प्रसाद में थूक मिलाया जाता है हम लोगों ने खुद देखा है कि जेल से रामपाल का थूक लाए थे थूक सर थूक तो छोड़ो आप मेरी बात सुनो ये खीर जो बनाते थे ना उनके ऊपर दूध डाल के अब दूध देखो कौन कौन से स्पेयर पार्ट से होके आता होगा लास्ट में कहां से आता होगा और फिर ये पीते हैं उसकी खीर बना के आप ये सोचो क्या क्या मिक्स होता होगा ये सोचने वाली बात
01:26:00:16 है बसाद मल मूत्र की र मल मूत्र की खीर खाते थे लोग अब सोचने वाली बात है सोचो कोई खाता है ऐसे एक मिनट तो सनातन परते थे वहा से हो हो के नीचे से होके वहां से चलता था प्रोग्राम सारा पाइप के थ्रू होता था सारा ये सारा नेट के ऊपर आप कितने स्थानों प मंदिरों में ऐसी परंपरा है की परछाई भी ना आए सूर्य की किरण भीना इतनी शुद्धि में रख के प्रसाद को लेकर जाकर निवेदन करकर फिर वितरण किया जाता है और यहां ऐसी चीजें चल रही है इसको प्रसाद थोड़ी ना कहेंगे ये तो क्या बीमारी का आगमन है सर ग प सर्च मारो रामपाल के आश्रम में ये दूध से बनी खीर आपको देखो सारा कुछ आएगा ये कैसे सिर के ऊपर से दूध गिरता था नीचे जाक सारे पार्ट में से लास्ट में स्वेर पार्ट में से निकल के इनके नाली में से सीधा वहां प जाता था सारा ये फिर उसके अंदर फिर ये उसको घोल के पता नहीं क्या क्या घोल के पिलाते होते और कहते है ये प्रसाद है बताओ ऐसा प्रसाद होता है क्या जी पाड़ी जी जी दो दिन लब चला दो दिन दो दो घंटे की लैब चली उनको उनकी और पूरे दो दो घंटे मिलके गालिया बकी सिरफ और कुछ नहीं और गुंडा जैसे शब्द का इस्तेमाल किया गुंडे कौन है मैंने आपको एक लिंक भेजा है इनके आश्रम में इनके भगत है जो बहुत सालों से नाम दान लिया
01:27:15:20 था उनका विवाह हुआ था विवाह होने के बाद कुछ अनहोनी हो गई थी तो बिहार टूट गया था तो जब आश्रम में गया सामली तो वहां के लोग आश्रम के लोगों ने इसको बंद किया कमरे के अंदर और कन पट्टी में गन पॉइंट में रख के इसकी बहुत पिटाई हुई है यह वीडियो है साप उसका व बयान दे रहा व आश्रम के बाहर मैंने आपको लिंक भेजा है जी जी [संगीत] जी अकेले जाने ली बात कैसे करते हैं वहा लोग भरोसा नहीं उनका गुंडा आपसे बोलने गुंडागर्दी तो यह कर रहे कन पट्टी में बंदूक रख के मारा है
01:27:56:12 बताओ र ट में रहता हूं हरियाणा है मेरार मामला इस तर है की 2019 में मेरी जो है ल और जो मेरी पत्नी है वो मेरे साथ रहती थ और उसके बाद वो उनको मैंने लिखाया पढ़ाया जीम वगर करवाई उनको मैंने सरकारी नौकरी लगवा दी और य प उनकी पोस्टिंग हो गई अपना थाना भन बल है रपर सीओ की हुई शानी उसका नाम है और जी फिर आज क्या हुआ है जी आश्रम में मैं गया हुआ था वे आश्रम है वहा प जी शादी 201 में हमारी शादी चंडीगढ़ हाई
01:28:45:09 कोर्ट आ चंडीगढ़ हाई कोर्ट म उनके अंग से ठीक है तो उसके बाद जी मैं य प रहने के लिए मतलब जो वाइफ है उनकी पोस्टिंग य हो ग यारपुर में तो मैं अपना सारा सामान गग उठा के य प ले आया 20 में उनकी पोस्टिंग हुई थी पोस्टिंग के दौरान जी वो फिर अपने बयान उन्होने चेंज कर दिए वो मेरे साथ मतलब मना कर रहने के लिए अब आज आश्रम में सतलोक आश्रम खेड़ी है आश्रम बुरा नहीं है पर वहा पर जो आज मेरे साथ हुआ जो करवाने वाले है उनका आपको नाम बता रहा हूं उन्होने मेरे साथ बहुत ही चार किए और मुझे एक बंद कमरे में ले जाकर 15 20 लोगों ने बहुत मारा पीटा और मुझे जान से मारने की धमकी दी और कई जगह मुझे गुम चोटे भी आई हुई है मेडिकल भी करवाया गया है जिन जाना और पिल मेरी कनपटी पर रखकर उन्होंने हा ये देशराज है जी ठीक है उन्होंने पिस्टल मेरी कनपटी पर रखकर सब बयान मेरे से लिखवा लिए मतलब गलत बयान लिख त य पर ये करने आया था वो करने आया था अब जब उन्होंने मेरे को मारा पीटा बहुत बहुत मारा पीटा और ऐसा मारा पटा की व से मर के निकलता
01:30:00:20 बचने वाला नहीं था ब मेरे फोन भी दोनों ले लिए गए और जो मेरी सब ा आईडी फ आईडी अपने नाम की कर ली गई है यह बहुत लंबी है इस पूरी अंदर की कहानी है तो गुंडा किसको बोल रहे थे ये अरे भाई जिनका जिनके पास धर्म नहीं है उनको झूठ बोलने के लिए कोई कारण नहीं चाहिए कुछ भी बोल जिसके पास धर्म नहीं है वह सामने खड़ी हुई तीन स्त्रियों में कौन माता है कौन बहन है कौन पत्नी है यह तक तय नहीं कर सकता तो यह तो बहुत दूर की बात है झूठ बोलने में उसे कैसी शर्म कुछ भी कर सकता है भाई
01:30:44:00 वो एक लिंक भेजा उसम बहुत सारी मैं लिंक को दिखाऊंगा आप प्राइवेट चैट में उस लिंक को दे दीजिए अभी जो आप देना चाहो प्राइवेट चैट प कैसे आएगी आप आप वहां से अपने फोन में ले लीजिए और ये जो यहां प्राइवेट चैट है उसम ले दीजिए और चाहे तो कमेंट भी कर सकते हैं वो तो वो है क्या कहते हैं सार्वजनिक है कमेंट कर सकते हैं आप उसका है ना अच्छा एक बात मैं कहना चाहूंगा कि इसने यह जो झूठ भाई अभिषेक है इसने अपने चन उसमें यह बताया कि भाई तुम्हारे पुराणों में ऐसा ऐसा है पहली बात इसने जो है संतोष शब्द का व्याख्या नहीं करके बताइए संतुष्टि तक कैसे पहुंचेगा मामला क्या सीता समझकर जो राम जी कर रहे होंगे वह करने देंगी क्या रोकें ना और नहीं रोकें तो यही तो अपमान है दूसरी बात कि अगर तुम्हें चीजें समझ में नहीं आ रही है या फिर तुम्हा हिसाब से इन पुराणों में सद ग्रंथों में जिनको तुम सद ग्रंथ मानते नहीं हो
01:31:59:04 नाटक करते हो गलत लिखा है तो क्या इससे तुम्हें छूट मिल गई कि तुम जो चाहोगे वह लिखोगे अगर कहीं पर कोई किस्सा है भी तो उसी किस्से को वैसे ही बोलो जैसे लिखा है कि तुमको छूट मिल गई अपने मन से बोलने की हा अगर अगर पुराणों में ऐसा हो रहा वैसा हो रहा तो दुर्गा के सा बलात्कार आप चिपका दोगे अगर वहां से राम राम जी ने सीता माता के बारे में कुछ भी पूछ लिया हनुमान जी से तो तुम यह भी लिख दोगे कि राम वो रावण का बिस्तर शेष सजाती थी य वो
01:32:41:00 नीच नीच वहां भाई अगर तुमको गलत भी लग रहा है तो गलत को उठा के यहां बोल दो फिर तुम उसमें अपनी मिलावट क्यों कर रहे हो हां बोलिए हरि राम चौधरी जी जय श्री राम आवाज नहीं आ रही आपकी बोलिए आवाज आ रही है आ रही है सर एक तो देखो ऐसा अभी आप यह बात कर रहे थे दूध के जो खीर और ये सब यह सब निराधार बातें सर मैंने इनको देखिए आप यहां पर वो बातें करिए जो श आ तो अन्य बातो में ना करें देखो इसलिए तो नहीं आते लोग जो कहते सुनते नहीं हो देखिए शास्त्र की कोई बात करनी है आपको आपने निराधार बातें की मैंने बो पड़ बा करनी है तो बताइए ना चाहिए ली [संगीत] शास्त्र भाई उन बातों पर बहस करने का क्या मामला है हम दिखाएंगे आपको न्यूज रिपोर्ट आप भी तो उन्ही के आधार पर बोल रहे हो
01:34:01:28 कोई शास्त्र के टॉपिक पर कोई बात सिद्ध करनी है आपको अपनी देखो पिछली बार हमारी चर्चा हुई थी आपने वो धर्म की परिवा मैं आपको पहले एक बात बता दूं कि जो जो विषय आप छेड़ रहे हो उस पर बात करना क्यों निराधार है उसको समझ लो क्योंकि वो शास्त्र सम्मत विषय नहीं है तो जिस चीज को हम सबूत के रूप में पेश करेंगे उसको आप नाय कर सकते हो जिस चीज को आप सबूत के रूप में पेश करोगे उसको हम नाई कर सकते हैं क्योंकि वो लौकिक चीज है समझ रहे ठीक है व कैसी ची लौकिक चीज है इसलिए वो हमारे और आपके बीच की बहस का मुद्दा नहीं हो सकता है आपने जब वहा पर जब वहां पर वो सब हुआ हमें गुंडा कहा गया तो गुंडा का कोई आधार है वहां पर वो उन्होने ग मैं मानता हूं इस चीज को उन्होंने कुछ शब्द गलत यूज किए थे बात वो नहीं है जब उनसे हम पूछने जाएंगे जब हम उनसे पूछने जाए आप वहां पर गए प्रतिकार करने ये गलत है मत बोलो आप मेरी बात सुनो एक बार नहीं नहीं मैं पूछ रहा हूं आपने कहा वो गलत किया आप वहां पर गए मत बोलो ये गलत है हम तो यहां पर कोई गलत सुनिए यहां पर कोई गलत बात बोल रहा होता है उसको हम टोक हैं
01:35:17:08 आप गए वहां पर टोकने नहीं तो अब देखो एक बात बताओ जैसे अग्रेसिव लोग तो हर धर्म में हर जगह हर जाति में कहीं ना कहीं तो होते हैं नहीं ये तो आप क्लेम करते हो ना कि उनके तो सारे भक्त जो है वो है बहुत ज्यादा पावन है मेरी बात सुनो आप भी जिस में हो जैसे अग्रेसिव भक्त हो सकते हैं सब जगह वैसे ही गुटका खाने वाले भी हो सकते हैं कि नहीं देखो कोई अगर जानबूझ कर के अपना कोई नुकसान कर रहा है तो उसका तो मैं तो क्या कहूं उसके बारे में बताइए आप भाई साहब आप जो टॉपिक है अगर कोई ऐसे विषय पर बात करिए जिस पर आप जो प्रमाण दे तो उनको मैं प्रमाण के रूप में स्वीकार करूं और मैं कोई प्रमाण दू तो आप प्रमाण के रूप में स्वीकार करें जो खीर वाला टॉपिक है दूसरी चीज है वो हमें जो न्यूज से पता चल रहा है व य बोल रहे आप उस न्यूज से जाकर के मना करिए जो ये बोल रही है जैसे की ये जो उनके उनके आश्रम में गुंडागर्दी हुई कि नहीं हुई तो यह व्यक्ति बोल रहा है आप उस चैनल पर जाकर के प्रतिकार करिए भाई यह न्यूज मत फैलाओ हम तो वो न्यूज दिखा रहे हैं वो कपटी पर गोली रख करके और जो है वहां पर बात हो रही है अब देखो इ केसों के बारे में तो मैं तो क्या कहू एक दो जगह हो भी जाता है तो मेरा तो इसमें मैंने जो आश्रम में देखा मैंने तोव बात कही आपसे और
01:36:32:13 य जो भाई साहब से अभी जो बात कर रहे थे कि ये व हस रहे थे तो मुझे लगा आप खाली मतलब की बात करो श की बातें तो है ही मगर जो प्रासंगिक विषय हमें न्यूज के माध्यम से पता चलेगा तो ऐसे आखों में पट्टी थोड़ी ना बांध लेंगे हम लोग आपके जो त है वो यह कहते हैं कि मैं परमेश्वर हूं कहते हैं कि नहीं कहते हैं संत बताते हैं गुरु रामपाल जी महाराज उन्होने ठोक के कहा है बड़ी भीर में कि इस समय परमेश्वर इस दास के रूप में आपके सामने बैठा हुआ है बिल्कुल सही कहा है तो परमेश्वर कहते हैं ना वो अपने आप को गुरु है व तो गुरु मानते है अपने आप को हमारे लिए पर गुरु नहीं परमेश्वर जो परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म है वो देखो अब अगर आप केवल शास्त्र बातें करोगे तो फिर तो मेरा बोलना ही बेकार है की बात अभी नहीं कर रहा हूं मैं अभी आपको एक बात खोज रहा हूं वो बता रहा हू बत्रा जी है ये काफी जो है बोल रहे थे तो देख भाई साब आप अप आप अपनी जो तृष्णा है वो शांत करने के लिए अगर आए हैं तो हम बात नहीं कर पाए देखो अब आपकी मर्जी है भाई आपका चैनल है और तो क्या आप बोल रहे हो आते नहीं रामपाल जी के इसलिए आपसे मैं आपसे भाई साहब ये पूछ रहा हूं वो पूर्ण
01:37:47:21 परमात्मा स्वयं को कहते हैं तो आप मानते हैं ना उन्हे पूर्ण परमात्मा है वो वो खुद बता इस समय धरती पर संत रामपाल जी महाराज पूर्ण गुरु है वो कुछ नहीं है वो सब बातें आप वो सब बातें सिद्ध करिए शास्त्र से गीता के चार के 34 में हा तो अध्याय चार के 34 में बोला है साहब साहब तत्वदर्शी क्या बोला सेकंड एक सेकंड मुझे बात कर प्लीज मुझे बात करने दीजिए प्लीज हा बोलिए क्या बोला चार के 34 में जो लिखा हुआ है वो गीता निकालनी पड़ेगी सब कुछ लिखा हु तत्वदर्शी संत के पास जाओ निकाल लिया एक
01:38:37:19 [संगीत] मिनट विश्वास रखिए विश्वास हां जी आपसे नहीं बोल रहा चार के 34 में लिखा हुआ है त तद दिदि प्रण प्राते प प्रश् हिंदी पढ़ो हिंदी उस ज्ञान
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01:39:04:09 को तू तत्वदर्शी ज्ञानियों के पास जाकर समझ उनको भली भाती दंडवत प्रणाम करने से उनकी सेवा करने से और कपट छोड़कर सरलता पूर्ण पूर्वक प्रश्न करने से वे परमात्मा तत्व को भली भाति जानने वाले ज्ञानी महात्मा तुझे उस तत्व ज्ञान का उपदेश करेंगे ठीक
⬜ Not used yet · 01:39:22:27 – 01:51:16:04 (11:53)
01:39:22:27 है तो इसमें जो जो निष्कर्ष जो गुरुजी ने बताया जितना मेरे समझ में आया है उसमें ये बता रखा है कि या मैं समझ गया आपकी बात 434 में किसी संत के पास जाने को कहा है ठीक है ठीक है अब ये 435 पढ़िए जरा चा 35 पढ़िए जान फिर तू इस प्रकार मोह को नहीं प्राप्त होगा तथा हे अर्जुन जिस ज्ञान के द्वारा तू संपूर्ण भूतों को विशेष भाव से पहले अपने में और पीछे मु सच्चिदानंद घन परमात्मा में
01:40:00:20 देखेगा जिस ज्ञान को प्राप्त करके क्या होगा जिस ज्ञान को प्राप्त करके क्या होगा भूतों को निश भाव से पहले अपने में और पीछे मुझ सच्चिदानंद घन परमात्मा में देखेगा किसम देखेगा किसम देखेगा मुझ सच्चिदानंद घन परमात्मा में देखेगा तो ज्ञान जो ज्ञान तत्वदर्शी से मिल रहा है क्या वो ज्ञान ऐसा है जो कृष्ण में सच्चिदानंद परमात्मा को देखने की बात करता है जो कृष्ण का तो यहां नाम ही नहीं आया अरे ये ये कौन ये बात बोल रहा है यहां
01:40:47:08 पर आप एक बार इस पर आओ ना एक बार इसको क्लियर कर लो तो एक मिनट ये बात बोली किसने जिसको आप प्रमाण के रूप में बोल रहे हैं किसने बोली है ये जो चा 34 किसने बोली यह भी तो सोचो किसने बोली है भाई यहां पर हमारे अकॉर्डिंग हमको जो समझ में आया तो भाई जो है काल ने बोलिए काल ने बोली है काल ने बोली है तो काल कह रहा है मुझ सच्चिदानंद घन परमात्मा काल काल ने बोलिए है तो क्या तुमहारा तर्शी काल को सच्चिदानंद घन परमात्मा बोलता है क्या आप इसका निष्कर्ष तो निकालो पहले चौथे के चौ का अरे तो निकाल अरे भैया उसी का तो अगला श्लोक है उसी का तो अगला श्लोक है इसका म में कहा सुनो चार 34 में कहा ज्ञान प्राप्त करने के लिए किसके पास जा तत्वदर्शी के पास वो कौन सा ज्ञान है जिसको प्राप्त करके तू संपूर्ण भूतों को पहले स्वयं में और फिर मुझ सच्चिदानंद घन परमात्मा में देखेगा अगर ये काल भी है तो क्या तुम्हारे तत्वदर्शी जिसको तुम तत्वदर्शी कह रहे हो वह यह कहता है कि काल में सच्चिदानंद घन परमात्मा को देख
01:42:03:01 हो गई फेल बात आप तो उसी पर बात पढ़ रहे पहले इस बात को क्लियर करने दो मुझको किस बात को 4 34 यह बोलता है कि ठीक है भाई इसका मतलब यहां पर कंप्लीट ज्ञान इसको नहीं है जबी तो बोल र तत्वदर्शी संत की खोज कर अरे मेरे भाई यह बताओ कबीर वाणी किसकी है कबीर जी की है तो कबीर को पूरा ज्ञान था कि नहीं था हमारे अकॉर्डिंग तो था था फिर भी तुम्हारी किताब में लिखा हुआ है कि कबीर वाणी कबीर वाणी से पूरा मोक्ष नहीं मिलेगा सही बात है क्यों क्योंकि तत्वदर्शी संत के पास भी तो जाना पड़ेगा बाकी ज्ञान तो वो भी तो देंगे क्या जो कबीर कबीर वाणी में भी पूरा ज्ञान नहीं है यानी कबीर को भी पूरा ज्ञान नहीं था या फिर उसको समझने के लिए या फिर उसको समझने के लिए जाना है गुरु के पास हां समझने के लिए भी जाना है कंप्लीट तो गुरु के बिना हो ही नहीं सकता बस तो इसी संदर्भ में कहा जाता है कि तू भाई उसको समझने के लिए जा जब वहा पर तेरे पास कोई जब तुझे समझाने
01:43:18:08 वाला कोई नहीं होगा तो तू समझने के लिए जाना ज से कबीर वाणी कबीर वाणी को भी समझने के लिए तत्वदर्शी के पास जा रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि कबीर वाणी को कहने वाला भगवान नहीं है उसी तरीके से गीता कहने वा गीता गीता की जो वाणी है उसको समझने के लिए अगर गुरु के पास जाने की आवश्यकता है तो उससे ये सिद्ध नहीं होता कि गीता कहने वाला भगवान नहीं है आई बात समझ में वो तो सृष्टि रचना पर डिपेंड है ना देखो आपने अपने अकॉर्डिंग एक्सन कर दिया आपकी बातों से ही कट रही है जब कबीर वाणी को समझने के लिए गुरु के पास जाने की आवश्यकता है तो उससे यह सिद्ध नहीं हो रहा कि कबीर वाणी को कहने वाला भगवान नहीं है तो गीता को समझने के लिए अगर गुरु के पास जाने के लिए आवश्यकता है तो उससे सिद्ध कैसे हो रहा है कि गीता को कहने वाला भगवान नहीं है दूसरी बात आपने कहा 4 34 में बताया गया है कि तुम ज्ञान लेने के लिए तत्वदर्शी के पास जाओ वो ज्ञान कौन सा ज्ञान है उस चार 35 में बताया जा रहा है वो ज्ञान वो ज्ञान है जिसमें तू संपूर्ण भूतों को मुझ सच्चिदानंद घन परमात्मा में देखेगा
01:44:34:03 अच्छा और छोड़ो इतना तो मानते हो यह वो ज्ञान है जो तुम्हें मुक्ति दिलाएगा के पास तुम्ह वो ज्ञान मिलेगा जो मुक्ति दिला देगा बिल्कुल ठीक है तो इसमें कहा जा रहा है कि तू उस ज्ञान को प्राप्त करने के बाद संपूर्ण भूतों को खुद में देखेगा किस में देखेगा पहले खुद में देखेगा पढ़ो क्या लिखा है ठीक है इसमें यही लिखा हुआ है मुझ में देखेगा खुद में मुझ में तो बाद में लिखा है पहले खुद में देखेगा जिस ज्ञान के द्वारा तू संपूर्ण भूतों को पहले अपने में और पीछे मुझ में देखेगा है ना हम हां तो अब यह बताओ जो तुम्हारी मुक्ति है जो तत्व ज्ञानी से ज्ञान प्राप्त करने के बाद मुक्त होते हो तो वहा यह बताया जाता है कि काजू भी मिलेंगे बादाम भी मिलेंगे वो काजू बादाम मिल क्यों रहे वो तो अपने में ही है इसके अनुसार काजू बादाम अपने से अलग क्यों दिख रहे हैं य तो यहां तो कह रहे हैं तत्वदर्शी से जो ज्ञान मिलेगा उसके कारण व काजू बादाम अपने में ही दिखेंगे
01:45:49:19 अलग से लेने नहीं जाना पड़ेगा उन्ह तो सतलोक में काजू बदाम क्यों मिल रहा है सर आप एक्चुअली क्या है चार के 35 पर ही वो कर रहे हो देखो क्यों ना करें क्यों ना करें आप 434 प करोगे तो सही है हम 435 प करेंगे तो गलत है हरिओम जी वो ये कहना चाह रहे हैं 4 ब 34 में ये लिखा है कि भी आप तत्व दर्श के पास ज्ञान लेने जाओ और 4 ब 35 में ये क्लियर किया हुआ है कि उस ज्ञान को पहले खुद में देखो खुद के मतलब है अपनी आत्मा में देखो और आत्मा से ही परमात्मा को जाना जाता है पहले अपनी आत्मा में सारे प्राणी देखो और उसके बाद उनके अंदर सारे प्राणी देखो उन्होने यह समझाया आत्मा से परमात्मा का मिलन करना है वो तत्वदर्शी बताएगा आपको सुनिए तत्वदर्शी का ज्ञान वो ज्ञान होना चाहिए जिससे कि आपको संपूर्ण भूत स्वयं में दिखने लगे अर्थात पता है क्या है अर्थात यह है संपूर्ण भूत स्वयं में दिखने का मतलब कि आपको किसी अन्य की जरूरत ना हो आपको किसी अन की आवश्यकता ना हो मगर तत्वदर्शी जो तुम्हें मुक्ति दे रहा है उसमें आवश्यकता है बादाम की काजू की क्यों है बादाम काजू का मैटर कहां
01:47:04:22 से आ गया बादाम काजू का मैटर अपने तत्वदर्शी के सुनो जाकर के तत्वदर्शी बता रहा सतलोक में बादाम काजू मिलेगा अरे भाई जब सब कुछ मेरे अंदर ही दिखने लगेगा तो मुझे बादाम काजू की आवश्यकता क्या रह गई फिर वो तो जब अपनी सो यहां से जाएगी ना आत्मा जाएगी जब के बाद की बात है वो तो तो तो वही तो तत्वदर्शी के द्वारा वो मोक्ष मिलेगा ना आपको ये वही ज्ञान तो है तत्वदर्शी से कोई और ज्ञान मिलेगा आपको क्या वो जो आप काजू बादाम की बात कर रहे हो वो आफ्टर डेथ की बात है जब सोल यहां से जाएगी अरे मेरे भाई वही ज्ञान तो है जो तत्वदर्शी है उससे आपको कौन सा ज्ञान मिलना है मोक्ष का मिलना है कि मोक्ष से पहले का ज्ञान मिलना है कौन सा ज्ञान मिलेगा मोक्ष का मार्ग है तो तो मोक्ष की तो स्थिति बताई जा रही है मोक्ष की स्थिति क्या होगी कि तुझे संपूर्ण भूत स्वयं में दिखने लगेंगे सब एक हो जाएगा तुझे किसी की आवश्यकता नहीं रहेगी तो दिखने से फिर वह मोक्ष हो जाएगा बिल्कुल जब तक हमें किसी भी चीज की आवश्यकता है तब तक हम मुक्त नहीं है जिस दिन हमारी
01:48:20:01 किसी भी प्रकार की जो तृष्णा है के लिए वो जब खत्म हो जाएगी तभी हम मुक्त होंगे अगर बादाम और काजू के लिए तुम्हारे अंदर लालसा है सतलोक जाने के बाद भी तो जितनी देर बादाम काजू तुम्हारे पास नहीं आएगा उतनी देर तुम मुक्त नहीं हो तुम्हारी मुक्ति नित्य नहीं है और सुनो चार चौ शुरू से पढ़ो फिर से 4 34 में लिख रहा है उस ज्ञान को तू तत्वदर्शी ज्ञानियों के पास जाकर समझ या एक मिनट उस ज्ञान को यानी कि इससे पहले भी कोई बात चल रही है जिसके आगे की बात है उस ज्ञान को सर्वनाम आया है ना सर्वनाम आया है ना यहां पर उस ज्ञान को यानी कि इससे पहले भी कोई बात चल रही है उसके आगे की बात है इसका मतलब अब श्लोक 2 33 पढ़िए क्या है तो ठीक है लेकिन अभी आपने अभी जो बात बताई मोक्ष वाली जो आपने बात बताई तो वो खाली देखने से मोक्ष कैसे हो जाएगा ये मेरे बात समझ में नहीं आई मैं बात यह है कि जो तत्वदर्शी की शरण में जब हम जाते हैं तो वह हमें ऐसा ज्ञान देता है कि हमारे अंदर धीरे-धीरे ऐसी
01:49:35:14 भावना उत्पन्न होती है कि सर्व संसार सब कुछ एक ही है और सबसे पहले स्वयं की तरह सबको देखने लगते हैं और फिर परमात्मा में सबको देखने लगते हैं जब ऐसी बुद्धि हो जाती है तो हम यहां पर वैरागी कहलाते हैं इस दुनिया में जीते जी हम क्या कहलाने लगेंगे परमात्मा में सबको देखने लगते हैं एक मिनट इस दुनिया में हम लोगों को देखने लगेंगे वैरागी क्योंकि हमें किसी की कोई आवश्यकता नहीं बचेगी ना स्त्री की ना पुरुष की ना मोटर सा किसी चीज की आवश्यकता नहीं बचेगी और जब हम मुक्त हो कर के जाएंगे तो हमारी अद्वैत की स्थिति आ जाएगी [संगीत] हम जब तक हमें किसी की भी आवश्यकता है तब तक हम मुक्त नहीं है जब हमको स्वयं में ही सब कुछ मिल जाएगा तभी हम मुक्त है यह बात तो बेसी सत्संग में भी कही जाती है यह बात तो बिल्कुल सच है इसमें तो कोई डाउट ही नहीं है आपके यहां कहा जाता है कि आपको मुक्ति में बादाम मिलेगा काजू मिलेगा मुक्ति में नहीं है गुरु जी ने यह बताया है कि जब एक सतलोक एक सृष्टि है यहां पूरे जितने भी जो ब्रह्मांड है इसके बाद एक सतलोक जैसी कोई एक एंटिटी है कोई एक कुछ है वहां पर और
01:50:50:16 यहां से जब हम काम करिए एक काम करिए हम लोग प्रमाणों पर चल रहे हैं अब आप दो 33 पढ़िए जरा चार च 33 इसमें तो लिख रहा है परम अ द्रव्यमान यज्ञ की अपेक्षा
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01:51:16:04 ज्ञान यज्ञ अत्यंत श्रेष्ठ है तथा या या वन मात्र संपूर्ण कर्म ज्ञान में समाप्त हो जाते हैं
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01:51:25:22 हा तो ज्ञान यज्ञ श्रेष्ठ है तथा या वन मात्र संपूर्ण कर्म ज्ञान में समाप्त हो जाते यानी ज्ञान यज्ञ की बात हो रही है ठीक है किसकी बात हो रही है ज्ञान ञ की बात और ज्ञान यज्ञ अगले पन्ने पर कहा है कि उस ज्ञान को किस ज्ञान को ज्ञान यज्ञ के ज्ञान को तू तत्वदर्शी के पास जाकर ले अब भैया इनको गर्मा गीता का वो प्रश् दिखाइए जहा लिखा हुआ है कि ज्ञान यज्ञ से मुक्ति नहीं मिलेगी वो दिखाइए इनको जरा इसका कारण मैं बताता हूं ना आपको अरे रुक जा ञ खाली एक यज्ञ से मुक्ति नहीं होगी ना किसी भी यज्ञ से मुक्ति नहीं होगी यहां पर तत्वदर्शी उ एक मिनट यहां पर तत्वदर्शी उसे कहा गया है जो आपको ज्ञान यज का ज्ञान देगा और आपके तत्वदर्शी जिसको आप तत्वदर्शी कह रहे हैं वो ये कह रहा है कि पांच प्रकार के यज्ञ है उनमें से एक ज्ञान यज्ञ भी है किसी से मुक्ति नहीं
01:52:33:10 मिलेगी इसका मतलब एक है हां किसी से मुक्ति नहीं मिलेगी पांच यज्ञ होते हैं गुरुजी पांचों से नहीं मिलेगी पांचों से मुक्ति नहीं मिलेगी आप बताओ फिर किससे मिलेगी अरे भाई ये तुम्हारे तत्वदर्शी कह रहे हैं हा तो गुरुजी जो हमको बताते मुझे तो पता है ना अरे जो लिख रहे हैं उसका क्या करें गलत लिख दिया नहीं दिखाओ क्या है क्या दिखाना चाहते हो आप बताओ तो दिखा रहे दिखा रहे
01:53:08:12 रुको ज्ञान यज्ञ से भी मुक्ति नहीं है कई बार दिखा चुके हैं विश्वास कर लूंगा मैं शब्दों के ज कर गरिमा गीता की खोली है आप बता दो मैं मान रहा हूं आप [संगीत] बोलो इसमें हेडिंग में ही लिखा होगा यज्ञों से मुक्ति नहीं हां तो मैं तो उसका समर्थन कर रहा हूं ना अरे अरे मेरे भाई उन यज्ञों में सारे यज्ञ है और ज्ञान यज्ञ का मतलब इन्होंने कहा है सद ग्रंथों का पठन पाठन और उससे भी मुक्ति नहीं है ये लिखा है आपकी किताबों में लिखा हैय तो वो उस बात का एक्सप्लेनेशन दे तो रहा हूं क्या एक यज्ञ से मुक्ति नहीं होगी और भी यज्ञ होते मेरे भाई मैं कह रहा हूं पांचों यज्ञ से मुक्ति नहीं है आज बताओ ला दिखाओ
01:54:24:14 वो डिंग दिखा दो पहले इह व डिंग थी जो यज्ञ से मुक्ति नहीं यह पहले डिंग पढ़िए क्या लिखा है यज्ञ का लाभ केवल सांसारिक सुविधाएं हैं मुक्ति नहीं अब इसमें यज्ञ कौन-कौन से हैं वह देख लीजिए नीचे ब्रैकेट में लिखे हैं यही यही बस बड़ा करो इसको ये देख लो पांचों यज्ञों की बात हुई है य धर्म यज्ञ हवन यज्ञ ध्यान यज्ञ प्रणाम यज्ञ और ज्ञान यज्ञ यज्ञ का मतलब पांचों यज्ञ और पाच और ऊपर यज्ञ से मुक्ति नहीं पढ़ लो हा तो पूर्ण गुरु से भी नाम लेना पड़ता है फिर वही बात पूर्ण गुरु कौन होगा पूर्ण गुरु से नाम लेना है फिर यज्ञ पांच जब होगी मुक्ति मैं पूछ रहा हूं पूर्ण गुरु कौन होगा अब वो तो अपने अपने वा बात वहां पे पूर्ण गुरु की पहचान बताई है क्या कहां पर 434 में 4 34 में तो नहीं बताई ना बस तो अपनी पहचान अपने पास रखो 4 34 में तो नहीं है ना पूर्ण गुरु की पहचान
01:55:39:26 नहीं है तो फिर फिर कहां से सिद्ध करोगे हमारे लिए उसको तत्वदर्शी नहीं आपने इस बात से क्या सिद्ध किया कि आपने बोला पांचों पांचों यजों से मुक्ति नहीं य सिद्ध किया कि जिसको तुम पूर्ण गुरु गीता के अनुसार सिद्ध कर रहे हो गीता के अनुसार जो तत्वदर्शी है वह यज्ञों का ज्ञान देने वाला है और यज्ञ से मुक्ति नहीं है यानी कि आपकी बात के अनुसार यज्ञों का ज्ञान देने वाला ऐसा क लिखा है इसमें
01:56:15:10 किसम किसम जन आप बोल रहे यज्ञों का ज्ञान यज्ञों का ज्ञान एक अलग चीज हो गई और ज्ञान एक अलग चीज हो गई अच्छा ज्ञान यज्ञ का ज्ञान देने वाला कहा गया है ज्ञान एक यज्ञ हो गया कहने का मतलब ये है ज्ञान य मैं कह रहा हूं चार 34 में तत्वदर्शी किसको कहा गया है ज्ञान यज्ञ का ज्ञान देने वाला कहा गया है ज्ञान यज्ञ का ज्ञान देने वाले को तत्वदर्शी कहा गया है गीता के अकॉर्डिंग ठीक है अब तुम्हारा जो ज्ञान यज्ञ है उससे तो मुक्ति नहीं है गरिमा गीता की के अनुसार गीता इसका मतलब इसका मतलब 4 34 का जो तत्वदर्शी है वो मुक्ति देने वाला नहीं है मुक्ति का ज्ञान देने वाला नहीं है 4 34 का तत्वदर्शी मुक्ति का ज्ञान देने वाला नहीं है पूरी बात नहीं सुनी आपने इसम गुरु उसम यह भी जोड़ा गया है कि गुरु होना चाहिए प्लस पा गुरु उस गुरु पूर्ण गुरु की पहचान तो बताओ कहां से पहचान है उसकी ये मुझे रिपीट मेरी आवाज सुनाई दे रही है आपके मोबाइल से आ रही है हरिराम
01:57:30:19 चौधरी जी आप जाइए वापस आइए आवाज नहीं आ रही मेरी आवाज रिपीट आ रही है अब ठीक है अब नहीं आ रही हम बोलिए देखो हमने तो वो कहते ना कि पूरा जितना हमारे अंदर दिमाग है हमने सारा लगा लिया भाई साहब हमने आपसे ये पूछा है कि पूर्ण गुरु को पूर्ण गुरु माना क्यों जाए यह बताइए पूर्ण गुरु मैं अब आपको थोड़ा से अपने शब्दों में अपनी बात कह दूं एक बार बात म कहिए आप प्रमाण आप हमें प्रमाण बताइए कि पूर्ण गुरु मैसे फिर वो मैसेज मैसेज कैसे पहुंचेगा जब मैं अपनी बात कहूंगा ही नहीं तो फिर भाई आप हम शास्त्र का ना आप हमारा हमें शास्त्र का नाम बताइए क्योंकि जिस श्लोक के आधार पर आप अपने गुरु को पूर्ण गुरु बता रहे हो उस श्लोक के आधार पर जो गुरु सिद्ध हो रहा है वो यज्ञों का ज्ञान देने वाला हो रहा है और यज्ञों के ज्ञान से मुक्ति नहीं है देखो मैं मानता हूं कि गीता का जो है आपको ज्ञान है मैं मान रहा हूं इस बात को लेकिन अब हमारी भी बात सुन लो क्या खाली गीता से ही सिद्ध होगाया और भी ग्रंथ मानोगे कि नहीं मानोगे जो हमारे
01:58:46:02 सनातन जो परंपरा प्राप्त शास्त्र होंगे सब मानेंगे और कोई आउट का लाओगे अगर कोई ऐसा ग्रंथ लाओगे कि ये उस महापुरुष ने लिखा है इसलिए मान लो जब तक महापुरुष की बात गीता से मैच खाएगी वेद से मैच खाएगी सबब तक मानेंगे अन्यथा नहीं मानेंगे अब यही तो विवाद का विषय हो गया ना कि आपने तो बोल दिया भाई आप ये खुल के कहो ना कि हम वेदिक नहीं है हम गीतो क्त नहीं है हम जो है वो फलाने के हैं हम कहां क आप कुछ बन जा कन मुस्लिम क्रिश्चन मुस्लिम मतलब नहीं है सर आप बात को थोड़ा और समझो थोड़ा डिटेल में चर्चा चल रही है अपनी ये कहते ना गुरु जी बोलते हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई चारों से हमें हम सब चारों भाई भाई हैं तो हम ये भेदभाव क्यों करें धर्म की परिभाषा क्या है अब पिछली बार भी अपनी वही धर्म की बात पर बात अटक गई थी गुरुजी ने तो भाई जब आप ये कह रहे हो हिंदी मुस्लिम सिख ईसाई सब एक है तो फिर आपसे पूछना पड़ेगा देखो हर धर्म में कोई कुछ कुकृत्य कर रहा है वो अपना परिणाम पा रहा है वो अलग चीज हो गई ले पूछ रहा हूं धर्म की परिभाषा क्या है अब देखो ये शब्दों की वो बात आ गई अरे जब तुम हमको मुस्लिमों के साथ तोल रहे हो क्रिश्चन के साथ ल रहे हो तो पूछना
02:00:01:03 पड़ेगा ना कि तुम्हारी जानकारी में हिंदुत्व है क्या सनातन है क्या ध है क्या बताने दो मैं बता रहा हूं बता रहा हूं आपको बताओ हमारी जानकारी जो है मैं आपको बता रहा हूं कि हमारे जो चारों धर्म हिंदू मुस्लिम सिख और ईसाई ठीक है चाहे वो बाइबल हो चाहे वो कुरान शरीफ हो चाहे अरे मेरे भाई धर्म क्या है यह तो तुम उसके बाद की बात बता रहे हो चाहे वो गैसे जैसे मैंने पूछा कि मोटरसाइकिल क्या है फिर तुम बता रहे हो स्पलेंडर भी वही है पैशन भी वही है पल्सर भी वही है मैंने पूछा है मोटरसाइकिल क्या है पहले वो बताओ फिर बताना स्पलेंडर और य हीरो अंड सब एक है तो मैं उसको थोड़ा बहुत तो कहीं ना कहीं से शुरू करूंगा बात कुछ तो बताऊंगा थो क्या बता भी वही है पल्सर भी वही है टीवीएस चे भी वही है ये सब मत बताओ आप मुझे यह बताओ पहले मोटरसाइकिल क्या है यानी कि मुझे बताओ धर्म क्या है धर्म क्या है देखो यह तो हमें जितनी ज्ञान है उसके अनुसार धर्म की परिभाषा हम बताएंगे जब आपको ज्ञान नहीं है तो यह मत बोलो हिंदू मुस्लिम सख साई कोई धर्म नहीं है नरा यह मत बोलो जब
02:01:16:03 आपको धर्म की जानकारी नहीं है तो पहले पता करो धर्म है क्या हमारा तो सर देखो सीधा सधा कांसेप्ट यह है कि ठीक है भाई चा ध आपसे यहां पर सीधा कांसेप्ट के लिए नहीं बुलाया है शास्त्र सम्मत बात है आपकी कोई तो वो बताइए आप बाइबल माते आपके सीधे कांसेप्ट है कल जाके आप पिक्चर का टिकट कटाए पुट जा कर के देखेंगे तो वो हमें य नहीं जानना है की बात बताइए कोई शास्त्र आप बाइबल को मानते हो हम हर सिद्धांत को मानेंगे जो वैदिक जो वेदा शास्त्रों की जो परंपरा प्राप्त सिद्धांत है उनको क्रॉस नहीं करेंगे सबको मानेंगे बाइबल को मानते हो कुल मिला के आप बाइबल को हम नहीं मानते क्योंकि बाइबल के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है पूर्ण नहीं है और जो मिलने वाली मुक्ति है वो पूर्ण नहीं है और जो आलंबन के लिए बताया जाने वाला धर्म है वो शाश्वत नहीं है अब यह सब चीजें आपको पल्ले नहीं पड़ेंगी उसके लिए गहन अध्ययन की आवश्यकता है अब ये आप किस आधार पर कह सकते हो कि भाई ये नहीं है भाई ये सारे ना कोपट आप
02:02:31:27 लोग मैं जवाब देता हूं नहीं है मैं जवाब देता हूं नहीं है बताओ कुरान के अनुसार प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान है क्या भाई ईश्वर तो सर्वशक्तिमान ही होता है अच्छा तो वो सब कुछ कर सकता है क्या किसी भी धर्म का हो ईश्वर सब कुछ कर सकता है अच्छा तो क्या कुरान के द्वारा जो प्रतिपादित होने वाला ईश्वर है उसकी संतान हो सकती है क्या ईश्वर की संतान हम सब ईश्वर की संतान है नहीं ईश्वर की संतान नहीं लिखा हमारी उसमें उसमें लिखा है उसकी कोई संतान नहीं हो सकती ईश्वर की संतान नहीं हो सकती
02:03:25:26 हां क्यों नहीं हो सकती अरे ये तुम उनसे पूछो ना यार मेरे से मरकज क्यों मार रहे हो नहीं नहीं आप बोल रहे हो ना कुरान लो से पूछो जा कर के कुरान में लिखा है 150 में ईश्वर की संतान नहीं हो सकती अजीब अजीब बैल बुद्धि हो क्यों नहीं हो सकती अरे उनसे जाकर पूछो अच्छा इस आधार पर आप बोल रहे हो कि वो आप उसको वो नहीं मानते हो सही ग्र बिल्कुल जब जिस शास्त्र के द्वारा ईश्वर सर्वशक्तिमान नहीं है प्राप्त होने वाली मुक्ति मुक्ति नहीं है क्या मुक्ति है कुरान के अनुसार अब मैं कुरान की कोई ज्यादा डिटेल में थोड़ी लेकर बैठ अरे तो क्यों बोल रहे हो कि भैया तुमने कैसे कह दिया जब तुमको कुछ पता नहीं है तो मोटी मोटी बातों का निष्कर्ष तो निकाल लिया ना कल तो निकाल लिया ना गलत है अर्थ ज्ञानी भयंकर मोटी मोटी बातें मत चलो अपने घर पर बैठो फिर
02:04:23:24 अब ठीक है भाई अब इसमें तो क्या कहे देखो लेकिन हमारे भी समझ में जो आया हमने आपको बताया आपकी समझ में कुछ नहीं आया है बस आप वही करिए जो करते रहेंगे क्योंकि करते आ रहे हैं ऐसा होता है जब किसी व्यक्ति की किसी व्यक्ति का विवाह जब गलत स्त्री से हो जाता है ना तो दो प्रकार के लोग होते हैं पहला व्यक्ति होता है जो ठोस निर्णय लेने वाला होता है जब उसको पता चला कि मेरी मेरा विवाह ऐसी स्त्री से हुआ है जो त्रिया चरित्र है तो वो तुरंत ठोस कदम लेगा और दूसरा होता है कि नहीं नहीं मैं पर्दा डालूंगा मेरी स्त्री सही है मैं पूरे समाज से लडूंगा वैसा ही कुछ हाल है आपका आपको ऐसा लग रहा है लेकिन मैं आपको बताता हूं कि जितने भी धर्म के लोग हैं जो भी है कोई भी जाति मेरे भाई जब तुम धर्म के धर्म की परिभाषा नहीं जानते हो तो तुम धर्म की बात कहां से कर रहे हो पहले यह तो बताओ धर्म है क्या तो आपके अकॉर्डिंग आपने कोई परिभाषा याद कर रखी होगी मैं थोड़ी इसको करूंगा कोई मैंने कोई मैंने मैं जो बोलूंगा उससे तुम मना कर देना फिर तो फिर उससे बात होगी परिभाषा सही है कि नहीं बोलो हरिओम जी आपको पिछली बार भी यही पूछता आप कन्फर्म करके आ जा कन्फर्म करके दोबारा आ जाना ये कह रहे व दोबारा क अच्छा चलो मैं आपसे एक बात पूछता हं जी आप बताओगे दो
02:05:38:26 मिनट की चर्चा और हो जाए कोई बात नहीं बताओ कोई अपनी चीज अपने पास रखिए मुझे पता है आप क्या पूछने वाले हैं आप वो लेकर जाइए आप अगर धर्म की बात करने आ रहे पहले धर्म को जान लो धर्म होता क्या है आपके हालात वही है जब गलत स्त्री से विवाह हो गया पता चल रहा है कि य स्त्री गलत है तो पर्दा डालो कि भैया सही है पूरा समाज गलत है वही हो गया आपके साथ बात यह है कि देखो सर धर्मों का इतना
02:06:16:15 ज्यादा धर्मों यह धर्म हो जैसे दुनिया में धर्म धर्म हो सूरज जी जय श्री राम और आने वाले दो वीडियोस हमारे बहुत महत्त्वपूर्ण है एक वह जो वकील है जो रामपाल का फॉलोअर है वकील व हमसे किस तरह से मगजमारी कर रहा है वो वीडियो उसका केवल ऑडियो रिकॉर्डिंग आएगी मगर व बहुत महत्त्वपूर्ण है और बहुत हेलो रोचक भी है पूरा सुनना पूरा आनंद लेना कैसे कैसे क्या क्या बात हुई नमस्ते नमस्ते एक बात एक बात पूरी कर दूं बस और दूसरा वीडियो आएगा उस मेले में किस तरह से जाकर के क्याक कार्रवाई हुई और कैसे कैसे क्याक हुआ पूरा वृतांत के साथ वो वीडियो आएगा और अभिषेक फैक्ट ये जो झूठ भाई अभिषेक है और ये जो ये एमपी स्लो खबर वाला है इनको मैं कह रहा हूं अगर तुम्हारे को चर्चा करनी है तो अपने कमरे से बाहर निकलो और फोन घुमाओ 74036 बीच के स्थान पर चर्चा होगी या तो ग्राउंड पर और या फिर किसी ऑनलाइन पोर्टल पर और
02:07:32:01 अ अपनाता दिखाते र मु छुपा कर बात करते र घर में बैठ कर के जी अमृता जी जय श्री राम नमस्ते जी आप मैं खुद संत रामपाल जी महाराज की शिष्या करेंगे या नहीं करेंगे अ हां जी मैंने कहा मैं खुद संत रामपाल महाराज के शिष्य हूं अब मुझे वेलकम और प्रेम मिलेगा या नहीं मिलेगा य पहले य क्लियर कर मैं आपकी आवाज बहुत डिस्टर्ब आ रही है मैंने कहा मैं खुद संत रामपाल जी महाराज की शि हूं मुझे अब आपके प्लेटफॉर्म प वेलकम और प्यार मिलेगा या नहीं मिलेगा यह पहले में क्लियर कर लू आप ये पूछ रही है कि मुझे वेलकम और प्यार मिलेगा मिलेगा आपके प्लेटफॉर्म प क्योंकि मैं संत रामपाल जीी महाराज की शिष्या देखिए जो हमारे आचार्य है वो वही तत्वदर्शी है जिन्होंने हमें सिखाया है संपूर्ण भूतों को स्वयं में देख और फिर परमात्मा में देख सुनि सुनिए जब आपने प्रश्न किया
02:08:46:14 सुन जब आपने प्रश्न किया तो इनको हटा दीजिए भैया इनको हटा दीजिए ये केवल वो कुछ करने मैंने आपसे कहा भी ऑपरेटर महोदय वैचारिक मतभेद के निमित्त यदि कोई व्यक्ति जुड़ा करे तो उसको केवल तभी लिया करिए जब वह अपना चेहरा दिखाए क्योंकि यह लोग स्वतंत्र होंगे कुछ भी बोलने के लिए कुछ भी करने के लिए वैचारिक मतभेद के लिए कोई व्यक्ति जुड़ेगा तो वह अपना चेहरा दिखाएगा तभी जुड़ेगा चेहरा दिखाकर इनकी बातें सुनले सुनी जाएगी ऐसे हा आप चेहरा लेकर आइए फिर बात होगी
02:09:27:26 इनका कुछ है ही नहीं ना इनको ज्ञान है इनको जितना पढ़ाया गया जितना दिखाया गया यदि कहीं गुरु परंपरा में होते या कोई अच्छे से पाठशाला से होते उनको कुछ ज्ञान होता इन्होंने तो खाली किताब में तो हमेशा यही बोलता किताब रटी रटाई आ गई वहां यह लिखा वो लिखा समझने को तैयार ही नहीं है कहां पर क्या विषय चल रहा है किसके संदर्भ में चल रहा किके संदर्भ में व्याख्या हो रही है जैसे कोई दासी बता रही थी वो उसका दास है अरे तुम्हे मूर्ख हो पता ही नहीं है कि ये किस विषय में बात चल रही है रामायण में कौन सा संदर्भ चल रहा है बालकांड में कुछ है ही नहीं खाली हिंदी दिखा दिया पढ़ दिया कोई तात्पर्य है नहीं क्या करें और अपशब्द इनके इतने थे उस दिन मैंने आपको वीडियो भेजा था लिंक मुझे बहुत बुरा लग रहा था ठीक है वैचारिक वो हो सकते हैं पर इस प्रकार का भाषा का थोड़ा मर्यादा भा मर्यादित भाषा होनी चाहिए इनकी कोई भी मर्यादित भाषा नहीं है फिर बोलता हमें गुरुजी ने ये सिखाया अरे गुरुजी भले होते तो जेल में होते उस कृत तो किया ही होगा गुरुजी ने जेल में है फिर बो जेल धाम में अरे किसका हम तो इतने हमारे गुरुजी हमारे गुरुजी इतने विख्यात है कोई भी इतने हमारे बड़े-बड़े मतलब की महापुरुषों में मिलने के लिए लालायित होते आपका कोई
02:10:42:27 बता दो कोई ऐसा महापुरुष होगा जिसने रामपाल की वकालत की हो कोई अच्छा जो व्यक्ति हो गया व्यक्तित्व वाला वो रामपाल जी से पूछो नाम लेना चाहता इनका का नाम देया ने अरे हम तो शर्म के मारे मर जाते कि जेल में ऐसे गुरुजी जेल में फिर उसकी शिक्षाए शिक्षा किताबों में इतना ल फजूल लिखा हुआ है मैंने तो कहा इनके ऊपर भी केस होना चाहिए किताब य प्रिंटिंग जो भी एमपी फास्ट ये सब बंद होना चाहिए मैं भी जुगाड़ देख रहा हूं कि इनका कैसे बंद किया जाए य तो मैं कह रहा हूं वेद को छोड़ दो गीता को छोड़ दो पुराण को छोड़ दो सिर्फ ये कहो हमारे कबीर पंथ में कबीर सागर में य लिखा है हम इसमें हमें कोई वो नहीं है पर वेद गीता पुराण का नाम बिल्कुल भी मत लो ज इतनी मूर्खता है जब इनको समझ में ही नहीं है वेद क्या है गीता क्या है पुराण क्या है वो अपनी थोड़ा रटी रटाई बातें बोलने आ जाते हैं भूतों का भूत रामपाल जी को जिनको खुद पता नहीं जो क गुरु परंपरा से है ही नहीं जिन्ने कोई पढ़ा नहीं संस्कृत का अ का ब जिनको पता नहीं व्याकरण नहीं कोई कुछ नहीं पानी अष्टाध्याई कभी देखा ही नहीं वो क्या बताएंगे उन्होने तो उतना ही देखा हिंदी में लिखा हुआ बता दिया कि
02:11:57:28 ये है इनकी तो बुद्धि में सारा भूसा भरा पड़ा हुआ है यदि किसी अच्छी परंपरा गुरु में जाते विद्यालय में जाते तो इनको कुछ पता होता इनके ऊपर तो मथा पति नहीं कर इन कुछ भी गलत अपशब्द परे इनके ऊपर केस होना चाहिए लीजिए उनको उनको ऊपर लीजिए वो आ गई है चेहरे के साथ जी बताइए हा जी हा जी सब सबब आप सब को देखिए आप लोग की जी जी जय श्री राम राम गुरुजी ने हमें किसी का अपमान करना नहीं सिखाया है
02:12:36:07 आपने चलो बोलो बोलो आप बोलो भाई पहले मुझे आप कम से कम पा मिनट दे मैं पिछले 20 मिनट से आपको सुन रही हं आपके विचार में समझ चुकी हूं मुझे पहले आप समझ बोलिए बोलिए हा मैं हिंदू ब्राह्मण को को और ब को जितनी बात आप लोग कर रहे उतनी गहराई से तो मैं नहीं जानती पंडित तो नहीं हू साधारण इंसान विद्वान नहीं आप लोगों की तरह इतना जरूर जानती हूं कि हमारे सनातन ध धर्म ने प्रत्येक गुरु का आदर करना सिखाया आप एक काम करिए आप हेडो ह कर डायरेक्ट बात करिए आपकी आवाज डिस्टर्ब है आ रही है आ नहीं आवाज डिस्टिंग आवाज आ
02:13:29:00 रही हा जी भाई आवाज आ रही है ठीक है काम चल रहा है बताइए मैंने कहा हमारे सनातन धर्म ने इतना मैं जानती हूं कि हमारे सनातन धर्म ने हमें किसी भी गुरु का अपमान करना या उनके बारे में अभद्र भाषा बोलना नहीं सिखाया है एग्री कर रहे या नहीं कर रहे दुराचारी के साथ दरारी के [संगीत] सा नहीं कर
02:14:24:13 पक्ष लेने आई है आप यह सिद्ध करिए कि वो जो है झूठ नहीं है वो पाखंडी नहीं पहने बहुत सारी बात की आपके विर को पू समझ चुकी आप मुझे समझने की कोशिश बत बी धार्मिक इंसान में प बहुत बड़ी चीज है अध्यात्मिक इंसान में सुनने की कैपेसिटी रखनी चाहिए है ना आप या हम माइक लगा करके चिल्लाने से अपना धर्म नहीं साबित कर देंगे ठीक है आप मैं तो कह रही हूं पिछले घंटे से आपको सुन रही हूं आप आपके लाइफ का दो घंटा 15 मिनट हो गया मैं भी उनको उनको जो है भी उनको 15 साल से देख रहा हूं आपके भाई देखो आपको अगर कोई विषय किसी मुख्य विषय पर बात करनी हो तो आप यहां रहिए
02:15:23:27 प्रवचन आपके प्रवचनों को मैं य से प्रसारित नहीं होने देना चाहता आपको कि कर ऑपरेटर महोदय आप मेरे साथ जो है ठीक नहीं करते हैं शवा जीी इनको य पूछना जवाब देते जवाब नहीं देना है इ बातो का जिन को हम बिल्कुल अका रूप से सिद्ध कर सकते हैं उन बातों पर बात करिए बस अमका कर सकते हैं कि आपके जो ये जिनको आपने गुरु बनाया हुआ है वो झूठे हैं पाखंडी है तो इस पर आप बात करिए कि वो है कि नहीं अमृता जी से एक सवाल है सर के हमारे जो ऋषि मुनि है जो पुराने ऋषि मुनि है जितने भी हमारे संत हुए हैं क्या उनको गलत बोलना सही है जो ये रामपाल बोलता था पहले तो परंपरा से है ही नहीं बिल्कुल ू देखिए मैं र है एक मैं बात बताऊ की अगर कोई व्यक्ति यह कह रहा है कि भाई क्या ऐसा बोलना सही है तो उसका जवाब यह नहीं हो सकता कि आपने भी तो हमारे बारे में ऐसा बोला क्यों क्योंकि अगर रावण सीता
02:16:38:28 का हरण करेगा तो राम यह नहीं सिखाएगा कि मंदोदरी का हरण करो इसलिए यह जवाब हम लोग नहीं देते हैं जवाब क्या है कि दुराचारी के लिए जो यथोचित व्यवस्था की गई है शास्त्रों के द्वारा वो हमारे को कर उसका आलंबन लेने का हमें अधिकार है अब बात ये है कि वो दुराचारी है कि नहीं उस पर बात करते हैं जब वो इस पर आ गई कि करेक्टर सर्टिफिकेट देने के लिए य नहीं बैठा है व नहीं बैठा है तो भैया वो कैरेक्टर जो है आपकी जो बातें हैं आपकी जो किताबें उससे निकल कर के आ रहा है आप उस पर बात करिए आप सिद्ध कर दीजिए अब आप यहां पर देंगी प्रवचन तो उसके लिए हम लोग नहीं बैठे कि आप यहां पर अपनी जो आता हैन हमय प्रवचन नहीं सुनना फालतू
02:17:25:14 का आप वहां जाकर के दीजिए प्रवचन राम पांडे जी जय श्री राम जय श्री राम शिवान जी सभी को जय श्री राम सभी को जय श्री राम आवाज आ रही है जी बकुल भाई जी मुझे लग रहा है नेटवर्क में कुछ प्रॉब्लम आ रही है आवाज तो आ रही है ब्रेक हो रहा है आवाज नहीं हमें तो क्लियर आ रही है नहीं आप लोगों की आवाज [संगीत]
02:18:02:10 मुझे अमृता जी आपको कोई विषय पर बात करनी है शास्त्र सम्मत विषय पर अमृता जी आपसे पूछ रहा हूं बोलिए राम पांडे जी आपको आ रहा है आवाज जा रहा कि पहले से वो झूठ बोल रही है वो जो शर्मा जी है ना वो ब्राह्मण का एक वो टाइटल है तो इनके जितने भी सारे भगत है ना तो मैक्सिमम भगत ऐसे फर्जी नाम से आते हैं एक वो तिवारी साहब भी आते थे पहले क्या नाम था उनका तिवारी फिर वो बाद में दास लगाने लग गए थे आपके साथ में जब डिबेट हो रहा था चर्चा हो रही थी मैं बस ये कहना चाह रहा हूं कि ये सब जो है ना ये ये सब जो है ये सब डीप स्टेट के पार्ट है यह बहुत बड़ा षड्यंत्र है शिवांश जी थोड़ा सा अगर आप डीप स्टेट को समझेंगे ना तो आपको सब क्लियर समझ में आने लग जाएगा ये अपने समाज को तोड़ के ही एक अलग कल्ट क्रिएट करेंगे जैसे कि इन पास्ट में आर्य समाज हुआ ब्रह्म समाज हुआ उसी तरीके से ये अपने जो तथा गलित जो दलित समाज है ना इनके मैक्सिमम फॉलोवर आज के टाइम पर जो दलित अपने आप को कहते हैं स्वघोषित
02:19:17:24 दलित है तो इनके वही फॉलोवर्स मिलेंगे और इनका मेन मेन मोटिव बस यही है कि इनको अब ये बताया जाता है कि देखो ब्राह्मणों ने तुम्हें ये शास्त्र नहीं पढ़ने दिया गीता नहीं पढ़ने दिया वेद वेद पाठ नहीं करने दिया तो अब यह जो चीज है यह उसी चीज को प्रमोट करते हैं उनके सामने और बोलते हैं कि हां सभी लोग पढ़ो सबके लिए ये सब लोग इसका पठन पाठन कर सकते हो वो बंदर के हाथ में जो उत वाली कहानी होती है वही वाली बात है इसीलिए तो हमारे शास्त्रों में मना किया गया ना ये जो ज्ञान है यह जो ग्रंथ है यह सबके लिए अधिकारी नहीं बनाते हैं दूसरी चीज अभी आप देखेंगे गौर से कुछ दिनों पहले न्यूज में आया था काफी टाइम पहले न्यूज में आया था जैसे बागेश्वर धाम जी हो गए उनके जो गुरु साहब जी है ये लोग भी हमारे जो धर्म शास्त्र है जो वेद है उन तक में बोलते हैं कि मिलावट की गई चीज है इनको बदल देना चाहिए क्यों बदल देना चाहिए क्योंकि आजकल के जो परिपेक्ष में व जो चीजें जो चलती रहती जो बे विचार है उनको वो हमारे वेद शास्त्र में वो अधिकारी नहीं बनाता वो उसके लिए मना करता है तो जो मना करता है तो भाई नहीं हमारे अकॉर्डिंग वेद शस्त्र चलेंगे वेद शस्त्र के अकॉर्डिंग
02:20:33:04 हम नहीं चलेंगे मेन मोटिव कहना इनका यह है और बड़े बड़े जो क्या बोलते हैं इसको परंपरागत गुरुओं की बात कर रहा हूं जो परंपरा से चले आ रहे हैं गुरु मैं उनकी बात कर रहा हूं वो तक भी धर्मशास्त्र को और अब हमारे वेद और गीता में मिलावट तथा मिलावट के नाम पर उसको चेंज करने की बात करने लग गए हैं और यह जबी से होता है जब ये एक दो बार विदेश चले जाते हैं चार्टेड प्लेन उनके लिए क्वायर करा जाता है गवर्नमेंट के द्वारा वो जाते हैं वहां से ट्रेनिंग लेकर आते हैं और फिर यहां से अपना एजेंडा स्टार्ट करते हैं ये बहुत बड़ा डी स्टेट का पार्ट है और बहुत गरा यंत्र है अपने सनातन समाज को ब्रेक करने का बस मेरा यही कहना देखिए बात आप सही कह रहे हैं इसमें एक चीज है कि जो यह जो परंपरा से होते हैं जो आचार्य गण या किसी कारण से दिशा भ्रमित कर रहे हैं या कुछ भी कहीं पर त्रुटी हो रही है फिर भी उनका परंपरा में विश्वास होने के कारण एक वो रहती है स्पेस एक रहता है कि वह वापस आ सकते हैं सही सही भी हो सकती है चीजें मगर जो परंपरा निष्ठ ही नहीं बचा जो परंपरा निष्ठ ही नहीं बचा उसको हम कहां
02:21:48:09 से वापस लाएंगे देखो जब तक सर्व सम्मति से आचार्यों का समूह व्याकरण के द्वारा कोई सिद्ध नहीं हो जाता उसको कोई बदल नहीं सकता अब जैसे बागेश्वर वाले हैं उन्होंने कहा तो खूब कि वो जो वर्ण व्यवस्था प अभी जो मामला हुआ मगर अंततोगत्वा क्या हुआ जब राजेंद्र दास जी ने समझाया तो बैठ के समझा भी समझ गए बिल्कुल राजन दास जी ने बैठ के अच्छे से समझाया ना समझ गए बकुल ब इस बारे में इस बारे में महाभारत में एक वचन आता है कि आचरण हीन श्रद्धा वान भी आचरण वान श्रद्धा हीन से श्रेष्ठ है आचरण हीन श्रद्धावन आचरण वान श्रद्धा हीन से श्रेष्ठ है ये महाभारत का वचन क्योंकि उसके अंदर की बात से भ महात की बा अभ बात कर अभी आपसे बात करता हूं अभी आपसे बात करता हूं मेरा क्वेश्चन है अभी मैं अपनी बात पूरी कर लू मैं आप आपको लूंगा आपको लूंगा मैं बैठी हूं मैं बैठी ह तो क्या है कि जिसमें श्रद्धा है
02:23:04:03 उसकी हम उसके बारे में हम सोच सकते वो कभी भी वापस आ सकता है मगर जिसमें श्रद्धा ही नहीं है उसके हम आचरण के बारे में सोच सकते वह कभी भी जा सकता है जो रास आचरण है है ना जैसे नास्तिक इसका बहुत बढ़िया उदाहरण है संस्कार हीन नच वेद शास्त्रम हा जैसे नास्तिक जो है वो सारी बढ़िया बढ़िया चीजें कर रहा है कपड़े पहन रहा है माता को माता की दृष्टि से देख रहा है बहन को बहन की दृष्टि से देख रहा है सब कुछ है मगर उसका ये जो सिद्धांत है वो ब्रेक होने की बहुत संभावनाए है क्यों क्योंकि उसको यह नहीं पता मैं ऐसा कर क्यों रहा हूं तो जिस दिन उसका जो मन है वो डामाडोल हो गया वहा खतरा है
02:23:52:21 नास्तिक और जिसके पास आधार है ईश्वर का तो उसको यह मालूम है कि मैं यह जो अंतर कर रहा हूं क्यों कर रहा हूं तो अगर वह इन लिमिट्स के बाहर जाता भी है तो उसको अपने आप को कहना होगा कि मैं गलत कर रहा हूं क्योंकि उसको ईश्वर में विश्वास है और नास्तिक जिस दिन इन लिमिट्स के बाहर जाएगा वह अपने आपको यह कहेगा मैं सही कर रहा हूं क्योंकि उसको ईश्वर में विश्वास ही नहीं हां अमृता जी आप बताएं शास्त्र से रिलेटेड कौन सी बात करना चाहती
02:24:32:10 है इनको अन म्यूट कर दो भाई हां अब यहां प क यही है शासन इमिक यही है आपकी आवाज क्लियर नहीं आ रही है शब्दों को समझने में बहुत मेहनत करनी पड़ रही हैया अब आई आवाज अभी भी क्लियर नहीं है पर काम चला लेंगे बताइए हा मैं य आपसे कह रही आपने महाभारत का जिक्र किया और उसके संदर्भ में हम आस्ता नास्तिकता और संस्कार हीनता संस्कार की बातें बताई ठीक समझ में आई मैं आपसे क्वेन करती हूं महाभारत के संदर्भ से ही जब द्रोपदी का रण हो रहा था और वहा पर हमारे पूज्य द्रोणाचार्य जी पिता जी और बहुत सारे जो आज की तारीख में प्रतिष्ठित है हमारे दे हमारे धार्मिक पुस्तकों में जिनको बहुत प्रतिष्ठा मिली ई है क्या वो किस भाव से उस चीज को देख रहे थे और उनके अंदर क्या ऐसा चल रहा होगा कौन से संस्कार पहली बात तो ये है पहली बात तो ये है देखिए एक बात समझिए ऐसे बहुत सारे प्रकरण है जिन पर हम अनंत समय तक बात कर सकते
02:25:49:07 हैं मेरी बात सुन लीजिए देखिए ये आप चर्चा करने नहीं आई है आप क्या बात सु मैं देखिए हम लोग विषय पर बात करने वाले लोग आपकी चर्चा से यही लग रहा है मत लो इनको मत लोको मत लोको नहीं करनी है बात पहली बात यह है कि यह यहां पर आई क्यों है हमारा रामपाल सही है यही है ना उद्देश कोई सही नहीं है अब ये बताइए कि भीष्म पितामह यदि गलत है तो उनके गलत होने से रामपाल के सही होने का क्या संबंध है क्या संबंध है अब अगर ऐसे हम लोग बात करने लगे कि उसने मल क्यों साफ किया कबीर ने यह क्यों किया वो क्यों किया तो इस पर तो हम लोग सुबह हो जाएगी बात करते करते इससे कोई निष्कर्ष निकलना है क्या यह बात पिता भीष्म पितामह और द्रोणाचार्य इनकी बात कर लेते जितने अंश में इन्होने गलत किया है सबसे पहले दंड किसे मिला महाभारत के युद्ध में
02:27:04:14 किसे मिला क्या हुआ महाभारत में ही वचन है कि घटनाओं का घटित होना प्रमाण नहीं होता है उन्हे शास्त्रों के द्वारा न्यायोचित रूप से स्वीकार किया जाना प्रमाण होता है घटनाए तो यह भी घटित हो रही है कि रावण सीता का हरण कर रहा है तो क्या इसको हम प्रमाण मानले जीवन का ये भीष्म पिता महा ने कुरुक्षेत्र में बताया जब सब लोग भीष्म पिता महा जी को मिलने गए थे र को लेकर के जब यटर बड़े परेशान थे यह कथा भागवत में है तो भीष्म पितामह यष जी रो रहे थे कि मैंने क्या मिला मुझे इतना को देख कर के पर भगवान जी ने बहुत समझाया पर भीष्म पिता यिर जी को समझ में कतई नहीं आया फिर भगवान ने कहा हम तो समझने वाले नहीं है क्योंकि हमको तो हमको तो कुछ समझते नहीं क्योंकि हम तो अपने मित्र समझते हैं छोटा भाई समझते हैं हमें तो भगवान कहां ले गए कुरुक्षेत्र में भीष्म पिता महा के पास सब पांडवों को वहां ले गए राज धर्मा मोक्ष धर्मानंद धर्मानंद चला तो द्रोपदी को हंसी आ गई हां जी बोलिए देखिए ऐसा है कि जो एक गुरुदेव का एक वचन था कि कर्तव्य का निर्णय जो है व व्यक्तिगत नहीं
02:28:19:20 होता है जसे जैसे भीष्म पिता म ने यह शपथ ली थी कि मैं गद्दी की रक्षा करूंगा तो द्रौपदी के समय भी वह चुप रहे तो यह तो उनका व्यक्तिगत धर्म था कि उन्होंने जो शपथ लिए प्रतिज्ञा की है उसका उन्होंने पालन किया यह व्यक्तिगत धर्म था मगर समष्टि रूप से देखने पर क्या धर्म था कि सामने एक नारी के साथ कुछ गलत हो रहा है तो चुप नहीं रहना है और हमारा धर्म यह सिखाता है कि जब आपका व्यक्तिगत धर्म जो समष्टि के रूप से जो धर्म है उसका खंडन करने लगे तो आपको अपने व्यक्तिगत धर्म को छोड़ देना फिर समष्टि का जो धर्म है उसका फिर पालन करना है तो भीष्म पिता मा ने नहीं किया द्रोणाचार्य ने नहीं किया मगर किसने किया प्रहलाद ने किया प्रहलाद का व्यक्तिगत धर्म क्या था प्रहलाद का व्यक्तिगत धर्म था कि अपने पिता की बात मानना यह व्यक्तिगत धर्म हो गया शास्त्रों में आता है पिता की बात मानो मगर समष्टि के रूप से धर्म क्या था ईश्वर का खंडन ना करना विष्णु का खंडन ना
02:29:35:07 करना तो क्या हुआ उन्होंने अपने व्यक्तिगत धर्म को त्याग दिया समष्टि के धर्म को अपनाया नहीं तो वो कह सकते मेरा धर्म है मेरे पिता है मगर वो जपते रहे नारायण नारायण विभीषण ने भी किया था ऐसे ही हां तो भीष्म जी और द्रोणाचार्य जी वाले मामले में और प्रद वाले मामले में यही अंतर है उन्होंने व्यक्तिगत धर्म को पीछे कर दिया और समष्टि के धर्म का आलंबन लिया और भीष्म पितामह हुए या तुम्हारा यह आपका जो है ये कुंभकरण कुंभकरण को भी मालूम था कि य सत्य है राम उनसे मत भिड़ो मगर जब भाई ने ये कहा ठीक है तो भी छोड़ दो अपने भाई को अकेला तो उन्होंने कहा नहीं भाई को अकेला नहीं छोडूंगा है ना तो ज भाई को अकेला नहीं छोड़ा तो उसने अपने व्यक्तिगत धर्म को ऊपर ले लिया तो आज भी राक्षस में गिना जाता है कि नहीं तो इसी इसी तरीके से व्यवस्था है अगर किसी ने जितने अंश में गलत किया है तो उसको वहां पर कहा गया गलत बी में पिता मा को देखिए आप गणाचार्य विष पिता म को अर्जुन ने मारा कि नहीं मारा युद्ध किया कि नहीं पर
02:30:50:10 रहना पड़ा हां और उने उस बात का वो भी था उनको मत लीजिए वो भड़ास निकालने आई है उनको कोई तार्किक या विषय विषयो उक्त बात नहीं करनी उन्हें हां उनको कुछ मतलब कोई वो है ही नहीं कैसे बात करनी है एक्चुअल में ना वो पता है क्या पूछना चाह रहे थे वो ये पूछना चाह रहे थे ये जो जितना ये जुआ हुआ है ये हुआ है ये शास्त्रों में लिखना ये सही है कि गलत है उन्होंने असली ज्ञान तो लिया नहीं कि वहां से मतलब की वो सारी चीजें गलत थी और उने सारी चीज दिखाई फिर परमात्मा ने कैसे उनको बचाया ने ले उनका खंडन किया ना धर्म की स्थापना कैसे होगी आपको गलत बताया गया कि ये देखो यह भी गलत है फिर उसका खंडन किया इनको सही चीज पकड़नी नहीं है ना चक्कर ये कहां इनको कहां सही चीज इनका तो कुछ है ही नहीं कुछ शर कुछ आपका सबसे बड़ी बात है कि भाई भीष्म पितामह द्रोणाचार्य ने गलत किया सही किया आपका रामपाल कहां से सही हो गया काल कहां से सब सही वाले हैं ये कबीर ईश्वर कहां से सिद्ध हो गया हा ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा व्यर्थ कहां से हो गई दुर्गा माता का वो दुर्गा माता के साथ दुष्कर्म कहां से सिद्ध हो गया सीता माता की वो जो संतोष की
02:32:05:10 इच्छा कहां से हो गई सीता के रूप में ये सब बातें नहीं करनी है वो फलाने चैप्टर में ऐसा हुआ वैसा हुआ क्या यह सही था कहा नहीं है इनका रेफरेंस एक लाइन में राम सुखदास इतने महान हुए वो अपने को तत्वदर्शी नहीं कहलाया उन्होंने इनकी कहानिया सुन इतनी हंसी आती है कहते हैं द्रोपदी की लाज जो है ना कबीर ने बजाई अ इन मूर्खों से क्या सवाल करोगे बताओ एक होता है मूर्ख एक होता महा कहीं नहीं बस और रम की किताब में लिखा है मेरा इनसे यही कहना है आपका सागर को मानिए पर वेद पुराण और उनका नाम मत लीजिए खबरदार मैं तो का वेद पुराण और शास्त्रों का नाम कतई ना लो
02:32:58:20 कबीर प्यारी बहना जय श्री राम जय श्री राम भैया जी बोलिए सबसे पहले तो बहुत खुशी हुई आपने जो अभी किया उनकी किताबों के साथ तो उसके लिए बहुत ज्यादा अच्छा लगा वो देख के और दूसरा यह कि जो मैं लास्ट टाइम आके स्ट्रीम में बोल के गई थी ना उसके खिलाफ वो जो एक वीडियो बनाती है उन्होंने मतलब जो मैंने बातें बोली थी उनका तो सही से आंसर दिया नहीं उसमें वो खुद की जो बोलते हैं कि कबीर के दोहे वो सब बोलने लग गए उसके अलावा जो मुझे उल्टा सीधा बोलना था वो सब बोल रहे थे और ये कह रहे थे कि मैंने कभी उसको फॉलो मतलब मेरी फैमिली उसको मानती नहीं है आप मेरे को कोई ऐसी रैंडम लड़की को आप ले आए हो और उससे आप ये सब बुलवा रहे हो ऐसा वो लोग बोल रहे थे तो इनको अगर मेरे से कोई क्वेश्चन पूछना है हां क्योंकि वो लोग ऐसा करते हैं ना इसलिए हां ये भी बात एकदम सही है और वो लोग ऐसा क्लेम कर रहे हैं कि जैसे तो कभी मेरी फैमिली ने इसको फॉलो ही नहीं किया या ऐसा कुछ कि प्रूफ दिखाओ अब मैं इनको ये कह र है कि ना आपने अपना रियल नेम या फिर फेस दिखाया मैं क्यों अपना रियल नेम और फेस ताकि आप लोगों को पता चल जाए मैं कौन हूं और फिर
02:34:13:25 मतलब फिर इनको तो ये बोल र अपना मतलब एड्रेस बताओ तो ये थोड़ी कोई फिर ये कनपटी प गोली रखेंगे हां वही सही बात है मतलब और मेरे को भैया ये ये जो उस वीडियो में जो बोल रहे थे वो कम से कम मेरे से डबल एज के थे ठीक है और मेरे को ऐसा उल्टा सीधा उन्होंने बोला है ना मतलब मतलब ये भी नहीं सोचते कि वहां पे आके मतलब या तो मैं प्यारी बहना नाम से तो कुछ तो ऐसा नॉर्मल से बोले नहीं इतना उन्होंने मेरे को ऐसा बोला है कि कि ये लोग इसलिए फॉलो नहीं करते हैं क्योंकि ये करना होता है वो करना होता है ये लोग नियमों को नियमों का पालन ही नहीं कर सकते तो और भैया ये लोग कह रहे थे कि वो नहीं दिखाया मैंने जो नाम जब मिलता है ना तो ये एक पर्चा देते हैं तो अभी मेरी पूरी फैमिली के मेरे पास व स्लिप है ठीक है और मैं आपको एक सेकंड मैं आपको कुछ दिखाती हूं अभी तो मैंने दो प जब मैंने जॉइन किया तो मैं हाइड कर रही थी उसम नेम तो मैं आपको दिखाती हूं एक सेकंड
02:35:19:24 ये देखो ये दो दो में ही अभी मैंने हाइड किया है और ये देते हैं वो लोग इसमें आप देख सकते हो डेट 2021 है जब नाम दिया था इनका इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए एक मिनट इनका कॉलम बड़ा कर दीजिए एज 2021 है इस सॉरी जो टाइम है वो 2021 है और ये कह रहे थे ना कि कभी फॉलो ही नहीं किया मेरी पूरी फैमिली के देखो मैं आपको दिखाती हूं ये ये भी है मेरे पास मैं अभी सीधा करके नहीं दिखाऊंगी इसमें मैंने नेम हाइड नहीं कर रखा और यह भी है पूरी फैमिली का है हां भैया पूरी फैमिली का ये देखो एक और अच्छा एक मेरे फैमिली मेंबर के मतलब कोई भी हो सकता है मैं या फिर मेरे भाई या मम्मा उन्होंने ऑनलाइन वो लिया था तो इसमें ऊपर लिखा हुआ है कि ऑनलाइन दिया गया तो ये लोग कहते ना आप की ऑनलाइन देने का तो देख सकते हो कि हां ऑनलाइन देने का भी यहां पर लिखा हुआ है और इसमें क्योंकि आश्रम में जाकर लिया था यह और यह भी इ सीधा करके नहीं दिखाऊंगी क्योंकि इनम मैंने नेम हाइड नहीं किया अभी तो अगर यह लोग मैंने तो लास्ट टाइम दिया था राम की बुक्स भी दिखाई थ मेरे घ आपका सीरीज नंबर दिख रहा है तो उसको
02:36:34:24 हैड कर लीजिए जीया र और अगर इनको मेरे से कोई क्वेश्चन पूछना है कि जो चीज है ना सिर्फ इनको पता होगी या फिर यह कह रहे हैं कि आप ऐसे ही किसी रैंडम इंसान को ले आया तो आके मेरे से क्वेश्चन पूछ लो म अगर इनको मेरे से बात करनी की मैंने क्यों मानना छोड़ा या फिर कुछ भी नहीं ऐसे ऐसा है ना ये लोग आए दिन यही करते हैं खुद उसी को पहले इंडोनेशियन बना देंगे उसी को हरे कृष्णा वाला बना देंगे उसी को फिर स्मार्ट बना देंगे उसी को फिर रामानु जी बता बना देंगे एक ही व्यक्ति सार पंथ में घूमता रहेगा ये खुद ही ऐसे वीडियो बनाते हैं उनको क्या स्मार्थ के बारे में पता क पूछे स्मार्थ क्या है रामानुजाचार्य उनको कोई पता नहीं वो खाली जो मोटा मोटा है सुना है उन्होंने वही जानते हो वैष्णव स्मार्थ में कभी उनसे पूछिए कभी अंतर क्या है तिलक लगा लिया और ब्रह्म दंड हाथ में रखकर भगवान वस्त्र धारण कर लिया एक दीपक दीपक करके पूछ रहे हैं अभी शिवांश बोल रहा था कैमरा ओपन नहीं होगा तो हटा दिया जाएगा यह
02:37:49:25 हम कई बार बता चुके हैं वैचारिक मतभेद के निमित्त जब चर्चा होगी तो कैमरा ओपन होना आवश्यक है अन्यथा नहीं समझ गए दीपक जी वैचारिक मतभेद मतभेद है तो कैमरा ओपन होना आवश्यक और मैं क्यों कम म ये लोग क्यों चाहते हैं मैं कैमरा ओपन करूं मतलब मैं इनको कोई भी अगर बात करनी है कोई भी प्रूफ चाहिए तो मैं बता सकती हूं इनको क्या मतलब है उस चीज से एड्रेस से बोल रहे अपना गांव का नाम बताओ या फिर गांव का नाम मेरे को बताने में कोई दिक्कत नहीं मैं वहां रहती नहीं हूं पर क्यों चाहिए क्यों इनको क्या कर लोगे कपट्टी में गोली रखनी है
02:38:32:08 इनको अच्छा 51 वो जो वीडियो बनाती है वो खुद बिंदी लगाती है इनके इनको मतलब बिंदी लगाना अलाउड नहीं होता भैया इनको वो खुद बिंदी लगाती है वो खुद अपने रूल्स फॉलो नहीं कर रहे ये बात मैंने भी देखी है उनके कई कई में तो वो भी पहने आभूषण वगैरह भी पहने वो और उसी वीडियो में जिस वीडियो में मैंने क्योंकि भैया मतलब मैं क्योंकि एक खैर वो नहीं बता सकती पर हां मैं कभी कुछ मैं छोटी हूं मैं नहीं मतलब मेरे तो कान भी कवे एक संस्कार भी नहीं हो रखा है तो मैं तो कहीं से ज्वेलरी पहन नहीं सकती बस मैंने एक पॉइंट बोला था ज्वेलरी वाला लास्ट स्ट्रीम में उसका ये लोग इतना उस वीडियो में बोल रहे हैं कि इन लोगों को ये ज्वेलरी से मतलब होता है भगवान से कहां मतलब होता है इसलिए और वो खुद पहन के बैठी रहती है बल्कि मैंने बस एक पॉइंट बोला था उसम य लोग अच्छा अभी जो आई थी यादव जी बोल रहे हैं कि किसी की मुसलमानों से लड़ाई है तो जो लड़ाई है वह तो चेहरा छुपा के है तो यहां पर जब आएंगे तो यह कैसे पता चलेगा किय वही है दूसरी बात कि अगर ऐसा है आपकी कोई मजबूरी है तो मत आइए और किसी को भेजिए हमारी कोई मजबूरी नहीं ना अपनी मर्यादाओं के
02:39:47:12 बाहर जाकर के आपसे बात करने की क्यों करे ऐसा अभी जो वो आई थी दीदी आई थी जो मैम आई थी अभी जो बोल रही थी कि आप इतनी जल्दी कैरेक्टर आप सर्टिफिकेट दे देते हो तो इन लोगों को ये लोग तो सबको कैरेक्टर सर्टिफिकेट देते रहते हैं कि आपसे नियम फॉलो नहीं हो सकते आप लोग ऐसे हो वैसे हो मेरे लिए इतना बोल दिया ये लोग मेरे को जानते नहीं है फिर भी कैरेक्टर सर्टिफिकेट देते रहते हैं कि आप लोग तो नियमों को फॉलो कर ही नहीं सकते आप लोगों को फालतू चीजों से मतलब होता है इसलिए रामपाल को नहीं मान रहे हो तो यह तो कैरेक्टर का सर्टिफिकेट तो यह लोग देते हैं हम तो कभी दिया नहीं हमने तो ऐसा है जब आपका उन्होंने वृतांत सुना ना तो उनके तन बदन में आग लग गई जैसे अभी एक दो दिन पहले जो हमारा वीडियो देख कर के जो झूठ भाई अभिषेक है ना इसके तन बदन में आग लग गई तो यह जो है अपने आप को रोक नहीं पाते इस तरह का बचकानी बातें किए बिना आप कभी भी देखिए हम सिर्फ वो बातें बोलते हैं जो अकाट्य हो हम उन बातों में बात ही नहीं करते जो अकाट्य ना हो अकाट्य हो जो अकाट्य ना हो जो क्योंकि उसका कोई छोर नहीं है अब वो खीर वाली बात कितनी सच है कितनी नहीं है हम आपको न्यूज
02:41:02:12 दिखाएंगे आप कहोगे न्यूज तो हो सकती है बिल्कुल सही बात है भाई न्यूज तो झूठ बोल सकती है तो उन बातों बात ही क्या करनी है आप आ कर के सीधे उनकी बात करिए ना शास्त्रों की आप तो स्वयं कहते हैं हम शास्त्र संबध चीजें बताते हैं और करते हैं अभिनव ठकर अभिनव ठाकुर जी आप चेहरा दिखाइए अपना आ जाइए कोई है क्या अभिनव ठाकुर नाम से जी अभिनव ठाकुर जी आ जा राम राम आप भाइयों को जय श्री राम बताइए और बताइए सर कैसे हैं आप सब नहीं नहीं बढ़िया है मगर यह वाली चर्चा जो है हमारी फोन पर भी हो सकती है किस बारे में चर्चा चल रही थी सर मैं सुन रहा हूं बहुत देर से आपको नहीं पता नहीं पता है मेरे को मैं चर्चा सुन रहा हूं अभी ये बहन जी है जो वो क्या कह रही थी के सर्टिफिकेट दे रहे हैं कैसे सर्टिफिकेट दे रहे आपका परिचय क्या है पूरा जी आपका आध्यात्मिक परिचय क्या है मैं धन प्रकाश हूं सनातनी हिंदू हिंदू धर्म से मेरा बिलोंग करता हूं मैं और सारनपुर रहने वाला को फॉलो करते हैं क्या जील को फॉलो करते हैं क्या
02:42:17:19 किसको जी संत रामपाल जी महाराज उनको फॉलो करता हूं हा तो ऐसे पूरी बात बताइए ना अब बोलिए आपसे प्रश्न पूछने इनको हा आपको प्रश्न जी पूछिए जी हां जी दीदी आप बता रहे थे सर्टिफिकेट दे रहे हैं तो कैसे सर्टिफिकेट की बात चल रही थी बता दीजिए एक बार देखिए आप लोग जज करने लग जा एक मिनट प्यारी बहना एक मिनट देखिए बात आपकी और इनकी क्या बात हो सकती है वो मैं बता दूं आपको इनका कहना है कि ये और इनका पूरा परिवार रामपाल दास से जुड़ा हुआ था सर आपकी आवाज ब्रेक हो रही है बहुत ज्यादा मेरी आवाज ब्रेक हो रही है क्या कमेंट करिए भाई नहीं भया नहीं हो रही है आप क्या नेट कमजोर है आप ठीक आ रही बताइए बताइए बताइए जी जी सही आ रही है हा तो आपके और इनके बीच में जो बात हो सकती है वह मैं बता देता हूं विषय क्या हो सकता है इनका कहना था कि ये और इनका पूरा परिवार पहले जो
02:43:32:25 ये जेल धाम निवासी जो है रामपाल इनका फलो था इनका फॉलोअर था जी फिर इन्होंने हमारे वीडियोस देखे तो धीरे-धीरे इनके यह जो स्वयं है इनके अंदर तो अंदर से पहले से ये बात थी कि इनको रामपाल से दूर होना है मगर इनके पास जो मजबूत आधार नहीं था मगर इनका जो परिवार था वो पूरी तरीके से उसको फॉलो करता था रामपाल ठीक है जी जी उसके बाद इन्होंने जब हमारे वीडियोस देखे तो इनको मजबूत आधार मिल गया इन्होंने अपने घर में भी यह बातें बताई और उसके आधार पर अब इस समय इनका घर जो है बदल चुका है काफी हद तक अच्छा अच्छा अच्छा अच्छा सबने अब सुन लीजिए सुन मेरी बात पूरी हो जाने दीजिए अब इसके बाद क्या हुआ जब इन्होंने यह कहानी आक के इस चैनल पर सुना दी तो रामपाल के कुछ फॉलोअर द्वारा यह कहा गया कि ये नहीं य ऐसे ही कोई यह झूठ बोल रही है यह रामपाल से जुड़ी हुई नहीं है यह झूठ बोल रही है अच्छ तो आप इनसे इस बारे में प्रश्न कर सकते हैं जो आपको अगर ऐसा लग रहा है कि रामपाल से जुड़ी हुई थी कि नहीं थी तो इस बारे
02:44:47:26 में अगर आप कोई बात पूछना चाहे सबूत के तौर पर तो वो आप नहीं देखो मेरी बात सुनो भैया संत रामपाल जी महाराज जी से जुड़ने के लिए कोई कोई ऐसा कोई एक एग्जामिनेशन नहीं होता या प्रेशराइज नहीं या कोई फीस नहीं लगती वहां पर फ्री ऑफ कोस्ट नाम दीक्षा दी जाती है भाई साब भाई साहब आप मुझसे आप समझ नहीं रहे मैंने जो कहा वो आपने सुना नहीं नहीं आप मैंने सुन लिया आपरी बात सुनो इस बहन से आपकी क्या बात हो सकती है यह जानने के लिए कि यह बन कह रही है कि यह और इसका पूरा परिवार जो रामपाल से जुड़ा हुआ था यह बात सही है कि नहीं इस बात की पुष्टि करने के लिए आपको इससे कोई प्रश्न पूछने हैं तो पूछ सकते हैं अन्यथा जो भी बात है आपको मुझसे करनी है सर सर मेरा पहला प्रश्न तो यही है ंद दीदी से कि इनको जब नाम दीक्षा इन्होने पूरे परिवार ने ली थी किसी ने प्रेशर किया था इनको या कोई कंडीशन रखी गई थी कि आप नाम लो कैसी बातें कर रहे हैं बात आपकी इस हो स देखिए मैं आपको बता रहा हूं समझ लीजिए मैं क्या कह रहा हूं मेरे मेरा जोय मुख है ना इतना इतना एरिया इसको ध्यान से देखिए मैं जो कहने का प्रयास कर रहा हूं आप इनसे इस संबंध में केवल प्रश्न पूछ सकते हैं कि जिससे यह पुष्ट की जा सके कि यह जुड़ी थी कि नहीं थी
02:46:03:14 नहीं जुड़ी होंगी पक्की जुड़ी होंगी मैं तो मना नहीं करता अनथा अन्यथा इनसे आपका कोई विचारों का आदान प्रदान नहीं हो सकता गलत बात गलत बात या तो रामपाल को सही सिद्ध करिए बात करनी है तो यह करिए कि आप जुड़ी है कि नहीं है ये पता लग सके आप मेरे को कटाक्ष करिए संत रामपाल जी महाराज जी में क्या कमी है वो बताइए मैं उसको सिद्ध करूंगा सही कैसे सही करवाना मैं बताता हूं आपको अच्छा तो आप मुझे ये बता दीजिए कि रामपाल के अनुसार कबीर द्वारा भगवान किसे का बताया गया है संत रामपाल जी महाराज ने भगवान कबीर भगवान को बताया है अच्छा और कबीर ने कि बताया है कबीर भगवान तो खुद कबीर भगवान है अपनी महिमा खुद गाते थे आप आप उनको कह दीजिए आपकी जो आपके जो साथ में है वो शांत रहे विघ्न पड़ रहा है उनकी आवाज से आप आपको ज्ञान नहीं है क्या आपको ज्ञान नहीं है क्या बोलिए बोलिए बोलिए उनको बोलना पड़ रहा है बगल से आपको ज्ञान नहीं है क्या कमी है ज्ञान की आपको नहीं नहीं कोई नहीं बताइए आप उनको विश्वास नहीं है क्या आपके ऊपर
02:47:18:14 बता तो सर चलिए तो गीता ज्ञान कहने वाला कौन है आपके रामपाल के अनुसार गीता ज्ञान कहने वाला श्री कृष्ण भगवान जी दिख रहे थे पर स्वरूप लेकिन उनके अंदर प्रेत वस काल भगवान ने गीता का ज्ञान बोला था काल भगवान ने गीता का ज्ञान बोला था अच्छा जी वो कैसे बोला था वो मैं बताऊ आपको कृष् भगवान मत बताओ मत बताओ ब आप बताइए सर इसमें ठीक
02:47:58:18 होता अंदर ड हो बाहर जाके कर इनको जरा व वाला पेज दिखा दो कि गीता का ज्ञान जो है वो भगवान श्री कृष्ण ने और विष्णु ने बोला है दिखाओ सर दिखाओ आपको ज्ञान नहीं है क्या जो आपकी जो साथ में मातृ शक्ति उ फसाना पड़ रहा है है क्या नहीं चर्चा कर रहे सर अपनी 100 बात होती है यह क्या बात हुई भाई आप आप आप आ जाइए फिर आपसे बात कर लेते हैं आप आ
02:48:46:12 जाइए यह तो विघ्न पड़ रहा है उस बात को बीच में कटाक्ष आ र थोड़ हा हा डिस्टर्ब होता है सर कोई बात नहीं आप आराम से बात की या तो वो आ जाए आप उनको कहिए या तो वो आ जाए या आप आ जाओ आप डिसाइड कर लो ज्यादा विवान हो वो बैठो हम तो सब देख लेंगे सर आप बताइए क्या क्या है दिखाइए आप हां दिखा रहे तो ये आपकी गीता तेरा ज्ञान अमृत है
02:49:30:12 जी इसका पृष्ठ संख्या है 51 और ये कबीर दास जी यहां पर बता रहे हैं हे धर्मदास जी मेरी स्क्रीन जरा बड़ी कर दीजिए भाई हा कर दो बड़ी कर दो सर मैं देख लूंगा इसमें यह कह रहे हैं हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परम पिता जी जी बताइए सर सम आपके परम पिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का आदेश
02:50:04:19 है इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष प्राप्त करोगे बिल्कुल किसका आदेश हैय जो कृष्ण भगवान में भ गीता बोल रहे थे जो गीता ज्ञान दाता है उनका तो यह तो कह रहे कृष्ण का आदेश है कबीर कह रहे हैं कृष्ण का आदेश है कृष्ण का ही आदेश मान लीजिए आप क्यों कृष्ण का मान आप तो क काल का मान काल का आदेश है अब आप काल को तो मान ही नहीं रहे आप कृष्ण के आदेश बताओ भा आप मान रहे हो ना आप आदेश तो बताइए आदेश क्या है आदेश की बात आपने कहा गीता का ज्ञान काल ब्रह्म भगवान ने दिया है सर आदेश बताइए ज्ञान का आदेश बता दिया गीता का ज्ञान कृष्ण परमपिता विष्णु ने दिया है दिया है वो ज्ञान क्या दिया है यह बताइए आप पहले हमय जान रहे हैं गीता कहने वाला कृष्ण है या काल है कृष्ण से अलग क कृष्ण भगवान ने दिया जन ज्ञान क्या दिया य बताइए आप अरे क्यों क्यों बताए यह बात खत्म हो गई क्या पहले इसको मानो कृष्ण दिया है मैंने मान लिया कृष्ण भगवान ने दिया और बताओ तो यानी की तुम्हारे तत्वदर्शी झूठ बोल गलत बोलते हैं
02:51:19:22 आगे तो बताइए सर क्लियर करूंगा ना मैं आ आगे कैसे बताए अरे तुमने मान लिया आपने मान लिया आपने मान लिया आप चैनल के एडमिन है ऐसा नहीं है कि आप जो बोल े वोही होगा देखिए देखिए कोई एक बात जब चालू होती है तो उसको पूरी करेंगे फिर हम आगे बढ़ेंगे तत्वदर्शी तत्वदर्शी नहीं है क्या जो ये बोल रहा है कि गीता ज्ञान दाता अलग है मैं दिखा देता हूं गीता ज्ञान दता अलग कह रहा है मिनट एक मिनट आपने कैसे मान लिया पहले आपको ये मानना पड़ेगा ना ये तत्वदर्शी नहीं है चलो चलो बताइए बताइए देख लो ज्ञान बताइए पहले मेरे को वो ज्ञान क्या दिया अभी अभी देखिए एक एक टॉपिक प बात होती है ऐसे बात नहीं होती है ब बढ़ गए आगे मान लिया चलो ऐसे थोड़ी ना पहले तो कबूल करो ना बताइए बताइए बताइए उनको शांत रहने को कहिए ये देखिए इसमें ये बता रहे हैं कि गीता ज्ञान देने वाला कौन है आपके तत्वदर्शी बता रहे जी [संगीत]
02:52:35:02 बताइए यह देखिए शांति से बात होती है सारी ऐसे नहीं है आराम से क्या ख आपके तत्वदर्शी क्या लिखा है सर जीने नहीं कहा जी ने नहीं हा जी तो बताइए सर क्लियर कर दू प्रश्न क्या है आपने कहा चलो मान लिया क कृष्ण ने ही कहा है मान लिया तो इसका मतलब आपने मान लिया कि तत्वदर्शी नहीं हैय गलत लिख रहा है य पर मान आगे तो चलिए आगे नहीं चलते हम इसको क्लियर करिए आगे नहीं चलते पहले इसको क्लियर करिए आप अरे सर आगे चलोगे जभी तो समझ में आएगा बात कोसे च हमको ये सिद्ध करो कि गीता का ज्ञान बोलने वाला जो है कृष्ण से अलग कोई काल है हम यह सिद्ध करेंगे कि गीता ज्ञान बोलने वाला कृष्ण ही है कृ कृषण से कृष्ण से गीता बोलने वाला कृष्ण से अलग हैय तो इसका मतलब चर्शी तुम्हारे गलत बोल रहे हैं यहां पर कबीर जी बोल रहे सुनो मेरी बात
02:53:50:09 अभी रामपाल जी महाराज बोल रहे इस किताब में एक भी शब्द अपना नहीं लिखा हुआ पहली बात तो ये है मैं ये पूछ रहा हूं कबीर जी गलत बोल रहे हैं कि तुम्हारा तत्वदर्शी गलत बोल रहा है अभी इसमें हमारे तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज एक शब्द भी गलत नहीं बोल सकते और ना ही अपनी तरफ से कोई उसम उल्लेख है आप जा सकते हैं आपसे बात करके ठीक नहीं लगा हमें आप जाइए आपकी बात सु ये इसीलिए आते हैं अपना वो प्रवचन शास्त्र नहीं प्रवचन सुना के जाएंगे शास्त्र से कुछ नहीं है इसको जरा अंडरलाइन कर लू इनकी तरह वो लेकर बैठता
02:54:33:14 हूं आपके परमपिता भगवान विष्णु और कृष्ण इन्होने अपनी किताबों में इतना दे दिया हमको कुछ और खोलने की जरूरत ही नहीं है [संगीत] इसके अनुसार भक्ति करके मोक्ष को प्राप्त करोगे हां अभिनव जी आप जा सकते हैं आपके पास कुछ है नहीं बात करने को देख लिया ठीक है अच्छा अच्छा तो नहीं लगा क्यार
02:55:18:14 इनको जोड़ो भाई सूरज डांग जी हो कोई और कोई हो तो हां बताइए सूरज दांगी जी जय श्री राम जय श्री राम सर जी आप जैसे भी बता रहे थे कि तत्वदर्शी की क्या पहचान है आप अपना परिचय दे दीजिए पूरा मैं डिस्ट्रिक्ट राजगढ़ से बोल रहा हूं एमपी राजनीतिक परिचय नहीं आध्यात्मिक परिचय संत रामपाल जी महाराज का फॉलोअर्स हू मैं अच्छा ठीक है बताइए हमारे कुछ मोटे मोटे से प्रश्न है जैसे कि आज की जो डिबेट है व इस बारे में है डिबेट नहीं चर्चा जो है वह इस बारे में है कि एक बात उठाई गई हमारे द्वारा मेले में जाकर के कि दुर्गा माता के साथ दुराचार लिखा हुआ है आपकी किताब में ज्ञान ज्ञान गंगा में लिखा हुआ है दुराचार तो क्या वह किसी शास्त्र में लिखा है नहीं वो मैं बताऊंगा आपको
02:56:33:19 मैं अभी वो बात नहीं लेकिन इससे पहले आपकी बात इससे पहले आपकी बात चल रही थी कि तत्वदर्शी की क्या पहचान है चलो ठीक है उसी प आ जाओ चलो बताओ क्या पहचान है तो अभी आपकी एक पहले किसी से बात हो रही थी किसी भगत जी से कि 34 का वो श्लोक है उसमें बताया था उन्होंने हां तो आपने पूछा था कि तत्वदर्शी की क्या पहचान है हां तो गीता अध्याय 15 के एक से चार में कहा है अरे मेरे भाई मैं जानता हूं क्या कहा है पहले उस श्लोक को आप पढ़ो तो क्या लिखा है श्लोक में 44 लिखा है उदव मूलम अदम शकम वो जो लिखा है उ हिंदी हिंदी पढ़ो भाई हिंदी हिंदी पढ़ लो क्या लिखा उ लटके उल्टे लट मेरे भाई चार 34 में क्या लिखा है 15 के एक से एक से चार की बात करर में क्या लिखा है मेरे भाई चार चौ से मतलब नहीं है क्या मतलब है लेकिन तत्व दर्शी संत बताएगा ना वो तोर तो च 34 को तो पढ़ लो पहले जब उससे मतलब है तो उसी के बाद तो जाओगे 15 प
02:57:48:22 15 से एक से चार को नहीं पढ़ना है क्यों नहीं पढ़ोगे क्यों पढ़ रहे हैं ये तो बताओ तुम्हारे तो यहां बारबार लिख रहे हैं ना 4 34 4 34 आप मुझे एक प्रमाण दे दो कि एक से चार में किसने बताया है कि उल्टा लटका हुआ संसार रूपी वृक्ष किस महापुरुष ने समझाया आज तक अगर दे दिया तो मान जाओगे हां मान जाएंगे ना बताओगे किसी ने पूरा वेद वेद के अनुसार पूरा उल्टा लटका हुआ संसार रूपी वृक्ष का पूरा व्याख्या वृक्ष की व्याख्या की है कि नहीं यह हम आपको प्रमाण दे रहे हैं उल्टे वृक्ष की व्याख्या की है कि नहीं ठीक है
02:58:41:22 [प्रशंसा] [संगीत] जय दयाल गोविंद का की भगवत गीता है तत्व विवेचन इसमें इन्होंने उल्टे वृक्ष की व्याख्या की है ठीक है यह देख
02:59:41:12 लीजिए और इस दुनिया में आपकी जो रामपाल के द्वारा जो व्याख्या वो बाद में हुई है पहले इनकी आई है व्याख्या अब बताइए क्या करे क्या व्याख्या की है उसमें बताइए ना थ है इसकी टेनिया इसके पत्ते हैं यह सब व्याख्या और क्या है अरे क्या व्याख्या क्यों कर रहे हो उल्टे वृक्ष के रूप में किसी ने ज्ञान दिया वो है अब वो तुम्हारे शब्दों में ही हो आवश्यक नहीं है ना तुम जैसा चाहो उसी शब्द में हो वो आवश्यक थोड़ी ना है उल्टे इन्होने भी व्याख्या की है इन्होंने भी चित्र बना के बताया है उल्टा वृक्ष का मतलब आपको मानना नहीं है कि गीता का ज्ञान काल ने दिया है आपको अच्छा चलो गीता का ज्ञान काल ने दिया य आप मानते हो इसीलिए तो ज्यादा मतभेद है इस चीज का कि आप लोगों को ये समझ नहीं आ गता का जन आप मानते हो किसने दिया गीता का ज्ञान काल ने दिया है श्री कृष्ण से अलग किसी काल ने दिया है ये आप मानते हो श्री कृष्ण हां उनके शरीर में प्रवेश करके दिया ना
03:00:56:21 अरे काल ने दिया श्री कृष्ण ने नहीं दिया ना उस कुछ ज्ञान श्री कृष्ण ने दिया कुछ ज्ञान काल में प्रवेश करके वो श्री कृष्ण का ज्ञान नहीं था ना मैंने कहा क्या क्या कहा कि पूरा ज्ञान काल ने नहीं दिया है कुछ ज्ञान श्री कृष्ण जी ने बोला है बाकी क लिखा ये आपकी किताब में कहां लिखा है इस एक मुझे पता नहीं है लेकिन उसमें लिखा है कि मैं बड़ा हु महाका बात होती है आप कह रहे हो थोड़ा बहुत ज्ञान कृष्ण ने भी दिया है यह कहां लिखा है महाभारत के युद्ध में कहा है आपकी गुरु की किताब में ये लिखा है लोगों को नाने के लिए प्रवत आप आप इसको देखिए पहले गीता भवान कृष्ण ने नहीं काल ने दिया है तो काल ने दिया है ना उनके शरीर के अंदर प्रवेश करके मना पहले आप अपनी एक बात वापस लीजिए कि थोड़ा बहुत कृष्ण ने भी दिया है इसको वापस लीजिए यह आपके गुरु की बात नहीं है है तो दिखाओ क लिखा है ये आपके गुरु ने कहीं कहा है क्या कि गीता का ज्ञान
03:02:12:00 थोड़ा बहुत कृष्ण ने भी दिया है यह नहीं कहा है लेकिन काल ने इसका मतलब तो निकलता है कि काल ने कुछ भी नहीं दिया है ज्ञान वगैरह कुछ भी अरे भाई आप क्या मानते हैं यह बताइए पहले काल ने दिया है कि नहीं दिया है काल ने दिया है ना मानते हैं हा चलो ठीक है अब ये पढ़ लो मानना नहीं उसम तो लिखा है ना कि मैं बड़ा हुआ महाकाल हूं अरे भाई अभी मैं कुछ पूछ रहा हूं वो देख लो दिखाओ इनको बड़ा करके क्या लिखा है
03:02:49:19 पढ़ो पढ़ो पढ़ रहा हूं मैं दिखाई तो नहीं दे रहा है लेकिन आप बताओ ना मुझे पढ़ के क्या हो रहा है इस क्या लिखा है कबीर कह रहे हैं आपकी ज्ञान गंगा में 3 में प्रश्न के उत्तर में कबीर कह रहे हैं जिंदा बाबा हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर्फ विष्णु जी का आदेश है इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष को प्राप्त हो जाओगे यह गलत है क्या यह ज्ञान गंगा गलत है क्या कबीर कबीर जी गलत है क्या इसको समझने के लिए तत्वदर्शी संत के पास जाना पड़ेगा आपको अभी फ फालतू बात फिर फालतू बात हो गई हो गई जय जय हो गए अब निकल आ उसमें कहा है ना कि तत्वदर्शी संत बताएगा जाने के लिए अ तत्वदर्शी से पूछ आए ना कि काल ने कहा है पूछ आ है कि नहीं पूछा है तत्वदर्शी संत बताएगा नाय ये तो तत्वदर्शी बता रहा है ना ये कौन बता रहा है यह बता रहा है हे धर्मदास गीता शास्त्र आपके परमपिता भगवान कृष्ण उर् विष्णु
03:04:05:02 जी का आपको आदेश है इसके अनुसार भक्ति करोगे तो मोक्ष को प्राप्त होगे हम हां क्या करें इसका फाड़ दे इस पन्ने को बताओ जल्दी बताओ त दर् का य पन्ना फाड़ दे क्या बोलो बोलो फाड़ दे नहीं नहीं सम्मान है बोलो अरे सम्मान है कि नहीं बोलो इस पन्ने का सम्मान है कि नहीं अरे कुछ चीजें पकड़ ली आपने बस वही वही दोहराना इसके अला नहीं है कुछ अच्छा ऐसे ही मैं बोल दू कुछ चीजें पकड़ ली है उत्तर नहीं है ना कोई किसी बात में जब उते हो ना फ बा करते ये चीज मैंने देखा है देखता हूं आप ठीक है अब मत देखना अब मत देखना मैं आपसे पूछ रहा हूं इस पन्ने में गनत लिखा है क्या हेलो हेलो
03:05:07:26 हेलो क्या नेटवर्क नहीं है क्या चलो अब तीन घंटे की हो गई मेरा गला भी बैठने की र है ठीक है भैया श शिवा जी जैसे ये पूछ रहे थे ना वो कह रहे मैं बड़ा हुआ काल हूं तो इनको ये पूछना था कि वो दोहे वानिया किसने बोली हैय कन्फर्म किया करो साथ के साथ इनको काउंटर क्वेश्चन बहुत जरूरी है इनको और साथ में फिर वो आपके पास है ही है नहीं बड़ा हुआ काल का तो इनका ये मामला है किय अप गीता में द जगह लिखे बैठे हैं कि काल अपना वास्तविक स्वरूप किसी को नहीं दिखाता तो फिर कैसे दिखा रहा है निकल के बाहर सही बात है अ धागे खोल दिएरे इनका मुह इ की किताब बंद करेंगी सही बात हैय रात भर सोएंगे नहीं कोई ल देख चेहरा कैसा है देख जो व्यक्ति आया था रात
03:06:23:08 रात भर सोए नहीं एक झूठ को छिपाने के लिए 100 झूठ बोलने पड़ते हैं य पहा क रहे काल ने दिया परने दिया इनके तत्वदर्शी के अनुसार कबीर कह रहे परम पिता पहली बात परम पिता परम पिता विष्णु और कृष्ण ने दिया अब हमें अपना कोई ग्रंथ खोलने की आवश्यकता ही नहीं है फिर ज जय श्री राम कालने दिया कुछ कृष्ण नेया क्या काल इतना सक्षम नहीं था कि वो जो कुछ कृष्ण ने दिया वो भी दे देता अपने सुनो अपने मत के रक्षा के लिए अपने गुरु का भी खंडन कर देंगे आके बोल रहे थोड़ा बहुत कृष्ण ने भी दिया है
03:07:20:10 जिसने इतना सब दे दिया वो थोड़ा सा और दे देता 90 प्र दे दिया तो 10 प्र और दे सकता था फिर आ गिर आ सुनो वैचारिक मतभेद के लिए अभी मत जुड़ बाबूराम फ फिर कभी जुड़ना टाइम हो चुका है 10 अब थोड़ा हमको ले लीजिए भैया हा बोलिए बस कुछ वैसे बताइए मैं आज कैसा लग रहा हूं ककती ठंड है तो आज पहना हुआ है आपने बहुत बढ़िया आज नारद जी के जैसे लग रहे हो आज अरे आज थोड़ा ठंडे पानी से नहा के निकले इसलिए
03:07:58:22 एकदम बढ़िया तो हर हर महादेव जय श्री राम सभी को आज पहले जो मैंने आपका शॉर्ट देखा वो जो पुस्तकों का यन हुआ तो बहुत सारी शुभकामनाए आपको अब बस अशोक वाटिका आज उजड़ी है कल धीरे धीरे कल पूरी लंका भस्म होगी आज अशोक वाटिका उजड़ी है ये बात सही है लंका दन से आद है जो प्रयागराज का जो हो रहा है तो आज हमारे प्रधानमंत्री योगी जी और मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी जी भी आज गए थे प्रयागराज में आज जो अच्छा सा मतलब उसका जो हो रहा है प्रयागराज का महाकुंभ जोब आने वाला है तो वहां पर जो बड़े हनुमान जी का मंदिर है आपने किए होंगे दर्शन वहां भी तो वहां पर भी देखा अच्छी खासी एकदम भव्य पूजा हुई है तो इस बार महाकुंभ हो रहा है 12 साल में एक बार होता है तो इस बार शंकराचार्य जी फिर आए तो सार सी बात है आप भी आएंगे फिर वहां पर प्रयाग में ठीक है प्रभु कृपा करें हमारा मिलना जरूर होगा और आज तो मैं यह कहूंगा आज कुछ ज्यादा ही आज आपका रद रूप हमको दिखा भैया सच बोलू तो मेरे को आज आपसे बात करते वक्त भी डर लग रहा था जुड़ने से पहले कि आपसे कैसे बात करूंगा और एक रिक्वेस्ट है भैया थोड़ा सा आप थोड़ा आप य अ अ सब क ये सब मत बोला करो आप पर ये शोभा नहीं देता भैया जी
03:09:17:15 ऐसा है ना कि आता ताई जो होता है मनुस्मृति में एक श्लोक है आता ताई जो हो उसको यथावत तुरंत जितनी हो जितना जल्दी हो सके उसको रोक दो अगर नहीं रोकोगे तो आता ताई आपके लिए घातक है और आपने तो वाल्मीकि रामायण पढ़ी होगी जी उसम जब ूप नका आती है ना जी जी गल गलत उससे तो फिर वहां पर हां तो वहां पर जो श्री राम है उसके साथ फिर थोड़ा बहुत व विनोद भी करते हैं है ना तो उस भाव में दुराचार के साथ फिर उस तरह का विना न मान जल्दी जड़ गए तीन दिन बत बोले
03:10:10:24 राम और एक ची आप और बता देंगे हां अब जैसे ना भैया अब मैं अब मैं आप ही के साथ जुड़ा करूंगा लाइव में ये मैं अमित दास जी के साथ बहुत बार जुड़ा अभी पिछली बार जब मैं जुड़ा था ना मेरी गीता पर थोड़ी सी डिबेट हो गई थी इनसे इन्होंने पता है मैंने य अब ये जो ये 18 अध्याय का जो 6वा श्लोक है जो व शब का इतना हुआ बनाए हुए हैं तो ये जो इन्होंने बोला कि उनका जो अर्थ क्या कि मेरी समस्त पूजा को मुझ में त्याग कर उस परमेश्वर की शरण में जा तो उससे पहले का जो 65 वा श्लोक है उसमें भगवान ने यह बोला है कि मन मना भव मद भक्तो मध्या जीवाम नमस करू माम वैश सत्यम ते प्रति जाने प्रियो में उसका मतलब मेरा भक्त बन मेरा पूजन करने वाला हो और मुझको नमस्कार कर ये सेम उन्होंने वो नव अध्याय के आखरी में भी उन्होंने ये बोला ये वाला तो अभी अब एक लोक में तो एक श्लोक में वो कह रहे हैं कि मेरा भक्त मेरी पूजा कर फिर उसके आगे अर्थ बदल ना है कि उसकी शरण में जा मेरी पूजा को त्याग कर किसी दिन आने तो दो पट्टे में किसी दिन पट्टे में आने तो दो यहां आते नहीं ना ना फोन करते हैं एक चीज काना थोड़ा सा भैया मेरे को भय है आप उसका निवारण कर दो तो अब अब जैसे आपको तो पता ही है मेरे इष्ट हनुमान जी हैं तो अब जैसे
03:11:26:04 उसने हनुमान जी पर सवाल उठाए हनुमान जी की भक्ति पर तो मैं तीन चार बार उसे जुड़ा तो मुझको मतलब जो इष्ट की निंदा करया जो मतलब प्रश्न उठाया उसके साथ जुड़ने से जो मतलब दोष लगता है तो क्या व मुझको कैसे मतलब प्रश्चित करूं उसका मैं आप जुड़े थोड़ी ना थे उससे आप तो प्रतिकार के लिए मत एक संग तो हुआ ना फिर भी एक हु नहीं नहीं क से हुआ वो तो आप प्रतिकार के लिए गए थे जी आप जुड़े थोड़ी ना थे उससे जुड़ना तो तब माना जाएगा जब आप उसका समर्थन में आप वहा जाए अब अगर श्री राम ने अंगत को वहा पर बात करने के लिए भेज दिया तो क्या श्री राम जुड़ गए थे क्या रावण से नहीं जुड़े नहीं वो आप आप उसका प्रतिकार करने गए थे ठीक है अगर किसी की माता जी ने निष्ठा पूर्वक पिलाया हो दुग्ध पान कराया हो तो वो हमसे संपर्क कर सकता है वैचारिक मतभेद के निमित्त और आकर बताए मति पूजा का मूर्ति पूजा का ये लोग इतना खंडन करते हैं मूर्ति पूजा को भगवान के भोग लगाने को यह लोग इतना ये बोलते हैं मैं इन लोगों से पूछता हूं कि आप जो अपने गुरुजी के शरीर का दूध से अभिषेक करके उसका प्रसाद बना के खाते थे क्या वह शास्त्र सम्मत है वो कौन से ग्रंथ में लिखा है कि अपने गुरु का दू से अभिषेक करके उसकी खीर बना के खाओ
03:12:41:06 अरे विशाल इनका तो इस समय जो तंत्र चल रहा है ना वो भी अशा स्त्रीय है क्योंकि इनके यहां जो गुरु ा इस समय एलईडी के माध्यम से हो रही है वो सब पूरा शास्त्र विरुद्ध चीज है कुछ नहीं है और सुनो इन्होने आज तक इसका जवाब नहीं दिया है आज य लोग अपनी ची बटोर लेते इसका मुझे मिल जाएगा इसके बारे में बोल दू हम इनके जितने भी चीज बोलते सबका जवाब देते हैं और इनकी तरफ से पॉट का लेकर के जवाब नहीं मिलता कभी जैसे अभी ू भाई अभिषेक ने जो वीडियो बनाया है उसम इसने सीता सीता माता वाले प्रकरण में जो बोल सकता था वो तो बोला मगर व वही पर दुर्गा जी के साथ दुराचार हुआ बोला ही नहीं उसको पी गया उसका तोसी ग्रंथ में बेसी नहीं है कि वो काल ने बलात्कार किया वो क लिखा ही नहीं पुराण में
03:13:42:03 दिखा जी सर जी जी दुर्गा दुर्गा जी का जोव है म के लिए हुआ था वो उनके तेज से हुआ सारे देवताओं के सध बात है सबको पता है बात शास्त्रों में लिखा फ इर उर घूमने की जरूरत ही नहीं है जी अब इनम से किसी के वो नहीं है क्योंकि इनके इनके इनके जो तथाकथित जो है जेलम निवासी तत्वदर्शी वही इनका इंतजाम करके गए हैं बहुत ज्यादा देर नहीं लगती अब पहले थोड़ा ज्यादा देर लगती थी अब आपका नाम सुनकर तो इन की ऐसी है जैसे राधा रानी का नाम लेने से आर्य समाज योगी जलती है हनुमान जी का नाम लेने से राक्षस योगी जलती है आज तोड़ना चाहूंगा तोड़ना चाहूंगा इनका अगर अगर आज क श श्री अगर आज हम कहना श्री शिवास जी तो ये इनके ऐसे जलेगी जैसे रावण को रावण के सामने कता श्री राम जी क्यों बोल रहे हो वो काम हो बहा बो
03:14:47:20 इनके गुरु के ऊपर बात आती है कि वो जेल में क्यों बैठे हैं तो इनका वहां से कांटर क्वेश्चन आता है कि महात्मा गांधी भी जेल में गए थे भगत सिंह भी जेल में गए थे फलाना फलाना जेल में गए इसका एक सटीक सा उत्तर आंसर यह है कि उस समय राजतंत्र था वहां पर राजाओं की चलती थी उस समय लोकतंत्र नहीं था कांस्टिट्यूशन नहीं था कानून नहीं था अभी अभी के टाइम में अगर प्रधानमंत्री कहे किसी को कि इसको अंदर कर दो तो वो अंदर नहीं होगा बिना सबूतों के आधार पर उस समय क्या था अगर राजा कहता था कि इसको अंदर करो जेल में डालो तो उसको जेल में डाला जाता था ये नहीं पूछा जाता था कि क्यों डालना है इसको इसका और भी सटीक उत्तर यह है जो यह वाला उदाहरण दे रहे हैं कि महात्मा गांधी और भगत सिंह तो भाई हम इन्ह पूर्ण परमात्मा नहीं कह रहे जी नहीं आधुनिक तौर पर एक बार जवाब दिया जाए तो आधुनिक वो तो है ही आपने सही दिया मगर जो अंतिम जो जवाब है वो यही है कि हम उनको महात्मा गांधी को कोई पूर्ण परमात्मा त दर्शी नहीं बोल रहे हम भगत सिंह को पूर्ण परमात्मा तत्वदर्शी नहीं बोल रहे तुम बोल रहे हो जो जेल में बैठा हुआ है उसको पूर्ण परमात्मा का अवतार और तत्वदर्शी तुम बोल रहे हो हम नहीं बोल रहे इनको तत्वदर्शी और परमात्मा का अवतार तुम बोल रहे हो बिल्कुल तो तुम अगर बोल
03:16:02:25 रहे हो पूर्ण परमात्मा का अवतार तो उसको फिर कहोगे सलाख कोयो जैसे जानी दुश्मन में सनी देवल नहीं कर देता है लास्ट में वो करके बाहर आए अरे कल तो मैं पद्म पुराण पढ़ रहा था अभी ये फैक्ट बा अभिषेक ने पद्म पुराण पर वीडियो बनाया कल मैं पद्म पुराण पढ़ रहा था पद्म पुराण के स्वर्ग खंड में आप पढ़ेंगे ना तो उसमें प्रयागराज की महिमा बताई गई है काशी और प्रयागराज की आप पढ़ना उसको उसम जब महाभारत का युद्ध हो जाता है युधिष्ठिर जी को मोह हो जाता है कि मैंने राज्य के लिए अपने परिवार को मरवार डाला तो मारकंडे ऋषि आते हैं उनको प्रयागराज की महिमा बताते उसमें बता है ब्रह्मा विष्णु महेश के लिए क्या लिखा हुआ है कि ब्रह्मा विष्णु महेश इस समस्त ब्रह्मांड के स्वामी और अविनाश है अविनाशी परमात्मा है अविनाशी ब्रह्मा विष्णु महेश और ये मैंने गीता प्रेस की संक्षिप्त वाली पद्म पुराण से पढ़ा है मैंने ये अब आपको एक बात और बताऊं जहां जहां पर काल के लिए जिसको ये कहते हैं वो श्री कृष्ण से अलग है परम शब्द की बात आई है परम शांति की बात आई है तो ये ये कह देते कि हां वो उस लोक का परम है उस लोक में सबसे परम वही है ठीक है ये लोग ये कह देते हैं तो यहां पर क्वेश्चन ये बनता है कि जिस
03:17:18:00 लोक में सबसे परम काल है क्या उस लोक में कबीर एजिस्ट नहीं करता है और अगर एजिस्ट करता है तो वह तो काल से परम हुआ तो तुम यह कैसे कह सकते हो कि उस लोक का सबसे परम भगवान काल ही है अगर तुम्हारे अनुसार काल परमेश्वर नहीं है बल्कि उस लोक का परमेश्वर है जिस लोक की बात हो रही है तो क्या उस लोक में कबीर का एक्जिस्टेंस नहीं है कबीर का कबीर की सत्ता नहीं है और अगर कबीर की सत्ता है वहां भी तो तुम कैसे कह दोगे कि नहीं उस लोग का स्वामी तो काल है हर लोक कोई भी लोक है अगर कबीर परमेश्वर है तो यह नहीं कहा जा सकता कि किसी भी लोक का परमेश्वर या उस उस लोक का स्वामी जो है वोह काल है अगर कबीर पूरे ब्रह्मांड का पूरी सृष्टि का रचयिता है तो काल भी जहां का पर्टिकुलर नेता है आपके अनुसार वहां का भी वास्तविक मूल स्वामी कबीर ही हुआ तो आप उसको परम नहीं कह सकते काल को नहीं यह लोग कहते हैं कि व बटवारा कर दिया है कुछ दिन बाद आप देखिएगा कुछ दिन बाद आपके माता जी
03:18:33:00 जब निष्ठा पूर्वक आपको दुग्ध पान करा दे तब आप आ जाइएगा आपको बचपन में शायद मिला नहीं होगा चलिए आप य रामपाल को य पर जो भव्य शर्मा जी है जोय चैनल चलाते हैं वो आर्य समाज को धो रहे हैं इस वक्त वो लाइव है क्या नहीं भ भव्य शर्मा जी जो है ना आज उन्होंने फिर वीडियो बनाई थी और आपने पता है वो वीडियो बनाई थी ना वो जो आय समाजी वो एक बड़ा धारता है मन से ऐसे ढीली ढीली आवाज में बात कर रहा था ना आपसे आपने जिस दिन वो वीडियो डाली थी 26 नवंबर को उसी दिन मेरा जन्मदिन भी था से और प्रेमानंद जी से इनको शास्त्र करना चाहिए वृंदावन में जाकर आ समां को
03:19:18:21 चलिए ठीक है समय देने के लिए धन्यवाद और ये जितने भी चैनल है जो वीडियो बना रहे हैं वह अगर हमसे यह यह जो कौन है ठाकुर है जो महिला है कान से भी य भी कानपुर से दुर्गा ठाकुर कीय जो है जहा से मैं कानपुर से अच्छा हा मैं भी कानपुर से वो भी कानपुर से तो हां भव्य लव भारत नाम से चैनल है उनका व और दूसरी बात ये है कि कोई भी यह फय जो झूठा भाई अभिषेक है जेल कट्टू का चेला ये अगर उसके साहस है इसके अगर और इसको अगर बात करनी है तो किसी मध्य क्या स्थान पर हम लोग बात कर सकते हैं अगर तुझ में डर नहीं है वास्तविक तेरे को ज्ञान है तेरे गुरु से मिला हुआ तो तू फोन मिला 7483 6 पर और हम लोग ना हमारे चैनल पर ना तेरे चैनल पर बात करेंगे और यही बात एमपी खबर फास्ट वाले से कहना चाहूंगा चश्मिश से वो कौन है क्या नाम है उसका हेमंत दास हेमंत दास भाई तू
03:20:33:21 भी जो है फोन मिला और तेरे चैनल पर नहीं आएंगे हम लोग बीच के किसी चैनल पर बात करेंगे समझ गया ठीक है ये शायद वही थ जो उस दिन मेले में मिले थे आपसे पिछले साल कौन वो जो वो जो एक विद्ध व्यक्ति नहीं था वो जो आपसे लड़ रहा था वो पिछले साल मेले में बुक स्टॉल में वो शायद वही थे हेमंत दास मुझे ऐसा लग रहा नहीं नहीं वो नहीं लक्ष्य को जोड़ दीजिए लक्ष हमारे छोटे भाई है आ चलिए इनको जलने दीजिए हम अपना महाकम संगम में अपना नहाते हैं मस्त लक्ष त्रिवेदी जी जय श्री राम जय श्री राम ज सादर नम पार्वती पते हर हर महादेव ह हर
03:21:18:00 कोई विशेष बात लक्ष्य छोटे भाई हमारे लक्ष त्रिवेदी बस इसी प्रकार बस इसी प्रकार और विजय का परचम लहराते हुए और भी ऊंची शिखर पर पहुंचे सभी लोग धर्म की रक्षक के रूप में सभी लोग धर्म की रक्षा करें और आवाहन धर्म का सभी लोग समर्थन करें और धर्म का आवाहन करें चलिए बहुत बहुत आभार आपका जी आपने जो अपने लोगों पर आपने आपका जो लोगो है आवान धर्म रक्षा उसमें जो आपने हनुमान जी का वो जो वर्ल्ड फेमस फोटो लगाया है ना जिसमें वो शंख नाथ करते हैं वो मुझे बहुत अच्छा लगा वो मतलब वो सनातन धर्म की वो पूरी प्रत्यक्ष वो साक्षात जो हम जानते हैं वो उसका पूरा अनुभव कराता है आपके वो हनुमान जी का वो शंख ना जो हम उसम लोगों में देखते हैं बहुत बढ़िया चलिए सभी को ज हनुमान यतो हनुमान जय जय श्री राम सियावर राम की जय जय जय जय हनुमान गुसाई कृपा करो गु सभी को जय श्री राम [संगीत]
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क्या सतलोक आश्रम सभी भक्त शैतान की औलाद है ? #तत्त्वदर्शीसंत #rampaljimaharaj
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