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00:00:04:17 [संगीत] सभी को जय श्री राम और आज हमारी जो रामपाल विषयक कई सारी चर्चाएं हो चुकी हैं अभी तक उसी क्रम में एक और महत्वपूर्ण चर्चा है आज आज का हम लोग समय पर आ जाते पर जो आज हमारे जो आगंतुक हैं जो आने वाले हैं लाइव में संभवत उन्हें ठीक से संचालित करना नहीं आता है। YouTube में लाइव स्ट्रीम को कैसे ज्वाइन करते हैं? तो इस कारण से उन्हें दिशा निर्देश देते हुए और थोड़ा सा समय भी लगा और उसको अभी भी हमारी टीम जो है जो व्यक्ति हैं जो आने वाले हैं उनको अभी भी हमारी टीम निर्देशित कर रही है कि वह किस प्रकार से जुड़ सकते हैं लाइव में। तब तक हम और आप कुछ बातें कर लेते हैं। हर्ष झा जी शिवश के तेज से तप गया अधर्म लाख करे प्रचार असत कि मगर जीत रहा है धर्म वाह

00:01:20:16 क्या बात है ठीक है अच्छा वो आ गए हैं जुड़ गए हैं जी आतिश जी अपना कैमरा ऑन कर लीजिए जय श्री राम। जय श्री राम। जी आदेश जी पहले अपना परिचय दे दीजिए दर्शकों को अपने बारे में बता दीजिए। आपका नाम वगैरह और आपका जो आध्यात्मिक बैकग्राउंड है किस प्रकार से आप रामपाल जी से जुड़े हुए हैं? मेरा [गला साफ़ करने की आवाज़] नाम आतीश कुमार है। मैं बिहार से बिहार वैशाली के रहने वाला हूं। मैं रामपाल जी से मेरे पापा के द्वारा जुड़ा था। हां हां जी। अच्छा कब से जुड़े हैं? जुड़ा तो मैं 2022 में ही हूं लेकिन मैंने छोड़ दिया था बीच में लेकिन मेरे पापा नहीं छोड़ पा रहे हैं अभी।

00:02:26:02 आपने छोड़ दिया? जी छोड़ दिए। अरे आपने छोड़ दिया। अच्छा कब छोड़ा? पापा नहीं छोड़ पा रहे हैं। आपने कब छोड़ा है? मैं तो यही 2023 में छोड़ दिया था। क्या कारण रहा छोड़ने का? उसमें बोला जाता था कि जिस भगवान के बारे में गलत सलत बोलना नहीं मानना नहीं मंदिर में जाना है नहीं पूजा करना है किसी भगवान में बिलीव नहीं करना है यही सब थोड़ा तेज बोलिए

00:03:05:15 ये हटा दीजिए आप इसमें आवाज अच्छी नहीं आती ये हटा दीजिए आप इसमें आवाज ठीक नहीं आती बोलिए। बोला जा रहा था कि भगवान कुछ नहीं है। उनका नाम नहीं लेना है। [गला साफ़ करने की आवाज़] गलत है। नहीं मंदिर में जाना है। ये सब ढकोसलाबाज है। नहीं तो आपको कैसे पता लगा? वो तो मैं जानता हूं। कैसे पता लगा? जी। जी बताइए।

00:03:43:22 धीरे-धीरे जानते हुए पता चला मन नहीं लगता था उसे पूजा करने में चाहे कुछ भी करने में। अच्छा जी तो आपने हमारा फॉर्म क्यों भरा? वही पापा को आती करने के लिए। पापा नहीं छोड़ पा रहे हैं। तो पापा को भेजना चाहिए था। आप तो हमारी साइड ऑलरेडी आ चुके हैं। जी क्या चाहते हैं हमसे आप बताइए सोनी को थोड़ा सा कन्वेंस करने के लिए समझाने के लिए नहीं मानते हैं पापा को आपके पिता श्री को कन्वेंस करवाना चाहते हैं हमारे द्वारा वो तो तभी होगा ना जब हम उनसे बात कर पाएंगे मैं सोचा था एकदम मैं बात कर लूं उसके बाद दूसरी बार पापा को बात करवाऊंगा। अरे तो ठीक है आप बात कर सकते हैं मगर आप फोन पर भी बात कर सकते थे क्लास में आ सकते थे इस तरह से लाइव आकर के कोई औचित्य ही नहीं है क्योंकि ये लाइव जो रखा जाता है वो इसलिए रखा जाता है कि जो सहमत नहीं है जी वो किन पक्षों में उनकी क्या बात है हमारी क्या बात है उस पर चर्चा करने के लिए रखा जाता है। अब आप तो सहमत हैं।

00:04:59:10 [गला साफ़ करने की आवाज़] अच्छा सुबह से जब आपसे जब से बात हो रही थी तो आप इस तरह से आपकी आवाज में एक बात थी जैसे मुझे डाउट हो ही रहा था कि आप मुझे ऐसा लग ही नहीं रहा था कि मैं किसी रामपाल के पक्षधर से बात कर रहा हूं। मुझे ऐसा लग रहा था कि जो भगवान के सभी जो वैदिक स्वरूप है उनको मानने वाले से ही बात कर रहा हूं। और किसी पाखंडवाद से जुड़े हुए व्यक्ति से बात नहीं कर रहा। जब से मैं सुबह से बात कर रहा था पर इतनी ज्यादा व्यस्तता थी कि [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं जो है आपसे इस बारे में जिक्र नहीं कर पाया। फिर भी कुछ मोटी मोटी चीजें बताएं। जैसे आपको क्या-क्या पता लगा रामपाल जब वहां पर रहे हैं तो क्या है? क्या-क्या पता लगा? थोड़ा प्रैक्टिकल बताएं जिससे जनता समझ पाए। दर्शक जो है समझ पाए चीजों को। एक तो वो तो जीव है अपने आप को भगवान मानते हैं। मतलब आप भगवान है तो आप स्वयं को भगवान मानते हैं। जी अपने आप को ही पूरा करवाते हैं। अच्छा

00:06:08:00 और बहुत सितारे हैं। ये जो ब्रज ब्रज शब्द का अर्थ बताया जाता है अपने मन से। जी ब्रज कि 1866 में भगवत गीता भगवान ने कहा मेरी शरण से जा इस बारे में कुछ पता है आपको कि नहीं नहीं ये सब बारे में पता नहीं अच्छा तो फिर भी कुछ और ऐसी चीजें जो आपको ठीक ना लगी हो कुछ भी वो आप बता सकते हैं बहुत सारे चीज ठीक नहीं लगे मेन बात तो वो कि जो बात बताते हैं वही गलत होता है हर चीज में अपना अपने आप को आगे रख देते हैं। मेन काल को मानते हैं। काल कौन है यह भी पता नहीं।

00:06:59:20 बोलते हैं काल सबसे ऊपर है। काल कौन है ये भी पता नहीं है। हम ठीक है। अच्छा किया आप अपने पिताजी से हमारी किसी तरह से वार्ता करवाइए तो हम देखें क्या कर सकते हैं। कन्वस और अभी तो वो नहीं है। और आप हमारी क्लासेस ज्वाइन कर सकते हैं। वहां पर आ सकते हैं जिससे कि अन्यों को फंसने से बचा सकें। है ना? अगर आप हमारी पढ़ाई जैसे पढ़ेंगे चीजें जानेंगे तो अन्य को फंसने से बचाएंगे। नाम जप आंदोलन में भाग ले सकते हैं। नाम जप अभियान चल रहा है जो उस समय जिसमें हम लोग दिन भर में सवा घंटे भगवान के नाम का जप करते हैं। वो ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती गणेश राम कृष्ण इनमें से किसी के भी नाम का जप करें। उसमें आप जुड़ सकते हैं। जुड़ने के लिए उसी नंबर पे आप जब WhatsApp करेंगे तो आपको फॉर्म मिल जाएगा। वो भर सकते हैं। ठीक है? बाकी मैं एक चीज ये कह रहा था कि आपने कभी आपके सामने ऐसा हुआ क्या? ये लोग जो

00:08:15:03 अजीब अजीब प्रकार के वीडियोस बनाते हैं जिसमें कि अपने ही व्यक्ति को ऐसे ड्रेस पहन के बिाल देते हैं और उसको बताते हैं ये जो है दुर्गा का भक्त है राम का भक्त है पंडित है ब्राह्मण है और फिर उस वहां पर एक चर्चा दिखाते हैं नाटक करते हैं कि अरे हम तो राम के भक्त है हम क्यों माने तुम्हारी बात फिर वहां पर कुछ बेफिजूल के तर्क दे के दिखाते हैं देखो हमने ब्राह्मण था राम का भक्त था उसको जो रामपाल का भक्त बना लिया। ये आपने कभी देखा है अपने से? जी देखा है हमने। तो कैसे क्या होता था थोड़ा बताएंगे कोई एक बार का? वही जो जो आए उसमें दीक्षा लेने के बाद जो दुख खत्म होता है उसको बताते हैं कि मैंने इनका पूजा किया तो मेरा ये दुख खत्म हो गया। ये हो गया।

00:09:10:04 अच्छा। और ये किस प्रकार से अपनी बातों में लेते हैं लोगों को कैसे नए व्यक्ति को कैसे पजेस करते हैं? कोई भय तो नहीं है आपको? किसी प्रकार का कोई भय तो नहीं है? बोलिए फिर क्या? ठीक है आप बात करेंगे थे

00:09:51:13 जय श्री राम कहां गए आदेश जी आप लिंक को पब्लिक कर दीजिए हां इनके पास में था कोई ऐसा शायद जिसकी वजह से बोल नहीं पा रहे थे ठीक से कोई बात नहीं हमें अच्छा लगा कि कोई एक सही रास्ते पर आया व्यक्ति लिंक पब्लिक किया जा चुका है अ

00:10:27:18 वेदों में प्रमाण है कबीर साहब भगवान है ऐसा जो लोग बोलते हैं आकर के आ सकते हैं अपनी बात को रख सकते हैं ब्रज शब्द के ऊपर बात कर सकते हैं। परमात्मा सशरीर आता है। सशरीर जाता है। यह जो ढोंग फैलाया हुआ है, पाखंड फैलाया हुआ है, इस पर बात कर सकते हैं। शास्त्रों का मर्म तथाकथित तिरछेदर्शी बताएंगे। तिरछेदर्शी अर्थात हमने पिछले वीडियो में बताया ना तिरछादर्शी कौन है? तो वो आकर के तत्वदर्शी है। तिरछेदर्शी है इस पर बात कर सकते हैं। ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं इस पर बात कर सकते हैं। सर्व्यापक है कि नहीं इस पर बात कर सकते हैं। और

00:11:08:26 जिसके विरोध में कबीर पंथ बना हुआ है, वह जो मुख्य सनातन धर्म की धारा है, उसके विरोध में जो सनातन ये विरोध में जो रामपाल जी द्वारा फैलाया गया पूरा तंत्र है, पूरा जाल है। उस विषय में अगर किसी को उनका पक्ष रखना हो तो वो रख सकते हैं। अ कुमारी गाय वाला एक मामला है। कुमारी गाय है और क्या कहते हैं कुछ और भी टॉपिक्स हैं तो आकर के अगर कोई बात करना चाहे कबीर विषयक

00:11:47:25 साहस हो कबीर की भक्ति करने से रामपाल दास जी को फॉलो करने से उनकी भक्ति करने से यदि किसी को साहस प्राप्त हुआ हो तो उस साहस का प्रदर्शन करें और सामने आए सामना करें हो सकता है आपको हमें कुछ ऐसा समझा दें जो हम एक पॉइंट पर आकर के एक हो सके। [गला साफ़ करने की आवाज़] जय पुष्पेंद्र जी

00:12:23:10 जय श्री राम राम राम सर आपके पीछे आवाज आ रही है काफी हां जी थोड़ा सा ऐड हो जाता हूं। जी आपका परिचय पुष्पेंद्र जी जी मेरा नाम पुष्पेंद्र दास पुष्पेंद्र दास और आध्यात्मिक बैकग्राउंड क्या है? क्या सर? मैं संत रामपाल जी महाराज जी का हूं। अच्छा थोड़ा तेज बोलिए क्योंकि आवाज बहुत कम आ रही है। मैं संत रामपाल जी महाराज जी का शिष्य हूं। जी आपने वो कान में लगाया है क्या कुछ? जी जी जी वो हटा दीजिए। उससे कम आती है आवाज।

00:13:22:16 अब बोलिए। जी बोलिए बोलिए तो दास जी बकवास क्या आप मानते हैं कि जो कबीर है रामपाल दास जी के द्वारा बताए गए पंकज पालीवाल जी का कहना है कि पंकज पालीवाल जी का कहना है कि अपना जो समय है वह भक्ति में लगाएं निंदा में नहीं मगर इस लाइन को लिखते समय पंकज पालीवाल जी आप क्या कर रहे हैं शोधन कर रहे हैं ना आपके हिसाब से पालीवाल जी आप इस लाइन को लिखते समय भक्ति कर रहे हैं क्या

00:14:15:03 देखिए हेलो एक किनारे पर बैठकर के तमाशा देखना और उसकी समीक्षा करना बहुत सरल होता है और युद्ध के बीच में उतर कर सामना करना समस्याओं का अलग होता है। आसान है यह लाइनें लिखना। अगर प्रत्यक्ष वार्ता होगी किसी दिन तो दृश्य बदलेगा। आपको वास्तविकता से आपका साक्षात्कार होगा। है ना? इस तरह की लाइनें लिखना बहुत सरल होता है। अभी मैंने आपसे पूछा बताइएगा ये लाइन लिखते समय आपने क्या भक्ति की है क्या? यदि आप कहते हैं कि नहीं मैं भक्ति का अर्थ इसमें लेता हूं कि मैं शोधन कर रहा हूं तो वही हम कर रहे हैं और यदि आपके हिसाब से भक्ति का अर्थ शोधन नहीं है तो आप भी भक्ति नहीं कर रहे इस समय हम राम चौधरी जी जय श्री राम जय श्री राम शास्त्री जी जी मेरी आवाज आ रही है जी आपकी आवाज आ रही है आपका आप क्या जो अभी जो लाइव थे उनके पिताश्री हैं नहीं सर सर मेरे फादर जी हैं पिताजी जो हैं वो रामपाल जी के अनुयाई हैं। तो सर एक्चुअली क्या है वो आज से सात आठ साल पहले मतलब इनके टच

00:15:30:04 में आए थे और उसके बाद में उन्होंने घर की जो स्थिति है वो इस लेवल पर कर दी कि कोई भी देवी देवता है उसकी पूजा वो नहीं करने दे। बोले ये तो क्या है? वो तुम्हारा दशरथ का राम क्या है? यह है वो है मतलब सभी देवताओं के लिए उल्टा सीधा बोलना ना ही जैसे कोई रिशेदारी होती है जैसे मान लीजिए कि अपने जो दामाद जी होते हैं तो उनके कोई तिलक वगैरह करना यह कुछ नहीं करने देना ना ही कहीं ससुराल अगर जाए तो उनका भी फर्ज बनता है कि वो इनके तिलक करें वो भी कहीं नहीं करवाना इवन यहां तक कि जैसे कोई मंदिर में प्रसाद अपुन करते हैं भंडारा तो बोलते हैं मैं इनके भगवानों के चढ़ाया हुआ यह नहीं खाता हूं ना ही कोई अपने से बड़े होते हैं उनके जो चरण स्पर्श अपुन करते हैं तो बोलता है नहीं किसी के चरण स्पर्श नहीं करना मतलब इतनी मिथ्या और अभी सर मैं आपको बताऊं शास्त्री जी पिछले 10 दिन से वो गए आप उनके बड़े भाई हैं क्या जो अभी आए थे मैं उनका पुत्र हूं शास्त्री जी नहीं नहीं जो आपसे जस्ट पहले एक एक स्टोर आए थे ना उनसे अलग है क्या नहीं नहीं अभी सर मैं राजस्थान से बात कर रहा हूं सर झुंझुनू जिले से एक जैसी कहानी हो गई वो भी आके बोल रहे फंसे हुए हैं। जी अब मैं आपको बताऊं अभी

00:16:45:08 सर वो 15 दिन से वहां गए हुए हैं। उनका इतना ब्रेन वाश कर दिया सर उनके मकान वहां जो दरबार बन रहा है वहां पे वो फ्री में वर्किंग कर रहे हैं। अभी बोलते हैं वो सेवा है मेरी। घर पे कोई काम नहीं करते सर कुछ भी और आर्मी से रिटायर हैं वो। लेकिन वहां आज 15 20 दिन से वो काम कर रहे हैं। बोल रहे 16 तारीख को मैं आऊंगा। उससे पहले अभी वहीं सेवा दूंगा। सोचिए फ्री के अंदर अपने नाम से दक्षिणा भी नहीं देते। नाम अपना नाम है उनका शंकर लाल जी और वो शंकर राम या ऐसे कुछ करके शंकर दास शंकर दास के नाम से वहां पे एक बार 51000 दे रहे थे पिछली बार 11000 दे रहे थे उसके बाद 5000 ऐसे कुछ मतलब डोनेशन भी और यहां के गांव में बुक लाते हैं वहां से बोलते हैं आप आओ ऐसा करो लोगों को गुमराह इतना करते हैं ये कुछ नहीं है बस त्रिलोकी का नाथ वो है गुरु है वो सीधा डायरेक्ट वहां ले जाता है सतलोक में ये मतलब कोई उनको उनको बात समझ ही नहीं आती। सब ओश आउट निकलती है। अपन जो भी बात बोलते हैं। तो ऐसे लोगों से बचाने के लिए गुरु जी आप थोड़ा ये जो बीड़ा उठाया मैं बहुत प्रभावित हूं। पिछले एक डेढ़ महीने से मैं आपके वीडियो देख रहा हूं और मुझे लगा कोई तो एक साहसी व्यक्ति है जो ज्ञानी व्यक्ति है जो इतना डीपली अपने जो वेद पुराणों में जा

00:18:02:14 उन कमियों को निकाल के ला रहे हो। जैसे वो कोट करते हैं कि मैं उस फलाने सार में ये लिखा हुआ है। इतने अध्याय में ये लिखा हुआ है। तो आप उन्हीं का तोड़ दे रहे हो कि वो कहां लिखा उसकी डेफिनेशन वो गलत तरीके से कम पढ़े लिखे लोग हैं। उनको गुमराह कर देते हैं। आप उनका तोड़ दे रहे हो उनको और सही आप अर्थ निकाल के बता रहे हो। ये बहुत अच्छा लग रहा है। और मैं चाहता हूं गुरुदेव आप इसी तरीके से इस कार्य को आगे बढ़ाए ताकि हमारा सनातन बच पाए। अदरवाइज कुछ लोग ऐसे हैं अपने निजी स्वार्थों के चक्कर में इस हमारी जो संस्कृति है इसको मिट्टी में मिलाने की कोशिश कर रहे हैं। चलिए आप लोगों का आभार आपने समर्थन प्रकट किया। तो वैसे और थोड़ी सी डिटेल कुछ बताएंगे कि पिताजी जैसे आप तो जब पिताजी हैं आपके तो कई और भी चीजें आपकी नजरों में आई होंगी कि ऐसा होता है वहां पर ऐसे किसी व्यक्ति नए व्यक्ति को अपने उसमें बातों में कैसे लिया जाता है देखो ऐसा है कि वो सबसे पहले जो बात करते हैं लोगों को बाद में मतलब लोगों को कि आप मेरे साथ चलो वहां पे एक बार वो पहला फोर्स एक ही करते हैं उन मतलब वहां लेके जाते हैं वहां आपको पता ही है गुरुदेव चोरचोर मौसेरे भाई तो वहां क्या होता है वो गैंग होती है। फिर वहां वही वाली कहानी है। अब मेरे को देखो एक बात बताऊं उनकी खुद की। एक दिन वो आर्मी से रिटायर्ड है। अब पता है गुरुदेव कोई अगर

00:19:17:20 पहले का कभी कोई एरियर है कोई चीजें हैं तो बचा हुआ है तो नो डाउट वो आएगा तो सभी फौजियों का आएगा। अकेले उनका तो आना नहीं है। अब उनको 11000 रुपए क्रेडिट देखो मेरे गुरु की कृपा हो गई। मेरे को 11000 पता नहीं कहां से अरे कहां से आ गया भाई आपको थोड़ी पूरे फौजियों को मिला है ये तो। अब वो ऐसी कहानियां कर देते हैं। ऐसे फिर अचानक एक बार मैं मेरी पर्सनल कहानी बता दूं। ऐसे घर में कोई बात हो जाती है। मैं मानता नहीं हूं उन चीजों को। मैं भगवान को मानता हूं। मेरे गुरु का ऐसा हो जाएगा। बर्बाद हो जाएगा। मेरा एक्सीडेंट हो गया था। पैर में लगी। देखो साम ही नहीं निकाला। ये है मेरे गुरु के अंदर चमत्कार। अब ऐसे क्या करोगे? शास्त्री जी ऐसे लोगों का जिनके दिमाग में मतलब ब्रेन वाश हो गया।

00:20:01:06 हां जी। क्या नहीं निकाला? साम नहीं निकाला मतलब देखो मेरे गुरु की आपने अवेलना की थी आप शाम भी नहीं पकड़ पाए उससे पहले एक्सीडेंट हो गया यह है मेरे गुरु की करामत मैं बोला जब इतना ही बड़ा वो गुरु है तो फिर वो जेल में क्यों बैठा है बोला नहीं वो जेल में नहीं ये जेल में गए क्यों मैं इस कहानी को पूरा जानता नहीं हूं ठीक से क्यों क्यों है जेल में मैं बता देता हूं ये एक बहुत बड़ा जैसे अपुन नॉर्मल में तो इसको गैंगेस्टर बोलते लेकिन ये तो गैंगेस्टर क्या इसमें तो पास को जैसे लगे इनके पास संत के पास पहले तो ये बताओ हथियारों की कहां जरूरत पड़ गई? उनका जो हरियाणा के अंदर जो आश्रम था उसके अंदर साहब 10 दिन तक पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए थे। इतने हथियार अंदर रखे पड़े थे। छतों के ऊपर से फायरिंग हुई थी पुलिस के ऊपर। बहुत कुछ था। ये तो मानो एक नंबर का वो बन गया था। क्या नाम है? देखिए आप केवल जो जो आरोप लगे हैं केवल आरोप मत लगाइए। आप निर्णय मत दीजिए कि वो ये हैं। है ना? हम केवल यह बताइए कि ऐसासा आरोप लगा है। बताया जाता है कि उनके यहां से यह बरामद हुआ है।

00:21:09:03 अपुन पर्सनल थोड़ी ना लगा रहे। न्यूज़ में आया है। न्यूज़ में क्या बताया गया वो बताइए। हां। तो न्यूज़ में ये सब चीजें देखी थी कि पुलिस के ऊपर भी फायरिंग की गई थी। वहां से हथियार बरामद हुए हैं। सारी चीजें हैं। आज भी आप बैक डेट के देख लोगे वीडियो मिल जाएंगे। प्रशासन अंदर जा नहीं पा रहा था। इतनी लाठी लोग कहते हैं लोग भंडारा वगैरह करवाते हैं तो चंदा नहीं इकट्ठा करते। ऐसा कुछ है क्या? नहीं सब कुछ करवाते हैं गुरुदेव आप यह बताइए उन्होंने अब देखो कुछ चीजें आदमी को बोलते हैं ना कोई भी व्यक्ति देखो एक ना एक तो कोई एक तरीका ढूंढता है जैसे आज के टाइम में मैं आपको बताऊं गुरुदेव ये अदरवाइज जैसे कोई भी दो नंबर काम व्यक्ति अंधा पैसा आता है दो नंबर काम में ये आप भी जानते हो हम भी लेकिन वो क्या करता है किसी ना किसी परमात्मा के कोई भी भगवान को चाहे उसकी आत्मा में जगो वो उसके नाम पर डोनेशन करता है क्यों करता है क्योंकि उसको भी एक भय होता है उस परमात्मा से कि यार अगर मैं ऐसा नहीं करूंगा तो मेरी रक्षा तो वो वहां करता वो क्या लोगों की नजर में छा जाती है यार ये आदमी तो देखो कितना बड़ा दानवीर है लेकिन वो ये नहीं जानते कि ये दान किस तरीके से कर रहा है इसके सोर्स क्या है सेम कहानी है गुरु जी इन्होंने क्या कर रखा है जैसे लड़कियों की शादी करवाना ये तो आज एक संस्था दुनिया

00:22:24:09 भर के एनजीओ आप बना के करवा दो उसमें क्या है अभी मुझे बताइए ऐसे व्यक्ति जा के डोनेशन करेंगे अंधा पैसा है आप बताइए ₹100 खर्च होंगे वहां अगर000 दिखा देगा 900 बचा लिया घर में आज वो वो गस्ती आदमी है। खुद वो इंजीनियर था। मुझे बताइए वो कौन सा संत हो गया? इतना बड़ा उसके परिवार है। सब कुछ है। अब उसके खानदान सात पीढ़ियां उसकी बल्लेबले हो जाएंगी। तो आपके घर से जब ये वहां से कनेक्ट हुए आपके पिता श्री तो आपके घर में मतलब आप लोगों के प्रति हीन भावना रहती थी या क्या मतलब बराबर का समझते थे? कैसे रहता है इनका नेचर? जैसे कहते हैं ना जी हो जाता है कि अरे उससे दूर रहना वो जो नहीं मानता है उससे जैसे वो नहीं काफिरों काफिरों का मामला है कि काफिर है उससे दोस्ती मत करो है ना तो ऐसा है क्या कुछ वो बताएं देखो मैं आपको एक बात बताऊं वो ना तो किसी सत्संग में जाना पसंद करते हैं। मतलब वो किसी भी कोई ऐसे अनुष्ठान में कोई चीजों में जाते नहीं है। वो एक कबीर जी की फोटो लगा देते हैं। अपने परिवार के प्रति उनका व्यवहार क्या कुछ बदला मतलब वहां से जुड़ने के बाद गुरुजी परिवार के प्रति कोई मोह नहीं है कुछ नहीं है बोला तुम मेरे क्या लगते हो कोई मतलब नहीं है तुम्हारा इवन यहां तक अब कोई पिता

00:23:39:20 अपनी पुत्री के लिए ऐसा बोल सकता है कोई भाई अपनी बहन के लिए बोल सकता है क्या वो तो उनके लिए भी ये शब्द यूज़ करते हैं तुम्हारा मेरा कोई रिश्ता ही नहीं है हम अब बताओ क्या बोलोगे और रहे उसी घर में रहे भाई ये तो ये एक चीज और गुरु जी नहीं एक और काम की बात अब नौटंकी क्या करते हैं अपने हाथ से खाना बनाना खुद बनाएंगे और उसमें सारे ड्राई फ्रूट दूध प्योर मतलब बगैर पानी डाला हुआ मतलब सारी चीजें बॉडी हेल्थ के प्रति पूरी तरीके उस तरीके से ढोंग और वैसे अगर आप कोई बच्चा भी छोटा सा कुछ मांग ले तो साला देना नहीं उसको मतलब रहम नाम की चीज बिल्कुल नहीं तो जो भक्ति भाव वाला व्यक्ति होता है गुरुदेव आप मुझे बताइए उसके दिल में तो रहम होती कि वो खुद भूखा रह जाए कुछ भी लेकिन दूसरा अगर कोई मांग ले तो उसके गले ना उतरे लेकिन वो तो अकेले कोई फर्क ना पड़े मतलब अपनी बेटी से रिश्ता बिल्कुल खत्म कर दिया कि मैं तुम्हारा मेरा कोई उनका किसी से ही मतलब नहीं वो बोलते हैं तुम्हारा मेरा कुछ नहीं है ये शरीर है ये शरीर कभी भी मैं तुम्हारे तो हाथ ही ना लगो मैं तो ये है वो मतलब उनका दिमाग है मैं तो मेरे गुरु के वो करूंगा वही है जो कुछ है बस सतलोक करना है वो तो ठीक है मगर ऐसी स्थिति में व्यक्ति को सन्यास

00:24:54:26 ले लेना चाहिए फिर वो रह तो वही रहा है नहीं लेते हम भी बोलते हैं ये बात फिर आप प्रॉपर तरीके से करो ना क्यों करूं मेरी तनख्वाह आ रही है अब बताओ क्या बोलूं हम मतलब और मतलब इतनी चीजें गुरुदेव मैं क्या बताऊं उनके लिए तो कि दिमाग इतना अपसेट है कि कैसे-कैसे लोग है मेरे गांव में पांच सात लोग हैं ज्यादा नहीं है और सबके घर में यही हाल है जिसने भी रामपाल के नाम ले रखे हैं। उनके परिवार का बाधार हो गया।

00:25:30:07 तो ये पैसे जो आते हैं आपके पिताजी की पेंशन आती है। ये सब कहां जाते हैं पूरा पैसा? पता नहीं गुरुदेव घर में एक देते नहीं है। हां एक चीज उनकी वो शुरू से ही थी। आज से नहीं जब से इन्होंने नहीं किया। वो मतलब पहले से हम देखते हैं कि वो धर्म पुण्य के काम करते थे। पहले भी करते थे। जैसे गौशाला में देना या जानवरों को जैसे अनाज डालना ये सब चीजें पहले भी आज भी चार पांच केजी अनाज वो सुबह-सुबह जानवरों को डालते हैं। ये अच्छी चीज है। इससे हम खुश हैं। गौशाला में भी वो देते हैं। ये भी अच्छी इसका कम हमने कभी ऑब्जेक्शन नहीं लेकिन अब कोई मंदिर वगैरह हो गया उसके लिए नहीं कोई मतलब नहीं है। और कोई चीज के लिए कोई मतलब नहीं है। बाकी अब पता नहीं क्या करते हैं क्या ना जाने। मतलब वो पैसा कहां जाता है पेंशन वाला उनका वो कोई आईडिया नहीं। अभी भाई आज दोपहर को ऐसे बात हो रही बोले भाई मैं अभी दीपावली पर सफाई कर रहा था मकानों की तो मेरे को दो पर्ची ऐसे मिल गई एक 11000 की थी एक 5000 उसमें शंकर दास के नाम से बोला अपना नाम भी छुपाते हैं कि मुझे नाम नहीं करना अपने उसका दान दिए हुए का शंकर दास करके और बोला ये दिया और अभी बोला मैं बात कर रहा था कि कब आ रहे हो तो बोला मैं 16 तारीख को आऊंगा गुरु जी के वो चल रहा है क्या नाम है मकानों का तो मैं वहां सेवा दे रहा हूं अब फ्री में वहां मजदूरी कर रहे

00:26:45:10 हैं फिर प्रचार क्या करते हैं मैं आज से जब चार साल पहले गया तो गुरु जी का एक आश्रम था। आज 101 आश्रम हो गए। देखो गुरु जी का कितना वो बढ़ रहा है। लाइव आते हैं गुरुजी मेरे वहां से जेल से भी रोज लाइव आते हैं। अब ऐसे जेल से लाइव आते हैं क्या वो? हां हां बोलते हैं वीडियो पे लाइव आते हैं। रोज कौन कहता है? पुलिस वाले भी उनके अनुयाई हो गए। बोला अब कितना फ्रेम कर रखे? लाइव तो नहीं आते वो? नहीं आ सकते गुरु जी। कैसे आ जाएगा? जिसके ऊपर एक क्रिमिनल एक्ट लगा हुआ है। मुझे बताइए जो जेल में बंद है। लेकिन अब जो दिमाग से इनका अनुय वहां जो बैठे हैं जो आपने एक बार वो इंटरव्यू नहीं लिया था। वो स्टॉल लगा रखी थी लखनऊ वाली उनको आप बात पूछ रहे थे वो क्या किस तरीके से भड़क रहे इनके पास जवाब है ही नहीं कुछ जी ऐसे पाल रखे होंगे 10 20 50 इन्होंने और वो बस वही एक गैंग बना के वो उसको बोलता है मेरे ये हो गया वो हो गया बस आम जनता बेचारी इतनी बोली है 10 लोग बोले कान को कौवा ले गया कान देखा ही नहीं हाथ लगा के कि कान है कि ले गया कौवा नहीं लेकिन बस देखना शुरू कर दिया कौवा ले गया ले गया वो कहानी है हां चलिए ठीक है आप कभी हो सके तो उनसे हमारी बात कराइए जिससे कि हम प्रयास कर सके उनके कुछ मैं जरूर

00:28:00:19 सर मैं कराऊंगा आपसे बात और मुझे अच्छा लगा लेकिन आपसे मेरी ये गुजारिश रहेगी आप यह जो बीड़ा उठाया है आप इसको किसी भी कीमत के ऊपर बंद मत कीजिएगा आप चालू रखिएगा जरूर एक दो चार बढ़ते चले जाएंगे और एक दिन बहुत लोगों तक ये जागरूकता पहुंचेगी गुरुदेव एक मिशन बन जाएगा ये जी जी बस मैं आज जाने से पहले आपको एक बात कहूंगा कि मेरे लिए गुरुदेव शब्द उचित नहीं है। वो इसलिए गुरुदेव है क्योंकि आप एज एक शास्त्री हैं और वो हमारी सनातन पद्धति के हिसाब से ये मतलब उचित लगता है हमें बोलना चाहिए क्योंकि अब हम तो उतना सब चीजें नहीं तो सक्षम भी नहीं है। इतना तो इसलिए वो कोई मैं नहीं मानता कि उचित नहीं है। वो मेरे भाव है आपके प्रति। चलिए चलिए चलिए ठीक है आप आपके भाव का सम्मान है ठीक है आने के लिए आभार और इतना मतलब आपने बताया और आप अपने पिताजी को लाइए जी जी जी जी बहुत शुक्रिया आप थैंक यू तो इनमें से कौन है जो

00:29:13:25 सुमित दास जी को ले लेते हैं पुष्पेंद्र दास जी [गला साफ़ करने की आवाज़] हर हर महादेव। भाई हर हर महादेव। पुष्पेंद्र दास जी को ले लिया क्या? वो चले गए क्या? पुष्पेंद्र जी आप चेहरा दिखाइए थोड़ा नेटवर्क में हो तो आइए आप क्योंकि आपका डिस्टर्ब इंसान है। जी जी जी बोलिए सर। नमस्कार सर। नमस्कार जय श्री राम। तो अभी सुमित जी आप रुक जाइए। पुष्पेंद्र जी पहले आए थे इनसे बात कर ले फिर सुमित जी को ले लिया जाएगा ऊपर जी हां

00:29:52:14 पुष्पेंद्र जी आप मानते हैं कि रामपाल दास जी के द्वारा दी जाने वाली जो शिक्षा है उसके द्वारा जो ईश्वर बताया जा रहा है आपको वो ईश्वर ईश्वर ही है वही है परमात्मा परम परमेश्वर जी जी जी अच्छा तो मुझे ये बताइए सबसे पहले तो कि जो जो ईश्वर है क्या वो परलोक में ऐसे मतलब परलोक का उसका जो ईश्वर है जो उसकी जो व्याख्या जब हम करते हैं तो वो उसकी क्या-क्या क्वालिटीज है जो उसमें होनी चाहिए ईश्वर में जैसे अजर अमर सर्व शक्तिमान सर्वव्यापई सर्वज्ञ ये सब क्वालिटीज होनी चाहिए कि नहीं जी बिल्कुल होनी चाहिए तो ये सारी क्वालिटीज है आपके ईश्वर में जी जी जी बिल्कुल परमात्मा में सारी क्वालिटी हो तो इसमें कहने का शब्द ही क्या है सर जी मैं

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00:30:45:18 आपसे पूछना चाहूंगा एक एक करके मुझे यह बता दीजिए कि सर्वशक्तिमान का अर्थ आप क्या समझते हैं? सर्वशक्तिमान का मतलब यह है मतलब वो सब कुछ करता है। वो अपने आप में सक्षम है। उस पर कोई बाउंडेशन नहीं है। सर्वव्यापक का अर्थ क्या समझते हैं? सर्वव्यापक वो जो हर जगह मतलब व्यापक हो। हर जगह कहीं भी ढूंढो वहीं मिलेगा। अच्छा और सर्वज्ञ सर्वज्ञ मतलब इससे मिलाजुला सा ही शब्द है सर्व्याक और मतलब इसमें कोई खास अंतर नहीं है इसकी पर मतलब शब्द अलग-अलग हुए हैं लेकिन इसका कुछ अंतर है नहीं इसमें सर्वज्ञ सर्वज्ञ का अंतर है थोड़ा सा कि वो सब कुछ जानता है थोड़ा बहुत अंतर सर अब थोड़ा बहुत अंतर है लेकिन उसके थोड़ी सी परिभाषा में चेंज है बस ठीक है अच्छा सर्व्यापक हो गया शक्तिमान हो गया और सर्वज्ञ हो गया। एक है अमर। अमर का मतलब कभी मर नहीं सकता। बिल्कुल।

00:31:44:16 जी। और जो अजर है इसका क्या अर्थ लेते हैं आप? अजर मतलब अजर में मतलब इतना परिचित नहीं है अजर से। अजर का मतलब जो जिसकी जो कभी बूढ़ा नहीं होता जिस पे कभी जो उम्र का वो है प्रभाव नहीं। हां बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल सही बिल्कुल राइट। अच्छा ठीक है। ठीक है। तो भाई इनको जरा कबीर दास जी की फोटो दिखा दीजिए जरा।

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00:32:11:18 कबीर दास जी की फोटो दिखा दीजिए स्क्रीन पर। अगर फोटो ना हो तो इनके बहुत सारे वीडियोस होते हैं। कबीर दास पर जो बने होते हैं उसमें जो ये थंबनेल पर वीडियो लगाते हैं उसमें भी कबीर दास कबीर दास जी की फोटो होगी। आपके आपके पास है क्या इस समय? कबीर दास मेरे पास इसमें मेरे पास छोटे रूप में है मेरे पास। ये आ गई ये आ गई स्क्रीन पर देखिए जी दिखाइए बड़ा करिए कोई भी एक कबीर दास जी

00:32:43:27 ये कबीर दास जी का फोटो आपको दिख रहा है एक बड़ा कर लीजिए स्क्रीन पे आ जाए दिख रहा है दिख रहा है सर दिख रहा है एक मिनट स्क्रीन पे आ जाए पूरा बिल्कुल स्क्रीन पर दिखा दीजिए पूरा नहीं आएगा क्या स्क्रीन पे दिखा दीजिए

00:33:19:20 हां तो इनको आप क्या कहेंगे जवान कहेंगे किशोर कहेंगे अधेड़ कहेंगे या वृद्ध कहेंगे जी मतलब ये क्वेश्चन करने का उद्देश्य क्या है आपका? पहले ये बताइए। क्वेश्चन करने का उद्देश्य ये है कि जब उस पर उम्र का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है तो वो ये बूढ़ा क्यों है? जी आप आपको इतनी नॉलेज होनी चाहिए कि आप जिस लोक में रह रहे हो ये क्या सत्यलोक है या अमरलोक है या नाशवान लोक है? ये बताइए आप। नाशवान लोक है। अच्छा नाश नाश नाशवान है ना? नाशवान है हम तो जो नाशवान लोक में सारी चीज या कोई भी हो ये वस्तु सारी स्थाई है क्या? अरे मैं आपसे सवाल पूछ रहा हूं। आप अपनी बात सर मैं आपकी नहीं नहीं सर मैं आपके क्वेश्चन का जवाब दे रहा हूं। आप आप अपना जवाब दे दीजिए क्योंकि मेरे पास आपकी इस बात की काट है। आप पूरा बोल लीजिए फिर मैं बोलूंगा। नहीं नहीं मैं आपके क्वेश्चन का जवाब सर सुनो सर मैंने आपके क्वेश्चन का जवाब दिया है। ठीक है। आप क्वेश्चन मत काटो। आपके क्वेश्चन का जवाब दिया है मैंने। आप बताइए [नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं आपसे जो पूछ रहा हूं। आपका कहने का मतलब यह है क्योंकि नाशवान लोक में सारी चीजें जो होती है वो स्थाई नहीं होती इसलिए वो जो होता है वो भी यहां पर उस

00:34:34:21 पर उम्र का प्रभाव पड़ता हुआ दिखता है। क्या आप ऐसा नहीं मानते? [नाक से की जाने वाली आवाज़] अरे अब मैं अपना जवाब दे रहा हूं ना। सुनो अब थोड़ी देर आप शांत रहना। थोड़ा एक्साइटमेंट कम करो। मैं एक्साइटमेंट नहीं मेरी मतलब नेचर भाई साहब आप मुझे बोलने दीजिए। जी ठीक है बोलिए बोलिए बोलिए तो आपने कहा कि जो अजर अमर है जी उसकी अजरता भी प्रभावित होगी अगर वो नाशवान लोक में आपको दिखाई देगा ठीक है जी तो जब ब्रह्मा विष्णु महेश की अमरता प्रभावित होती है नाशवान लोक में तो क्यों अपुआ बनाते हो इतना तो

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00:35:13:13 वो तो वेद शास्त्रों में स्पष्ट लिखा है ना कि वो नाशवान है भाई साहब देखिए वेद शास्त्रों में स्पष्ट लिखा है कि अजर है वो अगर वेद शास्त्रों के लिखे होने की बात है तो वेद शास्त्रों में स्पष्ट लिखा है कि वो अजर है मगर आपने कहा क्योंकि नाशवान लोक में वो आ रहा है इसलिए उसकी जो अजरता है वो प्रभावित हो रही है तो जब ब्रह्मा विष्णु महेश की जो वो है प्राकट्य और अप्राकट वो प्रभावित होता है तो हवा क्यों बढ़ाते हो इतना तब भी ये

00:35:38:14 सोचो ना कि नाशवान लोक में नाशवान लोक के तरीके से लीलाएं होंगी जैसे कबीर कबीर का अजरत्व प्रभावित हो रहा है वैसे ही उनका अमरत्व प्रभावित दिख रहा है वस्तुत प्रभावित नहीं सर वो अमर है ही नहीं ना कहीं उसका प्रमाण ही नहीं है ब्रह्मा विष्णु महेश अमेर अमर है हमको दिखाओ कहीं प्रमाण है तो किसी

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00:35:57:10 भी आप मुझे आप मुझे ये लिखा दिखाओ कि नाशवान लोक में जो अजरता है वो प्रभावित हो जाएगी नाशवान लोक में जो अजरता है वो प्रभावित हो जाएगी परमात्मा पर कोई भी हो नावान लोक मैंने आपसे पूछा है भाई साहब मैंने आपसे प्रमाण पूछा है ना लोक होने के कारण नाशवान लोक होने के कारण जो अजरता है वह प्रभावित होगी। बिल्कुल हो गई ना भाई। अरे मैं पूछ रहा हूं दिखाओ कहां लिखा है? कहां लिखा है? हां। वेदों वेदों में स्पष्ट लिखा है कि जब मैं अपनी लीला सुनो सुनो सुनो। सुनो सुनो। बात सुनोगे [गला साफ़ करने की आवाज़] ज तो? वेद में स्पष्ट लिखा है। वो कौन सा मंत्र है? मंत्र बताना मुझे। वेदों में स्पष्ट लिखा है। जब परमात्मा इस पृथ्वी लोक पर आता है तो वो वो वो शिशु रूप में लीला करता है और शिशु रूप में लीला करते हुए अपनी एक शरीर के हिसाब से लीला करता चला जाता है और अपने ज्ञान को देकर अपने परम भक्त को और वो वापस चला जाता है। भाई साहब मैंने आपसे मैंने आपसे ये पूछा है नाशवान लोक में जो अजरता है

00:37:12:19 वो प्रभावित होती है। ये नियम कहां लिखा है? आप बता दो ना कि ब्रह्मा मैंने आप सुनो आपके क्वेश्चन करे मैंने आपके आप मुझे यह दिखा दो कि ब्रह्मा विष्णु कहीं अजर और अमर है ये चीज मुझे कहीं दिखा दो आप कहीं लिखा है ये कहीं भी लिखे दिखा दोगे दिखा दिया तो दिखा दो ठीक है दिखा दो अगर कहीं भी दिखा दो तो हम आपके चेहरा एक मिनट एक मिनट रुको भैया एक मिनट रुको अपने आसपास के लोगों को कह दो कि अपने मुंह को सिल लिए धागे से सिल ले अपने आसपास के अगर आपको बोलना बहुत धीरे से बोलो लाइव चल रही है। उसमें जो है ऐसा करिए सूजा डाल के उनसे कहिए कि उसको धागे से सिल लो अपने मुंह को। अब बोलना नहीं आप सब्जी आप सही सब्जी यूज़ नहीं कर रहे सर। तो क्या करूं मैं? वो पीछे से क्यों बोल रहे हैं? विघ्न पड़ रहा है ना बातचीत में। हम अपने वो अपने आप को संयम रखें। वो अपने आप पे संयम रख और उनकी आवाज दोबारा विघ्न ना डाले। अगर उनको आना है तो आप हट जाइए। उनको आना है आप हट जाइए। उनको भेज दीजिए। ठीक है। ठीक है। आपको समय देंगे। आप दिखाओ। हां।

00:38:18:14 पहले तो मैं आपको वो प्रमाण दिखा दूं जहां पे भगवान के भगवान पर जो आयु का प्रभाव है वो नहीं पड़ता है। वो प्रभाव वो प्रमाण दिखा दूं मैं। अच्छा मुझे ये बता दो एक बार पहले दिखाओगे किस में? क्योंकि आपका भी टाइम बर्बाद होगा। मेरा भी मैं उस चीज को ना मानता हूं। क्या पता? उपनिषद नहीं मानता। उपनिषद नहीं मानता है कहां लिखा नहीं मानता सर दिखाने की जरूरत नहीं मानता भाई साहब देखिए हड़बड़ी मत मचाइए मैं पूछ रहा हूं कहां सर सुनो मैं हड़बड़ी सुनो सर इसमें आपका भी टाइम खराब होगा मेरा भी होगा क्या फायदा आप दिखाओगे मैं मानूंगा नहीं उपनिषद मैं मानता ही नहीं अरे भाई मैं तो वो नियम दिखा रहा हूं जो आप मानते हो नहीं मानता दिखा रहा हूं जो आप मानते हो नहीं सर अरे सर मैं भी तो रिक्वेस्ट कर रहा हूं आपसे मैं उपनिषद मानता ही नहीं देखिए आपको अगर सुनने की क्षमता है तो मैं यह बता वो भाई साहब मैं वो नियम बता रहा हूं जो आप मानते हो। अरे सर मेरी भी तो सुनो एक सेकंड मैं क्या बोल रहा हूं उसको मेरी तो सुनो मैं क्या कह रहा हूं आपसे मैं आपसे प्रार्थना कर रहा हूं सर हम [गला साफ़ करने की आवाज़] उपनिषद बिल्कुल नहीं मानता आप ये मुझे बताइए आप ये मुझे बताइए कि आप कौन-कौन से शास्त्र मानते

00:39:33:15 हो? अच्छा मैं सर गीता जी को मानता हूं। सबसे पहले प्रथम वेद और गीता ये चारों वेद और गीता। ठीक है? अगर आप मुझे ये [गला साफ़ करने की आवाज़] बताओ मैं आपकी बात मानू या रामपाल जी की मानू या गीता जी की मानू? मुझे ये बताओ सबसे पहले बात किसकी मानू? आपसे मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आप वेद और गीता मानते हो? उपनिषद नहीं मानते हो? नहीं प्रथम मानता हूं इनको। फिर बाद में पुराण। बाद में पुराण नहीं मानते हो। मानता हूं बाद में पुराण इन सब इन दोनों से बाद में पुराण मानता हूं। ये ये पहले ये पहले वो फिर बाद में ये कहां लिखा है? नहीं सर सबका एक एक सीक्वेंस है। सीक्वेंस में मानता हूं पहले मेरे लिए वेद और गीता प्रमाणित चीजें उसके बाद पुराण में पुराण को मानता हूं। सबसे पहले मेरे लिए [गला साफ़ करने की आवाज़] प्रमाणित कि आपने ये जो नियम बनाया है सीक्वेंस ये कहां लिखा है? अरे लिखा तो कुछ भी नहीं है। ऐसे क्या तुम कुछ भी बोल दो मेरे को कुछ आप यह बात मुझसे पूछ लोगे। जो नियम मैं बताऊंगा जो नियम मैं बताऊंगा वो मैं लिखा दिखाऊंगा। तो सर मैं उपनिषद आप गीता और वेद को मानते हो मैं आपसे पूछ रहा हूं। वेदों की बात नहीं कर रहा हूं। मैं फिलहाल ये बोल रहा हूं कि आपने ये कहा कि जो पुराण है मैं उनको वेद और गीता के बाद मानता हूं। ये मानता हूं। अरे सर मैंने आपने लिखने जैसा शब्द नहीं बोलता कि मैंने

00:40:48:16 कहीं लिखा लिखाऊंगा। कहा है कि हम शास्त्र सम्मत भक्ति करते हैं। ये कहां लिखा है? अरे सर मेरी भी तो सुनो आपको मैं प्रमाण दे रहा हूं इस चीज का कि मैं मतलब लिखा दिखाऊंगा आपका ये तो मेरी सोच है मैं उनको बाद में मानता हूं आपकी सोच है ना शास्त्र में तो नहीं लिखा और सुनो गीता और वेद क्यों मानता हूं के गीता और वेद ये ब्रह्म ज्ञान है ब्रह्म ज्ञान ये पूर्ण ब्रह्म ज्ञान है अरे यार आपको बात नहीं करनी चिल्लाना है क्या चिल्लाना नहीं है मैं आपसे ये पूछ रहा हूं मैं आपसे ये पूछ रहा हूं कि आप जो बता रहे पहले वेद फिर गीता और फिर पुराण तो ये कहां लिखा है अरे सर लिखे क्यों ले जा रहे हो उनको आप कहिए कि चुप रहे या तो वो आ जाए आप चले जाइए उनको कुछ नहीं बोल रहा हूं अपने वो अपने विषय में बोल रहे हैं मैं आपसे कुछ नहीं बोल रहे वो नहीं अपने विषय में यहां ना बोले उनको कहिए जाइए आप यहां से थोड़ी देर शांत रह लिख लिख के दे ठीक है कुछ मत कोई मदद करनी है तो लिख लिख के दे अगर अनपढ़ ना हो तो बाहर खा लो ठीक है हां ले रोटी मत खाने दे भैया हां तो मैं ये कह रहा हूं यह जो सिद्धांत आपने बनाया है कि मैं पहले वेद फिर गीता फिर पुराण ये कहां लिखा है? सबसे पहले वेद आए उसके बाद गीता आयु उसके बाद

00:42:03:20 आए मैंने पूछा है मैंने पूछा है आपसे कि यह कहां लिखा है कि मैं मानता हूं हां आपने बोल दिया मैं जवाब दे दूं फिर दोबारा क्वेश्चन मत करना सर ये टाइम बर्बाद हो रहा है क्यों ठीक है क्यों इसलिए नहीं करना फालतू ये टाइम ही बर्बाद हो रहा है सर इस बात को क्वेश्चन को नहीं हो रहा है देखिए आप तय मत करिए क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा है आप मुझे उत्तर दे दीजिए इतना ज्यादा व्यर्थ मैं उत्तर ही दे रहा हूं उसको आप मानिए सर सर मैं आपको उत्तर दे रहा हूं उसको आप मान उत्तर मानने लायक होगा कि मान लूंगा नहीं तो तुम तो कह दोगे कबीर इस गॉड तो मैं मान लूं उसको कबीर इस गॉड को मैं मैं मना ही नहीं रहा आपको कबीर गॉड मैंने कहा बोला आपसे कबीर वो मुझे वो आधार दो कि वेद गीता फिर पुराण ये कहां लिखा है मैं सुनो सर अब मैं आपसे ये कह रहा हूं कि इस समय में मूरी बोई जाती है तो आप इसकी बोल दोगे मुझे कहीं लिखा दिखाओ ये मेरी सोच है मैं बोलूंगा मैं उस बात के लिए आपसे लडूंगा नहीं जो मैं लिखा नहीं दिखा सकता जो मैं लिखा नहीं दिखा सकता हूं उस बात के लिए मैं आपसे लडूंगा नहीं मैं उसी के लिए लडूंगा जो मैं लिखा दिखा दूंगा। तो आप मुझे यह भी लिखा दिखा दो किसी चीज पे अगर आप अपनी किसी चीज पे अटक रहे हैं तो आपको वो दिखाना पड़ेगा। मैं आपको जिस चीज के लिए अटकूंगा वो मैं लिखा दिखाऊंगा। सुनो कहीं वेद में मुझे ये भी दिखा दो। कहीं गीता

00:43:18:26 जी में मुझे गीता जी में दिखा दो। उपनिषद या मान्य दिखाओ कहीं गीता में। मैं उसके लिए अटका। हालांकि वो भी लिखा दिखा सकता हूं। वो भी लिखा सकता हूं पर मैं उसके लिए अटका। सर नहीं सर क्वेश्चन से आप जा रहे हो मैंने क्या कहा मैंने क्या कहा मैं उसी बात के लिए अटकूंगा जिस बात को मैं लिखा दिखा दूंगा सर आप क्वेश्चन से हट रहे हो आप अपने ही क्वेश्चन से हट रहे हो आप ही क्वेश्चन करके अपने क्वेश्चन से हट रहे हो आप ही क्वेश्चन करके अपने क्वेश्चन से हट रहे हो ठीक है आपने बोला मैं आपने बोला मैं उपनिषद दिखाऊंगा मैं उपनिषद मानता नहीं आपने बोला का मैंने उसको मैंने उसको छोड़ दिया ना आप छोड़ दो गीता पुराण आगे बढ़ते हैं। अब सुनो दूसरी चीज आपने बोली आप हां दूसरी चीज आपने बोली आप क्या मानते हो मैं वेद मानता हूं पहले फिर गीता जी को मानता हूं उसके बाद पुराण पहले शब्द का आप उपयोग कर रहे हो ये मैं आपको पूछ रहा हूं ये पहले वाला सिद्धांत कहां लिखा है ये सर मेरा मेरी सोच है आप मेरी सोच को कैसे बदल सकते हो यानी कि ये शास्त्र सम्मत नहीं है शास्त्र के बाद की चीज है मुझे सुनो मुझे ये नहीं पता ये आपकी सोच है शास्त्र सम्मत है नहीं है ये मेरी सोच है ये मेरी पर्सनल सोच है भाई जब आप क्लेम करते हो कि हम शास्त्र सम्मत भक्ति करते हैं। शास्त्र सम्मत बातें करते हैं तो आप अपनी सोच कैसे घुसेड़

00:44:34:00 रहे हो उसमें? मुझे बता दो ना। अरे अब आप ये बता दो आप वेद को मानते हो। मैं पूछ रहा हूं आपसे। मैं मानता हूं वेद को। फिर आप फिर आप बातें क्यों कर रहे हो आगे के लिए? आप वेद मानते हो मैं भी मानता हूं। उसमें बात क्या रहेगी? को मैं पकड़ रहा हूं। मनमुखी मानूंगा। सुनो आप वेद को मानते हो? मैं भी मानता हूं। उसमें क्या है? उसमें है क्या? बताओ। आप भी मानते हो। मैं भी मानता हूं। सिद्धांत आप बता रहे हो कि पहले वेद फिर गीता फिर पुराण ये कहां लिखा है सर मैं चार रोटी खाता हूं आप छह खाओगे भाई साहब दिखाओगे धर्म और अधर्म सुनो धर्म और अधर्म मेरा वेद और आपका वेद अलग नहीं हो सकता वही मैं कह रहा हूं आप अपनी मां को मां मानते हो इसलिए हम लोग बात कर रहे हैं वरना बात ना कर रहे होते हां तो आप मैं मान रहे आप आप मैं भी मानता हूं वेद में गीता जी आप भी नहीं मानते मैं भी मानता हूं या तो ये वाला जो सिद्धांत है इसको छोड़ दीजिए या फिर मुझे लिखा लिखा है नहीं सर मैंने आपसे क्वेश्चन कहा मैं छह रोटी खाता हूं आप भी खाओगे बताओ भाई साहब बात यह है कि मेरा वेद और आपका वेद अलग नहीं है रोटी नहीं सर मैं भी सुनो रोटी दोनों की अलग है नहीं सर वेद अलग तो नहीं है गीता जी तो अलग नहीं है अरे सर वेद और सर अगर खामखा अटकेंगे तो बात आगे नहीं बढ़ पाएगी आप अटक रहे हो सर आप आपने कोई सिद्धांत दिया है

00:45:49:08 तो मुझे लिखा दिखाइए ये कहा है कि पहले वेद फिर गीता फिर पुराण है आपके पास लिखा हुआ इतना बता दीजिए अरे नहीं सर अरे सर मैं जो कह रहा हूं आपको मैं क्या कह रहा हूं सर आप मेरी सुनिए मैं आपसे प्रार्थना कर रहा हूं बार-बार शास्त्र का कहना दिखाइए आप क्या कह रहे हो उससे हमें मतलब नहीं है शास्त्र क्या कह रहा है वो दिखाइए आपकी बात मैं भी नहीं मानूंगा सर मैं भी जो कह रहा हूं आप वेद मानते हो मैं भी मानता हूं भाई मत मानना अरे सर मैंने सुनो सर मैंने पूछा आपसे आप वेद मानते हो मानते हो आप गीता जी मानते हो मानते हो मैं भी मानता हूं मानते हो ना या तो नहीं मानता कि पहले वेद फिर गीता फिर पुराण अरे ये तो मेरी सोच है सर आप उससे क्यों अटक रहे हो? मैं आठ लोग आपकी सोच यहां बीच में क्यों डाल रहे हो? हटाओ। मैं आपको सोच रही हूं आपकी सोच भाई मैं आपको सोच को क्यों मानूं? हटी हुई है ना सर। आप प्रमाण के तौर बात करेंगे वेद और गीता से ही उसे हटाओ। मैं क्या मानते हो? ज्ञान मानते हो उससे आप क्या मतलब? अरे तो आप पहले आप ये सीमित कर रहे हो ना कि पहले वेद से दिखाओ। फिर गीता से दिखाओ। फिर पुराण से दिखाना। नहीं पहले गीता से ही ले लो। पहले वेदों से ले लो आपकी इच्छा। मैं मैं मैं जो है सीमित क्यों हूं आपके कहने पर मैं तीनों से दे सकता हूं मैं तीनों हूं पर मैं परतंत्रता क्यों झेलूं आपकी आप

00:47:04:09 ये कहने वाले हैं कि नहीं मुझे इससे दो नहीं नहीं सर नहीं आप सुनो आपके सुनो आपके घर में घुस के सुनो आपके सिद्धांत आपका सिद्धांत क्या है कि पहले वेद फिर गीता फिर पुराण ये बताओ सिद्धांत नहीं सर जब दोनों सुनो अरे सर जब दोनों को एक ही कमरे में रहना है हम्म तो आप एक ही कमरे की बात करो ना दूसरे की क्यों कर रहे हो जब वेद और गीता दोनों को मानने आप जो है जो चीजें अधिकृत है जिनके आधार पे आपने अपना ताना-वाना खड़ा किया उन्हीं चीजों को स्वीकार करने से आप मना कर रहे हो सर सर आपके पास इस क्वेश्चन का जवाब नहीं है इसलिए आप इस क्वेश्चन पर अटक रहे हो इसका आपके पास कोई जवाब नहीं है सर हर क्वेश्चन का जवाब है आपको अगर नहीं सुनना है तो आप जा सकते हैं सुनना वहां पे आपके पास जवाब सुनो सर आपके पास जवाब नहीं है हमारे पास हर क्वेश्चन का जवाब है आपको सुनना है तो आप जा सकते हैं सर आखरी बार क्यों नहीं है मैं आपसे लास्ट बार पूछ रहा हूं। क्या आपके पास ये लिखा हुआ है? पहले वेद फिर गीता फिर क्या सर क्या सर आपके पास लिखा है कि पहले उपनिषद ही मान्य होंगे या पुराण ही मान्य होंगे या गीता जी मान्य होंगे क्या ऐसा लिखा है? पहले और बाद की बात मैं कहां अटक रहा हूं उस बात पे आप अटक रहे हो। तो आप दिखाइए। क्या दिखाऊं? आप दिखाइए। आप दिखाइए फिर। यानी यानी कि ये वाला मामला नहीं है ना कि पहले वेद दिखाओ। फिर गीता दिखाओ। फिर पुराण

00:48:19:13 दिखाना। कुछ भी नहीं आप दिखाइए। सुनो सुनो सर मैंने आपकी छूट कर दी आप दिखाइए। हां मुझे फिर मुझे फिर बोलना होगा मैं बोल दूंगा। गुड गुड गुड मैं दिखाता हूं। मैं दिखाता हूं मैं। दिखाइए दिखाइए दिखाइए। आपको तो व ले जाना है। दिखाइए सर दिखाइए। बाद में अपने आप बात कर लूंगा। ये तो मेरी ऊपर है। मानू या ना मानू। जनता मानेगी या ना माने वो जनता मानना ना वो तो एक नास्तिक के ऊपर है भगवान को माने ना माने वो तो एक व्यक्ति के ऊपर है लेकिन सर मैं तो मानता हूं मैं तो भगवान मानता हूं ना मैं नास्तिक नहीं हूं नहीं आप जो ये तर्क दे रहे हो कि वो तो मेरे ऊपर है तो मैं उसका उत्तर दे रहा हूं आपको हां हां आप जो तर्क दे रहे हो तो मैं उसका उत्तर दे रहा हूं आपको। बिल्कुल देव जी छूट है आपकी कहां कह रहे हो कहां से कहां हो मथुरा से मथुरा में कोई चैनल है मैं कह रहा हूं चैनल पूछूंगा आवाज वहां तक जा रहा है डिस्टर्ब हो जाते चैनल है डिस्टरबेंस हो

00:49:46:24 दिखाई तो निजी चैनल है वैसे शिव पुराण समिता दसवा अध्याय और 75वा श्लोक 75वा प्रश्न चाहिए क्या बंद कर हम बंद कर चेहरा नहीं दिखा है बाहर खा लो बाहर कहां खा माफ करके ये देखो भैया ये शिवजी बोल रहे हैं जी हां [गला साफ़ करने की आवाज़] कि मैं ही परम ब्रह्म हूं। जी अकल कल सगुण यानी और अकल निर्गुण ये दोनों मेरे ही रूप है। मेरा स्वरूप ब्रह्म रूप ब्रह्म रूप होने के कारण मैं ईश्वर भी हूं। जीवों पर अनुग्रह आदि करना मेरा कार्य है। हे ब्रह्मा और केशव सबसे बहत और जगत की वृद्धि करने वाला होने के कारण मैं ब्रह्म भी हूं। मैं परम ब्रह्म भी हूं। मैं पर ब्रह्म भी हूं। सर्वत्र सर्व सम रूप से स्थित

00:51:02:00 और व्यापक होने से मैं ही सबकी आत्मा भी हूं। यह देख

00:51:05:25 लीजिए। ना मैंने देख लिया। आप कोई बात नहीं है। हां दिख रहा है सबसे ऊपर पहली लाइन। सबसे ऊपर पहली लाइन हां हां दिख रहा

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00:51:15:27 है। क्या लिखा है? परम ब्रह्म हूं। अब दूसरा मैंने सुन लिया। अब दूसरा अब दूसरा दिखाता हूं। [गला साफ़ करने की आवाज़] वहां दिखा दिखाई वाली

00:51:52:12 बार-बार कमेंट आ रही है नहीं तो जो पीछे से बोलना बंद करो तुम्हारी जी बंद नहीं रही ना तुम भगाओगे बैठ जाके मैं जा श्रीमत भागवत दो 5

00:52:41:02 [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] दो 5 दो पांच 200 99 दो पांच

00:53:28:12 दो पांच 15 दो पांच 12 हां हां तो 12 से मैं पढ़ रहा हूं। 12 से पढ़ रहा हूं। 12 से ठीक है। प्रजा पालन से मेरी बड़ी सेवा होगी। तुम्हें प्रजा का पालन करते देखकर श्री हरि भी तुमसे प्रसन्न होंगे। जिन पर यज्ञ मूर्ति जनार्दन भगवान प्रसन्न नहीं होते। उनका सारा श्रम व्यर्थ हो जाता है। क्योंकि वह तो एक प्रकार से अपने आत्मा का ही अनादर करते हैं। पाप का नाश करने वाले

00:54:15:01 12 तुम्हारे पूर्वज मेरे मानस पुत्र थे और विष्णु के शुद्ध सत्यमय सब लोकों के शिरोभाग में स्थित वैुंठ धाम में जाकर सभी लोग विष्णु रूप होकर रहते हैं कामनाएं छोड़कर और इसी में आगे इनका ब्रह्मत्व भी बताया जा रहा है क्या है वह ब्रह्मत्व

00:54:48:12 जिस समय मैं लोक रचना में लगा हुआ था और अब तो जिनके संकल्प मात्र से वह सर्वशक्तिमान श्री हरि मेरा यह काम पूरा करेंगे सर्वशक्तिमान ठीक है और वेद भी इनहीं के परायण बताए जा रहे हैं विष्णु भगवान के दो पांच 15 गया इसके अंदर दूसरा स्कंद

00:55:29:08 दो [गला साफ़ करने की आवाज़] 5 12 हम यहां पे ब्रह्मा जी बता रहे हैं विष्णु भगवान के बारे में कि जैसे सूर्य अग्नि चंद्रमा ग्रहण ग्रह नक्षत्र और तारे उन्हीं के प्रकाश से प्रकाशित होकर जगत में प्रकाश फैलाते हैं। वैसे ही मैं भी उनहीं स्वयं प्रकाश भगवान से चिन्मय प्रकाश से प्रकाशित होकर संसार को प्रकाशित कर रहा हूं। उन भगवान वासुदेव की मैं वंदना करता हूं और ध्यान भी जिनकी दुर्ज माया से मोहित होकर लोग मुझे जगतगुरु कहते हैं। यह माया तो उनकी आंखों के सामने ठहरती ही नहीं। चेप कर दूर ही रहती है। परंतु संसार के अज्ञानी जन उसी से मोहित होकर यह मेरा हूं। यह मेरा है। इस प्रकार बते रहते हैं। वेद नारायण के परायण है। वेद जो है कहां चले गए? चले ही गए। जय सियाराम। भाई साहब जय सिया राम। जय श्री राम। वो अभी बोल रहे थे कि वेद गीता मानता हूं। वो गए। है ना? मेरे को लेते थोड़ी देर पहले। उनको पहली तो बात तो ये बताइए। आप अपने गुरु को नहीं मानते। जो पुराण उनका जो गुरु का पुराणों पर खड़ा हुआ है सारा आधार। दूसरी बात वेदों के बाद में तुरंत बाद क्या आता है? ब्राह्मण आता है। उसमें लिखा हुआ साफ-साफ है।

00:56:39:27 अभी मैं ये दिखा रहा हूं। जरा एक मिनट ये देख लेने दीजिए। वेद जो है नारायण के परायण है। देवता भी नारायण के ही अंगों में कल्पित हैं। सब प्रकार से योग भी नारायण की प्राप्ति हेतु है। जितने भी यज्ञ होते हैं सारी तपस्याएं नारायण की ओर ले जाने वाली है। वे दृष्टा होने पर भी ईश्वर है। स्वामी है। निर्विकार होने पर भी सर्व स्वरूप है। उन्होंने ही मुझे बनाया है। उनकी दृष्टि से ही प्रेरित होकर मैं उनके इच्छा अनुसार सृष्टि रचना करता हूं। भगवान माया के गुणों

00:57:11:18 से रहित एवं यह देख लो गुणों से रहित भी देख लेना ब्रह्मा विष्णु महेश को गुणों गुण कहने वाले भगवान माया के गुणों से रहित एवं अनंत है सृष्टि स्थिति और प्रलय के लिए रजोगुण सतोगुण और तमोगुण ये तीन गुण माया के द्वारा वो

⬜ Not used yet · 00:57:29:03 – 00:57:48:04 (0:19)

00:57:29:03 करते हैं दोबारा से लीक कर रहा है ये आवाज कहां से आ रही है आवाज कहां से आ रही है और घर परिवार ठीक है सब बढ़िया सब ठीक है ठीक ठीक ठीक आवाज आवाज संदीप जी आवाज ठीक है

00:57:48:04 तो ये नारायण की भगवत वो हो गई अब मैं जरा वेदों से भी बता दूं जिसको कोई भाग ही गए भाई वो प्रमाण सुनते सुनते भाग ही गए

⬜ Not used yet · 00:57:56:28 – 01:00:39:20 (2:43)

00:57:56:28 अब मैं वेदों से दिखा दूं इनकी परब्रह्मता वेदों में शिवजी की बात कहां पर हो रही है वो बता दूं पहले विष्णु जी की बात देख लेते है ऋग्वेद एक भैया जय श्री राम ऋग्व 22 एक मिनट एक मिनट मनीष जी एक मिनट एक मिनट ऋग्वेद एक 22वां सूत्र [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] हम

00:58:44:16 मैंने जो कुछ भी किया है 17 ऋग्वेद ऋग्वेद 1/7 से 23 यह आ गया 17 जिनके भीतर विश्व संभू विश्व भेजी जल के भीतर मौज मंत्र की ओर और ऋग्वेद एक 22 के बाद ऋग्वेद एक 156 भी

00:59:38:26 एक 156 दिखा प्रमाण जब तक मैं प्रमाण दिखा रहा हूं तब तक आप भाग ही गए। एक एक श्लोक और खोलना मैं बताता हूं। अथर्ववेयर से 156 10 12

01:00:14:07 ये खोलना आप 15 छ 10 12 15 हां इसके बीच में ही मिलेगा कांड कौन सा 15 बता रहे है ना

01:00:39:20 अरे भाई कहां चले गए? आए थे प्रमाण मांगने। चले कहां गए? संदीप जी ये क्या हो रहा है? [हंसी] फिजियोथरेपी चल रही है।

⬜ Not used yet · 01:00:57:08 – 01:08:56:09 (7:59)

01:00:57:08 सर फिजियोथरेपी चलती है साथ में। एक्चुअल में हमारा ना दिवाली का सीजन होता है ना तो हमारा लगातार 15 15 आ गया सूक्त नंबर छह आ गए हमने ये सारे जो प्रमाण है ना ये संकलित करके रख रखे हैं जिससे कि किसी दिन अगर वो पड़े तो हम जो है उसकी बात करें अच्छा आप वो आप वो वाला प्रमाण दे रहे है की पुराण पुराण प्रमाणित क्यों है ना चले गए देखिए यहां पे पुराणों की वैदिकता बताई जा रही है कि जो यह वेद जानता है वो निश्चय करके इतिहास पुराण का गाथा का नारा शंशी का प्रिय धाम होता है तो वेद से ही पुराणों की प्रमाणिकता प्राप्त है यही बता रहे थे ना आप है ना ये पुराणों की प्रमाणिकता है वेद से वेद से अब ये नहीं कह सकते कि वेद जो है पीछे है और पुराण जो है बाद में है मैंने बताया था ना 15 छ 10

01:02:02:21 तो उसमें ये दिखा रखा है कि वेद पुराण और इतिहास मतलब यानी कि ये एक ही है हां वेद पुराण इतिहास एक ही है कह रहा था ना ये कह रहा था कि कहां लिखा हुआ है तो इसकी चोंच बंद कर देना दोबारा ये ये बहुत सारे प्रमाण है अपने पास पुराणों की प्रामाणिकता के लिए एक एक पुराण का भी संदर्भ है एक एक पुराण का एक एक पुराण का भी वो है अपने पास कि एक एक पुराण से भी ये लिया जा सकता है कि जी एक वो दिया गया है। एक आपको बात बताता हूं आज इनके बारे में बड़ी जरूरी चीज है। जब आपने उनको फोटो दिखाई ना कबीर दास की तो आप नेगेटिव पॉइंट दिखाओगे ना तो ये आपको शास्त्रों में उलझाएंगे जान के आपने क्या करना था इनको इनको दोबारा बुलाओ के भाई ये बता के ये जो ये जो फोटो है वो आप बिल्कुल सही जा रहे थे इसने जान के आपको डाइवर्ट कर दिया और आपको डायवर्ट कैसे कर दिया आपने गलती कर दी आप नहीं बोलते कि हां ठीक है पुराण सही फिर इनके गुरु को नहीं गलत साबित करते सर इन्होंने सही किया है मेरी बात सुनी जी एक सेकंड आप चुप रहो शिव क्या था वो जब आपने उनको फोटो दिखाई ना उनका दिमाग ठन गया कि अब ये हमारी पोल खोलेंगे और बाकी आप पोल बिल्कुल सही तरीके

01:03:17:27 से खोल रहे थे आप बिल्कुल पॉइंट टू पॉइंट ना साइड में बिल्कुल सेट जगह पे आए बाद में मुझे बड़ा अच्छा लगा जैसे आपने पहले पूछा सर क्या है तो पहले दूसरा पूछा फिर एंड पे जिस समय इस पॉइंट पे आए ना फिर आपने फोटो जब दिखाई उनको तो वो घबरा गया कि अब ये जो है पोल खुली खुली उसने आपको डाइवर्ट किया इसीलिए देखिए एक एक माइनस पॉइंट इनका ये होता है। जी जी एक मतलब इनका खेलने का तरीका क्या है? जी जैसे ही फसेंगे तो हसने का उत्तर नहीं देंगे। ये आपसे सवाल करेंगे। अगर ऐसा है तो ब्रह्मा विष्णु महेश को अविनाशी दिखा दो। आपने इसका पॉइंट बिल्कुल क्लियर कर दिया था। उस समय जब आपने ये बात बोली ना कि भ ये बता कि जब ये कबीर दास जो है जब ये धरती पे आके ये बुढ़ापे वाला ये वाला बुढ़ापे में फंस गए अजर में जब धरती पे आकर तो फिर वो ब्रह्मा विष्णु शिव महेश के बारे में क्वेश्चनिंग क्यों करते हो भाई ये फस चुका था पूरी तरीके से इस समय इस करके अब ये भाग गया है इसको इसी के सवाल पे ही बिल्कुल पकड़ के रखना था वहीं पे आपने इसको पकड़ के रखना क्या ये बता कि जब तुम कहते हो वहां पे सतलोक के अंदर वो अजर रहते हैं और जब वो यहां पे सशरीर आते हैं सशरीर का मतलब है जैसे वहां है वैसे ऐसे यहां पे आते हैं। तो यहां पर जब वो बूढ़ा हो गया जब इसने खुद ही मान लिया कि हां वो बुढ़ापे में आ गए यहां पर धरती पे क्या जब वो धरती पर बुढ़ापे

01:04:32:28 में आ गए जब वो वापस गए तो वो सतलोक में फिर बुढ़ापे वाला शरीर गया कहां भाई वो तो बता यहां पता अच्छा मुझे आज एक चीज अच्छी लगी मुझे आज एक चीज अच्छी लगी कि दोद लोग आए और वो किस तरीके से उनके परिवार में जो विपदा है उसको होने के बावजूद भी वो जो है बचे हुए हैं और कह रहे हैं कि आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अलग कुछ काम हो रहा है जो हम लोग कर रहे हैं। मेहनत व्यर्थ नहीं जा रही है। सर उनके लिए एक मैसेज है। उनके लिए ना एक मैसेज है जो अभी आए थे ना दोनों सर एक सेकंड मनीष जी एक सेकंड उन दोनों के लिए मैसेज है भाई आप जैसे आपके फादर की या फादर की प्रॉब्लम है ना कि वो घर में कबीर दास की फोटो लगाते आप श्री कृष्ण जी की पूजा धूम धड़ाके से करो वहां पे वो अपने आप ट्रैक पे आ जाएंगे। भक्त प्रह्लाद की तरह भक्ति करो अपनी। जैसे वो हिरण्य कश्यप के थे वो समझते नहीं थे। लेकिन उन्होंने भक्त प्रह्लाद ने उनको समझा के लास्ट में समझाया। ये समझ इंसान है शब्द नहीं कह सकते वो आपकी आवाज में ब्रेक आ रहा है जी मनीष जी बोलिए

01:05:38:26 मनीष जी बोलिए कह रहा था मनीष जी बोलिए आपने वेद से दिखाई दिया कि पुराण और ये इतिहास मान्य होंगे। अब वेदों के बाद में आते हैं ब्राह्मण। तो ब्राह्मण में गोपथ ब्राह्मण है। आपको बता देता हूं अथर्ववेद का इसमें लिखा हुआ है। सुनिए सुनिए सुनिए गोपथ ब्राह्मण वगैरह इनकी ऊपर से चांद गंजी रहती है। ऊपर से सब सरक जाएगा। ये सब नाम कहां ले रहे हो इतने क्लिष्ट नाम? ब्राह्मण येणि सूत्र निरुक्त ये सब तो जानते ही नहीं है। ये आप कहां ले रहे हो? बात सही है पर राम राम जी राम राम राम राम जी कहां पर हैं आप कौन है जी शैलेश पुरी जी जी शैलेश पुरी जी अत 10835

01:06:36:16 10835 खोल लेते हैं 32 32 32 बोल बोलने का मौका मिलेगा जी जी जी दो मिनट [गला साफ़ करने की आवाज़]

01:07:30:24 10 आठ और सूक्त नंबर 35 अथर्व 32 32 32 हम क्या लिखा है इसमें समीप होने पर भी वह छोड़ता नहीं है। वह निकट होने पर भी दिखाई नहीं देता है। परमात्मा के इस विश्व ब्रह्मांड रूप काव्य को यह ना कभी मरता है ना कभी पुराना होता है। अजर अब काव्य काव्य क्यों ना है? काव्य एक रामायण है। हम जानते हैं और ये रामायण कभी तो ना तो पुरानी होती है हम सब जानते हैं परमात्मा का तो ये रामायण को भी है ना हम ये नहीं कह सकते कि हम नहीं मानते क्योंकि वेदों में सात प्रमाण है कि पुराण और रामायण ग्रंथ ऐसे हैं जो वेद तुल्य है हम [गला साफ़ करने की आवाज़] तो इनको तुरंत मारा करो क्योंकि ये उस टाइम बोल रहा था तो मुझे आपने लिया नहीं मुझे बहुत गुस्सा आ गया यार ये बोल कहां से रहा है [हंसी] नहीं नहीं देखिए ऐसा है मैं भी अपने पास बहुत सारे सारे प्रमाण ले बैठा हूं। अब मैं अपने वाले निकाल रहा हूं। अब आपको रटा आपको वो मुंह पे था। मैं एक एक करके तसल्ली से इनको दिखाता। एक एक करके थोड़ा आराम आराम से

01:08:48:28 एक साथ अगर चला जाता है ना। हां एक साथ अगर मार अगर एक साथ आप

01:08:56:09 कोई सजा है वो एक साथ दे दोगे तो उसका वो आनंद नहीं आएगा। आप धीरे-धीरे इंस्टॉलमेंट में उसको दीजिए तब उसको आनंद आएगा। देखो वो अगली इंस्टॉलमेंट लेने से पहले ही भाग गया। ठीक है।

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01:09:08:00 शैलेश पुरी जी को सुन लेते हैं। जी शैलेश पुरी जी बताइए। हम चाहते हैं ना आरती करना है मुझे। ठीक है। जय सीताराम सीताराम जय महाकाल। [गला साफ़ करने की आवाज़] जी शैलेश पुरी जी आप सुन पा रहे हैं? जी बिल्कुल जी मैं थोड़ी देर थोड़ा टाइम दोगे मेरे को जुड़ने के लिए प्लीज क्या है मेरे यहां लाइट चली गई अभी और अभी लाइट आई है मेरा मेरा जो मोबाइल है वो डिस्चार्ज हो गया प्लीज थोड़ा सा मैं चार्ज लगा के आता हूं अच्छा आपके आप रामपाल जी के फॉलोअ है आप जी बिल्कुल जी हम संत रामपाल जी महाराज के फॉलोअ है। ठीक है ठीक है ठीक है आइए आप आइए स्वागत है आपका

01:10:01:10 अ मैं देख रहा हूं एक सज्जन है टीशर्ट में भाई साहब बताएं अपने बारे में एस नाम है आपका एस अरे मैं कहीं बाहर आ चुका हूं महादेव अच्छा अच्छा महादेव महादेव सात्विक नाम है मेरा सात्विक हां सात्विक जी अब आप इस तरह से दिखते हैं ना यहां पर [हंसी] आप पर्सनली तो मिले नहीं मिले मुझे लग रहा है मैं एक चीज कहना चाहता था

01:10:37:18 पवित्र मुसलमान पवित्र रमजान संस्था वाला संत नाम ज्ञानेश्वरी गीता आज पवित्र भगवत गीता भगवत गीता वेदवा भगवत गीता वेद कुरान पवित्र कुरान का संबंध है गीते हजरत मोहम्मद जी मांस नहीं खाते या बदल उल्लेख करने का गरज है ये इसमें कुरान बाइबल सबका मिक्सचर जो बनाया है इन्होंने हजरत मोमिन तो शरवीर हलाल की थी व मुसलमान पुलिस स्टेशन

01:11:32:21 नाम का ज्ञान गंगा बस करिए बस करिए ये देखिए अभी नया ताजा तरीन मामला है ये इनको पकड़ के ले जाया गया है और उसका कारण यही है कि ये जो है इसमें मिलावट करते हैं अपने मन से कुछ भी लिख देते हैं एक प्रश्न आ रहा है सुप्रीम भाई हैं। ये पूछ रहे हैं यह बताओ जब शिवजी अविनाशी थे तो भस्मासुर से क्यों भागे? वो क्यों नहीं उनसे डटकर क्यों नहीं सबक सिखाया? मैं आपसे ये पूछ रहा हूं कि यदि आपके जो रामपाल दास जी हैं वो अविनाशी हैं तो वो भोजन क्यों करते हैं? वहां जेल में भोजन करते हैं कि नहीं करते हैं जेलधाम में? अभी आपका ही आदमी कह रहा है ना स्क्रीन पर आके वो क्या बोला? नाशवान लोक में नाशवान लोक की लीलाएं करते हैं भगवान वही खुद बोल रहा है आपका तो ऐसे ही ब्रह्मा विष्णु महेश कर रहे हैं उनसे आपको दिक्कत है

01:12:28:21 आपका कबीर जो है वो नाशवान लोक में नाशवान जो लोक की जो सीमाएं हैं उसमें सीमित हो जाएगा वो आपको पच जाएगा वही चीज ब्रह्मा विष्णु महेश उनके बारे में लिखा है यह भगवान है मैं परम ब्रह्म हूं तो वो शास्त्र की बात आपको नहीं माननी है रामपाल दास हॉस्पिटल में एडमिट क्यों होते हैं? क्यों हुए थे? उनको पैसों की क्या जरूरत है? वो पैसे वाला सीन दिखाओ भैया जरा। पैसे ले रहे हैं सीधे हाथ में। दिखा दो जरा।

01:13:01:06 क्या जरूरत है पैसों की? भाई। वो तो सर्वज्ञ सर्वशक्तिमान के अवतार हैं। शिवशु भाई इनके पुत्र के हैं या इनका जवाब देना कोई जरूरी नहीं है। नहीं नहीं जब कोई नहीं है तब तक जवाब दे देते हैं। कोई बात नहीं है उसमें। हम महादेव मैं एक चीज कहना चाहता था आपसे। हम महादेव महादेव बताइए। मैं आपसे एक चीज कहना चाहता था कि आप इनको इतना समझाते हैं। अभी आपने उन भाई को बोला कि वो आप कुछ प्रमाण दे रहे थे निर्गुण के ऊपर हैं। [गला साफ़ करने की आवाज़] तो ये आप थोड़ा सोचिए कि वो डायरेक्ट ही मतलब आपने पूरा प्रमाण नहीं दिया जिससे पहले हां हां हां [हंसी] हां हां हां उस उस व्यक्ति को यही नहीं पता कि निर्गुण क्या होता है। वास्तविकता तो ये है। आप फालतू में प्रमाण दे रहे हैं। इतना बड़ा अभी दो तीन महीने पहले की बात याद आ गई मुझे एक व्यक्ति से मैं इस पर चर्चा कर रहा था तो मैंने उसको 20 से 25 मिनट कल्प वेद समझाया कल्प वेद क्या होता है हम [गला साफ़ करने की आवाज़] लास्ट में पूछता है कल्प क्या होता है भाई [हंसी] कल्प [नाक से की जाने वाली आवाज़] क्या होता है नहीं उसे यही नहीं पता कल्प क्या होता कह

01:14:16:07 रहे हो इनसे प्रमाणों पे बात करना ऐसा लगता है जैसे दीवार मतलब सर मार रहे हो प्रमाण की तो बात रहने ही क्योंकि जब हम प्रमाणात प्रमाण दिखाते हैं तो ये दूसरा प्रश्न करते हैं। भाई पहले जब आपको प्रमाण मिल गया तो पहले उस बात को स्वीकार कर लो ना कि ब्रह्मा विष्णु महेश का अगर हमने दिखा दिया मैं परम ब्रह्म हूं। हो गया। अब उसको मान लो। मगर ये है ना प्रमाण दिखाने से जब हम दिखाते हैं तो लोगों को प्रमाण मिल जाता है कि हां भाई शिवजी ने कहा कि मैं परम ब्रह्म हूं। और शिव जी के लिए हमने वीडियो बना दिए हैं ऑलरेडी। मैं आपको एक बार पढ़ के बता देता हूं। कोई नोट करना चाहे तो नोट कर लेना। वैसे हमने प्रॉपर वीडियो में बताया है ब्रह्मा विष्णु महेश की परम ब्रह्मता और अविनाश और सर्वव्यापी कहां-कहां पर सिद्ध हो रहा है? मैं एक बार दोबारा बता देता हूं। सुनो हिरण्य गर्वात्मक आदित्य अर्थात ब्रह्मा जी की पारबह्मता कहां पर है? ऋग्वेद 1115 एक ऋग्वेद 1642 शतपद ब्राह्मण 105 दो शतपद ब्राह्मण 14 एक दो2 दो छंदोग उपनिषद एक छ सात ब्रह्मसूत्र एक एक 20 और गायत्री के द्वारा इनहीं की पूजा होती है। गायत्री कौन सा मंत्र है? सबसे बड़ा मंत्र माना जाता है। देवी

01:15:31:20 भागवत में लिखा गया है। तो वाल्मीकि रामायण युद्ध खंड आदित्य हृदय स्त्रोत है। पूरा गायत्री मंत्र से इनहीं की पूजा हो रही है। भगवान विष्णु की पारबह्मता ऋग्वेद एक 22 17 से 23 ऋग्वेद एक 156 ऋग्वेद सात से 700 और यजुर्वेद 515 यजुर्वेद 515 वही है वामन अवतार के रूप में जो तीन पक्ष से पूरी सृष्टि को नाप दिया था। ठीक है? ब्रह्मा जी द्वारा भगवान नारायण अर्थात विष्णु की वंदना की जाती है। श्रीमद् भागवत दो पांच 12 भगवान माया के गुणों से रहित हैं।

01:16:05:10 अनंत है। सृष्टि स्थिति तथा प्रलय करने के लिए रजोगुण, सतोगुण एवं तमोगुण माया के ये तीन गुण उनकी इच्छा से उनके द्वारा स्वीकार किए जाते हैं। उन वो उनके अधीन नहीं है गुणों के। ठीक है? श्रीमद् भागवत दो 5 18 वेद नारायण की बात बताते हैं। समस्त यज्ञ नारायण की प्रसन्नता के लिए समस्त योग साधना तपस्या नारायण के लिए है। समस्त साध्य और साधन नारायण के लिए है। ज्ञान के द्वारा भी नारायण ही जाने जाते हैं। श्रीमद् भागवत दो पांच 15 ब्रह्मा विष्णु और शंकर रूप से जगत की उत्पत्ति स्थिति संहार के कारण विकार रहित शुद्ध अविनाशी ये लो शुद्ध

⬜ Not used yet · 01:16:43:03 – 01:17:25:01 (0:42)

01:16:43:03 अविनाशी परमेश्वर और ये वाला प्रमाण तो हमें रामपाल दास जी के कारण ही मिला। हमने पहले विष्णु पुराण पढ़ रखा था। हमने नोट तो किए नहीं थे कि भाई विष्णु पर कौन चैलेंज करेगा पर कर दिया। अब उसके बाद हमने रामपाल दास जी का एक वीडियो देखा जिसमें वो कह रहे हैं कि वो जो काल है वो जो है इनका पिता है ब्रह्मा विष्णु महेश का। ऐसे कह रहे हैं। अब जब मैंने उसको उसको देखा तो उन्होंने उसमें एक जगह क्या किया कि जहां काल के लिए परम ब्रह्म लिखा था वो कहा कि ये गलती से लिख दिया है। परम ब्रह्म शब्द जो है वो गलती से लिख दिया है। तो मैंने विष्णु पुराण खोल के देखा तो वही लिखा है। क्या लिखा है? ब्रह्मा विष्णु और शंकर रूप से जगत की उत्पत्ति स्थिति एवं सम्मार के कारण

01:17:25:01 विकार रहित शुद्ध अविनाशी परमात्मा सर्वदा एक रस सर्व विजय भगवान वासुदेव विष्णु है। विष्णु पुराण दो एक से तीन भगवान विष्णु एक होकर भी नाना रूप वाले हैं। ठीक है? ये हो गए विष्णु पुराण दो तीन। अब भगवान शिव की पारबह्मता सुन लो। ऋग्वेद 2 33 यजुर्वेद 16 दो 41 ऋग्वेद छ 47 18 उपनिषद दो पांच 19 श्वेता शत्रोपनिषद तीन मांडक उपनिषद सात ऋग्वेद 6 49 10 अथर्ववेद सात 87 एक ऋग्वेद 8 72 तीन यजुर्वेद 16 54 यजुर्वेद 66 तीन ऋग्वेद 565 अथर्ववेद 13 चार चार ऋग्वेद पांच 5 42 11 ऋग्वेद 7 49 12 यहां पे महामृत्युंजय मंत्र है 7 49 12 में श्वेता शत्रोपनिषद एक 10 ऋग्वेद एक 114 ऋग्वेद 7:46 शुक्ल यजुर्वेद रुद्राष्टाध्याय सूक्त पूरा अथर्ववेद 13 चार चार कहीं पे ये प्रॉब्लम हो कि महादेव कौन है? स रुद्र स महादेव रुद्र ही महादेव है। शिव महापुराण शिवलिंग और शिव की प्रतिमा दोनों

01:18:40:04 ही पूजन द्वारा भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मोक्ष मिल गया। भगवान शिव की पूजा से शिवलिंग की पूजा से मोक्ष मिल गया। कहां लिखा है? शिव पुराण एक पांच 31 शिव ही परमात्मा है। एक पांच 12 मैं ही परम ब्रह्म हूं। शिव पुराण 10 36 37 ठीक है। तो ये सब है। और इसके अलावा इसमें देवी का भी है। ब्रह्मा विष्णु महेश का तो कर लिया। देवी जी का भी है। परबह्मता और गणेश जी का भी है। ठीक है? हां बिल्कुल। अब

⬜ Not used yet · 01:19:17:27 – 01:47:03:22 (27:46)

01:19:17:27 इसके बाद हम [गला साफ़ करने की आवाज़] देखते हैं ये घनश्याम तिवारी जी संभता पहली बार आए हैं। इनकी बात थोड़ा सा सुन ले। जी बोले घनश्याम तिवारी जी। जय श्री राम अपना अन म्यूट कर लीजिए अपने आप को। अरे भाई वेदों में प्रमाण दिखाइए। कहां है कबीर भगवान? जो बूढ़ा हो भगवान कैसे भैया इनसे मेरा निवेदन है एक सवाल पूछा कीजिए सबसे पहले अभी बोल नहीं रहे हैं तो हम शिवम जी को ऑन कर देते हैं शायद ये आए हैं कबीर जी का पक्ष रखने के लिए इनको अनम्यूट कर दीजिए जी शिवम जी बोल जय श्री राम जय श्री राम भैया जी भैया मैं कबीरपंथी नहीं हूं मैं भी एक सनातनी ही हूं कल [हंसी] कल या परसों में आपकी एक रिकॉर्डेड स्क्रीन दिख रहा था जिसमें मैंने वो रामचरित के बारे में सवाल किया था उनसे कबीर कबीर ऋषियों से तो आज मैं एक शायद 10 मिनट या 15 मिनट का एक वीडियो एक शायद महिला थी जो रामपाल की फॉलोअ थी तो मैं उनको सुन रहा था तो जो आपने कहा था कि हनुमान जी के

01:20:32:28 बारे में हनुमान चालीसा के बारे में सब बोला था तो और आपने एक सवाल और रामपाल को किया था कि वो अपने आप को कुत्ता बोल रहे हैं दो कौड़ी का बोल रहे हैं हम तो उन्होंने तो एक महिला थी उनकी फॉलोअ वो कह रही थी तुलसीदास ने भी तो रामचरितमानस में खुद को ठगी कहा है कि जो अरे भैया नहीं देखिए अगर रामपाल दास जी ने स्वयं को कुत्ता बोला या स्वयं को दो कौड़ी का बोला या स्वयं को तुच्छ बोला दो टके का बोला तो हम यह समझ सकते हैं कि वो उन्होंने एक उदारता है उनकी कि अपनी जो शरणाग गति है वो दिखा रहे हैं जिसको वो मानते हैं उसके प्रति इसी प्रकार से ब्रह्मा विष्णु महेश जब किसी की पूजा कर रहे हैं भक्ति भाव में आकर के अपनी उदारता के कारण अपनी शरणागति दिखा रहे हैं माता के प्रति क्योंकि माता का वहां पर भजन चल रहा है। इसी प्रकार से तुलसीदास जी राम जी के प्रति अपनी उदारता दिखा रहे हैं कि मैं शरणागत हो गया। मैं बहुत बुरा हूं। कबीर दास जी भी अपनी उदारता दिखा रहे हैं। मैं कुत्ता राम का मुतिया मेरी यह सब लिखा हुआ है। मगर अगर वह अजर है तो वह बूढ़े कैसे हो रहे हैं? यह सोचने वाली बात है। और

01:21:48:02 और एक बात और बता दें ऐसा कोई सनातन सिद्धांत नहीं है कि ईश्वर आएगा तो वो बूढ़ा नहीं होगा। जबकि सनातन सिद्धांत ये है राम और कृष्ण राम और कृष्ण जब आते हैं कभी बूढ़े नहीं होते। सदा 16 वर्ष की आयु के समान ही बने रहते हैं। आज भी हमारे मंदिरों में सब में देख लीजिए जो राम और कृष्ण की मूर्ति होती है उनके कभी मूछे और वो दाढ़ी नहीं होती। इसीलिए अभी आदि पुरुष नाम की जो फिल्म आई थी जिसमें राम जी के मूछे बना दी गई थी उसका विरोध हुआ था। विरोध इसीलिए हुआ था कि जो राम और कृष्ण भगवान के पूर्ण अवतार इनके इन पर आयु का प्रभाव नहीं पड़ता और ये आजीवन ऐसे ही रहे थे। टिल अपनी लीला को समाप्त करने तक यह ऐसे ही रहे थे। मगर कबीर तो बूढ़ा हो रहा है। फिर अजर कैसा? जी भैया एक और सवाल था। तो जी आपने एक हनुमान चालीसा का दोहा उसे हनुमान चालीसा का जो लाइन सुनाई थी कि छूट बंदी महा सुख दो बार पाठ कर कोई छूट बंदी महा सुई। हां तो उस लाइन को लेकर उस महिला ने सवाल किया था कि अगर ऐसा है तो हनुमान जी ने तो हनुमान चालीसा लिखी है तो उसने हनुमान बाू का प्रमाण दिया कि उसमें तो लिखा है कि तुलसीदास को इतना सब करने के बाद भी

01:23:03:13 मरते वक्त मरने से पहले उनको फोड़ा हो गया। फोड़ा पुश किया गया था। तो उसने हनुमान बाबू को लिखा अगर वो जिंदगी भर राम नाम की भक्ति करते रहे तो उन्हें ऐसा क्यों हुआ? उसने ऐसा कहा अभी मैं ये पूछ रहा हूं कि जिंदगी भर अभी वो जो है कबीर की भक्ति करते रहे हैं। अभी वो जेल में क्यों है? सर अभी वो जेल में क्यों है? जी जी देखिए दो प्रकार के सुख हैं। एक है भौतिक सुख जेल में सुख क्या कह रहे हैं? जेल में होता जेल में होता कौन है? इसलिए वो जेल में है। हम जेल में सुख है ना अगर जेल में सुख है तो ये बाकी सारे बाहर इनके भक्तगण क्या कर रहे हैं? ये भी टिकट कटा ले अपना जेलधाम का। भाई जब जेलधाम में वो सुख है उनको सुख मिल रहा है वहां पर तो ये अपना टिकट कटा ले वही चले जाए। अरे एक ही जेल में ना जाए अलग-अलग जेल में जाए क्योंकि जेल में तो सुख है मगर अभी कह दो जेल चले जाओ सुख है तो तो कहेंगे

01:24:07:15 आपसे एक चीज पूछना चाहता था मैं जी आपसे एक चीज पूछना चाहता था कि एक बार एक मसीही ने मुझे एक रिबर्टल दिया था उसका जवाब मेरे पास नहीं था मतलब मुझे वो चीज पता थी पर मेरे को वो क्वेश्चन के बाद बहुत हिट किया वो चीज आपके पास हो तो आप दीजिए जरा शिवांगी फोटो बंदा बोल रहा है। उसने मुझे इनकी फोटो करो। नहीं ये तो सात्विक जी है ना आप सात्विक है ना आप? हां हां मैं बोल रहा हूं। हां सात्विक जी बताइए। तो उन्होंने मुझसे एक चीज बोली कि तुम्हारे धर्म के अंदर जो आचार्य है ना वही आज आपस में एक मत नहीं है। वास्तविकता ये है इसलिए तुम्हारा धर्म रसातल में जाता जा रहा है। वही आपस में एक दूसरे से भिड़ते रहते हैं। तो वो बाहर निकल ही नहीं पाते। हर हर मठ पे हर उस पर विवाद चल रहा है लगभग लगभग। हम इस कारण से तुम्हारा धर्म रसातल में जाता जा रहा है। और उन्होंने बहुत मतलब वो बात की कि अब जो नॉर्मल व्यक्ति होता है ना उसको ये सब चीजें समझ में नहीं आती। अब कभी शास्त्र पढ़े नहीं उन लोगों ने। उनको ये सब पता नहीं है। कल्प

01:25:22:24 वेद मनतर वेद क्या होता है कि भगवान अलग-अलग लीलाएं करते हैं। तो वो लोग सीधा क्रिश्चियनिटी की तरफ जाते हैं। उनको और कोई वो नहीं दिखता। समझ लीजिए इसको मैं पूर्ण अर्थ के साथ समझाना चाहूंगा। कि अगर संसार में कोई भी एक व्यक्ति ऐसा है जो अपनी माता को माता की दृष्टि से देख रहा है पत्नी की दृष्टि से नहीं देख रहा है तो इसका कारण है सनातन धर्म है ना तो हम ये नहीं कह सकते जब तक एक भी एक भी घर परिवार ऐसा है इसका मतलब है कि आचार्य अपना काम कर रहे हैं वो बात और है कि जब जैसेजैसे कलयुग का प्रभाव है लोग उनकी बात नहीं मान रहे तो वो रसातल में समाज का स्तर गिर रहा है। वह तब भी लड़ रहे हैं। मगर यह दोष जनता का है जो अपने गुरुओं के पास नहीं जा रही है। अपने आचार्यों के पास नहीं जा रही है। आचार्य को स्वीकार करने से पहले आचार्य के रूप में जनता ये नहीं देखती है किस परंपरा से आचार्य हुए। वह सिर्फ टीवी पर उन्हें सुनती है। जनता यह नहीं देखती है कि हमारे अथर्ववेद में 11 पांच 16 में लिखा है कि ब्रह्मचारी ही आचार्य बनता है। जनता यह नहीं देखती है कि भगवत गीता में लिखा है कि जो परमेश्वर का सबसे

01:26:38:02 निकटतम जो स्थिति होती है उस निकटतम स्थिति को कहते हैं सन्यास। तो अंतिम निर्णायक जो होता है वो सन्यासत्व होना चाहिए। उसके पास। जनता यह नहीं देखती है कि मत्स्य पुराण के 145 वे अध्याय के 52 वे श्लोक में लिखा हुआ है कि समस्त श्रुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस्य की शिक्षा ही साधु संवत धर्म है। जनता ये नहीं देखती है कि अह संशय को दूर कर देने वाला ही आपका गुरु हो सकता है। तो जब इन पैराटर्स पर आप खरा उतारेंगे तब आप बताइएगा कितने आचार्य आपस में लड़ेंगे। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल यही मैंने उससे बोला था आपने जब तक आप जब तक शास्त्र सम्मत आचार्य नहीं चुनेंगे तो आचार्य तो खुद को वो भी कह रहा है आचार्य प्रशांत भी स्वयं को आचार्य कह रहा है अभी तक वो जो करते थे एक मैं अपनी बात रख दूं कभी कबीरा दीवाना था अब वो राम कथा मर्मज्ञ हो गए वो भी कल को आचार्य लिखेंगे अब ऐसे जो स्वषित आचार्य हैं इनके कारण अगर आपस में इनकी नहीं बनती है या इनका धर्म इनका धर्म अलग-अलग है तो इसमें क्या प्रामाणिक आचार्यों का दोष है? नहीं है। आप देखिए जितने भी शास्त्र सम्मत आचार्य हैं

01:27:53:15 जितने भी परंपरा प्राप्त आचार्य हैं वो भले ही किसी भी संप्रदाय के हो मगर शंकराचार्य के प्रति उनका एक सम्मान का दृष्टिकोण बना हुआ है। जैसे प्रेमानंद जी को देख लीजिए, अनिरुद्धाचार्य को देख लीजिए। आप जो है बागेश्वर वालों को देख लीजिए। हालांकि बागेश्वर वाले अनुरुद्धाचार्य जी तो उस लेवल में नहीं है। वह कथा क्या कहते हैं? कथा वक्ता है वह। मगर फिर भी अनेकानेक अलग-अलग संप्रदाय के जो आचार्य हैं सबका जो एक सम्मान की दृष्टि है शंकर परंपरा के सार्वभौमत्व को प्राप्त है। उनका सार्वभौमत्व उन्होंने स्वीकार किया हुआ है। शंकराचार्य का

01:28:37:15 हां हां बिल्कुल मैं ये चीज मानता हूं कि आप जो कह रहे हैं वही मैंने उसे बोला था लेकिन एक मलेच ये सब नहीं समझता है वो तो कन्वर्ट करेगा कि लोन लोगों को समझा है हमारा कार्य है एक मलेश ये सब नहीं समझता है कि प्रमाणिक आचार्य हमारा कार्य है निरत्तर या निराधार दिखाना बस अब वो व्यक्ति सुधारेगा कि नहीं ये नहीं पता काल के समान यह भूत क्या मेरे काबू के हैं? अब देखिए यह कौन कह रहा है?

01:29:17:08 वो जो महिला का वीडियो है जो उसी वीडियो में वह कह रहा है बाू की पीड़ा और बाहू की पीड़ा रूप नीच सुबाहु यह हम लोग दोबारा देख लेंगे एक बार इसको मैंने अभी रीड नहीं किया है हम लोग दोबारा में देखेंगे कुल मिलाकर के बात यह है कि

01:29:49:27 ये देखिए हां ये याद आ गया मुझे वो जो महिला थी उसने क्या वहां पर वो किया अब देखिए मैं एक बात कहता हूं ना जिसको अपनी बात को रखने के लिए अपनी बात को सिद्ध करने के लिए झूठ का आलंबन लेना पड़े, चोरी का आलंबन लेना पड़े। इसका अर्थ है कि उसके जो सिद्धांत है उनमें कमी है। तभी तो उसको झूठ का आलंबन लेना पड़ रहा है। उसने क्या किया महिला ने कि हनुमान बाू का वहां तक दिखाया जहां तक उसके पक्ष में था। उसके बाद उस समस्या का निराकरण भी था। निराकरण क्या है? आगे देखिए जहां पर ये बात लिखी हुई है ना कि उनके मर् अंतिम समय में फोड़े हो गए थे। उसके बाद उन्होंने लिखा है रामचंद्र जी के पुनीत हाथों से मेरा सुधरा सुधार करवाया। यह तुलसी जी ने उसी में लिखा है जिसमें वो यह कह रहे हैं कि मेरे उनके फोड़े हो गए थे अंतिम समय में जिस पर वो आक्षेप लगाया। उसी में आगे लिखा हुआ है कि भाई रामचंद्र जी के उन्हीं दांतों से मेरा सुधार करवाया। किसने? बजरंगबली ने। बजरंगबली ने। आप सुन रहे हैं ना शिवम जी? जी आखिर उसी का फल आज अच्छी तरह पा रहा हूं। हो गया समाधान समस्या का। जी जी है ना? एक्चुअली बात ये ऐसा है ना कि ये लोग

01:31:04:28 अगर सामान्य व्यक्ति हो जैसे मतलब जो अभी ये लोग केवल उतना ही दिखाते हैं। ये लोग केवल उतना ही दिखाते हैं जितना इनको छुपा लेते हैं। वो दिखाता हूं। जरा वो दिखा दीजिए। इनको उंगलियों के बीच से आना दिखाई दे रहा है। वो दिखा दीजिए। जो डिक्शनरी है ना ब्रज शब्द का अर्थ दिखाया है जो केवल पिक्चर दिखा दीजिए आप स्क्रीनशॉट वो स्क्रीनशॉट दिखा दीजिए ये तो भाई लोग आके भाग ही गए बिल्कुल मतलब ऐसा सिर पर पैर रख के कौन भागता है

01:31:47:09 [गला साफ़ करने की आवाज़][खांसने की आवाज़] जय श्री राम जी जय श्री राम। जय श्री राम। अब यहां देखिए ध्यान से देखिए। जहां पर यह ग्रीन कलर का निशान है। ये ये जो स्क्रीनशॉट है ना ये किसका है? रामपाल दास जी के उस वीडियो का स्क्रीनशॉट है ये जिसमें वो यह दिखाते हैं कि ब्रज का अर्थ होता है जाना। और ये नीचे देखिए उनकी उंगलियों के बीच में ध्यान से। इसमें आना दिखाई दे रहा है। मगर यहां से जब कैमरा वो नीचे ले जाते हैं वो तिरछा चला जाता है। वो तत्वदर्शी संत नहीं है। तिरछादर्शी संत है। [हंसी]

01:32:28:09 ये तो चोर की दाढ़ी में तिनका वाली बात हो गई ये तो। [गला साफ़ करने की आवाज़] आपने तिनका तिनका ढूंढ दिया। असल में भैया भैया एक मिनट ये लोग मैं एक मिनट मैं मैं एक मिनट मैं शिवम जी आपको लूंगा। ने एक मिनट मैं मोहित जी आपसे बात हुई थी क्या अभी हमारी राम राम जी नहीं जी अभी नहीं हुई बात सर जय श्री राम जी सर बताइए मेरा एक फ्रेंड है के द्वारा जो पूजित होने वाला जो ईश्वर है वो अजर है क्या सर मैं एक क्वेश्चन है सर मैं मैं पूछ रहा हूं आपका क्वेश्चन ले लेंगे मैं पूछ रहा हूं वो अजर है क्या सुनो मेरे को इतना ज्ञान नहीं है अभी किसी भी चीज का आपको आपको ज्ञान नहीं है तो आपको आना नहीं चाहिए आप लोग यहां आ के हंसी उड़वाते हैं मेरा एक छोटा सा क्वेश्चन है सर छोटा सा आपको जब ज्ञान नहीं एक मिनट आपको जब ज्ञान नहीं है आप किस घर में जन्मे हैं ये बताइए हिंदू है सर हम हिंदू हैं अच्छा आपने दीक्षा ली है रामपाल दास जी से या पहले से आपके माता-पिता ने भी दीक्षा ले ली थी नहीं जी नहीं जी नहीं हम किसी से दीक्षा नहीं लिए। हम सिर्फ हिंदू है सर अपने देवी देवता आप

01:33:43:10 रामपाल दास जी को मानते हैं कि नहीं मानते हैं? नहीं सर नहीं हम नहीं मानते सर उसको नहीं मानते नहीं जी नहीं वेदों में प्रमाण है कबीर भगवान नहीं है नहीं है सर हम उनको मानते ही नहीं सर हम अपने हिंदू देवी देवता की पूजा करते हैं प्रभु श्री राम को मानते हैं हनुमान जी को पूजा करते हैं सर बस अच्छा अच्छा तो क्वेश्चन क्या है आपका जल्दी से बता दीजिए मेरा एक छोटा सा क्वेश्चन है सर कि उसमें दुविधा है मेरी मेरे एक फ्रेंड ने बोला था कि हमारे जो हिंदू धर्म हिंदू ग्रंथ है उसमें लिखा है कि बलि प्रथा बलि प्रथा जो है वो पहले से चली आ रही है। हम लोग इस पर बात करेंगे। बलि प्रथा का जो पर्यवसान है वो मांसाहार के प्रोत्साहन में नहीं है। संकुचन में है। यह एक संक्षिप्त में सूत्रात्मक शैली में समझ लीजिए। बलि का जहां जहां पर उल्लेख है, वह मांसाहार को बढ़ाने के लिए नहीं है। मांसाहार को कम करने के लिए है। अब इस पर हम विस्तृत रूप से हम कभी और बात करेंगे। अभी बात चल रही है रामपाल एंड कंपनी की। अच्छा तो मैं एक बात पूछूंगा

01:34:59:20 जी छोटी छोटी सी बिटिया आई है हमारे बीच में। ये कुछ बताना चाहती है अपने बारे में। जी बताइए छोटी सी बिटिया जी। जय श्री राम भैया। जय श्री राम। आप तो जानते ही हैं पर आज जैसे दो मेंबर आए थे जिन्होंने बताया कि उनकी फैमिली में फॉलो करते हैं। तो आप तो जानते ही हैं पर मैं बताना चाहती हूं कि मेरी तो पूरी फैमिली और मैं भी मतलब मुझे भी फॉलो करवाने लग गए थे और मैंने इसी साल रामपाल को मानना छोड़ा और ये बात मेरी फैमिली अभी जानती भी नहीं है। तो तब आपने दो क्वेश्चन जी आपने तब दो क्वेश्चन पूछे थे उनसे कि ये कैसे कन्वर्ट करते हैं? कैसे ब्रेन वाश करते हैं? और दूसरा ये कि इनका बाद में बिहेव कैसा हो जाता है बाकी फैमिली मेंबर्स के साथ जो कि उनको फॉलो नहीं करते हैं। तो उसका एक एक आंसर तो ये है सीधा सा कि अभी तक मैं अपने मम्मी पापा को बता भी नहीं पाई हूं कि मैं अब उसको फॉलो नहीं करती हूं। तो आप सोच लीजिए कितना डर होता है नहीं बताने का। कहीं फतवा जारी ना हो जाए। इस लड़की को ढूंढो किसने मारना बंद [हंसी] कर दिया है भाई।

01:36:18:16 जी नहीं है आप देखिए कोई जान से मारने का जैसे छोटी बहना छोटी बहना ये हिम्मत वाली दूसरे उसमें होता है ऐसा तो नहीं है ये भक्त प्रह्लाद पैदा हो गया लगता है हिरण्यकश्यप के घर में [हंसी] हमको ऐसा ही करना है संदीप जी ये बहुत सारे बहुत सारे प्रह्लाद जन्म लेने जन्म देने है घर घर में प्रह्लाद होंगे जी जी जी बिलकुल सर बिलकुल सही जी हां बोलो छोटी बहना अ इसमें सबसे पहली बात तो ये है कि मेरी मम्मा का मैं कभी यकीन नहीं कर सकती थी कि उन्होंने कैसे मतलब उनका इतना वो ब्रेन वाश हो गई क्योंकि मैंने अपनी लाइफ में जब तक रामपाल को फॉलो किया तब तक रामपाल का विरोधी मेरी मम्मा से बड़ा कोई नहीं देखा था और वो कन्वर्ट हो गई ये मेरे लिए आज तक इतनी बड़ी रीडल है ना कि कैसे वो वो कन्वर्ट हो गई ये मुझे भी नहीं समझ आया और इसी वजह से फिर मुझे भी उसको फॉलो करना पड़ा था और बाद में क्योंकि मैं ऐसे लोगों से सराउंड हो गई थी हर तरफ से या फिर मेरी पूरी फैमिली उसी घुमाने में लग गई थी घर से मंदिर हटा दिया था तो फिर मतलब मेरे पास और कोई ऑप्शन नहीं बचा था और फिर

01:37:33:18 क्योंकि एक मैं आपको बात बताती हूं कि जब हमने रिसेंटली जब रामपाल का नाम लिया था तो हम ऐसे बाहर जाते थे मैं अपने भाई के साथ रहती थी तो जैसे मंदिर आता है तो उसके सामने झुकने की अपनी आदत होती है तो मेरा भाई शिकायत कर देता था कि यह मंदिर आया था तो ये उसके आगे झुक रही थी तो मुझे डांट पड़ती थी बहुत ज्यादा तो इतना ऐसा हो जाता है फिर बाद में आपको भी क्योंकि आपको आश्रम लेके जाते हैं आप आश्रम में जाते हो वहां पे आपका सब ऐसे ऐसीऐसी बातें डालते हैं क्योंकि मैं ना पहले हनुमान जी की फॉलोअ थी बहुत ज्यादा मतलब मैं उनको मानती थी तो उनके लिए फिर ऐसी बातें बोलते हैं नफरत एक तरह से इतनी भर देते हैं ना मतलब जब मुझे समझ आया कि हां रामपाल गलत है। उसके बाद भी मुझे वापस अपने भगवान को मानने में इतना टाइम लगा था क्योंकि मैं ये एक्सेप्ट नहीं कर पा रही थी। मतलब इतना नफरत भरी होती है ना कि आप वापस अगर आप रामपाल को भी मानना छोड़ दे रहे हो ना तो उसके बाद आपको बहुत मुश्किल होता है वापस अपने भगवान को मानना। इतनी नफरत हो जाती है। एक

01:38:38:04 रामपाल दास जी पहले हनुमान के भक्त थे तब तक बाहर थे हां [गला साफ़ करने की आवाज़] और उसके बाद वो किसी और के भक्त बने और आज कहां है वो हम सब देख रहे हैं वो आज गिड़गिड़ा रहे हैं कि मेरे ऊपर जो है झूठा वो हुआ है बाहर आना चाहते हैं मगर नहीं आ पा रहे उन्होंने हनुमान चालीसा 100 बार नहीं पढ़ी ना जो आपने बताया था जो शब्द दो बार पाठ कर कोई पढ़ते हो सकता है अब आने के चांस बन रहे हो शायद उन्होंने छात्र को सात समझ लिया होगा सात बार पढ़ के छोड़ दिया ऐसा चल रहा हो ऐसा है बाहर जो जिसको करना है करने दे भैया तू हनुमान जी का सहारा ले ले भाई [हंसी] हनुमान जी का सहारा ले ले तभी बाहर तभी बाहर निकलेगा जी बहना बताइए

01:39:29:13 तो सबसे पहले तो इसमें मेरे मेरे ताऊ जी का सबसे बड़ा रोल है। उन्होंने 2005 से वो रामपाल को फॉलो करना स्टार्ट किया था उन्होंने और तब से कंटीन्यूअसली वो मेरे मम्मी पापा को बोलते रहते थे लेकिन वो कभी कन्वर्ट नहीं हुए। मेरे पापा कन्वर्ट हो गए थे 2011 में पर जब रामपाल जेल गया 2014 में तो उन्होंने मानना छोड़ दिया था और वो वापस मंदिर भी जाने लग गए थे। सब कुछ हमारे साथ ही और मेरी मम्मा का मैम आपको बताती हूं। जब उन्होंने मेरे पापा ने 2011 में उसको फॉलो किया था। उस टाइम पे क्योंकि ऐसा होता है कि जब तीन साल के हो जाते हैं ना तो उसके बाद आपको रामपाल का नाम दिलवा देते हैं। उस टाइम पे मैं तीन साल से हो गई थी तो मतलब मुझे भी पापा बोलते थे फॉलो करवाने का लेकिन मेरी मम्मा ने कहा कि आपको जो फॉलो करना है करो मुझे और बच्चों को मत बोलो मतलब ऐसा उतना वो विरोध में उसके और वो कभी कन्वर्ट भी नहीं हुई इन तीन सालों में। उसके बाद पापा ने भी मानना छोड़ दिया। लेकिन एक [हंसी] फनी बात है। मेरे पापा ने एक अंकल को उनके फ्रेंड को कन्वर्ट करवाया था। और 2021 में जब मेरे पापा उसको मारना छोड़ चुके थे तब उन्हीं अंकल ने जिनको पापा ने कन्वर्ट करवाया था

01:40:44:14 उन्हीं ने मेरे पापा को वापस रामपाल का फॉलोअ बना दिया। और ये लोग ऐसे एजेंट की तरह पापा ने जिनको छुड़वाया था उनको वापस रामपाल का कॉम्बो बनवा दिया। नहीं हां मतलब पापा ने जिनको रामपाल का फॉलोअ बनाया था ना अपने फ्रेंड को उन्होंने ही पापा को वापस [हंसी] वापस रामपाल का फॉलोअ बना दिया। अच्छा हां तो उसके बाद जब मेरे पापा चेंज कन्वर्ट हो गए ना तो वो लोग मतलब एक पूजा करवानी थी मेरी तो ये लोग जैसे उन्होंने बताया था ना इनको फैमिली से कोई मतलब नहीं होता है इतना लेकिन इतना हमारे साथ नहीं था हां बस ये हो जाता है कि जैसे मेरे लिए पूजा करवानी थी एक तो मेरे पापा बोल रहे थे नहीं मैं उसमें नहीं बैठूंगा क्योंकि पूजा में नहीं बैठ सकते हैं किसी भी पूजा की तो दूर की बात ये लोग मंदिर भी नहीं जा सकते हैं कुछ भी तो तब तब फिर मेरे भाई को पापा ने फॉलोअर बनाया और धीरे-धीरे करके मेरी मम्मा को फिर उसके बाद मुझे एक दिन पापा आश्रम लेके गए। मैं बहुत मना कर रही थी पर फिर ऐसा होता है ना कि पापा ने कह दिया तो चली गई मैं मतलब जाना। तो पापा मेरे को आश्रम लेके गए और वहां पे मैं मेरे को तब इतनी नॉलेज

01:41:59:18 तो थी नहीं कुछ और कुछ पता भी नहीं था। बस मेरे को उनके जो रूल्स हैं कि बर्थडे सेलिब्रेट नहीं कर सकते या फिर मतलब कि डांस नहीं कर सकते। ये सब से मुझे प्रॉब्लम थी तो मैं इन सब के ऊपर मैंने उनसे पूरे दिन डिबेट की मतलब दोपहर को हम पहुंचे थे शाम तक मैं उनसे डिबेट करती ही रही। हालांकि मुझे अपने स्क्रिप्चर्स की कुछ नॉलेज नहीं थी पर इन्हीं सब बातों पे लास्ट में लेकिन मैंने मम्मा को कॉल किया और उन्होंने कहा कि कुछ होता है तो ठीक है नहीं तो मानना छोड़ो देना तो मतलब कुछ अच्छा होता है तो ठीक है नहीं तो छोड़ देना मानना तब रूल्स भी नहीं पता थे मतलब ये लोग ऐसे करते हैं स्टार्टिंग में पूरे रूल्स नहीं बताते कि जैसे आज तक मेरे पेरेंट्स को नहीं पता लगा था कि ये 5% गीता को नहीं मानते हैं आज तक। मैंने अभी आपकी वीडियोस देख के मैं मतलब मेरी मम्मा को मैंने इतना तो समझा छोड़ देंगी।

01:43:03:06 अच्छा उनमें कुछ सुधार आ रहा है। उनको आज तक नहीं पता था कि ये 5% आपकी माता श्री में थोड़ा बहुत सुधार आ रहा है। हां बहुत ज्यादा वो मुझे ऐसा लगता है कि मुझे मुझे ऐसा लगता है कि वो मानना छोड़ चुकी हैं। बस वो बोल नहीं पा रही है। मतलब मैं उनसे बोली बोल दो ना आप नहीं मानते हो पर वो बोल नहीं पा रही है। पर मुझे ऐसा लगता है कि मैं मतलब इसका मतलब ये है कि वो एडमिट नहीं कर पा रही है मुंह से मगर वो वैचारिक दृष्टि से छोड़ चुकी है। बहुत अच्छी बात है ये। तो एक बार हमारी छोटी प्यारी मुझे लगता है उनकी बातों से किस तरह से ये जो है जूझ रही है भैया इनके लिए तालियां कहते हैं साहसी प्रह्लाद के जैसा [गला साफ़ करने की आवाज़] ये रोल निभा रही है अपने घर में और उसका सारा श्रेय आपको जाता है क्योंकि आप आपने जो रेफरेंसेस दिए और जो आप बातें बताते हो ना मुझे पॉइंट्स तो वहीं से मिले क्योंकि मेरे पास समझाने के लिए कुछ पॉइंट्स नहीं मैंने छ सात महीने से उनको नहीं बता रखा था कि मैं अब उसको नहीं मानती हूं क्योंकि मेरे पास बताने के लिए कुछ था नहीं कि मैं क्यों नहीं मानती हूं। पर आपने सब पॉइंट्स दिए रीजन जो मैं उनको बता पाई समझा पाई। चलो बहुत-बहुत आभार कि आपने मुझे ये भगवत कृपा से ये भगवान का ये प्राप्त हुआ। कृपा प्राप्त हुई कि मैं

01:44:18:07 इसका निमित्त बन पाया कि कोई प्यारी सी छोटी सी बिटिया और वो अपने जो धर्म से किस तरह से वापस उसमें जो है अपनी जगह बना पाई अपना अस्तित्व बचा पाई और अभी भी उसका जो संघर्ष है और हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि आपका जो संघर्ष है उसमें आपको भगवान पूरा पूरा आपको जो है बल प्रदान करें कि आप भी प्रह्लाद की तरीके से वहां पर हिरण्यकश्यप का वध ना करो वध ना करवाओ बल्कि हिरण्यकश्यप को शोध कर लो वापस ले आओ। है ना संदीप जी? बिल्कुल। तो अब हमारे बीच में आ गए हैं शैलेश पुरी जी और उससे पहले मैं एक ऋग्वेद का वो बता दूं प्रमाण विष्णु जी के बारे में बता रहा था जिससे वो भाई साहब दड़की लगा गए। ये मंडल नंबर एक है। सूक्त नंबर 22 है। और 22व सूक्त का यहां पर है क्या कहते हैं? 17वा 17वा मंत्र है। इसमें भगवान विष्णु को परमेश्वर कहा जा रहा है। क्या लिखा है कि विष्णु ने परमेश्वर विष्णु ने इस जगत को विशेषता रमण किया। तीन प्रकार से पावों

01:45:33:10 को प्रक्षिप्त किया और इन विष्णु के धूल युक्त पारद स्थान में यह संपूर्ण जनक जगत सम्यक रूप से अंतर्भूत हो गया। विष्णु [गला साफ़ करने की आवाज़] इसके बाद अगला 18वा मंत्र है कि किसी से ना दबने योग्य सबों के रक्षक भगवान विष्णु धर्मों को धारण करते हुए इस पृथ्वी से तीन पद विक्रम विचक्र करते हैं। इसके बाद आगे है आप हे ऋत्विक जन आप सभी भगवान विष्णु के यह देखिए विष्णु विष्णु को परम ब्रह्म कहा गया स्पष्ट विष्णु भैया यहां कोई वो कबीर और कबीर वाला मामला नहीं है देख लेना स्पष्ट विष्णु चल रहा है यहां पर है ना झूठे की हद तक और चोर के घर तक तो विष्णु स्पष्ट विष्णु की बात हो रही है भगवान विष्णु के प्राणी मात्र के पालन आदि रूप रूपी कर्मों का अवलोकन करें। यह भगवान विष्णु की परबह्मता यहां से 17 से लेकर के 22 तक दी गई है। और कौन सा है ये ऋग्वेद पहला सूक्त 22

01:46:48:21 पहला मंडल 22वा सूक्त 17 से लेकर के मंत्र नंबर 23 तक विष्णु की बात हो रही है। और बाकी और प्रमाण बीच-बीच में देते रहेंगे। तो छोटी बहना को सुनकर बड़ा अच्छा लगा। शैलेश

01:47:03:22 पुरी जी का परिचय जी बताइए राम राम जी जी तो हमें ये बताइए के बताइए जो कबीर है वो अजर है कि नहीं है देखो मैं सबसे पहले तो डिबेट में जितने भी हमारे भाई बहन बैठे हुए हैं और इस डिबेट को जो सुन रहे है तो सबसे पहले आप जी से ही मेरा निवेदन रहेगा सवाश जी के आपके अंदर एक सबसे बड़ी कमजोरी है वो यह है कि आप जब कोई प्रमाण वाली बात आती है कोई संत रामपाल जी महाराज का फॉलोअ सच्चाई से आपको रूबरू करना चाहता है आपको टोकना चाहूंगा टोकना चाहूंगा मैं भी आपके अंदर एक कमी बता सकता हूं सुनिए मैं भी आपके अंदर एक कमी बता सकता हूं सुनिए सुनिए सुनिए मैं भी आपके अंदर एक कमी बता सकता हूं कि आपको एसिडिटी है और एसिडिटी के कारण आप जो है जो धर्म का सही ज्ञान है वो पचा नहीं पाते हैं। आपके गैस बनती है। मानेंगे आप इस बात

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01:48:10:14 को? मानेंगे। इसलिए वो बातें मत बोलिए जो सिद्ध ना कर पाए। वो बातें बोलिए जो अकाट हो। अकाट बातें बोलिए। ये जो ये जो आपका व्यक्तिगत वो है मन इसको आप वहां पर करिए जहां आपके लोग आपकी बात सुने और समझे और मान जाए। हम यहां पर उन बातों को करेंगे जो अकाट्य हो। अभी मैं कह रहा हूं आपके गैस बनती है। एसिडिटी होती है जिसके कारण आप ईश्वर का जो सच्चा ज्ञान है वो पचा नहीं पाते हैं। मानेंगे इस बात को। सबसे पहले पहले जो आपने बात शुरू की है पहले उसको खत्म करिए। उसके बाद दूसरी बात आइए। आपने जो बात कही है भाई साहब देखिए। देखिए भाई साहब भाई साहब देखिए आपने एक आपने भाई साहब एक निर्णय दिया। भाई साहब आपको बात करनी है कि नहीं तो आपने अपना निर्णय क्यों दिया मैं यहां पर आ के आपका निर्णय क्यों सुनू आप अपने पक्ष को रखिए आप ये सिद्ध करिए कबीर भगवान क्यों है आप हमें मत बताइए कि आपके अंदर क्या कमी है क्या नहीं कमी है आप रिमूव करोगे तो कोई सुन नहीं पाएगा क्योंकि रिमूव करोगे तो सुन नहीं पाएगा कोई ऐसी बात बोली है जिसको आप सिद्ध नहीं कर सकते मैं अभी बहुत बातें ऐसी बोल सकता हूं जिसको मैं सिद्ध नहीं कर सकता मगर मैं बोल दूंगा मैं बोल

01:49:25:15 रहा हूं ना आपके गैस इस समय इसलिए आप ऐसा बोल रहे हैं बताइए आपकी आपकी सबसे बड़ी समस्या भाई साहब देखिए मैं कह रहा हूं उस बात को उस बात को छोड़ दीजिए आगे बढ़ जाइए ऐसी बातें ना बोलिए जो भाई साहब मुझे आपको हटाना पड़ेगा मुझे आपको हटाना पड़ेगा मुझे आपको हटाना पड़ेगा मुझे आपको हटाना पड़ेगा मुझे आपको हटाना पड़ेगा मैं आपका मंतव्य समझ गया हूं आपको कोई सुन नहीं रहा इस समय

01:49:58:28 भाई साहब मैं यह कह रहा हूं आप अपनी वह बातें यहां मत करिए जो कि अकाट्य ना हो। वही बातें करिए जो आपको लगता है अकाट है। आपके कह देने से क्या कोर्ट ये मान लेगी? अगर हम अदालत जाएंगे आपके कह देने से कोर्ट ये मान लेगी कि शिवश जो है जैसे ही प्रमाण की बात आती है तो वो जो है बात इधर-उधर की करने लगता है। यहां पे छह आदमी है। यह लोग तो नहीं मानते ना। यह आपकी व्यक्तिगत सोच है। आप अपनी व्यक्तिगत सोच मत बताइए हमें। सिर्फ वह बातें करिए जो शास्त्र से प्रमाणित हो। मैं अपना अवलोकन कराने के लिए आपको मैंने यहां नहीं लिया है। लाइव स्ट्रीम में लाइव स्ट्रीम में मैंने आपको अपनी समीक्षा करवाने के लिए नहीं लिया है। शास्त्र में क्या लिखा है? क्या नहीं लिखा है? इस बारे में बात करना करने के लिए आपको लिया है। आपको करनी है शास्त्र के बारे में बात तो बताइए।

01:50:53:03 शिवा जी व्यक्तिगत बात है कि जैसे ही ऐसा होने लगता है उसको हटाइए उसको छोड़ के आगे चलिए जी बताइए हां तो बात

01:51:09:25 ऐसी है कि कबीर दास जी जो है क्या वो अजर हैं? बिल्कुल जी अजर अमर अविनाशी हैं कबीर दास जी हां तो भैया इनको फोटो दिखाओ एक बार फोटो दिखाओ। भाई साहब इनके ऊपर आपको आयु का प्रभाव दिख रहा है या नहीं दिख रहा है? नीचे वाणी भी पढ़िएगा जी। गरीब ऐसा अभिगत राम है अगम अगोचर नूर सुन स्नेही आदर भाई साहब इनको ऐसे भाई साहब हम कह रहे हैं आपको उनके ऊपर उनके शरीर पर आयु का प्रभाव दिख रहा है या नहीं दिख रहा है देखो जी मेरे को आपके शरीर पर भी दिख रहा है अभी तिलक लगा रखा है आप जी ने बिंदी लगा रखी है बिंदी महिलाएं लगाती है जीए आप जो है मुझे लगता ही नहीं कि आप जो है बुद्धिजीवी हो के और बात करने आए हैं मैं आपसे पूछ रहा हूं कबीर के बारे आप आप कबीर के बारे में बताइए कबीर

01:52:25:03 आपको अजर दिख रहे हैं वहां पर उनके बाल हो चुके हैं बूढ़े दिख रहे हैं वो क्यों दिख रहे हैं बूढ़े वो बताइए भैया भैया आप भी डिबेट कर रहे हो मेरे आपके बारे में तो बोलना पड़ेगा जी सुभाष जी अरे भाई तो मेरा इससे संबंध सिद्ध करो पहले करो संबंध सिद्ध अभी अभी इन्होंने क्या बोला कि बिंदी जो है ना कि महिलाएं लगाती है आपको दिख रहा है ये व्यक्तिगत टिप्पणी आप यहां चर्चा में आके कर रहे हैं। ये ये बात करने नहीं आए हैं। नहीं नहीं तो ये भी तो बताइए कबीर दास जी बूढ़े क्यों दिख रहे हैं? ये ये तुम्हारा बनाया हुआ चित्र है जी। ये आप जी का बनाया हुआ चित्र है। तो आपका बनाया हुआ चित्र कौन सा है? आप जी नहीं देख सकते। थंबनेल दिखा दो। रुको। इनके वीडियोस में रामपाल दास जी के वीडियोस में थंबनेल दिखाओ जिसमें कबीर हूं। दिखाओ।

01:53:47:18 हां भैया चित्र वही है देखो बिल्कुल वही चित्र है जी जी वही है ये तो हमने नहीं लगाया नहीं ये आप जी ने नहीं लगाया है हां देखो आप इस चित्र से आप इस चित्र से क्या सिद्ध करना चाहते हो पहले तो ये बताइए अभी तो अभी तो आप कह रहे थे ये चित्र आपका बनाया हुआ है अब जब आपके आपके आपके अनुसार चित्र दिखा दिया। आपकी सामग्री से। अब आप कह रहे हैं कि आप क्या सिद्ध करना चाह रहे हैं? अगर सिद्ध करने का प्रश्न था तो वहां पर ये क्यों कहा कि ये तो आपका बनाया हुआ चित्र है। सीधे कहते आप क्या सिद्ध करना चाह रहे हैं? सुनो हमारी बात सुनो। हां, ये जो पाखंड ये जो पाखंडवाद है ना यह पाखंडवाद की जो जड़े हैं वो इतनी जबरदस्त मजबूत कर रखी है। हमने पूछा कबीर दास जी बूढ़े क्यों दिख रहे हैं? सिंपल। आपको दिख रहे हैं जी आपकी मंदिरों में जाइए मंदिरों में राम और कृष्ण की जो मूर्ति है वह सफाच दिखेगी 16 वर्ष की आयु वाले रहते हैं सदा का है और मूर्तियां भी वही है आपके कबीर दास जी बूढ़े क्यों दिख रहे हैं जिन लोगों को वो भी हमारी सामग्री में नहीं आपकी सामग्री में कबीर दास जी बूढ़े क्यों दिख रहे हैं ये बताओ

01:55:02:28 जिनको मोतियाबिंद है जी उनको बूढ़े ही दिखेंगे जी आप जी मोतियाबिंद है। जी ठीक है भाई सबने लिया इनका पक्ष अब ये जा सकते हैं ठीक है मोतियाबिंद से मोतियाबिंद से व्यक्ति बूढ़ा सिद्ध बूढ़ा दिखता है यही सिद्ध कर दे आप मुझे बताइए कि ये कहां लिखा है कि जो भगवान का रूप है जिनके मोतियाबिंद होगा उनको बूढ़ा दिखने लगेगा बताइए

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01:55:30:07 भाई आजकल तो ऐसा है कि आपको सुनो मेरी बात आजकल तो ऐसा है कहां लिखा है भाई साहब आजकल लिखा कहां है ये बताइए भाई साहब जो जो डॉक्टर लाइन में जो मैं पूछ रहा हूं जो मत बोलिए शास्त्र का नाम बोलिए जो आंखों वाला है अरे आप मेडिसिन की बात कर रहे हैं जी मोतियाबिंद किसके अंदर आता है शास्त्र में आता है कि आप जो बोल रहे हैं जो भी बात बोल रहे हैं वो आप शास्त्र का नाम लेकर बोले अरे आप पर हंसी आती है भाई आपका नाम आप डिबेट करते हो का नाम का नाम का नाम शास्त्र का नाम देख लो ये आते हैं यहां पर अपनी अनगंत बातें करने शास्त्र तो है नहीं इनको फोटो फोटो दिखाने के बाद भी इनको बुढ़ापा नजर नहीं आया हैरानी की बात देखो कितना कैसे मोतिया इनको खुद हुआ पड़ा है हद है वैसे इनकी यार [हंसी] भैया इनकी खुद की जो सामग्री है इनकी वो इनका जो लोक है जो इनका उल्टा वृक्ष का चित्र है उसमें इनकी किताबों में कबीर दास जी की वही फोटो है सफेद दाढ़ी वाली

01:56:45:08 फाड़ के फेंक दो उन किताबों में पर इनके सारे आश्रमों में लगी हुई है इससे और ज्यादा क्या होगा ये देख लिया इनका इनके तर्क देख लिए इनका प्रमाण देख लिए हम यहां प्रमाण दिए दिए मर जा रहे हैं जब इनसे प्रमाण मांगो सर ये तो जो तो जे तो मोतियाबिन तो दवाई तो ये वो [हंसी] और ये देखो देखो ये उम्र में मेरी बाप की उम्र के हैं। ये समझ रहे हो? और इनका ये हाल है। इनका बौद्धिक स्तर देखो इनका। ये धर्तता दिखाते हैं। धूतता धूते हैं। ये

01:57:25:08 कोई प्रमाण नहीं। मनगढ़ंत बातें और कहते क्या है? भक्ति शास्त्र भक्ति हम करते हैं। भाई पानी पीजिए। [हंसी] मोतियाबिंदी मोतियाब बिंदी हो गया। हमें हुआ है कि इन लोगों को आपको शास्त्रों से सिद्ध करना है कुछ शैलेश जी आखरी बार आपसे पूछ रहा हूं। आपकी आवाज नहीं सुना। [हंसी] इशारा कर दीजिए। हां या ना? हां। इशारा कर दीजिए। आपको शास्त्र से बात करनी है कोई

01:58:08:04 सुनाई नहीं शास्त्र से कोई बात करनी है आपको आप जी शास्त्र को मानते नहीं भाई साहब कौन कितना मानता है वो दिख चुका है वो कौन कितना मानता है वो जनता तय कर लेगी आप अपनी बात बताइए शास्त्रों से कुछ बताना है आपको अभी मैं करीबन तीन चार दिन से आपका डिबेट देख रहा हूं शास्त्र से कुछ बताना है आपको मेरे भाई बिल्कुल मैं उसी पे आ रहा हूं हां उस आइए आप आपने

01:58:38:00 तीन चार दिन से क्या देखा है क्या नहीं देखा है वो मत बताइए कबीर अजर है तो बूढ़ा क्यों दिख रहा है ये बताइए कबीर अजर है तो बूढ़ा क्यों दिख रहा है अरे भाई जी यही तो समस्या है यही तो समस्या है आप शास्त्र की यही तो समस्या है आप शास्त्र की बात करते हो हम आप शास्त्र की बात करते हो वेद का नाम लेते हो जब उस वेद के अंदर लिखा है कि कबीर अंगहारी अस बम हारी अस ऋत धामासी उसको क्यों नहीं दिखाते आप ये कहां वेद है

01:59:14:21 वेद के अंदर ये लिखा हुआ है जी कबीर अंग हारी कबीर हारी कहां पर लिखा है कौन से वेद में लिखा है पहले तो यह बताओ चलो आप ऋग्वेद के अंदर खोलिए कौनसा ऋग्वेद निकालिएगा बोलिए। अरे जब आपके [हंसी] कौन सा निकालू? कौन सा अनुवाद कौन सा मंडल बता रहा हूं जी बता रहा हूं। आपके सर पे से कूद रहे इनको

⬜ Not used yet · 01:59:44:07 – 02:01:40:16 (1:56)

01:59:44:07 अजर पे रहने दो। सर इनसे अजर का क्वेश्चन कूदेंगे इधर उधर। नहीं नहीं हम पकड़ लेंगे पकड़ लेंगे। [गला साफ़ करने की आवाज़] शिवांशी नमस्कार जय श्री राम नमस्कार मैं ये समझ नहीं पाया कि कबीर का अर्थ कबीर दास कैसे होता है वो मैं समझ नहीं पा रहा हूं अभी अभी जब ये अभी जब ये कबीर को कबीर बनाएंगे तब पूछेंगे ना [हंसी] आप पूछिए मैं आपकी बेटी की शादी नहीं हो सकता परंतु गांव बिगड़े थे उसके आगे उसे छोटा पड़ा उसने पुजारी से कहा एक दिन आप खुद ही मजबूर होकर इस बात को हटाए इन आठ दिनों में जैसे बारिश और वारिस में दोनों सेम होते हैं जैसे वारिस का मतलब उत्तराधिकारी बारिश का अर्थ बारिश वर्षा दोनों एक ही बारिश और का और वायरस भी वायरस भी [हंसी] निकलने का समय अब कंप्यूटर में वायरस निकल जाए तो मैं बोलूं कि देखो मेरा एक नया वायरस वारिस पैदा

02:00:59:18 हो गया है। [हंसी] अरे यार बारिश और बारिश में कोई फर्क नहीं होता। हद हो गई आपकी यार अखिलेश जी। चलो चलो चलो काम डाउन थोड़ा उनको नर्वस हो रहा होगा। बहुत लोग हैं खोलिए। चलो आप खोलिएगा सर। बोलिए। आप ये निकालो। आप दूसरे गांव वाले आश्चर्य की रास्ते में घायल इंजेक्शन देने आ रहा था अथर्ववेद निकालिएगा

02:01:40:04 ऋग्वेद

02:01:40:16 से अथर्ववेद हो गया अरे तो अथर्ववेद मानते हो कि नहीं अथर्ववेद को वेद मानते हो मानते हैं मगर आपने पहले चार पांच बार ऋग्वेद बोला तो कौन सा चारों वेद में प्रमाण है कौन सा कौन सा है शिव जी रुक जाइए का कौन सा शैलेश जी जो आपने लाइन वो प्रमाण दिखाइएगा कहां पे है वेद में जो आपने लाइन कही है वेद से जो आप बोल रहे हैं वेद से वो बताइए कहां पे है एक मिनट एक मिनट देख ले इनका कांड देख ले कौन-कौन से कांड है इनके कांड नंबर चार अनुवाद नंबर एक मंत्र नंबर सात

02:02:27:03 कांड नंबर चार कांड नंबर चार सूक्त नंबर कांड नंबर चार अनुराग नंबर एक मंत्र नंबर सात के बाहर और क्या लिखा है इसमें? आप बताइए क्या दिखा रहे हैं? नहीं मैं आपसे इसलिए पूछ रहा हूं कि मैं जानना चाहता हूं मैं सही जगह पहुंच गया कि नहीं जहां आप पहुंचाना चाह रहे हैं। अरे तो आपको बता रहे हैं ना कहां अनुभव पहले तो अथर्ववेद निकालो। वेद दिखाओ हमें। अगर सूक्त बता देंगे तो थोड़ा सरल होगा निकालना। सूक्त बता दीजिए। सर जी सर जी हमें पहले ये दिखाइए। आप जो पुस्तक दिखा रहे हैं सभी दर्शक देखेंगे ये वो अथर्ववेद है कि नहीं है?

02:03:23:15 अथर्ववेद बहुत बढ़िया। सूक्त नंबर बता दीजिए। कांड नंबर चार निकालिए सर। निकाल लिया। अनुभाग नंबर एक ठीक है। मंत्र नंबर सात। सूक्त नंबर दो है क्या? देखिए मंत्र नंबर देख लो एक बार सूक्त नंबर दो है क्या देख लिया मंत्र नंबर एक मंत्र नंबर सात सूक्त नहीं है इसमें

⬜ Not used yet · 02:03:52:12 – 02:04:08:28 (0:17)

02:03:52:12 ऋग्वेद में सूत्र इसमें सूक्त नहीं है अथर्ववेद में सूक्त नहीं है आप यहां झूठ बोल रहे हो जी अरे हस क्यों रहे हो जी जो देख रहे हो उसको दिखाइए जनता को हस क्यों रहे हो जी संत रामपाल पढ़ो पढ़ो

02:04:08:28 सूक्त पढ़ो ऊपर दिख रहा है सूक्त दो देखा ये कौन सा वेद है वेद कौन सा है अथर्ववेद जी क्यों अपनी बेज़ती करवा रहे हो यार अपनी देखो देखो इसमें हम भी दिखा रहे हैं आपको देखो इसमें भाई साहब अगर आप जिससे वेद संपवा रहे हो अगर उसने उसमें सूक्त नहीं लिखा है तो इसका मतलब ये नहीं है कि वहां सूक्त है ही नहीं उसने जापान नहीं देखा है तो इसका मतलब ये नहीं है कि दुनिया में जापान नहीं है किताब दिखाइए कौन सी से दिखा आप दिखाइए शलेश जी अरे दयानंद जी की होगी इनकी और और कोई हो ही नहीं सकती दिखाओ दिखाओ कौन सी दिखा रहे हो वही वही सर्वस वेद है इस समय सुनो हमारी बात दिखाओ आपकी आपकी किताब दिखाओ नहीं हम आपको किताब दिखाइए हम आपको दिखा रहे हैं जो हमारे जो किताब दिखाइए किताब किताब देखो मेरे पास भाई साहब किताब ये गीता रखी है भैया जरा अरे गीता ये तो भगवत गीता है तत्व विवेचनी ऋग्वेद कहां है आपका? अथर्ववेद कहां है आपका? अथर्ववेद कहां है? अथर्ववेद दिखाइए भाई। ये देवी

02:05:24:04 पुराण अथर्ववेद अब अथर्ववेद का सुना बता रहा हूं मैं आपको। हां? मैं बता रहा हूं। बता रहा हूं आपको। भाई साहब, अथर्ववेद कहां है आपका? गोविंद जी, गोविंद जी प्लीज थोड़ा सा रुकिए। 18वा वेद कहां है भाई साहब आपका वेद क्या WhatsApp पर WhatsApp पर नहीं WhatsApp पे

⬜ Not used yet · 02:05:47:22 – 02:06:13:10 (0:26)

02:05:47:22 नहीं है सारे क्या है ना अगर हम लोग अगर हम लोग बातें अलग-अलग करेंगे तो उनको मौका मिल जाएगा इधर उधर भागने का मैं पूछ रहा हूं अथर्ववेद कहां है आपका अथर्व अथर्ववेद का मैं आपको जो श्लोक सुना रहा हूं वो सुनिएगा पहली बात भाई साहब थोड़ा पढ़े लिखे हैं वेदों में मंत्र होते हैं श्लोक नहीं

02:06:13:10 अभी आपको बता रहे कि ये मंत्र है। अभी आप बता रहे सूक्त है। अभी मंत्र का बोला तो मंत्र का दिखा नहीं रहे हो। अभी बता रहेगा वो अभी ये अपना जो क्यों आए हैं भाई क्यों आए हो आप भाई पता नहीं क्यों आए हो आप आप ना यहां से यू करवाने आए हो रामपाल वालों की ये देखो जी ये देखो अथर्ववेद कहां है आपने क्लेम किया भी आपने क्लेम किया अभी नीचे करिए इसे नीचे करिए इस ग्रंथ को लिखने वाले ने उसमें अगर अनुवाद लिख दिया सूक्त नहीं लिखा तो इसका मतलब ये हो गया कि अथर्ववेद में सूक्त है ही नहीं अथर्ववेद में सूक्त नहीं है। खुद ही कह रहे थे अथर्ववेद में सूक्त नहीं है। आप कह रहे हैं अथर्ववेद में सूक्त नहीं है। क्या बात करते हो आप? चौड़े में झूठ बोल रहे। मैंने सूक्त का बोला ही नहीं। जी। अरे शैलेश जी क्यों झूठ बोल रहे हो? [हंसी] आपकी यार। कितनी बेती करोगे आप? आपने उनको बोला नहीं कि ये सूक्त है नहीं। उन्होंने बोला अनुवाद होता है। अथर्वेद में सूक्त नहीं होता। ये आपने बोला। उन्होंने आपको से दिखाया पूरा उससे मैंने भी आपको सूक्त दिखाया कि अथर्ववेद में सूक्त है आपके में छपा नहीं होगा आप अपनी बुक दिखाओ कौन सी बुक से दिखाना दिखा दो अब आप छोड़ो वो सब अब आप ये दिखा दो उसमें लिखा

02:07:28:12 क्या है ये बता दो मैं ढूंढ लूंगा इसमें कहा है वो दिखाओ चलो कोई बात नहीं देखो इसमें लिखा है सर जी स्पष्ट लिखा हुआ है हाँ जी अथर्ववेद कांड नंबर चार हा अनुवाद नंबर एक मंत्र नंबर सात में लिखा हुआ है यो अथर्व पितम देव बंधु बृहस्पति नम सा विश्व जनता यथा यथा कबीर देवो न दत स्वधावान यानी जो जगत का पिता है जो अविनाशी है वो जो है सबको मैं हूं ना मैं थोड़ा विश्वास रखिए एक मिनट हां बोलिए क्या लिखा है इसमें? वो कबीर देव है। अबे यार भाई साहब मैंने आपसे पूछा था कि कबीर अगर अजर अमर है तो वो बूढ़ा क्यों दिख रहा है? इस बारे में हमें प्रमाण दीजिए।

02:08:29:27 भाई ये क्या चीज है? ऐसा प्रमाण दीजिए कि कबीर जो सफेद दाढ़ी वाले दिख रहे हैं वो वो जो है बूढ़े नहीं है। वो जो है किशोर है। एक बात बताइए आप इस इस श्लोक को सत्य मानते हो कि नहीं मानते वेद वाले श्लोक को? मैं मानता हूं मगर वहां कबीर नहीं लिखा है। अभी बात है। यहां पर देखो दिखा देता हूं। मेरी उंगली रखी है। कबीर देव लिखा है। स्पष्ट है। आप छोड़े में झूठ बोल रहे हैं। ये कबीर देव लिखा है। ये देखो कबीर देव। ये भेद है क्या? दिखाओ इसके कवर पे क्या लिखा है? कबीर कवर पे क्या लिखा है? कौन सा वेद है दिखाओ दिखाओ अरे कौन सा वेद है ये दिखाओ कौन सा वेद है ये

02:09:11:20 लिखा है अरे कौन सा वेद है ये ये कौन सा वेद है कौन सा है कवर पेज आप कवर दिखाइए आप जो दिखा रहे हैं कवर दिखाइए मेरी बात सुनिए आप जो दिखा रहे कवर दिखाइए। आपको कवर भी दिखाया जाएगा। आपने जो किताब दिखाई उसका कवर दिखाइए। आपको कवर भी दिखाया जाएगा। आपको सब कुछ दिखाया जाएगा। नहीं नहीं आप पहले हमें पता तो चले वो कौन सा वेद दिखा रहे हो आप दिखाओ? कवर दिखाओ उसका।

02:09:49:03 दिखाओ। शिवाजी ने आपको दिखा चुके है। अथर्ववेद की कवर दिखाया। आप अपना कवर दिखाइए आप। शिवाजी ने कितना क्लियर दिखाया है। कवर नहीं आएगा। ये लो नहीं दिखाया जाएगा। ये लो मैं दिखा रहा हूं एक प्रमाण। ये देखो ये क्या लिखा है? क्या लिखा है? दिख रहा है क्या? कबीर भगवान नहीं है। दिख गया कि इसमें मिलावट करोगे। [हंसी] मान लो अब इस बात को। मैंने लिख दिया इसको। मान लो। कैसे मान ले इस बात को? क्यों? तुम भी तो अपनी मन की किताब दिखा रहे हो छपी हुई। हमें अथर्ववेद दिखाओ ना। ये बात सही है। ये बात सही है। तुम मन की दिखा रहे हो। अथर्ववेद दिखाओ। नहीं तो इसको मान लो। इसको मान लो। लिख दिया। ये लो। जो लोग झूठ बोलते हैं ना वो आपको आप आए बहुत अच्छा लगा। बहुत बढ़िया है। हमें समझ में आ गया। आपके पास कोई प्रमाण है नहीं। आपको यही सब बकवास करनी है यहां पर आ के। इन्होंने कुछ नहीं। अपनी बेज्जती करवाने आना सर और कुछ नहीं है।

⬜ Not used yet · 02:11:04:04 – 02:14:20:28 (3:17)

02:11:04:04 आपसे मैं पूछ रहा हूं। आपसे मैं पूछ रहा हूं। आपसे मैं पूछ रहा हूं कि आप अथर्ववेद दिखाइए। तो आप मुझे अपनी छपाई हुई कोई किताब दिखा रहे हैं। हम वो किताब क्यों मान ले? अगर आपको हमें वो बनाना है तो आप ये क्यों नहीं मानोगे? ये क्यों नहीं मानोगे? इसको अभी कंप्यूटर से कंप्यूटर से प्रिंट प्रिंट करा के दे दूं। सर वाली बात सूक्त वाली बात देखो कैसे झूठ बोल दिया एक सेकंड में पहले खुद ही बोल रहे कि सूक्त वो कह रहे नहीं होते फिर कहते होते हैं आपके ऊपर डाल रहे हैं उल्टा हद हो गिर गई अरे गुरु बृहस्पति थे बृहस्पति सूत्र है ये गुरु बृहस्पति की बात हो रही है नहीं है इसमें ऋग्वेद में सूत्र इसमें अथर्व में सूत्र नहीं है अथर्ववेद में भैया पहले आप अपनी जानकारी थोड़ी क्लियर कर लो। आपके अंदर गुस्सा इतना आ रहा है मेरे ऊपर कि आपका जो आपका जो मानसिक स्तर है वो हिल हिल गया है। आप ठीक से समझ में नहीं पा रहे मैं क्या बोल रहा हूं क्या नहीं बोल रहा हूं। बोल के भूल जा रहे हैं। ये जो चल रही है ना इसको रिवाइंड करके आपने बोला अथर्ववेद में अनुवाद मैंने कहा अनुवाद नहीं आप मुझे सूक्त बता दीजिए। आपने कहा अथर्ववेद में सूक्त होता ही नहीं है। फिर मैंने आपको सूक्त दिखा दिया।

02:12:19:06 फिर आप बोल रहे हो कि मैंने तो कहा ही नहीं कि सूक्त नहीं है होता है। बीच-बीच में अथर्ववेद की बजाय ऋग्वेद में पहुंच जा रहे हो। अब मैंने आपसे कहा कि आप मुझे वेद दिखा दीजिए जहां लिखा है कबीर देव का मतलब कबीर देव। तो आप जो है अपनी छापी हुई किताब दिखा रहे हो। अगर आपकी छापी हुई किताब मान लेनी होती तो हम यहां आकर के आपसे माथा पच्ची क्यों कर रहे होते? अगर आपकी छापी हुई किताबें मान लेनी होती। ये जो ये जो ज्ञान गंगा इत्यादि है ये अगर मान लेनी होती अगर हमें तो हम बैठ के आपसे अपना माथा क्यों फोड़ते नंबर एक ऋग्वेद में इसमें सूत्र नहीं है एक मंत्र नंबर सात सूक्त नहीं है इसमें ऋग्वेद में सूत्र इसमें सूत्र नहीं है ये देख लो अथर्ववेद में सूक्त नहीं है जी आपका चित्र चल रहा है भैया हेलो ये आपका चित्र चल रहा है दोबारा सुना दो इनको। अथर्ववेद में सूत्र नहीं है। आप यहां झूठ बोल रहे जी सूत्र नहीं है। फिर सुनाओ। अथर्ववेद में सूत्र नहीं है। आप यहां झूठ बोल रहे जी। सूत्र नहीं है। हां भैया। अथर्ववेद में सूत्र बस करो बस करो। ठीक है। हां [हंसी] नारायण। अब बाद

02:13:34:07 में बोलना। मैंने कब बोला? ऐसा लगता है कि क्रोध में आप क्रोध ने आपकी बुद्धि हर ली है और उसका नुकसान आप ही को हो रहा है। यहां पर आ के जो ये सब होंगी ना आपसे गलतियां उसका बहुत गलत मैसेज जाएगा आपके लोगों के बीच में। सोच समझ के करो जो काम करना है। इस समय आपको दुनिया देख रही है। दुनिया दुनिया देख रही है। कोई दिक्कत नहीं। हम [गला साफ़ करने की आवाज़] हम कोई भी मतलब कोई भी ऐसी कोई भी ऐसी बात नहीं बोलते संत रामपाल जी महाराज के शिष्य कोई भी ऐसी बात नहीं बोलते हैं जिससे कि किसी को कोई परेशानी हो ठीक है जी और रही उसकी बात आप क्योंकि आपको कोई चीज अगर दिखाते हैं तो आप संत रामपाल जी महाराज वाले भाई साहब हमें आपकी गाथा नहीं सुननी हमको ये बता दो कि

02:14:20:28 जो कबीर का फोटो आप लोग दिखा रहे हो वो बूढ़ा कबीर है या जवान कबीर है बस इतना दिखा दो इतना बता दो देखो जी कबीर साहिब जी जो है वो सदा युवा अवस्था में रहते हैं। वो बूढ़े नहीं है। यानी कि ये जो सफेद दाढ़ी दिख रही है जो बुढ़ापा दिख रहा है वो हम लोगों को गलत दिख रहा है। वो जवान ही है। ऐसा ही होता है जवान व्यक्ति। अब हम उसी बात का हम आपको जवाब देंगे जो हमारे पूज्य गुरुदेव ने दिया है। ये बताओ मैं मैं बालक हूं, शिशु हूं या मैं जवान हूं या अधेड़ हूं या बूढ़ा हूं? क्या हूं मैं? ये हमारे जो पूज्य गुरुदेव जी संत रामपाल जी महाराज अब तुम्हें वही जवाब हम देंगे परमात्मा जी ने हमें बताया है जो परमात्मा है भाई साहब उन्होंने क्या बताया वो मत बताइए अभी पहले मैं आपसे पक्का कर रहा हूं कि मैं आपकी नजरों में बूढ़ा हूं जवान हूं बच्चा हूं बालक हूं क्या हूं बताइए ना इनमें से कोई भी नहीं है आप आपको मोतियाबिंद है यही प्रश्न मैं आपसे कर रहा हूं अभी तुम्हारी नजरों में मैं कैसा हूं आप अधेड़ तो आप भी अधे [हंसी]

02:15:27:20 ये देख लो ज्ञान गंगा का चित्र। अब ये भी कह दो ये भी हमने बनाया है। तो उससे क्या दिक्कत है जी? अरे भाई आपने जब हमने सबसे पहले आपको ये दिखाया था तो आपने कह दिया था ये तो आपका बनाया हुआ चित्र है। यानी आप जी ने एक बूढ़े एक सफेद नाड़ी होने वाले को बूढ़े की उपमा दे दी आप जी ने। मतलब कि ये बूढ़े नहीं है ना ये जवान है ना बिल्कुल जवान है जी देख लिया भैया देख लो सब लोग जो कबीर जी की सफेद दाढ़ी है वो बूढ़े नहीं है अच्छा मैं अधेड़ हूं मैं कौन हूं अरे अधेड़े हूं ये तो आप ही ने कहा अधेड़ हूं ये तो आपने मैंने आपने मुझसे पूछा मैं कौन हूं तो मैंने आपको बताया आप अधेड़े हैं तो आपने कहा आप भी अधेड़ हो नहीं आप अपना दोबारा से रिपीट करो वो। आपने मेरे से पूछा कि आप कौन? मैं कौन हूं? मैंने बोला आप ही बताइए। आपने बोला मैं अधेर हूं। ये से पैदल व्यक्ति है क्या भैया? इसको जल्दी हटाओ। जल्दी हटाओ भैया। बहुत-बत धन्यवाद आपका आने का। हटाओ भैया जल्दी। ये अपनी कही हुई बातें ही भूल जा रहा है। इसे कौन सर मारेगा? सर ये आमिर खान बन गए। वो कौन सी पिक्चर थी वो जिसमें 15 मिनट बाद बोल दे।

02:16:43:01 गजनी गजनी [हंसी] ये अपनी कई बातें ही भूल जा रहे हैं भैया। जब उन्हें जब आपने पूछा ना कि मैं कौन हूं? तो आप कौन है? वो मैं उत्तर आपको देता हूं। आप वो हैं जो बाबा रामपाल आपको कहेंगे [हंसी] और यही आपकी एक मात्र पहचान है। अगर बाबा ने कह दिया कि आप शिशु हो छह महीने के तो आपको शिशु बनना पड़ेगा। अपनी आंखों में पट्टी ना बांध ले और बाबा सब झूठ बोलता है। सब ठीक कर देगा। [हंसी] पर मैं आपको एक बात कहता हूं हो सकता है जितने ये गिरोह में जुड़ चुके हैं ना इनकी वापसी हो या ना हो उसकी मैं जिम्मेदारी नहीं दे सकता। लेकिन जो आने वाले हैं ना वो इन लाइव्स को देखकर 100% तर्क के अनुसार सत्य के अनुसार सोचने की कोशिश करेंगे क्योंकि वो सब कुछ देख रहे हैं जो स्क्रीन पर चल रहा

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02:17:38:00 है। इनको दिखाइए भैया आप देखिए कि आपने क्या बोला था बूढ़े वाली बात पे बूढ़े वाली बात दिखा दीजिए इनको जरा [हंसी] मैंने पूछा था इनको इनको सबूत दिखाना पड़ेगा बार-बार [हंसी] बनाया हुआ चित्र कौन सा है चित्र बूढ़े क्यों दिख रहे हैं ये ये तुम्हारा बनाया हुआ चित्र है जी ये आप जी का बनाया हुआ चित्र पहुंचो अभी अभीभी जो इन्होंने मुझको कहा था ना जब मैंने लिखा दो रुको इनके

02:18:13:22 चित्र है जी ये आप जी का बनाया हुआ चित्र ये तुम्हारा बनाया हुआ चित्र है ये आप जी का बनाया हुआ चित्र है और आगे चलिए तो आपका बनाया हुआ चित्र कौन सा है? आपकी थंबनेल

02:18:30:28 दिखा दो। रुको इनके वीडियोस में रामपाल दास जी के वीडियोस में थंबनेल दिखाओ जिसमें कबीर हूं। दिखाओ

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02:18:37:18 और आगे और आगे ऑपरेटर जी और आगे ये तो हमने नहीं लगाया। नहीं ये नहीं लगाया है। और आगे और आगे। पहले चित्र दिखा दिया आपकी सामग्री से। अब आप कह रहे हैं कि आपसे दिखाना चाह रहे हैं। अभी अगर टाइम चल रहा हो तो 1 मिनट पहले पहुंच जाइए। अभी जो टाइम चल रहा है उससे 9 मिनट पहले पहुंच जाइए आप। दो 10 पे पहुंचिए। कहा कि ये तो मजबूत कर रखी है। आपको दिख रहे हैं।

02:19:19:15 मंदिरों में वो भी हमारी और आगे और आगे चलिए और आगे चलिए भाई साहब आप जो बोलने जा रहे हैं और आगे और आगे और आगे और आगे प्ले करिए यही तो समस्या है आप शास्त्र की यही तो समस्या है आप शास्त्र की बात करते हो और आगे अरे वो अथर्ववेद का निकल गया पार्ट वो निकाल दीजिए अथर्ववेद का पार्ट अथर्ववेद आएगा हम लोग बात करेंगे अथर्ववेद दिखा भी देंगे उसके बाद जो बात हुई है वहां पे पहुंचना है लास्ट में जाइए लास्ट में लास्ट से बस थोड़ा सा पहले जाना है बस

02:20:13:18 बिल्कुल अब रामपाल वाले कहेंगे कि शिवश जब हारने लगते हैं तो हटा देते हैं। पागलों से अपना अरे यह दिखाना है यह दिखाना है हमको कि इन्होंने जब इन्होंने मैंने पूछा था कि मैं आपको क्या लग रहा हूं बूढ़ा जवान बालक तो इन्होंने कहा था आपको मैं क्या लग रहा हूं? तो मैंने कहा आप अधेड़ लग रहे हैं। आप अधेड़ हैं। तो इन्होंने कहा था कि तो आप भी अधेड़े हैं। तो इन्होंने ये कहा था ये दिखाना है इनको। सर उनको ना अधेड़ का मतलब नहीं पता। वेद का नाम ले बता रहा हूं जी बता रहा हूं आपके सर पे और आगे है और आगे बहुत आगे है बहुत आगे सर मुझे लग रहा है उनको नहीं पता था निकाल लिया अनुवाद नंबर एक और आगे नहीं ये पूरा निकल जाएगा अथर्ववेद वाला मामला पूरा निकल जाएगा वो है

02:21:01:10 बूढ़े नहीं है वो जो है किशोर है एक बात बताइए आप इस श्लोक को सत्य मानते हो कि

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02:21:07:27 नहीं मानते दिखाइए आप और आगे और आगे और आगे नमस्कार अरे भैया पहले अपनी जानकारी थोड़ी क्लियर कर लो आपके अंदर आ रहे हो छपी हुई अबे अथर्व ये कबीर देव लिखा है ये देखो कबीर ये कौन सा वेद है कौन सा है और आगे कवर पे दिखा रहे हो आप [हंसी] सही है ये बात सही है मन की दिखा रहे हो अथर्ववेद

02:21:44:07 अरे

02:21:44:14 भैया आपको आप आए बहुत अच्छा लगा बहुत बढ़िया है हमें समझ में आ गया आपके

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02:21:48:16 पास कोई प्रमाण और आगे और आगे क्यों इसको मान लो आ गया आपके पास कोई प्रमाण है नहीं और आगे अपनी जान का जो आपका जो मानसिक स्तर है वो मैं पहले खुद ही और आगे तुम

02:22:08:14 भी तो अपनी मन की किताब दिखा रहे हो छपी हुई हमें अथर्ववेद दिखाओ

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02:22:16:19 शिवा जी ने आपको कितना क्लियर दिखा जाएगा आपको सब कुछ दिखा कौन सा ये और आगे कौन सा वेद है ये ये कवरदेव लिखता है अरे कौन और आगे क्या हुआ नहीं दिखा पा रहे चलिए छोड़िए देर लग रही है चलो बाद में देख लेंगे भैया सुनिए शैलेश जी आपका कुछ

02:22:45:15 दिमाग ठंडा हुआ तो आपको ले लें क्या ऊपर देखिए शैलेश जी आपने जब मैंने आपसे ये पूछा था कि मैं बूढ़ा हूं जवान हूं अधेड़ हूं किशोर हूं बालक हूं या शिशु हूं तो आपने मुझसे कहा कि मैं कौन हूं आपने अपने बारे में पूछा तो मैंने कहा भाई आप अधेड़ हो तो आपने कहा तो आप भी अधेड़ हो। यह बात हुई थी। मैंने अपने को अधेड़ नहीं कहा था। ठीक है? अब दूसरी बात यह आती है कि सफेद बाल वाला और जो अच्छे से बुढ़ापा दिख रहा है बाकी सामान्य सब जनों को दिख रहा है। आपका कहना है कि वो क्या कहते हैं? वो जो है जवान है। ठीक है। वो जवान है ना?

02:23:34:04 बताइए आप सुनाइए। मैं आपकी सुन रहा हूं। आपका कहना है वो बूढ़े नहीं दिख रहे हैं। वो जवान दिख रहे हैं। जी जी वो जवान दिख रहे हैं। अच्छा तो अब जो मैं दिख रहा हूं मैं क्या दिख रहा हूं आपको? जब वो जवान है तो मैं तो दूध पीता बच्चा हऊंगा फिर उनके आगे। ये आप इस डिबेट से क्या शो करना चाहते हो? यह शो करना चाहता हूं कि कबीर दास जी अजर नहीं है। अजर नहीं थे। वह मनुष्य रूप में आए थे और उन्होंने राम की भक्ति करके अपना भगवत भक्ति में जीवन गुजारा था। कौन से राम की?

02:24:18:02 मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम। पहले यह बताएं कि वो अजर है कि नहीं है। अजर अजर अजर अजर इसको मत छोड़ो। अजरता को मत छोड़ो। फिर दूसरे विषय पर जाएंगे। ठीक है हम शिवशी जी हां जी चारों वेदों में प्रमाण है कि कबीर साहब जो है वो अजर अमर अविनाशी परमात्मा है। मैंने आपसे एक सवाल किया है भाई साहब कि अगर वो सफेद दाढ़ी वाला व्यक्ति भी आपको बूढ़ा नहीं दिख रहा है तो मैं क्या हूं? मैं आपको क्या दिख रहा हूं?

02:25:02:07 यह तो आप बिल्कुल बालकों जैसी बातें करते हैं शिवशी जी अगर कोई समझदार व्यक्ति इस डिबेट को देख रहा होगा ना तो उसको हंसी आएगी आपके इस प्रश्न को सुनके भाई साहब हंस रहे हैं आप पहले तो ये बताइए आप जैसेडी हंस रहे हैं आप और हजा आनंद आएगा लोगों को आपसे जो सवाल पूछा है वो बताइए अगर वो जो हम लोगों हम सब लोगों को मोतियाबंद है वो व्यक्ति आपको जवान दिख रहा है तो कंपेरेटिवली टू हिम मैं आपको क्या दिख रहा हूं वो बताइए मैं मेरी अवस्था क्या है शरीर की आप ये बताइए आपका ये जो डिबेट चल रहा है इस डिबेट के अंदर ये जैसे हमारे हमारे और भी भाई बैठे हुए हैं जैसे गोविंद जी हैं और भी है भाई ये मयंक जी हैं पंडित जी है कोई ये तो आप मतलब जैसे मैंने देखा है न्यूज़ चैनल पर जैसे डिबेट होता है तो उसके अंदर एक जो एडिटर होते हैं जो प्रवचन आपकी व्याख्या आपकी समीक्षा

02:26:11:01 अगर कबीर जिसकी सफेद दाढ़ी है इतनी बड़ी-बड़ी वो आपको बूढ़ा नहीं दिख रहा है तो मैं आपको क्या दिख रहा हूं मैं आपको क्या दिख रहा हूं किसका रोल अदा कर रहे हो मैं आपको क्या दिख रहा हूं मैं आपको क्या दिख रहा हूं मैं आपको क्या दिख रहा हूं? हिंदी समझ में आती है आपको? मैं आपको क्या दिख रहा हूं? मेरे को आप हमारे जैसे एक सज्जन पुरुष दिख रहे हो मानव। भाई साहब मैं शरीर की अवस्था की बात पूछ रहा हूं। मैं शरीर की अवस्था की बात पूछ रहा हूं। मैं शरीर की अवस्था की बात पूछ रहा हूं। मैं बालक दिख रहा हूं। शिशु दिख रहा हूं। मैं बालक दिख रहा हूं, शिशु दिख रहा हूं। युवा दिख रहा हूं, अधेड़ दिख रहा हूं या वृद्ध दिख रहा हूं? शिशु, बालक, किशोर, युवा, अधेड़, वृद्ध कौन सी स्टेज है मेरे शरीर की? आपको आप जो मुझे देख रहे हैं। आवाज कट रहा है जी आवाज। आवाज ठीक है, शैलेश जी, ठीक है। काफी देर आपसे बातचीत हुई। हमने आपको सुना और कोई कोई नहीं वो ठीक है

02:27:26:02 वो जनता ने देख लिया वो समझ लेंगे जो भी है आप आया ठीक है फिर कभी आइएगा नहीं ऐसा है जी सुनो हां बोलिए सुनो आप जो कहते है ना संत रामपाल जी महाराज के जो फॉलोअ भाई साहब एक साथ बहुत सारे विषयों को खोल देंगे तो कोई भी विषय में निष्कर्ष नहीं आएगा अभी अभी विषय चल रहा है कि यदि आप अजर अजर वाला विषय चल रहा है। आपने कहा कि वो जो सफेद दाढ़ी वाले महापुरुष हैं कबीर दास जी वो जो है आपको जवान दिख रहे हैं। अगर वह जवान है तो मैं जवान मेरे शरीर का स्तर क्या है? आपकी नजरों में और आपके शरीर का स्तर क्या है? क्या उनसे आप ज्यादा जवान है? आप अपने बारे में बताएं। क्या आप उनसे ज्यादा जवान है? और फिर मेरे बारे में बताएं। मेरे शरीर की अवस्था क्या है? मैं दूध मुआ शिशु हूं या फिर वो जो 14 15 16 साल का जो किशोरावस्था होती है वो हूं या फिर युवा हूं या अधेड़ हूं क्या दिख रहा हूं मैं आपको या हो सकता है मैं आपको बूढ़ा भी दिख रहा हूं तो वो भी बता दीजिएगा आप जी के प्रश्न के हिसाब से आपका डिबेट आगे नहीं बढ़ सकता क्योंकि आपका प्रश्न ही ऐसा यह है कि सत्य को स्वीकार करने में दिक्कत आती

02:28:41:06 है। यह दिक्कत है। प्रॉब्लम यह है कबीर को बूढ़ा कैसे कहे और शिवश को जो है बच्चा कैसे कहे यह कबीर को कैसे अगर कबीर बूढ़ा नहीं है कबीर युवा है तो फिर शिवश को बालक कैसे कहे प्रॉब्लम

⬜ Not used yet · 02:29:02:19 – 03:09:38:14 (40:36)

02:29:02:19 है जो आप लोग जी आप लोग जी अपनी अज्ञानता के बस में भाई साहब हम आपसे अपनी समीक्षा करवाने के लिए नहीं बैठे हैं हम आपसे अपनी समीक्षा करवाने के लिए नहीं बैठे हैं। हमने आपसे भाई साहब ने पूछा है कि कबीर दास जी जो है अच्छा ठीक है दूसरा प्रश्न ले लेते हैं। इसी प्रश्न पे नहीं अटकते हैं। दूसरा प्रश्न करते हैं। चलो जी जी हां आप एक बात कहते हैं। एक चीज मैं पहले एक चीज बोलना चाहूंगा। हां जी बोल दीजिए। यह क्या था कि अभी एक हमारे भाई आए थे तो आपने एक जो हमारे पूज्य गुरुदेव जी ने एक शब्द बोला है कि कुत्ता हूं गुरुदेव का रामपाल दास का नाम ऐसा कुछ शब्द बोला है सतगुरुदेव जी ने तो आप जी ने उसको ही बहुत ज्यादा इस तरीके से पेश करने की कोशिश की और सबको आप ये कोशिश कर रहे हैं कि रामपाल जी भी तो अपने को कुत्ता कहते हैं। आपने अभी इसको काफी गहराई से लिया है। उसके लिए मैं आपको थोड़ा सा बताना चाहूंगा जैसे अपना जो पवित्र गीता जी है जो अपना बहुत ही आदरणीय एक मिनट एक मिनट आप दिखाएं उससे पहले मेरा पक्ष सुन लीजिए

02:30:18:00 सुन लीजिए मेरा पक्ष मैं तो कहता ही हूं कि उदारता प्रकट करने के लिए महापुरुष भी कहीं-कहीं अपने आप को निम्न और तुच्छ कह देते हैं। मगर वास्तविकता में उनको उसी रूप में स्वीकार करना गलत है। जिस प्रकार से कभी यह आपके संत रामपाल जो आपके लिए संत हैं यह अपने आप को कुत्ता कह देते हैं। ऐसे ही कहीं-कहीं पे उदारता प्रकट करने के लिए ब्रह्मा, विष्णु, महेश ने भी अपने लिए कह दिया कि हम तो ये हैं। हम तो वो हैं। मगर तात्विक रूप से वो वो नाशवान हो नहीं गए। जैसे उनके नाशवान उनके नाशवान कह देने पर भी हम उन्हें नाश आपके जो रामपाल दास जी हैं उनके कुत्ता मान लेने पर भी हम आप उन्हें कुत्ता नहीं मान रहे इसी प्रकार से ब्रह्मा विष्णु महेश के कह देने पर भी कि मैं नाशवान हूं या आविर्भाव तेरो भाव होता है इस पर भी हम उन्हें आ जो है नाशवान नहीं मानते

02:31:18:04 है मेरे को बार-बार म्यूट क्यों किया जाता है अन म्यूट क्यों किया जा रहा है। क्या करें? अनम्यूट किया जा रहा है। अनम्यूट अन म्यूट तो करना पड़ेगा ना। तभी तो बोलोगे आप अनम्यूट तो करना पड़ेगा ना आपको। तभी तो बोलेंगे आप। अनम्यूट का अर्थ नहीं जानते क्या? म्यूट का अर्थ जानता हूं। अच्छा अन म्यूट का अर्थ होता है बोलने देने का अवसर। अगर सरल भाषा में कहे तो।

02:31:53:13 बोलिए। जैसे आप जी ने बोला कि ब्रह्मा विष्णु महेश अजर अमर अविनाशी हैं और वो अपने आप को कभी-कभी भावुकता में आकर के बोलते हैं कि हम अजर अमर अविनाशी नहीं है। ठीक। नहीं है। बोल रहे बोल रहे हो। जैसे जैसे जैसे रामपाल दास जी ने बोला कि मैं कुत्ता हूं। मैं दो कौड़ी का हूं। और कबीर दास जी ने भी बोला मैं कुत्ता हूं। और कबीर दास जी ने यह भी बोला कि वो वो भूख वाला कोई मामला था कि मुझे जो भूख लगती है। जबकि वो तो परमेश्वर थे। फिर भी उन्हें भूख लगती थी। तो साईं इतना दीजिए। साधु भूखा ना रहे और ये ऐसा कुछ है ना। है ना? मैं भी भूखा ना रहूं और साधु भी भूखा ना जाए। हां। ताई इतना दीजिए कुटुंब दृष्टि से तो रस की दृष्टि से स्वीकारा जा सकता है। मगर आप जब उनको नहीं मानते उनके कह देने पर भी कि वो कुत्ते हैं तो फिर आप ब्रह्मा विष्णु महेश को क्यों मान रहे हैं? जब हम उनके बारे में लिखा दिखा रहे हैं कि वो परम ब्रह्म है। जबकि आप लिखा नहीं दिखा रहे हैं कि वो परम ब्रह्म जो कबीर है वो परम ब्रह्म है। ये आपने लिखा

02:33:08:16 नहीं दिखाया। ठीक है। अभी बात ये हो रही है। अब हम लोग मुख्य विषय पर आ जाते हैं। मुख्य विषय मेरा ये था कि आप एक बात करते हैं कि परमेश्वर सशरीर आता है और सशरीर जाता है। कुंवारी गाय का दूध पीता है। ठीक है। जी। हां। इसको आप सिद्ध करिए। कहां से बोलते हैं आप ये बात? बोलिए। देखो इसमें जी क्या है कि इसको सिद्ध करने के लिए वेद में भी लिखा हुआ है कहां भाई साहब देखिए बात को खींचिए मत सीधे बोलिए अथर्ववेद फलाना कांड फलाना सूख सीधीसीधी बात करिए बहुत ज्यादा आगे पीछे की चीजें करने की आवश्यकता है ही नहीं हम तुरंत खोलें शिवशु जी यही तो बात है जैसे आपके मेरे साथ में अभी सबसे पहले हमसे ये कहा था आपने आपने आते ही सबसे पहले हमसे यह कहा था कि जब प्रमाणों की बात आती है तो आप इधर-उधर की बात करते हैं। आप जब हम आपसे कह रहे हैं प्रमाण बताइए खोल है तो आप शिवशी बोल रहे हैं। देखिए बोल रहे हैं मगर शास्त्र का नाम नहीं बोल रहे हैं।

02:34:21:03 एक तो एक तो देखो के देखा मैं आपको रियलिटी एक तो सब निकलेगा मगर शास्त्र का नाम नहीं निकलेगा। मैं आपको रियलिटी बताऊं। मेरे पास में अभी यहां पर जो चारों वेद आप जो कह रहे हो जैसे आपके यहां रखे अलमारी में पीछे दिख रहे हैं। मेरे पास में रियल में चारों वेद नहीं है। कह रहा हूं आपके पास आपके पास आपकी ज्ञान गंगा तो है। उस ज्ञान गंगा में कुमारी गाय वाला दिया होगा ना प्रमाण कहीं आपने पढ़ा ग्रंथ अपना। अपना ग्रंथ पढ़ा है कि नहीं? अपना ग्रंथ तो पढ़ा है। कि वो भी हम मेहनत करें उसे पढ़वाने के लिए। देखो जी समस्या यह है संत रामपाल जी महाराज की जो पवित्र पुस्तकें हैं ज्ञान गंगा है जीने की राह है सारी है ये मेरे पास भी रखी है ये अभी मैंने इसमें से दिखाया था भाई साहब ये पढ़ी है तो आप मुझे ये बताइए कि इसके अनुसार वो कुंवारी गाय वाला कहां लिखा है बताइए

02:35:19:13 [गला साफ़ करने की आवाज़] अरे समय बर्बाद कर रहे हैं शिव जी नहीं है इनके पास नहीं पता इन्हें इन्होंने अपने ग्रंथ भी नहीं पढ़े हैं। यह उसमें आ गए तहस में। इनको इतना क्रोध आया होगा हमारे वीडियोस देख कर के तहस में आ गए हैं। इन्होंने कोई तैयारी नहीं की है। और मैं बार-बार कहता हूं भैया बिना तैयारी के मत आओ। मत पड़ो चक्कर में। शैलेश बार-बार कहता हूं। शैलेश जी कहीं ऋग्वेद ऋग्वेद का मंडल नंबर नौ सूक्त नंबर एक मंत्र नंबर तो नहीं है कहीं पता नहीं है तो हम बात ये है कि हम अगर अपनी ओर से दिखा देंगे तो ये नहीं मानेंगे ना कि हमारे वो जो तत्वदर्शी है तिरछादर्शी उन्होंने भी ये बात कही है कि नहीं हम अगर अपनी हमें तो मालूम है वो हमें मालूम है एक या एक चार ऐसे कोई है मगर बात ये है कि अगर इनकी उम्र का लिहाज किया जाए तो इनके हेल्प कर देते हैं। मगर ये भाई मयंक जी ये विश्वास नहीं करेंगे कि हम जो मंत्र बता रहे हैं वही मंत्र तिरछादर्शी जी ने बताया है। ये चलो ये ये प्रॉब्लम है ना हम तो दिखा दें कि आपके तिरछादर्शी जी ने ये बताया है। मगर ये उस पर विश्वास क्यों करेंगे? इसलिए इनका अपने ही ग्रंथ में देख लेना आवश्यक है।

02:36:37:15 ये ये मुझे ऐसा याद आ रहा है जो वाइवा होता है ना तो [हंसी] प्रश्न करता है इनविजिलेटर मतलब टीचर भाई में कि ये बताओ तो उसके अब बोल दिया कि ये ग्राफ बनाना है तो उसके अलावा सब बनेगा चुपचाप पेज पलटे जाएंगे ये रखा लेकिन लेकिन वो उस क्वेश्चन का आंसर नहीं आएगा [हंसी] वही वाला मोमेंट है ये कावेश जी अभी आपको सुनेंगे हम तब तक आप अपना परिचय दे दीजिए बताइए

02:37:11:27 जय श्री राम। आपके यहां लाइट नहीं है क्या? जय श्री राम भाई। हां जय श्री राम। जय श्री राम। भैया इनका एक भैया मुझे कुछ पूछना था। मेरे पास भी आए थे लोग मुझे कन्वर्ट करने के लिए इनके। अच्छा तो तो मैंने आपकी डिबेट देखी। मुझे सब कुछ समझ में आ गया लेकिन एक चीज समझ में नहीं आई वो सर पुरुष और अक्षर पुरुष का ही भगवत गीता में बताते हैं कि वो भ्रम है वो अक्षर परभ्रम है वो फंडा इनका समझ में नहीं आ रहा भैया अरे भैया जो परम तत्व है उसको कहीं पे अक्षर भी कहा गया है और दूसरी बात सबसे जस्ट अगले वाले में भगवान ने कहा कि मैं हूं पुरुषोत्तम आप बता दीजिए गुरु गोविंद जी

02:38:08:12 क्या है कावेश भाई क्या होता है ना कि जैसे वृक्ष एक होता है शाखाएं अलग होती है। है ना? तो फल अलग-अलग शाखाओं पे लगे होते हैं। वैसे ही हमारे शास्त्र है। इसमें कहीं एक जाती जगह यदि किसी चीज का विषय है ना तो उसके अर्थ अन्य ग्रंथों में मिलते हैं। इसीलिए तो ये इंटरकनेक्टेड होंगे ना। मेरी बात को समझिए। इंटरकनेक्टेड हम किस चीज को कहेंगे? जिसमें हर जगह से वो इंटरकनेक्ट वैसे ही जब आप खोलते हैं पद्म पुराण उसके अंदर उत्तर उत्तरखंड खोलते हैं तो उसके दोनों अक्षर और अक्षर दोनों ही भगवान श्री कृष्ण के नाम है। ठीक है? एक का अर्थ है जो रहते हुए भी कुछ समय तक रहता है। हमारे विषय के अनुसार रहता है। ध्यान से सुनिएगा। ठीक है? कि हमारे जो आचरण में आने वाली चीज है प्रभु का वो रूप कहा गया है और एक सच्चिदानंद स्वरूप है जो हर समय में एक समान रहता है सनातन उसे अक्षर कहा गया भगवत गीता जब आप खोदोगे तो शर का मतलब भी नाशवान लिखा गया है शर का मतलब वहां भी नाशवान है और अक्षर का मतलब वहां भी जो है सनातन या फिर ऐसा कह लीजिए जिसका नाश नहीं होता ठीक है तो आप पूरा श्लोक पढ़िए उसमें आपको पता चल जाएगा

02:39:23:18 दोनों स्वरूप है और एक तीसरा भी है एक तीसरा भी है जो इन दोनों से न्यारा को बताया गया है शरीर नाशवान जड़ वग क्षेत्र ठीक है अक्षर को बताया गया आत्मा और फिर वो कहते हैं इस शरीर और इस आत्मा से भी एक परे सच्चिदानंद घन ब्रह्म है और अगले श्लोक में कहते हैं वो मैं ही हूं इसलिए लोक में भी और वेद में भी मेरे को पुरुषोत्तम कहा जाता है ठीक है जी जी इसको मैं इसका इसको इसको मैं आपको और प्रमाण कुल मिलाकर के सर मैं प्रमाण देता हूं जी जी

02:40:06:19 पद्म पुराण उत्तरखंड श्री विष्णु सहस्त्र नाम जिस दिन आप एक बार पढ़ लेंगे आप किसी के चंगुल में नहीं फसेंगे उसके बाद ठीक है अब शिवश जी को अपनी बात रख जी देखिए ऐसा है कि कृष्ण भगवान ही संसार बनते हैं तो वो हो गए क्षर। ठीक है? कृष्ण भगवान ही मनुष्य रूपों में जीव रूप में आते हैं तो वो हो गए अक्षर। ठीक है? जी। और इन दोनों रूपों पर कंट्रोल भी वही करते हैं तो वो हो गए परम अक्षर। ठीक है। अच्छा सर। जिनका ईश्वर जगत बनाता ही नहीं। जिनका ईश्वर जगत बनाता ही नहीं बनता भी है। उनहीं का ईश्वर सर्वशक्तिमान स्वयं को कह सकता है। क्यों? जी। क्योंकि अगर मान लीजिए किसी कुमार ने मिट्टी लेकर घड़ा बना दिया। ठीक है? उस घड़े पर पूरा का पूरा कंट्रोल कुमार का नहीं है। समझ रहे हैं आप मेरी बात? क्योंकि मिट्टी को उसने नहीं बनाया। उसने मिट्टी को केवल शेप दिया है घड़े का। घड़े पे पूरा कंट्रोल कुम्हार का नहीं है। मगर जैसे जो जल की तरंगे होती है तरंगे

02:41:21:20 जल तरंग होती है। जल के बिना जल ही तरंग बनता है। जब तो जल के बिना तरंग का कोई अस्तित्व नहीं हो सकता। यानी कि जब ईश्वर ही स्वयं जीव और प्रकृति के रूप में प्रकट होगा तभी उसका प्रकृति और जीव के ऊपर पूरा का पूरा नियंत्रण होगा। तभी वो सर्वशक्तिमान कहला सकता है। अन्यथा नहीं कहलाएगा। जी अगर जैसे मैंने मन में सोचा जैसे मैंने मन में सोचा रामपाल वालों की हालत तो ईमान वालों से भी खराब है। जैसे मैंने सोचा जी सर कि मैं अपने मन में सृष्टि करने की कल्पना करता हूं। ठीक है? मैंने अपने मन में सोचा सामने पृथ्वी आ गई। ये है सीमित ईश्वर। ये सर्वशक्तिमान नहीं है। क्यों? पहली बात जहां पर मैं पृथ्वी को गोला बनाकर टांग रहा हूं वो पृथ्वी जहां पर टंग रही है वो स्पेस मैंने नहीं बनाया। मैंने पृथ्वी को बनाया। समझ रहे हैं? तो रचयिता नहीं हुआ मैं संसार का। मैं रचयिता नहीं हुआ। मैं कौन हुआ? मैं केवल वहां पर कुमार की तरह से मिट्टी को आकार देने वाला सिद्ध हुआ। तो ये जो बात है क्षर अक्षर और

02:42:36:24 परम अक्षर ये बात ऐसी है कि भगवान ही क्षर है। भगवान ही अक्षर है। फिर भगवान ही परम अक्षर है। उन दोनों के उपास से ठीक है? अब बात ये है कि जो अक्षर का मतलब है वैदिक डिक्शनरी जो है निरुक्त उसमें अक्षर का मतलब सीधेसीधे दिया गया है। अगर आप अक्षर को परम ब्रह्म से अलग मानेंगे तो जो वैदिक डिक्शनरी है जिसके आधार पर वेदों का अर्थ किया जाता है। उस वैदिक डिक्शनरी में अक्षर का अर्थ सीधे-सीधे कहा गया है। परम ब्रह्म परमात्मा अक्षर का मतलब परम अक्षर की बात तो छोड़ दो। अक्षर का मतलब मैं आपको बता दे रहा हूं। निरु 13वा अध्याय और दवा चैप्टर है। मैं बता देता हूं। दिखा देता हूं।

02:43:27:08 वेदों का कोई भी विद्वान होगा उसके लिए निरुक्त प्रमाणिक होगा। क्योंकि निरुक्त के बिना वेदों का अर्थ नहीं किया जा सकता। यह वेदों की डिक्शनरी है। वेदों में किस शब्द का क्या अर्थ लेना है? ये बताती है ये शब्दकोश है वेदों का वैदिक डिक्शनरी इसमें 13वा अध्याय है 13वा अध्याय 13वा पाद सॉरी और उसका दवा

02:44:04:03 [गला साफ़ करने की आवाज़] 13.1 कभी भी कोई ग्रंथ आप पढ़ा करें तो सबसे पहले क्या पढ़ा करें? उसकी ग्रंथ जब भी पढ़ते हैं कोई भी ग्रंथ तो सबसे पहले उसकी भूमिका पढ़ लीजिए। वो ग्रंथ कितना प्रमाणिक है? वो ग्रंथ कितना प्रमाणिक है ये आपको उसकी भूमिका से पता चल जाएगा। उसमें प्रमाण दिया होता है कि ये ग्रंथ प्रमाणिक क्यों है? और ऐसे प्रमाण दिए होते हैं जो टस से मस नहीं हो सकते। तो कोई भी ग्रंथ डायरेक्ट चैप्टर वन से नहीं पढ़ना चाहिए। उसकी भूमिका अवश्य पढ़ो। जैसे रामायण पढ़ोगे ना प्रमाण दिखाना शुरू कर दिया तो सभी लोग प्रमाण दिखा अभी आपसे बात नहीं हो रही भाई साहब अभी आपसे बात होगी रुक जाइए एक मिनट मैं इनको जरा एक एक मिनट इनको जरा वो

02:45:19:03 दे दूं 13वा अध्याय और 817 पे ये है अक्षर ये देखिए अक्षर वाला दिख रहा है आपको ये चैप्टर देखिए जी दिख रहा है अक्षर वाला चैप्टर दिख रहा है ना हां हां हां अब मैं इसमें 817 पेज नंबर खोल रहा हूं। अ ये देखिए यहां पर ऋग्वेद का उदाहरण देते हुए निरुक्त के जो भाष्यकार है यानी कि आचार्य यास्क इनकी प्रमाणिकता पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। विद्युत मंडली का मूर्ख उठा सकता है। इन्होंने ऋग्वेद का उदाहरण देते हुए अक्षर का अर्थ बताया है। एक 164 39 और अक्षर का अर्थ बताते हुए लिख रहे हैं अक्षर रूपी परमात्मा। ठीक है? अक्षर का अर्थ इन्होंने क्या कर दिया? परमात्मा। हां। तो वो भाव रूप से कहीं पे ये अपने आप को बताने के लिए कि मैं ही प्रकृति हूं, मैं ही जीव हूं और मैं ही उनका उपास्य हूं। तब जरूर कर दिया कि अक्षर और परम अक्षर। मगर ऐसा

02:46:34:09 नहीं है कि अक्षर का मतलब परमात्मा नहीं है। उनको क्योंकि अपने को और भी परम बताना था तो उन्होंने परम लगा के लिख दिया। मगर अक्षर का अर्थ भी परमात्मा ही है। ठीक है? जीव, जगत और जगदीश्वर तीनों रूपों में एक ही परम तत्व व्याप्त है। तो क्षर, अक्षर और परम अक्षर तीनों वही है। ठीक है? जी। और इसका प्रमाण आपको भगवत गीता के दव स्कंध में मिल जाएगा। एक मिनट दव चैप्टर में मिल जाएगा। भगवान कह रहे हैं कि जीवो में व्याप्त उनकी आत्मा मैं ही हूं। ठीक है? दव अध्याय में आप तो आपको ये प्राप्त हो जाएगा। ठीक है? तो इससे भी हमारी बात सिद्ध हो जाती है। हमारी कोई भी बात जो है ना वो शास्त्रों के विरुद्ध हम नहीं करते हैं। ठीक है? ये बात। ठीक है? मैंने इनका थोड़ा सा फंडा क्या है कि ये लोग कुछ चुने हुए श्लोकों को लेकर आते हैं।

02:47:31:13 जी जी कावेश जी अब अब हम अब हम फिर सुनते हैं आपको अब हम फिर सुनते हैं शैलेश जी हम लोग आ जाए अपने कुमारे वाले मामले पे कुंवारी गाय जी आप जी ने अभी प्रश्न किया था के कुंवारी गाय मतलब हम बात कर रहे हैं आपसे कुंवारी गाय उस जी उस वही पॉइंट पे रहिए जी वही बता रहे जी देखो मैं सबसे पहले आपको बता देता हूं। यह हमारे पूज्य गुरुदेव जी के द्वारा रची हुई पुस्तक है कबीर परमेश्वर। भाई साहब हमको आप केवल वो बता दीजिए मंत्र क्रमांक। हमको पूज्य गुरुदेव आपके नहीं चाहिए। प्रमाण के रूप में अगर ऐसे ही बात है तो मैं अपने पूज्य गुरुदेव का आपको दिखा दूंगा। आप मान लोगे क्या? भाई वो जो अंतर है शिक्षा का इसीलिए हम और आप आज आमने सामने हैं। मैं ये इसलिए का नाम लेकर के हमें ना बताइए। आप जो है हमको बताइए। मैं ये ये आपको ये इस चीज से दुख क्यों होता है? जी हम अपने पूज्य गुरुदेव जी को पूज्य गुरुदेव जी बोल रहे हैं। आपको दुख क्यों हो रहा है? जी देखा इनको सब करनी है। जो बात हो रही है उस पर नहीं करनी है। भैया हम पूछ रहे हैं इनको कि कौन से मंत्र के आधार पर आपके जो पूज्य गुरुदेव हैं उन्होंने

02:48:46:19 यह बताया कि जो परमेश्वर है सशरीर आता है और सशरीर जाता है। कुंवारी गाय का दूध पीता है। वह बताइए। कुमारी का शरीर बाद में बताना कुंवारी गाय का दूध पहले बताओ हां वही बता रहे जी गोविंद जी आप जो बता रहे थे वो एक वो बता दीजिए हां आप बताइए आप बताइए चलिए शैलेश जी बताइए ये ऋग्वेद मंडल नंबर नौ हां सूक्त नंबर वन [खांसने की आवाज़][गला साफ़ करने की आवाज़] हम

02:49:25:20 विषय पे बात करने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ जाती है। सूक्त नंबर कौन सा है? पंडित जी आप पंडित जी आप खोलते हैं ना पीडीएफ वगैरह आप खोलते हैं ना दिखाने के लिए डिस्प्ले पर मैं खोलता हूं लेकिन मैं देवी भागवत का वेदों को अवॉयड करूंगा। वेद के अलावा बताइए। नहीं नहीं देवी भागवत इसके बाद जब शिवा जी इनकी बात हो जाएगी खत्म उसके बाद हम देवी भागवत खोलेंगे नवा स्कंध और 49 नंबर उसका अध्याय आप तैयार रहिएगा

02:49:59:06 हां देखो मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा बस केवल ऋग्वेद नंबर मंडल नंबर नौ सूक्त एक मंत्र नौ ठीक है ऋग्वेद मंडल नौ और मंत्र नंबर नौ नौ नौ [गला साफ़ करने की आवाज़] इसमें लिखा है वो जो इंद्र है वो बालक रूप में अवध्य जिनका वध नहीं किया जा सकता कन्या अवध्य गाय इंद्र को पान कराने हेतु यज्ञ के समय इसमें भाष्यकार ने भी अर्थ किया है सोम रस में गाय का दूध मिलाया जाता यही मिश्रण यज्ञ में इंद्र को अर्पित किया जाता है और उसके पश्चात अन्य यज्ञकर्ता उसका पान करते हैं। तो यह इसका कुल मिलाकर अर्थ इसमें कुंवारी गाय कहीं नहीं है और ना ही कबीर है। कबीर को छोड़ दीजिए। कुंवारी गाय दिखाइए कहां है? देखो भाई ये डिबेट देखने वाले हमारे भाई बहनों आप देखो ये

02:51:11:13 देखिए व्यर्थ का बोलेंगे मुझे आपको रोकना पड़ेगा हम मान रहे हैं आपका मान रहे हैं कहीं लिखा है क्या ऊपर का दिखाइए जी श्लोक जो संस्कृत में लिखा हुआ है ऊपर दिखाइए अभी अनन्या शिशुम शिशु माने बालक रूप में जब परमात्मा बालक शिशु का अर्थ कुमारी है क्या? पंडित जी स्क्रीन पे लाइए स्क्रीन पे लाइए। कहां गए? शिशु का अर्थ कुमारी होता है क्या? मैं पूछ रहा हूं कुंवारी गाय कहां है? इसमें धेनव लिखा हुआ है। धेनव दिखाइए दोबारा से दर्शकों को। संस्कृत में धेनु लिखा हुआ है। धेनव का अर्थ है गाय। धेनव का अर्थ है गाय। तो वही वेद वही कह रहे हैं कि वो परमात्मा जब शिशु रूप में आता है बालक रूप में कुमारी उसमें लिखा है अभी अधन्या है दिखाइए दर्शकों को उसमें लिखा है अभी अधन्या अभी अधन्या धेन अभी अधन्या देख लो जिसका वध नहीं किया जा सकता अरे अवध नहीं अवध नहीं अधन्या अधन्या

02:52:22:09 अभी अधन्या देखो दर्शको हमारे शिवश जी दिखा रहे हैं भाई अनन्या का अर्थ होता है क्या तुम्हारी कुमारी होता है क्या आप अपना ये निकालिए अभी जो संस्कृत का अनुवाद दिखा रहे थे ना उसी से मान्य होता है उसी में देखो अभी आप देखो उसमें क्या होता है अभी धन्या का मतलब पांच बार दिखा चुका हूं अबकी बार नहीं दिखाऊंगा देखो कहां लिखा है कुमारी स्क्रीन कर लो जरा दिख रहा है क्या इसमें लिखा है अभी दिख रहा है क्या [नाक से की जाने वाली आवाज़] अभी अभी इसमें लिखा है अभी अनन्या का मतलब होता है कुंवारी। अरे भाई कहां लिखा है? अरे अनुवाद कीजिए सर। अभी अनन्या का अनुवाद कीजिए सर। जी एक बार और दिखाइए। रुक जाइए मैं स्क्रीनशॉट ले लेता हूं इसका। मैं इसको अनन्या का अर्थ है जिसका वध किया नहीं जा सकता। और ये भी मैं आपको वेद से दिखाऊंगा। ये भी मैं आपको वेद से दिखाऊंगा। क्या बात करते हो आप? क्या बात करते हो आप? का अर्थ आपको सभी का भाई साहब अग्या का अर्थ कुंवारी कहां पर लिखा है ये आप मुझे बता दीजिए ये क्या बात करने की बजाय आप प्रमाण दे दीजिए तो आप

02:53:37:18 भाई साहब अग्या का अर्थ कुंवारी कहां लिखा है इस बात का प्रमाण दे दीजिए आज भैया हम लोगों का जो मुख्य मिशन था वो ये था कि हमको इनका नरेटिव ये वाला तोड़ना था कि वो कुंवारी गाय का दूध पीता है क्योंकि क्योंकि इन्होंने चौवा उड़ा रखा है कि कबीर दास जी ने कुंवारी गाय का दूध पिया था। ठीक है? तो अब आप आंखें खोल करके देख लीजिए कि अगन्या को इन्होंने कुंवारी कह दिया। ये अगन्या का अर्थ कुंवारी कहां लिखा हुआ है? बताएं। ये ये देखिए ये आप मुझे वेद बता दीजिए जिसमें की अगन्या का अर्थ कुंवारी लिखा हो। वेद बता दीजिए।

02:54:21:03 हम आप ही से बोल रहे आप अभी बता रहे थे कि वेद के जितने भी अर्थ होते हैं वो आप जी ने एक पुस्तक बताई थी जिसमें अक्षर का आप अभी अर्थ कर रहे थे परमात्मा आप उसी में दिखाइए ना हम भी देखेंगे उसमें के अभी का अर्थ क्या होता है उसमें जो परमात्मा के विषय की बातें हैं उनके अर्थ है बाकी ये संस्कृत हिंदी डिक्शनरी है मैं इसमें का अर्थ दिखाऊं ये आपके रामपाल जी रामपाल जी भी बोलते है ये डिक्शनरी दिखाऊं इसमें शिवांशी भाई दिखा दीजिए ये दिखा दीजिए आप आप दिखा दीजिए अनन्या का अर्थ है ना आप इनको दिखा दीजिए का अर्थ देख लो भैया जी आपने किस डिक्शनरी में पढ़ा था ये वाला जो अधन्या का मतलब जो हैवारी डिक्शनरीदर्शी डिक्शनरी [हंसी] आप अपना वो दिखाइए मैं तब तक इनसे थोड़ी सी बात कर लेता हूं शैलेश जी वो कौन सी बुक है जिसमें से रामपाल जी ने आपको कोई प्रमाण तो दिया होगा ना कि मैं अधन्या को कुंवारी बोल रहा हूं तो यहां से बोल रहा हूं क्योंकि वो तो प्रमाणित बात करते हैं। देखो जी ऐसा है जी ये संत रामपाल जी महाराज के तो अनुवाद को आप मानते ही नहीं उसको मान जाए तो आपकी सब बात सेट हो जाए। संत रामपाल जी महाराज के अनुवाद को तो आप मानते ही नहीं फिर तो आप सेट ही हो जाए। समस्या यही आ रही है ना? संत रामपाल जी महाराज के अनुवाद

02:55:36:14 को अगर आप मानना शुरू कर दे तो आप सेट हो जाओगे। जी मत बोलने दीजिए। ये जो है इसको भी कटिंग करके अपने उसमें प्रचार में उपयोग कर लेंगे। आप इनसे एक ही बात मत बोलने दीजिए। [हंसी] ये हमारे जितने भी भाई अभी डिबेट देख रहे हैं म्यूट म्यूट करो। म्यूट करो म्यूट करो भाई। भाई साहब आप यहां भाषण मत दीजिए। भाई साहब आप यहां प्रवचन मत दीजिए। भाई साहब विषय पे बात करते हैं। अगन्या का अर्थ कुमारी कहां से पढ़ा आपने ये बताइए?

02:56:19:15 बताइए आप जी बताइए अनन्या का अर्थ क्या होता है? अब मतलब मैं बता देता हूं आपको। मैं बता देता हूं आपको। एक मिनट मैं बता देता हूं आपको। अरे मैंने आज एक सूक्त भेजा था। एक मिनट जी एक मैंने आपको सूक्त भेजा था अथर्ववेद का जिसमें की अग्या सूक्त था वो ध्यान है मैंने भेजा था जी जी देखो उसका केवल मुझे क्रमांक बता दीजिए क्रमांक जी जी केवल क्रमांक

02:57:09:22 घन्या अरे वो घ है या ध है? ध घ आधा घ है अनघन्या अच्छा घ है अरे यार ठीक है ठीक है होगा फिर इतनी मेहनत करवाते हैं और मेहनत के बाद मानना कुछ है नहीं [हंसी] वो सूख अच्छा चलिए मैं ढूंढ लेता हूं रुकिए

02:57:51:06 वो पूरा गन्ना सूख है वो वो पूरा वेदों में सूक्त है कन्या का है नाम कोई तब तक आप अपनी बात कर लीजिए गुरुकुल जी गोविंद जी आप अपनी बात कर लीजिए मैं आपको पूछ रहा था कि मतलब जो ये जो अघन्या का मतलब कुंवारी है ये आपके गुरु जी ने स्वयं से किया है क्योंकि आपने कहा ना कि हमारे गुरु जी की बात आप समझ नहीं पाए

02:58:34:28 नहीं भैया मैं बताऊ मैं बताऊ मैं इनकी वीडियो देखा था इनमें पता है ये क्या बोल रहे थे अनन्या अनन्य मतलब बिना धनाई हम बोलते हैं ना कि अपनी लैंग्वेज में वैसे बोल रहे थे व्याकरण से नहीं बोल रहे थे महाराज जी बोल रहे थे कि अपनी लैंग्वेज में बोलते हैं ना बिना धनाई ऐसे उसमें ट्रांसलेट किया गया। बाकी इसका अर्थ ये नहीं होता है। ऐसे काम होता है। मयंक जी आपको जैसे मैं एक्स देके बताता हूं। शायद आप वही बात कर रहे हो। जैसे इंग्लिश में व्हाट का मतलब होता है हम कहते है ना व्हाट? तो मतलब पंजाबी में हमारे कहते हैं व उस चीज को कहते हैं जो मरोड़ पड़ता है ना पेट में। हम उसको कहते हैं पेट में वट पड़ रहा है। बस बिल्कुल यही यही यही यही और खेतों को बांटने के लिए जो वहां पर लकीर टाइप होती है ना मिट्टी की बनी हुई ठीक है उसको भी वाट ही कहते हैं हम कि आप कहां जा रहे हो मैं वाटर से अब अब देखो ना कि ये कैसी हरकतों पे है इन्होंने मंडल बता दिया सूक्त बताया मंत्र भी बता दिया और शिवांश भैया जी है ना जो ऋग्वेद को खोला ठीक है वो सारी चीज निकाली उसमें

02:59:50:02 में जो बाकायदा लिखा हुआ है ना उसको भी दिखाया तो उसको नहीं मान रहे बताओ इनसे बड़ी मूर्ख पर हम एक काम करते हैं ना हम फोकस रहते हैं जैसे कि शैलेश जी से मैं पूछ रहा हूं कि जैसे बाबा जी तो कोई भी बात बताते हैं झट से ही इंटरनेशनल टीवी पर ग्रंथ खोल लेते हैं जैसा कि इनका क्लेम है तो जब उन्होंने यह बताया कि अधन्या का मतलब कुंवारी है तो उन्होंने कोई ना कोई ग्रंथ खोल कर तो बताया होगा ना इनको तो शैलेश जी वो कौन सा ग्रंथ था जिससे भी आपने विश्वास कर लिया कि हां कुंवारी का मतलब अध्या का मतलब कुंवारी होता है। अरे मैं कह रहा हूं कि मैं ये देखिए हूं शायद Google पे मिल जाए। ये मिल गया यहां पर अगन्या सूक्त है पूरा और इसमें गाय की बात हो रही है। और गाय को अगन्या क्यों कहा गया है? यह यहां पर आया है। गोवे आ गई है और उन्होंने कल्याण किया है। वे सब गौशाला में बैठे और हमें इसमें कहीं भी कुंवारी आए तो बताइएगा। यहां उत्तम बच्चों से युक्त बहुत धूप वाली हो जाए। परमेश्वर के लिए यजन के लिए उषा काल के पूर्व दूध देने वाली होवे। आ गई गाय। उन्होंने भद्र से घर भर दिया। ठीक है। ये सब इसमें चल रहा है। और इसी

03:01:05:10 में इनको लास्ट में अगन्या कहा गया है। वो भी दिखा देता हूं। मैं स्क्रीन शेयर कर रहा हूं। मैं भी एक एक रेफरेंस मैं भी दे रहा हूं। हां ये पूरा फेवरेट रेफरेंस है। जी पूरा सूट है। जी का सूक्त है गाय के ऊपर ही बना है। अग्य शब्द कान्य शब्द का अर्थ ऋग्वेद में गाय को अगन्या या जो मारने योग्य नहीं है के रूप में संगठित किया गया है। सामने लिखा हुआ है आपके स्क्रीन शेयर कर दीजिए। कर तो रहा हूं। नहीं दिख रही है मेरी स्क्रीन? ना ना अरे

03:01:43:25 अब मुझे फिर से पूरा करना पड़ेगा। इतना मेहनत और सबसे बड़ी बात पता क्या है शिवा जी कि अभी जब हम श्री कृष्ण की लीला देखेंगे ना तो उसमें सारी बात ऐसे ही लिखी होगी जो आपने रुग सुनाई वो कृष्ण के लिए है वो कुंवारा इसलिए जोड़ा है कि इनकी कोई लोकोक्ति है ये देखिए अगन्या शब्द का अर्थ अगन्या शब्द का अर्थ है किसी भी परिस्थिति में मारे जाने के लिए नहीं देख लीजिए भैया आंखें नेक्स्ट नेक्स्ट सेंटेंस पढ़िए। ऋग्वेद में गाय को अगन्या या जो मारने योग्य नहीं है के रूप में संदर्भित किया गया है। और क्या बताऊं मैं? इसमें कि पूरा सूक्त है ना चार 21 अथर्ववेद चार 21 खोल के पढ़ना पूरे सूक्त में गाय को अगन्य कहा गया है और यह बताया गया है कि उसको मारा नहीं जा सकता। वध करने योग्य नहीं।

03:02:41:18 इनको भैया इनको अभी भी विश्वास नहीं आएगा। देखो अब हमसे शास्त्रोक्त बातें बहुत सारी हो गई। अब जरा टेक्निकल बातें कर लेते हैं। खत्म करने से पहले है ना शास्त्रों का प्रमाण हमने बहुत सारी बातें कर ली। अब आप अगर आपके पास और शास्त्र करने के लिए तो किसी दिन आना मगर मैं आपको बता दूं कि एक जो तत्वदर्शी वाली बात है वो आपको मैं बताना चाह रहा था आज वो क्या है? वो मैंने आज आपको ना संक्षिप्त देवी भागवत का 414 या 464 नंबर का प्रश्न जो है मैंने शेयर किया था ऑपरेटर महोदय तो आप जरा वो 464 या 414 नंबर का जो प्रश्न है जो मैंने देवी भागवत का आपको कहा था वो जरा यहां पर ला दीजिए जिस जिस पृष्ठ संख्या के आधार पर रामपाल दास जी ये क्लेम करते हैं कि सतयुग के जो राक्षस है वही वही कलयुग के ब्राह्मण है। मतलब ऐसा वैसा प्रश्न नहीं है। वो आपके गुरु के द्वारा स्वीकार किया गया पष्ठ। ग्रंथ तो दूर की बात है। ग्रंथों में तो तब भी कह दोगे कि ये नहीं मानेंगे वो नहीं मानेंगे मगर पष्ठ। वही पष् जिस पृष्ठ के आधार पे वो ये कह

03:03:56:19 रहे हैं कि कलयुग के जो ब्राह्मण है वो जो है कौन है? नहीं संक्षिप्त वाला। संक्षिप्त वाला मैंने आपको शेयर किया था आज। यह नहीं यह संस्कृत हिंदी है। संक्षिप्त वाला संक्षिप्त भागवत वहां पे उनके काम की बात तो मुझे मिली नहीं मगर अपने काम की बात जरूर मिल गई। वहीं पे रामपाल दास जी ही मुझे कई सारे प्रमाण दे देते हैं। रामपाल [हंसी] दास जी के वीडियोस से ही मुझे बहुत सारे प्रमाण प्राप्त हो जाते हैं। और कुछ मत देखो। आप उनहीं के वीडियोस देख लो तो आपको आपके मतलब की चीजें सब मिलंगी। वही मेरी भी ऐसी है। जैसे वो ब्रज का अर्थ जब दिखा रहे तो वही लिखा है आना। जब वो दिखा रहे हैं ब्रज का अर्थ।

03:04:52:02 वो प्रश्न पष् संख्या क्या थी वो ऑपरेटर जी पष् संख्या बता दीजिए कौन सी बताई थी मैंने आपको 464 बताई थी या 414 बताई थी जिससे कि इनको ढूंढने में आसानी हो जाए [गला साफ़ करने की आवाज़] संक्षिप्त वाला सुधांशु भाई मैं लीप करता हूं आप लोग आपको कोई अगर आवश्यक कार्य ना हो तो रहिए यहां पे देखिए आनंदित वातावरण है इस समय है कल का एक टॉपिक रखना है वेदों में पुरुषोत्तम कौन

03:05:28:19 वेदों में पुरुषोत्तम कौन वेदों में नहीं 443 मैंने नहीं कहा होगा 464 या 414 कहा होगा 414 या 464 कहा होगा मैंने मैंने इधर से लिख के दिया होगा आपको वो प्रश्न क्रमांक जो वही देश जहां पर ब्राह्मणों को से तुलना की जा रही है। वही कह रहे हां वो कौन सा प्रश्न संख्या है जिसमें बात करते हैं? मैं बताता हूं एक मिनट लगेगा मेरे को। हां बताइए बताइए। शिवशी जी इसमें वो भी दिखा देना। यहां शूद्रों के लिए भी लिखा गया है। क्षत्रियों के लिए भी लिखा गया है उसके। ठीक है। 4143 क्यों कह रहे हैं? 414 खोलिए श्वेता जी। हां खोल रहा हूं मैं

03:06:24:14 कौन वेदों में इसी तरीके से इनका एक एक नरेटिव जो है हमें तोड़ना है एक एक नरेटिव गीता अध्याय का जो 15 15 का 16 17 और 18 है ना इसका नैरेटिव तोड़ना है कल हमने ये वेदों में मुझे पुरुषोत्तम कहा गया है वो हमको दिखा के हम प्रूफ करेंगे कल कि कौन पुरुषोत्तम है। पूरे पूरे सूक्त दिखाए जाएंगे कल चारों वेदों से। [गला साफ़ करने की आवाज़] जी खुला मिला आपको संक्षिप्त वाला

03:07:03:25 400 कौन सा है? 400 400 कितना बताया था अभी? 414 अभी बताया था इन्होंने लिख के। मैं भूल गया। 400 एक मिनट मैं बता मेरे पास है मेरे पास है आ गया आ गया आ गया 443 नहीं नहीं 414 है वो 443 क्यों लिख रहे है मुझे नहीं पता ठीक है आप 4414 बोलिए कल मिलते हैं जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम

03:07:39:27 ये है अच्छा हां 414 यह आपने संक्षिप्त देवी भागवत खोला है ना हां हां लेकिन कौन सा हां बहुत कौन सा वर्जन है ये इसमें क्या लिखा है वो वाला चल रहा है क्या वो आपने बहुत मुझे लग रहा है ये वाले में अपना मिलेगा नहीं मामला वो हो रहा है क्या कि वो सतयुग में ऐसी बातें करते थे वैसी बातें करते थे प्रकाश नहीं यह तो नहीं है इसमें ऑपरेटर जी आप आप खोल लीजिए आप दिखा दीजिए वह वाला पेज 414 नंबर का मैंने आज आपको लिंक भी भेजा था मेरे पास आ गया आ गया आ गया बोलिए जरा संक्षिप्त वाले में वो 425 है अगर आप चाहते हो तो मैं स्क्रीन पे शो कर देता हूं ग्रंथ से ही हां स्क्रीन पे शो करिए स्क्रीन पे इनकी मेन मेन स्क्रीन इनकी कर दीजिए गोविंद जी की मैं एक सेकंड ये बदल लूं सिर्फ कैमरा थोड़ा पिछला कर लूं

03:08:47:08 बैक। [गहरी सांस लेने की आवाज़] तो ये है संक्षिप्त देवी भागवत पुराण। वो भाई साहब कहां चले गए? जिनको हम दिखा रहे हैं वो कहां चले गए? बहुत बढ़िया। बहुत बढ़िया। गोरखपुर द्वारा प्रकाशित है। मैंने टैग लगा के रखे हुए हैं ना। मैं दूसरे कमरे में था दरअसल। धर्म की ये स्थिति त्रेता में भी रही। ठीक है। फिर वही बात है कि ब्राह्मण वो माने जाते हैं जो जी जी इसको नहीं पढ़ना है अपने को। इसमें तो स्त्रियों को भी लिखा है। वो बात अलग है कि इनका अपनी घर की स्त्रियों के बारे में वो है कि नहीं। इसके लेफ्ट पैराग्राफ को जरा पढ़िए। लेफ्ट वाला इससे लेफ्ट वाला पैरा पढ़िए। उसमें लिखा होगा कि सतयुग के जो ब्राह्मण थे वो वेदों के वेदों के पूर्ण रूप से जानने वाले थे और मां जगदंबा का निरंतर आराधना करते थे। ये है हां। यह

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→ Used in: A · Live क्या रामपाल के kabir अविनाशी अजर है ? #rampaljimaharaj #kabir at 1:59:40 ↗

03:09:38:14 निश्चय है कि सतयुग में ब्राह्मण वेद के पूर्ण विद्वान थे। उनके द्वारा निरंतर भगवती जगदंबा की आराधना होती थी। लो भगवती के दर्शन करने के लिए उनका

⬜ Not used yet · 03:09:48:14 – 03:50:47:20 (40:59)

03:09:48:14 बस इतना इतना बहुत है। इतना बहुत है और आगे गायत्री का ध्यान करते थे। देखिए गायत्री का ध्यान गायत्री का ध्यान प्राणायाम जप में अपना सारा समय व्यतीत होता था। ठीक है? अब बस एक मिनट। तो वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाले कौन है? जो भगवती जगदंबा का ध्यान करते हैं निरंतर और निरंतर ध्यान करते हैं और प्रणव युक्त गायत्री का जप करते हैं। अब ये जो 15 एक के अनुसार तत्वदर्शी कहते हैं कि 15 एक में तत्वदर्शी का बताया गया है। वहां क्या लिखा है कि जो तत्वदर्शी है इनके अनुसार जो तत्वदर्शी है, वो वेद के तात्पर्य को जानने वाला है। और इनके ही इस आधार पे संक्षिप्त देवी भागवत में लिखा हुआ है कि वेद को पूर्ण रूप से जानने वाला कौन है? जो मां भगवती की निरंतर आराधना करता है और गायत्री का जप करता है। इनके दो क्लेम टूट गए यहां पे। कहां लिखा है इसमें? रामपाल वेदों को जानने वाले हैं।

03:10:59:15 आप को भी आपको भी बहुत-बहुत दीपावली की शुभकामनाएं। आज हंस हंस कर पेट दर्द करने लगा। यूं ही ज्ञान और आनंद का विस्तार करते रह। जय श्री राम। जय श्री राम। सचिन देवकर जी। रामपाल दास जी का नाम देवी भागवत में नहीं लिखा है कि वेदों को पूर्ण रूप से जानने वाले रामपाल है। मगर यह जरूर लिखा है कि जो पूर्ण रूप से जानते हैं वेदों को वो कौन होते हैं? देवी मां की आराधना करने वाले। और यह प्रमाण हमको हमारे द्वारा नहीं मिला है। आपके जो तत्वदर्शी हैं उनके ही द्वारा ये प्रमाण हमें प्राप्त हुआ है। क्योंकि वो वहीं से बताते हैं। उसी प्रश्न को खोल के बताते हैं कि भैया वो जो ब्राह्मण है वो सतयुग के और राक्षस थे वो आज ब्राह्मण है। वहीं से मिला है हमें। ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। कहां गए भैया सब सब चले गए। जो भाई साहब थे जिनसे बातें चल रही थी वो भाग गए। और इनकी ऐसी बात भी देखिए कि रामपाल बाबा इस बात पर हंसते थे। [हंसी]

03:12:08:09 हां भाई क्या दिखा रहे हैं? जैसे सत्संग में आम अलाउड करते हैं। आ जाओ आज सत्संग है। ये क्या है? जय श्री राम। हां भैया आप लोग कहते हैं ना कि बिंदी क्यों लगाते हैं? तिलक क्यों लगाते हैं? ये क्या है? ये रामपाल दास जी के चेहरे पर क्या है? हेलो हेलो कहां गए? मैं कुछ बोलूं? सुनिए। जय श्री राम। जय श्री राम। जय श्री राम। कहां गए?

03:12:44:04 अब मुझे मैं फिर फिल्मी होने लगता हूं। फिर मेरी ये कमी है। [हंसी] सही है। जी बोलिए विशाल जी। जय श्री राम। [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं आपसे यह कहना चाहता हूं कि आपके ऊपर कबीर वाले जितने भी उनके शिष्य हैं चाहे वो स्त्री हो, स्त्री स्त्री हो, वृद्ध हो, पुरुष हो, कोई भी हो, छोटे बड़े सभी शिष्य आपके ऊपर आधे वीडियोस पे वीडियोस बनाए जा रहे हैं। इन्हीं के शिष्य हमारे, हमारे विरुद्ध? उससे अच्छा है ना? हमारा प्रचार होगा भाई। और बनाएं? वो मतलब सामने आ ही नहीं रहे बस वीडियो ही बना रहे हैं। वो जो छह देखा था मैंने आज देखा था कोई मातृ शक्ति थी वीडियो बना रही थी। अच्छी बात है। हम अभी वो जो आपने छह सी छह एपिसोड्स बनाए थे ना आपने अभी इनके ऊपर इससे पहले तो वो जो एक है ना फैक्ट बाय अभिषेक उसने एक वीडियो बनाई है आपके ऊपर पौने घंटे की उसमें क्या बनाया है? वीडियो बनाया है जैसे इनके ऊपर बनाया गोविंद गुरुकुल के ऊपर जो मैंने छह वीडियोस की सीरीज बनाई थी उसके जवाब में हां वो मैंने देखा था देखा था देखा था उसने क्या किया मैंने जो सारे प्रमाण दिए हैं उनकी बात ही नहीं की बोल दिया वो झूठ है बोल रहा था वो हां बस वो

03:13:59:06 झूठ है बस मनगढ़ंत हम भाई कोई कबीर वाला हो तो बताएं हमें कबीर वाला चाहिए कबीर वाले कहां गए कुंवारी गाय का दूध ये वो कहां गए भाई ससरी रहता अभी तो वो भी नरेटिव है ना ससरी आता ससरी जाता ससरी रहता ससरी जाता [हंसी] इस बार आर्य समाजियों को बुलाइए राधा रानी जी के ऊपर कुछ कि उनको प्रॉब्लम क्या है राधा जी से आर्य समाजियों को बुलाइए इस बार आर्य समाज जी देखिए इन सबके जनक हैं हम उनमें और वो वो इंटेलेक्चुअल है वो बुद्धिमान है वो ऐसी चीजें नहीं करते हैं कि मतलब इनसे उनका जो बौद्धिक स्तर है बहुत आगे के हैं वो लोग किसी ने बिल्कुल सही कहा था कि किसी ने बिल्कुल सही कहा था कि ये आर्य समाज इसको किस भले ही दिमाग का यूज़ करना पड़ता। इनके साथ कोई दिमाग का वही नहीं करना पड़ता। हां नहीं मगर इनको समझाने में ज्यादा दिक्कत है। क्यों? अब जैसे हम उपनिषद का प्रमाण दिखाने लगे। अब ये उपनिषद को जानते नहीं है तो ये कह देंगे। हम निरुक्त दिखाने लगे। अब निरुक्त को ये जानते नहीं है तो मना कर देंगे। इसमें ज्यादा प्रॉब्लम को क्या था कि हम उनको नहीं मानते। अब ये आर्य समाज वाले कहते हैं हम पुराण नहीं मानते। अब ये लोग बोले हम उपनिषद नहीं मानते हैं।

03:15:15:10 उपनिषद को ही मना कर दिया जिसको आर्य समाज भी मानते हैं। आर्य समाज भी उपनिषदों को स्वीकार करते हैं। आर्य समाज जी भी मगर ये लोग तो उपनिषदों को ही मना कर रहे हैं। एक कदम और आगे अभी दो दिन पहले वो जो एक आए थे ना अमित दास नाम के जिन्होंने हनुमान जी पे सवाल उठाए थे हनुमान जी की भक्ति पे। अब वो आपसे लड़ नहीं। आप पे वीडियोस बनाए जा रहे। एक वीडियो दो दिन पहले बनाए उसमें उन्होंने पता है क्या बोला? टाइटल पे लीजिए शिवश जी मैंने आपका और आपके चारों शंकराचार्यों का खंडन कर दिया वीडियो में और उनके ही आदमी ने बोला है बिल्ली जैसा मुंह लेके रह गया उनके ही व्यक्ति ने Facebook पर बोला है कि भाई तुम मत जाओ उससे ये नहीं कर पाओगे वो तुम लोगों से बहुत आगे है तुम्हारे पास जवाब नहीं है अपनी भक्ति कर लो बिल्ली जैसा बंदर जैसा मुंह लेकर मत मत जाओ वहां ये सब बोला है उसने और वो एक बड़ा वो वाला बताया था जब वो जब हमने अपनी परंपरा नहीं बताई थी गुरु परंपरा तो वो बोल रहा था कि जब जब उसने गुरु परंपरा बताई शिवश ने तो ये अमित दास का चेहरा इतना सा हो गया बिल्ली वाला तो हमें करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है। वो लोग खुद कर रहे हैं। कहां गए जो अभी भाई साहब आए थे

03:16:30:12 चले गए जेल हम गए अभी कोई भाई साहब रखना चाहूंगा यहां पे ठीक है। मैं जैसे वो यहां पर बात हो रही है कि विशाल जी विशाल जी ने जैसे बात उठाई यहां पर आर्य समाज के लिए मैं अपनी तरफ से इसमें एक चीज ऐड करना चाहूंगा कि ऐसी भाषा क्यों इस्तेमाल करनी है जिससे कि आपसी विरोध पैदा होता है। यदि आप किसी चीज को मानते हैं अच्छी बात है। अगर आप किसी चीज के ऊपर अन्य अपना ज्ञान देना चाहते हैं वो भी अच्छी बात है। लेकिन कम से कम यह तो सोचिए कि जिस बारे में ठीक है हमारे जो आचार्य आदि है वह बोल रहे हैं तो कुछ ना कुछ उसके पीछे लॉजिक होता है। ठीक है आप मत मानिए किसी स्त्री रूपी राधा रानी को नहीं मानेंगे तो क्या आप प्रकृति को भी नहीं मानेंगे फिर आपको प्रकृति को डिनाई करना पड़ेगा वहां पर ठीक है ना प्रकृति एक स्वरूप में तो व्यक्त नहीं होती है ना प्रकृति क्या केवल दहन ही दहन करती है क्या वो हमें मैं मैं एक बात में अपनी बात खत्म करूंगा मैं ज्यादा नहीं बोलूंगा इस पर ठीक है क्या केवल प्रकृति का काम विनाश करना ही केवल विनाश करना ही है केवल प्रकृति का कार्य नहीं प्रकृति हमें लक्ष्मी रूप में सब साधन भी तो

03:17:45:13 दे रही है ना लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तो क्या आप उसका वो रूप डिनाई कर दोगे? मेरा बस ये कहना है आर्य समाज के लिए यदि ये संदेश हो भी तो आप किसी भी ऐसी लैंग्वेज का प्रयोग ना करिए जिसमें कि आपकी ही बाद में हानि होती है। ठीक है? लोग आपके विरुद्ध क्यों ना एक ऐसी चीज के बारे में बात करिए जो आपका अपना फील्ड है। उसको प्रचार करिए। गोविंद जी मेरा भी यही कहना है। मेरा भी यही कहना है। आपको साकार को नहीं मानना मत मानो। कृष्ण को नहीं मानना मत मानो। मतलब उनको ईश्वर के भगवान के रूप में नहीं मानना। ईश्वर के रूप में परमेश्वर के रूप में इसमें बालिका

03:18:24:09 मत मानो। मगर उनका जो आस्था है उनकी उनका अनादर मत करो। आप उसको अलंकार समझ लो। जो उसको रियल समझ रहा है उसको रियल समझने दो। बात खत्म। बिल्कुल और अगर आप किसी चीज का खंडन करते हैं ना किसी चीज का खंडन करने का क्या कोई नियम नहीं होता उसकी मर्यादा नहीं होती कोई मतलब ये तो फिर मैं ऐसे ही समझूंगा जैसे शंकराचार्य प्रॉब्लम है उनकी जो उनकी जो मेन पुस्तक है ना वो जो प्रकाश उसमें कई जगह अभद्र भाषा उपयोग हो गई है जैसे भांड इत्यादि शब्द उसमें उपयोग हो गए पोप ये सब हो गया है अरे भाई आप लोगों की वजह से बार-बार हमारे आगंतुक चले आते हैं। अब वो आए थे चले गए। भाई साहब आ जाइए वापस। आप आपसे ही बात करेंगे। आ जाइए। कौन थे? जी पांडे जी तब तक आप बताइए। जय श्री राम। जय श्री राम। सो जी कैसे हैं आप? बस कृपा है राम की। मैं बस ऐसे एन्जॉय कर रहा था। मैं आज का डिबेट जो रहा वो बहुत बहुत हस्पद रहा आपका। देख के बहुत एंजॉय किया। बस यही सब शेयर करने के लिए आया था मैं। इनको जो आपने उदाहरण दिया है कि दीवार में सर मारना तो वाकई में आपका मतलब काबिल तारीफ है आपका काम इतना

03:19:39:10 झेलना ना बहुत ही मतलब मैं क्या बताऊं कितनी एनर्जी लॉस लॉस होता होगा आपका इसी के बारे में मैं डिस्कस करना चाह रहा था कि कुछ नहीं समझना है इनको जैसा चल रहा है इनको चलने दो हां बट जो दूसरे लोग हैं वो तो मेरे ख्याल से उनकी आंखें खुल रही है आ रहे हैं समाज में रिटर्न हो रहा है आपका रिजल्ट मिलेगा आपको मैं बस यही कहना चाह रहा था रही बात आर्य समाजियों के बारे में तो मैं बस एक सिंपल वर्ड हम लोग हम लोग थोड़ा सा रुक करके दो तीन बार आ गए ना भाई साहब महेंद्र सिंह जी तो थोड़ा सा थोड़ा सा रुक करके आपसे बात करते हैं जी महेंद्र सिंह जी जय श्री राम नमस्कार जी नमस्कार जी जी बोलिए आपका परिचय जय श्री राम जय श्री राम महेंद्र सिंह नाम है जी मेरा हरियाणा से हूं जी मैं रामपाल का विरोधी हूं

03:20:29:18 आपका शो बहुत अच्छा लगता मेरे को मजा आता है खूब हंसी आती है इनकी जब मूर्खता पूरी दुनिया देखती है ना जब ये प्रमाण साबित नहीं कर पाते आप मर्यादा थोड़ा सा थोड़ा सा मर्यादा में रह के ही बात जी जी मेरे को खुशी है कि आप इनको लपेट रहे हैं। इनकी अज्ञान की पोल खोल रहे हैं। ठीक है जी। मैं आपके सारे वीडियो देखता हूं। बहुत अच्छा लगता है जी बहुत अच्छा जी चलिए आभार आपका समर्थन प्रकट करने के लिए जी और आभार आपका समर्थन प्रकट करने के लिए और धरातल पर भी सहयोग की आवश्यकता है महेंद्र सिंह जी राम पांडे जी हमारा नंबर हम लोग देते रहते हैं धरातल पर भी जुड़े क्योंकि ये तो ये तो केवल वैचारिक क्रांति है जब तक जमीन पे नहीं उतरेंगे ना तो बदलाव नहीं ला पाएंगे बदलाव जमीन लाना है विश्वास जी आपकी नलेज भी बहुत अच्छी है जी अरे वो गुरु गोविंद ग्रंथ की थोड़ी सी कृपा है थोड़ा सा कुछ गुरु गोविंद ग्रंथ की कृपा

03:21:44:21 है बस और कुछ नहीं तो हमने आज क्या जाना कुंवारी गाय का कोई रेफरेंस नहीं है अगन्या का अर्थ होता है जिसका वध ना किया जा सके नगर है अगन्या का कुमारी तो दिखाओ तत्वदर्शी यदि वेदों को जानने वाला है तो वेदों को जानने वाला वो है जो भगवती की निरंतर आराधना करता है उस रेफरेंस के आधार पर जिस रेफरेंस को आपके पूज्य गुरुदेव यूज़ करते हैं। ठीक है? और हमने क्या जाना कि कबीर जो है वो अजर नहीं है। वो बूढ़े हैं। उन पे आयु का प्रभाव दिखता है। है ना? और बाकी पिछले कई वीडियोस में हम एक एक नैरेटिव तोड़ते चले आए हैं कि कबीर कबीर नहीं है। पहला नैरेटिव यानी कि वेदों में कोई प्रमाण नहीं है। कबीर भगवान नहीं है। दूसरा नैरेटिव हमने एक दिन तोड़ा कि रामपाल जी तत्वदर्शी संत क्यों नहीं है। हमने उस बारे में अच्छे से विवेचन किया। फिर हमने यह बात तो कर ही चुके हैं कि कबीर रामपाल दास जी के द्वारा पूजित होने वाला जो ईश्वर है वह सर्वशक्तिमान

03:22:59:25 नहीं है। रामपाल जी की जो दीक्षा का प्रोग्राम चल रहा है वो शास्त्रोक्त नहीं है। है ना? और आज हमने बात आज हमने बात कर ली किस पे? ये कुमारी वाला जो दूध वाला मामला है उस पर। अब हम लोग अगले बार में बात जब भी करेंगे तो हम लोग करेंगे कि पुरुषोत्तम कौन है? किसे पुरुषोत्तम कहा गया है शास्त्रों में और यह सशरीर आना और सशरीर जाना इसको भी जरा एक एक तार इसका खोल लेंगे। है ना? अभी अगर आज के टॉपिक्स में से किसी टॉपिक पे किसी को बात करनी हो तो वो आ सकते हैं और लाइव में जुड़ के अपना पक्ष रख सकते हैं। भाई साहब देखिए शुरू में आए थे। जब हमने उनसे अजर की बात की जब प्रमाण दिखाने लगे मैं परम ब्रह्म हूं दिखा भी दिया दूसरा प्रमाण दिखाने लगे भाग गए अभी यह जो भाई साहब थे सेंटर में आपको दिख रहे थे जो अपनी बात को बार-बार काट देते थे जब इनको हमने दिखाने लगे तो उन्होंने भी देखा अब दाल गलेगी नहीं तो भाई भागो भागेंगे

03:24:05:06 तो [गला साफ़ करने की आवाज़] कोई हो रामपाल को फॉलो करने वाला तो अभी आ जाए ऊपर सस सम्मान उसका स्वागत है और देखिए जो बीच में हमें इंटरप्ट करना पड़ता है उसका केवल एक कारण होता है या तो व्यक्ति आएगा व्यक्तिगत आक्षेप लगाने लगेगा जो विषय नहीं है उस विषय पर बात करने लगेगा इसके बारे में थोड़ी सी विवेचना आप कर दीजिए गोविंद गुरुकुल जी आप लोग कर दीजिए मैं ये बोलना चाहूंगा जी मैं ये कहना चाह पांडे जी बोल नहीं नहीं आज की जो लाइव चल रही थी उसमें मेरे को बहुत हंसी आ रही थी इस बात पे कि आप प्रूफ दिखा रहे हैं जो अगन्या वाले जो जो शब्दकोश का जो आप प्रमाण दिखा रहे थे तो वो भाई साहब कह रहे थे कि नहीं नहीं नहीं देखो भाइयों देखो कितना झूठ बोल रहे हैं मतलब खुद तो मूढ़मती है ही दूसरों को भी मूढ़मती बनने के लिए वो उपदेशित कर रहे हैं वही से इस बात को लेकर बहुत हंसी आ रही थी और उनके जो फॉलोवरर्स है वो भी यही बात रिपीट कर रहे हैं मतलब मतलब होता है ना कि ये क्या बोलते हैं कि सामने प्रमाण दिख रहा है उसके बावजूद भी उसको इग्नोर करके और उनहीं की मनमति के आगे उनको चलते रहना है। इस बात को लेकर बहुत हंसी आ रही थी मेरे को। दूसरी [गला साफ़ करने की आवाज़] बात

03:25:20:07 जो आर्य समाज के बारे में कह रहे थे सुभाष जी मैं बस एक शब्द कहना चाहूंगा उनसे कि आर्य समाज को ऐसा वैसा नहीं समझना चाहिए। मेरे ख्याल से जो आज के जो जो हमारे वाले भाई है हम नहीं समझते मैं आपकी बात बीच में से इसलिए कह रहा हूं क्योंकि उसके आंसर ठीक है हम ऐसा वैसा नहीं पांडे जी बात पूरी कर लीजिए वैसा कहने का मतलब इंटेंशन ये है आपका गोविंद जी कि वो सबसे बड़े कट्टर आदमी है आज के टाइम में जो ईमान वाले भाई है ना वो वो तो हमारे दुश्मन है चलो ठीक है आगे से हमें फ्रंट पे ये दिखाई दे रहा है कि हमारा उनसे मतभेद है। लेकिन अगर वो ना रहे उनके बाद का जो सबसे बड़ा जो हमारा कंट्राडिक्शन रहेगा वो आर्य समाज के साथ में रहेगा। ये हमें ही मिटाने पर लगे हुए हैं। और आज का जो परसेप्शन है ना जो सिनेरियो जो चल रहा है इन पॉलिटिकल ग्राउंड्स में भी अगर आप देखेंगे जो मंदिरों का विध्वंसक हो रहा है चाहे जो मंदिरों को तहसनहस करके कॉरिडोर के नाम पर जो चलाया जा रहा है। कहीं ना कहीं से वो जो सिद्धांत है वो वहीं से आ रहा है। उनहीं के थ्रू आ रहा है। उनके बैकग्राउंड में बैठे हुए हैं लोग। जो हमारे जो संघ है चाहे जो हमारी जो पिटिकल अभी पार्टी है अभी जो करंट में चल रही है वहां से जो वो पॉइंट उठा रहे हैं उसी को वो इंप्लीमेंट करके आगे को प्रोसीड कर रहे हैं।

03:26:35:18 मेरे कहने का बस इंटेंशन ये है वो उनको कम नहीं समझना चाहिए। अभी वो ठीक है कि अभी वो वेद की बातें कर रहे हैं। अभी सब कुछ की बातें कर रहे हैं। अभी शास्त्र की बात करते हैं वो। लेकिन बाद में बाद में अगर ये अगर ये नहीं रहे तो उनका भी वही कंडीशन रहेगा जो आज के टाइम पे ईमान वालों का है। बस ये कहना चाह रहा हूं। अभी एक बात चल रही थी आपने जैसे बताया कि मैं प्रमाण दिखा रहा हूं। वो समझ नहीं रहे हैं। तो आप में से किसी ने बचपन में अगर मैं छोटा था मैं अपनी बात बता रहा हूं। मैंने जब मैं बहुत छोटा था तो मेरे माता-पिता ने हम वैसे तो गुरुकुल इत्यादि में पले बड़े हैं नहीं। तो माताजी पिताजी ने हमें मारियो का खेल खिलाया था। वीडियो गेम खेला है क्या? गुरुकुल जी गोविंद जी मारियो मारियो बहुत गेम खेलता था बहुत [हंसी] उसमें सेकंड उसमें जो सेकंड स्टेज आती थी उसमें एक हेलमेट जैसा होता था कछुए जैसा जिससे बचना होता था। है ना? बिल्कुल बिल्कुल। उसकी अगर गर्दन पे मार दो। तो वो दु ऐसे होता रहता था। के साथ जो रामपाल दास जी के फॉलोअर्स है मुझे वही दिखाई देते हैं [हंसी] वो बस उनको कुछ दिख नहीं रहा है वो फस गए

03:27:52:07 आपने कहां से निकाला मेरे को समझ नहीं आया आपकी इमेजिनेशन कहां तक चले गई [हंसी] वो मुझे याद आता है कि उनका सर जो है अंदर घुस चुका है वो कछुए की तरह दूं दू बीच में वो दो पिलर्स के बीच में वो अंत तक अगर आप स्टेज में आगे भी चले जाए और वापस भी आएंगे तो वो आपको दूं करता ही दिखेगा। सर मारता हुआ ही दिखेगा वो। फट गया वो। तो इनका मुझे ऐसा कुछ ऐसा दिखाई देता है मुझे ऐसे फंसे हुए हैं लोग। नहीं लेकिन आज का लाइव जो है वो बहुत इंटरेस्टिंग रहा। बहुत मजा आया। मैं सच्ची बता रहा हूं। जो बंदा अपनी बातों पे नहीं टिक पा रहा हो और दूसरों को बोल रहा है कि देखो देखो शिवा जी ऐसेसे कर रहे हैं। हंसी एक मतलब हंसी का एक लिमिटेशन है। वो पेट फूल रहा था मेरा यहां पे लेटेट के देखने में। जितना टाइम हो गया तीन घंटे ती तीन घंटे हो गए लाइफ में लेकिन कहीं भी बोरियत फील नहीं हुआ चलो ठीक है कोई बात नहीं ये जब से आया तब से और इंटरेस्टिंग हो गया मगर चलो ठीक है कोई बात नहीं देखते हैं वो असल में देखिए

03:28:54:28 शिवा जी मैं ये कहना चाह रहा हूं आपकी जो तर्क बुद्धि है ना वो गड का गिफ्ट है ऐसी तर्क बुद्धि किसी के अंदर में नहीं है बहुत तार्किक बातें करते हैं जो बाल की खाल वाली जो बात करते है ना हर किसी के बस की बात नहीं होती कि भाई चलो चलो ठीक है यहां से खाल निकालनी है वो पॉइंट समझना होता है कि कहां से खाल निकालनी है कहां से बाल निकालनी है इसके लिए तो भगवान को मैं धन्यवाद ही बोलूंगा कि आप जैसे व्यक्ति जो है हमारे फॉलोअर्स हैं मतलब हम उनको फॉलो कर रहे हैं और आपके मार्गदर्शन में जो भी हो सकता है यथावत धन से तन से मन से वो हम आपके साथ धरातल पर अवश्य संपर्क करें जिसको भी वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा करनी हो वो हमसे संपर्क कर सकते 7408301869

03:29:40:19 जिसको भी धर्म युद्ध में साथ देना हो वो हमसे संपर्क कर सकते हैं। 740830 18869 और ये [गला साफ़ करने की आवाज़] जो तर्क संगत और प्रमाण संगत जो विद्या है धर्म के बारे में जानने की इसका संक्षिप्त अध्ययन करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क कर सकते हैं। 7408301869 और नामास्त्र में हम लोग इस समय नाम जप कर रहे हैं। सब भाई बहन मिलकर के एक साथ भगवान के नाम का रट्टा मारते हैं डेली। उसमें अगर जुड़ना चाहते हैं तो उसमें भी संपर्क कर सकते हैं। 7408301869

03:30:14:24 ठीक है? तो सभी के लिए केवल एक नंबर और केवल WhatsApp करिए। आपको सारी चीजें वही प्राप्त होंगी। फॉर्म मिल जाएंगे। अपने अनुसार फॉर्म का चयन करें और फॉर्म भर दें। हम आपसे स्वयं संपर्क कर लेंगे। ठीक है? और जी पांडे जी एक चीज मैं कहना चाह रहा था। चलिए ठीक है आपका ये YouTube चैनल है। आप यहां पे जो भी मतभेद है आप उसको दूर कर रहे हैं। बट मैं ये रिक्वेस्ट करूंगा जैसे कि हमारे कई यूबर YouTube चैनल्स है जहां पे हमारे संपर्क है और वो अच्छा काम कर रहे हैं। बढ़िया काम कर रहे हैं। समाज सुधार कर रहे हैं वो धर्म के प्रति जागृति ला रहे हैं वो। तो मैं बस ये चाह रहा था आपसे कि ये जो जो पॉइंट्स है जो धर्म के वाली जो बात करते हैं जो धर्म धर्म सत्र के अकॉर्डिंगली आप अपना वक्तव्य देते हैं तो क्या आप अगर मैं ये कहूं कि आप उस चैनल पर एक बार इनवाइट होके एस अ गेस्ट और जो धर्म की जो गुण बातें हैं जो मतलब पुराणों में जो गुण रहस्य छुपा हुआ है चाहे वेदों में जो गुण रहस्य छुपा हुआ है वहां पे ये डिस्क्लोज कर सकते वहां पे ये मतलब व्याख्यान दे सकते हैं आप अगर मैं आपके बारे में बात कर जो चैनल है वो चैनल चैनल कहीं पर क्रॉस ना कर रहा हो हमारे जो सिद्धांत है उनको नहीं मैं आपको रेफरेंस दे देता हूं शायद आप सुने भी होंगे उनका एक चैनल है आईएसडी करके इंडिया स्पीक दिल्ली

03:31:31:01 हां मैं मैं जाऊंगा मैं उनके चैनल पे जा सकता हूं हां तो मैं आप एग्री आप अगर एग्री करेंगे तो मैं बात करूंगा उनसे आप किसी दिन गेस्ट बनके और ऐसे ही धर्म चर्चा के हेतु बहुत बहुत धन्यवाद बहुत-ब धन्य नमस्कार जय श्री राम। जय श्री राम। तो अभी बढ़ाते हैं लाइव को आगे। अभी कोई देख नहीं रहा है। वेदों में कोई प्रमाण नहीं है। कबीर कोई भगवान नहीं है। भाई आप कबीर सागर के अनुसार कबीर वाणी के अनुसार आप चिलाइए। वेदों में प्रमाण है। वेदों में कोई प्रमाण नहीं है। वो जो रामपाल जी हैं वह तत्वदर्शी नहीं है। अकॉर्डिंग टू उनके वीडियो वो तिरछादर्शी अवश्य हैं। और क्योंकि उन्होंने कैमरे को तिरछा किया। उन्होंने आपसे सच्चाई को छुपा लिया या नहीं छुपाना चाहते थे वो मुझे नहीं पता। जिस पष्ठ को वह दिखा रहे थे उसी पष्ठ पर ब्रज का अर्थ आना भी लिखा था और वह छुपाना चाहते हुए भी उसको छुपा नहीं पाए उसमें दिख गया वो उनहीं की उंगलियों के बीच में और इसके साथ ही साथ कुमारी वाला मामला आज टूट गया

03:32:47:08 और सर्वशक्तिमान तो है ही नहीं वो मामला वो गड़बड़ है और यह भी बात है कि वेदों को मानने वाले भी नहीं है क्योंकि उनके लोग आ के कहते हैं कि हम उतना मानते हैं वेदों को जितना हमें अच्छा लगता है। मयंक कुमार जी बोलिए भैया मैं ऐसे बोला था ये जो एक उल्टे वृक्ष वाला बोलते हैं ना एक दिन उसका भी खंडन करना है। कर तो दिया अभी अभी किया है। मैं लाइव उल्टे वृक्ष के अनुसार उस वहां पर श्लोक में लिखा है कि उल्टे वृक्ष की व्याख्या करने वाला वेदों को जानने वाला है। ठीक है? इनके अनुसार वेदों को जानने वाला ही तत्वदर्शी है। हमने दिखा दिया भगवती की पूजा करने वाला ही वेदों को जानने वाला है। हमने ये भी दिखा दिया। कहीं नहीं लिखा है कि वेदों को जानने वाला रामपाल दास जी हैं। कबीर को भगवान बताने वाला वेदों को जानने वाला यह नहीं लिखा है। दुर्गा माता को भगवती को परम ब्रह्म मानने वाला पूजा करने वाला गायत्री का जप करने वाला वेदों को जानने वाला है। तो अगर 15 एक के हिसाब से वेदों को जानने वाला ही तत्वदर्शी है तो तत्वदर्शी वो है जो माता भगवती की आराधना करता हो और गायत्री का जप करता हो।

03:34:02:09 जी गोविंद जी जैसे कि मयंक कुमारी जुड़े हैं। मैं यही बात करना चाहता था। चलिए आपको एक और नया प्रमाण दिखा देता हूं। ठीक है? ऐसा डायरेक्ट प्रमाण है कि आप खुले में किसी से भी बात कर पाएंगे। ठीक है? तो चलिए जरा भगवत गीता पर देखते हैं। उस प्रथम श्लोक में दरअसल लिखा क्या हुआ है। ठीक है? और ये हमारे पास श्रीमद् भगवत गीता है। ठीक है? 15वा अध्याय है इसका। ठीक है? अध्याय नंबर 15 है। ठीक है? अब यहां पर जो श्लोक है दरअसल उसमें क्या लिखा हुआ है और उसका प्रमाण कहां मिलता है हमें ठीक है अश्वत्थम ठीक है यानी संसार रूप वृक्ष को संसार रूप पीपल के वृक्ष को ठीक है ये आपने पढ़ लिया ठीक है अब ये पीपल संसार रूपी वृक्ष है कौन है मैंने इसके ऊपर जब थोड़ी सी रिसर्च करना चाही तो मैं पुनः पहुंच गया पद्म पुराण में ठीक है मैं पुनः पहुंच जाता हूं पद्म पुराण में पद्म पुराण के अंतर्गत गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित हुआ पद्म पुराण मेरे को क्या बता रहा है उस संसार रूपी वृक्ष के बारे में ये देखिए जरा विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत में भगवान का ही एक नाम है ठीक है ये विश्व वृक्ष अर्थात संसार रूपी वृक्ष

03:35:17:18 ठीक है तो संसार रूपी जो वृक्ष है ना वो श्री कृष्ण का नाम है श्री हरि का नाम है और इस हरि के नाम की जो पूर्णता व्याख्या करेगा वो वेदों के तत्व को जानने वाला होगा। दरअसल हमें प्रमाण में यह मिलता है। तो हमें बात करनी है जो ग्रंथों के अनुसार हमें आपसे कोई लेना देना नहीं है। आप किस चीज को क्या समझते हो। मेरे पास आओगे तो मैं आपसे प्रमाण मांगूंगा। मैं प्रमाण ही दिखाऊंगा। मैं आपके किसी भी प्रकार के जो होता है ना कि अपना दावा उसके ऊपर आपको कुछ नहीं कहने दूंगा जब तक कि आप शास्त्र से प्रमाण नहीं देंगे। ठीक है? रही बात अश्वत वृक्ष की तो वो भी भगवान श्री कृष्ण 10वें अध्याय में स्वयं ही बता देते हैं कि वृक्षों में मैं पीपल हूं। ठीक है? तो हमारे पास पूर्णता प्रमाण है। पेज नंबर है। ठीक है? पेज नंबर आपको दिखा देता हूं। जो भी व्यक्ति इन वीडियो को देख रहे हैं 723 नंबर पेज है। संक्षिप्त पद्म पुराण के भीतर विष्णु सहस्त्र नाम में भगवान का एक नाम विश्व वृक्ष अर्थात संसार रूपी वृक्ष भी है। इसी की जो व्याख्या करेगा इसी की जो व्याख्या करेगा वही तत्वदर्शी और वेदों का विद्वान कहलाएगा। हमारे पास प्रमाण है। आपके

03:36:32:26 पास क्या है? अच्छा इसमें मैं एक बात और जोड़ दूंगा कि आप आप वो जो भगवत गीता का श्लोक है ना उस वापस आ जाइए जरा एक मिनट 15 एक अब देखिए यहां पे वृक्ष को अविनाशी कहा गया है बिल्कुल तो क्या जो सृष्टि है वो अविनाशी है इनके अकॉर्डिंग सृष्टि [हंसी] यहां पे सृष्टि को संसार रूपी वृक्ष को अविनाशी कहा गया और इनके अकॉर्डिंग तो उसको बनाया है कबीर ने सृष्टि को तो अविनाशी कहां से हो गई? तो यानी कि यहां पे उस सृष्टि की बात नहीं हो रही है जो कबीर वाले बता रहे हैं। दूसरी बात अभी हमने कहा था छर अक्षर और परम अक्षर तीनों में ही हूं। जीव जगत और जगदीश्वर यहां पर जो छर है वही है संसार रूपी उल्टा वृक्ष वही है सृष्टि और वही है भगवान हरि का एक नाम चर अक्षर और परम अक्षर तीनों भगवान अपन इसको है ना जो ऐसे एक बार सगुण और निर्गुण के आधार पे भी इनको देख सकते हैं

03:37:45:18 हां देख सकते हैं सगुण निर्गुण के आधार पे जी जैसे शर हो गए सर हो गए वो सगुण हो गए पितम जी बताइए आपका शुभ नाम आपका परिचय क्या है बताइए? मैं सूरत से हूं। कहां से? सूरत से समझ में नहीं आ रहा अभी तक? सूरत सूरत से हैं वो। सूरत गुजरात। अच्छा बताइए। बोलिए बोलेंगे कुछ?

03:38:23:10 शर्मा गए लग रहा है। मैंने जो ट्रेन है ना उसमें कई बार एक बात लिखी रहती है टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन पढ़ा है क्या आपने? [हंसी] देखा है क्या? पढ़ा है। पढ़ा है। पढ़ा है। बिल्कुल पढ़ा है। पढ़ा है ना? टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चेन। तो हमारे पास कुछ ऐसे पॉइंट्स है जिनको हम जब बोलते हैं तो वो टू स्टॉप द ट्रेन हो जाता है। हमारे पास वो चैन है टू स्टॉप द ट्रेन पुल द चैन। चलिए एक मिनट मैं एक है ना लास्ट में एक बात कहूंगा। चुटकुले टाइप में ही है। अपन रोज इनकी बातों का है ना खंडन कर रहे हैं। फिर भी पता है कि ये मान नहीं रहे। तो इसी एक गधा मैंने कहा ना इनकी हालत वो है जो दो पिलर्स के बीच में वो जो मारियो था ना मारियो उसकी सेकंड स्टेज में एक हेलमेट कररेक्टर आता था उसकी अगर मुंडी तोड़ दो तो वो ड वो मरता नहीं था वो कभी वो नाश वो [गला साफ़ करने की आवाज़] नाश वो नाशवान नहीं था अविनाशी था मगर उसकी अगर गर्दन पे मार दो तो वो उन दोनों खंभों में अपना सर मारता रहता था ऐसे

03:39:38:16 ऐसे ऐसे ऐसे तो इनके जो कैरेक्टरिस्टिक है वो उससे मिलता है। आप कितना भी प्रमाण दे दो तर्क दे दो। मगर ए तो वो जो जिनका सर अंदर घुस गया और केवल वो अपनी बॉडी को इधर उधर मार रहे हैं वो वाला दिखता है। मगर भैया मैं बताऊं मैं बताऊं पता है क्या है यह वो आपने खेला है क्या श्वेता जी वो मारियो वाला जिसमें सेकंड स्टेज में वो हेलमेट फस जाता था उसको हेलमेट कहते थे इनको देख के मुझे उसी की याद आ जाती है नहीं भैया बोलिए इनके ये पता है अपनी बातों पे बिलीव करते हैं लेकिन इनको पता है क्या दिक्कत है ये भी नाम इनको जो मंत्र दिया जाता है ना उससे पहले इनको यह कहा जाता है कि आपको गुरु पर विश्वास करना पड़ेगा यदि आपका एक परस भी यदि मन इधर उधर होता है ना तो आपका नाम खंडित हो जाएगा। आपके भक्ति खत्म हो जाएगी। तो पता है इनको डराया जाता है इन सब चीजों से। ये डरे नहीं है।

03:40:37:22 अभी एक सज्जन आए थे सत साहिब करके। चले गए। [गला साफ़ करने की आवाज़] 60 क्विंटल। ठीक है। चलिए अब पूरी करते हैं। आप लोग कल भाई दूज बनाइए और टीका लगाइए। अब तो रामपाल दास जी का भी टीका देख लिया है। रामपाल दास जी के भक्तों ओ वेदों में प्रमाण नहीं है। ओए अरे गोविंद जी वेदों में प्रमाण है ओए गणेश जी भगवान है और सुनो रामपाल दास जी प्रमाण है टीका भी लगा सकते हो लगा लेना ठीक है अरे अपने गुरु को तो मान लो

03:41:17:10 एक जाते मेरा एक प्रश्न है गोविंद गुरुकुल जी से ऐसे जिज्ञासा पूछ रहा हूं आप वो है आप आप आरएमडी आरएमडी आप ही है हां हां हां रुक्मणी माधवदास हम वो मेरे नाम पे था पहले Instagram अब बंद हो चुका वो अच्छा अच्छा अच्छा जी [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं जी कुछ ठीक तो अगली बार मैं मैं ये एक रिक्वेस्ट कर रहा था नेक्स्ट टाइम जो है आप कब करेंगे लाइव मैं थोड़ा पहले ही अगर जुड़ जाऊं तो वो कुंवारी गांव गाय पे मेरे को थोड़ी बात करनी थी वो बड़ी अच्छी बात है वो वाली हम वो तो हो गई पूरी आज [हंसी] कल कल करते हैं। नहीं नहीं वो वो तो बात हो गई ना कि कुंवारी गाय वाला कोई सीन नहीं। मैं कह रहा हूं यदि कोई कुंवारी गाय है भी तो उसका दूध किसने पिया है ये भी तो कोई प्रमाण इनको देना पड़ेगा ना। हम तो पूरा दिखाएंगे लिखा [हंसी] हुआ। वो वही वाली बात है। कौवा कान ले गया। कौवा कान ले गया। कान गया भी है कि नहीं ये किसी ने देखा ही नहीं। कौवा कान ले गया। बिल्कुल तो वो देवी भागवत में बड़ी सुंदर कथा है श्री भगवान की अगर होगा तो वो भी नेक्स्ट टाइम उसको पढ़ेंगे थोड़ा सा

03:42:34:09 ठीक है चलिए आभार आपका धन्यवाद धन्यवाद आने के लिए आभार गोकुल जी गुरु जी मैं ओसो को सुनने लगा था जब से मैंने आपको सुनने लगा हूं मेरा मन विचलित हो गया क्या करूं विचलित हो गया तो हम तो आपके लिए गलत सिद्ध हो रहे हैं आप वही करिए जो कर रहे [हंसी] आप जो है देखिए भगवान ने कह दिया है 92 में भगवान का आलंबन ले लीजिए उनको सर्वशक्तिमान मानिए आप भले ही इस में हो आप भले ही आर्य समाज में हो जहां पर भी कोई ऐसी बात आए कि भगवान ये नहीं कर सकते उस बात को छोड़ दीजिए बाकी सब बात मान लीजिए आप ठीक है ईश्वर को आपने स्वीकार कर लिया किस रूप में ईश्वर सर्वशक्तिमान है मगर मानता मैं आर्य समाज को हूं मुझे अच्छा लगता है ऐसा सोच लीजिए अब जब आपने भगवान को सर्वशक्तिमान मान लिया उनके नाम का जप स्टार्ट कर दीजिए। आपके जीवन में जो भी आवश्यक होगा भगवान खुद दे देंगे। मगर आपके द्वारा पूजित होने वाला जो ईश्वर है वो सर्वशक्तिमान होना चाहिए। वो कृष्ण होना चाहिए। अविनाशी कृष्ण परम ब्रह्म कृष्ण वो कृष्ण बाधित कृष्ण नहीं होना चाहिए। अगर इस में भी आप जा रहे हैं और इस के द्वारा यह बताया जा रहा है कि वो दूध से दही बन सकता है। उसी प्रकार वो

03:43:49:15 वापस नहीं आ सकते। इतनी बात छोड़ दीजिए। जहां जहां पर कृष्ण को बाधित किया जा रहा है कि वह यह नहीं कर सकते। वह वो नहीं कर सकते उतनी बातें छोड़ दीजिए। वहां पर मान लीजिए नहीं इनको कहने दो भाई मैं तो मानता हूं कि कृष्ण और शिव एक है क्योंकि कृष्ण जो है शिव बनने के बाद वापस कृष्ण बन सकते हैं। वो सामर्थ्यवान है। तो जब आप यह सोच के कृष्ण की भक्ति करने लगेंगे राम की भक्ति करने लगेंगे तो वो कृष्ण ही आपके जीवन में सारे उपाय ऐसे कर देंगे। आपके जीवन में जो अच्छा होगा अनिवार्य वो सब आपको मिल जाएगा और मैं वैसे व्यक्तिगत वो देता नहीं हूं। मैंने थीसिस लिखनी थी कुछ एक्सरसाइज पे कुछ न्यूट्रिशन पे। मैं अपनी व्यक्तिगत निजी जीवन की बातें आपको बता रहा हूं। मैं रातरात में सोता नहीं था। एक्सरसाइज को समझने के लिए व्यायाम को समझने के लिए रात-रात में एक समय ऐसा था जब मैं सोता नहीं था। मैं भगवान को मानता था मगर मैं भगवान के नाम का रट्टा नहीं लगाता था। फिर जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं घटित हुई कि मैंने चिल्ला चिल्ला करके भगवान का नाम लेना शुरू किया और उसका परिणाम वो जो नाम लेना शुरू किया था वो भी युद्ध के लिए किया था। साफ बता रहा हूं। मेरे अंदर बिल्कुल मेरे आत्मा जली मरी जा रही थी कि

03:45:04:21 मुझे अपने धर्म को बचाना है। उसके लिए मुझे ताकत चाहिए। कहां से लाऊं? कि राम से मिलेगी ताकत। तो राम नाम चिल्लाना मैंने प्रारंभ किया। खूब चिल्लाया, खूब चिल्लाया और उससे ऐसा होने लगा कि जो मेरे जीवन में जो उस समय प्राथमिक चीजें हुई हुआ करती थी उस घटना से पहले वो प्राथमिक चीजें मेरे लिए साइड की हो गई। मगर वो मुझे सब मिल गई। जो मैं थीसिस लिखना चाह रहा था जो मैं व्यायाम को समझना चाह रहा था वो सब कुछ मेरे पास आ जाए। जबकि वो समझने के लिए मैंने भगवान के नाम का सहारा नहीं लिया था। मैंने भगवान के नाम का सहारा लिया था कि मुझे ऐसा बना दो कि जो भी अधर्म फैला रहा हो मैं उसको जो है उसका प्रतिकार कर सकूं। मुझसे अपने धर्म का क्षय धर्म का नाश धर्म के धर्म का विरोध नहीं देखा जा रहा था। आत्मा बिल्कुल चीकार करने लगी थी। उस दिन मैंने भगवान राम के नाम की शरण ली थी और उसके बाद भगवान के नाम की वजह से मुझे वो सब तो मिला ही जो गुरु गोविंद और ग्रंथ का बल मुझे चाहिए था इस युद्ध के लिए। किसका बल चाहिए था? गुरु, गोविंद और ग्रंथ का बल चाहिए था। वह सब तो मुझे मिला ही। मगर उससे पहले जो मेरे भौतिक लक्ष्य थे वो मुझे यू ही मिल गए। बाय प्रोडक्ट्स में। बाय प्रोडक्ट्स

03:46:19:25 में मुझे भौतिक लक्ष्य मिल गए। आज मैं उन उन एक्सरसाइज को जो मैं सीखना चाहता था उनप थीसिस लिखना चाहता था। आज मैं उनका मतलब इतना मैं आपको ये तक बता सकता हूं। उसमें इतनी थीसिस मैंने लिख दी है जो मतलब जो स्वतः मिल गई। बहुत सारी चीजें हमें स्वतः मिल जाती है। हमें पता नहीं लगता। बिल्कुल। तो आपने जो प्रश्न किया बहुत अच्छा प्रश्न है कि मैं करूं क्या? आप जो है भगवान को सर्वशक्तिमान समझते हुए आप किसी भी संस्था को फॉलो करते हो। किसी भी संप्रदाय को फॉलो करते हो। आप वही रहिए। आपको कोई आवश्यक नहीं है कि वो छोड़ के कहीं और दीक्षा लीजिए, यह करिए, वह करिए। कुछ नहीं। भगवान के पीछे पड़ जाइए। भगवान कौन है? ईश्वर वही है जो कुछ भी कर सकता है। आप भगवान के पीछे पड़ जाइए। भगवान आपको सारी चीजें खुद ही आप मैं कह रहा हूं आप कबीर को ईश्वर मानिए। ठीक है? कबीर को मान लो। ओए कबीर को ईश्वर मान लो मगर उस रूप में मानना कि वो कुछ भी कर सकता है। वो ईश्वर कबीर के रूप में ही नाम जप शुरू कर दो। कबीर कबीर कबीर कबीर कबीर खूब खूब करो। मगर कबीर को वह वाला ईश्वर मत मानो जो रामपाल दास ने बताया है। क्योंकि रामपाल दास ने जो ईश्वर बताया है कबीर के रूप में बाधित है। वो ईश्वर सिद्ध

03:47:34:26 नहीं है। कबीर को सर्वशक्तिमान स्वीकार करो। उसके नाम का जप करो। अभी देखो ईश्वर का कबीर रूप ही आपके जीवन में वो सब कर देगा जो आपको चाहिए होगा जो आपके लिए अच्छा होगा। ईश्वर को ईश्वर मानो मेरे भाई। क्यों उसको बाधित कर रहे हो अपने चक्कर में? अपनी संस्था के चक्कर में किसी व्यक्ति के चक्कर में ईश्वर निष्ठ बनो धर्मनिष्ठ बनो संस्थानिष्ठ मत बनो व्यक्ति निष्ठ मत बनो और अगर आपको कबीर के रूप में कबीर का नाम जप करना है तो उसके लिए आपको रामपाल दास जी को छोड़ने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी कर लो कबीर के नाम का जप बस जहांजहां पर ईश्वर बाधित हो रहा है वहां वहां पर कसम खा लो कि इतने अंश में मैं जो है बातें नहीं मानूंगा कबीर वही है जो कुछ भी कर सकता है कबीर हसेगा भी कबीर रोएगा भी कबीर बूढ़ा भी होके दिखाएगा कबीर शिशु होके भी दिखाएगा मेरा कबीर वो कबीर है मेरा कबीर वो कबीर है अगर ऐसा मानना शुरू कर दो तो अभी देखो आपके जीवन में सब आ जाएगा हम कह रहे हैं भगवान श्री कृष्ण ही आपको कबीर के रूप में आकर के सब कर सब कुछ दे देंगे और आप ये मान लेना कि कबीर ही कर रहा है कृष्ण नहीं कर रहा है बस मान लो मगर प्रॉब्लम यह है कि अगर आप

03:48:49:27 व्यक्ति निष्ठ होगे रामपाल निष्ठ होगे ओशोनिष्ठ होगे तो आप बाधित ईश्वर को पूजेंगे और जो बाधित है वह ईश्वर नहीं है। जो सर्वशक्तिमान नहीं है, सर्व सामर्थ्यवान नहीं है, सब कुछ कर सकने वाला नहीं है वो ईश्वर नहीं है। वो ईश्वर की कसौटी पर खरा नहीं उतरते। ठीक है। काफी लंबा उत्तर मैंने दे दिया। हां जी। ऐसा ही हां ऐसा ही एक्सपीरियंस क्या बोलते हैं? एक बार प्रातः स्मरणीय धर्म धर्म सम्राट स्वामी श्री कृपात्री जी महाराज के साथ भी हुआ था कि ये राजेंद्र दास जी महाराज बता बताते थे कि वो भी पोथी अपने पास नहीं रखते थे कभी भी मतलब वेद जो था वो स्वत उनको ज्ञान इतना हो जाता था मतलब वो सुनकर ही याद उनकी मेधा शक्ति इतनी प्रबल थी कि उनको सुनकर ही याद हो जाता था ठीक है तो वो अहरिस भगवान राम के नाम का जप करते रहते थे अहरिस हर समय हर क्षण सोते जागते उठते बैठते वो राम का ही नाम जपते रहते थे ठीक है और इतनी मेधा शक्ति उनकी इतनी प्रबल हो गई कि उनको उनको स्वत ही वेदों को समझने में उनको बहुत उसमें हेल्प मिली। ठीक है? गुरु का तो सानिध्य बिल्कुल था ही। लेकिन उसके बाद जो आपको अपनी वेदा भी चाहिए होती है समझने के लिए। है ना? और उसके बाद उन्होंने फिर

03:50:04:28 तो उस पर तो एक जबरदस्त एक से एक जबरदस्त भाष्य तो किया ही है उन्होंने। वेदांत पारिजात और ऐसे भक्ति सुधा राधा सुधा नाम के तो बहुत सारे ग्रंथ हैं। तो तो राम यानी कि ईश्वर के ब्रह्म का जो नाम है ईश्वर का नाम है उसकी तो बहुत बहुत शक्ति है। ये बात तो ये मैंने एक्सपीरियंस किया है। और बात ये है ना कि जब ये सर्वशक्तिमान के भाव से जपेंगे ना तो वो ही इनके जीवन में कुछ ऐसा कर देंगे कि इनको पता चल जाएगा कि वाकई में तारक नाम कौन सा है। हमें कुछ करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वो जो तारक नाम है इनके जीवन में वो स्वयं ही प्रकाशित हो जाएगा। बिल्कुल। मगर पहले ईश्वर को ईश्वर तो माने। जैसे भगवान ने कहा ना वो लोग जो अन्य देवी देवताओं की पूजा करते

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03:50:47:20 हैं वो लोग भी भज तो मुझे ही रहे हैं। मगर अविधि पूर्वक होने के कारण उनको मोक्ष नहीं मिलता। वो

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03:50:54:14 मूर्ख है। तो यहां पर उन्होंने जब ये कहा ना अन्य देवी देवता इसका मतलब ये नहीं है कि कृष्ण के अलावा जो अन्य रूप है अगर आप कृष्ण से स्वतंत्र किसी को मान रहे हो कि भाई फलाने ईश्वर का रूप जो है वो कृष्ण से स्वतंत्र है और वो पावरफुल है तो आप गलत कर रहे हो। वो कहीं ना कहीं बाधित हो जाएगा। जैसे ही दो रूप हो गए तो कृष्ण सीमित हो गए और जो जिसको तुम वो भी सीमित हो गया। जैसे ही दो रूप हो गए कृष्ण भी सीमित हो गया और जिसको तुम पूज रहे हो वो भी सीमित हो गए। तो स्वतंत्र रूप से अगर किसी को बज रहे हो तो गलत है। आप किसी को भी बज रहे हो वह कृष्ण को ही बज रहे हो। यह भगवान ने कहा। मगर अवि पूर्वक क्योंकि उसकी सर्वशक्तिमत्ता को आपने स्वीकार नहीं किया। आप लोग विभाजन कर रहे हो [गला साफ़ करने की आवाज़] रूपों में। इस वजह से स्वतंत्र समझने के कारण आपकी जो भक्ति है निष्ठा है वो बाधित की है। तो इस वजह से आपको मोक्ष नहीं मिलेगा। चलिए बहुत लंबा हो गया लास्ट का। ठीक है गोविंद गुरुकुल जी फिर मिलते हैं जय जय श्री राम जय श्री राम हर हर महादेव महेंद्र सिंह जी अब किसी और दिन रखते हैं क्योंकि चार घंटे हो चुके हैं ऑलरेडी हमें अब हम ये कबीर इस ग आए हैं और एक आए हैं रौनक पांडे जी महेंद्र

03:52:09:20 सिंह जी और क्यूट बॉय भी हैं आप सभी को मैं कहना चाहूंगा राजन जी हैं और कबीर इस गॉड जो बोल रहे हैं वो है आप दोनों कल हम लोग रख लेंगे आप एक नंबर नोट कर लीजिए 7408301869 इस पर हमसे संपर्क करिए WhatsApp करिए WhatsApp करने पर आपको फॉर्म मिलेगा वैचारिक मतभेद के निमित्त चर्चा उसको भर दीजिए हम आपके साथ कल लाइव जुड़ जाएंगे या आने वाले किसी और समय लाइव जुड़ जाएंगे। जो [नाक से की जाने वाली आवाज़] भी अब आ रहे हैं बौद्धि तत्व और रवि इत्यादि जो भी आ रहे हैं पेज दिखाकर ही आना होगा। ये बात ध्यान रखिएगा और अब बात करते हैं एक पांडे जी हैं और एक सिंह जी हैं। तो सिंह जी बस आप बता दें और हम लोग बस इसको चर्चा को ऑफ करेंगे। जी

03:53:06:09 बताएं सिंह जी महेंद्र सिंह जी जय श्री राम जी टाइम बहुत हो गया कर दो ठीक है। ठीक है। ठीक है। रौनक जी कुछ विशेष बात कहनी है तो नहीं तो हम तो फिर बढ़ाएं। कबीर सिंह गॉड जी ने तो किया लेकिन ठीक है। तो अब हम लोग बढ़ा रहे हैं स्ट्रीम को। सभी को जय श्री राम। समय देने के लिए आभार आप सभी का और जिसको भी मतभेद के निमित्त चर्चा करनी हो संपर्क करें। जय श्री राम जय श्री राम

03:53:52:06 [संगीत]

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