⬜ Not used yet · 00:00:03:10 – 00:13:40:20 (13:37)
00:00:03:10 सभी को जय श्री राम [संगीत] और जिनके साथ आज आप एक बार ना लीव करके दोबारा आ जाओ आपकी आवाज थोड़ा देर बाद आ रही है उ से बोल दो उधर से ही
00:00:48:20 आ जय श्री राम सभी को आज जो आने वाले थे वह नहीं आए हैं और रड मली पा मिनट पहले मुझे इन महानुभव का साउंड आ रहा है क्या साउंड आ रहा है मगर आपका जो चित्र है वो व्यवस्थित नहीं है हा भाई इनको देख लीजिएगा स्पैमर्स जो है उनको 10 मिनट का टाइम आउट इसको देख लीजिएगा जरा नहीं समझ क्या बात एक मिनट मैं अभी आपसे बात कर रहा हूं जरा पहले थोड़ा दर्शकों से बात कर लू तो भाई नेटवर्क कटकट के आ रहा है भाई मेरी आवाज कैसी आ रही है सबको बैकग्राउंड पीछे
00:01:48:06 का मेरी आवाज ठीक आ रही है क्या अच्छा हमारी आवाज ठीक है तो यह भाई साहब आपका नेटवर्क ठीक नहीं है लग रहा है आपसे बोल रहा हूं अमित शाह जी
00:02:30:20 हां जी मेरा ही शायद नेटवर्क खराब होहा है म स्लो स्लो है मैं कट करके फिर से आता हूं देखता हूं र सा स्लो है शायद तो मैं फिर से आता हूं कटिंग
00:03:05:02 करके जी जी आ जाइए आप दोबारा आ जाइए आप चलिए तब तक वो आ रहे हैं जब तक एक बार और जुड़ जाते हैं हेमंत कुमार जी हैड टू स्टेज अमित शाह हेमंत जी आपको
00:04:20:04 लेते हैं थोड़ा इन भाई साहब से बात कर ले जरा जी आपका परिचय भाई साहब मेरा मेरा अमित दास तो कहां से हैं कैसे हैं कितने वर्ष हो गए जुड़े हुए रामपाल जी से ज्यादा दिन नहीं हुआ है 20 में नाम वैसे तो य प अभी आकर बहुत देर से समझाओ मेरे उतना ज्ञान पता नहीं है लेकिन फिर भी मेरे पास जितना ज्ञान है उसी से मैं आपको समझाने का प्रयत्न करूंगा है ना कि आप जो बात बता रहे हैं वो सही है कि नहीं वो तो डिबेट में पता चल जाएगा 20 21 मान लीजिए
00:05:13:19 अच्छा ये जो भगवान ने कहा है कि तू मेरी शरण में आ जा उसके लिए अच्छा सबसे पहले एक बात ये करते हैं यह पवित्र ग्रंथ का अर्थ क्या है आपके अनुसार पवित्र ग्रंथ का मतलब क्या है आपके अनुसार ग्रंथ आपकी आवाज कट रही भाई साहब आप किसी अच्छी नेटवर्क में जाकर के बात करिए ऐसे बात नहीं हो पाएगी आपकी आवाज बहुत कट रही है चित्र भी कट रहा है
00:05:59:24 नेट ज्यादा हो रहा हैद एक मिनट क्लियर नहीं आ रहा है क्या नहीं आ रहा क्लियर क्लियर आ रहा है मगर आप रुक रुक के आ रहा है आपका मैं आपसे पूछ रहा हूं यह पवित्र ग्रंथ क्या होता है पवित्र ग्र चक का तो नेट ही स्लो चलता है शायद इसलिए हो रहा है हां मैं नेट कट करके फिर आता हूं नेट कट रहा है
00:06:36:02 नेट्म दोबारा आ जा जय श्री हेमंत खाटी वाड़ा जी जय श्री राम राम राम जी बताइए आपका परिचय मेरा परिचय हेमंत उपाध्याय खयोरा है मेरा नाम लेकिन संता रामपाल का शिष्य होने के बाद मेरा नाम हेमंत दास है हेमंत दास जी ठीक है तो जाहिर सी बात है आप य यह सिद्ध करने आए हैं कि आप कबीर को भगवान सिद्ध करेंगे जी हम कबीर को भगवान तो सब अप अपने लेवल के सब भगवान है लेकिन कबीर को हम सुप्रीम गड मान रहे हैं इतना फरक है भगवान शकर भी है भगवान बमा वि शर बता अभी मुझे ये बताइए पवित्र ग्रंथ का मतलब क्या है पवित्र ग्रंथ मतलब जो शास्त्र में लिखा है उसमें प्रमाणित है नहीं नहीं शास्त्र आपने कुछ शास्त्रों को आप पवित्र ग्रंथ
00:07:51:10 कहते हैं ना जैसे बाइबल कुरान गीता पवित्र ग्र पवित्र पवित्र पवित्र क्यों बोल रहे हैं उसे किसी ग्रंथ को हम पवित्र क्यों बोल रहे हैं यह बताइए हम इसको एक उदाहरण एग्जांपल दिया आपसे जो किसान होता है ना भगत जी आपसे हम बो किसान है मकई बो रहे हैं मकई उत्पादन कर रहे तो उसम तो मकई के बास में व फजूल चीज भी तो उत्पादन होता है ग में ग जो क निकालता है तो ग में तो भी तो आता है ना तो ग नहीं क ग उसको कहेंगे नहीं इसका बाद तो नहीं होगा गाय नहीं कहेंगे मतलब गौ में गौ उत्पादन करना है अगर किसान को तो उसमें टना जरूर होगा अब इसका मतलब गह नहीं कहेंगे ता बात नहीं है भाई साहब मैं यह कह रहा हूं पवित्र का मतलब क्या है हिंदी अर्थ क्या है प पवित्र का मतलब पवित्र का मतलब जो हमारा उ हमारा जीवन के लायक बात है उसम अमृत तुल्य ज्ञान है पवित्र का अर्थ य होता
00:09:06:20 जी बोलिए पवित्र का अर्थ क्या होता है पवित्र का अर्थ क्या होता है मानव जीवन कलण हेतु है भाई साहब पवित्र का अर्थ बताइए अर्थ आप अपने अनुसार उसके भाव को मत बताइए पवित्र का अर्थ बताइए पवित्र का मतलब क्या है जो मानव कल्याण हेतु है कहां लिखा है य ये पवित्र का य अर्थ कहा लिखा है आप बताइए कहा है पवित्र का अर्थ पवित्र का अर्थ जो शुद्ध हो तो वही शुद्ध है तो वही शुद्ध होता क हेतु शु का द है पवित्र है शुद्ध है शुद्ध का अर्थ क्या समझते हैं आप पवित्र है वही है एक ही पर्यायवाची नाम है भाई अरे भाई थ उसका उपयोग करके दिखाओ अपनी आम जीवन शैली में जैसे
00:10:07:10 की जसे गीता अ प्रमाण हम भी जाति वस्था हम नहीं मानते है हमरा पिता करते थे ऐसा बात नहीं है वेशा हमने भी देखा है अभी मैं आपसे पूछ रहा हूं शास्त्र को मर्म को ना जानकर शास्त्र को जो मर्म को जानना चाहिए मैं आपसे पूछ रहा हूं किलिए शुद्ध का मतलब जैसे कोई वस्त्र है तो उसको शुद्ध कब कहा जाएगा सफा हो शुद्ध हो कोई भोजन है व होगा अच्छा शुद्ध मतलब पवित्र हमारा सारा ग्रंथ पवित्र है चार वेद 18 पुराण श्रीम भागवता पवित्र मेरे भाई मैं जो पूछ रहा हू उसे पूछने दो ना मैं आपसे पूछ रहा हूं कि कोई भोजन है वह शुद्ध कब
00:11:21:06 कहलाएगा आप बातों को घुमा के तर्क करे शास्त्र समध बात करे देखिए शास्त्र का अर्थ होता है करने श मैं शास्त्र सम्मत बात करने ही बैठा हूं प्रमाण है आप ये कहते हो आप ये कहते हो कि जो गीता वेद पुरान बाइबल यह जो है यह पवित्र ग्रंथ है पवित्र अब मैं यह जानना चाह रहा हूं कि आप इह आप आप अगर इन्ह पवित्र कह रहे हैं तो पवित्र का अर्थ क्या है अगर अगर हम किसी भोजन को कते
00:12:03:24 सुनो बोला अब आपने इतनी देर बोला मुझे बोलने दो ठीक बोलिए जब हम किसी भोजन को पवित्र कहते हैं तो हम कहते हैं यह भोजन झूठा नहीं है इसमें कोई भी गंदी चीज नहीं मिली हुई है यह भोजन भगवान को भोग लगाने योग्य शुद्ध है ठीक जब हम किसी वस्त्र को कहते हैं कि यह बेदाग वस्त्र है य अभी पवित्र है बिल्कुल किसी से टच भी नहीं हुआ है किसी ऐसी चीज से जिससे छू जाने के कारण ये जो है इसको जो है अपवित्र की संज्ञा दी जाए ठीक है अब दिक्कत यह है कि हम किसी ग्रंथ को पवित्र तब कहेंगे जब उसमें एक भी चीज ऐसी ना हो जो अशुद्ध हो जो गलत हो जो मानने योग्य ना हो जो अनुकरण करने योग्य ना हो जैसे आपने कहा मानव जीवन के कल्याण हेतु जो ग्रंथ होते हैं उन्हें पवित्र कहा जाता है बढ़िया है मगर पवित्र अगर हमने कह तो इसका अर्थ य है कि उसमें एक भी बात ऐसी ना हो जो मानव जीवन के कल्याण के लिए नहीं हो ठीक है मैंने कह दिया ना आपसे शास्त्र में बहुत सी बात है बात को गहन उसको
00:13:16:24 लेना करके चलेंगे अगर हम किसी को पवित्र कह रहे हैं तो पवित्र का अर्थ हो जाता है कि उसम कोई भी ऐसा ऐसी बात नहीं है जो कि मान जैसे आपने कहा क्योंकि मानव कल्याण के लिए है तो मानव कल्याण के लिए आज आप नर्सरी की क्लास में चले जाओ नर्सरी की क्लास में वहां पर भी ए बी सी डी
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→ Used in: B · Live रित्विक सिस्टम या गुरु परंपरा का सत्यानाश at 40:52 ↗
00:13:40:20 ई एफ जी एच आई जे के एल एम एन ओ पी क्यू आर एस टी डब्लू एक्स वाई
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00:13:44:12 जड यह भी बताया जा रहा है य मानव कल्याण के लिए ही है यह भी पवित्र ग्रंथ है क्या और दुनिया भर में बहुत सारे दुनिया भर में बहुत सारे ग्रंथ है किताबें हैं मानव द्वारा रचित वो सब पवित्र ग्रंथ है क्या उसमें कहीं नाना कहीं आतंकवादियों की भी लिखी हुई कोई किताब
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→ Used in: A · Live रामपाल जी के अनुसार कौन से ग्रंथ प्रामाणिक हैं? #rampaljimaharaj #kabir at 2:51 ↗
00:14:04:14 होगी ना उसमें भी कोई ना कोई एक लाइन ऐसी होगी जो मानव कल्याण के लिए सिद्ध हो जाएगी तो क्या हम उसको पवित्र सि है सब मानव कल्याण सिद्ध हेतु है लेकिन
⬜ Not used yet · 00:14:17:10 – 00:41:45:00 (27:28)
00:14:17:10 उसके नहीं समझ पाए शंकराचार्य तो समझ नहीं पाए आप कैसे समझ पाएंगे अरे भाई आपका जो गुरु है सबसे पहली बात अगर तुम कु फालतू बात बोलोगे हम तुम्ह भगा देंगे यहां से सीधे लात मार भगा देंगे इनको भगाओ भैया तमीज नहीं हैना इनको लो अमित जी को लो
00:14:58:01 ऊपर हां अमित जी जी राम राम भाई राम राम भाई जय श्री राम आपने सुना जो भी भाई साहब आपने सुना जो सुना मैंने नहीं सुना अभी जस्ट आछ पूछ रहा हूं कि ये पवित्र ग्रंथ से आपका क्या मतलब होता है सबसे पहले बात जो लिए परमात्मा की देन है उसको हम पवित्र गत कहते सबसे पहले बात जो पुरातन है सबसे परमात्मा की बात मेरे भाई बहुत से ग्रंथों में मिल जाएगी अभी मैं एक ये जो मेरे पास है इसमें मैं लिख दू समझ गया मेरे ठीक
00:15:50:07 कने जो सबसे पुरातन है वही है पवित्र ग्रंथ जो वेद है उसके बाद श्रीमद भगवत गीता है है कहेंगे ना पुरातन का पवित्र से क्या मतलब है किसी राक्षस ने बहुत समय पहले सृष्ट के गलत बात लिख दी होगी तो उसको थोड़ी ना पवित्र ग्रंथ कहोगे अरे वेदों में परमात्मा की ज्ञान दी हुई है उसमें उससे परमात्मा प्राप्त की जा सकती इसीलिए उसको पवित्र ग्रंथ कहा गया है जो सबसे पुरातन भगवान का ज्ञान उसम दिया गया भाई भाई साहब भगवान का ज्ञान भी दे रहा हूं ना आपको मैं इसम लिख दूंगा आप लिख सते भाई लिखने के लिए तो क्या इसको पवित्र कहोगे
00:16:40:27 क्या नहीं भा उसको आप लिखेंगे तोसे मैं आपको अपनी मंशा बता दू शायद आप समझ नहीं पा रहे हो पवित्र ग्रंथ का अर्थ है जब हम किसी भोजन को पवित्र कहते कि यह पवित्र है तो उसका अर्थ होता है कि उस भोजन में एक भी चीज झूठी नहीं है अगर एक दाना भी झूठा है तो वो पवित्र नहीं है भोजन है क्या है क्या हां इसी प्रकार से अर्थ में समझ गया इसी प्रकार से अगर हम किसी वस्त्र को पवित्र कह रहे हैं पवित्र है इसका मतलब उसमें एक जगह भी ऐसा कोई स्पर्श नहीं हुआ वस्त्र में जिससे कि उसकी पवित्रता भंग हो जाए उसकी शुद्धता भंग हो जाए ठीक है ठीक है ठीक है डायरेक्ट मुद्दे प आते ठीक इसी प्रकार से मैं समझ गया नहीं नहीं सुन लीजिए इसी प्रकार से कोई व्यक्ति होता है कि इसका चरित्र बहुत ही पवित्र है बहुत ही शुद्ध है इसका मतलब उसके चरित्र में एक भी दाग नहीं है यानी कि दाग यानी यानी की ताग ना होने की स्थिति में हम किसी को पवित्र या शुद्ध कह सकते हैं तो जब हम ग्रंथ के लिए क रहे जब हम ग्रंथ
00:17:56:09 के लिए कह रहे हैं कि पवित्र जब हम ग्रंथ के लिए कह रहे हैं पवित्र ग्रंथ तो पवित्र अगर लगा दिया तो इसका मतलब ये है कि उस ग्रंथ में एक भी चीज ऐसी नहीं है जो मानने योग्य ना हो तो अब ये बताइए मैं समझ गया मिनट एक मिनट समझ गए अब मैं आपसे पूछ रहा समझ गए तो अब मैं आपसे पूछ रहा हूं कि आपके अनुसार गीता वेद कुराण ये पवित्र ग्रंथ है बाइबल इसका अर्थ य माना जाए सुनि
00:18:36:01 आप भगवान सबसे पले माना इसका अर्थ य माना जाए यह जो चार नाम है गीता वेद कुरान बाइबल इसमें एक भी बात ऐसी नहीं है जो कि मानने योग्य ना हो तभी तो पवित्र कह रहे हो देखो ब सबके धर्म ग्रंथ अपने अपने ठ पर प हो ऐसे नहीं होता है देखिए ऐसे ऐसे नहीं होता है जो बात चल रही है उस पर रहिए मैंने आपसे पूछा अगर हम किसी को पवित्र कह रहे तो इसका अर्थ यह है कि उस ग्रंथ में एक भी बात ऐसी नहीं है जो मानने योग्य ना हो तभी उसे प मैं आपका बात
00:19:27:21 समझ जब मैंने आपसे पूछा कि यह आपके लिए चारों ग्रंथ क्या वही वाले पवित्र है जिनकी कोई भी बात मानने योग्य ना हो ऐसा कोई बात इसमें नहीं लिखी देख देखो जो हां इसमें हमें कोई संशय नहीं लेकिन इसमें ज्ञान किस तरह के दिया गया किसने दिया गया है नेगेटिव ऊर्जा का है कि पॉजिटिव ऊर्जा का है उस पर डिपेंड पता है जैसे अब नेगेटिव ऊर्जा कर दिया आप हम समझ रहे पॉजिटिव ऊर्जा का डिपेंड करता है मैं मैं आपकी बातो को सम मैं थोड़ी देर के लिए उस किता उस ग्रंथ का अर्थ जो है आपके अनुसार समझ लूंगा मैं अभी आपसे पूछ रहा हूं कि ये जो पवित्र आप अगर इनको पवित्र कह रहे हो गीता वेद कुराण बाइबल को तो इसका अर्थ यह है कि इसमें एक भी बात ऐसी नहीं होनी चाहिए जिसमें जो कि मनुष्य के मानने योग्य ना हो जो कि उसकी परमात्मा प्राप्ति में सहायक ना
00:20:27:19 हो ठीक है भाई आपका बात सही है इसमें ज्ञान परमात्मा प्राप्ति के है लेकिन इसमें इसमें य भी है एकही साथ में हमें चूज करना होगा कौन से परमात्मा के कौन नेटिव इसका मतलब ये बेदाग नहीं है इसमें कुछ ना कुछ गलत भी मिला हुआ है ना मानने योग भी मिला हुआ है ज्ञान दिया हुआ है ब्रम ने है ना उसकी परमात्मा का भी दिया गया जो सबका एक मिनट सबका भगवान एक है उसकी महिमा सार शरीर सब सर्व ग्रंथ में इसके लिए भ्रमित क्या सही है आपसे पवित्र पवित्र देखो भाई थोड़ा धीरे धीरे चलो ज्यादा जल्दी जल्दी आगे मत भागो बहुत अच्छे से आप संभ्रांत व्यक्ति है साथ संभ्रांत हो कर के बात होगी मैं कह रहा हूं आगे आगे जो एक एक बात तसल्ली से उस बात ठीक है मैं ये कह रहा हूं अगर हम कह रहे हैं पवित्र ग्रंथ तो इसका अर्थ ये है कि जिसको हमने पवित्र कहा उसके अंदर कोई भी बात ऐसी नहीं है जो कि मनुष्य द्वारा मानने
00:21:43:01 योग्य ना हो क्या ये बात सही है ये बात सही है लेकिन हमें उसमें चूज करना है कि क्या नेगेटिव र् मतलब कुछ बातें ऐसी है ना जिनको हमें नहीं मानना है जब चूज करना है तो इसका मतलब ऐसा है ना कि कुछ बातें ऐसी है जिनको हमें नहीं मानना है भगवान ने ज्ञान दि उसम क्या सही दिया है क्या गलत दिया है उसम तो हम डिसाइड कर सकते कुछ है जो गलत है ना हा नेगेटिव ऊर्जा ने दिया है जि नेगेटिव र्जा दि वो गलत कह रहा हूं कुछ बातें ऐसी है जो गलत है है ना हा जैसे कि जैसे कि ई जैसे पूछा है क्या क्यों आप समय व्यर्थ करवाते हो उदाहरण मैं पूछ रहा हूं थोड़ा ज्ञान ऐसा है ना जो गलत है आपके अनुसार मानने योग्य नहीं है हां भाई ऐसा है क्योंकि उसमें नेगेटिव र्जा क्या बोलिए ड डरे तो जब उसम ऐसा ज्ञान है तो वो पवित्र कैसे रह गया जब भोजन में एक खाली भोजन
00:22:58:16 एक भोजन में थोड़ा सा कौरा झूटा पड़ा है तो वो पवित्र नहीं रह गया एक सागर के एक थोड़ी सी बूंद गिरने से पूरा सागर अपवित्र हो जाएगा ऐसा नहीं है उसमें ज्ञान उस परम परमात्मा के भी दिया हुआ है जिसके कारण उसको कहा जाता है कितनी बातें गलत होने से एक बात बताओ मिनी बात एक मिनट कितनी बातें गलत कितनी बातें गलत होने से उसको अपवित्र माना जाए और कितनी तक होने से उसको अपवित्र नहीं माना जाएगा यह पैरामीटर क्या है हो तो पवित्र माना जाएगा ज्ञान से ज्ञान को कटा जाएगा जो ज्ञान किसका दिया हुआ उसी ज्ञान से पता लगेगा कौन सा ज्ञान सही है किसने सही ज्ञान गलत ज्ञान तो बाद की बात है वो बाद की बात है मैं क रहा किसी श में परट ज्ञान सही ना होने पर भी उसको पवित्र मान लिया जाएगा और कितना परसेंट ज्ञान सही होना आवश्यक है उसकी पवित्रता के लिए यह बताइए वो तो हमें नहीं पता लेकिन इतना पता है
00:24:13:22 जो परमात्मा देखिए हम लोग ह बात करेंगे अभी हम बात ये कर रहे कि आप की ओर सेय कहा जाता है आपके लिए गीता वेद बाइबल पवित्र तो पवित्रता तब मानी जाएगी जब आपके अनुसार इसम एक भी चीज ऐसी ना हो जो गलत हो आप कह रहे हैं कि उसम थोड़ी चीज गलत है फिर भी पवित्र है तो अगर ऐसी बात है तो ऐसे दुनिया के बहुत से और भी किताबे है जिसमें कुछ चीज गलत है कुछ चीज सही है क्या वो सब पवित्र धर्म ग्रंथ है आपके
00:24:52:00 लिए पहले हमें आपको सोचना ये है कि उस ज्ञान से ज्ञान को काटा जाएगा जो आपको कहने का अथ समझ ग एक बूंद गिर जाने से क्या पूरा अपवित्र हो गया ऐसा नहीं उसम उसम हमें संचय नहीं लेकिन उस बात बताइए एक मिनट एक मिनट आपके पास एक भोजन की थाली है उसमें ठीक किसी व्यक्ति ने थूक दिया किसी एक कोने में क्या व भोजन की थाली आपके लिए ग्रहण करने योग्य है पवित्र है पूरी की पूरी नहीं है नहीं है अच्छा थोड़ा अच्छा थोड़ा बचा के कर लेंगे क्या जैसे दाल बनी है उस दाल मेंही ू गिर गया है उस दाल को फ पिएंगे क्या आप नहीं पिएंगे भाई नहीं मतलब वो पवित्र नहीं रह गई मतलब वो पवित्र नहीं रह गई ठीक है बोलिए आप क्या क्या बोलना वो पवित्र नहीं रह गई ना तो मेरा कहने का मतलब है कि आपके अनुसार यदि ये जो भगवत गीता है पवित्र है तो क्या इसके एक एक उसको मानते हैं यदि नहीं मानते हर चीज को तो फिर इसको पवित्र कहना गलत है तो अगर
00:26:07:04 आप यह स्वीकार करें कि हां वो पवित्र नहीं है तो हम आगे बढ़ जाए भाई सबसे पहले इसमें भगवान की परमात्मा की ज्ञान दिए हुए इसीलिए इसको पवित्र क भगवान परमात्मा की ज्ञान मैं इसम दे दूंगा और अगले पन्ने पर कुछ और लिख दूंगा ये पवित्र ग्रंथ हो जाएगा क्या ठीक है आप एक मिनट आप शॉर्टकट में अभी मेरा मोबाइल का चार्ज कम है मैं डायरेक्ट मुद्दा प आपके तरफ से एक बात कहा जाता है कि बमा विष्णु करेंगे करेंगे करेंगे पहले पहले इसकी पवित्रता को प कर लो ये पवित्र ग्रंथ नहीं है ना तुम्हारे अकॉर्डिंग अच्छा एक बात बताओ जगतगुरु रामपाल जो आपके तत्वदर्शी है उनकी वाणी आपके लिए पवित्र है कि नहीं है है ना 100 पर है उसम कोई संचय नहीं अच्छा तो जब व अच्छा उनकी किसी भी बात में थोड़ा सा भी आप ऐसा कर सकते यह बात मानने लायक नहीं है कर सकते हैं इसम संत रामपाल जी महाराज के एक भी ऐसा शब्द नहीं जिस संचय कर सके ठीक जब वो पवित्र है तो फिर यह ये कैसे पवित्र हो जाएगा या तो वो पवित्र नहीं है वो कुछ और है जब वो भी पवित्र है तो यह पवित्र नहीं है क्योंकि क्योंकि इसमें
00:27:22:06 कुछ शब्द को मना कर रहे हैं हम मना शब्दों के नहीं कर रहे जिसम उसम ज गलत जन उस जन बे बो उसी के बारे में बोल रहा हूं कि कुछ चीज इसम ऐसी है जो आपको नहीं चाहिए गलत है नेगेटिव का मतलब क्या है सम गलत गलत तो वही तो मैं भी कह रहा उसका कुछ अंश ऐसा है जो कि गलत है तो इसका अर्थ है फिर आप इसे पवित्र नहीं कह सकते पवित्र तो वो है जैसे आपके जो गुरु है उनकी वाणी का एक शब्द आपको एज इट स्वीकार है ना एक मिनट आपके आपके फिलोसोफी में समझ गया हूं जैसे कि एक उसम कहीं पर भी व चीज गलत आ गया है तो इसका वो नहीं मैं आपका बात समझ चुका
00:28:17:19 कुछ उससे आप अपनी इच्छा के अनुसार सीख सकते हो मगर वो आपके लिए प्रामाणिक और पवित्र ग्रंथ नहीं रह गया उससे आप सीख सकते पवित्र ग्रंथ है परमात्मा की ज्ञान उस दिया हु है मैंने आपसे पूछा परमात्मा का दिया हुआ जन भी तो बोल रहा लिख दूंगा जी ओडी गड हो गया एक मिनट मैं समझ गया कि आपका क उसम कुछ गलत पवित्र हो गया कहने का अब ये बताओ आपके लिए गीता पवित्र है या नहीं है है भाई पवित्र है जब है तो इसका एक शद मानना पड़ेगा और नहीं है तो फिर हम आगे चलते हम मानते ना भाई लेकिन आप जैसे की
00:29:12:04 कोई अरे भाई मैं तो मैं क्लियर कर रहा हूं गीता प्रेस से चपने वाली जो भगवत गीता है उसका एक एक शब्द आप मानते हो हम मानते पहले आप एक बात सु मैं बोला मानता लेकिन आप सुनए कोई पेन है कोई पेन को इसको जैसे की कोई मैंगो मैंगो का आम होता है ठीक है कोई उसको सुला लिख दे तो मान्य नहीं है क्योंकि हम पढ़े लिखे को मैंगो काला कर दे तो उसका अर्थ गलत है डिसाइड कर सते तो फिर जिसने इसके बारे में बताया है उसकी वो जो वाणी है पवित्र नहीं कहलाए गी ना व वि नहीं मिलावट लाएगी मूल संस्कृत आप इसको जैसे कि मैंगो मैंगो को कोई अनार बोल दे तो क्या वो गलत नहीं है तो उसको हम नहीं कह सकते गलर जो बोल रहा है मगर गलत सुनिए भाई गलत है मगर जो बोल रहा है उसके बारे में गलत बातें उसकी वाणी को हम पवित्र नहीं कहेंगे फिर कहेंगे मिलावटी है हम ये कहेंगे इसमें मिलावट है इसकी कुछ बातें इसमें इसकी कुछ बातें सही है इसकी कुछ बातें गलत है मिलावट कहेंगे पवित्र नहीं कह सकते जैसे जैसे दाल
00:30:27:10 में जैसे दाल में जैसे आपकी दाल में या थाली में कहीं पर थूक गिर गया तो वो थाली पवित्र नहीं रह गई आप वो थाली जिस थाली में किसी ने थूक दिया है उस थाली को आप अपने गुरु को जाकर के उससे भोजन कराएंगे अरे प पहला भाई आप मेरा बात सुनि में आपके बास उसको उसको आप जो मिसा बट कते हो उसको मिसा बट नहीं कहते उसको मिस्टेक कहते हैं मिसा बट उसको कहते जो मिक्सिंग हो गया उसम मिस्टेक हो गया मिस्टेक हो गया
00:31:01:16 ली में ली में किसी एक कोने में मिस्टेक से ू गिर गया ठीक है अब उस ताली का भोजन आप अपने गुरु को कराएंगे या नहीं कदापि नहीं करे प आप एक बात सोचिए इसका मतलब अगर इतना था भी उसम कुछ अप भ्रष्ट हो गई है तो आपके लिए व पूरी थाली जो है पवित्र नहीं रह गई तो या तोय बोलो आप इसको पवित्र नहीं मानते हैं और या फिर करो मैं इसको पवित्र मानता हूं लेकिन जो मूल संस्कृत है आप जैसे कि अनुवाद करता पेन है इसको स्टिक कर दे पेन का अर्थ होता है कलम अब इसको मैं स्टिक कर दू तो इसका अर्थ हो जाएगी ल मैं इसको ल बना दूंगा कोई ल कह देगा इसको तो गलत है कि नहीं चलो ठीक है अनुवाद करता ने गलती की है तो आपको ये कैसे पता चलेगा कि अनुवाद करता ने गलती की है बताओ उसी के ज्ञान से चलेगा ना जो ज्ञान उसम दिया गया उसी के ज्ञान से जन काट जसे लोहा से लोहा काटा जाता ज्ञान से ज्ञान काटा जाता बताओ मुझे बने लि जैसे मैंने लिखा भाई क्या कहते मैंने लिखा
00:32:17:07 मैट्रिक्स मैंने लिखा मैट्रिक्स ठीक है अब मैट्रिक्स का अर्थ मैंने लिख दिया फुटबॉल आपको कैसे पता चलेगा कि मैंने य गलती की है मैट्रिक्स का अर्थ दूसरा होता है इससे सिद्ध होता है कि वो गलत है सीधी सी बात दूसरा अर्थ आपको कहां से पता चलेगा क्योंकि हम स्कूल में पढ़े लिखे उसके भी ग्रंथ में लिखा है पहले भी लिखा है मैस का अर्थ दूसरा है भाई इसका मतलब कोई ना कोई दूसरा ऐसा ऐसी जगह होगी जहां मैट्रिक्स का सही अर्थ लिखा हो है ना है ना उस हा वो भी लिखा क्योंकि आप हम प लिखा उसमें भी आप उसी के सत ग्रंथ में भी लिखा है तो ले सकते हैं उसी के सत ग्रंथ से सही लि मुझे बताओ अब मुझे बताओ अगर इस गीता में अनुवादक ने कहीं कहीं पर गलत लिख दिया है तो वो गीता कहां पर है कौन सी है जिसम की उसका सही अर्थ लिखा है बताओ देखिए पढने के बाद पर वो गीता मैं पूछ रहा हूं वो गीता कहां पर है जिससे आपने पता किया कि इसमें अनुवादक ने कहीं कहीं गलत कर दिया है अरे भाई उसी गीता में लिखा है उसी के आधार से कहा जो हम आप पढ़े लिखे
00:33:32:19 उस ज्ञान के आधार से क सीध सी बात उस गीता में लिखा उस जन के आधार जो ज्ञान हमने पढ़ उस ज्ञान के आधार पर न हो सकते एक मिनट आप प्रिक बझे आपली बता मुझे मुझे आप प्रैक्टिकली बताइए कि भगवत गीता में जो कोई आपको गलत बात लग रही है उसके बारे में सही बात आपको कहां से पता चली वह कौन सी भगवत गीता
00:34:13:25 है बताइए अरे उसी भगवत गीता से पता चलेगा ना किस सत कुछ बात गलत है कहां लिखा है कि इसमें ये वाली बात गलत है अरे उस उसम व लिखा नहीं है उससे हम समझ सकते कि पेन का अर्थ स्टिक किया है तो गलत है क्योंकि पेन का अर्थ कलम होता है ना कि ल कलम पता चल रहा है वो कहा से चल रहा है जो मैं पूछ रहा च रहा है गीता से चल पहले अब आप मुझे पहले अब आप मुझे वो चीज बताइए कि कहां पर गलत है और फिर ये बताइए कि इसका सही अर्थ देखो गीता में य लिखा है बताओ एक मिनट एक मिनट पहले एक मिनट पहले आप मेरा बात सुनिए ठीक है उसके बाद आप बोलिएगा वैसे भी मैं संडे को आपके लाइव में आने वाले मेरा मोबाइल 15 परही चार्ज है फिर भी मैं डायरेक्ट मुद्दे प आती डायरेक्ट ठीक है आपकी ओर से सुनने में आता है या तो पहले बो पहले बोलो कि हम गीता को पवित्र नहीं मानते नहीं तो इसको ही खत्म करेंगे पहले ऐसे विषयात नहीं करेंगे भाई मैं पहले प
00:35:29:01 या तो य कहो मैं इसकी हर चीज को मानता हूं और या फिर य सिद्ध करो इसकी कुछ चीजों को ना मानते हुए भी य पवित्र कैसे है बताओ भाई य पवित्र है जो चीज इसम गलत अनुवाद किया है व इस कोई चीज गलत है तोय पवित्र कैसे है अगर तुम्हारी भोजन की थाली में कोई चीज गलत है तो वो पवित्र नहीं है मगर इस किताब में कोई चीज गलत है तो पवित्र कैसे है एक परिवार में एक सदस्य कोई गलती हो जाएगा इसका अर्थ ये नहीं कि पूरा सदस्य गलत हो जाएगा ये भी दिमाग लगाइए इसका आप थोड़ी सी भोजन वाली न परिवार के उस परिवार के ऊपर संदेहास्पद दृष्टि आ जाएगी अगर एक परर से अगर एक पर भी आना पड़ेगा इस अरे मेरे भाई तुम मुझे ये बताओ पवित्र का अर्थ क्या है दोबारा से हिंदी प आ जाओ पवित्र का अर्थ क्या है ये बताओ मैं बुझ गया भाई आप जो कहता है आपके मैं समझ चुका है जब एक थाली में हो
00:36:30:02 पवित्र ग्रंथ नहीं है भाई वो पवित्र ग्रंथ उसम परमात्मा प्रति के ज्ञान है उस पवित्र ग्रंथ है उसम परमात्मा प्राप्ति के ज्ञान है परमान लिख दे रहा हूं कबीर इ गड बोलो लिख द हो गया आप आप लिखोगे नहीं लिखोगे तो भी वो गड थे है या रहेंगे उसम कोई संश नहीं फर आपसे बहुत अच्छा लगा आपको बात नहीं करनी है आपको की चर्चा करनी है जाइए आपसे बात रे मुद्दा पाए मेरे पास टाइम कम है मुद्दा चल रहा है भगवत गीता को पवित्र मानते हो कि नहीं मानते हो मानते हो तो सिद्ध करो मानता मैं सिद्ध करता हूं हा मानते हो तो आप यह बताओ जब उसम कुछ बातें गलत है तो फिर वो पवित्र कैसे और जो बातें गलत है उनका गलत होने का प्रमाण आपने कहां से लिया देखिए जैसे कि ब्रज देख आप जैसे कि उसम ब्रज शब्द है ठीक है ब्रज शब्द का मैं आपको बता रहा हूं भैया वो जरा दिखा दो स्क्रीन पर दिखा दो वो कि मेरे सिवा और कोई परम नहीं है मेरे सिवा कोई ब्रम नहीं है हां मुझसे और कोई परम नहीं है क्या मुझसे कोई परम भैया
00:37:45:16 क्या दिखा दू आपसे नहीं बोल रहा आपसे नहीं बोल रहा मेरा प्रश्न का जवाब दीजिए क्या ब्रह्मा विश् अभी देते रुक जाओ अभी रुक जाओ अभी देते हैं अभी रुक जाओ मेरा मोबाइल टाइम भी ज्यादा हो गया भाई वैसे भी संडे का आने ही वाला क्योंकि मैंने आपको में मैसेज भी किया था तो संडे को दोबारा आ जाना अरे ये वाला नहीं और दिखाए दूसरा दिखा भाई प मैं आपसे जो प्रश्न करने वाला वो तो पहले सुन लीजिए आप तो आना है आना ही है उसे आप तो स्वयं ही करते कि आपसे बड़ा कोई ज्ञानी नहीं तो आया हूं ना मैं ज्ञान ही तो नहीं हूं लेकिन जितना ज्ञान है उसी से मैं आपको संतुष्ट करने का प्रयत्न कर देखिए सात नंबर का श्लोक खोलिए मता पास गीता मेरे पास अभी गीता नहीं ठीक है हे धनंजय मुझसे भिन्न दूसरा कोई भी परम कारण नहीं है खलिए
00:38:52:10 इसको सातवा नंबर का श्लोक खोलिए सातवा अध्याय सातवा श्लोक मेरी मां समान भगवत गीता को तुम लोगों ने खेल बना दिया मैंने खेल नहीं बनाया आपने स्वयं अपना अगं बना आप सामने देखिए स्क्रीन पर क्या आ रहा है ठीक है भाई हां दिखाइए कोई बात नहीं इसमें पढ़िए क्या लिखा है हे धनंजय बताइए हे धनंजय मुझसे भिन्न दूसरा कोई परम कारण नहीं है यह संपूर्ण जगत सूत्र में सूत्र के मणियों के सदस मुझ में ही गुठ हुआ है मुझसे भिन्न भगवान श्री कृष्ण कह रहे हैं मुझसे भिन्न दूसरा कोई परम कारण नहीं है अब इसको मानते हैं आप नहीं मानते नहीं नहीं कृष्ण बोल रहे है कि कोई अन्य बोल रहे पहले ये बात डिसीजन करिए अरे मैं कह रहा हूं कोई अन्य बोल रहा है कोई अन्य बोल रहा है कबीर तो नहीं बोल रहा ना कोई और
00:40:07:15 बोल रहा है कबीर तो नहीं बोल रहा मैं आपसे पूछ रहा हूं कोई और बोल रहा है मान लिया कबीर तो नहीं बोल रहा ठीक है पहले जवाब देर प बो गीता में आपके अनुसार गीता को कबीर ने बोला है क्या मैंने ये कब कहा तो मैं आपसे जो पूछ रहा हूं वो बताओ ना भाई यह जो बोल रहा है काल है कृष्ण है यह बोल रहा है मुझसे भिन्न दूसरा कोई परम कारण नहीं है अब बताओ इसको मानते हो कि नहीं इस आप इसकी अन्य अध्याय से भी इसकी काटे जा सकते हैं भाई अरे मेरे भाई इसका मतलब यहां पर झूठ बोल रहा है ना ये अन्य अध्याय से इसको काटोगे तो एक मिनट एक मिनट आप आप आपका मेरा जो प्रश्न उसी में आपका जवाब आपके प्रश्न प आएंगे ये चल रहा है या तो इसको क्लियर करो या तो स्वीकार करो पवित्र नहीं है तब हम आगे जाएंगे अरे भाई वो जो लिखा है उसी के ज्ञान से मैं काटता हूं मैं उसको ये नहीं बोलता वो जो है जब इसको काट दोगे इसको काट दोगे अगर तो इसका मतलब यहां पर गीता बोलने वाले ने झूठ बोला है तभी तो कटेगा
00:41:23:10 अरे भाई वो है ही नहीं तोसे ू बोला है ना ठीक है भाई व झूठ बोलिए व क्यों मि अपने अपने भगवान बनो अब सुनो जो व्यक्ति य ू बोल रहा है जो व्यक्ति य पर झूठ बोल रहा है दूसरी जगह झूठ नहीं बोलेगा यह
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→ Used in: A · Live रामपाल जी के अनुसार कौन से ग्रंथ प्रामाणिक हैं? #rampaljimaharaj #kabir at 6:14 ↗
00:41:45:00 कैसे बताओ गीता से ज्ञान से ज्ञान कटेंगे ना तभी गीता से मिलेगा ना अरे क्या दिमाग खराब है क्या
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00:41:57:13 ठ बोल सता है तो दूसरी जगह जब झूठ बोलेगा तो तुमको बता के बोलेगा क्या कि हा मैं सच बोल रहा हूं ठीक ठीक है जिसको झूठ बोल वो हर जगह झूठ बोल देगा तुमको कैसे बता वो झूठ नहीं बोल रहा अब मैं बता रहा हूं जैसे कोई एक डॉक्टर अरे भाई पूर्णत सत्य बोल सकता है और या फिर अगर उसने झूठ बोलना चालू कर दिया आपने मान लिया कि झूठ बोलना है तो फिर वो कहां कहां प झूठ बोल रहा है कुछ नहीं कह सकते अ एक मिनट आपको उदाहरण से आप आप ये जो एक मिनट मैं पूछ रहा हूं आप एक काम करिए ये जो इनसे यहां बोल रहे हैं भगवान श्री कृष्ण आपके अनुसार काल बोल रहा है तो यहां बोल रहे मुझसे भिन्न दूसरा कोई परम कारण नहीं है ठीक है अब इसको आप
00:42:48:22 काटिए गीता के ज्ञान से काटो गता केन पहले सुनि जैसे की कोई डॉक्टर है ठीक है जैसे की कोई ड बोमा बता और इसको का आप पले य बात बताइए कि आपके आधार से गीता जनसे य शलोक कटेगा मेरे भाई गीता अध दो के शलोक में कहते
00:43:23:19 जोन हा हा हा हम बोलो उस अविनाशी को नाश करने में कोई समर्थ नहीं है जिससे संपूर्ण जगत समझ गया पढ़ लिया पढ़ लिया अब ये बताओ ये यहां पर सच बोल रहा है यह कैसे पक्का हुआ जो झूठ बोलने वाला है वह दूसरी जगह जहां पर बोलेगा आपको बता के बोलेगा क्या यहां पर झूठ नहीं बोल रहा हूं अरे भाई व स्वयं ही जन्म मरम के चक्र में तो झूठ ही बोल रहा है रहा य सच बोल रहा है ये कैसे पक्का हुआ मेरे भाई ये झूठ बोल रहा है दो ये सातवे अध्याय के सातवे श्लोक में झूठ बोल रहा है यहां पर सच बोल रहा है ये तुम्हे कैसे पता क्योंकि अन्य अन्य लोको में भी अध्याय में भी उसने अपने अन्य को दूसरे के बारे में वर्णन किया हुआ है तो य अपने बारे में किया है
00:44:40:13 व सब कुछ नहीं है क्योंकि उससे ऊपर अपने अन के बारे में सुनो य पर अपने को बड़ा कहा और दूसरी जगह किसी और को बड़ा कहा ठीक है अब आपका कहना है जहा परने अपने को बड़ा कहा है वो इसने झूठ बोला है ठीक है बोला है ना झूठ जहा परने सम ठीक बंद क्यों करेगा भाई बंद करने तो आते क्यों है नहीं आना बंद नहीं करना ट कर बोहा बोल रहा हूं मैं बोल रहा हू की यहां पर उसने झूठ कहा है तो जहा पर उसने सच बोला है वो आपको कैसे पता लगा कैसे पता किसने बताया कि यहां यह सच बोल रहा है यहां ये झूठ बोल रहा है यह किस आधार पर है उसी गीता ज्ञान देने वाला ने ही बताया अन्य अन्य शलोक में दूस के बे है मैंने कहीं कहीं पर झूठ बोला है लिखा नहीं उसी के ज्ञान से उसी के ज्ञान से समझ आ रही है ना वो अपने से अन्य के बारे में बता र इससे क्या सि होता
00:45:54:12 है अन वाली बात नहीं अगर एक जगह प क 50 जगह प क उ मा लेते अन्य वाली बात जब है तो अन्य वाली बात झूठ नहीं है और जो अपने बारे में बता रहा है वो झूठ है वो झूठ है यह कैसे पता किया हो सकता है अनन वाली बात झू एक मिनट जैसे कि कोई डॉक्टर है ठीक है वो अपने आप डॉक्टर है जो अपने आप डॉक्टर है वो दूसरो को डॉक्टर नहीं बोल सकता ठीक है दूसरो डॉक्टर है वो अपने आप डॉक्टर वो झूठ भी बोल सकता है लेकिन जो समझ में आरहा मैं पूछ रहा हूं अगर उसको आपको गुमराह करना है भटका है हा तो वो आपको कहीं पर भी भटका सकता है तो उसने यहां पर सच बोला ये कैसे गारंटी मिलती है उसी के अन्य अन्य अध्याय में वर्णन किया जैसे कि एक डॉक्टर पहले आप मेरा बात ध्यान से सुनिए जैसे कि कोई डॉक्टर सु मैं पूछ रहा हूं कि अगर उसने दो जगहग सच बोला एक जगह झूठ बोला तो आपको कैसे पता उसने कहां झूठ बोला कहां सच बोला उसी के ज्ञान से चलेगा ना भाई उसी के ज्ञान तो बता रहा पहले सुनिए तो सही सुनते बताओ मुझे वो पैरामीटर बताओ
00:47:09:21 मुझे ये सच कैसे है बताओ वो अपने से अन्य के बारे में बता रहा है बता रहा है इसका अर्थ अपने से अन्य के बारे में लिखेगा बताएगा तो वो सच होगा ये कहां लिखा है व लिखा बता रहा है वो अपने से के बारे में बता र श्रीमद भगवत गता जब व्यक्ति अपने से अन्य के बारे में बताएगा तो वो सच लिखा होगा यह कहां का सिद्धांत है यह कौन से ग्रंथ में लिखा है कि जब व्यक्ति अपने के बारे में बोलेगा व झूठ होगा एक मिनट पले आप बात ध्यान से सुनिए जैसे की मैं डॉक्टर उदाहरण मान लीजिए कोई डॉक्टर है स्व डॉक्टर है तो दूसरो को डॉक्टर नहीं बोल सकता यदि कोई डॉक्टर नहीं अपने आप को डॉक्टर बो इस अपने आप को झूठ बोल सकता है लेकिन य खाय लिखा है ये उ उ का प्रमाण प्रमाण सुनि शास्त्र प्रमाण थ गया आपसे बात करे का प्रमाण दो
00:48:22:14 शसी बात को झूठ या सच कब माना जाए शस्त्र का प्रमा म दो यदि वो समरत होता तो कदापि ये नहीं कहता कि उससे अन्य के बारे में नहीं कदापि नहीं बता झूठ है तो वो झूठ बोल रहा है अन्य के बारे में झूठ बोल रहा है वो झूठ है यदि वो झूठ बोलता तो अपने स के बारे में नहीं बका नियम भाई साहब देखो मनम बातें मत करो आप बा आप का प्रमाण दो कि किस आधार पर किसी एक बात को झूठ या किसी एक बात को सच माना जाए है शस्त्र का प्रमाण पूछ रहा का प्रमाण है मैंने पूछा का प्रमाण है अरे है भाई बोलता रहो है इस हम से भी मिला सकते गीता के ज्ञान से भी काट सकते किसकी ये सब कुछ बात बोल रहे कि अगर वह अन्य को बड़ा बता रहा है तो व सच नहीं वो जो दूसरी बात है व सच नहीं हो सकती यह कहां लिखा है एक मिनट एक मिनट मैं आपकी बात सब कुछ समझ गया आपके आधार से सीधा डायरेक्ट मुद्दा पाते आपके आधार से श्रीमद भगवत गीता का देने वाला ज्ञान श्री कृष्ण है वही सब कुछ समरथ यही ना पले यह बात क्लियर कीजिए मैं आपका आंसर दे रहा हूं आप ही
00:49:37:21 हा वही है हा वही है बोलो ठीक है मान ले आपके आधार से श्री कृष्ण ठीक है आप मे को बताइए ब्रह्मा विष्णु महेश गणेश दुर्गा ब्रम सब एक ही है हा सीधी से ठीक तो आप मुझे बताइए त्रिलोकीनाथ किसे कहते हैं बताइए त्रिलोकी नाथ जो तीनों लोगों का स्वामी हो उसे कहते हैं तो ब्रह्मा विष्णु महेश को त्रिलोकीनाथ क्यों कहते हैं क्योंकि वो क्योंकि वो पूरी सृष्टि के कहीं कहीं पर ईश्वर है और कहीं कहीं प त्रिलोकी नाथ भी नाम है उनका आप ये पॉइंट गलत हु त्रिलोकी नाथ क्यों कहते है क्योंकि तीन लो का नाथ इसीलिए उसको त्रिलोकी ऐसा कुछ नहीं मिनट मिटको देखो बात बात करनी है नहीं आपको बात करनी नहीं है मेरी बात सुनो मेरी बात सुनो मेरी बात सुनो बात सुरी बात सुनो मेरी बात सुनो कोई अगर देश का प्रधानमंत्री है सुनो कोई अगर देश का प्रधानमंत्री है तो वह तब भी किसी जमीन का प्लॉट का भी मालिक हो सकता है ऐसा नहीं है कि वो अगर प्रधानमंत्री
00:50:53:01 हो गया तो वो किसी बिल्डिंग का ओनर नहीं हो सकता एक मिट आपकी प्रश्न अब मैं आपको आपकी बात का जवाब दूंगा पहले आप ये मानिए मुझे नहीं पता इसम गीता में किसने क्या कहा बोला है पले आपकी प्रश्न का जवाब ही तो दे रहा सुनने को तैयार नहीं है तुम मुझे गलत सिद्ध कर भी दोगे तो उससे आपका सही होना सिद्ध नहीं होता आप अपने को सही सिद्ध करिए आप यह बताइए कि इसमें आप यह बताइए कि इसमें गीता में कहां पैसा च कहां पर झूठ बोला है इसका आधार क्या है ये बताइए मैं आप ही तो आधार तो बता रहा पहले आप सुनते नहीं आप बोलिए बोलिए बोलिए करते आप सु बोलेंगे तो पहले सुनिए त्रिदेव किसको कहते हैं श् जवाब आप अपना जवाब दीजिए आप मुझसे प्रश्न करिए आप अपना जवाब दीजिए आप जवाब दीजिए मुझे यही प्रश्न यही प्र जवाब आप उत्तर दीजिए यही प्रश् जवाब है भाई मेरे मिलने से पहले आपके क्या नियम थे इसमें किसी
00:52:08:02 को सच किसी को झूठ मानने के वह बताइए देखिए भाई यदि व समृत होता नहीं कता उसकी शरण में जा कहा व समध नहीं है वो झूठ है उसकी एक बात कैसे हो सकती है किस आधार पर वो बताओ वो झूठ है व सम नहीं ठीक है मैं मान लि कृष्ण तुम्हारे आधार से श्री कृष्ण ब्रह्मा विष्णु महेश गणेश ज सुन मतलब आपके पास कोई आधार नहीं है आपके पास एक मिनट आपके पास कोई आधार नहीं है आ बात को माना जाए अरे आप दे रहा हो जवाब तो दे रहा आप बात में मान लि ब्रह्मा विष्णु महेश गणेश ब्रम सब एक ही आप एक ही डायरेक्ट मुद्दा प आते आपकी ब्रम जो है श्री कृष्ण उसकी भी उत्पन्न करने वाला परम अक्षर ब्रम सीधी सी बात ये वेदों से भी मिलता है इसकी आधार भी हो गया आप बोलिए इस क्या र अच्छा बोलिए क्या परम अक्षर ब्रह्म अलग है और ब्रह्म अलग है हा ठीक है क्योंकि परम ब्रम से ब्रम उत्पन्न हुआ अलग हैसे बा बल है परमात्मा अलग है नहीं परम अक्षर ब्रम परमात्मा क
00:53:23:20 जाता परम अक्षर ब्रम अलग है और परमात्मा अलग है परमात्मा परम परमात्मा पूर्ण परमात्मा परम ब्रम ही कहते पूण परमात्मा को ही कहते लेकिन ब्रम परमात्मा परम ब्रह्म एक है और ब्रह्म अलग है ब्रहम परम अक्षर ब्रम अलग है ठीक है स में ब्रह्म और परम अक्षर ब्रह्म अलग है ठीक है हाय क खा है एक मिनट क की परम अक्षर ब्रम
00:54:00:14 से श्रीमद भगवत गीता अध्याय तीन के प्रमाण नहीं है यही बात श्रीमत भगवत गीता का वेद में भी लिखा इसीलिए दोनों समत देता इसका प्रमाण प्रमा करता है प्रमाणित करता है क्योंकि यही और ब अलग है बताओ बताओ विवेद मंडल ब्रह्म और परम अक्षर ब एक मिनट एक मिनट वेट कर भाई
00:55:09:22 मंडल नबर 10 4 मंत्र एक में लिखा है कि ब्रहम को उत्पत्ति करने वाला कोई अन्य है इससे साबित होता है कि कोई और है जोसे जिस क्या लिखा है ब्रम ब्रम की उत्पत्ति किसी अन्य से हुआ है ब्रम को उत्पन्न करने वाला कोई अन्य है एक मिनट मैं चेक कर लू जरा हा कौन सा हैवे मंडल मेरा चार्ज भी नहीं है बोलो कौन सा है मंडल नंबर 10 मंत्र एक मंडल नंबर 10 मंत्र एक मेरा मोबाइल चार्ज पर आ गया इसलिए बोल रहा हू चार्ज में लगा रहा आपको चार्ज करके आना चाहिए था अरे भाई चार्ज भी लगाकर आपसे बात कर ठीक है कोई बात नहीं मेरे पास उतना अभी 10 20 मिनट और बात कर सकता हं इसलिए कोई बात
00:56:21:16 नहीं लिखा है ऋगवेद मंडल मंडल नंबर सुक्त 49 मंत्र एक सक्त 4 मंत्र एक ब्रम को उत्पत्ति करने वाला कोई अन्य है जिसके अथ उसने वेद किया है देख सकते हैं अब इसको खोलने से पहले मैं एक बात आपसे क्लियर कर दूं कि गीता में आप उन बातों को मानते हैं जो वेदों के अनुसार होती है वेद में तो कहीं झूठ कहीं सच नहीं है ना वेद से मिलती नहीं नहीं मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं वेद में कहीं सच कहीं झूठ तो नहीं है ना तब तो इसको प्रमाण मानेंगे ना देखिए
00:57:40:04 भाई ह पर नहीं है भाई इसको किया होगा व मान नहीं है ग अरे मेरे भाई तो ये बताएगा कौन इसम किसी ने पेन को लाठी किया है इसका मतलब इसका कुछ और है इसका आधार इसका आधार कुछ और नहीं इसका इसका आधार कॉमन सस है की पेन का अर्थ कलम
00:58:14:20 होता इसका मतलब ये सब कुछ आप अपने कॉमन सेंस से बनाते हैं कि वेदों में प्रमाण है ये वो सबका आधार कॉमन सेंस है आपका अरे भाई मैं पूछ रहा हूं आपके धर्म और अधर्म का आधार कॉमन सेंस है जो आपके मन में समझ में आएगा वो बात नहीं भाई ये तो सोचने विचारने की भी बात है जो बात गीता में मिलती है वो बात वेद में मिलती है तो सर्वधर्म है ना भाई मैं आपसे पूछ रहा हूं अगर वेद में कोई बात ऐसी तो नहीं होगी जो थोड़ी झूठ थोड़ी सच हो
00:58:56:10 देखिए भाई सबसे पहले बात पलेर करो हा है वेद में भी है जो अनुवाद में मिस्टेक किया है है क्या मैं पूछ रहा हूं वेद में भी है क्या वो मेरे को पता नहीं भाई अच्छा मतलब आपको पता नहीं है मगर आप यह क्या इस बारे में क्या कहते हो अगर मैंने कोई ऐसी बात बताई जो आपके मानने योग्य नहीं हुई क्या वेद की किसी बात को आप मना कर सकते हो अरे भाई मैं ज्ञान सेही ज्ञान कटंगा बोलिए तो सही बोलते जन से जन मत काट मेरे भाई आपके लिए देखिए जैसे रामपाल है उसकी एक भी बात आप काट सकते हैं क्या जो सही अनुवाद किया तो उसको जो मिस्टेक किया रहा हूं मैं पूछ रहा हूं
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00:59:51:16 क्या रामपाल जी की एक भी बात आप काट सकते हैं क्या क्योंकि पूरा सत्य बताता तो काटने योग्य नहीं है जो जहां पे कोई भी मिस्टेक करेगा वह काटने योग्य है सीधी सी वो मिस्टेक बता कौन रहा है आपको मेरे भाई कोई प्रामाणिक सुनिए सुनिए मेरी बात सुनिए जैसे जब आपको ये लगा कि गीता में कुछ चीजें गलत है तो इसका मतलब यह गीता आपके लिए प्रॉपर प्रमाण नहीं है आप ने वेद को ले आए य वेद आपके लिए प्रमाण है अब जब वेद में भी आप ऐसा सोच रहे हैं उसमें किसी ने कुछ गलत लिख दिया होगा अगर वेद को भी आप ऐसा सोच रहे उसमें किसी ने कुछ गलत लिख दिया होगा तो इसका मतलब है वेदों का भी वेरिफिकेशन आप किसी और से करते हैं वेद में क्या गलत है क्या सही है उसका वेरिफिकेशन आप किसी और से करते हैं
01:00:43:28 कोई प सुनिए तो सही जो चीज एक शास्त्र में लिखी वही चीज अन्य शास्त्र में
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01:00:52:07 खय लिखा है जैसे कि एक नियम आप बता रहे हो जो नियम आप बता रहे हो भाड़ में गया अब मैं पूछ रहा हूं वो बताओ जो नियम आप बता रहे हो वो कहा लिखा है अरे लिखा नहीं जो चीज गीता में मिला वो तो वो वेद में मिला वही सुनो जो चीज गीता में लिखी है वही चीज वेद में भी लिखी है उस चीज को मानेंगे जो चीज गीता में नहीं लिखी वेद में लिखी है और जो चीज वेद में लिखी है गीता में नहीं लिखी उन चीजों को छोड़ देंगे जो दोनों में मैच खाएगी व मानेंगे यही है ना सबसे प आपकी एक बात आपके
01:01:39:03 स स प्रश्न जवाब मैं आपसे य पूछ रहा हूं की भगवत गीता में जो लिखा है अगर वो वेद में भी लिखा है तो मानोगे और अगर भगवत गीता में कुछ ऐसा लिखा है जो वेद में नहीं लिखा है तो नहीं मानोगे ठीक है ठीक है देखिए भाई प बा
01:02:15:06 करते महे गणेश ब मैं अभी आपसे जो बात आपने खुलवाया है वेद मैं आपसे बोल रहा हूं कि गीता का वेरिफिकेशन वेद करते हैं वेद का वेरिफिकेशन तो कोई नहीं करता या करता है और करता है तो कौन करता है अरे भा ठीक व नलेज करता है जो नॉलेज गीता वेद वही ब्रम को उत्पति करने वाला परम जैसे ब्रम को उत्पत्ति करने वाला गीता में भी लिखा है परम अक्ष ब्र वही बात वेद में लिखा है कि ब्रम को करने वाला कोई और है वही बात पूछ रहा हूं इसकी वेरिफिकेशन मैं आपसे ये पूछ रहा हूं देखो अब इधर उधर की बात मत करना मैं आपसे पूछ रहा हूं कि ये भगवत गीता है इसमें कहां सही है कहां झूट है इसकी वेरिफिकेशन जो है आपके अनुसार वेद करते हैं हां ठीक है आ जाइए आप सामने आ जाइए बोलिए बोलिए आगे भाई मैं पूछ रहा हूं कि ये जो भगवत गीता है इसकी वेरिफिकेशन वेद करते हैं
01:03:30:07 क्या वेद में भी अगर आप कह रहे हो वेद में भी कुछ ऐसी बातें होंगी जो नहीं मानने लायक है तो नहीं मानेंगे अब वो नहीं अब वो पता कैसे चलेगा कि वेद की कुछ बातें नहीं मानने लायक है उसका आधार क्या है उसकी आधार वेद की ज्ञान है और गीता की ज्ञान है जो अन्य अन्य शास्त्र में वो ज्ञान मिलती है वो ज्ञान ही आधार है और यानी कि आपका कहना ये है कि वेद की जो बातें गीता से मैच खाएगी जो वेद और गीता में इक्वल होगा वो हम मानेंगे जो अलग अलग होगा वो हम नहीं मानेंगे कहने का अर्थ जो बात गीता में लिखी जो बात वेद में भी लिखी वही बात अनन्य शास्त्र में में भी मिलता है वो सत्य है सीधी सी बात बात भगवान है भगवान को आप यानी की जो बात कुरान में भी लिखी होगी जैसे की अरे रुको एक मिनट जो बात कुरान में भी लिखी होगी गीता में भी लिखी होगी ऋग्वेद में भी लिखी होगी ठीक है ऐसी जो बात होगी उसको मानेंगे और जो एक दूसरे को काटे गी वो नहीं मानेंगे ऐसा नहीं है मेरे भाई मैं बोला कि जो जन गीता में
01:04:45:08 लिखी वही ज्ञान वेद में लिखा वही ज्ञान अन्य शास्त्र में भी मिलता है अरे मैं भी तो यही बोल रहा मैं भी तो यही बोल रहा हूं मैं भी तो यही जन गता पुरान बाइबल जो ज्ञान गीता वेद पुरान बाइबल इन तीनों चारों में एक समान होगा वो ज्ञान मानेंगे बाकी का नहीं मानेंगे आपके बात में समझ लेकिन वेद का ज्ञान गीता ज्ञान ऐसा नहीं है देखो आपको हटा दूंगा अरे भाई हटाना नहीं है मैं तो सं फिर आने व्यक्ति है आप देखो फालतू बोलोगे बकवास फालतू बातें अगर करोगे तो तुरंत हटाऊ वैसे भी आपने इतनी इतनी इतनी माथा पच्ची करवा ली है इतनी माथा पच्ची कर ली है अच्छे से डोज मिल चुकी है ठीक है आपकी सच्चाई जनता को दिख रही है कितने पागल अब मैं आपसे जो पूछ रहा हूं मैं आपसे जो पूछ आपकी आवाज अभी आ नहीं रही है मैं आपसे यह पूछ रहा हूं कि गीता वेद कुरान बाइबल इन चारों में जो मैच खाएगा वो हम मानेंगे और जो मैच नहीं खाएगा वो नहीं माने क्या ये बात सही है
01:06:00:24 देखिए पहले कर जो बात पहले आप ध्यान से सुनिए देखिए सर्वप्रथम ज्ञान से ही ज्ञान कटा जाता है मेरी आप ध्यान से बात सु जो ज्ञान गीता में लिखी वही ज्ञान वेद में लिखा है वही ज्ञान अन्य अन्य शास्त्र में लिखा है वो कंफर्म हो जाता है इससे कि वो ज्ञान सत्य है जो जन बोलता है [प्रशंसा] एक मिनट सुनि सुनना पड़गा यही तो प्रॉब्लम है आपका आप सुनेंगे नहीं तो क्यों डिबेट में आ जाते या म्यूट करो
01:06:41:12 इनको जो बात मैं बोल रहा हूं उसी को आप रिपीट क्यों कर रहे हो मैंने कुछ अलग बोला है क्या म्यूट को इनका पहले शांत हो जाइए पहले शांत हो जाइए शांत हो जाइए अभी मेरा प्रश्न दोबारा सुन लीजिए इसका उत्तर दीजिएगा दोबारा से पूरी लाइन मत बोलिए मैं बोल रहा हूं जो ज्ञान गीता वेद कुरान बाइबल सब में एक समान होगा वो आप मानोगे जो एक समान नहीं होगा वो नहीं मानोगे क्या ये बात सही है देखिए पहले इस पे आप मैं आपको यही बोल रहा हूं लेकिन समझ हटाओ हटाओ बात नहीं कर अ तो डिबेट में क्यों आते हैं फिर अपने आप को कहते हैं कि देखो देखो देखो फालतू बात करने लगे देखो अरे इनको म्यूट किया करो यार ये फालतू बोला करे
01:07:49:10 भैया मैं ये कह रहा हूं अमित जी मैं ये कह रहा हूं अमित जी जो बात मैं बोल रहा हूं व बात गलत है क्या जो बात मैं कह रहा हं व गलत है क्या किसी की बात गलत है सर मैं ये बोल रहा हूं मेरा प्रश्न दोबारा सुन लीजिए जो ज्ञान गीता वेद कुरान बाइबल में मै खाएगा वही ज्ञान अपनाने योग्य है वो मैच नहीं खाएगा और विरोध होगा जैसे मान लो गीता का कुछ ऐसा है जो वेद में नहीं मिल रहा वेद का कुछ ऐसा है जो कुरान में नहीं मिल रहा तो वो अपनाने योग्य
01:08:36:26 नहीं जो वेद गीता सम्मत पुराण की तो बात अभी बात प करूंगा ठीक है जैसे कि मैं एक उदाहरण से समझा रहा समझने का प्रयत्न कर जैसे कि एक कलम है इसको य कलम कहा गया ठीक है इसी को वेद में भी कलम कहा गया इसी को भी अन्य शास्त्र में भी कलम कहा गया ये कंफर्म हो जा है कि ये सबसे है कि सारे शास्त्र में दिए गए लेकिन ये मैं नहीं कह रहा हूं कि जो चीज अब ड़ ऐसा भी चीज होता है जो धर लिखा है तो अन प भी नहीं लिखा होता इसका अ येय नहीं कि वो गलत है अब देखो ज्ञान से ही ज्ञान टा जाता है जैसे देखो देखो भाई बहुत लंबा बोल रहे हो आप बहुत लंबा सुनो बहुत लंबा बोल रहे हो अगर पेन को पेन यहां कहा गया है पेन को पेन यहां कहा गया है पेन को पेन और कहीं भी कहा गया है ये जो और कहीं बोल रहे हो वो पुराण बाइबल है या कोई और शास्त्र है ये बताओ पहले तो अब एक मिनट आप अन्य शास्त्र बोल रहे हो व कुरान बाइबल बोल रहे हो
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→ Used in: A · Live रामपाल जी के अनुसार कौन से ग्रंथ प्रामाणिक हैं? #rampaljimaharaj #kabir at 7:44 ↗
01:09:36:09 या कोई और शास्त्र पुराण है कौन सा शास्त्र मैं गता को भी मानता ह वेद को भी मानता ह कुरान को भी मानता ह बाइबल को भी मानता हू क्योंकि उस सबकी भगवान एक है उस चारों ग्रंथ में एक परमात्मा की ज्ञान द हुई इसलिए
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01:09:52:00 मेरे लिए सर्व सब पवित्र ग्रंथ दूसरी एक बात आप दूसरी य बात सुनना जरूरी है आपकी भैया इनको हटा दो भाई हटा दो जय श्री राम तिलक जय शी जय श्रीराम कैसे हो मित्र जय श जी जी बढ़िया ब अभी तो बढ़िया नहीं हूं आपने देखा होगा सर फड़ा है दीवार से सर इनको ना वापस बुलाओ एक बार एक मिनट एक मिनट हा इनको वापस
01:10:39:24 लो अरे भाई संदीप जी मैं उनको रहने दीजिए वो अपना टेप रिकॉर्ड ही बोलते हैं और कुछ नहीं बोलते हैं मेरे कहने से एक बार रिक्वेस्ट है आप लो तो सही बार अभी वो है नहीं यहां पर अच्छा है नहीं चलो कोई बात नहीं अगर आए तो लेना एक बार तिलक जी का अन म्यूट कर दिया अन म्यूट कर दो तिलक जी को कांट अन म्यूट बिकॉज दे चूज टू म्यूट देम सेल्फ आप आप आप अपना अनूट
01:11:14:15 करिए महादेव नमन प्रभु जी हजर आपका मैं ये जो आप मैं तो सत्संग ही बोलता हूं इसको क्योंकि आप सत्य का रास्ता दिखा र है तो इतना सरल भाष्य में आप इतना अच्छी तरह से आप जो समझा रहे सबको तो मैं मानता हूं क्योंकि आपने इतनी सरल शब्द में इतने अच्छी तरह से हमको समझाया है तो मैं नेपाल से बिलंग करता हूं और नेपाल में भी रामपाल का सत्संग में गया था और लो जो इधर आके सब बोते ही टोन है गुरुजी उसम लोग का माइंडसेट रेडी है रेडीमेड और आपने ने वो माइंडसेट के अंदर एक मेन पिलर में आपने हिट कर दिया तो अभी वो लोग गुरु को बचाते बचाते अपना धर्म धर्म प वो लोग का अभी आंच आने लगा है तब गुरु को बचाते बचाते अपना धर्म चला जा रहा है अभी कभी कुरान की तरफ जा रहा है कभी इधर जा रहा है कभी उधर जा रहा है तो लगता है जो सत्य है सत्य ही है सत्य कभी परिवर्तन चेंज नहीं होता है आप जो बता रहे जो तत्व ज्ञान का बात करते हैं ये लोग मगर तत्व ज्ञान की तरफ तो मैं दिखता नहीं है क्योंकि ये लोग का ना संस्कृत का कोई शास्त्र का ज्ञान है ना
01:12:29:18 कोई ऐसा चीज है जो वो लोग पढ़ के आया है वो लोग का एक रटी रटाई आपका जैसा जो लिख के नंबर लिख के आते हैं उसके बारे में उ उसने खुद ने भी खोल के देखा नहीं है मेरे को ऐसा लगता है तो अभी ये लोग इनसे मगज मारी करना देखिए या तो किसी इंटेलेक्चुअल पर्सन से बहुत बुद्धिमान व्यक्ति हो तो उससे तर्क वितर्क करने में आपको परेशानी हो सकती है और या फिर कोई बिल्कुल ही ममती हो बिल्कुल ही उसके उसने जो है उसकी आंखों पर पट्टी बांध ली और दीवार हो तो या तो उससे आप आपको दिक्कत आ जाएगी बिल्कुल खाली कोरी किताब हो उससे भी आपको दिक्कत आ जाएगी अब मैं दो बातें य चल रही थी वह मैं आपको बता दूं जो बातें चल रही थी वो पूरी कर ले फिर हम आगे बढ़ाते हैं हमारे शास्त्रों में यह लिखा है कि यदि दो प्रामाणिक शास्त्रों में अलग-अलग जगह दो अलग-अलग बातें होंगी तो वह दोनों धर्म है काट नहीं सकते आप मना नहीं कर सकते दोनों को मानना होगा
01:14:05:19 एक एक एक पॉइंट को पकड़ना पड़ता है देखो मनुस्मृति मनुस्मृति सनातन संविधान इसमें दूसरा अध्याय चवा श्लोक जहां पर श्रुति हों में ही विरोध हो वहां पर मनु ने दोनों ही अर्थों को धर्म माना है यह स्पष्ट लिखा है आप यह नहीं कर सकते कि अगर कहीं एक जगह कुछ लिखा है दूसरी जगह कुछ लिखा है तो आप उसको मानोगे इसको नहीं मानोगे यह नहीं कर सकते क्योंकि अगर ऐसा करोगे तो जिसको आप प्रमाण मान रहे हो उसी की वाणी आपके लिए अपमा सिद्ध हो जाएगी तो ऐसी स्थिति में दोनों जगह खत्म हो गया और एक बात यह भाई साहब यह बात बोल रहे हैं काफी देर से कि वीता वेद पुराण इनका मतलब है जो सारे शास्त्रों में मिलकर जो बात आएगी वह हमारे लिए मान्य होगी और जो एक दूसरे से मैच नहीं खा रही होंगी हालांकि मैंने बारबार बोला हिंदी में कि एक दूसरे से मैच खाने वाली बात को आप मानेंगे क्या तो वो उस
01:15:20:21 बात को एक्सेप्ट कर रहा है मगर खुद पूरी बात लंबी बोल करके दोबारा वही बोल रहा है मैं उसको क्योंकि बिल्कुल क्लियर कट पूछ रहा हूं तो वो नहीं उलझा करके दोबारा से बोल रहा है अच्छा अब बात ये है कि अगर गीता वेद कुरान में कोई ऐसी बात होगी जो एक दूसरे से मैच नहीं खा रही है तो यह उसको नहीं मानेंगे इन शॉर्ट ठीक है जो सब में एक जैसी होगी उसको मानेंगे यह कहां का नियम है यह कहीं सनातन सिद्धांत नहीं है कि अगर अलग-अलग चीजें लिखी हो कहीं पर तो उनको मानना नहीं है इसमें तो लिखा है कि अलग अलग चीजें है वो भी धर्म है दोनों धर्म मनुष पति और भी कई जगह आया शास्त्रों में अब एक चीज और बता दूं इनका परम ब्रह्म का खेल जो य कहते हैं ब्रह्म और परम ब्रम अलग अलग है ठीक है तो ऋग्वेद में पहली बात तो हमें यह समझना होगा कि ऋग्वेद में जो शब्द है उन शब्दों का क्या अर्थ लिया जाए यह कहां से आएगा किस शब्द का क्या अर्थ लिया जाए यह कहां से आएगा
01:16:36:16 इसके लिए क्या है तो इसके लिए है निरुक्त इसको अगर हम सरल सरल भाषा में कहे तो यह वैदिक डिक्शनरी है वैदिक डिक्शनरी वैदिक डिक्शनरी का मतलब कि वेद में कौन सा शब्द का क्या अर्थ है वो याग वलक जी का यह ग्रंथ है इसमें लिखता है अगर आप इसको नहीं मानते तो आपके द्वारा वेदों को प्रमाण मानना भी सिद्ध नहीं होता खैर वो तो नहीं मानते प्रमाण जब खुद ही कह रहे हैं कि उनकी कुछ बातों को मानेंगे कुछ को नहीं मानेंगे ना उनके लिए गीता प्रमाण है ना उनके लिए वेद प्रमाण है ना उनके लिए प्रमाण पुराण प्रमाण है फिर भी वो को पवित्र ग्रंथ कहते हैं जिससे कि उनकी दुकानों पर बत्ती जलती रहे इनकी दुकानों पर बत्ती जलती रहे अब निरुक्त में रवे चैप्टर के दव 13
01:17:46:18 10 दव उसम इन्होने क्लियर कर दिया है दसवा अध्याय और और दसवा अध्याय और 13वां अध्याय और दसवा पाद
01:18:34:24 एक दो तीन 812 इसमें इन्होंने बता दिया कि ब्रह्म का अर्थ ही परमात्मा है ठीक है और परम ब्रह्म परमात्मा और ब्रह्म इनमें कोई अंतर नहीं है अब इसका इन्होने उदाहरण भी दिया है उदाहरण में इन्होंने दिया है ऋगवेद दवा मंडल 164 वा सूक्त और 1009 वा 39 वा मंत्र उसमें क्या
01:19:44:28 है 164 वा सूक्त जय श्री राम जय श्री राम 164 वा सूक्त और 39 वा मंत्र
01:20:29:27 [संगीत] इसमें देखिए ब्रह्म का अर्थ ही परमात्मा लिखा गया है ऋग्वेद 1649 मंत्र तो अब पहली बात तो ये आ गई इसके अलावा अनेक जगह पर ब्रह्म परम ब्रह्म इनकी एकता सिद्ध हो रही है वो
01:21:12:09 कैसे कई जगह देवी मां को भागवत जिसम देवी भागवत इसका प्रमाण देते हैं कई जगह देवी मां को ब्रह्म और ब्रह्म की शक्ति एक ही है कहा गया और ब्रह्म देवी और परम ब्रह्म एक है ये भी कहा गया और कई जगह शिव जी को परम ब्रह्म कई जगह शिव जी को ब्रह्म तो इससे भी ब्रह्म और परम ब्रह्म की एकता सिद्ध हो जाती है एक ही को कहीं ब्रह्म और कहीं परम ब्रह्म कहा जा रहा है देवी मां को ही ब्रह्म भी कहा जा रहा है देवी मा को ही परम ब्रह्म भी कहा जा रहा है तो इससे भी ब्रह्म परम ब्रह्म की एकता सिद्ध हो गई सर ये महिमा गान करते समय कहीं कहीं पर तुम परम ब्रह्म हो ऐसे कहा जाता है और कहीं कहीं पर सीधा स्पष्ट बोल दिया जाता है कि हा भाई ब्रह्म इन को समझने के लिए हमें सामर्थ्य वान गुरुओं की आवश्यकता होती है भा य य लि है य लिखा है इस क्या करे मगर सामर्थ वान गुरु वो है जो ऐसा ना कह दे वेद में य गलत लिखा है वेद को ही वो मना कर दे
01:22:27:27 अगर इतने से भी अंश में आपने वेद को मना कर दिया तो आप नास्तिक हो गए सनातन धर्म के अनुसार क्योंकि आपने सुति को मना कर दिया है अब बात य आती है कि गीता वेद पुरान इनके लिए पवित्र धर्म ग्रंथ नहीं है लोग ढोंग करते हैं खामा खा अपनी दुकान चलाने के लिए ब्रह्म और परम ब्रह्म में कोई अंतर नहीं है और यह कोई सिद्धांत नहीं है है कि अगर चार जगह पर चार अलग-अलग तरीके की बात होगी तो उनको नहीं मानेंगे एक जैसी होगी उसी को मानेंगे ये सिद्धांत नहीं है सिद्धांत ये है कि अगर दो अलग-अलग बातें होंगी वैसे ऐसा होता नहीं है वो एक दूसरे का ही सहयोग कर रही होती है अगर हम उनका अर्थ सही करें तो मगर अगर होंगी तो लिखा है ठोक के अगर दो अलग बात होंगी तो दोनों को मानना पड़ेगा आप ये नहीं कर सकते उसको नहीं मानेंगे ठीक है बोलिए राहुल शर्मा
01:23:30:13 जी जी बोलिए जय श्री राम बताइए श्री राम मैं काफी समय से आपसे जुड़ा हूं आपकी वीडियो देखता हूं और समझ रहा हूं ज्ञान चर्चा आपकी जो होती है देखता हूं अच्छा और शास्त्र को समझने का प्रयास कर रहा हूं अच्छा आप भी क्या कहीं किसी प्रकार से रामपाल जी से जुड़े हुए थे क्या नहीं नहीं बिल्कुल भी नहीं दूरी है से अभी समझ रहे हैं क्याय क्या नहीं जी मैं यह बोल रहा था जैसे शरण में जाने को बता रहे वर्ज का मतलब जाना बता रहे हैं तो अपन जैसे हिंदी में एक बात बोलते हैं उसे रोको मत जाने दो इसका दूसरा अर्थ भी होता है उसे रोको मत जाने दो एक बात का दो अर्थ भी होता है हिंदी में भी होता है अरे भैया आपको अभी आप बाहर से देख रहे हो ना तो आपको बड़ा सरल लग रहा है इतना आसान नहीं होता इन लोगों से बात करना क्योंकि ये लोग सर सर को बिल्कुल ऐसा बना के आते हैं चिकना घड़ा इसके अंदर गोली भी मार दो तो अंदर नहीं जाएगी बात की तो बात दूर है
01:24:45:25 सही बात है सही बात है वो बाहर से लगता है कि मैं ये बात बोल दूं जाके फट से अभी देखो हमारी बात वो हो जाएगी मगर हां उनके साथ य आ कर के अपना सर ख पाओगे तब पता लगेगा भैया बड़ी टेढ़ी कीर है अब इनका एक बात आती है उसको मैं क्लियर कर दू ब्रज का अर्थ जोय बताते हैं कि ब्रज का अर्थ अगर आना है तो वह तो पहले से ही भगवान की शरण में है तो अभी इनका कल कोई व्यक्ति आया था वो कह रहा था कि हमारे गुरुजी भले ही वहां रहते हैं कमेंट में जाने कहां कि कह रहा था भले ही हमारे गुरुजी वहां रहते हैं मगर वो हमारे साथ है हमेशा है ना तो जब वोह साथ में है तो इसका मतलब आपको अपने गुरु जी के दर्शन करने नहीं जाना है कभी नहीं करोगे दर्शन जेल में सड़ सड़ के वो चले जाए ऊपर खत्म हो जाए उनकी बॉडी बूढ़े तो हो ही रहे हैं है ना वो अजर वाली बात तो है नहीं कि अजर हो खैर मगर आप कभी भी उनको देखने तक नहीं जाओगे क्या आप तो पहले से ही उनकी शरण में हो
01:26:01:00 तो वो वहां पर शरण में आने को यह कहा जा रहा है कि अब तक तू मुझे जिस रूप में भी जानता था वह ठीक है अब मेरे को तू जान लिया मैं परमात्मा हूं मुझ परमात्मा की शरण में आा मतलब परमात्मा वाले भाव के साथ आ पहले तू शरण में था मेरी सखा के रूप में था बड़े भाई के रूप में था गुरु के रूप में था मेरी शरण में अब तू मुझको परमात्मा समझते हुए मेरी शरण में आप आत्मिक तौर पर आत्मा से आप अभी तक तू शरीर से था अब अपनी आत्मा से आ अंदर से आ तो ये इनकी तरफ से मैं दोबारा विनती करूंगा कोई ठीक ठाक व्यक्ति जो जिसकी जो बात कम से कम करता जानता हो ठीक से वोह आगे आए एक दो मुझे तो कोई लग नहीं रहा कोई ठीक ठाक है इसमें कोई मतलब हिले हुए हिले हुए ज्यादातर आते हैं क्या मैं बताऊ इनकी दुकान पे मैं जाके आया हूं थो इनकी दुकान पे जाके आया हूं पेन ड्राइव में उनकी वीडियो बनाई र है रामपाल जी की और मंत्र के लिए मेरे को दीक्षा चाहिए अंदर लेकर जाते हैं वह वीडियो चालू करते हैं और उसमें पांच मंत्र
01:27:16:01 बताते हैं सत सत तीन बार बुलवा हैं वो सब यह चल रहा है इनका इनकी आज आज इनसे इतनी देर तक माथा पच्ची करने के बाद में ये समझ में आया कि ये क्या करते हैं कि जैसे ही हमने किसी एक श्लोक से ब्रह्मा विष्णु महेश को परम ब्रह्म सिद्ध किया तो ये किसी दूसरे श्लोक से उसको काटेंगे कि देखो यहां पर तो यह लिखा है तो मेरे भाई हमको दो जगह दो बातें लिखी है तो उनका ऐसा अर्थ निकालना होगा जिसमें एक भी बात कटे ना हम यह नहीं कर सकते कि एक इस वाली बात से य वाली बात कट जाए बात अगर आप काट रहे हो तो आपके अनुसार फिर उन दोनों बातों पर विश्वास होना सिद्ध नहीं होता क्योंकि जो एक जगह गलत बात लिखेगा वह दूसरी जगह गलत बात बोलते समय आपको यह नहीं बताएगा कि अभी भी मैं गलत बोल रहा हूं कि सही बोल रहा हूं और बताएगा तो उस पर आप विश्वास करोगे क्या विश्वास जो है क्रेडिबिलिटी खत्म हो जाएगी जैसे ही आपने यह मान लिया कि आदमी झूठ बोलता है झूठ अगर प्रमाण गीता जी का ज्ञान तो बाद में भी दिया गया है बाद में फिर से दिया है य
01:28:31:14 जी को भी दिया है अर्जुन जी को फिर से दिया गया माबाद में है अगर प्रमाण है तो पूरा प्रमाण है प्रमाण नहीं है तो बिल्कुल प्रमाण नहीं है बिल्कुल मत मानो फिर ये मत बोलो गीता पुराण वेद सब में लिखा है कबीर भगवान भाई अपना नया लिखो आपका आधार हम जानते हैं क्या है आपके लिए गीता तब तक सही है जब तक वो रामपाल के विरोध ना हो आपके लिए वेद तब तक सही है जब तक वो रामपाल के विरोध में ना हो और रामपाल का और जो आपकी जो वो है क्या कहते कबीर वाणी कबीर जी की लिखी हुई जो ग्रंथ भी है वह भी तभी तक सही है जब तक वह रामपाल के विरोध में उसम भी है उसमें भी लिखा है मैं वही कह रहा हूं कुल मिलाकर के सभी धर्म ग्रंथ जितने भी है उनकी बातें तब तक सही है जब तक वह रामपाल के विरोध में ना हो तो जब रामपाल अंतिम प्रमाण है तो आप यह बोलो कि जेल से रामपाल प्रमाण है और कबीर जी भगवान है आप ये बोलो जेल धाम में प्रमाण है और कबीर भगवान है यह बोलो इनकी ना दोगली बातें देखो कितनी है ये कबीर दास जी का भी बहुत बड़ा अपमान
01:29:46:18 कर रहे हैं लोग बहुत बड़ा अपमान कर रहे हैं उनका बड़े ध्यान से सुनिए एक तरफ ये कहते है कबीर जी के माता पिता नहीं है एक तरफ कहते कबीर जी के माता-पिता नहीं है और दूसरी तरफ कहते हैं कि रामपाल कबीर दास है और जबकि सबको पता है कि उनके मदर फादर का नाम नंदलाल है और भक्त मती उनकी माता जी का नाम है तो या तो ये माने कि रामपाल कबीर दास नहीं है या फिर माने कि जो कबीर दास है वो जन्मा नहीं है ये साले दोनों दोगरी पं दोगला पंती करते हैं लोग कबीर कबीर सागर में ये भी लिखा है जो शरीर होगा उसकी छाया नहीं होगी शब्दों का उपयोग मत करें बिल्कुल भी किसी के लिए भी नहीं भाई 5505 वर्ष होएगा ना तो शरीर की छाया नहीं होगी ये भी लिखा है कबीर सागर में मैंने पढ़ा है लेकिन ये इनको बताया नहीं है उसकी तो छाया है हम लोग तो वो चीज मानेंगे ना जो हमारे धर्म ग्रंथ है जो वेद है गीता है रामायण है हम तो उनको मानेंगे हमें क्या लेना कबीर वानी से हमारा कोई लिक नहीं उसमें भी है कबीर सागर मैंने पढ़ा है उसको समझना है उसमें भी भगवान के बारे में भक्त थे मेरा जो काम करना है मेरा काम है ना बहुत टफ होता जा रहा है मैं ये देख रहा हूं
01:31:02:14 किसस सब साथ है सब साथ है जी जी जी जी जी कबीर सागर में लिखा है जी कृष्ण भगवान ने गीता जी सुनाई थी अर्जुन जी को यह भी लिखा है राम जी के भक्त थे खा प् प्ले स्टोर ड कर लीजिए कबीर सागर भाई मैंने एक सिपल सी चीज पूछी वो व्यक्ति उसको सच से भागना है उसको तो व क्या करे मैंने उससे पूछा कि थाली में अगर एक झूठा एक थूक का एक बूंद गिर जाएगा तो वो थाली आपकी झूठी हो जाएगी अगर आप भगवत गीता है आपके अनुसार उसम कहीं कहीं पर काल ने झूठ बोल दिया है तो व फिर पवित्र नहीं रह गई उसम दाग लग गया जी
01:31:55:16 इन और इसी प्रकार से वेद ये वेद को भी कह रहे हैं कि अन्य अन्य शास्त्रों से मैच खाएगा तब उसको काट देंगे जब तुम हर चीज को काट रहे हो तो प्रमाण कौन सी चीज है तुम्हारे लिए जिसको काटो नहीं जिसके एक शब्द को भी ना काटो वह प्रमाण कौन सा है नहीं बताते सर अभी ना सुर वो है जेल धाम वो है जेलम में बैठे हुए रामपाल दास जी अभी ना मैं इसकी सुन रहा था अध्याय दो और श्लोक 17 में लिखा हुआ है कि उस अविनाशी का कोई भी उसको काट नहीं सकता या उसका कोई विनाश नहीं कर सकता वो वो दरअसल उसम सांख्या योग आत्मा के बारे में बताया हुआ है तो ये इतनी सी मतलब छोटी सी बात इनके दिमाग में नहीं घुसती यज और आत्मा जो है अध्याय 10 ब 20 में परमात्मा ने श्री विष्णु जी ने बोला कि मैं ही आत्मा हूं जो आपके अंदर बैठा हूं यह छोटी चीज इनको समझ नहीं आती है ऐसा है कई बार हम लोग खुद बात करते हुए किसी को समझाते हुए जब वो व्यक्ति जानता नहीं है मैं ही वो हूं तो वो कहता है वो परमात्मा कौन है कि तू उस परमात्मा तक पहुंचेगा मैं तुझे समझा रहा हूं उस परमात्मा में ये है उस परमात्मा में वो है इस तरीके से थर्ड पर्सन जो फॉर्म होती है उस तरीके से बताते
01:33:10:19 हुए सर्व नाम के द्वारा के उस परमात्मा तक जाना है तुझे वो परमात्मा सबसे पहले ऐसा है वो परमात्मा ऐसा है अब सुन वो परमात्मा मैं ही हूं परमात्मा इसका मैं आपको उदाहरण देता हूं कल एकवा शलोक देखिए आप अरे एक जग वाला शलोक है ना वासुदेव काहा है मुझ वासुदेव ऐसे करके बोला है वो अभी मैंने दिया था भूल रहा हूं वासुदेव जी वाला श्लोक है मुझ वासुदेव की शरण में आजा सातवा अध्याय
01:33:55:26 गु जीी मैंने क्या पाया है वो सब य लोग का सत्संग में गया था ना सत्संग में मेरे को भी बुलाया था मैं गया था तो मैंने वो लोग के साथ बात किया तो खाली वो लोग का खाली पॉइंट लिख के रखा है जैसा य मैंने पूछा आपने अध्ययन किया है कोई शास्त्र का अ संस्कृत आता है संस्कृत में कोई अध्ययन किया है तो किसीने भी आंसर नहीं आता नहीं य लिखा है इधर इधर मिलेगा आप ढूंढो मतलब ढूंढ के भी नहीं दिखा सकते अब किसी को भी चर्चा में आते है बुक ले कोभी नहीं आते वो एक कागज में हुआ इतना इतना लिख के लेके आते है खुद अध्ययन करो ना फिर सत्य सत्य कितने दिन छ पोगे एक दिन तो उजागर होएगा सत्य तो सत्य है व तो कभी छुपता नहीं है मेरे को एक चीज क्या लगता हैह से मा के प्रति ऐसी ये देखिए लिखा है दसवा अध्याय आठवा मैं वासुदेव ही संपूर्ण जगत की उत्पत्ति का मूल कारण हूं मैं वासुदेव ही अब य कृष्ण आ गए ना क कृष्ण बोली है कि नहीं बोली
01:35:11:00 मैं वासुदेव काल होता तो काल बोलता ना अपने को जो इनका वाला काल है मैं वासुदेव और यही कहीं और निवा अध्याय सवा शलोक निकालिए 1 अध्याय सर 10 ब 10 ब 19 में देखोगे उने विष्णु जी का भी आ गया है रेफरेंस वहा मैं वो तो है वो तो मैं धनु धारियों में राम हूं सिवा अध्याय का सवा श्लोक निकालिए आप मैंने अभी आपको भेजा था मॉडरेटर जो है मैं उनको बोल रहा हूं इस समय आप जरा वो एक जगह पर मैंने आपको अभी रेफरेंस भेजे हैं आप वो वासुदेव वाला रेफरेंस जरा दिखा
01:36:16:06 दीजिए आप कौन सा बोल रहे हैं 13 13 कावा 13 अध्याय का सवा 18 62 भी है गीता इसीलिए मुझे इनसे ना शास्त्रों पर बात करने का मन नहीं करता है ये लोग कहते हैं वो धर्म ग्रंथ उठा धर्म ग्र अबे भाई उसको तुम प्रमाण कहां मानते हो जो मैं उठाऊं उसे इनके पास एक भी धर्म ग्रंथ नहीं है एक भी नहीं है इनके पास हां ये देखिए क्या लिखा है पुत गई है इनके द नहीं ये वाला नहीं है दूसरा इसमें वासुदेव कहां लिखा है वासुदेव लिखा है उसमें शुरू में ही हां ये लिखा है लिखा है लिखा है ऊपर करिए ऊपर करिए ऊपर हां कौन सा है 37 वा नौवा अध्याय शायद एक मिनट नहीं नवा तो नहीं हो दसवा अध्याय नव दवा अध्याय 37 वा श्लोक बृष्ण वंश में वासुदेव अर्थात मैं स्वयं तेरा सखा लो श्री
01:37:31:14 कृष्ण ने नहीं बोली ना यहां भी काल ने झूठ बोल दिया भटकाने के लिए जब उसका गीता का पा जब गीता का 5 पर ज्ञान गलत है तो वो पवित्र कैसे रह गया और अगर 5 पर वाला भी पवित्र है तो जो बिल्कुल भी वो गलत ना हो कहीं से भी उसको क्या कहोगे और जो जो पाच से 6 परट हो जाएगा गलत उसको क्या
01:38:04:10 कहोगे कोई और आया है शायद मैं निकलता हूं य चर्चा से बड़ा अच्छा लगा आपका लक जी बड़ा अच्छा लगा आपने समर्थन प्रकट किया सुनता हूं गुरुजी आपका फॉलो करता हूं मैं तो हर नोटिफ आने के बाद मैं आता हूं मेरे को इतना अपने प्रकाश डाल दिया ना मेरा हृदय में मैं तो मैं मेरे को दूसरा जनी दे दिया आपने मेरे को ऐसा लगता है क्योंकि आपने इतना स सज तरह से जो समझा र है ना मेरा जिंदगी धन्य हो गया आप तो मे मैं तो आपको गुरु ही समझता हूं अरे भैया मेरी एक बात सुनते जाइए मैं गुरु नहीं हूं गुरु गोविंद ग्रंथ की कृपा से बहुत उनका कोई शायद पता नहीं कुछ छोटा सा अंश मात्र हूं मुझे गुरु रूप में ना देखें एक मुझे आप गुरु भाई समझ सकते हैं या गुरु तक पहुंचाने वा पहुंचाना रास्ता दिखाने वाला ऐसा कुछ समझिए आचार्य गुरु की संज्ञा मेरे लिए ठीक नहीं है मैं उस योग्य नहीं हूं है ना आप ही जैसा हूं आप ही के बीच का हूं बस थोड़ा सा इधर की ओर ज्यादा
01:39:19:26 बुद्धि लगा ली आपने आपने किसी और क्षेत्र में अच्छे से लगाई होगी यह आप सब लोग जो बैठे हो सबने अपने अपने क्षेत्र में अच्छे से कहीं ना कहीं बुद्धि लगाई होगी मुझे आपके क्षेत्र के बारे में ज्यादा नॉलेज नहीं है मैंने इधर बुद्धि लगा ली ऐसा कुछ नहीं है मेरे लिए गुरु भाव ना रखे मैं आप ही के बीच का आपका भाई हू ठीक है आपका कृपा सदा हमेशा रहे मैं र हर महादेव नमन बोल छूटता हूं फिर फिर मिलेंगे जय श्री राम जय शीम
01:39:54:28 और मैं यह कहूंगा आपसे कि आप धरातल पर भी जुड़े हमारा नंबर तो है ही आपके लोगों के पास धरातल पर जुड़ कर के वाहिनी के लिए धर्म रक्षा के लिए कार्य अवश्य करें गुरुदेव का देखिए आज 83 वर्ष की आयु हो चुकी है 82 वर्ष की और इस आयु में भी वो लगातार पूरे वर्ष भारत भ्रमण करते हैं वो चाहे तो जो अन्य कथावाचक है बहुत बड़े-बड़े अच्छे अच्छे समृद्ध है प्रसिद्ध है और गुरुदेव भी बहुत बड़े बहुत मतलब प्रकांड विद्वान है रामायण के रामायणी है बहुत अच्छे वक्ता है रामायण के तो गुरुदेव चाहे तो इस तरह से कथा वाचन करके और एक सरल और आसान जीवन व्यतीत कर सकते हैं मगर 81 82 वर्ष की आयु में वृद्धावस्था में पैरों का इलाज हो चुका है वल चेयर पर चलना पड़ता है ज्यादातर उन्हें और ऐसे में भी वह लगातार यात्रा करते रहते हैं किसके लिए हिंदुओं के अस्तित्व और आदर्श की रक्षा के लिए तो जब वह
01:41:10:03 82 वर्ष की आयु में हार नहीं मान रहे तो हमें हार कैसे मान लेनी चाहिए सही बात इस हम लोगों को जितना हो सके अपने धरातल पर अवश्य प्रयास करना चाहिए अपने धर्म को बचाने का वरना इस तरह की जो मिलावट वाली दमक है खा रही है हमारे धर्म को समाज को बहुत फैली हुई है बहुत फैली पूरे भारत में फैली हुई है हर जगह य महाराष्ट्र में कोल्हापुर में भी पहुंच गई है एक कुछ लोग यह कहते हैं कि अगर तू इतना ही विद्वान है तो रामपाल जी के पास क्यों नहीं जाता पहली बात तो जब ये ये कह देते हैं कि जब तू इतना ही विद्वान है तो रामपाल जी के पास क्यों नहीं जाता इसका मतलब इन्होंने माना कि यहां पर जो लोग आए हैं वो लोग मुख खाए पहली बात तो यह है दूसरी बात यह है रामपाल जी इतने विद्वान थे तो किसके पास चले गए थे किसके पास चले गए थे किससे शास्त्रार्थ कर लिया था और दूसरी बात भाई रामपाल जी के जेल धाम में पहुंचने के लिए शास्त्रार्थ
01:42:25:12 हेतु पहले तो मुझे कोई क्राइम करना होगा यानी कि यानी कि धर्म का धर्म के विरुद्ध अधर्म का पालन करना होगा तब तो मैं उनसे श वो चर्चा करने पहुच जेल धाम में नाम बड़ा अच्छा दिया उन्होने जेल धाम यह कौन से शास्त्र में लिखा है यह तो मुझे लगता है ना कुरान में लिखा होगा ना बाइबल में लिखा होगा ना वेद में लिखा होगा ना पुराण में लिखा होगा जेलम उनको मंदिरों से नफरत है जेल से नहीं है हा 11 11 नियम है 11 नियम लेते हैं पहले देखा है मैंने पूरा लिस्ट किसी मंदिर में नहीं जाना है घर में देवी देवता की फोटो नहीं रहनी चाहिए रामपाल जी की फोटो रहनी चाहिए और घी का दीपक जलाना चाहिए 24 घंटा ऐसे ऐसे नियम है इनका ये कहते थे मंदिर के अंदर पुजारी ताला लगा के रख लेता तो भगवान का भगवान कोर अब ये जब जेल में चले तब क्या हो रहा है तब वो जेल में बंद
01:43:26:08 ना तिलक लगाना है ना कंटी प कुछ भी नहीं बहुत गरा नियम है दे बत मिस लीड करते हैं लोग और लोगों कोम करना है भ्रमित करके धर्म भ्रष्ट करा रहे हैं हा धर्म जी इतनी गहराई से हो रहा है इनको वापस लाना मुश्किल होगा से मानने को तैयार नहीं नहीं कितना हम लोग डिटेल में बात करें वो डिटेल से भागते हैं जब आप कोई बात बोलते हो तो हम उस बात को ले लेते हैं एक एक शब्द की फिर व्याख्या करते हैं इसको व्याख्या करने को कहा जाता मीमांसा हम लोग मीमांसा करने बैठ जाते हैं भाई आपने कहा कि सद ग्रंथ पवित्र सद ग्रंथ तो पवित्र का मतलब है कि उसमें गंदगी नहीं होनी चाहिए तभी तक वो पवित्र है अगर उसम
01:44:25:12 गंदा है तो वो पवित्र नहीं है तो पवित्र कहना बंद करो गीता तेरा ज्ञान अमृत अरे भाई मा लिखो गीता तेरा 95 प्र ज्ञान अमृत 5 पर गलत है कोई लेगा इनकी गीता बिकना बंद हो जाएगी तो कवर पर लिखते हैं बढ़िया बढ़िया और अंदर लिखते हैं खंडन जिसके नाम से बेच रहे हैं किताब उसी का खंडन जी ह जी जय श्री राम जय श्री राम राधे राधे हरे कृष्णा राधे राधे जी जी हम यहां पर आपका स्क्रीन देखते हैं रोज यहां पर रोज जो आप चलाते हैं लोगों का इतना अच्छा से मतलब बहुत कॉमेडी भी लगता है और बहुत ज्ञानवर्धक भी होता है और मतलब कैसे आखिर ये लोग रामपाल जी के लोग वहां पर चले गए हैं मतलब इतना सा भी नहीं है कि जो थोड़ा सा देख ले पढ़ ले अच्छा से स्वाध्याय करे वो लोग उतना नहीं करते केवल बोलने आ जाते हैं यहीं परले कमजोरी एक ही है
01:45:40:12 मैं कॉलेज में र बता बोल लीजिए आप जी मैं कॉलेज में था ना तो कॉलेज में ना मेरे एक मित्र था जो कि रामपाल जी का फॉलोवर था और वो बहुत कुछ ही ज्यादा उस चीज के बारे में बोलता था ठीक है तो हम कृष्ण जी का पूजा करते हैं तो वहां पर बोलता था ये आवाज आ रही है कहीं से वेणी माधव आप तो आ चुके हैं शायद
01:46:25:15 नहीं ऑन करिए अपना अन म्यूट करिए एक एक मिनट जय ह जी की बात लेले एक मिनट ह जी वापस आ गए जी ह जी बताइए जी जो वहा जो मेरे मित्र था ना तो रामपाल जी का फॉलोवर था तो बहुत सारा बात बोलता रहता था कि रामपाल ही भगवान है रामपाल संत है सत्व दर्शी है तो उनका बात हम नहीं मा ने हर जगह देखे तो बहुत बुरा लगता था कृष्ण भगवान का भद्र था भद्र टिप्पणी बहुत सारा जगह है वो मेरे से बोलता था कि सबको वही दिए हैं ज्ञान जैसे माता मीराबाई और वही क्या नाम है संत उनके गुरु रविदास जी महाराज तो सबको वही ज्ञान दिए ऐसा सा बात बोलते थे दिमाग बहुत ही गर्म हो जाता था लेकिन जब हम पूछे उससे कि इसका क्या प्रूफ है कि भाई माता मीराबाई उनके पास गई या फिर जो सीधा कृष्ण जी का पूरा लिखी है पद सब तो वो कैसे रामपाल जी के फॉलोवर हो गई तो उसके बारे में उसके बारे में कोई प्रूफ नहीं था उसको फिर हम दोहा सब जो राम जी का है रामचरित्र
01:47:40:26 मानस वो सब दिखाते थे तो लोग मानता ही नहीं है तो वही वही बताने के लिए मेरा य एक्सपीरियंस था कि वो लोग ज्यादा पढ़ता नहीं है केवल आकर के जो बहुत हाईटेड जो हाईलाइट है ना लोग आपने एक बात देखी जितनी बार मैंने उससे कहा वो ऋग्वेद का कौन सा मंत्र है तो उसने शुरू से स्टार्ट किया अंत तक जैसे जैसे ऐसे नहीं कहते भाई रेल के बारे में अगर पूछ लिया तो रेल गाड़ी च जो चालू करते ना पूरी रेल गाड़ी ही चलेगी फिर जी अगर मैंने उन्होंने बोल दिया मैंने बोला वो बोले ऋग्वेद दसवा मंडल और नंबर कुछ था और उसके बाद मंत्र क्रमण मैंने मैंने मैं पूछ रहा हूं ऋग्वेद मैंने खोल लिया है दसवा मंडल मैंने खोल लिया है सूक्त मैंने बो खोल लिया है अब मुझे मंत्र बताओ तो नहीं मंत्र नहीं बताएंगे पीछे से ही आएंगे तो इसको कहते हैं रट विद्या उनको सीधे मंत्र का नंबर नहीं आ पाएगा जुबान पे वो पीछे से आएंगे तब वो जुबान प आएगा जैसे कुछ चीज हमने जैसे कुछ चीजें हमने रटी होती है बचपन से तो उसमें क्या होता है रटी हुई चीजों में अगर हम
01:48:55:28 कहीं भूल रहे होते तो हम पीछे से दोबारा चालू करते हैं करते हैं ना फिर आगे तो इनका वही हैनसे मंत्र पूछोगे तो मंत्र नहीं बताएंगे नहीं फ फलाना मंडल फना उसके बाद यने एक चीज डिसाइड की है कि अब जब रामपाल वाला कोई व्यक्ति आएगा तो मैं उससे सीधे बात करूंगा ईश्वर सर्व शक्तिमान है ना साकार निराकार इन पे इनका मुह धुआ हो जाता है तुरंत अगर इन्होने क अगर इन्होंने कहा कि सद ग्रंथों से बात करो तो मैं कहूंगा पहले उसको पवित्र सद ग्रंथ सिद्ध कर कि आप मानते हो किय पवित्र है बस और कोई नहीं और कोई बात नहीं होगी तुम इसको पवित्र सिद्ध कर दो तो मैं इससे बात करू अगर तुम्हारे लिए पवित्र है तो इसको पवित्र सिद्ध कर दो तो तो मैं इससे बात करूं क्योंकि जितनी बार मैं कोई प्रमाण दिखाऊंगा तो अंदर की तरह छलांग माल के दूसरी डाल पे फिर वहां से दूसरी डाल पे तीसरी डाल पे ये जो ह भैया कह रहे हैं ना जी जी आफ्टर हैंड एक बात आफ्टर हैंड एक बात क्लियर हुई कि इनका ये सिद्धांत है कि भाई इसमें जो
01:50:11:01 बात होगी हमारे मन मुताबिक नहीं होगी तो हम दूसरी से उसको काटेंगे उसमें जो बात हमारे मन मुताबिक नहीं होगी उसको हम उसी से काट देंगे गीता से ही वेद की बात भी गीता से काट देंगे तो तो यह कहीं का नियम नहीं है कि आप किसी दूसरी बात के आधार पर किसी पहली बात को काटो काटने का नियम है ही नहीं तो या तो पवित्र सिद्ध करो या काटने का नियम सिद्ध करो तब हम जो है आपसे शास्त्रों पर बात करेंगे वरना सीधे सधे कबीर को भगवान सिद्ध करो आप रामपाल के अनुसार बात खत्म भविष्य पुराण में कबीरदास जी का भविष्य पुराण में दिया कबीरदास जी का
01:50:55:12 पज नंबर पर में है भ पुराण में अध्याय खंड दो में हैज नंबर मैंने दिखाया तो अभी दो दिन पहले य ह भया मीरा जीी रेफरेंस ले रहे उसम किसी हमारी बहस हुई तो कते उने क की भक्ति छोड़ मीरा जी ने तो कबीर दास जी कर ली मैं अच्छा लास्ट में जा श्री कृष्ण की मूर्ति कसे च
01:51:32:22 तो लोग इस कहते हैं कि जब से वो लोग संत रामपाल जी के मतलब संत कबीर जी के शरण में गई थी माता मीरा भाई तब से व पद लिखना छोड़ दी रे अभी जो आए व कहा चले गए उनको दोबारा लीजिए चले गए वो उनको लेने वाला था वो तो फाइनल में अपने उनकी मूर्ति में जी श्री कृष्ण जी कहां गए भैया अभी आए थे जो आप दोबारा जवाइन करें लिंक दे दीजिए बस अब और कोई बात नहीं करेंगे अब हम यही बात करेंगे कि भैया या तो तुम उसको पवित्र सद ग्रंथ सिद्ध करो या अपना यह नियम सिद्ध करो कि एक बात नहीं माननी है दूसरी माननी है किस आधार पर ये लोग यह कहते हैं कि हम लोग शास्त्रो चित भक्ति करते हैं जबक इनकी सबसे ज्यादा शास्त्रों के विरुद्ध है द
01:52:27:24 म शलोक का चुनाव मनम और हम शास्त्रों के अनुकूल भक्ति करते हैं वाह भैया इनके पास एक भी ग्रंथ नहीं है एक भी ग्रंथ नहीं इनके पास इसीलिए मुझे मुझे आनंद उसी में आता है सीधे बोलते हैं क्या आपका ईश्वर सर्वशक्तिमान है बस उसी पर खत्म हो गया टॉप द ट्रेन पुल चन आप एक स्लेट के ऊपर ना ये लिख के रख लो क प्लस बी प्स आर लिखकर दिखाओ अपने हमारे वेद और गीता में सामने स्लेट रख दिया करो कि ये स्पेलिंग है ये दिखाओ भाई और कुछ नहीं बात करने की जरूरत है इनसे हा अगर शास्त्र की बात करनी है अगर शास्त्र की बात करनी है तो ये दिखाओ बस और इधर उधर की बात मत करो प्स बी प्स आर और साथ में डंडा रख लो क्या अगर झूठ बोलो तो यही से डंडा
01:53:18:28 पड़ेगा अरे अभी वो भाई आए थे कहां चले गए उनका क्या नाम वेण माधव ण माधव मिता जी जी जय श्री राम जय श्री राम वेणी माधव जी बताइए माधव जय श्री राम मैं एक बात और कहना चाह रहा हूं जो भी हमें देख रहे हैं हमारे कुछ प्रकल्प चल रहे हैं जैसे कि अभी य पर लाइव स्ट्रीम इंफॉर्मेशन करना और ऐसे पाखंड का विरोध करना तो आप लोग यथा सामर्थ छोटा छोटा सा अगर आर्थिक सहयोग कर सकते हैं तो आप हमें उसके लिए संपर्क करें पर
01:54:04:19 74836 वहां पर आप बहुत छोटे से अमाउंट से भी आप मासिक रूप से अगर हमारी मदद करेंगे तो हमारी बहुत सहायता हो जाएगी हमें बहुत सारे काम करने हैं कार्य करने होते हैं मंदिरों में हम लोग गोष्ठी इसी प्रकार से करते हैं कि हिंदुओ में जागरण हो स्कूलों में जाकर के हम बच्चों को पढ़ाते भी हैं जिससे कि वह आने वाले समय में ऐसे तंत्रों में ना फसे मुस्लिम ना बने क्रिश्चन ना बने और उनका धर्म परिवर्तन ना हो ब्रेन वश ना कर पाए कोई और इसके साथ ही साथ भंडारा इत्यादि आयोजित होता है संस्था की ओर से और सबसे बड़ी बात है टू पर अभी हमें जो स्ट्रीम यार्ड वगैरह के सब्सक्रिप्शन लेना है इसके अलावा ये इस प्रकार की जो चर्चाएं होती है उसको आयोजित करने के लिए कहीं कहीं हम जाते हैं यात्रा करते हैं वहां रुकते हैं आना जाना होता है और कभी-कभी ऐसा भी होता है कि सामने वाला समय नहीं दे रहा है तो उसको यह हमारे विद्यालय में जाकर के जो हम पढ़ाते हैं बच्चों को उसका आपको दृश्य दिख रहा होगा तो इन सब प्रकल्प को चलाने के लिए अर्थ की आवश्यकता है गौ गोपाष्टमी का आयोजन भी करने वाले हैं और गौ माता को लेकर के एक विशेष
01:55:19:19 अभियान चलाने वाले हैं तो जो अगर आप छोटी सी राशि से सहायता करने की इच्छुक हो इन प्रकल्प में वह करें और उससे भी प्राथमिकता है इस बात की सबसे ज्यादा प्राथमिकता है कि यदि आप धर्म का धर्म की रक्षा करना चाहते हैं तो अपने निकटतम मंदिर में धरातल पर उतर करके साप्ताहिक गोष्ठी करिए हिंदू रक्षा गोष्ठी अपने लोगों को आमंत्रित करिए और वहां पर यह जो इनफॉर्मेटिव बातें हैं वो उनके साझा करिए गुरुदेव के वहां पर वीडियोस चलाइए प्रामाणिक आचार्यों के वीडियो चलाइए यह देखिए गुरुदेव जो है इस आयु में किस प्रकार से यात्रा करते हैं पूरे भारत में सनातन धर्म के सर्वोच्च पद पर बैठे बैठने वाले शंकराचार्य हैय देखिए कैसे बैठे हुए हैं क्यों बैठे हुए हैं क्योंकि इनको चिंता है धर्म की
01:56:23:20 है ना तो आप लोग इतना ना करें मगर अपने आसपास के मंदिरों में आप लोग अवश्य ही धर्म रक्षा गोष्ठी अवश्य करें और जी जी गोष्ठी करने में सहायता के लिए जो निर्देशन चाहिए किस प्रकार होनी है तो गोवर्धन मठ की ऐप है वहां पर आप जाइए वहां आप उसको रजिस्टर्ड कर लेंगे अपना वहां से आपको सारी चीजें उपलब्ध हो जाएंगी किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं 7408 30169 यह बहुत आवश्यक है मोबाइल ऑन करके लाइव स्ट्रीम में जुड़ना आसान है धरती पर उतर करके धर्म रक्षा करना मायने रखता है ध्यान रखिए जी वेणी माधव जी बताए जय श्री राम जय श्री राम जी मैं मिथिला से हूं मैंने आपका एक वीडियो देखा था य पर कि पूरी शंकराचार्य जगतगुरु जी से दीक्षा कैसे ले उसके बारे में आपने बताया था कि वह जहां भी गोष्ठी करते हैं उसके अंत में वहां उनसे दीक्षा ली जा सकती है तो हम कैसे पता करें कि वो कहां आने वाले हैं मिथिला के क्षेत्र में गोवर्धन
01:57:38:25 में गोवर्धन मठ की जो प है उस पर यह आता रहता है कि अब गुरुदेव कहां जा रहे हैं तो उस पप को आप डाउनलोड कर लीजिए गोवर्धन मठ का चैनल भी है व चैनल टेलीग्राम चैनल हमारा चैनल हमारा वहां पर भी आपको य मिल जाएगा गुरुदेव कहां है इस समय 26 तारीख को गुरुदेव पहुंच रहे हैं जमशेदपुर जमपुर ज्यादा ज्यादा दूर नहीं है वो आपसे वहा आप जा सकते हैं मैं जमशेदपुर में रहता हा तो आप जाइए दर्शन करिए आपका भाग्य सौभाग्यशाली है आप वैसे मैं जगतगुरु जी का प्रवचन हर रोज सुनता हूं उनके कुछ उपनिषदों का ब्रह्मसूत्र आदि का भी अध्यन करता हूं उनसे आप ये देखिए ये ऐप है जो आपको स्क्रीन पर इस समय दिखाई जा रही है यह ऐप है गोवर्धन इसको डाउनलोड कर लेंगे आपको सारी सूचनाएं मिलती रहेगी जी जी राजकुमार हिंदू जी बताइए जय श्री
01:58:46:03 राम माइक ऑन कर हां मैं तो इस चीज को आगे लेकर चलूंगा और मैं आपसे इस बारे में व पर बात भी करूंगा कि हमें क्या करना है कैसे क्या जो भी है सारा जितना भी मैं हो सकता है उतना तो करूंगा बिल्कुल ठीक बहुत नने पास वाले मंदिर में बिल्कुल बकुल मैं मंदिर में जो भी होगा वो मैं आपसे एक बार बात कर लूंगा प और जो भी आप बोलोगे वैसा करेंगे आप जी बहुत बढ़िया धन्यवाद हम सबको स्वयं कुछ ना कुछ करना होगा तभी हमारा धर्म रक्षित होगा बिलकुल हाथ प हाथ र के बैठने से नहीं होगा प्रभु
01:59:36:24 जी मैं इधर ही एक संस्कृत विद्यालय में अध्ययन करता हूं मैं मेरे पास अधिक समय नहीं रहता मैंने ट पर इसी लोगों वाले एक मतलब ट पर आपसे बात की थी यही लोगो लगा हुआ था आपका जो यह पुस्तका है तो मैं उस पर आपसे बात कर रहा था मैंने कहा कि छोटा मोटा जो अध्ययन संबंधी सहयोग हो सकता है मैं कर सकता हूं मुझे शलोक हुआ था आपने वो फम भरा है आपने धर्म रक्षा के सहयोग का फॉर्म भरा है ना तो आपसे हमारी टीम संपर्क करेगी संपर्क करेगी क्योंकि जहां धर्म होता है ना वहां मर्यादा होती है तो हम अर्थ को लेकर के बहुत ज्यादा संपन नहीं है आर्थिक संसाधनों से उतने ज्यादा संपन्न नहीं है तो हर चीज थोड़ा उसमें समय लग जाता है इसीलिए आप लोगों से अभी अभी कहा कि थोड़ा थोड़ा अगर आप लोग सहयोग करें तो इस अभियान को बहुत बल मिलेगा जैसा भी जिसका भी हो आपके पास विकल्प है एक रुप प्रतिदिन से लेकर के 1 रप रप जो भी आप मतलब मासिक रूप से 31 51 अगर कर सकते हैं तो वो कर सकते हैं मगर अगर आप
02:00:52:02 थोड़ा सा भी सहयोग करते मगर सबसे ज्यादा आवश्यक यही है कि आप अपने घर के पास वाले मंदिर में गोष्ठी करें और वेणी माधव जी आपसे संपर्क किया जाएगा बक जब आप गोष्ठी करने जाते हैं तो ये याद रखिएगा कोई आए या ना आए आप शंकराचार्य के सैनिक है और आपका काम है धर्म की रक्षा आपको वहां पर बैठना है चाहे कोई आए या ना आए है ना जी जी धीरे धीरे लोग जुड़ेंगे
02:01:27:13 हा एक साथ धीरे-धीरे जुड़ेंगे लोग हमसे एक साथ तो जुड़ नहीं सकते कोई भी जी जी अजय विशाल भाटिया जी अजय तिवारी जी बोलिए विशाल जी कहां गए अच्छा ज्यादा लोग हो गए हैं क्या कुछ लोग हटाने पड़े ठीक है जिनकी बात पूरी हो गई हो वो थोड़ा सा स्टेज खाली कर दे इनकी बात पूरी हो गई हो ठीक है अब जोड़ लेते हैं विशाल जी जय श्री राम जी विशाल जय श्री राम जी व जो आप जिस अभियान की बात कर रहे थे मेरा एक अनुरोध है कि आप एक बार मैं कानपुर में रहता हूं तो हमारे यहां कानपुर में हनुमान जी का एक पॉपुलर एक मंदिर है पंकी मंदिर आपने सुना होगा मैं दर्शन किए वहा कई बार किए है दर्शन अरे वाह तो आप एक बार वहां पर आए और जो जितने भी सनातनी लोग है मैं चाहता हूं एक बार
02:02:42:21 सब कुछ संबोधन कुछ करें तो हा आप जो है आयोजन कर लीजिए हम वहां पहुंचेंगे ठीक है अच्छा एक चीज के लिए मैं आपको हृदय से आभार व्यक्त करना चाहूंगा जो अभी आपने आज सुबह एक ज्रज को व्रज शब्द को लेकर जो आपने रील पोस्ट की थी आपने टा पर जी जी मैं ना एक चीज आपको दिखाने वाला हूं यह मेरे पास भगवत गीता है ये तो यही जो गवा अध्याय है ना आप जब भगवत गीता का जो प्रत्येक अध्याय है ना आप जब उसके लास्ट में पढ़ेंगे तो उसमें लिखा होता है ओम तत्स श्रीमद् भगवत गीता सुनिस ब्रह्म विद्या योगशास्त्र श्री कृष्ण अर्जुन संवाद ठीक है तो आप जा एक एक अध्याय के बाद आपको य अध्याय मिलेगा ये तो नहीं लिखा काल अर्जुन संवाद सभी अध्या में यही लिखा हुआ है कृष्ण अर्जुन संवाद बकुल है ना बात य देखो य तो एक छोटा सा फैदान है मगर कुल मिलाकर बात यह है इनसे शास्त्रों पर बात अब करनी नहीं है पहले शास्त्र को सिद्ध करो कि आप शास्त्र को शास्त्र मानते हो शास्त्र को आप प्रमाणिक मानते हो तब तो बात करें क्योंकि हम जो बताएंगे आप तुरंत दूसरा छलांग मार के मोगली बन जाओगे आपको शास्त्र नहीं मानना है
02:03:58:00 शास्त्र में वो देखना है कि हमारी बात कहां पर लिखी है बस बिल्कुल बिल्कुल बस वो मानना है यह देखो ये सबसे ज्यादा मैंने य वाली गीता दिखाते संधि विच्छेद वाली दिख रही है आपको ये यही मेरे पास है यही मेरे पास है जय दयाल गोविंद का जी की होगी हा उन्हीं की है ये मेरे पास तत्व भी है साधक संजीवनी भी है प्रभु संजीनी भी है गीता प्रबोधनी भी है अच्छा मैं एक बात कह रहा था कि हम लोग य जो लाइव रखते हैं जी जोय लाइव रखते हैं इसके लिए जो लोग जुड़े हुए हैं वह कमेंट कर दे कौन सा समय उनके लिए सुलभ है दो पाच छ या आठ क्योंकि रात रात में बहुत ज्यादा लेट हो जाता है तो आप जो है कौन सा समय आपके लिए उपयुक्त है मैं बस एक अपनी बात रखूं फिर मैं जी विशाल जी बोलिए अब ये देखिए ये लोग गीता का ये दिखाते हैं कि मैं काल बोल रहा हूं श्री कृष्ण का ये जो अब ये वही 11वां अध्याय मैंने खोला उसका मैं ये 35 श्लोक मैंने खोला है उसमें लिखा है संज उवाच तत्वा
02:05:13:03 वचनं केशवसुत धारी अर्जुन ने हाथ जोड़कर उनको नमस्कार करके यहां पे संजय कह रहे हैं केशव भगवान के ठीक है संजय हुवा में ना हा 11 अध्याय का येय 35 लोक ये लोग यह बोलते हैं कि श्री कृष्ण के शरीर में काल ने आकर बोलिए तो वही तो कह रहे सुनो अब य केशव कह र शास्त्र के ऊपर बात करने का तरीका ये है कि पहला तरीका यह है कि पहली बात तो आप साबित करो कि आपके लिए पवित्र प्रमाणिक है दूसरी बात यह है कि यह सनातन सिद्धांत दिखाओ कि अगर यहां यह लिखा होगा य य लिखा होगा तो नहीं मानोगे अलग अलग बातों को छोड़ दोगे तीसरा स्ट्रेटजी यह भी है इनसे बात करने की अब कि जैसे यह कह रहे हैं कि जो इनकी बात है वह सही है तो अब जैसे यह करते हैं कि भाई तुमने य य बात बोली य तो यह कह रहे जो स्ट्रेटजी य अपना रहे तुरंत दूसरी डल पर बैठने के लिए तो हम भी तो कर सकते हैं वो चीज तो ये बात है इनका मतलब इनका जो माइंड है वो
02:06:28:03 ऐसा पत्थर बन चुका है इनका माइंड ऐसा पत्थर बन चुका है कि उसमें आप ड्रिल मशीन भी चला दोगे तो अंदर नहीं घुसेगा नहीं घुसेगा उस उनको हरियाली नहीं दिखेगी इसीलिए इनका मुंह बंद करने के लिए जो सार्वभौम सिद्धांत है उनकी बात मैं करता हूं इसीलिए ये कई बार मेरे से बोला जाता है कि तुम शास्त्रों की बात नहीं करते हो शास्त्रों की बात करे क्या भाई जब तुम उसको प्रमाण नहीं मानते हो कई बार बोला जाता है अब सीधी बात अगर इस पर आ जाए कि क्या कबीर सर्वशक्तिमान है अभी देखो अभी यह जो आए थे इतनी देर जो बकवास की इन्होने सब खत्म हो जाता सर्व शक्तिमान की बात पर हर विरोधी तंत्र नष्ट हो जाएगा बिना शास्त्रों पर चर्चा किए ही क्योंकि शास्त्रों खोलेंगे उसमें तुम कहीं प्रमाण मानते हो कहीं नहीं मानते हो मगज मारी चार घंटे के बाद निष्कर्ष कुछ नहीं कुछ नहीं निष्कर्ष चलिए जी अवारी जी बोलिए जी विशाल जी आप बात पूरी कर लीजिए इन दिनों अभी ये लोग रामचरित मानस पर आजकल यह लोग बहुत बोल रहे हैं इनको राम चित मानस में कबीर दिख गए सुनने में आ रहा है मेरे को अभी ये जो एक एक और जो हमारे एक मित्र है भागवत भागवत वचन नाम से जो इं पर चैनल चलाते हैं मैं भी
02:07:43:06 उनका देखता हूं तो अब जैसे रामचरित मानस का सुंदर कांड है उसमें हनुमान जी भीषण को बोलते हैं कि अगर कोई सुबह सुबह हम लोगों का कोई नाम लेता तो उसको खाना नहीं मिलता रात लीज नाम हमारा त दिन ताही ना मिले आहारा तो इसमें ये लोग बोलते हैं कि क्योंकि हनुमान जी ने कहा कि हमारा सुबह कोई नाम लेता है तो उसको खाना नहीं मिलता इसलिए हमको हनुमान जी की पूजा नहीं करनी चाहिए जबकि मैंने जहां तक समझे उन्होंने भी बताया कि वहां पर हनुमान जी वो अपनी दनता को प्रकट कर रहे हैं जो जैसा उनका स्वभाव हैकी उदारता है कि वो ऐसा बता रहे हैं कि भाई कि मैं मेरा जो जीवन शैली ऐसी है कि अगर मेरा कोई वो कर ले साक्षात्कार तो दिन भर ऐसा होगा मगर वहीं पर दूसरी बात यह भी तो है कि जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो गुरुदेव की नाई जो सत बार पाठ कर कोई छूट बंदी महा कोई इनका क्या नारा है जय बंदी छोड़ इनका क्या नारा है और कौन किससे बंदी बंदी किससे छूट रही है छूटे ही बंदी महा सुई छूट बंदी मई सुंद प कह रहे हैं ना उसी सुंदर कांड के मंगलाचरण में हनुमान जी का एक श्लोक गोस्वामी जी ने लिखा है अतुलित बलधाम हेम शैला बदेह धनु
02:08:58:08 जवन कृषण ज्ञानी नामा अग्र गणम सकल गुण निधानम वान राणा दशम रघुपति प्रिय भक्त बात जात नमामि जय श्री राम ज ठीक है सभी का आभार आप लोग गोष्ठी शुरू करिए अगर प्रकल्प से जुड़ना है और तो आप जो है व पर हमसे संपर्क करें और फिर आते हैं जय श्री राम आप कुछ कह रहे हैं जी जी मेरा एक कुछ प्रश्न आ गया था तो पूछ ले आवाज बहुत कम आ रही है आप मैं बोल रहा था कि एक प्रश्न मेरे मन में आ गया तो मैं सोचा पूछ लू आपसे अभी हा आपने एक बार कहा था अने लाइव स्ट्रीम में शंकरा जी ब को मानते तो उस पर मेरा ये प्रश्न आ गया था कि बली होता है तो उस पर क्या म आप ये बताइए आप यह बताइए जैसे मान लीजिए हमारे घर में किसी की कोई रोगी हो जाए बहुत ज्यादा और उसको जो है फिश यल की आवश्यकता पड़े हदय
02:10:13:20 रोग के निवारण के लिए उस स्थिति में आप दवाई लाएंगे उनके खाने की लिए नहीं खाए आज जो हमारा समाज है शाकाहारी होते हुए भी दवाई के रूप में औषधि के रूप में इनके प्रकार पशु से निर्मित उत्पाद ले रहा है ले रहा है ना उसी पर लगाम लगाने के लिए धर्म के द्वारा बली इत्यादि का प्रावधान है इस तरह की स्थिति से निकलने के लिए आज हम जो खुला तरीके से ले रहे हैं आज हम जो निर् दंद होकर के ले रहे हैं उसी को उन्होंने सिस्टमाइज की धर्म ने शंकराचार्य जी ने नहीं शास्त्रों ने उन्होंने उसको सिस्टमाइज किया है कि आप ऐसे नहीं ले सकते किसी का मास किसी का पशु का वो उसमें भी आपको तरीके से लेना होगा वो तरीके का नाम है वो भेंट बली का अर्थ होता है भेंट और कहीं कहीं पर इन परंपराओं का जो पालन हो रहा है जैसे वहां पशुबली होती है तो ऐसा नहीं है कि अगर आपको आवश्यकता नहीं है फिर भी आपको पशु बली देनी है वो लोगों का अपना वो है चुनाव बली
02:11:28:22 का अर्थ है कि वहां पर आप जो है कुछ आटे का गुता हुआ भी बना सकते हैं और उसको भी भेंट स्वरूप प्रदान कर सकते हैं बलि का अर्थ है शाब्दिक अर्थ भेंट अब कोई उसका दुरुपयोग कर रहा है कि बली किसी कारण वश आपको दी गई है मगर क्योंकि कारण वश दे दी गई तो अब हम हमेशा करेंगे और तो और अगर व्यक्ति केवल बलि के ऊपर ही आश्रित हो जाए मास खाने के लिए तो मास खाना बहुत कम हो जाएगा दुनिया में क्योंकि बलि देने के लिए बहुत बड़े विधि विधान होते हैं बहुत सारे विधि विधान होते हैं मगर अगर जो व्यक्ति धर्म के नाम पर बलि देते हुए मांस खा रहा है वह धार्मिक इसलिए सिद्ध नहीं होता क्योंकि बली के द्वारा मास तो दिया मगर कसाई के द्वारा मास मना है मना है तो व्यक्ति क्या कर रहा है इधर तो देखो देखो बली बली है बली बली से अपने उसको जस्टिफाई कर रहा है मांसाहार को और फिर पूरे साल व मांस खा रहा है बिना विधि वाला तो उससे क्या है उसके जीवन में अगर वह इस पर आ जाए कि मैं सिर्फ बली का ही मांस खाऊंगा तो थोड़े ही दिन में उसकी मास खाने की प्रवृत्ति भी
02:12:43:24 नष्ट हो जाएगी क्योंकि बलि देने के लिए तमाम सारे विधि विधान होते हैं जैसे मान लीजिए कि किसी ने कहा कि मुझे जो है मदरा पान करना है तो उसके पिता ने उसको मना नहीं किया मना कर देंगे तो विरोधी हो जाएगा बागी हो जाएगा है ना तो इसलिए उसके पिता ने उससे कहा एक काम करो 25 किलोमीटर दूर पैदल जाओ और वहां से पैदल वहां पर तुमको एक पैक मिलेगा मदरा का एक ढक्कन मिलेगा उसको ले आओ फिर यहां पर लाकर के घी तेल बाती यह सब करके पूजन करके उसके बाद ही तुम उसको पीना मतलब तुम्हारे सात आ घंटे जो है 10 घंटे नष्ट होंगे तब आपको एक घूंट जो है वह पीने को मिलेगी तो इसमें वह बा नहीं होगा और उसके मन में धीरे धीरे इस परिसंघ विधि के कारण उसके जीवन में मधरा के प्रति जो आसक्ति है उसमें न्यूनता आएगी जैसे हमारे आज भी हमने देखा होगा कि हम मंगलवार को य मंगलवार को वो नहीं खाते हा जी हा जी यह परि संख्या विधि है मंगलवार के दिन अपनी
02:13:59:10 आसक्ति हों पर लगाम लगाना सीख रहे हैं हम कि हम कैसे बिना प्याज लहसुन के रहे या कोई अगर कोई और आपत्ति जनक खाद्य पदार्थ ग्रहण करता है तो हम उसके बिना कैसे रहे एक दिन हम सीखते हैं यही पर संख्या विधि भेंट वो भेंट बली इत्यादि के रूप में दी गई जिसका दुरुपयोग लोगों द्वारा किया जाता है ठीक है तो इन शॉर्ट अगर सूत्रम शैली में बोले तो जो बलि इत्यादि है भेंट इत्यादि है वो अधिकार नहीं अनुमति है अधिकार नहीं है अनुमति है हमने तुमको अलाउ कर दिया इस इस स्थिति में इस इस तरीके से आप खा लेना मगर उसने क्या किया कि अनुमति को अधिकार समझ लिया व्यक्ति ने ये तो मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है है ना ये चीज है ठीक है यदि वो नियम जी यदि वो नियम से भी जाएगा तो उसको मतलब पाप नहीं लगेगा नियम से जाएगा मतलब नियम शास्त्रों में विधि विधान है उसके हिसाब से अगर तो उसको पाएगा तो फिर
02:15:14:14 उसको पाप लगेगा कि नहीं लगेगा ये वाला प्रश्न था पाप की बात ऐसी है इसको समझ लीजिए कि अगर जैसे कुछ कर्म ऐसे होते हैं जिसको हम करते हुए अगर विधि विधान से करें तो धर्म की सीमा में रहेंगे हालांकि वह कर्म भी आपको त्यागने हैं हालांकि उनका पर्यान भी त्यागने में है मगर हम विधि विधान में रहेंगे तो हम अधर्मी नहीं कहलाएंगे तो इसलिए ही बलि का प्रावधान है कि अगर हम बिना विधि के खाएंगे तो पापी हो जाएंगे तो हम धर्म के बाहर रहेंगे जैसे कि किसी हॉस्पिटल में हम ये नहीं लिख सकते कि यहां आने वाला कोई रोगी जो है कोई भी रोगी ना हो हॉस्पिटल में हम ये लिख देंगे यहां आने वाला कोई भी रोगी ना हो तो फिर हॉस्पिटल का अस्तित्व क्या है तो धर्म का कार्य है व्यक्ति को यह सिखाना कि तुम कैसे भी हो हम तुम्हें ठीक कर देंगे अधर्मी से धर्मी बना देंगे इसलिए यह टैग है कि अगर तुम मांस खाने वाले व्यक्ति हो तो तुम आ जाओ तुम भी हिंदू हो मगर तुम इस इस तरीके से मांस खा सकते हो तो तुम हिंदू नहीं कहलाओगे अधर्मी नहीं कहलाओगे और जब
02:16:29:15 वह व्यक्ति हिंदू होने के लिए धार्मिक होने के लिए गोविंद गुरुकुल जी एक मिनट के लिए बोल रहे हैं शिवान जी अब गोविंद गुरुकुल जी ने तो इतना पीछे इतनी सारी चीजें कर रखी है अपने बारे में बड़ी विपदा है को ऊपर लेने में तो उस हिसाब से ये कहा गया है कि ठीक है आप आ जाओ और आप इस तरीके से अगर मास खाओगे तो आप हिंदू नहीं कहलाओगे अधर्मी नहीं कहलाओगे और जब वह व्यक्ति इस तरीके से खाएगा तो हिंदू होते होते हुए धार्मिक होते हुए धीरे-धीरे उसका परवन मांसाहार के छूट जाने में क्योंकि अंततोगत्वा क्या कहा गया मनुस्मृति में कि मांस खाने को त्याग करने वाला 100 वर्षों तक प्रतिवर्ष जो अश्वमेध यज्ञ कराएगा उतना पुण्य मिलता है तो परेसान किसम है कि आप अगर त्याग दो वो सबसे श्रेष्ठ है निवृत्ति महा
02:17:32:04 फला ठीक है जी धन्यवाद जय श्री राम जय श्री राम राधे राधे हरे कृष्णा धरातल प जुड़िए आप सबसे निवेदन है ठीक है सभी को जय श्री राम 10:30 बज चुके हैं और वेदों के अनुसार की हुई जो भेंट है या बलि है वह गलत ऐसे नहीं है जैसे एक डॉक्टर जो होता है कोई अगर आपको कांटा चुबे तब भी उसको हिंसा माना जाएगा छोटा सा कांटा मगर वहीं पर डॉक्टर आपका मास भी काट लेता है तब भी उसको हिंसा नहीं कहा जाता क्यों क्योंकि उसका परव सान हित में है इसी प्रकार से जो वेदा दि शास्त्र धर्मशास्त्र है इनके द्वारा जो अमुक अमुक स्थितियों में विधान किया गया है बलि इत्यादि भेट इत्यादि के रूप में उसका परवन उसके छूट जाने में है इस कारण से उसको हम यह नहीं कह सकते जो है पाप है या हिंसा है या धर्म
02:18:47:27 सबसे जरूरी बात है सबसे आवश्यक बात यह है कि जो लोग बलि का आलंबन लेते हुए मास खाते हैं जो लोग वैसे मुझे नहीं लगता कि ऐसे कितने होंगे जो सिर्फ बली का आलंबन लेते हुए मास खाते होंगे मगर यदि बलि का आलंबन लेते हुए ही मांस खाएंगे तो उसका परिवन भी मास को त्यागने में है और अगर आप वैसे ही त्याग सकते हैं अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रख सकते हैं तो उत्तम यही है कि आप उसको त्याग दे जय शर्मा जी बताएं हम लोगों के जाने का समय हो गया कोई विशेष बात है तो आप बता दीजिए अन्यथा किसी और दिन हम लोग बात कर लेंगे जी बताइए जय श्री राम राधे राधे राधे राधे भगवन मेरा तो मेरा तो फलाल एक प्रश्न था अभी मेरे पिताजी से कुछ चर्चा चल रही थी तो बात यह थी कि पिताजी मेरे बेड बिस्तर पर ही है उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो सोच क्रिया वगैरह भी उनकी बिस्तर पर ही होती है तो अशुद्धि का कारण बना है तो
02:20:03:15 नाम जब तो वाचिक वो खूब करते ही है मन से लेकिन परंतु मेरे मन में ऐसा भाव आया मैं उनको यह कहूं कि पिताजी माला पर भी करो तो उसका हिसाब रहेगा कोई भी एक माला रुद्राक्ष हो या तुलसी हो तो उस पर भगवान का स्मरण आप जरूर कीजिए जी का एक इस बारे में आप जो है हमारा टेलीग्राम चैनल है विधि विषयक प्रश्न है ये आप टेलीग्राम चैनल है वहां पर आप जो है यह प्रश्न लिख दीजिएगा तो आचार्य श्री से इस बारे में क्या बेस्ट किया जा सकता है वह उनका एक प्रामाणिक आदेश हम प्राप्त कर लेंगे वह आपको मिल जाएगा इस ट पर आप संपर्क कर लीजिए या फिर आप टेलीग्राम चैनल पर आ जाइए आचार्य श्री ने अभी तक जो हमें बताया गया है उसमें यह है कि अपने मन से कोई माला धारण ना करें तब तक जब तक आपके पास यदि कोई माला मतलब गुरु का वो नहीं है सानिध्य तो आप स्फटिक की माला का उपयोग कर सकते हैं पिताजी ने तो गुरु धारण कर रखे हैं परंतु मैंने उनको एक बात यही कही थी पापा कि भगवान का नाम तो आप माला प किसी भी अवस्था में जप सकते हैं
02:21:18:16 जैसे उसका एक उदाहरण मैंने दिया था कि हम भी कोई भी कर्मकांड कराते हैं पूजा में तो स मत्र बो कर सकते हैं पूरी शंकराचार्य जी से जगतगुरु जी से मैंने पूछा था तो एक माता जी थी व उनके कुछ परेशानी थी तो उन्होंने कहा था वो जहां पर उनका सहजता है बैठ पाने की या लेट पाने की वहां पर भी व जाप कर सकते हैं मगर शुद्धि का शुद्धि शुद्धि के बारे में एक बार आप कंफर्म कर लीजिएगा जो आचार्य श्री का चैनल है हमने बताया यहां पर कई बार अ प्रयागराज वाले आचार्य श्री हैं वो करपात्री जी के कृपा पात्र शिष्य भी है गुरुदेव के गुरु भाई हैं वो आपको विधि विषयक बिल्कुल प्रामाणिक प्रामाणिक बातें आपको बता देंगे आप हमारे टेलीग्राम चैनल पर ये प्रश्न कर लीजिएगा या फिर व के माध्यम से जुड़ जाइएगा तो हम आपको थोड़ा सा बता देंगे विधि विषयक में हम यहां पर नहीं बोलते हैं क्योंकि विधि विधान जो है बहुत वैसे हैं और उसमें बृहद शास्त्रों की व्याख्या है तो उसमें आचार्य की वाणी को ही प्रमाण मान के चलते हैं आचार्य जी ने जो बता दिए विधि विधा उसको मानले ठीक है तो बहुत धन्यवाद जी
02:22:34:00 जी जी जी ये उनका चैनल है देखिए यह उनका चैनल है और बहुत ही सरल हृदय के हैं और आप हमसे संपर्क करिएगा व पर हा टेलीग्राम चैनल पर आपसे पूछ सकते हैं अपना प्रश्न वहा लिख देंगे आपको उत्तर प्राप्त हो जाएगा ठीक है ज श्री राम जय श्री राम प्रभु जी तो ठीक है फिर पूरी करते हैं सभी को जय श्री राम
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क्या गीता में भगवान श्री कृष्ण ने किसी और की शरण में जाने को कहा है? #rampaljimaharaj #kabir
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