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00:00:03:14 सभी को जय श्री
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00:00:05:18 राम आज हम लोग चर्चा करने आए हैं रामपाल का जो सेक्ट चल रहा है रामपाल नाम से जो एक विचारधारा फैल रही है और इसमें कहा जाता है कि ब्रह्मा विष्णु महेश को बनाने वाले भी कबीर हैं और तत्वदर्शी संत रामपाल भी कहीं कहीं तथाकथित रूप से बताया जाता है कि वो तत्वदर्शी है और संत है और उनसे ज्ञान प्राप्त हो रहा है कि कबीर जो है वह भगवान थे वो भगवान के व मुख्य भगवान का जो अंत सनातन रूप है वोह कबीर है ना उनकी तरफ से एक रामपाल को मानने वाले व्यक्ति है जो आए हैं हमसे उन्होंने फॉर्म भरा था आप लोग जब फॉर्म भरते हैं
00:01:10:02 तो कार्यों की अधिकता होने के कारण बहुत ज्यादा हम लोग एक्टिवली सबको नहीं ले पाते मगर हां यदि आपने अगर फॉर्म भरा है तो एक ना एक दिन हम आपको कॉल जरूर करेंगे अगर आपने यहां आने के लिए फॉर्म भरा है दूसरी बात एक ये भी है मैं ये सूचना प्रसारित करना चाह रहा हूं कि हम अपना नंबर सार्वजनिक रूप से सभी को प्रचारित प्रसारित करते हैं तो उस पर यदि कोई व्यक्ति कॉल करता है तो हम उस कॉल को रिकॉर्ड करते हैं और उसका उपयोग हम जन सामान्य को यह बताने के लिए कि हमारी इस नंबर पर आने वाले जो अनेकानेक कॉल्स हैं उन पर क्या बातचीत हो रही है तो जो भी लोग हमें संपर्क करते हैं वो यह सोच के करें कि उनका कॉल रिकॉर्ड होगा और हम चाहे तो वह कॉल रिकॉर्डिंग सार्वजनिक भी कर सकते हैं तो यह सोच कर ही करना चाहिए ठीक है तो दिनेश दास जी हमारे बीच में
00:02:18:15 है तो दिनेश जी जी आप अपना थोड़ा सा परिचय दीजिए कि आप रामपाल के द्वारा प्राप्त होने वाले ज्ञान में किस स्तर पर है जी मेरा नाम दिनेश दास है आप जी मेरा नाम दिनेश दास है और मैं काफी समय से संत रामपाल जी महाराज जी का भक्त हूं अनुयाई हूं और संत रामपाल जी महाराज जी कबीर जी को पूर्ण परमात्मा बताते हैं और मेरा पता है मुरादाबाद जिला मुरादाबाद से मैं रहने वाला
00:03:02:24 और नहीं नहीं ये सब मुझे सब तो आपने फॉर्म में भर दिया है आप बस यह बताइए कि हम आपको क्या माने कि आप रामपाल की तरफ से जो आए हैं रामपाल का पक्ष रखने उस विषय में हम आपको किस दृष्टिकोण से देखें कि आप विद्वान है या केवल एक कोई शिष्य है छोटे मोटे आपको कोई पद पद प्राप्त है वो बताइए जिससे की हम ये बता सके कि हमारी बात किससे हो रही है समझ रहे ना आप मेरी बात किस स्तर के व्यक्ति से होता क्या है कई बार होता क्या है कई बार हम लोग जब किसी से चर्चा कर लेते हैं तो चर्चा से पहले तक व व्यक्ति विद्वान होता है और चर्चा के बाद मर्क हो जाता है कई बार विद्वान
00:03:53:16 कैसेट स्प कर देता हमको बताया गया कि भाई यह रामपाल जी के हैं फॉलोअर या फलान के फॉलोअर है इनसे आप बात करो तो हम उनकी बात को वहां पर मानते हुए क्योंकि एक मानक तो शुरुआती लेना पड़ेगा ना प्रारंभिक तो वो लेते हुए हम बात करते हैं बात करने के बाद यह होता है कि जब उनकी बातें वो सिद्ध नहीं कर पाते उनका पक्ष कमजोर हो जाता है जो उनके अन्य फॉलोअर्स होते हैं वो कहते हैं अरे तुम जाते ही ऐसी जगह हो जहां पर आपको मूर्ख मिले तुम करते ही उनसे बात हो जो आपकी बातों का जवाब ना दे पाए और वो उनको जो अब तक उनके प्रतिनिधि थे वो तुरंत अपने आप को उनसे अलग कर लेते हैं और वहां पर जो है उनको डिसन करने लगते हैं तो इसलिए आप अपनी वो पहचान बताइए जिससे कि हम एक आपको अधिकृत वक्ता के रूप में रामपाल जी की तरफ से स्वीकार कर पाए जी जी मैं केवल संत रामपाल जी महाराज जी का एक अनुयाई हूं ना मैं कोई विद्वान हूं ना ही मैंने कोई शास्त्रों का पूर्ण कंठस्थ किया है जितना ज्ञान मेरे को प्राप्त हुआ है उसके अकॉर्डिंग मैं आपसे ज्ञान चर्चा करने के लिए आया हूं सारे शास्त्रों को अध्ययन करना हमारे लिए मेरे लिए संभव नहीं है बाकी आपने
00:05:08:22 किया हो और ना ही हमारे गुरुजी य कहते कि आप सारे शास्त्रों को कंठस्थ कीजिए जो हमारे लिए उपयोग है उसको आप एक साधारण बस उनके अनुयाई है तो भा मैं अपने दर्शको को बता दूं इनको एक विद्वान के दृष्टि से अधिकृत वक्ता की दृष्टि से ना देखें ये एक एक साधारण अनुयाई है और क्योंकि इन्होने अच्छा एक बात बताइए जब आप एक साधारण अनुयाई है तो आपने हमारा कोई वीडियो देखा होगा उसके बाद ही आपने ये चर्चा के लिए फर्म भ मैंने वीडियो देखा था आपका जो संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयाई स्टॉल लगाए हुए थे पुस्तक मैं जो कहना चाह रहा हूं वो ये है कि वो लोग जो है वो आपसे तो कहीं ना कहीं उच्च स्तर पर है जो स्टॉल लगा रहे हैं जिन्होंने स्टॉल लगाया हुआ था वो आपसे तो कहीं ना कहीं उच्च स्तर पर है आप क साधारण हा आपसे उच मतलब किसे आपसे हमारे से हां आपने कहा कि आप एक साधारण अनुयाई है और वो जो लोग थे वो बाकायदा प्रचार प्रसार करने के लिए अधिकृत रूप से प्रचार प्रसार कर रहे थे तो उस रूप में देखा जाए तो वो कहीं ना कहीं अधिकृत
00:06:23:25 आपसे उच्च स्तर पर है देखो उच्च और उसमें कहने का मतलब ये है कि आप ये मानते सेवा है जी आप ये कहने का अर्थ ये है कि आप ये मानते हैं कि वहां पर वो लोग जो जवाब नहीं दे पाए थे वो आप देंगे हां कोशिश करेंगे उनके जवाब देने की बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया तो भाई सभी लोग देख रहे होंगे अवनीश दीक्षित जी हैं हां सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और भगवान से प्रार्थना है सैद्धांतिक धरातल पर भी हम शीघ्र अतिशीघ्र स्वतंत्रता को प्राप्त करेंगे
00:07:09:02 तो हां ज्यादा से ज्यादा लोग शेयर करें जिससे कि अ आप जो है ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हम सत्यता को पहुंचा पाए तो दिनेश जी हम लोग सीधे आते हैं मुख्य विषयों पर ठीक है जी पहला विषय है क्या रामपाल के द्वारा प्रतिपादित प्रचारित होने वाला जो ईश्वर है जिसको आप कबीर नाम से जानते हैं क्या वो सर्वशक्तिमान है अनंत है अवाद है ठीक है जी तो क्या क्या वो अवतार ले सकता है कुछ भी कर सकते हैं व कुछ भी कर सकते ही नहीं कुछ भी उनकी डिक्शनरी में असंभव कुछ भी नहीं है वो अवतार भी ले सकते हैं वो सह शरीर भी आते हैं और वेदों में इसका प्रमाण भी है जी आगे बताइए तो क्या जो कबीर है जिस रूप में हम उन्हें जानते हैं जिन्होंने काव्य रचनाएं की है और आपके अनुसार उन्होंने ब्रह्म और धर्म का ज्ञान भी दिया है है ना जी तो क्या वो उनका वास्तविक स्वरूप है या फिर नकली स्वरूप है वास्तविक स्वरूप स्वरूप नहीं है वेदों में उन्होंने कहा है कि वह परमात्मा
00:08:24:14 अपने शरीर को हल्का तेज पुंज का बना कर के यहां पर प्रकट होते हैं रूप में उसको इस चरम दृष्टि से नहीं देखा जा सकता वह अपने सतलोक में वास्तविक रूप में रहते हैं जिसमें करोड़ सूर्य करोड़ चंद्रमा की रोशनी उनके एक रूम से निकल रही है वास्तविक रूप उनका वो है अच्छा तो यानी कि एक तरीके से हम यह माने कि जो रूप हमने देखा वो उनका वास्तविक रूप नहीं था अपने रूप को हल्का तेज पुंज का बना कर के आते हैं वो वास्तविक रूप चेहरा वही होता है लेकिन रूप को हल्का तेज पुंज का बनाकर हमारी चर्म दृष्टि जिसको सहन कर सके अच्छा जी हल्का बनाकर आते हैं तो मैं सीधे प्रश्न पर आता हूं थोड़ा सा हम लोग नहीं तो फस जाएंगे इसम कंफ्यूज होते जाएंगे क्या जो कबीर है वह अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं अपनी देह का नाश कर सकते हैं नहीं वो शरीर कबीर जी का शरीर अविनाशी है बाकी जितने भी शरीर हैं
00:09:32:02 फिर मैं फिर से एक बात बता दूं हमने पूछा क्या रामपाल के द्वारा प्रतिपादित होने वाला जो ईश्वर है वह सर्वशक्तिमान अनंत अबाध है क्या रामपाल जी के द्वारा प्रचारित प्रसारित होने वाले ईश्वर पर किसी भी प्रकार का नियम लागू होता है क्या देखो आपकी बात को क्लियर कर द आपने जो सवाल किया है उसको क्लियर कर देता हूं आप ये कह रहे हैं कि भगवान पर कोई नियम लागू होता है या नहीं आप ये कह रहे हैं कि आपने पहला प्रश्न किया कि वह भगवान सब कुछ करने में समर्थ है मैंने कहा कि उसकी डिक्शनरी में असंभव कुछ नहीं है वो कुछ भी कर सकता है लेकिन वहां पर भगवान पर भगवान के कुछ खुद असूल होते हैं कि वो गलत नहीं करता कर सब कुछ सकता है लेकिन भगवान गलत नहीं करता या अप दे यानी कि वो यानी कि वो अपनी देह का नाश कर सकता है मगर मगर वो करता नहीं है कर सकता है कुछ सता हैव कुछ नहीं मैं तो वही बोलर या वो यानी कि जो दो जो देह हमें दिखाई दे रही है कबीर की वो असली नहीं है क्योंकि उस वो भी नष्ट हो सकती है
00:10:47:18 नहीं नहीं ये तो नहीं बोला मैंने मैंने कहा अपने ही स्वरूप को वो हल्का तेज पुंज का बना करके आता है और वो अविनाशी परमात्मा है उसका कोई भी नाश करने में समृत नहीं है यही गीता जीने भी गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि उस परमा भी अपनी देह का नाश नहीं कर सकता नहीं कर करता व समर्थ नहीं है ना जी तो समर्थ नहीं है ना सामर्थ पर प्रश्न चिन्ह लग गया ना नहीं तो अगर देह नष्ट मैंने यह कहा कि करते नहीं है कर कुछ भी सकता है यानी की कबीर भी अपनी अपने आप को कर सकते हैं अपनी देह का नाश खत्म कर सकते हैं करेंगे क्यों सवा रने नहीं क्यों करेंगे क्यों करेंगे बाद में जाएंगे कर सकते है नहीं इसको क्लियर कर कु कर सता है कुछ भी कर सकता है जिस समय जिस समय उनकी देह नष्ट हो जाएगी उस समय ईश्वर कौन होगा दुनिया का दे नष्ट होती नहीं है ना अविनाशी है अरे तुम तो कह रहे हो ना वो कर सकते हैं नष्ट एक बात और करने में अंतर होता है नहीं वो कुछ भी कर सकता है तो उसका मतलब वो जरूरी
00:12:02:24 नहीं है कि वो दे नष्ट करेगा मैं क कह रहा हूं मैं कह रहा हूं अगर वो कर सकते हैं तो उस स्थिति में उनकी वो ईश्वर कौन रह जाएगा अगर उन्होंने अपनी देह को नाश कर लिया अगर उन्होंने अपनी देह का नाश कर लिया तो उस समय ईश्वर कौन होगा स्थिति कब कैसी बननी है और स्थिति कैसे बनती है वह बनाने वाला ही खुद ईश्वर है तो क्यों ऐसे स्थिति बनेगी यह चीज आप प्रश्न आपकी सोच है ना मेरी सोच नहीं है मैं तो सिंपल पूछ रहा हूं यदि वो अपनी देह का नाश कर सकते हैं तो फिर वो किस रूप में विद्यमान रहेंगे यानी कि यानी कि ये जो देह हमें दिख रही है या हम जिस देह को जानते हैं वो देह उनका वास्तविक स्वरूप नहीं है या तो ये माने और अगर हमने वास्तविक स्वरूप माना है तो हमको ये फिर जानना पड़ेगा कि इसका नाश कर सकते हैं कि नहीं हम अगर नाश कर सकते हैं तो फिर वोह किस रूप में विद्यमान होंगे यह बताना पड़ेगा नाश कर सकते हैं नाश करेंगे ही क्यों प्रश्न तो य है अरे भाई मैं मैं शराब नहीं पिऊंगा क्योंकि मुझे पीनी नहीं है इसका मतलब य नहीं कि मैं पी नहीं
00:13:18:01 सकता ठीक है सुन लीजिए मुझे शराब पीने की कोई आवश्यकता नहीं है मगर इसका मतलब य नहीं है कि उसका एक घूंट भी मैं पी नहीं सकता हूं मेरे अंदर क्षमता है कि मैं उसे पी सकता हूं अब यह बताइए कबीर में अपनी देह का नाश करने की क्षमता है कि नहीं भगवान के गुणों में ये लिखा है कि वह परमात्मा कभी नष्ट नहीं होता वो कुछ भी कर सकता है तो फिर ये आप कैसे भी प्रश्न उठा कर के नहीं कर सकते ना उस भगवान का कैसे भी प्रश्न हम कुछ यानी भगवान प भगवान पय नियम लगता है कि उस पर कैसे भी प्रश्न नहीं कर सकते यह नियम लगता है भगवान नियम नहीं लगता है भवान जो लिखा है कि वह गलत नहीं करता वह सही करता है और वह अविनाशी है व सही गलत सही पर भी आ जाएंगे इसको नोट कर लीजिएगा देखो एक तो गलत सही पर आना है जो दर्शक देख रहे हैं थोड़ा सा नोट करिएगा एक तो गलत सही को लेंगे हम लोग और एक लेंगे की आवश्यकता क्या है ठीक है यह दो चीज जरा याद
00:14:25:15 दिलाइमा कि मैं मेरे को आवश्यकता नहीं है मदरा पान करने की मगर इसका मतलब यह नहीं है मैं मदरा पान कर नहीं सकता अब मुझे बताइए ईश्वर को अपनी देह का नाश करने की आवश्यकता नहीं है मैं पूछ रहा हूं कर सकता है कि नहीं कर सकता है है लेकिन उस चीज की आवश्यकता उसे है ही नहीं ठीक है जब वो कर सकता है तो इसका मतलब है जब उसकी देह नष्ट हो जाएगी जिस समय उस समय वो मौजूद होगा किसी ना किसी रूप में वो चला ही जाएगा बिल्कुल उस भगवान नेय आगे की कहानी बताई ही नहीं कहीं पर प्रदर्शित की नहीं है कि उससे आगे क्या होगा व तो भगवान अने संविधान में बेगा तर्शी संत रामपाल को य नहीं मालूम है कुछ बात तर्शी संत को भी नहीं मालूम है क्या क्या कुछ बातें तत्वदर्शी संत को भी नहीं मालूम है ना क्या नहीं भगवान जिनको आप भगवान मानते हो रामपाल को भगवान मानते हो कि नहीं गुरु भगवान का स्वरूप होता है अच्छा भगवान का अवतार तो नहीं मानते ऐसा भी सुनने में आया कि उसको भगवान माने कबीर रामपाल के रूप में आ गए गुरु भगवान गुरु भगवान का स्वरूप होता है वो तो ठीक है वो ठीक है मगर ऐसा तो नहीं कि रामपाल को कबीर ही मानते हो
00:15:40:18 कबीर का कबीर जी के रामपाल जी कबीर जी के अवतार ही है यही सुनना यही सुना अब मैं पूछ रहा हूं दोबारा कि जब वो कबीर के अवतार है तो उनको यह नहीं पता है कि जिस समय उनकी देह नष्ट हो जाए दे
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00:15:57:20 नष्ट होती है य तो नहीं दे उसकी न होती नहीं नहीं होती हो सकती है कि नहीं हो सक्ति है यह तो भगवान को पता होगा ले
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00:16:13:21 संत रामपाल तत्वदर्शी है उन्होंने आपको बताया उनकी दे नष्ट हो सकती है कि नहीं किनकी संत रामपाल ने आपको बताया कि उनकी देह नष्ट हो सकती है कि नहींन हो आपने क तो भगवान को पता होगा यानी आपको नहीं पता है नहीं पता है ना क्या तो नहीं पता है तो तत्वदर्शी जो है तत्वदर्शी और वो भी आप कह रहे हो कबीर के ही अवतार है वो रामपाल उनको नहीं पता यह बात क्या जो मैं पूछ रहा हूं देह नष्ट हो सकती है कि नहीं अरे आपका सवाल ही गलत है भगवान ने जिस चीज के मतलब भगवान ने ये कहा है अपने गुणों में ये लिखा है उसके कि भगवान जो पूछ रहा हूं वो बताइए मैं जो देखिए ऐसे क्या है ना चर्चा जो है आगे बढ़ती जाएगी मैं पूछ रहा हूं अभी आपने कहा कि ये तो भगवान को पता होगा तो रामपाल भगवान है ना भगवान के अवतार है ना हां कबीर जी के अवतार है वो हां तो उनको पता है कि नहीं उनकी दे नष्ट हो सकती है कि नहीं उनको सब कुछ पता है पता है तो आप पूछ के आइएगा अगली बार अभी हम चर्चा को आगे बढ़ाते ठीक है आगे बढ़ अगली बार पूछ लेना ठीक है ठीक है अब आपने एक बात कही
00:17:29:14 अब आपने एक बात कही कि ईश्वर गलत नहीं करता और दूसरा कि ईश्वर खुद के उसूलों को तोड़ता नहीं है जी खुद के उसूलों को नहीं तोड़ता या फिर वह गलत नहीं करता गलत पर बात करते हैं इसका अर्थ यह है कि ईश्वर बुराई को नहीं बनाता जी जी बुराई को बनाने वाला कौन है बुराई को बनाने वाला कौन है बुराई को बनाने वाला जो बुराई की उत्पत्ति हुई है व जो यहां का भगवान है यहां का जो ब्रह्मा विष्णु महेश का पिता है उससे ही बुराई के एक दो शक्तिया है एक गलत है एक और एक सही जो सही हैया दोनों अपने आप बन गई है बिना ईश्वर की मर्जी के ईश्वर ईश्वर के ईश्वर के द्वारा ही बनी [संगीत] तो यानी इन दोनों शक्तियों को बुराई को बनाने वाला भी ईश्वर ही है कबीर ही है नहीं भगवान ने बनाया अच्छा था लेकिन उसने अपनी अपनी इच्छा से न उसको मालूम था कि नहीं उसको उसको मालूम था कि नहीं ये बुरा बन जाएगा आप एक मिनट सुनिए भगवान
00:18:44:25 ने इंसान बनाया उसको सद्बुद्धि दी और सद्बुद्धि में कहीं यह लिखा कि आप यह गलत कीजिए भगवान ने इंसान बनाया इंसान के लिए जो सही कर्म है उसके लिए वेद और हमारे शास्त्र दिए कि भाई आपके पास कोई और और अच्छा थोड़ा सा विद्वान हो ना तो उसको आप थोड़ा सा लाने का प्रयास करिएगा खामा खा चर्चा का टाइम आप बढ़ा रहे हैं मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं ये जो गलत और सही वो लोग कर रहे हैं अपने मन से ये आपके ईश्वर को पता था कि नहीं ये लोग क्या करेंगे वो भविष्य जानता है कि नहीं इसका मतलब उसने इसका इसका मतलब उसे पता था कि ये बुराई करेगा फिर भी उसने बनाया उस कुछ उसमें क्या कारण होता है वो भगवान को पता होता है हां उस उसको ये मालूम था ना कि उसको मालूम था कि आतंकवादी बम लगाएगा फिर भी उसने आतंकवादी को बनाया ना सभी सभी भगवान के अकॉर्डिंग ही होता है जी जी बताओ मैं पूछ रहा हूं उसको मालूम था आतंकवादी रेप करेगा बम लगाएगा फिर भी उसने बनाया ना आतंकवादी को किसने भगवान ने भगवान ने आपके कबीर ने हां उसकी उसकी क्या कंडीशन है उसकी क्या मतलब जो मजबूरी रही
00:19:59:28 है किस आधार पर यह सब कुछ चल रहा है वो भगवान को पता है क्यों चल रहा है फिर आप का के लिए आए हो जब सब कुछ उन्हीं को पता है आप क्यों आए हो यहां प फिर आप बता दीजिए फिर जब आपको कुछ पता ही नहीं है सब कुछ आप हर प्रश्न का जवाब भगवान को पता य बताने क्या आए हो
⬜ Not used yet · 00:20:17:06 – 00:49:31:20 (29:14)
00:20:17:06 एक मिनट एक मिनट आप कह रहे हो आप भी ये कह रहे हो कि मतलब मतलब आपको नहीं पता आप बता दीजिए आपको क्या पता है फिर क्या नहीं पता आप सवाल कर रहे हो सवाल हम भी हम आपसे कर रहे तोय है पहली बात तो ये है कि रामपाल जी पर हमने वीडियो बनाया हमने अपनी वीडियो बनाई हुई है आप देख लीजिएगा हमने अपनी वीडियो बनाई हुई है आप देख लीजिएगा ठीक है हमारे पास एक एक व्यक्ति को लेकर के अपनी धारणा को प्रस्तुत करने का नहीं है और जब हमारा मन होगा तो करेंगे भी फिलहाल हम लोग आए हैं कि आपने हमारे वीडियो प काउंटर किया है हम वीडियो तो हमारी भी बनी हुई है वीडियो तो हमारी भी बनी हुई है सारी प पड़ी हुई है ऐसा तो नहीं है तो हम तो हम आए थे क्या आपके पास हमने आपको कहा क्या हमसे फॉर्म भरा क्या हमने आपका आप आपने ये कहा आप वहां पर कह रहे फॉम भरा क्या हमने आपका फॉर्म भरा क्या आप एक मिनट सुनिए आपने कबीर भगवान नहीं है एक करके चलो एक एक करके चलो आपने कहा कि हमारी भी वीडियो बनी हुई है ठीक है हमने आपका फॉर्म नहीं भरा है हम लालायित नहीं बैठे हैं कि हम भैया आपसे आकर के आपने वहां गलत कह दिया हमें जो करना होगा हम कर लेंगे बिलकुल बक अब आपका हमारे विषय में एक मिनट एक मिनट मैं सुनूंगा आपको मैं सुनूंगा मैं सुनूंगा मैं सुनूंगा
00:21:32:15 मैं सुनूंगा आपको अब आपका प्रश्न क्या है जो आप हमसे पूछना चाह रहे हैं वो बताइए हां प्रश्न ये है आप आध्यात्मिक प्रश्न जो चल रहा था आध्यात्मिक प्रश्न ये है कि आपके आधार से भगवान की मतलब भगवान कौन है साकार है निराकार है या कौन है आप बताइए थोड़ा हमें भी पता चले भगवान निर्गुण निराकार है एक ही ईश्वर स्वयं को पांच रूपों में व्यक्त करते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश लीला रूप में ये लोग आकर के कुछ भी कर सकने वाली लीलाएं करते हैं और अपने अपने प्रारब्ध और संस्कारों के आधार पर लोग अपने ईट की वंदना करते हैं से कल्प भद से किसी को कल्प वेद से किसी शास्त्र में विष्णु नाम से उसी परम तत्व की व्याख्या होती है किसी शास्त्र में उसी परम तत्व की व्याख्या शिव नाम से होती है कल्प वेद से और अनन्य का भाव प्रकट करने के लिए दूसरी बात जो निर्गुण निराकार मैंने कहा है मौलिक स्वरूप भगवान का जी यह भी इस दृष्टि से कहा है कि वो हमारी इन ये जो भौतिक इंद्रिया है देखने की सुनने की इनका विषय नहीं है बस ऐसा नहीं है कि मैं यही कह रहा हूं कि व नहीं साहब वो जो है हम उसे देख नहीं सकते इस
00:22:47:19 शरीर के माध्यम से नहीं देख सकते उस रूप में मैंने निर्गुण निराकार कहा क्या स्वरूप है उसका साकार में क्या स्वरूप है उसका मैंने बताया ना एक ही ईश्वर स्वयं को ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती गणेश के रूप में प्रकट करते हैं और वो अपनी देह का नाश भी कर सकते हैं पहले मेरा प्रश्न सुनिए उसका वास्तविक स्वरूप ब्रह्मा विष्णु महेश तीन है या वास्तविक स्वरूप मैंने आपको बता दिया मैंने आपको वास्तविक स्वरूप बता दिया है निर्गुण निराकार जो इन जो इस शरीर की इंद्रियों का विषय नहीं है वो केवल प्रात सुनिए तो आपके अनुसार भगवान जो है परमात्मा जो है निर्गुण निराकार है ना
00:23:30:15 साकार भी है साकार भी साकार में कौन है वो कैसा है मतलब उसको विहे भगती और गणेश ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान है आपके अनुसार गणेश जी भी भगवान है ब्रह्मा जी भी भगवान है वि जी भगवाने आपको यार रिपीट क्यों कर रहे हो क्यों खामा खा मैंने बोला एक ही परम तत्व अपने आप को पांच अलग अलग रूपों में प्रकट करते हैं ब्रह्मा विष्णु महेश भगवती और गणेश मैं आपकी बात और ये जो पांचों रूप है ये पांचों रूप कुछ भी कर सकते हैं देह का नाश भी कर सकते हैं हां अच्छा कुछ भी कर सकते हैं ना तो ये वेदों में क्यों नहीं लिखा इनका नाम कि ब्रह्मा विष्णु महेश अजर अमरा विनाशी है वेदों में तो कहीं नहीं है इनका नाम ब्रह्मा विष्णु महेश का अरे भाई अच्छा चलो ठीक है वेदों में वेदों में लिखा होगा तो मान जाओगे सबसे पुरातन ग्रंथ कौन सा है अपना ठीक है ठीक है वेद है आप वेद को प्रमाण मानते हैं ना मैं नहीं आप बताइए सबसे पुरातन ग्रंथ आपसे पूछ रहा हूं कौन सा है अपनी हिंदू जो हिंदू नहीं जो सबसे पुरातन ग्रंथ है सनातन का वो सबसे पुरातन ग्रंथ कौन सा हैनान पुरातन ग्रंथ नहीं होता है
00:24:45:24 सनातन धर्म ग्रंथ है वेद वेद हम वेद है ना हम और ठीक है तो वेदों में ब्रह्मा विष्णु महेश की ना क लिखा क्यों नहीं लिखा यजुर्वेद यजुर्वेद सवा अध्याय दूसरा मंत्र बता तो रहा हूं यजुर्वेद सवा अध्याय दूसरा मंत्र पढ़िए यजुर्वेद सवा अध्याय 4 मंत्र पढ़िए हो गया क्या लिखा पढ़ लीजिए तीसरा अध्याय क्या क्या सताप पढ़ लीजिए तीसरा अध्याय नहीं क्या लिखा है वेदों में बताइए उपनिषद का नाम मत लीजिए वेदों में बताइए आप बता दिया ना वेद में आप थोड़ा सा बताइए क्या लिखा है क्या बोल तो दिया इसको दोबारा देखने जीत रहे आप अपने में ही जीत रहे मैंने यह कहा आपसे वेया अ दूसरा मंत्र सवा अध्याय
00:25:41:18 मंत्र क्या चीज लिखी है उसम भगवान के बारे में क्या लिखा की भक्ति मोक्ष दायक है भगवान शिव की भक्ति मोक्ष दायक है भगवान शिव की भक्ति मिनट कौन सा मंत्र बताया आपने सवा अध्याय दूसरा मंत्र सवा अध्याय दूसरा मंत्रवा अध्याय मंत्र दूसरा मंत्र यजुर्वेद का है ना ठीक है अब आप एक काम करिएगा सुनि सुनिए हो गया हो गया और क प्रमाण है अरे बहुत सारे भाई मैंने आपसे प्रमाण पूछा क्या कबीर के विषय में अभी तक पूछा पूछोगे पूछोगे तो तब ना मुझे प्रमाण प जाना ही नहीं है मैं प्रमाण प जाऊंगा ही नहीं ना क्योंकि प्रमाण पड़ेगा भगवान को सिद्ध करने के लिए कहां जाओगे फिर जब आवश्यकता पड़ेगी तब जाएंगे ना इसलिए आप प्रमाण में जा नहीं रहे पास कबीर के संबंध में प्रमाण है क्या मैं पूछ रहा हूं कबीर सं आपको स्प कर कबीर के संबंध में प्रमाण है बिल्कुल है आपको बताऊ
00:26:57:00 एक करके चले एक एक करके चले अरे अरे तु बात नहीं करनी है बोलो बोलो बोलो आप बोलो क्या पूछ रहे हो पहली बात तो ये हो गई कि अबकी बार आप जाए तो पूछ के आना वो देख अनास कर सकता है कि नहीं और उसके बाद की क्या स्थिति होगी ये पूछ के आना जो दो बार आपने कहा नाय हमें नहीं पता है ये आप आपकी सोच का विषय है ये कोई भगवान के बारे में आपने नहीं कहा हमें नहीं पता क्या पूछ रहे थे आप क्या पूछ रहे थे मिट मि आपने नहीं कहा कि हमें नहीं पता भगवान को पता
00:27:31:20 होगा अब आप यह बताइए कि अभी आप कह रहे थे किने जो पूछा उसके बारे में बताइए अभी आपने कहा मैंने मुझे नहीं पता भगवान को पता होगा दो पॉइंट्स में आपने कहा कि नहीं कहा बात बात को काटिए मत घुमाइए मत हम अच्छी तरीके से जानते हैं आपकी बातों को आप यह बताइए भवान आने के लिए बहुत ननि अपनी बात को पड़ी करने की कोशिश मत अगर आप अगर आप चर्चा करना चाहते हो ना पूरी बात सु आप ये सिद्ध करो ब्रह्मा विष्णु महेश आपने एक मंत्र बता दिया उसम भी कहीं नहीं लिखा हुआ है जो दर्शक आपको देख रहे हैं उनको बताइए स्पष्ट कीजिए कि ब्रह्मा जी विष्णु जी शंकर जी पूर्ण परमात्मा है और ये विषय सुनिए देखिए ऐसा है मैं बताता हूं मैं बताता हूं ये जो वीडियो हमने बनाया है यह जो लाइव आपको लेके आए हैं इसलिए लेके आए हैं कि हमने रामपाल के शिक्षाओं पर एक क्वेश्चन किया लेकर आए हो हमें भी कुछ
00:28:36:06 क्वेन ठीक करता आपको सुना तो भाई यह था छोटा सा एक वो वैसे भी इनसे बहुत ज्यादा बात करने का कोई औचित्य नहीं था क्योंकि इन्होंने वैसे भी कहा था
00:29:09:00 कि यह जो है केवल एक अनुयाई है तो हमारा निवेदन है कोई अगर आजकल मैंने देखा है कि एक हमारा जो वीडियो है जो हमने मेले में जाकर के बनाया था वहां पर कबीर वालों के स्टॉल पर जाकर के बनाया था तो वो बहुत ज्यादा वो सक्सेसफुल रहा वहां पर जाकर ऐसा करना और वो अभी भी चलता जा रहा है वो वीडियो तो जैसे जैसे वो चलता जा रहा है वैसे-वैसे हम अ वैसे वैसे हम हमारे नाम से जो है यह कबीर पंथी जो लोग हैं वह वीडियोस बना रहे हैं उसकी वजह से भी वो वीडियो और चर्चा में आ रहा है तो मैं जो भी वीडियोस बना रहे हैं उनके लिए मैं उन्हें आमंत्रित करना चाहता हूं सस मान वो विद्वान है जो वीडियोस बना रहे हैं यह मानते हुए आप आए और यहां पर आकर के कबीर का जो मत है उसको स्पष्ट करें दूसरी बात यह है कि हम मैं यहां पर सारी चीजें आपको खोल खोल के इसलिए नहीं बता रहा हूं क्योंकि इस पर हमने ऑलरेडी वीडियोस बना रखे हैं जिसमें आप जाकर के देख सकते हैं यहां पर हम लोग वह बातें कर रहे हैं जो अटक रही है तो हम आपके पास नहीं गए हैं फॉर्म भरने के लिए नहीं भाई हमें आपसे चर्चा करनी ज्ञान चर्चा करनी
00:30:24:02 हमें जब करनी होती है तो हम बाकायदा संपर्क करते हैं ज्ञान चर्चा कर लेते हमारा मत पूछेंगे हम भी बता देंगे यह वीडियो इस विषय में है यह जो लाइव स्ट्रीम थी इस विषय में थी कि हमने जो वो क्वेश्चनिंग वहां की थी कि भाई रामपाल अपनी शिक्षाओं को सिद्ध करे तो वो आप सिद्ध नहीं कर रहे हैं बल्कि यह कह रहे हैं य तो भगवान को पता होगाय तो भगवान को पता होगा और अब बात आती है क्या शास्त्रों द्वारा प्रमाणित है हां भाई शिव पुराण द्वारा प्रमाणित है विष्णु पुराण द्वारा प्रमाणित है भगवती पुराण द्वारा प्रमाणित है सबसे अब बात ये आएगी हम आपसे आगे इस विषय में चर्चा इसलिए नहीं करेंगे क्योंकि आप उसमें से उस पर भी आऊंगा ऐसा नहीं है कि नहीं आऊंगा मगर एकएक करके क्रमबद्ध से तो अब उस विषय में चर्चा इसलिए नहीं हो पाएगी आप कहोगे नहीं भाई यहां ये लिखा है यहां ये लिखा है फिर मैं आऊंगा इस बात पर कि यह जो ज्ञान आप वेदों के आधार पर दे रहे हैं ये आपको कैसे प्राप्त हुआ एक तरीका होता है दो चार प्रश्न है दो प्रश्नों के तो ये भाई साहब जो आए थे जवाब नहीं दे पाए तो कैसी लगी आप लोगों को स्ट्रीम बताइएगा कोई एक सज्जन अभी मैंने देखा जो शायद प्रभु सिंह यह जो
00:31:35:12 है अध्याय नंबर चार का 34 वा मंत्र पढ़ ले भगवान श्याम कह रहे हैं तथा आप जो है अपनी ज्ञान गंगा पढ़िए उसमें देखिए क्या लिखा है कि जो भगवत गीता है उसका 5 पर ज्ञान जो है वो ग्रहण करने योग्य नहीं है तो पहले आप निश्चय कर लीजिए कि वो श्याम लाल जिनको आप कह रहे हो वो पूर्ण भगवान है कि नहीं या फिर उनमें कुछ कमी है अगर कमी है तो फिर वह जो कमी है और कमी नहीं है यह पार्ट कौन डिसाइड करेगा कहां पर कमी है और कहां पर कमी नहीं है यह पार्ट कौन और किस आधार पर डिसाइड करेगा और अगर आपको आना है तो अभी लाइव स्ट्रीम चल रही है इनविटेशन हम दे देते हैं लाइव स्ट्रीम अभी चल ही रही है
00:32:28:14 अगर कोई आना चाहे कबीर का पक्ष जो है रखने के लिए तो वह आ सकता है पर विद्वान हो ऐसा ना बोले कि य तो भगवान को पता होगा दुनिया का सबसे बड़ा चोर कौन है जानने के लिए देखें अरे भाई ऐसी बातें ना करें हां प्रभु सिंह जी आप आएंगे तो भाई यहां पर कमेंट में वो डाल दीजिए मैं ही डाल देता
00:33:10:19 हूं अगर कोई कबीर का पक्ष प्रस्तुत करना चाहता है तो वह आ सकता है भाई ऐसी बातें ना करा करें किसी के भी लिए आपत्ति जनक शब्दों का उपयोग कोई आना चाहता है बहुत बेसिक सी हां मैं इसको पिन कर देता हूं सही कह रहे
00:34:04:20 हैं स्टार कर दिया स्टार का ऑप्शन था तो बहुत बेसिक सी अगर आप चीजें पकड़ लेंगे तो आपको आपके धर्म का खंडन जो आपका मूल धर्म है उसका खंडन उसमें परास करने वाला कोई व्यक्ति कोई मायका लाल आपको मिलेगा नहीं और बहुत साधारण सी बातें हैं ईश्वर सर्वशक्तिमान हो अबाध हो और हमारे ईश्वर जैसे ये लोग कहते हैं ना कि वो भी उनका भी अ विनाश हुआ य कबीर पंक्तियों की जो लाइनस होती है वही होती है उनका भी नाश हुआ ब्रह्मा विष्णु महेश का भी नाश हुआ भाई नाश भी कर सकते हैं यही तो बता रहे हैं हम किसी भी नियम के नीचे नहीं है यही तो बता रहे हैं तो व्यवहार में भगवान सब कुछ कर सकने वाले हैं किसी भी प्रकार से उनके सामने नहीं लिखा जा सकता कि ही कांट डू इट कौन है
00:34:56:19 क्यूट भाई कैमरे के साथ आना पड़ेगा जो आ रहे हैं अपना कैमरा ऑन करिए कैमरा ऑन करें तो हम ले आपको चले गए सत्य की लड़ाई है सत्य के पक्षधर हैं तो मुंह छुपाना बंद करें ठीक है तो कुछ तीन पॉइंट है बस इसी से ही आप पहली बात सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष और शाश्वत धर्म इन तीन की बात किया करिए बस ज्यादा किसी से बहुत ज्यादा समय नष्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है हां ठीक है क्यूट हां
00:35:51:10 आप तो ठीक है फिर इस लाइव को यही स्थगित करते हैं बहुत छोटी लाइव हो पाई वो महाशय जो आए थे वो हर बात में यही बोल रहे हैं कि भगवान को पता होगा भगवान को पता होगा तो फिर क्यों तत्वदर्शी बने घूम रहे हो भाई क्यों बना रहे हो कि व भगवान के वो अवतार है भगवान को पता होगा बनाएंगे इनके शॉर्ट बनाएंगे सुप्रीम कोर्ट के फैसले में प्रमाण है रामपाल क्रिमिनल है फैसला हो गया
00:36:29:22 प्रभु सिंह आप आ क्यों नहीं रहे हैं जेनेसिस फोटो है आपकी चेहरा दिखाइए जेनेसिस जेनेसिस बताएं हेलो जी बताए मैं कह रहा था कि बिना कैम के डिबेट वो मतलब बात नहीं करोगे आप नहीं बिना कैम केम नहीं करते अच्छा कोई नहीं चलो फिर मैं जाता हूं छोड़ दीजिए आप ठीक सत्य के पक्षधर है तो फिर मुंह ना छिपाए अपने चेहरे को लेकर आए जब हम अपने हर प्रकार से अपने अस्तित्व को दाप पर लगाकर निकले तो आपका कर्तव्य बन जाता है यदि आप सत्य के पक्षधर होते हुए आ रहे हैं कि आप सामना करें बराब तो अलग है सत्य का पक्ष तो आप ऐसे भी ले सकते है बिना दिखाए हु जो सच होगा वो तो हर जगह खगा पर भी होगी बात जब आप चेहरा दिखा कर आएंगे ठीक
00:37:45:00 है मैंने कई बार बता दिया है एक मर्यादा बनाई है कि विरोधा भाषी जो चर्चा हम लोग करते हैं उस पर हमारा अधिकांश अधिक से अधिक यही प्रयास होता है कि जो चर्चा हो वह बराबरी की हो बराबरी की चर्चा के लिए जैसे हमारी पहचान सबको प्राप्त है वैसे ही सामने वाले की पहचान भी सबको प्राप्त होनी चाहिए क्योंकि वह हर प्रकार से प्रतिकार करने के लिए स्वतंत्र होता है जब उसकी पहचान छुपी हुई होती है और हम तो खैर वैसे भी हमारी पहचान छुपी हुई हो या ना हो हमारे हमें तो मर्यादा की सीमा में रहकर ही बात करनी है मगर सामने वाला ऐसा नहीं है आवश्यक नहीं है कि वो भी ऐसा ही हो तो किसी प्रकार से अमानना कर सकता है कुछ भी कर सकता है इस कारण से आपको इस सीमा के साथ हमसे बात करनी होगी कि आपका चेहरा भी सब लोग देख रहे हैं आपको भी सब लोग जान रहे हैं जैसे हम निडर होक के सत्य का पक्ष रख रहे हैं निर्भीक हो कर के वैसे ही आप भी रखिए हमारे साथ श नाथ तो किस बात की चिंता हमें जो भी है जेनेसिस आप नास्तिक है या आपके कोई किसी ईश्वर को मानते हैं तो क्या उस ईश्वर से आपको ऐसा बल नहीं मिल रहा जो आपको सत्य की रक्षा करने ने के लिए मुंह को
00:39:00:08 ना छिपाने का बल दे सके ठीक है तो इसको फिर पूरा करते हैं बहुत ज्यादा अच्छी नहीं रही शुरू में ही उन्होंने दो तीन बातें ऐसी कह दी हां भाई प्रभु सिंह आप आ जाइए वेदों में प्रमाण है वेदों में प्रमाण है आपको आना है प्रभु सिंह चलो नहीं आना है उतना बल अभी प्राप्त नहीं है वेदों में प्रमाणित जो ईश्वर है इनका कबीर उसने प्रभु सिंह को अभी इतनी ताकत नहीं दी है इतनी क्षमता नहीं दी है कि अपने वो आ कर के यहां पर अपना वक्तव्य रख सके अपने ईश्वर का पक्ष रख सके वो अभी ताकत इनको नहीं दी है शायद अन्यों को दी होगी जैसे अभी जो भाई आया था उसको तो प्राप्त थी उसको इतनी इतनी क्षमता तो दी गई थी कि उसने अपना चेहरा दिखाया इसके लिए मैं अप्रिशिएट करूंगा उसे चलिए अच्छा और भी कोई है रामपाल का इन्होंने ये लगाई हुई है रामपाल का ये क्या
00:40:08:27 है रामपाल का चेला एड टू स्टेज रामपाल के चेले जी आप अपना चेहरा दिखाएं आपने वोल्डर मोट का चेहरा लगाया हुआ है हैरी पॉटर का विलन था जो मुख्य रामपाल के चेले जी आपसे बोल रहा हूं चले गए रामपाल के चेले भी चले गए कबीर अवतार चलिए चलिए भ आपका स्वागत है कबीर अवतार जी आपका शुभ नाम आप भी चले गए तो यह हालात है इस समय कबीर के फॉलोअर्स आ रहे हैं और जा रहे हैं आ रहे हैं और जा रहे हैं
00:40:58:28 ठीक है तो बंद करते हैं और भी कोई आया लाल लाभ लाभ जी आपका फोटो आप भी चले गए क्या बात है चलिए तो हम लोग इसको लाइव सेशन को यही रोक रहे हैं काफी लंबा हो रहा है और कोई बात नहीं की जा कर पा रहा है कोई भी चलिए सभी को जय श्री राम जवाइन करने के लिए आप लोग आप लोगों से मैं बार-बार निवेदन कर रहा हूं केवल यहां पर कमेंट के माध्यम से या सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के माध्यम से हम धर्म की रक्षा नहीं कर सकते अभी आप देख हिंदुओं के साथ बांग्लादेश में क्या हो रहा है गुरुदेव बार-बार कहते हैं हमें दो चीजें कलयुग में काम आने वाली है ऊपर ईश्वर का बल और नीचे संग का बल तो आप लोग हाथ जोड़ के मेरा निवेदन है सबसे पहले कुछ नहीं सबसे पहले भगवान का नाम का जप ही शुरू कर दीजिए जो अपने आप को धर्म रक्षक के रूप में देखता है या भगवान से भगवान की भक्ति करने वाले के रूप में देखता है तो वह कम से कम सवा घंटे भगवान के नाम का जप जरूर करें अगर उसे मंत्र प्राप्त है परंपरा प्राप्त आचार्य से तो उनका वो जाप करें विधिवत यह आवश्य अवश आवश्यक है और धर्म और अधर्म के विषय में जो संशय आते हैं उनके लिए पूरी शंकराचार्य और डाल कर के अपना प्रश्न लिख करके और सर्च करें य पर और
00:42:14:19 धर्म रक्षा अभियान से जुड़ने के लिए 7408 30169 पर करें वहां आपको फॉर्म मिल जाएगा उस फॉर्म को फिल करके आप धर्म रक्षा अभियान से जुड़ सकते हैं एक बात मैं फिर से याद दिला दूं कि हम जो अपना ये नंबर सार्वजनिक करते हैं इस पर जो भी लोग कॉल करते हैं वो ध्यान रखें कि उनके साथ हमारी जो वार्ता हो रही है वो रिकॉर्ड होती है और आवश्यकता दिखाई देने पर हम उस रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक भी कर सकते हैं इसलिए ऐसी बातें ही बोले जो वह चाहते हैं कि जिस जिनके समाज के सामने आ जाने पर उनको कोई आपत्ति ना हो ठीक है चलिए फिर सभी को जय श्री राम
00:43:00:15 हां हम लोग गुरु मंत्र के बारे में बनाएंगे हां शॉर्ट निकालेंगे उनका शॉर्ट निकालेंगे स्कन वाले अंकल जी का शॉर्ट कब बनाएंगे दीपांशु साहू दीपांशु साहू जी आप आमंत्रित है आए और यहां पर संत रामपाल के द्वारा प्रतिपादित होने वाले ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध
00:43:34:07 करें अच्छा नवीन जी कुछ देर और कर लेते हैं मैं रामानुज परंपरा से हूं बहुत बहुत अच्छा मेरे गुरु जी जल समाधि ले चुके मुझे क्या करना चाहिए आपके गुरु के द्वारा बताए गए जो मार्ग है उस पर यथा सामर्थ आप चलने का प्रयास करते रहिए ठीक है प्रश्न ले रहे हैं अब देखिए अभी तक पहले जो प्रश्न कर चुके हैं सौरव कसाना आ जाइए आर्य समाज से ही आ जाइए आप ही आ जाइए आ जाइए सौरभ कसाना जी आ जाइए मैं आर्य समाज से हूं मैं अपना पक्ष रखूं आ जाइए सौरभ जी फोटो के साथ आना है कैमरे के साथ
00:44:29:26 कबीर ही भगवान है प्रेमानंद जी पर क्या विचार बहुत अच्छे हैं देखिए प्रेमानंद जी बहुत बढ़िया है और रसिक भक्त है बहुत अच्छे भक्त है भगवान के और वह भी अंतिम देखिए धर्म हमारा पक्ष य नहीं है कि सब लोग अपने गुरुओं को तिलांजलि दे दे भैया शंकराचार्य को मा ना ना सब लोग जितने भी हम जिस जिस रूप में भी हमने गुरु को गुरु की सेवा हम कर रहे हैं अगर व वो प्रामाणिक है और शुद्ध भक्त है भगवान के तो उनके द्वारा भी शंकराचार्य धर्म और अधर्म के अंतिम निर्णायक हैं ठीक है तो जब कभी जीवन वैसे आप कभी मत आइए शंकराचार्य के पास सिर्फ एक बात मन में धारण कर लीजिए कि जब कभी धर्म और अधर्म के विषय में कोई मामला अटक जाएगा तो अंत में शंकराचार्य के पास आएंगे इस भाव के कारण ही सनातन समाज सेंट्रलाइज हो जाएगा संगठित हो जाएगा सुरक्षित हो जाएगा और हम जो कहते हैं ना कि हाथी बनकर बैठना है वह चीज साकार दिखाई देने लगेगी सौरव कसाना जी आप आ नहीं रहे हैं काफी देर हो गई कबीर परमात्मा पाप का शत्रु है पाप विनाशक है कबीर परमात्मा संपूर्ण शांति दायक है आप आ जाइए
00:45:45:01 ना दीपांशु श्रीमद् भगवत गीता हां इनके कुछ रटे रटा वो श्लोक होते ना इसीलिए लोग शास्त्रों की बात करते हैं और इसीलिए मैं इनको छकाता हूं कबीर पंथिया के कुछ रटे रटा श्लोक होते हैं मंत्र नंबर इतना वो अध्याय श्लोक क्रमांक इतना तुरंत रट्टा मार के बोलना चालू करते तो इसलिए मैं उसी उसी को नहीं लाता हूं जो ये सोच के आते हैं कि मुझे यह बोलना है वहां जा करर के रटना है मैं उस टॉपिक को ही नहीं छेड़ता हूं इसीलिए व्यक्ति जो है फिर थोड़ा परेशान होने लगता है यह क्या बात हुई
00:46:29:02 भैया अपना धर्म इतना संप्रदाय में कैसे बट गया मैं बहुत आश्चर्य में हूं भैया बहुत दुख होता है देखकर देखिए यह जो धर्म और अधर्म का युद्ध है इसी के तो दृष्टा है भगवान ईश्वर तो आपको जोय जो प्रकृति है प्रकृति का नाम ही भेद है वो बटेगा आप अभेद की तरफ हो तो भेद को होने से और भेद का निर्वाह करते हुए भेद को होने से रोको तभी अभेद की प्राप्ति होगी तो आप ना तो कर्म करने से बचने की सोचिए और ना ही कर्म के प्रति आसक्त होइए ना ही कर्म के फल पर आसक्त होइए मगर उसको अपना कर्तव्य मानकर करते रहिए समत्व भाव रखिए जीत में और हार में समत्व भाव जीत का लालच हार का भय ना हो शत्रु प्रतिकार करो
00:47:28:12 यह प्रभु सिंह आ नहीं पा रहे हैं केवल बोल रहे हैं भगवान कभी नष्ट नहीं होता हां बिल्कुल शंकराचार्य के सैनिक हैं कबीर जज रियल अब वह रियल के आगे क्या है गॉड है कि यह है पहले यह बताना होगा कि आपने मेरी चुनौती स्वीकार क्यों नहीं की मल युद्ध की भाई हमने तो नहीं कहा कि हम बहुत बड़े पहलवान है हा हमने कब कहा हां मगर आवश्यकता पड़ेगी तो लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे यह ध्यान रखिए धर्म की रक्षा की बात होगी मुझे लगता है कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो धार्मिक होगा और वह युद्ध की बात आ जाने पर पीछे हटे क्योंकि क्या है जो उदारता अपने अस्तित्व और आदर्श पर हावी हो जाए वो उदारता उदारता नहीं कायरता कहलाती है तो हदय की तु दुर्बलता को छोड़ो और भाई साहब आप लोग यह जो कर देते हो ना यह कि पहले यह बताना होगा आप अंतिम निर्णायक नहीं है ईश्वर बन के हमारे पास मत आइए वही रहिए जहां है ठीक है जैसे लोग कह देते हैं उपनिषद को छोड़ो क्यों
00:48:43:15 छोड़े भाई क्यों छोड़े उपनिषद को आपके द्वारा निश्चित क्राइटेरिया में आकर के क्यों बात करें यहीं से दो क्यों दे सब कुछ उसी जगह पर थोड़ी ना है उस पर आधारित अन ग्रंथ भी है अब आपने क्राइटेरिया सेट कर दिया पहले य बताना होगा मेरी चुनौती स्वीकार क्यों नहीं की क्यों बताएं भाई आप भगवान है जो आपकी आज्ञा का पालन करने के लिए हम जो है बिल्कुल परतंत्र हैं आप तानाशाह है ठीक है तो दो गेस्ट यहां पर आए हैं राम गुरुजी प्रणाम जी भैया खुश रहिए बताइए हम आपका य में वीडियो देखते गुरुजी देखिए
✅ This part is already used · 00:49:31:20 – 01:00:52:24 (11:21)
→ Used in: A · Video वर्ण व्यवस्था पर चर्चा #aryasamaj #swamidayanandji #iskcon at 0:38 ↗
→ Used in: B · Video वर्ण व्यवस्था जन्म या कर्म at 0:07 ↗
00:49:31:20 वो तो देखते हैं मगर इस समय कोई अगर हम लोगों ने लाइव स्ट्रीम रखी है वैचारिक मतभेद के निमित्त रखी है इसको आप समझिए मैं आपका आभारी हूं आप समर्थक होंगे हो सकता है अगर कोई मतभेद है तो आप बताइए तुरंत हा मुझे मतभेद है जसे आप गीता को मानते गुरुजी पहली बात तो यह है कि मैं आपका गुरु नहीं हूं यदि मतभेद है इसको सही करिए गुरु का अर्थ क्या है ठीक गुरु का अर्थ है जो अंधकार को नाश करे तो आपका नाश नहीं किया ना मैंने बल्कि आप तो काउंटर कर रहे हो मेरी चीजों को विरोध है गुरुजी गुरुजी एक करके चलेंगे एक एक करके चलेंगे पहले इसको क्लियर करो आपने गुरु जीी कह दिया यह कह दिया वो मिथ्या वाद मत करो चलिए अब बताइए अना हा मैं कहता हूं जैसे गीता में लिखा चातु आप किसकी तरफ से आए हैं ये बताइए आप किसकी तरफ से आए रामपाल नहीं नहीं रामपाल की तरफ से नहीं आए किसकी तरफ से आए हम ऐसे आए विषय क्या है हम विषय यही है आप जो बोलते हैं कि जो हम लोग का वन व्यवस्था
00:50:46:25 जन्म से जातिवाद होता है उस वही वि देखिए पहली बात तो यह है एक गलत फहमी है परंपरा प्राप्त आचार्यों के बारे में कि वो मतलब ब्राह्मणवाद या क्षत्रिय वाद ऐसा नहीं है उसको समझिए सूत्रा क्मक जन्म से नामांकन कर्म से चयन अगर कोई ब्राह्मण का जैसे यज्ञ कराना है तो हम किसी ब्राह्मण को ढूंढने जाएंगे मगर यदि वह ब्राह्मण मदिरा पान करता होगा मांसाहार करता होगा तो उसको त्याग भी कर देंगे फिरस्त भी कर देंगे फिर किसी शुद्ध ब्राह्मण को जो ब्राह्मण कर्म से भी हो जन्म से भी हो उसको लेकर आया जाएगा पहली बात तो ये है अब अगर हम मान ले कि जो यह वर्ण व्यवस्था है यह जो है कर्म से होती है ठीक है तो इसका लाभ क्या है यह बताइए मुझे इसका लाभ यही है क्या जैसे कि देखिए हॉस्पिटल में डॉक्टर का बेटा भी क्लर्क बन सकता है वहां पर क्लर्क का बेटा भी उसम डॉक्टर बन सकता है ले अरे भाई हमने सुनो हमने कहा चार लोगों में यह ब्राह्मण है यह क्षत्रिय है कर्म के आधार पर कर्म के आधार कहा ये ब्राह्मण है ये क्षत्रिय वैश शूद्र है इसका फायदा क्या है
00:52:02:10 यह क्यों बताया जा रहा है इसलिए बताया जा रहा है कि हम लोग का जो समाज है वो व्यवस्थित से चले यानी कि जब हमें ब्राह्मण की आवश्यकता हो तो हम ब्राह्मण को ढूंढ सके ना हा ढूंढ सके ना तो अगर हम कर्म के आधार पर ये वर्ण व्यवस्था को मान लेते हैं तो यह भी तो होगा कि हम ब्राह्मण को जब ढूंढने जाएंगे तो ब्राह्मण कहेगा भैया मैंने अपना वर्ण बदल लि अभी अभी उसका क्या करें वो तो क्षत्रिय बन जाएगा फिर मा यू करने त्रय बन गया इसका मतलब व्यवस्था कहां रही लेने गए ब्राह्मण को पा किलोमीटर का सफर किया वहां पर वो कह रहा भैया मैं क्षत्रिय बन गया भगवान श्री कृष्ण कह रहे हैं अर्जुन से यानी कि कर्म के आधार पर वर्ण कर्म के आधार पर प्राप्त होने वाली जो वर्ण व्यवस्था है उसके द्वारा किसी को उसके धर्म के लिए वर्णाश्रम धर्म के लिए बाध्य नहीं कर सकते जबकि श्री कृष्ण बाद कर रहे हैं अर्जुन से तू क्षत्रिय है तेरा धर्म है रक्षा करना तो बाध्य कैसे कर सकते हैं क्योंकि वो तो कभी भी बदल सकता है वो कहेगा अर्जुन मैंने अभी अभी जो है कथा कथा करने का सोच लिया सत्यनारायण की कथा करने जा रहा हूं मुझे युद्ध नहीं लड़ना क्या करोगे फिर वर्ण बदल गया
00:53:17:16 मगर वर्ण नहीं बदल सकता इसीलिए भगवान कहेंगे ऐसी बात कि भाई तू जन्म से क्षत्रिय है तू इसको बदल नहीं सकता है लड़ तेरा काम है हम मैं पूछना चाहता हूं क्या उसका बेटा भी ब्राह्मण ही होगा क्या क्षत्रिय काम करता उसका बेटा क्षत्रिय बन जाएगा सुनो उसके अंदर उसके अंदर गुणवत्ता होगी क्षत्रिय बनने की मगर जब वो उन गुणवत्ता का यूज करेगा जीवन में तब उसे सेलेक्ट किया जाएगा मैंने कहा [संगीत] नॉमिनेशन बन जाएगा व अगर मान उसके अंदर क् क्षत्रिय गुण होगा तो क्षत्रिय बनेगा अगर क्षत्रिय से जन्मा है और फिर उसने क्षत्रियो चित आचरण को ब्राह्मण जन्मा लेन क्षत्रिय जैसा गुण है उसके अंदर वो हमेशा लड़ना चाहता तो वो क्षत्रिय बनेगा क् वो ब्राह्मण ही कहलाएगा देखिए आपातकालीन स्थितियों में तो हम लोग आलंबन ले सकते हैं वैकल्पिक ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र आदि का मगर जो परफेक्ट तरीका है कि अगर रट वेलर है और हमें फैक्ट्री की रक्षा करवानी है और हमें रोट वेलर प्राप्त है जन्म से तो फिर हम किसी लेब्राडोर को रोट वेलर की ट्रेनिंग क्यों दें जब हमें ब्लड से प्राप्त है जिसके अंदर खून भी रट वेलर का हो
00:54:32:25 उसी को ट्रेनिंग दें वो रक्षा करने वाली जबरदस्ती हम लेब्राडोर को रोट वेलर क्यों बनाए उसमें समय भी जाएगा उसमें उसमें श्रम भी जाएगा और एट द एंड हमें शुद्ध रट वेलर तो कभी नहीं मिलेगा जितना रट वेलर जो खतरनाक होता है उतना खतरनाक लेब्राडोर को हम फिर भी नहीं बना पाएंगे है ना तो इसलिए वर्ण व्यवस्था अब जैसे अब जैसे हमने स्वीकार कर लिया कर्म से वर्ण व्यवस्था को स्वीकार कर लिया तो माना जाता है कि जो अंतर अंतर वर्ण विवाह होगा तो उसमें वर्ण शकता आती है प्रज्ञा शक्ति गिरती जाती है चेतन शक्ति तो क्या है कि ब्राह्मण ब्राह्मण मान लो कर्म से ही मानना है ठीक है तो ब्राह्मण की बिटिया का विवाह ब्राह्मण से हो क्षत्रिय की बिटिया का विवाह क्षत्रिय से हो जिससे आने वाली जो नस्ल है उसकी प्रज्ञा शक्ति बची रहे ठीक है अब हम लोगों ने जब कर्म से माना है तो जब हम हम अपने घर की बिटिया का विवाह करने निकलेंगे तो हम क्या पैरामीटर सेट करें वहां प किसके यहां सबसे पहले जाए यह जो सबसे पहले जाने वाली बात है इसी के लिए जन्म से है बस और कुछ नहीं है भाई हम रोड पर उतर कर के हर व्यक्ति के गुणो कर्म तो चेक नहीं करेंगे ए भाई रुक मेरी बहन से विवाह करेगा क्या रुक जा भाई तेरे घर गुणो कर्म बता
00:55:47:28 हम लोग अपने माइंड में एक पैरामीटर सेट करेंगे कि भाई कोई अच्छा घर हो अब ये जो मैंने अच्छा घर हो कहा ना अच्छा घर हो तो अब यहां पर सवाल ये बनता है कि जिसका अच्छा कर होगा क्या उसका बेटा अच्छा होगा क्या जैसे आपने मुझसे कहा ब्राह्मण का बेटा ब्राह्मण नहीं हम अच्छे घर से शुरुआत कर रहे हैं ढूंढा करने की उसी प्रकार से ब्राह्मण घर से शुरुआत करते हैं ढूंढने की उसके बाद भी उसे चेक किया जाएगा कि वो ब्राह्मण वाले आचरण है कि नहीं मगर शुरुआत कहां से करें उसके लिए जन्म से वर्ण व्यवस्था हां उसके लिए शुरुआत से
00:56:24:04 वर्ण ब्रहण बन सकता है केवल एक प्रारंभिक पैरामीटर लेने के लिए जन्म से वर्ण व्यवस्था स्वीकार किया जाता है कि प्रारंभ कहां से करें कहीं ना कहीं से तो प्रारंभ करेंगे अगर हमने कुछ भी कहा हमने ब्राह्मण क्षत्रिय वैश शूद्र नहीं कहा ठीक है तो हम ये कहेंगे कि भाई ऐसा घर देखे जहां पर दिन और रात भगवान की भक्ति होती हो तो यह भी हमने क्या कह दिया कि जहां दिन और रात भगवान की भक्ति भक्ति होती होगी तो उससे सिद्ध नहीं होता कि उसका लड़का भी भगवान की भक्ति करता होगा नहीं फिर भी हमें उसको चेक करना पड़ेगा मगर प्रारंभिक पैरामीटर हमने लिया ना तो उसी प्रारंभिक पैरामीटर पर य ब्राह्मण क्षत्रिय वैश शूद्र है बस कि नॉमिनेशन कहां से आए हम लोग अपनी बहन का विवाह करने के लिए सड़क पर तो नहीं उतर जाएंगे चल मेरे साथ और हर हर व्यक्ति का कॉलर पकड़ के दिखा अपने गुण कर्म दिखा अपने गुण कर्म ये तो नहीं कर सकते तो प्रारंभ कहां से करें कि भाई किसी ब्राह्मण का अगर ब्राह्मण से विवाह कराना है तो किसी ब्राह्मण के घर से प्रारंभ करें फिर उनके बेटों को हा अगर ब्राह्मण का घर बचा ही नहीं तो आपातकालीन स्थिति हो गई वैसे तो इस बारे इसके लिए भगवान ने कहा ना कि मैं क्यों आता हूं मैं क्यों आता हूं क रक्ष के लिए धम की रक्ष आगे एक लान है आगे भी एक लाइन अधम की नाश के लिए
00:57:39:09 अधम का ना साधु भक्तों के उद्धार के लिए साधु भक्त तो जब हम ये कह रहे हैं कि ब्राह्मण जब रहेंगे नहीं तो वो आना भगवान उस चीज को आने ही नहीं देते हैं उससे पहले ही वो आ जाता है कि यदा यदा धर्म भवती भारता तो ये सब हमारी अपनी बात को रखने के लिए की जाने वाली कल्पनाएं मात्र है कि जब ब्राह्मण नहीं होंगे तो किससे करेंगे या क्षत्रिय नहीं होंगे तो किससे करेंगे जिस दिन ब्राह्मण नहीं होगा क्षत्रिय नहीं होगा वैश्य शूद्र नहीं होंगे परंपरा प्राप्त उस दिन धर्म नष्ट हो चुका होगा और भगवान धर्म ध को नष्ट होने नहीं देते हैं जैसे ही नष्ट होने के ककार पर आता है उससे पहले आ जाते हैं तो यह ऐसा है मेरा एक प्रश्न है आपसे कि क्या शूद्र का बेटा ब्राह्मण बन सकता है कई जन्मों के जन्मांतर के बाद उसी जन् में भगवान बना सकते हैं भगवान प्रकट हो जाए भगवान कोई ऐसी मान ि वो चार जाता है तो वो ब्राह्मण कहलाएगा व सुदल का बेटा मैंने आपको पूछा ना कि आप एक लेब्राडोर को रट वेलर की ट्रेनिंग दे दो बहुत बढ़िया क्या वो रिजनल रलर बन जाएगा नहीं बनेगा बस उतना ही अंतर है उतना सही अंतर है दूसरी बात चलो हम चलो हमारे अंदर हमारे अंदर यह
00:58:54:12 है कैपेसिटी की हम उसको ट्रेनिंग द और 99 पर उसको बना देंगे ठीक क्यों करें जिस दिन रट वेलर मर जाए सारा का सारा नस्ल खत्म हो जाए तब करें ना हमारा उद्देश्य है भगवान की भक्ति करना भगवान को प्राप्त करना हम अपनी एनर्जी कहां यूज कर रहे हैं लेब्राडोर को रोड वेलर बना के छोड़ेंगे और रड वाल्मीकि जी शूद्र से तो ब्राह्मण बने वाल्मीकि जी के जो पिता है उसका वर्णन पढ़ लीजिएगा वाल्मीकि रामायण जो गीता से प्रकाशित है उसी को पढ़ लीजिएगा उसी में बताया गया है उसमें रेफरेंस दिया गया मनुस्मृति के आधार पर उनके पिता जो थे ब्राह्मण थे उनके बारे में गलत धारणा फैलाई गई है ले ये तो पक्का है ना कि उन्होंने उंगली वो डाकू बन गए थे हां हो सकता है ये सब वस्तुनिष्ट प्रश्न है इस पर तो आगे बात हो सकती है डाकू जब बने तो वो शूद्र कहलाएंगे कि क्या आप ये बताओ मैं आपसे पूछ हूं मैं आपको बताता हूं मैं आपको बताता हूं पतित हुए उन्होंने पश्चाताप किया ये सब चीजें हैं हमारे कि मान लो एक एक ब्राह्मण जो है वो शराब पी ले तो उसमें बताया गया कि वो जलती हुई सलाख का आलिंगन करे अगर तो ऐसे जो दोष हो जाते हैं तो उसके लिए पश्चाताप है उसके बाद
01:00:09:15 बहुत सारी प्रैक्टिसिंग है उसके बाद वो दोबारा अपनी जगह में वापस आता है जो लोग ये कहते हैं कि भैया जन्म से सब लोग शूद्र होते हैं जन्मना जाते शूद्र का बहुत उपयोग किया जाता है उसका वास्तविक अर्थ है कि शूद्र वत होते हैं शूद्र नहीं होते हैं शूद्र वत होते हैं शूद्र वत होते हा शूद्र वत होते हैं अच्छा अब बात ये आती है कि कुछ लोग कहते हैं कि भाई कुछ कर्म ऐसे हैं जिनको करके वोह जो शूद्र है वो ब्राह्मण बन जाएगा क्षत्रिय है जो ब्राह्मण बन जाएगा वो कौन से कर्म एगजैक्टली और कहां लिखे हैं और कौन घोषित करेगा और कौन घोषित करेगा कौन घोषित करेगा कि ये बन गया ये भी बात है कौन घोषित करेगा बहुत सारी उसमें चीजें हैं और
⬜ Not used yet · 01:00:52:24 – 01:01:10:02 (0:17)
01:00:52:24 एक बात और मैं कह रहा था भूल गया दिमाग से उतर गया विष यांतर हो गया चलिए बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके भक्ति करना हां एक बात और कह रहा था मैं कि मनुष्य
✅ This part is already used · 01:01:10:02 – 01:01:52:14 (0:42)
→ Used in: B · Video वर्ण व्यवस्था जन्म या कर्म at 11:29 ↗
01:01:10:02 के जीवन का उद्देश्य कहीं पर यह लिखा हो कि तुम्हारे जीवन का उद्देश्य ब्राह्मण बनना अगर तुम कहीं भी जन्म लिए हो ब्राह्मण बनना क्षत्रिय बनना शूद्र बनना ये तुम्हारे जीवन का उद्देश्य है तो आप दिखाइए लाके अथातो धर्म जिज्ञासा अथातो तो ब्रह्म जिज्ञासा आपके जीवन का उद्देश्य नहीं है ब्राह्मण कहलाना यह आपके मन में डाला गया है इंजेक्ट किया गया है कि तुमको वेद पढ़ोगे डायरेक्ट जिस रूप में वेद विद्यमान है उनकी रचाए है उसको जब पढ़ोगे वही तुम्हारे जीवन का उद्देश्य भगवत भक्ति को भूल जाओ उसी में सारी लड़ाई लगा
01:01:51:01 दो चलिए
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01:01:52:14 तो अब हो गया धन्यवाद आपका कप केक जी देखिए वर्णना जन्मना वर्ण व्यवस्था के बारे में समझ लीजिए वह केवल एक स्टार्टिंग पॉइंट के लिए है उसके बाद भी चेक होगा कि इसके कर्म कैसे हैं स्टार्ट कहां से करें इसके लिए जन्मना वर्ण व्यवस्था होती है कहां से स्टार्ट करें भाई जैसे कहीं पर कोई भरती वर्ती होती है जब तो उस समय एक स्टार्टिंग पॉइंट होता है कि जिसने यह वाली डिग्री प्राप्त कर रखी होगी उसी को इसमें नॉमिनेट किया जाएगा बस उस स्टार्टिंग पॉइंट के लिए बाकी आने के बाद भी उसकी जो है गु गुणवत्ता गुण कर्म देखे जाते हैं वह योग्य है कि नहीं इसी प्रकार से ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य शूद्र नॉमिनेशन जन्म से उसके बाद उनके जो ब्राह्मणो चित क्षत्रियो चित वैश्य चित या शूद्रो चित कर्मों के आधार पर उनका सिलेक्शन होता है यह बस ऐसे ही कर सकते हैं जैसे जो लोग यह सारी बातें सुनने के बाद भी अपनी बातें ही बोला करते हैं उ उन बातों पर बात
01:03:07:16 ही नहीं करते जो बातें प्रश्न रखे जाते हैं कि ब्रह्मा विष्णु महेश के पिता कौन है तो मैं पहले मूवीज देखता था वो रेसिडेंट इविल और यह सब उसमें वो वो नहीं वायरस फैल जाता है तो जॉम्बीज बन जाते हैं और वो एक और थी वो संजय दत्त की एक मूवी आई थी उसमें वो एक्सीडेंट हो जाता है गोलियां लग जाती है जो चंद्र चूर सिंह नाम का अभिनेता था उसको तो वोह बस एक ही बात बोलता रहता था काजल काजल काजल उससे कोई भी तर्क कहो प्रमाण कहो कुछ भी कहो काजल काजल काजल तो यह लोग भी वैसे ही है
01:05:55:18 और
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