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00:00:01:28 [घंटी की आवाज़] चलिए ठीक है। अब आते हैं इनके दोगलेपन। ठीक है? तो दोगलापन इन्होंने शुरू किया है। उसमें एक क्लिप मैं इनकी नहीं दिखाऊंगा। मुफ्ती जी की क्लिप दिखाऊंगा। इन्होंने एक जगह पर सोनाली जी जहां पर मुझे उत्तर देते टाइम अटक रही हैं। कुछ हल्का सा ऐसे कर रही तो वहां पर यह मजाक उड़ा रही हैं सोनाली जी का। तो ऑपरेटर जी जरा मुफ्ती जी का वो वन नंबर का वीडियो दिखाइए जरा इनको। यह क्या कर रही हैं? बहुत सूक्ष्मता से सोनाली जी का वहां पे मजाक बनाने के लिए एक-एक फेस का एक्सप्रेशन ले ले के अरे यह बड़ा करके उसको बात कर रही हैं उस पर। तो अब हम दिखाते हैं कि आपके मुफ्ती जी कैसे अटके थे हमसे बात करते समय। देखिए भैया चलाइए।
00:00:52:07 ऑपरेटर जी सुन रहे हैं मुझे। हम 12 सेकंड वाला फिक्स मान लेता हूं कि खुदा में ऐब नहीं हो सकते जो पॉज पॉज करो ये देखो पॉज करो इनके हाथ पैर देखो कैसे चल रहे हैं इस समय ये फंस चुके हैं यहां मुफ्ती जी ये समझ लीजिए ये जो चर्चा है ना कि ईश्वर की कही हुई बात को आपने प्रमाण कैसे माना है ना हमारे यहां जो वेद को अपारुषय कहा गया है वो क्यों कहा गया है और यहां मुफ्ती जी के चेहरे के एक्सप्रेशन आप देखिए कैसे वो फड़फड़ कर रहे हैं। ये सब ये ऊपर नीचे जो हो रहा है आप समझिए यहां फंस चुके हैं और अभी देखिएगा मेरी एक एक लॉजिकल बात का क्या इलॉजिकल जवाब होगा नहीं बनाया हां ऐप का क्रिएट करना नहीं बना रहे इंसान को ऐप का क्रिएट करना नहीं बना रही अब ये क्या हो रहा है मुफ्ती जी को ये क्या हो गया यहां क्या करेंगी आप मोमिना जी मुफ्ती जी का तो आपने पर्दाफाश कर दिया बेनकाब कर दिया आपने मुफ्ती जी को ऐसे ही ऐसे ऐसे ऐसी उड़ाई थी ना हमारी बहन की ऐसे ही ऐसी उड़ाई थी ना उनकी सोनाली जी की अब हां तो देखो ऐसा है हमारे अंदर
00:02:07:13 का आपस का मामला है तब तक हम पांच वो 100 हो सकता है कोई बाहर का आ जाएगा तो हमें 105 समझना अकेला मत समझना किसी को ठीक है ऐब को क्रिएट करना भी ऐब है। ठीक है? कोई व्यक्ति बम बना रहा है तो वह खासतौर पर तब जब उसे पता है कि ओबरॉय होटल में लगना है, ताज होटल में लगना है तो तब वो इस मंशा से बम बना रहा है ना तो वो ऐब है या तो यह मान लो कि बम फटा ही नहीं प्रपंच रूपी संसार वो फिर हमारी हो जाएगी। समस्त कार्यों को करते हुए भी तू मुझे करता समय। ठीक है? तो आपके मुफ्ती जी का भी मजाक उड़ाइए। अगर आप न्यायप्रिय हैं। आप जो है मुफ्ती जी का समीक्षा करिए। ये ये जो वो कर रहे हैं ना ये फड़फड़ा रहे हैं। इसके बाद अब इनकी एक क्लिप आप चला दीजिए जहां पर ये खुद इस बात को स्वीकार कर रही हैं कि आर्य समाजी जो है वो अप्रामाणिक है। हम जो ये बात बिल्कुल सही है। आर्य समाजी अप्रामाणिक है। टोटल लो आईक्यू और इसके इसकी सपोर्ट में कौन गया है? आर्य समाझी इसके पीछे आर्या समाजी इसकी सपोर्ट में गया था। दोनों एक जैसे हैं।
00:03:22:24 दोनों ही खुद भी आ रही है समाधि ये खुद भी आ रही है समाधि है। अच्छा खुद भी है तो बोल नहीं रही हो। आगे से क्या आगे से बकवास करती है मैं फलानी उसको परंपरा को मानती हूं। मैं फलानी को मानती हूं। कोई परंपरा नहीं है। समाजों का उनका सिर्फ दयानंद होता है ना उनका गुरु होता है। उसके गुरु होता है। इसीलिए वो फंस रही है। जब उनसे पूछा जा रहा है परंपरा क्या तो वो बता नहीं पा रहे क्योंकि आर्य समाज की परंपरा नहीं है। समाज में ये कहा जाता है कि दयानंद जो है ना 18वीं सदी या 19वीं सदी में वो बहुत फीलियर मतलब करा था। ये उसने अपने धर्म को थोड़ा इंप्रोवाइज कर लिया और थोड़ा अपडेटेड कर लिया। सही ठीक है। और इसमें इन्होंने फिर आगे ये तो उदाहरणार्थ मात्र था। इन्होंने आगे कई बार इस चीज को माना है कि हां भाई जो परंपरा से बात आ रही है वो मानी जाएगी और यह आर्य समाजी जैसे लोगों की नहीं मानी जाएगी। इस पर इन्होंने समर्थन प्रकट कर दिया। मूल सनातन धर्म जो परंपरा प्राप्त जो हमारे प्रामाणिक हैं आचार्य गण वह सनातन धर्म है तार्किक व्याख्या भी यह हो गई कि भैया कैसे आए वेद हम तक तो मानना पड़ेगा कि हमसे आए प्रमाणिक आचार्यों से आए तो मूल सनातन धर्म इन्होंने मान लिया मोमिना ने कि वही है आर्य समाजी जो है अप्रामाणिक है अब जरा इनके मुफ्ती जी का सेकंड नंबर वाला वीडियो चलाइए आप देखिए आपने कैसे बेनकाब किया है अपने मुफ्ती जी
00:04:38:00 को यहां पर यह उनहीं इनहीं आप प्रामाणिक लोगों को लेकर आ रहे हैं जिनको आपने रिजेक्ट किया हुआ है। मोमिना जी आपके मुफ्ती और आवाज अकबाई जो आपके लिए बहुत बड़े तुर्रम खान है। तोप के गोले हैं। तोप के गोले हैं ना आपकी लाइफ में आपने इस तरह की बातें की है। ये आप इनको बहुत बड़ा धुरंधर मानती हैं। है ना? तो धुरंधर है तो देखिए क्या लॉजिकल बातें कर रहे हैं जो 100 साल पहले जो इंप्रोवाइज करके मूल सनातन से हटके जो बनाई बनाया गया बनाया गया सेक्ट है उसको आधार लेकर के कह रहे हैं नहीं तुम्हारे सनातन धर्म में तो अवतार को माना ही नहीं गया जब हम कह रहे हैं कि तुम्हारा ईश्वर अवतार क्यों नहीं ले सकता समझे तो किसका सहारा ले रहे हैं अप्रामाणिकता का तो यहां लॉजिकल भी खत्म और आपका भी विरोध लॉजिक भी खत्म हो गया और आपने उस लॉजिक को स्वीकार किया तो आपका भी विरोध हो गया। जिस लॉजिक के कारण आप सोनाली को हारा हुआ मान रही हैं, उसको क्रिटिसाइज कर रही हैं। उसी लॉजिक के आधार पर आपके मुफ्ती और ये आवाज हक जो आपके तोप के गोले हैं, यह धराशाही हो रहे हैं। उसी लॉजिक के आधार पर कब करोगी इनकी समीक्षा? न्यायप्रिय हो ना? तो करना इनकी समीक्षा इस चर्चा की कि भाई आवाज क्या? तुमने 100 साल पहले आए हुए को सनातन धर्म क्यों मान लिया? जब मूल सनातन धर्म वाले तो कह रहे मूर्ति पूजा है,
00:05:53:10 अवतार है। क्यों मान रहे हो आवाज भाई क्यों बचने का रास्ता ढूंढ रहे हो जवाब दो ना खुदा अवतार क्यों नहीं ले सकता यह जवाब दो यह मत बताओ कि दयानंद जी ने तो माना है अवतार नहीं ले सकता सुनाओ इनको दोबारा 12 से सुनाओ 12 से सरस्वती साहब ने उस भूमिका के अंदर वो कहते हैं कि ईश्वर कभी भी जिस्म ले नहीं सकता चीज पूछना चाहूंगा आपसे कि जैसे कुरान के बारे में ये भी कहा जाता है कि उसमें शैतान ने ये कर दिया था वो कर दिया था। सलमान रुदी बोलता है। मैं आपकी हेल्प कर दूं। मेरा सवाल ये है कि आप ही की बात को क्यों माना जाए? [हंसी] भाई एक मिनट आमिर भाई आप समझते हैं कि स्वामी दयानंद सरस्वती और सलमान रुदी दोनों इक्वली स्टेटस के हैं। बिल्कुल [हंसी] दयानंद सरस्वती जो है वो प्रमाणिक गुरु नहीं है। सर्टिफाइड नहीं है। सुन लिया? तो यही बात जो तुम अभी मान रही हो कि वह सर्टिफाइड नहीं है। वह मूल सनातनी नहीं है। इंप्रोवाइज करके हैं। चेंज किए हुए हैं। वो सर्टिफाइड नहीं है। नकली है हिंदू के नाम पे। सनातना भाष है जो तुम मान रही हो। वो तुम्हारे मुफ्ती
00:07:08:21 नहीं मान रहे हैं और उसी आधार पर हमारा काउंटर कर रहे हैं। अब या तो तुम सही हो या यह सही है। मेरी दृष्टि में मेरी जानकारी में तो तुम ही सही हो। तुमने सही होकर के तुमने मेरी चीजों को समर्थन देकर के सोनाली से द्वेष निकालने के चक्कर में अपने आकाओं को धराशाही सिद्ध कर दिया। बेनकाब कर दिया हमारे लॉजिकल और प्रामाणिक आर्गुममेंट को समर्थन करके थैंक यू आई थी ना हमारी हमारे बीच की आपसी वाद विवाद का फायदा उठाने आई थी ना जाओ करो जाके इन मुफ्तियों का आवाज हक का समीक्षा करो इनकी कैसा आदमी है तुझसे लॉजिकल बात पूछी गई है तुझसे वो पूछ रहा है भैया उसका क्यों माना जाए उसका क्यों नहीं माना जाए ऐसे बोलो वहां जाकर तू तड़ाक में निष्पक्ष बनो ना मोमना जी क्या हो गया शायद किसी ठीक-ठाक व्यक्ति से पाला नहीं पड़ा है इसलिए सब खोल खाल के बैठे हो आप लोग आर्य समाजी को गलत समझती हैं और इनके आका लोग आर्य समाजी को प्रमाणिक मानते हुए हम हमसे बचने का प्रयास करते हैं। वो तो हमारे पास परंपरा वहां पर भी दे रहे हैं। जैसे हमने सोनाली से पूछा
00:08:23:25 तुम कौन होते हुए हो बताने वाले? यह लिखा है। ऐसे ही हमने तुम्हारे मुफ्तियों से पूछा था। तो अगर सोनाली से पूछने में तुम हमारा समर्थन कर रही तो यहां भी समर्थन कर देना। वीडियो कब बना रही हो यह जरूर बताना। तुम्हारे दीन में ये तो बताया होगा ना कि भैया ये वो वो मत करना। न्याय करना। न्यायप्रिय है कि नहीं दीन कि दोगलापन सिखा रहा है। क्या है? क्या मानू? मैं वही मानूंगा जो तुम दिखाओगी। तो या तो तुम निष्पक्ष उसकी समीक्षा करो बैठकर के कि भैया तुम दयानंद को लाए क्यों? पहले तो ये बताओ। तुम यह जवाब दो ना कि अवतार क्यों नहीं ले सकता? इस पर रहो ना। तुम दयानंद को ला क्यों रहे हो? ला रहे हो तो वो लॉजिकल आर्गुममेंट दे रहा है कि दयानंद जी परंपरा से नहीं है। प्रामाणिक नहीं है तो उसका वो आर्गुममेंट स्वीकार करो। फिर तुम परंपरा को भी खंडित करने में जा रहे हो। उन्होंने परंपरा के लिए क्या कहा कि विष्णु पुराण में कहा गया है कि जब शुरुआत होती है सृष्टि की तो इतने लाख जो है श्लोक होते हैं और कलयुग आते-आते आज श्लोक बहुत कम है। मंत्र बहुत कम है। इतने मंत्र होते हैं मंत्र बहुत कम है। तो मैंने वहां पर संक्षिप्त उत्तर यही है कि जो मंत्र पहली बात तो हमारे यहां देवी देवलोक इत्यादि माना गया है। तो कई मंत्र तो उस उन लोकों के लिए हैं। मनुष्यों के लिए है ही नहीं। दूसरी
00:09:39:01 बात मंत्रों का लोप हो जाना और मंत्रों का बदलना अंतर है। मेरे घर पर डांका पड़ गया और वो जो पैसे किसी के रखे हुए थे मेरे घर पे वो चोरी हो गए। ये अलग अलग बात है। मगर मैंने खुद उनको कहीं पर छुपा दिया लालच में आकर के या किसी के कहने पर यह अलग बात है। ठीक है? तो जो मंत्र सृष्टि के प्रारंभ से मिले हैं उनका लुप्त हो जाना अलग बात है और उनका जानबूझकर गलत अर्थ करना। ठीक है? ये अलग बात है। अब बात आती है कि एक फाइनल शॉट है। बहुत तगड़ा बहुत बढ़िया वाला फाइनल शॉट। तो मोमिना जी का जो सेकंड वीडियो है वो दिखा दो इनको जरा। ठीक है। मुझे नहीं मानो सनात। मुझे नहीं मानो वैदिक। नहीं मानो सनात। मुझे नहीं मानो वैदिक लो जी चीख चीख कर बोल रही है नहीं मानो मुझे सनातनी नहीं मानो मुझे वैदिक तुम पे पैर आई है कि नहीं आई है पंडित जी जियो कम से कम इस कतूरी के मुंह से जो है सच तो निकला यानी अब जो तुम ना सनातनी हो ना वैदिक हो तो तुम्हारा अब किसी और धर्म पर भी बात करना बनता नहीं है विहीन होने पर ही तो बात हो रही है आप संप्रदाय विहीन
00:10:54:04 होते हुए हिंदू सिद्ध नहीं होती है ना वैदिक ओ हो हो उसने तुम हिंदू सिद्धि नहीं होती तुम हिंदू हो ही नहीं लो जी पंडित ने 15 मिनट में सोनाली लिंग तोड़ को नॉन हिंदू यानी एक्स हिंदू साबित कर दिया वेल डन वेल डन मेरे हिंदू होने से आप मुझे हिंदू नहीं मानिए मैं ये कह रही हूं आप मुझे मुसलमान मानिए आप मुझे हिंदू नहीं मानिए मैं ये कह रही हूं आप मुझे मुसलमान मानिए आप मुझे हिंदू नहीं मानिए मैं ये कह रही हूं आप मुझे अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुल अल्हम्दुलिल्लाह कैसा मजा आया मुसलमानों कैसा मजा आया मुसलमानों बताओ दिल पे हाथ रख के यहां पे जब इनको कंफ्रंट किया जाता है तो इनकी दो टके की भी औकात नहीं है हमारी किसी मुसलमान बहन को कोई यह कह देना कि तुम अब तुम अपने को मुसलमान साबित करो तो वो कभी यह नहीं कहेगी कि नहीं मुझे मुसलमान नहीं समझो वो लड़ेगी वो आखरी दम तक बोलेगी कि नहीं मैं अपने रब को मानती हूं मैं अपने अल्लाह को मानती हूं मैं अपने कुरान पर यकीन करती हूं वो कभी यह नहीं कहेगी। क्यों? ठीक है। अब जरा इनका मुफ्ती का दिखा दो भैया। लास्ट वीडियो जो है
00:12:09:03 ये तो फिक्स ही हो गया कि वो जन्म नहीं ले सकता। ये भी क्लियर है ना? बिल्कुल। चलिए हमारा मेहनत थोड़ी देर के लिए मान लेने वाला है। [हंसी] पॉज करो इसको। पॉज करो। इसको रिपीट करो। चार पांच बार। हमने मान लिया कि हम गलत हैं। दिखाओ। नियम उस प्लान नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान ले गलत फिर दिखाओ चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान लेगा फिर दिखाओ नियम उस पे अप्लाई चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान लेगा चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के लिए मान लेगा मोमिना जी यहां क्या करेंगी अब आपका तो जो वो था वो सिद्धांत सिद्धांत सब मान लिया मुफ्ती जी ने गलत है वही सिचुएशन चाहे मान लो मैं मुस्लिम हूं मान लो मैं वैदिक नहीं हूं अब क्या करो व्हम्दुलिल्लाह क्या था? मैं बोल नहीं पाता हूं। कोई जानता है क्या वो उर्दू? क्या बोला जाता है? कोई जानता है? अल्हम्दुलिल्लाह। हां। क्या करेगी अब यहां? ये मोमिना ये देखो मुफ्ती जी क्या हो गया? मान लिया ना दो मिनट में। चलिए ऐसे ही होता है। जिस दिन कोई कांटे का व्यक्ति सामने आ जाता है। ये हालत होती है आप लोगों की। मान लिया ना? और क्या कह रही थी कि अगर वो मुस्लिम होती, कोई होती तो मानती नहीं, लड़ती। क्या हो रहा है मुफ्ती को? मान लिया उन्होंने फिर दिखाओ
00:13:24:07 उनको चार पांच बार जिससे अलम्दुलिल्लाह कर ले दिखाओ के नियम उस पे नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के मान ले गलत हम बनाए हैं कैसा कैसे हो सेंट के नियम उस पे प्लान नियम चलिए हमारा मेहार थोड़ी देर के मान ले गलत है के नियम उस पे प्लान नियम चलिए हमारा मेरार थोड़ी देर के मान ले गलत करो नियम उस पे नियम थोड़ी देर के मान ले गलत ये तो फिक्स ही हो गया कि एक मिनट अब मैं हिंदुओं से कहता हूं देख रहे हो ना हिंदुओं कैसा लग रहा है यह सुन के आनंद आ गया ना जो हमारे धर्म पर उंगली उठाते हैं 15 मिनट 15 मिनट में मैंने इनको भी जैसे सोनाली जी पर कटाक्ष कर रही ना 15 मिनट में सोनाली जी की ये कर दी तुम्हारे मुफ्ती बैठे हैं 15 मिनट में आया यह सीन चलिए मान लिया कि हम गलत यह होता है अभी पाला नहीं पड़ा है सनातनी से ठीक है। अभी वह सनातना भाषियों से तुम जूझ रहे हो। उसी में कुछ ठीक कर देते हो। फस जाओगे। व्यक्तिगत सलाह यही है। आना मत। फस जाओगे नहीं तो सर्वशक्तिमान का परम उत्तर नहीं है। परम स्वतंत्र मोक्ष का उत्तर नहीं है। शाश्वत धर्म का उत्तर नहीं है।
00:14:40:09 और आपका दोगलापन सिद्ध हो गया। आपके द्वारा ये जो आपने कहा वलम्दुलिल्लाह वो भी सिद्ध हो गया मुफ्ती जी पर। अब मुफ्ती जी को कहना कि भैया उनका मियाद गलत है यानी कुरान गलत है। कुरान गलत है। यानी कि मुसलमान धर्म गलत है। मुसलमान धर्म गलत है। तो मुफ्ती जी कौन हो गए? नास्तिक नास्तिक हो गए तुम्हारे अनुसार मुफ्ती जी। अल्हम्दुलिल्लाह करो अब हो गए ना? बताओ क्या क्या हुए यहां पर मुफ्ती जी? तो आज के बाद इस वीडियो को जब तुम देख लोगी उसके बाद तुम अपना इलाज ढूंढोगी सब जगह-जगह जाकर के इलाज तुम्हें मिलेगा नहीं और जब ना मिले तो हमारे दरवाजे पे आना आ जाना अगर रहम आ गया तो हम आपका इलाज भी आपको दे देंगे। ठीक है? हमारे सनातनी भाई बहनों को बैठा के और अपने वह तीन टप्पर लोगों को बिठा के आप जो है बहुत अकेले में कुछ भी बड़बड़ा लो ये सब कर रही हो ना हम ऐसे नहीं है सीधे सीधी बात और सीधी बात क्या है मूल विषय तुम्हारे यहां ये होता है हमारे यहां कुछ नहीं ईश्वर सर्वशक्तिमान है तुम्हारा तुम्हारे दीन को दीन माना क्यों जाए ईश्वर सर्वशक्तिमान है ईश्वर ईश्वर है यदि
00:15:55:13 है तो सिद्ध कर दो आ के परम स्वतंत्र मोक्ष है तो तीन चीजें हैं। सर्वशक्तिमान ईश्वर सिद्ध करो अपने खुदा को। परम स्वतंत्र मोक्ष सिद्ध करो मिलने वाली वो तुम्हारी आखी रात वाली चीजें हैं। वो मोक्ष है। परम स्वतंत्र शाश्वत सुख सिद्ध करो कि तुम्हारा जो धर्म है वो शाश्वत है। यानी तुम्हारा जो दीन है वो बदलता नहीं है। शाश्वत है। तुम्हारे भाई बहनों को तुम क्रिटिसाइज करोगे। सनातन धर्म का अपमान करोगे वो भी ऐसे दोगलेपन के साथ ऐसे कमजोर सिद्धांतों के साथ तुम कह रहे हो उसने मान लिया सोनाली का यह मान लेना कि मैं वैदिक नहीं हूं ये उतनी बड़ी बात नहीं है जब तुम्हारे दीन को ना मानने वाले व्यक्ति के समक्ष तुम्हारे मुफ्ती का मान लेना तुम्हारे मुफ्ती का मान लेना कि हमारा गलत है और उसके बाद वो सही सिद्ध हुआ नहीं है उस डिबेट में जब उन्होंने गलत माना है उसके बाद वो सही सिद्ध नहीं हुआ है सिर्फ सिर्फ वो इस पर तुले कि तुम तुम गलत हो। अपने आप को सही सिद्ध नहीं किया है और तुम गलत हो में भी सिद्ध कुछ नहीं हुआ। तुम्हारे अनुसार आगे जाकर के वो वही गलत सिद्ध हुए हैं। ठीक है? तुम्हारे यहां के मुफ्ती और तुम्हारे दीन के बाहर के व्यक्ति
00:17:10:14 के सामने वो कह रहे हैं चलिए मान लिया मेरा मियाद गलत है। और यहां तो एक जो भटकी हुई हमारी जो बहन है दिशाहीन है भगवान से प्रार्थना करते कहीं ना कभी ना कभी आ जाएगी वापस। यहां तो वह कह रही है दुर्जन तोषण ऐसे तो आप मजाक उड़ाए पड़े हो। कब मजाक उड़ाओगे मुफ्ती का? अलम्दुलिल्लाह। तो मूल सिद्धांत क्या है? पत्तों पर बात नहीं करते। तुम्हारे यहां ये हुआ है। जो तुम्हारे यहां होता है वो तुम लेके आओ। जो हमारे यहां होता है वो हम लेके आ रहे हैं। सीधी बात है। जिसके पास गुर्दा है उसी को जीने का हक है। जिसका ईश्वर सर्वशक्तिमान है उसी का धर्म धर्म है। ठीक है? तो अपने ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध कर दो। मुझको मुसलमान बना लो। तुरंत कलमा पढूंगा। ठीक? नमाज पढूंगा। ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध करो। धर्म को शाश्वत सिद्ध करो। मोक्ष को परम स्वतंत्र सिद्ध करो। आ जाओ। कब आ रहे हो? अब
00:18:30:26 [संगीत]
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हिंदुओं का भद्दा मजाक मोमिना को पड़ गया भारी
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