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00:00:01:20 सभी को जय श्री राम। तो एक बहुत अच्छी शुभ सूचना है सभी के लिए और जो लोग भी धर्म की स्थापना के लिए इस प्रकरण में हमारे साथ हैं गुप्त या प्रकट रूप से उन सभी को ढेर सारी बधाइयां ढेर सारा साधुवाद उसमें किसी भी प्रकार से निमित्त बनने हेतु शुभ सूचना यही है कि शासन ने प्रथम प्रतिक्रिया दे दी है वहां हाई कोर्ट में केस को लेकर के और वो हमारे बहुत पक्ष में है। हमारे हमारा जो पक्ष है उसको पुष्ट करती है। वो क्या कहा है? तो शासन ने उत्तर दिया है वहां पर हाई कोर्ट में।
00:00:59:10 ऑपरेटर अगर सुन रहे हैं तो यहां पर कुछ डॉक्यूमेंट्स मैंने आपको प्रोवाइड कराए थे वो आप यहां पर प्रदर्शित कर दीजिए। शासन ने हाई कोर्ट को कहा है कि हमने केस दर्ज कर लिया है और प्रारंभिक स्तर पर जो उन्होंने कारवाई की है जैसे कि जो लखनऊ का रामपाल लखनऊ का जो रामदान सेंटर है रामपालगंज वहां पर उन्हें किताबें नहीं मिली है। मतलब लखनऊ पुलिस किताबें ढूंढ रही है कहां पर रखी हैं। परंतु उन्हें उन्हें यहां पर किताबें नहीं मिली हैं। इसके साथ ही साथ लखनऊ पुलिस जैसे कि हमारी जो जानकारी थी कि यह लोग फर्जी पता देते हैं किताबों में तो लखनऊ पुलिस ने वहां पर भी पहुंच के अपनी जो
00:01:56:09 निरीक्षण परीक्षण है वो किया है और उसमें भी वहां पर भी जो हमने बताया था पुलिस को जो सूचनाएं हमने प्रदान की थी वही सब उन्होंने वहां पाई और वही उन्होंने अपनी जो प्रथम रिपोर्ट उन्होंने हाई कोर्ट को प्रदान की है कि भाई ऐसा-सा है तो उसमें उन्होंने लिखा है कि हां यह बात सच है कि इनका कोई कारखाना वहां पर नहीं है और क्योंकि ये सतर्क हो चुके थे पहले से तो पुलिस जब मौके पर पहुंची है यहां के नाम दान सेंटर में तो वहां पर इनको किताबें इत्यादि नहीं मिली है। मतलब नामदान सेंटर लखनऊ का कम से कम इस समय मान लीजिए कि बंद हो गया और अब इसमें फदर आगे क्या हो सकता है? क्या-क्या संभावनाएं हो सकती हैं? वो पुलिस ने यह भी कहा है कि हम और जांच कर रहे हैं। कहां पर छपती है ढूंढ रहे हैं और पकड़ रहे हैं। तो सबसे पहली बात तो यह है कि जो लोग ये दावा कर रहे हैं केवल नाटकीय रूपांतरण में कि इस पर बैठकर के ऑनलाइन और ये इंटरनेट इत्यादि सोशल मीडिया पर बैठकर के जो बोल रहे हैं। उनमें से कोई ऐसा नहीं है जो अपना एड्रेस दे कि भाई यहां पर यह किताबें रखी हुई है। आकर के ले जाओ। कोई ऐसा नहीं है। चलो अपना नहीं तो जहां पर
00:03:11:13 वो किताबें रखी हुई है वहां का एड्रेस दे दो। जैसे गीता प्रेस गोरखपुर का एड्रेस मैं आपको दे रहा हूं। आप जाकर के वहां से किताबें ले सकते हैं। वहां का कारखाने का एड्रेस भी मैं दे रहा हूं। आप जाकर के वहां से ले सकते हैं। तो ऐसे करके ये लोग स्पष्ट रूप से यदि इनका जो ज्ञान है सच्चा सच्चा ज्ञान है और वो प्रामाणिक ज्ञान है। 12 बार हाई कोर्ट से क्लीन चिट प्राप्त ज्ञान है जो ये मूर्ख बनाते हैं अपने नुमाइंदों को। तो यह लोग अब पुलिस को यह नहीं बता रहे। पुलिस ढूंढ रही है। अभी कल भी मेरे पास एक फोन आया था किसी अज्ञात व्यक्ति का। वो बोला कि भाई रामपाल वाले प्रकरण में रामपाल ये है वो है। रामपाल तो बाहर आ रहा है। मैंने कहा रामपाल बाहर आ रहा है। हां इस पर भी बात कर लेते हैं। रामपाल के बाहर आने से हमारे इस केस में क्या प्रभाव होगा? पहली बात तो यह है कि रामपाल अभी बाहर आ रहा है कि नहीं आ रहा है यह सुनिश्चित नहीं है। क्यों सुनिश्चित नहीं है? कि दो मामलों में उसकी सजा पर रोक अवश्य लगाई है। पर देशद्रोह का जो एक अलग से प्रकरण जो उस पर दर्ज है और जिसमें वो सुनवाई के लिए तारीखों पर आता था। उस देशद्रोह के प्रकरण में अभी उसको जमानत मिली है कि नहीं मिली यह अभी स्पष्ट नहीं है। परंतु यदि वो बाहर भी आ जाता है तो जो पुलिस इस केस की इन्वेस्टिगेशन कर रही है उसमें उसे
00:04:26:26 और भी ज्यादा सरलता होगी। क्यों सरलता होगी? वैसे वह रामपाल को जेल से अगर रामपाल से पूछताछ करनी है पुलिस को तो उसे जेल से लाना होगा। अदर वाइज जब रामपाल बाहर होगा तो पुलिस यहां से केवल सूचित करेगी रामपाल को। ऐसे पुलिस को प्रॉपर एक होता है अह रिमांड ले लेने का एक प्रोटेक्शन होता है। अह पुलिस जिसमें कानूनी तौर पर यहां की कोर्ट से लिखवा के ले जाती है। पलानी जेल में हमारा हमें जो वांछित जो व्यक्ति है वह वहां पर बंद है। हमें उसे लाना है। फिर यहां की पुलिस वहां जाकर के वह दिखाती है और फिर पुलिस प्रोटेक्शन में वह व्यक्ति यहां आता है। तो यदि यह व्यक्ति अंदर होता रामपाल अंदर होगा और पुलिस उसको लेने जाएगी पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने जाएगी क्योंकि वो हर तरह से इसमें इनवॉल्व है तो एट दी एंड उस तक जाना ही है तो यदि पुलिस उसको लेने जाएगी तो उसको बाकायदा यहां से पुलिस प्रोटेक्शन वो बनवाना पड़ता है वारंट एक वारंट बनता है तो वो वारंट ले पुलिस जाएगी फिर वहां से उसको लेके आएगी
00:05:42:14 फिर यहां पर रखेगी पूछताछ करेगी फिर कितने दिन की रिमांड यहां पर यहां पर पहले लाएगी फिर कोर्ट में पेश करेगी क्योंकि कोर्ट के आर्डर से वो लेने गई थी फिर यहां पर आएगी फिर कोर्ट में पेश करेगी कि हम इसको ले आए हैं अब हमें इतने दिन की रिमांड चाहिए तो वो फिर रिमांड देगी यहां की अदालत फिर जितने दिन वो यहां पर रिमांड में रहेंगे यहीं पर पुलिस के लॉकअप इत्यादि में रहेगा और उससे वो पूछताछ करेगी पुलिस कि क्या है कहां तुम्हारा छपता है क्या नहीं है और इसके बाद फिर वो वापस जाएगा और यदि वो बाहर आ जाता है तो यह जो पुलिस को जो कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत इस तरह से इस प्रोटोकॉल के साथ लेने जाना होगा रामपाल को तो वह थोड़ा सा समय की बचत हो जाएगी। पुलिस की मेहनत भी कम हो जाएगी और सरलता से सीधे पुलिस जो है वहां पर संपर्क कर लेगी कि हिसार जेल दो से छूटने वाले कैदी का या रामपाल का पुलिस के लिए बहुत आसान होगा एड्रेस वेड्रेस निकालना और संपर्क करेगी रामपाल तुम्हारे से संबंधित इस प्रकरण में हमें तुमसे पूछताछ करनी है तो तुम यहां पर आओ तो रामपाल स्वयं आ जाएंगे अब रामपाल वैसा व्यक्ति तो रहा नहीं कि वो भाग जाए ये हो जाए वो हो जाए अब भाग भी जाएगा तो भी हमारा हमारी तो वो जो अभियान है
00:06:58:04 मैं रामपाल को वो जो सजा वाला मामला है वो तो एक पक्ष है कि कौन-कौन दोषी है इसमें वो तो एक पक्ष मात्र है मगर जो मुख्य पक्ष है वो क्या है कि हमारे भगवान का जो अपमान हो रहा है जो सनातन धर्म का अपमान हो रहा है ग्रंथों का अपमान हो रहा है आचार्यों का अपमान हो रहा है वो रुकेगा यदि वो भाग भी जाएगा वो भी हमारे पक्ष में है और यदि वो आ जाता है तो इनके यहां पर जो गुट बने हुए हैं कि कुछ लोगों का कहना है कि जो एक गिरोह चल रहा है वह रामपाल की भी बिना अनुमति के चल रहा है ये गिरोह। इसमें रामपाल की कोई सहमति नहीं है। तो अगर ऐसा है वास्तविकता में तो वो भी चीज सामने आ जाएगी। यद्यपि रामपाल के वक्तव्य तो है सनातन धर्म के खंडन में भगवान के अपमान में फिर भी जो ये इतने जोर शोर से जो प्रोग्राम चल रहा है इनका तो इस पर एक रुकावट लगेगी उसके ये बता देने पर कि भैया मेरा कोई हाथ नहीं है मैंने जो कहा था वो कह दिया उसके बाद अब मेरा कोई ऐसा कोई मंतव्य नहीं है ना ही मैं ये ग्रो चला रहा हूं और ये जो बात है इसके बहुत ज्यादा शंकाएं सामना दिखता है। पहली बात तो जितने भी इसके ऑफिशियल चैनल है मैंने
00:08:13:10 देखा कि रामपाल के बाहर होने की बाहर आने की बात संभावना जी न्यूज़ पर आ रही है। लल्लन टॉक पर आ रही है और भी हरियाणा पंजाब के चैनल है उन पर आ रही है और भी कई नेशनल चैनल्स पर आ रही हो। मगर इनके जो वास्तविक प्रामाणिक जो इनके ऑफिशियल चैनल जो इनको जो यह कहते हैं उस पर यह नहीं दिखा रहे कि भैया इनके जो तथाकथित भगवान है बाहर आने वाले हैं। क्यों? क्यों नहीं दिखा रहे? भैया उनको अमुक अमुक केसेस में यह हो गया है वह हो गया है। तो इससे भी वह बात और पुष्ट होती है जो रामचंद्र यादव इत्यादि जो रामपाल के भक्त गण हैं उन्होंने आकर के यहां पर संभावना व्यक्त की थी और हमें बताया था कि ये जितने भी जितना भी गिरोह है रामपाल की भी बिना अनुमति के चल रहा है। तो वह भी और यह जानकारी पुष्ट हो जाती है कि ना तो मैंने ऐसे न्यूज़ पर है इस संबंध में कोई जानकारी अभी तक देखी कि भाई वह बाहर आ रहे हैं। ना ही मैंने संत रामपाल महाराज करके एक YouTube चैनल चलता है जिस पर 25 लाख फॉलोवर्स है ना ही उस पर इस बारे में कोई अपडेट मैंने देखी मैंने थोड़ा सा स्क्रॉल किया था इनका चैनल ये क्या कह रहे हैं जी न्यूज़ वाले बोल रहे हैं लल्लन टॉक वाले बोल रहे हैं रामपाल बाहर आने वाला है मगर ये चैनल क्यों नहीं बोल रहे ये तो
00:09:28:14 अब रामपाल के नाम से तो जो कथित रूप से प्रोग्राम करना है शामली में ये करना है वो करना है ये सब ये लोग तो उसकी की तैयारियां कर रहे हैं। भाई रामपाल बाहर आने वाला है। इस संबंध में कोई जानकारी आने वाला है नहीं आने वाला है। जो भी है कुछ तो बोलो। बोल ही नहीं रहे। क्यों नहीं बोल रहे कि शायद रामपाल के बाहर आ जाने से ही इनको खतरा है। राम जैसे होता है ना कि बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है तो शायद वो वाली बात हो। तो इससे यह भावना और पुष्ट हो जाती है कि रामपाल को बाहर ना आने आने देने वाली ताकतें इस केस से ये ये ताकतें भी हैं। कौन सी जो रामपाल के नाम से अपना धंधा चला रही। बाकी रामपाल ने भी सनातन धर्म के नाम से भोलेभाले लोगों को भटका कर अपना धंधा एक समय पर खड़ा किया था। तो जैसी करनी वैसी भरनी तो है ही। खैर तो कुल मिलाकर के अभी अपडेट यह है ऑपरेटर जी जरा वो आपके पास डॉक्यूमेंट्स होंगे तो कुछ डॉक्यूमेंट्स दिखा दीजिए जो सरकार ने हमारे पक्ष में एक
00:10:38:16 सूचना प्रदान की है हाई कोर्ट को सूचना यही है कि वो जो इनका फर्जी सेंटर है वहां जा चुके हैं। उन्होंने जो सतलोक आश्रम जो एड्रेस देते हैं बरवाला का अपनी किताबों में जो जो एड्रेस ये किताबों में देते हैं वह सब बंद पड़े हुए हैं। वहां पर कुछ नहीं है। इनका कारखाना ढूंढा जा रहा है पुलिस के द्वारा और जांच अधिकारी स्वयं जो एसीपी है उनकी रिपोर्ट है ये जो इस केस को देख रहे हैं स्वयं उनके द्वारा ये रिपोर्ट लगाई गई है हाई कोर्ट तो इसके साथ ही साथ लखनऊ वाला जो नामदान सेंटर है वहां पर कुछ नहीं है तो इनका फिर ये सब है कहां अगर ग्राउंड पे है तो इललीगल है छुपा हुआ है और ऑनलाइन है तो वो दिखावा पाखंड ये लोगों को प्रभावित करते हुए यह ये सब बहुत सारी चीजें कह रहे हैं कि हमारा यहां ये है यहां ये है। परंतु ये नहीं बता रहे कि भैया हमारा नाम ये हमारा जो कारखाना है वो कहां पे है? कहां छप रही है किताबें? कौन छाप रहा है इन किताबों? तो अगर किसी माई के लाल में ये दम हो किसी ने अपनी माता जी का निष्ठा पूर्वक दूध पिया हो तो वो बताएं भाई कि कहां पर इसकी किताबें छप रही? तो कल एक व्यक्ति का फोन आया कि हमारे बाबा
00:11:53:20 जी तो बाहर आ रहे हैं। मैंने कहा बाबा जी बाहर आ रहे हैं तो बाबा जी बाहर आ रहे तो अच्छी बात है। पुलिस यहां की पुलिस को अपना अपनी जो इन्वेस्टिगेशन है वो करने में बड़ी सरलता हो जाएगी। तो वो व्यक्ति बोलता है कि अरे भाई तुम किताबों को बंद करवा रहे थे। मैंने कहा भाई तुम बता रहे हो। बाबा जी बाहर आ रहे हैं। इसका मतलब है कि तुम प्रामाणिक व्यक्ति हो। बड़े जुड़े हुए हो तो तुम ही बता दो। यहां की पुलिस ढूंढ रही है। किताबें कहां छप रही है। तो तुम उस एड्रेस वेड्रेस इत्यादि को बता दो। तो यह सारी कहानी है जो मुझे अपडेट करनी थी आपको कि पुलिस ने हमारे पक्ष में रिपोर्ट लगा दी। आपको दिखाई दे रही होगी और इसमें माना है कि रामपाल की किताबें मिल नहीं रही है। तो भैया जो डंका पीट रहे हैं कि उनका ज्ञान प्रामाणिक है वह पुलिस से संपर्क करें। मुझसे संपर्क करें। मैं एसीपी का नंबर दे दूंगा। इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर का नंबर दे दूंगा। उनको फोन करके बताएं कि हमारी किताबें यहां छपती है। यहां मिलती है। मैं यहां पर ले खड़ा हुआ हूं और आप यहां पर आ सकते हैं। ऐसे करके बता दे जो भी है। और इसके साथ ही साथ एक बात और है कि कम से कम अभी तक इतना तो हो ही गया कि लखनऊ में तो इनके पैर उखड़ गए हैं। हम्।
00:13:09:10 समय के साथ-साथ आगे और भी यह जो भी कम से कम लखनऊ में अब रामपाल के नाम से जो है वो गिरोह सक्रिय नहीं है इस समय। अच्छा दूसरी एक बात मैंने ये भी देखी जो रामपाल की जो ये हुई है क्या कहते हैं? सजा माफ की गई है या सजा माफ नहीं अस्थाई रूप से रोक दी गई है तो उसमें भी कोर्ट ने ये कहा है कि रामपाल के जो ये कार्यक्रम इत्यादि है ये सब नहीं होंगे तो ये भी अपने आप में ही एक हमारी ही जीत है अगर उधर से देखा जाए वो रिहा हो रहा है तो उसका रिहा होना हमारे पक्ष में कोर्ट का यह कहना कि रामपाल रामपाल के कार्यक्रमों पर प्रबंधन ये जोरदार तमाचा है है ना और इसके साथ ही साथ रामपाल के नाम से चलने वाले गिरोह का रामपाल की रिहाई के बारे में कोई बात ना करना। यह हम सनातनियों के पक्ष में फिर पुलिस को अ
00:14:11:15 पुलिस को कोई भी रामपाल की अभी तक लखनऊ में ऑन ग्राउंड कोई चीजें ना मिलना। बाकी पुलिस अपनी इन्वेस्टिगेशन कर रही है। पकड़े पकड़ा जाएगा। मगर पुलिस को ऑन ग्राउंड चीजें यहां पर मिली नहीं है। यह भी हमारे पक्ष में है। भाग गए। कहते ना भाग गए बहुत बड़े बनते थे 30 मार तत्वदर्शी संत की किताबें हैं यह है वो है क्यों भाग गए खड़े हो जाओ ना आओ कृष्णा नगर थाने में दर्ज है मुकदमा सरोजनी नगर थाने में आ जाओ किताबें लेके लो ये है मेरे भगवान की किताबें क्यों नहीं आ रहे इसको कहते हैं सत्य की दम जिसमें दम फक्त है बाजीराव सिंघम
00:14:52:28 अरे भाई धर्म के पथ पर चल रहे हो तो क्यों भाग रहे हो आओ करो सामना
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00:14:58:19 झुंड में वार करने वाला शेर नहीं ठग होता है और दुश्मन अगर कायदे का हो तो उसे मारने का मजा ही अलग होता है
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00:15:06:28 आओ सामना करो जैसे सीना चौड़ा करके हम खड़े हैं कब आ रहे हो बताओ तो ये सारी चीजें हमारे पक्ष में थी आपको सूचनाएं देनी थी और रामपाल जो छूट भी रहा है वो कैसे छूट रहा है सबसे पहली बात तो एक चीज और स्पष्ट स्पष्ट हुई कि रामपाल के नाम से जो अपील वहां पर लगी थी कि भाई मेरी सजा माफ कर दो ये कर दो वो कर दो 17 लोग तो पहली बात तो इसमें क्या आ जाती है कि रामपाल की ओर से बाहर से कोई व्यक्ति नहीं लगा हुआ था उसको छुड़ाने के लिए रामपाल स्वयं ही अपनी लड़ाई लड़ रहा था जेल से और जो लोग ये कहते हैं वो लीला कर रहा था उनके मुंह पर तमाचा जो रामपाल छूटने के लिए हाथ जोड़ रहा है मैं बूढ़ा हो गया हूं 10 साल बिता लिए हैं बूढ़ा होने की वजह से 10 साल सजा हो जाने की वजह से और उसी केस में अन्य पता नहीं कितने लोगों के रिहा बेल पर हो जाने की वजह से रामपाल को एक छूट दी गई है। रहम किया गया रामपाल के ऊपर। रामपाल भगवान तत्वदर्शी उसके ऊपर रहम कौन कर रहा है? कोर्ट रहम कर रही है कोर्ट। और ये कहते हुए कि देखो ऐसा है बाहर जाकर के नाटक मत करना जो पुराना तुमने चलाया था। कार्यक्रम इत्यादि
00:16:22:00 जो किए यह सब यह सब तो वह पक्ष है जो वहां की कोर्ट ने किया है और यहां पर जो चल रहा है डंडा वो चल रहा है। मैं तो यह सोच रहा था कि भाई आसमान से गिरा खजूर पे अटका क्योंकि अब जो आगे की इन्वेस्टिगेशन होगी वो क्या होगी पुलिस की? पुलिस को अब लखनऊ में ग्राउंड लेवल पर चीजें नहीं मिली। तो अब क्या-क्या हो सकता है? अब सबसे पहली बात तो यह है कि जो इनके आश्रम है जो इनके सेंटर्स हैं जहां पर ज्यादा से ज्यादा मात्रा में किताबें रखी हुई है वो सेंटर्स अ जहां पर ज्यादा से ज्यादा मात्रा में किताबें रखी हुई है उन सेंटर्स पर जाकर के एक सर्च वारंट इशू करा करके पुलिस छापा मार सकती है। किताबों को जब्त कर सकती है। और यदि कोई मुख्य व्यक्ति पकड़ में आ गया तो उससे फिर वह लीड निकाल सकती कि कहां से छप रही क्योंकि इनमें तो इतनी सामर्थ है नहीं जो ये आकर के बताएं हमारे भगवान की किताबें हम यहां छापते हैं हम दूसरा क्या हो सकता है दूसरा स्टेप क्या हो सकता है कि डायरेक्ट पहले तो रामपाल से ही पकड़ के पूछे बोल भाई तेरा क्या रोल है इसमें तो जब रामपाल से पूछेंगे
00:17:37:01 तो मुझे इस बात पे हंसी आई कि रामपाल रिहा हो रहा है तो आसमान से गिरा खजूर पेटका वाली होती है वो नहीं एक गागर भरो तो दूसरी फूट गई कर्म ही ऐसे कर रखे व्यक्ति ने तो क्या किया जाए अब क्या है कि उधर से उसकी छूटने की तैयारी चल रही तो इधर पुलिस के इन्वेस्टिगेशन में उसको लाने की तैयारियां चल रही है ये हो ये हो सकता है दूसरी बात गुप्त रूप से गुप्त रूप चोरी छुपे हमको कुछ अड्डे पता है अभी भी लखनऊ के जहां पर हमें ऐसा ऐसी संभावना है जहां से इनकी किताबें बरामद हो सकती है और उन किताबों के रखने वाले को यह जो है पूछ सकती है पुलिस कि तुमको किसने दिया फिर उससे पूछेगी तुमको किसने दिया उससे पूछेगी ऐसे करके ये चीज पकड़ में आ सकती है तो ये हो गया तीसरा स्टेप क्या है कि वो साइबर वाला मामला चल ही रहा है पुलिस ने इनके जो ऑफिशियल YouTube चैनल है वो सारे दे दिए साइबर में वो चीजें चल ही रही है और इनके करीब 150 200 चैनल्स हैं जिनकी लिस्ट हमारे पास है जो छोटे-मोटे चुटकैया इधर-उधर अपने मनगढ़ंत तरीके से चल रहे हैं। अच्छा यहां एक बात और याद आएगी रामपाल जो बाहर आ रहा है उस संबंध में जो इनके फ्रीलांस लोग हैं ना अपने मन से चैनल खोल देते हैं अमित दास इत्यादि टाइप के वो लोग बातें कर रहे हैं
00:18:52:02 कि रामपाल बाहर आने वाला है ऐसे चैनल्स कि भगवान बाहर आ क्योंकि उनकी निष्ठा है रामपाल के प्रति मगर रामपाल के नाम से धंधा मात्र जो चला रहे हैं वो लोग इस बारे में कोई बात नहीं कर रहे हैं। तो आपको रामपाल के चैनल्स पर दो गुट है। एक जो रामपाल पर निष्ठा रखने वाले जो अंधभक्त है वो और एक जो रामपाल के नाम से गिरोह चलाने वाले जो चालाक लोग हैं गिरोहबाज है वो तो जो गिरोह वाले लोग हैं वो रामपाल की रिहाई के बारे में कोई बात नहीं कर रहे जो ये अंधभक्त है वो बातें कर रहे हैं ये आपको दिख जाएगा तो चैनल्स पर पुलिस का अगला कदम होगा कि चैनल्स के ओनर्स को पकड़ना आश्रमों पर कम से कम यूपी के जो आश्रम है उनके लिए सर्च वारंट इशू करा करके चापा मारते हुए जो उनके जो वह है प्रमुख इत्यादि उसको पकड़ना और फिर वहां से निकालना। तीसरा रामपाल को ही पकड़ना कि भैया अगर छूट गए हो तो यहां आ जाओ अपने आप नहीं तो तुम्हें लेने आ जाते हैं। और हां चौथा क्या था कि जो इसमें जो एक्यूज्ड लोग हैं जो एफआईआर में उनको पकड़ना क्योंकि उनके साक्षात साक्ष्य है। सामने से सबूत है कि वो किताबें बेच रहे हैं, खड़े हुए हैं। ये सब सबूत है उनके। तो यह
00:20:07:13 उसका स्टेप हो सकता है। तो और इसके अलावा कुछ और भी था। एक मिनट बताता हूं क्या हम और क्या था हां इसमें एक ही दिक्कत आई है कि भाई जो पूर्व सूचना हो गई ना कि रिपोर्ट रिपोर्ट हमारी बाद में दर्ज हुई मगर पहले से वो लोग सतर्क हो चुके थे कि इसमें हमारा कुछ हो सकता है तो रामपाल का जो यहां का लखनऊ वाला केंद्र है उससे उन्होंने वो सामग्री हटा दी थी जिसके आधार पर उन्हें पकड़ धकड़ उनकी हो सकती है तो वो सामग्री हटा दी गई है वहां से तो एक सतर्क तो सतर्क हो गए थे इसलिए भी भाग गए अच्छा एक एक चीज और हो सकती है इनका जो कस्टमर केयर चलता है ना जो कहता है कि अपना एड्रेस लिखवा दो हम तुम्हें भेज रहे हैं कस्टमर केयर वाला तो वो कस्टमर केयर केयर के ऊपर भी धरपकड़ हो कर सकती है पुलिस जो जो ये बोलते हैं कि भाई हम बोल रहे हैं और जो हम भेज रहे हैं आपको किताबें तो कुल मिलाकर के इतनी सारी अभी भी पुलिस के पास में वो है क्योंकि ये भागेंगे
00:21:22:21 कहां तक बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी तो ये सारी चीजें थी ये अपडेट थी रामपाल के विषय में पहली विजय हमारी सुनिश्चित हो गई है कि पुलिस ने यह मान लिया है कि रामपाल की जो चीजें हैं वो ग्राउंड लेवल पर कहीं पर पकड़ में नहीं आ रही है। इनकी जो भी हवाहवाई चीजें हैं वो ड्रामे के रूप में परोसी जा रही है यहां पर और कहीं भी कोई ये बात नहीं कर रहा है कि हमारी किताबें यहां छप रही है ये देखो वीडियो या मेरे पास किताबें रखी है मैं बता मैं मैं दूंगा किताब मेरे पास आ जाओ या यहां ये हमारा सेंटर है यहां पे आ जाओ किताबें ले लो ये सब कोई नहीं कर रहा है तो ये सब करेंगे और जल्द ही पुलिस वहां पहुंचेगी अच्छा लिंक दे दीजिए किसी को कोई विचार व्यक्त करने हो तो आ सकता है
00:22:20:02 लिंक दे दिया गया है। कोई अगर वैचारिक मतभेद के निमित्त आना चाहता है वो आ सकता है। और इस संबंध में कोई बातचीत प्रकट विचार प्रकट करना है तो वह आ सकता है। यह ध्यान रखिए कि अगला जो स्टेप हो सकता है पुलिस का वो क्या हो सकता है? YouTube द्वारा जो प्रचार प्रसार होगा तो उस पर पुलिस अपनी पकड़ कर सकती है। कस्टमर केयर के द्वारा पकड़ कर सकती है। उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में जो अड्डे चल रहे हैं उनके द्वारा पकड़ कर सकती है। रामपाल को डायरेक्ट पकड़ कर सकती है। रामपाल से संपर्क स्थापित करके और यहां वाले मामले में जो अभियुक्त है उन उनसे वो अगर पकड़ में आ जाएंगे तो ज्यादातर तो फरार है तो उनसे भी पकड़ धकड़ कर सकती है। और जो एक व्यक्ति और यहां पर पकड़ा गया था किताबें बेचता हुआ सब्जी वाला वो भी इस रडार में है। और धीरे धीरे धीरेधी इन्वेस्टिगेशन आगे बढ़ रही है और उधर जो है एक नोटिस भी जारी हो सकता है 98 सी वाला जो मामला था जिसमें जिसके आधार पर सरकार ये जारी कर सकती है
00:23:35:06 कि पूर्णतया इनका चैनल इनकी किताबें इनके आश्रम बैन हो जाए। रामपाल के नाम से कुछ नहीं हुआ। फिलहाल तो ऐसा ही कुछ हाई कोर्ट ने भी कह दिया कि रामपाल के नाम से कोई धर्म सभा इत्यादि नहीं लगी। तो यह सारी चीजें हैं। अ कोई अगर आना चाहता है। हां, एक बात और मैं बता दूं। बौखलाहट में जो एक्यूज लोग हैं एफआईआर में उन लोगों ने शायद सिविल कोर्ट में व्यवहार न्यायालय में और हमारे विरोध में जो है वो शिकायत वाला जो कंप्लेन केस होता है वो करने का प्रयास किया है। वही छेड़छाड़ वाला और एक दूसरा है जिसमें कि एक अधिवक्ता है जो कहता है कि हमने उसकी रिकॉर्डिंग को वायरल किया है सोशल मीडिया पर डाल के तो उसमें भी हम अपना पक्ष अभी एक दो दिन में प्रस्तुत कर देंगे। मगर अब तक यह हमारे ऊपर मुकदमा दर्ज कराने के कम से कम कम से कम अब तक सात आठ अटेम्प्ट हो गए हैं। जिसमें से दो सक्रिय हैं। नहीं तीन सक्रिय वो भग्गू भी है। वो भी लगा हुआ
00:24:50:12 है। तो देखिए कैसे अधर्मी शक्तियां कैसे पीछे पड़ी होती है। जब आप कोई धर्म की रक्षा करने के लिए निकलते हैं। कोई आया है यहां पर। भाई जो भी आया है वह चेहरा दिखाए धीरज करके कोई आया है। धीरज सिंह चेहरा दिखाएं तो ही आए। चेहरा नहीं है तो आप मुंह छुपा करके जा सकते हैं। कई ऐसा ऐसे लोग होते हैं काला मुंह करके वो भागवतानंद वाले मामले में आप लोगों को अगर पता हो आज हमने एक स्पष्टीकरण डाल के पोल खोली भागवतानंद की जो उसने झूठ फैलाया था विद्या भास्कर जी के बारे में। उसने क्या किया है कि उस वीडियो के दो मिनट के एक अंश पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अब यहां का टाइम नोट कर लेना भाई 25 38 करके तो उसने अपनी प्रतिक्रिया दी है उस वीडियो के संबंध में। उस वीडियो में यह बताया गया है कि विद्या भास्कर जी के नाम पर उसने क्या झूठ बोला। उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अब उसका कहना है कि उसको किसी ने क्लिप भेजी थी। तो सबसे पहले तो भेजने वालों को कहूंगा भाई पूरा वीडियो क्यों नहीं भेज देते हो? जिससे कि वह समझे कि मुख्य विषय है क्या? तो मुख्य विषय में तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसमें हमने उदाहरण जरूर दिया था कि आचार्यों के
00:26:05:13 बीच में कई प्रामाणिक आचार्यों के बीच में उसको किस प्रकार से देखा जाता है वो एक विनोद विनोद का विषय मात्र है। तो बेचारा उसमें अपनी खींच निकाल रहा था और हमें जो है फिर वो शान से जोड़कर वही मतलब जो उसका पुराना तरीका है बात करने का वही सब कर रहा था। उसमें यह भी कह रहा था कि जिन आचार्यों का हमें समर्थन प्राप्त है उन आचार्यों का हमने विरोध भी तो किया है। भाई यह बहुत अच्छा तरीका है तुम्हारा लतखोर कह दो किसी को और फिर कहो कि हमने व्यक्ति का विरोध नहीं किया है। हमने तो उसके कृत का विरोध किया है। लथखोर जब तुमने कहा तो ये व्यक्ति को कहा कि उसके कृत को कहा। कृत को कहोगे तो लथखोरी कहोगे ना कि लतखोर कहोगे। दूसरी बात कि यदि तुमने यह कहा कि तुमने जो है विरोध भी तो किया है। ऐसा मतलब दोनों तरीके की बातें बताते हो। अगर हमने विरोध किया तो पक्ष भी तो लिया है। पक्ष लिया तो विरोध भी तो किया है। तो भाई जिन लोगों को तुम जिन लोगों पर टिप्पणियां करते हो आक्षेप करते हो। कई ऐसे लोग उन्होंने भी तो अच्छे कुछ कार्य किए होते हैं। फिर उनका तुम क्यों नहीं प्रशंसा कर देते हो? फिर उनके उनसे मिलने पर किसी पर कटाक्ष क्यों कर देते हो? कुल मिलाकर के किसी भी चीज
00:27:20:14 को उतना ही मानना है। जितना तुमने मान रखा है और अपनी बातों का जवाब नहीं देना है। वाह किस्कलन क्यों हो गया? जब भगवती का वरदान प्राप्त है तो जब निगमानंद थियोसफिकल सोसाइटी से जुड़ा होने के बाद साधना मार्ग में आने के बाद अगर सुधर जाए तो उसकी टांग नहीं खींची जा सकती तो तुम क्यों खींच तुम क्यों खींचोगे किसी के पुराने जीवन को लेकर के टांग? अच्छा निगमानंद तुम्हारा गुरु कैसे? जब निगमानंद के जो सारे सिद्धांत है वह तो इस से मिलते जुलते हैं। इस से भी दो कदम आगे है क्योंकि वह तो अपनी पूजा करवा रहा है। कम से कम इस अल्लाह के जैसे कृष्ण को पूज रहा है। मगर पूछ तो कृष्ण को रहा है। वहां तो अल्लाह का जैसा ईश्वर बना करके और ईश्वर को भजो या कृष्ण को भजो एक ही बात यही सब वही सब ड्रामा चल रहा है। भाई पूरा स्पॉन वाला गौतम ऋषि की देह से ये सब प्रकट हुआ। इन सब में स्पष्टीकरण नहीं आया। केवल स्पष्टीकरण किस पर आया कि भैया स्ान को स्ान वाली जो एक उदाहरण दिया गया था उसमें और उसी में जब ये बात कहता है व्यक्ति कि हम हमने जब पक्ष भी तो लिया है विरोध भी तो अपने लिए कहता है कि हमारे दोनों पहलुओं को देखो मगर जिस उदाहरण के आधार पर इसने जो है अपनी पोकलाहट में जो वीडियो प्रस्तुत किया है उसी उदाहरण में ही उस प्रकरण की
00:28:35:18 तुलना जिस प्रकरण की तुलना एक स्न से की गई है कि कोई मालिक अपने स्वान को कह देता है कि टॉमी छू उसी प्रकरण की तुलना विष्णु भगवान और विष्णु भगवान के द्वारा रचित होने वाली सृष्टि से भी की गई है। तब क्यों नहीं इसको दिखाई? दिखाई दिया। ये तो सम्मान की बात हो गई भाई। तो तथ्य को ना समझ पाना बौखलाहट में 28 साल का एक युवा जो बाईपोलर का शिकार रहा हो। बाइपोलर से ग्रसित रहा हो। मानसिक रूप से विक्षिप्त रह चुका हो। अभी भी उसके अंदर लक्षण उस तरह के दिखाई देते हो जो मातृ शक्तियों को बिना आधार के वैश्य इत्यादि बोल देता हो। तो ऐसा ऐसी जो मानसिक स्थिति है उसकी हमें उससे अपेक्षा कर सकते हैं और प्रारंभ तुमने किया है अंत हम ही करेंगे करते जाओ हम तो घर से निकले ही थे बांधकर
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00:29:25:03 सर पे कफन जहां हथेली पर लिए लोबड़ चले हैं ये कदम जिंदगी तो अपनी महिमा मौत की महफिल में है सरफरोशी की तमन्ना अब
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00:29:33:25 हमारे दिल में तुम कोई नए थोड़ी ना हो कंप्लेनेंट केस करने वाले देख लो ना तुमसे बड़ी ताकतें लगी हुई भाई सामने तुम भी आ जाओ उनका सपोर्ट कर दो करा दो दर्ज मुकदमा तुमसे बड़ी-बड़ी ताकत लगी हुई है अपने धंधे को बचाने के लिए तुम भी बचाओ कर दो उनको सपोर्ट सपोर्ट तो कर ही चुके हो एक बार उनकी पोस्ट उनकी बातों को अपनी पोस्ट में शेयर करके पब्लिक करके तो ये सारी बातें हैं। ठीक है? रामपाल के केस में अपडेट यही है कि पुलिस ने हमारे पक्ष को पुष्ट करते हुए कोर्ट को बताया है कि भाई यह जो गैर कानानूनी अवैध दिखाई देने वाली सामग्री है हमको मिल नहीं रही है पकड़ में नहीं आ रही है और हम जो है अब आगे स्टेप बढ़ाएंगे जब लखनऊ में नहीं मिलेगी तो कहां-कहां जा सकती है आप समझ ही गए हैं YouTube पर YouTube के ओनर्स से संपर्क करेगी या हो सकता है कस्टमर केयर वालों को पकड़े अन्य जो आश्रम चल रहे हैं वहां पहुंचे रामपाल को पकड़े यह सारी चीजें आपको देखने को मिल सकती हैं। आगामी हम बहुत जल्द ही वो जो हमारे विरोध में जो मुकदमे लगाए गए हैं उस पर भी यहां पर जवाब देंगे जो जवाब हम कोर्ट में देने वाले होंगे। भले ही वो निग्गू के द्वारा लगाया गया हो या भले ही वो
00:30:50:00 एडवोकेट छोकरा के द्वारा लगाया गया हो जो इसमें अभियुक्त है हमारी एफआईआर में और हां निग्गू भी अभियुक्त है। सब अभियुक्त है एफआईआर में। इसीलिए बेचारों की दाल कहीं निकल रही है। तो कंप्लेनेंट केस होता है कि कोई भी कर सकता है कंप्लेन केस वहां पर जाकर के उस कंप्लेनेंट केस होता है एक कि अगर हमारी एफआईआर थाने में नहीं लिखी जा रही तो हम जाकर के बाहर मतलब वहां सीधे अदालत को न्यायालय को ये दिखा सकते हैं कि भैया हमारी सुनवाई नहीं हो रही। आप डायरेक्ट यहीं पर सुनवाई कर लीजिए। डायरेक्ट सुनवाई करिए। तो केस पंजीकरण होने से पहले ही वहां पर सुनवाई होती है कि पंजीकरण करना है कि नहीं यह भी यह भी वहां पर न्यायाधीश देखते हैं। खैर निगू के विषय में तो न्यायाधीश कौन-कौन होते हैं? व्यभचारी पता नहीं कौन-कौन मानसिक रूप से विक्षिप्त होते हैं। जुारी शराबी कबाबी व्यभचारी पता नहीं कौन-कौन होते हैं। फिर वहां पर न्याय नहीं होता है। वहां पर तो कुछ और ही होता है। क्राइम कैसे करना है यह बताया जाता है। न्यायालय तो वो वैश्या के समान है जो जितना पैसा दोगे उतना नाचेगी। ये सब उसके कथन है। अब वही उसी उसी वैश्या के पास ही पहुंचा है। खैर वो तो बात पलटू रहा ही है बहुत पहले से और ठीक है।
00:32:05:15 अब हम [संगीत] धीरज सिंह जी को ले लेते हैं। हां जी बताइए धीरज सिंह जी। जय श्री राम। गुरुदेव मैं सिर्फ इतना कहने के लिए आया हूं आपसे। अभी मैंने सुना था उनकी पुस्तकें नहीं मिल पा रही तो इनका तीन दिन का मेला लगा है इनके आश्रमों पे वो वो वो वो सारी चीजें चल रही है वो हमें मालूम भी है संज्ञान में और हमने बताया भी है पुलिस ये सब चीजें जो है ना इन्वेस्टिगेशन वाली है इस पर हम यहां बहुत ज्यादा विधिवत बात नहीं कर सकते समझ रहे हैं आप मेरी बात जी
00:32:44:19 क्योंकि अगर पहले से फिर वहां भी मालूम पड़ा वहां भी मालूम पड़ा वहां भी व्यक्ति सतर्क हो जाए तो वो खुले में है उनका खुले में स्टॉल लगा है उनका पुस्तकों लाखों की संख्या में रखे एकत्रित करके बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल वो सब संज्ञान में कार्य हो रहा है मैंने इशारा कर दिया है सारी चीजें सारी संभावनाएं व्यक्त कर दी है ठीक है जी ठीक
00:33:19:25 ठीक है गुरुदेव प्रणाम जय हो हां भाई और कौन आया विजय चतुर्वेदी जी आप अपना चेहरा दिखाएं तो सारी चीजें चल रही है और जल्द ही इसमें अगली सुनवाई की डेट भी आएगी हाई कोर्ट में वह भी आपको देखने को मिल सकता है तो भाई किसी को अगर आना है किसी को अगर आना है तो आ सकता है और भागवतानंद को मैं यही कहूंगा कि भाई तेरे निगमानंद की पोल खुल चुकी है उस पर कुछ बोल जो तेरे निगमानंद के जो ऑथेंटिक जहां से निगमंद की किताबें छप रही है ना निगमंद के द्वारा स्थापित जो संस्था है जो संस्थान है जो आश्रम है वहां बैठे हुए जो ऑथेंटिक लोग हैं वो इस से भी दो कदम आगे चल रहे हैं तो कब करेगा उसका निग्रह निगमंद का निग्रह कब करेगा वह बता वाकलन का बता अपनी परंपरा बता भाई 800 ग्रंथ 800 ग्रंथों की लिस्ट पहले तो जारी कर दे ये 800 ग्रंथों से मैं अपना वो दूंगा पता है आपको एक बात बताऊं एक काफी समय पहले की बात है हाथरस में मैं
00:34:34:28 गया था आर्य समाज जी से बात करने तो वहां आर्य समाझ को एक चौवा पढ़ाया गया था कि दयानंद ने जो स्वामी दयानंद है इन्हों उन्होंने 3600 ग्रंथों का निचोड़ लेकर के सत्यार्थ प्रकाश लिखी थी। अपना जो दावे किए थे, जो क्लेम किए थे, जो जो भी सिद्धांत दिए थे, वो 3600 ग्रंथों का निचोड़ करके था मामला। अब वो 3600 ग्रंथों की लिस्ट कहीं ना कहीं तो होगी। अब अब क्या हुआ? व्यक्ति ने ये तो देखना भूल गया कि 3600 ग्रंथ है कि नहीं? 3600 ग्रंथों से ही वो निचोड़ है कि नहीं। व्यक्ति ये देखना तो भूल गया। वो इस पर प्रभावित हो। 3600 ग्रंथों का निचोड़। वाह वाह वाह। ये तो बहुत अच्छा हुआ। तो ऐसा ही कुछ ये अपना क्या कहते हैं भागवतानंद लोगों को बरगला रहा है 800 ग्रंथों से मैं निग्रह प्रवेशिका लिख रहा हूं तो भाई पहले 800 ग्रंथों की तुझे लिस्ट जारी कर देनी चाहिए कम से कम तेरी निग्रह प्रवेशिका आज की तारीख में अस्तित्व में नहीं है वो 800 ग्रंथ तो अस्तित्व में है ना 800 850 तो उसकी लिस्ट जारी कर दे और जो विषय चल रहे हैं कम से कम उनप तो बोल ठीक है तू बौखला गया तेरे तेरा तुझे अपनी तुलना स्वान के साथ दिख गई। तू बौखला गया। तूने बौखलाहट में चीजें डाल दी। ठीक है? मगर जो मूल विषय उन पर भी तो बात कर
00:35:50:07 भाई। निगमंद, निगमानंद का मठ हां तेरा वाक स्कलन, तेरी गाली और तेरा तंत्र, तेरी मुसलमानी पूजा इन सब पर तो बात कर भाई। निग्रह प्रवेश का करण अर्जन आएंगे आएंगे। ये सब चीजें मूल विषयों को साइड में करके एक छोटी सी बात को लेकर के आगे। वाह वाह वाह वाह वाह वाह। अच्छा ठीक है और देख लेते हैं कौन आया है। हम हिंदुओं को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। विजय चतुर्वेदी जी आप सामने आएंगे। मैं सेंट्रल गवर्नमेंट का एंप्लई हूं। तो आप वहीं जाइए जहां पर आपकी उपयोगिता हो। यहां मत आइए। यहां सत्य के पक्षधर हैं। और सनातन धर्म क्या है? मुझे लगता है कि आपसे ज्यादा मुझे पता है। सनातन धर्म क्या है? पहले आप अपने आप को पुष्ट कर लीजिए। [संगीत]
00:36:44:14 जय श्री राम वहां पर आदित्य है आपने [संगीत] तो ये सारी चीजें अभी श्याम कुशवाहा करके आए थे वो अगर आ सके तो विजय चतुर्वेदी जी आप अगर अपना चेहरा दिखाएंगे तो आप यहां आ सकते हैं। और सुनिए यह सब बच्चों वाले जो बहाने हैं ना ये अब बंद करिए भाई देना। विजय चतुर्वेदी सरी के लोगों से बात कर रहा हूं। बोल रहे हैं कि भैया वो मैं जो है सेंट्रल उसका एंप्लई इसलिए चेहरा नहीं दिखा सकता। कहां का सिद्धांत है? ये कहां का कानून है कि आप एक सार्वजनिक चर्चा में आप अपने आप को प्रस्तुत नहीं कर सकते। और यदि ऐसा है तो किसी ऐसे को भेजिए जो आपके पक्ष को रखे यहां पर। हां जी श्याम स्टूडियो जी बताइए जय श्री राम। राधे राधे महाराज जी राधे राधे। अरे कह रहा था ये आश्रम पे ये चल रहे हैं और अपनी कोर्ट में लगा है तो पुलिस प्रशासन कुछ कर नहीं पा रही क्या? देखिए
00:37:59:18 ग्राउंड पे जो कारवाई होती है वो धीरेधीरे होती है। धीरेधी धीरेधी अच्छा रामपाल को जब सजा मिली थी तो कब का केस चालू हुआ था? सजा मिलने की बात अगर करें कब का केस चालू हुआ और कब उसे सजा सुनाई गई? रामपाल ने भी अपील की होगी तो कब की होगी? अब क्या होता है कि पुलिस अपनी जब इन्वेस्टिगेशन करती है तो केवल यही नहीं होता है कि पकड़ना है। उसको लिखना भी होता है। थ्योरी भी तैयार करनी होती है। किसने ये कहा, कब कहा, कहां खड़ा था? कितना टाइम हो रहा था? एक एक बात को नोट करना पड़ता है। इन सब चीजों प्रक्रियाओं में लिखित रूप से जब चलते हैं तो समय लगता है इन्वेस्टिगेशन में। अब जैसे पुलिस हरियाणा होके आई पवाना जहां पे किताबें फर्जी किताबों का सेंटर है वहां होके आई कि यहां क्या हुआ? किससे मिले, किससे बात हुई? यहां होता क्या है? पूरी इन्वेस्टिगेशन तो पुलिस अपनी इन्वेस्टिगेशन करते हुए चल रही है। हां। पुलिस
00:38:57:15 यदि पुलिस आगे और कुछ उपलब्धियां हासिल नहीं करती तो फिर कोर्ट का भी उसमें एक दबाव है ना कि कोर्ट पूछेगी भाई कि कोर्ट पूछ सकती है पुलिस से कि भाई इसमें अभी तक फिर आगे क्या हुआ क्या नहीं हुआ पुलिस अपना कार्य कर रही है संभव मगर ऐसा नहीं है कि पुलिस यदि नहीं करती है उपयुक्त कारवाई तो फिर कोर्ट पुलिस से कोई पूछने वाला नहीं है क्योंकि मामला हाई कोर्ट में है। ठीक है? ठीक राधे राधे राधे राधे राधे राधे
00:39:29:20 ठीक है और कोई अगर आना चाहता है तो आ सकता है संतोष राजपूत चेहरा दिखाएं तो ही आए अन्यथा ना आए व्यर्थ में अपना और हमारा टाइम वेस्ट ना करें भागवतानंद की ओर से भी अगर कोई आकर के उसका पक्ष रखना चाहता है तो वह भी रख सकता है बट ऑन वन कंडीशन अपनी पहचान के साथ आए। यह सब बातें आप सामने से करिए भाई आकर के। बहुत बातें हो चुकी है। वर्ण व्यवस्था ये जो भाई साहब आए हैं विजय चतुर्वेदी जी वो कह रहे हैं वर्ण व्यवस्था ये है वो है जन्म से मानते हो ये है। इस पर आप सामने आकर के चर्चा करिए। वर्ण व्यवस्था पर ठीक है। तो मुझे लगता है कि जो आवश्यक सूचना मैंने आप लोगों को दे दी है। आप इसे सर्वत्र प्रचारित प्रसारित कर दें। और हां एक बात और है। अच्छी बात याद आ गई। बहुत इंपॉर्टेंट बात है। हम लोग एक आहान कर रहे हैं सभी से जो भी हमारी मदद कर सकते हैं। यह करीब 200 चैनल्स हैं। जो मुख्य मुख्य्य चैनल्स हैं उनका डाटा हमने स्टोर कर लिया है। जहां जहां पर उन्होंने आपत्तिजनक चीजें फैलाई हैं।
00:40:43:06 तो हमने उनका जो डाटा है स्टोर कर लिया है। मगर अभी क्या है कि 150 चैनल और हैं। 150 से 250 तो आप हमसे संपर्क करें। 1010 चैनल करके अलग-अलग लोगों को बांट दिया जाएगा। तो आप उन 10-10 चैनल्स के आपत्तिजनक कंटेंट को निकाल के रख लीजिए जिससे कि समय आने पर जब हमें उनका दोष सिद्ध करना होगा कोर्ट के समक्ष या अगर उन पर बैन लगवाना है तो संबंधित बॉडी जिस पर संबंधित मीडिया सोशल मीडिया जिस पर वो अपना वो कुकृत कर रहे हैं जब हमें उन पर बैन लगवाना होगा तो हम वो दिखा पाए कि इस व्यक्ति ने देखो यहां पर यह निर्गत किया है तो जितने लोगों को आपको आपकी नजर में है कि यह व्यक्ति भी जो है सनातन के विरोध में कार्य कर रहा है रामपाल के नाम से तो आप उसके कंटेंट को निकालिए जैसे कि ब्रह्मा विष्णु महेश को अज्ञानी कहना और प्रामाणिक आचार्यों को अज्ञानी कहना हां या फिर दुर्गा के दुर्गा माता के साथ वह जो ओछी बात इन्होंने लिखी है ऐसा कंटेंट प्रत्येक चैनल से हमें निकालना है। मुख्य चैनलों से निकाल लिया है। उसकी चिंता ना करें। करीब हमने करीब
00:41:55:03 19 लगभग 14 से 20 चैनल्स को हमने प्रमुखता से पुलिस को सौंप दिया है डाटा समेत। मगर अभी भी करीब 200 चैनल 150 से 200 चैनल बाकी है तो आप हमसे संपर्क करें तो 1010 चैनल का हम बांट देंगे सबको वो 10-10 चैनल का कंटेंट अपने जो Google ड्राइव इत्यादि में है कि इसने यहां ये देखिए इस वीडियो में ये उसका लिंक है ये उसके चैनल का वो है वीडियो का लिंक वीडियो में क्या वो दी गई है उस क्लिप को काट के अपने ड्राइव में पीडीएफ वो हम बता देंगे कैसे करना है अगर आप लोग चाहेंगे तो ये काम कैसे करना है इस पर एक अलग से एक ट्यूटोरियल वीडियो हम बना देंगे जिस तरह से हमने वह तैयार किया है कि हम समय आने पर पुलिस अगर हमसे पूछे कि और कौन-कौन से चैनल है और उन पर कहां-कहां क्या-क्या आपत्तिजनक है तो हम उनको दे सके। तो आपको जितने लोगों का देना है यही सही समय है। संपर्क करिए। अच्छा यह अपने मन से अगर आप करने लगेंगे तो क्या दिक्कत आएगी कि आपने किया होगा 10 चैनल उन्हीं 10 चैनल का दूसरे ने भी किया होगा। उससे फायदा नहीं है। एक ही एक एक ही चैनल का चार-चार लोग कर रहे हैं। 10 का कोई करे 10 का कोई करे। इस तरह से 200 अपने चैनल कवर हो जाए। जितने चैनल्स हमें दिखाई देंगे उन सबका डाटा हम स्टोर करेंगे जिससे कि समय आने पर उस
00:43:10:14 के विरोध उसके विरुद्ध सख्त से सख्त हम कारवाई कर सकें। जी सौरभ जी जय श्री राम। अरे चले गए सौरभ जी। क्या हुआ सौरभ जी? जय श्री राम। कोई रामपाली नहीं है क्या? कोई किसी ने किसी रामपाली ने अपनी माई का दूध नहीं पिया जो ये बता सके कि कहां पर छप रही है ये अवैध किताबें। हां
00:43:46:04 आइए भैया आइए। अरे भाई किसी की माता ने तो निष्ठा पूर्वक दूध पिलाया होगा जो आकर के बता सके कि हमारे तथाकथित संत भगवान के द्वारा जो हम किताबें पढ़ते हैं ज्ञान की गंगा पढ़ते हैं उनकी नहाई हुई खीर की ज्ञान की गंगा खीर गंगा नहीं क्या है हां खीर की नदी तो कम से कम कोई तो माई का लाल ऐसा होगा जो आकर के बताए यह छप रही है यह देख लो कारखाना हम बताओ भैया यहां के इंस्पेक्टर इंस्पेक्टर जो इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर है उनसे आपकी बात करवा देंगे। बताइए उन्हें कहां है? इसको कहते हैं ना सामने आकर के डंके की चोट पर बात करना ये थोड़ी ना है कि आप मूल बातों पर बात मत करो। आके कैमरे के सामने नाटक कर दो। ये लोग तो ये तक करते हैं कि कोई दूसरी जगह कथा हो रही है। वहां पर चहलपहल हो रही है। वहां जाकर खड़े होकर के माइक लेकर के वीडियो बनाते हैं और दिखा देते हैं कि देखो हमारा कितना बड़ा कार्यक्रम चल रहा है। ये तक करते हैं ये लोग ड्रामा। इनके ड्रामे की कोई सीमा है क्या? कोई सीमा नहीं। फुल झूठ।
00:44:58:19 डी आर पहाड़ी जी आ गए हमारे परम मित्र। जय श्री राम। जय श्री राम। बताइए। कैसी लगी आपको शुभ सूचना? बहुत बढ़िया लगी। बहुत सुख बहुत अच्छा समाचार रहा इसमें एक चीज है ना ये जैसे अभी एक मैं एक चीज आपको बताऊं कि इसमें क्या हो सकता था भाई पुलिस ये भी तो कह ये लोग बहुत दावा करते थे ना कि हमारी किताबें क्लीन चिट है एमपी खबर फास्ट वाला क्या चिल्लाता था कि आप पे अगर कोई मुकदमा करने जाए तो आप उसको दिखा दो हमारी किताबें क्लीन चिट है ये देखो यहां ये छपा है वहां वो छपा है करता था ना तो भाई जब पुलिस इन्वेस्टिगेशन करने जा रही है जो जहां पर इन्होंने अड्डा बना रखा है वहां वो लोग ये क्यों कह रहे हमारे पास कोई किताबें नहीं है वहां पे पुलिस जाके चेक पूरे पूरे घर पे छापा मार रही है पुलिस चेक कर रही है वहां ये क्यों नहीं कह रहे कि हमारी किताबें शास्त्र प्रमाणित है हमारी किताबें हाई कोर्ट से क्लीन चिट है वहां ये क्यों नहीं कह रहे ये लोग वहां ये क्यों कह रहे हमारे पास कोई किताबें नहीं है भैया वो भी वो मुख्य जो मुख्य जिनका नाम है ना वो है ही नहीं उसमें वहां पर कोई और ही व्यक्ति मिल रहा है फरार तो ये हमारे पक्ष
00:46:13:27 में है ये सब चीजें भाग रहे हैं लोग अब और जहांजहां पर पुलिस जाएगी शामली जाएगी शामली से भागेंगे जहांजहां पुलिस जाती जाएगी भागते जाएंगे जैसेजैसे घेरा बड़ा होता जाएगा वैसे वैसे धीरे-धीरे ये लोग गायब होते जाएंगे और इधर जो सोशल मीडिया वॉर चल रही है वो तो अलग से चल ही रही है उसको यहां पर हर तरह से प्रकट कर देना उचित नहीं है इसलिए हमने कुछ चीजें बताई भी नहीं है जी अब आप बोले जी जी जी देखो जैसे अभी एक केस में इसको एक जमानत दी गई और कुछ शर्तें रखी गई। जैसे जैसे बोला गया कि धार्मिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ जा सकता या किसी को मतलब कि कोई भाषण नहीं दे सकता। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन बैन है। प्रतिबंध है। जो प्रतिबंध हम लगवा रहे हैं वो वहां हरियाणा हाई कोर्ट ने तो पहले ही लगा के भेजा है। बल्कि मैं तो ये कह रहा हूं इस कारण से जो बाहर आने के जो फैसला हुआ है इसके चलते तो ये जो थोड़े बहुत कार्यक्रम हो रहे थे। अब उस अदालत के कारण भाई जब रामपाल के कार्यक्रम नहीं हो सकते। तो रामपाल की जहां पर फोटो लगी हुई है वो भी तो कार्यक्रम धीरे से उस फैसले की चपेट में आ जाएंगे। हां ये मैं मैंने फैसला पढ़ा उसमें अंदर यह चीज
00:47:28:28 लिखा है कि किसी भी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म के माध्यम से या किसी भी मैसेज के माध्यम से कोई भी धर्म कार्यक्रम या ऐसी कोई भी चीज नहीं कर सकता। ये कहा जी बिल्कुल अब अब ये जो मैंने बताया ना दो गुट है एक गिरोह जो प्लानिंग के साथ रामपाल के नाम से बिजनेस कर रहा है वो तो इस बारे में कुछ बात ही नहीं कर रहा है दूसरा गिरोह जो ये जो अंधा जो अनुयाई है ब्लाइंड फेथ वाला जी है ना तो वो गिरोह ये कह रहा था हमारे भगवान बाहर आ रहे हैं तत्वदर्शी बाहर आ रहे हैं और विरोधियों के मुंह पे वो हो गया है मुंह में दही जम गया है ये है वो है अब उन अब कम से कम उनको यह सोचना चाहिए भैया आने से पहले ही बैन है। जी जी आने से पहले ही तुम्हारे गुरु जी पर बैन है। जी जी जी हमें कोई रामपाल से पर्सनल शत्रुता थोड़ी ना है। उसके उसी भाग से शत्रुता है जिस भाग पर पहले ही सरकार ने बैन लगाया है। बिल्कुल ये सौरभ जी आए हैं। इनसे बात कर लीजिए। सौरभ जी सौरभ जी जय श्री राम। जी जय श्री राम। असल में मैं थोड़ा ऑफ टॉपिक बोलूंगा मतलब मुझे बात कुछ और करनी है रामपाल जी के ऊपर नहीं है कुछ भी यहां रामपाल के
00:48:44:00 ऊपर कुछ नहीं है किस विषय में मैं बात करना चाहता हूं असल में एक कोई जगतगुरु और एक कृपालु जी महाराज ऐसे करके किसी ने अपने नाम के पीछे जगतगुरु लगाया था वो कह रहे हैं कि उन्होंने कोई काशी विद्या परिषद ऐसा कुछ ने उन्हें दिया है जो कि प्रामाणिक नहीं है मैंने जितना सर्च किया और इस विषय उनके द्वारा दी जाने वाली जो शिक्षाएं है वो कोई आपत्तिजनक हो तो वो बताएं आप हां हां हां जी जी उन्होंने जगत गुरु तो आजकल कई ऐसे आचार्य भी लगाते हैं जिनका हम सम्मान करते हैं फिर जी जी उससे क्या मतलब है आपत्तिजनक कोई अगर वो हो कई बार लोकाचार्य की दृष्टि में जगतुगुरु शब्द आ जाता है जगतगुरु का एक अर्थ राघवाचार्य जी महाराज ने बताया था कि जिसमें जगतगुरु दृष्टि के निर्माण करने वाले को भी कहा जाता जगत का स्वामी के रूप में तो वो कई सारे उस पर विचार बन सकते हैं जगत गुरु की बात पे अभी फिलहाल तो अभी फिलहाल तो ये है कि भाई आपत्तिजनक वो शिक्षा कौन सी है इस पर ज्यादा बात करें तो अच्छा रहेगा अन्यथा वो समाज में और विप्लव उत्पन्न करेगा कौन जगतगुरु है कौन नहीं है हां है ना तो मैंने उनका जो देखा
00:49:59:08 एक वो शंकराचार्य का खंडन कर रहे थे और उन्होंने ये तक कह डाला उस वो वीडियो में आपका आपको लिंक व्यवहारिक खंडन था या दार्शनिक खंडन था वो मतलब दो थे ठीक है मैं पहले बता देता हूं क्या था मैं खुद कंफ्यूज हो जाऊंगा क्या था एक्सक्टली ये है ये था खंडन कि उन्होंने व्यास देव का खंडन किया उन्होंने ऐसा बताया उन्होंने बोला कि उन्होंने ऐसा बताया कि व्यास देव को उन्होंने भ्रांत बता दिया जो कि इसमें था नहीं ऐसा नहीं है यदि ऐसी कोई जानकारी मिली है तो वो जो है असत्य नहीं है। कहीं ना कहीं कोई समझने में किसी से कोई गलत भ्रांति फैली है जिसके कारण ऐसा वक्तव्य आया है और अगर ऐसा कुछ है तो अनुचित है। और एक बात ये है वो अपने आप को वो कोई मतलब पारंपरिक नहीं है। वो जो गुरु है वो कोई पारंपरिक नहीं है। तो उनको जगत गुरु मैंने आप देखिए किसी भी व्यक्ति विशेष ऐसे सिचुएशन में किसी व्यक्ति विशेष की समीक्षा की बजाय अपने सार्वभौम सिद्धांतों को आप याद रखिए क्या है पहला है कि अंतिम निर्णायक कौन होगा सनातन धर्म का जो
00:51:14:26 सन्यासी हो ठीक है मनुस्मृति 112 12वा अध्याय 112 से 114 11 5 16 अह क्या कहते हैं अथर्ववेद और भी भगवत गीता में तत्वदर्शी जो तत्व से जानने वाला है भगवान को उसको जो है कहीं ना कहीं उससे वैराग्य को जोड़ा गया है जिसका मान मोह नष्ट हो चुका हो ये भी व्याख्या की गई है कि मुझे मेरे मुझे कौन प्राप्त करते हैं तो समत्व हो जाते हैं तो तत्वदशी होते हैं तो उनके लक्षण बताए हैं भगवत गीता में तो इन सब बातों का एक ही निचोड़ आता है कि सन्यासी तो उस लक्षण से क्या होगा सन्यासी दूसरा क्या होता है? परंपरा एवं परंपरा प्राप्तिमम। ठीक है? मुंडकोपनिषद एक से चार निरुक्त में बात की है यासका जो आचार्य यास है उन्होंने बात की है और भगवत गीता में बात हुई है परंपरा की और हमारे पुराणों में भरभर के बात हुई है परंपरा की। तो परंपरा से होने चाहिए। तीसरा क्या है कि समस्त श्रुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस्य की शिक्षा देते हो। ऐसा ना हो कि एक बात को पकड़ रहे दूसरी बात को अरे कोई नहीं वो मतलब नहीं तो यह समस्त श्रुति स्मृति शास्त्रों में सामंजस
00:52:30:07 की शिक्षा हो और अंततवा अपने शिष्य का संशय रूपी अंधकार दूर कर दे गुरु सिद्ध हो वो तो ये सारे लक्षण अब आपको पता चल गए। अब आपको एक एक का नाम लेकर के किसी से समीक्षा करवाने की आवश्यकता नहीं है। यह चारों पांचों लक्षण जहां पर लागू हो जाए वह प्रामाणिक है। जहां लागू ना हो वो प्रामाणिक नहीं है। एक एक का नाम लेकर समीक्षा करवाएंगे। कई बार समीक्षा करने में भी आपत्ति हो जाएगी सामने वाले को। और दूसरी यह बात भी है कि कितनों की समीक्षा करवाएंगे? अभी आप घर से बाहर निकलेंगे। कोई पांच साल का बच्चा वो 10 साल का वो जो है क्या नाम है उसका? क्या नाम है? वो भी कथावाचक हो गया है आजकल। बाल बाल कथावाचक रामभद्राचार्य जी ने फटकारा था उसको अपने मंच से नाम ध्यान नहीं आ रहा मुझे जीता है मैं उस बात पूरी कर लूं तो आप घर से जैसे ही बाहर निकलेंगे कोई बच्चा कह देगा मैं जगतगुरु हूं तो आपको मुझसे पूछने आने की आवश्यकता नहीं है कि वो जगतगुरु है कि नहीं आपको परचून वाला कह देगा मैं जगतुगुरु हूं फिर तो फिर आप मेरे पास आएंगे कि वो जगत जगत गुरु है कि नहीं तो इसके लिए आप सार्वभौम सिद्धांतों को अपने साथ रख के
00:53:45:08 चलिए कि कौन होगा प्रमाणिक आचार्य परंपरा सन्यासी सामंजस्य की शिक्षा और संशय रूपी अंधकार को दूर कर देने वाला सिंपल आप आपके गुरु आपको मिल जाएंगे ठीक है ऐसे व्यक्तिगत व्यक्तिगत व्यक्तिगत रूप से एक एक की समीक्षा कहां तक करते जाएंगे इसमें मैं उदाहरण एक एक उदाहरण कई बार दे चुका हूं लोगों को कि जैसे हमको किसी फैटी व्यक्ति को जो मोटापे से ग्रसित हो उसको हमें पतला करना है। अब हमने उसको एक जो न्यूट्रिशन को ध्यान में रखते हुए कि उसको दिन भर में कितना प्रोटीन, कितना फैट और कितना कार्बोहाइड्रेट बॉडी में जाना चाहिए। इन बातों को ध्यान में रखते हुए उसको एक अच्छा सा डाइट प्लान दे दिया। तो अब उसके लिए अच्छा क्या है? जो इस डाइट प्लान के अंदर है। इस डाइट प्लान के बाहर यदि तुम्हें काजू भी मिलता है, बादाम भी मिलता है तो वह भी आपके उद्देश्य में क्योंकि बाधक है इसलिए वो भी गलत है। वो भी आपके लिए ग्राह नहीं है। जैसे कि कोई पत्नी वता पुरुष है। अब उसको कोई बहुत अच्छी स्त्री भी दिखती है। वो भी उसके लिए हानिकारक है ना। कोई बहुत अच्छी स्त्री भी मिलती है वह भी उसके लिए ठीक नहीं है। जबकि वो स्त्री तो अच्छी है मगर
00:55:00:09 वो उसकी जो मर्यादा है उसकी उसमें नहीं आती। इसी प्रकार से हमने जब आपको सार्वभौम सिद्धांत दे दिए आचार्य को आचार्य कौन हो सकता उसके संबंध में तो आप उनको लेकर के चलिए। आप बार-बार फोन करके ना पूछिए कि मैं काजू खा लूं क्या? मैं बादाम खा लूं क्या? मैं केला खा लूं क्या? मैं खजूर खा लूं क्या? यह नहीं करना है। क्या करना है कि जो आपको डाइट चार्ट दिया गया है केवल वो खाना है। उसके बाहर की सारी चीजें त्याग देनी है। सिंपल जी बताइए। जी ऐसा हुआ कि मैं मैं अपने एक दोस्त से ये उसके साथ तर्क कर रहा। मतलब ऐसे ही इसी बारे में कि ये मैं मेरा मानना ये था कि वो नहीं थे। तो उसने परंपरा पर ही सवाल उठा दिया कि अगर सुखदेव के दो शिष्य हैं शंकराचार्य और मधवाचार्य तो दोनों के सिद्धांत अलग कैसे हो गए? तो इस पर मैं कोई जवाब नहीं दे पाया ठीक से। इसीलिए मैं आया हूं। सिद्धांत गलत नहीं हुए। सिद्धांत किसी का गलत नहीं हुआ। मधवाचार्य जी के सिद्धांत पर व्यवहार में हम लोग चलते हैं। त्यागा कहां है? गलत किसने कहा मधवाचार्य जी के सिद्धांत को? नहीं नहीं नहीं मैंने उनको जब से पूजा करते हैं ना भगवान की शिवाजी ऐसा हुआ कि मैंने
00:56:15:10 बोला कि उत्तराधिकारी जो मतलब गुरु है वो चुनेंगे तो उसने बोला ये फिर दो उत्तराधिकारी यहां पर कैसे आ गए और उसके बाद मतलब ऐसे युक्ति लाए कि ये शंकराचार्य का पद क्यों है उससे पहले जो गोविंदाचार्य जी थे शायद उनका पद क्यों नहीं है ऐसा प्रश्न स्टार्ट कर लिया तो मैं उसका उसका उत्तर नहीं दे पाया। इसलिए मैं एक ही गुरु के एक ही गुरु के किसी कोई छात्र होता है जिसके कुछ नंबर आते हैं और एक ही गुरु का कोई छात्र होता है जिसके कुछ नंबर आते हैं। तो फिर यह कैसे संभव है? एक ही गुरु के जितने भी छात्र हो उनके सबके एक ही जैसे नंबर आएंगे। उसके हिसाब से आपके व्यक्ति के हिसाब से। अरे वो गुरु तो छोड़ो कि सब लोग उनके गुरु शिष्य हैं। सुखदेव के वो छोड़ दो। तो सब लोग ईश्वर के शिष्य तो हैं।
00:57:09:22 ईश्वर के शिष्य तो हैं। फिर कैसे अलग-अलग? समझने में अलग-अलग। किसी ने ईश्वर की इतनी बात को समझा और कहा। किसी ने ईश्वर की इतनी बात को समझा और कहा। ठीक है? तो इसको कहते हैं सत्य सष्णता की क्रमिक अभिव्यक्ति। सबकी अपनीप उपयोगिता है। द्वैत अद्वत विशिष्टा सबकी अपनीप उपयोगिता है। किसी का भी वो त्याज रूप से वो नहीं है। खंडन नहीं है। हां यदि कोई यह कहता है सीधे इस पर आ जाओ। यदि कोई यह कहता है कि भाई शंकराचार्य का वो गलत है तो फिर जब वो यह कह देगा ना शंकराचार्य का सिद्धांत गलत है। तो इसमें बस एक दिक्कत सबसे पहली आ जाएगी कि ईश्वर सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं हो पाएगा।
00:57:56:21 तो टू स्टॉप द ट्रेन पुल द च आप शंकराचार्य का विरोध करिए खूब करिए कोई दिक्कत नहीं है हमको सर्वशक्तिमान ईश्वर दे दीजिए हम आपके साथ है सर्वशक्तिमान ईश्वर दे दीजिए हम इस्लाम को अपना लेंगे क्रिश्चियनिटी को अपना लेंगे मगर दिक्कत ये है कि शंकर के विरोध में खड़े होकर के आप ईश्वर को सर्वशक्तिमान सिद्ध नहीं कर पाएंगे तो इसलिए सामने आकर के शंकर के सिद्धांत का खंडन करना और उसके बाद सनातनी बने रहना, धार्मिक बने रहना, ईश्वर पर विश्वास करने वाले बने रहना और मनुष्य बने रहना ये सब संभव नहीं है। यह तो रही विरोध वाली बात। बाकी अगर शंकर के सिद्धांत की सीमा में रहते हुए रसगत भेद या व्याख्या भेद भाष्य भेद भेद करते हुए हम अपनी व्याख्याएं देते हैं। उनको स्वीकार करते हैं तो उसमें कोई आपत्ति नहीं। मगर जब आप विरोध करने लगेंगे नहीं मैं विरोध करने के लिए खड़ा हुआ हूं तो फिर वहां पारित हो जाएगा ईश्वर ईश्वर की ईश्वरता भंग हो जाएगी जी पहाड़ी जी तो चले गए आपसे चर्चा में पहाड़ी जी यही है पहाड़ी जी हां पहाड़ी जी मुझे नहीं मुझे नहीं दिख रहा छोटी सी बाती
00:59:13:25 जी छोटी सी बात बता रहे मैंने रामपाल का जो केस लड़ रहा है वकील जो है एडवोकेट जो है हां वो इतने सालों से केस लड़ रहा है वो अभी तक उसका अनुयाई नहीं बन पाया ना उसको भगवान भगवान मानता है वो बौद्ध धर्म को मानता है और बौद्ध की मूर्ति अपने ऑफिस में रखिए ये बड़ी बड़ी अब बताइए कहां से भगवान है वो उसका इंटरव्यू है मेरे पास परसों का अरे ये सब ये सब ज्यादातर लोग भाई व्यापार को अपनी अर्थ को इन सब चीजों को प्राथमिकता देने वाले हैं जब इनको धर्म की व्याख्या ही सही से नहीं मालूम है। आज तक आपने कितने लोगों को देखा है रामपालियों को जो आकर के धर्म शब्द धर्म की व्याख्या नहीं बता पाए कि धर्म है क्या? क्या उसकी उपयोगिता है? बता पाए क्या? अगर नहीं तो अगर कोई रामपाल का अनुयाय अगर कोई आना चाहता है अपना पक्ष रखना चाहता है तो आ सकता है। अभी बेहिचक आ सकता है। इसमें बिल्कुल आ सकता है।
01:00:17:27 और वकील ने एक बात यह कही कि जब पत्रकार ने यह पूछा कि क्या वो बाहर आ जाएंगे क्या रिहाई हो गई उनकी तो उन्होंने ये कहा उनके उन्होंने कि रिहाई नहीं हुआ है रिहाई नहीं हुई है अभी और केस भी पेंडिंग है तो अभी जस्ट अभी एक केस में 427 4 28 की ऐसे कुछ बोला अभी रिहाई नहीं हुई है अभी हम उसके लिए वो लगाएंगे बोला है अभी रिहाई नहीं हुई है उनकी तो इस प्रकार से था और अभी कोई रामपाल का अनुय अगर आके अपना पक्ष रखना चाहता है इस केस के मामले में या उसका कोई पक्ष है धर्म के मामले में तो आके बात कर सकता है
01:01:00:24 जी जी और तब तक हम लोग गोस्वामी जी को भी सुन ले गोस्वामी जी जय श्री राम शास्त्रवाद जी बोले जय श्री राम भैया जय श्री राम जय श्री राम भैया आज तो बहुत अच्छा आप यहां पे आज बहुत दिन बाद आप लाइव आए हैं आज आपको ये YouTube पे फिर से देखते हुए बहुत अच्छा लग रहा है और क्या करें कुछ यही बात है भैया कि आज कुछ जो जैसे लोग हैं वो अपने अपने अंदर ही अंदर के मामलों में ही व्यस्त रखवाने में रुचि रखते हैं। हां
01:01:55:01 जी जी बोल वही है। अब जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से भी कोई भाषण नहीं दे सकता या कोई सत्संग नहीं कर सकता। तो इसके अंडर में इसके जो पुराने सत्संग है उस पर भी तो गाज गिरेगी। बिल्कुल गिरेगी और अभी हम जब काउंटर वो एक अपना उत्तर प्रस्तुत करेंगे तो उसमें ये वाला सहारा लिया जाएगा क्या हरियाणा हाई कोर्ट ने ये संदेश दिया है। इसके ऊपर प्रतिबंध होना चाहिए। हां। और ये इनके अनुयाई बोल रहे हैं कि सत्य की जीत हुई। सत्य की जीत नहीं हुई है यहां पर। पहले पहले तो आप यह क्लियर कर लीजिए कि इनके कौन से वाले अनुयाय बोलते हैं। वो गिरोह नहीं बोलता प्लानिंग वाला क्योंकि वो चाहता ही नहीं है रामपाल बाहर आए। ये जो अंधे भक्त हैं जिसको गिरोह ने बंधा कर रखा है वो लोग बोल रहे हैं। जी जी जी जी इनका वकील खुद वह बोल रहा है। चलो चलो गोदी मीडिया कुछ भी बोल सकती है। पर जो रामपाल का वकील है जब वो बोल रहा है तो सुननी चाहिए उनकी बात और जो कोर्ट ने कहा है कि 10 साल आठ महीने 27 दिन की सजा ऑलरेडी वो काट चुका है और जो एक ये जो उमर कैद का
01:03:10:02 होता है कि डेथ पॉइंट होता है जो जो है उसको अभी रोका गया है उसको रोका गया है ना कि वो सजा माफ हुई है या वो निरस्त हुई है निरस्त नहीं निरस्त का अर्थ हुआ कि उसको अमान्य ये ओ से ही लागू रहेगी कि जब तक कि हाई कोर्ट से कोई फैसला नहीं आ सकता आ जाता उसके विपरीत जो पुराना जो फैसला था यही है उसका और हम तो चाहते ही थे कि ये बाहर आए और बाहर भाई बाहर आने से जो यहां की पुलिस जो इन्वेस्टिगेशन कर रही है उसमें बड़ी मदद मिलेगी हां आसान हो जाएगा थोड़ा और हो सकता है कि आपको भी मौका मिले उसको निरुत्तर करने का सबसे अच्छी बात तो ये है कि यदि रामपाल ही ये गिरोह चला आ रहा है तो यहां की पुलिस उसको लेके आएगी और फिर हम कहेंगे अब आ भाई तू शास्त्रार्थ कर रामपाल को कर भाई शास्त्रार्थ जी जी जी ये सब ये तो है पर अब सरकार ने ही अदालत ने ही जब पाबंदी लगा दी इसके सारे प्रोग्रामों में फिर हम तो चाहते ही ये थे हमको कौन सा उससे दुश्मनी है रामपाल से हमारी दुश्मनी रामपाल से नहीं है उसने जो
01:04:26:04 एक भ्रांति फैलाई थी। उसके खिलाफ थे हम तो। लोगों को लग रहा है ये रामपाल की विजय जगह-गह से वो बेचारा मार खाता फिर रहा है। पहली बात तो अपने बूढ़े व्यक्ति को संभाल लो जाकर के। उसको क्या बीमारियां है? क्या उसके शरीर में कष्ट है वो देख लो। कौन से दुख दर्द तकलीफें? रीड की हड्डी कैसी है? जो एक रेक्टर स्पाइन मसल होती है ना रीड की हड्डी के बगल बगल में चलती है अगर उसको ट्रेनिंग ना मिले डेली कसरत व्यायाम इत्यादि ना हो तो उसी के कारण व्यक्ति आगे चल के वो जो है झुक जाता है है ना और ऐसे स्पाइन ऊपर का व्यक्ति ऐसे ऐसे हो जाता है ना झुक के बात करने लगता है तो वो सबसे पहले तो वो देख लो जाकर के उसकी वो रेक्टर स्पाइन मसल इत्यादि क्या है वीक है कमजोर है थोड़ा देख लो पाचन क्रिया कैसी है बुढ़ापा आ गया बेचारे का यह सब देख लो भगवान भगवान कह कह कह के कह के तुम ही ने सबसे ज्यादा उसको परेशान किया है।
01:05:24:07 मेरी लाइव में एक आया था रामपाल का। अच्छा कोई आया है एक मिनट पहाड़ी जी शायद रोहिताश जी हैं। ये रोहिताश कुमार बताइए जय श्री राम। जय श्री राम। जी रामपाल जी के अनुय इसलिए नहीं आ रहे हैं क्योंकि ना वो इस टाइम पे बिजी हो रखे हैं सावतरण दिवस पे। इसलिए अनुय नहीं आ पा रहे उनके एक भी। नहीं ऐसा नहीं है अवतरण दिवस तभी होंगे तो अवतरण दिवस कोई जंगल में तो होता नहीं होगा इंटरनेट तो होगा इसलिए वो इसलिए वो आपके साथ लाइव में नहीं जुड़ पा रहे हैं नहीं नहीं अवतरण दिवस अवतरण यहां पे अभी मैं आपको कमेंट दिखाऊं बहुत सारे बहुत सारे कमेंट है जो मेरे विरोध में है रामपाल के पक्ष में पर वो सामने नहीं आ रहे क्योंकि उनमें सामर्थ्य नहीं है हम हम और सबसे बड़ी बात ये है कि मतलब ऐसे कैसे हो सकता है? जब 2014 में जब एक आश्रम था जब ये घटना हुई उसके बाद जेल में से 101 आश्रम खड़े कर देना यह कैसे हो सकता है? कैसे संभव है ये? ये संभव ऐसे है कि जब आप सतलोक आश्रम में थे अकॉर्डिंग टू रामपाल सारे जीव कहां थे?
01:06:34:12 सारे जीव थे। ये तो मुझे सुनो ये तो नहीं पता लेकिन इतना मुझे पता है कि जब उस टाइम पे एक रामपाल एक मिनट एक मिनट मैं आपकी बात का जवाब दे रहा हूं। अकॉर्डि आपको नहीं पता मुझे पता है अकॉर्डिंग टू रामपाल सारे जीव कबीर के पास थे सतलोक में ऐसा कैसे हो सकता है कि सतलोक में रहते हुए इतनी बड़ी दुनिया ये इतना बड़ा राक्षस के द्वारा इतनी बड़ी दुनिया सब खड़ी हो गई कबीर के रहते हुए यदि कबीर सही था तो नहीं बननी चाहिए थी दुनिया जिस प्रकार से आप कह रहे हो कि यदि हम सही है और रामपाल गलत है तो उसके आश्रम नहीं खुलने चाहिए तो यदि काल गलत था और कबीर सही था तो ये दुनिया ही नहीं बननी चाहिए थे। प्राणी यहां पर फसने नहीं चाहिए थे। कैसे फस गए?
01:07:18:26 और सबसे बड़ी बात तो ये समझ में आया? नहीं समझ में आ गया कि नहीं? हां आया। इसका मतलब ये है कि जिस प्रकार से तुम ये मानते हो कि जीवो में एक प्रवृत्ति हुई, जीवो से गलती हुई कि वो काल के जाल में फंस गए। कबीर के होते हुए भी उसी प्रकार से आज के भी लोग हैं जो फंस रहे हैं रामपाल के जाल में समझ में आया समझ में आया आया पर चलो ठीक है वो लोग वो लोग फंस रहे हैं पर देश का अपने देश का कानून है मीडिया है देखो उस टाइम पे क्या किया था फिर बाहर आ रहे हैं फिर ऐसे कैसे ये क्या कानून है क्या मीडिया है उस टाइम पे ऐसे क्या मीडिया है ये तो आप क्या कानून है क्या मीडिया है ये तो आप न्यायालय से जाके पूछिए ना तो हम मीडिया वाले हैं ना न्यायालय वाले हम तो सनातन धर्मी है। आपको हमारे धर्म से हमारे धर्म हमारे सिद्धांतों से कोई दिक्कत हो तो बताइए। ये चीजें तो आप न्यायालय से पूछिए ना। क्या न्यायालय है? क्या मीडिया है? और आप अपने गिरोह से पूछिए कि तुम अपने चैनल पे क्यों नहीं चला रहे हो? रामपाल की न्यूज़ जो बाहर आने वाला है। बाहर आने वाला है कि नहीं? सुन तो रहे हैं न्यूज़ में पता है। मैं तो किसी का अनुय नहीं हूं। अभी मैं तो किसी का अनुय नहीं हूं। नहीं यदि यदि तुम
01:08:34:00 रामपाल के लिए जी लगा रहे हो तो तुम रामपाल के अनुयाई हो गए ना सम्मान दे रहे हो ना उसको नहीं सम्मान नहीं है हमको निंदा तो किसी की नहीं करनी चाहिए किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए किसी का भैया निंदा नहीं सत्य बोलना चाहिए कि नहीं एक मिनट निंदा नहीं सत्य बोलना चाहिए कि नहीं कुत्ते को कुत्ता बोलोगे कि नहीं मैं किसी का अनुयाई नहीं हूं ठीक है मैं अभी किसी के अनुयाय नहीं है एक मिनट अभी आपकी जांच हो जाती है पांच मिनट में आप किसी के अनुयाई नहीं है तो आपका धर्म क्या है मैं हिंदू धर्म से करता हूं हिंदू धर्म से हिंदू धर्म क्या है क्या परिभाषा है धर्म की बताइए
01:09:21:01 इतना तो ज्ञान मुझे है नहीं जी क्या परिभाषा है इतना तो इतना इतना इतना ज्ञान नहीं है इसका मतलब आपको यह नहीं पता है कि ब्रह्मा विष्णु महेश भगवान है कि हिंदू धर्म के अनुसार हां क्यों नहीं है हमारे पापा भगवान मानते हो ब्रह्मा विष्णु महेश से कोई बड़ा भगवान तो नहीं है हमारे पापा खुद भक्ति करते हैं कृष्ण भगवान की क्यों नहीं मानते हम मैं आपसे पूछ रहा हूं ब्रह्मा विष्णु महेश से बड़ा कोई तो भगवान नहीं है हमने तो यही सुने तीन मुझे तो पता नहीं जी मेरे पापा तो किसकी भक्ति करते ऊपर तो सुना नहीं ब्रह्मा विष्णु महेश को ही सुना चलो नहीं सुना नहीं पता तो इसका मतलब आप रामपाल के विचारों को नहीं मानते हो। रामपाल तो इनको अज्ञानी कहता है। तुम्हारे पिताजी इनकी भक्ति करते हैं। इसका मतलब तुम्हारे पिताजी अज्ञानी हुए, मूर्ख हुए और मनुष्यों में नीच हुए। रामपाल ने कहा इनकी भक्ति करने वाला नीच है।
01:10:21:18 ऐसा पता नहीं। ऐसा तो पता नहीं कहां के निकाले। चलो चलो मैं दिखाता हूं। रुक जाओ रुक जाओ। मैं दिखाता हूं। एक मिनट। [संगीत] अंदर चलिए शिव भाई आप लोग चर्चा कीजिए मेरा कार्य जय श्री राम हर हर महादेव जय जय जय जय श्री राम इनको मनुष्यों में नीच वाला जरा दिखा दो अगर कहीं पर किसी के पास लिखा हो लगभग हर पेज पर लिखा है हर थोड़ी देर बाद बोलते हैं भैया मनुष्य में नीच है।
01:11:18:28 पृष्ठ संख्या 76 किस में कौन से उसमें लिखा है बुक में? बता रहा है भाई। अभी सामने दिखा रहा हूं आपको। हम ये देखो ये गीता ज्ञान अमृत ठीक है। उल्टा भगवत गीता में भगवत गीता में श्लोक। भगवत गीता श्लोक में है किसी भगवत गीता में श्लोक है कोई? श्लोक नहीं है। ये रामपाल जी ने लिखा है। रामपाल जी आपके जी है ना जो जी रामपाल जी ये ये लिखा हुआ है मैं पढ़ के आपको सुना दे रहा हूं कि जो लोग ब्रह्मा विष्णु महेश की उपासना करने वाले हैं वह मूर्ख है राक्षस स्वभाव को धारण किए हुए मनुष्यों में नीच है तो यदि रामपाल सम्माननीय है उसका कथन सम्माननीय है तो आपके पिताजी नीच है तो आप अपने पिताजी को नीच मानते हो रामपाल को सम्मान देते हो क्या मानोगे दोनों में से अब ये तो बुक में देखना पड़ेगा ना कहां लिखा है? नहीं तो बुक में देखना पड़ेगा मुझे बुक में श्लोक तो जाओ पहले देख लो पहले फिर आना जाओ नहीं भगवत गीता में है श्लोक भगवत गीता में अरे भगवत गीता में नहीं उसने अपने मन से जो अर्थ किया है भगवत गीता का गीता
01:12:34:07 तेरा ज्ञान अमृत उसमें वो लिख रहा है कि जो ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करते हैं मूर्ख है मनुष्यों में नीच है तो आप अपने अगर तुम रामपाल को ची जी कह रहे हो तो तुम अपने पिता को नीच कह रहे हो पहले जाके देख आओ तो श्लोक बताओगे तो तो गीता है मेरे पास भगवत गीता में श्लोक नहीं है कोई अरे तुम्हारा दिमाग खराब है क्या मेरे पास तो नहीं आ रहा दिमाग ये रामपाल ने जो किताब छापी है भगवत गीता के नाम पे उसका अर्थ करते हुए उसने लिखा है कि जो लोग ब्रह्मा विष्णु महेश ये गीता में कहीं नहीं लिखा है गीता का गलत अर्थ करके रामपाल ने लिखा है कि जो लोग ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करते हैं मनुष्यों में नीच समझ में आया? मैं तुमको ये कह रहा हूं क्या कि हमारी गीता में लिखा है कि मनुष्यों में नीच ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करते हैं। रामपाल ने अपना मनगढ़ंत अर्थ करके लिखा है कि जो लोग ब्रह्मा विष्णु महेश की पूजा करते हैं जो उन्हें भगवान समझते हैं वो मनुष्यों में नीच है। तो आप तय कर लो कि रामपाल जी हैं या आपके पिता नीच है। तो ये तो बुक में देखना पड़ेगा। तो पढ़ के आ जाओ। हम ठीक है। पढूंगा पढूंगा। ठीक है। ठीक है। पढ़ लीजिए। ठीक है। बुक में ही पढ़ना पड़ेगा। देखना पड़ेगा ना पेज पे। हां पढ़
01:13:50:02 हम हां भाई हर्षित जी जय श्री राम बताइए जी जय श्री राम भैया अच्छा इसकी तो इतनी मर्मज्ञता हो गई है अभी तक ही अभी मतलब तीसरा चैप्टर ही चल रहा है चौथा चैप्टर वहीं पे रुका हुआ है मामला वो जो सीरीज नहीं चलाई थी बोल वचन रामपाल के बोल वचन गीता के नाम पर इसमें तो इतनी मर्मज्ञता हो गई है कि कौन सी चीज कहां लिखी तुरंत मिल जाती है। हां
01:14:28:28 बिल्कुल आपका शायद नेटवर्क ठीक-ठाक नहीं है। जी थोड़ा यहां पे नेटवर्क मौसम खराब है तो उसी के कारण थोड़ा नेट खराब चल रहा होगा। स्लो चल रहा है। मेरी आवाज नहीं आ रही क्या बहुत क्लियरली? हेलो नहीं ठीक है। ठीक है। कोई महत्वपूर्ण बात है तो बोले क्योंकि मेरे ख्याल से सवा घंटे का हो गया है सेशन और मुख्य बात तो हमने बता ही दी है। जी भैया भैया आजकल देख रहे हैं हर कोई जो है ना अलग-अलग जो मत संप्रदाय वाले लोग सब संप्रदाय वाले नहीं जो संप्रदाय विहीन है। ठीक है वो लोग क्या करते हैं जो संप्रदाय के परंपरागत आचार्य हैं उन मतलब उनका क्या मानना है उसको अपने ढंग से बताते हैं। मतलब शंकराचार्य जी का जो मानना है कि वो अरे मैं समझ गया आप समाजियों की बात कर रहे हैं।
01:15:29:18 जी तो वो लोग क्या है सांप और बिच्छू शेरों को काटा नहीं करते। सुनिए सांप और बिच्छू शेरों को काटा नहीं करते। दूरी ही दूर से रेंग कर निकल जाते। जब यह सामना करते हैं तो इनका मुंह भीगी भुली जैसा हो जाता है और दूर दूर दूर बैठ के और यह सभी जो प्रामाणिक रूप से आर्य समाजी वो नहीं जो चोर टाइप से जिनको आर्य समाज समय आने पर स्वीकार ही नहीं करता कि आर्य समाजी हमसे जुड़ा हुआ है ये है वो है ऐसे आर्य समाजी ये करते हैं तथाकथित आर्य समाजी होते हैं सो कॉल्ड जो प्रामाणिक रूप से आर्य समाजी होता है वो अपने पक्ष को पुष्ट करने के लिए शंकराचार्य का सहारा नहीं लेता यद्यपि आज कुछ ऐसे ऐसे भी हो गए जो सहारा सहारा लेने लगे। मगर वो भी फिर दोगलों की श्रेणी में आते हैं जो ऐसे होते हैं। तो शंकराचार्य का सहारा लेकर के शंकराचार्य ने कभी मूर्ति पूजा नहीं मानी। ये है वो है। अरे भैया शंकराचार्य जब तुम्हारे लिए प्रमाण नहीं है तो फिर तुम क्यों रख रहे हो उसका प्रमाण? अच्छा दूसरी बात तुमने शंकराचार्य को पढ़ा कहां से? चलो तुम प्रामाणिक रूप से दयानंद से जुड़े हुए तो दयानंद की बातें करो। तुम प्रामाणिक रूप से प्रपाद जी से जुड़े हुए तो प्रपाद जी की बातें बताओ। अब तुम बताओगे शंकराचार्य
01:16:44:21 के शिष्यों को कि शंकराचार्य ने भज गोविंदम क्यों लिखा? अब तुम एक तरफ कहते हो कि शंकराचार्य मायावादी थे। तो मायावादी थे तो भज गोविंदम मायावाद है क्या? कृष्ण की भक्ति मायावाद है क्या? या तो तुम उनको मायावादी तय कर लो या फिर तुम भज गोविंदम को यह मत कहो कि भैया भज गोविंदम जो है भगवान शंकराचार्य ने भी सही बात बताई है। भगवान शंकराचार्य ने तो तुम्हारे हिसाब से गलत बातें बताई है। तो जब उनकी बातें गलत है तो फिर तुम ये क्यों कह रहे हो कि ये बात अपने पक्ष वाली बात क्यों बता रहे हो?
01:17:20:14 चलिए विराज के लिए इतना पर्याप्त है। कुल मिलाकर के पहली विजय हमें प्राप्त हो गई है। पुलिस ढूंढ रही है। उनका जो अड्डा जो एफआईआर में लिखा हुआ है वहां पर किताबें नहीं मिली है। जो अड्डा किताबों में लिखा हुआ है वहां पर किताबों का कारखाना नहीं मिला है। और इसके आगे की कारवाई क्या-क्या हो सकती है वो मैंने आपको बता ही दी है। YouTube चैनल्स के ओनर से संपर्क किया जा सकता है। कस्टमर केयर वाले जो लोग हैं उनसे संपर्क किया जा सकता है। जो अभियुक्त गण है उनसे पूछताछ हो सकती है। रामपाल से डायरेक्ट पूछताछ हो सकती है। उस सब्जी वाले से हो सकती है जो पकड़ा गया था और उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में जो इन्होंने अपने अड्डे खोल रखे हैं उन सब से होने हो सकती है। इसके साथ ही साथ रामपाल जो बाहर आने की चीजें चल रही है तो उसमें यह दिखाई देता है कि रामपाल के दो गुट है जो एक रामपाल के बाहर आने से खुश है जो अंधभक्त है और दूसरा जो रामपाल के नाम से कमाई कर रहा है जो गिरोह चल रहा है नेटवर्क चल रहा है वो रामपाल के बाहर आने के विषय में मौन है उसमें कोई बात नहीं इसके साथ ही साथ हमें क्या प्रभाव पड़ेगा रामपाल यदि बाहर आ जाता है तो रामपाल तक पुलिस को पहुंचना
01:18:35:22 लखनऊ पुलिस को पहुंचना सुलभ हो जाएगा अगर रामपाल बाहर आ जाता है नहीं तो थोड़ा प्रोसेस प्रोसेस लंबी हो जाएगी। बस इतनी बात और रामपाल का स्टेटमेंट कॉन्फ्रेंस के द्वारा भी डायरेक्ट न्यायालय इत्यादि में भी लिया जा सकता है। तो ये सब ये सारी चीजें हैं जो जिसके लिए विशेष रूप से आज हमने वीडियो बनाया और किसी भी प्रकार के वैचारिक मतभेद के निमित्त हम भागने वाले नहीं है। आप हमारे WhatsApp पर संपर्क कर सकते हैं। 7308301869
01:19:10:00 ठीक है और ट्रू रियलिटी फैक्ट वाले जो महाशय हैं आए हैं जो वो अगली बार अपना थोपड़ा लेकर के आए अगर काला ना हुआ हो किसी समस्या से गधे कह रहे हैं वो चैट में तो उनसे मैं कहूंगा कि आपके साथ कोई ऐसी घटना ना हुई हो जिसके कारण आप किसी को मुंह दिखाने लायक ना रह गए हो तो अपना थोपड़ा अपना चेहरा लेकर के आइएगा तो आपसे से आमने सामने से चर्चा होगी। ठीक है? शास्त्रवाद जी और सभी समर्थकों को सभी उन लोगों को जिन्होंने इसमें अपनी भूमिका निभाई है। सभी को साधुवाद कहते हुए और सभी प्रशंसकों को सभी समर्थकों को बधाई देते हुए हमारी पहली विजय सुनिश्चित होने पर सभी को जय श्री राम। हर हर महादेव श्रीमन नारायण जय श्री राम हर हर महादेव। जय श्रीमन नारायण जय श्रीमन नारायण
01:20:13:20 [संगीत]
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रामपाल रिहा : क्या अब लखनऊ पुलिस उसे गिरफ्तार करने वाली है? Rampal Case Update
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