⬜ Not used yet · 00:00:06:16 – 00:31:04:00 (30:57)
00:00:06:16 आपने हमारे जितने भी वीडियोस देखे होंगे ब्रह्मा कुमारीज के साथ जिसमें वो सामने बैठे हुए हैं और हम उनसे बात कर रहे हैं तो उनमें आपने देखा होगा कि वो खुद ये एडमिट करते हैं कि भाई हम इस्लाम से कोई अलग नहीं है। वो खुद इस्लाम को भी प्रज़ करके चलते हैं। आइडियोलॉजीस को प्रेस करके चलते हैं। और कहीं ना कहीं अगर हम उस बात पर क्वेश्चन करते हैं तो वह यह कहने लग जाते हैं कि सनातन में भी इस तरह की चीजें मतलब वो लेके चल रहे हैं कि वह इस्लाम से अलग नहीं है। यानी कि वो कई शब्दों में अनेक प्रकार से खुद को इस्लामिक भी घोषित करते हैं। पर जब यही बात सीधे तौर पर नीलिमा जी ने कर दी तो गुड़गांव में इनके विरुद्ध एक मुकदमा दर्ज कराया गया। जिस मुकदमे को आज भी नीलमा जी फाइट कर रही हैं और उसका कारण यही है कि इन्होंने अपने सनातन का पक्ष लिया और उसका इनको यह एक तरीके से भुगतान करना पड़ रहा है वहां की मुकदमे में प्रस्तुत हो के। पहले सबको प्रणाम। जय श्री राम। सभी जो लोग मुझे सुन रहे हैं अपना समय इस वीडियो पर दे रहे हैं। सबसे पहले आप यह समझ के इस वीडियो को देखिएगा कि ये सिर्फ आप शिवश जी के चैनल की
00:01:21:18 वीडियो या किसी नीलिमा को सुनने के लिए किसी प्रचार प्रसार के लिए नहीं सुन रहे हैं। यह कार्य सिर्फ हम इसलिए भी कर रहे हैं कि कहीं ना कहीं सनातन सभ्यता बची रहे और जो लोग इसमें भरोसा रखे हुए हैं अभी तक उन लोगों का भरोसा विश्वास उन लोगों की पूरी स्टडी उनके मनचित पर बनी रहे। कहीं ना कहीं हमारी शिक्षा, हमारी सभ्यता और हमारे पारिवारिक दृष्टिकोण के संस्कारों पे एक मूसलाघात मानसिक बीमारी पैदा करके हमला किया जा रहा है। कुछ एक कल्ट्स के द्वारा इसे कल्ट्स बोलेंगे आप। कल्स माना कुछ अपने ही चलाए हुए ढंग के प्रचार प्रसार जिन्हें पंथ मठ या कुछ भी बोल सकते हैं आप जो भी आपका मतलब उसमें लगता है कि हम इस इस प्रचार से जुड़े हुए हैं। मैं यह नहीं बोलती कि किसी की मान्यता खराब है। जितनी भी मान्यताएं हैं वो सब अपनेप दृष्टिकोण अपनीपनी परिस्थिति अनुसार आप सही मान सकते हैं। जैसे मैं मेरे लिए सनातन को सही मानती हूं। सनातन को सही मानने की वजह से मेरा
00:02:36:19 और उनका झगड़ा है। जो लोग मेरा पहले भी जो वीडियो आया है फर्स्ट पार्ट एंड सेकंड पार्ट शिवा जी ने लिया है। अ उस पे कुछ कमेंट्स आए हैं जिनको मैं रीड करती हूं देखती हूं। तो वहां पर कैजुअली लोग बोल रहे हैं जो बीके हैं मैं पहले सबसे पहले उनको जवाब दूंगी। जो बीके हैं जो समर्पित हैं जो शायद मेरे समय के भी हैं। 2013 में मैंने यह पूरी तरह छोड़ा और मैं 2011 में मानसिक तौर पर उनसे अलग हुई और उस समय के लोग और आज के लोग शायद जनरेशन गैप होगा। ब्रह्मा कुमारीज के ज्ञान में रोज एक बदलाव होता है। वो रोज कुछ नया बदलते हैं। तो इसलिए वो गैप भी होगा कि उन्होंने हमारे समय वालों ने क्या सुना। समझिएगा मेरी बात को। मैं बहुत गहरी बात बोल रही हूं। हमारे समय वालों को उन्होंने क्या सुनाया। बीच के समय वालों को उन्होंने क्या सुनाया? और आज के समय वालों को वो क्या सुना रहे हैं? उसमें भी अंतर होगा। क्यों? क्योंकि इन लोगों की रोज की विनाश की लीला बदलती है। रोज उनके ज्ञान सुनाने के ढंग बदलते हैं। रोज उनके बात करने का
00:03:51:20 तरीका बदलता है। उनका ज्ञान परमानेंट नहीं है। इसके लिए उन्होंने एडिटर्स रखे हुए हैं। जिनको मुरलियों में कटिंग करनी होती है। समझिएगा मेरी बात। जो लोग ज्ञानी बनते हैं। उन लोगों को समझा रही हूं मैं पहले। मैं सनातनियों की बात अभी नहीं कर रही हूं। अभी मैं उनकी बात कर रही हूं जो यह कहते हैं बिना इंटरव्यू देखे बिना पूरी बात सुने आपको ज्ञान ही नहीं हुआ आप कैसी टीचर हुई। देखिए सनातन के रूल के अनुसार तो मैं जो कुछ आपको कहूंगी वो आपको समझ में आना नहीं है क्योंकि आप ब्रह्मा कुमारी से अति प्रभावित है। अति प्रभावित होने की वजह से आप मैं अगर सनातन को ले आपको बात समझाऊं तो मुश्किल आपको समझ आएगी क्योंकि आपने सनातन की स्टडी नहीं की। तो जो स्टडी आपने की है मैं उसके अनुसार बताती हूं। जो बीकेएस ने स्टडी की है। यह पहले बीकेएस वालों के लिए आंसर है कि हो सकता है 2011 और 10 का ज्ञान कुछ और रहा होगा ब्रह्मा कुमारीज का और बीच का ज्ञान 20 और 212 का कुछ और रहा होगा और आज 26 का ज्ञान उनका कुछ और रहा हो तो तीन जनरेशन गैप इसमें आते हैं क्योंकि वह तो हर छ महीने में या हर दो साल में अपना ज्ञान बदल देते हैं। कहां
00:05:07:03 बदलते हैं? मुरली में। मुरली कहां एडिट होती है? ज्ञान अमृत प्रेस में। प्रेस में कैसे एडिट होती है? वहां कुछ एडिटर्स बैठे हैं। उनको यह कह देते हैं विनाश की ये डेट हटा दो। अब यह डाल दो। अब यह चीज हटा दो। अब यह डाल दो। तो नईनई चीजें इनके यहां बदलती है। जो लोग मुझे यह कहते हैं ये क्या समर्पित टीचर रही होगी? इसने क्या ही ज्ञान लिया होगा। इसको भगवान भी समझ में नहीं आए। देखिए मैं भगवान को सनातन के ज्ञान के अनुसार ढूंढने गई थी क्योंकि जिस उम्र में मैं गई थी उस उम्र में मेरे मां-बाप ज्ञान समझ चुके थे और वो छोड़ चुके थे। मैं खेलपाल में गई और उस समय तक समझ नहीं थी। लेकिन होशियारी देखिए ब्रह्मा कुमारीज वालों की कि बच्चों का समर कैंप कराते हैं। मैं आपको आज सारी खुल के बताऊंगी बात और बड़ी इंटरेस्टिंग बात है। हमारे जवाहरलाल नेहरू साहब की तरह यहां पर फूल लगाने वाला एक व्यक्ति होता था जिसका नाम था निर्वेयर भाई बी के निर्वेयर मैंने उनकी बड़ी पालना ली है उन्होंने मुझे दादा की तरह पाला है। नो डाउट बहुत प्यार किया है दादियों ने और उन्होंने
00:06:22:07 लेकिन वो प्यार कुछ ऐसा था जैसे कोई गलत ग्रुप में कोई बच्चा भटक के चला जाए और उसे मौका मिल जाए कि इस बच्चे को प्यार से अपनी संस्कृति और अपनी सभ्यता से अलग कर दो। वो मेरे [गला साफ़ करने की आवाज़] साथ हुआ। कैसे हुआ? कौन सा ज्ञान? आप जब कहते हो ना नीलिमा को ज्ञान नहीं है। नीलिमा क्या टीचर बनेगी? तो मैं आज आपको ज्ञान का गुण रहस्य बताती हूं। पहले ब्रह्मा कुमारीज ज्ञान पर बात करेंगे। फिर हम सनातन पर बात करेंगे। क्योंकि आपको सिर्फ ब्रह्मा कुमारीज का ज्ञान के थ्रू समझ में आएगा। आपको ब्रह्मा कुमारीज के अलावा सनातन समझ में नहीं आएगा। सनातनियों को मैं समझा सकती हूं। वो बाद में हम बात करेंगे। नट शेल में बात कर सकते हैं। लेकिन ब्रह्मा कुमार कुमारियां डिटेल में सुनने के बावजूद ही समझेंगे कि नीलिमा को कितनी समझ है। नीलिमा टीचर कैसे है? पहले मैं वो आंसर दूंगी शिवा जी। सबसे पहले मेरा ये आंसर बनता है आज। नहीं तो बिना इंटरव्यू देखे जो वो टाइपिंग करते हैं ना आपको नहीं पता। आपने कुछ नहीं पाया। आपने दर्शन ही नहीं किया। आप वहां परमात्मा को पा ही नहीं सकी। आप कैसा ज्ञान दे रही हो? कल आप वाइट कपड़ों में थी। आज आप ब्लैक, ग्रीन या किसी
00:07:37:15 और में है। मतलब मैं कलर कपड़े भी नहीं पहन सकती। कुछ और भी नहीं पहन सकती। जो कुछ मैं करूंगी वो ब्रह्मा कुमारीज के खिलाफ है। और जो मैं ब्रह्मा कुमारीज के खिलाफ करूंगी वो उनके गले में नहीं उतरता। तो इसलिए मैं वो वाली बातें उनसे नहीं करूंगी। सबसे पहले आपको ब्रह्मा कुमारीज की बात करती हूं। तो जो मैंने ज्ञान लिया बचपन में सबसे पहली बुक पढ़ाई गई हमें अच्छे बच्चे कौन सी बुक अच्छे बच्चे तो वो जो अच्छे बच्चे बुक पढ़ाई गई सबसे पहले किताब थमा दी गई अच्छे बच्चे तो मैं आपसे पूछना चाहती हूं तीनों जनरेशन से 2000 वाली जनरेशन से भी 90ज की जनरेशन से भी और अभी 2016 की जनरेशन से भी क्या आपने ब्रह्मा कुमारी की ये बुक पढ़ी है? अच्छे बच्चे जी ये बुक है इस बुक को अगर किसी ब्रह्मा कुमार कुमारी ने पढ़ा हो तो मुझे बताइएगा वो है पक्का ब्रह्मा कुमार कुमारी जो मैं हूं थी नहीं मैं हूं। इस अच्छे बच्चे के नीचे पूरा मेंशन है कि ब्रह्मा
00:08:52:21 कुमारी की पांडव भवन की फर्स्ट बुक यही है जो मुझे थमाई गई थी। अब मैं इस बुक के बारे में आपको कुछ विस्तार से बताती हूं। तीन पॉइंट्स। यह अच्छे बच्चे इसलिए दिया गया है शिवश जी कि सबसे पहले वो बच्चा अपने धर्म को बदल ले। कैसे बदल रहा है जो मैं कोर्ट में पेश करने वाली हूं। अ इसमें अगर आप सॉरी मैंने ना निकाल के रखा है। एक सेकंड रुकिए। हां जी। यह मेरे हाथ में है। देखिए मेरे को यह मिली हुई है वहां से और बहुत संजो के रखी है मैंने। बहुत ही संजो के रखी है मैंने। इसमें ये लेसन आता है। मुझे क्या बनना पसंद है? क्या आप देख पा रहे हैं? जी दिख रहा है। मुझे क्या बनना पसंद है। तो इसमें सब है। यहां है श्री कृष्ण बनेंगे आप। राम सीता बनेंगे आप। फिर क्या डॉक्टर बनेंगे आप? वकील बनेंगे या फिर टीचर बनेंगे आप। यह सब होता है। और इसके नेक्स्ट पेज पर अगर आप यहां जाएंगे और यहां पे ये सब कुछ होते हुए लास्ट में एक चैप्टर पढ़ाया जाता है आपको।
00:10:08:16 आप आपस में क्या है? आपको कैसे रहना है? कौन है आप? मैं आपको दिखाती हूं। सबसे पहले हमारा धर्म परिवर्तन होता है। ऐसा नहीं है कि मैंने ऐसे ही बोल दिया है। मैं आपको बताती हूं। आप यह सोचते हैं ना कि नीलिमा को शायद ऐसे ही उठ के नीलिमा आ गई। ये देखिए आप ये यहां से देखेंगे आप हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई पढ़िए ना शिवा जी। आपस में है भाई भाई। हम सब भाइयों के परमपिता परमात्मा शिव। हम सबको आपस में पवित्रता से शांति से स्नेह से रहना है। हम है आत्मा आप वो आत्मा आपस में है भाई भाई जी ये चैप्टर सबसे पहले मुझे डाउट किया था सबसे पहले एट्थ स्टैंडर्ड में थी मैं एथ स्टैंडर्ड में थी मुझे ये चैप्टर इधर क्लिक हुआ कि हमारे यहां तो ये नहीं सिखाते हमारे नाना जी जो थे वो प्रगाढ़ पंडित थे दीक्षित हैं हम लोग ननिहाल से ननिहाल से हम दीक्षित हैं। इधर से हम शुक्ल है, गौतम वंशी हैं कुछ लोग तो हम तीन चार गोत्र के
00:11:23:18 लोग यह जानते हैं कि अगर डीएनए भी बदल जाए अगर डीएनए भी बदल जाए तो भी वो ब्राह्मण नहीं है। हमने वो पढ़ा था। मेरा सनातन ज्ञान पक्का था। क्यों? क्योंकि बचपन में नाना जी जो बच्चे थे जो पुरुष थे घर के कुमार थे उनको शंख बजाना सिखाते थे। हमारे वो पैर छूते थे और हमको वो मंत्र पढ़ना सिखाते थे। हमें सब पता था गायत्री मंत्र अंदर बोलना है। ऊंची आवाज में क्या बोलना है सब मुझे मालूम था। एट्थ स्टैंडर्ड तक जब मैं घर की शिक्षा पा रही थी तो मैं ये भी शिक्षा पा रही थी। तो मैं दोनों में कंपैरिजन कर रही थी। तो जब मैं कंपैरिजन कर रही थी तो ये बोल रहे हैं हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस में है भाई भाई। लेकिन क्योंकि आपस के भाईचारे को तो कभी किसी ने निभाया नहीं। मैं इस पर बहुत बड़ा लेक्चर नहीं देना चाहती। राजनीतिक लेक्चर होगा। मैं नहीं दूंगी। इसमें मैं एक बात कह दूं। एक बात इस लाइन पे हां। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई जब वो खुद कह रहे हैं कि अंतर नहीं है तो फिर इस बात से उन्हें आपत्ति कैसे हो गई? इस बात से आपत्ति हमें है। मगर जब वो खुद ये एडमिट कर रहे हैं कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई एक ही
00:12:38:21 हैं तो फिर इस्लाम और उनके हिसाब से सनातन भी एक ही है। तो अगर आप उनको इस्लामिक कह रही हैं, अब्राहमिक कह रही हैं तो फिर ये केस कहां से बनता है इसमें फिर जब वो छाप के दे रहे हैं चीज? जी जी। हां जी। तो भी मतलब तो भी नहीं कह सकते। आप मेरे ऊपर केस नहीं डाल सकते। लेकिन कोई बात नहीं। उनको यह लगता है कि शायद अब नीलिमा खतरा बन चुकी है। उनकी संस्कृति पर जैसे वह हमारी संस्कृति पर खतरा थे। इस तरह शायद नीलिमा का बोलना उनकी संस्कृति पर खतरा आ गया है। अगर वो सबको बताएगी या वो वीडियो बनाएगी या वो इंटरव्यूज देगी तो लोग अवेयर होंगे। यह खतरा है उनको और कोई खतरा मुझसे नहीं है। मैं अकेली जान हूं। उनके पास इस हिसाब से तो हमको भी इस हिसाब से तो हमको भी उन पर केस करना चाहिए कि तुमने सनातन और सनातन को इस्लाम कैसे कहा। जैसे उनको दिक्कत है कि उन्होंने आपने उन्हें इस्लाम कैसे कहा जबकि वो तो कह रहे हैं कि हम इस्लामिक हैं। मगर उन्होंने सनातन को इस्लाम कैसे कहा? ये केस हमें कर देना चाहिए उनके ऊपर। जी। और फिर वो इस पे चैप्टर दर चैप्टर हमें पढ़ाते हैं सर। इसमें फिर आगे हमें पढ़ाते हैं खानपान की शुद्धि। तो जब खानपान की शुद्धि की बात आती है तो वो लोग हमें वह चीजें पढ़ाते हैं जो भी मेरे सनातन के हिसाब से गले नहीं
00:13:53:22 उतरी। अच्छा मेरा पार्ट अगर आप लेंगे तो देखिए मुझे ज्ञान था इसलिए मैं कंपैरिजन कर पाई। हो सकता है आपको ज्ञान ना हो। आप उसको सुनकर के यस कर रहे हो। लेकिन मैंने सनातन में एक बात सुनी है और शिवश जी खुद ज्ञानी है। मैं समझती हूं उन्होंने जहां शिक्षा ली है उनके नाम में ही निश्चलवाद है जिसमें बिल्कुल ही निश्चल तरीके से सुनाया जाता है भगवान का परिचय। आप क्या मुझे भगवान का परिचय देंगे? सनातन भगवान का परिचय दे रहा है। ऐसे ऐसे हमारे यहां पर महान पुरुष हुए हैं जिन्होंने बहुत अपने जीवन से परिचय दिया है। सनातन क्या है? तो कंपैरेटिवली जब खाने पीने की बात हुई तो देखिए प्याज लहसुन मत खाओ। यह पवित्रता में आता है। मैं मान सकती हूं। कोई बात नहीं। यह हमारे यहां भी चलता है। सनातन में कोई वैष्णव है, कोई कोई है। बहुत ही अवधताएं हैं जिसमें हम लोग चलते हैं। ठीक है? जहां हम बटे हुए नहीं है खाने पीने पे। लेकिन जब आप यह कहते हैं इसी बुक में किसी के हाथ का बना हुआ मत खाओ। परिवार का बना हुआ मत खाओ। मां-बाप का बना हुआ मत खाओ। अच्छा। आप
00:15:08:26 भाई भाभी का बना हुआ मत खाओ। आपकी भाभी अपवित्र है क्योंकि वो भाई के यहां शादी होकर आई है। उस भाभी को भी अपने बेड पर मत बैठने दो। अपनी मां को भी अपने बेड पर मत बैठने दो। आपकी मां जी आपकी मां भी आपके लिए अपवित्र है। ये सब मैं आपको ये बुक पूरा भेजूंगी। ये पूरा मैंने मोड़ा हुआ है। ये खानपान की शुद्धि के लिए। इसमें पूरे चित्रों के साथ आपको दिखाया जाता है। देखिए आप बैठना कैसे है? सोना कैसे है? मैट्रेस कैसा होना चाहिए? सुनना क्या है आपको? पूरा चित्रों के अनुसार दिखाया है। खाली टेबल पे ऐसा बैठ के खाइए आप। ठीक है? सब कुछ है सर। प्रॉब्लमेटिक है। आप उसे आपको सोना कैसे है? इस तरह चित्र दिखाए जाते हैं। आपका बेड कैसे होना चाहिए? ठीक है। मैं यह नहीं कहती आप बच्चों को रहने की, शांति की या अच्छे गुणों की शिक्षा मत दो। अगर इस अच्छे बच्चे लिखा है तो अच्छे गुण की वजह से ही तो खरीदा होगा ना। उस समय इसमें उन्होंने इसमें उन्होंने कोई रीजनिंग भी दी है पीछे से जैसे कि अगर मां अपवित्र है तो
00:16:23:27 क्यों है? हां वो अपवित्र इसलिए है क्योंकि उसने आपको पैदा किया। इसलिए अपवित्र है। इसलिए वह अपवित्र है। ओ हो अब सुनिए आप फिर और और जो भाई और जो भाभी आई है वो क्यों अपवित्र है वो क्योंकि भाई के साथ है वो शादी होके आई है इसलिए पवित्र नहीं रही गृहस्थ जीवन की वजह से अपवित्र है जी और आप सोचिए कि बच्चे को बोल रहे हैं छोटे बच्चे को बोल रहे हैं जहां उसे पता ही नहीं है कि लक्ष्मी नारायण क्या होता है लेकिन सनातन का निकला बच्चा तो जानता है ना कि पहले विष्णु है फिर राधा कृष्ण यही है ना शिवा जी जी क्या पहले राधा कृष्ण है फिर विष्णु है क्या है आप मुझे बताइए हमारे सनातन में दोनों मान्यताएं चलती है मतलब जब कृष्ण के भक्त हो जाते हैं तो उनके प्रति अनन्यता का भाव रखने के लिए अनन्यता का भाव रखने के लिए ये भी माना जाता है कृष्ण से सब कुछ प्रारंभ हो रहा है और विष्णु और कृष्ण में एक्चुअली भेद नहीं माना गया है तो किसको मानेंगे कृष्ण को किसका अवतार मानेंगे आप ये नहीं कह सकते कि विष्णु कृष्ण के बाद है। ये कहना मतलब ये स्पष्ट है। आप ये नहीं कह सकते विष्णु कृष्ण के
00:17:38:28 बाद है। खैर हां मतलब ये मेथोलॉजी मुझे समझ में नहीं आई उनकी और उन्होंने इतने छोटे बच्चे को जो छह या सात साल का है उसको ये चित्र थमाया है। इसी में अच्छे बच्चे में आप सोचिए ये अच्छे बच्चे बनने के लिए बुक है। तो इसमें बोला है कि यह जो विष्णु है ना इसके बचपन का नाम राधा कृष्ण है और आपको राधा कृष्ण जैसा बनना है। यह तो फर्स्ट चैप्टर में ही पढ़ चुके हैं आप यहां पर ये कि राधा पहले उनके हिसाब से पहले द्वापर हुआ। फिर उनके हिसाब से त्रेता हुआ। फिर उनके हिसाब से कलयुग आता है। तो पहले कृष्ण हुए फिर राम हुए। उनके हिसाब से ऐसे है। हम हमारे यहां ऐसा नहीं है। ठीक है? क्योंकि मैं जानती थी पहले कृष्ण ही आए पहले राम आए। ठीक है? इतना तो मुझे उस समय मालूम था। उस समय की बुद्धि से बता रही हूं मैं आपको। तो खैर ये सारी चीजें इसमें ही हो जाती हैं। तो जो लोग मुझे यह कह रहे हैं मैं बहुत रोश में हूं उन लोगों के लिए जो बीके आकर के यहां यह कह रहे हैं कि आप ना तो अच्छे टीचर है ना आपको ज्ञान हुआ है ना आपने भगवान का परिचय लिया है। देखिए सनातन के अनुसार भी और जनरल नॉलेज के हिसाब
00:18:54:07 से भी वो भी ज्ञान होता है जिन बातों को आपको इग्नोर करना है। यह भी ज्ञान की पराकाष्ठा है कि कुछ बातों को आपको इग्नोर करना है। यह भी नॉलेज है। कुछ नॉलेज को लेना है और कुछ नॉलेज को जिसको नहीं लेना है। मैंने शिवान जी की एक वीडियो देखी। मुझे बहुत अच्छा लगा। कुछ उषा बहन करके उसमें बता रही है इस्लाम के लिए। और शिवाश जी बीच में टोक के कहते हैं बस इतना ही बताओ इससे ज्यादा मैं सुन नहीं सकता। मैं राइट बोल रही हूं ना आपको। जी जी जी वो कुछ काबा के बारे में बता रही है। आप कह रहे हैं कि थोड़ा बस इतना ही बताइए मैं उससे ज्यादा नहीं सुन सकता। तो मेरा भी यही था कि मैं उतना ही सुन सकती थी जितना मुझे ये पछ रहा था। जी जहां पर मुझे लग रहा था मेरे धर्म का अपमान हो रहा है। मेरी संस्कृति का अपमान हो रहा है। जहां मुझे तोड़ा जा रहा है। जहां मुझे धर्म से विरुद्ध किया जा रहा है। जहां मेरी संस्कृति खत्म की जा रही है। मेरे मां-बाप को मेरा दुश्मन माना जा बताया जा रहा है। मेरे भाई बहनों को मेरा दोषी बताया जा रहा है कि वो तो सबसे बड़े दोषी है। अगर वो आपको समझाते हैं इसका मतलब वो चाहते हैं कि वो आप भी गिरो। वह भी गृहस्ती में गिरेंगे। आप भी आपको भी गिराना
00:20:09:18 चाहते हैं। वो गृहस्ती माना गिरी हुई हस्ती और गृहस्थ आश्रम मतलब आश्रम घर में रह के पवित्र रहना तो वो गृहस्थ आश्रम हुआ। इसमें पवित्रता का पूरा एक चैप्टर पढ़ाते हैं आप और छोटे बच्चे को पढ़ाते हैं। ये देखिए जो पवित्रता के विषय में जानता तक नहीं है उसे काम विकार के विषय में पढ़ाते हैं आप। ये देखिए। अच्छा जी जी जी। ठीक है। अब जो ये कह रहे हैं कि नीलिमा को ज्ञान नहीं है। नीलिमा को यहां से ज्ञान है आपका। इतनी छोटी थी नीलिमा। ओके। ये बुक कभी भी चलती है। ये कभी भी चलती है। ये इनके यहां इनके यहां समर वेकेशंस पे बच्चों को बांटे जाते हैं और बच्चों को इकट्ठा इसलिए किया जाता है कि भारत का भविष्य खराब करना है। इनको भारत के गुरुकुल के बच्चों को तोड़ा जा सके। सनातन संस्कृति को खत्म किया जा सके इसके लिए ऐसी बुक्स बांटी जा रही है शिवा जी जी और मेरे जैसे को शत्रु बताया जा रहा है कि मैं किसी धर्म के बारे में बोल रही हूं जिनका कोई धर्म भी नहीं है। अगर मैं आपको चैलेंज करती हूं अगर ब्रह्मा कुमारीज में से सनातन की सारी चीजें हटा दी जाए तो चैलेंज की
00:21:24:21 बात है। मैं चैलेंज देती हूं। ब्रह्मा कुमारी के पास जीरो ज्ञान है। अगर सनातन की पूरी वो सनातन की जो सनातन की जो चीजें वो बोलता भी है तो वो भी वो है ना मैनपुलेटेड विकृति के साथ नहीं उसको सिर्फ फ्रेम किया गया है। उनको उठाया गया है और बदला गया है। चित्रण चित्र ले लिया है प्रतीक के लिए कि इससे सनातनी सनातनी यहां आ जाए। जैसे वो जवान होता है बच्चा। यहां से वो धीरे-धीरे 12 13 14 साल में जाता है तो ये बुक थमा दी जाती है। एक मिनट एक एक क्वेश्चन रे हो रहा है वो मैं जरा क्लियर कर दूं। बताइए [खांसने की आवाज़] [गला साफ़ करने की आवाज़] आपने जो सबसे पहला टॉपिक लिया था ना बदलाव है ना आपने कहा था कि बदलाव हो रहा है कि पहले कुछ बताया गया था। अब कुछ बताया जाता है और आने वाली जनरेशन को हो सकता है। इस बारे में अगर आप कुछ कुछ अगर सामग्री है अगर कुछ बता सके तो बताएं क्योंकि मुझे कुछ कहना है सामग्री सामग्री आपको देखो नेट से निकाल अगर सामग्री नहीं है अगर सामग्री नहीं है तो आप बोल के बता दीजिए फिर बाद में हम ऐड कर लेंगे मैं बोल के बताती हूं जैसे इनके यहां पर समय-समय पर विनाश की बातें की जाती है। जी सबसे पहले 90ज में कहा गया उसके बाद 200
00:22:40:02 में कहा गया फिर 2015 में कहा गया विनाश हो जाएगा अच्छा विनाश हो जाएगा क्यों क्योंकि अपना सब कुछ आप दे दीजिए जिससे कि हमारा यहां से मन उठ जाए दुनिया से और हम सब कुछ समर्पित कर दे इनको फिर 2015 में हो जाएगा 2025 में हो जाएगा अब नया करिकुलम आया है इनके यहां 2036 में विनाश होगा अपनी तैयारियां कर लीजिए। [हंसी] इसके अलावा और कोई चीज जो आपने बदलते हुए देखी हो विनाश के अलावा वही मुरली के शब्द बदलते देखे रोज की मुरली का रोज का डाटा बदलता था और वो कहते थे देखो भगवान की करामात है कि दादा लेखराज भी आज नहीं है तो भी मुरली आज की ही सिचुएशन पर चलती है लेकिन क्योंकि मैंने ज्ञान अमृत प्रेस में भी काम किया है शायद भूल गए हैं कुछ ज्ञान अमृत वाले लोग मैं छोटी थी बच्ची थी आप पहचान नहीं पा रहे। मुझे उर्मिला बहन ने हाथ लगा के बुला के पूछा था नीलिमा क्या तुम मेरे पास ज्ञान अमृत में भी रही हो? हां नीलिमा बहुत छोटी थी। आप बड़ी नीलिमा को पहचान नहीं पाई। तो उर्मिला बहन के पास ज्ञान अमृत प्रेस में सबसे पहले मैंने काम किया था। अच्छा।
00:23:55:10 और वहां काम करते क्योंकि मेरी बुद्धि कौटिल्य बुद्धि थी। मैं बहुत क्वेश्चन करती थी। मैं बहुत सोचती थी और भगवान के प्रति बड़ी आस्था थी। तो मैंने वहां के एडिटर्स को सब कुछ चेंज करते देखा था। लेकिन मेरे पास उस समय कोई पावर नहीं थी कि मैं किसी को जाकर ये बोल सकूं ये क्यों हो रहा है? लेकिन मैं क्वेश्चन तो करती थी। तो नीलिमा जी यहां पर जो है ना एक बहुत मजबूत आपका एक पक्ष है जो हम कोर्ट में रखेंगे कि जैसे कि हम ये जो बात कह रहे हैं कि इनकी एक कोई स्टेटमेंट है जो बदल रही है। कोई भी एक स्टेटमेंट। तो सबसे पहली बात है मैं अपने सभी वीडियोस में एक बात कहता हूं कि जो भी व्यक्ति आकर के जो भी हमसे वैचारिक मतभेद रखता है वो हमें केवल तीन चीजें दे दे उन तीन चीजों में वो तीन चीजें आप जैसे ही आप दोगे तो हम आपके हो जाएंगे हम आपका प्रचार करेंगे मैं ये कहता हूं वो तीन चीजों में है उन तीन चीजों में है सर्वशक्तिमान ईश्वर परम स्वतंत्र मोक्ष शाश्वत धर्म ये तीन चीजें जो भी विचारधारा स्वीकार कर रही है और उसका प्रचार कर रही है। ईश्वर सर्वशक्तिमान हो और मोक्ष परम स्वतंत्र हो और जो धर्म है
00:25:10:16 जो चीजें बताई जा रही है वह शाश्वत हो नित्य हो स्थाई हो उनमें बदलाव नहीं होना चाहिए क्योंकि सनातन का स्वरूप भूत लक्षण ही है कि अपरिवर्तनशील अपरिवर्तनीय वो परिवर्तित नहीं हो सकता वो तो अगर ये चीज जो परिवर्तित हो रही है हालांकि जो मुरली हालांकि वो अपने आप में ही मुरली का डेली आना वो अपने आप में एक परिवर्तन है कि वो रोज कुछ ना कुछ आपको बताया जा रहा है। कोई नई चीज अगर आपको डेली मिल रही है तो वो नित्य नहीं है क्योंकि आज जो आपको मिला है वो पहले नहीं था। है ना? राइट राइट। तो एक तो ये बात हो गई। दूसरी बात आपने और इसके बाद व्यवहारिक स्वरूप में आपने ये मान लिया जब इन्होंने पहले कहा कि 90 में होगा, फिर 2000 में होगा, फिर 2015 में होगा और अब जो है 2036 में होगा। तो इसका अर्थ क्या है? अब यह इस्लाम से कैसे मैच करता है वह मैं आपको बताता हूं। तो यह इन्होंने मान मतलब इनके स्टेटमेंट सीधे-सीधे बदल रहे हैं। अब मैं आपको बताता हूं कुरान में दो 106 में लिखा हुआ है कि हम अगर कोई आयत बदल देते हैं तो उससे बेहतर आयत आपको देते हैं। अगर कोई आयत हम बदल
00:26:25:18 देते हैं तो उससे बेहतर आयत आपको देते हैं। यानी कि उनके यहां भी स्टेटमेंट्स बदलते हैं। ठीक है? तो इस्लाम के जो इस्लाम के जो फल्ट्स है ना वो मैं आपको अभी बस दो तीन मिनट लूंगा। उसमें पूरा कर देता हूं। तो 106 में वो 2106 में वो ये क्लेम करती है कि हम अपनी स्टेटमेंट अगर बदलते हैं तो हम उससे अच्छे स्टेटमेंट आपको देते हैं। इसका मतलब कि इस्लाम जो धर्म बता रहा है जो ज्ञान दे रहा है इस्लाम वो बदलता है और यहां पर भी बीके का ज्ञान बदल रहा है। दूसरी बात इसका इसका हमको दो जगह पर उसमें प्रमाण मिलता है। कुरान में ही कुरान में दो जगह पर इस्लाम के बदलने का प्रमाण मिलता है। वो क्या है? पहला प्रमाण है 2187 उसमें लिखा हुआ है कि आज से पहले स्त्री संग करना मना था रोजों की रात में आज से पहले रोजों की रात में स्त्री संग करना मना था मगर आज से अलऊ कर रहे हैं इसका मतलब कि पहले का धर्म कुछ और था और आज से ही हमने इस धर्म का परिवर्तन कर दिया तो यहां पे उसका जो नित्य था ना मतलब पहले मोक्ष मिलना था हां पहले मोक्ष मिलना था स्त्री संग बिना किए किए ना किए रोजों की रात में
00:27:40:21 और अब मोक्ष मिलेगा आप कर सकते हो मतलब अब जो है मिल जाएगा पहले निषेध था और एक जगह और एक जगह कुरान में इस बात का सबूत मिलता है पांच 101 या 102 है जिसमें यह कह रही है कुरान कि ज्यादा प्रश्न मत करो वरना तुम्हारे लिए वो आयतें खोल दी जाएंगी जिन आयतों की वजह से जिन आयतों की वजह से आपके लिए वह आयतें खोल दी जाएंगी जिन आयतों की वजह से कुछ लोग पहले बागी हो गए थे। मतलब कि कुरान जो है उसको कहने वाले ने पहले भी कुछ लोगों को ज्ञान दिया था तो उनमें से कुछ लोग प्रश्न करते थे तो वो प्रश्न के कारण ऐसी आयतें उनको दी गई थी कि वो लोग बागी हो गए। है ना? और बागी हो गए थे और उनके लिए बहुत कठिन हो गई थी जीवन इसलिए वो बागी हो गए। मतलब मान लीजिए कि पहले के लोग एक एग्जांपल ले रहा हूं कि पहले के लोग यह कह रहे थे कि हमें तो अपनी अह बहन से ही विवाह करना है। मान लीजिए पहले के लोग यह कह रहे हैं। तो अह इन्होंने आयत ये दे रखी है इस्लाम ने
00:28:56:00 मान के चलिए। सपोज दैट मैं बोल रहा हूं कि नहीं नहीं बहन से विवाह मत करो। तो वो लोग बागी क्यों हो रहे हैं? जो मनुष्य है बागी क्यों हो रहे हैं? क्योंकि उनको बहन से ही विवाह करना है। ठीक है? तो अब क्या किया? इस्लाम यह कह रहा है कि वो लोग क्योंकि बागी हो रहे थे इसलिए अब हमने कुछ उसमें थोड़ा सा नरमियत बरती है। बदलाव कर दिया। इसका मतलब क्या है कि पहले अगर बहन से विवाह ना करना धर्म था तो अब हमने बहन से विवाह करने को धर्म बना दिया। मतलब मोक्ष को प्राप्त करने के लिए जो मार्ग है वह बदलता है। वो कभी भी सनातन नहीं हो सकता। वो भले ही तर्क की दृष्टि से उचित सिद्ध हो या ना हो वह एक अलग चर्चा हो जाएगी। मगर मोक्ष को प्राप्त करने का जो मार्ग है वह सनातन होता है। हमारा जो मार्ग है वो सनातन है। बदलता नहीं है। जो था है और रहेगा अनादि काल से। और यहां क्या हो रहा है कि पहली बात तो किसी देश काल परिस्थिति में वह आ रहा है। उसको लिखा जा रहा है। फिर उसके बाद वो खुद कह रहा है कि पहले कुछ और था। अब हम तुम्हें कुछ और दे रहे हैं। वो खुद इसको एडमिट कर रहा है और कहीं-कहीं पर उसने उसने ये किया भी है। तो तो यहां पर ब्रह्मा कुमारी भी अपने स्टेटमेंट चेंज कर रहा है। तो फिर ऐसे में उसको इस्लाम क्यों ना कहा जाए ये सोचने वाली बात है। जी तो
00:30:11:08 ये जो आपने अभी अभी बोला कि प्रश्न नहीं करना है। तो इसके लिए भी अच्छे बच्चे में यह पूरी जो इसकी वो है अच्छा इंडेक्स इस पूरी इंडेक्स के अंदर इसमें बताया गया है कि आपको प्रश्न नहीं करना है। आपको जी हां जी का पाठ पक्का करना है। ओ हो जी हां जी मतलब वो कहते हैं हां माना आस्तिक और ना माना नास्तिक। अगर आपने हां किया तो आप आस्तिक हैं भगवान के और अगर आपने ना किया तो आप नास्तिक है। मैंने आपको एक फॉर्म भेजा है। बहुत जरूरी बात है शिवा जी और बड़े प्रूफ के साथ ये ब्रॉडकास्ट करने वाली हूं मैं आपके साथ। मैंने एक फॉर्म भेजा है आपको जो समर्पित बहनों को भराया जाता है।
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ब्रह्माकुमारीज़ का 'सीक्रेट फॉर्म': बंद दरवाज़ों के पीछे कैसे टूटते हैं परिवार?
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