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00:00:01:21 तो सभी को जय श्री राम और कल से लोग वेट कर रहे थे क्योंकि हमारी चैनल पर इसको पब्लिक कर दिया गया था कि ओके हमारा और भव्य राधा कृष्ण दास इनका एक लाइव सेशन है यहां आज के दिन तो काफी लोगों में उत्सुकता भी है तो आप सबसे पहले स्वयं अपना परिचय दे दे दर्शकों

00:00:34:15 को जीकी हरे कृष्णा शिवा जीम सभी को मेरा नाम भव्य आपका जो नेटवर्क है ना कुछ नेटवर्क कवरेज का प्रॉब्लम हैरर नहीं क्लियर ब वाईफाई से कनेक्ट कर लेता हूं हा वाई आप एक काम करिए लीव कर दीजिए दोबारा से आ

00:01:14:08 जाइए जो वेद में शिव का नाम लिया है वह ईश्वर के नामों में से एक नाम है लाइव वीडियो कॉल पर ही बात करना इनसे फेस टू फेस तो जब तक वह आ रहे हैं तब तक मैं अपनी कुछ शुरुआती चीजें बता दूं कि हम लोग जो यह चर्चाएं करते हैं इसके पीछे लक्ष्य यह नहीं है कि हमें किसी तंत्र को संस्था को या किसी विचार को मानने वालों को नष्ट करना है या उनके प्रति द्वेष है हमारा लक्ष्य यह है कि जिस बात को लेकर के मत मता बन रहे हैं उस बात को पॉइंट आउट करके उस पर चर्चा करके उस पर प्रश्न उत्तरी करके उस बात को लेकर के किसी एक जगह आया जा सके जिससे कि वैचारिक मतभेद हमारे समाज से दूर हो हम संगठित

00:02:26:08 हो ओके हरे कृष्णा इसको एक बार और सभी को मेरा कहना है कि देखिए यह जानकारी लेना ज्ञान प्राप्त करना या किसी को फॉलो करना और रील्स बनाना और इग्राम ट यह सब ठीक है मगर उपासना सेवा संकीर्तन स्वाध्याय यह चार चीजें आपके जीवन में अवश्य डाले हो सकता है कि हम किसी गलत मार्ग पर जा भी रहे होंगे तो फिर अनन्यास चिंत तो भगवान के क्या कहा न 22 में कि तुम जब मेरी शरण में आते हो तो मैं तुम्हारी चीजें देख लेता हूं तो इसलिए आप उपासना सेवा संकीर्तन स्वाध्याय सभी अवश्य अपने जीवन में ऐड करें जिससे कि आप अगर कुछ अप्राप्य हो तो भगवान उसको आपको प्राप्त करवाने में सहायक जी भव्य राधा कृष्ण दास जी यह काफी दिनों से कमेंट्स के जरिए से हमारी भेंट होती थी ा में और मैं पहले भी क बार बोल चुका था तो कि भाई लाइव आकर के चर्चा हो जाए होता क्या है कि लिखकर बात करने में समस्या यह होती है कि कई बार

00:03:41:10 जब सामने वाला निरुत्तर है या फिर सामने वाले के पास अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कुछ नहीं है तो ऐसे में वह जब शांत होता है तो हम यह निर्णय वहां नहीं कर सकते हैं कि भाई वोह शांत क्यों हुआ हो सकता है कि उसके पास समय ना हो हो सकता है कि उसके पास संसाधन ना हो इंटरनेट ना हो जिसकी वजह से उसका उत्तर नहीं आ रहा है तो उत्तर ना की स्थिति में दिखाई नहीं पड़ता कि क्या हो रहा है दूसरी बात विषयात होना भी बहुत आसान हो जाता है लिख लिखकर जब बात हो रही होती है हम कुछ पूछ रहे हैं और वहां से जवाब कुछ और आ रहा है सीधे-सीधे जवाब नहीं आ रहा तो उसमें विषयात होता है और वह चर्चाएं आज जो इतने सारी लड़ाइयां चल रही है धर्म ईश्वर को लेकर के इसलिए चल रही है क्योंकि ईश्वर को लेकर के गोष्ठी हुई ही नहीं गुरुदेव ने अपने एक वीडियो में कहा सारा विश्व सारा विश्व घंटे दो घंटे की गो कर ले हमसे तो गोली बंदूक ले की नोक पर नहीं सारे विश्व में शांति आ जाए केवल गोष्ठी केवल वाद संवाद परस्पर मगर व वाद संवाद होता नहीं है इस वजह से राधा कृष्ण जी जी बहुत बहुत धन्यवाद

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00:04:51:00 आपने मुझे स्टेज पर मौका दिया कि मैं आपके जो प्रश्न होते हैं उनका आंसर दे सकू और मैं पूरा पूरा का पूरा मैं प्रयास करूंगा भगवान शक्ति से जितना मेरे पास ज्ञान है थोड़ा बहुत जितना आंसर दे सकता हूं मैं प्रयास करूंगा जी तो

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00:05:07:10 आप अपना परिचय दे जी मैं मेरा नाम व तो मैंने ा की आईडी भव्य राधा कृष्ण दास नाम अच्छा लगता और मैं 24 यर्स का हू और मैं गुजरात से हूं बस इना काफी है और मैंकन से साढ़े साल साल से जुड़ा हुली न साल से तो आपके जो गुरु है वो कौन है मेरे गुरु का नाम जीव पवन प्रभु है किस मंदिर से है ये ये इस कन सही है वो भक्ति विका स्वामी महाराज के डिपल है नहीं नहीं जो किसी सेंटर में होंगे ना इसकन के कई सारे सेंटर्स है तो उसमें से किसी एक मंदिर में होंगे ना हा हा यहां पर एक सेंटर है गुजरात में भुज नाम की एक जगह है तो वहां से वहां प एक सेंटर है वहां प दो सेंटर्स है इसन के एक मेन मंदिर और एक अलग एक ये है सेंटर है तो मैं वही पर जाता हूं उनसे शास्त्र अध्ययन करने जी अच्छा मैं ये कह रहा था क्या ऐसा हो सकता है कि आप थोड़े से ज्यादा दिखाई दो आपका बस फेस ही फेस दिखाई दे रहा हैली मैंने काफी दूर रखा है मैंने दूर रखा है पता नहीं इतना बड़ा कैसे दिख रहा है मुझे सच में काफी दूर रखा है मैंने तो थोड़ा मुझे भी फिर देखने में प्रॉब्लम हो जाएगी तो आई थंक सुनने में भी कनेक्ट नहीं कर पाएंगे ठीक है हा ठीक है कोई

00:06:22:10 बात नहीं जैसे हो थक ओके ओओ जी तो अब सीधे-सीधे आ जाते हैं सबसे पहले तो हमें एक चीज ठीक नहीं लगी वो आपको मैं याद दिला दूं आपने एक पोस्टर लगाया है जिसमें कि आपने लिखा है मतलब आपने इधर पुरी के शंकराचार्य जगतगुरु शंकराचार्य जी को दिखाया और इधर आपने प्रभुपाद जी को दिखाया बीच में वर्जस करके कुछ लिखा है तो आपसे हमने कहा था कि ये कोई मैच है या ये कोई शास्त्रार्थ है ऐसा कुछ हमने आपको कहा था क्या नहीं तो फिर आप उसको जनता को शास्त्रार्थ के रूप में आपको नहीं दिखाना चाहिए इससे जो हा क्योंकि इससे क्या वर्जस लिख रहे हो आपको पता होना चाहिए कि प्रभुपाद जी ने स्वयं करपात्री जी महाराज को की कितनी प्रशंसा की है हा ये तो मुझे पता है वर्स वर्सेस हम नहीं कह सकते इसको ये केवल एक चर्चा है गो है दो अल्पज्ञ के बीच है ना जी जी दो आचार केता कारण बता देता हूं क्योंकि मैंने आपके जितने भी कन्वर्सेशन देखे हैं कभी मुझे ऐसा लगता है कि आप चर्चा कर रहे हो बुरा मत मानना मेरी बात का मैं बस अपना

00:07:37:14 एक ओपिनियन दे रहा हूं मुझे कभी ऐसा लगता नहीं कि आप चर्चा कर रहे हो आई लवेज थिंक ट कि आप हमेशा डिबेटिंग के मूड में रहते हो और कहीं ना कहीं मेरा मूड भी ऐसा ही है तो आई थिंक इसलिए मैंने डाल दिया थाने पहली डिबेट के लिए बोला था स्टार्टिंग में मैंने डिबेट के लिए बोला था लेकिन फिर बाद में मुझे पता चला कि आप बस चर्चा वग करते हो मतलब ठीक है कोई बात नहीं फिर चर्चा ही कर लेंगे कोई दिक्कत वाली बात नहीं है ठीक है मगर इसमें जैसे आपने कहा कि मुझे ऐसा लगता नहीं है कि हम चर्चा नहीं शास्त्रार्थ नहीं चर्चा करते हैं और एक बात आपने बोली कि मैं भी इस समय डिबेट के ही मूड में हूं ये भी आपने बोला मगर ये दोनों ही चीजें आपका व्यक्तिगत था जबकि उस पोस्टर में हम भी है आप अगर अपना व्यक्तिगत पोस्टर बनाते हैं गुरुदेव नहीं है उसमें और आप कुछ भी उसम वहां पर अपने व्यक्तिगत धारणा अगर आप हमको भी वहां पर जैसे हम आपका नाम लिख दे आर्य समाजी मुझे लगता है कि आप आर्य समाजी है मुझे लगता है आपसे मैंने पूछा नहीं और मैंने आपकी फोटो के साथ आर समाज तो ये न्यायोचित नहीं होगा होगा क्या तो आपको मुझ ऐसा नहीं लगता को इतनी बड़ी मुझे नहीं लगता बड़ी नहीं है इसलिए लेट गो करके

00:08:52:18 आगे चल रहे बड़ी नहीं है इसलिए मगर समाज में गलत संदेश ना जाए इसीलिए मेरा भी इशन मेरा मेरा भी य इंटेंशन है शिवांश जी मेरा भीय इंटेंशन है कि समाज में कुछ भी गलत चीज ना जाए इसलिए मैं भी इस लाइव में जो भी बोलूंगा के कपा जी कपाती जी को जो प्रेज कर रहे हैं प्रभुपाद जी मंदिर में उद्घाटन के लिए बुलाया था प्रभुपाद जी ने कपाती जी को वो बात है वैचारिक वो जो अलगाव था जिसके कारण कपाती जी ने मना कर दिया था वरना जो वृंदावन में जो मुख्य मंदिर है इसकन का उसका जब फीता काटना था तो करपात्री जी को बुलाया गया था और पर्सनली प्रभुपाद जी के द्वारा बुलाया गया था तो इसलिए इन इन चीजों से बचना चाहिए तो अब हम आगे चलते हैं एक बात बता न क्योंकि जो प्रभुपाद जी थे वो करपात्री महाराज को एक एस अद्वैत सन्यासी नहीं दिखते थे वो उनको वैष्णव सन्यासी दिखते थे उनकी दृष्टि में इसलिए उन्होने तना सम्मान दिया नहीं तो इतना देद तो बस क्लियर करने के लिए बोल रहा हूं आपने बात उठाई है तो मैं क्लियर करने केलिए स्यासी ही थेम

00:10:08:02 के भक्त है राम के भक्त थे तो वैव सन्यासी थे जो शिव का भक्त होगा वो सन्यासी होगा वव होने का अर्थ य नहीं है कि हम जो है गणपति को ईश्वर नहीं मानते सात नहीं मां भगवती को ईश्वर नहीं मानते हम ईश्वर के पांच रूपों में से विष्णु रूप की पूजा करते इसलिए हम वैष्णव है अच्छा तो आप भी वैष्णव हो हम भी वैष्णव है अच्छा मतलब नहीं हो ना आप हा आप शाक्त और शैव नहीं हो ना मतलब उनकी उपासना नहीं करते ना आप ऐसा वैष्णव वैष्णव होने का अर्थ ये नहीं है कि मैं शक्त और शैव नहीं हूं बस प्रकट रूप से वैष्णव हूं क्योंकि विष्णु भगवान की पूजा करता हूं मगर क्योंकि मैं उनको अलग नहीं कर रहा हूं भगवती और गणेश को तो इसलिए मैं शक्त भी हूं मैं गान पत भी हूं र भी हूं शेफ भी हूं मगर प्राक स्ट

00:11:06:14 मैं इस प्रमाण दे द मैं इस प्रमाण दे दूंगा आपको ओके ओके और फिर वही वाली बात हो गई की चलिए खैर इसको छोड़ते हैं आगे बढ़ते हैं हा वही आगे बढ़ते है मेन पॉइंट अब आपने उसम ये लिखा है अपने उसम कि अब मैं वो कुछ इंग्लिश में लिखा था आपने मायावादी की वाट लगा दूंगा ऐसा भाव आ रहा था ऐसा वाट लगा दूंगा ऐसा नहीं कहा था वाट लगा दूंगा ऐसा नहीं कहा था मुझे भा था पो में हां मैं बता दे मैं तो मैं तो डरता भी नहीं शिवं जी मैं तो जो बोला है मैं मानता हूं कि मैंने बोला है आप मुझे स्टोरी दिखा दीजिए एक बार ये हटा दो निकाल इसको एक सेकंड ो जरा देख के बताता हूं कि मैंने एटली बोला गया क्योंकि मुझे ऐसा लग रहा है कि जो मेन टॉपिक है उस पर बात नहीं हो रही है मैंने क्या स्टोरी डाला है क्योंकि आपने पहले बोला चलो ठीक है लेट गो करते फिर आप वही सेम चीज ले मुझे सम दो ची दो चीज है एक वर्जस वाली है और एक है कि मैं मायावादी के पास जा रहा हूं और आई प्रॉमिस स्कन डिवटी में कुछ ऐसा करूंगा मायावा फिलोसोफी बिल्कुल बिल्कुल आई वट बिल्कुल सही बात इसको जरा हमारे दर्शकों को हिंदी में बता दीजिए पूरा भाव क्या है आपका हा मतलब आई वट

00:12:21:22 स्पेयर दिस गाय एंड द मायावा फिलोसोफी इसमें क्या है कि मैं बिल्कुल भी ये टॉपिक को जाने नहीं दूंगा जो मावाद फिलॉसफी है और जो आपने जो आक्षेप लगाए अननेसेसरी आक्षेप झूठे आक्षेप जो आपने लगाए हैं इसकन के ऊपर उसका मैं उत्तर दूंगा बिल्कुल तो इसका मतलब यह तो मानते हैं कि अभी तक उसका उत्तर दिया नहीं गया है दिया गया है लेकिन कभी-कभी क्या होता है कि आप ऐसे व्यक्ति से बात करते हो कभी कभी कि जिनको शास्त्र का ज्ञान ना हो ठीक है जिनके पास प्रप कभी कभी बात करते हैं मगर कभी कभी तो कभी कभी तो नहीं बोलूंगा मैंने शायद गलत बोल दिया कभी कभी नहीं हमेशा आप उन्ही लोगों से बात करते हो जिनके पास या अभी त अभी तक हमको उत्तर नहीं मिला है ना इसका ठीक है आज आपको प्रयास करूंगा जितना हो सकेगा दे आगे बढ़ आगे बढ़ेंगे आगे बढ़ेंगे मैं कह रहा अभी तक उत्तर नहीं दिया गया ना मेरे प्रश्नों का ठीक है मैं प्रयास करूंगा नाने एक चीज क्लियर कर रहा हूं कि उत्तर हमको अभी तक दिया गया या नहीं दिया गया ये पूछ रहा ह आपसे हमने अंग ऐसे लोगों से बात की जिनको नॉलेज नहीं थी तो इसलिए हम हमारे प्रश्नों का उत्तर दिया गया कि नहीं दिया गया अ देखिए कैसा है कि अब

00:13:36:24 मुझे भी नहीं पता कि आप ऑफलाइन कितने लोगों से बात करते हो क्या करते हो जो जो ऑनलाइन है जो ऑनलाइन है ऑनलाइन है आप सिर्फ उसकी बात कर देखिए ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों आप चर्चा करते हैं आप दोनों के साथ चर्चा करते हैं जैसे आप ऑनलाइन मुझसे कर रहे हैं वैसे आप ऑफलाइन बाकी लोगों से भी करते हैं जैसे आप अभी अपने चैनल प मि हां ठीक है आपने दिखा दिया मुझे ठीक है कोई बात नहीं अगर आपको नहीं मिला तो वो प्रश्न अभी रख लीजिए ठीक प्लीज मेरा यह सवाल क्लियर करिए आपके अकॉर्डिंग हमारे प्रश्नों का जवाब दिया गया है अभी तक या नहीं दिया गया है देख कैसा है कि दिया तो गया है हो सकता है कि आप संतुष्ट ना हुए हो सता जनक नहीं मिला वो आपकी रिलेटिविटी है शिवा जी देखो क्या होता है ज कि अगर मैंने आपको 100 प्रमाण दे दिए आपके अद्वैत के अगेंस्ट में ठीक है तो हो सकता है कि आप उसको एक्सेप्ट आप प्लीज थोड़ा सा मुझे बोलने दीजिए ट ना करिए प्लीज रिक्वेस्ट है श जी आप बढे हैं तो बोलिए बोलिए बोलिए जी तो मैं येही कह रहा हूं कि जैसे अगर मैंने आपको 100 रेफरेंसेस दे दिए मायावादी अगेंस्ट मत अद्वैतवाद के अगेंस्ट मैंने 100 रेफरेंस दे दिए फॉर एग्जांपल ठीक है तो हो सकता है कि आप उससे भी संतुष्ट

00:14:51:28 ना हो ठीक है तो आंसर तो मैंने दिया अपना पूरा प्रयास किया लेकिन हो सकता है कि आपके अंदर वो एक्सेप्टेंस ना हो या आपके विचारधारा थोड़ी अलग आपको स्क्रीन पर मैसेज दिख रहा है क्या आप लाइव चल रहा है क्या इस वजह से आपके यहां कोई लाइव देख रहा है क्या ऐसे मोबाइल में मेरे यहां से क्या आपके आसपास कोई और भी मोबाइल में चल रहा है क्या लाइव स्ट्रीम नहीं नहीं नहीं मेरे यहां प तो मतलब एक बैठे हैं बट वो देख नहीं रहे वो तो बैठे हुए हैं और लाइव नहीं देख र हो तो क्योंकि मैं लाइव हूं यहां प तो वो क्यों देखेंगे इस वजह से आवाज नहीं ऐसा हो सकता है ऐसा ऐसा हो सकता है आ इनके चैनल पर लाइव है अच्छा आपने भी अपने चैनल पर भी लाइव किया हुआ है क्या यम स्ट्रीम हो रहा व आप हम आपको दे देंगे हम आपको पूरी रिकॉर्डिंग दे देंगे आप चिंता ना करें में भी बोल पूरी रिकॉर्डिंग दे दूंगा आप स्ट्रीम मत करिए ल कह रहे लेकिन फिर भी टेक्निकल ड थ क वो अपने य से अलग से अभी अभी पता चल रहा है तो आप मत करिए मैं आपको बता रहा हूं यहां पर सबके सामने बोल रहा हूं मैं आपको य रिकॉर्डिंग पूरी

00:16:07:00 दे दूंगा एक किसी ड्राइव पर डाल दूंगा ड्राइव पर डालर गा मैं आपको एक चीज बोल देता शिवा जी देख टेक्निकल प्रॉब्लम हो ही नहीं सकता पॉसिबल नहीं है क्योंकि वो अपने इस पर स्ट्रीम कर रहे म य से कॉपी करके व स्ट्रीम कर र तो आपके इसम कुछ भी दिक्कत नहीं जाएगी व स्क्रीन श करम आपकी आवाज नी क्लेरिटी के साथ तो मुझे भी नहीं मैं ये कह रहा हूं शिवांश जी शिवांश जी एक सेकंड मैं ना एक बार वाईफाई बंद करके एक बार बात करता हूं रुको अ ये क्या हो

00:16:49:22 गया हेलो हेलो हेलो हेलो अब मैं क् हां मैं ये कह रहा हूं कि टेक्निकल प्रॉब्लम हा हो सकता है कि इसम कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम हो लेकिन क्योंकि स्ट्रीम तो दुनिया में बैठा कोई भी व्यक्ति कर सकता है हमको देख के उससे आपके स्ट्रीम में कोई दिक्कत नहीं आएगी कोई टेक्निकल प्रॉब्लम नहीं आएगी तो आप टेंशन मत लीजिए एंड रही बात रिकॉर्डिंग देने की ठीक है मैं आपके ऊपर कर ले मामले में कोई पक्ष रखना है तो वो कमेंट यहां पर शो कर दीजिए अरे लेकिन टेक्निकल प्रॉब्लम आप भी हो सकती है प्रभु जी

00:17:29:09 हरे कृष्णा जरा मैं भी कमेंट्स पढ़ लेता हूं क्या क्या आ र है ब्रेक ब्रेक होके आ रही है आवाज यही बोल रहे हैं तो क्या करें ऐसे ही आगे बढ़े कुछ सुझाव दे दीजिए आवाज कट रही है शिवांस जी का सही है आपकी आवाज कट आप कैसे उसको स्ट्रीम कर रहे हैं दूसरी जगह मैं समझ नहीं पा रहा स्क्रीन रिकॉर्डिंग

00:18:11:13 से ठीक है तो वापस आ जाए तो हम लोग आगे बढ़ाते हैं कन ब्रो वॉइस ब्लर भी है स्कन वाला स्म वापस से चालू करके देखो भग जी नहीं आपका स्ट्रीम कॉपी इनका आवाज ठीक से नहीं आ रहा मतलब ब्रेक होकर आ रहा है शिवांश जी और इनका फेस कैम भी अटक रहा है जी बिल्कुल यही बात बोल रहा हूं तो ये किस तरह से इसको वो कर रहे हैं ये समझ में नहीं आ रहा है ये देखिए ये अब मैं ऑडिबल हूं शिवांश जी ऑडिबल तो है मगर आपका मतलब ठीक से हो नहीं रहा है ये लाइव जो है प्रॉब्लम आ रही है एक्चुअली मैं अभी जिस सिटी में हूं यहां पे हैवी रेंज के वज से दूसरे दो ने लाइव शेयर किया है तो कोई दिक्कत नहीं होगी शिवांश भाई अच्छा ठीक है अब छोड़ो जैसा भी है आगे बढ़ते हैं य य आवाज आ रही है मेरी हम जी बोलिए एक्चुअली य पे बारिश बहुत है जिस सिटी में मैं हूं अभी फिलहाल हो सकता है ठीक है नहीं कोई नहीं आगे बढ़ते हैं लेट गो छोड़ उसको आगे बढ़ते ओके मेन टॉपिक हां

00:19:27:19 तो अब अब सबसे पहले हमें आप यह बताइए कि आप यह कहते हैं कि मैं मायावादी की फिलॉसफी को आज जो है कुछ करके आऊंगा नष्ट करके जो भी तो आप ये मानते हैं कि शंकराचार्य की फिलोसोफी मायावादी एक सेकंड कट नहीं प्रभु शिवांश जी प्लीज एक रिक्वेस्ट बोलिए बोलिए जी और ये जो मायावा जो फिलोसोफी है आपकी यह ऐसा

00:20:13:02 नहीं है कि बस इकन वाले बोल रहे हैं या कोई एक पर्टिकुलर संप्रदाय बोल रहा है ठीक है जितने भी संप्रदाय ले लो जितना भी इंफॉर्मेशन अवेलेबल है ग पे हर जगह पर मायावादी को नहीं आ गया ठीक है और सेकंड चीज आपकी फिलोसोफी बुद्धिज्म से काफी मिलती जुलती है देखिए ये एक

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00:20:35:07 एक सेक्टे डिस्कशन है तो इसको प्लीज पर्सनल मत लीजिएगा ओके मतलब मैं आपको ऐसे किसी भी तरीके से हर्ट नहीं करना चाहता तो मैं पहले ही आपको बता देता हूं एंड जो मैंने कहा वहां पर स्टोरी में उसको आप इतना सीरियसली मत लीजिए मैं थोड़ा सा रजस में आके मैंने कह दिया था वो वैसे करूंगा वही जो मैंने कहा है बट फिर भी मुझे उस चीज के लिए थोड़ा सा क्षमा कर दीजिए कि मैंने आपको बुरा लग रहा है आपको दुख पहुचा उसके लिए मुझे क्षमा कर दीजिए आप बड़े हैं मुझसे और मुझे अच्छा नहीं लग रहा है कि आप मुझसे 12 1 साल बड़े हैं तो मुझे भी थोड़ा अच्छा नहीं लग रहा है कि मैंने किसी बड़े भैया को ऐसे मैंने बोल दिया है ना तो उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं बट हा मायाव फिलोसोफी है उसको तो मैं कभी भी सपोर्ट नहीं कर सकता और उसका डिब मेरे लिए काफी इजी है जो मैं बात ऐ करना पब आप कट मत कर प्लीज मैंने सवाल ये पूछा शंकरा की फ मा है आप मुझे यह प्लीज बता शिवान जीही आपको बताया कई लोग बोलते हैं कई आचार्य बोलते हैं एक बोला कई आचार्य बोलते हैं एक बोला बुद्ध से मैच खाती है और एक बोला शास्त्र में लिखा है हा

00:21:49:16 शास्त्र में भी लिखा है और आप ही के आप ही के जो सन्यासी हुए जैसे की वाचस्पति मिश्र हुए तो उन्होंने भी

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00:21:56:09 अपने कहा जी बिल्कुल बिल्कुल आप नोट कर लीजिए इसको और मैं आई वि आईड मैं अगर लैपटॉप से जुड़ा तो स्क्रीन शेयर करके जो मान रहा हं आपको प्रमाण देने की आवश्यकता तब पड़ेगी जब मैं मना करू कि मैं नहीं मान रहा मैं मान रहा हा प हो गया हा नहीं हुआ नहीं है आपने कट किया तो मैं कंप्लीट कर लेता हूं ठीक है तो जितनी इंफॉर्मेशन अवेलेबल है

00:22:36:21 मायावादी रिलेटेड है और वाचस्पति मिश्र जो नाइ सेंचुरी के थे इवन उन्होंने भी कहा है ठीक है फिर एक और है श्री गोविंदा आनंद जी ऐसे मुझे नाम ठीक से याद नहीं आ रहा है वो भी आप ही के मान लिया हमारे आचार्यों ने कहा है अब आप और कोई वो है आपका अभी जब आप मान चुके हैं कि आप मायावादी है तो फिर अभी आगे क्या मतलब अभी आगे क्या आगे क्या क्वे है यहां पे डिबेट बंद कर द बंद कर दूं एंड स्ट्रीम कर दूं लाइव लाइव को एंड कर दूं नहीं मैं कह रहा हूं आगे क्या आप मान गए ना तो बस मैंने सुन ली मैं बोलू मुझे बोलने का अधिकार है कि नहीं अरे प्रभु आप ही का तो चैनल है तो आपके पास तो अधिकार होना चाहि ये क्यों कह रहे हैं कि जब आपने मान लिया तो अब कुछ मत बोलना इस पे ये क्यों कह रहे मैंने कब बोला मैं बो मैंने बोला अब जब आपने मान लिया तो अभी आगे क्या क्वेश्चन है आपका मैं ये पूछ रहा हूं तो मैं वो बता रहा हूं ना आपको आगे क्या क्वेश्चन है मैं बता रहा हूं वो सु सुन रहा मैं सुन तो रहा हूं हां आपने पहला कहा कि शास्त्र में लिखा है तो मेरा क्वेश्चन पहला है क्या शास्त्र में लिखा है शंकराचार्य की फिलोसोफी

00:23:39:25 मायावादी क्या शास्त्र में लिखा है शंकराचार्य की फिलोसोफी मायावादी नहीं सब बोलते आपने बो बोला कि बहुत सारे लोग बोलते मैंने बोला सब लोग बोलते हैं हा सब लोग बो सब लोग तो मैं तो नहीं बोल रहा अभी मेरा भाई तो नहीं बोल र 30 सेकंड पहले आपने बोला कि मैं मान लेता हूं आपने अभी 30 सेकंड बात करूंगा उस मैं आपके अभी मैंने यह माना कि हमारे आचार्यों ने कहीं कहीं पर ये कहा कि हम मायावादी है मगर मैंने आपसे यह पूछा है कि आपका आधार क्या है हमें मायावादी कहने का ठीक है तो आपने उसके जवाब में जो जवाब दिए हैं उन जवाबों पर एक एक करके हम बात कर रहे हैं ठीक है पहला है क्या शास्त्र में लिखा है नाम लेकर कि शंकराचार्य का अद्वैतवाद ही

00:24:53:09 मायावादी

00:24:54:18 पहली बात आपने कही क्या शास्त्र में लिखा है तो मैंने मेरा प्रश्न है क्या शास्त्र में लिखा है कि शंकराचार्य का जो अद्वैतवाद है वही मावाद है ठीक है दूसरा पॉइंट यह है कि कई लोगों के बोल देने से वह प्रमाण नहीं बनता है महाभारत में भीष्म जी ने य बात कही है युधिष्ठिर जी से कि कई लोगों के कह देने से पूर्व में किसी के कर देने से वह प्रमाण नहीं माना जाता है शास्त्रों द्वारा उसे स्वीकार किए जाने पर प्रमाण माना जाता है तर्क भी ले लीजिए दुनिया में बहुत से लोग हैं जो कहते हैं सनातन धर्म बुरा है ईसाई हैं बाइबल वाले हैं तो उसके आधार पर हम यह नहीं कह सकते कि नहीं सनातन धर्म बुरा है ठीक है तीसरा पॉइंट था आपकी बुद्ध से मैच खाती थी अच्छा बुद्धों का खंडन किसने किया

00:25:45:19 था बुद्धों बों से इसलिए लड़े बुद्धों से इसलिए लड़े क्योंकि उनकी उनकी फिलोस फी उनको फैला थी बौद्धों का खंडन इसलिए किया

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00:25:54:25 हा बिल्कुल तीसरी चौथी बात जो है कि हमारे सन्यासियों ने भी यह बात कही है ठीक है अब जो यह बात आती है कि हमारे सन्यासियों ने भी अपने आप को मायावादी माना है तो हमारे सन्यासी स्वयं को वैदिक भी तो कहते हैं जो शस्त्र में आप बात कर रहे हैं कि अवैध मायावादी मायावादी

00:26:22:03 कहा है क्या हमारे सन्यासी स्वयं को वैदिक भी तो कहते हैं वैष्णव भी तो धार्मिक भी तो कहते हैं सच्चिदानंद स्वरूप का बोध कराने वाला भी तो कहते हैं यह बात आपने क्यों नहीं मानी हां

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00:26:39:02 मैं बता दूं अभी हो गया क्वेश्चन तो ये चार पॉइंट हो गए अब अब इसमें बात ऐसी है कि कुल मिलाकर के अगर हमारे कुछ आचार्यों ने किसी किसी कांटेक्ट में यह अपने लिए कह दिया कि मायावादी कहा था ये वही मायावादी जो आपके चैतन्य महाप्रभु जी हमारे और या फिर जिसके लिए पद्म पुराण में जिसको आक्षेप रूप में कहा गया है अवैध कहा गया है हम वही वाले मायावादी है क्या ये कहा है हां तो आप मायावादी होने का सनातन सिद्धांत बताइए कि शंकराचार्य का सिद्धांत मायावादी है वैसे आपने चार पॉइंट बोल दिए आई थिंक ये थोड़ा सा ये ठीक तरीका मुझे नहीं लगता कि आप चार पॉइंट बो मुझे सारे पॉइंट्स याद नहीं रहेंगे बट फिर भी आपने भी तो चार बोले थे आपने भी चार

00:27:30:14 फिर दूसरा बोलते फिर जवाब लेते जब आपने चार बोले तो हमने चार जवाब दे दिने एक क्वेश्चन पूछा था आपने एक क्वेश्चन पूछा था उसका मैंने प्रॉपर आंसर दिया चार थे लेकिन सुनि आपने जवाब चार दिए एक साथ जी [प्रशंसा] सुनिए इसको क्लियर करिए प्लीज आपने जवाब चार दिए थे एक साथ प्रभ जरा पेन मुझे देना पेन और बुक देनार एक मिनट पॉइंट एक बार लिख लेता हूं ठीक है ठीक है आपका ये मत

00:28:03:22 दीजिए किसी में भी लिख दो चलेगा ना मैंने क्या एक्चुअली गलती मेरी है मुझे एक पहले ही लिख लेना चाहिए था कोई बात नहीं वैसे आपके क्वेश्चन बहुत ही मतलब ऐसा दम नहीं आपके क्वेश्चन में कुछ मतलब एकदम ऐसा लग रहा है कि वो निर्णय जनता को लेने दीजिए वो निर्णय जनता को लेने दीजिए आप अपनी बात कए निर्णायक ना ब फ पॉइंट फर्स्ट पॉइंट फर्स्ट पॉइंट हां बोलिए फर्स्ट पॉइंट आप बोलिए मैं एक बार फिर से रिवाइज कर रहा हूं मैं लिख लेता हूं फिर एक एक करके चार चत्र में लिखा है कि

00:28:45:27 मायावादी कहां लिखा है कि शंकराचार्य का अद्वैत है वही मायावादी बात हो रही है वहां पर भाई शंकराचार्य जी ने तो जिस कांटेक्ट में मायावादी में स्वयं को मायावादी कहा है वो मायावादी है ज पदम पुराण में गीता महात्मा में बता रहे भगवान विष्णु कि मेरा य शरीर भी माया है और कुछ नहीं है तो जो मायावा भगवान विष्णु बता रहे हैं उसकी बात की है ऋग्वेद में इंद्रो माया भी आया है उस मावाद के कांटेस्ट में हमारे आचार्यों ने स्वयं को मायावादी कहा है उन्होंने ये थोड़ी ना कहा कि पदम पुराण में जिस अवैध मायावादी मायावादी और ना ही शास्त्रों में य कहा है कि जो वैदिक

00:29:33:22 मायावादी ब्राह्मण के द्वारा वही मायावा है व मायावादी मायावादी बोला अब आप जवाब दि और और दो पॉइंट रह गए कि एक वो बौद्धों से मैच खाता है ठीक है और का जवाब हमने दिया कि पहली बात हम वैदिक है तो बौद्ध कैसे हो गए अगर कहीं कहीं पर हमारा

00:30:02:01 हमारा कोई चीजें मिल रही है तो ऐसे तो मैं आपके अंदर की कई चीजें मिला दिखा दूंगा जो कुत्तों से भी मिलेगी जानवरों से भी मिलेगी जैसे कि जो एक स्वान है वो दांतों से चबाकर खाना खाता है आप भी दांतों से चबाकर खाना खाते हैं तो इस कारण से क्या आपको स्वान माना जाए तो

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00:30:23:22 कुल मिलाकर अगर आप प्रसन्न बध कहेंगे तो बौद्धों को प्रच्छन्न वैदिक क्यों ना जाए और अंततोगत्वा तो शंकराचार्य जी ने बौद्धों का खंडन किया हराया उनके साम्राज्य को मिटाया आज हम और आप जो हिंदुत्व के अपने स्वयं को हिंदुत्व से जोड़ते हुए सनातन से जोड़ते हुए जो सांस ले पा रहे हैं वह तो आदि शंकराचार्य उनके साथ जो कुमार भट्ट आदि थे महान आचार्य गण उनके कारण ले पा रहे हैं उनके शिष्य थे जो मंडन मिश्र आदि जो बाद में सुरेश आचार्य हुए तो उनके कारण हम आज ले रहे हैं हिंदुत्व है हमारे पास आज हमें वेद के मंत्र प्र सायनाचार्य का सबसे प्राचीन भस्य हमय सुलभता से प्राप्त है तो हम कैसे कह सकते हैं कि वो बौद्धों के लिए उन्होंने ब जो है बौद्धों के लिए वो वो थे समर्पित और सभी बातें बोल दी कुल मिलाकर सूत्रा क्मक अगर बोले तो शास्त्रों में

00:31:23:13 अवैदिस कि उन्होंने जो फिलोस फी वो बौद्धों से मैच खाती है तो बहुत सारे कांटेक्ट में आपकी फिलॉसफी यहां तक कि कुछ भी दुनिया में कुछ भी बोला जाएगा बौद्धों से मैच खा जाएगी और उन्होंने बौद्धों का खंडन किया था ना कि उनका बौद्धों का प्रचार प्रसार और चौथी चीज हमारे सन्यासियों ने स्वयं को वैदिक मायावादी बोला है अगर बोला भी है तो और शास्त्रों में अवैध मायावादी बात हुई है चार चार पॉइंट हो गए अब बताइए चार नहीं सात पॉइंट मैं सारे लिख रहा था आपके पॉइंट्स ठीक है एक एक करके मैं डिंग करता हूं शंकरा शास्त्र में लिखा है मायावादी है ठीक है तो पहली बात तो जो

00:32:19:09 मायावादी आपके लिए ही है ठीक है क्योंकि आपकी जो फिस दो बार कह दिया आपके लिए आपके लिए आपने ये बताया क्यों है हमारे लिए अरे जब आप बोल रहे थे मैं कुछ बोल नहीं रहा था आपने एक ही पॉइंट दो तीन बार बोल दिया तो उस पर मैंने आपको कुछ नहीं बोला और मैं अगर एक चीज को रिपीट कर रहा कुछ नहीं बोलूंगा आपके बीच में मगर आप निर्णायक ना बने आप आपके लिए आपके लिए तो ये निर्णय है आप अपना तर्क बताइए कि हमारे लिए क्यों है तोय निर्णय नहीं है आप ये बताइए कि हमारे लिए क्यों है यह मत बताइए आपके लिए आपके लिए आपके लिए नहीं बता रहा लॉजिकली बात करूंगा ठीक है लॉजिक बताइए आप ये निर्णय मत दीजिए लॉजिक बताने से पहले आपके लिए ठीक है ठीक है आप अगर कट नहीं करेंगे तो मैं लॉजिक देता हूं लॉजिक बताइए ओके तो अभी प्लीज कुछ बोलिएगा मत ठीक हैने निया तो बोलूंगा अगर विषय से हट के बात की तो बोलूंगा आप लॉजिक बता अपने काउटर कर देखो मैं निर्णय नहीं दे रहा आपने मुझे आधे में कट किया कैसा होता है निर्णय निर्णय आपके लिए है य ये मैंने आपसे नहीं पूछा था किसके लिए मैंने आपसे कारण पूछा था वो तो आपने शुरू में बोल दिया कि हां आप मायावादी हो ठीक है पोस्टर बनाया हा प्लीज ठीक आप पोस्टर

00:33:34:18 अरे पहले बोलते लेट गो करो अब बोलते आपने पोस्टर बनाया ऐसे मत अरे तो मैं आपको ये बता रहा हूं कि ये आप मुझे बता चुके हैं कि आप मुझे मायावादी मानते हैं अब मैंने पूछा है क्यों मानते हैं तो आपको कारण बताना है आपको ये नहीं बताना है कि मैं आपको मायावादी मानता हूं शिवा जीी टाइम देखो आपको सब मानते हैं ब मुझे मैं जो मैं जो सिद्धांत है उससे नहीं हटूंगा अगर आप विषय को बदलेंगे निर्णय देंगे तो मैं टोकू आप लॉजिक बोलिए लॉजिक क्या उसके पीछे बताइ आप अभी म्यूट कर दीजिए ठीक है अब मेरे मे चार पाच पॉइंट प्लीज अभी आप सुन लीजिए ठीक है ठीक है तो कारण क्या है कि आप जो आपका जो ये जो सिद्धांत है ठीक है प्रसन्नम बौम वो क्यों है उसका मैं आपको कारण बताता ठीक है पहली बात तो ये भगवान विष्णु ने शंकर जी को कहा है ठीक है कि आप जाकर ऐसे शास्त्र का प्रचार करो जो बु बु बुद्धिस्ट बोलते इसको बुद्धिस्ट नहीं है ये बुद्धिस्म का प्रचार नहीं किया आदि शंकराचार्य ने आदि शंकराचार्य जी ने बुद्धिस्म का खंडन किया ठीक है और जब उन्होंने खंडन किया बुद्धिज्म का तो उन्होंने एक ऐसी फिलोसोफी दी जो एंड गोल ऑलमोस्ट सेम है जो एक बुद्धिस्ट का जो एंड गोल है और एक जो अद्वैत वादी का जो एंड गोल है वो एंड गोल सेम है ठीक

00:34:49:21 है क्योंकि आपको भी निर्गुण निर्गुण मींस जिसमें कोई क्वालिटी ना हो क्वालिटी लेस ब्रम ठीक है तो मब एक तरीके से वो भी शून्य है और जो बुद्ध है वो भी विष्णु के अवतार उन्होने भी ये जो बुद्धिस्ट स्क्रिप्चर दिए वो भी विष्णु ने ही दिए हम ऐसा नहीं बोल रहे कि देखो देखो भगवान विष्णु हमारे अच्छे हैं ऐसा हम नहीं कह रहे कि देखो बस हमारे विष्णु ने ही ये किया है अच्छा काम किया है और शंकर जी ने गलत किया हम ऐसा नहीं कह रहे वो टाइम पे बुद्धिज्म की जरूरत थी तो भगवान विष्णु ने बुद्धिज्म को प्रकट किया ठीक है और जब अहिंसा वो हां जी वो टाइम प अहिंसा का आना बहुत इंपोर्टेंट था तो जो बुद्धिस्ट फिलोसोफी है अहिंसा की तो उसको मैं भी एक्सेप्ट करता हूं कि हां अहिंसा होना चाहिए उनको भी मैं गलत नहीं कहता और ना मैं आप लोगों को गलत कह रहा हूं ठीक है मेरी आवाज आ रही है आ रही है बोलते रहिए हां जी तो मैं ये कह रहा हूं लेकिन जब आदि शंकराचार्य जी ने जब फिल तो यहां प प्रचन न ब मतलब एक ऐसी फिलोसोफी जो न्यू बुद्धिस्ट है न्यू बुद्धिस्ट मींस कंपलीटली बुद्धिस्ट नहीं है वो वेदास के अकॉर्डेंस में है ठीक है वो वेदास को यूज करके दिया भले ही वो अवेद है वो अलग बात है को यूज करके क्या वहां वेदों के वेदों के आधार पर वैदिक फिलॉसफी होगी वो ये लिखा है वहां

00:36:05:12 अरे लिखा है मायावादी लिखा है या वैदिक लिखा है हां क्योंकि आपका जो सिद्धांत है सुनिए आपका जो सिद्धांत है अद्वैतवाद सिद्धांत है वो जो आदि शंकराचार्य जी का जो सिद्धांत है ठीक है तो वो अपने आप में ही एक अवैध सिद्धांत है ठीक है क्योंकि वो केवल और केवल अभेद वाद को बताता है अभेद वाद पूछ रहा हूं

00:36:28:10 वहां पर वेदों के आधार पर बताया गया बौद्ध लिखा है या वेदों के अगेंस्ट

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00:36:33:12 बताया गया बध लिखा है वेदों देखो सुनो अगर एगजैक्टली अगर अवैध होना चाहिए था अगर एटली अवैध रखना था ठीक है तो फिर आदि शंकराचार्य को आने की जरूरत क्या पड़ी फिर बुद्धिस्म का खंडन करने की वो पहले ही बोल देते ना और प्रम बहु मतलब ऐसी फिलोसोफी जो नियो बुद्धिस्ट हो और आप जाकर उसका प्रचार करना ठीक है ऐसे कह रहे है तो अगर वो सेम ही फिलोसोफी देनी थी भगवान नारायण चाहते हैं सेम की सेम फिलोसोफी दे शिवजी जा के ठीक है तो फिर वो वेदों को एक्सेप्ट नहीं करते फिर सिंपल सी बात है ये कॉमन सेंस है कोई कोई कोई भी व्यक्ति इसको समझ सकता है हो गया आगे आगे आपके आपके बहुत सारे पॉइंट है मैं उसम भी आना चाहूंगा ठीक है क्या आपके आचार्य ने बोला कि हम लेकिन हम वैदिक मायावादी आपने कहा कि हम वैदिक मायावादी है ठीक है ऐसा आपने कहा है तो पहली बात तो तो हमारे जितने आचार्य हुए हैं वैष्णव आचार्य रामन आचार्य मधवा चार्य जितने बड़े-बड़े आचार्य हुए हैं चैतन्य महाप्रभु भी जिनको आप अवतार मानते हो सभी ने सभी के सभी ने आपका जो अद्वित वेदांत है सॉरी शिवजी शंकराचार्य जी का जो अद्वैत सिद्धांत है उसका खंडन किया है और उनको अवद

00:37:48:12 भी बोला है और इनको और मधवा चार्य ने अपने एक से प्लीज बता रहे तर्क से खंडन किया है तर्क से ही किया है बिना तर्क अगर तर्क से नहीं होता आप जब आप जब ये बोलते हैं कि चैतन्य महाप्रभु ने मायावादी भाष सवना कुछ जब आप कह रहे थे तब मैं कुछ नहीं जी आप बड़े है और आप ऐसे टोक रहे लोग भी देख रहे तो आप अच्छे नहीं दिखो तो प्लीज मुझे प पूरा कर कर कर पूरा करिए पूरा करिए आ भी म्यूट करिए प्लीज ठीक है फिर अवैध मायावादी आपके आचार्यों ने अवैध मायावादी देखी

00:38:37:26 सी बात है कोई भी व्यक्ति अपने आप को अवैध नहीं बोलेगा जो वेदों का सहारा लेकर जब वो जो बुद्धिज्म के सिमिलर कोई कांसेप्ट दे रहा है वेदों का सहारा लेकर तो फिर व वो लोग क्यों बोलेंगे कि भाई मैं मैं

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00:38:50:22 अवदी वाला मायावादी हू वो तो अपने को वैदिक ही बोलेंगे अब बुद्धिस्ट है क्या बुद्धिस्ट आपको आके बोलेगा नहीं नहीं आपका जो अद्वैत सिद्धांत है ना वो बहुत अच्छा है है ना हमारा बुद्धिस्ट गलत है हम बुद्धिस्ट है हम लोग गलत है क्या ऐसा आ के वो बोलेगा ये पॉसिबल नहीं है जैसे कि आप लोग पंच रात्र को मैंने देखा है कि आपके संप्रदाय के बहुत लोग पंच रात्र को उल्टा सीधा बोलते हैं ठीक है तो क्या तो तो आप ये एक्सपेक्ट करोगे वैष्णव से कि वैष्णव भी उसको ये बोले नहीं नहीं आपके पंच रात्र गलत है तो वैष्णव भी बोलेगा हां हां पंच रात्र गलत है भाई मैं मान मान लेता हूं आपकी बात अरे वो तो अपना डिफेंस करेगा ना सीधी सी बात है कॉमन सेंस है वो अपना डिफेंस में लाएगा नहीं हम

00:39:31:13 तो होका हैसे क प्रमाण है ऐसे कमा ऐसे कई प्रमाण है कि आपका जो अद्वैत आदि शंकराचार्य जी का जो अद्वैत वेदांत है वोचली बा में गई है प्रच ब उसी की बात वेद में उसी की

00:39:48:26 बात जो है पदम पुराण में कही गई है प्रच ब वही है क्योंकि शंकराचार्य को आप शिव का अवतार मानते और शिवजी ना के दिया बस और मुझे दिखा दीजिए शिव का ऐसा कौन सा अवतार है जिसने अवैध मायावा दिया है मुझे प्रमाण दीजिए

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00:40:01:03 फर हम ठीक है हो गया आपका हो गया आई थिंक आपके और कौन से पॉइंट है हां आप कह रहे थे कि आदि शंकराचार्य ने हमको यह जीवन दिया है ऐसा दिया है वैसा दिया है तो यह थोड़ा हिस्टोरिकल चीजें हो जाती है और मैंने इसके ऊपर देखा है कि हिस्टोरिकल एविडेंसेस में इसके ऊपर बहुत बहुत मतभेद है इसके ऊपर ठीक है मैं आपकी बात को रिजेक्ट नहीं कर रहा बट क्योंकि ये नहीं आप इस बात को नहीं मानते कि बौद्धों को हराने वाले शंकराचार्य थे इस बात को आप नहीं मानते ब को ऐसे कई सारे श शैव राजा भी थे ऐसे शैव राजा प्रॉपर शैव ना कि अद्वैथ ऐसे कई शैव राजा थे जिन्होंने बुद्धिस्ट के के गले उड़ा दिए थे ठीक है और उनको भगा दिया था हराने वाले शास्त्रार्थ में उनकी फिलोसोफी को खत्म करने वाले पूछ रहा हूं फिलोसोफी से लड़ने वाले फिलोसोफी से मैं उसके लिए मना ही नहीं कर रहा शिवांश जी मैंने मैंने आपको क्या कहा आदि शंकराचार्य ने जैनों का भी खंडन किया है उन्होंने बौद्धों का भी खंडन किया उन्होंने शैव का भी खंडन किया काफी सारी चीजों का उन्होने खंडन करके उन्होंने अद्वैतवाद को स्थापित किया है मैं उसको मना नहीं कर रहा मैं आपकी किसी बात को रिजेक्ट नहीं कर रहा लेकिन जब आप एक ऐसे हिस्टोरिकल इवेंट की बात कर रहे हो कि देखो कि सबको ये कर दिया जीवन दान दिया तो

00:41:16:03 इस चीज को मैं एक्सेप्ट नहीं करता क्योंकि ऐसे कई बुद्धिस्ट कंट्रीज है ऐसे कई बुद्धिस्ट कंट्रीज है जहां प जैसे कि भूटान ले लो आप फॉर एग्जांपल वहां पर तो बुद्धिस्म फ्लश कर रहा है और उल्टा बुद्धिस्म कांसेप्ट वही जितना हो सके उतना ठीक है तो उसमें आप ये नहीं बोल सकते कि भाई को हमको मारने वाले थे बुद्धिस्ट लोग ये आप व पॉइंट नहीं बोल सकते क्योंकि हिस्टोरिकल चीज हो जाएगी बहुत ज्यादा आपकी बात हो गई पूरी नहीं हुई मैं कह रहा शिवांश जी मैं कह रहा हूं इसलिए नहीं हुई है हम बोलिए बोलिए प् आप पता है क्या करते हो आप ऐसे शिवांश भैया आप ऐसे बीच में टोक देते हो ना तो मेरा फ्लो टूट जाता है मैं बोल लेता हूं फिर आप बोलो ना आप पाच 10 मिनट बोलो मैं कुछ नहीं बोल बात ये है कि आप कितनी देर बोलेंगे आपके वो पॉइंट तो पूरे हो गए मैं पूछ रहा हूं आपका और कोई पॉइंट बाकी है क्या मेरे मेरे अरे लेकिन आप जब मैं बोल रहा हूं बीच में पूछ हम यहां पे लेक्चर या प्रवचन के लिए थोड़ी ना आए आपने कट टू कट अपनी बात बोल दी अब आगे बढ़े ये लेक्चर ये लेक्चर नहीं है ये डिस्कशन डिशन कि हिस्टोरिकल एविडेंसेस के कारण मुझे डाउट है कि वो हम लोग जो बचे हैं वो शंकराचार्य के कारण ही बचे हैं कि नहीं डाउट की यहां पर बात नहीं है मैं आपको एक देखिए सुनिए शिवांश जी डिस्कस आप कह रहे हो कि यहां पे कोई प्रवचन है लेक्चर है मैं लेक्चर नहीं दे रहा मैं आपसे डिस्कशन कर रहा हूं ठीक डिक

00:42:31:04 चार पाच पॉइंट पर आपको जवाब देना था व आपने दे दिया अब मुझे आगे बोलने दीजिए आप कब तक बोलते रहेंगे कब तक बोलते रहेंगे बताइए आपने प जवाब देना दिया ठीक है मुझे नहीं लगता आपको सुनना बोलिए मैं खत्म करता अपना पॉट आपको लग रहा प्रवचन दे रहा कंटिन्यू करिए चलिए अब आपने पहली बात य कही है पहले से ले लेता हूं कि वि जी ने शंकर जी को कहा था कि तुम ऐसा ऐसा करो और शंकर जी का कोई और ऐसा अवतार मुझे प्रमाण दिखा दो जिसने अवैध

00:43:09:14 मायावादी है शंकर भगवान के एक करुण अवतार बताए गए हैं शास्त्र में एक करोड़ एक करोड़ से भी ज्यादा कौन से शास्त्र में मैं यहां पर दे दूंगा एक मिनट नाम बता रेफरेंस छोड़ दो आप मुझे शास्त्र का नाम बताओ संभवत शिव पुराण में कहा गया है शिव पुराण में कहा गया है शंकराचार्य जी के लिए जी शंकराचार्य नहीं

00:43:34:14 भगवान शंकर के लिए कहा गया है एक करोड़ से ज्यादा अवतार है उनके तो अब मैं आपसे अगर ये पूछू कि आप मुझे वो बाकी के एक करोड़ अवतार है जो उनके प्रमाण दे दीजिए और अगर नहीं है तो मैं अगर नहीं है अगर नहीं है तो मैं ये कह दूं कि वो सब आप ही हो इसकन में ही है वो सारे एक करुण अवतार तो ये क्या ठीक है इसको स अगर वहां पर सुनिए अगर वहां पर मुझे बोलने दीजिए मेरा तर्क ये है मेरा तर्क ये है मेरा तर्क ये है कि अगर वहां पर शंकर के भगवान शंकर के अवतार की बात हो रही है और उनका कोई अन्य प्रमाण नहीं मिल रहा है इसलिए जो उपलब्ध दिखाई दे रहे हैं अवतार उसमें से ही किसी एक को पकड़ के वैदिक बना दो यह कहां का सनातन

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00:44:16:10 सिद्धांत है और दूसरी बात आपने कहा एक मिनट मुझे भी चारों पॉइंट पर बोलने दीजिए दूसरी बात आपने कहा कि जो अंतिम रूप से है वो निर्गुण है व बौद्ध जैसा है यह कहा लिखा है यह कहां लिखा है सनातन शास्त्र में कि अंतिम रूप से जो निर्गुण है वो बौद्ध जैसा है ये कहा लिखा है एक मिनट

00:44:39:28 अब आगे जो बात आती है वो यह है कि शंकराचार्य को आने की आवश्यकता ही क्या थी अगर उन्हें एज इट इज बौद्धों का ही वो देना था तो मैं एक बात आपसे पूछ रहा हूं कि जब बौद्धों का अतिक्रमण हुआ था इस दुनिया में तो आप गुरु शिष्य परंपरा मधवा चार की फॉलो करते हैं वो जो ज्ञान है भगवान कृष्ण से आया है वो ज्ञान उस समय धरती पर था कि नहीं था बिल्कुल था तो शंकराचार्य को क्यों आना पड़ रहा है हिंदुओ को बचाने के लिए हा आपको बताता हूं आपको स बताता हूं अभी प्लीज अभी इस बार मत टकना ठीक है काम कर मिन मिनट एक मिनट अब जो है इस एक एक चीज और है आपने कहा कोई भी खुद को अवैध क्यों कहेगा तो अगर कोई भी खुद को अवद नहीं तो कोई भी खुद को मायावादी क्यों कहेगा हां मैं आपको बताता हूं इसका मतलब यह है कि जब कोई खुद को वैदिक कह रहा है तो उसकी बात पर आपको विश्वास नहीं है मगर जब कोई खुद को मायावादी कह रहा है तो क्योंकि वहां से आपका मंतव्य सिद्ध हो रहा है व पदम पुराण से आप उसको जोड़ पा रहे हैं इसलिए वो बात आपके लिए प्रमाणिक हो जाएगी हम इसका अर् हु जिस व्यक्ति के बोले हुए एक वचन पर हमको भरोसा

00:45:54:28 नहीं है उसके ही दूसरे वचन पर हमको भरोसा है आपने

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00:46:00:13 कोई भी सनातन सिद्धांत नहीं दिया कि मायावादी जा रही है वह मायावादी मायावादी का मायावादी है कि इस ये जो टॉपिक है ना यह बढ़ता चला जाएगा मैं इसको ऐसे खत्म कर देता हूं अगर मैं कहूं कि आपका एक नहीं मत करिएगा मत करिएगा अब बात ये आ जाती है कि जो मायावादी बात प पुराण में हो रही है और आपने यह भी कहा कि सब उसको यही बोलते हैं और मैं आपको ऐसे वैष्णवास्त्र

00:46:57:15 देखिए आपके द्वारा आपके अनुसार प्रामाणिक परंपरा हां रामानुजा चार परंपरा राण पर परपरा के प बाद में पता कर लीजिए एक मिनट मानते नहीं नहीं ये पॉइंट इंपोर्टेंट है शिवान जी ये पॉइंट इंपोर्टेंट है क्या आप रामानुजाचार्य को मानते हो नहीं नहीं हमा लिए उनको बता रहा हूं मैं आपको बता रहा बता रहा सुनोगे भाई सुनोगे कि नहीं सुनोगे जितने अंश में जितने अंश में वो शंकराचार्य का खंडन नहीं करते हैं मैं उनको मानता हूं मेरे लिए आदरणीय है क्यों नहीं मानता बहुत सी चीजें है ये पूरा ग्रंथ प्रामाणिक है दूसरी बात हमें शंकराचार्य को मायावादी पद्म पुराण वाला ना मानने के लिए हमारे पास पर्याप्त सामग्री है अच्छा मगर यदि हां भाई हमारे पास विष्णु भगवान का वो श्लोक है कि मेरी ये देह तो माया मात्र है हमारे पास ऋग्वेद का मंत्र है उनको अवैध मायावादी ना मानने के लिए हमारे पास पर्याप्त सामग्री है यह मैं इसलिए दे रहा हूं क्योंकि इनको आप प्रमाण मानते हैं हमारी बातों को आप प्रमाण नहीं मानते तो जिसको आप प्रमाण मानते हैं उसी से मैं आपको दे रहा हूं कि इन्होंने

00:48:12:20 शंकराचार्य को अवैध मायावादी नहीं माना और जिस श्लोक की आप बात कर रहे हैं उसको इन्होंने माना है क्या प्रक्ष क्या माना है अरे लेकिन लेकिन वो प्रक्षिप्त मान रहे तो किस बस प मान रहे वो भी तो जाना पड़ेगा ना क्वेश्चन आंसर का करने का अधिकार नहीं है हमको हां हां तो मैं आपको खोल के बता तो रहा हूं पहले देख तो लो कहां प्रक्षिप्त माना है अरेरे अरे भाई मैं देख चुका हूं मैं देख चुका हां और इन्होंने शंकराचार्य के

00:48:48:15 मायावादी वैदिक है शंकराचार्य की फिलॉसफी वैदिक है मधवा चार्य की फिलॉसफी भी वैदिक है इन्होंने कहीं नहीं माना कि वो प्रचन बौद्ध थे इन्होंने टा टा गाड़ के बोला वो प्रचन बौद्ध नहीं थे तो अब यह बातें हो गई इसको आप मेरे ख्याल से नहीं मानेंगे इस बात को मैंने मैंने आप मैंने अभी तक रिजेक्ट नहीं किया मैंने आपको क्या बोला कि किस बेसिस पर उसको प्रक्षिप्त बोला वो बताइए मैंने बोला तो आपको प्रक्षिप्त इसलिए बोला मैं खोल के दिखा देता हूं आपको आप तो कह रहे थे आपने पढ़ा है अब रीजनिंग दो प अरे मैंने वो श्लोक मैंने पढ़ा है कि उन्होंने कहा है कि प्रक्ष नहीं है ऐसा है वैसा है ये मैंने सुना है लेकिन मैं ये बोल रहा दे है सुना है कि देखा है सुना भी है देखा भी है 217 मैं आपको बता देता हूं इन्होंने क्या कहा है उसके संबंध में इन्होंने मायावादी मायावादी का मायावादी का मंत्र दिया

00:49:54:22 है जब आप एक एक तरफ कह रहे मुझे मालूम है कि इन्होने कहा है फिर पूछ भी रहे क्या बेसिस हैलिए कर दिया मैंने य नहीं कहा नहीं लिखा है मैंने य पूछा किस बेसस पर लिखा है क्वे समझ नहीं रहेब आपने देखा था तो आपको य पूछना बनता ही नहीं है किस बेसस पय क्या बा आपके िक से य तो जी किया आपने य कि पढ़ा है तो फिर आपको क्वेश्चन पूछना नहीं चाहिए अरे क्यों नहीं पूछना चाहिए अरे मुझे मुझे लगा ना जब आपने कहा मैंने वो पढ़ा है पढ़ है पढ़ है मत खोलो मत दिखाओ पने मैंने बोला पढ़ा है लेकिन आप आपने मुझ दिखाने से रोका कि नहीं रोका आपने मुझे दिखाने से रोका था कि नहीं रोका था क्यक मुझे चीज पता है लेकिन मैं आपको पूछ रहा हूं दिखाने से रोक क्यों रहे हो अरे जब फुल कंप्लीट पता है तो दिखाने से रोक क्यों रहे हो और मैं उसके लिए दनीय नहीं क रहा आप दिखा आप उसको दिखा दो लेकिन आप कभी भी तर्क उस आपने रोका था कि मुझे पता है मुझे पता है मैंने पढ़ा है

00:51:09:21 वो आप देखिए मैं एक्सेप्ट करने की नहीं बोल रहा हूं मैं कह रहा हूं आपने कहा मैंने पढ़ा है और ग्रंथ खोलने से मना किया तो फिर वहां से यह प्रतीत हुआ कि आपको आपने पढ़ा होगा कंपलीटली इसमें इन्होंने क्या कहा है आप सुनिए क्या कहा है इन्होने कहा है पहले उन्होने श्लोक दिखाया वो पद्म पुराण का देख लीजिए श्लोक दिखाया देख लीजिए हेलो हेलो देख लीजिए लोक दिखाया उन्होने पहले वो श्लोक दिख रहा है ऐसे जूम तो नहीं हो रहा इसम नहीं उतना क्लियर नहीं दिख रहा चलिए बाद में देख लीजिएगा इन्होने व शलोक पहले उत किया पद्म पुराण अध्याय दो समथिंग इसलिए पदम व्यास बल्कि शंकराचार्य के बाद है अब इन्होंने आगे लिखा है

00:52:02:19 प्रतिवादी को मानो आक्षेप करने के लिए किसी पुराण का कोई मूल श्लोक मिलता ही नहीं है इसलिए वह प्रक्षिप्त श्लोकों के आधार पर आक्षेप की इमारत खड़ी करता करना चाहता है अभय यहां आपको कह रहे हैं फिलहाल

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00:52:19:00 व आप बाद में काउंटर कर लीजिएगा इनको पदम पुराण के जिस मायावादी में प्रमाण रूप से उपस्थित किया गया है यह वस्तुतः प्रक्षिप्त है श्री पंडित कालूराम शास्त्री आदि ने भी प्रक्षिप्त ही सिद्ध किया है कदाचित महाशय जी इसे मूल मानने का आग्रह करें तब भी पूर्व लिखित व्यवस्था के अनुसार त्रिकालदर्शी वेदव्यास जी के लिए अपने से परिवर्तित श्री शंकराचार्य का मायावादी बात नहीं है इसके अतिरिक्त हम पूर्व कह चुके हैं कि उक्त आचार्यों ने ये क्या मानते हैं उक्त आचार्यों ने किसी नए मत का प्रचार नहीं किया बल्कि वेदोक्त किंतु काल क्रम से विलुप्त सिद्धांतों का ही पुनरुद्धार मात्र किया है यदि मायावादी वैदिक जाननी हो तो नीचे लिखे प्रमाणों का मनन करिए अब इन्होंने क्या कहा आगे ये इन्होंने ऋगवेद के प्रमाण दिए हैं ये वैष्णवास्त्र

00:53:26:26 वणवा चार्य नहीं मानते वो मानते मायावादी हैय के लोग सब ऐसा एक आपको रामानुज जी नहीं दिखेगा आपको कोई े प्रमाण दि अभी आपको प्रमाण रहा प्रमाण दिखाओ किस चीज का सब कहते हैं मैं तो आपको प्रमाण दिखा रहा अभी क्वेश्चन पूछा तो आंसर भी सुनो ठीक है अभी आप क रहे मेरे को दिखाओ कौन कह रहा है ठीक है आप य मुझे पूछ रहे हो अ क्या डिस्कशन के लिए बुला रहे हो ठीक है आपको पहले बोलना चा मुझे ये प्रमाण चाहिए निकाल के देता अभी आप बोल क्या पता मुझे क्या पता था आपुरा देंगे तना मैं तो समझता हं आप इनको प्रमाण मानते हो आप मुझे मैंने आपसे एक क्वेश्चन पूछा कि आचार्य कब के है आपने उसका उत्तर दिया

00:54:26:14 पूरी भूमिका लिखी है इस ग्रंथ में इनका पूरा कालखंड समझ लीजिएगा पूरा बताओ आपने पढ़ है ना आपने भूमिका पढ़ी है ना तो बताओ कि कौन है वो भाई ये तो विषयात हो रहा है ये किस कालखंड से क्या मतलब आप केवल ये पता कर लीजिएगा आप केवल यह पता कर लीजिएगा ये रामानुज है कि नहीं रामानुज परंपरा के है कि नहीं इसको अगर को इनको कोई रामानुज कोई रामानुज जी इनको अप प्रामाणिक नहीं बोलेगा ठीक है मैं आपको क्या कह रहा हूं कोई लोग आगे बढ़ते लोग सु अब हम लोग आगे बढ़ते हैं अब हम लोग आगे बढ़ते हैं अब हम तर्क से जो है माया बात को देखेंगे कि वह सही है कि नहीं ठीक है प्रमाणों पर हमने बात कर ली है जनता को जो फैसला लेना होगा व ले ले आपके पास आपके

00:55:13:28 पास आपके पास रामानुजाचार्य का विधान सूत्र भाष्य नहीं आपके पास नहीं लगी मेरे पास एक प्रमाण है कि श्रीपद रामानुजा चरने श्री भाष्य में ये कहा है इस चीज को कहा है कि

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00:55:28:12 मायावा अस शास्त्रम प्रन बौम उच ये उन्होने उसम कोट किया विधान सूत्र में ठीक है अगर ऐसा है तो फ देखो आप हैना मुझे समझ में सॉरी मुझे कॉल आ गया एक सेकंड मैं आपको क्या कह रहा है हम ये मान लेंगे कि इन्होने नहीं कहा हम ये मान लेंगे कि इन्होंने नहीं कहा भाई इन्होने गलत कहा अपने गुरु परंपरा के विरोध में बोला हम ये मान लेंगे हम ये मान लेंगे आप प्रमाण जी इमोशनल मत होइए सुनिए इमोशनल मत हो डिस्कशन इमोशन प नहीं चलती कोई भी डिस्कशन इमोशन प नहीं चलती हमय मान लेंगे हमय हम ये मान लेंगे कि रामानुजाचार्य जी ने

00:56:19:14 मायावादी अब हम आगे को प्र ब कहा है प्र नहीं वो श्लोक बात हो रही है श्लोक प्रक्षिप्त है या नहीं उस श्लोक का उपयोग किया है अगर रामानुजाचार्य जी ने तो हम ये मान ध नहीं अब मुझे बोलने दीजिए वो शलोक प्रक्ष कैसे हो सकता ब्रामर कोट कर र है बताइए मैं वही तो कह रहा हूं कि अगर आपके पास प्रमाण है तो हम मान लेंगे और क्या क दिया प्रमाण आपको प्रमाण तो दिया आगे बढ़े हो गई ये बात हम मान लेंगे भा रामर जी ने इसका खंडन किया है शिवांश जी आप बड़े हैं थोड़ा प्लीज लिमिट में रहकर बात करिए एक तो आपरी बात करू क्या मैं अगर आपसे बोल मैं बोल रहा हूं कि अगर आपने प्रमाण दे दिया हम ये मान लेंगे उसको हम चेक करेंगे उसको हम चेक करेंगे हम रील बनाएंगे हम रील बना के बोलेंगे भैया इस आदमी ने यहां पर ये प्रमाण दिया था जो सही है और जो है ये और जो सुनिए आप जो प्रमाण दे रहे हैं उसको हम चेक करेंगे ना अपने स्तर प कि ना करें ऐसे ही मा करेंगे और हम उस ल बनाएंगे और ये बोलेंगे अभी करो ना जो अभी प्रमाण अभी हमारे पास अवेलेबल नहीं है बात अभी हमारे पास वो अवेलेबल नहीं है सामग्री चेक करने के

00:57:39:15 लिए आपकी आवाज नहीं आ रही है आवाज नहीं आ रही आपकी हेलो आवाज आ रही है हा आ रही है यहां पे आया तो होस्ट हैज मूटेड यू ऐसा आया यहां पे ठीक है कोई बात नहीं मैं बोलता हूं भाई म्यूट ना करे कोई भी मैंने नहीं किया था टीम में से किसी ने कर दिया हो मॉडरेटर को बोलिए हद में र शिवांश जी आपके मॉडरेटर को बोलिए सब हरकत ना करने बोल दिया है अब आप आगे अपनी बात बोलिए प् आपने बोल दिया लेकिन ये डिस रिस्पेक्ट है सुनिए शिवा जी आप ब मैंने उसके लिए क्षमा भी चाहता हूं ये भी बोल दिया है अब बताइए क्या करें ठीक है ठीक है मैं आपको ये कह रहा हूं श शिवांश जी मैं आपको ये कह रहा हूं जब आप खुद प्रमाण आप खुद आपके पास कोई प्रमाण नहीं होता किसी चीज का तो आप भी सामने वाले से एक्सपेक्ट नहीं कर सकते कि मैं कोई तुरंत लाकर प्रमाण द मैंने क कहा तुरंत लाके दीजिए आप इस चीज को लेके आइएगा आप इस चीज को लेके आइएगा रील बनाएगा कि भाई उसने मुझसे ऐसे कहा था मेरे पास समय प्रमाण नहीं था मगर यह देखो य ये है मैंने आपको यहां पर प्रमाण के साथ बैठा हूं यह दिखाया मैंने आपको बस लेकि अरे लेकिन जो प्रमाण आप दे रहे हो सुनो सुनो अब

00:58:54:18 मेरी बात सुनो प्रमाण भी ना डिस्कस करना होता है प्रमाण देके देखो देखो तुम्हारा हमने खंडन कर दिया देखो देखो ऐसा नहीं होता प्रमाण को एक्सप्लेन मैंने अभी तक एक भी बार कहा कि हमने आपका खंडन कर दिया मैं आपको उदाहरण दे रहा हूं महाराज महाराज उदाहरण दे रहा ह उ वो दीजिए ना जो यहां अप्लाई हो सके वो दीजिए जो यहां अप्लाई हो सके अरे अरे तो उदाहरण वो दीजिए ना जो अप्लाई हो वैसे तो उदाहरण आपके भी आचार्यों ने बहुत दिए कि जो अप्लाई नहीं होता रियल लाइफ में बट ठीक है चलो कोई बात नहीं अभी मैं मेन टॉपिक पे आता हूं ठीक है हां आप मुझे एक बात बताइए अ कि जब कि आपने जो भी मुझको ब्रहमांड दिया म्यूट तो नहीं अभी अभी वॉइस ज्यादा हो गई थी वो शायद कुछ समझ में ना आया हो मैं फिर से एक बात क्लियर कर दूं अगर आप रामानुजर जी के मुझे प्लीज अपनी बात बोलने दीजिए रामानुजा चार जी के भाष्य में यदि

00:59:43:14 रामानुजाचार्य जी ने इस श्लोक को उ दृत किया है तो हम यह मान लेंगे कि यह जो आचार्य हैं जिसके आधार पर हम यह मानते थे कि वैष्णवास्त्र हम इन आचार्य को गुरु विरोधी मानते हुए प्रामाणिक नहीं मानेंगे अगर हम अपनी तसली कर लेंगे और इस पर हम

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01:00:03:00 ल बना देंगे अभी मगर अभी भी यि नहीं हुआ है मगर अभी भी यह सिद्ध नहीं हुआ है कि जो हमारे आचार्य हैं वह मायावादी वही वाले हैं जो कि पदम पुराण में थे ठीक है देखि प्रन बध रानु के श्री भाष के दूसरे अध्याय के दूसरे पद के 27 सूत्र में प्रसन्नम

01:00:37:01 बध आ रही है कि व लोक प्रक्षिप्त है कि नहीं लोक है नहीं शलोक का उपयोग ने किया है कि नहीं किया है प्र बध कहा है पुराण का रेफरेंस देते हुए बात की है कि नहीं पदमपुर एक सेकंड आवाज आ रही है मेरी मे वाईफाई मेरा डिस्कनेक्ट हो गया था हेलो जी बोलिए आ रही ठीक है ओके ओके सॉरी यहां पर लाइट चली गई है हैवी रेंस के कारण सॉरी उसके लिए क्षमा चाहता हूं मैं ये कह रहा हूं कि वो जो वो पद्म पुराण का श्लोक है जब आपने एक आपने एक रामानुज संप्रदाय के एक किसी आचार्य का अने कोटेशन दिया कि उनकी बुक है शिवांश जी ध्यान से सुनना मेरा प्रश्न ठीक है मैंने आपके उसके परर मैंने दो से तीन सवाल उठाए थे ठीक है सबसे

01:01:40:19 पहला क्वेश्चन कि ये जो आचार्य जिनका बुक इतना मोटा सा बुक आप दिखा रहे हैं ठीक है सबसे पहले तो वो कौन से ईयर के थे क्वेश्चन नंबर वन ठीक है और किस

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01:01:52:00 आधार पर दूसरा क्वेश्चन कि उन्होने किस आधार पर उसको प्रक्षिप्त है ठीक और थोड़ा अच्छे से एक्सप्लेन करके बताइएगा ऐसा नहीं कि ऊपर ऊपर से पूरा अच्छे से एक्सप्लेन करना किस आधार पर उनको प्रक्षित बोला बस खतम बस इतना मुझे जानना है दो आंसर दे दीजिए कब के आचार्य आपने उसका पूरा भूमि पढ़ य आचार 19वी सदी के ही है कब के है 19वी सदी

01:02:18:00 के ही है अरे तो 19 शद तो उसको प्रमाण कैसे मान लेंगे हम लोग मतलब नहीं मानते ना

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01:02:24:26 किय जो प्रामाणिक आचार्य हैं मैंने सुनो सुनो ये तो वैसे तो मैं वैसे बुद्धिस्ट फिलोसोफी को भी नहीं मानता शिवांश लेकिन इसका ये अर्थ नहीं है कि वो विष्णु के अवतार नहीं है ठीक है तो जस्ट बिकॉज किसी आचार्य ने कोई बात बोली है इसका ये अर्थ मैं ये नहीं बोलूंगा कि वो प्रामाणिक नहीं है सुनिए प्रमाणिक की

01:02:45:26 परिभाषा क्या है प्रामाणिक आचार्य की परिभाषा क्या है जो ऑथेंटिक प्रॉपर गुरु परंपरा से हो तो ये परंपरा और यह सिद्ध हो रहा है तो आप ये इसलिए नहीं मानेंगे क्योंकि ये 19वीं सदी के हैं 19वी सदी की बात ही नहीं है यहां पे मतलब की अगर कोई आचार 19वीं सदी में अगर ऑथेंटिक गुरु परंपरा से होगा तो प्रामाणिक नहीं माना जाएगा प्रामाणिक की परिभाषा ये है नहीं नहीं ये बात तो मैंने बोली नहीं है ये बात बोली नहीं है ये आपने एकदम गलत पूरा ऐसे बो घुमा दिया यहां पे ऐसा बिल्कुल भी नहीं

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01:03:19:19 है ये सुनो सुनो सुनो मैं आपको बताता हूं मैंने आपसे जो प्रश्न पूछा उसका उत्तर आपके पास था नहीं मेरे दो ही क्वेश्चन थे कि आचार्य कौन है वो प्रश्न का उत्तर देना कोई आवश्यक नहीं था इसलिए नहीं दिया वरना इसकी भूमिका में लिखा है ये कब के है सब कुछ लिखा है ये क्यों क्यों आवश्यक क्यों नहीं है उत्तर देना आवश्यक क्यों नहीं है बताओ बताओ आवश्यक क्यों है कि वो कब के आचार्य है यह जानना आवश्यक क्यों है आपका फिर कट गया

01:03:56:26 हेलो पता नहीं बोलिए जी बोलिए हा मैं ये मैं आपको क्या कह रहा हूं मैं ये नहीं

01:04:03:19 कह रहा कि वो आचार्य है वो प्रामाणिक परंपरा के नहीं है मैंने ये नहीं कहा प्रामाणिक आचार्य का अर्थ क्या बताया आपने मैंने आपको क्या कहा है देखो सुनो अभी तक मैंने उस चीज को कंपलीटली रिजेक्ट भी नहीं किया मैंने आपसे बस क्वेश्चन पूछा किस आधार पर कहा है आप उस आधार अ आप इस पर अध्ययन करिएगा कि उन्होंने क्या कहा किस आधार प कहा गलत कहा सही कहा दे रहे मैं क्यों अध्यन करू जाके आप प्रमाण दोरे क कंपलीटली रिजेक्ट नहीं कर रहा हूं तो आप अभी बीच मजार में हो ना अरे तो इसलिए तो क्वेश्चन पूछ रहा आपको उसका उत्तर दो मुझको अच्छे से तो मैंने तो दिया आपको बता तो दिया 19 सदी के कहा दिया आपने क्या नहीं नहीं 19वी सदी का नहीं दूसरा क्वेश्चन दो किस आधार पर उसको रिजेक्ट किया उसका आंसर दो ब बोला तो पढ़ के बताया आपको पूरा पढ़ के क्या पढ़ के सुनाना नहीं होता एक्सप्लेनेशन देना होता है

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01:04:53:06 ऑडियंस देख रही है डि डियस को भी तो पता चल एक्सप्लेनेशन दिया कि उन्होंने ये कहा है अगर कि ये जो श्लोक प्रक्षिप्त है तो इसका मतलब कि वो उन्होंने ऐसा पद्म पुराण देखा जिसमें वो श्लोक नहीं है क्योंकि वो परंपरा प्राप्त आचार्य है उन्होंने अपने गुरु से उन्होंने सुनिए सुनिए बोलने दीजिए पूरी बात बोलने दीजिए पूरी बात बोलने दीजिए

01:05:17:19 उन्होंने अपने गुरु से जिस पद्म पुराण का अध्ययन किया उसमें वह श्लोक नहीं था दूसरी बात उन्होंने इसका आधार यह भी बताया कि भैया यह जो माया है इस माया के बारे में वेदों में भी बात की गई है तो अगर इस माया वेदों में दी गई माया के आधार पर पदम पुराण में दी गई माया के आधार पर अगर कोई आचार्य अपने आप को मायावादी बोलेगा और मायावादी बताई प्रक्षिप्त भी बताया अच्छा कोई कोई श्लोक प्रक्षिप्त है कि नहीं इसका निर्णय किस आधार पर होगा ये बताइए अरे मैं वही तो पूछ क्वेन मे आप से किस आधार पर होगा बोल दिया हमारे गुरु ने हमको नहीं पढ़ाया और अब वो आ रहा है सामने तो प्रक्षिप्त है

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01:06:06:21 परंपरा की आवता क्या है बताइए प्रभु मुझे शिवांश दूसरे लेसे होता अपने देते जिसके कारण से आप चुप हो जाते उनकी बात सुनते उनकी अगर उन्ह आना है तो जाइए वो आ जाए सामने कौन कौन कौन जो आपको इंस्ट्रक्शन दे रहे हैं अरे इंस्ट्रक्शन नहीं वो बात कर रहे कॉल प किसी से बीच बीच में वो आपको जो इंस्ट्रक्शन आप उनकी ओर देखते हो ना वो कुछ बोलते हैं जब जनता पूरी देख रही है तो दिक्कत होती है आप हट जाइए हा तो बात कर तो देखूंगा ना उसम क्या गलत हो गया उनसे कह दीजिए अपना जो कॉल है वो कहीं और जाके करें हां ठीक है थोड़ा बाहर चले जाइए और मुझे थोड़ा बीच में बोलना मत ठीक है हां परेशान ना करें डिस्टक्ट ना करें हां तो अब ये बताइए परंपरा प्रात आचार की आवश्यकता क्या है हां अब मेरा क्वेश्चन आपसे फिर से वही रहेगा कि एक सेकंड आपने क्या बोला एक सेट अभी सुनना एक सेकंड आपका आंसर एक बार मुझे फिर से सुनना एक बार रिकॉल कर रहा हूं कि मैंने सही सुना कि नहीं आपने

01:07:11:04 ये कहा आपने यह कहा कि जो जो भी आचार्य जिनका 19 सेंचुरी का आपने रेफरेंस दिया है उन्होंने इस आधार पर उसको प्रक्षिप्त बोला है क्योंकि उन्होंने वो चीज नहीं पढ़ी बराबर ये इतना ही है बसने उन्होंने जिस पदम पुराण का अध्ययन किया अपनी गुरु परंपरा से उस पदम पुराण में वो श्लोक नहीं है उस पद्म पुराण में नहीं है ना तो हो सकता

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01:07:35:12 है कि लस्ट हो ऐसे अरे ऐसे क सा तो ठीक है ये गलत बोल रहे हैं बस सिंपल ये गलत है आप सही हो बसने नहीं माना आप मानते हो कि वो गलत है आप मानते हो गलत है मैं नहीं मानता मैं नहीं मानता मान रहे हो ये आप मान रहे हो पर से राण जी परंपरा से जो उनको ग्रंथ दिया गया था वो पूर्ण नहीं था अधूरा था शिवांश जी आप है ना अपने जो आपका जो आप जो भी बता रहे हो मुझको रेफरेंस दे रहे हो ठीक हैको सिद्ध नहीं कर पा रहे अब उसको तक नहीं कर जनता त करगी ये जनता त करेगी किसने सिद्ध किया किसने नहीं किया आप उनको जो पदम

01:08:20:24 पुराण दिया गया था व अधूरा था पूरा नहीं था और पूरे के नाम पर उन्हे दे दिया गया परंपरा से आने वाला ज्ञान भी भंग हुआ

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01:08:54:13 वैष्णवास्त्र ठीक है हम अब अब बात ऐसी है कि जब एक व्यक्ति यहां से मुक्त होता है कहां से यहां से इस संसार से भौतिक संसार से हा हा और वो बैकुंठ आदि में जाता है ठीक है तो क्या आपके अनुसार यहां पर जो उसका परिवार रह गया होता है जो भी चीजें होती है उससे उसको जो सुख मिल रहा है दुख मिल रहा है या फिर उसके ना रिश्तेदारों को कष्ट हो रहा है उसको वहां पर पहुंच कर कष्ट होता है कि नहीं मुक्त होने के बाद मुक्त होने के बाद प्रॉपर वैकुंठ जाने के बाद आपके हिसाब से जो भी मुक्ति है वहां मुक्ति मिल जाने के

01:09:51:09 बाद हा ले लिया इंस्ट्रक्शन नहीं नहीं मैंने उनको बोला कि बाहर जाओ सुनाई दे रहा है उनसे क ऐसी आवाज में बोले कम से कम जनता तो ना देखे इनको इंस्ट्रक्शन ने पड़ रहे प्लीज फ ले जाइ प्लीज हा बहुत बढ़िया प्लीज डिस्टर्ब मत कर प्लीज अरेली मैं उनसे कुछ इंस्ट्रक्शन लेता ही कोई हमें कुछ समझने की आवश्यकता नहीं जनता देख डिसाइड कर जनता ने तोय भी दे मेरे क्वेश्चन का आंसर नहीं दे पाए य भी दिखाया जनता ने वो भी जनता देख रही है ठीक है बिल्कुल बढ़िया बासर दे नहीं पा आप तो पूरा इमोशनल आप तो पूरा इमोशन चने क्या आंसर दिया है शास्त्र में क नहीं लिखा ये बोलता है वो बोलता है सब बोलते हैं शास्त्र में कहीं नहीं लिखा कि वो शंकराचार्य की बात हो रही है पम पुराण में अरे अरे वल्लभाचार्य ने कोट किया है आनंद मयो भाषा वाले इस रेफरेंस पट किया उन्होने परंपरा के जो आचार इनको आप गलत मानते हैं या देखो आप है ना ऐसे इमोशनल तरीके से मत

01:11:00:27 जाने विषय को आगे बढ़ाते मैंने जो पूछा उसका आंसर दीजिए आपके हिसाब से मुक्ति हैब सेक् है आपके हिसाब सेक् आगे बढ प्लीज मैं उस पर डिस्कस अब नहीं करूंगा आप अगर बोलेंगे फिर वो डिस्कशन वही पहुंचेगा जो डिस्कशन हो चका उसके बारे में जनता देगी क्या निर्णय है दर्शक है देखेंगे मुक्ति

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→ Used in: A · Video क्या नवयुवकों को विक्षिप्त बना रहा है Iskcon ? #iskon #iskcondevotees at 0:45 ↗

01:11:25:28 है मुक्त होने के बाद व्यक्ति को यहां के जो दुख दर्द क्लेश है उसके परिवार के साथ जो आज हो रहा है वह उसको महसूस होता है मगर क्या मुक्त होने के बाद भी यदि यहां प्रलय आएगी क्लेश होगा वह दुखी होंगे उसके परिवार वाले तो उसको दुख होगा कि नहीं वैकुंठ में दुख होगा कि नहीं ऐसा पूछ रहे हो आपके हिसाब से जो मुक्ति है वो गोलोक धाम मुक्ति आपकी क्या मुक्ति है है तो वहां पर पहुंच कर जब आप मुक्त हो गए तो यहां पर जो हमारा परिवार है भाई बहन है बंधु है नाते रिश्तेदार है इनको आज अगर कुछ होता है तो हमें दुख होता है तो क्या मुक्ति के बाद दुख होगा कि नहीं नहीं क् उसका उसका अथ ज एंजाइटी नहीं कुछ नहीं कोई दुख नहीं तो ये सब जो आज जो हो रहा है ये क्या झूठ है मतलब अरे जो आज जो हमें य दुख हो रहा है दुख की भावना हो रही है हमें कि हम दुखी हो रहे ये सब क्या झूठ है झूठ कैसे होगा अगर आप एक्सपीरियंस कर रहे हो ठीक है आप बोल रहे हो कि यार मेरे इसकी डेथ हो गई तो ये मुझे दुख हुआ है ठीक है तो दुख तो रियल है

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01:12:37:08 तो रियल है ना तो ये वहां जाकर के आपको इंफॉर्मेशन नहीं मिलेगी क्या वहां जाकर आपको इंफॉर्मेशन नहीं नहीं मिलेगी किस चीज की इंफॉर्मेशन यहां क्या हो रहा है मिल सकती है क मिल सक है जब आपके किसी ना रिश्तेदार को मिनट मिरे या पूछने केने आ बोल रहा मिल सकती आगे बोल रहा हूं मिल सकती आपने बोला ना बो मिल सकती बात अगर उसको मिल सकती है तो यहां पर जो उसके रिश्तेदार है उनको जो दुख दर् तकलीफ हो रही है उसका दुख उसको तब क्यों नहीं होगा यह बताइए क्योंकि वो सारे आसक्ति से मुक्त है यानी आज जो आसक्ति हो रही है ये झूठ है झूठ कैसे है रियल है तो आसक्ति मर जाएगी इनके प्रति अरे अरे भाई आसक्ति और प्रेम में अंतर होता है ठीक है ठीक है बोलिए आगे बोलिए सुनो सुनो जो मुक्त आत्मा है ठीक है जो मुक्त आत्मा है जो वैष्णव है जो मुक्त आत्मा है वो सभी

01:13:52:14 के प्रति दया का भाव रखता है ठीक है और वो ये भी चाहता है कि बाकी के वैष्णव भी कृपा करके ये बताए कि वहां पर जाकर के जो भावना है आपकी क्यों बदल जाएगी यह बताइए जो आपकी प्रेम है आसक्ति है दया है वो कहां चली जाएगी दया सुनो सुनो सुनो यहां पर दया की बात नहीं है दया और आसक्ति को आप एक मत करिए अटैचमेंट भाई मेरे जो भी भावना है वो वहां क्यों खत्म हो जाएगी ये बताइए मुझे सुन तो लो यार बोलने तो दो यार सामने वाले को यार ों का विश्लेषण कर रहे हैं जो हमारे विषय में है नहीं आप उसको दया मानिए आसक्ति मानिए प्रेम मानिए कोई भी जो भावना है कुछ भी नाम दीजिए वो भावना बदल क्यों जाएगी यह बताइए अरे अरे वो भावना बदल नहीं जाएगी सुनो जो प्रेम है वो रहेगा ठीक है लेकिन जो अटैचमेंट है ना मटेरियल जो क्या कहते है उसको मटेरियल रिलेशनशिप है उसको लेकर भौतिक आसक्ति जिसको हम कहते हैं ठीक है कि ये चीज मेरी है ये चीज ऐसा है ये चीज वैसा है ठीक है भोग भोग की भावना ठीक ठीक है वो चीज खत्म हो जाती है यानी कि वहां पर पहुंचने के बाद पत्नी के प्रति प्रेम नहीं रहेगा माता के प्रति प्रेम नहीं रहेगा बोला अरे प्रेम रहेगा आसक्ति नहीं रहेगी मेरे भाई आपको पहले ही बोला आसक्ति प्रेम में अंतर है

01:15:07:20 क्यों नहीं रहेगा वक्ति नहीं रहेगी आसक्ति नहीं रहेगी मैं क्लियर कर रहा हूं मैंने सही सुना आसक्ति नहीं रहेगी पहले तो आसक्ति का और प्रेम का डेफिनेशन क्लियर कर ये आप बोल रहे हो ना प्रेम आसक्ति तो आप क्लियर करो तो मैंने बोल दिया है मैंने सिर्फ इतना कहा है जो भी भावना है आसक्ति प्रेम आपके अंग उसकी भी आवश्यकता नहीं है मत दो उसकी आवता नहीं बोल रहा भावना आ सक है आप प्लीज ऐसे विषयात होता रहेगा हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचेंगे हर बा आ सक मैं जब आपकी मान मान रहा हूं कि वो प्रेम नहीं आ सकती है तो फिर क्यों उस रहे हो वो प्रेम और आसक्ति की डेफिनेशन कुछ और अरे मैं कुछ कहना चाह रहा हूं इसी टॉपिक के विषय में लेकिन बोलने नहीं दे रहे ना कितना अभी मैं अभी मैं अपना प्रश्न एक बार फिर से क्लियर कर दूं अगर हमें हमारी पत्नी के प्रति जो आसक्ति है माता के प्रति जो आसक्ति है पिता के प्रति जो आसक्ति है यह झूठ है या सच है अगर सच है तो यह वहां जाकर के खत्म क्यों हो जाएगा अगर झूठ है तो फिर वोह मुक्ति कैसी वहां पर जाकर के आपको दुख क्यों नहीं होगा बताइए हां

01:16:22:25 हां मैं अभी आपको पूरा एक्सप्लेन करता हूं दोनों लेवल जो है कपट डिफरेंट है ठीक है यहां पर ऐसा नहीं य पर प्रेम नहीं सुनि अभी ध्यान से सुनना ऐसा नहीं य पर प्रेम नहीं है ठीक इवन भी जब कोई भक्ति में आता है ठीक है तो ऐसा नहीं कि एक दिन में भाई सब पूरा एकदम डिटैचमेंट हो जाए बो यार मैंने कहा की जो भावना है व वहा जाके बदल क्यों रही है बोलिए प् भावना बदल नहीं रही है भावना बदल नहीं रही है कुछ ऐसी छ रही है कुछ छ र खत्म हो रही है आसक्ति की बात कर रहा प्रेम आसक्ति की बात करहा प्रेम बढ़ता रहता है आसक्ति वो कम हो जाती है प्रेम बढ़ता रहता है मेरे भाई मैं अब और क्लियर कर देता हूं अगर उनको चोट पहुंचेगी तो आपको दुख होता है आज की डेट में कि नहीं होता है हा होता है क्योंकि आ सकती है तो जब आप मुक्त हो जाएंगे तब क्यों नहीं होगा तब आपको कोई मतलब नहीं रहेगा वो मरे कटे कु भी हो उ देता उदाहरण दे मैं आपको उदाहरण देता हूं ठीक है जैसे कि फॉर एग्जांपल मेरा कोई मेरा बच्चा है फॉर एग्जांपल ठीक है जैसे आपके भी कोई शद बच्चे होंगे शायद तो अगर उनको चोट लगी तो आपको बुरा लगेगा कि अरे उसको बेचारे को दर्द हुआ लेकिन

01:17:37:26 दर्द किसको हुआ शरीर को हुआ ठीक है तो इसलिए आपको बुरा लग रहा है लेकिन जब आप मोक्ष प्राप्त कर लोगे जब आप भगवत भगवत धाम चले जाओगे ठीक है तो आपके अंदर जो इच्छा क्योंकि इच्छा ऑलरेडी इधर है ऑलरेडी प्रेजेंट है कि सब मुक्त हो जाए जैसे शिला प्रभुपाद जी है वो चाहते थे कि सब अपने दुखों से ऊपर उठ के भगवान के प्रेम में खो जाए ठीक है क आत्मा जो दुख एक्सपीरियंस कर रही है अपने सेंसेस की वजह से अपने इंद्रिय भोग इंद्रिय भोग कहते इसको ठीक है उसकी डिजायर्स की वजह से जो वो दर्द सहन कर रहा है कभी डिजायर्स पूरे नहीं होते आता है थर्ड अध्याय में डिजायर्स पूरे नहीं होते तो दुख होता है गुस्सा आता है है ना इस तरीके से तो प्रेम अ आपको पूरा अच्छे से एक्सप्लेन करता आपको समझ में नहीं आ रहा तो अच्छे से एक्सप्लेन कर देता हूं शर्ट में बस एक मिनट लूगा बस एक मिनट लूगा ठीक है आप मुझे बस बोलने देना ठीक है तो तो होता ऐसा है शिवांश जी कि जब आप भक्ति कर रहे हो कोलोक तो ऐसे तो कोई चला नहीं जाएगा एक ही दिन में है ना उसके लिए आपको डिवोशनल कंप्लीट सरेंडर करना पड़ेगा भगवान को ठीक है तो जब आप कंप्लीट सरेंडर करते हो भगवान तो आपकी अपने आप जो क्या कहते हैं जी जीव है जितने भी जीव है इस पूरे ब्रह्मांड में ठीक है तो आपको सबके लिए एक दया का भाव आ जाता है और ये आध्यात्मिक लेवल की दया ये कोई भौतिक लेवल की दया नहीं है ठीक है तो दया रह

01:18:53:02 जाती है इवन मान लो अगर मैं मान लो चला गया ठीक है मान लो कि मैं क्या कहते है गोलक चला गया या साकेत धाम चला गया या वैकुंठ चला गया किधर भी भगवान के किसी धाम में मैं चला गया फॉर एग्जांपल ठीक है तो अब वहां पर जा भौतिक आसक्ति है भौतिक अटैचमेंट है वो तो चले जाएंगे लेकिन जो सेवा भाव है वो तो नहीं जाएगी और उस सेवा भाव के कारण मुझे सामने हो आपका हो गया जब सामने वाला जब बोलता है ना तो बीच में आकर ये नहीं बोलना होता कि आपका हो गया क्या कब तक ना बोलू रात तक शाम तक ना बोलू मैंने आपको कहा कि मुझे एक मिनट दो आपने 30 सेकंड भी नहीं सुना एक मिनट से ज्यादा आप बोल चुके हैं नहीं नहीं नहीं पता है आप क्या करते हो पता है सामने वाले का कंप्लीट भी नहीं होता कभी-कभी आप चाहते हो कि सामने वाला बोले आप अपनी जब आपकी बारी आती है आप पांच पाच छछ मिनट बोलते हो और मैं एक मिनट भी नहीं बोल सकता ये दिक्कत है शिवान जी ये प्रोफेशनलिज्म नहीं है बिल्कुल भी मैं कोई प्रोफेशनल हूं नहीं मैं प्रोफेशनल बंदा नहीं हू अ आप प्रोफेशन आप अनप्रोफेशनल मैं नहीं प्रोफेशनल तरीके से काम कर आप अनप्रोफेशनल तरीके से काम करते क रहे सुनिए सुनिए सुनिए मेरा प्रश्न ये है मुद्दे पर रहे विषय से ना भटके आपको और बोलना है आपको और बोलना

01:20:08:10 है उस बारे में मुक्ति के बारे में हां मुझे बोलना है मुझे थोड़ा सा दो से तीन मिनट चाहिए बोलने के लिए आप बो सकते हैं बोलिए ठीक है तो जब भौतिक जगत से आपको मुक्ति मिलती है ये जन्म मृत्यु फिर आपके डिजीज ल्ड ठीक है यह सब चीज गो थ्रू कर रहे हो ठीक है तो ये एक तरीके से आसक्ति है क्योंकि आप किसी किसी चीज से अटच हो इसलिए अभी वो चीज गो थ्रू कर रहे हो ठीक है जो जीवात्मा है वो मटेरियल डिजायर से अटच है फिलहाल ठीक इसलिए सब चीज एक्सपीरिंस कर रहा है लेकि इसका यह मतलब नहीं कि वो बाकी की आध्यात्मिक चीज एक्सपीरियंस नहीं कर सकता ठीक है एक प हो गया और बोलना है नहीं हुआ नहीं पॉट है ठीक है बोलते हो ना जब आपका नहीं हुआ तो ठीक है मत बोलो लास्ट में बोलना फलो लेट मी कंप्लीट फ्लो अभी फ्लो में हूं मैं ठीक है तो उसके बाद उसके बाद जब वो हा उसके बाद जब वो भगवान के किसी भी धाम जाता है व व्यक्ति तो उसकी भौतिक आसक्ति तो खत्म हो जाती कंपलीटली ठीक है क्योंकि भगवत धाम मोक्ष का अर्थ ही वही है कि भौतिक चीजों से आपका छूट जाना जन्म मृत्यु जरा व्याधि ठीक है दुख सुख ये सब जो भौतिक सुख दुख है उसकी बात कर रहा हूं ठीक है उससे आप ऊपर उठ जाते हो ठीक है जब आप इससे ऊपर उठ

01:21:23:16 गए तो आपको किसी और को देख दुख होगा आपको दया आएगी हा चलो ठीक है भाई इसको भी भगवत प्राप्ति हो जाए तो दया आएगी ठीक है क्यों दया क्यों आएगी

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→ Used in: A · Video क्या नवयुवकों को विक्षिप्त बना रहा है Iskcon ? #iskon #iskcondevotees at 1:57 ↗

01:21:31:25 क्योंकि आपको पता है कि जो जीवात्मा हैय कुछ ना कुछ सफर कर रहा है ठीक है आपको उसे दुख नहीं होगा आपको बस दया हाय

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01:21:39:12 ठीक हो जाए ठीक है इस तरीके से आपके अंदर जब आप मुक्त हो जाएंगे तो आपको दया आएगी दया तो लरे आध्यात्म का पार्ट है मैं आपसे बस क्लियर कर रहा हूं आप मैं सही सुना कि नहीं सुना जब आप मुक्त हो जाएंगे तो आपको दया आएगी हां वो दया ऐसी दया है जो क्या कहते हैं भाव भा चलिए मैं अपनी लाइन पूरी कर लू अगर आप वया आगी ला एक लाइन बस एक लाइन एक लाइन बस आपने कट किया था इसलिए बस एक लाइन जो बोलिए बोलिए जो भाव रोग की दया है वह खत्म हो जाती है लेकिन आध्यात्मिक दया जैसे कि मैंने आसक्ति का तो भौतिक लेवल का जो प्रेम होता है भौतिक लेवल का प्रेम उसको आ सक्ति अरे बाप रे तो जो भौतिक लेवल का जो प्रेम होता क्या हु बाप रे क्या हुआ बॉक्स कर गया पूरा अच्छा अच्छा मेरा पैर लग गया तो ब आप वो सब छोड़ो यार वो सब ये सब ये सब मटेरियल चीज है इसके ऊपर ध्यान नहीं देना चाहिए तो मैं आपको ये कह रहा हूं कि ज हा जो भाव रोग की जो दया है की अरे बेचारा इतना भूका है है ना इस तरीके से ठीक है तो इसम भी आप किस ना किसी प्रकार का इंद्रिय सुख कर तोय ये एक मटेरियल लेवल

01:22:54:15 का एक अटैचमेंट है ठीक है क्यों क्योंकि उसके भौतिक शरीर के बारे में सोच रहा है ठीक मैं गरीब की मदद कर देता हूं मैं इसका ये करता हं तो ये मटेरियल लेवल का उद्धार है मटेरियल लेवल का उधार ठीक है लेकिन जब आप किसी को भक्ति का ज्ञान देते हो ठीक है कि भक्ति कैसे करनी है जैसे कि चैतन्य चरिता मृत में आता है नाम रुचि जीव दया नाम रुचि जीव दया ठीक है मतलब भगवान के नाम में रुचि रखनी चाहिए और सभी जीवात्मा के प्रति दया रखनी चाहिए क्योंकि कोई ना जो इस संसार में है ठीक है तो वो सब कुछ ना कुछ सफर कर र है ठीक है तो हा दया रहेगी आध्यात्मिक जगत में भी दया रहेगी प्रेम रहेगा सब कुछ रहेगा वहा प ठीक है वहा पर सब कुछ रहेगा लेकिन वोह जन्म मृत्यु से ज बाहर चला जाएगा उसके बाद वो कंपलीटली डिफरेंट इमोशन होते हैं

01:23:48:19 उसम मैंने कंप्लीट नहीं किया जो मुक्त आत्मा होती है सुनिए सुनिए भाई आपने मुझसे दो-तीन मिनट कहे थे अब पाच मिनट होने जा रहा है अरे एक ही लाइन बोल रहा हूं मेरा लास्ट लाइन था उसपे आपने कट कर दिया बस लास्ट लाइन कह रहा था मैं आवाज आ रही है आप चले गए स्क्रीन से बोलिए बोलिए हम स्क्रीन बंद हो गया था पूरा अ यार हां जो भौतिक लेवल का जो दया है वो खत्म हो जाता है और आध्यात्मिक लेवल का दया आ जाता है क्योंकि जितने इमोशंस हम यहां पर एक्सपीरियंस करते हैं मटेरियल वर्ल्ड में वो सब उस आध्यात्मिक जगत की एक रिफ्लेक्शन है एक तरीके से एक

01:24:30:06 परवर्ती रह जाती है इसमें अटैचमेंट जाते वहां प अटैचमेंट इस प्रकार के अटैचमेंट्स नहीं होते वहां प नाम रूचि जीविया हो गया चलो अब बोलिए पहली

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01:24:43:10 बात आध्यात्मिक आध्यात्मिक दया रह जाएगी प्रेम रह जाएगा हा और सब कुछ होगा मगर वो आध्यात्मिक होगा है ना बिल्कुल अभी मैं आपसे अभी मेरा प्रश्न ये है कि यह सब होगा कैसे जो आप वहां जाकर के अभी जब हमारे किसी बेटे को भाई को चोट लग रही है तो हम दुख हो रहे हैं दुखी हो रहे हैं वहां पर दुखी नहीं हो रहे हैं य कैसे होगा कैसे पॉसिबल है इसको प्रैक्टिकली बताइए अरे लेकिन वो तो वहां की बात है ना तो उसको हम यहां पर अभी अभी एक्सपीरियंस कैसे कर सकते हैं उस चीज को जो टेक्निटी तो बताइए आपको ऐसी कौन सी इंफॉर्मेशन मिलेगी लेन वो जगत जो जो अव्यक्त जगत है सुनिए सुनिए आपका आंसर दे रहा हूं अभी जो अव्यक्त जगत है ठीक है जो अव्यक्त जगत है ठीक है अब देखो जैसे कि अभी हमारे शरीर है बहुत इस क्वेश्चन का आंसर नहीं दिया जा सकता

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01:25:35:13 कि ये होगा कैसे सुनो सुनो सुनो मैं आंसर दे रहा हूं या प्लीज ऐसे कट मत किया करो आपने कितनी बार टोक दिया यार आपने जब मैं दो-तीन मिनट बाद बोलना शुरू किया तो आप फिर आ गए मेरी बात आप बोलने नहीं देंगे फिर अपनी छोटी सी बात जब मैं बोलना चाहता हूं तो आप अपनी बात लेके आ गए क्वेन पूछा है अरे आपने क्वेश्चन पूछा अभी अ तो मैं आगे बढ़ रहा हूं ना जब आपने कोई छोटी सी बात बोली तो उसमें लीजिए आप काउंटर आपने बोला अब व्यक्त जगत की बात हम यहां नहीं बता सकते अरे सुन तो लो कम से अरे बो पहले क्लियर करिए बो मैं बोलू पूरा पूरा बोलू मैं पहले इसको ये क्लियर करिए फिर बोलिए अब व्यक्त जगत के उत्तर यहां नहीं दे सकते नहीं ऐसा नहीं है ऐसा नहीं है आपने अभी बोला होगा होगा बोला कि नहीं बोला देखिए राधा कृष्ण दास जी सच पे रही है आपने बोला कि नहीं बोला अरे मैं कह रहा हूं कि हम ऐसे डायरेक्ट सुनिए सुनिए सुनिए मैंने ये कहा कि मैं इसे डायरेक्टली नहीं बता सकता मैंने क्या कहा कि मैं इसे डायरेक्टली अपने हिसाब से नहीं बता सकता क्या ये नहीं होता उत्तर नहीं दिया जा सकता अरे भाई सुनो अरे सुन तो लो मैं बोल के रहा ये बात क्लियर नहीं करेंगे हम आगे नहीं बढ़ेंगे आपने बोला अव्यक्त जगत के चीजें यहां नहीं बताई

01:26:50:18 जा सकती है बोला कि नहीं बोला आपने मेरा आंसर पूरा सुना कि नहीं सुना सुना वो वाला आंसर सुना था नहीं सुना था नहीं सुना था मैं बोल रहा थाने पहले बोला पूरा बाद में कर लीजिएगा आप अभी ये बता दीजिए आपने बोला नहीं बोला अरे बाद में क्यों करू मैं जब आपने मुझे टोका है तो बाद ठीक मैं अपनी बात वापस ले रहा हूं आप बोलिए अपना आंसर पूरा बोलिए ठीक है मैं आपको ये कह रहा हूं मैं डायरेक्टली नहीं बता सकता ऐसे की देखो य पर एटली ऐसा ऐसा हो रहा है ठीक है क्यों क्योंकि वो चीज शास्त्र में लिखी तो अनुसार ठीक है शास्त्र के अनुसार चलकर व क्या एक्सपीरियंस होता है ठीक है व सब चीज हमको शास्त्र से समझ में आएगी

01:27:36:12 फर कही अबकी बार आप ठीक है मत बोलिएगा तब तक कट नहीं करूंगा ठीक है म बोला कर बो मतलब आपकी बातो को ओके करता जा रहा क्या ठीक है म ठीक क्या एक व्यक्ति की एक हैबिट होती है बात करने की ठीक है तो वो हैबिट गलत है एक व्यक्ति की आदत है शराब पीने की उसको छोड़ एक व्यक्ति की हैबिट होती है चाकू मारने की उसको छोड़ आदत है आपकी भी आदत है बीच बीच में बोलने की दूष प्रचार करने की आप अगर ठीक है पूछेंगे तो मैं उसम काउंटर करूंगा ठीक है नहीं है नो इट्स नॉट ओके अच्छ अ बो ओके ओके तो मैं बोलूंगा नॉट ओके नॉट ओके न ओके एक सेकंड एक सेकंड आप अभी मेरी गलतिया बता रहे हो आपने कितनी बार टोका खुद की गलती क्यों नहीं देखते आप हम तो मैं गल जहां पे मैं गलत हूं वहां पे मैंने कहा ना कि यहां मुझसे गलती हो गई जहां आपको वो किया गया था म्यूट वहां मैंने कहा था ना कि क्षमा मांगता हूं मैं की बात अरे मैं म्यूट की बात नहीं कर रहा मैं तो अभी बोल रहा हूं आप जो बीच में बार-बार ते हो उसकी बात कर इसलिए करता हूं क्योंकि आप ठीक है पूछते हो मुझसे यार आगे बढ़ो अपनी बात बोलो ठीक है बोलोगे मैं टोकू अरे मैं क्लियर करने केलिए ठीक है बोलेंगे मैं टोकू मैंने क्या बोला ठीक है मैंने इसलिए बोला कि आपको क्या समझ में आया है क्या

01:28:51:18 कि इतना जो बोला है मैंने मैं बोलू ना तो मैं बोलू ना समझ में आया कि नहीं आया मैं बोलूंगा ना फिर व हां तो बोलो फिर आप तो कह रहे हो आपने टोक दिया अरे टोक दि की बात नहीं कर रहा मैं आप बोलो कि हा इतना समझ में आया मैं आगे बढ़ता हूं ऐसा होता है अरे नहीं समझ में आया ना आपकी वो बात गलत लग रही है इसलिए मैं वो बात बोलूंगा जो गलत लग रही है ठीक है ठीक है ठीक है अभी ना एकदम ध्यान से सुनना मेरी बात ठीक है बोलोगे तो बीच में फिर टोकू ठीक है मत बोलना चलो अच्छा ठीक है मैं अभी वापस से नहीं बोलूंगा बस खुश हा बोलो क्वेश्चन फिर सेट क्वेश्चन फिर से पुट करिए अभी यहां पर भौतिक जगत में जो आपके नाते रिश्तेदार हैं माताएं हैं बहने है भाई है बेटा है बेटी है इनको जो दुख दर्द और कष्ट हो रहा है उसके कारण आप प्रभावित होते हैं मुक्ति मिलने के बाद आप प्रभावित क्यों नहीं होंगे उसका आंसर मैंने दिया था वो समझ में आया अभी तक आपको कि नहीं समझ में आया जो पहले मैंने आंसर दिया था आपने अपनी तरफ से संतुष्टि जनक आंसर दे दिया है ना आपको संतुष्ट देखो मेरे तरफ से हुआ या नहीं हुआ वो बाद में की बात है अगर आपको संतुष्ट मैंने

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01:29:59:22 बोला कि ऐसा क्या परिवर्तन होता है जिसके कारण वहां जाने पर दुख नहीं होता तो आपने ये कहा मुझको आपने यह कहा इसके बारे में क्योंकि शास्त्र ने ऐसा कहा है वहा दुख नहीं होगा इसका कोई जवाब नहीं है

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01:30:12:27 परिवर्तन का मैंने आंसर दिया रिवा करेंगे सुनो अगर आप रिवाइंड करोगे तो क्या परिवर्तन होता है उसका आंसर मैंने दिया था परिवर्तन यह होता है वही जो आंसर दिया है वही बोल दीजिए क्या परिवर्तन हो जाता है ऐसा आपका सेकंड क्वेन ये था एक सेकंड एक सेकंड अभी पूरा सुन लीजिए ठीक है आपने पूरा का पूरा उसको घुमा दिया लेकिन मेरा है कंसंट्रेशन देखो अरे नहीं रुको रुको आपने क्या पूछा कि वहां ऐसा और कुछ बोलोगे इसको आपको म्यूट करूंगा आप मुझे आप दोबारा आंसर दे दीजिए वो टेक्निकल क्या है जो यहां से मिलने वाली जो इंफॉर्मेशन है जो आपको दुख पहुंचा रही है वही इंफॉर्मेशन जब आप वहां मुक्त हो जाएंगे तो आपको दुख नहीं पहुंचाएगी वो टेक्निकल क्या है दोबारा आंसर दे दीजिए मैंने आपको मैंने आपको तीन बार उसको एक्सप्लेन किया था फिर से एक्सप्लेन कर देता हूं सरल भाषा में जब आप वहां पर चले जाते हो तो आपकी जो चेंज आ रहा है जिसको परिवर्तन कह रहे हैं परिवर्तन ये आ रहा है कि आपकी भौतिक जो आसक्ति है ठीक है अटैचमेंट्स है वो छूट जाते हैं यहां पे खत्म हो जाते हैं वो अटैचमेंट मैं उसी प तो काउंटर किया मेरे भाई कि वो क्यों छूट रहे हैं वही मैं उस पर पूछ रहा हूं क्यों छूट रहे हैं

01:31:28:08 क्योंकि वो मोक्ष को प्राप्त कर रहा है इसलिए छूट रहे है क्या मोक्ष के बाद क्या बहु आ स र क्या वो वो जो मोक्ष है उसमें वो प्रैक्टिकली बताइए टेक्निकली आंसर है कि नहीं कि वो मोक्ष को जो प्राप्त कर रहे हैं तो क्या यहां पर जो चेंजेज है जो इंफॉर्मेशन पहले आ रही थी अभी भी आ रही है अब हमारी आसक्ति क्यों खत्म हो गई पहले आसक्ति थी पहले आसक्ति थी पहले आ पहले आसक्ति थी उसी इंफॉर्मेशन के कारण हम प्रभावित हो रहे थे मिल रही है अभी वो आ क्यों नहीं है आप बीच में से स्क्रीन से चले गए थे एक बार रिपीट कर स्क्रीन से चले गए थे आप पहले आसक्ति थी जिसके कारण मिलने वाली इंफॉर्मेशन के आधार पर हम प्रभावित होते थे और अभी हमको जो कि मोक्ष मिल गया है तो अब क्या परिवर्तन ऐसा आया जिसकी वजह से अभी भी वो इंफॉर्मेशन अगर मिल रही है मगर हम प्रभावित नहीं हो रहे हां हो गया आपका क्वेश्चन बोलिए ठीक है सबसे पहली बात तो ऐसा जरूरी नहीं है ऐसा जरूरी नहीं है कि अब प्लीज कट मत करिए ऐसा जरूरी बिल्कुल भी नहीं है कि मोक्ष के बाद ही आपकी सारी आसक्ति छूट जाएगी ये आवश्यक नहीं है आप इस जन्म में जीवित रहकर भी इस शरीर में रहकर भी आप सभी भौतिक आसक्ति

01:32:43:15 हों से दूर रह सकते हो ठीक है क्योंकि आपका य जीवन मिला है तो ओबवियसली भौतिक आसक्ति छूट चुकी है इसलिए मोक्ष मिल रहा है ठीक है तो इसी जन्म में आसक्ति छूटी है इसलिए तो मोक्ष मिल रहा है ठीक है अब इसी जन्म में जब आसक्ति छूट रही है अरे यार फिर से यार अभी मैंने 30 सेकंड भी नहीं बोला यार ये क्या फिर से क्योंकि आप उस बात पर बात कर रहे जो मैंने पूछी नहीं है मैं अभी मोक्ष के बारे में पूछ रहा हूं आप ये मत बताइए ये जो ज्ञान गंगा है प्लीज मत दीजिए कि नहीं यहां पर भी आप छूट सकते हैं ये मैंने आपसे नहीं पूछा है मैंने आपसे क्वेश्चन किया है इमेशन अभी हमको दुख पहुंचा रही है वो मुक्त होने के बाद ऐसा क्या चेंज आएगा कि वो इंफॉर्मेशन हमें दुख नहीं पहुंचाएगी वो क्या है चेंज चेंज इसी जन्म में आ जाता है ठीक है फिर मोक्ष के बाद आ वो क्या है वो क्या कारण है वो चेंज ये है कि जीवात्मा है जो अभी भौतिक आसक्ति में लगी हुई है वो आसक्त नहीं है यही चेंज है सिंपल और क्या चेंज आएगा अरे आसक्त है क्यों यह बताओ क्यों आसक्त है क्यों आ सकते अभी तो क्रिएशन प आ जाएगा पूरा हा बताओ बरारा अच्छा अभी पूरा का पूरा जो देखो अभी है ना विष तरण तो हो गया ठीक है कि क्यों आ

01:33:58:26 नहीं मैं अपने विषय प ही हूं मैं बोल रहा हूं आपको एक आप सिंपल सी एक बात नहीं बता पाए कि क्योंकि जो जीवात्मा है उसको शरीर की इंद्रियों के कारण जो दुख दर्द तकलीफ लग रहे है जो कि है नहीं झूठे हैं वो और आत्मा को जब वो मुक्त होती है तो ये पता लगता है कि ये सब बकवास था ऐसा झूठ तो नहीं है झूठ तो आप नहीं कह सकते इसको हां तो फिर बताइए फिर वो क्या अंतर आ रहा हैप टेंपररी चीज होने में सुनो टपरी चीज बस वो हो जाता है उसको बताया नहीं जा सकता टेंपररी चीजों सुनो जो चीजें टेंपररी होती है वो झूठ नहीं होती जरूरी नहीं कि टेंपररी वो झूठ जब मेरा बेटा आज रो रहा है मेरी बिटिया आज रो रही है मुझे दुख हो रहा है क्योंकि मैं भी अपने शरीर के द्वारा इस भौतिक जगत से जुड़ा हुआ हूं और वो भी जुड़ी हुई है मगर जब मैं मुक्त हो जाऊंगा और मैं उसको रोता हुए देखूंगा तो मैं ये जानू कि बकवास है इसको कोई दुख नहीं हो रहा है वस्तुत तो सब कुछ सही है इसका यह जीवात्मा इसको कोई काट नहीं सकता कोई मार नहीं सकता गलत

01:35:03:15 बोनेरा मेरे पास तो उत्तर य है कि उसको यह पता लग जाएगा कि ये भौतिक जगत से मिलने वाली जो इंफॉर्मेशन है यह झूठ है यह सच नहीं है इसलिए मेरी बेटी जब रो रही होगी मेरा भाई जब रो रहा होगा तो मुझे कष्ट नहीं होगा अब आप बताइए उसको क्या पता लगेगा जिसके कारण उसकी आसक्ति नहीं होगी हा हो गया आपका क्वेश्चन अब सुनोगे हां हो गया हां सुनो पहली बात तो ये कह देना कि मुक्ति के बाद वो ऐसा सोचेगा मुक्ति के बाद वो ऐसा सोचेगा कि अरे ये तो क्या झूठ है अरे मैंने ये नहीं बोला कि दया दया नहीं रहेगी मैंने ये तो बोला ही नहीं आसक्ति नहीं रहेगी मतलब आसक्ति मतलब क्या मैंने अपना ये मैंने अपना उत्तर बताया है आप मुझे बताइए कौन सा परिवर्तन आएगा जिसके कारण मुक्ति के बाद वो अपने नाते रिश्तेदारों को कष्ट में देखकर दुखी नहीं होगा आप अपना उत्तर बताइए प्लीज अरे तो बता अरे तीन बार बता चुका हूं जब आपको दर्द हो रहा हैता क्या बताया जब आपको किसी हा मैंने आपको बताया एक बार रिवाइंड भी कर लेना आपने सुना नहीं कि पता नहीं जब आप मैंने आपको पहले एग्जांपल भी दिया था कि जब मैं किसी गरीब को देखता हूं तो मुझे उससे जो दया आ रही है मुझको उस उसको देखकर मुझे दया आ रही है वो भौतिक लेवल की दया है ठीक है खाना खा लेगा इसको मैं पैसे दे देता हूं तो यह भौतिक लेवल की दया है इससे आत्मा का उद्धार

01:36:19:24 सुनो अभी बिल्कुल नहीं वो उसको जो उसको जो आसक्ति हो रही है उसको जो आसक्ति वाली दया हो रही है उसको भौतिक लेवल की भौतिक मटेरियल अटैचमेंट की बात करते हैं मटेरियल लेवल का जो दया है उसकी बात करते हैं ठीक है मटेरियल लेवल की मर्सी जो है ठीक है तो उसको जो फील हो रही है कि ये इसको मैं ये दे दूंगा तो ये थोड़ा खा लेगा तो थोड़ा इसका पेट भर जाएगा ठीक है तो ये भौतिक उद्धार की बात हो रही है भौतिक उद्धार के लेवल की दया है ये ठीक है लेकिन आध्यात्मिक लेवल की जो दया होती है कि जितने भी जीवात्मा है वो क्या कहते हैं जितने भी जीवात्मा है वो इस संसार में दुख भोग ठीक है इस संसार में दुख भोग रहे हैं तो दया य आती है कि काश व भक्ति कर ले तो इन सारे दुखों से वह छूट जाएगा तो य पर दया उसको पेन नहीं हो रहा उसको बस यह है कि यह भी जीवात्मा है मैं भी जीवात्मा हूं हम सब उस हरि के ही एक शक्ति है उस हरी की हम लोग ठीक उही के दास है प्रभावित नहीं हो रहा है वो प्रभावित नहीं हो रहा है ना मुक्ति के बाद प्रभावित किस तरीके से नहीं हो रहा वो बताओ अरे जैसे भगवान नहीं होते प्रभावित जैसे भगवान नहीं होते प्रभावित के वो जानते हैं कि सब कुछ क्या है क्या नहीं है तो वो जानते हैं उनको दया तो आती है कि ये लोग भक्ति कर ले मेरी तो ये मुक्त हो जाएंगे उनको दया तो है करुणा है मगर भगवान प्रभावित विचलित नहीं होते ऐसे

01:37:35:00 ही वो जो मुक्त हो जाएगा वो भी विचलित नहीं होगा विचलित नहीं होगा ठीक है विचलित नहीं होगा लेकिन किस तरीके देखो विचलित अगर कोई हो भी रहा है तो उसम हम मटेरियल स्पिरिचुअल एंगल ला सकते उसम क्यों नहीं ला सकते तो मैं आपकी बात को मान तो लिया कि वो जो मटेरियल स्टिक जो चीज है वो खत्म हो जाएगी उसकी जो कनेक्शन है मैटेरियलिस्टिक मटेरियल कनेक्शन खत्म हो जाएगा लेकिन जो ऑलरेडी स्पिरिचुअल कनेक्शन एस्टेब्लिश है वो तो रहेगा ना कम से कम कि वो भी छूट जाएगा मैं कहा कह रहा हूं नहीं रहेगा भाई आगे बात करें आपको समझ में आ गया आपको समझ में आ गया कहां आया बात बोल मोल हो ग अब ये जो मेरिस्टिक कनेक्शन आज है ऐसा क्या होगा कि ये कट जाएगा

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01:38:16:08 जब आपकी जब अनर्थ निवृत्ति होगी तो धीरे धीरे कट जाएगा वो क्या चीज होगी इंफॉर्मेशन में क्या चेंज आ जाएगा जो बदल जाएगा इंफॉर्मेशन में एक इंफॉर्मेशन घट जाएगी कि ये मेरा है ऐसे ये इंफॉर्मेशन घट जाएगी मतलब आज जो हमें महसूस हो रहा है कि मेरा है ये गलत इंफॉर्मेशन है हां ये इंफॉर्मेशन गलत है लेकिन आप एक्सपीरियंस जो कर रहे हो वो रियल है मतलब झूठी है ये झूठ अरे यार देखो पता है मैं आपको बता मुझे पता है कि आप वर्ड्स को कैसे ये करने वाले हो झूठ नहीं है सत्य है एसिस्टिंग है अभी आपने बोला गलत है अभी आपने बोला गलत है गलत होने में गलत होने में और एसिस्टिंग जैसे कि कोई चोर है तो चोर है वो चोरी कर रहा है तो गलत है चोरी कर रहा है गलत है ठीक

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01:39:00:26 है भावना की बात कर रहा हूं भाई साहब भावना आपको एक इंफॉर्मेशन आ रही है कि मेरे बेटे को कष्ट हो रहा है मेरी भाई को कष्ट हो रहा है तो आपको आपने कहा कि उसको यह पता लग जाएगा कि ये मेरा नहीं है तो

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01:39:17:20 ये जो मेरा होने की भावना अभी आपको आ रही है वो गलत आ रही है ना वो नहीं है ना वो सही नहीं है ना ये झूठ है ना कि वो मेरा है झूठ नहीं है एक सेकंड एक सेकंड अभी मैं बोलू अब मैं बोल लू बोलो ठीक है अब जैसे कि फॉर एग्जांपल मुझको ये भावना आ रही है किय जो माता है यह मेरी है ठीक है यह भावना है मेरे अंदर किय मेरी मां है मुझे जन्म दिया ठीक है तो मैंर चाहूं अगर मैं चाहूं तो उस प्रेम को मैं स्पिरिचुलाइज्ड

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01:39:53:20 लेवल का है वो प्रेम ठीक है तो उसी प्रकार से जो जब व्यक्ति की भौतिक लेवल की आसक्ति छूटती है तो आध्यात्मिक लेवल पर तो उसको मैं मा मानूंगा ना हमारे इसम तो य सभी स्त्रिया माता है भो मैं ये कह रहा

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01:40:07:22 हूं आप मानिए आध्यात्मिक ये जो मैटेरियलिस्टिक मां मान रहे हैं यह झूठ है कि नहीं है यह सत्य है कि झूठ है यह भावना जो आ रही है मेरी मां है मैटेरियलिस्टिक स्पिरिचुअल मा नहीं मैटेरियलिस्टिक मा जो आप मान रहे हैं जो उससे जुड़े हुए हैं यह झूठ है कि सत्य है यह बताइए झूठ झूठ नहीं कह सकते य झूठ मतलब वो एस्टिंग झूठ मतलब क्या एस्टिंग नहीं आप उसकी बात कर भावना भावना वो भावना रियल है की फील हो रही है लेकिन व भावना एक्चुअली अटैचमेंट के कारण फील हो रही है तो मैं वही तो कह रहा हूं कि आपको ऐसा क्या पता लगेगा कि व अटैचमेंट नहीं है व आपको क्या पता लगेगा य मेरी मां नहीं है ऐसा क्या होगा जिसके कारण जो आपको आज अपनी मां महसूस हो रही है बा बार बोला ऐसा क्या होगा कि आपको फील होगा कि वो आपकी रियल बायोलॉजिकल मा नहीं है आपको मैंने कहा अनर्थ निवृति जो आपकी जो अनर्थ है आपके अंदर जो आपकी भोग आसक्ति है ठीक है जो वो कम होते जाएगी कम होते जाएगी धीरे धीरे तो अपने रि ये भावना एजिस्ट करेगी बस आप इस भावना से डिस्कनेक्ट हो जाएंगे एटली तो झूठ थोड़ी ना हो जाएगा आप क झूठ है ठीक है अब मैं प्रश्न को और बढ़ाता हूं आगे इस भावना से मैं जुड़ा हुआ हूं यह झूठ है कि सत्य है

01:41:25:07 मतलब यह जो भावना है कि यह भावना सही मान रहा हूं मैं आज कल को यही भावना एजिस्ट करेगी मगर मैं अपने आपको को यह बताऊंगा कि वो भावना झूठी थी यही तो है इसका आपने कहा सुनो भावना झूठी नहीं हो सकती भावना गलत हो सकती है

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01:41:42:06 भावना झूठी नहीं हो सकती भावना गलत हो सकती है बिल्कुल झूठ और गलत में बहुत अंतर है यानी कि मेरा एक मिनट रुक जा मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट दो मिनट यार लेट मी फिनिश लेट मी फिनिश ओके फाइन गो फ हा तो क्या है

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01:42:03:09 आपने कहा भावना झूठी नहीं हो सकती गलत हो सकती है गलत की परिभाषा क्या है गलत की परिभाषा यह है ठीक है जो आप कोई सही कार्य नहीं करते ठीक है कार्य करना नहीं चाहिए ऐसा कार्य आपको करना नहीं चाहिए वो सत कर्म नहीं है वो अच्छे कार्य नहीं है ठीक है तो वो वो हो जाता है गलत यानी मैं जोय भावना मेरे अंदर आ रही है कि मैं उसको ऐसा समझू ऐसा समझ रहा हूं वो मेरी मां है तो यह नहीं आनी चाहिए ऐसा नहीं कि नहीं आनी चाहिए उसको स्पिच कर देना चाहिए खत्म हां

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01:42:52:03 स्पिरिचुलाइज्ड वास्तविक वस्तु तो यही सच्चाई है ना कि नहीं जुड़ा हुआ हूं जुड़ा हुआ हूं य तो स ये तो सच्चाई है ये तो छोड़ कैसे सकते सत्य को क्या इस सत्य को हम छोड़ कैसे सकते हैं जब ये सच्चाई है देखो सत्य के अलग मीनिंग नहीं है ना कि वो मेरी मां है शाश्वत सत्य का अर्थ क्या समझते हो आप मैं अपना प्रश्न क्लियर कर दूं नहीं तो हमारा जो है दूसरी ओर चला जाएगा दोबारा मैं दोबारा से क्लियर कर देता हूं क्वे आपका क्वेश्चन तो ठीक से पूछो हां तो मैं इसीलिए पूछ रहा हूं क्लियर इसीलिए पूछ रहा हूं दोबारा आपने कहा कि जो मेरे को यह लग रहा है कि वो मेरी मां है वो लगना मुझे बंद हो जाएगा क्योंकि मुझे यह पता चल जाएगा कि यह जो मुझे लग रहा था यह लग रहा था यह गलत था य नहीं लगना चाहिए था हां तो जब मुझे जो चीज लग रही है और वो जब मैं यह कह रहा हूं कि नहीं लगना चाहिए यानी कि उसकी प्र उसको नहीं मान रहा हूं ना वहां पे जब मुझे ये फीलिंग नहीं रहेगी जब मेरे अंदर कि ये मेरी भौतिक लेवल की मां है जब ये फीलिंग मेरे अंदर से चली जाएगी तो मुझे तो अपने आप बोध हो जाएगा ना कि वो फीलिंग अभी एजिस्ट

01:44:07:14 नहीं करती यानी कि बोध हो जाएगा यानी कि आपको कुछ ऐसा पता लगा जो पहले आपको नहीं पता था हां बिल्कुल हो सकता है या हो सकता है इसका मतलब अभी जो आपको इसका मतलब अभी जो आपको पता है वो गलत है ना अभ मुझे आपने मुझे कट किया है पूरा मुझे प्लीज पूरा सामने वाले को बोलने का मौका दिया करि यार मैं बोलने देता हूं भाई बोलने बो भाई सीरियसली सीरियसली तो हा ठीक है तो ऐसा भी हो सकता है कि आपको क्योंकि साधना करता है व्यक्ति तो ऐसा नहीं कि एक दिन में वो उसका हो जाए हो सकता है कि वो एक कंट्रोल लेवल पर आके फिर से भी गिर सकता है फिर से अटैचमेंट में भी आ सकता है ये चांसेस है ठीक है तो ऐसा भी हो सकता है उसने कुछ एक्सपीरियंस कर कि हा भाई आसक्ति तो जा रही है ठीक है फिर वापस से आसक्ति आ भी जाती है ठीक है और मैं एक और बात बोलूंगा य ये यहां प ना शो करना बंद करिए डिस्टर्ब हो रहा है इससे बारबार ये जो आपने कमेंट्स बारबार पिन कर रहे हैं नेगेटिव कमेंट्स उसको हटा दीजिए भाई कमेंट क्या बोला है इन्होंने जो भी है ना भाई भाई बहुत कुछ बोला है भाई ये ना बहुत बकवास काम कर रहे हो आप बहुत गलत काम आप गंदे गंदे कमेंट्स कर रहे हो भाई ये बहुत फ भाई ये बहुत गलत बात आपकी बात मान ली है मैंने आपकी बात मान ली है मैं बोल

01:45:22:15 रहा हूं अगर आप मेरे चैनल पर आते ना मैं ऐसी फालतू गिरी नहीं करता आपके साथ ये बहुत गलत काम है आप किसी को बुला रहे देखिए वो कमेंट ह आप अपनी नहीं है ये प्रोफेशनल एटीट्यूड नहीं प्रोफेशनल छोड़ो एक इंसानियत के नाते तो मत करो य हरकत कम से कम आप अपनी बात बोले फिर से मत करिए और ये सब भाई बहुत गलत चीज है भाई य सच में यार क्या प्रभु क्या बोलू इसको प्रभु बो तो ठीक है ठीक है जो भी डिस्टरबेंस हुआ है छोड़ दो आपका क्वेश्चन क्या है मैं एक बार फिर से रिकॉल कर लेता हूं कि आपका क्वेश्चन यह है कि जो भावना जो उसको फील हो रही है वो झूठ है वो झूठ वो जो भावना है वो झूठ नहीं है वो भावना जो है वो एक्सपीरियंस कर रहा है तो ये सत्य है कि हां ये एक्सपीरियंस कर रहा है ठीक इट्स रियल रियल मीन सत्य ठीक है सत्य के भी दो डेफिनेशन हो सकता है कि जो कभी चेंज ना हो वो सत्य होता है ऐसा भी हो सकता है लेकिन कुछ टेंपररी चीजें होती है वो भी सत्य है ठीक है जैसे कि कोई व्यक्ति है वो अनमैरिड है ठीक है कोई व्यक्ति है वो अनमैरिड है तो ये सत्य है कि हां वो अनमैरिड है ठीक है लेकिन जब वो शादी कर लेगा तो शादीशुदा हो जाएगा तो वहां प सत्य चेंज हो गया यहां पे ठीक है इस

01:46:37:19 तरीके से क्योंकि मटेरियल वर्ल्ड में सत्य बारबार चेंज हो रहता है ठीक है लेकिन जो लेकिन जो प्रेम होता है ठीक है जो प्रेम होता है वो कभी भी चेंज नहीं होता आसक्ति छूट सकती है हो सकता है कि मैं मेरी मां के प्रति इतना प्रेम में आ जाऊं जब मैं उनको एज अ सोल रिलाइज करू कि हां व वो जो माता है वो इतना मुझको प्रेम करती है तो मैं उनको एस सोल केस में इमेजिन करता कि हा यह जो संबंध है मां और पुत्र का वो आध्यात्मिक हो जाएगा ठीक है और ऐसे कई उदाहरण है हमारे स्कन टेंपल में कि जो माता पिता है वो जो पुत्र प्राप्ति करते वो यही इंटेंशन रखते हैं कि ये जो बच्चा मुझे भगवान ने दिया है इसको मैं भगवत धाम पहुंचाओ यह मेरी जिम्मेदारी है ठीक है अगर मैं ये नहीं करता तो ये पाप हो ब बा मैं सच बता रहा हूं आप जो है ना विषय से हटके बहुत बहुत व्याख्या कर रहे हैं बहुत व्याख्या कर रहे हैं आप वो पॉइंट बता ही नहीं पा रहे मैं अपना और सिंपल कर देता हूं क्वेश्चन मेरे शरीर को आज चोट लग रही है मुझे अपने शरीर को सत्य मान रहा हूं मैं आज तो बाद में क्या मुझे क्या वास्तविकता में मेरा शरीर सत्य है यह मेरा शरीर है यह अभी के लिए तो आपका शरीर है क्योंकि आप जो एक्सपीरियंस कर

01:47:46:25 रहे वहा के लिए भीय मेरा शरीर है इसे अपना शरीर मानना सही होगा मोक्ष जाएगा तो वो शरीर नहीं रहेगा आपका वो तो यानी कि ये जो मैं मान रहा हूं कि ये मेरा शरीर है ये गलत मान रहा हूं ना हां गलत ही तो मान रहे हो लेकिन आप मान रहे हो ये भी लेकिन आप मान रहे हो अरे आप उस चीज को मान रहे हो ये तो रियलिटी है ना मेरे भाई अगर आप नहीं मान रहे अगर आप अपने आप को शिवांश द्विवेदी नहीं मानते तो आप अपना नाम क्यों रखते शिवांश द्विवेदी अरे तो इसका मतलब जो शरीर के द्वारा प्राप्त होने वाले मैसेजेस हैं जिनके कारण मैं दुखी होता हूं प्रभावित होता हूं इसका मतलब कि ये सारे मैसेजेस झूठ है ना और इस झूठ को खत्म करना ही अपनी लाइफ से यही मोक्ष है अरे भाई झूठ कैसे बोल सकते हैं हम उसको गलत बोल सकते हैं ना झूठ कैसे बोल झूठ मतलब जो एसिस्ट ही नहीं करता फल्स फल्स स्टेटमेंट अरे मैं किसी शरीर िक देना सुनो ऐसा लज देना आसमान से ते सुनो एक सेकंड नहीं आसमान से भाई मैंने ना आसमान में देखा फूल उग रहे हैं ठीक है ऐसा किसीने जाके झूठ बोल दिया तो चीज एजिस्ट नहीं कर रही है ठीक है वो चीज एजिस्ट नहीं कर रही है व पर उस समय पर ऐसी कोई चीज रियलिटी में हो सता हम कोई दूसरी रिलिटी देखे तो कपलीट

01:49:01:25 डिफरेंट हो सकता है दूसरा यूनिवर्स उसके ऊपर मैं नहीं आऊंगा जनरल जनरली बोल रहा बात कनागा उ के लिए अरे मत कट करते जाओ याना मिनट से बोल रहे थे अभी अगर कुछ बोलना चा रहा तो कट मत करो मिनट तो कैसे भी नहीं हुआ है 10 मिनट तो कैसे भी नहीं अभी अभी मेरी बात सुनिए आप जो चेतना की बात मैं कर रहा हूं कि चेतना ऐसी हो रही है तो आप उसके लिए उदाहरण दे रहे हैं मटेरियल चीजों का मैंने आपको ये पूछा कि ये जो भावना जो मुझे अपनी लग रही है वो मेरी मां है वो जो भावना है वो सत्य भावना है असत्य भावना है वो मेरी मां है कि नहीं है वास्तविकता में वो आपकी सुनो सुनो वास्तविकता में और क्या हम फील करते उस दोनों में डिफरेंस होता है पहली तो मैं कहां कह रहा हूं कि आप मुझे फील बताओ मैं कह रहा हूं आप मुझे वास्तविकता बताओ हां तो बता तो रहा हूं कि वो जो उसकी अगर बायोलॉजिकली अगर हम बात करें तो बायोलॉजिकली उसकी वो मां है बायोलॉजिकली नहीं वो जो मैं समझ रहा हूं कि वो मेरी मां है मैं उसके दुख दर्द तकलीफ से कनेक्ट हो रहा हूं क्या ये सही इंफॉर्मेशन है सही समझ रहा हूं या वास्तविकता कुछ और है आप समझ तो जो इंफॉर्मेशन आपको आपका

01:50:16:25 ब्रेन दे रहा है आपका माइंड सॉरी माइंड आपका माइंड जो आपको इंफॉर्मेशन दे रहा है कि यह मेरी मां है जो थॉट थॉट माइंड में आते हैं पहली बात मैं आपको मैटेरियलिस्टिक वास्तविकता नहीं पूछ रहा हूं अंततोगत्वा वाली वास्तविकता पूछ रहा हूं सही है कि गलत है गलत है अगर अगर आध्यात्म की बात करेंगे तो हां ये बात गलत है कि ये मेरी

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01:50:35:27 मां है वो चीज ये नहीं है कि मां समझना है ये झूठ हुआ ना क्या हु झूठ नहीं गलत हुआ यार झूठ नहीं होता गलत होता है

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01:50:45:12 मैं मा मैं मां के एक्जिस्टेंस प नहीं बात कर रहा हूं उसको मां समझने प बात कर रहा हूं मा के प्रकृति के मैं मां के एसिस्टेंसिया हूं मां दुनिया में है कि नहीं है वो मैटर नहीं है वो मेरी मां है वो मेरी मां है ये जो भावना अभी मेरे है ये झूठी है ना वो मेरी मां नहीं है ना जो भावना आपको आ रही है आप उदाहरण में ये कहते हैं कि इसका मतलब ये नहीं कि मां है ही नहीं मां है वो जो वो जो चित्र है वो जो वो जो चित्र है शरीर है वो दुनिया में है मगर वो मेरे से कनेक्टेड है मगर वो मेरे से कनेक्टेड है ये भावना जो है ये झूठी भावना है कि नहीं ये बताइए अच्छा भावना आप भावना की बात कर रहे हैं भावना मींस क्या जो एक्सपीरियंस कर रहा है उसकी बात कर रहे हो आप आपके पास जो चेतना पहुंच रही है इंफॉर्मेशन पहुंच रही है ये झूठी इंफॉर्मेशन है कि नहीं

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01:51:43:22 झूठी इंफॉर्मेशन कैसे हो गई ये तो आप रियल रियलिटी में उसको एक्सपीरिंस कर वो आपकी मां है भावना जो आप फल कर बताइए वो मेरी मां है मां आत्मा की मां नहीं है लेकिन आप जो फील कर रहे हो वो रियल है

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01:52:00:12 मगर अंत तो अच्छा मेरी मेरी सच्चाई क्या है वास्तविकता मैं कौन हूं आत्मा हूं कि नहीं जीव स्वरूप हो कृष्ण और नित्य दास आत्मा हू कि नहीं जीवात्मा हो आप कहा तो सही जीव स्वरूप कृष्ण नित्य दस आपने क्वेश्चन पूछा मैं कौन आत्मा तो वास्तविकता मेरी आत्मा है आज मैं यह समझ रहा हूं कि वो मेरी मां है तो य झूठी इंफॉर्मेशन हुई झूठी मी कैसे ूठी मस्ट होसे मेरी मा नहीं है मैं गलत समझ रहा हूं सिंपल गलत समझ रहेने मना किया गलत सम होमा आत्मा की दृष्टि से मैं गलत समझ रहा हूं जैसे

01:52:49:02 की मिनट एक मिनट नैनम चिंद सण नैनम दहति पाव ना चन क्लेंप ना शति मारता मेरी वास्तविकता य है मेरी वास्तविकता ये है कि देही नित्यम देह में रहने वाला जो वो है वो शाश्वत है उसको ना काटा जा सकता है ना मारा जा सकता है कुछ नहीं है अभी कोई मुझे मारने आ रहा है तो मारने के कारण वो जो मारने आ रहा है मैं उसके एक्जिस्टेंस को मना नहीं कर रहा हूं कि वो है ही नहीं मगर उसके कारण एक मिनट लेट मी फिनिश उससे जो ने वाली इमेशन मुझे मिल रही है मैं डर रहा हूं प्रभावित हो रहा हूं ये इंफॉर्मेशन गलत है झूठ है वास्त में मुझे कोई नहीं मार सकता नहीं नहीं नहीं आप जो एक्सपीरियंस एक्सपीरियंस कर रहे एक्सपीरियंस कौन कर रहा है वो बताओ वो गलत एक्सपीरियंस है ना झूठा है माया है वो मैंने क्या क्वेश्चन पूछा एक्सपीरियंस कौन कर रहा है वो बताओ आत्मा आत्मा एक्सपीरियंस कर रही है मतलब आत्मा एक्सपीरियंस करती है ये बात सत्य हा तो इसका मतलब सत्य है अब ये बताओ अब ये बताओ आप वीडियो गेम खेलते हो

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01:53:58:27 क्या आप वीडियो गेम खेला है कभी आपने हां बचपन में खेला है फिल्में देखी है आपने कभी हां तो उसमें जब अच्छा होता है तो हमको अच्छा फील होता है कि नहीं हां अगर कुछ बुरा होता है इमोशन आते हैं तो हम इमोशन होते हैं कि नहीं हां आत्मा एक्सपीरियंस करती है उन सारे इमोशंस को तो वास्तविकता में व जो वीडियो गेम में हो रहा होता है व सब कुछ सच होता है नहीं झूठ होता है वीडियो गेम में

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01:54:32:18 और इस रियलिटी में बत अभी हम आगे चलेंगे इसको आ चकोर कर अगर हम एक्सपीरियंस कर रहे हैं तो वो सच है कि झूठ है अभी इसको बाद में आगे करेंगे अभी मैं पूछ रहा हूं वीडियो गेम के अंदर की जो दुनिया है वो एजिस्ट करती है कि नहीं करती है वीडियो गेम की दुनिया एजिस्ट नहीं करती नहीं करती मगर आपको तो एक्सपीरियंस हो रहा है किसको एक्सपीरियंस हो रहा है वो एक्सपीरियंस अलग है और मैं सं हम लोग आगे चलेंगे अभी हम लोग आगे चलेंगे आगे चलेंगे अभी पहले वीडियो गेम के ऊपर बात कर ले आपको एक्सपीरियंस हो रहा है हा हो रहा है तो इसका मतलब अगर एक्सपीरियंस हो रहा है तो वो सही है वो रियल है आपको बताता आपने सिद्धांत ये दिया था मैं क्लियर कर दूं कि अगर आत्मा को एक्सपीरियंस हो रहा है तो वो चीज झूठी नहीं है और जब वो चीज झूठी नहीं है तो इसका मतलब जिसके द्वारा वो एक्सपीरियंस हो रहा है वो रियल है अब आप कह रहे हो वीडियो गेम की दुनिया जो है अनय है और जो हमको एक्सपीरियंस हो रहा है वहां पर वो भी गलत है झूठा है अब बताइए मैं य बोला नहीं नहीं ऐसा नहीं है अब जब मैं आपको बताता हूं जैसे जो जब मैं वीडियो गेम खेल रहा हूं फॉर एग्जांपल तो उसम या कोई मूवी देख रहा हूं लेट्स टेक एन एग्जांपल मूवी मूवी का एग्जांपल ज्यादा बेटर रहेगा ठीक है तो उसम एक्टर है

01:55:47:28 एक रोमांटिक सीन चल रहा है दोनों गले लगा रहे एक दूसरे को तो जो गले लगा रहे तो ऐसे हां कितने अच्छे कपल है तो आपको देख के अच्छा लगेगा वो एक्चुअली में कपल नहीं है वो वहा प नाटक कर रहे है वहा प ठीक है कह रहा हूं वो माया है वही तो मैं कह रहा हूं वो माया है अभी आपने ठीक है बोला है अभी आपने ठीक है बोला है तब बोल रहा ह बोलेंगे तो मैं बोलूंगा आगे सुनो आगे सुनो आगे सुनो अभी कट मत कर एक्सपीरियंस कर रहा है ठीक है वो जो एक्सपीरियंस कर रहा है उस चीज को देख के उस चीज को देख के जो एक्सपीरियंस कर रहा है कि मुझे खुशी मिल रही है उस चीज को देखकर कुछ अच्छी चीज हो रही है ठीक है तो व एक्सपी रियल है सिंपल सी बात वो चल जो रहा है जो चल रहा है वो सुनो जो चल रहा है एक एक्सपीरियंस है रियल है बकल एक्सपी जो रियल हैब एक्सपीरियंस रियल है जब एक्सपीरियंस रियल है तो य बाद में कहां चले जाते हैं जो चीज अस्तित्व में है मेरे अंदर

01:56:54:20 तोय चली जाएगी फिर जो मैं मुक्त हो जाऊंगा इनसे हा तो चली जाएगी जैसे कीमा हैर ये भावना कहां है अरे आपको बता रहा हूं सुन लो सामने बात तो सुनलो बोलिए बोलिए उस एक्सस किया है उस एक्सपीरियंस किया है फिर भाई फालतू कर दिया आपने फर फ कर अरे भाई आपने पढ़ लिया क्या लिखा था पढ़ लिया आपने क्या लिखा मना जब आप उससे प्रभावित हो जाए इससे पहले की कुछ होता मैंने उसको हटाया ना तो तो लाया क्यों फिर पहले कोई टेक्निकल गलती अगर हो भी गई उसको तुरंत हटा दिया गया ना इसको टेक्निकल गलती नहीं बोलते एक चीज बारबार इसको टेक्निकल गलती नहीं बोलते कितनी बार हो गई अभी तक बताइए बहुत बार आ आही च कितनी बार कितनी ब आधे से ज्यादा लाइव अरे भाई मैं कह रहा हूं बहुत बार हुई यानी आपने अंदाजा होगा 100 बार हुई 200 बार हुई 50 बार हुई कितनी बार हुई काउंट कर दे रहा हूं क्या हर एक चीज नहीं काउंट मत करिए अंदाजे से बताइए 20 बार हो गई 25 बार हो गई मैंने आपको क्या बोला जब से लाइव चल रही है तब से हो मैंने अपनी ओर से प्रयास कर लिया है कि ये चीज आपको परेशान नहीं

01:58:09:24 करेगी उसके लिए मैंने बोला भी अगर वो आ गई स्क्रीन प अगर वो स्क्रीन प आ गई तो जिससे पहले आपको कोई कष्ट होता उसको हटा दिया गया मगर फिर भी अब आप उसको तूल बना रहे हैं तो मुझे आप अपने जो भी आपके मॉडरेटर है उनको बोलो की गलती से भी ना होय चीज मैंने बोल दिया है अगर गलती से होगा तो उसको हटाया जाएगा यथा संभव ठीक है गलती इसको गलती नहीं बोलते इसको ऑन परपस करना बोलते हैं ये सनातन सिद्धांत है अगर आपकी बात मुझे माननी होगी तो आप मुझे शास्त्रम तस्मा शास्त्रम प्रमाणम का वो देंगे किस चीज का यही इसको गलती नहीं बोलते य जो टेक्निक गली बारबार हो रहा है शास्त्र प्रमाण क्यों दू शास्त्र प्रमाण क्यों द अभी आपसे बात कर रहा हू इसीलिए कह रहा हूं मेरे भाई मैंने वो हटा लिया अब आगे विषय पे आओ इसीलिए कह रहा हूं मैं आपको बोल रहा हूं अपने मैंने बस इना बोला मैं यही नहीं मान लूंगा मेरे नजरिए से वो गलती से हुआ उसको हमने हटा लिया आपने ठीक है क्यों बोला था एक मिनट आपने अभी ठीक है क्यों बोला था आपने ठीक है क्यों बोला था मेरी मर्जी है आपने ठीक है क्यों बोला था बताइए क्योंकि क्योंकि मेरी हैबिट है वो आपको पहले बोला वो हैबिट है जैसे आपकी ब ने की हैबिट है शराब होगी तो क्या उसको शराब पीने दिया

01:59:24:28 जाए किसी की चाकू मारने कीट है तो चाकू मने दिया जाए मैंने य नहीं बोला किरी आपके मुह से जो ठीक है निकला था भाई देखो आपको बात बताता हूं अगर मैं ठीक ठीक करके बात करे बात मत बताए प्लीज आप पर आ जा प्लीज मुझे कोई बात नहीं सुननी दस जी आप विषय पर आ जाइए कृपा करके आप बार-बार बीच में टोकना बंद करिए

01:59:57:01 बस आप बीच में टोकना बंद कर आपने हां लोगों को परेशानी हो रही है परेशानी तो होगी आपके कमरे

02:00:07:15 में और भी कई लोग हैं क्या कहां पर है आपको देखना है देख दिखा द एक बार ब लोग एक बार लोगों को दिखा दीजिए यहां पे कैमरा कसे कैमरा फ्लिप कैसे होता हैम अच्छा चलिए हटाइए छोड़ नेरा स्टूडियो य कोई नहीं य ठीक है य बुक है आपके पॉइंट लिखने के लिए ठीक है ठीक है ठीक बहुत अच्छी बात अब आप य बताइए बताइ एक सेकंड

02:00:50:01 ला प्रभु पेन लाना पेन ठीक है कोई बात नहीं अब आप य बताइए कि वीडियो आपने कहा कि अगर वह मुझे फील हो रहा है तो वो रियल है अगर वीडियो गेम की दुनिया से मुझे ऐसा लग रहा है कि हाय मैं मरा हाय मैं गिरा इमोशन हो रहा हूं तो इसका मतलब वीडियो गेम की दुनिया रियल है वीडियो गेम की दुनिया रियल नहीं है तो

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02:01:19:04 इसका मतलब यह नहीं माना जा सकता कि फील होने के आधार एक्सपीरियंस होने के आधार पर मान लिया जाए कि वो जो एक्सपीरियंस है वो रियल लेकिन वीडियो गेम सामने चल रहा है वीडियो गेम तो सामने चल रहा है ना वो तो फैक्ट है ना जो मेरे अंदर यह भावना आ रही थी कि रियल है वो भावना गलत थी मेरे अंदर जो भावना अर भावना आ रही थी मैं मरा गिर रहा मुझे सुनो मैं आपको बताता हूं देखो वीडियो गेम का एग्जांपल यहां पर लेना ठीक नहीं रहेगा ये थोड़ा मुझे एपल उत्तर नहीं देंगे आप नहीं नहीं उत्तर दूंगा मैं बोल रहा आपका एग्जांपल थोड़ा सा गलत है मैं आपके अरे उत्तर तो दे रहा हूं ना यार आप सुनते कम हो आप बोलते ज्यादा हो ऐसा है आपका उत्तर दे कि जो वीडियो गेम का एग्जांपल है थोड़ा आपने मूवी का एग्जांपल दिया उसको सुनो मूवी का जो एग्जांपल दिया आपने वो एक तरीके से हम बो

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02:02:08:07 कि मूवी में जो एक्टर्स है वो सच में वो चीज कर रहे हैं ठीक है वो सच में वो चीज कर रहे हैं जिसको देखकर मुझे अच्छा लग रहा है हो सकता है कि एक्टिंग कर रहे हो हो सकता है झूठ हो झूठ मींस उनका जो उनका जो फीलिंग है

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02:02:18:20 उनकी एक दूसरे के प्र उनको रियल समझना ये भावना रियल है मेरे माइंड के अंदर या झूठ है उनको रियल समझना यह भावना मेरे माइंड के अंदर झूठ है या सच है अगर सच है अगर सच है अगर सच है अगर सच है तो वो मेरे माइंड से कहां चली जाएगी जब मैं वीडियो गेम बंद कर दूंगा तब हा हो गया आपका क्वेश्चन क्वेश्चन हो गया आपका आपके पॉइंट भी लिख लेता हूं हो गया आपका पॉइंट जी जी जी आप कंटिन्यू करिए हां तो मैं ये कह रहा हूं कि जो इमोशन मुझे फील हो रहे है वो रियल है डेफिनेटली रियल रियल मींस एक्जिस्टिंग रियल मींस वो जो चीज एजिस्ट कर रही है वो जो एक्सपीरियंस मैं कर रहा हूं वीडियो गेम हो कोई मूवी मैं देख रहा हूं कोई भी कैसे भी मूवी देख रहा हूं तो जो मुझे इमोशन है वो रियल है क्यों क्योंकि मैं क्योंकि मैं ऐसी चीज को देख रहा हूं ऐसे ऑब्जेक्ट को देख रहा हूं जो बिल्कुल मेरी तरह है वो हिल रहे हैं डुल रहे है मेरी तरह फील कर रहे हैं ऐसा मुझे लग रहा है कि हो

02:03:19:27 सकता है कि अंदर वो फील ना कर रहे हो रियल लाइफ में भी हो सकता है कि किसी की पत्नी उसको प्यार ना करती हो पति को वो हो सकता है दिखा रही है ठीक है तो उसको उसको उस उसका जो रिलाइजेशन है ठीक है कि उसको ऐसा लग रहा है उसको ऐसा लग रहा है कि हा यह पत्नी प्रेम करती है ठीक है वो इमोशन हो सकता है रियल है हैली रियल है व ठीक है लेकिन पत्नी प्रेम कर रही है यह चीज रियल नहीं एक्टिंग है ठीक है ठीक है तो अभी जो मुझे एक्सपीरियंस हो रहा यह तो रियल था मगर जिस कारण से एक्सपीरियंस हो रहा था

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02:03:55:00 वो बंद हो जाती है वो कौन सी इंफॉर्मेशन है जिससे व बंद हो जाती है आप जनरली जनरल की बात कर रहे वीडियो गेम वाली बात कर रहा हू वीडियो

02:04:31:25 गेम में उसको लग रहा है मैं मरने वाला हूं गड्ढे में गिरने वाला हूं या हीरो से अगर व कनेक्ट है हीरो को दुख हो रहा है फिल्म के तो उसको लगता है कि अरे यार इसके साथ गलत हुआ मगर कौन सी इंफॉर्मेशन ऐसी होती है जिसके कारण वो सस्टेंड कर पाता है व तब भी नॉर्मल रह पाता है विचलित नहीं होता है कौन सी हा जब उसको ये पता चलता है कि जो सामने दिखाया गया था ये सि एक्टिंग था हा ये झूठ था जो दिखाया गया स समझ रहा था बसरा मेरा य तक हो गया दिखाया गया था जो दिखाया गया था वो प्रॉपर एक्शन थे सुनो जो दिखाया गया था वो रियल एक्शन थे रियल एक्शन थे भावना झूठी थी एक्टिंग था समझ रहे हो अभी

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02:05:20:08 आप कह रहे हो भावना सही वो कारण झूठ है अब आप कह रहे हो भावना भावना झूठी है कारण सही है नहीं मैं वो चीज नहीं कह रहा मेरे भाई मैं आपको य क रहा क्या क मे भाई जो सामने सुनो सुनो जो एक्सपीरियंस कर रहा है जो व्यक्ति उसको ऐसा लग रहा है कि एक दूसरे से प्रेम करते हैं व ऐसा सोच रहा है कि एक दूसरे से प्रेम करते हैं तो उनका प्रेम देख के मुझे खुशी मिल रही है मेरे अंदर मुझ खुशी फील हो रही है तो उन प्रेम

02:05:51:28 है सुनो जो प्रेम है वो एजिस्ट नहीं करता क्योंकि वो एक्टिंग है लेकिन जो एक्टिंग है वो तो रियल है ना कि हां भाई एक्टिंग हो रही है एक्टिंग की बात नहीं कह रहा हूं मैं उनके बीच में जो मैं प्रेम मान रहा हूं यह रियल है क्या अगर मैं उनके उनके बीच में जो प्रेम हो रहा है जो मैं मान रहा हूं कि प्रेम हो रहा है तो मैं जो मान रहा हूं ये एसिस्टिंग है रियल है ठीक है लेकिन उनमें जो प्रेम है वो रियल नहीं है यानी कि वो जिसको मैं प्रेम समझ रहा हूं वो रियल नहीं है हां तरीके से कह सकते हैं वो झूठ है झूठ मतलब एक तरीके से एक तरीके से झूठ बोल एक तरीके से बोल सकते हैं झूठ है ही होता है ऐसे ही फसते हैं जब

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02:06:34:09 माया के माया माया माया को मना कर देते हैं तो ऐसे ही फसते हैं एक तरीका आम स्पिरिचुअल दया स्पिरिचुअल प्रेम एक तरीका यही होता है चलिए अब दूसरी बात करते हैं वो दर्शको को मिल गया होगा अभी क्लेम किया है नहीं नहीं बताइए चलिए बोलिए फसते हो जब आप फसते सुनो सुनो जैसे आप फसते जैसे आप फस जाते हो आप बोलते हो चलो दूसरी बात करते चलो दूसरी बात करते अरे फ फलिए मुझ मन तरीके से रियल का क्या मतलब है एक तरीके से झूठ का क्या मतलब है बताइए हा अब मैं आपको बताता हूं कि जैसे की फर एपल शब्द आता मिथ्या जो आप साबित करना चाह बक ठीक है मिथ्या मिथ्या शब्द मुझे पता है कि आप अ है आप मायावा संप्रदाय से है मैं सब जानता हूं और आप आपका इंटेंशन क्या है वो भी मैं जानता हूं फिर निर्णायक हो रहे आप मुझे य पर मायावादी नहीं कए नहीं तो मैं लाइव स्ट्रीम बंद कर दूंगा आप फिर निर्णायक हो रहे हैं हमारी उस बारे में चर्चा हुई है वो लोगों ने देखा है लोग डिसाइड करेंगे आप मायावादी अगर कहेंगे ये यही पर स्टॉप कर दूंगा ठीक है अच्छा अच्छा ठीक है ठीक हैय देंगे निर्णय देंगे तो स्टॉप करूंगा चलिए बताइए ठी

02:07:49:12 ठीक चलो कोई बात नहीं कोई बात नहीं तो आप बोल सीधा-सीधा की मिथ्या शब्द की बात कर रहे बोलिए बोलिए आप बोलिए अपना बात बोलिए अपनी बात बोलिए क्या आप यहां पर झूठ का मिथ्या शब्द किसे ले रहे हैं क्या कह रहे करना चाह रहे हैं आप यहां पर जो चीज स्थापित करना चाह रहे हैं ठीक है तो क्या आपका इसका करना मैं अपनी स्थापित क्या करना चाह रहा हूं वो मैं बता देता हूं उसको मिथ्या कहो कुछ भी कहो क्योंकि मिथ्या का भी वि बहुत है मिथ्या का भी विस्तार बहुत है मैं स्थापित क्या करना चाहता हूं सुनिए कि वो जो ये समझ रहा था कि वो मेरी मां है यह सारी जो भौतिक इंफॉर्मेशन मुझे पता चल रही थी यह सब झूठ था अल में ये माया था जो कि एजिस्ट ही नहीं कर रहा था ये सारी इंफॉर्मेशन गलत थी अब मुझे पता चला कि ये सब झूठ था तो मैं मुक्त हो पाया जब मुझे पता चला कि वीडियो गेम बंद हुआ मुझे पता चला ये झूठी दुनिया थी जिससे मैं बचना चाह रहा था मर रहा था ये हो रहा था वो हो रहा था मुझे पता चला तो मुझे मैं मुक्त हो गया वीडियो गेम से वो वीडियो गेम का जो संसार था वो झूठा था मैं उससे मुक्त हो गया ये मैं स्थापित करना चाहता हूं अब आप काउंटर करिए ओके ओके ओके क्या आप ये स्थापित करना चाहते हो कि ये वीडियो गेम की वीडियो गेम की तरह

02:09:04:15 है जो एजिस्ट नहीं करता एक्चुअली क्योंकि वीडियो गेम में जो चीजें हो रही है ठीक है वो एक्चुअली में एजिस्ट नहीं करती लेकिन इस संसार में जो करती उसका एजिस्ट करती है उसका मुझसे कोई संपर्क नहीं है जो मैं प्रभावित हो रहा हूं यह प्रभावित होने की जो भावना है यह गलत है यह एजिस्ट नहीं करती य झूठ है मुझे जो अविद्या है जो अविद्या है उसे स्वेता सत्र उपनिषद में नित्य कहा गया है वो ब्रम में अविद्या और विद्या दोनों साथ में रहती है तो हम ये नहीं कह सकते कि अविद्या एस्ट ही नहीं करती जैसे कि मिनट मिनट गेम प वीडियो गेम पहले कसे एक मिनट एक मिनट एक मिनट एक मिनट वीडियो गेम पहले कैसेट के रूप में आता था ठीक है वो वीडियो गेम की कैसेट मेरे पास रखी है मेरे से जुड़ी मेरे शर्ट की पॉकेट में रखी है मगर उस पॉकेट में उस वीडियो गेम की कैसेट में वो है वह संसार है मगर व संसार मेरा नहीं है मैं उससे कनेक्टेड नहीं हूं उसको अपना मानना उससे कनेक्ट हो जाना ये झूठ है वो काल्पनिक संसार काल्पनिक संसार की शक्ति मेरे पास हा झूठ का म गल झूठ का मतलब य गलत से ले रहे हो

02:10:20:12 आप ही मुझे बता बता दीजिए आपने अभी बोला एक तरीके से कैसे अरे पॉइंट आप रख रहे हो मैं एटलीस्ट सामने वाले का क्लेरिटी तो ले लू ना कि बोलना क्या चाह रहा है तो मैंने क्लेरिटी कर दिया ना अब आप अपनी काउंटर करिए अब आप सवाल त पूछिए अब आप काउंटर करिए अरे अरे सामने वाले का समझ में तो आना चाहिए तो आप काउंटर करिए ना नहीं आया आपको समझ में मैंने क्या बोला मैंने आपको क्या खाली लास्ट का मैंने आपका पूछा कि जो मैं एक्सपीरियंस कर रहा था वो झूठ था ठीक है तो झूठ मतलब किस तर की नॉन एसिस्टिंग झूठ गलत था करना चाए हां क्या कह रहे हैं वो नॉन एसिस्ट आपने जो क्या आपने कहा लास्ट में कि मैं जो एक्सपीरियंस कर रहा था ये सब झूठ था आपने उसे उसे अपने से कनेक्टेड समझना झूठ है कि नहीं यह बताइए उसको अपने आप से कनेक्टेड समझना झूठ है कि नहीं ऐसा पूछ रहे हो गलत है झूठ नहीं है अच्छा चलिए अब ठीक है इसपे जनता निर्णय ले लेगी ठीक है आपने बोल दि जनता नहीं आप नहीं नहीं जनता जनता नहीं आप प्रूव करिए जनता नहीं मैंने मैं नहीं करूंगा आप मेरे ऑथराइज है क्या थर जो आप मुझे वो दे रहे हैं निर्देश अरे तो अरे अरे तो डिस्कशन भा मैंने अपनी बात कह दी आपने अपनी बात कह दी अब हम इस पर नहीं अटक सकते क्योंकि

02:11:35:13 आप वो बात बोल नहीं रहे हैं वो सिद्ध हो चुकी है वो जनता देखेगी सिद्ध हुई है कि नहीं हुई अब मैं क्या करूं इस मैंने अपनी बात बोल दी अब आप उसको नहीं मान रहे उसम बोल सबको साफ हो गया कि वो इंफॉर्मेशन जब वीडियो आपने ये भी

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02:11:48:08 कहा एक तरीके से देखा जाए तो वो झूठे ही है व एक तरीका क्या है हा तो आपको बताया दो तरीके बता एक तरीका नहीं दो तरीका बता

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02:12:00:04 बताइए दोबारा बता हा एक बार फिर से बता दू फिर से बता है व क्या है हा झूठ सुनन झूठ का मतलब होता है कि जो एस्ट नहीं करता ू मतलब मैं

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02:12:21:25 तो मैं तो मिथ्या शब्द यूज कर रहा हूं ना आपने बोला कि नहीं एक तरीके से झूठ है मैंने आपके अकॉर्डिंग पूछा कि कौन से तरीके से झूठ है आपके अकॉर्डिंग पूछ रहा हूं मैं कि झूठ किस तरीके से बोल रहे हो आप उसको आपसे पूछ रहा कहा हू य अब यहां पर गाड़ी अटक रही है आप अपने बोले हुए शब्द को समझ नहीं पा रहे ध्यान नहीं कर पा रहे अब अगला चैप्टर खोले मैं आप मैं ये लाइव स्ट्रीम बंद करू

⬜ Not used yet · 02:12:46:21 – 02:16:49:25 (4:03)

02:12:46:21 आप सुनो सुनो देखो आपकी क्या कह रहा हूं आप टॉपिक खत्म नहीं करते ठीक है आपसे कुछ पूछ ों य हम और आप निर्णायक है दोनों लोग जब कोई तीसरा निष्पक्ष निर्णायक होगा वहा टॉपिक खत्म होगा अभी मैंने अपना पक्ष रख दिया आपने अपना पक्ष रख दिया जनता देख लेगी क्या सही था क्या गलत था निर्णय कैसे हो जाए निर्णय होगा नहीं आपको जो आपको बोलना नहीं है कि वो झूठ है उसको गलत बोलते रहोगे उसको गलत बोल कर उससे बचते रहोगे माया से मिथ्या से बचते रगे अगर देखो सुनो जब आपने कोई क्लेम किया था मेरे ऊपर ज आपने मेरे ऊपर कोई क्लेम किया था या जो भी आपने मेरी बात को मिस इंटरप्रेट किया कुछ जगह प तो मैंने आपको सिद्ध किया कि देखो ऐसा ऐसा है ठीक है तो मैं आपको सिद्ध करके दिखा रहा हूं मैं तो मैं तो पीछे नहीं हट रहा कि नहीं नहीं जाए समझ ऐसा लग रहा है ना कि आपने सिद्ध कर दिया मैं उससे सहमत नहीं हूं अब आगे बढ़े आप गलत अगर सहमत नहीं है तो फिर काउंटर करो फिर मैंने मैं भाई अपनी बातें क्या रिपीट करता रहूं बार-बार एक ही बात को रिपीट करता रहूं बट किया है आपको सुनो मैंने कितनी सारी बात रिपीट कर आपको फिर भी समझ में नहीं आई मैं फिर भी प्रयास कर रहा हूं ठीक है आपने प्रयास कर लिया जनता ने देख लिया भ भव्य

02:14:01:21 राधा कृष्ण दास जी अब हम लोग दूसरे चैप्टर पर बात कर ले जनता देख लेगी आपने सिद्ध किया था कि नहीं किया था अब हम दूसरे चैप्टर पर बात कर ले आप आपने अपनी ओर से संतुष्टि जनक जवाब दे दिया ना आप संतुष्ट हुए मैं संतुष्ट नहीं हूं आपने शब्द से बच रहे है वो झूठ नहीं है वो गलत है पर तो फ वही सुनो ये तो वही बात हो गई फिर आप जाके बोलोगे कि एक स्कन वाला आया था वो संतुष्ट करके नहीं गया जब मैं प्रयास कर रहा हूं पूरा 100% अरे मेरे भाई मैं बोल तो रहा हूं मैं संतुष्ट क्योंकि बात ये है कि आप आप ऐसा बोलिए आप ऐसा बोलिए आपके पास काउंटर नहीं ऐसा बोलिए कि उसने मुझे ऐसा समझाया लेकिन को रिटर्न काटर नहीं काटर है मैं बोल रहा हूं बोल रहा जो भावना मेरे माइंड के अंदर एजिस्ट करती है वो भावना कहां चली जाएगी जो माइंड रहेगा जो आत्मा है सुनो सुनो सुनो अबे बताता हूं सुनो बताता हूं जो भावना मेरे माइंड के अंदर एजिस्ट करती है वो भावना कहां चली जाएगी पहली बात तो पहली बात तो जो भावना है जो एक्सपीरियंस करने वाला वो माइंड नहीं होता पहली बात तो अगर आपको थोड़ा बहुत साइकोलॉजी अगर पता हो आत्मा के अंदर एजिस्ट करती है

02:15:16:25 चेतना के अंदर एजिस्ट करती है बिल्कुल एजिस्ट मतलब के अंदर भावना करती है वो कहा चली जाएगी सुनो जो एक्सपीरियंस उस जीवात्मा को हुए हैं ठीक है जो एक्सपीरियंस उसने लिए है वो एक्सपीरियंस का जो इंफॉर्मेशन है वो इंफॉर्मेशन उस जीवात्मा के साथ रहेगा हमेशा के लिए ठीक है लेकिन अपने को अलग समझेगी मैं बोल लू बोलो हा अभी कट मत करना ठीक है जो जीवात्मा जीवात्मा जीवात्मा है जो इस बॉडी के अंदर है जो सब कुछ एक्सपीरियंस कर रही है जो मोक्ष भी मिल जाएगा तो उसके पास जब उसको मोक्ष मिल जाएगा उसके पास अभी भी वो इंफॉर्मेशन रहेगी उसकी जैसे कि कृष्णा है फॉर एग्जांपल कृष्णा है कृष्णा सर्वज्ञ है भगवत गीता में कृष्णा भाई मैं भी तो यही कह रहा हूं कि वो इंफॉर्मेशन रहेगी मगर उस इंफॉर्मेशन से हम अपने आप को डिटैच कर लेंगे 30 सेकंड में बुरा नहीं बोला और आपने कट कर दिया है मैं आपको कुछ उदाहरण दे देखिए देखिए खाखा लाइव स्ट्रीम लंबी हो रही है मुझे य भी ध्यान रखना होगा कि हमारी लाइव स्ट्रीम खामा खा लंबी ना हो तो अब आप दूसरा चैप्टर पर आए हो गया जनता देख लेगी

02:16:31:27 आप काउंटर किया था कि नहीं ठीक है मैंने आप कि क्या स्न के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर सर्वशक्तिमान है कि नहीं तालिया हो जाए एक बार हमारे सबसे अच्छे सबसे मेन प्रश्न है

02:16:49:25 एक बार तालिया हो जाए भाई क्या स्पन के द्वारा प्रतिपादित होने वाला ईश्वर सर्वशक्तिमान है या नहीं बहुत शक्तिमान है बहुत शक्तिमान है क्या उसके ऊपर कोई भी नियम लागू होता है या नहीं कोई नियम लागू

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02:17:09:00 नहीं होता और ना ही व नियम कोई तोड़ता है कोई नियम लागू नहीं होता ना ही व कोई नियम तोड़ता है यह नियम लागू है क्या कोई लागू है कि नहीं नियम लागू नहीं है सीधी सी बात है यानी वह सभी नियमों के ऊपर सर्व नियामक है क्या वापस बोल सेक लास्ट वाला समझा नहीं वो सभी नियमों के ऊपर सर्व नियामक है या नहीं म सर सारे नियमों को कंट्रोल करने वाला है उसके ऊपर कोई नियम

02:17:44:16 लागू नहीं होगा कि वो ऐसा नहीं कर सकता नहीं नहीं ऐ ऐसा कोई ऐसा कोई नियम नहीं है वो सब कुछ कर सकता है इनफ कुछ भी कर सकता है ठीक हा अच्छा ये बताइए जो भगवान श्री कृष्ण जब आए थे तो ए इट आए थे ना दुनिया में हा आते हैं जब वो तो ए इट आते है ना गोलोक से सीधे हा डायरेक्टली अच्छा तो जो वो उठकर सीधे आ रहे हैं डायरेक्टली हा अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं या नहीं हा कर सकते हैं अगर वो चाहे शक्तिशाली

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02:18:21:14 है कि नष्ट कर सकते है तो फिर उस समय उसका एक्जिस्टेंस कैसे रहेगा वो तो साकार है अंत तो गवा लेकिन अभी तो आपने क्वेश्चन पूछा कि कर सकते कि नहीं करते ये थोड़ी ना तो अब मैं पूछ रहा हूं ना कि जिस समय वो कर देंगे उस समय उसका एेंस कैसे रहेगा एपल देता हूं मैं आपको एग्जांपल देता हूं जैसे कि अगर आपने ऐसा क्वेश्चन पूछ लिया जैसे आपने क्वेश्चन पूछ लिया कि क्या ईश्वर एक थोड़ मे बी हो सकता है कि मेरा एग्जांपल थोड़ा गलत साउंड करे हो सकता है एपल मुझे क्षमा कर देना उसके लिए लेकिन क्वेश्चन ऐसा है कि क्या ईश्वर रेप कर सकता है क्या ये क्वेश्चन भी लोग पूछते हैं ठीक है म मैं आपकी बात नहीं कर रहा ए से जब मैं बात करता हूं तो ऐसे क्वेश्चन पूछते हैं तो करने के लिए व कर सकते लेकिन करते नहीं ठीक है उसकी वो बुराई के कार्य नहीं करते करते नेचर नहीं गलत कार्य नहीं करते नहीं करते अच्छा

02:19:23:27 नहीं करते मगर आप जब ये कह रहे हैं कि वो अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं तो इसका मतलब है कि उनके शरीर के बिना भी य दुनिया एजिस्ट करती है नहीं ऐसा नहीं है यानी कि ऐसा है कि वह अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं इस दुनिया के साथ कर सकते हैं कर सकते हैं और करते हैं इसमें अंदर है मैं पूछ रहा हूं क्या वो इस दुनिया के साथ अपने शरीर को नष्ट कर सकते हैं अरे वो कर सकते हैं लेकिन करेंगे तो ऐसे ऐसे

02:19:58:16 ईश्वर को कोई स्वीकार नहीं करेगा तो वो इस नियम से बने क्योंकि ईश्वर को स्वीकार कर ले इसलिए मैं नहीं करूंगा

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02:20:05:25 अरे य तो ये तो ये तो पूरा का अब्राहम वाला हो गया कि भाई अल्लाह ने तुमको यहां पर डाला है अपनी अपनी मर्जी से तुमको यहां पर डाला है आवाज मत करिए अल्लाह ने अपनी मर्जी से तुमको य प डाला टेस्ट लेने के लिए फिर बोले कि भाई वो टेस्ट कैसे ले रहा है हमारा हम से पूछे तो बोला हां भाई वो तो सब कुछ कर सकता है ना वो तो ईश्वर है वो कुछ भी कर सकता है तो कर रहा है ये लॉजिक है ऐसा ईश्वर ने जो ऑडियंस आपकी देख रही है एक सेकंड जो ऑडियंस आपकी देख रही है ठीक है अगर वो अगर वो भौतिक शरीर धारण करता है ईश्वर पर अगर वो भौतिक शरीर धारण करता है तो इसका मतलब उसको मटेरियल नेचर की जरूरत पड़ रही है अपनी इच्छा मरियल अपनी इच्छा से अपनी इच्छा से अपनी इच्छा से म अच्छा खैर खर टॉपिक बदल जाएगा मैं अपना क्वेश्चन और सही कर द कर सुनो आंसर दे रहा हूं ठीक है एक होता है कि क्या ईश्वर उटपटांग हरकत कर सकता है और करता है इसमें बहुत अंतर है ठीक है

02:21:08:27 और यार बात को मैं हाथ जोड़ रहा हूं मैं कहा कह रहा वो करता है त बोल रहा भाई मैं कहा कहता हूं कि करता है जब आप ये कह रहे कि वो ऐसा कर सकता है है तो मैं आपसे पूछ रहा हूं इसका मतलब ईश्वर के बिना भी इस दुनिया का एक्जिस्टेंस है क्योंकि ईश्वर अपने आप को खत्म कर सकता है अगर व खत्म अरे कर सकता है और करता है उसम अंतर है ना भाई

02:21:36:19 अरे भाई जब आप यह कह रहे हो कि उनका शरीर नष्ट हो सकता है तो इसका मतलब वो नित्य नहीं है ना शाश्वत नहीं है ना उनका शरीर एक सेकंड हम एक ऐसी सिचुएशन के बारे में सोच रहे हैं जो एजिस्ट नहीं करती उस सिचुएशन में नहीं हो सकता जैसा आप सोच रहे हो आप ये बताइए उनका शरीर नित्य है कि नहीं उनका शरीर नित्य है बिल्कुल है तो तो नित्य की परिभाषा क्या है जो हमेशा से एसिस्टिंग हो जो हमेशा से एसिस्टिंग हो और जो कभी खत्म ना हो हां शाश्वत हां तो आप कह रहे हो वो कर सकते हैं आप कह रहे हो कर सकते हैं क्योंकि शक्तिमान है कर सकते हैं क्योंकि सर्व शक्तिशाली है वो जो तो शरीर शाश्वत कहां रहा अरे

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02:22:24:14 अरे भाई अरे यार आपके क्वेश्चन पता है आपके क्वे क्वेन पता हैसे क्या ईश्वर रेप कर सकता है तो बोलेगा भाई देख ईश्वर तो बहुत ही दयालु है अभ भी आे रेप नो किया है कट नहीं कर सकते मुझे पता है देखो अरे आवान आप अद्वैत हो यार मैं एथ लोगों को संभाल चुका इस टॉपिक प अरे क कर नहीं तो मैं आपको रिमूव कर दूंगा मैं व्यक्तिगत कटाक्ष नहीं कर रहा बोलते आपने अभ बोला अवती जैसे हीनता के साथ तो मैं य बैठ करके आपकी हीनता का ध करने नहीं आया हूं आपके द्वारा ठीक है आप अगर इस तरह से वगत कटाक्ष करेंगे तो मैं आपको रिम कर दूंगा अभी तक मैंने कितनी बार आपको व्यक्तिगत कटाक्ष किया किया है आपने मेरी ठीक ठी बोलने कीट उसने बोला है अरे तो मैंने उसको सुधारने के लिए बोला आपने जब रिपीट की तो मैंने बोला कि आप मत कर तो मैं अपना होना छोड़ दू इसलिए बोल रहे आप छोड़ो क्योंकि क्योंकि जीवर स्वरूप कृष्ण नित्य दस छो निर्णय मत लीजिए और आपने जहां प बोला था निर्णय कर रहे आप बता रहा मैंने जब ठी जब मैंने ठीके प उंगली

02:23:39:18 उठाई थी तो आपने बोला हां ये गलत है मैं अब नहीं करूंगा मैं जब आप अद्वैत प उंगली रहे तो मैं ये नहीं बोल रहा हूं मैंने क्या बोला आपको व्यक्तिगत कटाक्ष करना है तो मैं आपको हटाऊ आप मुझे क्लियर करिए व्यक्तिगत कटाक्ष करना है व्यक्तिगत कटाक्ष करना है मैं पूछ रहा हूं करना है मैं पूछ रहा हूं मैं पूछ रहा हूं करना है मैं करी नहीं है मैंने कर नहीं है मैंने करी नहीं है अभी आपने बोला अरे यार आप अद्वैत हो यार मैं ये करता हूं ये क्या इतना बेसिक समझते हो मैं क रहा आप अद्वैत हो इतना बेसिक तो चीज समझते हो एथ लोग नहीं समझते ऐसा कह रहा था मैं आपने गलत उसको ले लिया आप अद्वैत हो आप शास्त्र को जानते होए कहना चाहिए आपने भी व्यक्तिगत कटाक्ष किया था आप मुझे ये कहते कि मैंने इस कॉन्टेक्स्ट में कहा आपने किया है आपने किया है व्यक्तिगत कटाक्ष नहीं किया क्योंकि मैंने जिस चीज प किया था वो आपने मानी कि मैं अभी ये नहीं करूंगा वो मैंने इसलिए मानी क्योंकि आप बीच-बीच में टोक रहे हो तो मैं चल ठीक है भाई मैं नहीं करूंगा तो आप ठीक है ठीक है बोलोगे अभी मैं पूछ रहा हूं अच्छा ठीक है आप मुझे बताइए कि आप ब्रह्म को सर्व शक्तिशाली इसीलिए कह रहा हूं इसीलिए कह रहा हूं कोई मत पढो टक्कर में कोई नहीं है टक्कर में आप कौन सा टक्कर दे रहे हो अभी आप चार टॉप चार टॉपिक्स आपने बढ़ा दिए चलो छोड़ो ये छोड़ो आगे करो तो इसको टक्कर बोलते हैं

02:24:54:19 इसको टक्कर नहीं बोलते अभी मैं आपको हटा दूं अगला विषय खोलूं कि नहीं खोलू पहले पहले इस विषय पर रो कि ब्रह्म सर्व शक्तिशाली है कि नहीं वो सब कुछ कर सकता है नहीं रो वही वही वही अपने मूल विषय प ही आ रहा हूं अपने मूल विषय प ही आ रहा हूं उसी जो चल रहा है आपके जो ब्रम है हां ठीक है तो दोनों साइड से बात करेंगे ना आपके ब्रम है वो सर्वशक्ति अभ बात करेंगे पहले जो चल रहा था उसको खत्म करें जो चल रहा था उसको खत्म करें चल क्या रहा था खत्म करेंगे कैसे खत्म कर मैं पूछ रहा हूं ना आपसे क्या भगवान श्री

02:25:24:21 कृष्ण का जो वो है शरीर जिसको लेके वो आए थे गोलोक धाम से वो शाश्वत था या नहीं शाश्वत था बिल्कुल था आप कह रहे हो कि वो उसको नष्ट कर सकते हैं तो या तो वो शत नहीं है या उसको नष्ट नहीं किया कर सकते हैं वाली एबिलिटी का होना अलग बात है और कर मेरे भाई शाश्वत की डेफिनेशन क्या है शाश्वत की डेफिनेशन यह है जो हमेशा वैसे का वैसा ही रहे जिसको मारा नहीं जा सकता आपकी स्न की बुक में लिखा है अरे नहीं मारा जा सकता भाई ख अरे मैं खुद कह रहा हूं कि नहीं मारा जा सकता अरे भाई सुनो अब मेरी बात सुनो मैं ये नहीं कह रहा हैरी बात है क्लियर बात ही नहीं करते शाश्वत और शाश्वत भी है और जो है मार भी सकते हैं वाह वो शाश्वत भी है मार भी सकते मैंने मैंने क्या बोला कि ईश्वर सर्व शक्तिशाली है वो जो चाहे वो कर सकता है उसकी लिमिटेशन हम ईश्वर शाश्वत चीजों को भी नष्ट कर सकता है ईश्वर के पास जो उसकी शक्तियां है ईश्वर अनंत शक्तिशाली है वो सब चीज कर सकता है व कर सकता है वो

02:26:39:28 जो कर सकता है वाली जो क्वालिटी है उसकी उसमें और कर देता है वाला जो भाव है उसमें अंतर है ना मैंने आपसे कहा कि वो कर रहे हैं

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02:26:49:16 क किया उन्होने मैंने आपसे कहा वो करते है कि नहीं मैंने आपसे पूछ करते नहीं मैंने आपसे पूछा क्या करते है कि नहीं पहले तो आप अपना फेस सीधा दिखाइए मुझे आपका टे फेस है इटेट लग रहा है मुझे सीधा रख टे हो आ रहा करके तो टेट करता है थो दूर से बात करम में थोड़ दूर से बात कर प्ज ठीक है मैं आपको पहले बो दूर रखा है लेकिन थोड़ा सा इस तरीके से जा रहा है पहले बोला था आपने बो ठीक को बात नहीं अ दिक्कत दे रहा है आप थोड़ा पीछे रह के बात करिए कैमरे से जी ठीक है तो मैं आपसे ये कह रहा था शिवांश जी

02:27:28:15 ठीक है ईश्वर है वो सब कुछ कर सकता है सब कुछ कर सकता है ये शक्ति हो ना उसके पास वो हर एक चीज कर सकता है यह उसकी उसके शक्तिमान होने का उदाहरण है ठीक है वो सब कुछ कर सकता है लेकिन क्या वो सब कुछ करता है ये बात नहीं है कि जैसे कि क्या आपसे कहा कहा लोग करते हैं कि नहीं मैं कट करूंगा मैंने आप कही नहीं है वो क्यों ला रहे आप बीच में आपसे पूछ रहा हं उनका शरीर शाश्वत है आपने कहा है आप कह रहे हैं कि उनके शरीर को नष्ट कर सकते हैं और और शाश्वत कौन होता है जो कभी नष्ट नहीं होता तो या तो वह शाश्वत नहीं है और या फिर वो वो नहीं कर सकते अपने शरीर को नष्ट नहीं कर सकते आपको या तो यह मानना पड़ेगा या फिर ये मानना पड़ेगा दोनों में सेन [संगीत] मैंने ये नहीं कहा मैंने ये नहीं कहा कि वो करते हैं मैं ये पूछ रहा हूं अगर शरीर शाश्वत है तो वो नष्ट नहीं हो सकता और अगर वो सर्वशक्तिमान है तो नष्ट कर सकते

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02:28:30:16 हैं तो इसका मतलब अगर वो कर सकते हैं तो उनका शरीर शाश्वत नहीं है और अगर वो नहीं कर सकते तो वह सर्वशक्तिमान नहीं है अच्छा अच्छा अच्छा तो जो ईश्वर है वह सर्व शक्तिशाली मतलब उसको कोई डिफीट भी नहीं कर सकता ना उसको कोई हरा नहीं सकता ना उसको व्यवहार में कोई नहीं हरा सकता व्यवहार मतलब क्या दो डायमेंशन एक जो मायाव दुनिया है और एक जो ब्रह सय डायमेंशन क बता कहां बताई गई डायमेंशन डायमेंशन क बताई गई हैरे क च स्क्रीन से चले गए हा आ ग कहां है मतलब इसका वर्णन का है शास्त्र में वर्णन क्या है इसका अच्छा शास्त्र के प्रमाण डायमेंशन यही है कि जैसे अह ब्रह्मा कहा गया शास्त्र में ठीक है अ जब शस्त्र में कहा गया तो उसका मतलब यह है कि मैं ही ब्रह्म हूं यह बताया जा रहा है जीवात्मा को जिस स्थ अभी अभी आपने पूछा है तो सुनिए अभी आपने पूछ तो सुभ आपने पूछ तो सुनि अभी आपने पूछा है तो सुनिए प्लीज आगे ी

02:29:42:22 बगा हम ब्रह्मा जब कहा गया शास्त्र में तो उसको प्राप्त बताया गया कि तुम्हे यहां तक पहुंचना इस चेतना चेतन अवस्था तक तुम्हें पहुंचना है ऐसा नहीं है कि अभी के अभी तुम्ह मान लेना है मगर वास्तविकता में तुम्हें इस चेतन अवस्था तक पहुंचना है कि अहम ब्रह्मास्मि इससे पता चलता है कि वहां से देखने पर ब्रह्म की ओर से देखने पर य जो जगत है वो मिथ्या है वो माया है जिसको हम सच समझ रहे हैं व्यवहार में तो व्यवहार में ईश्वर कुछ भी कर सकता है मनुष्य जो सोच सकता है वो ईश्वर कर सकता है अभी

02:30:17:15 आपने कहा कि डायमेंशन कोई अलग है नहीं ये भी सत्य वो भी सत्य है आपका ईश्वर वहां से उठकर के यहां पर सीधा आता है सीधा आता है उसका जो शरीर है वो नित्य है अगर नित्य है तो वह अपने शरीर को मार नहीं सकता अगर मार नहीं सकता तो व सर्वशक्तिमान नहीं है और अगर वो मार सकता है तो शरीर नित्य नहीं है प्लीज कंटिन्यू ठीक है

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02:30:38:24 आपका हो गया मैंने आपसे प्रमाण माने इंटरप्रिटेशन सुनो क्या होता है एक चीज फैक्ट है कि आपके पास इसका शास्त्र प्रमाण नहीं है व्यवहारिक धरा व्यवहारिक धरातल की बात कर रहे देखिए इसीलिए को नहीं लाता हूं कि जब उस पर हम लोग व्याख्या करेंगे तो आप कहेंगे उसकी व्याख्या ये है और मैं कहूंगा उसकी व्याख्या य है सुनिए तो इसमें हमारा टाइम वेस्ट होगा इसलिए मैं कह रहा हूं आप मुझे तर्क बताइए क्या ईश्वर सतिमान है कि नहीं इस कन का प्लीज

02:31:14:03 प्लीज है कि नहीं शिवा जी ईश्वर सर्व

02:31:18:12 शक्तिशाली है ठीक तो क्या वो अपने शरीर को नष्ट कर सकता है कि नहीं सुनो सुनो सुनो आप

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02:31:26:26 अभी मैं बोल लू मैं पहले इसको क्लियर करिए कर सकता है या नहीं प्लीज इस तरीके अगर हम ऐसा देखे कि उसकी इच्छा नहीं है प् प्लीज मुझे बताइए कर सकता है कि नहीं क्या मेरी हेलो ना बताइए पहले उसके बाद व्याख्या बताइए व्याख्या बताइए मैं आपको बोलूंगा व्याख्या बता हां कि ना बताइए कर सकता है कि नहीं बोलिए मैं हा और ना जो आंसर मेरा होगा वो मैं व्याख्या के साथ ही बताऊंगा बिना व्याख्या के मैं नहीं बताऊंगा चलिए बोलिए अच्छा ठीक है कि हां वह अपने आप

02:32:04:28 को नष्ट कर सके सर्व शक्तिशाली तो हा ऐसी एक हो सकता है कि मे भी वो उसके शक्ति है ठीक है लेकिन वो नहीं कर सकता अभी फिर से कट मत करना देख रहे हैं लोग अभी भाई अगर कोई चीज होगी जो आप गलत बोल रहे हैं शतर कर रहे हैं तो मुझे कट करना पड़ेगा आप हो सकता है बात नहीं हो रही है क्लियर कट ची बोलिए बिल्कुल ठोक के ूठा गा के बोलिए ो के बोल रहा लेकिन बोल नहीं देते हो सकता है एक तरीके से और वो स्पिरिचुअल है यह है वो है यह मलमा मिक्सचर मत बोलिए स्पष्ट बोलिए कर सकता है या नहीं मैं स्पष्ट ही कह रहा हूं सुनिए आंसर मेरा स्पष्ट है बस आप बोलने दीजिए अभी आप कुछ मत बोलिए ठीक हैसर दूंगा आंसर मैं जो दूंगा सिर्फ आपके अकॉर्डिंग नहीं है आपकी देखने वाली ऑडियंस के अकॉर्डिंग भी है और मेरी देखने वाली ऑडियंस के अकॉर्डिंग भी है आप आप राधा कृष्ण दास जी आप यहां पर अगर व्यर्थ का अब आप कुछ भी बोलेंगे मैं इसको स्ट्रीम को समाप्त करूंगा मत बोलिए आप वो जो टॉपिक चल रहा है उसको बोलिए प्लीज बोल रहा हूं मैं नहीं बोल रहे वो ऑडियंस के लिए है ये इसके लिए उसके लिए मत बताइए आप वो आंसर दीजिए जो आंसर मैं दूंगा मैं अपने हिसाब से दूंगा ठीक है आप सुनने

02:33:23:20 अरे आप फिर से ब्लैक आउट हो गया पूरा स्क्रीन ब्लैक आउट हो गया स्क्रीन पूरा ब्लक दीजिए राधा कृष्ण जी 439 हो रहा है मुझे 441 तक का टाइम चाहिए बोलने के लिए दो मिनट चाहिए मुझने के लिए कितना हो रहा है कितना हो रहा है अभ टाइम टाइम 439 हो रहा है मुझे 442 तक टाइम दे दीजिए 439 हो रहा है 442 तीन मिनट आपको चाहिए नाना नहीं पा मिनट ले लो पा मिनट पूरा आपको पा मिनट आप नहीं सुन पाओगे मुझको मैं इसलिए क रहा मुझे दो मि ठीक है बोला तो नहीं सुनूंगा अगर आपने बीच में क्वेश्चन के ठीक है ठीक है बोला तो नहीं सुनूंगा काम करते सुनो सुनो एक काम करते हैं ताकि हम दोनों के लिए इजी हो जाए य जो चर्चा हमारे लिए इी हो जाए हम एक काम करेंगे कि आप अपने आप को म्यूट करिए जब मैं बोलूंगा जी अभी आप बोलिए मैं जब ये बोलूंगा आवान जी बोलिए फिर आप बोलना स्ट कर अगर आपने सारी लिमिट क्रॉस कर दी तीन पाछ सा उसका क्या करेंगे दो मिनट से भी ज्यादा नहीं लूंगा तो आप मुझे कंट्रोल कर रहे हैं अपने आप को कंट्रोल नहीं करेंगे आप मुझे अभी मुझे कंट्रोल

02:34:38:20 मैं तो आपको बस इतना बोला सिर्फ दो मिनट दे आदत है गलत है जब तक आपकी उत्तर पूरा नहीं हुआ तब तक आप सामने वाले से मत पूछिए किय ठीक है कि नहीं गलत को सही कर मुझे मत कल मैंने मैंने सब मत बोलिएगा आप अपना आंसर दीजिए राधा कृ दास जी यह जो चर्चा है खामा खा टाइम लंबा हो रहा है आप समझिए मेरी बात को बो लेकिन आप लेक्चर बोलिए या पा पा मिनट हो गए आप उत्तर नहीं बोलेंगे सब कुछ बोलेंगे अच्छा ठीक है बोल रहा मुझे बोलने हा बोलो बो बो प् प्लीज हा मुझे बस दो मिनट बोलने दो बिल्कुल टोए नहीं मैं कुछ भी बोलू तो बेसिकली हां ठीक है बोल रहा हूं मैं बोल रहा हूं सो बेसिकली क्या होता है जब आपका जो क्वेश्चन था कि क्या ईश्वर सर्व शक्तिशाली है क्या ईश्वर सर्व शक्तिशाली हैय आपका क्वेश्चन था तो क्या वो अपने आप को नष्ट कर सकता है तो मैंने उस कांटेक्ट में बोला कि हां वो तो सर्व शक्तिशाली है वो कुछ भी कर सकता है सर्व शक्तिशाली का अर्थ ये होता है कि वो सब कुछ कर सकता है ठीक है तो उस कांटेक्ट में उस कॉन्टेक्स्ट कांटेक्ट की बात कर रहा हूं उस कोंटेक्स्ट में ऐसा है कि हां वो कर सकता है क्योंकि वो सर्व शक्तिशाली है दूसरा क्या व ऐसा सच में कर सकता है क्या सच में ऐसा वो कर सकता है

02:35:53:22 वास्तव में तो उसका उसका आंसर है नहीं व ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि अगर वो ऐसा कर देगा तो उसकी जो इटरनल उसकी क्वालिटी है वो नष्ट हो जाएगी और वो अपनी इटरनल क्वालिटी को कभी नष्ट नहीं करेंगे ठीक है और वो नहीं कर सकते क्योंकि उनके अंदर इच्छा भी नहीं है व ऐसे है मल है वो नहीं कर सकते हा नहीं कर सकते लेकिन फिर भी आंसर मैंने आपको दो तरीके से दे दिए और दोनों आंसर सही है एकदम वो जनता देखेगी जनता ी आपने अपना बोल दिया आपने अपना बोल दिया कि वो कर सकते हैं मगर वास्तविकता में नहीं कर सकते वास्तव मैंने ये बोला कि वो कर सकते हैं लेकिन वो करते नहीं है क्योंकि उनके अंदर

⬜ Not used yet · 02:36:33:26 – 02:36:54:19 (0:21)

02:36:33:26 ऐसा नेर पू वो करते हैं कि नहीं मुझे ये बताइए कर सकते हैं कि नहीं अरे ये ये जो क्वेश्चन है ना क्वेश्चन ही तो अपने आप में एक ऐसा है ना कि यहां पे पैराडॉक्स आ सकता है यहां पे आपका क्वेश्चन ही ऐसा है अरे बोलिए मुझे बताइए ना बोलिए बताइए सुनि आपका जो क्वेन है सुनि आपका

02:36:54:19 जो क्वेश्चन है वो क्वेन अपने आप में ऐसा है कि उसका लोग गलत इंटरप्रिटेशन निकाल सकते हैं उस चीज का ठीक है मेरे भाई अभी आपसे आपने इंटरप्रिटेशन बता दिया नहीं बताया तो और बता लीजिए उसके बाद लास्ट में मैं पूछ लूंगा आपसे दोबारा कर सकता है कि नहीं ईश्वर नहीं कर सकता बस खुश अपने शरीर को नष्ट नहीं कर सकता नहीं कर सकता क्योंकि उसकी इच्छा नहीं है बस बात खत्म नहीं कर सकता ना नहीं कर सकता क्योंकि उसकी इच्छा नहीं है अरे क्योंकि उसकी इच्छा नहीं क्या उसकी इच्छा हो सकती है कि नहीं चलो इस पर आ जाओ हो हो भी जिस प्रकार का ईश्वर है ईश्वर को मैं मानता हूं तो उस उसके अंदर तो ऐसी इच्छा नहीं आ सकती जिस ईश्वर को लेकिन आप निम लाग है एक नियम लागू है उसकी इच्छा नहीं हो सकती

02:37:51:28 हां एक तरीके से है अगर अगर ऐसा ईश्वर है कि उसकी ऐसी इच्छा भी हो स लागू है एक नियम से बाधित है ना एक तरीके से हां भी एक तरीके से है भी और एक तरीके से नहीं भी

⬜ Not used yet · 02:38:04:25 – 03:18:54:07 (40:49)

02:38:04:25 हां वो वो तरीके निकालते रहो चलो ठीक है आप भी तरीके निकालते रहो आप भी तरीके निकालते रभी मैं पूछ रहा हूं पूछ मक करोगे तो मुझे भी मक करना आता है शिवान जी अगर आप मौक कर सकते हो मुझे भी करना आता है आप बड़े हो इसलिए रिस्पेक्ट से बात कर रहा हूं अच्छा चलो अब नहीं करूंगा सॉरी अब नहीं करूंगा इट्स ओके इट्स ओके मैं ये कह रहा हूं कि अब आ जाते हैं कि ये जो भगवान शिव को बोला गया है कि भाई हरि के अलावा विष्णु के अलावा किसी की भी भक्ति जो है वो भ्रामक है हां हां सत्य है या उसको हम क्या समझे क्या ना समझे वो बताइए देखिए शिवांश जी अ थोड़ा मुझे एक चीज बुरी लग एक मिनट एक मिनट एक मिनट ये टॉपिक बाद में अपना एक टॉपिक रह गया कमेंट में देख लिया एक टॉपिक रह गया मुझे अच्छी लगी आवाज नहीं आ करेंगे करेंगे करेंगे उस करेंगे एक टॉपिक रह गया मैंने लिखा था आ रही है जी मेरी आवाज आ रही है आ रही है हेलो आ रही है हेलो आवाज आ रही है हां हा हां हा मुझे अभी आई अभी आई थोड़ा पता नहीं आई थिंक नेटवर्क हो गा आप

02:39:19:25 अपने मोबाइल में डू नॉट डिस्टर्ब लगा दीजिए कोई दिक्कत वाली बात नहीं है ठीक है मैं ये कह रहा था कि मुझे कुछ प्रश्न थे वो तो आप आगे बढ़ते हैं आगे बढ़ते हैं करेंगे करेंगे करेंगे करेंगे करेंगे अभी ये जो टॉपिक चल रहा था ना जो टॉपिक चल रहा था उसी टॉपिक से उसी टॉपिक से क्वेश्चन उठा था कि वो गलत कार्य कर सकता है कि नहीं उसके पास इतनी शक्ति है ईश्वर के पास इतनी शक्ति है कुछ भी कर सता एक तो नियम ये लागू है कि उसकी इच्छा नहीं हो सकती उसकी इच्छा नहीं है मैंने बोला हो सकती स्वयं के शरीर को नष्ट कर सकता है पर उसकी इच्छा नहीं हो सकती ये आपने बोला है मैंने क्या बोला मैं जो बोला कि नहीं हो सकती वो मैंने शास्त्र के आधार पर बोला है ठीक है मगर आपका जो सिद्धांत है वोय अपने शरीर को नष्ट कर सकता है उनका शरीर शाश्वत नहीं है मगर वो इसलिए नहीं होता है नष्ट वो क्योंकि ईश्वर की इच्छा नहीं होती और ईश्वर इतने अंश में बाधित है सुनो सुनो सुनो पहली बात तो ना आपका क्वेश्चन अपने आप में थोड़ा सा एक गलत है देखो हम ज बात आत्मा की करते हैं आत्मा की ज बात करते हैं तो हमको वहा प नष्ट हो सकता है ये हो सकता है वैसा हो सकता है उसके बारे में हमको बात नहीं

02:40:34:25 करनी चाहिए यानी कि इस सवाल का जवाब नहीं मिलेगा अरे मिलेगा ना क्यों नहीं मिलेगा मैं आपको बोहा आपने जवाब दिया है जो जवाब दिया है वो ये है आपने जो जवाब दिया है वो यह है वह अपने शरीर को नष्ट तो कर सकता है मगर अपनी इच्छा उसकी इच्छा नहीं होती और उसकी इच्छा नहीं होती इसलिए उसके शरीर को शाश्वत कहा गया है इच्छा है ही नहीं इच्छा है ही नहीं इच्छा है ही नहीं उसकी इच्छा नहीं है शरीर को नष्ट करने की ठीक है तो शरीर को नष्ट करने की इच्छा नहीं है इससे वो बाधित है कैसे बाधित कैसे हो गया वो अरे भाई इच्छा है ही नहीं वो नहीं कर सकता ना क्योंकि उसके अंदर इच्छा नहीं अपने शरीर को नष्ट करने की अरे वो परमात्मा है आप सुसाइड सुसाइड क्या होता है बताओ सुसाइड क्या होता है नष्ट करना मैं तो क नहीं मैंने कहा वो अपने शरीर को जिस शरीर को लेकर वो बैकुंठ राम में बैठा है वो जब नीचे आएंगे भगवान श्री कृष्ण तो अपने उस शाश्वत शरीर को आपके अकॉर्डिंग वो शाश्वत है तो उस शाश्वत शरीर को वो नष्ट कर सकते हैं नहीं आपने हमें आंसर दे दिया कि वो कर तो सकते हैं मगर उनकी इच्छा नहीं हो

02:41:49:28 करने की इच्छा नहीं होती ऐसे व बा है उनको इच्छा नहीं हो सकती आंसर यह है खुद को मार देना खुद को मार देना फसी से लटका दिया मैंने खुद को ठीक है तो यह एक यह मेरे शरीर को खत्म कर रहा आत्मा कभी खत्म नहीं होती उसे यानी कि उनकी आत्मा और अलग है उससे आपको इसलिए आप क्वे गलत है नष्ट नहीं होती वो चीज मैंने कहा यानी कि जिस शरीर से वो यहां आते हैं उस शरीर को नष्ट कर सकते हैं मगर उससे जो ईश्वर का मौलिक स्वरूप है वो नष्ट नहीं हो सकता अगर शरीर नष्ट हो जो शरीर है व स्वयं हरि तो है स्वयं हरि है वो जो फॉम है स्वयं हरि है स्वयं स्वयं परमा फम है जब वो फॉम है तो उसकी तुलना हमारे शरीर से क्यों कर रहे हैं हमारा शरीर फॉर्म थोड़ी ना है हमारा शरीर तो हैर से ह के शरीर की तुलना मत करिए हमारा शरीर तोटे है उनका शरीर तो है हां तो तो वही मैं कह रहा हूं तो आप भी ऐसे उदाहरण मत दीजिए कि क्या वो नष्ट कर सकता है क्योंकि वो नष्ट हां तो वैसे ही जैसे शरीर है हमारा भौतिक शरीर है वो आपके साथ आते हैं मिलते हैं हमारे साथ हमारे बीच में रहते हैं

02:43:05:04 तो जब वो ऐसा करते हैं तो क्या वो सब कुछ कर सकते हैं कि नहीं नीचे आने के बाद हां कर सकते हैं तो वो अपने शरीर का नाच कर सकते हैं कि नहीं अरे कर सकते हैं की बात अलग है करते हैं उसकी बात अलग है ना कह रहा कि उन्होंने किया कि नहीं मैं पूछ रहा हूं कर सकते हैं या नहीं ये क्वेश्चन ऐसा है आपका जिसके दो आंसर चलिए अभी मैं पूछ रहा हं आप मुझको आंसर देने नहीं दे रहे हो जब सुनो ये अभी मैं समझने आंसर दे दिया है का इंफॉर्मेशन आपने मान लिया उसकी इच्छा नहीं होती आपने मान लिया उसकी इच्छा नहीं हो सकती आपने मान लिया कि उतने अंश में अगर बाद होगा तो है मैं उसके

02:43:50:15 मैंने आपको क्या बोला कि उसके अंदर इच्छा नहीं होती टॉपिक प बात नहीं करनी नहीं करनी मुझे दूसरे टॉपिक प बात करनी करनी है आपको मुझे तो करनी है मुझे सब टॉपिक्स प बात करनी है लेकिन मेरा भी तो आपने तो एक भी टॉपिक नहीं लिया मेरा सुनिए वो क्या आपका भी ब्रम सर्व शक्तिशाली है कि नहीं उसका भी तो आंसर दो वो वो मैं बताऊंगा अभी जो ये टॉपिक खोला था उसका एक ये टॉपिक प प्लीज शिवांश जी प्लीज एकही टॉप उसका एक भाग रह गया वो आवश्यक है जनता को बताना सुन

02:44:26:19 लो एक बार सुन लो आपने कहा कि ईश्वर रेप कर सकता है मगर रेप करता नहीं है ठीक है ठीक है हम तो ईश्वर बुराई नहीं करता है आपके अनुसार नहीं करता नहीं करता पक्का ठीक है हां अब ये बताइए जहां पर रेप हो रहा है वहां पर ईश्वर है कि नहीं ईश्वर हर जगह है ईश्वर के अंदर उस रेप को रोकने की क्षमता है कि नहीं हां है बिल्कुल है तो वो ना रोक कर उस रेप को ये बुराई नहीं है ना रोकना क्या ना रोकना बुराई नहीं है अच्छा तो मतलब अभी फिर से मतलब आपने अभी कहा कि हम अभी सुनना आपने अभी जस्ट थोड़ी देर पहले कहा कि हम हमारी तुलना उनसे नहीं कर सकते तो आपका रेप ना रोकना अरे क्योंकि आपने खुद कहा कि मेरा जो शरीर है वो मैटेरियलिस्टिक है और जो हरि का शरीर है वो अपने आप में ही वो आत्मा है वो अपने आप में ही परमात्मा है वो उसका कोई अलग से कोई रूप नहीं है इसलिए मैंने कहा था यहां दो चीज है हमारे शरीर का नाश होने से आत्मा का नाश नहीं होगा मगर शरीर वहा हरि के शरीर का नाश होने से हरीर के शरीर का वो हरि का नाश हो जाएगा

02:45:42:14 आपने ये कहा था उस पर मैंने कहा था इससे तुलना नहीं कर सकते क्योंकि हम और हमारा शरीर अलग अलग है दो चीज वहां एक ही चीज है हरि और ह का शरीर एकही है तो इसमें भी तुलना नहीं कर सकते क्योंकि ईश्वर सही और गलत के परे है इसीलिए ईश्वर किसके परे है यह तो बिल्कुल अच्छी बात कही मैं भी मानता हूं ईवर सही और गलत के परे है मगर हम ये नहीं वो सही और गलत के परे है तो हम यह नहीं कह सकते हैं कि भाई वो ईश्वर यह नहीं कर सकता है हमको यह मानना होगा कि यह दुनिया उसने बनाई है उसके लिए कुछ भी सही और गलत है ही नहीं और जो भी व्यक्ति यह कह रहा है कि दुनिया में व किसी भी तरह के ईश्वर को मानता हो अगर वो ईश्वर को मानता है तो उसे मानना पड़ेगा कि दुनिया में कहीं भी जो बुराई हो रही है वो उसकी इच्छा से हो रही है उसकी मर्जी में आता है वो तब हो रही है मगर वहां पर वह पार मार्थी दुनिया से वह देख रहा है जहां से वह अच्छाई बुराई मैटर ही नहीं करती उसके

02:46:44:21 लिए अरे लेकिन यह जो क्वेश्चन आपने पूछा है शिवांस जी आपके ऊपर भी तो लागू होता है कि आपके जो ब्रह्म है क्या वो भी ऐसा करते हैं कि नहीं मैं बोल तो रहा हूं मैं बता रहा हूं अब मेरा आंसर आप सुन लीजिए यह दुनिया एक नकली दुनिया है ये दुनिया एक नकली दुनिया है इसमें ईश्वर कुछ भी कर सकता है वो आता है अपनी फॉर्म बनाएगा वह अपनी फॉर्म नष्ट भी कर सकता है कुछ भी कर सकता है तो यह वाला जो दोष है वह मेरे ईश्वर पर नहीं लग सकता कि उसने बुराई की कि नहीं की मगर आपका ईश्वर आपके अनुसार यह नकली दुनिया नहीं है यह वास्तविक दुनिया आपके अनुसार आपका इंसान आपका जो ईश्वर है भगवान श्री कृष्ण के रूप में जो ईश्वर की आप व्याख्या कर रहे हैं वो एज इट इज इस वास्तविक दुनिया में आता है तो अगर यहां उसके रहते हुए कुछ गलत काम हो रहा है तो ये दोष उस पर लग जाता है सिंपल ले लेकिन लेकिन ईश्वर जो है सुनिए सुनिए अब मैं आपको बोलता हूं कि वो यहां पर आ रहा है आपका यह था कि वो यहां पर आ रहा है वो रुक नहीं रहा ठीक है पहली बात तो एक चीज आपको ध्यान में रखनी चाहिए कि भगवान का जो साकार जो स्वरूप है भगवान उनका ठीक है जिससे वो लीलाएं करते हैं ट्रेवल करते हैं अलग-अलग जगह लेकिन एट द सेम टाइम भगवान जो है ब्रह्म जब निराकार रूप में या परमात्मा के रूप में वो हर जगह पर प्रेजेंट है

02:47:59:22 भगवान और भगवान जो है वो किसी के भी कर्म के बीच में ये नहीं करते कि उसके कर्म के बीच में आ जाएंगे ठीक है वो कभी ऐसा नहीं करते तो इस नियम से बंधे हुए हैं ना वो अरे नियम कैसे वो नहीं करना चाहते वो किसी के किसी के ऊपर अपनी जोर जबरदस्ती नहीं डालना चाहते चाहते से बंधे हुए हैं ना वो बंधे हुए मतलब कैसे नहीं करना चाहते इस नियम से बंधे हुए हैं ना ये नियम थोड़ी ना हुआ ये तो ये तो परमात्मा का नेचर हो गया अरे भाई वो अपने नेचर के विपरीत नहीं जा सकते ये नियम है बोलो हां तो अगर वो अपने देखो जा सकते हैं और नहीं जाते इसमें फिर से आ गया फ मैं नहीं कह रहा हूं मैं नहीं कह रहा हूं जा सकते हैं कि नहीं नहीं यूजुअली तो नहीं जा सकते नहीं जा सकते तो ये भी एक नियम है ठीक अभी मैं पूछ रहा हूं आपसे कि जहां पर गलत हो रहा है निम ये भगवान का जो नेचर है य परमात्मा का जो नेचर हैय भाई साब ये जनता डिसाइड करेगी वो नहीं जा सकते ये नियम है कि नहीं प्लीज आप केवल उसका नाम बदल रहे नियम और क्या है आप बता रहे हो ये नहीं हो सकता यही तो नियम है आपने कहा कुछ भी कर सकता है अब आप क अपने नेचर के विरुद्ध

02:49:15:00 नहीं जा सकते अरे क नहीं जाना चाहते इसलिए नहीं जा सकते नहीं जाना चाह रहे वो उनकी इच्छा नहीं है नहीं जाना चाह रहे अपने नेचर के विरुद्ध नहीं जा सकते ना अल्टीमेटली अरे नहीं जा सकते क्योंकि इच्छा नहीं है सिपल पूछ रहा जा सकते हैं कि नहीं कैपेबिलिटी बताइए चाहते हैं कि नहीं ये मत बताइए कैपेबिलिटी है कि नहीं कैपेबिलिटी होने में और नेचर होने में अंतर है अच्छा ठीक है अब हम दूसरा दूसरा कर लेते इसको जनता ने देख लि पले आप मुझे बता क्या आप मानते कैपेबिलिटी होने में और कोई कार्य करने में अंतर होता है मानते हो आप इस चीज को अरे तो मैंने पूछा ही नहीं है ना कोई कार्य करते हैं कि नहीं मैं पूछ रहा हूं उनके अंदर करने की कैपेबिलिटी है कि नहीं इंटेंशन क्या क्वेश्चन पूछने का वो इंटेंशन तो क्लियर रखो भाई दूसरा सुनो दूसरा दूसरा करते हैं आगे बात बढ़ाते इसी में आगे बात है आपने कहा कि ईश्वर बुराई नहीं कर सकता ईश्वर बुराई नहीं कर सकता ईश्वर बुराई नहीं कर सकता आपने पांच टॉप ऐसे हो गए हैं जो आप स्प करके चले जी अगर आप विषयात करेंगे

02:50:24:18 तो प् उस प्लीज उस पर रहि ठीक उसी वि का मतलब विय को मत बोलिए दूसरी बात मुझे बोलने दीजिए जो मैं बोल रहा हूं बोलो बोलो बोलो मैं ये पूछ रहा हं आपने कहा ईश्वर बुरे कार्य नहीं कर सकता तो यह बताइए बुराई को बनाना बुराई है कि नहीं बुराई को बनाना भगवान ने बुराई बनाई है सब क रहे अभी मैंने जो पूछा है वो बताइए मैंने आपको क्या बोला क्या ईश्वर ने बुराई बनाई है आप यह कहना चाह रहे हो हा या ना आप य आप मुझे यह बताइए वो बुराई को बना बुराई को बनाना बुराई है कि नहीं यह बताइए पहले इसको क्लियर करिए मैं आपके क्वेन का आंसर दूंगा पर पहले मैंने पूछा तो आप इसको क्लियर करिए बुराई को बुराई को बनाना बुराई है कि नहीं बुराई को बनाना बुराई है कि नहीं देखो मैं आपको बताता हूं बुराई को बनाना मतलब क्या होता है पहले उसको समझिए बुराई क्या है पहले बुराई क्या है उसका पहले डेफिनेशन तो समझिए कि बुराई है क्या आप बोल रहे हो कि बुराई को बनाना बुराई है कि नहीं है आप बुराई का डेफिनेशन तो समझिए पहले कि क्या होता

02:51:36:07 है हम आंसर है तो बता दीजिए नहीं है तो फिर आगे बढ़ते हैं नहीं मेरे पास आंसर है आप जो है विषयात करने के लिए बोल रहे हैं अगर कोई रेप रे सुनिए बुराई है रेप करना बुराई है ठीक है हा अब रेपिस्ट को बनाना बुराई है कि नहीं अच्छा रेपिस्ट को बनाना बुराई है कि नहीं अच्छा मुझे एक बात बताइए वो रेपिस्ट जो है शरीर में है व शरीर में आकर वो खुद से इच्छा कर रहा है ठीक है क्या उसको क्या परमात्मा उससे करवा रहा है ये चीज क्या चीज दोबारा बोलिए मैं कमेंट पढ़ रहा था कमेंट मत पढ़िए इधर ध्यान दीजिए मैं आपको क्या कह रहा हं ध्यान उधर चला गया जैसे आपकी स्क्रीन पर जब आ रहा था तो आपको दिक्कत हो रही थी एक कमेंट प मेरा ऐसे ही ध्यान चला गया अब आप बताइए मैं ध्यान दे रहा हूं बोलिए मुझे तो यहां से कोई कमेंट दिख नहीं रहा स्ट्रीम यार्ड पे बस आप ही दिख रहे हो लेकिन ठीक है कोई बात नहीं मैं ये कह रहा था क्वेश्चन प हम टिके रहते हैं यार कितना ऐसे ना डिस्ट्रक्शन नहीं होना चाहिए प्रभु जी शिवांश प्रभु ऐसे डिस्ट्रक्शन नहीं हो ऐसे ना लिंक जो लिंक होता है ना एक कन्वर्सेशन को लिंक टूट जाता है आप दोबारा बोलिए क्या बोला आपने मैंने ये बोला था रेपिस्ट को बनाना रेपिस्ट को तैयार

02:52:51:12 करना बुराई है कि नहीं रेपिस्ट को बुराना रेपिस्ट को बनाना रेपिस्ट को बनाना रेपिस्ट को बनाने का अर्थ मैं आपको रेपिस्ट कोई कैसे बनता है पहले उस पर आते हैं ठीक है मैं एक्सप्लेन करता हूं रेपिस्ट कोई तब बनता है जब माता-पिता या जैसा एसोसिएशन उसको मिलता है जैसा असोसिएशन उसको मिलता है उससे जो वो उससे जो सीख रहा है ठीक है तो को वैसा एसोसिएशन देने वाले उसको भी पाप लगता है बुराई उसकी भी है ठीक है और जो पाप कर रहा है क्योंकि वो अपनी इच्छा से कर रहा है व किसी ने उसको फोर्स नहीं किया कि भाई तुम ये इच्छा करो कि तुम ये रेप करो ये फोर्स कोई नहीं कर रहा है वो अपनी डिजायर्स वो खुद अनकंट्रोल होती है उसकी ठीक है और फिर व रेप करता है तो बुराई को बनाने वाला तो रेपिस्ट हुआ ना अच्छा अभी मुझे आप ये बताइए कि क्या ईश्वर को मालूम है कि नहीं कि आगे क्या करने वाला है जिसको मैं जन्म दे रहा हूं अरे लेकिन अरे लेकिन ठीक है ठीक आप पूछ लीजिए पहले सॉरी पूछा मैंने

02:54:03:02 सुना अभी मैं बोल रहा हूं अभी मैं बोल रहा हूं कि क्या ईश्वर को मालूम होता है कि नहीं कि जिसको मैं बना रहा हूं जिसको मैं जन्म दे रहा हूं यह एक दिन वहां जाकर ऐसे ऐसे करके रेप करेगा हा ईश्वर को पता है तो इसका मतलब उसकी भी मर्जी शामिल हो गई ना रेप होने में नहीं उसकी उसकी मर्जी शामिल कैसे हुई उसको तो पता है ना कि ऐसा होने वाला है फ्यूचर में मतलब मतलब दुनिया में कुछ ऐसा भी है जो उसकी मर्जी के बाहर होता है देखो मैं आपको इसका आंसर देता हूं इस दुनिया में जो कुछ भी होता है जीवात्मा जो कुछ भी भोग करती है इस संसार में वो जीवात्मा अपनी इच्छा से करती है ठीक है वो परमात्मा से करवाता नहीं है ईश्वर का कंट्रोल नहीं होता है उस पर ईश्वर का कंट्रोल नहीं होता है ईश्वर कंट्रोल कर सकता है लेकिन कंट्रोल नहीं अगर आपकी इच्छा है वो चीज को भोगने की तो नहीं उसका होता है कंट्रोल व चाहे तो उसको रोक सकता है हा रोक सकता है लेकिन वो स्वतंत्र इ इतने अंश में ईश्वर के द्वारा बुराई होना सिद्ध हो गया ना कैसे बुराई सिद्ध हुआ यह बताओ फिर से सिद्ध कैसे हुआ बुराई होना ईश्वर में अरे भाई व बुराई होने दे रहा है व जिसको बना रहा है उसको पता है बम लगाएगा बम लगाएगा पता फिर भी व बना रहा है उसको

02:55:18:22 अरे लेकिन आपका ईश्वर भी तो बुरा होने दे रहा है ना व हि सबब से अरे भाई मेरे ईश्वर के लिए यह सब चीजें सच्ची है ही नहीं ना कुछ बुराई है ना कोई झूठ है ना कोई अच्छा है ना कोई बुरा है कुछ भी नहीं एजिस्ट नहीं करता सब बकवास है ये सब शास्त्र प्रमाण दो फिर इसका एक शास्त्र प्रमाण दो कि ये चीज एजिस्ट ही नहीं हो रही जो जो आप आप वहां प जा बांग्लादेश के लिए लड़ रहे थे वो एजिस्ट नहीं हो रहा बोल दो फिर आप क्योंकि वास्तविकता है ही नहीं क्योंकि ब्रम सत्य जानता है ना एक सेकंड ब्रम जो है वो सत्य जानता है तो आपने ब्रम के लिए वो चीज एसिस्ट नहीं हो रही है तो इसका मतलब है कि ब्रम सत्य को जानता है आपके जो सो कल्का परमार्थिक धरातल है उसके अकॉर्डिंग ब्रम चाहता है ब्रम जानता है उस ब्र जानता है कि जो कुछ भी हो रहा है वो असत्य है मतलब ब्रम का जो थॉट प्रोसेस है उसका है जो बुराई और अच्छाई है यस्ट करती है आपने कहा मैंने कहा एस्ट ही नहीं करती वो वो सब बकवास की चीज है हमारे लिए अच्छाई और बुराई है भगवान के लिए अच्छाई और बुराई कुछ नहीं हैस्ट अरे एजिस्ट करता है तो जब करता है तो ये दोष भगवान प आएगा हम हम दोनों बात कर रहे हैं अभी आपने इतना चिल्लाया एस्ट हु शस्त्र प्रमाण दो अब मैं आपको शास्त्र प्रमाण दूंगा अरे नहीं पहले नहीं नहीं पहले मुझे

02:56:33:27 पार मार्थी धरातल और व्यवहारिक धरातल का मुझे प्रमाण दो और जो अभी जो मैंने आपको क्वेश्चन पूछा है कि जो जो ब्रह्म है आपने कहा ब्रह्म के लिए कुछ भी एसिस्टिंग नहीं है ब्रह्म के लिए कुछ भी एसिस्टिंग नहीं है तो क्या आप ये कह रहे हो या तो देखो दो चीज हो सकती है अभी सुनना सुनना दो चीज हो सकती है या तो आपके ब्रम को सत्य नहीं पता आपके ब्रम को सत्य नहीं पता या फिर या फिर जो हो रहा है वो एसिस्ट कर रहा है बस अच्छा पहली बात तो ये हो गया कि परमार्थिक धरातल का मैं आपको उदाहरण दू प्रमाण दू प्रमाण उ नहीं उदाहरण नहीं चाहिए मुझे एकदम स्पष्ट मैंने बोल तो दिया यार बोला मैंने प्रमाण मैंने बोला उरण के बाद मैं प्रमाण दे रहा हूं आपको हा त दो क दिया मैं नोट्स बना रहा तब

02:57:32:03 तक यार आप कह रहे हो कि आप सत्य पर बात करते हो तो मुझे इसके ऊपर भी क्वेश्चन लेन ठीक है मैं आप अपना आंसर दे दीजिए फिर मैं क्वेश्चन रखता हूं प्रभु ये पेन का इंक शायद खत्म हो गया थ दूसरा पेन लेके आ सकते हो आई होप मेरे जितने स्कन के दोस्त है वो एंजॉय कर रहे हो यह डिस्कशन

02:58:20:15 [संगीत] हम ब्रह्मास्मि को आप प्रमाण नहीं मानते हैं मैं हर चीज को प्रमाण मानता हूं लेकिन मेरा इंटरप्रिटेशन अलग होगा पहले मैं बेसिक्स को क्लियर करूंगा इंटरप्रिटेशन के बोलिए ना मुझसे आप इंटरप्रिटेशन बोलो आप प्रमाण क्यों बो अभी अभी अहम ब्रह्मास्मि की बात य पर है ही नहीं अभी बात यहां पर ये चल रही है सुनो अभी जो पहले मेन टॉपिक जो चल रहा था उसके ऊपर आ जाते हैं ठीक है क्योंकि आपने पाच बार आगे आगे आगे करके आगे टॉपिक जाते आगे टॉपिक जाते अरे पुराने कितने सारे मेरे प्रश्न रह गए आवान जी मैं पूछू कि नहीं पूछू पूछू कि नहीं पूछू हवान जी बताइए मैं आपको एक वो बता रहा हूं नहीं नहीं पहले मुता प्रमाण प्रमाण आप मुझे बाद में देना जब मैं आपसे प्रमाण मांगूंगा तब आप प्रमाण देना प्रमाण मागा है वो दे रहा हूं आपको बहुत अच्छा वाला प्रमाण दे अच्छा अच्छा म क्वेन पूछा था उसका आपके आसर इसका प्रमाण है प्रमाण नहीं मा क्या

02:59:30:15 मैंने राधा कृष्ण दास जी आपने अभी दो चीज बोली थी एक मुझे प्रमाण दो और दूसरा आपने और कुछ बोला था भूल रहा हूं हा आपने क्या बोला आपने क्या बोला जो ब्रम है उसके लिए ये सब ये एसिस्टिंग नहीं है आपने ये वर्ड यूज किया कि एसिस्टिंग नहीं है एजिस्ट करता ही नहीं है तो आप फ वो बांग्लादेश के ऊपर वीडियो क्यों बना रहे हो जब ये सब एजिस्ट ही नहीं कर रहा तो सत्य है व्यवहारिक सत्य है व्यवहार और परमार्थ में अंतर है ईश्वर की ईश्वर की दो प्रकार की दो प्रकार की डायमेंशन है एक है व्यवहारिक सत्य व्यवहारिक सत्ता और एक है पार मर्थक सत्ता जब तक मुझे जीव भाव प्राप्त है जब तक मैं इस जीव भाव से जुड़ा हुआ हूं तब तक मुझे यहां के जो मुझे इंफॉर्मेशन प्राप्त हो रही है उनके अकॉर्डिंग ली अपने जीवन का निर्वाह करना है और अगर मैं शास्त्र सम्मत तरीके से करूंगा तो एक दिन इन इंफॉर्मेशन से मैं मुक्त हो जाऊंगा और मुझे पता चलेगा ये इंफॉर्मेशन सारी झूठी थी जिस प्रकार से सुनिए जिस प्रकार से पृथ्वी जो है गोल है मगर आज हम उसके साथ बिहेव करते हैं

03:00:45:18 चपटे पन का मगर लाइट की नजरिए से हमें यह पता है कि यह दुनिया जो है यह पृथ्वी जो है गोल है मगर हम व्यवहार में क्या करते हैं हम व्यवहार में उसके साथ चपटे पन का वो करते हैं क्या कहते हैं व्यवहार चपटे पन का तो अब मुझे यहां पर अगर इस चपटे पन से मुक्त होना है तो मुझे कोई स्पेस शिप चाहिए कुछ ऐसी चीजें चाहिए जिससे कि मैं बाहर से जाकर के इसकी गोलाई को देखूं वो स्पेस शिप बनाते बनाने के लिए मुझे कुछ मशीनस बनानी होंगी इधर उधर जाना होगा आना जाना पड़े और उतनी देर के लिए मुझे इस चपके पन का ही उपयोग करना पड़ेगा तो इसका अर्थ क्या हुआ कि यह दुनिया जो है एक मिनट यह दुनिया जो है व एजिस्ट नहीं करती है मगर पमार्ट से बाहर की दृष्टि से मुक्त की दृष्टि से एजिस्ट करती है बंधक की दृष्टि से जो यहां फसा हुआ है उसकी दृष्टि से तो इसी कारण से क्योंकि इसकी जो मेरी दृष्टि है यहां की यह पर्सपेक्टिव इसके हिसाब से मैं बांग्लादेश के लिए बोलने गया था ठीक है आपको चल गया अभी अभी मैं थोड़ा सा और बाकी है वो मैं बोल दूं ओ ओके शर मैं उसके लिए गया था और उसके बाद यह जो

03:02:00:24 उदाहरण आप देख लीजिए कि एरोप्लेन एरोप्लेन का जो मुख्य गंतव्य होता है वो होता है आकाश में उड़ना मगर उसको आकाश में उड़ने लायक बन पाने के लिए पहले बनने के लिए पहले धरती का ही सहारा लेना पड़ता है तो उसी तरीके से मेरा उद्देश्य तो जीवन का है इस माया से मुक्त होना इस मोह से मुक्त होना मगर इसी मोह का ऐसी माया का सहारा लेना होगा तो माया का सहारा माया का निर्वाह करके लिया जा रहा है भेद का निर्वाह करके अभेद की प्राप्ति यह है हमारी थ्योरी तो अब आपने कहा कि बांग्लादेश क्यों गए थे क्योंकि यह मेरा व्यवहारिक सत्य है जैसे की मुझे पता है कि मेरा जो वास्तविक मेरा जो मूल स्वरूप है वो है आत्मा और उसको कभी भी काटा नहीं जा सकता मारा नहीं जा सकता जलाया नहीं जा सकता डुबाया नहीं जा सकता गीला नहीं किया जा सकता मगर फिर भी अगर कोई मेरे ऊपर अभी हाथ उठाएगा तो मेरी पलक झपके गी यह भय होगा मुझे कि मेरे ऊपर आक्रमण हुआ इसका मतलब क्या हुआ यह मेरा व्यवहारिक सत्य है य यह मेरा व्यवहारिक सत्य है कि यहां की इंफॉर्मेशन जब तक मैं जीव भाव को प्राप्त हूं तब तक यहां की इंफॉर्मेशन को सत्य मानकर मुझे काम करना

03:03:15:26 है और य आपकी एकस मुझे काफी अच्छी लगी बत डिटेल में आपने एक्सन किया लेकिन जीव भाव क्यों है और मब मुझे पता है कैसे है की ब्रम के ऊपर माया का आ लेकिन क्यों अभीरा टॉपिक है बदल रहा है बदल नहीं रहा टॉपिक वही है बभी बात य हो रही है अभी बात य हो रही हैवर ईश्वर बुराई कर सकता है कि नहीं तो उसके लिए आपने कहा उसके लिए आपने यह कहा कि ईश्वर बुराई नहीं कर सकता क्योंकि उसकी इच्छा नहीं होती फिर मैंने बताया कि ईश्वर की मर्जी से ही इसमें बुराई जन्म ले रही है तो जन्म देने वा ब्रहम की इच्छा नहीं हो सकती ना कि बुराई व करे या कुछ देखे ब्रह्म की इच्छा नहीं हो सकती पर्थ धरातल की बात कर रहा हूं आपके अंग पारिक रा क्या हो सकती नहीं हो सकती और बोलिए

03:04:15:07 सकब उसकी इच्छा ही नहीं है उस इच्छा ही नहीं है ब्रह्म की पारिक धरातल पे तो फिर वो माया और जीव बंद क्यों रहा है फिर प्रयोजन क्या है इस चीज का य यूं ही हां यूं ही यूं ही यूं ही कैसे ऐसे यू ही ये भी लिखा है इसका शास्त्र में प्रमाण में डाल दूंगा पिन कमेंड में ये भी लिखा है उपनिषदों में यूं ही करते हैं मैं बता देता हूं अरे मतलब मतलब अच्छा एक सेकंड जो आप देख रहे हैं जितने लोग देख रहे हैं अभी मैं बता रहा हूं आप ये बताइए आप ये बताइए आप ये बताइए अभी आपने ऐसे किया एक मिनट अभी आपने ऐसे किया हो सकती ब्रह्म की इच्छा नहीं हो सकती तो यूंही कैसे हो ग आपने पहले क्लियर कट कहा कि ब्रह्म के अंदर इच्छा नहीं होती और नहीं हो सकती ब्रम के अंदर इच्छा पारिक धरातल पर है जब प अरे यार यही भाई कंपलीट तो करने दो यार अरे लेकिन लेकिन मुझे एक बात बताओ जब वो निर्गुण है निराकार है उसमें इच्छा नहीं है कुछ भी नहीं है उसके अंदर तो कर्म भी नहीं है उसके अंदर तो कर्म डेवलप कैसे करर कुछ नहीं कुछ कैसे आ सकता है बोल तो मेरे भाई जो वो कर रहा है वो सब नकली है रियल नहीं है इसलिए नहीं कर रहा है अरे अरे अरे नकली अरे भाई मुझे एक बात बताओ आप नकली है वो माया की वजह से आप समझ रहे हो तो माया आई कहां

03:05:30:27 से माया उसी के अंदर है और बोलो किसके अंदर है किसके अंदर है ब्रम के अंदर ब्रह्म के अंदर ब्रह्म के अंदर मैंने कहा ना वीडियो गेम की कैसेट हमारे पास है ऐसे ही ब्रह्म के पास माया है स्वेता शत्र उपनिषद में लिखा है माया इनल है कि नहीं है माया है व इनल है नहीं माया रा टनल है माया जो है माया जो है वो अभाव पदार्थ नहीं है इसका मतलब ये है ऐसा नहीं है इसको समझा देता सुनिए ऐसा नहीं है

03:06:18:12 आपको बता रहा हूं हमारा टॉपिक चेंज हो गया बहुत ज्यादा चेंज हो गया पर मैं आपको ये बात बता देता हूं इसके बाद हम दोबारा टॉपिक प आएंगे है कि माया का अस्तित्व तभी है जब अविद्या का अस्तित्व तभी है जब विद्या नहीं है ऐसा नहीं है अविद्या और विद्या दोनों साथ में रह सकती है फॉर एग्जांपल आप जब वीडियो गेम खेल रहे होते हो तो आपके अंदर विद्या है यह जानते हो आप कि यह सब नकली है और अविद्या भी है जिसके कारण आप वीडियो गेम के अंदर होने वाले जो चीजें हैं उनसे प्रभावित हो रहे हो ये चीज प्रूव कर रही है कि विद्या एक मिनट मुझे मुझे पूरा करने दीजिए यह चीजें प्रूव कर रही है कि विद्या और अविद्या साथ में रह सकती है रहती है ठीक है अभी हमारा जो टॉपिक चल रहा था उस टॉपिक प हम वापस आएंगे टॉपिक नहीं आएंगे इसको मैं लाइव सेशन को बंद करूंगा मैं बहुत हो गया आपसे मुझे जो लेना था ले लिया अभी जो टॉपिक चल रहा था पहले उस आएंगे जी ठीक है आगे बढ़ेंगे ये सब अगर रियल है ये सब अगर रियल है तो भगवान क्षमता होते हुए भी इसको नहीं रोकते हैं ये ना रोकना उनको मालूम है कि रेपिस्ट रेप करेगा वो उसको नहीं रोकते हैं क्या ये बुराई नहीं है

03:07:34:10 मैं आपको क्या कह रहा हूं आपने तो मेरी बात सुनी ही नहीं क्योंकि देखो कैसा होता है जब हम मुझे मैं उस टॉपिक पे आऊंगा आप लिख लीजिए विद्या विद्या वाले पे मैं आऊंगा आप उसको लिख लीजिए लेकिन अभी आप ल नहीं नहीं आप अभी ऑलरेडी हो विद्या विद्या वाले टॉपिक प आपने वो टॉपिक छोड़ दिया है मेरा जो ईश्वर में बुराई हो सकती है कि नहीं आपने वो टॉपिक छोड़ दिया है अरे ये टॉपिक मैंने बिल्कुल भी नहीं छोड़ा है आवान जी सुनि शिवा जी ब आप इसको बुराई को बताइए बुराई को बनाना बराई है कि नहीं बुराई को होते हुए देखते रना होते हुए भी बुराई है कि नहीं शिवांश जी बिना ए बी सीडी जाने लिटरेचर नहीं पढ़ा जाता फिर बात होगी न घंटे हो चुके है आपसे फिर बात आप मुझे एक बात बताइए अविद्या परमा धरातल पर कैसे मैं आपसे इस बारे में कोई भी बात करूंगा आप इसको लिख लीजिए आप मुझे पहले बताइए आप मुझे बताओ अ कैसे है ब के अंदर वो भी परमार्थिक धरातल प पार मार्क धरातल पर अविद्या कैसे हैसे इसका क्या मतलब है है तो है इसमें क्या कर तो है

03:08:49:12 मत तो मतलब मतलब तो मतलब अविद्या और ब्रह्म दो हो गए ना फिर हित आ गया ना यहां पे ब्रह्म के अंदर है ना दो कहां हुए हा तो ब्रह्म के अंदर है हां तो ब्रह्म के हा तो जैसे जैसे पानी है सुनो जैसे पानी है पानी है बोतल के अंदर तो दो चीज हो गई पानी और बोतल अच्छा ठीक है मैं थोड़ी देर के लिए दुर्जन तोष न्याय से ये मान रहा हूं कि दो हो गए हमारा टॉपिक ये नहीं है कि द्वैत और अद्वैत है कि नहीं हमारा टॉपिक ये नहीं है कि द्वैत और अद्वैत है कि नहीं मुझे आप ये बताइए अगर ये दुनिया रियल है अगर यह दुनिया रियल है और जो भगवान है वो ये जानते हैं कि जिसको मैं बना रहा हूं वो रेप करेगा और उनके अंदर क्षमता भी है उसको रोकने की जब रेप हो रहा है तब तो वो उसको ना रोक कर यह बुराई नहीं है अरे तो मतलब आप ये कहना चाह रहे हो ठीक है मैं आपका समझ गया तो बेसिकली आप ये कहना चाह रहे हो कि ब्रह्म जो है वो ब्रह्म अपनी ही अविद्या में फस जाता है और खुद ही रेप करता है आपका ये है बेसिकली वो कुछ कर झूठ है उसके लिए वो कुछ नहीं करता जो जो आप आप वीडियो गेम के सुनिए वीडियो गेम के अंदर जो आप गड्ढे में गिर रहे हो आपकी चेतना वहां डर रही है गड्ढे में गिर रहे हो वो क्या रियल है क्या अरे तो मतलब पार मार्तिक धरातल और व्यावहारिक धरातल में भी तो डिफरेंस तो दत

03:10:04:13 आ गया ना यहां प फिर से कहां आ गए अलग है अरे क्योंकि वो पूरा माया का बना हुआ है और माया और ब्रम आपने बोला अलग अलग है फिर बोल र जैसे मैंने अगर एक वीडियो गेम बनाया उस वीडियो गेम के अंदर जो भी अच्छा बुरा हो रहा है वो मेरी नजर में अच्छा बुरा नहीं है क्योंकि मैंने उसे बनाया है वोह नकली है सब कुछ जैसे एक ईश्वर पेंटिंग बनाता है तो पेंटिंग के पेंटिंग में वो चाहे आंखों में कलर भरे या स्त्री की पेंटिंग है तो वो अन्य अंगों में कलर भरे उसके लिए सब समान है एक रस है उसको उसे फर्क नहीं पड़ता उसकी नजर में उसने कोई बुराई नहीं की इसका मतलब कि ब्रह्म की दृष्टि से वो बुराई है ही नहीं एजिस्ट ही नहीं करती जीव की दृष्टि से बुराई एजिस्ट करती है अरे लेकिन आप एग्जांपल कहेंगे नहीं य रियल हैय बुराई ब्रह्म की दृष्टि से भी यह बुराई है यह बुराई ही है तो फिर हमें य मानना पड़ेगा कि जो ब्रह्म है जो भगवान है वो ये होने दे रहे हैं हमें ये मानना

03:11:05:26 पड़ आपके भी ब्रम होने दे रहे हैं इस चीज को रेप को मेरे भी ब्रम होने दे रहे ठीक है ये वाला टॉपिक भी हो चुका है अब हम और दूसरा ट आप अपना टिक आप क टॉपले आप अपना टॉपिक बोलिए पांच टॉपिक नहीं मैं इसी टॉपिक प रहना चाहता हूं हां बोलिए हा बोल दिया मैंने मेरा क्वेश्चन रख दिया कि आपके आप जो क रहे ब्रह्म के अंदर अविद्या है ठीक है तो पहले मुझे थोड़ा एक बार बता अविद्या मतलब क्या अविद्या मतलब जो भगवान की शक्ति होती है माया शक्ति जिससे वो संसार को रचते हैं कल्पना करते हैं संसार की वो अविद्या अच्छा वो अविद्या है अच्छा अच्छा तो मतलब मतलब ब्रम एक ऐसी चीज एक ऐसी शक्ति को यूज करके इस संसार का सृजन कर रहे हैं बराबर जी ह द्वैत आ गया ना यहां पे और कर्म भी आ गया यहां पे अरे भाई हम यहां द्वैत और अद्वैत की बात नहीं कर रहे मैंने बोला तो मैंने आपका द्वैत मान लिया थोड़ी देर के लिए मैं दत य करने नहीं आया हूं मैं आपसे प्रश्न ये था कि अगर ये दुनिया रियल है अच्छाई बुराई रियल है पथिक धरातल पर द अ भी आपने प्रूफ किया है सबके

03:12:20:26 सामने कि पर्थ ब्रम है अवि शक्ति है आपको ह दूंगा मैं आपको हटा दूंगा प्लीज मैं आपको हटाऊ प् अगर आपके उत्तर नहीं तो फिर मैं क्या कर सकता शवा ठीक है फिलहाल के लिए आप यही समझ लीजिए उत्तर नहीं है ठीक है ले अगर य जो पाप और पुण्य है ये रियल है भगवान के र पाप और पुण्य का दोष लगता कि नहीं पाप होने का दोष लगा कि नहीं लगा अरे लेकिन अविद्या तो एक क्वालिटी है ना यार अविद्या क्वालिटी है क्या बता रहे उसका डेफिनेशन दे रहे हो क्वालिटी का डेफिनेशन दे रहे हो आप कभी बोलते निर्गुण है कभी बोलते निर्गुण है फिर बोलते उस मे अार है भाई आप तो नहीं मानते ना आप तो नहीं मानते रहे हो बता आप रहे हो मुझको आपका सिद्धांत आप क् कर रहा हूं भग राधा कृष्ण दास जी मैं आपसे क्वेश्चन कर रहा हूं कि आप मुझे बताएं अगर ये पाप और पुण्य रियल है यह दुनिया रियल है तो आप मुझे बताएं कि यहां पे होने वाले पाप का दोष भगवान श्री कृष्ण को क्यों नहीं लगता जो गोलोक धाम में बैठे हुए हैं बता सुनो सुनो सुनो है मैं इसका इसका आंसर देता हूं

03:13:36:00 कि कृष्णा के ऊपर दोष क्यों नहीं लगता फर्स्ट रीजन कि कृष्णा वो स्वयं नहीं कर रहे दूसरा रीजन जीवात्मा है जो उससे दहित है उससे अलग है परमात्मा और जीवात्मा अलग है उससे द्वत है तो जो जीवात्मा है वो कर्म कर रहा है ठीक है तो उसका उसका जो रिएक्शन है वो ब्रह्म के ऊपर नहीं आएगा लेकिन लेकिन यहां पर द्वैत सिद्ध हो रहा है आपके भी आपका भी जो उदाहरण है आपका भी जो ब्रह्म है उसमें भी द्वैत सिद्ध हो रहा है क्योंकि अविद्या क्वालिटी और आपका ईश्वर इसका अर्थ है कि निर्गुण नहीं है गुण आ गया व तो क्या आपका ईश्वर क्या आपने अभी सुनो एक सेकंड आपने अभी थोड़ी देर बोला कि चलो ठीक है थोड़ी देर के लिए मान लेते हैं कि परमार्थिक लेवल पर ब्रह्म और अविद दोनों है ठीक है तो मतलब आपने इस चीज को द्वत को आपने मान लिया है हम टॉपिक से ना बदले जिससे टॉपिक से ना बदले मैं उसको क्लियर करूंगा आप जो पूछ रहे हैं आप जो पूछ रहे हैं मैं उसे क्लियर करूंगा लाइव स्ट्रीम तीन घंटे की हो चुकी है ऑलरेडी लाइव स्ट्रीम तीन घंटे की ऑलरेडी हो चुकी है तीन घंटे में सिर्फ मैंने आंसर दिया आपने एक भी आंसर नहीं दिया तीन घंटे में मैं लगातार आंसर दिए जा रहा हूं अभी अभी अभी आपको इसका आंसर देना है अगर ये दुनिया

03:14:51:04 रियल है तो यहां होने वाले पाप और पुण्य भी रियल है अगर यह पाप और पुण्य रियल है और वह भगवान के कंट्रोल में है तो भगवान को क्यों लग रहा क्यों नहीं लगेगा वो दोष अरे लेकिन अरे लेकिन अरे मैं इसका जवाब देने के लिए रेडी हूं लेकिन पहले एटलीस्ट हम बेसिस को तो समझ लेंगे कि आपकी और मेरी अंडरस्टैंडिंग क्या है कि प्रयोजन क्या है हर चीज का प्रयोजन पर आप बात नहीं कर रहे आप इफेक्ट के ऊपर बात करो कॉज के ऊपर तो आप बात नहीं कर रहे क्या आपने इसको ऐसा करते हैं हम लोग अब इसको कंटिन्यू करेंगे फिर किसी दिन आज की हमय समाप्त करते आप दोबारा एक बार आइएगा य से स्टार्ट करेंगे द निर्ग निराकार वो सब हम लोग बता देंगे ठीक है नहीं बिल्कुल भी नहीं बिल्कुल भी नहीं आप इसका आंसर कर इसका आंसर दीजिए मुझे एक बात बताइए कि अविद्या जो कि गुण है क्वालिटी है अविद्या अपने पूरा डेफिनेशन बताया जो चीज निर्गुण होती है उसका कोई ऐसी क्वालिटी ठीक है क्वालिटी क्या होती है उस अब उसको डिफाइन कर सको उसको बोलते क्वालिटी आपने अभी क्या बोला कि हा ब्रहम के इसम अविद्या भी है और ब्रम भी है व साइमल एस्ट कर रहा है तो निर्गुण होना भी क्वालिटी हो गया अरे भाई पहली बात तो य है अभी पह पहली बात य है कि जो गुण है वो होता क्या है य

03:16:06:08 बताइए गुण मत को किसी चीज कोई भी चीज होती है उसके जो लक्षण होते है कोई भी चीज होती है उसके गुण धर्म लक्षण होते हैं उसको बताना उसको बोलते क्वालिटी कि हा ये चीज है ये ऐसी दिखती है या इसके अंदर ये फीलिंग है या इसके अंदर ये चीज है दे एपल तो देने दो मेरे भाई एग्जांपल देने दो जैसे कि फॉर एग्जांपल पानी है ठीक है तो प्याज बुझाती है तो प्याज बुझाना उसकी क्वालिटी है कोई जैसे कि अग्नि है तो अग्नि आपको हीट देती है जलाती है ठीक है प्रकाश देती है तो ये क्वालिटी है ठीक है आपका ब्रम एजिस्ट भी अगर कर रहा है आपका ब्रम अगर एजिस्ट भी कर रहा है तो आप बोलते हो सच्चिदानंद है ठीक है तो उसके अंदर ये तीनों फीचर्स है वो सत है वो इटरनल है आप उसको डिफाइन कर सकते हो जिस चीज को डिफाइन किया जाए उसको बोलते

03:17:08:21 क्वालिटी भाई मेरी तबीयत खराब हो चुकी है तीन घंटे से इनके साथ मैंने जितना हो सकता था निर्वाह किया अभी इनका जो क्वेश्चन है निर्गुण निराकार क्यों है वह मैं बता के जा रहा हूं और किसी और दिन इनके इस क्वेश्चन का जवाब भी देंगे यहां पर भी यह चीज छूट गई है कि इन्होंने यह नहीं बताया कि यह नहीं बताया उन्होंने कि अगर यह दुनिया रियल है और यहां पर होने वाले जो पाप और पुण्य है वो क्या कहते हैं अगर वो रियल है तो भगवान को उसका दोष क्यों नहीं लग ठीक है अभी निर्गुण की बात कर लेते हैं कि अगर हम विद्या होना या फिर सृष्टि बनाने का यूं ही मन होना इसको हम गुण मानते हैं तब भी यह गुण पार मार्थी धरातल पर है व्यवहारिक पर नहीं है और हम यह वहां पर रखेंगे कि अभी भी आपके लिए वो निर्गुण निराकार है यह जो गुण भी अगर सिद्ध हो रहे हैं तो पार मार्थी दृष्टि से सिद्ध हो रहे हैं तब

03:18:24:09 तब जब आपने उसको ब्रह्म मान लिया जिसको हम ब्रह्म बता रहे हैं तो जब आपने उसको ब्रह्म मान लिया जिसको हम बना बता रहे हैं तो आपका फिर ना मानना सिद्ध नहीं होगा अगर नाम अगर उसको आप ब्रह्म नहीं मानते तो उसके अनुसार उसके द्वारा दुनिया बनाना उसके अंदर अविद्या का होना सिद्ध नहीं होगा और अगर ब्रह्म मान लिया तो अगर ब्रह्म लिया तो उस आधार पर उसको ना मानना सिद्ध नहीं होगा कि उसके अंदर तो अविद्या है जैसे कि

03:18:54:07 एक सोता हुआ व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि मैं किसी के आवाज देने पर जाग गया क्यों नहीं कह सकता क्योंकि अगर वह सुन रहा है तो उसका सोना सिद्ध नहीं होता और अगर वह क्या कहते हैं अगर वह सो रहा है

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03:19:15:00 तो उसका सुनना सिद्ध नहीं होता और अगर वो सुन रहा है तो उसका सोना सिद्ध नहीं होता उसी प्रकार से अगर आपने उस ब्रह्म को मान लिया कि वही ब्रह्म है जिसके अंदर अविद्या है जिसके अंदर अविद्या है तो फिर आप उस अविद्या के होने के आधार पर उसको नकार नहीं सकते और अगर आप नकार रहे हैं तो जैसे ही आप नकार तो आपका उस ब्रह्म को मानना बंद हो जाएगा जब मानना बंद हो गया मानना नहीं रहा तो तो उसके अंदर अविद्या होना नहीं रहा तो उसके द्वारा सृष्टि की रचना होना इन सब चीजों परब हम क्वेश्चन करते हैं यह क्वेश्चन कई बार आता है कि भाई उसने सृष्टि बनाई क्यों आंख देखती क्यों है आंख आंख तब तक है जब तक वो देखती है अगर वो नहीं देखती है क्योंकि वो देखने वाली निष्क्रिय भी तब भी वो देखने वाली चीज है इसलिए उसको आंख कहा गया तो अगर हम इस पर ही सवाल उठा देंगे कि उसने दुनिया बनाई क्यों है तो क्या होगा कि उसका ईश्वर होना सिद्ध नहीं हुआ और अगर उसका ईश्वर होना सिद्ध नहीं हुआ तो उसके पुनः दुनिया का सृजन होना सिद्ध नहीं हुआ तो हम इस बात के आधार पर कि उसने अनावश्यक दुनिया क्यों बनाई इस बात के आधार पर उसके ईश्वर ईश्वर का खंडन नहीं कर

03:20:33:15 सकते और दूसरी बात यह है कि जो वहां पाप पुण्य वगैरह सब कुछ हो रहे हैं ईश्वर का जो मौलिक स्वरूप है या फिर यहां से जो आत्माएं मुक्त हो जाती है उन आत्माओं के लिए ये उसको तब पता ईश्वर को तो पता ही है कि सब जो है वो गलत है मगर आत्मा जो मुक्त हो गई उसको ये पता चलता है भाई मैं जिसको रियल समझ रहा था वो झूठ था वो माया था तो अ क्या कहते हैं इस मेरा जो है सर जो है घूम चुका है घूम चुका है एक तो बात ये होती है कि हर बात हर बार जो अगर कोई एक वर्ड आ गया तो उस वर्ड गलत वर्ड जो ज कांटेक्ट से बाहर का उसी के ऊपर बात होने लगेगी इतना इतना ज्यादा मुद्दे पर लाने का प्रयास करना चाहता है कि पूछे नहीं तो ठीक है हम यह बातें किसी और दिन फ्रेश मूड के साथ दोबारा से कर लेंगे मेरे पास अभी मैंने काफी देर पहले अपना कोई मील लिया था और अभी मैं लो हो रहा है काफी मैं जैसे की चर्चा हुई है सबने देखा है तो इस वजह से मुझे उन्हें हटाना पड़ा इसमें वो ना समझिए कोई द्वेश पूर्वक हटाया है भाई हम आपको दोबारा ले लेंगे चर्चा

03:21:48:16 से पीछे नहीं हट रहे और एक चीज और कि हां मैंने आपको हटाया बिना पूछे इसलिए क्योंकि मुझे यह मालूम है कि जब मैं आपको हटाऊ तो आप कहोगे आपके पास उत्तर नहीं है ठीक है तो वो लाइन मुझे नहीं सुननी है नहीं आपको कहने देना है इस वजह से मैंने आपको बिना पूछे हटाया और आप दोबारा आ सकते हैं जिस पर हम ये निर्गुण निराकार पर बात करेंगे अभी हमारी य बात हो रही है कि अगर यहां के होने वाले पाप पुण्य सही है तो उन पाप पुण्यं का दोष ईश्वर पर लग जाएगा और हमारी फिलोसोफी ये है कि ये सब कुछ नकली है ईश्वर के अकॉर्डिंग तो उसको पाप पुण्य का दोष कैसे लगेगा जैसे हमारे घर में छोटे-छोटे बच्चे होते हैं जो कुछ फालतू की चीज ना मिलने के कारण रो रहे होते हैं मगर जो मां-बाप होते हैं वो जानते हैं कि ये फालतू की चीज के लिए रो रहा है वास्तविकता में सुखदायक नहीं है वास्तविकता कुछ और है तो क्या होता है हम लोग हसते हैं ऐसे ही ईश्वर हसता है यहां के जो पाप पुण्य है इसी प्रकार से जो मुक्त आत्मा है वो भी से जब मुक्त हो जाएगी और उसको जब यह पता चलेगा कि भाई यह सब जो दुनिया को अभी तक मैं असली समझ रहा था यह सब नकली था इसीलिए वो वहां पर चैन से सुख के साथ रहेगा इनकी फिलोसोफी की बात कर रहा हूं जो गोलोक धाम में वो रहेगा तो इन्होंने भी अगर इनकी फिलोसोफी के

03:23:03:20 आधार पर भी तो ये वहां पर उ शब्द से बचते हैं कि वो जो इंफॉर्मेशन मिल रही है वो झूठ नहीं है वो गलत है वो इंफॉर्मेशन झूठ नहीं है वो गलत तो इनकी फिलोसोफी को ये इस तरह से डिफाइन करते हैं और दूसरी बात यह भी है कि अगर उसको वहां पर कोई कमी महसूस हो रही है किसी भी प्रकार की तो मुक्त नहीं कहलाएगा तो बहुत सारी चीजें हमारे कुछ आगे के टॉपिक्स हो सकते थे यह लोग कृष्ण और अल्लाह को एक क्यों कहते हैं क्योंकि हमारा जो हम जो अब देखिए शंकराचार्य जी का मधुवा चार्य जी के साथ या रामानुजाचार्य जी के साथ जो कुछ कुछ परसेंटेज मतभेद है हम कभी भी उसको अपने यहां पर लेकर नहीं आते कभी भी नहीं लाते ईश्वर की सर्वशक्ति मत्ता की बात करते हैं और जो ये तथाकथित तंत्र है जो कैसे हमारे हिंदुइज्म में धीरे-धीरे ब्राहमम चीजों को जोड़ रहे हैं जाने में या अनजाने में वो अलग बात है मगर जड़ रहा है ईश्वर एक जगह बैठा है फिर ईश्वर सब जगह भी है भाई अगर ईश्वर एक जगह बैठा है और वो निराकार रूप में सब जगह भी है तो फिर ये क्यों कह रहे हो कि ईश्वर उसका शरीर है वो निराकार वाला भी तो उसका शरीर है मगर आपको सिर्फ वही शरीर शाश्वत है मगर से मारा जा सकता है आपको वही बात है

03:24:18:20 कि शिव जीी जो है बहुत अच्छे हम शिव जी को बहुत मानते हैं मगर वह भगवान नहीं है ठीक है शिव जी को हम बहुत मानते हैं मगर वह भगवान नहीं है भगवान के दास मात्र है शिव जी को हम बहुत मानते हैं मगर वह परम वैष्णव भी नहीं है उनसे अच्छा वैष्णव वो हरिदास ठाकुर था जिसके बारे में 2.62 में बताया गया है कि वह अपनी इंद्रियों पर कंट्रोल कर लिए और शिवजी कंट्रोल नहीं कर पाए तो वो परम वैष्णव भी नहीं है क्योंकि वो हरिदास जी ज्यादा अच्छे वैष्णव थे तो ये वही वाली बात है कि हम शब्द तो यूज कर रहे हैं क्योंकि उस शब्द से बच नहीं सकते मगर उसकी डेफिनेशन ही बदल दे रहे हैं कुल मिलाकर वही वाली बात आर्य समाज वाली तो यह सारी चर्चा थी आप लोगों को कैसी लगी साढ़े तीन घंटे हो चुके थे हम लोग फिर कभी अगर उनके मन में कुछ फस है बाकी है तो फिर से इस पर बात कर लेंगे अगर उन्हें हमारी एक्सप्लेनेशन जो हमने उनको हटाने के बाद दी है वो उनको समझ में नहीं आई सभी को जय श्री

03:25:34:10 राम जय श्री राम

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A: AHVAAN - Call Of Dharma Live 3:25:41 · 03 Sep 2024

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A · Live Unsolved questions of Iskcon theory | A live discussion with Iskcon fo...
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A · Live Discussion With Iskcon follower AHVAAN - Call Of Dharma is live!
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